Category: Entertainment

  • OTT पर रिलीज हुई झाड़-फूंक, काले जादू और तंत्र विद्या की रहस्यमयी कहानी में छिपा अंधविश्वास का खतरनाक सच

    OTT पर रिलीज हुई झाड़-फूंक, काले जादू और तंत्र विद्या की रहस्यमयी कहानी में छिपा अंधविश्वास का खतरनाक सच

    नई दिल्ली । ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हॉरर फिल्मों के शौकीनों के लिए झाड़-फूंक नाम की फिल्म रिलीज हुई है। 1 घंटे 53 मिनट की यह फिल्म काले जादू, तंत्र विद्या और अंधविश्वास जैसे विषयों पर आधारित है। फिल्म की कहानी में कुल पांच प्रमुख किरदार हैं और पूरी फिल्म की शूटिंग केवल एक घर में की गई है। सीमित किरदारों और एक ही स्थान पर आधारित कहानी के जरिए फिल्म डर और रहस्य का माहौल तैयार करने की कोशिश करती है।

    फिल्म की कहानी आस्था (सुंबुल तौकीर खान) और राजवीर के इर्द-गिर्द आगे बढ़ती है। आस्था गर्भवती है और राजवीर के साथ उत्तराखंड के जंगलों से होते हुए दिल्ली जा रही होती है। इसी दौरान उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है। हादसे के बाद जब आस्था को होश आता है तो वह खुद को एक अनजान दंपती के बीच पाती है। यह घटना उसकी जिंदगी में एक अप्रत्याशित मोड़ लेकर आती है।

    मोहन ठाकुर (यशपाल शर्मा) और कामिनी ठाकुर (पद्मिनी कोल्हापुरे) आस्था को अपने घर ले आते हैं। शुरुआत में दोनों उसके प्रति काफी अपनापन और स्नेह दिखाते हैं। उनके व्यवहार से आस्था भी धीरे-धीरे उनसे जुड़ने लगती है। हालांकि, कहानी आगे बढ़ने के साथ मोहन ठाकुर के इरादों से जुड़े रहस्य सामने आने लगते हैं। जिस घर में आस्था को सहारा मिलता दिखाई देता है, वहीं धीरे-धीरे उसके सामने कई असामान्य परिस्थितियां पैदा होने लगती हैं।

    फिल्म में एक छोटे बच्चे का किरदार भी अहम है। बच्चा किसी अजीब खतरे से घिरा हुआ है। उसे उस स्थिति से बाहर निकालने के लिए मोहन ठाकुर काले जादू और तांत्रिक विद्या का सहारा लेता है। इसी घटनाक्रम के माध्यम से फिल्म में अंधविश्वास, रहस्यमयी गतिविधियों और तंत्र-मंत्र से जुड़े पहलुओं को दिखाया गया है। पांच किरदारों के बीच आगे बढ़ने वाली कहानी में घर का वातावरण और वहां होने वाली घटनाएं रहस्य को बनाए रखने का काम करती हैं।

    फिल्म की शुरुआत प्रभावशाली है। शुरुआती हिस्से में डर और रहस्य का माहौल दर्शकों का ध्यान खींचता है। कहानी जिस तरह आगे बढ़ती है, उससे घटनाओं के पीछे छिपे सच को जानने की उत्सुकता पैदा होती है। हालांकि, फिल्म जैसे-जैसे क्लाइमेक्स की तरफ बढ़ती है, उसका डराने वाला प्रभाव कम होने लगता है। शुरुआत में जो घटनाएं रोमांच पैदा करती हैं, आगे चलकर उनका असर उतना मजबूत नहीं रह जाता।

    फिल्म का कॉन्सेप्ट दिलचस्प है, लेकिन कहानी के अंतिम हिस्से में रोमांच बनाए रखने में कमी दिखाई देती है। इसका क्लाइमेक्स भी अपेक्षाकृत कमजोर और साधारण महसूस होता है। संगीत की बात करें तो इसमें एक रोमांटिक गाना शामिल किया गया है। इसके अलावा बैकग्राउंड म्यूजिक के माध्यम से डर और रहस्य का वातावरण बनाने की कोशिश की गई है। शुरुआती हिस्से में इसका प्रभाव बेहतर दिखाई देता है, लेकिन आगे चलकर कहानी की गति और डर का स्तर कमजोर पड़ता है।

    फिल्म का निर्देशन राजन वर्मा ने किया है। वह इसके लेखक और निर्माता भी हैं। उन्हें जीसस जोरदार, धमन: द सेवियर और पानी: एक प्रेम कहानी जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है। फिल्म के अंत में अंधविश्वास को लेकर एक सामाजिक संदेश दिया गया है। कहानी यह दिखाने की कोशिश करती है कि अंधविश्वास के प्रभाव में आकर लोग किस तरह गलत फैसले ले सकते हैं और इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। फिल्म के माध्यम से यह बात भी सामने रखी गई है कि भारत में अंधविश्वास के कारण कई लोगों की जान तक चली जाती है।

    कुल मिलाकर झाड़-फूंक में हॉरर, रहस्य, काला जादू और तंत्र विद्या को एक सीमित कहानी के भीतर पेश किया गया है। इसकी शुरुआत और विषय दर्शकों की रुचि जगा सकते हैं, हालांकि कमजोर क्लाइमेक्स और बाद के हिस्से में कम होता डर फिल्म के प्रभाव को सीमित करता है। अंधविश्वास पर आधारित हॉरर कहानियां पसंद करने वाले दर्शक इसे देखने पर विचार कर सकते हैं।

  • सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ी प्रकाश राज को, विज्ञापन बंद हुए और फिल्मों से भी हुए बाहर, पत्नी ने बयां किया दर्द

    सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ी प्रकाश राज को, विज्ञापन बंद हुए और फिल्मों से भी हुए बाहर, पत्नी ने बयां किया दर्द


