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  • गरीबी कम उम्र की शादी और ग्लैमर की कीमत सिल्क स्मिता की अधूरी कहानी

    गरीबी कम उम्र की शादी और ग्लैमर की कीमत सिल्क स्मिता की अधूरी कहानी


    नई दिल्ली । साउथ सिनेमा की दुनिया में एक ऐसा नाम रहा जिसने अपने अंदाज और स्क्रीन प्रेजेंस से पूरे दौर को बदल दिया लेकिन उनकी असल जिंदगी उतनी ही दर्दनाक और संघर्षों से भरी रही यह कहानी है सिल्क स्मिता की जिनका जन्म एक साधारण तेलुगु परिवार में हुआ था आर्थिक हालात इतने कमजोर थे कि उन्हें चौथी कक्षा के बाद ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी बचपन में ही जिम्मेदारियों का बोझ उनके कंधों पर आ गया और वह अपनी मां के साथ घर के कामों में हाथ बंटाने लगीं

    जिंदगी ने उस वक्त और बड़ा मोड़ लिया जब महज 14 साल की उम्र में उनकी शादी कर दी गई यह शादी उनकी मर्जी के खिलाफ थी और ससुराल में उन्हें सम्मान के बजाय हिंसा और अपमान का सामना करना पड़ा कुछ समय तक इस रिश्ते को निभाने की कोशिश के बाद उन्होंने साहस दिखाया और इस शादी को छोड़ने का फैसला किया यह कदम उस दौर में बेहद बड़ा और जोखिम भरा था लेकिन यहीं से उनकी असली लड़ाई शुरू हुई

    शादी टूटने के बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में टच अप आर्टिस्ट के तौर पर काम शुरू किया धीरे धीरे छोटे रोल मिलने लगे लेकिन उनकी किस्मत तब बदली जब एक निर्देशक ने उनकी प्रतिभा को पहचाना उन्हें अभिनय और डांस की ट्रेनिंग दिलाई गई और इसके बाद उन्होंने फिल्मों में अपनी एक अलग पहचान बना ली

    सिल्क स्मिता ने अपने बोल्ड अंदाज और इंटीमेट सीन से उस समय के सिनेमा में तहलका मचा दिया 80 और 90 के दशक में उनकी मौजूदगी फिल्म की सफलता की गारंटी मानी जाने लगी हर फिल्ममेकर उनकी लोकप्रियता का फायदा उठाना चाहता था और उनके गानों को खास तौर पर शामिल किया जाता था उन्होंने अपने करियर में 450 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और दर्शकों के दिलों पर राज किया

    लेकिन यह चमक ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सकी धीरे धीरे उनके करियर में गिरावट आने लगी और निजी जिंदगी में भी परेशानियां बढ़ती चली गईं वह डिप्रेशन का शिकार हो गईं और अकेलेपन में घिरती चली गईं आखिरकार 23 अक्टूबर को उनकी मौत की खबर ने सबको हिला दिया वह अपने घर में पंखे से लटकी हुई पाई गईं कुछ लोगों ने इसे आत्महत्या माना तो कुछ ने इस पर सवाल भी उठाए लेकिन सच आज भी रहस्य बना हुआ है

    उनकी जिंदगी पर बनी फिल्म ने भी काफी चर्चा बटोरी जिसमें एक्ट्रेस विद्या बालन ने उनका किरदार निभाया इस भूमिका के लिए उन्होंने अपना वजन भी बढ़ाया और उनकी परफॉर्मेंस को खूब सराहा गया दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म का ऑफर पहले कई अन्य अभिनेत्रियों को दिया गया था लेकिन उन्होंने इसे करने से मना कर दिया था

    सिल्क स्मिता की कहानी सिर्फ ग्लैमर या विवाद की नहीं है बल्कि यह एक ऐसी महिला की कहानी है जिसने हर मुश्किल का सामना किया अपनी पहचान बनाई लेकिन अंत में अकेलेपन और दर्द के आगे हार गई उनकी जिंदगी आज भी एक सबक है कि सफलता के पीछे छिपे संघर्ष को समझना कितना जरूरी है

  • आपातकाल के दौरान किशोर कुमार के गानों पर लगा था बैन, जानिए वजह

    आपातकाल के दौरान किशोर कुमार के गानों पर लगा था बैन, जानिए वजह


    नई दिल्ली। 25 जून 1975 का दिन भारतीय इतिहास में उस दौर के रूप में दर्ज है, जिसे आपातकाल (Emergency) के नाम से जाना जाता है। इस समय देश में 21 महीने तक विशेष परिस्थितियां लागू रहीं और कई नागरिक अधिकारों पर रोक लगा दी गई थी। इसी कठिन दौर में भारतीय सिनेमा के महान गायक और अभिनेता किशोर कुमार भी एक ऐसे विवाद में फंस गए, जिसने उनके करियर और लोकप्रियता पर गहरा असर डाला।

