Category: Entertainment

  • फिल्म 'मुगल-ए-आजम' के प्रसिद्ध गीत की रिकॉर्डिंग से जुड़ा अनूठा इतिहास, तकनीक की कमी के कारण लता मंगेशकर ने बाथरूम में गाया था यह गाना

    फिल्म 'मुगल-ए-आजम' के प्रसिद्ध गीत की रिकॉर्डिंग से जुड़ा अनूठा इतिहास, तकनीक की कमी के कारण लता मंगेशकर ने बाथरूम में गाया था यह गाना

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के इतिहास में कई ऐसी फिल्मों और गीतों का निर्माण हुआ है, जिन्होंने न केवल दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी बल्कि तकनीकी और कलात्मक स्तर पर भी नए कीर्तिमान स्थापित किए। ऐसा ही एक अविस्मरणीय उदाहरण वर्ष 1960 में रिलीज हुई महान निर्देशक के. आसिफ की भव्य फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ का है। इस फिल्म का एक बेहद लोकप्रिय और सदाबहार गीत ‘प्यार किया तो डरना क्या’ आज भी संगीत प्रेमियों के बीच खासा पसंद किया जाता है। बहुत कम लोग जानते हैं कि स्वर कोकिला लता मंगेशकर द्वारा गाए गए इस ऐतिहासिक गीत की रिकॉर्डिंग के पीछे एक बेहद दिलचस्प और अनोखा संघर्ष छिपा हुआ है, जिसने उस दौर की तकनीकी सीमाओं को मात देकर इतिहास रच दिया था।

    सिनेमाई गलियारों और ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार, उस दौर में गानों में गूंज यानी ‘ईको इफेक्ट’ पैदा करने के लिए आज की तरह आधुनिक सॉफ्टवेयर या डिजिटल तकनीक उपलब्ध नहीं हुआ करती थी। संगीत निर्देशक नौशाद इस गाने में एक खास तरह की प्राकृतिक गूंज और गहराई चाहते थे, जिसे सामान्य स्टूडियो रूम में हासिल करना नामुमकिन लग रहा था। इस विशेष ध्वनि प्रभाव को भौतिक रूप से प्राप्त करने के लिए काफी विचार-विमर्श किया गया और अंततः एक अनोखा प्रयोग करने का फैसला हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लता मंगेशकर ने इस गाने की विशिष्ट पंक्तियों और धुनों को स्टूडियो के एक बड़े बाथरूम में खड़े होकर रिकॉर्ड किया था ताकि आवाज में मनचाही गूंज पैदा की जा सके।

    यह केवल गायन और तकनीकी स्तर पर ही नहीं, बल्कि लेखन के मोर्चे पर भी एक बेहद कठिन सफर था। मशहूर गीतकार शकील बदायूंनी द्वारा लिखे गए इस गीत की पंक्तियों को तब तक अंतिम रूप नहीं दिया गया, जब तक कि वे निर्देशक और संगीतकार की उम्मीदों पर पूरी तरह खरी नहीं उतरीं। बताया जाता है कि इस गाने के बोल को फाइनल करने से पहले करीब 105 बार बदला और संपादित किया गया था। इतनी कड़ी मेहनत और बार-बार के संपादन के बाद जब यह गीत बनकर तैयार हुआ, तो इसने रिलीज होते ही सफलता के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। इतने दशक बीत जाने के बाद भी इस गीत की लोकप्रियता में तनिक भी कमी नहीं आई है।

    इस फिल्म के निर्माण से जुड़े अन्य पहलू भी उतने ही कठिन और संघर्षपूर्ण थे। फिल्म की मुख्य अभिनेत्री मधुबाला को इस ऐतिहासिक भूमिका और विशेष रूप से इस गाने के फिल्मांकन के लिए भारी शारीरिक कष्टों से गुजरना पड़ा था। उस दौर के हिसाब से उन्हें भारी-भरकम राशि तो जरूर मिली थी, लेकिन उनके पहनावे और असली लोहे व पीतल से बनी भारी आभूषणों की वजह से उन्हें गंभीर चोटें भी आई थीं। भारी चेन और पोशाकों के वजन के कारण कई बार वे सेट पर खड़ी भी नहीं हो पाती थीं। इसके बावजूद उन्होंने अपने अभिनय में कोई कसर नहीं छोड़ी, जिसने इस पूरे दृश्य को सिनेमाई परदे पर जीवंत बना दिया।

    मध्य प्रदेश। भारतीय सिनेमा के इतिहास में ‘मुगल-ए-आजम’ को बनने में लगभग 16 साल का एक लंबा समय लगा था, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। फिल्म के भव्य युद्ध दृश्यों के फिल्मांकन के लिए हजारों की संख्या में असली घोड़ों और ऊंटों का इस्तेमाल किया गया था, जो उस दौर के हिसाब से एक बेहद खर्चीला और जटिल कार्य था। इन तमाम ऐतिहासिक और अनूठे प्रयासों का ही परिणाम था कि फिल्म का हर एक दृश्य और लता मंगेशकर की अनूठी आवाज में रिकॉर्ड हुआ यह विशेष गीत आज भी भारतीय फिल्म जगत की सबसे मूल्यवान विरासतों में गिना जाता है।

  • आठ वर्ष के लंबे अंतराल के बाद बड़े पर्दे पर वापसी करेंगी प्रीति जिंटा, सनी देओल संग ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म में निभाएंगी मुख्य भूमिका

