Category: Entertainment

  • कुमकुम भाग्य' फेम जीशान खान सड़क हादसे में बाल-बाल बचे, फैंस जानना चाह रहे हाल

    कुमकुम भाग्य' फेम जीशान खान सड़क हादसे में बाल-बाल बचे, फैंस जानना चाह रहे हाल


    नई दिल्ली। टीवी एक्टर जीशान खान मुंबई में हुए एक सड़क हादसे में घायल होने से बच गए। देर रात यारी रोड इलाके में उनकी कार से एक दूसरी कार की टक्कर हो गई। घटना लगभग रात 10:30 बजे तब हुई जब जीशान जिम से घर लौट रहे थे। टक्कर के बावजूद सौभाग्य से दोनों वाहनों में मौजूद सभी लोग सुरक्षित हैं। दूसरी कार में सवार बुजुर्ग दंपत्ति भी पूरी तरह ठीक बताए जा रहे हैं। केवल कारों को मामूली नुकसान पहुंचा है।

    पुलिस ने इस मामले में फिलहाल कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की है, लेकिन दुर्घटना की प्रारंभिक जांच जारी है। जीशान खान ने अभी तक इस घटना पर सोशल मीडिया के जरिए कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे उनके फैंस उनकी स्थिति को लेकर चिंतित हैं।

    टीवी करियर से मिली पहचान

    जीशान खान को लोकप्रियता 2019 से 2021 के बीच ‘कुमकुम भाग्य’ में आर्यन खन्ना की भूमिका से मिली। इस किरदार ने उन्हें टीवी दर्शकों के बीच पहचान दिलाई और इंडस्ट्री में उनकी जगह मजबूत की। इसके बाद वे ‘नागिन’ समेत कई शोज में नजर आए।

    उनकी फैन फॉलोइंग तब और बढ़ी जब वह ‘बिग बॉस OTT’ के पहले सीजन का हिस्सा बने। शांत स्वभाव और संतुलित खेल के लिए चर्चा में रहे जीशान का सफर शो में ज्यादा लंबा नहीं रहा, क्योंकि एक टास्क के दौरान नियम तोड़ने पर उन्हें अचानक बाहर कर दिया गया। विदाई के वक्त उन्होंने फैंस को भावुक संदेश लिखकर समर्थन के लिए धन्यवाद दिया था।

    2015 में शुरू हुआ सफर

    जीशान ने 2015 में ‘कुछ तो है तेरे मेरे दरमियां’ से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद वह ‘परवरिश सीजन 2’ में भी नजर आए। सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता काफी अधिक है — इंस्टाग्राम पर उनके 9.19 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं और वह जल्द ही एक मिलियन के आंकड़े तक पहुंचने वाले हैं।

    हादसे में चोट न लगने से उनके प्रशंसक राहत में हैं और सभी उम्मीद कर रहे हैं कि जीशान जल्द ही इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करेंगे।

  • धुरंधर’ में दिखा लियारी का सच: जानें रहमान डकैत और एसपी असलम की असली कहानी

    धुरंधर’ में दिखा लियारी का सच: जानें रहमान डकैत और एसपी असलम की असली कहानी


    नई दिल्‍ली । भारत (India) से लेकर पाकिस्तान (Pakistan) तक, हाल ही में रिलीज हुई फिल्म धुरंधर (film Dhurandhar) ने एक बार फिर कराची के ल्यारी इलाके (Lyari area) को सुर्खियों में ला दिया है। आदित्य धर की इस स्पाई थ्रिलर में रणवीर सिंह, संजय दत्त और अक्षय खन्ना जैसे सितारे हैं। फिल्म में पाकिस्तान के इस कुख्यात ल्यारी इलाके की गैंगवार की कहानी को पर्दे पर उतारा गया है। फिल्म में अक्षय खन्ना ने रहमान डकैत का किरदार निभाया है, जबकि संजय दत्त एसपी चौधरी असलम की भूमिका में हैं। लेकिन क्या यह सिर्फ एक काल्पनिक कहानी है? नहीं, धुरंधर असल घटनाओं से प्रेरित है। 2000 के दशक में यह इलाका एक खूनी जंग का मैदान बन गया था। यहां गैंगवार की आग ने सैकड़ों जिंदगियां जला दीं। यहां ड्रग्स, एक्सटॉर्शन और हथियारों का कारोबार राज करता था। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के राजनीतिक संरक्षण से पनपे अपराधी सिंडिकेट ने ल्यारी को ‘नो-गो जोन’ बना दिया था।

    ल्यारी का उदय: फुटबॉल से फायरफाइट तक
    ल्यारी कराची का सबसे पुराना और घनी आबादी वाला इलाका है, जहां बालोच, कच्छी, सिंधी और अन्य समुदाय सदियों से बसे हैं। 19वीं सदी में यह इलाका एक मजदूर कॉलोनी था, जहां डॉक वर्कर्स और ट्रक ड्राइवर रहते थे। 1960-70 के दशक तक यहां हशीश का छोटा-मोटा व्यापार फल-फूल रहा था। लेकिन अफगानिस्तान के सोवियत युद्ध (1979-89) के बाद हथियारों और ड्रग्स की बाढ़ आ गई। बेरोजगारी और गरीबी ने युवाओं को गैंग्स की ओर धकेल दिया।

    ल्यारी को ‘मिनी ब्राजील’ कहा जाता था यानी फुटबॉल क्लबों की भरमार और ओलंपिक बॉक्सर हुसैन शाह जैसे सितारे यहीं के थे। लेकिन 1980 के दशक से जातीय राजनीति ने रंग बदल दिया। पीपीपी यहां मजबूत थी, लेकिन वोट बैंक को कंट्रोल करने के लिए पार्टियों ने गैंग्स से हाथ मिला लिए। म्युत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) और पीपीपी के बीच टकराव ने हिंसा को हवा दी। 1990 के दशक तक ल्यारी में छोटे-मोटे अपराधी समूह उभर आए, जो किडनैपिंग, एक्सटॉर्शन और ड्रग ट्रैफिकिंग से कमाते थे।