    सरकारी आदेश और किशोर कुमार से जुड़ा विवाद

    उस समय सरकार की ओर से यह प्रयास किया जा रहा था कि सरकारी योजनाओं और संदेशों को लोकप्रिय माध्यमों के जरिए जनता तक पहुंचाया जाए। इसके लिए सबसे लोकप्रिय आवाजों का सहारा लेने की योजना बनी। मीडिया रिपोर्ट्स और चर्चाओं के अनुसार, तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से किशोर कुमार से सरकारी प्रचार गीत गाने का अनुरोध किया गया था। कहा जाता है कि किशोर कुमार से संपर्क कर उन्हें यह संदेश दिया गया कि वे सरकार के लिए एक प्रचार गीत रिकॉर्ड करें, ताकि योजनाओं को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।

    किशोर कुमार का साफ इनकार

    किशोर कुमार, जो अपनी बेबाक और स्वतंत्र सोच के लिए जाने जाते थे, ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी सवाल किया कि उन्हें यह गीत क्यों गाना चाहिए और किस आधार पर उनसे यह अपेक्षा की जा रही है। बताया जाता है कि उन्हें जवाब मिला कि यह “ऊपर से आदेश” है। इसी जवाब के बाद किशोर कुमार ने स्पष्ट रूप से सरकार के अनुरोध को ठुकरा दिया। यही वह मोड़ था, जिसने पूरे विवाद को जन्म दे दिया।

    बैन का फैसला और बढ़ा विवाद

    किशोर कुमार के इनकार के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। कुछ समय बाद सरकारी प्रसारण माध्यमों आकाशवाणी और दूरदर्शन पर उनके गीतों के प्रसारण को लेकर प्रतिबंध लगाने की खबरें सामने आईं।

    हालांकि यह बैन आधिकारिक रूप से लंबे समय तक स्थायी नहीं रहा, लेकिन करीब 6 महीने तक उनके गानों के प्रसारण पर असर पड़ा, ऐसा कई मीडिया रिपोर्ट्स और फिल्म जगत से जुड़े लोग बताते हैं।

    फैंस और इंडस्ट्री पर असर

    उस दौर में न तो इंटरनेट था और न ही यूट्यूब जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म। ऐसे में रेडियो और दूरदर्शन ही मनोरंजन के प्रमुख साधन थे। किशोर कुमार की आवाज उस समय पूरे देश में बेहद लोकप्रिय थी, और अचानक उनके गानों का गायब हो जाना उनके प्रशंसकों के लिए बड़ा झटका था।

    फिल्म और संगीत उद्योग पर भी इसका असर देखने को मिला, क्योंकि किशोर कुमार उस समय के सबसे प्रमुख और व्यस्त गायकों में से एक थे।

    विवाद के बाद भी बरकरार रही लोकप्रियता

    हालांकि यह विवाद उनके करियर में एक मुश्किल दौर के रूप में देखा जाता है, लेकिन किशोर कुमार की लोकप्रियता पर इसका स्थायी असर नहीं पड़ा। समय के साथ वे फिर से बॉलीवुड के सबसे पसंदीदा गायकों में शामिल हो गए और उन्होंने कई यादगार गीत दिए।
    उनकी आवाज आज भी भारतीय संगीत इतिहास में अमर मानी जाती है।

    किशोर कुमार और आपातकाल से जुड़ा यह विवाद भारतीय फिल्म इतिहास का एक चर्चित अध्याय है, जो यह दिखाता है कि उस दौर में कला, राजनीति और स्वतंत्रता के बीच तनाव किस तरह गहराता गया था।

  • क्या टूटेगा पुष्पा 2 का रिकॉर्ड धुरंधर 2 की रफ्तार तेज लेकिन साउथ में कमजोर पकड़

    क्या टूटेगा पुष्पा 2 का रिकॉर्ड धुरंधर 2 की रफ्तार तेज लेकिन साउथ में कमजोर पकड़


    नई दिल्ली । भारतीय बॉक्स ऑफिस पर इस समय एक दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है जहां एक तरफ है धुरंधर 2 और दूसरी तरफ है पुष्पा 2 दोनों फिल्मों ने अपने अपने स्तर पर जबरदस्त प्रदर्शन किया है लेकिन अब असली सवाल यही है कि क्या धुरंधर 2 इतिहास रचते हुए पुष्पा 2 का रिकॉर्ड तोड़ पाएगी या नहीं मौजूदा आंकड़े इस मुकाबले को और भी रोमांचक बना रहे हैं

    धुरंधर 2 ने रिलीज के 22वें दिन 7.15 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया जबकि पुष्पा 2 ने अपने 22वें दिन 10.50 करोड़ रुपये की कमाई की थी यानी शुरुआती रफ्तार में धुरंधर 2 थोड़ी पीछे जरूर नजर आती है लेकिन कुल कमाई के मामले में यह फिल्म अब भी मजबूती से टिकी हुई है तीन हफ्तों में धुरंधर 2 ने 1048.42 करोड़ रुपये का शानदार कारोबार कर लिया है जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है