    आठ वर्ष के लंबे अंतराल के बाद बड़े पर्दे पर वापसी करेंगी प्रीति जिंटा, सनी देओल संग ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म में निभाएंगी मुख्य भूमिका

    नई दिल्ली । बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री प्रीति जिंटा एक लंबे अंतराल के बाद हिंदी सिनेमा जगत में जोरदार वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सोशल मीडिया से लेकर फिल्म गलियारों तक इन दिनों उनकी आगामी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ को लेकर जबरदस्त चर्चाएं हो रही हैं। यह फिल्म इसलिए भी बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि इसके जरिए अभिनेत्री करीब आठ साल बाद बड़े पर्दे पर मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। इससे पहले वर्ष 2018 में रिलीज हुई फिल्म ‘भैयाजी सुपरहिट’ की असफलता के बाद से उन्होंने ग्लैमर जगत से एक दूरी बना ली थी और उनका ध्यान मुख्य रूप से इंडियन प्रीमियर लीग और अपने परिवार पर केंद्रित हो गया था।

    सिनेमाई विशेषज्ञों के अनुसार, हिंदी सिनेमा में इन दिनों 90 के दशक के दिग्गज कलाकारों की दूसरी पारी बेहद सफल साबित हो रही है। इसी क्रम में सनी देओल ने भी हाल के वर्षों में बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है, जिसके बाद अब उनकी पुरानी सह-कलाकार प्रीति जिंटा ने भी मैदान में उतरने का मन बना लिया है। आगामी फिल्म का पहला लुक और टीजर सामने आने के बाद से ही दर्शकों के बीच उत्सुकता काफी बढ़ गई है। इस देशभक्ति और भावनात्मक ड्रामा फिल्म में दोनों कलाकारों की जोड़ी एक बार फिर दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार है।

    अभिनेत्री के पिछले करियर ग्राफ पर नजर डालें तो आठ साल पहले आई उनकी पिछली फिल्म कई तकनीकी बाधाओं और देरी के कारण बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थी। उस व्यावसायिक झटके के बाद अभिनेत्री ने किसी भी फिल्म में छोटे कैमियो रोल करने से भी परहेज किया था। हालांकि, अब ‘बंटवारा 1947’ के साथ वह अपनी कलात्मक क्षमता को साबित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। फिल्म समीक्षकों का मानना है कि इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म की मजबूत पटकथा अभिनेत्री के करियर को एक नया मोड़ दे सकती है।

    आने वाला समय अभिनेत्री के प्रशंसकों के लिए काफी रोमांचक होने वाला है क्योंकि यह बहुप्रतीक्षित फिल्म इसी वर्ष 14 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाएगी। इसके अलावा फिल्म उद्योग के भीतर से आ रही खबरों के मुताबिक, प्रीति जिंटा की यह वापसी केवल एक फिल्म तक सीमित नहीं रहने वाली है। वे इस वर्ष के अंत तक एक प्रमुख प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनने वाली रोमांटिक क्राइम ड्रामा फिल्म की शूटिंग भी शुरू कर सकती हैं। साथ ही आगामी समय में कुछ अन्य बड़े निर्देशकों के प्रोजेक्ट्स और मशहूर वेब सीरीज के नए सीजन में भी उनकी भागीदारी को लेकर गंभीर चर्चाएं चल रही हैं।

  • हैदराबाद कोर्ट का बड़ा आदेश, अल्लू अर्जुन को संध्या थिएटर केस में करना होगा पेश

    हैदराबाद कोर्ट का बड़ा आदेश, अल्लू अर्जुन को संध्या थिएटर केस में करना होगा पेश


    नई दिल्ली । साउथ सिनेमा के सुपरस्टार अल्लू अर्जुन एक बार फिर कानूनी मुश्किलों को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। हैदराबाद की नामपल्ली कोर्ट ने उन्हें संध्या थिएटर भगदड़ मामले में समन जारी करते हुए 22 जून को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। यह मामला फिल्म पुष्पा 2 की स्क्रीनिंग के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे से जुड़ा है जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी और उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था।

    जानकारी के अनुसार चिक्कड़पल्ली पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट में अल्लू अर्जुन को आरोपी नंबर 11 बनाया गया है। इस मामले में कुल 19 लोगों को आरोपी बनाया गया है जबकि संध्या थिएटर के प्रबंधन से जुड़े 10 लोगों को मुख्य रूप से जिम्मेदार बताया गया है। अदालत ने सभी आरोपियों को समन जारी किया है और मामले की अगली सुनवाई में उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    यह घटना 4 दिसंबर 2024 की है जब हैदराबाद के संध्या थिएटर में पुष्पा 2 के स्पेशल शो के दौरान भारी भीड़ जमा हो गई थी। इसी दौरान भगदड़ जैसी स्थिति बन गई जिसमें रेवती नाम की महिला की मौत हो गई जबकि उनका बेटा श्रीतेज गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा उस वक्त चर्चा में आया था और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हुए थे।

    इस मामले में अल्लू अर्जुन की लीगल टीम ने बयान जारी करते हुए कहा है कि अदालत ने उन्हें सुनवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है और वे आगे की कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं। टीम ने कहा कि वे इस मामले में आवश्यक जानकारी समय पर साझा करेंगे।

