Category: Entertainment

  • करणवीर बोहरा के पिता और फिल्म प्रोड्यूसर महेंद्र बोहरा का निधन, तेजा और टक्कर जैसी फिल्मों के निर्माता रहे

    करणवीर बोहरा के पिता और फिल्म प्रोड्यूसर महेंद्र बोहरा का निधन, तेजा और टक्कर जैसी फिल्मों के निर्माता रहे


    नई दिल्ली। अएक्टर करणवीर बोहरा ने सोशल मीडिया के जरिए अपने पिता और जाने-माने फिल्म प्रोड्यूसर महेंद्र बोहरा के निधन की जानकारी दी। महेंद्र बोहरा हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से कई दशकों से जुड़े थे और उन्होंने तेजा, टक्कर, प्यार का कर्ज और लश्कर जैसी फिल्मों का निर्माण किया।

    करणवीर ने इंस्टाग्राम पोस्ट में अपने पिता को याद करते हुए लिखा, “लव यू डैड। मैंने आपको शब्दों से ज्यादा मिस करूंगा। आपने एक अच्छी और पूरी जिंदगी जी।” उन्होंने बताया कि उनके पिता हमेशा कहते थे कि इस दुनिया से शांति से और बिना किसी तकलीफ के जाना चाहिए, और महेंद्र बोहरा ने ऐसा ही किया।

    एक्टर ने आगे कहा कि उनके पिता ने उन्हें और उनकी बहन को हिम्मत, उम्मीद और मेहनत करना सिखाया। उन्होंने लिखा, आपने मुझे सिखाया कि चाहे हालात कितने भी मुश्किल हों, उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। गिरो तो दोबारा खड़े होना चाहिए। जिंदगी को जोश और पॉजिटिविटी के साथ जीना चाहिए।

    करणवीर ने अपने पिता के पेशेवर जीवन की भी तारीफ की और कहा कि महेंद्र बोहरा ने उन्हें सिखाया कि एक्टर और प्रोड्यूसर दोनों के तौर पर मेहनत और क्रिएटिविटी की अहमियत समझना चाहिए। उनके पिता ने हमेशा अच्छा व्यवहार करना और सपने देखने की प्रेरणा दी।

    महेंद्र बोहरा हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में रामकुमार बोहरा के बेटे के रूप में आए और कई बड़े सितारों जैसे नसीरुद्दीन शाह, संजय दत्त, सुनील शेट्टी और सोनाली बेंद्रे के साथ काम किया। उनकी फिल्में दर्शकों में हमेशा यादगार रही हैं।

  • लारा दत्ता इमोशनल हुईं, बेटी के साथ दुबई में फंसीं: शूटिंग के दौरान धमाके और फाइटर जेट देखे

    लारा दत्ता इमोशनल हुईं, बेटी के साथ दुबई में फंसीं: शूटिंग के दौरान धमाके और फाइटर जेट देखे



    नई दिल्ली। एक्ट्रेस लारा दत्ता दुबई में अपनी बेटी सायरा के साथ वर्क ट्रिप पर थीं, जब अचानक वहां तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। लारा ने बताया कि 28 फरवरी को दुबई के एक स्टूडियो में शूटिंग के दौरान उन्हें ऊपर से तेज धमाके सुनाई दिए और आसमान में कई फाइटर जेट उड़ते दिखे। उन्होंने कहा कि हालात डराने वाले थे, लेकिन वह खुद को असुरक्षित महसूस नहीं कर रही थीं।

    लारा ने बताया कि धमाकों के समय उनका परिवार सुरक्षित विला में था, लेकिन खिड़कियां और दरवाजे हिल रहे थे। उन्होंने यूएई सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि वहां हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है और लोग अपने सामान्य कामों में लगे हुए हैं। लारा ने कहा कि फ्लाइट्स सीमित हैं, लेकिन वे मुंबई लौटने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उनकी बेटी और अन्य लोग इस तनावपूर्ण स्थिति से सुरक्षित रहें।

    एक्ट्रेस ने यह भी कहा कि किसी भी आम नागरिक को डर के माहौल में जीने का अधिकार नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्थिति जल्द सामान्य होगी और सही फैसले लिए जाएंगे।

    इस बीच दुबई में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण कई उड़ानें रद्द हुईं और हजारों यात्री फंसे। लारा ने वीडियो में अपने अनुभव साझा किए और इमोशनल होते हुए कहा कि हालात पिछले कुछ दिनों में काफी तनावपूर्ण रहे।

  • गोविंदा का छलका दर्द: बोले- "बदनामी हर बड़े एक्टर का हिस्सा", विरार वाले अंदाज में जब दी थी धमकियां देने वालों को मात!

    गोविंदा का छलका दर्द: बोले- "बदनामी हर बड़े एक्टर का हिस्सा", विरार वाले अंदाज में जब दी थी धमकियां देने वालों को मात!


