Category: Entertainment

  • 'देऊळ बंद 2' के लिए फरिश्ता बने शाहरुख खान, बढ़े बजट के बीच माफ कर दिया लाखों का बिल

    'देऊळ बंद 2' के लिए फरिश्ता बने शाहरुख खान, बढ़े बजट के बीच माफ कर दिया लाखों का बिल


    नई दिल्ली । मराठी सिनेमा की चर्चित फिल्म ‘देऊळ बंद 2’ इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म ने कमाई के नए रिकॉर्ड बनाते हुए 80 करोड़ रुपये से अधिक का ग्रॉस कलेक्शन हासिल कर लिया है। दर्शकों से मिल रहे जबरदस्त प्यार के बीच अब फिल्म से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा सामने आया है, जिसमें बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान की दरियादिली की चर्चा हो रही है।

    फिल्म के निर्देशक और अभिनेता प्रवीण तरडे ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि ‘देऊळ बंद 2’ के निर्माण के दौरान उन्हें आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। खासतौर पर फिल्म की कलर ग्रेडिंग का खर्च उनके अनुमान से कहीं अधिक बढ़ गया था। उन्होंने बताया कि फिल्म की पोस्ट-प्रोडक्शन प्रक्रिया के लिए शाहरुख खान की कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट की सेवाएं ली गई थीं।

    प्रवीण तरडे के मुताबिक शुरुआत में कलर ग्रेडिंग का बजट लगभग 12 लाख रुपये तय किया गया था, लेकिन फिल्म की शूटिंग और तकनीकी जरूरतों के बढ़ने के साथ यह खर्च बढ़कर करीब 42 लाख रुपये तक पहुंच गया। मराठी फिल्म इंडस्ट्री के लिहाज से यह एक बड़ी राशि थी और निर्माता-निर्देशक के लिए इसे वहन करना आसान नहीं था।

    उन्होंने बताया कि जब यह जानकारी शाहरुख खान तक पहुंची तो उन्होंने सबसे पहले अपनी टीम से फिल्म के बारे में पूछा। शाहरुख जानना चाहते थे कि फिल्म कैसी बनी है और दर्शकों पर उसका क्या प्रभाव पड़ रहा है। टीम ने उन्हें बताया कि फिल्म बेहद अच्छी है और भावनात्मक रूप से लोगों को जोड़ने वाली कहानी पेश करती है।

    इसके बाद शाहरुख खान ने अपनी टीम से कहा कि अगर फिल्म इतनी अच्छी है तो पैसों को लेकर ज्यादा चिंता नहीं करनी चाहिए। प्रवीण तरडे के अनुसार, शाहरुख ने मजाकिया लेकिन भावुक अंदाज में कहा, “बिल माफ करो। पिक्चर अच्छी है ना? दे दो। यह मराठी फिल्म है, पैसों की बात बाद में देख लेंगे।”

    शाहरुख खान के इस कदम ने न केवल फिल्म की टीम का मनोबल बढ़ाया, बल्कि यह भी दिखाया कि वह क्षेत्रीय सिनेमा और अच्छी कहानियों को कितना महत्व देते हैं। यही वजह है कि यह किस्सा सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी शाहरुख खान की खूब सराहना हो रही है।

    वहीं, ‘देऊळ बंद 2’ की सफलता की बात करें तो फिल्म ने मराठी सिनेमा में नई मिसाल कायम की है। लगभग 10 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए 80 करोड़ रुपये से अधिक का ग्रॉस कलेक्शन हासिल कर लिया है। फिल्म में प्रवीण तरडे, महेश मांजरेकर, मोहन जोशी, स्नेहल तरडे, प्रसाद ओक, ओम भुटकर और मंगेश देसाई जैसे कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाई हैं।

    यह फिल्म साल 2015 में आई ‘देऊळ बंद’ का सीक्वल है। पहले भाग को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया था और अब दूसरा भाग उससे भी बड़ी सफलता हासिल करता नजर आ रहा है। फिल्म की रिकॉर्डतोड़ कमाई और शाहरुख खान से जुड़ा यह किस्सा दोनों ही इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं।

  • 60 की उम्र में मिला सच्चा प्यार: फेसबुक पर हुई मुलाकात, 75 दिनों में शादी कर सुहासिनी मुले ने सबको चौंकाया

    60 की उम्र में मिला सच्चा प्यार: फेसबुक पर हुई मुलाकात, 75 दिनों में शादी कर सुहासिनी मुले ने सबको चौंकाया


    नई दिल्ली । बॉलीवुड और फिल्म जगत में अक्सर सितारों की प्रेम कहानियां चर्चा का विषय बनती हैं, लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो उम्र, परंपराओं और सामाजिक धारणाओं को पीछे छोड़कर लोगों के लिए प्रेरणा बन जाती हैं। ऐसी ही एक दिलचस्प और प्रेरणादायक प्रेम कहानी है मशहूर अभिनेत्री सुहासिनी मुले की, जिन्होंने 60 साल की उम्र में शादी कर यह साबित कर दिया कि प्यार और रिश्तों के लिए कोई तय उम्र नहीं होती।

    ‘लगान’, ‘दिल चाहता है’, ‘जोधा अकबर’ और कई चर्चित फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवा चुकीं सुहासिनी मुले इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर फिर चर्चा में हैं। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी अनोखी प्रेम कहानी का जिक्र किया, जिसने एक बार फिर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

