Category: Entertainment

  • तापसी पन्नू का इंडस्ट्री पर बड़ा प्रहार: "चाहे साउथ हो या बॉलीवुड, सबको क्लीवेज और कमर से ऑब्सेशन है!

    तापसी पन्नू का इंडस्ट्री पर बड़ा प्रहार: "चाहे साउथ हो या बॉलीवुड, सबको क्लीवेज और कमर से ऑब्सेशन है!


    नई दिल्ली। अपनी बेहतरीन अदाकारी और बेबाक बयानों के लिए मशहूर अभिनेत्री तापसी पन्नू एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल ही में फिल्म ‘अस्सी’ (80) में अपनी परफॉरमेंस के लिए वाहवाही बटोर रहीं तापसी ने ग्लैमर वर्ल्ड के उस काले सच से पर्दा उठाया है, जिसे अक्सर दबा दिया जाता है। तापसी का कहना है कि फिल्म इंडस्ट्री, चाहे वह बॉलीवुड हो या साउथ, महिलाओं के खास बॉडी पार्ट्स को लेकर एक अजीब तरह के ‘ऑब्सेशन’ (जुनून) का शिकार है।

    एक हालिया इंटरव्यू में तापसी ने स्पष्ट किया कि उनके पिछले बयानों को लोगों ने गलत तरीके से समझा। उन्होंने उत्तर बनाम दक्षिण का मुद्दा नहीं बनाया था, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री की मानसिकता पर सवाल उठाए थे। तापसी ने कहा, “मुद्दा यह नहीं है कि कौन सा हिस्सा हाइलाइट किया जा रहा है, मुद्दा यह है कि यह एक तरह की ‘ताड़ना’ है। लोग कहते हैं कि साउथ में कमर (मिडरिफ) पर फोकस होता है और हिंदी फिल्मों में क्लीवेज पर, लेकिन मेरे लिए यह सिर्फ एक ऑब्सेशन है जो दोनों जगह मौजूद है।”

    तापसी ने अपने करियर के शुरुआती दिनों का एक बेहद असहज कर देने वाला किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि जब वह साउथ की फिल्मों में काम कर रही थीं, तब उन्हें ब्रा में पैड लगाने (Padding) के लिए कहा गया था। तापसी ने बताया कि सेट पर जब महिलाएं कम होती हैं, तो इस तरह की बातें कहना डायरेक्टर के लिए भी अजीब होता है, इसलिए वे किसी और के जरिए यह संदेश भिजवाते हैं। उन्होंने उस असहज प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा, “जब हिरोइन वैन से बाहर आती है, तो डायरेक्टर को चेक करना होता है कि जो लुक उन्होंने चाहा था, वह मिला या नहीं। यह पूरा प्रोसेस एक कलाकार के लिए बहुत अनकम्फर्टेबल होता है।”

    बॉलीवुड में अपने सफर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यहां उन्हें कभी कमर दिखाने या पैडिंग के लिए मजबूर नहीं किया गया, क्योंकि उन्होंने यहां ज्यादा ग्लैमरस रोल नहीं किए। हालांकि, करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने डायरेक्टर्स की इन मांगों को एक हद तक माना भी। तापसी के अनुसार, तब मैं नई थी और मुझे लगता था कि डायरेक्टर ‘शिप का कैप्टन’ है, उसे सब पता होगा। जब आप देखते हैं कि बाकी सभी हिरोइनें ऐसा कर रही हैं, तो आप भी इसे प्रोफेशन का हिस्सा मान लेते हैं।” तापसी का यह बयान अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो इंडस्ट्री में महिलाओं के चित्रण और जेंडर सेंसिटिविटी पर नई बहस छेड़ रहा है।

  • O Romeo 14वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर छाया, शाहिद कपूर-विशाल भारद्वाज की फिल्म ने कमाए 61.55 करोड़

    O Romeo 14वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर छाया, शाहिद कपूर-विशाल भारद्वाज की फिल्म ने कमाए 61.55 करोड़


    नई दिल्ली। शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज की नई फिल्म ‘ओ रोमियो’ ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है। 13 फरवरी को रिलीज हुई इस फिल्म में शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी लीड रोल में हैं और दोनों पहली बार स्क्रीन शेयर कर रहे हैं। फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स से शानदार प्रतिक्रिया मिली है।

