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  • Netflix की नई रिलीज से सजेगा फेस्टिव वीक, 20 से 23 अक्टूबर तक मिलेगा भरपूर मनोरंजन; जानें किस दिन क्या होगा रिलीज

    Netflix की नई रिलीज से सजेगा फेस्टिव वीक, 20 से 23 अक्टूबर तक मिलेगा भरपूर मनोरंजन; जानें किस दिन क्या होगा रिलीज


    नई दिल्ली। ओटीटी पर फिल्में और वेब सीरीज देखने के शौकीनों के लिए यह सप्ताह खास रहने वाला है। नेटफ्लिक्स पर 20 से 23 अक्टूबर 2026 के बीच सात फिल्मों और सीरीज की रिलीज की जानकारी सामने आई है। इस सूची में श्रीदेवी की चर्चित फिल्म इंग्लिश विंग्लिश से लेकर मनोज बाजपेयी की गजब रात तक शामिल हैं। वहीं हॉरर थ्रिलर क्राइम और रोमांस पसंद करने वाले दर्शकों के लिए भी अलग-अलग तरह का कंटेंट उपलब्ध होगा। त्योहारों के इस मौसम में दर्शक घर बैठे अपनी पसंद की फिल्में और सीरीज देख सकेंगे। आइए जानते हैं इस सप्ताह नेटफ्लिक्स पर क्या खास आने वाला है और किस दिन आप इन्हें देख पाएंगे।

    1. इंग्लिश विंग्लिश

    श्रीदेवी की शानदार अदाकारी वाली फिल्म इंग्लिश विंग्लिश 20 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर आने वाली है। साल 2012 में रिलीज हुई इस फिल्म की कहानी शशि नाम की एक घरेलू महिला के इर्दगिर्द घूमती है। शशि अपने परिवार के बीच सम्मान और अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश करती है। अंग्रेजी भाषा में कमजोर होने के कारण उसे कई बार असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इसके बाद वह अंग्रेजी सीखने का फैसला करती है और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती है। फिल्म रिश्तों आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का खूबसूरत संदेश देती है।

    2. गली बॉय

    रणवीर सिंह और आलिया भट्ट की फिल्म गली बॉय भी 20 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली है। साल 2019 में आई यह फिल्म मुंबई की गलियों से निकलकर रैप की दुनिया में अपनी पहचान बनाने का सपना देखने वाले एक युवा की कहानी है। फिल्म में संघर्ष गरीबी पारिवारिक दबाव और अपने सपनों को पूरा करने की जिद को दिखाया गया है। संगीत और दमदार अभिनय के कारण यह फिल्म युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय रही है।

    3. द लास्ट हाउस ऑन द लेफ्ट

    हॉरर और रिवेंज ड्रामा पसंद करने वालों के लिए द लास्ट हाउस ऑन द लेफ्ट 21 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है। फिल्म की कहानी एक परिवार और उसके साथ घटने वाली भयावह घटनाओं के इर्दगिर्द घूमती है। इसमें बदले और हिंसा की कहानी दिखाई गई है। यह फिल्म उन दर्शकों को पसंद आ सकती है जिन्हें तनाव और रोमांच से भरपूर कहानियां देखना अच्छा लगता है।

    4. नोबडी वांट्स दिस सीजन 3

    रोमांस और रिश्तों पर आधारित सीरीज नोबडी वांट्स दिस का तीसरा सीजन 22 अक्टूबर को आने वाला है। कहानी जोआन और नोआ के रिश्ते को आगे बढ़ाती है। दोनों के साथ रहने और अपने संबंध को मजबूत बनाने की कोशिशों के बीच कई चुनौतियां सामने आती हैं। सीरीज में प्यार के साथ व्यक्तिगत विचारों और रिश्तों की जटिलताओं को भी दिखाया गया है।

    5. सर्वाइविंग हरिकेन ओटिस

    23 अक्टूबर को आने वाली यह स्पेनिश फिल्म वास्तविक घटना पर आधारित है। इसकी कहानी मैक्सिको में आए विनाशकारी हरिकेन ओटिस और उससे प्रभावित लोगों के अनुभवों पर केंद्रित है। प्राकृतिक आपदा के दौरान लोगों के संघर्ष और मुश्किल हालात से उबरने की कोशिशों को इसमें दिखाया गया है। फिल्म डब भाषाओं में भी उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है।

    6. डोरोथी

    तमिल क्राइम थ्रिलर डोरोथी भी 23 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर दस्तक देने वाली है। फिल्म में कीर्ति सुरेश और ऋषिकांत जैसे कलाकार नजर आएंगे। इसकी कहानी बचपन के दो दोस्तों के इर्दगिर्द घूमती है। अपराध और रहस्य से जुड़े घटनाक्रम कहानी को आगे बढ़ाते हैं। दक्षिण भारतीय फिल्मों के प्रशंसकों के लिए यह इस सप्ताह का खास विकल्प हो सकती है।

    7. गजब रात

    मनोज बाजपेयी की फिल्म गजब रात 23 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है। इसकी कहानी एक ऐसे पुलिस अधिकारी के इर्दगिर्द बताई गई है जो रिश्वतखोरी के जरिए कमाई करता है। फिल्म में एक रात के दौरान होने वाली घटनाओं और उनके कारण बदलती परिस्थितियों को दिखाया गया है। मनोज बाजपेयी अपने दमदार अभिनय के लिए जाने जाते हैं और ऐसे में उनकी इस फिल्म को लेकर दर्शकों में उत्सुकता रह सकती है।

    कुल मिलाकर नेटफ्लिक्स पर इस सप्ताह अलग-अलग पसंद के दर्शकों के लिए मनोरंजन के कई विकल्प मौजूद होंगे। जहां इंग्लिश विंग्लिश और गली बॉय जैसी फिल्में भावनाओं और संघर्ष की कहानी दिखाएंगी वहीं द लास्ट हाउस ऑन द लेफ्ट और डोरोथी रोमांच पसंद करने वालों को आकर्षित कर सकती हैं। हालांकि रिलीज की तारीखें और उपलब्ध भाषाएं देखने से पहले नेटफ्लिक्स पर संबंधित शीर्षक की जानकारी जरूर जांच लें।

  • रामायण के लिए काउंटडाउन शुरू, दशहरे पर खुलेगी एडवांस बुकिंग; रणबीर-यश की फिल्म 5 नवंबर को मचाएगी धमाल

    रामायण के लिए काउंटडाउन शुरू, दशहरे पर खुलेगी एडवांस बुकिंग; रणबीर-यश की फिल्म 5 नवंबर को मचाएगी धमाल