    वहीं अगर पुष्पा 2 की बात करें तो उसने 9 हफ्तों में 1234.10 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था इस हिसाब से धुरंधर 2 के पास अभी भी लगभग 6 हफ्तों का समय बचा हुआ है और उसे इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए करीब 186 करोड़ रुपये और कमाने होंगे आंकड़ों के लिहाज से यह लक्ष्य मुश्किल जरूर है लेकिन नामुमकिन नहीं

    दिलचस्प बात यह है कि हिंदी बॉक्स ऑफिस पर धुरंधर 2 ने पुष्पा 2 को पीछे छोड़ दिया है धुरंधर 2 के हिंदी वर्जन ने तीन हफ्तों में 983.79 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है जबकि पुष्पा 2 ने हिंदी में 812.14 करोड़ रुपये कमाए थे यानी हिंदी बेल्ट में धुरंधर 2 का दबदबा साफ दिखाई देता है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत भी है

    लेकिन असली चुनौती साउथ बॉक्स ऑफिस में छिपी हुई है पुष्पा 2 को तेलुगू तमिल मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में जबरदस्त समर्थन मिला था खासतौर पर तेलुगू वर्जन ने 341.48 करोड़ रुपये की भारी कमाई की थी इसके मुकाबले धुरंधर 2 साउथ में काफी पीछे नजर आती है इसके तमिल वर्जन ने 18.49 करोड़ तेलुगू वर्जन ने 41.22 करोड़ कन्नड़ वर्जन ने 3.18 करोड़ और मलयालम वर्जन ने केवल 1.74 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है यही वह अंतर है जो इसे रिकॉर्ड से दूर रख रहा है

    अब सवाल यह है कि क्या धुरंधर 2 इस अंतर को भर पाएगी इसका जवाब आने वाले दिनों में छिपा है क्योंकि फिल्म के सामने अब एक नई चुनौती आने वाली है 17 अप्रैल को भूत बंगला रिलीज हो रही है जिसमें अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी लंबे समय बाद साथ नजर आएगी इस फिल्म को लेकर दर्शकों में अच्छा खासा उत्साह है और इसका सीधा असर धुरंधर 2 की कमाई पर पड़ सकता है

    खासकर हिंदी बेल्ट में जहां से धुरंधर 2 को सबसे ज्यादा कमाई मिल रही है वहीं अगर नई फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच लेती है तो इसके कलेक्शन में गिरावट आ सकती है ऐसे में धुरंधर 2 के पास अगले 5 से 6 दिन बेहद अहम हैं यही वह समय है जब फिल्म को ज्यादा से ज्यादा कमाई करनी होगी

    कुल मिलाकर धुरंधर 2 के पास रिकॉर्ड तोड़ने का मौका जरूर है लेकिन राह आसान नहीं है हिंदी में मजबूत पकड़ के बावजूद साउथ में कमजोर प्रदर्शन और नई फिल्मों की एंट्री इसके लिए बड़ी बाधा बन सकती है अब देखना दिलचस्प होगा कि यह फिल्म इतिहास रचती है या फिर पुष्पा 2 अपना ताज बरकरार रखती है

  • टीवी और फिल्मी दुनिया के अनोखे संगम ने दर्शकों को भव्य, रोमांचक और यादगार मनोरंजन अनुभव प्रदान किया

    टीवी और फिल्मी दुनिया के अनोखे संगम ने दर्शकों को भव्य, रोमांचक और यादगार मनोरंजन अनुभव प्रदान किया


    नई दिल्ली:मनोरंजन जगत में टीवी और फिल्मों के बीच बढ़ती साझेदारी ने दर्शकों के अनुभव को और समृद्ध बना दिया है। इसी क्रम में लोकप्रिय फैंटेसी धारावाहिक नागिन 7 का आगामी विशेष एपिसोड खास चर्चा में है, जिसमें बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार एक अनोखे और प्रभावशाली रूप में नजर आने वाले हैं। इस एपिसोड को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि इसमें कहानी, रोमांच और स्टार पावर का अनूठा मेल प्रस्तुत किया जाएगा।

    इस विशेष कड़ी में अक्षय कुमार नाग गुरु के रूप में दिखाई देंगे, जो कहानी में एक निर्णायक भूमिका निभाते हैं। उनका यह किरदार न केवल रहस्यमयी है बल्कि मार्गदर्शक के रूप में भी सामने आता है। शुरुआत में उनका ऊर्जावान अंदाज दर्शकों को आकर्षित करता है, लेकिन जल्द ही कहानी एक गंभीर मोड़ ले लेती है जब वह नागिन आहना को एक बड़े खतरे के बारे में चेतावनी देते हैं।