    घटना के बाद अल्लू अर्जुन के परिवार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात भी की थी। उनके पिता अल्लू अरविंद और पत्नी स्नेहा रेड्डी ने अस्पताल जाकर घायल श्रीतेज का हाल जाना था और परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया था। इसके साथ ही उन्होंने श्रीतेज की बहन की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने की भी बात कही थी।

    मौजूदा समय में घायल श्रीतेज का इलाज और पुनर्वास जारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कई महीनों तक आईसीयू में रहने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई लेकिन अभी भी उनका न्यूरोलॉजिकल इलाज और थेरेपी चल रही है। परिवार के अनुसार उनकी हालत में बहुत धीरे सुधार हो रहा है और वह अभी भी पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाए हैं।

    इस पूरे मामले ने फिल्म इंडस्ट्री में भी सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजरें 22 जून को होने वाली अदालत की सुनवाई पर टिकी हैं जहां आगे की कानूनी दिशा तय हो सकती है।

  • अक्षय–फराह की मस्ती भरी बातचीत, सेट के पुराने राज और हेलिकॉप्टर वाले किस्से का खुलासा

    अक्षय–फराह की मस्ती भरी बातचीत, सेट के पुराने राज और हेलिकॉप्टर वाले किस्से का खुलासा


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार और फिल्ममेकर फराह खान जब भी साथ नजर आते हैं माहौल हल्का-फुल्का और हंसी-मजाक से भर जाता है। हाल ही में दोनों एक बार फिर नेटफ्लिक्स इंडिया के एक इंटरव्यू में साथ नजर आए जहां उन्होंने अपनी फिल्मों और पुराने शूटिंग अनुभवों को याद करते हुए कई मजेदार किस्से साझा किए। बातचीत के दौरान दोनों के बीच हंसी-मजाक और हल्की-फुल्की नोकझोंक देखने को मिली जिसने फैंस का खूब मनोरंजन किया।

    इंटरव्यू में अक्षय कुमार ने फराह खान के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि वह डांस कॉम्पटीशन में हिस्सा लेती थीं और धीरे-धीरे इंडस्ट्री की सबसे सफल कोरियोग्राफर और फिल्ममेकर बन गईं। इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे की टांग खींचते हुए पुराने दिनों के किस्से भी साझा किए।

    अक्षय ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह फराह को लंबे समय से जानते हैं और उन्होंने उनके संघर्ष के दिनों को भी देखा है। वहीं फराह ने तुरंत उनकी बात काटते हुए अपनी कमाई और शुरुआती दिनों की जानकारी को लेकर हंसी-मजाक किया। बातचीत के दौरान दोनों ने एक-दूसरे की पर्सनल लाइफ को लेकर भी चुटकी ली जिससे माहौल और भी मजेदार हो गया।

    इसी बातचीत के दौरान अक्षय कुमार ने फिल्म ओम शांति ओम के एक कैमियो सीन का जिक्र किया जिसे फराह खान ने निर्देशित किया था। अक्षय ने उस सीन को याद करते हुए हंसते हुए कहा कि शूटिंग के दौरान कुछ ऐसे एंगल और विजुअल्स शामिल किए गए थे जिन्हें लेकर वह सहज नहीं थे। मजाकिया अंदाज में उन्होंने फराह को “वल्गर” भी कह दिया जिस पर सेट पर मौजूद सभी लोग हंस पड़े।

    फराह खान ने भी तुरंत जवाब देते हुए इस पूरे किस्से को मजाक में लिया और अपनी स्टाइल में अक्षय की टांग खींची। उन्होंने शूटिंग के दौरान हुई बातचीत और सीनिंग से जुड़े कई मजेदार अनुभव साझा किए जिससे यह साफ हो गया कि दोनों के बीच गहरी दोस्ती और सहजता है।

    इसी दौरान फिल्म तीस मार खान के शूटिंग दिनों का भी जिक्र हुआ। फराह ने बताया कि शूटिंग लोकेशन दूर होने के बावजूद अक्षय कुमार हर दिन समय पर पहुंचते थे और कई बार वह विशेष व्यवस्था के तहत हेलिकॉप्टर से भी ट्रैवल करते थे। इस खुलासे पर वहां मौजूद अभिनेता राजपाल यादव भी हैरान रह गए।

    फराह ने मजाक में यह भी कहा कि उन्होंने पहली बार किसी अभिनेता को शूटिंग के लिए हेलिकॉप्टर को टैक्सी की तरह इस्तेमाल करते देखा। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अक्षय हमेशा अपने काम के प्रति बेहद अनुशासित रहते थे और समय पर सेट पर पहुंचते थे।

    अक्षय कुमार ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उस फिल्म के वे खुद भी प्रोड्यूसर थे इसलिए शूटिंग से जुड़ी व्यवस्थाओं में उनकी भूमिका भी थी। फराह ने हंसते हुए कहा कि फिल्म से सबसे ज्यादा फायदा भी उन्हीं को हुआ।

    पूरा इंटरव्यू इस बात का उदाहरण बन गया कि कैसे बॉलीवुड सितारे अपने पुराने अनुभवों को हल्के-फुल्के अंदाज में साझा कर सकते हैं और दर्शकों को मनोरंजन के साथ-साथ उनके पीछे की कहानियों से भी जोड़ सकते हैं।