    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल रणबीर कपूर और यश स्टारर रामायण को लेकर दर्शकों का इंतजार अब खत्म होने की ओर है। नितेश तिवारी के निर्देशन में तैयार हो रही इस भव्य फिल्म की एडवांस बुकिंग 20 अक्टूबर 2026 यानी दशहरे के अवसर पर शुरू होने की जानकारी सामने आई है। फिल्म 5 नवंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। भगवान राम की गाथा पर आधारित इस फिल्म को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह है। इसकी स्टारकास्ट से लेकर भव्य निर्माण और संगीत तक हर पहलू लगातार चर्चा में बना हुआ है। फिल्म को बड़े पर्दे पर शानदार सिनेमाई अनुभव देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

    फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं जबकि दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार यश रावण के किरदार में नजर आएंगे। साई पल्लवी माता सीता की भूमिका निभा रही हैं और सनी देओल को भगवान हनुमान के रूप में दिखाया जाएगा। इन बड़े सितारों की मौजूदगी ने फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। खास बात यह है कि भारतीय पौराणिक कथा को आधुनिक तकनीक और भव्य दृश्यों के माध्यम से प्रस्तुत करने की तैयारी की गई है। दर्शक अब यह देखने के लिए उत्साहित हैं कि रामायण की इस प्राचीन महागाथा को फिल्म के रूप में किस तरह पेश किया जाएगा।

    एडवांस बुकिंग शुरू होने के साथ ही दर्शकों को फिल्म के लिए अपनी पसंद की सीटें चुनने का अवसर मिलेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 20 अक्टूबर से देशभर के प्रमुख टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर टिकटों की बिक्री शुरू करने की योजना है। फिल्म को आईमैक्स सहित कई प्रीमियम फॉर्मेट में भी रिलीज किया जाएगा। ऐसे में बड़े पर्दे पर भव्य दृश्य और आधुनिक तकनीक का अनुभव लेने वाले दर्शकों के लिए यह फिल्म खास आकर्षण बन सकती है। हालांकि टिकटों की कीमतों और अलग-अलग सिनेमाघरों में शो की उपलब्धता की जानकारी संबंधित बुकिंग प्लेटफॉर्म पर देखनी होगी।

    रामायण के संगीत को भी खास महत्व दिया गया है। फिल्म के संगीत से मशहूर संगीतकार हंस जिमर और ए आर रहमान जुड़े हैं। दोनों की भागीदारी ने फिल्म के संगीत को लेकर भी उत्सुकता बढ़ाई है। भारतीय पौराणिक कथा के साथ भव्य संगीत और आधुनिक सिनेमाई तकनीक का मेल फिल्म को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश का हिस्सा है। फिल्म हिंदी के अलावा तमिल तेलुगु कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में रिलीज होने वाली है। इससे देश के अलग-अलग क्षेत्रों के दर्शकों तक कहानी पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

    निर्देशक नितेश तिवारी की इस परियोजना पर लंबे समय से काम किए जाने की चर्चा है। रामायण भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपरा से गहराई से जुड़ी कथा है। ऐसे में फिल्म के निर्माण में कहानी और प्रमुख पात्रों की प्रस्तुति को लेकर विशेष सावधानी बरतने की बात कही जा रही है। निर्माताओं की कोशिश है कि दर्शकों को परिचित कथा के साथ एक भव्य सिनेमाई अनुभव भी मिले। फिल्म के पहले भाग के बाद इसका दूसरा भाग दिवाली 2027 के दौरान रिलीज किए जाने की जानकारी दी गई है।

    फिल्म के बजट को लेकर भी काफी चर्चा है। विभिन्न रिपोर्टों में पूरी परियोजना का बजट लगभग 4000 करोड़ रुपये तक बताया जा रहा है। हालांकि इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि स्पष्ट नहीं है। यदि फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतरती है तो यह भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल हो सकती है। फिलहाल दर्शकों की निगाहें 20 अक्टूबर से शुरू होने वाली एडवांस बुकिंग और 5 नवंबर को होने वाली विश्वव्यापी रिलीज पर टिकी हैं।

  • सलमान खान, बाबा सिद्दीकी और रोहित शेट्टी के बाद टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग, बॉलीवुड सितारों की सुरक्षा और मुंबई की कानून-व्यवस्था पर सवाल

    सलमान खान, बाबा सिद्दीकी और रोहित शेट्टी के बाद टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग, बॉलीवुड सितारों की सुरक्षा और मुंबई की कानून-व्यवस्था पर सवाल


    नई दिल्ली । मुंबई को सपनों की नगरी कहा जाता है। देशभर से लोग यहां अपनी किस्मत आजमाने आते हैं और बॉलीवुड के सितारे लाखों लोगों के दिलों पर राज करते हैं। लेकिन जब फिल्मी हस्तियों के घरों के बाहर गोलियां चलने लगें, उन्हें धमकियां मिलने लगें और चर्चित लोगों की हत्या हो जाए, तो मामला केवल सितारों की निजी सुरक्षा तक सीमित नहीं रहता। इससे महानगर की कानून-व्यवस्था और अपराधियों के बढ़ते हौसले पर भी सवाल खड़े होते हैं। हाल के वर्षों में मुंबई में फिल्म जगत से जुड़े लोगों को निशाना बनाए जाने की कई घटनाएं सामने आई हैं। अब अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी ने इस चिंता को एक बार फिर बढ़ा दिया है।

    18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना सामने आई। बताया गया कि अभिनेता फुटबॉल मैच खेलने के बाद लौट रहे थे, तभी उनकी कार को निशाना बनाया गया। इस घटना में टाइगर सुरक्षित रहे, हालांकि उनके ड्राइवर और अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई। घटना के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। इस दावे में सलमान खान से जुड़े लोगों को निशाना बनाने की धमकी भी दी गई। हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका को जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही स्पष्ट किया जा सकेगा।

    सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग

    फिल्मी हस्तियों से जुड़ी ऐसी घटनाओं में सबसे चर्चित मामला 14 अप्रैल 2024 का है। उस दिन मुंबई के बांद्रा स्थित सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर बाइक सवार दो हमलावरों ने गोलियां चलाई थीं। पुलिस की जांच में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े कथित सदस्यों की भूमिका सामने आई। जांच के अनुसार, इस वारदात को विक्की गुप्ता और सागर पाल ने अंजाम दिया था। सलमान खान को इससे पहले भी धमकियां मिलती रही थीं। उनके घर के बाहर हुई गोलीबारी ने फिल्म उद्योग में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी थी।

    बाबा सिद्दीकी की हत्या से बढ़ी चिंता
    12 अक्टूबर 2024 को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता बाबा सिद्दीकी की मुंबई में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाबा सिद्दीकी को सलमान खान का करीबी माना जाता था। इस हत्याकांड के बाद पुलिस की जांच में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों के नाम सामने आए और मामले में गिरफ्तारियां भी हुईं। जांच में यह आरोप सामने आया कि सलमान खान से बाबा सिद्दीकी की नजदीकी उन्हें निशाना बनाए जाने की वजहों में से एक हो सकती थी। इस घटना ने राजनीतिक और फिल्मी जगत में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी थी।