    गैंगवार की जड़ें: हाजी लालू बनाम दादल और फिर रहमान डकैत का उदय
    ल्यारी की आधुनिक गैंगवार की शुरुआत 1960 के दशक के हशीश (चरस) व्यापार से हुई। दादल, शेरू, और ‘काला नाग’ जैसे नाम उस दौर के अपराध जगत में प्रभावी थे। 1990 के दशक में पढ़े-लिखे अपराधियों की नई पीढ़ी सामने आई- जैसे इकबाल उर्फ बाबू डकैत, जिसने ड्रग नेटवर्क को और अधिक संगठित रूप दिया। इसी काल में उभरकर आया सबसे प्रभावशाली नाम था सरदार अब्दुल रहमान बलोच, जिसे ल्यारी और बाकी कराची में रहमान डकैत के नाम से जाना गया।

    रहमान डकैत: डाकू से ‘पीसकीपर’ तक का सफर
    सरदार अब्दुल रहमान बालोच, उर्फ रहमान डकैत (1975-2009), ल्यारी गैंगवार का चेहरा था। एक छोटे अपराधी परिवार में जन्मे रहमान ने किशोरावस्था में ही अपराध की दुनिया में कदम रखा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, उसने 13 साल की उम्र में पहली हत्या की और घरेलू झगड़े में अपनी मां को भी मार डाला – हालांकि यह पुष्ट नहीं है, लेकिन उनकी क्रूरता की मिसाल बन गया।

    2001 में हाजी लालू गैंग के पतन के बाद रहमान ने कंट्रोल ले लिया। उसने ड्रग्स, जुआ और एक्सटॉर्शन से लाखों कमाए, लेकिन साथ ही क्लिनिक, मदरसे और फुटबॉल टूर्नामेंट फंड किए। 2008 में पीपीपी ने उसे ‘पीपुल्स अमन कमिटी’ (पीएसी) का प्रमुख बनाया। यह ‘शांति समिति’ वोट बैंक संरक्षण का बहाना थी, लेकिन वास्तव में गैंग का कवर। रहमान को पीपीपी नेता जुल्फिकार मिर्जा और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का संरक्षण था।

    उनकी दुश्मनी अरशद पप्पू से थी, जो एमक्यूएम समर्थित था। 2003 में अर्शद ने उजैर बालोच (रहमान के चचेरे भाई) के पिता की हत्या कर दी, जिससे खूनी जंग छिड़ गई। सैकड़ों मौतें हुईं। ‘धुरंधर’ में अक्षय खन्ना का किरदार रहमान को एक करिश्माई लेकिन खतरनाक डाकू के रूप में दिखाता है – जो हकीकत से मेल खाता है।

    एसपी चौधरी असलम: ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ की आग उगलती बंदूक
    चौधरी असलम खान (1963-2014) पाकिस्तान का सबसे विवादास्पद पुलिस अधिकारी था। 1980 के दशक में सिंध पुलिस में एएसआई के रूप में शामिल हुए असलम को ‘पाकिस्तान का डर्टी हैरी’ कहा जाता था। वह क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) का हेड था और ल्यारी टास्क फोर्स के लीडर।

    असलम ने तालिबान और गैंग्स के खिलाफ बेरहम कार्रवाई की। 2006 में वह मशूक ब्रोही एनकाउंटर के लिए जेल गया, लेकिन 2007 में रिहा होकर लौटा। 2009 में उसने रहमान डकैत को ‘एनकाउंटर’ में मार गिराया – रहमान की पत्नी ने इसे फर्जी बताया और सिंध हाईकोर्ट ने असलम पर एफआईआर का आदेश दिया। 2012 के ऑपरेशन ल्यारी में असलम ने उजैर बालोच के गैंग पर हमला बोला, लेकिन 12 पुलिसकर्मी मारे गए।

    असलम को तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से धमकियां मिलती रहीं। 9 जनवरी 2014 को ल्यारी एक्सप्रेसवे पर सुसाइड बॉम्बिंग में उसकी मौत हो गई। टीटीपी ने जिम्मेदारी ली। ‘धुरंधर’ में संजय दत्त का किरदार असलम को सिगरेट पीते, बंदूक चलाते ‘जिन्न’ के रूप में चित्रित करता है- जो उसकी वास्तविक छवि से प्रेरित है। असलम की पत्नी ने फिल्म पर आपत्ति जताई, इसे प्रोपगैंडा बताया।

    गैंगवार का चरम: खून की होली और राजनीतिक खेल
    रहमान की मौत के बाद उजैर बालोच ने कमान संभाली। 2013 में अरशद पप्पू का अपहरण कर सिर काट दिया गया- प्रतिद्वंद्वी गैंग ने उसके सिर से फुटबॉल खेली। बाबा लाडला जैसे गुटों ने विद्रोह किया। 2004-13 के बीच 800 से ज्यादा मौतें हुईं। पीपीपी और एमक्यूएम की राजनीति ने आग में घी डाला – गैंग्स वोटर मोबिलाइजेशन के लिए इस्तेमाल होते थे।

    कहते हैं कि आज ल्यारी शांत है- फुटबॉल क्लब फिर सक्रिय हैं, और 2024 में एक स्थानीय टीम ने नेशनल यूथ चैंपियनशिप जीती। लेकिन घाव बाकी हैं। उजैर के बारे में कहा जाता है कि वह आज भी जेल में सजा काट रहा है।

  • स्टेज पर परफॉर्म कर रही कनिका कपूर पर फैन ने किया हमला, तुरंत संभाली प्रतिक्रिया

    स्टेज पर परफॉर्म कर रही कनिका कपूर पर फैन ने किया हमला, तुरंत संभाली प्रतिक्रिया


    नई दिल्ली /बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर के साथ मेगोंग फेस्टिवल में लाइव परफॉर्मेंस के दौरान एक अप्रत्याशित घटना हुई। वीडियो में देखा जा सकता है कि मंच पर गा रही कनिका के पास अचानक एक युवक दौड़कर आया और उनके साथ अटपटी हरकत करने की कोशिश की।

    सभी को चौंकाने वाले इस पल में कनिका ने संयम बनाए रखा और गाना जारी रखा। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और युवक को मंच से नीचे उतार दिया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कलाकारों की सुरक्षा को लेकर गुस्सा और चिंता जताई जा रही है।

    यह घटना ऐसे समय हुई है जब कनिका कपूर ने हाल ही में बॉलीवुड में सिंगर्स की कमाई और रॉयल्टी को लेकर खुलासा किया था। उन्होंने बताया कि शुरुआती प्रोजेक्ट्स के लिए उन्हें कभी-कभी केवल 101 रुपये तक दिए गए। उनके अनुसार, भारत में सिंगर्स की आय का सबसे बड़ा स्रोत लाइव परफॉर्मेंस होता है, लेकिन सुरक्षा और पेंशन जैसी कोई व्यवस्था नहीं है।