  • राजेश खन्ना–अंजू ब्रेकअप की अनसुनी दास्तान, सीक्रेट पार्टी बनी रिश्ते के टूटने की वजह

    राजेश खन्ना–अंजू ब्रेकअप की अनसुनी दास्तान, सीक्रेट पार्टी बनी रिश्ते के टूटने की वजह


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के पहले सुपरस्टार कहे जाने वाले राजेश खन्ना की निजी जिंदगी हमेशा से ही चर्चा और गॉसिप का हिस्सा रही है। उनकी और अभिनेत्री अंजू महेंद्रू की सात साल लंबी रिलेशनशिप एक वक्त पर फिल्मी दुनिया की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों में से एक मानी जाती थी लेकिन यह रिश्ता जितनी तेजी से जुड़ा उतनी ही नाटकीय परिस्थितियों में टूट भी गया।

    कई किताबों और रिपोर्ट्स में इस बात का जिक्र मिलता है कि उनके रिश्ते में दरार की सबसे बड़ी वजह एक सीक्रेट पार्टी बनी थी जो खंडाला में आयोजित की गई थी। कहा जाता है कि राजेश खन्ना ने यह पार्टी अपने बेहद करीबी दोस्तों के लिए रखी थी जिसमें अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार के कुछ सदस्य भी शामिल थे। खास बात यह थी कि इस पार्टी के बारे में अंजू महेंद्रू को कोई जानकारी नहीं दी गई थी।

    जानकारी के मुताबिक यह आयोजन बेहद निजी रखा गया था और राजेश खन्ना ने अपने स्टाफ तक को सख्त हिदायत दी थी कि इसकी भनक बाहर न जाए। लेकिन किसी तरह अंजू महेंद्रू को इस पार्टी के बारे में पता चल गया और वह सीधे खंडाला पहुंच गईं। बताया जाता है कि जब वह वहां पहुंचीं तब तक पार्टी को तुरंत एक दूसरे होटल में शिफ्ट कर दिया गया था ताकि स्थिति को संभाला जा सके।

    इस पूरे घटनाक्रम ने दोनों के रिश्ते में गहरी खाई पैदा कर दी। अंजू महेंद्रू बेहद आहत होकर वापस लौट गईं और इसके बाद उनके और राजेश खन्ना के बीच दूरी बढ़ती चली गई। कहा जाता है कि इसी दौरान राजेश खन्ना का झुकाव डिंपल कपाड़िया की ओर बढ़ने लगा था जिससे रिश्ते की स्थिति और भी जटिल हो गई।

    घटनाओं के बाद यह भी बताया जाता है कि अंजू महेंद्रू और राजेश खन्ना के बीच बातचीत पूरी तरह खत्म होने की कगार पर पहुंच गई थी। अंजू की नाराजगी इतनी गहरी थी कि उन्होंने काका के प्रति कठोर रुख अपनाया और संपर्क तोड़ने का फैसला कर लिया। वहीं दूसरी ओर राजेश खन्ना ने भी इस रिश्ते से आगे बढ़ने का मन बना लिया था।

    इसी दौर में राजेश खन्ना ने डिंपल कपाड़िया से शादी का फैसला किया जिसने पूरे फिल्म इंडस्ट्री को चौंका दिया। उनकी शादी साल 1973 में हुई और इसके बाद वह एक नई पारिवारिक जिंदगी में प्रवेश कर गए। हालांकि यह रिश्ता भी लंबे समय तक स्थिर नहीं रह सका और 1982 में दोनों अलग हो गए।

    इस पूरी कहानी को आज भी बॉलीवुड के सबसे चर्चित और भावनात्मक किस्सों में से एक माना जाता है जहां एक सीक्रेट पार्टी ने एक लंबी प्रेम कहानी का अंत कर दिया और भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नई कहानी की शुरुआत कर दी।

  • आमिर खान प्रोडक्शन की नई डॉक्यूमेंट्री में दिखेगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की संघर्ष भरी कहानी

    आमिर खान प्रोडक्शन की नई डॉक्यूमेंट्री में दिखेगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की संघर्ष भरी कहानी


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा और ओटीटी की दुनिया में सामाजिक और वास्तविक जीवन पर आधारित कहानियों के लिए पहचाने जाने वाले आमिर खान प्रोडक्शन ने एक और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की शुरुआत कर दी है। इस बार प्रोडक्शन हाउस ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री बनाने का ऐलान किया है। यह प्रोजेक्ट न केवल उनकी व्यक्तिगत यात्रा को सामने लाएगा बल्कि उनके संघर्ष और उपलब्धियों को भी विस्तार से दर्शाएगा।

    सूत्रों के अनुसार इस डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग पहले ही शुरू हो चुकी है। टीम ने ओडिशा के उस छोटे से गांव में भी शूटिंग की है जहां से राष्ट्रपति मुर्मू का जीवन प्रारंभ हुआ था। इस डॉक्यूमेंट्री में स्थानीय कलाकारों को भी शामिल किया गया है ताकि कहानी को अधिक वास्तविक और जमीनी रूप दिया जा सके।

    फिल्म का निर्देशन स्वाति चक्रवर्ती कर रही हैं जिन्होंने पहले भी आमिर खान के साथ रूबरू रोशनी जैसी चर्चित डॉक्यूमेंट्री पर काम किया था। इस बार भी उन्होंने एक ऐसी कहानी को चुना है जो प्रेरणा और सामाजिक बदलाव का संदेश देती है।