    सुहासिनी मुले को उनका जीवनसाथी किसी पार्टी, शूटिंग सेट या पारिवारिक परिचय से नहीं, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए मिला। दिलचस्प बात यह है कि जिस शख्स से उन्हें प्यार हुआ, वह मनोरंजन जगत से नहीं बल्कि विज्ञान की दुनिया से जुड़े एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक थे। उनके पति अतुल गुर्टू विश्व प्रसिद्ध भौतिक वैज्ञानिक हैं और उस समय स्विट्जरलैंड में दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक प्रयोग ‘लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर’ (LHC) प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे।

    सुहासिनी ने बताया कि वह अपने एक सहकर्मी की सलाह पर फेसबुक से जुड़ी थीं। एक दिन फेसबुक पर ‘पीपुल यू मे नो’ सेक्शन में उन्हें अतुल गुर्टू की प्रोफाइल दिखाई दी। विज्ञान में रुचि रखने वाली सुहासिनी को यह जानकर हैरानी हुई कि इतने बड़े वैज्ञानिक भी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। उत्सुकतावश उन्होंने अतुल को एक संदेश भेजा और LHC के बारे में जानकारी मांगी।

    यहीं से दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। धीरे-धीरे मैसेज, ईमेल और नियमित संवाद के माध्यम से दोनों एक-दूसरे को बेहतर ढंग से समझने लगे। दोस्ती का यह रिश्ता जल्द ही गहरे भावनात्मक जुड़ाव में बदल गया। बातचीत बढ़ने के साथ दोनों को एहसास हुआ कि उनके विचार और जीवन को देखने का नजरिया काफी हद तक मेल खाता है।

    कुछ समय बाद अतुल गुर्टू ने सुहासिनी के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। सुहासिनी भी उन्हें पसंद करने लगी थीं, इसलिए उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के इस रिश्ते के लिए हामी भर दी। इसके बाद घटनाक्रम इतनी तेजी से आगे बढ़ा कि पहली मुलाकात से लेकर शादी तक का सफर केवल 75 दिनों में पूरा हो गया।

    16 जनवरी 2011 को दोनों ने आर्य समाज मंदिर में सादगीपूर्ण तरीके से विवाह किया। यह सुहासिनी मुले की पहली शादी थी, जबकि अतुल गुर्टू की यह दूसरी शादी थी। उनकी पहली पत्नी का कैंसर के कारण निधन हो चुका था।

    एक इंटरव्यू में सुहासिनी ने कहा कि उन्हें जीवन में सही साथी मिलने में समय लगा, लेकिन जब सही इंसान मिला तो उन्होंने बिना देर किए फैसला कर लिया। उनकी यह प्रेम कहानी आज भी इस बात का उदाहरण मानी जाती है कि सच्चा प्यार उम्र का मोहताज नहीं होता और जीवन में खुशियां किसी भी मोड़ पर दस्तक दे सकती हैं।

  • ‘एनिमल वाले किरदार से बाहर निकाला’, तृप्ति डिमरी पर बोले रवि किशन – ‘मां-बहन’ फिल्म को लेकर दिया बयान

    ‘एनिमल वाले किरदार से बाहर निकाला’, तृप्ति डिमरी पर बोले रवि किशन – ‘मां-बहन’ फिल्म को लेकर दिया बयान


    नई दिल्ली। नेटफ्लिक्स पर हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘मां-बहन’ एक बार फिर चर्चा में आ गई है, लेकिन इस बार वजह फिल्म की कहानी नहीं बल्कि अभिनेता रवि किशन का बयान है। फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे रवि किशन ने अपनी को-स्टार तृप्ति डिमरी की खुलकर तारीफ की है और उनके करियर को लेकर एक दिलचस्प टिप्पणी की है।

    एक इंटरव्यू के दौरान रवि किशन ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि तृप्ति डिमरी के जीवन में ‘मां-बहन’ जैसी फिल्म आई, जिसने उन्हें उनके ‘एनिमल’ वाले किरदार की छवि से बाहर निकलने का अवसर दिया। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

    रवि किशन ने आगे कहा कि इस फिल्म ने तृप्ति डिमरी को एक नई पहचान देने में मदद की है। उनके अनुसार, एक कलाकार के लिए यह जरूरी होता है कि वह एक ही तरह के किरदारों में सीमित न रह जाए, बल्कि अलग-अलग भूमिकाओं के जरिए खुद को साबित करे। ‘मां-बहन’ जैसी फिल्में कलाकार को एक अलग दिशा देने का काम करती हैं।

    गौरतलब है कि तृप्ति डिमरी को 2023 में रिलीज हुई फिल्म ‘एनिमल’ से काफी लोकप्रियता मिली थी। इस फिल्म में उन्होंने ‘जोया’ का किरदार निभाया था, जो कहानी में एक अहम मोड़ लेकर आता है। इस भूमिका के बाद तृप्ति को दर्शकों के बीच बड़ी पहचान मिली और सोशल मीडिया पर उन्हें काफी चर्चा मिली।

    हालांकि ‘एनिमल’ के बाद तृप्ति के किरदार को लेकर दर्शकों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। कुछ लोगों ने उनके अभिनय की सराहना की, जबकि कुछ ने किरदार को लेकर आलोचना भी की। इसके बावजूद उनकी लोकप्रियता में लगातार इजाफा हुआ और उन्हें एक नई पहचान मिली।

    अब ‘मां-बहन’ फिल्म में तृप्ति डिमरी, माधुरी दीक्षित और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर धारणा दुर्गा के साथ नजर आ रही हैं। फिल्म की कहानी एक ऐसी मां और उसकी दो बेटियों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनके जीवन में पिता की अनुपस्थिति और समाज की सोच कई तरह की चुनौतियां पैदा करती है।