    नई दिल्ली ।बॉलीवुड के नंबर 1अभिनेता गोविंदा इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ और पुराने विवादों को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। हाल ही में सिद्धार्थ कनन को दिए एक विशेष इंटरव्यू में गोविंदा ने अपने जीवन के उन पहलुओं पर खुलकर बात की, जिनसे उनके फैंस अब तक अनजान थे। गोविंदा ने बड़े ही बेबाक अंदाज में बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में एक ऐसा वक्त जरूर आता है, जब लगभग हर बड़े कलाकार को कड़वी आलोचनाओं और सोची-समझी बदनामी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इसे इंडस्ट्री का एक कड़वा दस्तूर बताया।

    बदनामी पर गोविंदा का दार्शनिक अंदाज
    जब गोविंदा से उनकी छवि को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बहुत ही गहराई से जवाब दिया। गोविंदा ने कहा कि ऐसा कभी नहीं होता कि ईश्वर ने आपको किसी विशेष प्रतिभा या सफलता से नवाजा हो और दुनिया में आपकी जबरदस्ती बदनामीन की जाए। अपनी बात को पुख्ता करने के लिए उन्होंने भारतीय सिनेमा के दिग्गज कलाकारों-अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना और आमिर खान का उदाहरण दिया। गोविंदा के अनुसार, इन महानायकों ने भी अपने करियर के चरम पर भारी आलोचनाएं और बदनामी झेली है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक बुरा ‘फेज’ होता है और उस कठिन समय से आप खुद को कैसे बाहर निकालते हैं, वही असली खेल है।

    कब जरूरी है पलटवार करना?
    अक्सर शांत रहने वाले गोविंदा ने स्पष्ट किया कि हमेशा हर बात पर प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं होता, लेकिन आत्म-सम्मान की रक्षा के लिए कभी-कभी बोलना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अगर आप चुप रहेंगे, तो लोग आपको ही गलत समझ लेंगे। ऐसे में सामने वाले को उसकी ही भाषा में जवाब देना अनिवार्य हो जाता है।इसी संदर्भ में उन्होंने एक बेहद हैरान कर देने वाला किस्सा साझा किया। गोविंदा ने बताया कि एक बार एक म्यूजिक डायरेक्टर के भाई उनके पास आए थे। उस शख्स को लगा कि गोविंदा का करियर अब खत्म हो चुका है और वह ‘फ्लॉप’ हो गए हैं। वह शख्स गोविंदा को धमकी देने लगा।

    विरार का अंदाज और वो धमकी
    गोविंदा ने उस वाकये को याद करते हुए बताया कि उन्होंने उस व्यक्ति को वहीं रोक दिया और कहा, सर, ये धमकी तो मैं तब भी नहीं सहता था जब मैं विरार के छोटे से कमरे में रहता था। जूता मारूंगा खींच के, सब भूल जाओगे! अभी उठो और बाहर निकलो।गोविंदा ने आगे उस शख्स को चेतावनी देते हुए कहा कि जो तुम आज मेरे साथ करने की कोशिश कर रहे हो, याद रखना कल को यह तुम्हारे साथ भी हो सकता है।

    लेट आने के आरोपों पर सफाई

    इंटरव्यू के दौरान गोविंदा ने उन आरोपों पर भी नाराजगी जताई जो अक्सर उनकी अनुशासनहीनता या सेट पर देरी से आने को लेकर लगाए जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक दौर ऐसा था जब उनके पास फिल्मों का इतना अंबार था कि हर जगह समय पर पहुँचना नामुमकिन था। हालांकि, उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वे इतने टैलेंटेड थे कि जो डायलॉग दूसरे कलाकार 6-6 घंटे रिहर्सल करके बोलते थे, वे उसे एक बार में ही परफेक्ट बोलकर निकल जाते थे। आज भी उनके फैंस उनके इसी हुनर के कायल हैं और उनकी पत्नी सुनीता के साथ चल रहे विवादों के बीच भी उनका पूरा समर्थन कर रहे हैं।

  • मिडिल ईस्ट वॉर और यश की 'टॉक्सिक' का क्या है कनेक्शन? जानें क्यों 19 मार्च की जगह अब 4 जून को मचेगा गदर!

    मिडिल ईस्ट वॉर और यश की 'टॉक्सिक' का क्या है कनेक्शन? जानें क्यों 19 मार्च की जगह अब 4 जून को मचेगा गदर!