    कनिका कपूर ने अपने करियर में कई सुपरहिट गाने दिए हैं जैसे ‘बेबी डॉल’ और ‘चिट्टियां कलाइयां’, और वे हमेशा कलाकारों के अधिकारों और भुगतान के मुद्दों पर मुखर रही हैं। इस घटना ने स्टेज सुरक्षा और कलाकारों की पेशेवर चुनौतियों पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • सलमान खान की आंखों में आंसूधर्मेंद्र को याद कर बोले- 'हमने सबसे कमाल का इंसान खो दिया'

    सलमान खान की आंखों में आंसूधर्मेंद्र को याद कर बोले- 'हमने सबसे कमाल का इंसान खो दिया'



    नई दिल्‍ली ।
    आज दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र का 90वां जन्मदिन हैऔर इस खास मौके पर उनकी यादों को संजीवनी देने वाले उनके चाहने वाले और करीबी लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। धर्मेंद्रजो भारतीय सिनेमा के एक महानायक के तौर पर जाने जाते हैंअब हमारे बीच नहीं हैंलेकिन उनकी फिल्मी धरोहर और व्यक्तित्व हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे। इस दिन धर्मेंद्र की याद में उनके परिवार और फैंस के साथ-साथ बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान भी भावुक हो गए और अपनी भावनाओं का इजहार किया।

    धर्मेंद्र के निधन ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि उनके करीबी दोस्तों और सिनेमा जगत के कई लोगों को गहरे सदमे में डाला। सलमान खानजो धर्मेंद्र के बहुत करीबी थेउनके जाने को लेकर कई बार अपने दुख का इजहार कर चुके हैं। लेकिन हाल ही में बिग बॉस 19 के ग्रैंड फिनाले के दौरान सलमान ने एक बार फिर धर्मेंद्र को याद करते हुए अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। मंच पर धर्मेंद्र का नाम लेते ही सलमान इतने भावुक हो गए कि उनकी आंखों में आंसू आ गए और वह सिसक पड़े। यह पल दर्शकों के लिए भी बहुत भावनात्मक थाक्योंकि सलमान ने खुलकर कहा कि “हमने सबसे कमाल का इंसान खो दिया है।

    सलमान ने धर्मेंद्र को एक बेहतरीन इंसान और एक प्रेरणा माना। उनके अनुसारधर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता नहीं थेबल्कि वह एक शानदार इंसान थेजिन्होंने अपने जीवन में हमेशा अपने काम और रिश्तों को ईमानदारी और सच्चाई से निभाया। सलमान ने बताया कि धर्मेंद्र का जो योगदान सिनेमा जगत में रहावह अनमोल है और उनकी यादें हमेशा बनी रहेंगी।

    सलमान ने यह भी कहा कि धर्मेंद्र के साथ बिताए गए समय को वह हमेशा याद रखेंगे और उनका मार्गदर्शन उनके लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा। धर्मेंद्र की हंसीउनकी सरलता और उनका सहज स्वभाव हमेशा सलमान के दिल में रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में धर्मेंद्र की जो जगह हैवह कोई नहीं ले सकताऔर उनकी कमी सिनेमा की दुनिया में हमेशा खलेगी। धर्मेंद्र के निधन के बाद सलमान खान ने उनके योगदान को कई बार सराहा है और उन्हें एक आदर्श इंसान बताया।

    सलमान का यह इमोशनल पल यह दर्शाता है कि वह केवल अपने परिवार और फैंस के लिए नहींबल्कि फिल्म इंडस्ट्री में अपने गुरु की तरह धर्मेंद्र को मानते थे। धर्मेंद्र के जाने से बॉलीवुड ने एक महान अभिनेता और एक सच्चे इंसान को खो दिया हैलेकिन उनके योगदान और उनकी यादें हमेशा उनके फैंस और चाहने वालों के दिलों में जीवित रहेंगी। धर्मेंद्र के प्रति सलमान का यह श्रद्धांजलि भावुक और दिल छूने वाला थाऔर यह दिखाता है कि बॉलीवुड में रिश्तों की असल अहमियत क्या होती है।
  • कंथलूर: केरल की गोद में छिपा ‘कश्मीर’, जहाँ पहाड़, सेब के बगीचे और 60 साल पुरानी परंपराएँ आज भी ज़िंदा हैं

    कंथलूर: केरल की गोद में छिपा ‘कश्मीर’, जहाँ पहाड़, सेब के बगीचे और 60 साल पुरानी परंपराएँ आज भी ज़िंदा हैं

    अगर आपको लगता है कि आपने केरल के तमाम हिल स्टेशन देख लिए हैं, तो एक बार कंथलूर ज़रूर जाएँ। मुन्नार से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित यह शांत, खूबसूरत और रहस्यमय गाँव अपनी ठंडी जलवायु, सेब के बगीचों, चंदन के जंगलों और दशकों से चली आ रही अनोखी बार्टर प्रणाली के कारण ‘केरल का कश्मीर’ कहलाता है। खासकर सर्दियों में तो इसका नज़ारा किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता।

    जब कंथलूर की ठंड जादू बिखेरती है

    करीब 1,500 मीटर की ऊँचाई पर बसा यह इलाका दक्षिण भारत के उन चुनिंदा स्थानों में है, जहाँ सर्दियों में तापमान काफी गिर जाता है।
    दिसंबर से फरवरी के बीच-

    सुबह-सुबह पहाड़ियों पर चांदी-सी ओस,

    हवा में धुंध की हल्की चादर,

    और चारों ओर फैली ठंडक

    इस जगह को बिल्कुल कश्मीर जैसा एहसास देती है। सर्दियों की छुट्टियाँ बिताने के लिए यह एक परफेक्ट हिल स्टेशन माना जाता है।

    1962 से अब तक-कंथलूर में अब भी चलता है वस्तु-विनिमय (बार्टर सिस्टम)

    कंथलूर की सबसे अनोखी पहचान है यहाँ की 60 साल पुरानी बार्टर परंपरा, जो आज भी वैसी ही चलती है जैसी 1962 में शुरू हुई थी।