    नई दिल्ली। फिल्मी दुनिया में प्रकाश राज अपनी दमदार अदाकारी के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बेबाक राय रखने के लिए भी पहचाने जाते हैं। वह कई बार ऐसे विषयों पर खुलकर बोल चुके हैं जिन पर मनोरंजन जगत के दूसरे कलाकार सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने से बचते हैं। उनकी इसी स्पष्टवादिता का असर उनके पेशेवर जीवन पर भी पड़ा। अब उनकी पत्नी और कोरियोग्राफर पोनी वर्मा ने एक इंटरव्यू में प्रकाश राज के संघर्ष और उनके फैसलों से जुड़ी कई बातें साझा की हैं। पोनी के मुताबिक प्रकाश राज को अपनी बात रखने की कीमत चुकानी पड़ी। उन्हें काम मिलने में परेशानियों का सामना करना पड़ा और कई विज्ञापन तथा फिल्में भी उनके हाथ से निकल गईं। इसके बावजूद उन्होंने अपने विचारों से पीछे हटना स्वीकार नहीं किया।

    यूट्यूब चैनल प्रेमा को दिए इंटरव्यू में पोनी वर्मा ने बताया कि शुरुआत में वह प्रकाश राज की राजनीतिक और सामाजिक टिप्पणियों को लेकर काफी चिंतित रहती थीं। उन्हें डर लगता था कि लगातार खुलकर बोलने की वजह से उनके पति को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। लेकिन साल 2017 में पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश की हत्या ने प्रकाश राज को अंदर तक झकझोर दिया। पोनी के अनुसार गौरी लंकेश प्रकाश राज की बेहद करीबी दोस्त थीं और दोनों की दोस्ती 35 साल से भी अधिक पुरानी थी। उनकी हत्या की खबर मिलने के बाद प्रकाश राज पूरी तरह टूट गए थे। हालांकि इस घटना ने उन्हें चुप रहने के बजाय अपनी आवाज और मजबूती से उठाने के लिए प्रेरित किया।

    पोनी वर्मा ने बताया कि गौरी की हत्या के बाद प्रकाश राज के मन में यह सवाल था कि आखिर कब तक डरकर रहा जा सकता है। पोनी खुद उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहती थीं। उन्हें लगता था कि लगातार राजनीतिक मुद्दों पर बोलना उनके लिए खतरा पैदा कर सकता है। लेकिन प्रकाश राज का मानना था कि गलत के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। पोनी के मुताबिक गौरी लंकेश भी अपने विचारों पर मजबूती से खड़ी रहती थीं और उनकी हत्या ने प्रकाश राज को इस बात का अहसास कराया कि डर के कारण अपनी बात कहना बंद नहीं किया जा सकता।

    पोनी ने यह भी बताया कि प्रकाश राज की बेबाकी का असर उनके फिल्मी करियर पर पड़ा। उनके मुताबिक इंडस्ट्री में कुछ ऐसे लोग भी थे जिन्हें प्रकाश राज की राजनीतिक राय पसंद नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि उनके विज्ञापन बंद हो गए और कुछ फिल्में भी उनसे छीन ली गईं। पोनी ने कहा कि मनोरंजन जगत में कई कलाकार अपने काम और कमाई को सुरक्षित रखने के लिए विवादित मुद्दों पर बोलने से बचते हैं। लेकिन प्रकाश राज ने अपने जमीर की आवाज को प्राथमिकता दी। उनके अनुसार प्रकाश राज का मानना है कि जब उन्हें कोई बात गलत लगती है तो उस पर चुप रहना सही नहीं है।

    गौरी लंकेश की हत्या ने उस समय पूरे देश में अभिव्यक्ति की आजादी और पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी थी। बेंगलुरु में 2017 में उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह अपनी निडर पत्रकारिता और सामाजिक मुद्दों पर मुखर विचारों के लिए जानी जाती थीं। उनकी मौत से प्रकाश राज भी गहरे प्रभावित हुए थे।

    पोनी वर्मा की बातों से साफ है कि प्रकाश राज के लिए सामाजिक मुद्दों पर बोलना केवल सार्वजनिक छवि का हिस्सा नहीं बल्कि उनके व्यक्तिगत विश्वास से जुड़ा फैसला है। पेशेवर नुकसान और आलोचनाओं के बावजूद उन्होंने अपनी राय रखना जारी रखा। उनके इस सफर में गौरी लंकेश की हत्या एक ऐसा मोड़ बनी जिसने उन्हें और मजबूती से अपनी बात रखने का हौसला दिया।

  • दिलजीत दोसांझ ने कॉन्सर्ट में तोड़ी चुप्पी, बोले पंजाबियों को लड़ना मत सिखाओ, अभिजीत दिपके ने दिया जवाब

    दिलजीत दोसांझ ने कॉन्सर्ट में तोड़ी चुप्पी, बोले पंजाबियों को लड़ना मत सिखाओ, अभिजीत दिपके ने दिया जवाब


    नई दिल्ली। पंजाबी सिंगर और अभिनेता दिलजीत दोसांझ एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। दिल्ली में 30 अक्टूबर को आयोजित उनके कॉन्सर्ट के दौरान CJP प्रोटेस्ट और फिल्म सतलुज को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी। दिलजीत ने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि पंजाबियों को लड़ना मत सिखाओ। उनके इस बयान के बाद कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP से जुड़े अभिजीत दिपके की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। अभिजीत ने दिलजीत के प्रति अपना सम्मान जाहिर करते हुए कहा कि एक मुद्दे पर असहमति होने का मतलब यह नहीं है कि उनके मन में सिंगर के लिए सम्मान कम हो गया है।