    कहानी में ड्रैगन का प्रवेश एक विशाल और खतरनाक शक्ति के रूप में दिखाया गया है। नाग गुरु के अनुसार यह दुश्मन इतना शक्तिशाली है कि उसकी उपस्थिति ही विनाश का संकेत बन जाती है। यह चेतावनी कथा को और अधिक रोचक बनाती है और आहना के सामने एक कठिन चुनौती खड़ी कर देती है। अब उसे न केवल अपनी शक्तियों का सही उपयोग करना होगा, बल्कि अपने साहस और समझदारी की भी परीक्षा देनी होगी।

    एपिसोड का मुख्य आकर्षण ड्रैगन पर्ल को लेकर होने वाला संघर्ष है, जो कहानी को एक भव्य और रोमांचक रूप देता है। नागिन और ड्रैगन के बीच यह टकराव केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं बल्कि अस्तित्व की लड़ाई बन जाता है। इस दौरान नाग गुरु मार्गदर्शन देते हैं, लेकिन स्पष्ट करते हैं कि अंतिम जीत आहना को अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर ही हासिल करनी होगी।

    कहानी में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आता है जब नाग गुरु यह संकेत देते हैं कि ड्रैगन को हराने का उपाय उसकी अपनी शक्ति में ही छिपा है। यह विचार कथा को गहराई प्रदान करता है और दर्शकों के मन में उत्सुकता जगाता है कि आहना इस रहस्य को किस तरह अपने पक्ष में इस्तेमाल करेगी। इसके बाद आहना का आत्मविश्वास और भी मजबूत होता है और वह पूरी दृढ़ता के साथ इस चुनौती का सामना करने का संकल्प लेती है।

    यह विशेष प्रस्तुति दर्शाती है कि किस प्रकार आधुनिक मनोरंजन उद्योग में विभिन्न माध्यम एक साथ मिलकर दर्शकों को नया और प्रभावशाली अनुभव देने का प्रयास कर रहे हैं। इस तरह के प्रयोग न केवल कहानी को रोचक बनाते हैं बल्कि दर्शकों को विविधता से भरपूर मनोरंजन भी प्रदान करते हैं। 

  • OTT और सिनेमाघरों पर लगेगा एंटरटेनमेंट का तड़का, इस शुक्रवार रिलीज होगी कई फ़िल्में और सीरीज

    OTT और सिनेमाघरों पर लगेगा एंटरटेनमेंट का तड़का, इस शुक्रवार रिलीज होगी कई फ़िल्में और सीरीज


    नई दिल्ली। सिनेमाघरों के बाद OTT में कई फिल्में और सीरीज रिलीज होती हैं जिसे आप अपने घर पर ही बड़े आसानी से देख सकते हैं। वहीं इस शुक्रवार 10 अप्रैल, 2026 को सिनेमाघर और अलग-अलग स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म OTT पर कई फ़िल्में और सीरीज दस्तक देने को तैयार है। इनमें शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) और तृप्ति डिमरी (Tripti Dimri) स्टारर मूवी ‘ओ’रोमियो’ (O’Romeo) लेकर मृणाल ठाकुर (Mrunal Thakur) की नई फिल्म ‘डकैत’ (Dacoit) शामिल हैं। तो चलिए उनके बारे में जानते हैं।

    फिल्म डकैत
    मृणाल ठाकुर की ‘डकैत’ का नाम इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। जब से इस फिल्म का ट्रेलर आया है दर्शक इस फिल्म को देखने के लिए अपनी उत्सुकता दिखा रहे हैं आपको बता दे इस फिल्म में मृणाल ठाकुर ने सरस्वती नाम की लड़की का किरदार निभाया है। ये रोमांटिक एक्शन फिल्म 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है। वहीं फिल्म में मृणाल ठाकुर के साथ-साथ अदिवि शेष भी लीड रोल में नजर आ रहे हैं।

    फिल्म ओ रोमियो
    शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की फिल्म और रोमियो ने सिनेमाघरों में धमाल मचा दिया था। अच्छा खासा कलेक्शन करने के बाद अब OTT प्लेटफार्म पर रिलीज होने जा रही है।विशाल भारद्वाज के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म प्यार और रिश्तों को एक ड्रामैटिक ट्विस्ट के साथ दिखाती है।इसे प्राइम वीडियो पर 10 अप्रैल से फ्री में देख सकते हैं।

    फिल्म तू या मैं
    सनाया कपूर की फिल्म तू या मैं नेवी सिनेमा घर में काफी अच्छा कलेक्शन किया था अब वह OTT पर आने जा रही है।ये फिल्म रोमांस और सर्वाइवल का मिक्स, यह फिल्म दो बहुत अलग इन्फ्लुएंसर की कहानी है, जिनकी ट्रिप एक डरावना मोड़ लेती है।एक गहरे स्विमिंग पूल में मगरमच्छ के साथ फंसे होने के कारण, उन्हें अपनी पर्सनल मुश्किलों से निपटते हुए ज़िंदा रहने के लिए लड़ना पड़ता है। इसे इस शुक्रवार, 10 अप्रैल को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम कर सकते हैं।