    गाँव की एक विशेष दुकान में लोग अपना उगाया हुआ सामान-
    जैसे लहसुन, सरसों, अदरक, बीन्स, धनिया-
    लाकर देते हैं और बदले में उन्हें चावल, दाल और रोज़मर्रा का समान दिया जाता है।

    करीब 160 परिवार इसी प्रणाली पर निर्भर हैं। डिजिटल युग में भी यह परंपरा गाँव की आत्मनिर्भरता और आपसी भरोसे की मिसाल पेश करती है।

    12 साल में एक बार नीले रंग में रंग जाता है पूरा कंथलूर

    कंथलूर का एक और अद्भुत आकर्षण है-नीलकुरिंजी फूल।
    यह फूल हर 12 साल में खिलता है और खिलने के बाद पूरी घाटी नीले रंग की चादर से ढक जाती है।

    यह दुर्लभ दृश्य इतनी भीड़ खींचता है कि देश-विदेश से पर्यटक इसे देखने आते हैं।
    2018 में आखिरी बार नीलकुरिंजी खिले थे, इसलिए अगला मौका 2030 में मिलेगा।

    एक समय पर स्थानीय जनजातियाँ अपनी उम्र भी नीलकुरिंजी के खिलने के चक्र से गिनती थीं!

    क्यों कहा जाता है कंथलूर को ‘केरल का कश्मीर’

    क्योंकि पूरे केरल में सेब की खेती सिर्फ यहीं होती है।
    ठंडी जलवायु और अनोखी मिट्टी यहाँ सेब को खास स्वाद देती है।

    इसके अलावा यहाँ-

    स्ट्रॉबेरी

    संतरा

    आड़ू

    और कई तरह के फल

    बड़े पैमाने पर उगाए जाते हैं।
    पर्यटक बागों में जाकर खुद पेड़ों से फल तोड़ने का आनंद भी ले सकते हैं।

    चंदन के जंगल और ‘लिक्विड गोल्ड’ की महक

    कंथलूर और इसके पास स्थित मरयूर क्षेत्र चंदन के प्राकृतिक जंगलों के लिए प्रसिद्ध है।
    यहाँ के चंदन के पेड़ों की सुरक्षा सरकार करती है।

    चंदन का तेल, जिसे लोग लिक्विड गोल्ड कहते हैं, इन जंगलों की पहचान है।
    यहाँ की हवा में फैली चंदन की खुशबू माहौल को दिव्य बना देती है।

    कंथलूर में घूमने लायक प्रमुख जगहें

    चिन्नार वाइल्डलाइफ सेंचुरी – ट्रैकिंग, वाइल्डलाइफ और झरनों का रोमांच

    अनामुडी शोला नेशनल पार्क – घने जंगलों और क्लाउड फॉरेस्ट का अनुभव

    मुनियारा डोलमेंस – लगभग 3000 ईसा पूर्व के विशाल पत्थर कक्ष

    ऑर्गेनिक फार्म और फल बगीचे – सेब, स्ट्रॉबेरी, संतरा तोड़ने का अनोखा अनुभव

    क्योर मठ – चंदन के पेड़ों के बीच शांति का अद्भुत एहसास

    कंथलूर जाने का सबसे अच्छा समय

    सितंबर से मार्च
    खासकर दिसंबर–जनवरी में यहाँ की ठंड दक्षिण भारत में कहीं और नहीं मिलती।

    कैसे पहुँचें?

    सबसे नजदीकी एयरपोर्ट: कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट

    नजदीकी रेलवे स्टेशन: अलुवा और थ्रिशूर

    वहाँ से टैक्सी या बस से कंथलूर पहुँचा जा सकता है।

    अगर आप भीड़भाड़ से दूर प्रकृति की गोद में एक शांत, ठंडी, अनोखी और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध जगह की तलाश में हैं, तो कंथलूर आपके सफर की सबसे यादगार मंज़िल बन सकती है।

  • बिग बॉस 19 विजेता गौरव खन्ना, 50 लाख रुपए का इनाम, सलमान ने धर्मेंद्र को याद कर किया भावुक, पवन सिंह धमकी के बावजूद शामिल

    बिग बॉस 19 विजेता गौरव खन्ना, 50 लाख रुपए का इनाम, सलमान ने धर्मेंद्र को याद कर किया भावुक, पवन सिंह धमकी के बावजूद शामिल

    नई दिल्ली।  रियलिटी शो बिग बॉस 19 का ग्रैंड फिनाले रविवार को मुंबई में संपन्न हुआ। इस सीजन के विजेता बने गौरव खन्ना जिन्हें 50 लाख रुपए का कैश प्राइज और बिग बॉस की ट्रॉफी मिली। रनर-अप रहीं फरहाना भट्ट जबकि तीसरे चौथे और पांचवें स्थान पर क्रमशः प्रणीत मोरे तान्या मित्तल और अमाल मलिक रहे।

    विजेता गौरव खन्ना टीवी के जाना-माना चेहरा हैं और उन्होंने CID और अनुपमा जैसे लोकप्रिय शो में काम किया है। फिनाले में कार्तिक आर्यन अनन्या पांडे अरमान मलिक और करण कुंद्रा सहित कई बॉलीवुड सितारे मौजूद थे। इस सीजन की खास बात रही भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह जिन्हें बिग बॉस के फिनाले से पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग की तरफ से धमकी मिली थी। कॉल करने वाले ने पवन सिंह को चेतावनी दी कि अगर वे सलमान खान के साथ मंच साझा करेंगे तो उन्हें इंडस्ट्री में काम नहीं करने दिया जाएगा। बावजूद इसके पवन सिंह ने हिम्मत दिखाई और शो में शामिल हुए। सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए गए थे।

    फिनाले के दौरान सलमान खान भावुक हो गए जब उन्होंने धर्मेंद्र को याद किया। शो में धर्मेंद्र के पुराने वीडियो दिखाए गए जिन्हें देखकर सलमान की आंखों से आंसू निकल आए। सलमान ने बताया कि धर्मेंद्र का निधन उनके पिता सलीम खान के जन्मदिन पर हुआ था। उन्होंने यह भी साझा किया कि 8 दिसंबर धर्मेंद्र का जन्मदिन उनकी मां सलमा का जन्मदिन भी है। फिनाले में सनी लियोनी और करण कुंद्रा ने अपने शो स्प्लिट्सविला X6 के प्रमोशन के लिए स्टेज पर मजेदार सेगमेंट किया। सलमान ने तान्या मित्तल की तारीफ करते हुए कहा कि वह बिग बॉस के इतिहास की सबसे वायरल कंटेस्टेंट्स में से हैं। वहीं बसीर अली के शो को लेकर बयानों पर सलमान ने उन्हें चेतावनी दी कि ऐसा प्रोफेशनल करियर को नुकसान पहुंचा सकता है।