    दिल्ली में दिलजीत दोसांझ का औरा इंडिया टूर 2026 का कॉन्सर्ट आयोजित किया गया था। इस दौरान उन्होंने अपने संगीत से दर्शकों का मनोरंजन करने के साथ ही पिछले कुछ समय से चल रही आलोचनाओं पर भी बात की। विवाद की शुरुआत उस समय हुई थी जब NEET पेपर लीक से जुड़े आंदोलन के दौरान दिलजीत ने कहा था कि उन्हें इस मुद्दे से दूर रखा जाए क्योंकि वह एक कलाकार हैं। उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रिया हुई थी। CJP से जुड़े अभिजीत दिपके ने भी उस समय सिंगर की आलोचना की थी।

    अब दिल्ली के कॉन्सर्ट में दिलजीत ने इस पूरे विवाद पर अपनी बात रखते हुए कहा कि वह सभी लोगों से प्यार करते हैं क्योंकि वह एक कलाकार हैं। उन्होंने कहा कि अगर वह चुप हैं तो उन्हें चुप ही रहने दिया जाए। वह सभी का समर्थन करते हैं लेकिन पंजाबियों को लड़ना न सिखाया जाए। उन्होंने फिल्म सतलुज का जिक्र करते हुए कहा कि जिस फिल्म का मंच पर मजाक उड़ाया जा रहा है वह जसवंत सिंह खालड़ा से जुड़ी कहानी है और उस फिल्म के लिए उन्होंने लंबे समय तक संघर्ष किया है। दिलजीत ने यह भी कहा कि अगर कोई उनसे नफरत करता है तो भी उन्हें कोई परेशानी नहीं है क्योंकि उनकी तरफ से सभी के लिए प्यार है।

    दिलजीत के इस बयान पर अभिजीत दिपके ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि जून में जब प्रोटेस्ट चल रहा था तब दिलजीत की एक बात से उन्हें दुख पहुंचा था। हालांकि उनका कहना था कि यह नाराजगी किसी निजी वजह से नहीं थी। अभिजीत ने बताया कि वह हमेशा से दिलजीत को ऐसे कलाकार के रूप में देखते आए हैं जो जरूरी मुद्दों पर अपनी आवाज उठाता है। यही वजह थी कि उस समय उनकी बात उन्हें थोड़ी चुभ गई थी।

    अभिजीत ने अपने संदेश में यह भी बताया कि वह लंबे समय से दिलजीत के प्रशंसक रहे हैं और आज भी उनका संगीत सुनते हैं। उन्होंने लिखा कि इस साल मई में भारत लौटने से पहले वह शिकागो में दिलजीत के कॉन्सर्ट में भी शामिल हुए थे। उनके मुताबिक वह केवल संगीत सुनने नहीं गए थे बल्कि एक इंसान के तौर पर दिलजीत के प्रति उनके मन में सम्मान भी रहा है।

    अभिजीत ने दिलजीत की तारीफ करते हुए उनके बेबाक अंदाज अपनी बात पर कायम रहने और अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए भारतीय संगीत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने की सराहना की। उन्होंने साफ किया कि किसी एक बात पर असहमति या गलतफहमी के कारण उनके मन में दिलजीत के लिए प्यार और सम्मान कम नहीं हुआ है। अंत में उन्होंने दिलजीत से छोटे भाई की गलती समझकर माफ करने की अपील भी की।

    इस तरह कॉन्सर्ट में दिलजीत के बयान और अभिजीत के जवाब के बाद यह विवाद एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों की बातों से साफ है कि असहमति के बावजूद एक-दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखने का संदेश भी सामने आया है।

  • संजय दत्त के साथ पर्दे पर भिड़ेंगे या देंगे साथ, खलनायक रिटर्न्स में सलमान खान की एंट्री पर सुभाष घई ने तोड़ी चुप्पी

    संजय दत्त के साथ पर्दे पर भिड़ेंगे या देंगे साथ, खलनायक रिटर्न्स में सलमान खान की एंट्री पर सुभाष घई ने तोड़ी चुप्पी


    नई दिल्ली। बॉलीवुड की चर्चित फिल्म खलनायक के सीक्वल खलनायक रिटर्न्स को लेकर दर्शकों का उत्साह बढ़ता जा रहा है। साल 1993 में रिलीज हुई इस फिल्म में संजय दत्त ने बलराम प्रसाद उर्फ बल्लू का यादगार किरदार निभाया था। अब एक बार फिर संजय दत्त इसी किरदार के साथ बड़े पर्दे पर वापसी करने की तैयारी में हैं। फिल्म को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा सलमान खान के नाम की हो रही है। खबरें हैं कि सलमान खान भी इस फिल्म का हिस्सा बन सकते हैं और उन्हें एक पुलिस अधिकारी की भूमिका में दिखाया जा सकता है। हालांकि फिल्म के निर्देशक और निर्माता सुभाष घई ने अभी इन खबरों पर अंतिम मुहर नहीं लगाई है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुभाष घई अपनी राइटिंग टीम के साथ मिलकर फिल्म की कहानी पर काम कर रहे हैं। इसी दौरान सलमान खान के लिए एक खास किरदार तैयार किए जाने की चर्चा सामने आई है। बताया जा रहा है कि सलमान फिल्म में ऐसे पुलिसवाले की भूमिका निभा सकते हैं जो संजय दत्त के किरदार बल्लू की मदद करता नजर आएगा। यह किरदार कहानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और फिल्म की घटनाओं को नया मोड़ दे सकता है। हालांकि अभी तक सलमान खान की कास्टिंग आधिकारिक रूप से तय नहीं हुई है।

    फिल्म से जुड़े सूत्रों के हवाले से आई खबरों में दावा किया गया है कि सलमान का संभावित किरदार केवल कैमियो तक सीमित नहीं होगा बल्कि उसका कहानी पर भी असर पड़ सकता है। इस भूमिका के लिए सलमान खान को उपयुक्त बताया जा रहा है। लेकिन फिल्म की स्क्रिप्ट और स्क्रीनप्ले अभी तैयार किए जा रहे हैं। ऐसे में मेकर्स पहले कहानी को अंतिम रूप देना चाहते हैं और उसके बाद ही कलाकारों की कास्टिंग को लेकर फैसला लिया जाएगा।