    परफेक्ट क्राउन सीरीज
    परफेक्ट क्राउन‘परफेक्ट क्राउन’ इस साल की सबसे ज़्यादा इंतज़ार की जाने वाली कोरियन ड्रामा रिलीज़ में से एक है, क्योंकि इसमें IU और बायन वू-सियोक मेन रोल में हैं. यह एक अमीर वारिस और एक कमज़ोर राजकुमार के बीच कॉन्ट्रैक्ट मैरिज की कहानी पर बेस्ड है।ये 10 अप्रैल से डिज्नी प्लस पर स्ट्रीम हो सकती हैं।

    आउटकम सीरीज
    जोनाह हिल द्वारा निर्देशित इस डार्क कॉमेडी फिल्म में कीनू रीव्स ने रीफ हॉक का किरदार निभाया है, जो एक हॉलीवुड अभिनेता है। उसका करियर एक रहस्यमय ब्लैकमेलर के कारण खतरे में पड़ जाता है, जिसके पास उसके अतीत का एक आपत्तिजनक वीडियो है। फिल्म में कैमरून डियाज़, मैट बोमर, डेविड स्पेड, लैवर्न कॉक्स, काइया गेर्बर और हिल भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। यह सीरीज 10 अप्रैल को Apple Tv पर रिलीज होगी।

  • 19वीं सदी की वास्तविक घटनाओं पर आधारित ‘राणाबाली’ की भव्य प्रस्तुति…

    19वीं सदी की वास्तविक घटनाओं पर आधारित ‘राणाबाली’ की भव्य प्रस्तुति…


    नई दिल्ली:साल की सबसे प्रतीक्षित फिल्मों में से एक, ‘राणाबाली’, 19वीं सदी की वास्तविक घटनाओं पर आधारित एक पैन-इंडिया पीरियड ड्रामा के रूप में तैयार हो रही है। माइथ्री मूवी मेकर्स के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्देशन राहुल सांकृत्यायन कर रहे हैं, जबकि प्रोडक्शन टी-सीरीज के साथ य. रविशंकर और नवीन यरनेनी ने मिलकर किया है। फिल्म में विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिकाओं में हैं, और हॉलीवुड स्टार अर्नोल्ड वोस्लू भी महत्वपूर्ण किरदार निभा रहे हैं।

    राहुल सांकृत्यायन ने बताया कि फिल्म की कहानी पूरी तरह से ऐतिहासिक सच्चाइयों और भूले-बिसरे रायलसीमा की घटनाओं पर आधारित है। इसके लिए उन्होंने कई इतिहासकारों, कवियों और पुराने अभिलेखागारों से गहन शोध किया। उनका कहना है कि इतिहास केवल किताबों में ही नहीं, बल्कि गांवों, रीति-रिवाजों और अनकही कहानियों में भी मौजूद है। फिल्म के क्लाइमेक्स के कुछ दृश्यों को भी गांवों में लंबे समय तक भूले हुए रीति-रिवाजों और स्थानीय अनुभवों से प्रेरित किया गया है।

    फिल्म में विजय देवरकोंडा एक निडर विद्रोही के रूप में नजर आएंगे, जो उस काल और क्षेत्र की कठोर सच्चाइयों में जी रहे लोगों की आक्रामकता और दबदबे का प्रतीक हैं। इस किरदार की तैयारी के लिए उन्होंने रायलसीमा की स्थानीय बोली सीखी और घुड़सवारी की ट्रेनिंग भी ली। फिल्म के लिए महाराष्ट्र से विशेष रूप से घोड़े मंगवाए गए और उन्हें भी प्रशिक्षित किया गया। राहुल सांकृत्यायन ने बताया कि घोड़ा फिल्म में केवल एक प्रॉप नहीं बल्कि कहानी का अहम हिस्सा है।

    रश्मिका मंदाना फिल्म में फीमेल लीड हैं और विजय देवरकोंडा के साथ उनकी जोड़ी पहले ही दर्शकों के बीच उत्साह पैदा कर चुकी है। अर्नोल्ड वोस्लू ने फिल्म में ब्रिटिश अधिकारी सर थियोडोर हेक्टर का किरदार निभाया है। दक्षिण अफ्रीका से आने वाले वोस्लू ने फिल्म की भावनाओं और औपनिवेशिक बैकड्रॉप के लिए भाषाई ट्रेनिंग ली और स्क्रिप्ट के साथ गहराई से जुड़ गए।

    राहुल सांकृत्यायन ने कहा कि आज के दर्शक इतिहास और बड़े पैमाने की काल्पनिक महागाथाओं की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं। इसलिए फिल्म में भव्य दृश्य, ऐतिहासिक सच्चाइयों और व्यक्तिगत संघर्षों को बड़े पैमाने पर पेश किया गया है। उन्होंने जोर दिया कि यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि भारतीय इतिहास और प्रतिरोध, परंपरा और औपनिवेशिक चुनौतियों की कहानियों को जीवंत करने का प्रयास है।