    रोहित शेट्टी के घर के बाहर भी हुई थी गोलीबारी
    31 जनवरी और 1 फरवरी 2026 की दरमियानी रात मुंबई के जुहू इलाके में फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर के बाहर भी फायरिंग हुई थी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर शुभम लोनकर और आरजू बिश्नोई नाम के लोगों ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। पोस्ट में रोहित शेट्टी को पहले संदेश भेजे जाने और उनकी बात नहीं मानने पर हमले की बात कही गई थी।

    जांच के अनुसार, आरोपी ने रोहित शेट्टी के घर से कुछ दूरी पर बाइक खड़ी की और पैदल शेट्टी टावर तक पहुंचा। इसके बाद इमारत की ओर कई राउंड फायरिंग कर वह मौके से फरार हो गया। इस वारदात ने एक बार फिर फिल्मी हस्तियों के घरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।

    बॉलीवुड में दबदबा कायम करने की आशंका
    इन घटनाओं में बार-बार लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आने से पुलिस की जांच और गिरोह के कथित मकसद पर चर्चा तेज हुई है। पुलिस की जांच और दाखिल चार्जशीट में यह पहलू सामने आया है कि चर्चित हस्तियों को निशाना बनाकर गिरोह फिल्म उद्योग में भय और दबदबा कायम करने की कोशिश कर सकता है। ऐसी गतिविधियों का उद्देश्य कथित तौर पर रंगदारी और दूसरी अवैध गतिविधियों के लिए दबाव बनाना भी हो सकता है।

    हालांकि, हर घटना में आरोपों, सोशल मीडिया पर किए गए दावों और जांच से स्थापित तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है। टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में भी हमले की वजह, हमलावरों की पहचान और गिरोह की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएंगे। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने बॉलीवुड सितारों की सुरक्षा के साथ-साथ मुंबई में कानून-व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • सनी देओल के 69वें जन्मदिन पर जानिए अनसुने किस्से, शाहरुख से नाराजगी में फाड़ी जींस, बॉबी को लेकर निर्देशक से हुआ विवाद

    सनी देओल के 69वें जन्मदिन पर जानिए अनसुने किस्से, शाहरुख से नाराजगी में फाड़ी जींस, बॉबी को लेकर निर्देशक से हुआ विवाद

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के दमदार अभिनेताओं में शामिल सनी देओल 19 अक्टूबर को अपना 69वां जन्मदिन मना रहे हैं। अभिनेता धर्मेंद्र के बेटे होने के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, अभिनय और दमदार संवाद अदायगी के दम पर फिल्म इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई। रोमांटिक फिल्म से करियर शुरू करने वाले सनी आगे चलकर एक्शन हीरो के रूप में लोकप्रिय हुए। उनके करियर में कई बड़ी सफलताएं आईं, तो कुछ दौर ऐसे भी रहे, जब उन्हें लगातार असफल फिल्मों का सामना करना पड़ा। उनके जन्मदिन पर उनके करियर, निजी जीवन और फिल्मी दुनिया से जुड़े कुछ चर्चित किस्से फिर चर्चा में हैं।

    सनी देओल का असली नाम अजय सिंह देओल है। उनका जन्म पंजाब के साहनेवाल में हुआ था। परिवार में उन्हें सनी नाम से पुकारा जाता था और फिल्मों में आने के बाद उन्होंने इसी नाम को अपना लिया। अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले उन्होंने ब्रिटेन के बर्मिंघम स्थित ओल्ड रिप थिएटर में प्रशिक्षण लिया। एक बातचीत में उन्होंने बताया था कि विदेश जाकर सीखने का एक उद्देश्य यह भी था कि लोग उन्हें धर्मेंद्र के बेटे के बजाय एक सामान्य विद्यार्थी के रूप में देखें। वह स्वभाव से संकोची थे और अभिनय की बुनियादी बातें सीखना चाहते थे। शशि कपूर की मदद से उन्हें वहां दाखिला मिला था।

    1983 में फिल्म ‘बेताब’ से सनी देओल ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इस फिल्म का निर्माण उनके पिता धर्मेंद्र ने किया था और निर्देशन राहुल रवैल ने किया था। फिल्म में अमृता सिंह उनके साथ मुख्य भूमिका में थीं। युवा प्रेम, पारिवारिक बंदिशों और भावनात्मक टकराव पर आधारित इस रोमांटिक ड्रामा को दर्शकों का अच्छा समर्थन मिला। हालांकि, सनी की पहचान बाद में एक्शन फिल्मों से अधिक मजबूत हुई। ‘अर्जुन’, ‘डकैत’, ‘पाप की दुनिया’, ‘यतीम’, ‘वर्दी’, ‘त्रिदेव’ और ‘चालबाज’ जैसी फिल्मों ने उन्हें एक्शन हीरो के रूप में स्थापित करने में भूमिका निभाई।

    सनी देओल के करियर में 1990 में आई ‘घायल’ महत्वपूर्ण साबित हुई। राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उन्होंने बॉक्सर अजय मेहरा का किरदार निभाया था। सनी ने बताया था कि उस समय कई लोग फिल्म के निर्माण के लिए तैयार नहीं थे, क्योंकि बाजार में रोमांटिक फिल्मों का बोलबाला था और कुछ लोगों को इसमें जरूरत से ज्यादा एक्शन दिखाई देता था। आखिरकार फिल्म के निर्माण की जिम्मेदारी उनके परिवार ने संभाली और धर्मेंद्र निर्माता बने। इसके बाद ‘दामिनी’, ‘घातक’, ‘जिद्दी’ और ‘बॉर्डर’ जैसी फिल्मों ने उनकी लोकप्रियता को और मजबूत किया।

    हालांकि, 2000 के शुरुआती वर्षों में सनी देओल को करियर में चुनौतियों का सामना करना पड़ा। ‘फर्ज’, ‘चैंपियन’ और ‘इंडियन’ जैसी फिल्मों के बावजूद वह लगातार बड़ी सफलताएं हासिल नहीं कर सके। वर्ष 2001 में आई ‘गदर’ ने उनकी लोकप्रियता को नई ऊंचाई दी, लेकिन इसके बाद भी उनकी सभी फिल्में सफल नहीं रहीं। फिर लगभग 22 साल बाद ‘गदर 2’ रिलीज हुई और ब्लॉकबस्टर साबित हुई। इस सफलता ने उनके करियर की दूसरी पारी को नई मजबूती दी। इसके बाद वह ‘जाट’, ‘बॉर्डर 2’ और ‘बंटवारा 1947’ जैसी परियोजनाओं से जुड़े। उन्होंने ओटीटी पर ‘इक्का’ के जरिए भी कदम रखा। आने वाली फिल्म ‘रामायण’ में वह हनुमान की भूमिका निभाते नजर आएंगे।