    सलमान खान की एंट्री को लेकर सुभाष घई ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस समय कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी क्योंकि फिल्म की स्क्रिप्टिंग का काम जारी है। स्क्रिप्ट पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि फिल्म किस दिशा में आगे बढ़ेगी और कौन से कलाकार इसका हिस्सा होंगे। उनके बयान से साफ है कि फिलहाल सलमान खान की भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    अगर सलमान खान इस फिल्म में काम करते हैं तो यह सुभाष घई के साथ उनकी दूसरी फिल्म होगी। इससे पहले दोनों साल 2008 में रिलीज हुई फिल्म युवराज में साथ काम कर चुके हैं। वहीं संजय दत्त और सलमान खान की जोड़ी को पर्दे पर देखना भी दर्शकों के लिए खास अनुभव हो सकता है। दोनों कलाकारों की अपनी अलग पहचान और मजबूत फैन फॉलोइंग है।

    खलनायक की बात करें तो यह फिल्म साल 1993 में रिलीज हुई थी और बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल की थी। सुभाष घई के निर्देशन में बनी इस फिल्म में संजय दत्त के साथ जैकी श्रॉफ और माधुरी दीक्षित मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। इसके अलावा राखी गुलजार अनुपम खेर और राम्या कृष्णन जैसे कलाकारों ने भी अहम किरदार निभाए थे। फिल्म में बल्लू का किरदार दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ था। अब इसके सीक्वल को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।

    दूसरी ओर सलमान खान की आगामी फिल्म मातृभूमि को लेकर भी चर्चा जारी है। अपूर्वा लाखिया के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में सलमान के साथ चित्रांगदा सिंह नजर आएंगी। इसकी कहानी भारत और चीन के बीच गलवान घाटी में हुई झड़प की पृष्ठभूमि पर आधारित बताई जा रही है। फिलहाल इसकी रिलीज डेट की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में दर्शकों की नजरें अब खलनायक रिटर्न्स की स्क्रिप्ट और सलमान खान की संभावित एंट्री पर टिकी हैं।

  • रामायण के बाद महाभारत बनाएंगे नमित मल्होत्रा? एसएस राजामौली के साथ काम करने के सवाल पर दिया दिलचस्प जवाब

    रामायण के बाद महाभारत बनाएंगे नमित मल्होत्रा? एसएस राजामौली के साथ काम करने के सवाल पर दिया दिलचस्प जवाब

    नई दिल्ली । फिल्म ‘रामायण’ के निर्माता नमित मल्होत्रा से एक बार फिर भारतीय महाकाव्य ‘महाभारत’ को बड़े पर्दे पर बनाने को लेकर सवाल पूछा गया है। अमेरिका के लॉस एंजेलिस में आयोजित ‘रामायण’ के वर्ल्ड प्रीमियर के दौरान एक समीक्षक ने उनसे पूछा कि क्या वह एसएस राजामौली के साथ मिलकर ‘महाभारत’ बनाने की योजना बना रहे हैं। इस सवाल पर नमित पहले मुस्कुराए और फिर उन्होंने राजामौली की तारीफ करते हुए भारतीय सिनेमा की सफलता की कामना की। उनका जवाब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।

    लॉस एंजेलिस स्थित एकेडमी म्यूजियम ऑफ मोशन पिक्चर्स में ‘रामायण’ का वर्ल्ड प्रीमियर आयोजित किया गया। इस अवसर पर फिल्म की अंग्रेजी डबिंग प्रदर्शित की गई। कार्यक्रम में निर्माता नमित मल्होत्रा भी मौजूद थे। इसी दौरान उनसे भारतीय सिनेमा की एक और बड़ी पौराणिक परियोजना ‘महाभारत’ को लेकर सवाल किया गया। समीक्षक ने विशेष रूप से एसएस राजामौली के साथ इस महागाथा पर काम करने की संभावना के बारे में पूछा।

    सवाल सुनकर नमित मल्होत्रा पहले हंस पड़े। इसके बाद उन्होंने कहा कि एसएस राजामौली एक महान निर्देशक हैं और वह उनके लिए बहुत सफलता की कामना करते हैं। जब उनसे राजामौली के साथ काम करने की बात कही गई, तो उन्होंने जवाब दिया कि अब समय आ गया है कि पूरा भारतीय सिनेमा सफल हो। नमित के इस बयान को भारतीय फिल्म उद्योग की व्यापक सफलता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने ‘महाभारत’ बनाने की किसी योजना या राजामौली के साथ संभावित सहयोग की आधिकारिक घोषणा नहीं की।

    नमित के इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने उनसे ‘रामायण’ के बाद ‘महाभारत’ पर भी फिल्म बनाने की अपील की। कुछ लोगों ने कहा कि भारतीय दर्शक लंबे समय से इस तरह की भव्य पौराणिक फिल्म का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, कुछ यूजर्स का मानना था कि एसएस राजामौली अपनी टीम के साथ अलग से ‘महाभारत’ बनाने की योजना पर काम कर सकते हैं। हालांकि, ये प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया यूजर्स की व्यक्तिगत राय हैं और इनसे किसी फिल्म की आधिकारिक योजना की पुष्टि नहीं होती।

    इस बीच ‘रामायण’ को लेकर भी दर्शकों की उत्सुकता बनी हुई है। फिल्म में कई जाने-माने कलाकार और अंतरराष्ट्रीय स्तर के तकनीशियन जुड़े हैं। अभिनेता अनुपम खेर इस फिल्म में जटायु के किरदार को अपनी आवाज देंगे। उन्होंने भी फिल्म के अंतरराष्ट्रीय प्रीमियर पर खुशी जताई है और इसे भारतीय कहानी को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया है।