    फिल्म में रवि किशन विलेन की भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं। फिल्म को दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है, जबकि इसकी आईएमडीबी रेटिंग 5.5 बताई जा रही है। निर्देशक सुरेश त्रिवेणी द्वारा बनाई गई यह फिल्म सामाजिक विषयों को लेकर चर्चा में बनी हुई है। रवि किशन का यह बयान अब फिल्म से आगे बढ़कर इंडस्ट्री में कलाकारों की छवि और टाइपकास्टिंग पर भी बहस छेड़ रहा है।

  • रणवीर सिंह विवाद से आगे बढ़े फरहान अख्तर, सुपरस्टार सलमान खान को लेकर दो भागों में मेगा बजट फिल्म बनाने की योजना

    रणवीर सिंह विवाद से आगे बढ़े फरहान अख्तर, सुपरस्टार सलमान खान को लेकर दो भागों में मेगा बजट फिल्म बनाने की योजना

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा जगत से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे फिल्म उद्योग और प्रशंसकों के बीच हलचल मचा दी है। अभिनेता रणवीर सिंह के साथ चल रहे ‘डॉन 3’ विवाद की सुर्खियों के बीच, मशहूर निर्माता-निर्देशक फरहान अख्तर अब बॉलीवुड के सुल्तान सलमान खान के साथ एक महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर काम करने की योजना बना रहे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों दिग्गज एक बड़े बजट की पीरियोडिक ड्रामा फिल्म के लिए हाथ मिला सकते हैं, जो यदि धरातल पर उतरती है, तो सिनेमाई इतिहास में पहली बार होगा जब सलमान खान और फरहान अख्तर किसी प्रोजेक्ट में एक साथ नजर आएंगे।

    ताजा मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, सुपरस्टार सलमान खान और एक्सेल एंटरटेनमेंट के कर्ता-धर्ता फरहान अख्तर पिछले एक महीने से लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं और उनके बीच कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। प्रोजेक्ट से जुड़े करीबी सूत्रों का दावा है कि सलमान खान को फिल्म की शुरुआती स्क्रिप्ट और इसकी मूल अवधारणा काफी पसंद आई है और उन्होंने इस ऐतिहासिक कहानी में अपनी गहरी दिलचस्पी दिखाई है। बताया जा रहा है कि फरहान जिस फिल्म को लेकर सलमान के साथ चर्चा कर रहे हैं, वह एक विशाल ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित दो भागों (टू-पार्ट्स) में रिलीज होने वाली फिल्म होगी।

    हालांकि, दोनों पक्षों के बीच चल रही यह बातचीत अभी अपने बेहद शुरुआती चरण में है और अभी तक किसी भी तरह का कानूनी या लिखित पेपर वर्क शुरू नहीं किया गया है। शुरुआती सहमति बनने के बाद दोनों ही पार्टियां इस अनूठे सहयोग को लेकर काफी उत्साहित हैं। इस मेगा प्रोजेक्ट से जुड़ी आधिकारिक घोषणा और विस्तृत जानकारी इस साल के अंत तक सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल फिल्म के निर्देशक का नाम तय नहीं किया गया है, क्योंकि फरहान अख्तर इस प्रोजेक्ट को केवल प्रोड्यूस (निर्माण) करेंगे। अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो इस फिल्म की शूटिंग अगले साल यानी 2027 के शुरुआती महीनों में शुरू की जा सकती है।

    यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब फरहान अख्तर और रणवीर सिंह के बीच ‘डॉन 3’ को छोड़ने को लेकर गहरा विवाद चल रहा है। दरअसल, रणवीर सिंह द्वारा अचानक इस बहुप्रतीक्षित फिल्म से कदम पीछे खींचने के बाद फरहान ने फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एंप्लाइज (FWICE) में अभिनेता की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद संगठन ने असहयोग का निर्देश भी जारी किया था, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। इस बीच उद्योग में ऐसी अफवाहें भी उड़ी थीं कि सलमान खान ने दोनों के बीच सुलह कराने की मध्यस्थता की है, लेकिन बाद में इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया गया।

    दूसरी ओर, सलमान खान इन दिनों अपने अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स में भी व्यस्त हैं। वह जल्द ही निर्देशक अपूर्व लाखिया की फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ (जिसका पूर्व नाम बैटल ऑफ गलवान था) में कर्नल बी संतोष बाबू की मुख्य भूमिका निभाते नजर आएंगे, जिसमें उनके साथ चित्रांगदा सिंह भी अहम किरदार में हैं। ऐसे में फरहान अख्तर के प्रोडक्शन हाउस के तहत बनने वाली इस नई पीरियोडिक फिल्म से जुड़ने की खबर ने इंडस्ट्री का पारा बढ़ा दिया है, हालांकि इस संबंध में अभी तक सलमान खान या फरहान अख्तर की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान या पुष्टि साझा नहीं की गई है।

  • संचिता उगले मौत मामले में नया मोड़, पिता ने लगाए गंभीर आरोप, मानसिक दबाव की बात आई सामने

    संचिता उगले मौत मामले में नया मोड़, पिता ने लगाए गंभीर आरोप, मानसिक दबाव की बात आई सामने

    नई दिल्ली । टीवी और मनोरंजन जगत से जुड़ी अभिनेत्री Sanchita Ugale की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। 14 जून को उनके नालासोपारा स्थित आवास में मृत पाए जाने के बाद अब उनके परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे यह मामला और अधिक संवेदनशील हो  पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

