Category: Entertainment

  • फिल्म 'कोलोनी' में कलाकारों या स्टंटमैन ने नहीं, बल्कि ग्रुप डांसर्स ने निभाए रोंगटे खड़े कर देने वाले खूंखार एक्शन सीन्स

    फिल्म 'कोलोनी' में कलाकारों या स्टंटमैन ने नहीं, बल्कि ग्रुप डांसर्स ने निभाए रोंगटे खड़े कर देने वाले खूंखार एक्शन सीन्स

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा में जब भी किसी फिल्म में खतरनाक और हैरतअंगेज एक्शन दृश्यों को फिल्माना होता है, तो आमतौर पर मुख्य अभिनेता खुद कमान संभालते हैं या फिर जोखिम भरे दृश्यों के लिए पेशेवर स्टंटमैन और बॉडी डबल की सेवाएं ली जाती हैं। लेकिन मनोरंजन जगत में हाल ही में एक ऐसा अनोखा प्रयोग देखने को मिला है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। साल 2026 में प्रदर्शित हुई एक नई फिल्म में बेहद पेचीदा और डरावने एक्शन सीक्वेंस को पूरा करने के लिए किसी स्टंटमैन को नहीं, बल्कि पेशेवर डांसर्स को अनुबंधित किया गया। इस अनूठे फैसले के पीछे की वजह फिल्म की बेहद अलग और जटिल पटकथा थी, जिसे सामान्य एक्शन कलाकारों के लिए कर पाना मुमकिन नहीं था।

    यह पूरा घटनाक्रम हाल ही में सिनेमाघरों में रिलीज हुई चर्चित जॉम्बी थ्रिलर फिल्म ‘कोलोनी’ से जुड़ा हुआ है। यह फिल्म अपनी अनूठी कहानी के कारण पारंपरिक जॉम्बी फिल्मों से काफी अलग है। फिल्म की पटकथा के अनुसार, इसमें दिखाया गया वायरस इंसानी शरीर में प्रवेश करने के बाद एक अलग तरह का म्यूटेशन पैदा करता है, जिसे ‘हाइपर कोलिनेटेड’ कहा जाता है। इसका सीधा मतलब यह है कि वायरस से संक्रमित होने वाले सभी लोग अलग-अलग व्यवहार करने के बजाय एक सामूहिक मस्तिष्क यानी ‘कलेक्टिव माइंड’ की तरह काम करते हैं। यदि किसी एक संक्रमित को कोई जानकारी मिलती है, तो वह संदेश तुरंत एक ही पल में बाकी सभी जॉम्बीज तक पहुंच जाता है।

    इसी सामूहिक अवधारणा को स्क्रीन पर जीवंत करने के लिए निर्देशक को बेहद बारीकी से कोरियोग्राफ किए गए दृश्यों की आवश्यकता थी। फिल्म में कई दृश्य ऐसे थे जहां दर्जनों जॉम्बीज को एक साथ मिलकर बेहद पेचीदा शारीरिक गतिविधियां और एक समान स्टंट करने थे। इन दृश्यों में जरा सी भी चूक पूरे तालमेल को बिगाड़ सकती थी। किसी सामान्य स्टंटमैन के लिए शरीर को इस हद तक लचीला बनाना और सामूहिक रूप से एक ही समय पर सटीक शारीरिक मुद्राएं प्रदर्शित करना काफी कठिन काम था। इस चुनौती से निपटने के लिए निर्माण टीम को ग्रुप डांसर्स की आवश्यकता महसूस हुई, जो न केवल चेहरे पर सटीक भाव ला सकें, बल्कि सामूहिक टाइमिंग और मूवमेंट में भी पूरी तरह निपुण हों।