    अनुपम खेर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किए गए संदेश में कहा कि भारत की महान कहानी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर दुनिया की बेहतरीन फिल्मों के स्तर पर प्रस्तुत होते देखना गर्व की बात है। उन्होंने निर्माता नमित मल्होत्रा, निर्देशक नितेश तिवारी, संगीतकार हंस जिमर और एआर रहमान के साथ पूरी कलाकार एवं तकनीकी टीम की सराहना की। उनके मुताबिक, इस बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए अनेक लोगों ने मेहनत और अपनी प्रतिभा का योगदान दिया है।

    ‘रामायण’ के वर्ल्ड प्रीमियर और नमित मल्होत्रा के बयान के बाद अब दर्शकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि भविष्य में भारतीय महाकाव्यों पर और कौन-सी बड़ी फिल्में बनाई जा सकती हैं। फिलहाल नमित ने ‘महाभारत’ को लेकर कोई निश्चित घोषणा नहीं की है। उनका जवाब भारतीय सिनेमा की सामूहिक प्रगति की उम्मीद तक ही सीमित रहा।

  • रकुल प्रीत सिंह बोलीं- रामायण में शूर्पणखा का किरदार बेहद जटिल, उसकी वजह से ही शुरू हुआ था युद्ध

    रकुल प्रीत सिंह बोलीं- रामायण में शूर्पणखा का किरदार बेहद जटिल, उसकी वजह से ही शुरू हुआ था युद्ध

    नई दिल्ली । फिल्म ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। फिल्म का पहला ट्रेलर सामने आने के बाद इसमें नजर आने वाले प्रमुख कलाकारों के लुक की काफी चर्चा हुई। रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका में दिखाई देंगे। हालांकि, ट्रेलर में अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह की शूर्पणखा के रूप में झलक ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा। अब रकुल ने इस किरदार को निभाने के अपने अनुभव और इसके महत्व को लेकर विचार साझा किए हैं।

    रकुल प्रीत सिंह ने शूर्पणखा की भूमिका को अपने लिए बेहद दिलचस्प बताया। उनका कहना है कि इस किरदार को लेकर लोगों के बीच कई गलतफहमियां हैं और इसकी कहानी में कई अलग-अलग पहलू मौजूद हैं। अभिनेत्री के मुताबिक, शूर्पणखा को अक्सर एक सीमित घटना के संदर्भ में याद किया जाता है, जबकि उसके चरित्र को समझने के लिए उसके दूसरे पक्षों पर भी ध्यान देना जरूरी है।

    रकुल ने बताया कि इस भूमिका को स्वीकार करने के पीछे इसकी जटिलता एक बड़ी वजह रही। उनके अनुसार, शूर्पणखा की वजह से ही रामायण में युद्ध की शुरुआत हुई थी। ऐसे किरदार को पर्दे पर निभाना उनके लिए रोमांचक अनुभव रहा, जिसमें कई तरह के भाव और व्यक्तित्व के अलग-अलग रंग दिखाने का अवसर मिलता है।

    अभिनेत्री ने फिल्म को भारत की कहानी और इतिहास को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने वाला एक बड़ा माध्यम भी बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की फिल्म के जरिए भारतीय संस्कृति और इतिहास को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। रकुल के मुताबिक, ‘रामायण’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय महाकाव्य को बड़े स्तर पर दुनिया के सामने पेश करने का प्रयास है।

    इससे पहले रकुल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक प्रशंसक के पत्र को साझा करते हुए भी शूर्पणखा के किरदार पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि इस भूमिका के लिए हामी भरने की एक वजह यह थी कि यह चरित्र काफी जटिल है। इतिहास में शूर्पणखा को अक्सर केवल एक घटना के जरिए याद किया गया है, जबकि उसकी कहानी में इससे कहीं अधिक कुछ है।

    रकुल ने यह भी उम्मीद जताई कि फिल्म रिलीज होने के बाद दर्शक शूर्पणखा के चरित्र को खुले दिमाग से समझने की कोशिश करेंगे। उनके अनुसार, एक कलाकार के तौर पर ऐसे किरदार अधिक आकर्षित करते हैं, जो दर्शकों की पहले से बनी धारणाओं को चुनौती देते हैं। शूर्पणखा की भूमिका भी इसी तरह की है, क्योंकि इसके कई पक्ष हैं और इसे एक अलग नजरिये से प्रस्तुत करने की गुंजाइश मौजूद है।

    नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही ‘रामायण’ में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म को दो भागों में तैयार किया जा रहा है। इसे हिंदी के साथ तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में रिलीज करने की योजना है। दर्शक इसे आईमैक्स फॉर्मेट में भी देख सकेंगे।

    फिल्म का पहला भाग 5 नवंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा, जबकि दूसरा भाग दिवाली 2027 के दौरान दर्शकों के सामने आएगा। फिल्म में प्रमुख पात्रों की भूमिका निभा रहे कलाकारों के लुक और कहानी को बड़े स्तर पर प्रस्तुत किए जाने को लेकर पहले से ही चर्चा जारी है। ऐसे में शूर्पणखा के किरदार को लेकर रकुल के बयान ने फिल्म के इस अहम पात्र के प्रति दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है।

  • हैलोवीन पर ओरी का खौफनाक अवतार, 'तुम्बाड' के हस्तर बनकर पहुंचे, लाल रंग और डरावने मेकअप से मचाई हलचल

    हैलोवीन पर ओरी का खौफनाक अवतार, 'तुम्बाड' के हस्तर बनकर पहुंचे, लाल रंग और डरावने मेकअप से मचाई हलचल

    नई दिल्ली । हैलोवीन के मौके पर बॉलीवुड की दुनिया में अपने अलग अंदाज और फैशन के लिए पहचाने जाने वाले ओरहान अवात्रामणि उर्फ ओरी ने इस बार ऐसा रूप धारण किया, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए। आमतौर पर स्टाइलिश कपड़ों और अनोखे फैशन सेंस के लिए चर्चा में रहने वाले ओरी ने हैलोवीन पार्टी के लिए भारतीय हॉरर फिल्म ‘तुम्बाड’ के खौफनाक किरदार हस्तर को चुना। उनका यह रूप इतना अलग और डरावना था कि कैमरे के सामने आते ही वहां मौजूद लोगों और फोटोग्राफरों का ध्यान उनकी ओर चला गया।