    रिलीज के पहले दिन फिल्म ने 8.5 करोड़ रुपये की कमाई से शुरुआत की थी और वीकेंड के दौरान रफ्तार बढ़ती रही। बुधवार और गुरुवार को 1.25 करोड़ की कमाई के साथ 14वें दिन तक फिल्म की कुल कमाई 61.55 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। बॉक्स ऑफिस पर इसे रानी मुखर्जी की ‘मर्दानी 3’, सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ और शनाया कपूर की ‘तू या मैं’ जैसी फिल्मों का मुकाबला भी मिला।

    फिल्म में नाना पाटेकर, अविनाश मिश्रा, फरीदा जलाल, दिशा पाटनी और तमन्ना भाटिया जैसे कलाकारों ने भी अहम भूमिका निभाई है। यह शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज की चौथी फिल्म है, इससे पहले दोनों ने ‘कमीने’, ‘हैदर’ और ‘रंगून’ में साथ काम किया था। आईएमडीबी रेटिंग 6.4 के साथ फिल्म ने दर्शकों को अपनी कहानी और प्रदर्शन से मंत्रमुग्ध कर दिया है।

    कुल मिलाकर, ‘ओ रोमियो’ ने अपने दमदार कंटेंट, स्टार कास्ट और शानदार बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के साथ 2027 की सबसे चर्चित फिल्मों में अपना नाम दर्ज कर लिया है।

  • राजामौली का दावा: 'वाराणसी' में बाहुबली से भी ज्यादा भव्य और दमदार सिनेमाई अनुभव

    राजामौली का दावा: 'वाराणसी' में बाहुबली से भी ज्यादा भव्य और दमदार सिनेमाई अनुभव



    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के दिग्गज निर्देशक एस. एस. राजामौली इन दिनों अपनी मेगा बजट फिल्म ‘वाराणसी’ को लेकर सुर्खियों में हैं। करीब 1300 करोड़ रुपये के बजट में बन रही यह एक्शन-एडवेंचर फिल्म अगले साल रिलीज के लिए तैयार बताई जा रही है। फिल्म में महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा जोनास और पृथ्वीराज सुकुमारन लीड रोल में नजर आएंगे। रिलीज से पहले ही यह प्रोजेक्ट देश-विदेश में जबरदस्त चर्चा बटोर रहा है।

    हैदराबाद स्थित अन्नपूर्णा स्टूडियो में हाल ही में शुरू हुई अत्याधुनिक मोशन कैप्चर फैसिलिटी में फिल्म के कई अहम सीक्वेंस शूट किए गए हैं। राजामौली का कहना है कि यह भारत की सबसे उन्नत मो-कैप लैब में से एक है, जहां हाई-प्रिसिजन टेक्नोलॉजी के जरिए बड़े और जटिल दृश्यों को पहले से ज्यादा प्रभावशाली ढंग से फिल्माया जा सकता है।

    इसी दौरान राजामौली ने अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म बाहुबली: द बिगिनिंग का जिक्र करते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर उस समय भारत में इतनी एडवांस मोशन कैप्चर तकनीक उपलब्ध होती, तो वे ‘बाहुबली’ और ‘ईगा’ जैसी फिल्मों को और भी बेहतर बना सकते थे। उनके मुताबिक भारत में टैलेंट की कभी कमी नहीं रही, लेकिन विश्वस्तरीय तकनीकी ढांचे की कमी के कारण कई बार विज़न को पूरी क्षमता के साथ पर्दे पर उतारना संभव नहीं हो पाता था।

    राजामौली ने बताया कि अब हालात बदल रहे हैं। नई तकनीक की बदौलत भारतीय फिल्मकारों को बड़े विजुअल सीक्वेंस के लिए विदेशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। ‘वाराणसी’ के कुछ जटिल एक्शन और फैंटेसी दृश्यों में इसी मोशन कैप्चर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसके परिणाम से टीम बेहद संतुष्ट है।

    फिल्म की पहली झलक पेरिस के प्रतिष्ठित सिनेमा हॉल Le Grand Rex में आयोजित एक ट्रेलर फेस्टिवल में दिखाई गई, जहां दर्शकों ने जबरदस्त प्रतिक्रिया दी। इससे साफ है कि ‘वाराणसी’ को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्सुकता बढ़ चुकी है।