    यही कारण था कि फिल्म के निर्माताओं ने इस काम के लिए करीब 20 अनुभवी डांसर्स की एक विशेष टीम को काम पर रखा। दर्शकों को थिएटर्स में जिन दृश्यों को देखकर यह लग रहा है कि वे अत्याधुनिक विजुअल इफेक्ट्स (VFX) या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किए गए हैं, वे असल में इन डांसर्स की कड़ी मेहनत और शारीरिक दक्षता का नतीजा हैं। इन कलाकारों ने बिना किसी तकनीक के सहारा लिए स्क्रीन पर एक साथ सटीक मूव्स दिखाकर दृश्यों को बेहद डरावना और वास्तविक बना दिया है।

    इस अनोखे प्रयोग और बेहतरीन तकनीकी काम की बदौलत फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों की तरफ से काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। इंटरनेट मूवी डेटाबेस (IMDb) पर भी इस फिल्म को 7 के करीब रेटिंग हासिल हुई है, जो इस जॉनर की फिल्मों के लिए काफी बेहतर मानी जाती है। जो सिनेमाप्रेमी इस फिल्म को घर बैठे देखने का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें अभी थोड़ा और धैर्य रखना होगा। चालू वर्ष में रिलीज होने के कारण यह फिल्म फिलहाल किसी भी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं कराई गई है और इसका आनंद अभी केवल सिनेमाघरों में ही लिया जा सकता है।

  • उर्फी जावेद ने धर्म और नाम बदलने के दावों को बताया पूरी तरह फर्जी, अफवाह फैलाने वालों को सोशल मीडिया पर दिया करारा जवाब

    उर्फी जावेद ने धर्म और नाम बदलने के दावों को बताया पूरी तरह फर्जी, अफवाह फैलाने वालों को सोशल मीडिया पर दिया करारा जवाब

    नई दिल्ली। अपने बेबाक बयानों और अनूठे पहनावे के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाली अभिनेत्री उर्फी जावेद एक बार फिर सोशल मीडिया पर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला उनके पहनावे का नहीं, बल्कि उनके नाम और धर्म परिवर्तन से जुड़ी एक बड़ी अफवाह का है। इंटरनेट पर पिछले कुछ दिनों से यह दावा किया जा रहा था कि अभिनेत्री ने इस्लाम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया है। इन खबरों के तेजी से वायरल होने के बाद अब खुद अभिनेत्री ने सामने आकर इन दावों के पीछे का पूरा सच बताया है और गलत जानकारी फैलाने वालों की जमकर क्लास लगाई है।

    दरअसल, सोशल मीडिया पर एक महिला द्वारा वीडियो साझा कर यह दावा किया गया था कि उर्फी जावेद ने अपना धर्म बदल लिया है और अब उनका नया नाम रीता भारद्वाज हो गया है। वीडियो में अभिनेत्री के पहनावे को लेकर भी कई तरह की नकारात्मक टिप्पणियां की गई थीं। इस तरह की भ्रामक खबरों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उर्फी जावेद ने साफ किया कि उन्होंने कभी भी अपना नाम या मजहब नहीं बदला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे किसी भी धर्म या रूढ़िवादी विचारधारा में विश्वास नहीं रखती हैं, इसलिए उनके बारे में ऐसी बातें करना पूरी तरह निराधार है।

    अभिनेत्री ने बिना किसी हिचकिचाहट के अफवाह फैलाने वालों को नसीहत देते हुए कहा कि किसी के बारे में भी टिप्पणी करने से पहले पूरी जानकारी जुटा लेनी चाहिए। उन्होंने इंटरनेट का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति उनके पुराने टेलीविजन कार्यक्रमों की सूची और उनमें उनके नाम की जांच कर सकता है। अभिनेत्री ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि उनके काम या पहनावे की आलोचना की जा सकती है, लेकिन किसी के बारे में इस तरह की मनगढ़ंत और झूठी खबरें फैलाना पूरी तरह गलत और गैर-जिम्मेदाराना है।