    ओरी ने अपने इस लुक को तैयार करने में काफी बारीकी दिखाई। उन्होंने हस्तर के मूल किरदार की पहचान से जुड़ी कई विशेषताओं को अपने पहनावे और मेकअप में शामिल किया। उनके पूरे शरीर पर लाल रंग का लेप लगाया गया था। चेहरे पर डरावना मेकअप किया गया और आंखों के आसपास काला घेरा बनाया गया था। इसके साथ सिर पर प्राचीन शैली का मुकुट पहनकर उन्होंने फिल्म के रहस्यमयी किरदार जैसा रूप तैयार किया।

    उनके पहनावे में भी हस्तर के लुक की झलक साफ दिखाई दी। ओरी ने कमर पर पुराना और फटा हुआ भूरे रंग का कपड़ा लपेट रखा था। उनके हाथों और पैरों की उंगलियों को लंबा और नुकीला दिखाया गया था, जिससे उनका पूरा गेटअप और ज्यादा डरावना नजर आ रहा था। इसके अलावा उन्होंने बाजुओं में बाजूबंद और पैरों में कड़े पहने हुए थे। इन सभी चीजों ने उनके हैलोवीन लुक को फिल्म के किरदार के काफी करीब बना दिया।

    ओरी के इस पूरे गेटअप में एक दिलचस्प चीज उनका मोबाइल फोन भी रहा। जहां उनका पहनावा और मेकअप पूरी तरह डरावने अंदाज में तैयार किया गया था, वहीं हाथ में पकड़ा मोबाइल फोन और उसका कवर इस रूप के बीच बिल्कुल अलग दिखाई दे रहा था। इस छोटे से अंतर ने उनके लुक को एक अलग अंदाज दिया। उनका यह प्रयोग पारंपरिक डरावने गेटअप से कुछ अलग नजर आया।

    जब ओरी इस रूप में अपने घर के बाहर कैमरों के सामने पहुंचे, तो वहां मौजूद लोग और पैपराजी उन्हें देखकर चौंक गए। उनकी तस्वीरों में लाल रंग से रंगा शरीर, काली आंखें, मुकुट और नुकीली उंगलियां खास तौर पर दिखाई दीं। उनके इस अवतार को देखकर फिल्म ‘तुम्बाड’ के हस्तर किरदार की याद ताजा हो गई। ओरी ने किसी विदेशी भूत या लोकप्रिय हॉरर किरदार के बजाय भारतीय सिनेमा के एक चर्चित पात्र को अपने हैलोवीन लुक के लिए चुना।

    फिल्म ‘तुम्बाड’ में हस्तर एक रहस्यमयी और भयावह किरदार के रूप में दिखाया गया है। फिल्म की कहानी और उसके डरावने वातावरण के कारण यह पात्र दर्शकों के बीच खास पहचान रखता है। ओरी ने इसी किरदार की शारीरिक बनावट और पहनावे से प्रेरणा लेकर अपना रूप तैयार किया। उनके गेटअप में इस्तेमाल किए गए लाल रंग, प्राचीन मुकुट और खास मेकअप ने इस किरदार की पहचान को उभारने का काम किया।

    हैलोवीन पर हर साल लोग अलग-अलग डरावने और रचनात्मक परिधानों में नजर आते हैं। इस बार ओरी ने भारतीय फिल्म के चर्चित हॉरर पात्र को चुनकर अपने अंदाज में इस त्योहार को खास बनाया। उनका यह लुक उनके सामान्य फैशन अंदाज से बिल्कुल अलग रहा और इसी वजह से उनकी तस्वीरों ने लोगों का ध्यान खींचा।

  • सारा अली खान के केदारनाथ दौरे पर उठे सवाल, मौलाना ने शरीयत का हवाला देकर दिया बड़ा बयान, जानिए पूरा मामला

    सारा अली खान के केदारनाथ दौरे पर उठे सवाल, मौलाना ने शरीयत का हवाला देकर दिया बड़ा बयान, जानिए पूरा मामला

    नई दिल्ली । अभिनेत्री सारा अली खान एक बार फिर केदारनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा करने को लेकर विवादों में आ गई हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली के मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उनके मंदिर में पूजा करने पर आपत्ति जताई है। मौलाना ने इस मामले में फतवा जारी करते हुए कहा कि इस्लाम और शरीयत के अनुसार किसी मुसलमान का दूसरे धर्म के धार्मिक स्थल पर जाकर वहां की परंपरा के मुताबिक पूजा करना जायज नहीं है। उन्होंने सारा से अपने इस कदम के लिए अल्लाह से माफी मांगने और तौबा करने की बात भी कही है।

    जानकारी के मुताबिक, 25 अक्टूबर को सारा अली खान को उत्तराखंड स्थित केदारनाथ मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते देखा गया था। इस दौरान वह मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की कतार में अपनी बारी का इंतजार करती नजर आईं। दर्शन और पूजा करने के बाद उनकी एक तस्वीर और वीडियो भी सामने आया, जिसमें वह मंदिर के बाहर हाथ जोड़कर खड़ी दिखाई दीं। उनके इसी धार्मिक दौरे को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है।

    मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने अपने वीडियो बयान में कहा कि कई युवाओं ने उनसे यह सवाल किया था कि क्या सारा अली खान का केदारनाथ मंदिर में जाकर पूजा करना शरीयत के मुताबिक सही है। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि दूसरे धर्म की धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार पूजा करना इस्लामिक कानून के तहत जायज नहीं माना जाता। उन्होंने इसे हराम बताते हुए अभिनेत्री से अल्लाह के सामने तौबा करने की सलाह दी। मौलाना के मुताबिक, सारा को अपने इस कदम के लिए माफी मांगनी चाहिए।