    पोस्टर्स में महेश बाबू का ‘रुद्र’, पृथ्वीराज का ‘कुंभ’ और प्रियंका का ‘मंदाकिनी’ अवतार पहले ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन चुका है। अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा, तो यह फिल्म 7 अप्रैल 2027 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। राजामौली का मानना है कि नई तकनीक और बड़े विज़न का यह संगम भारतीय सिनेमा को एक नए स्तर पर ले जाएगा—और शायद यही वजह है कि वे आज भी मानते हैं, “बाहुबली को मैं और बेहतर बना सकता था।”

  • OTT पर दबकर रह गई सिराई, जय भीम जैसा टॉर्चर और इंसाफ की लड़ाई हिला देगी अंदर तक

    OTT पर दबकर रह गई सिराई, जय भीम जैसा टॉर्चर और इंसाफ की लड़ाई हिला देगी अंदर तक


    नई दिल्ली । ओटीटी की भीड़ में कई बार बेहतरीन फिल्में चुपचाप आकर निकल जाती हैं। साल 2026 में ZEE5 पर रिलीज हुई तमिल फिल्म सिराई भी कुछ ऐसी ही फिल्म है जो बड़े स्टार्स की फिल्मों के शोर में दब गई। कहा जा रहा है कि धुरंधर की चर्चा के बीच इस फिल्म पर कम लोगों की नजर पड़ी लेकिन कंटेंट के मामले में यह किसी से कम नहीं। IMDb पर 8.2 की दमदार रेटिंग के साथ सिराई उन फिल्मों में गिनी जा रही है जो सिस्टम की सच्चाई को बेधड़क सामने रखती हैं।

    फिल्म में लीड रोल निभाया है विक्रम प्रभु ने। उनके साथ कई अनुभवी तमिल कलाकार नजर आते हैं जो कहानी को मजबूत आधार देते हैं। यह फिल्म तमिल में बनी है लेकिन अच्छी बात यह है कि ओटीटी पर यह हिंदी में भी उपलब्ध है इसलिए भाषा दर्शकों के लिए रुकावट नहीं बनती।

    सिराई का अर्थ है जेल या कैद और फिल्म का मूल भी इसी विचार के इर्द-गिर्द घूमता है। कहानी एक ईमानदार पुलिस अधिकारी की है जिसे एक हाई-प्रोफाइल कैदी को एक जेल से दूसरी जेल में ट्रांसफर करने की जिम्मेदारी मिलती है। शुरुआत में यह एक सामान्य ड्यूटी लगती है लेकिन सफर के दौरान उसे पता चलता है कि जिस कैदी को वह ले जा रहा है वह असल में निर्दोष है। उसे कुछ ताकतवर लोगों ने अपने फायदे के लिए फंसाया है।

    यहीं से कहानी में असली संघर्ष शुरू होता है। एक तरफ सिस्टम का दबाव और वर्दी की जिम्मेदारी दूसरी तरफ इंसानियत और अंतरात्मा की आवाज। क्या वह आदेश का पालन करेगा या सच का साथ देगा? फिल्म इसी नैतिक दुविधा को बेहद सधे हुए अंदाज में पेश करती है।

    इस फिल्म की खास बात यह है कि इसमें मसाला एंटरटेनमेंट वाला ओवर-द-टॉप एक्शन नहीं है। यहां सब कुछ रियलिस्टिक है पुलिसिया पूछताछ मानसिक दबाव सत्ता का खेल और कानून की खामियां। यही यथार्थवाद फिल्म को असरदार बनाता है।

    अगर आपको जय भीम और विसरानई जैसी फिल्में पसंद आई थीं तो सिराई भी आपको जरूर प्रभावित करेगी। यह सिर्फ पुलिस और कैदी की कहानी नहीं है बल्कि यह न्याय व्यवस्था की परतें खोलती है और सवाल पूछती है कि सच की कीमत आखिर कितनी भारी होती है।