    मृतका के पिता मछिंद्र उगले ने मीडिया से बातचीत में दावा किया है कि उनकी बेटी लंबे समय से मानसिक तनाव में थी। उन्होंने कहा कि हालांकि संचिता ने कभी स्पष्ट रूप से अपनी परेशानी साझा नहीं की, लेकिन उनके व्यवहार में बदलाव लगातार देखा जा रहा था। कभी वह सामान्य और खुश नजर आती थीं, तो कभी अचानक उदास और चिंतित हो जाती थीं। परिवार को यह अंदाजा हो गया था कि वह किसी गंभीर दबाव में हैं।

    परिवार के अनुसार, स्थिति को देखते हुए वे लगातार संचिता के साथ रहने की कोशिश करते थे ताकि वह अकेली न रहें। पिता ने बताया कि घर के सदस्य उनकी मानसिक स्थिति को लेकर सतर्क रहते थे और उन्हें सामान्य जीवन में बनाए रखने का प्रयास करते थे। हालांकि परिवार को कभी यह अंदेशा नहीं था कि स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है।

    पिता ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बेटी पर लंबे समय से किसी प्रकार का दबाव बनाया जा रहा था। उनके अनुसार, संचिता ने कुछ बातें परिवार से साझा की थीं, जिनसे यह संकेत मिलता था कि वह मानसिक रूप से परेशान थीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन पर बार-बार कुछ मांगें की जा रही थीं, जिनमें आर्थिक दबाव की बातें भी शामिल थीं। परिवार का मानना है कि इन परिस्थितियों ने उनकी बेटी को गहरे तनाव में धकेल दिया।

    घटना 14 जून की शाम नालासोपारा स्थित घर में सामने आई, जब संचिता अपने कमरे में बंद थीं। दरवाजा अंदर से बंद था और बाद में परिवार द्वारा दरवाजा खोलने पर उन्हें गंभीर हालत में पाया गया। तुरंत अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे परिवार और उनके परिचितों में शोक का माहौल है।

    मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि किन परिस्थितियों में यह घटना हुई और क्या वास्तव में किसी तरह का दबाव या प्रताड़ना इस मामले से जुड़ा है। पुलिस सभी डिजिटल और व्यक्तिगत पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।

    परिवार ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि उन्हें अभी तक पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनका कहना है कि वे सिर्फ इतना चाहते हैं कि सच सामने आए और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

    यह मामला अब केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं रह गया है, बल्कि इसके साथ जुड़े आरोपों के कारण जांच का दायरा भी बढ़ गया है। पुलिस की आगे की कार्रवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

    ल्ली । टीवी और मनोरंजन जगत से जुड़ी अभिनेत्री Sanchita Ugale की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। 14 जून को उनके नालासोपारा स्थित आवास में मृत पाए जाने के बाद अब उनके परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे यह मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

    मृतका के पिता मछिंद्र उगले ने मीडिया से बातचीत में दावा किया है कि उनकी बेटी लंबे समय से मानसिक तनाव में थी। उन्होंने कहा कि हालांकि संचिता ने कभी स्पष्ट रूप से अपनी परेशानी साझा नहीं की, लेकिन उनके व्यवहार में बदलाव लगातार देखा जा रहा था। कभी वह सामान्य और खुश नजर आती थीं, तो कभी अचानक उदास और चिंतित हो जाती थीं। परिवार को यह अंदाजा हो गया था कि वह किसी गंभीर दबाव में हैं।

    परिवार के अनुसार, स्थिति को देखते हुए वे लगातार संचिता के साथ रहने की कोशिश करते थे ताकि वह अकेली न रहें। पिता ने बताया कि घर के सदस्य उनकी मानसिक स्थिति को लेकर सतर्क रहते थे और उन्हें सामान्य जीवन में बनाए रखने का प्रयास करते थे। हालांकि परिवार को कभी यह अंदेशा नहीं था कि स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है।

    पिता ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बेटी पर लंबे समय से किसी प्रकार का दबाव बनाया जा रहा था। उनके अनुसार, संचिता ने कुछ बातें परिवार से साझा की थीं, जिनसे यह संकेत मिलता था कि वह मानसिक रूप से परेशान थीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन पर बार-बार कुछ मांगें की जा रही थीं, जिनमें आर्थिक दबाव की बातें भी शामिल थीं। परिवार का मानना है कि इन परिस्थितियों ने उनकी बेटी को गहरे तनाव में धकेल दिया।

    घटना 14 जून की शाम नालासोपारा स्थित घर में सामने आई, जब संचिता अपने कमरे में बंद थीं। दरवाजा अंदर से बंद था और बाद में परिवार द्वारा दरवाजा खोलने पर उन्हें गंभीर हालत में पाया गया। तुरंत अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे परिवार और उनके परिचितों में शोक का माहौल है।

    मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि किन परिस्थितियों में यह घटना हुई और क्या वास्तव में किसी तरह का दबाव या प्रताड़ना इस मामले से जुड़ा है। पुलिस सभी डिजिटल और व्यक्तिगत पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।

    परिवार ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि उन्हें अभी तक पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनका कहना है कि वे सिर्फ इतना चाहते हैं कि सच सामने आए और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

    • बीमारी से जंग लड़ रहे सोनू निगम, नस दबने की समस्या के कारण इलाज जारी, फैंस के लिए परफॉर्मेंस का किया वादा

      बीमारी से जंग लड़ रहे सोनू निगम, नस दबने की समस्या के कारण इलाज जारी, फैंस के लिए परफॉर्मेंस का किया वादा

      नई दिल्ली । भारतीय संगीत जगत के प्रतिष्ठित गायक Sonu Nigam इन दिनों स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने अपने प्रशंसकों को अपनी मौजूदा स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि वह गर्दन की नसों से जुड़ी समस्या से जूझ रहे हैं, जिसके कारण उन्हें पिछले कई दिनों से लगातार दर्द और असहजता का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सकीय जांच और उपचार के बीच भी उन्होंने अपने पेशेवर दायित्वों को निभाने की प्रतिबद्धता जताई है।