    सारा अली खान का केदारनाथ जाना कोई पहली घटना नहीं है। अभिनेत्री पिछले चार वर्षों से लगातार इस प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पर पहुंच रही हैं। उनकी पहली फिल्म भी केदारनाथ नाम से ही रिलीज हुई थी। इस फिल्म में उन्होंने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के साथ काम किया था। वर्ष 2018 में फिल्म रिलीज होने के समय भी सारा को उत्तराखंड में विरोध का सामना करना पड़ा था। उस दौरान कुछ दक्षिणपंथी संगठनों ने फिल्म और अभिनेत्री की धार्मिक पहचान को लेकर आपत्ति जताई थी।

    सारा अली खान अभिनेत्री अमृता सिंह और अभिनेता सैफ अली खान की बेटी हैं। वह कई मौकों पर धार्मिक स्थलों पर दर्शन के लिए जाती रही हैं। केदारनाथ में उनकी मौजूदगी और पूजा को लेकर समय-समय पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। ताजा मामला भी इसी धार्मिक यात्रा से जुड़ा है, जिसमें मौलाना की टिप्पणी के बाद विवाद ने नया रूप ले लिया है।

    इस बीच बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों के प्रबंधन से जुड़े बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने गैर-हिंदू श्रद्धालुओं के लिए दर्शन और पूजा से पहले शपथ-पत्र जमा करने की व्यवस्था लागू की है। इस नियम के तहत मंदिर में पूजा करने के इच्छुक गैर-हिंदू श्रद्धालुओं को पहले निर्धारित शपथ-पत्र देना अनिवार्य किया गया है।

    समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहन सिंह रंगार ने बताया कि सारा अली खान की टीम ने उनके केदारनाथ दौरे से पहले आवश्यक शपथ-पत्र जमा कराया था। इस तरह उनके दौरे से संबंधित औपचारिक प्रक्रिया पूरी की गई थी। अब मौलाना की ओर से जारी फतवे के बाद अभिनेत्री की केदारनाथ यात्रा एक बार फिर धार्मिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गई है।

  • दिवाली वीकेंड पर बॉक्स ऑफिस की महाजंग, 'रामायण' के सामने उतरेंगी साउथ और हॉलीवुड की ये 3 बड़ी फिल्में

    दिवाली वीकेंड पर बॉक्स ऑफिस की महाजंग, 'रामायण' के सामने उतरेंगी साउथ और हॉलीवुड की ये 3 बड़ी फिल्में


    नई दिल्ली। दिवाली का त्योहार इस बार सिनेमा प्रेमियों के लिए मनोरंजन का बड़ा मौका लेकर आ रहा है। नवंबर के पहले सप्ताह में सिनेमाघरों में फिल्मों की ऐसी भिड़ंत देखने को मिलेगी जिसका इंतजार दर्शक लंबे समय से कर रहे हैं। रणबीर कपूर और साई पल्लवी स्टारर नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण पार्ट 1 पांच नवंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। इस फिल्म को लेकर पहले से ही जबरदस्त उत्सुकता बनी हुई है। लेकिन रामायण की रिलीज के ठीक अगले दिन यानी छह नवंबर को तीन और फिल्में बड़े पर्दे पर दस्तक देने वाली हैं। ऐसे में दिवाली वीकेंड पर बॉक्स ऑफिस का मुकाबला काफी दिलचस्प हो सकता है।

    रामायण को टक्कर देने वाली फिल्मों में पहली फिल्म सीन है। इस फिल्म के जरिए निर्देशक जिथु माधवन तमिल सिनेमा में कदम रखने जा रहे हैं। जिथु माधवन इससे पहले आवेशम जैसी चर्चित फिल्म बना चुके हैं। सीन को साइकोलॉजिकल एक्शन कॉमेडी के रूप में तैयार किया गया है। इसमें सूर्या नासलन और नज्रिया नाजिम अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। फिल्म का निर्माण सूर्या और ज्योतिका के प्रोडक्शन हाउस 2D एंटरटेनमेंट तथा झगराम स्टूडियोज ने मिलकर किया है।

    फिल्म में सूर्या डीएसपी इनबराज पांडियन आईपीएस का किरदार निभा रहे हैं। इसकी कहानी एक बर्खास्त पुलिसकर्मी के खिलाफ चल रहे मामले और उसे सुलझाने के दौरान सामने आने वाली मुश्किलों के इर्द गिर्द घूमती है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए एक अनोखी टीम बनाई जाती है। फिल्म में एक्शन के साथ कॉमेडी और सस्पेंस का मेल देखने को मिलेगा। छह नवंबर को रिलीज होने वाली यह फिल्म दक्षिण भारतीय दर्शकों के बीच खास आकर्षण बन सकती है।

    दूसरी फिल्म मूकुथी अम्मन 2 है। नयनतारा की चर्चित फिल्म के इस सीक्वल को लेकर भी दर्शकों में उत्साह है। सुंदर सी के निर्देशन में बनी इस फैंटेसी ड्रामा फिल्म में नयनतारा एक बार फिर अहम भूमिका निभा रही हैं। कहानी में दो अलग अलग समय की घटनाओं को जोड़ा गया है और शक्तिशाली ताकतों के बीच टकराव दिखाया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक नयनतारा इसमें दोहरी भूमिका में नजर आ सकती हैं जबकि रेजिना कैसेंड्रा खलनायिका के किरदार में दिखाई देंगी। विजय उर्वशी और योगी बाबू भी फिल्म का हिस्सा हैं। फैंटेसी और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी कहानियां पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह फिल्म खास हो सकती है।