    विक्रम प्रभु ने अपने किरदार में गजब की गंभीरता दिखाई है। उनके चेहरे के भाव आंखों की बेचैनी और भीतर चल रहे द्वंद्व को उन्होंने बारीकी से निभाया है। फिल्म आपको अंत तक बांधे रखती है और सोचने पर मजबूर करती है। 

  • जलन, लालच और शक की आग में बुझ गया सितारा: लैला खान हत्याकांड का पूरा सच

    जलन, लालच और शक की आग में बुझ गया सितारा: लैला खान हत्याकांड का पूरा सच


    नई दिल्ली । मायानगरी मुंबई की चकाचौंध के बीच साल 2011 में एक ऐसी घटना घटी, जिसने फिल्म इंडस्ट्री ही नहीं बल्कि पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। यह मामला था बॉलीवुड अभिनेत्री लैला खान और उनके परिवार की रहस्यमयी गुमशुदगी का। लैला ने सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ फिल्म वफा में काम किया था और अपनी खूबसूरती व अदाकारी के कारण चर्चा में रहती थीं। लेकिन अचानक उनका और उनके परिवार के पांच अन्य सदस्यों का यूं गायब हो जाना एक बड़े रहस्य में बदल गया।

    मुंबई के एक पॉश इलाके से लैला, उनकी मां सेलिना, तीन भाई बहन और एक चचेरी बहन के लापता होने की खबर ने सनसनी फैला दी। करीब एक साल तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला। पुलिस की जांच जारी रही, लेकिन परिवार का कोई अता पता नहीं था। मामला तब और पेचीदा हो गया जब शक की सुई लैला के सौतेले पिता की ओर घूमी।

    पूछताछ के दौरान जो सच सामने आया, उसने सबको झकझोर दिया। सौतेले पिता ने कबूल किया कि उसने ही इगतपुरी नासिक के पास स्थित अपने फार्महाउस पर परिवार के सभी छह सदस्यों की हत्या कर दी और शवों को वहीं दफना दिया। हत्या की वजह थी शक, जलन और संपत्ति को लेकर डर। उसे संदेह था कि लैला की मां का किसी और से संबंध है और वह बच्चों के साथ दुबई बसने की योजना बना रही है। उसे भय था कि परिवार उससे अलग होकर उसे संपत्ति से बेदखल कर देगा।

    बताया गया कि फार्महाउस पर किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई। गुस्से में आरोपी ने पहले सेलिना पर हमला किया और फिर एक एक कर सभी को मौत के घाट उतार दिया। अपने अपराध को छिपाने के लिए उसने फार्महाउस के अहाते में गड्ढा खोदकर सभी शवों को दफना दिया और ऊपर से आग लगाकर सबूत मिटाने की कोशिश की। यह वारदात इतनी निर्मम थी कि जिसने भी इसके बारे में सुना, सन्न रह गया।

    मामला वर्षों तक अदालत में चलता रहा। पुलिस ने सबूत जुटाए, गवाह पेश हुए और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार 2024 में अदालत ने आरोपी सौतेले पिता को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। करीब 13 साल बाद न्याय मिला, लेकिन तब तक एक उभरती अभिनेत्री और उसका पूरा परिवार इस दुनिया से जा चुका था।

    लैला खान हत्याकांड ने यह साबित कर दिया कि शक और लालच जब रिश्तों पर हावी हो जाते हैं, तो अंजाम बेहद खौफनाक होता है। ग्लैमर की दुनिया की एक चमकती जिंदगी, पारिवारिक साजिश और निर्ममता की भेंट चढ़ गई। यह मामला आज भी याद दिलाता है कि अपराध चाहे जितना छिपाया जाए, सच एक दिन सामने जरूर आता है।

  • डायरेक्टर अनीश के किडनैपिंग और मारपीट मामले में कन्नड़ एक्ट्रेस ऐश्वर्या समेत 11 लोग गिरफ्तार

    डायरेक्टर अनीश के किडनैपिंग और मारपीट मामले में कन्नड़ एक्ट्रेस ऐश्वर्या समेत 11 लोग गिरफ्तार

    नई दिल्ली। कन्नड़ फिल्म डायरेक्टर के साथ हुई किडनैपिंग और मारपीट की घटना में कन्नड़ एक्ट्रेस ऐश्वर्या समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अदुगोडी पुलिस स्टेशन में किडनैपिंग, हमला, जबरन वसूली जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले में पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
    कौन हैं अनीश
    इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मारपीट और किडनैपिंग का शिकार हुए डायरेक्टर का नाम अनीश है और वह मॉडलिंग व कास्टिंग एजेंसी भी चलाते हैं।