    डॉक्यूमेंट्री में द्रौपदी मुर्मू के बचपन से लेकर उनके राजनीतिक और सामाजिक जीवन तक की पूरी यात्रा को दिखाया जाएगा। इसमें यह भी बताया जाएगा कि किस तरह उन्होंने एक आदिवासी पृष्ठभूमि से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने का ऐतिहासिक सफर तय किया। यह कहानी उनके संघर्ष उनके समर्पण और समाज के लिए किए गए कार्यों को गहराई से उजागर करेगी।

    इसके साथ ही डॉक्यूमेंट्री में उनके निजी जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को भी शामिल किया जाएगा। उनके जीवन के कठिन दौर और चुनौतियों को भी ईमानदारी के साथ प्रस्तुत किया जाएगा ताकि दर्शक उनकी वास्तविक यात्रा को समझ सकें।

    एक विशेष हिस्सा उस ऐतिहासिक क्षण पर केंद्रित होगा जब उन्हें देश के राष्ट्रपति पद के लिए चुना गया था। यह पल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जाता है और डॉक्यूमेंट्री में इसे विस्तार से दिखाया जाएगा।

    आमिर खान प्रोडक्शन पहले भी कई ऐसी कहानियां लेकर आया है जो समाज में सकारात्मक प्रभाव छोड़ती हैं। इस प्रोडक्शन की पहचान ही ऐसी फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री से है जो वास्तविक घटनाओं पर आधारित होती हैं और दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती हैं।

    इसके अलावा प्रोडक्शन हाउस एक और बड़े प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहा है जो 1947 के ऐतिहासिक विभाजन पर आधारित फिल्म है। इस फिल्म में कई बड़े कलाकार नजर आएंगे और यह एक भव्य ऐतिहासिक ड्रामा होगा।

    कुल मिलाकर द्रौपदी मुर्मू पर बन रही यह डॉक्यूमेंट्री न केवल उनके जीवन को उजागर करेगी बल्कि देश की नई पीढ़ी को यह संदेश भी देगी कि संघर्ष और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी ऊंचाई तक पहुंचा जा सकता है।

  • रिलीज से पहले आर्थिक संकट में फंसी थी फिल्म, शाहरुख खान की मदद बनी सहारा; अब बॉक्स ऑफिस पर रच रही सफलता का नया इतिहास

    रिलीज से पहले आर्थिक संकट में फंसी थी फिल्म, शाहरुख खान की मदद बनी सहारा; अब बॉक्स ऑफिस पर रच रही सफलता का नया इतिहास

    नई दिल्ली । फिल्म उद्योग में अक्सर बड़े सितारों की सफलता और उनकी फिल्मों की चर्चा होती है, लेकिन कई बार पर्दे के पीछे किए गए छोटे फैसले भी किसी फिल्म की किस्मत बदल देते हैं। मराठी सिनेमा की चर्चित फिल्म ‘देऊल बंद 2’ से जुड़ा एक ऐसा ही किस्सा सामने आया है, जिसने एक बार फिर अभिनेता शाहरुख खान के फिल्म निर्माण और क्षेत्रीय सिनेमा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को चर्चा में ला दिया है।

    बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही ‘देऊल बंद 2’ आज मराठी सिनेमा की सबसे सफल फिल्मों में गिनी जा रही है। सीमित बजट में बनी इस फिल्म ने कमाई के मामले में उम्मीदों से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया और 80 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर लिया। हालांकि फिल्म की यह सफलता उतनी आसान नहीं थी, जितनी आज दिखाई देती है। रिलीज से पहले फिल्म के निर्माताओं को एक ऐसी आर्थिक चुनौती का सामना करना पड़ा था, जिसने इसकी थिएटर रिलीज पर ही सवाल खड़े कर दिए थे।

    फिल्म के निर्देशक और लेखक प्रवीण तारडे के अनुसार, सिनेमाघरों में फिल्म प्रदर्शित करने के लिए आवश्यक डिजिटल सिनेमा पैकेज तैयार करवाने की प्रक्रिया के दौरान उन्हें अनुमान से कहीं अधिक खर्च का सामना करना पड़ा। फिल्म के लिए सीमित बजट निर्धारित किया गया था, लेकिन तकनीकी प्रक्रिया से जुड़ी लागत अचानक कई गुना बढ़ गई। ऐसे में निर्माताओं के सामने सबसे बड़ी समस्या यह थी कि बिना इस प्रक्रिया के फिल्म को बड़े स्तर पर रिलीज करना संभव नहीं था।

    स्थिति तब और गंभीर हो गई जब आवश्यक तकनीकी कार्य पूरा होने के बावजूद भुगतान न होने के कारण सामग्री निर्माताओं को सौंपी नहीं जा रही थी। फिल्म की टीम के पास अतिरिक्त धन की व्यवस्था का कोई स्पष्ट रास्ता नहीं था। इसी दौरान निर्माताओं ने अपनी परिस्थितियों की जानकारी संबंधित कंपनी तक पहुंचाई और मदद की अपील की।