    मिली जानकारी के अनुसार, इस विवाद के बढ़ने और अभिनेत्री द्वारा कड़ा रुख अपनाए जाने के बाद संबंधित महिला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से वह वीडियो हटा दिया है और अभिनेत्री के अकाउंट को ब्लॉक कर दिया है। उर्फी जावेद ने इस बात की पुष्टि करते हुए कुछ संदेशों के स्क्रीनशॉट भी साझा किए और बताया कि झूठे दावों की पोल खुलने के बाद अब वास्तविकता सबके सामने आ चुकी है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि वे व्यक्तिगत हमलों से प्रभावित नहीं होतीं, लेकिन तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    अगर उर्फी जावेद के पेशेवर जीवन की बात करें तो वे मनोरंजन जगत का एक जाना-माना नाम हैं। वे पिछले साल एक बड़े रियलिटी शो का हिस्सा रही थीं, जहां उन्होंने अपनी बेहतरीन रणनीति और खेल के दम पर जीत हासिल की थी। इसके अलावा वे कई अन्य लोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिकों जैसे ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ और ‘कसौटी जिंदगी की 2’ में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा चुकी हैं। अभिनय के साथ-साथ वे कुछ डिजिटल शोज़ को बतौर होस्ट भी संभाल चुकी हैं और सोशल मीडिया पर उनकी एक बड़ी फैन फॉलोइंग है।

  • ओटीटी प्लेटफॉर्म पर डेब्यू करने जा रहे अभिनेता सनी देओल ने पुरानी यादें कीं ताजा, फिल्म 'दामिनी' के अपने आइकॉनिक वकील के किरदार पर खुलकर की बात

    ओटीटी प्लेटफॉर्म पर डेब्यू करने जा रहे अभिनेता सनी देओल ने पुरानी यादें कीं ताजा, फिल्म 'दामिनी' के अपने आइकॉनिक वकील के किरदार पर खुलकर की बात

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेताओं में शुमार सनी देओल जल्द ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपना कदम रखने जा रहे हैं। अपनी आने वाली नई फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के विशेष अवसर पर अभिनेता ने अपने फिल्मी सफर और अतीत की कुछ बेहद खास यादों को साझा किया। इस दौरान उन्होंने साल 1993 में आई अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘दामिनी’ में निभाए गए वकील के यादगार किरदार पर खुलकर बात की। अभिनेता ने स्वीकार किया कि जब उन्होंने इस फिल्म में काम करने का फैसला लिया था, तब उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उनका यह छोटा सा रोल दर्शकों के दिलों में इस कदर बस जाएगा और इतिहास रच देगा।

    अपनी आगामी कोर्टरूम ड्रामा फिल्म में भी सनी देओल एक बार फिर से वकील की भूमिका में नजर आने वाले हैं, जिसका सीधा जुड़ाव दर्शकों को उनकी पुरानी फिल्म से महसूस हो रहा है। ट्रेलर लॉन्च के कार्यक्रम के दौरान जब उनसे इस समानता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि वह उस समय हर हाल में उस फिल्म का हिस्सा बनना चाहते थे। उन्होंने बताया कि मूल कहानी में शुरुआत में उनका कोई बड़ा रोल नहीं था, लेकिन निर्देशक और उनके निर्माता दोस्तों के साथ बातचीत के बाद उन्हें इस छोटे से कैरेक्टर के बारे में बताया गया। उन्होंने इसके लिए तुरंत हामी भर दी क्योंकि वे इस खूबसूरत कहानी से जुड़ना चाहते थे।

    अभिनेता ने बातचीत को आगे बढ़ाते हुए कहा कि किसी भी कलाकार के लिए उसकी फिल्मों की यात्रा बेहद खूबसूरत होती है। उन्होंने सिनेमा प्रेमियों से फिल्मों का भरपूर आनंद लेने का आग्रह करते हुए कहा कि कोई भी यह पहले से तय नहीं कर सकता कि कौन सा किरदार दर्शकों को कितना प्रभावित करेगा। ‘दामिनी’ के उस छोटे से रोल ने देश के कोने-कोने में लोगों को अपना मुरीद बना लिया था। अभिनेता ने यह भी साझा किया कि उस फिल्म के बाद उन्हें काफी लंबे समय तक उस तरह का दमदार और प्रभावशाली कोर्टरूम ड्रामा किरदार निभाने का दोबारा मौका नहीं मिल सका था, जो अब जाकर उन्हें मिला है।