    सनी देओल की निजी जिंदगी से जुड़े कई किस्से भी चर्चित रहे हैं। उन्होंने 1984 में लिंडा से शादी की थी, जिन्होंने बाद में पूजा देओल नाम अपनाया। ‘बेताब’ की शूटिंग के दौरान अमृता सिंह उन्हें पसंद करने लगी थीं, लेकिन सनी के शादीशुदा होने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने दूरी बना ली। सनी यश चोपड़ा की फिल्म ‘मशाल’ में काम करने वाले थे, लेकिन धर्मेंद्र की सलाह पर उन्होंने यह फिल्म नहीं की। डिंपल कपाड़िया के साथ उनकी नजदीकियों को लेकर भी लंबे समय तक चर्चाएं होती रहीं।

    1993 में फिल्म ‘डर’ की शूटिंग के दौरान सनी देओल और शाहरुख खान के बीच मतभेद की खबरें सामने आई थीं। सनी अपने किरदार को कमजोर दिखाए जाने और शाहरुख को अधिक महत्व दिए जाने से नाराज बताए गए। एक चर्चित किस्से के अनुसार, सेट पर गुस्से में उन्होंने अपनी जींस तक फाड़ दी थी। दोनों के बीच लंबे समय तक दूरी बनी रही, हालांकि ‘गदर 2’ की रिलीज के बाद रिश्तों में सुधार की चर्चा हुई।

    निर्देशक राजकुमार संतोषी के साथ भी सनी के मतभेद हुए थे। भगत सिंह पर फिल्म बनाने और बॉबी देओल को भूमिका नहीं दिए जाने को लेकर दोनों के बीच विवाद बताया गया। इसके बाद संतोषी ने अजय देवगन के साथ ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ बनाई, जबकि सनी देओल ने अपने भाई बॉबी के साथ ‘23 मार्च 1931: शहीद’ बनाई। दोनों फिल्में एक ही दिन रिलीज हुई थीं। बाद में सनी और संतोषी ने मतभेद भुलाकर ‘बंटवारा 1947’ में साथ काम किया।

    सनी देओल ने राजनीति में भी अपनी किस्मत आजमाई। अप्रैल 2019 में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और गुरदासपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर सांसद बने। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार सुनील जाखड़ को हराया था। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने दोबारा चुनाव नहीं लड़ने की इच्छा जताई और राजनीति को अपने लिए उपयुक्त क्षेत्र नहीं बताया। इसके बाद उनका ध्यान फिर फिल्मों पर केंद्रित हो गया।

  • टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग से मचा हड़कंप, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी, अभिजीत दीपके बोले- पुलिस असली अपराधियों पर ध्यान दे..

    टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग से मचा हड़कंप, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी, अभिजीत दीपके बोले- पुलिस असली अपराधियों पर ध्यान दे..

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग की घटना के बाद मामला चर्चा में है। इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित और हरमन संधू ने लेने का दावा किया है। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस और सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को छात्रों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय असली अपराधियों पर ध्यान देना चाहिए। इस मामले में पुलिस की जांच जारी है।

    दीपके ने अपने बयान में कहा कि छात्रों और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस को वास्तविक अपराधियों के खिलाफ कदम उठाने चाहिए। उनके मुताबिक, जब सरकार और पुलिस की प्राथमिकताएं सही तरीके से तय नहीं होतीं, तो ऐसी परिस्थितियां पैदा होती हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब कॉकरोच जनता पार्टी अपने नेताओं आशुतोष रांका और सौरभ दास को हिरासत में लिए जाने का विरोध कर रही है।

    जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग

    यह घटना रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में हुई। जानकारी के मुताबिक, दो अज्ञात हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर चार से पांच राउंड गोलियां चलाईं। इस घटना में अभिनेता सुरक्षित बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर फिरदौस और वहां से गुजर रहे ऑटो रिक्शा चालक केवल चौहान घायल हो गए। दोनों को गोलीबारी के दौरान चोटें आईं। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा और जांच से जुड़ी गतिविधियां तेज कर दी गईं।

    हमले के तुरंत बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित और हरमन संधू ने कथित तौर पर इसकी जिम्मेदारी ली। उनके नाम से सामने आए संदेश में धमकी दी गई कि मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में जो लोग उनकी बात नहीं मानेंगे या सलमान खान के साथ काम करेंगे, वे भी निशाने पर आ सकते हैं। हालांकि, इस मामले में हमले के पीछे की परिस्थितियों और आरोपों की जांच की जा रही है।

    हमलावरों की तलाश में मुंबई पुलिस की 15 टीमें
    घटना के बाद मुंबई पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए 15 टीमें गठित की हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है, ताकि हमलावरों और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक की पहचान की जा सके। कई स्थानों पर नाकेबंदी की गई है और फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू की है। वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ है, जिसमें एक अज्ञात हमलावर को टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां चलाते देखा जा सकता है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार रात अभिनेता से बातचीत कर उनका हाल जाना और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

    अनिल पंडित और हरमन संधू की भूमिका की जांच

    पुलिस के अनुसार, हरियाणा के पानीपत का रहने वाला अनिल पंडित लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ा शूटर और विदेश में सक्रिय नेटवर्क का संचालक बताया जाता है। उसे लॉरेंस के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई का करीबी भी बताया गया है। हरमन संधू के बारे में जानकारी दी गई है कि वह लंबे समय से विदेश में छिपा हुआ है और गिरोह के शूटरों को निशाने से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने का काम करता है। इस मामले में दोनों के कथित दावों और उनकी भूमिका की जांच महत्वपूर्ण है।

    CJP नेताओं की हिरासत पर भी विवाद
    इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका की हिरासत को लेकर भी सवाल उठाए हैं। अभिजीत दीपके का आरोप है कि दोनों को जेल में रखने के लिए अनावश्यक देरी की जा रही है और हिरासत जारी रखने का पर्याप्त कानूनी आधार नहीं है। पार्टी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने दिल्ली पुलिस और राज्य के अधिकारियों पर विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने होने वाली कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया है।

    सिंह के मुताबिक, लगातार चार दिन तक पेश नहीं होने वाले सरकारी अभियोजक बाद में कार्यवाही में शामिल हुए और कथित धमकी भरे संदेश का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी को धमकी मिली है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए और आदेश में उसका विवरण दर्ज होना चाहिए। टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की जांच के बीच यह मामला पुलिस की कार्रवाई, सुरक्षा और कानून के पालन को लेकर अलग-अलग सवालों के कारण चर्चा में बना हुआ है।