    क्या हुआ अनीश के साथ
    अनीश, जीवनदा भाषा फिल्म डायरेक्ट कर रहे थे और 9 फरवरी को बेंगलुरु में थे। इसी दौरान उनसे बताया गया कि एक व्यक्ति उनकी कार को खरीदना चाहता है। इसके बाद उन्हें इस बहाने से शहर से दूर ले जाया गया। यहां पर अचानक कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया और फाइनेंस मामले से जुड़ी उनकी पहले की शिकायत को वापस लेने के लिए दबाव डालने लग गए। विवाद एक फिल्म में इन्वेस्टमेंट को लेकर था।

    आरोपियों ने कथित तौर पर डायरेक्टर के सोने के गहने भी लूट लिए और कई बार हमला किया। इसके बाद एटीएम से जबरदस्ती पैसे निकलवाए गए और फिर अस्पताल में एडमिट करवाया गया।

    पुराना है मामला
    पुलिस को जांच के दौरान यह शक था कि किसी जान पहचान वाले ने ही इन्हें बुलाया था। पुलिस ने सभी 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शिकायत में बताया गया है कि साल 2024 में अनीश की पहचान आशी उर्फ आशीर्वाद से हुई। आशीर्वाद ने उससे ढाई लाख रुपये उधार लिए हुए थे। जब अनीश ने अपने पैसों की डिमांड की तो उसने मना कर दिया और धमकी दी। यह मामला पुलिस थाने तक पहुंचा।

    ऐश्वर्या कैसे इन्वॉल्व हुईं
    इसी दौरान, अनीश अपनी कार को बेचना चाहते थे। ऐश्वर्या से इस बारे में जब संपर्क हुआ तो उसने एक दोस्त शाहिद को खरीदार बताते हुए उससे मिलवाया। फिर 8 फरवरी को अनीश बेंगलुरु पहुंचे और जहां वह अन्य लोगों से मिले। अनीश को बताया गया कि वह डेढ़ लाख रुपये शाहिद के भाई के घर से रिसीव कर लें। जब वह उस जगह पर पहुंचे तो घर अंदर से बंद कर लिया और फिर उन पर हमला किया गया।
  • 89 की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए धर्मेंद्र, अब सात समंदर पार मिला बड़ा सम्मान; हेमा मालिनी ने पहली बार साझा किया पूरे परिवार का दर्द।

    89 की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए धर्मेंद्र, अब सात समंदर पार मिला बड़ा सम्मान; हेमा मालिनी ने पहली बार साझा किया पूरे परिवार का दर्द।


    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी विरासत और यादें आज भी करोड़ों दिलों में जिंदा हैं। 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में उनके निधन ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया था। हाल ही में लंदन में आयोजित 79वें BAFTA अवॉर्ड्स के ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट में जब उन्हें श्रद्धांजलि दी गई तो यह न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे भारत के लिए गौरव का क्षण बन गया। धर्मेंद्र इस साल इस प्रतिष्ठित मंच पर सम्मानित होने वाले एकमात्र भारतीय कलाकार थे। इस भावुक मौके पर उनकी पत्नी और ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी ने पहली बार विस्तार से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और उन अफवाहों पर भी विराम लगाया जो लंबे समय से देओल परिवार के रिश्तों को लेकर उड़ रही थीं।

    हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत के दौरान हेमा मालिनी काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता नहीं बल्कि एक प्रेरणा थे जिनके प्रशंसक दुनिया के हर कोने में मौजूद हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि धर्मेंद्र के बिना जीवन की कल्पना करना मुश्किल है और कई बार वह उन्हें याद कर रो पड़ती हैं। हेमा ने बताया कि धर्मेंद्र को उन्हें और उनकी बेटियों को डांस करते देखना बेहद पसंद था और वह हमेशा उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए प्रोत्साहित करते थे। उनके घर के स्टाफ से लेकर हर सहयोगी आज भी ‘साहब’ की कमी महसूस करता है जो इस बात का प्रमाण है कि वह एक बेहतरीन इंसान भी थे।