    नई दिल्ली । कन्नड़ सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक’ की रिलीज डेट अचानक बदलने से फिल्म जगत और फैंस के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है। “रॉकिंग स्टार” यश ने एक आधिकारिक बयान जारी कर फिल्म को 19 मार्च के बजाय अब 4 जून को रिलीज करने का फैसला लिया है। इस फैसले के पीछे का सबसे प्रमुख और चौंकाने वाला कारण मिडिल ईस्ट क्राइसिस (US-Israel-Iran तनाव) बताया गया है। अक्सर लोग यह सोच सकते हैं कि सात समंदर पार चल रहे युद्ध या तनाव का एक भारतीय फिल्म की रिलीज से क्या लेना-देना हो सकता है, लेकिन इसके पीछे एक बहुत ही गहरा व्यापारिक और रणनीतिक कारण छिपा है।

    मिडिल ईस्ट: भारतीय फिल्मों का नया ‘पावर हाउस’
    आज के दौर में दुबई, सऊदी अरब और कतर जैसे देश भारतीय फिल्मों, खासकर साउथ और बॉलीवुड की एक्शन फिल्मों के लिए दुनिया के सबसे बड़े ओवरसीज मार्केट्स में से एक बन चुके हैं। बड़े बजट की फिल्मों, जैसे ‘KGF 2’, ‘जवान’ और ‘पठान’ की कुल कमाई का लगभग 15% से 25% हिस्सा अकेले इसी क्षेत्र से आता है। यश जानते हैं कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण सिनेमाघर बंद होते हैं या दर्शक सुरक्षा कारणों से बाहर नहीं निकलते, तो फिल्म को सीधे तौर पर 100 से 200 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हो सकता है।

    सिर्फ भारत का बॉक्स ऑफिस अब काफी नहीं
    आज की ‘पैन-इंडिया’ फिल्में 300 से 500 करोड़ के भारी बजट पर तैयार होती हैं। ऐसे में केवल भारतीय बॉक्स ऑफिस के भरोसे मुनाफा कमाना मुश्किल होता जा रहा है। यश ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि ‘टॉक्सिक’ को कन्नड़ और अंग्रेजी में शूट किया गया है, जिसका सीधा अर्थ है कि उनकी नजर केवल भारत पर नहीं, बल्कि वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर है। जब कोई निर्माता ‘ग्लोबल सिनेमा’ बनाने का दावा करता है, तो उसके लिए दुनिया की स्थिरता और सुरक्षा पहली प्राथमिकता बन जाती है।

    एक तीर से दो निशाने: क्लैश का खतरा टला
    रिलीज डेट आगे बढ़ाने का फायदा केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि भारतीय बॉक्स ऑफिस पर भी मिलेगा। 19 मार्च को रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ के साथ क्लैश होने से दोनों फिल्मों का बिजनेस बंटने का खतरा था। अब ‘टॉक्सिक’ के हटने से ‘धुरंधर 2’ को सोलो रिलीज का मौका मिलेगा, जिससे क्लैश की वजह से होने वाला घाटा कम होगा। साथ ही, यश अब जून में बिना किसी बड़े मुकाबले के हिंदी दर्शकों को अधिक प्रभावी ढंग से आकर्षित कर पाएंगे।

    4 जून ही क्यों?
    फिल्म जानकारों का मानना है कि जून तक मिडिल ईस्ट के हालात सुधरने की उम्मीद है, जिससे फिल्म को एक बड़ी ‘विंडो’ मिल सकेगी। इसके अलावा, 4 जून के आसपास कोई बड़ी हाइप वाली फिल्म रिलीज नहीं हो रही है, जिससे ‘टॉक्सिक’ को लंबी रनिंग और रिकॉर्ड तोड़ कमाई का अवसर मिलेगा।

    मिडिल ईस्ट में भारतीय फिल्मों का जलवा (पिछला रिकॉर्ड)
    खाड़ी देशों में भारतीय फिल्मों की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ‘पठान’ ने पहले पांच दिनों में वहाँ से 26.20 मिलियन डॉलर का बिजनेस किया था, जबकि ‘जवान’ ने UAE से लगभग 9.2 मिलियन कमाए थे। खुद यश की ‘KGF: चैप्टर 2’ ने UAE में 8.15 मिलियन डॉलर का रिकॉर्ड बनाया था।

    सार: रचनात्मकता के साथ ग्लोबल बिजनेस विजन

    फिल्म ‘टॉक्सिक’ को पोस्टपोन करना पूरी तरह से एक सधा हुआ बिजनेस डिसीजन है। यह साफ दिखाता है कि आज का भारतीय फिल्म निर्माता केवल अपनी कला तक सीमित नहीं है, बल्कि वह एक ग्लोबल बिजनेसमैन की तरह सोच रहा है। मिडिल ईस्ट में शांति केवल राजनीति के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के ‘1000 करोड़ी क्लब’ के सपने को पूरा करने के लिए भी बेहद जरूरी है।

  • 'बलि का बकरा' बनाए जाते हैं सेलेब्स, अर्जुन कपूर के बचाव में बोलीं जाह्नवी, कहा- करीब से देखा है कैसे..

    'बलि का बकरा' बनाए जाते हैं सेलेब्स, अर्जुन कपूर के बचाव में बोलीं जाह्नवी, कहा- करीब से देखा है कैसे..

    मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने सोशल मीडिया पर आए दिन होने वाली सेलेब्रिटीज की ट्रोलिंग और अपने भाई अर्जुन कपूर के खिलाफ फैलाई जा रही नफरत पर खुलकर बात की है। जाह्नवी ने साफ कहा है कि इंटरनेट पर लोगों द्वारा दी लिखी जाने वाली राय उनके लिए खास मायने नहीं रखती, लेकिन जब बात सोशल मीडिया पर बुली या हैरास किए जाने की आती है, तो इसके लिए कोई बहाना नहीं हो सकता। जाह्नवी कपूर ने साफ कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स सेलेब्रिटीज को बलि के बकरे की तरह इस्तेमाल करते हैं, और उनका मकसद किसी भी तरह वायरल होना या फिर ज्यादा से ज्यादा व्यूज पाना होता है।
    बलि के बकरे की तरह इस्तेमाल होते हैं सेलेब

    ग्रेजिया मैगजीन के साथ बातचीत में सोशल मीडिया कल्चर पर अपनी राय रखते हुए जाह्नवी ने कहा कि आज हर कोई वायरल होना और ज्यादा व्यूज पाना चाहता है।

    जाह्नवी ने कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स सेलेब्रिटीज को बलि के बकरे की तरह इस्तेमाल करते हैं। जाह्नवी ने कहा, ‘वो सिर्फ क्लिकबेट और एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए आपके नाम का इस्तेमाल करते हैं। जब आप इसे इस नजरिए से देखते हैं, तो आपको समझ आता है कि उनकी बातों का आपसे कोई लेना-देना नहीं है। तब आप इन चीजों को दिल से लगाना कम कर देते हैं।’
    ‘मैंने कई बार अपने भाई के साथ ये होते देखा’

    इसी बातचीत के दौरान जाह्नवी ने अपने सौतेले भाई अर्जुन कपूर के साथ पिछले दिनों हुई सोशल मीडिया बुलीइंग और एक्टर पर उसके असर का भी जिक्र किया। अपने भाई का बचाव करते हुए जाह्नवी ने कहा कि उन्होंने करीब से देखा है कैसे अर्जुन को बुली किया जाता है। जाह्नवी कपूर ने कहा, ‘हर कोई वह कर रहा है जो उन्हें करना है, सब घर चलाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन जब यह हैरासमेंट में बदल जाता है, जैसा कि मैंने कई बार अपने भाई के साथ होते देखा है, तो इस तरह के बर्ताव का कोई बहाना नहीं हो सकता। नफरत सिर्फ नफरत को बढ़ावा देती है, और आपको बस इससे खुद को दूर कर लेना चाहिए।’
    जब अर्जुन कपूर ने बयां किया था अपना हाल

    बता दें कि पिछले कुछ महीनों में अर्जुन कपूर को उनकी एक्टिंग और पर्सनल लाइफ को लेकर काफी ट्रोल किया गया है। पिछले महीने अपनी दिवंगत मां मोना शौरी कपूर की जयंती पर अर्जुन ने एक इमोशनल नोट लिखा था। जिसमें उन्होंने स्वीकार किया था कि पिछले कुछ समय से जिंदगी उनके लिए बहुत बेरहम रही है, लेकिन वह ठीक हो जाएंगे। अर्जुन कपूर ने इसी पोस्ट में कई ऐसी बातें लिखी थीं जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों में उनके लिए फिक्र तो बढ़ी ही, साथ ही लोगों को यह भी समझ में आया कि उन दिनों अर्जुन किस तरह की मानसिक स्थिति से गुजर रहे थे। उनकी इस पोस्ट के बाद कई फैंस ने उनके सपोर्ट में कमेंट किए थे।