  • हॉरर, रोमांस और थ्रिलर का धमाका! 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होंगी 7 फिल्में, जानें पूरी लिस्ट

    हॉरर, रोमांस और थ्रिलर का धमाका! 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होंगी 7 फिल्में, जानें पूरी लिस्ट

    नई दिल्ली । बड़े पर्दे पर फिल्में देखने के शौकीन दर्शकों के लिए अक्टूबर का यह सप्ताह मनोरंजन से भरपूर रहने वाला है। 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में अलग-अलग विषयों और शैलियों की कई फिल्में रिलीज होने जा रही हैं। इनमें साइकोलॉजिकल थ्रिलर, रोमांटिक कहानी, एक्शन, साइंस-फिक्शन और कॉमेडी का मिश्रण देखने को मिलेगा। हिंदी फिल्मों के साथ हॉलीवुड और क्षेत्रीय सिनेमा की फिल्में भी दर्शकों के सामने होंगी। इस सप्ताह रिलीज होने वाली फिल्मों में 418, तू है मेरी किरण, उड़ता तीर, तुम मेरे हो, होप, पहला प्यार दूसरी बार और धूड़ शामिल हैं।

    418

    23 अक्टूबर को रिलीज होने वाली फिल्म 418 एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर है। इसकी कहानी 15 साल से बंद पड़े एक मेडिकल कॉलेज और उसके कमरा नंबर 418 के रहस्य के इर्द-गिर्द घूमती है। इस कमरे से जुड़े रहस्य लंबे समय से अनसुलझे हैं। फिल्म में डर और रोमांच के साथ विज्ञान तथा अंधविश्वास के बीच टकराव को दिखाया गया है। फिल्म को ए प्रमाणपत्र मिला है, इसलिए यह वयस्क दर्शकों के लिए निर्धारित है।

    तू है मेरी किरण

    सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल की मुख्य भूमिकाओं वाली फिल्म तू है मेरी किरण रोमांस और साइकोलॉजिकल थ्रिलर का मेल है। कहानी प्यार और जुनून के बीच की महीन रेखा को सामने लाती है। शुरुआत में लड़की की ओर से सामान्य रिश्ते के रूप में शुरू होने वाला जुड़ाव धीरे-धीरे खतरनाक जुनून में बदलने लगता है। फिल्म में रिश्तों की जटिलता और प्यार के बदलते स्वरूप को प्रमुखता दी गई है।

    उड़ता तीर

    आयुष्मान खुराना और सारा अली खान अभिनीत उड़ता तीर भी 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। इसकी कहानी एक पाकिस्तानी जासूस के इर्द-गिर्द घूमती है, जो भारत आने के बाद अपनी याददाश्त खो बैठता है। इसके बाद वह खुद को देशभक्त भारतीय समझने लगता है और भारतीय आतंकवाद-रोधी दस्ते का अधिकारी मानने लगता है। कहानी में उसकी पहचान, याददाश्त और परिस्थितियों से पैदा होने वाले घटनाक्रम देखने को मिलेंगे।

    तुम मेरे हो

    गुरमीत चौधरी और ईशा मालवीय की मुख्य भूमिकाओं वाली तुम मेरे हो प्यार और मुश्किल परिस्थितियों पर आधारित कहानी है। इस फिल्म के जरिए ईशा मालवीय बॉलीवुड में कदम रख रही हैं। कहानी में दो प्रेमियों के रिश्ते को कई खतरों, उतार-चढ़ाव और अप्रत्याशित मोड़ों से गुजरते हुए दिखाया गया है। दोनों अपने रिश्ते को बचाए रखने के लिए कठिन हालात का सामना करते हैं। फिल्म में रोमांस के साथ एक्शन और भावनात्मक घटनाक्रम भी शामिल हैं।

    होप

    हॉलीवुड फिल्म होप साइंस-फिक्शन और सर्वाइवल थ्रिलर पसंद करने वाले दर्शकों के लिए खास हो सकती है। इसकी कहानी उत्तर और दक्षिण कोरिया की सीमा के पास स्थित एक छोटे गांव में सामने आने वाली रहस्यमयी घटनाओं पर आधारित है। गांव में अचानक जानवरों के शव मिलने लगते हैं। इसके बाद पुलिस प्रमुख और कुछ शिकारी जंगलों में छिपे खतरनाक एलियन का सामना करते हैं। उन्हें अपनी जान बचाने के साथ उस रहस्यमयी जीव को खत्म करने की चुनौती का सामना करना पड़ता है।

    पहला प्यार दूसरी बार

    पहला प्यार दूसरी बार दोस्तों की मस्ती, छुट्टियों और स्कूल रीयूनियन पर आधारित फिल्म है। इसकी कहानी छह पक्के दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनकी छुट्टियां और मुलाकात कई मजेदार घटनाओं का कारण बनती हैं। गलतफहमियों और उलझनों के बीच कहानी आगे बढ़ती है। दोस्तों के साथ हल्की-फुल्की और मनोरंजक फिल्म देखने की इच्छा रखने वाले दर्शकों के लिए यह विकल्प हो सकती है।

    धूड़

    धूड़ राजस्थानी सिनेमा से जुड़ी फिल्म है, जिसका नाम रेत के तूफान के अर्थ को दर्शाता है। फिल्म में राजस्थान की रेतीली जमीन, समृद्ध संस्कृति और स्थानीय लोगों के संघर्ष को एक परिवार की कहानी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। इसे देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली राजस्थानी फिल्मों में एक खास उपलब्धि के रूप में पेश किया जा रहा है। इस तरह 23 अक्टूबर को रिलीज होने वाली ये सात फिल्में अलग-अलग पसंद वाले दर्शकों को मनोरंजन के विविध विकल्प देंगी।

  • टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग, पीछे चल रहे थे करणवीर मेहरा, बताया आंखों देखा हाल

    टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग, पीछे चल रहे थे करणवीर मेहरा, बताया आंखों देखा हाल


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया। रिपोर्ट के मुताबिक, बाइक सवार तीन अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर गोलियां चलाईं। उस वक्त टीवी अभिनेता और ‘बिग बॉस 18’ के विजेता करणवीर मेहरा की कार भी टाइगर की गाड़ी के ठीक पीछे थी। घटना के करीब एक घंटे बाद करणवीर ने एक इंटरव्यू में घटनास्थल का हाल बताते हुए कहा कि वहां का मंजर देखकर वह भी सदमे में थे।

    ‘मौके पर पहुंचे तो खून के धब्बे दिखे’