    सबसे महत्वपूर्ण बात हेमा मालिनी ने परिवार के बीच कथित ‘अनबन’ को लेकर कही। पिछले कुछ समय से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि हेमा और उनकी बेटियों ईशा-अहाना के संबंध सनी देओल बॉबी देओल और प्रकाश कौर के परिवार से ठीक नहीं हैं। लेकिन हाल ही में ‘बॉर्डर 2’ की स्क्रीनिंग पर जब पूरा परिवार साथ दिखा तो तस्वीर बदल गई। हेमा ने स्पष्ट शब्दों में कहा “पापा के लिए सब करेंगे चाहे ये बच्चे हों या वो सब धरम जी को बहुत प्यार करते थे। हमारे बीच कोई नेगेटिविटी नहीं है।उन्होंने आगे कहा कि वे अपने पारिवारिक पलों को सार्वजनिक करना पसंद नहीं करते इसका मतलब यह नहीं कि वे अलग हैं। हेमा के अनुसार धर्मेंद्र प्यार और उन मूल्यों का स्रोत थे जिन्होंने पूरे परिवार को एक सूत्र में पिरोए रखा है। आज भले ही वह शारीरिक रूप से मौजूद न हों लेकिन उनकी दी हुई सीख और संस्कार ही इस कमी को पूरा करने की ताकत दे रहे हैं।

  • ग्लैमर से सलाखों तक: रान्या राव के खिलाफ ED की 100 पन्नों की चार्जशीट, क्या तरुण और साहिल के साथ मिलकर रची थी तस्करी की साजिश?

    ग्लैमर से सलाखों तक: रान्या राव के खिलाफ ED की 100 पन्नों की चार्जशीट, क्या तरुण और साहिल के साथ मिलकर रची थी तस्करी की साजिश?


    नई दिल्ली। मनोरंजन जगत की चकाचौंध से निकलकर अपराध की अंधेरी गलियों तक का सफर पूर्व एक्ट्रेस और मॉडल हर्षवर्दिनी रान्या उर्फ रान्या राव के लिए अब कानूनी मुसीबत बन गया है। प्रवर्तन निदेशालय ED ने 102.55 करोड़ रुपये के हाई-प्रोफाइल सोना तस्करी मामले में रान्या राव और उनके सहयोगियों के खिलाफ औपचारिक रूप से चार्जशीट दाखिल कर दी है। बेंगलुरु की विशेष पीएमएलए PMLA अदालत में दायर इस शिकायत ने उस बड़े मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है, जिसने मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़े पैमाने पर चूना लगाया। जांच में रान्या के साथ तरुण कोंडुरु और साहिल सकारिया जैन जैसे नामों का भी उल्लेख है, जो इस अवैध सोने के व्यापार और धन शोधन Money Laundering रैकेट की मुख्य कड़ियाँ बताए जा रहे हैं।

    इस पूरे मामले की जड़ें 3 मार्च, 2025 को केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई एक बड़ी कार्रवाई से जुड़ी हैं। उस दिन डीआरआई DRI ने रान्या राव के पास से विदेशी मूल का लगभग 14.213 किलोग्राम सोना जब्त किया था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 12.56 करोड़ रुपये आंकी गई थी। लेकिन यह तो महज एक शुरुआत थी। इसके बाद जब जांच का दायरा बढ़ा और संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की गई, तो जांच एजेंसियां भी दंग रह गईं। तलाशी के दौरान 2.06 करोड़ रुपये के सोने के जेवर और 2.67 करोड़ रुपये की बेहिसाब भारतीय नकदी बरामद हुई। इस जब्ती ने स्पष्ट कर दिया कि यह मामला केवल एक बार की तस्करी का नहीं, बल्कि एक सुनियोजित संगठित अपराध का हिस्सा है।