    इसी भव्य आयोजन के दौरान सनी देओल अपने परिवार और पिता को याद कर काफी भावुक भी नजर आए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में जब उनसे उनके पिता और हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के बारे में सवाल किया गया कि उन्हें उनके नाम से कितना गर्व महसूस होता है, तो सनी देओल खुद पर काबू नहीं रख पाए। उन्होंने बेहद संजीदगी और भरे गले से कहा कि वे हमेशा केवल अपने पापा के बेटे रहेंगे और उनके लिए इससे बढ़कर दुनिया में कुछ भी नहीं है। यह कहते हुए उनकी आंखें नम हो गईं, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को प्रभावित किया।

    डिजिटल माध्यम पर रिलीज होने जा रही यह नई फिल्म एक बार फिर से सनी देओल को उसी पुरानी दहाड़ और कानूनी दांव-पेंच वाले अवतार में वापस लेकर आ रही है, जिसका दर्शक लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। फिल्म के ट्रेलर को दर्शकों की तरफ से काफी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं और इसमें उनके साथ कई अन्य दिग्गज कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। इस नए प्रोजेक्ट से अभिनेता को काफी उम्मीदें हैं क्योंकि यह उनके करियर की नई पारी की शुरुआत माना जा रहा है।

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अर्चना पूरन सिंह का बड़ा दावा बोलीं बढ़ती टेक्नोलॉजी पानी की कमी की बड़ी वजह

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अर्चना पूरन सिंह का बड़ा दावा बोलीं बढ़ती टेक्नोलॉजी पानी की कमी की बड़ी वजह


    नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई ने बीते कुछ वर्षों में लोगों की जिंदगी को काफी आसान बना दिया है। पढ़ाई से लेकर नौकरी कारोबार कंटेंट क्रिएशन और मनोरंजन तक लगभग हर क्षेत्र में इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। हालांकि जहां एक ओर एआई को भविष्य की सबसे बड़ी तकनीकी क्रांति माना जा रहा है वहीं दूसरी ओर इसके पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं। अब अभिनेत्री अर्चना पूरन सिंह ने इसी मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए ऐसा बयान दिया है जिसने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है।

    अर्चना पूरन सिंह ने अपने परिवार के साथ बातचीत के दौरान कहा कि एआई के बढ़ते इस्तेमाल का असर पानी की उपलब्धता पर भी पड़ रहा है। उनका कहना है कि एआई टूल्स को चलाने के लिए बड़ी मात्रा में संसाधनों की जरूरत होती है और हर बार जब कोई व्यक्ति एआई से सवाल पूछता है तब उसके जवाब को तैयार करने की प्रक्रिया में काफी पानी खर्च होता है। उनके अनुसार यही कारण है कि भविष्य में पानी की समस्या और गंभीर हो सकती है।

    यह चर्चा उस समय शुरू हुई जब अर्चना अपने बेटों आर्यमन और आयुष्मान के साथ मुंबई में पानी की कमी पर बात कर रही थीं। परिवार ने बताया कि शहर के कई इलाकों में बारिश की कमी के कारण जल संकट बढ़ गया है। इसी दौरान एआई और डेटा सेंटरों में होने वाली पानी की खपत का विषय सामने आया।

    अर्चना के छोटे बेटे आयुष्मान ने बताया कि जब वह एआई आधारित वीडियो तैयार कर रहे थे तब किसी ने उन्हें बताया था कि इस तकनीक का इस्तेमाल बड़ी मात्रा में पानी की खपत बढ़ाता है। यह बात जानने के बाद उन्होंने एआई का उपयोग कम कर दिया। वहीं आर्यमन ने भी कहा कि आज बड़ी संख्या में लोग एआई का उपयोग केवल मनोरंजन और समय बिताने के लिए कर रहे हैं जबकि इसके पीछे पर्यावरणीय लागत भी जुड़ी हुई है।