  • धुरंधर स्टार आयशा खान बोलीं, 'मेरे साथ रेप की कोशिश हुई…

    धुरंधर स्टार आयशा खान बोलीं, 'मेरे साथ रेप की कोशिश हुई…

    नई दिल्ली. बिग बॉस 17 फेम और धुरंधर फिल्म की स्टार आयशा खान ने हाल ही में महिलाओं की सार्वजनिक जीवन में आने वाली चुनौतियों पर खुलकर बात की. मोजो स्टोरी के एक हालिया समिट में बोलते हुए, आयशा ने ऑनलाइन सेक्शुअलाइजेशन, यौन हिंसा की धमकियों और अपनी जिंदगी में रेप की कोशिश जैसे दर्दनाक अनुभवों को साझा किया. उन्होंने बताया कि शरारत गाने की शूटिंग के दौरान पीरियड्स में होने की अपनी ईमानदार कबूलनामी के बाद उन्हें बड़े पैमाने पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. उन्होंने न सिर्फ रोजाना मिलने वाली रेप की धमकियों का खुलासा किया, बल्कि यह भी बताया कि कैसे एक समय उनके साथ रेप की कोशिश की गई थी.
    अपने करियर की शुरुआत से ही आयशा सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार रही हैं.
    उन्होंने बताया कि जब उन्होंने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्होंने पीरियड्स के दौरान ‘धुरंधर’ फिल्म का ‘शरारत’ गाना शूट किया था, तो उन्हें जमकर ट्रोल किया गया. उन्होंने कहा कि यह घटना तो महज एक उदाहरण है, असल दर्द इससे कहीं गहरा है.
    आयशा ने कहा कि इंस्टाग्राम पर लगभग रोजाना उनके शरीर को लेकर अश्लील कमेंट्स किए जाते हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं सामान्य टॉप पहनूं तो लोगों को प्रॉब्लम है, स्कर्ट पहनूं तो भी प्रॉब्लम है. मुझे यह सोचना पड़ता है कि पोस्ट करने से पहले क्या पहनूं.’
    उन्होंने स्वीकार किया कि इस तरह के माहौल में रहना मानसिक रूप से बेहद दुखद है. ‘अगर मैं कुछ पहनने या पोस्ट करने से पहले यह सोचूं कि कहीं कोई मुझे गलत न समझ ले तो यह कितनी दुखद मानसिकता है
    जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें ऑनलाइन रेप की धमकियां मिलती हैं, तो उनका जवाब चौंकाने वाला था. उन्होंने कहा, ‘हां, हर रोज. मैं अभी अपना फोन खोलकर आपको दिखा सकती हूं’. उन्होंने कहा कि पब्लिक फिगर होने के नाते यह समस्या सदियों से चली आ रही है और इंडस्ट्री की हर महिला कभी न कभी इससे गुजरती है.
    उन्होंने कहा कि कमेंट्स में लोग लिखते हैं कि अगर उनमें ताकत होती तो वे उसके साथ सब कुछ कर गुजरते, जो उन्हें डराता है क्योंकि ये असली इंसान हैं जो हमारे आसपास ही रहते हैं. इस दौरान आयशा ने अपनी जिंदगी के सबसे दर्दनाक पल को भी साझा किया.
    भावुक होते हुए उन्होंने बताया, ‘मेरे साथ रेप की कोशिश हुई थी. मैं इस बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहती, लेकिन कभी-कभी यह जख्म हरा हो जाता है.’ उन्होंने कहा कि ऑनलाइन मिलने वाली धमकियां उस पुराने घाव को कुरेद देती हैं. उन्हें डर होता है कि कहीं वह हादसा दोबारा न हो जाए, खासकर तब जब वह सेट पर होती हैं या कहीं ट्रैवल कर रही होती हैं
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    अपने असल जिंदगी के एक और डरावने अनुभव को शेयर करते हुए आयशा ने बताया कि एक बार वह फिल्म की शूटिंग कर रही थीं और उनके पिता भी वहां मौजूद थे. अचानक उन्होंने इंस्टाग्राम चेक किया तो देखा कि लंबे समय से एक शख्स उन्हें लगातार वॉयस नोट्स भेज रहा था.
    पड़ताल करने पर पता चला कि वह शख्स उनके सेट पर ही एक स्पॉटबॉय था. आयशा ने तुरंत इसकी शिकायत अपने पिता और प्रोडक्शन टीम से की, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई हुई. हालांकि, इस घटना ने उन्हें यह एहसास करा दिया कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दुनिया के बीच की दूरी बहुत कम है.
  • तिहाड़ में मैं हर पल मौत मांगती थी': एक्ट्रेस संदीपा विर्क का छलका दर्द, जेल की गंदी दीवारों के पीछे बिताए वो 4 भयानक महीने

    तिहाड़ में मैं हर पल मौत मांगती थी': एक्ट्रेस संदीपा विर्क का छलका दर्द, जेल की गंदी दीवारों के पीछे बिताए वो 4 भयानक महीने


    नई दिल्ली :ग्लेमर की चकाचौंध और लाखों फॉलोअर्स की लोकप्रियता के पीछे कभी-कभी ऐसे काले अध्याय छिपे होते हैं, जो किसी की भी रूह कंपा दें। ‘हनी ट्रैप स्क्वाड’ और साउथ की बड़ी फिल्मों में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस, इन्फ्लुएंसर और कॉस्मेटिक एक्सपर्ट संदीपा विर्क ने हाल ही में अपने जीवन के सबसे अंधकारमय समय का खुलासा किया है। पिछले साल अगस्त में प्रवर्तन निदेशालय ईडी द्वारा 6 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार होने के बाद, संदीपा को देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली ‘तिहाड़ जेल’ में चार महीने बिताने पड़े। सिमरन जोत मक्कर के साथ एक भावुक बातचीत में संदीपा ने जेल के उन दिनों को याद किया, जहाँ वे मानसिक और शारीरिक रूप से इस कदर टूट गई थीं कि खुद के लिए मौत की दुआ मांगने लगी थीं।