    ED की विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस सिंडिकेट ने महज एक साल के भीतर मार्च 2024 से मार्च 2025 तक लगभग 127.287 किलोग्राम सोने की भारत में तस्करी की। इस तस्करी किए गए सोने की कुल वैल्यू 102.55 करोड़ रुपये से अधिक है। सीबीआई CBI द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर को आधार बनाकर ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत अपनी कार्यवाही तेज की है। डीआरआई पहले ही सीमा शुल्क अधिनियम Customs Act की धारा 135 के तहत शिकायत दर्ज कर चुका है। अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद रान्या राव और उनके साथियों की मुश्किलें बढ़ना तय है, क्योंकि एजेंसियां अब उस ‘ब्लैक मनी’ के रूट को ट्रैक कर रही हैं जो इस सोने की तस्करी से पैदा हुआ था।

  • अक्षय कुमार की 'भूत बंगला' का टीजर आउट: शर्टलेस अवतार और धोती में खिलाड़ी का स्वैग, 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में 'देंगे दस्तक'।

    अक्षय कुमार की 'भूत बंगला' का टीजर आउट: शर्टलेस अवतार और धोती में खिलाड़ी का स्वैग, 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में 'देंगे दस्तक'।


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के ‘खिलाड़ी’ अक्षय कुमार एक बार फिर अपनी सबसे मजबूत शैली, हॉरर-कॉमेडी में वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। लंबे समय से चर्चा में रही फिल्म ‘भूत बंगला’ को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह है और अब फिल्म के पहले गाने ‘राम जी आके भला करेंगे’ के टीजर ने इंटरनेट पर आग लगा दी है। इस टीजर को सोशल मीडिया पर जिस तरह का रिस्पॉन्स मिल रहा है, उससे साफ है कि फैंस अक्षय कुमार और दिग्गज निर्देशक प्रियदर्शन की जोड़ी को पर्दे पर दोबारा देखने के लिए बेताब हैं। यह जोड़ी पूरे 14 साल बाद एक साथ काम कर रही है, जिसने अतीत में ‘हेरा फेरी’, ‘भूल भुलैया’ और ‘खट्टा मीठा’ जैसी कालजयी कॉमेडी फिल्में दी हैं।

    गाने के टीजर की बात करें तो इसकी शुरुआत अक्षय कुमार के एक बेहद दिलचस्प लुक से होती है। सफेद धोती और बिना शर्ट के अक्षय, गले में मालाएं पहने हुए एक अलग ही ‘देसी’ और रहस्यमयी अवतार में नजर आ रहे हैं। बैकग्राउंड डांसर्स के साथ उनका थिरकना और ‘भूत बंगला’ का टाइटल कार्ड एक परफेक्ट हॉरर-कॉमेडी वाइब दे रहा है। इस गाने को मशहूर संगीतकार प्रीतम ने कंपोज किया है, जबकि बोल कुमार ने लिखे हैं। देव अरिजीत की आवाज और मेलो डी के रैप ने इस ट्रैक में आधुनिकता का तड़का लगाया है। यह पूरा गाना इसी गुरुवार को रिलीज होने वाला है, जिसके लिए फैंस की उत्सुकता चरम पर है।

    फिल्म की रिलीज डेट को लेकर भी अक्षय कुमार ने बड़ा अपडेट साझा किया है। पहले यह फिल्म 15 मई को आने वाली थी, लेकिन अब इसे प्रीपोन कर दिया गया है। अक्षय ने सोशल मीडिया पर मजाकिया अंदाज में लिखा, “दस को देंगे दस्तक, इंतजार करो तब तक।” अब यह फिल्म 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म की एक और खास बात इसकी स्टार कास्ट है। तब्बू, परेश रावल, राजपाल यादव और वामिका गब्बी जैसे सितारों से सजी इस फिल्म में दर्शकों को एक भावुक पल भी देखने को मिलेगा। दिग्गज अभिनेता असरानी, जिनका पिछले साल अक्टूबर में निधन हो गया था, इस फिल्म में अपनी आखिरी भूमिका में नजर आएंगे। राजस्थान और हैदराबाद की खूबसूरत लोकेशंस पर शूट हुई यह फिल्म अक्षय के गिरते करियर ग्राफ को फिर से ऊंचाई पर ले जाने का दम रखती है। इसके अलावा अक्षय ‘वेलकम टू द जंगल’ और सैफ अली खान के साथ ‘हैवान’ जैसी बड़ी फिल्मों में भी नजर आने वाले हैं, लेकिन फिलहाल सारा फोकस ‘भूत बंगला’ के इस हॉरर तड़के पर है।