    बताया जाता है कि यह मामला अंततः शाहरुख खान तक पहुंचा। उन्होंने फिल्म और उसके निर्माताओं के बारे में जानकारी ली तथा यह समझने की कोशिश की कि परियोजना किस स्तर पर है। फिल्म से जुड़े लोगों का कहना है कि तकनीकी टीम से बातचीत के बाद उन्होंने आर्थिक पक्ष से अधिक फिल्म की गुणवत्ता और उसके महत्व को प्राथमिकता दी। इसके बाद उन्होंने संबंधित भुगतान को लेकर राहत देने का फैसला किया, जिससे फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ हो गया।

    निर्देशक प्रवीण तारडे ने इस सहयोग को अपनी फिल्म की यात्रा का महत्वपूर्ण मोड़ बताया है। उनके अनुसार, उस समय किसी को यह नहीं पता था कि फिल्म भविष्य में कितनी सफल होगी। इसके बावजूद मिली सहायता ने निर्माताओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया। यही कारण है कि फिल्म की वर्तमान सफलता के बीच भी वे उस सहयोग को विशेष महत्व देते हैं।

    ‘देऊल बंद 2’ की कहानी सामाजिक और मानवीय मुद्दों को केंद्र में रखती है। फिल्म में किसानों की समस्याओं, आस्था, विश्वास और सामाजिक संघर्षों जैसे विषयों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। दर्शकों ने इसकी भावनात्मक कहानी और मजबूत प्रस्तुति को सराहा, जिसका सकारात्मक प्रभाव बॉक्स ऑफिस पर भी दिखाई दिया।

    फिल्म की बढ़ती लोकप्रियता के साथ अब यह मराठी सिनेमा की बड़ी सफलताओं में शामिल हो चुकी है। उद्योग से जुड़े जानकारों का मानना है कि क्षेत्रीय फिल्मों को मिलने वाला ऐसा सहयोग और दर्शकों का बढ़ता समर्थन भारतीय सिनेमा के विविध स्वरूप को और मजबूत बना रहा है। ‘देऊल बंद 2’ की सफलता इस बात का उदाहरण है कि अच्छी कहानी और सही अवसर मिलने पर सीमित संसाधनों वाली फिल्में भी असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।

  • 'पुष्पा 2' प्रीमियर भगदड़ मामले में अल्लू अर्जुन को कोर्ट का समन, 22 जून को व्यक्तिगत पेशी के आदेश से बढ़ीं कानूनी चुनौतियां

    'पुष्पा 2' प्रीमियर भगदड़ मामले में अल्लू अर्जुन को कोर्ट का समन, 22 जून को व्यक्तिगत पेशी के आदेश से बढ़ीं कानूनी चुनौतियां

    नई दिल्ली । हैदराबाद के संध्या थिएटर में फिल्म ‘पुष्पा 2’ के प्रीमियर के दौरान हुई भगदड़ और उससे जुड़े दुखद हादसे का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस प्रकरण में अभिनेता अल्लू अर्जुन की कानूनी चुनौतियां बढ़ती दिखाई दे रही हैं। अदालत ने मामले की सुनवाई को आगे बढ़ाते हुए अभिनेता को निर्धारित तिथि पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। न्यायिक प्रक्रिया के इस नए चरण ने मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

    दिसंबर 2024 में हुए इस हादसे ने फिल्म उद्योग, प्रशासन और आम जनता के बीच बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। फिल्म के विशेष प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में दर्शकों के थिएटर पहुंचने से अचानक भीड़ बढ़ गई थी। स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर भगदड़ जैसी परिस्थिति पैदा हुई, जिसमें एक महिला की जान चली गई थी जबकि एक किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना के बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई थी और विभिन्न पहलुओं को लेकर पुलिस ने विस्तृत पड़ताल की।

    जांच एजेंसियों ने हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों का आकलन करते हुए कई व्यक्तियों और संबंधित पक्षों को मामले में आरोपी बनाया। पुलिस द्वारा दाखिल आरोपपत्र में थिएटर प्रबंधन के साथ-साथ अन्य संबंधित लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं। इसी क्रम में अभिनेता अल्लू अर्जुन को भी आरोपी के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, जिसके बाद अदालत ने उन्हें सुनवाई के लिए तलब किया है।

    अदालत द्वारा जारी समन के अनुसार अभिनेता को 22 जून को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। इस मामले में केवल अभिनेता ही नहीं बल्कि कई अन्य आरोपियों को भी अदालत के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी सुनवाई मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, क्योंकि इसी दौरान आरोपों और जांच से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर आगे की प्रक्रिया तय होगी।

    घटना के बाद पीड़ित परिवार लगातार न्याय की मांग करता रहा है। हादसे में जान गंवाने वाली महिला के परिजनों का कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदार पक्षों की जवाबदेही तय होना आवश्यक है। वहीं घायल युवक का उपचार लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा और उसके स्वास्थ्य को लेकर समय-समय पर जानकारी सामने आती रही।

    हाल के दिनों में अभिनेता के परिवार के सदस्यों ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान परिवार को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया गया। इस कदम को मानवीय संवेदना के तौर पर देखा गया, हालांकि कानूनी प्रक्रिया अपने निर्धारित ढंग से आगे बढ़ रही है और अदालत में मामले की सुनवाई जारी है।

    फिल्मों के प्रीमियर और बड़े सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा प्रबंधन को लेकर यह मामला एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती लोकप्रियता और भारी भीड़ को देखते हुए आयोजकों, प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन ही ऐसे हादसों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।