    हालांकि तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि एआई सीधे पानी का उपयोग नहीं करता बल्कि इसे संचालित करने वाले विशाल डेटा सेंटरों को ठंडा रखने के लिए कई जगह पानी आधारित कूलिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। सर्वर लगातार चलने के कारण अत्यधिक गर्म होते हैं और उन्हें नियंत्रित तापमान पर बनाए रखने के लिए पानी की जरूरत पड़ती है। इसी वजह से एआई के बढ़ते उपयोग के साथ डेटा सेंटरों की जल और ऊर्जा खपत भी बढ़ती है।

    विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि जल संकट का कारण केवल एआई नहीं है। जलवायु परिवर्तन भूजल का अत्यधिक दोहन अनियोजित शहरीकरण और बढ़ती आबादी भी पानी की कमी के बड़े कारण हैं। इसलिए एआई को अकेले जिम्मेदार ठहराना पूरी तरह उचित नहीं माना जा सकता। हालांकि यह जरूर सच है कि नई तकनीकों के विस्तार के साथ उनके पर्यावरणीय प्रभाव पर गंभीरता से विचार करना जरूरी हो गया है।

    अर्चना पूरन सिंह का बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में टिकाऊ तकनीक और ग्रीन डेटा सेंटर विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। उनका यह बयान लोगों को यह सोचने पर मजबूर करता है कि तकनीक का उपयोग जितना जरूरी है उतना ही जरूरी उसका जिम्मेदार और संतुलित इस्तेमाल भी है। आने वाले समय में एआई के साथ पर्यावरण संरक्षण का संतुलन बनाना सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

  • तलाक से लेकर विवादित बयानों तक, Akansha Chamola के 5 बड़े विवाद जिन्होंने बार-बार उन्हें सुर्खियों और ट्रोलिंग के केंद्र में ला खड़ा किया

    तलाक से लेकर विवादित बयानों तक, Akansha Chamola के 5 बड़े विवाद जिन्होंने बार-बार उन्हें सुर्खियों और ट्रोलिंग के केंद्र में ला खड़ा किया

    नई दिल्ली । टेलीविजन अभिनेत्री आकांक्षा चमोला एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने अभिनेता गौरव खन्ना से अलग होने की घोषणा कर सभी को चौंका दिया। इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर उनके रिश्ते को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब आकांक्षा विवादों के कारण चर्चा में आई हों। पिछले कुछ वर्षों में उनके कई बयान, सोशल मीडिया गतिविधियां और पेशेवर फैसले उन्हें लगातार ट्रोलिंग और आलोचनाओं के घेरे में लाते रहे हैं।

    आकांक्षा चमोला का पहला बड़ा विवाद उस समय सामने आया था जब उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि वह मां नहीं बनना चाहतीं। उन्होंने स्पष्ट किया था कि वह बच्चों की जिम्मेदारी उठाने के लिए स्वयं को तैयार नहीं मानतीं और उन्हें कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि जीवन में संतान होना आवश्यक है। उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया, जबकि बड़ी संख्या में यूजर्स ने उनकी आलोचना भी की। यह बयान लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा।

    इसके बाद एक समारोह के दौरान उनका डांस वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। यह कार्यक्रम गौरव खन्ना की सफलता का जश्न मनाने के लिए आयोजित किया गया था। वायरल वीडियो में आकांक्षा उत्साह के साथ डांस करती दिखाई दीं, जबकि गौरव उन्हें संभालते नजर आए। इस वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं और अभिनेत्री को एक बार फिर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।