  • स्मृति मंधाना से विवादित ब्रेकअप के बाद पलाश मुच्छल और उनका परिवार कैसा है? डेज़ी शाह ने अपडेट दिया

    स्मृति मंधाना से विवादित ब्रेकअप के बाद पलाश मुच्छल और उनका परिवार कैसा है? डेज़ी शाह ने अपडेट दिया


    नई दिल्ली । म्यूज़िक कंपोज़र से डायरेक्टर बने पलाश मुच्छल की पर्सनल लाइफ़ हाल ही में तब सुर्खियों में आई जब क्रिकेटर स्मृति मंधाना से उनकी शादी कैंसिल हो गई। उन पर स्मृति को धोखा देने का आरोप लगा था और इस विवाद के बीच अब उन्हें एक्टर डेज़ी शाह का सपोर्ट मिला है। एक्टर ने पलाश और उनके परिवार के बारे में बात की उन्हें पॉज़िटिव और ज़मीन से जुड़े लोग बताया। डेज़ी शाह ने पलाश मुच्छल और उनके परिवार की तारीफ़ की
    फ़िल्मज्ञान से बातचीत में डेज़ी जो पलाश की अगली डायरेक्टोरियल फ़िल्म में काम करने वाली हैं ने उनके साथ अपने बॉन्ड के बारे में बात की और कहा पलाश एक बहुत अच्छे इंसान हैं। असल में मैं उनसे कुछ बार मिल चुकी हूँ। पलक ने जय हो के लिए एक गाना किया था इसलिए मैं उन्हें तब से जानती हूँ। मैं अक्सर पलक के घर जन्मदिन और गणपति पूजा पर होने वाली पार्टियों में जाती हूँ और इसी तरह मेरी मुलाकात पलाश से हुई। इसी तरह मुझे पता चला कि वह एक म्यूज़िक कंपोज़र और डायरेक्टर हैं।
    कॉन्ट्रोवर्सी के बारे में
    पलाश और स्मृति 25 नवंबर को शादी करने वाले थे। हालाँकि उनकी शादी के दिन सेरेमनी कैंसिल कर दी गई। शुरू में यह बताया गया कि स्मृति के पिता बेहोश हो गए थे और उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया जिससे शादी कैंसिल कर दी गई। इसके तुरंत बाद रिपोर्ट्स में कहा गया कि शादी इसलिए कैंसिल कर दी गई क्योंकि पलाश ने स्मृति को धोखा दिया था। हालांकि पलाश ने इन आरोपों से इनकार किया लेकिन उन्हें और उनके परिवार को सोशल मीडिया पर बहुत ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।
    इसके तुरंत बाद स्मृति और पलाश दोनों ने इंस्टाग्राम पर कन्फर्म किया कि उनकी शादी सच में कैंसिल हो गई है। पलाश ने लिखा मैंने अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ने और अपने पर्सनल रिश्ते से पीछे हटने का फैसला किया है। मेरे लिए यह देखना बहुत मुश्किल रहा है कि लोग किसी ऐसी चीज़ के बारे में बेबुनियाद अफवाहों पर इतनी आसानी से रिएक्ट करते हैं जो मेरे लिए सबसे पवित्र रही है। यह मेरी ज़िंदगी का सबसे मुश्किल दौर है और मैं अपने विश्वासों पर कायम रहते हुए इसे शालीनता से झेलूंगा। मुझे सच में उम्मीद है कि हम एक समाज के तौर पर बिना वेरिफाइड गॉसिप के आधार पर किसी को जज करने से पहले रुकना सीखेंगे जिसके सोर्स कभी पता नहीं चलते। हमारे शब्द हमें ऐसे चोट पहुंचा सकते हैं जिन्हें हम कभी समझ नहीं पाएंगे।

    पलाश मुच्छल के डायरेक्शन के बारे में
    फिल्ममेकर ने तब से अपने प्रोफेशनल कमिटमेंट्स फिर से शुरू कर दिए हैं और श्रेयस तलपड़े और डेज़ी शाह को लीड रोल में लेकर एक फीचर फिल्म डायरेक्ट करने के लिए तैयार हैं। ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने इस प्रोजेक्ट की घोषणा करते हुए बताया कि फिल्म की शूटिंग जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है।