      सोनू निगम ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किए गए एक वीडियो में अपनी स्वास्थ्य स्थिति पर खुलकर बात की। वीडियो में उनके कंधे पर मेडिकल पैच दिखाई दिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उनका उपचार जारी है। उन्होंने बताया कि गर्दन की नसों पर दबाव पड़ने के कारण उन्हें काफी तकलीफ हो रही है और डॉक्टरों की सलाह पर वह आवश्यक दवाइयों का सेवन कर रहे हैं। इसके साथ ही उनकी कई चिकित्सकीय जांचें भी कराई गई हैं ताकि समस्या की सही प्रकृति और गंभीरता का आकलन किया जा सके।

      गायक ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से उन्हें लगातार दर्द महसूस हो रहा है। इस दौरान उनकी MRI, CT स्कैन और फिजियोथेरेपी जैसी प्रक्रियाएं चल रही हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि दर्द को नियंत्रित करने के लिए उन्हें पेनकिलर दवाइयों का सहारा लेना पड़ रहा है। दवाइयों के प्रभाव के कारण उनके गले पर भी असर पड़ा है, जिससे आवाज में भारीपन महसूस हो रहा है। एक पेशेवर गायक के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण मानी जा सकती है, क्योंकि उनकी पहचान और करियर उनकी आवाज से ही जुड़ा हुआ है।

      हालांकि स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद सोनू निगम ने अपने प्रशंसकों को निराश न करने का संकल्प व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि वह लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर मंच पर लौटने की तैयारी कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बीमारी और शारीरिक असुविधा के कारण आत्मविश्वास में कुछ कमी महसूस हो रही है, लेकिन इसके बावजूद वह अपने कार्यक्रमों को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। उन्होंने ईश्वर से शक्ति और ऊर्जा मिलने की उम्मीद भी जताई।

      संगीत प्रेमियों के लिए राहत की बात यह है कि सोनू निगम ने अपने आगामी कार्यक्रम को लेकर कोई पीछे हटने का संकेत नहीं दिया है। वह 27 जून को आयोजित होने वाले एक विशेष संगीत कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले हैं। यह आयोजन संगीत और आध्यात्मिकता को समर्पित एक भव्य कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें देश के कई प्रतिष्ठित कलाकार भी शामिल होंगे। इस कार्यक्रम को लेकर उनके प्रशंसकों में पहले से ही काफी उत्साह बना हुआ है।

      सोनू निगम भारतीय संगीत उद्योग के उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल हैं जिन्होंने पिछले कई दशकों में अपनी आवाज और बहुमुखी गायन शैली से करोड़ों लोगों का दिल जीता है। हिंदी फिल्म संगीत के अलावा उन्होंने विभिन्न भारतीय भाषाओं में भी अनेक लोकप्रिय गीत गाए हैं। यही कारण है कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर सामने आई जानकारी के बाद प्रशंसकों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

      फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है और वे आवश्यक चिकित्सकीय सलाह का पालन कर रहे हैं। उनके प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि वह जल्द पूरी तरह स्वस्थ होकर अपनी पुरानी ऊर्जा और शानदार आवाज के साथ फिर से मंच पर दिखाई देंगे। स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच भी काम के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने एक बार फिर उनके पेशेवर समर्पण को उजागर किया है।

    • गोविंदा और सुनीता आहूजा के तलाक की खबरों पर बेटी टीना का बड़ा खुलासा, शादी में दरार के दावों को बताया महज अफवाह

      गोविंदा और सुनीता आहूजा के तलाक की खबरों पर बेटी टीना का बड़ा खुलासा, शादी में दरार के दावों को बताया महज अफवाह

      नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा जगत में लंबे समय तक ‘जोड़ी नंबर 1’ के रूप में मशहूर रहे अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के वैवाहिक जीवन को लेकर सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला दावा तेजी से वायरल हो रहा है। इंटरनेट पर विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर यह अफवाह फैलाई जा रही है कि इस स्टार कपल की 39 साल पुरानी शादी में गंभीर खटपट चल रही है और दोनों जल्द ही तलाक लेकर अलग होने वाले हैं। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में तो यहां तक दावा कर दिया गया कि सुनीता आहूजा ने इशारों-इशारों में पति के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर को लेकर शक जाहिर किया है। इन लगातार बढ़ती और परेशान करने वाली अटकलों के बीच अब गोविंदा की बेटी टीना आहूजा ने सामने आकर इस पूरे विवाद का सच उजागर किया है।

      एक प्रमुख मीडिया संस्थान से विशेष बातचीत के दौरान टीना आहूजा ने माता-पिता के रिश्ते और उनके तलाक को लेकर चल रही खबरों पर खुलकर अपनी बात रखी। टीना ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि वे इस तरह की मनगढ़ंत कहानियां अपने बचपन के दिनों से देखती आ रही हैं। उनके अनुसार, फिल्म इंडस्ट्री में हर दशक में किसी न किसी सेलिब्रिटी को लेकर एक नई और झूठी कहानी गढ़ दी जाती है, जिसका वास्तविकता से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं होता।