    तीसरी फिल्म हॉलीवुड की एनिमेटेड मूवी द कैट इन द हैट है। यह फिल्म मशहूर लेखक डॉ. स्यूस की लोकप्रिय किताब पर आधारित है। वार्नर ब्रदर्स की इस फिल्म में मुख्य किरदार को अभिनेता बिल हैडर ने अपनी आवाज दी है। जादू मस्ती और रोमांच से भरपूर यह एनिमेटेड फिल्म खासतौर पर बच्चों और परिवारों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। ऐसे में दिवाली की छुट्टियों में परिवार के साथ फिल्म देखने की योजना बना रहे दर्शकों के लिए यह एक अलग विकल्प हो सकती है।

    अब सवाल यह है कि दिवाली वीकेंड पर बॉक्स ऑफिस का बाजीगर कौन बनेगा। रामायण को बड़े सितारों और भव्य निर्माण का फायदा मिल सकता है। वहीं सीन और मूकुथी अम्मन 2 अपने अलग विषय और दक्षिण भारतीय दर्शकों के बीच लोकप्रिय कलाकारों के दम पर दर्शकों को आकर्षित कर सकती हैं। दूसरी ओर द कैट इन द हैट बच्चों और परिवारों का ध्यान खींच सकती है। अलग अलग जॉनर की इन फिल्मों के कारण दर्शकों के पास कई विकल्प होंगे। अब सबकी निगाहें इस बात पर रहेंगी कि कौन सी फिल्म दर्शकों की पहली पसंद बनती है और दिवाली वीकेंड की कमाई में सबसे आगे निकलती है।

  • कृति सेनन बनीं जुनूनी निक्की और वरुण धवन दिखे डरे हुए, 'ऑब्सेशन' का रेस्टोरेंट सीन देखकर कांप उठेंगे आप

    कृति सेनन बनीं जुनूनी निक्की और वरुण धवन दिखे डरे हुए, 'ऑब्सेशन' का रेस्टोरेंट सीन देखकर कांप उठेंगे आप


    नई दिल्ली। हॉरर फिल्मों के शौकीनों के बीच इन दिनों फिल्म ऑब्सेशन को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है। इस फिल्म के हिंदी संस्करण को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ गई है क्योंकि बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन और कृति सेनन इसके मुख्य किरदारों को अपनी आवाज दे रहे हैं। फिल्म के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने से ठीक पहले दोनों सितारों ने निर्देशक अमर कौशिक के साथ मिलकर इसके एक बेहद चर्चित रेस्टोरेंट सीन को दोबारा फिल्माया है। इस वीडियो में कृति और वरुण का अंदाज इतना प्रभावशाली नजर आया कि सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

    जियोहॉटस्टार ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर इस खास वीडियो को साझा किया है। इसमें वरुण धवन और कृति सेनन एक रेस्टोरेंट में आमने सामने बैठे दिखाई देते हैं। शुरुआत में माहौल सामान्य लगता है लेकिन धीरे धीरे दृश्य में डर और बेचैनी का एहसास बढ़ने लगता है। वरुण के चेहरे पर घबराहट साफ दिखाई देती है जबकि कृति अपने किरदार निक्की के परेशान करने वाले और डरावने अंदाज को पेश करती नजर आती हैं। दोनों कलाकारों ने इस दृश्य को हिंदी में नए अंदाज के साथ निभाया है। निर्देशक अमर कौशिक भी इस रीक्रिएशन का हिस्सा बने।

    दरअसल वरुण धवन फिल्म में बेयर और कृति सेनन निक्की के किरदार को हिंदी आवाज दे रहे हैं। मूल फिल्म में इन भूमिकाओं को माइकल जॉनस्टन और इंडे नवारेटे ने निभाया है। हिंदी दर्शकों तक फिल्म का डर और रोमांच उसी प्रभाव के साथ पहुंचाने के लिए दोनों बॉलीवुड सितारों को चुना गया है। रेस्टोरेंट सीन का यह रीक्रिएशन फिल्म के प्रचार का हिस्सा है और इसे हिंदी संस्करण के आने से पहले जारी किया गया है।

    ऑब्सेशन की कहानी बेयर बेली नाम के एक युवक के इर्द गिर्द घूमती है। बेयर स्वभाव से शांत है और एक म्यूजिक स्टोर में काम करता है। वह अपनी सहकर्मी निक्की को पसंद करता है लेकिन अपने मन की बात कहने का साहस नहीं जुटा पाता। निक्की आत्मविश्वासी और मिलनसार है। बेयर की जिंदगी में तब बदलाव आता है जब उसे एक क्रिस्टल की दुकान में वन विश विलो नाम का रहस्यमयी खिलौना मिलता है। दुकान का कैशियर उसे चेतावनी देता है कि इस खिलौने का इस्तेमाल करने वालों के जीवन में मुसीबतें आई हैं।

    लेकिन प्यार में डूबा बेयर चेतावनी को नजरअंदाज कर देता है। वह विलो की टहनी तोड़कर इच्छा जाहिर करता है कि निक्की उससे दुनिया में किसी भी चीज से ज्यादा प्यार करे। शुरुआत में उसकी यह इच्छा पूरी होती दिखाई देती है। निक्की उसके करीब आने लगती है और उसे वैसा ही प्यार देने लगती है जिसकी बेयर लंबे समय से उम्मीद कर रहा था।

    हालांकि जल्द ही यह प्यार एक डरावने अनुभव में बदल जाता है। निक्की का लगाव जरूरत से ज्यादा बढ़ने लगता है और उसका व्यवहार परेशान करने वाला तथा हिंसक होता जाता है। बेयर को समझ आने लगता है कि उसकी इच्छा पूरी होने की कीमत बेहद खतरनाक है। अब वह इस स्थिति से बाहर निकलने और अपनी इच्छा को पलटने का रास्ता तलाशता है।

    फिल्म का यही अनोखा विचार इसे सामान्य प्रेम कहानी से अलग बनाता है। वरुण और कृति के रीक्रिएट किए गए रेस्टोरेंट सीन ने हिंदी दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि दोनों सितारों की आवाज और अभिनय का यह नया मेल दर्शकों को कितना पसंद आता है।