    ‘राणाबाली’ 11 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है और इसे पैन-इंडिया स्तर पर बड़े पर्दे पर पेश किया जाएगा। फिल्म की स्टार कास्ट और ऐतिहासिक कथानक इसे एक बड़ा अनुभवात्मक और दर्शकप्रिय सिनेमाई अनुभव बनाने की दिशा में अग्रसर करता है।

  • मोती सागर ने कहा, फिल्म और धारावाहिक की तुलना उचित नहीं, दोनों के प्रारूप अलग..

    मोती सागर ने कहा, फिल्म और धारावाहिक की तुलना उचित नहीं, दोनों के प्रारूप अलग..


    नई दिल्ली:90 के दशक के लोकप्रिय टीवी धारावाहिक “रामायण” और 4000 करोड़ की नितेश तिवारी निर्देशित फिल्म “रामायणम्” के बीच तुलना की चर्चाओं ने हाल ही में सुर्खियां बटोरी हैं। फिल्म का पहला टीज़र हनुमान जयंती पर जारी किया गया, जिसमें रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका में नजर आए। इस झलक ने दर्शकों के बीच उत्साह और सवालों का मिश्रण पैदा किया, खासकर जब 1987 में रामानंद सागर द्वारा बनाए गए टीवी धारावाहिक से तुलना की जाने लगी।

    रामानंद सागर के बेटे मोती सागर ने इस तुलना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दोनों प्रारूप अलग हैं और तुलना करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि टीवी धारावाहिक में 78 एपिसोड थे, जिनकी लंबाई 30-40 मिनट प्रति एपिसोड थी, जबकि फिल्म सिर्फ तीन से चार घंटे की होगी। इसलिए कथानक और बारीकियों में अंतर स्वाभाविक है। मोती सागर ने कहा कि उनके पिता ने “रामायण” को पूरी भक्ति और ईमानदारी के साथ प्रस्तुत किया था, और फिल्म का उद्देश्य भी उसी भावना को आधुनिक रूप में पेश करना है।

    मोती सागर ने फिल्म के टीज़र के आधार पर ही नतीजा निकालने से इंकार किया और रणबीर कपूर की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि रणबीर आज के समय के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक हैं और उनके अभिनय में गहराई और परिपक्वता है। मोती सागर के मुताबिक, फिल्म और धारावाहिक के दृष्टिकोण अलग होने के कारण इसे किसी भी तरह की तुलना में सीमित नहीं किया जा सकता।

    “रामायणम्” में साई पल्लवी सीता के रूप में, यश रावण के रूप में, सनी देओल हनुमान के रूप में और रवि दुबे लक्ष्मण के रूप में नजर आएंगे। इसके अलावा, अरुण गोविल, कुणाल कपूर, आदिनाथ कोठारे और शीबा चड्ढा भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म का पहला भाग दिवाली 2026 में और दूसरा भाग दिवाली 2027 में रिलीज होगा।

    इस फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा ने किया है और इसका उद्देश्य दर्शकों को आधुनिक तकनीक और विजुअल इफेक्ट्स के माध्यम से महाकाव्य की कहानी को प्रस्तुत करना है। टीज़र को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाओं के बीच कुछ लोग दृश्यों और अभिनय की प्रशंसा कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग विशेष प्रभावों पर सवाल उठा रहे हैं।

    Keywords
    Ramayan, Ramayanam, Nitesh Tiwari, Motii Sagar, Ranbir Kapoor

    संक्षिप्त विवरण
    रामानंद सागर की रामायण और नितेश तिवारी की रामायणम् को तुलना से अलग रखते हुए मोती सागर ने फिल्म की सराहना की। दोनों के प्रारूप और प्रस्तुतिकरण में भिन्नता है, और फिल्म आधुनिक तकनीक और बड़े बजट के साथ महाकाव्य को नई पीढ़ी के दर्शकों तक पहुंचाएगी।

  • शुरुआती करियर में अमिताभ और जया के बीच असली प्यार और सम्मान का रिश्ता

    शुरुआती करियर में अमिताभ और जया के बीच असली प्यार और सम्मान का रिश्ता


    नई दिल्ली/ महाराष्ट्र : कुछ रिश्ते फिल्मी कहानी की तरह होते हैं, जो संघर्ष और कठिनाइयों से शुरू होकर समय के साथ मजबूत और परिपक्व अंजाम तक पहुँचते हैं। ऐसा ही रिश्ता जया बच्चन और अमिताभ बच्चन के बीच देखने को मिला। जब अमिताभ बच्चन हिंदी सिनेमा में अभी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे थे, तब जया बंगाली और हिंदी फिल्मों की उभरती हुई अभिनेत्री थीं। उनकी शांत और सुलझी छवि ने उन्हें इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम दिलाया। 9 अप्रैल को जया बच्चन 78 वर्ष की हो गई हैं, और इसी मौके पर उनके जीवन और करियर की कुछ अनसुनी बातें याद की जा रही हैं।