    बिग बॉस का इतिहास: इस रियलिटी शो का आइडिया 1997 में नीदरलैंड में शुरू हुए शो बिग ब्रदर से लिया गया। भारत में यह शो 2006 में आया। पहले सीजन के होस्ट थे अरशद वारसी इसके बाद शिल्पा शेट्टी और अमिताभ बच्चन ने होस्ट किया। 2010 से लगातार सलमान खान शो के होस्ट हैं। बिग बॉस आज भारत का सबसे चर्चित और लोकप्रिय रियलिटी शो बन चुका है।

  • पवन सिंह ने मुंबई क्राइम ब्रांच में दर्ज कराई शिकायत, लॉरेंस बिश्नोई गैंग की धमकी के बाद लिया बड़ा एक्शन

    पवन सिंह ने मुंबई क्राइम ब्रांच में दर्ज कराई शिकायत, लॉरेंस बिश्नोई गैंग की धमकी के बाद लिया बड़ा एक्शन


    नई दिल्ली /भोजपुरी स्टार पवन सिंह को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से धमकी मिलने के बाद मामला गंभीर हो गया है। सलमान खान के साथ बिग बॉस 19 के फिनाले में स्टेज शेयर करना उनके लिए मुसीबत का कारण बन गया है। धमकी मिलने और पैसों की डिमांड बढ़ने पर पवन सिंह ने मुंबई पुलिस तथा क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल में दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं।

    सलमान खान संग स्टेज शेयर करना पड़ा भारी
    हाल ही में पवन सिंह बिग बॉस 19 के फिनाले में बतौर गेस्ट पहुंचे थेजहाँ उन्होंने सलमान खान के साथ स्टेज शेयर किया। सूत्रों के मुताबिकफिनाले से ठीक पहले पवन सिंह को एक फोन कॉल आया जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया। कॉलर ने साफ चेतावनी दी कि पवन सिंह सलमान खान के साथ मंच साझा न करेंवरना उन्हें इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा। इतना ही नहींधमकी के साथ भारी रकम की डिमांड भी की गई। धमकी के बाद भी पवन सिंह पीछे नहीं हटे। वे फिनाले में शामिल हुएसलमान खान के साथ डांस भी किया और शो का हिस्सा बने। सोशल मीडिया पर उनके इस अपीयरेंस को काफी पसंद किया गयापर उसी के बाद से धमकियों की संख्या बढ़ गई।

    दो शिकायतें दर्जएंटी एक्सटॉर्शन सेल कर रही जांच
    धमकी और पैसों की उगाही को गंभीर मानते हुए पवन सिंह और उनकी टीम ने तुरंत मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल से संपर्क किया। बताया गया है कि रविवार रात पवन सिंह को अलग-अलग नंबरों से कई मैसेज और ऑडियो रिकॉर्डिंग भेजी गईं। इन मैसेज में गैंग के नाम पर चेतावनी दी गई कि वे सलमान खान के साथ काम न करें और अपने मौजूदा प्रोजेक्ट रोक दें। पवन सिंह की टीम का कहना है कि बिहार से लेकर मुंबई तक कई नंबरों पर उन्हें धमकी भरे मैसेज भेजे गए। इसी के आधार पर दो अलग शिकायतें दर्ज की गई हैं-एक धमकी संबंधित और दूसरी पैसों की डिमांड को लेकर। पुलिस ने सभी नंबरों की कॉल डिटेल्स और सोर्स की जांच शुरू कर दी है। यह माना जा रहा है कि ये धमकियां किसी संगठित गिरोह द्वारा भेजी गई हैंजिसकी जांच प्राथमिकता पर की जा रही है।

    कपिल शर्मा के बाद पवन सिंह को मिली धमकी

    सलमान खान के साथ काम करने पर धमकी मिलना नया मामला नहीं है। इससे पहले कॉमेडियन कपिल शर्मा को भी इसी गैंग की तरफ से धमकी दी गई थीजब सलमान उनके शो द कपिल शर्मा शो में गेस्ट बनकर पहुंचे थे। अब वही पैटर्न पवन सिंह के मामले में देखने को मिल रहा हैजिसने पुलिस की सतर्कता और बढ़ा दी है।

    धमकी के बावजूद पवन सिंह का बड़ा फैसला

    धमकी कॉल में कहा गया था कि अगर पवन सिंह बिग बॉस फिनाले में गए तो उन्हें बॉलीवुड में आगे काम नहीं मिलेगा। बावजूद इसके उन्होंने शो में जाना स्वीकार किया और सलमान खान के साथ स्टेज परफॉर्मेंस दी। अंदर की खबरों के मुताबिककॉलर ने उन्हें गंभीर परिणामों की चेतावनी भी दी थी। डरने के बजाय पवन सिंह ने पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी और कानूनी कार्रवाई का रास्ता चुना। मुंबई पुलिस ने सुरक्षा को बढ़ा दिया है और शुरुआती जांच में कुछ अहम लीड मिलने की बात भी सामने आई है। कॉल करने वालों की लोकेशननेटवर्क और कनेक्शन को ट्रेस किया जा रहा है।

    भोजपुरी इंडस्ट्री में पवन सिंह की लोकप्रियता चरम पर 

    पवन सिंह भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे सुपरहिट चेहरों में से एक हैं। उनके गाने और फिल्‍में मिलियन व्यूज़ तक पहुंचती हैं। बिग बॉस के फिनाले में उनके आने से शो की टीआरपी बढ़ी थी और सोशल मीडिया पर उनकी परफॉर्मेंस खूब वायरल हुई। सलमान खान के साथ डांसमज़ाक और स्टेज शेयरिंग ने दर्शकों को काफी प्रभावित किया। पिछले कुछ महीनों में पवन सिंह कई हिंदी रियलिटी शो में भी नज़र आए हैं और उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।