    अब सभी की नजरें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत मामले से जुड़े तथ्यों, जांच रिपोर्ट और आरोपों पर आगे की कार्रवाई को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है। इस बीच, यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के साथ-साथ सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को भी प्रमुखता से सामने ला रहा है।

  • पूर्व प्रधानमंत्री आई.के. गुजराल के बेटे के साथ व्हाट्सएप पर हुआ देश का सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड, शातिर ठगों ने डीपी बदलकर कंपनी के अधिकारियों से ऐंठे 7.8 करोड़ रुपये

    पूर्व प्रधानमंत्री आई.के. गुजराल के बेटे के साथ व्हाट्सएप पर हुआ देश का सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड, शातिर ठगों ने डीपी बदलकर कंपनी के अधिकारियों से ऐंठे 7.8 करोड़ रुपये

    नई दिल्ली । देश की राजधानी में एक बेहद हैरान करने वाला और अब तक का सबसे बड़ा हाई-प्रोफाइल साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे और पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल के परिवार और उनकी कंपनी को निशाना बनाकर साइबर अपराधियों ने करीब 7.8 करोड़ रुपये का बड़ा वित्तीय चूना लगाया है। शातिर ठगों ने इस पूरे स्कैम को व्हाट्सएप मैसेंजर के जरिए बेहद चालाकी और लंबी प्लानिंग के तहत अंजाम दिया। इस सनसनीखेज मामले के उजागर होने के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर कॉर्पोरेट जगत और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।

    इस बेहद शातिर ठगी की शुरुआत नरेश गुजराल की कंपनी में कार्यरत एक बेहद वरिष्ठ अधिकारी के मोबाइल पर आए एक अज्ञात व्हाट्सएप मैसेज से हुई। ठगों ने चालाकी का परिचय देते हुए उस अनजान नंबर पर पूर्व सांसद नरेश गुजराल की ही प्रोफाइल फोटो यानी डीपी लगा रखी थी। वरिष्ठ अधिकारी ने जैसे ही मोबाइल स्क्रीन पर अपने बॉस की तस्वीर देखी, उन्हें रत्ती भर भी अंदेशा नहीं हुआ कि यह कोई जालसाज हो सकता है। ठग ने खुद को नरेश गुजराल के रूप में पेश करते हुए बेहद कड़क और पेशेवर अंदाज में अधिकारी से चैट शुरू की और कंपनी के काम का हवाला देते हुए एक अज्ञात बैंक खाते में तुरंत एक बड़ी रकम ट्रांसफर करने का सख्त निर्देश दे दिया।

    व्हाट्सएप पर मिले इस कथित निर्देश के बाद अधिकारी ने बिना कोई प्रामाणिक जांच किए तुरंत पहली किश्त के रूप में करीब 1.5 करोड़ रुपये आरटीजीएस के माध्यम से बताए गए बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिए। ठगों का हौसला यहीं नहीं रुका; उन्होंने अधिकारी के इसी अटूट भरोसे का फायदा उठाते हुए अगले चार दिनों तक लगातार सिलसिलेवार ढंग से अलग-अलग बहानों से और पैसों की मांग की। बॉस की डीपी और उनके बात करने के लहजे से पूरी तरह आश्वस्त अधिकारी लगातार ट्रांजैक्शन करता रहा, जिसके चलते महज 96 घंटों के भीतर कंपनी के खाते से कुल 7.8 करोड़ रुपये ठगों के हवाले कर दिए गए।

    इस अभूतपूर्व वित्तीय धोखाधड़ी के दौरान सुरक्षा के तमाम दावों के बीच बैंक और कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी यानी सीएफओ भी गच्चा खा गए। लगातार हो रहे करोड़ों रुपये के इस बड़े लेन-देन को देखकर बैंक प्रबंधन को कुछ संदेह अवश्य हुआ था, जिसके बाद उन्होंने तत्काल कंपनी के सीएफओ से इस संबंध में संपर्क भी साधा। हालांकि, सीएफओ ने भी आंतरिक रूप से बिना किसी क्रॉस-वेरिफिकेशन के यह मान लिया कि यह वित्तीय निर्देश स्वयं नरेश गुजराल की ओर से ही जारी किए गए हैं, जिसके कारण यह संदिग्ध ट्रांजैक्शन बिना किसी रुकावट के जारी रहा।

    इस पूरे काले खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब 16 जून को लगातार पैसे भेजने से परेशान वरिष्ठ अधिकारी को कुछ गंभीर संदेह हुआ। उन्होंने सीधे नरेश गुजराल की बेटी दीक्षा गुजराल से संपर्क किया और उन्हें बताया कि उनके पिता लगातार बड़ी रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दे रहे हैं। यह सुनते ही दीक्षा के पैरों तले जमीन खिसक गई क्योंकि नरेश गुजराल ने ऐसा कोई भी संदेश नहीं भेजा था। परिवार को तुरंत साइबर फ्रॉड का अहसास हुआ और उन्होंने बिना समय गंवाए उसी दिन दिल्ली पुलिस में ई-एफआईआर दर्ज कराई। दिल्ली पुलिस की स्पेशल साइबर टीम आईएफएसओ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल तकनीकी जांच शुरू की और उस बैंक खाते को ट्रैक कर लिया, जिसमें पैसे भेजे गए थे। पुलिस की तत्परता के चलते ठगी गई कुल राशि में से करीब 4 करोड़ रुपये को उसी खाते में समय रहते फ्रीज कर दिया गया है, जबकि शेष राशि की रिकवरी और आरोपियों की धरपकड़ के लिए देशव्यापी छापेमारी जारी है।