    कहते हैं कि उगते सूरज को हर कोई सलाम करता है, लेकिन जया और अमिताभ का रिश्ता इसका अपवाद था। जया ने अमिताभ को उस समय अपना दिल दे दिया जब वे किसी बड़े नाम तक नहीं पहुंचे थे, जबकि जया बचपन से ही फिल्मों में काम कर रही थीं। बाल कलाकार के रूप में बंगाली और हिंदी फिल्मों में सक्रिय रहने के बावजूद जया का दिल उस सादगी और पर्सनैलिटी वाले अभिनेता पर आ गया था।

    जया ने अपनी सहेलियों से भी अमिताभ के बारे में अपने विचार साझा किए, लेकिन उनकी सहेलियों को वह अभिनेता बिल्कुल पसंद नहीं आया। उन्होंने अमिताभ को ‘लकड़ी’ कहा और केवल बड़ी-बड़ी आंखों वाला बताया। यह सुनकर जया भड़क गईं और उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि अमिताभ हिंदी सिनेमा में कुछ बड़ा करेंगे।

    दूसरी ओर, अमिताभ बच्चन ने जया की खूबसूरती का अनुभव एक फोटोशूट के जरिए किया और उनकी संस्कारी yet आधुनिक छवि ने उन्हें आकर्षित किया। फिल्म ‘गुड्डी’ के सेट पर दोनों की नजदीकियां बढ़ीं, हालांकि उस समय जया का ज्यादा समय धर्मेंद्र के साथ शूटिंग में जाता था। उन्होंने अमिताभ के बारे में धर्मेंद्र से भी चर्चा की, जिससे दोनों के बीच संबंध और मजबूत हुए।

    अमिताभ के शुरुआती करियर में कई फ्लॉप फिल्में थीं और कई अभिनेत्रियों ने उनके साथ काम करने से मना कर दिया था। ऐसे समय में जया ने ‘जंजीर’ फिल्म में काम करने का निर्णय लिया। यह फिल्म सुपरहिट रही और अमिताभ को रातों-रात सुपरस्टार बना दिया। इसी फिल्म ने दोनों के रिश्ते और उनकी फिल्मी पहचान को स्थायीत्व दिया और हिंदी सिनेमा में अमिताभ का मुकाम तय किया।

  • सोमी अली और जेबा बख्तियार के बीच असली दोस्ती और सम्मान का रिश्ता रहा..

    सोमी अली और जेबा बख्तियार के बीच असली दोस्ती और सम्मान का रिश्ता रहा..


    नई दिल्ली:90 के दशक का बॉलीवुड मीडिया और फैंस के लिए एक ऐसा दौर था, जब फिल्मी सितारों की जिंदगी के बारे में केवल मैगजीन और अखबार ही जानकारी देते थे। सोशल मीडिया के आज के दौर से बिल्कुल अलग उस समय, जो छपता वही सच माना जाता था और सितारों के रिश्तों को अक्सर अलग रंग देकर पेश किया जाता था। इसी समय की यादें साझा करते हुए अभिनेत्री सोमी अली ने हाल ही में एक थ्रोबैक पोस्ट के जरिए बताया कि कैसे उन्हें और जेबा बख्तियार को लेकर मीडिया ने झूठी कहानी गढ़ने की कोशिश की थी।

    सोमी अली ने बताया कि 1993 में उनकी पहली मुलाकात जेबा बख्तियार से हुई थी। दोनों ही पाकिस्तान में जन्मीं थीं, लेकिन सोमी का पालन-पोषण अमेरिका में हुआ। मीडिया ने इसी समानता को आधार बनाकर उनके बीच प्रतिस्पर्धा और टकराव की खबरें छापीं, लेकिन हकीकत इससे पूरी तरह अलग थी। असल जिंदगी में उनके बीच कभी कोई राइवलरी नहीं थी। बल्कि दोनों के बीच सम्मान और समझ का रिश्ता था। सोमी ने बताया कि वह उस पहली मुलाकात को आज भी सकारात्मक अनुभव के रूप में याद करती हैं और जेबा के लिए उनके मन में गहरी इज्जत है।

    सोमी अली ने जेबा बख्तियार की खूब तारीफ करते हुए कहा कि वह बेहद खूबसूरत और अच्छी इंसान हैं और हमेशा खुश रहें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मीडिया की बनाई कहानी कभी सफल नहीं हुई, क्योंकि असल जिंदगी में उनके बीच मित्रता और सहयोग का रिश्ता था। इस खुलासे ने 90 के दशक की फिल्मी दुनिया की मीडिया कल्चर और फैन्स तक पहुंचने वाली कहानियों की सच्चाई को उजागर किया।