    पुलिस मामले को बेहद संवेदनशील तरीके से देख रही है

    क्योंकि मामला सलमान खान और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ा हैइसलिए मुंबई क्राइम ब्रांच इसे हाई-प्रायोरिटी केस के रूप में देख रही है। जांच टीम धमकी देने वाले नंबरों को ट्रैक कर रही हैसाथ ही पवन सिंह की सुरक्षा बढ़ाई गई है। पुलिस का कहना है कि मामला प्रारंभिक जांच में गैंगस्टर गतिविधियों से जुड़ा लग रहा है। पवन सिंह की टीम ने फोन कॉलऑडियो रिकॉर्डिंग और व्हाट्सऐप मैसेज सभी पुलिस को सौंप दिए हैं।

  • गौरव खन्ना के बिग बॉस जीतने के 5 कारण, इन वजहों से मिली शो की चमचमाती ट्रॉफी

    गौरव खन्ना के बिग बॉस जीतने के 5 कारण, इन वजहों से मिली शो की चमचमाती ट्रॉफी


    नई दिल्ली। सेलिब्रिटी मास्टरशेफ जीतकर बिग बॉस जैसे रियलिटी शो में पहुंचे गौरव खन्ना की जर्नी आसान नहीं थी. घर में एंट्री लेते ही शो के होस्ट सलमान खान ने उनका मजाक भी उड़ाया. लेकिन वो शो के विनर बन गए. चलिए जानते हैं उन 5 वजहों के बारे में, जिनके चलते गौरव खन्ना इस शो के विनर बनें और ये खिताब अपने नाम किया.
    1. पॉजिटिव ग्रुप के लीडर बने
    बिग बॉस के पहले हफ्ते में ही गौरव खन्ना पॉजिटिव ग्रुप के लीडर बने. उनकी टीम में प्रणित मोरे, अभिषेक बजाज, अशनूर कौर, आवेज दरबार, नगमा और मृदुल तिवारी थे. कैप्टेंसी टास्क के दौरान गौरव ने हमेशा ये चाहा कि उनकी टीम से कोई ही कैप्टन बने. वो अपनी टीम के कंटेस्टेंट्स को हमेशा गाइड करते रहे.
    2. बिग बॉस 19 के असली मास्टरमाइंड बने
    पहले शो का मास्टरमाइंड जीशान कादरी को माना जाता था. लेकिन वो सिर्फ नीलम बचाओ अभियान में जुटे रहे, जिस वजह से उनका न सिर्फ गेम खत्म हुआ बल्कि खुद भी शो से बाहर जाना पड़ा. जबकि गौरव खन्ना समझते थे कि घर के अंदर नंबर्स मायने रखते हैं और इसलिए उन्होंने कंटेस्टेंट्स के साथ अपने इक्वेशन को बैलेंस करने की कोशिश की. शांत और सब्र रखने की वजह से उन्हें घर के अंदर बड़े टास्क जीतने के साथ-साथ चुपचाप फाइनल में भी जगह बना ली.
    3. लड़ाई-झगड़ों से खुद को रखा दूर
    गौरव खन्ना की जीत ने इस धारणा को भी तोड़ दिया कि जो बिग बॉस के घर में लड़ाई झगड़े करता है, वो ही विजेता बनता है. गौरव खन्ना ने दूसरे अन्य कंटेस्टेंट्स की तरह जानबूझकर लड़ाई-झगड़ों और अनावश्यक चिल्लाहट से खुद को दूर रखा. हाई-वोल्टेज ड्रामों के बीच उन्होंने अपना आपा नहीं खोया. जब दूसरे कंटेस्टेंट उन्हें उकसाते थे, तब भी वह धीमा और सोच-समझकर रिएक्शन देते थे, जिससे उन्हें ‘मैच्योर’ खिलाड़ी माना गया
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    4. दूसरे ग्रुप के कंटेस्टेंट से अच्छा व्यवहार
    बिग बॉस 19 में दो ग्रुप बने हुए थे. बावजूद इसके गौरव खन्ना का 16 कंटेस्टेंट में एक के साथ भी ऐसा फेस ऑफ नहीं हुआ कि उनके बीच कोई नफरत का बीज उग सके. उन्होंने घर के अंदर सभी के प्रति सम्मान बनाए रखा, चाहे वह उनके दोस्त हों या कॉम्पिटिटर. उनकी भाषा और व्यवहार में हमेशा एक गरिमा दिखाई दी. टास्क के दौरान भी ये सब दिखाई दिया. यह व्यवहार बिग बॉस के दर्शकों को बहुत पसंद आया, क्योंकि वे अक्सर ड्रामा के बीच एक पॉजिटिव रोल मॉडल की ढूंढते हैं.
    5. सलमान ने दिया सबसे बड़ा हिंट
    वहीं सलमान खान जो पहले कुछ हफ्तों में गौरव खन्ना का मजाक उड़ाते थे, वो ही सलमान खान शो के अंतिम हफ्तों में गौरव खन्ना के फैन बन गए. सलमान ने गौरव के बारे में कहा, ‘उनका गेम अभी तक एक जैसा ही रहा है और उन्होंने किसी के साथ जबरदस्ती झगड़ा नहीं किया. अगर यह उनकी पर्सनैलिटी है, तो मैं इसकी दाद देना चाहूंगा, और अगर यह गेम है, तो हैट्स ऑफ ब्रो.’
    सलमान ने यह भी माना कि बिग बॉस जैसे शो के लिए गौरव की यह शांत पर्सनैलिटी ‘फायदेमंद नहीं’ हो सकती है क्योंकि यहां ड्रामा ज्यादा बिकता है). एक्टर ने कहा कि गौरव लोगों को ऑब्जर्व करते हैं और डायरेक्टली उन्हें बोलते हैं. यानी, वह पीठ पीछे बातें करने के बजाय सामने से अपनी बात रखते हैं, जो उनके खेल को ईमानदार बनाता है. सलमान की इन बातों से ही गौरव खन्ना के फैंस मान बैठे थे कि वो ही शो के विनर बनेंगे और ऐसा ही हुआ.