    संदीपा ने भरे गले से बताया कि तिहाड़ जेल का अनुभव किसी नरक से कम नहीं था। उन्होंने जेल के अमानवीय हालातों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के वॉशरूम इस कदर गंदे थे कि उन्हें देखकर ही उनकी हिम्मत जवाब दे जाती थी। कैदियों को जमीन पर सोना पड़ता था और खाने की गुणवत्ता बेहद खराब थी। संदीपा के अनुसार, वहां बिताए वक्त ने उनके स्वास्थ्य पर इतना बुरा असर डाला कि वे बिना किसी सहारे के खड़ी होने में भी असमर्थ हो गई थीं। उन्होंने बताया कि जेल में कुछ महिला पुलिसकर्मी तो दयालु थीं, लेकिन कुछ का व्यवहार कैदियों के प्रति बेहद क्रूर था। संदीपा ने कहा, “मैं भगवान से पूछती थी कि मैंने ऐसा क्या किया है जो मुझे ये दिन देखने पड़ रहे हैं, तिहाड़ ऐसी जगह है जहाँ मैं अपने दुश्मनों को भी कभी न भेजूं।”

    इस पूरे मामले में सबसे अधिक भावनात्मक क्षण वह होता था जब उनके वृद्ध माता-पिता उनसे मिलने जेल आते थे। संदीपा ने रोते हुए कहा कि उन्हें उस समय सबसे ज्यादा ग्लानि महसूस होती थी कि उनकी वजह से उनके परिवार को जेल की दहलीज लांघनी पड़ रही है। उन्होंने अपने भाई-बहन और माता-पिता के प्रति आभार व्यक्त किया जो इस कठिन दौर में उनके साथ चट्टान की तरह खड़े रहे। संदीपा का दावा है कि वे पूरी तरह निर्दोष हैं और उन्हें धोखाधड़ी के एक ऐसे मामले में फंसाया गया है जिससे उनका सीधा लेना-देना नहीं था।

    एक्ट्रेस ने यह भी साझा किया कि जेल जाने के बाद फिल्म इंडस्ट्री का असली चेहरा उनके सामने आ गया। कई करीबी दोस्तों और बड़े प्रोड्यूसर्स ने उन्हें अनफॉलो कर दिया और उनसे दूरी बना ली। बता दें कि ईडी ने संदीपा को 14 अगस्त, 2025 को गिरफ्तार किया था और करीब चार महीने हिरासत में रहने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने 27 दिसंबर, 2025 को उन्हें जमानत दी। कोर्ट ने माना कि मुकदमा लंबा चल सकता है और वे पहले ही काफी समय जेल में बिता चुकी हैं। फिलहाल संदीपा खुद को निर्दोष साबित करने की जंग लड़ रही हैं और अपने ‘कर्मा’ पर विश्वास रखते हुए जीवन की नई शुरुआत करने की कोशिश कर रही हैं।

  • अहान पांडे का चौंकाने वाला खुलासा: एक्सीडेंट ने शरीर को कर दिया था 'जीरो', अब अली अब्बास जफर की एक्शन फिल्म के लिए कर रहे हैं महा-ट्रांसफॉर्मेशन

    अहान पांडे का चौंकाने वाला खुलासा: एक्सीडेंट ने शरीर को कर दिया था 'जीरो', अब अली अब्बास जफर की एक्शन फिल्म के लिए कर रहे हैं महा-ट्रांसफॉर्मेशन


    नई दिल्ली :बॉलीवुड के उभरते हुए सितारे अहान पांडे के लिए साल 2025 खुशियों और चुनौतियों का एक मिला-जुला सफर रहा है। एक तरफ जहाँ मोहित सूरी द्वारा निर्देशित उनकी फिल्म “सैयारा” ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए झंडे गाड़े और उन्हें एक रोमांटिक स्टार के रूप में स्थापित किया, वहीं दूसरी तरफ पर्दे के पीछे अहान एक ऐसे दर्दनाक दौर से गुजर रहे थे, जिससे वे पूरी तरह टूट सकते थे। हाल ही में एक साक्षात्कार में अहान ने खुलासा किया कि “सैयारा” की रिलीज के ठीक बाद उन्हें कंधे की एक बेहद जटिल और दर्दनाक सर्जरी करानी पड़ी थी। यह सर्जरी एक पुराने स्नोमोबाइल एक्सीडेंट का नतीजा थी, जिसके कारण उनका कंधा ‘सब्लक्सेशन’ (आंशिक रूप से खिसक जाना) का शिकार हो गया था।