      अपनी बात आगे बढ़ाते हुए टीना ने कहा कि पहले के समय में इस तरह की गॉसिप और भ्रामक खबरें केवल फिल्मी पत्रिकाओं और मैगजीन्स में छपती थीं। इसके बाद जब इंटरनेट का दौर आया, तो यह खबरें वेबसाइट्स पर दिखने लगीं और अब वर्तमान समय में इंस्टाग्राम तथा यूट्यूब जैसे डिजिटल माध्यमों पर व्यूज बटोरने के लिए ऐसी अफवाहों को परोसा जा रहा है। उन्होंने दर्द साझा करते हुए कहा कि आखिरकार वे भी एक इंसान हैं और जब कोई उनके परिवार के बारे में इस तरह की आधारहीन और खींची हुई बातें लिखता है, तो वे अंदर से बेहद परेशान हो जाती हैं।

      टीना आहूजा ने कड़े शब्दों में कहा कि आज के डिजिटल युग में केवल ‘क्लिकबेट’ यानी लोगों का ध्यान खींचने और लाइक्स-व्यूज कमाने के लिए ऐसी झूठी खबरें जानबूझकर क्रिएट की जाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कोई संत नहीं हैं कि उन्हें इन नकारात्मक बातों से फर्क न पड़े, निश्चित रूप से ऐसी झूठी खबरें उन्हें और उनके परिवार को प्रभावित करती हैं। हालांकि, फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा होने के नाते समय के साथ उन्होंने खुद को मानसिक रूप से मजबूत बनाना सीख लिया है।

      पारिवारिक रिश्तों की मजबूती पर भरोसा जताते हुए टीना ने कहा कि जब आपको अपने घर और माता-पिता का असली सच पता होता है, तो ऐसी फालतू की बातों पर प्रतिक्रिया न देना ही सबसे बेहतर विकल्प होता है। उन्होंने साफ कर दिया कि गोविंदा और सुनीता के बीच सब कुछ पूरी तरह ठीक है और उनके अलग होने की बातें महज एक कोरी कल्पना हैं। गौरतलब है कि टीना आहूजा इन दिनों अपने प्रोफेशनल वर्कफ्रंट को लेकर भी चर्चा में हैं। उन्होंने अपनी मां सुनीता आहूजा के साथ टेलीविजन की दुनिया में कदम रखा है, जहां वे जीटीवी के नए रियलिटी शो ‘मां है ना’ में नजर आ रही हैं, जिसे अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी द्वारा होस्ट किया जा रहा है।

    • एक थप्पड़ ने बदल दी थी जिंदगी: खूबसूरत हीरोइन से बॉलीवुड की सबसे मशहूर ‘मंथरा’ बनने तक का सफर

      एक थप्पड़ ने बदल दी थी जिंदगी: खूबसूरत हीरोइन से बॉलीवुड की सबसे मशहूर ‘मंथरा’ बनने तक का सफर


      नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के इतिहास में कई ऐसे कलाकार हुए हैं जिन्होंने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए सफलता हासिल की, लेकिन अभिनेत्री ललिता पवार की कहानी सबसे अलग और प्रेरणादायक मानी जाती है। एक समय वह हिंदी फिल्मों की बेहद खूबसूरत और लोकप्रिय नायिका थीं, लेकिन एक दुर्घटना ने उनकी पूरी जिंदगी बदलकर रख दी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने अभिनय के दम पर ऐसा मुकाम हासिल किया, जिसे आज भी याद किया जाता है।

      यह घटना साल 1942 की है, जब फिल्म ‘जंग-ए-आजादी’ की शूटिंग चल रही थी। फिल्म में ललिता पवार मुख्य अभिनेत्री थीं, जबकि अभिनेता भगवान दादा उनके साथ काम कर रहे थे। एक दृश्य में भगवान दादा को ललिता पवार के गाल पर थप्पड़ मारना था। शूटिंग के दौरान यह थप्पड़ इतना जोरदार पड़ा कि ललिता पवार जमीन पर गिर पड़ीं और उनकी हालत गंभीर हो गई। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनके चेहरे की नस प्रभावित हो गई है।

      बताया जाता है कि इलाज के दौरान स्थिति और बिगड़ गई। लंबे समय तक अस्पताल में रहने के बाद जब वह सामान्य जीवन में लौटीं तो उनके चेहरे के बाईं ओर लकवे का असर दिखाई देने लगा। उनकी एक आंख सिकुड़ गई थी और चेहरे की बनावट भी पहले जैसी नहीं रही। उस दौर में फिल्म उद्योग में नायिकाओं के लिए सुंदरता को सबसे बड़ी शर्त माना जाता था, इसलिए इस हादसे ने उनके लीड अभिनेत्री बनने के सपनों को लगभग खत्म कर दिया।

      करीब तीन वर्षों तक इलाज और संघर्ष के बाद ललिता पवार ने फिर से फिल्मों में वापसी की कोशिश की। हालांकि अब उन्हें मुख्य नायिका के रोल नहीं मिल रहे थे। लेकिन उन्होंने परिस्थितियों के आगे घुटने टेकने के बजाय खुद को नए किरदारों के अनुरूप ढाल लिया। उन्होंने मां, बहन, चाची और सास जैसे चरित्र भूमिकाएं निभानी शुरू कीं। धीरे-धीरे उनकी अलग पहचान बनने लगी।

      उनकी सिकुड़ी हुई आंख और सख्त चेहरे के भाव नकारात्मक भूमिकाओं में बेहद प्रभावशाली साबित हुए। देखते ही देखते वह हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय खलनायिका और सास के रूप में मशहूर हो गईं। रामानंद सागर की लोकप्रिय टीवी श्रृंखला ‘रामायण’ में निभाया गया ‘मंथरा’ का किरदार आज भी लोगों की स्मृतियों में जीवित है। इस भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई।