  • धर्मेंद्र की 90वीं सालगिरह: दारा सिंह से कुश्ती सीखी, गिरते पेड़ को रोककर बचाई थी जान

    धर्मेंद्र की 90वीं सालगिरह: दारा सिंह से कुश्ती सीखी, गिरते पेड़ को रोककर बचाई थी जान


    नई दिल्ली /भारतीय सिनेमा के इतिहास में धर्मेंद्र वह नाम हैं जिनकी मुस्कान सादगी इंसानियत और दिलकश अदाएं आज भी लोगों के दिलों में ज़िंदा हैं। पर्दे पर वे जितने दमदार दिखते थे असल जिंदगी में उससे भी कई गुना ज्यादा संवेदनशील रिश्तों को निभाने वाले और ज़मीन से जुड़े इंसान थे। उनके 90वें जन्मदिन पर पद्मश्री भजन सम्राट अनूप जलोटा पद्मश्री बांसुरी वादक पंडित रोनू मजूमदार और एड गुरु-फिल्ममेकर प्रभाकर शुक्ल ने उनसे जुड़ी कई प्रेरणादायी और भावुक यादें साझा कीं।

    पंजाबी संस्कार सादगी और परिवार से गहरा लगाव

    अनूप जलोटा बताते हैं कि धर्मेंद्र के अंदर बचपन से ही उनके पिता के संस्कार बस गए थे। वे फगवाड़ा के रहने वाले थे जहां सादगी प्रेम और इंसानियत सबसे बड़ी पहचान मानी जाती है। मुंबई में शुरुआती दिनों के संघर्ष के बीच भी धर्मेंद्र अपने परिवार और दोस्तों से जुड़ाव नहीं भूलते थे। वे फैमिली मैन थे-पहली पत्नी और बच्चों से लेकर हेमा मालिनी तक सभी का सम्मान करते रहे। धर्मेंद्र बचपन से ही एक्टिंग के दीवाने थे। पहली बार दिलीप कुमार को देखने के बाद उन्होंने अभिनेता बनने का संकल्प ही मानो ले लिया था। अनूप जलोटा उन्हें याद करते हुए कहते हैं कि पहली मुलाकात में लगा जैसे कमरे की रोशनी बढ़ गई हो-लंबे गोरे सुंदर और व्यक्तित्व में अद्भुत चमक।

    बॉडी बिल्डिंग कल्चर के पहले दूत

    आज बॉलीवुड में फिटनेस ट्रेंड का बोलबाला है लेकिन इसकी शुरुआत धर्मेंद्र ने की थी। उनके समय में देवानंद या दिलीप कुमार जैसे सितारों पर फिटनेस का इतना जोर नहीं था। लेकिन धर्मेंद्र मानते थे कि एक्टर के लिए मजबूत शरीर जरूरी है। यही वजह है कि उनकी बाजुओं और कंधों की ताकत के किस्से आज भी मशहूर हैं।

    पंजाब से आने वालों के लिए धरम पाजी का घर एक सहारा

    धर्मेंद्र बेहद मददगार थे लेकिन कभी इसका ढिंढोरा नहीं पीटते। पंजाब से आने वाले लोग उनके घर के नीचे बने कमरों में रहते खाते रुकते। धरम पाजी बिना पहचान पूछे हर किसी की मदद कर देते थे।

    गजलों पर रो पड़ने वाले भावुक कलाकार
    अनूप जलोटा एक किस्सा सुनाते हैं कि दिल्ली जाते हुए ट्रेन में वे धर्मेंद्र को गजलें सुना रहे थे और धरम पाजी बार-बार भावुक होकर रो पड़ते थे। उनके अनुसार धर्मेंद्र जितने मजबूत बाहर से थे उतने ही नरमदिल अंदर से। गरम धरम और ढाबे का देहाती स्वाद
    पंडित रोनू मजूमदार बताते हैं कि गरम धरम ढाबे का आइडिया खुद धर्मेंद्र ने दिया था। उन्हें देसी खाने से बहुत लगाव था। दाल साग लस्सी-ये सब उनके पसंदीदा व्यंजन थे। उनकी उपस्थिति और उनके खेतों के अनाज से बने भोजन ने मुर्थल के इस ढाबे को बेहद लोकप्रिय बना दिया।

    बांसुरी की धुन सुनकर रो पड़े थे धर्मेंद्र

    फिल्म बेताब में सनी देओल को लॉन्च करते समय रोनू मजूमदार बांसुरी बजा रहे थे। उनकी धुन ऐसी थी कि सनी नहीं बल्कि धर्मेंद्र ही रो पड़े। भावुक होकर उन्होंने उन्हें 500 रुपए का नोट दिया जो रोनू आज भी सहेजकर रखते हैं। दारा सिंह को गोद में उठा लेने वाली ताकत
    धर्मेंद्र और दारा सिंह की दोस्ती जगजाहिर थी। एक बार कुश्ती देखते समय दारा सिंह ने जब विरोधी पहलवान को हराया तो खुशी में धर्मेंद्र ने उन्हें उठा लिया। लगभग 130-135 किलो के दारा सिंह को उठाना किसी आम इंसान के बस की बात नहीं थी। धर्मेंद्र अक्सर दारा सिंह के साथ कुश्ती के दांव-पेंच भी सीखते थे जो उनकी फिल्मों के लड़ाई वाले दृश्यों में साफ नजर आता है।

    गिरते पेड़ को रोककर कई लोगों की जान बचाई

    फिल्म लोहा की शूटिंग का किस्सा धार्मिक बहादुरी साबित करता है। तेज हवा के सीन के लिए पेड़ को काटा गया लेकिन कट ज़रूरत से ज्यादा गहरा हो गया और पेड़ सीधे सेट की ओर गिरने लगा। धर्मेंद्र दौड़े और अपने कंधे से पेड़ को रोककर क्रू मेंबर्स की जान बचा ली।

    600 पैक वाले धरम जी-खुद करते थे खतरनाक सीन
    फिल्म बंटवारा में एक बेकाबू ऊंट को धर्मेंद्र ने दोनों हाथों से रोक दिया था। वे स्टंटमैन का सहारा नहीं लेते थे। कहते हैं-उनके पास 6-पैक नहीं बल्कि 600-पैक की ताकत थी।

    ट्रक ड्राइवर से कपड़े मांगकर की शूटिंग

    फिल्म दो चोर के दौरान महेश भट्ट कॉस्ट्यूम भूल गए थे। डर के मारे उन्होंने धर्मेंद्र को बताया तो उन्होंने तुरंत एक असली ट्रक ड्राइवर से लुंगी कुर्ता और पगड़ी मांगकर वही पहनकर शूटिंग कर ली। यह उनकी प्रोफेशनलिज़्म की मिसाल है।