    जेबा बख्तियार की फिल्मी पहचान की बात करें तो उन्होंने 1991 में रिलीज हुई फिल्म ‘हिना’ से लोकप्रियता हासिल की थी। इस फिल्म में उनके साथ ऋषि कपूर और अश्विनी भावे नजर आए थे और निर्देशन रणदीर कपूर ने किया था। भारत-पाकिस्तान की पृष्ठभूमि पर बनी इस प्रेम कहानी को दर्शकों ने काफी सराहा।

    इस किस्से ने यह साबित किया कि सोशल मीडिया से पहले मीडिया की बनाई अफवाहें और टैब्लॉइड कहानियां कितनी प्रभावशाली और कभी-कभी भ्रामक हो सकती थीं। आज के दौर में फैंस सीधे अपने पसंदीदा सितारों से जुड़ सकते हैं, लेकिन उस समय सच्चाई जानने का कोई दूसरा साधन उपलब्ध नहीं था।

  • ओटीटी पर मौजूद पांच बेहतरीन फिल्में जो रहस्य, रोमांच और अलौकिक शक्तियों का मिश्रण पेश करती हैं

    ओटीटी पर मौजूद पांच बेहतरीन फिल्में जो रहस्य, रोमांच और अलौकिक शक्तियों का मिश्रण पेश करती हैं


    नई दिल्ली:फोरम पर क्रिएचर-ड्रामा और हॉरर फिल्मों का एक अनोखा खजाना मौजूद है, जो दर्शकों को रहस्य, रोमांच और अलौकिक शक्तियों की दुनिया में ले जाता है। साउथ सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की आने वाली फिल्म ‘राका’ का फर्स्ट लुक सामने आते ही दर्शकों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। पोस्टर में उनके रहस्यमयी लुक और न्यूकीले नॉक के प्रति दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ रही है। इस मशीन पर ऐसी ही पांच बेहतरीन क्रिएचर-ड्रामा फिल्मों का ज़िक्र जारी है, जिसे देखकर आप अलौकिक रोमांच का अनुभव ले सकते हैं।

    ‘भेड़िया’ में वरुण धवन और कृति सेनन मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म एक युवा की कहानी है, जो जंगल में हुए हमलों के बाद भेड़ जैसी शक्तियां प्राप्त कर लेती है। फिल्म में पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी छिपा है, साथ ही हॉरर और कॉमेडी का मिश्रण दर्शकों को आकर्षित करता है। अरुणाचल प्रदेश के खूबसूरत जंगल में फिल्म की शूटिंग ने इसे विजुअली शानदार बना दिया है।

    ‘क्रिएचआर 3डी’ में बिपाशा बसु और इमरान अब्बास हैं। यह कहानी एक हिल स्टेशन के होटल के आसपास घूमती है, जहां रहस्यमयी ब्रह्मराक्षस लोग अपना शिकार बनाते हैं। बिपाशा का किरदार उनके होटल और जीवन की रक्षा के लिए है ये खतरनाक जीव से लड़ाई। फिल्म की अवधारणा और दृश्य प्रभाव इसे क्रिएचर-नाटक प्रेमियों के लिए आकर्षक बना देते हैं।

    ‘थामा’ में आयुष्मान खुराना, रश्मिका मंदाना और नवाजुद्दीन सिद्दीकी हैं। यह फिल्म बेतालों की एक काल्पनिक दुनिया में ले जाती है, जहां एक किशोर से रहस्यमयी दुनिया का हिस्सा बनता है। इसमें प्रिय, क्रांतिकारी और अलौकिक शक्तियों का युद्धाभ्यास दर्ज किया गया है। दर्शकों ने इसकी कहानी और कलाकारों की सलाह को शेयर किया है।

    ‘काल’ फिल्म में अजय देवगन, जॉन अब्राहम और विवेक ओबेरॉय हैं। कहानी एक नेशनल पार्क में रहस्यमयी स्कूटरों के अपार्टमेंट-गिर घूमती है। शुरुआत में यह जंगली जानवरों के हमलों के रूप में दिखाई देता है, लेकिन धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे सामने आने लगती है। फिल्म में डॉक्टर के साथ-साथ सैद्धांतिक संरक्षण का संदेश भी प्रभावी ढंग से दिया गया है।

    ‘जानी दुश्मन एक अनोखी कहानी’ फैंटेसी और सुपरनैचुरल फिल्म है, जिसमें सनी देओल, अक्षय कुमार और मनीषा कोइराला नजर आते हैं। पुनर्जन्म, बदलाब और अलौकिक शक्तियों के उलट-घेरे घूमते हैं, जिसमें नाग और नागिन के बीच अन्याय की कहानियां शामिल हैं। यह फिल्म क्रिएचर-ड्रामा प्रेमियों के मनोरंजन और रोमांच के लिए पूरी फिल्म पेश करती है।