    करणवीर मेहरा ने जूम को बताया कि उनकी कार टाइगर श्रॉफ की गाड़ी के ठीक पीछे चल रही थी। उनके मुताबिक, जब उनकी गाड़ी गेट से बाहर निकलकर घटनास्थल के पास पहुंची, तब वहां खून के धब्बे दिखाई दिए। इसके बाद उन्हें जानकारी मिली कि टाइगर के ड्राइवर फिरदौस को गोली लगी है।

    करणवीर ने कहा कि टाइगर के सुरक्षित होने से उन्हें राहत मिली, लेकिन ड्राइवर के घायल होने की खबर से वह दुखी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ड्राइवर जल्द स्वस्थ हो जाएगा।

    करणवीर के अनुसार, घटनास्थल पर बच्चे भी मौजूद थे और वहां जन्मदिन की पार्टी चल रही थी। अचानक गोलियों की आवाज से अफरा-तफरी मच गई। लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे और अपनी सुरक्षा के लिए जगह तलाशने लगे।

    पटाखों की आवाज के बीच हुई फायरिंग

    करणवीर ने बताया कि वह टाइगर श्रॉफ को लंबे समय से जानते हैं और मुंबई के जुहू में उनके साथ फुटबॉल भी खेलते हैं। हालांकि, घटना के दौरान वह हमलावरों को नहीं देख पाए।

    उनके मुताबिक, घटनास्थल के आसपास काफी लोग मौजूद थे और कुछ लोग तस्वीरें भी ले रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज आवाजें सुनाई दीं। शुरुआत में आसपास पटाखे फोड़े जाने के कारण कुछ लोगों को लगा कि ये आवाजें पटाखों की ही हैं। लेकिन जब लोगों ने फायरिंग होने की बात कहते हुए शोर मचाया, तब स्थिति की गंभीरता समझ में आई और पुलिस को सूचना दी गई।

    ड्राइवर के बाएं हाथ में चोट, CCTV फुटेज की जांच

    रिपोर्ट के अनुसार, बाइक सवार हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर तीन से चार राउंड गोलियां चलाईं। मुंबई पुलिस के मुताबिक, ड्राइवर फिरदौस के बाएं हाथ में चोट आई है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    मामले की जांच के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं। हमलावरों की पहचान और घटनाक्रम का पता लगाने के लिए आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। रिपोर्ट में बैलिस्टिक जांच के हवाले से यह भी कहा गया है कि गोलियां नजदीक से चलाई गई थीं।

    ‘टाइगर को लंबे समय से जानता हूं’, करणवीर ने जताई चिंता

    करणवीर मेहरा ने कहा कि वह टाइगर को कई वर्षों से जानते हैं और उन्हें एक अच्छा इंसान मानते हैं, जो अपने काम पर ध्यान देते हैं और दूसरों के साथ सम्मान से पेश आते हैं।

    उन्होंने कहा कि टाइगर और उनके परिवार को ऐसी परिस्थिति से गुजरते देखना उनके लिए बेहद दर्दनाक और तनावपूर्ण है। करणवीर ने यह भी बताया कि टाइगर के परिवार से उनकी अच्छी जान-पहचान है।

    कथित ऑडियो में बिश्नोई गैंग से जुड़े शख्स का दावा

    फायरिंग की घटना के बाद सोशल मीडिया और रिपोर्टों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम भी सामने आया है। एक कथित ऑडियो क्लिप में खुद को लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई अनिल पंडित बताने वाले शख्स ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। ऑडियो में हरमन संधू नाम के एक अन्य व्यक्ति का भी जिक्र होने की बात कही गई है।

    कथित ऑडियो में फिल्म इंडस्ट्री में काम करने और सलमान खान के साथ काम करने को लेकर धमकी दिए जाने का दावा भी किया गया है। हालांकि, ऑडियो की प्रामाणिकता, उसमें बोल रहे व्यक्ति की पहचान और हमले से उसके संबंध की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी है।

    लॉरेंस बिश्नोई पहले भी सलमान खान को धमकियां देने के मामले में चर्चा में रहा है। यह विवाद काले हिरण के शिकार से जुड़े मामले से भी जुड़ा है। वर्ष 2018 में ट्रायल कोर्ट ने सलमान खान को दोषी ठहराया था और उन्होंने फैसले को राजस्थान हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

    वर्ष 2024 में सलमान खान के करीबी माने जाने वाले नेता बाबा सिद्दीकी की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में भी बिश्नोई गैंग की ओर से जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया था।

    फिलहाल टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच जारी है। पुलिस हमलावरों की पहचान, घटना के पीछे की वजह और कथित ऑडियो की सत्यता की पड़ताल कर रही है।

  • बदमाशों से जान बचाने के लिए डिफेंडर लेकर थाने पहुंचे फिल्ममेकर अमित जानी, शिकायत कराई दर्ज

    बदमाशों से जान बचाने के लिए डिफेंडर लेकर थाने पहुंचे फिल्ममेकर अमित जानी, शिकायत कराई दर्ज


    नई दिल्ली। फिल्म प्रोड्यूसर अमित जानी ने दावा किया है कि जम्मू से नोएडा लौटते वक्त कुछ अज्ञात लोगों ने उनकी लैंड रोवर डिफेंडर SUV का पीछा किया और बंदूक दिखाकर गाड़ी रोकने की कोशिश की। घटना हरियाणा के सोनीपत इलाके में होने की बात कही गई है। जानी के मुताबिक, पहले से मिल रही धमकियों के कारण उन्हें खतरे का अंदेशा हुआ, जिसके बाद ड्राइवर ने गाड़ी की रफ्तार बढ़ाई और सुरक्षा के लिए कुंडली थाने पहुंच गया।

    अमित जानी ने 18 अक्टूबर 2026 को कुंडली थाने में शिकायत दी है। उनके अनुसार, पुलिस की ओर से शिकायत मिलने की रसीद भी जारी की गई है। फिलहाल आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

    ओवरटेक करने के बाद किया पीछा, हथियार दिखाने का आरोप
    अमित जानी की शिकायत के मुताबिक, वह माता वैष्णो देवी के दर्शन के बाद जम्मू से नोएडा लौट रहे थे। उनकी डिफेंडर SUV में भारत सिंह, सौरव यादव, मनीष भारद्वाज और ड्राइवर यदूवीर सिंह भी मौजूद थे।

    जानी ने आरोप लगाया कि रात करीब 8:28 बजे, जब उनकी गाड़ी सोनीपत इलाके से गुजर रही थी, तभी पीछे से आई एक सफेद कार ने ओवरटेक करने की कोशिश की। इसके बाद कार सवार ने खिड़की से हाथ बाहर निकालकर उन्हें रुकने का इशारा किया।