      ललिता पवार का निजी जीवन भी संघर्षों से भरा रहा। वैवाहिक जीवन में भी उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके उन्होंने अपने काम और आत्मविश्वास को कभी कमजोर नहीं होने दिया। यही वजह रही कि उन्होंने हिंदी, मराठी और गुजराती भाषाओं की 700 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया

      उनके नाम सबसे लंबे अभिनय करियर का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज है, जो उनकी मेहनत और समर्पण का प्रमाण है। एक हादसे ने भले ही उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी, लेकिन उन्होंने उस दर्द को अपनी ताकत बना लिया और अभिनय की दुनिया में अमर हो गईं।

      24 फरवरी 1998 को कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद ललिता पवार ने अंतिम सांस ली। हालांकि वह इस दुनिया को छोड़ गईं, लेकिन उनका संघर्ष, साहस और अभिनय आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी कहानी यह साबित करती है कि हालात चाहे कितने भी कठिन क्यों न हों, दृढ़ इच्छाशक्ति इंसान को नई पहचान दिला सकती है।

    • मोहम्मद रफी ने अपने बच्चों को क्यों रखा सिंगिंग से दूर? दिग्गज गायक की सोच जानकर रह जाएंगे हैरान

      मोहम्मद रफी ने अपने बच्चों को क्यों रखा सिंगिंग से दूर? दिग्गज गायक की सोच जानकर रह जाएंगे हैरान

      नई दिल्ली । भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास में जब भी महान गायकों का जिक्र होगा, मोहम्मद रफी का नाम सबसे ऊपर लिया जाएगा। अपनी मधुर आवाज और बहुमुखी गायन शैली से उन्होंने दशकों तक संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया। रोमांटिक गीत हों, दर्द भरे नगमे हों या फिर देशभक्ति के गीत, रफी साहब ने हर अंदाज में अपनी अमिट छाप छोड़ी। लेकिन उनके जीवन से जुड़ा एक सवाल हमेशा लोगों के मन में उठता रहा है कि आखिर उनके बच्चों ने गायकी को अपना करियर क्यों नहीं बनाया।

      मोहम्मद रफी के कुल सात बच्चे थे। उनकी पहली शादी बशीरा से हुई थी, जिनसे उनका एक बेटा सईद हुआ। बाद में उन्होंने बिलकिस बानो से निकाह किया, जिनसे उनके तीन बेटे और तीन बेटियां हुईं। इतने बड़े संगीत परिवार से होने के बावजूद उनके किसी भी बच्चे ने प्रोफेशनल सिंगिंग की दुनिया में कदम नहीं रखा। इसके पीछे की वजह खुद रफी साहब की सोच थी।

      मोहम्मद रफी पर लिखी गई किताब ‘मोहम्मद रफी: माय अब्बा’ में उनकी बहू यास्मीन खालिद ने इस विषय पर विस्तार से चर्चा की है। उनके अनुसार रफी साहब कभी नहीं चाहते थे कि उनके बच्चे केवल उनके नाम और विरासत के सहारे संगीत जगत में उतरें। उनका मानना था कि जिस मुकाम तक वह अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर पहुंचे थे, वहां तक पहुंचना आसान नहीं है। उन्हें डर था कि उनके बच्चों की तुलना हमेशा उनसे की जाएगी और यह दबाव उनके लिए बोझ बन सकता है।

      यास्मीन के मुताबिक, रफी साहब ने अपने बच्चों को शुरू से ही एक सामान्य जीवन देने की कोशिश की। उन्होंने उन्हें बोर्डिंग स्कूलों में पढ़ाया और संगीत की दुनिया की चमक-दमक से दूर रखा। वह चाहते थे कि उनके बच्चे अपनी पसंद और योग्यता के अनुसार जीवन में आगे बढ़ें, न कि पिता की पहचान के दबाव में कोई रास्ता चुनें।

      रफी साहब की सादगी भी उतनी ही मशहूर थी जितनी उनकी गायकी। बताया जाता है कि वह रोज सुबह पांच बजे उठते थे और नियमित रूप से रियाज करते थे। उन्हें साधारण जीवन पसंद था और वह घर का बना खाना ही खाना पसंद करते थे। मीडिया से दूरी बनाए रखना भी उनकी आदतों में शामिल था। उनका मानना था कि वह एक आम इंसान हैं और उनके पास बताने के लिए कोई सनसनीखेज कहानी नहीं है।

      संगीत के इस महान सितारे का जीवन भले ही बेहद सफल रहा, लेकिन उनका व्यक्तिगत जीवन विनम्रता और अनुशासन से भरा हुआ था। यही कारण था कि उन्होंने अपने बच्चों पर कभी अपनी पहचान का बोझ नहीं डाला। उन्होंने उन्हें स्वतंत्र रूप से जीवन जीने और अपनी राह चुनने की आजादी दी।

      31 जुलाई 1980 को मात्र 55 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से मोहम्मद रफी का निधन हो गया था। उनके निधन की खबर ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया था। भारी बारिश के बावजूद हजारों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे थे। यह दृश्य इस बात का प्रमाण था कि रफी साहब केवल एक महान गायक ही नहीं, बल्कि करोड़ों दिलों की धड़कन थे।

      आज भी मोहम्मद रफी के गीत लोगों की जुबान पर हैं और उनकी आवाज संगीत प्रेमियों के दिलों में जीवित है। उनके बच्चों ने भले ही गायकी को पेशा नहीं बनाया, लेकिन रफी साहब की विरासत आज भी भारतीय संगीत जगत की सबसे अनमोल धरोहरों में गिनी जाती है।