    83 साल की उम्र में भी कैमरे को दोस्त मानने वाला कलाकार
    प्रभाकर शुक्ल बताते हैं कि 83 वर्ष की उम्र में भी धर्मेंद्र सेट पर समय से पहले पहुंच जाते थे। कहते- कैमरा मेरा दोस्त है। वे डायलॉग खुद उर्दू में लिखते सभी के साथ फोटो खिंचवाते और अपनी शायरी सुनाते। उनकी सरलता और विनम्रता वही थी-जो एक सच्चे कलाकार की पहचान है।

  • डेटिंग ऐप पर हुई मुलाकात बनी शादी तक का सफर-सारा खान और कृष पाठक की रोमांटिक जर्नी का खूबसूरत अंत

    डेटिंग ऐप पर हुई मुलाकात बनी शादी तक का सफर-सारा खान और कृष पाठक की रोमांटिक जर्नी का खूबसूरत अंत

    नई दिल्ली । टीवी इंडस्ट्री में अपनी खास पहचान बना चुकी अभिनेत्री सारा खान ने 5 दिसंबर को अपने बॉयफ्रेंड कृष पाठक के साथ हिंदू रीति-रिवाजों से शादी कर ली। इससे पहले अक्टूबर में दोनों ने कोर्ट मैरिज की थी। अब इस कपल ने परिवार और दोस्तों की मौजूदगी में भव्य समारोह आयोजित कर अपनी प्रेम कहानी को एक खूबसूरत अंजाम दिया। शादी के तुरंत बाद मुंबई में आयोजित रिसेप्शन में टीवी और सोशल मीडिया जगत के कई सितारे शामिल हुए।

    शादी और रिसेप्शन में सारा–कृष का शानदार लुक

    शादी के दिन सारा खान बेहद खूबसूरत नजर आईं। उन्होंने लाल रंग का पारंपरिक लहंगा पहना, जिसे भारी गोल्डन ज्वेलरी—गोल्ड नेकलेस, बड़ी नथ और मांग टीका—के साथ कैरी किया। वहीं दूल्हे कृष पाठक ने भी लाल शेरवानी पहनकर दुल्हन के साथ ट्विनिंग की।

    रिसेप्शन में दोनों ने पूरी तरह अलग, लेकिन रॉयल लुक अपनाया। कृष ने ब्लैक शेरवानी के साथ कढ़ाईदार ओवरकोट पहना, जबकि सारा ने सादगी भरा लेकिन बेहद आकर्षक आउटफिट चुना। शादी के बाद माथे पर सुहाग का सिंदूर लगाए सारा की मुस्कान और हाथों की मेहंदी ने उनके लुक को खास बना दिया।

    इस आयोजन में आवेज दरबार, नगमा मिराजकर, फलक नाज़, राजीव ठाकुर और दीपशिखा नागपाल सहित कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं। कपल ने बॉलीवुड गानों पर खूब डांस किया और सभी मेहमानों के साथ मस्ती भरे पल बिताए।

    डेटिंग ऐप से शुरू हुई प्रेम कहानी

    सारा खान और कृष पाठक की लव स्टोरी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। दोनों की मुलाकात करीब एक साल पहले एक डेटिंग ऐप पर हुई। एक इंटरव्यू में सारा ने बताया कि उन्होंने पहली बार कृष की फोटो देखी और तुरंत एक जुड़ाव महसूस किया। फोटो देखने के बाद दोनों ने चैटिंग शुरू की और अगले ही दिन मिलने का फैसला कर लिया।

    सारा ने साफ कर दिया था कि वह किसी कैज़ुअल रिश्ते में दिलचस्पी नहीं रखतीं। वह शादी करके बसना चाहती थीं। दूसरी ओर कृष भी अपने पुराने ब्रेकअप से उभर रहे थे। उन्होंने कहा कि वे “शादी करने वाले इंसान” नहीं थे, क्योंकि उनका पालन-पोषण उनकी सिंगल मदर ने किया था और घर का माहौल उन्हें रिश्तों के बारे में सतर्क रखता था।

    लेकिन सारा से मिलने के बाद उनका नजरिया बदल गया। कृष ने बताया, “मुझे लगा कि अगर इसे खो दिया तो शायद सबसे बड़ी गलती होगी।” यहीं से उनकी प्रेम कहानी ने गंभीर मोड़ लिया और जल्द ही यह रिश्ता शादी में बदल गया।

    कृष पाठक का परिवार और पिता सुनील लहरी का परिचय

    कृष पाठक, टीवी के जाने-माने अभिनेता सुनील लहरी के बेटे हैं, जिन्हें सबसे अधिक लोकप्रियता रामानंद सागर की पौराणिक श्रृंखला ‘रामायण’ (1987-88) में लक्ष्मण की भूमिका निभाकर मिली।

    हालांकि कृष ने अपने जीवन के ज्यादातर साल अपनी मां के साथ बिताए। सुनील लहरी की पहली शादी भारती नाम की महिला से हुई थी। बाद में उन्होंने तरुण कटियाल से शादी की। कृष किस पत्नी से जन्मे हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह पक्का है कि उनका पालन-पोषण उनकी सिंगल मदर ने ही किया। इसी वजह से उनकी शादी को लेकर सोच काफी समय तक अस्थिर रही।

    सुनील लहरी न सिर्फ रामायण में बल्कि कई अन्य सीरियल्स और फिल्मों में भी नजर आए—

    परम वीर चक्र (1990) में सेकंड लेफ्टिनेंट राणा राघोबा राणे

    विक्रम और बेताल, दादा-दादी की कहानियाँ जैसे शो में महत्वपूर्ण भूमिकाएं

    उनकी पहली फिल्म द नक्सलाइट्स (1980)

    ‘फिर आई बरसात’ (1985) और ‘जन्म कुंडली’ (1995) जैसी फिल्मों में भी अभिनय

    लेकिन उनकी सबसे बड़ी पहचान आज भी लक्ष्मण के रूप में ही बनी हुई है।

    एक खूबसूरत अध्याय की शुरुआत

    सारा खान, जो ‘बिदाई’ जैसी सुपरहिट सीरियल से घर-घर में मशहूर हुईं, अब अपनी शादीशुदा जिंदगी की नई शुरुआत कर चुकी हैं। डेटिंग ऐप पर हुई छोटी सी मुलाकात ने धीरे-धीरे एक गहरी कहानी का रूप लिया और आखिरकार शादी के बंधन में बंधकर इसे एक सुंदर अंजाम मिला।

    दोनों अपने करियर और निजी जीवन को साथ लेकर आगे बढ़ने के लिए बेहद उत्साहित हैं।