    शिकायत के अनुसार, हरियाणा से पहले मिल रही धमकियों को ध्यान में रखते हुए जानी ने ड्राइवर से गाड़ी नहीं रोकने और आगे बढ़ने को कहा। आरोप है कि इसके बाद सफेद कार ने भी रफ्तार बढ़ा दी और उनकी SUV का पीछा करने लगी। जानी का दावा है कि पीछा कर रही कार बाईं ओर आई और उसमें सवार व्यक्ति ने हथियार निकाल लिया।

    खतरा महसूस हुआ तो कुंडली थाने की ओर मोड़ी गाड़ी
    जानी के मुताबिक, पीछा करने और हथियार दिखाए जाने की आशंका के बाद उन्होंने अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दी। ड्राइवर ने गाड़ी रोकने के बजाय सीधे कुंडली थाने की ओर रुख किया। इसके बाद उन्होंने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए शिकायत दर्ज कराई।

    शिकायत में जानी ने अपनी डिफेंडर SUV का रजिस्ट्रेशन नंबर UP15EV4454 बताया है। अब मामले में पुलिस की जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

    ‘उदयपुर फाइल्स’ और ‘काला हिरण’ को लेकर भी रहे चर्चा में
    अमित जानी फिल्म निर्माण से जुड़े हैं और ‘उदयपुर फाइल्स’, ‘ज्ञानवापी फाइल्स’ तथा ‘काला हिरण’ जैसी फिल्मों को लेकर चर्चा में रहे हैं। सलमान खान की जिंदगी से जुड़े विषय पर आधारित बताई जाने वाली फिल्म ‘काला हिरण’ के कारण भी उनका नाम सुर्खियों में आया था।

    जानी पहले सलमान खान से जुड़े धमकी के आरोप भी लगा चुके हैं। हालांकि, मौजूदा मामले में पीछा करने और हथियार दिखाने के उनके दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कथित घटना के पीछे कौन लोग थे और उनका मकसद क्या था।

  • ओम पुरी जयंती पर याद आया संघर्ष का वह दौर, जब ढाबे पर बर्तन मांजने वाले इस अभिनेता ने दुनिया में बनाई पहचान

    ओम पुरी जयंती पर याद आया संघर्ष का वह दौर, जब ढाबे पर बर्तन मांजने वाले इस अभिनेता ने दुनिया में बनाई पहचान

    नई दिल्ली ।भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ओम पुरी की जयंती 18 अक्टूबर को मनाई जाती है। 18 अक्टूबर 1950 को हरियाणा के अंबाला में जन्मे ओम पुरी ने अपने जीवन में गरीबी, पारिवारिक परेशानियों और संघर्ष का सामना किया। इसके बावजूद उन्होंने अभिनय की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। अपनी प्रभावशाली अदाकारी के दम पर उन्होंने न केवल हिंदी फिल्मों में नाम कमाया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उनका सफर उन कलाकारों में गिना जाता है, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत से अभिनय के क्षेत्र में उल्लेखनीय मुकाम हासिल किया।

    ओम पुरी का जन्म एक पंजाबी परिवार में हुआ था। उनके पिता भारतीय रेलवे में काम करते थे, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। उनके बचपन पर एक बड़ी परेशानी तब आई, जब वह लगभग छह साल के थे। उनके पिता को सीमेंट चोरी के आरोप में जेल भेज दिया गया था। इसके बाद परिवार के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट खड़ा हो गया। परिवार को घर छोड़ना पड़ा और कम उम्र में ही ओम पुरी तथा उनके भाई को जिम्मेदारियां उठानी पड़ीं।

    परिवार की मदद के लिए उनके भाई ने कुली का काम किया, जबकि ओम पुरी ने एक ढाबे पर बर्तन मांजे। वह आसपास से कोयला इकट्ठा करके भी लाते थे, ताकि घर में खाना बनाने के लिए चूल्हा जल सके। इन कठिन परिस्थितियों के बाद वह अपने ननिहाल चले गए, जहां उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी की। आर्थिक परेशानियों के बीच भी अभिनय के प्रति उनकी रुचि बनी रही और धीरे-धीरे यही रुचि उनके करियर का आधार बन गई।

    पढ़ाई के दौरान ओम पुरी ने एक वकील के यहां मुंशी के रूप में भी काम किया। एक बार नाटक में भाग लेने के कारण वह काम पर नहीं पहुंच सके, जिसके बाद वकील ने उन्हें नौकरी से हटा दिया। इस घटना के बाद उनके कॉलेज के प्राचार्य ने उन्हें रसायन विज्ञान प्रयोगशाला में सहायक की नौकरी दिलाई। कॉलेज में नाटकों में हिस्सा लेते हुए उनकी मुलाकात हरपाल और नीना तिवाना से हुई। उनके सहयोग से वह पंजाब कला मंच नामक नाट्य संस्था से जुड़े। इसके बाद अभिनय की दुनिया में आगे बढ़ने के लिए उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा का रुख किया।

    ओम पुरी ने वर्ष 1975 में बच्चों की फिल्म ‘चोर चोर छुप जा’ में काम किया। शुरुआती दौर में आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्होंने एक्टर्स स्टूडियो में भी काम किया। वहां गुलशन ग्रोवर और अनिल कपूर जैसे कलाकार उनके विद्यार्थी रहे। बाद में उन्होंने ‘घाशीराम कोतवाल’ के जरिए मुख्यधारा के सिनेमा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वर्ष 1983 में आई फिल्म ‘अर्ध सत्य’ उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल रही। इस फिल्म में उनके अभिनय ने उन्हें व्यापक पहचान दिलाई।

    टेलीविजन पर भी ओम पुरी ने अपनी प्रतिभा दिखाई। वर्ष 1988 में प्रसारित ‘भारत एक खोज’ में उन्होंने कई भूमिकाएं निभाईं। हिंदी के अलावा उन्होंने पंजाबी, मराठी, गुजराती, उर्दू और दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी काम किया। ‘आक्रोश’, ‘स्पर्श’, ‘मंडी’, ‘आरोहण’, ‘मिर्च मसाला’, ‘जाने भी दो यारो’, ‘चाची 420’, ‘हेराफेरी’ और ‘मालामाल वीकली’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदार दर्शकों के बीच लोकप्रिय हुए।

    उनकी अभिनय यात्रा भारतीय फिल्मों तक सीमित नहीं रही। ओम पुरी ने ‘ईस्ट इज ईस्ट’, ‘सिटी ऑफ जॉय’, ‘वुल्फ’ और ‘द घोस्ट एंड द डार्कनेस’ जैसी अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में भी काम किया। उनके अभिनय की खासियत यह थी कि वह अलग-अलग तरह की भूमिकाओं में सहजता से ढल जाते थे।अनिल कपूर के साथ जुड़ा एक किस्सा भी उनके शुरुआती दिनों की याद दिलाता है। एक नाटक में ओम पुरी को अमीर व्यक्ति की भूमिका निभानी थी। इसके लिए उन्होंने अपने विद्यार्थी अनिल कपूर से सोने की चेन मांगी थी। अनिल कपूर ने बिना देर किए अपनी चेन उन्हें दे दी थी।