    हैरान करने वाली बात यह है कि अहान ने इस पूरी शारीरिक पीड़ा और संघर्ष को दुनिया से छिपाकर रखा। सर्जरी के बाद अभिनेता कई महीनों तक प्लास्टर में रहे और उनकी स्थिति ऐसी थी कि वे ठीक से हिल भी नहीं पा रहे थे। डॉक्टरों ने तो उन्हें यहाँ तक चेतावनी दे दी थी कि सर्जरी के बाद उनका शरीर ‘जीरो’ के स्तर पर पहुँच जाएगा और अगली फिल्म के लिए फिट बॉडी बनाना उनके लिए लगभग नामुमकिन होगा। अहान ने बताया कि रिकवरी का वह समय उनके लिए मानसिक रूप से भी कठिन था क्योंकि वे वजन उठाने तक की अनुमति नहीं रखते थे। इस दौरान सोशल मीडिया से उनकी दूरी को लेकर लोग उनकी माँ डिएन पांडे से सवाल पूछने लगे थे कि अहान का वजन इतना कम क्यों हो रहा है, लेकिन अहान खामोशी से अपनी वापसी की तैयारी कर रहे थे।

    अहान पांडे ने अपनी इस कमजोरी को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। उन्होंने बताया कि जहाँ अन्य कलाकार अनहेल्दी बॉडी से हेल्दी बॉडी का सफर तय करते हैं, वहीं उन्हें एक गंभीर चोट से उबरकर खुद को फिर से तैयार करना पड़ा। अब अहान पूरी तरह फिट हैं और अली अब्बास जफर की अगली अनाम एक्शन-रोमांटिक फिल्म के लिए जबरदस्त ‘फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन’ में जुटे हुए हैं। इस फिल्म में वे अभिनेत्री शरवरी के साथ नजर आएंगे। एक साल तक बिस्तर पर रहने और डॉक्टरों की आशंकाओं को गलत साबित करते हुए अहान अब बड़े पर्दे पर एक नए अवतार में धमाका करने को तैयार हैं।

  • शशि कपूर के हाथों मिला पहला अवॉर्ड और आर.के. स्टूडियो की वो रातें; अनिल कपूर ने खोल दिए करियर के सुनहरे राज

    शशि कपूर के हाथों मिला पहला अवॉर्ड और आर.के. स्टूडियो की वो रातें; अनिल कपूर ने खोल दिए करियर के सुनहरे राज


    नई दिल्ली :बॉलीवुड के ‘झक्कास’ अभिनेता अनिल कपूर आज भले ही वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हों, लेकिन उनके करियर की नींव बेहद सादगी और संघर्ष के साथ पड़ी थी। हाल ही में गेमिंग रियलिटी शो ‘व्हील ऑफ फॉर्च्यून’ में अक्षय कुमार के साथ बातचीत के दौरान अनिल कपूर ने अपने जीवन के उन पन्नों को पलटा, जो आज की पीढ़ी के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं हैं। अभिनेता ने भावुक होते हुए बताया कि उनके पेशेवर सफर की शुरुआत साल 1976 में मुंबई के वर्ली स्थित दूरदर्शन स्टूडियो से हुई थी। उस समय एक छोटे से कार्यक्रम में परफॉर्म करने के बदले उन्हें पहली कमाई के रूप में मात्र 250 रुपये मिले थे। अनिल कपूर के लिए वह महज एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि उनके हुनर पर लगी पहली मुहर थी, जिसने उन्हें भविष्य का सुपरस्टार बनने का आत्मविश्वास दिया।

    अपने कॉलेज के दिनों को याद करते हुए अनिल कपूर ने एक दिलचस्प वाकया साझा किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पहली बार एक नाटक में हिस्सा लिया, तो वहां मुख्य अतिथि के रूप में दिग्गज अभिनेता शशि कपूर मौजूद थे। अनिल की प्रतिभा से प्रभावित होकर शशि कपूर ने उन्हें ‘बेस्ट एक्टर’ की ट्रॉफी से नवाजा। उस पल को याद करते हुए अभिनेता ने कहा कि महान कलाकार के हाथों मिले उस सम्मान ने ही उन्हें यकीन दिलाया कि वे अभिनय की दुनिया में लंबी रेस का घोड़ा साबित हो सकते हैं। हालांकि, अनिल आज भी अपने उस शुरुआती दौर की रिकॉर्डिंग तलाश रहे हैं, ताकि वे देख सकें कि पांच दशक पहले वे स्क्रीन पर कैसे दिखते और अभिनय करते थे, लेकिन अफसोस कि वह क्लिप अब तक नहीं मिल पाई है।

    बातचीत का सिलसिला जब उनके करियर के सबसे प्रतिष्ठित गाने ‘धक-धक करने लगा’ पर पहुँचा, तो अनिल कपूर ने कई राज खोले। फिल्म ‘बेटा’ के इस कालजयी गाने को लेकर उन्होंने विनम्रता से कहा कि यह गाना पूरी तरह से माधुरी दीक्षित का है और उन्होंने केवल उनका साथ निभाया था। अक्षय कुमार के टोकने पर कि यह गाना दोनों की मेहनत का फल है, अनिल ने बताया कि इसकी शूटिंग बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हुई थी। मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान के निर्देशन में आर.के. स्टूडियो में फिल्माए गए इस गाने की शूटिंग रातों में होती थी। उन दिनों अनिल और माधुरी दोनों ही दिन में दो-दो अलग फिल्मों की शूटिंग कर रहे थे और थकान के बावजूद रात भर जागकर ‘धक-धक’ गाने को पूरा किया गया। आज भी इस गाने में जो ऊर्जा और ताजगी नजर आती है, उसके पीछे उन सितारों की रातों की नींद और समर्पण छिपा है

  • सिनेमा जगत में महासंग्राम: रणवीर बनाम फरहान विवाद में कूदे आमिर खान और ऋतिक रोशन, क्या कानूनी दांवपेच से सुलझेगी गुत्थी?