  • '3 इडियट्स' के सीक्वल पर राजकुमार हिरानी का बड़ा बयान; रैंचो, फरहान और राजू की जिंदगी में 20 साल बाद आए पारिवारिक और मानसिक तनाव पर केंद्रित होगी नई कहानी

    '3 इडियट्स' के सीक्वल पर राजकुमार हिरानी का बड़ा बयान; रैंचो, फरहान और राजू की जिंदगी में 20 साल बाद आए पारिवारिक और मानसिक तनाव पर केंद्रित होगी नई कहानी

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शुमार ‘3 इडियट्स’ के सीक्वल को लेकर दर्शकों का लंबा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। प्रख्यात फिल्म निर्देशक राजकुमार हिरानी ने इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट की प्रगति और इसकी मूल कहानी को लेकर पहली बार आधिकारिक रूप से स्थिति साफ की है। एक विशेष साक्षात्कार के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी फिल्म का कथानक कॉलेज जीवन या पुरानी यादों के इर्द-गिर्द बिल्कुल भी नहीं बुना जाएगा। इसके बजाय, कहानी को समय के चक्र में आगे बढ़ाते हुए मुख्य किरदारों के वयस्क जीवन, उनके पारिवारिक दायित्वों और समकालीन युग की वास्तविक चुनौतियों के साथ पर्दे पर उतारा जाएगा।

    निर्देशक ने इस बात की पुष्टि की है कि वह वर्तमान में इस महत्वाकांक्षी सीक्वल की पटकथा के लेखन पर बेहद गंभीरता से काम कर रहे हैं। यद्यपि स्क्रिप्ट को अंतिम रूप देने में अभी काफी समय और रचनात्मक प्रयास बाकी हैं, लेकिन इसकी वैचारिक दिशा पूरी तरह तय हो चुकी है। सीक्वल में मूल फिल्म की कहानी से करीब 15 से 20 साल आगे का समय दिखाया जाएगा। दर्शकों के चहेते तीनों मुख्य किरदारों—रैंचो, फरहान और राजू की जिंदगी अब कॉलेज के दिनों से बहुत आगे निकल चुकी है। वे अब न केवल विवाहित हैं, बल्कि बच्चों के माता-पिता भी बन चुके हैं, जिससे कहानी में एक परिपक्व और नया दृष्टिकोण देखने को मिलेगा।

    राजकुमार हिरानी के अनुसार, फिल्म का मुख्य फोकस इस बात पर होगा कि उम्र के इस नए पड़ाव पर आने वाले मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक तनाव का सामना यह तीनों दोस्त किस प्रकार करते हैं। जहां साल 2009 में रिलीज हुई मूल फिल्म ‘3 इडियट्स’ में देश की शिक्षा प्रणाली पर तीखा व्यंग्य करते हुए युवाओं को अपने जुनून का पालन करने का एक मजबूत संदेश दिया गया था, वहीं सीक्वल में भी एक व्यापक सामाजिक मुद्दा उठाया जाएगा। निर्देशक ने हंसते हुए इस बात पर मुहर लगाई है कि इस बार भी फिल्म के माध्यम से समाज को एक बहुत बड़ा और प्रासंगिक संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है, जो आज के दौर के परिवारों के लिए मार्गदर्शक साबित होगा।

    इस नए सफर में दर्शकों को अपने पुराने और पसंदीदा चेहरे एक बार फिर पर्दे पर एक साथ देखने को मिलेंगे। सीक्वल के लिए आमिर खान उर्फ फुंसुक वांगडू (रैंचो), आर माधवन उर्फ फरहान कुरैशी, शर्मन जोशी उर्फ राजू रस्तोगी और करीना कपूर खान उर्फ पिया सहस्रबुद्धे की मुख्य भूमिकाओं में वापसी पूरी तरह पक्की मानी जा रही है। हालांकि, मूल फिल्म के अन्य बेहद लोकप्रिय किरदारों जैसे चतुर रामलिंगम (ओमी वैद्य), वीरू सहस्रबुद्धे उर्फ वायरस (बोमन ईरानी), मोना सिंह और जावेद जाफरी के किरदारों को नए कथानक में किस प्रकार शामिल किया जाएगा, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

    उल्लेखनीय है कि अभिजात जोशी और राजकुमार हिरानी द्वारा संयुक्त रूप से लिखित ‘3 इडियट्स’ एक कड़क सैटायरिकल कॉमेडी-ड्रामा थी, जिसने बॉक्स ऑफिस के तत्कालीन तमाम रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए थे। फिल्म के अंत में रैंचो को लद्दाख में एक सफल वैज्ञानिक और शिक्षक के रूप में, फरहान को एक स्थापित वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर और राजू को एक कॉर्पोरेट अधिकारी के रूप में सेटल होते दिखाया गया था। अब, दो दशकों के बाद इन किरदारों के जीवन में आए बदलावों और उनकी नई सामाजिक-पारिवारिक लड़ाइयों को देखने के लिए सिनेमाप्रेमियों के बीच अभी से भारी उत्साह देखा जा रहा है।