    निजी जीवन में ओम पुरी ने दो शादियां की थीं। उनकी पहली पत्नी सीमा से तलाक के बाद उन्होंने नंदिता पुरी से विवाह किया। उनका एक बेटा ईशान है। ओम पुरी का निधन 6 जनवरी 2017 को 66 वर्ष की उम्र में हुआ था। अपने पीछे वह ऐसी फिल्मी विरासत छोड़ गए, जिसमें संघर्ष, विविधता और सशक्त अभिनय की छाप आज भी दिखाई देती है।

  • OTT पर देखिए ब्लैक विडो की खौफनाक मर्डर मिस्ट्री, तीन महिलाओं की कहानी जो पतियों से छुटकारा पाने के लिए बनाती हैं जानलेवा प्लान

    OTT पर देखिए ब्लैक विडो की खौफनाक मर्डर मिस्ट्री, तीन महिलाओं की कहानी जो पतियों से छुटकारा पाने के लिए बनाती हैं जानलेवा प्लान

    नई दिल्ली । ओटीटी पर सस्पेंस, थ्रिलर और डार्क कॉमेडी पसंद करने वाले दर्शकों के लिए ब्लैक विडो एक दिलचस्प विकल्प है। इस सीरीज की कहानी तीन महिलाओं के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी शादीशुदा जिंदगी से परेशान हैं और हालात से बाहर निकलने के लिए खतरनाक रास्ता चुनती हैं। कहानी में रहस्य, अपराध और अप्रत्याशित मोड़ एक साथ देखने को मिलते हैं। जैसे-जैसे घटनाएं आगे बढ़ती हैं, यह सवाल भी गहराता जाता है कि क्या तीनों महिलाएं अपनी साजिश को छिपा पाएंगी या पुलिस उनके राज तक पहुंच जाएगी।

    सीरीज में मोना सिंह, स्वास्तिका मुखर्जी और शमिता शेट्टी अहम भूमिकाओं में हैं। इनके अलावा शरद केलकर, सब्यसाची चक्रवर्ती, आमिल अली और रायमा सेन भी कलाकारों में शामिल हैं। अलग-अलग किरदारों और उनके आपसी संबंधों के जरिए कहानी को आगे बढ़ाया गया है। इसमें रिश्तों की उलझन, निजी परेशानियां और अपराध की योजना प्रमुख रूप से दिखाई देती हैं।

    कहानी की तीन मुख्य महिलाएं वीरा, जयंती और कविता हैं। तीनों अपनी शादीशुदा जिंदगी में मुश्किलों का सामना कर रही हैं। उनके लिए वैवाहिक रिश्ते तनाव और परेशानी का कारण बन चुके हैं। वे मानती हैं कि केवल तलाक लेने से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। इसी सोच के चलते वे अपने पतियों को रास्ते से हटाने की योजना बनाती हैं। उनकी साजिश के तहत वीकेंड पर झील के किनारे छुट्टियां बिताने के दौरान पतियों की हत्या करने का फैसला किया जाता है।

    योजना को अंजाम देने के लिए तीनों महिलाएं स्पीडबोट में बम लगाने की साजिश रचती हैं। उनका मकसद इस वारदात के जरिए अपने पतियों से हमेशा के लिए छुटकारा पाना होता है। शुरुआत में उनकी योजना सफल होती दिखाई देती है, लेकिन कहानी में जल्द ही एक नया मोड़ आता है। वीरा का पति जतिन इस घटना में बच जाता है और छिप जाता है। उसके बचने से तीनों महिलाओं के सामने नई मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं।

    घटना के बाद पुलिस जांच शुरू होती है। जांच अधिकारियों को धीरे-धीरे संदेह होने लगता है कि तीनों महिलाएं उतनी मासूम नहीं हैं, जितनी वे दिखाई देती हैं। उनके व्यवहार और घटना से जुड़े हालात के बीच संबंध तलाशने की कोशिश की जाती है। इसके बाद कहानी में संदेह, पूछताछ और साजिश से जुड़े सवाल अहम हो जाते हैं। पुलिस उन परिस्थितियों की पड़ताल करती है, जिनके कारण यह घटना हुई। हालांकि, तीनों महिलाओं तक पुलिस पहुंच पाती है या नहीं, इसका जवाब सीरीज देखने पर ही मिलता है।

    ब्लैक विडो की कहानी केवल एक हत्या की साजिश तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसमें उन महिलाओं की जिंदगी भी दिखाई जाती है, जो अपनी शादी में परेशानियों का सामना कर रही हैं। उनके रिश्तों में मौजूद तनाव और उससे बाहर निकलने की कोशिश कहानी को आगे बढ़ाती है। हालांकि, इस दौरान वे जिस रास्ते को चुनती हैं, वह उन्हें अपराध और उसके संभावित परिणामों के बीच खड़ा कर देता है। इसी वजह से कहानी में रिश्तों की जटिलता के साथ अपराध की गंभीरता भी बनी रहती है।

    सीरीज की खासियत इसके लगातार आने वाले ट्विस्ट और टर्न्स हैं। दर्शकों के सामने कई ऐसी परिस्थितियां आती हैं, जिनसे आगे की कहानी का अनुमान लगाना आसान नहीं होता। डार्क कॉमेडी के तत्वों के साथ सस्पेंस को बनाए रखने की कोशिश की गई है। कहानी में कुछ दृश्य प्रभावशाली हैं और कलाकारों के अभिनय से घटनाओं का असर बढ़ता है।

    तीनों मुख्य महिला कलाकारों के अभिनय को सीरीज का प्रमुख आकर्षण माना गया है। मोना सिंह, स्वास्तिका मुखर्जी और शमिता शेट्टी अपने-अपने किरदारों के जरिए कहानी को आगे ले जाती हैं। वहीं, शरद केलकर का किरदार भले ही अपेक्षाकृत कम समय के लिए दिखाई देता हो, लेकिन उनका अभिनय प्रभाव छोड़ता है। अन्य कलाकार भी कहानी के अलग-अलग हिस्सों में अपनी भूमिका निभाते हैं।

    अगर आपको रहस्य, अपराध और डार्क कॉमेडी वाली कहानियां पसंद हैं, तो ब्लैक विडो आपकी देखने की सूची में शामिल हो सकती है। तीन महिलाओं की खतरनाक योजना, एक पति का बच जाना और उसके बाद शुरू होने वाली पुलिस जांच इस सीरीज को सस्पेंस से भरपूर बनाती है।