    सिनेमा जगत में महासंग्राम: रणवीर बनाम फरहान विवाद में कूदे आमिर खान और ऋतिक रोशन, क्या कानूनी दांवपेच से सुलझेगी गुत्थी?


    नई दिल्ली :भारतीय सिनेमा जगत की सबसे चर्चित फ्रेंचाइजी में से एक डॉन 3 इन दिनों अपनी कास्टिंग या स्क्रिप्ट से ज्यादा, अभिनेता रणवीर सिंह और निर्देशक फरहान अख्तर के बीच बढ़ते विवाद को लेकर सुर्खियों में है। पिछले ढाई साल से जिस प्रोजेक्ट का इंतजार दर्शक बेसब्री से कर रहे थे, अब वह कानूनी पचड़ों और आपसी मतभेदों की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। ताजा खबरों के मुताबिक, रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच का यह मनमुटाव इस कदर बढ़ गया है कि अब बॉलीवुड के ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ आमिर खान और ऋतिक रोशन जैसे दिग्गजों को बीच-बचाव के लिए आगे आना पड़ा है।

    विवाद की मुख्य जड़ फिल्म से रणवीर सिंह का अचानक बाहर होना और उसके बाद फरहान की प्रोडक्शन कंपनी द्वारा मांगे गए 40 करोड़ रुपये के मुआवजे को माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, प्रोडक्शन हाउस का दावा है कि रणवीर के हटने से उन्हें भारी वित्तीय नुकसान हुआ है, जबकि रणवीर सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस हर्जाने के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया की एक हालिया रिपोर्ट ने इस मामले में नया मोड़ दे दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस गंभीर आर्थिक और पेशेवर गतिरोध को सुलझाने के लिए आमिर खान, ऋतिक रोशन, राजकुमार हिरानी, जोया अख्तर, साजिद नाडियाडवाला और रमेश तौरानी जैसे बड़े फिल्ममेकर्स ने एक गुप्त मीटिंग की है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कानूनी कार्रवाई से बचते हुए आपसी सहमति से कोई बीच का रास्ता निकालना था।

    रणवीर सिंह ने इस मामले पर अपना कड़ा रुख अपनाते हुए फरहान अख्तर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अभिनेता का कहना है कि फरहान इस प्रोजेक्ट को लेकर कभी पूरी तरह गंभीर नहीं थे। रणवीर के अनुसार, उन्हें लीड रोल के लिए साइन करने के बावजूद फरहान समानांतर रूप से ऋतिक रोशन से भी बातचीत कर रहे थे। इसके अलावा, रणवीर का आरोप है कि फिल्म की स्क्रिप्ट तैयार नहीं थी और जब उन्होंने कुछ बदलावों का सुझाव दिया, तो मेकर्स ने उसे सिरे से खारिज कर दिया। इन्हीं रचनात्मक मतभेदों और विश्वास की कमी के चलते रणवीर ने खुद को डॉन 3 से अलग करना ही बेहतर समझा।

    दूसरी ओर, प्रोड्यूसर गिल्ड ऑफ इंडिया ने भी अब इस मामले में सक्रियता दिखाई है और जरूरत पड़ने पर कानूनी विशेषज्ञों की मदद लेने की बात कही है। जहाँ एक तरफ डॉन के रूप में अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान की विरासत को आगे बढ़ाने का सपना अधूरा दिखता नजर आ रहा है, वहीं दूसरी तरफ रणवीर सिंह का पूरा ध्यान अपनी हालिया ब्लॉकबस्टर फिल्म धुरंधर की सफलता पर है। पिछले साल बॉक्स ऑफिस हिला देने वाली धुरंधर के बाद, अब इसका दूसरा भाग यानी धुरंधर 2 आगामी 19 मार्च को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। दिलचस्प बात यह है कि उसी दिन साउथ सुपरस्टार यश की फिल्म टॉक्सिक भी रिलीज हो रही है, जिससे बॉक्स ऑफिस पर एक बड़े क्लैश की संभावना बनी हुई है। अब देखना यह होगा कि फिल्म जगत के दिग्गज डॉन 3 के इस विवाद को सुलझा पाते हैं या यह मामला कोर्ट की दहलीज तक पहुंचेगा।