    • प्रभास स्टारर महागाथा 'कल्कि 2' की स्टारकास्ट को लेकर सस्पेंस बरकरार, दीपिका को रिप्लेस करने के दावों पर आया फिल्म से जुड़े करीबी सूत्रों का बड़ा बयान

      प्रभास स्टारर महागाथा 'कल्कि 2' की स्टारकास्ट को लेकर सस्पेंस बरकरार, दीपिका को रिप्लेस करने के दावों पर आया फिल्म से जुड़े करीबी सूत्रों का बड़ा बयान

      नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शुमार ‘क‍ल्कि 2898 AD’ के दूसरे भाग को लेकर फिल्म गलियारों में कयासों और चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। साल 2024 में सुपरस्टार प्रभास और दीपिका पादुकोण अभिनीत इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए थे। फिल्म में दीपिका पादुकोण के किरदार और उनके अभिनय को दर्शकों के साथ-साथ समीक्षकों द्वारा भी काफी सराहा गया था। अब जबकि निर्माता-निर्देशक इस महागाथा के दूसरे हिस्से की तैयारियों और निर्माण में जुटे हैं, तब सोशल मीडिया पर फिल्म की स्टारकास्ट में बड़े बदलाव को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं।

      हालिया रिपोर्ट्स में यह बात तेजी से वायरल हो रही है कि दीपिका पादुकोण अब इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं हैं और वे इस फ्रेंचाइजी से बाहर हो चुकी हैं। इन चर्चाओं को तब और बल मिला जब कुछ समय पहले यह दावा किया गया कि फिल्म निर्माताओं ने दीपिका पादुकोण की जगह दक्षिण भारतीय सिनेमा की बेहतरीन अभिनेत्री साई पल्लवी को इस प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया है। इन तमाम खबरों के बीच अब एक नया मोड़ सामने आया है, जिसमें बॉलीवुड की शीर्ष अभिनेत्री आलिया भट्ट का नाम भी इस बहुप्रतीक्षित फिल्म के साथ जोड़ा जा रहा है।

      सोशल मीडिया पर तैर रही विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आलिया भट्ट ने इस मेगा बजट फिल्म के लिए अपनी सहमति दे दी है। कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि आलिया भट्ट फिल्म में दीपिका पादुकोण को पूरी तरह से रिप्लेस कर रही हैं, जबकि उद्योग जगत के कुछ अन्य सूत्रों का मानना है कि आलिया का किरदार पूरी तरह से नया, अनूठा और फिल्म की कहानी को एक नया आयाम देने वाला होगा। इंटरनेट पर चल रही खबरों में यह भी कहा जा रहा है कि इस गुप्त प्रोजेक्ट के लिए आलिया भट्ट ने हैदराबाद का दौरा किया था, जहां उन्होंने फिल्म के कुछ महत्वपूर्ण दृश्यों की शूटिंग भी पूरी कर ली है। यदि इन अटकलों में थोड़ी भी सच्चाई है, तो दर्शकों को पर्दे पर पहली बार साई पल्लवी और आलिया भट्ट की दो दमदार अभिनेत्रियों की जुगलबंदी देखने को मिल सकती है।

      हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम और कास्टिंग को लेकर अभी तक आलिया भट्ट या फिल्म के मुख्य निर्माताओं की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान या पुष्टि सामने नहीं आई है। फिल्म ‘कल्कि 2’ की निर्माण टीम से जुड़े एक विश्वसनीय सूत्र ने इस मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि सोशल मीडिया पर चल रही ये खबरें पूरी तरह से अपुष्ट हैं। सूत्र के अनुसार, किसी एक सोशल मीडिया हैंडल से इस तरह का भ्रामक दावा किया गया और बिना किसी प्रामाणिक तथ्य के अन्य प्लेटफॉर्म्स पर इसे कॉपी-पेस्ट किया जाने लगा। वर्तमान में आलिया भट्ट की इस प्रोजेक्ट में कास्टिंग को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई ठोस जानकारी उपलब्ध नहीं है।

      यह भी उल्लेखनीय है कि दीपिका पादुकोण को लेकर पिछले कुछ समय से बॉलीवुड में कई तरह की खबरें सुर्खियां बटोर रही हैं। चर्चा है कि उनके हाथ से एक के बाद एक दो बड़े प्रोजेक्ट्स निकल गए हैं। पहले निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म ‘स्पिरिट’ को लेकर कुछ मतभेदों की खबरें आईं, जिसके बाद तृप्ति डिमरी को कास्ट कर लिया गया। इसके तुरंत बाद निर्देशक नाग अश्विन की ‘कल्कि 2’ से भी उनके अलग होने की अफवाहों ने तूल पकड़ लिया।

      दूसरी तरफ, आलिया भट्ट इस समय अपने कई अन्य बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं। वे जल्द ही यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की आगामी फिल्म ‘अल्फा’ में मुख्य भूमिका निभाती नजर आएंगी, जिसका निर्देशन शिव रवैल कर रहे हैं और इसमें उनके साथ शरवरी, बॉबी देओल और अनिल कपूर जैसे कलाकार दिखाई देंगे। इसके अतिरिक्त, आलिया भट्ट प्रसिद्ध निर्देशक संजय लीला भंसाली की आगामी महत्वाकांक्षी फिल्म ‘लव एंड वॉर’ की तैयारियों में भी जुटी हैं, जिसमें वे रणबीर कपूर और विक्की कौशल के साथ स्क्रीन स्पेस साझा करती नजर आएंगी। ‘कल्कि 2’ में उनकी एंट्री केवल एक अफवाह है या इसमें कोई वास्तविक सच्चाई है, यह आने वाले समय में मेकर्स की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ हो पाएगा।