    आकांक्षा अपने डिजिटल प्रोजेक्ट्स को लेकर भी विवादों में रह चुकी हैं। एक वेब सीरीज में उनके कुछ रोमांटिक दृश्यों और प्रमोशनल इवेंट्स के दौरान सह-कलाकारों के साथ उनकी मौजूदगी को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बहस हुई। इन दृश्यों को लेकर इंटरनेट पर कई तरह की टिप्पणियां की गईं, जिससे उनकी सार्वजनिक छवि पर भी असर पड़ा। हालांकि अभिनेत्री ने इस पर कभी विस्तार से प्रतिक्रिया नहीं दी और अपने पेशेवर काम को प्राथमिकता देती रहीं।

    कुछ समय पहले आकांक्षा द्वारा साझा की गई एक क्रिप्टिक सोशल मीडिया पोस्ट ने भी काफी हलचल मचा दी थी। पोस्ट में रिश्तों और भावनात्मक दूरी का जिक्र किया गया था, जिसके बाद लोगों ने उनके वैवाहिक जीवन को लेकर अटकलें लगानी शुरू कर दीं। हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पोस्ट किसी निजी विवाद से जुड़ी नहीं थी और उसे गलत तरीके से समझा गया। इसके बावजूद यह मामला कई दिनों तक सोशल मीडिया पर चर्चा में बना रहा।

    हालिया विवाद उनके तलाक के ऐलान से जुड़ा है। अभिनेत्री के इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने इसे उनका निजी निर्णय बताते हुए सम्मान किया, जबकि कई यूजर्स ने इसे प्रचार का हिस्सा बताया। कुछ का मानना है कि यह कदम उनके नए रियलिटी शो में चर्चा का केंद्र बनने की रणनीति हो सकता है, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    लगातार विवादों के बावजूद आकांक्षा चमोला मनोरंजन जगत में सक्रिय हैं और सोशल मीडिया पर उनकी मजबूत मौजूदगी बनी हुई है। उनके हर बयान और गतिविधि पर लोगों की नजर रहती है, जिसके कारण वह अक्सर चर्चा का विषय बन जाती हैं। आने वाले समय में उनके पेशेवर फैसले और निजी जीवन से जुड़े घटनाक्रम पर भी दर्शकों की नजर बनी रहने की संभावना है।

  • 'न नाम बदला, न धर्म अपनाया'… Urfi Javed ने वायरल दावों की खोली पोल, फेक खबर फैलाने वालों को सुनाई खरी-खरी

    'न नाम बदला, न धर्म अपनाया'… Urfi Javed ने वायरल दावों की खोली पोल, फेक खबर फैलाने वालों को सुनाई खरी-खरी

    नई दिल्ली । सोशल मीडिया पर अभिनेत्री उर्फी जावेद के नाम और धर्म परिवर्तन को लेकर वायरल हो रहे दावों पर अब खुद अभिनेत्री ने स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। एक महिला द्वारा साझा किए गए वीडियो में दावा किया गया था कि उर्फी जावेद ने अपना नाम बदलकर ‘रीता भारद्वाज’ रख लिया है और उन्होंने हिंदू धर्म अपना लिया है। यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर फैलने लगा, जिसके बाद अभिनेत्री ने पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इन सभी दावों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया।

    उर्फी जावेद ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के माध्यम से वायरल वीडियो का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने न तो अपना नाम बदला है और न ही किसी धर्म को अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सोशल मीडिया पर उनके बारे में फैलाई जा रही जानकारी पूरी तरह झूठी है और लोगों को बिना तथ्यों की पुष्टि किए ऐसी बातें साझा नहीं करनी चाहिए। अभिनेत्री ने कहा कि उनके बारे में गलत सूचनाएं फैलाकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है।

    अभिनेत्री ने अपनी प्रतिक्रिया में यह भी दोहराया कि वह पहले भी कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुकी हैं कि वह किसी विशेष धर्म में विश्वास नहीं रखती हैं। उनके अनुसार उनकी निजी सोच और जीवनशैली को लेकर पहले भी कई तरह की अटकलें लगाई जाती रही हैं, लेकिन इस बार नाम और धर्म परिवर्तन जैसा दावा पूरी तरह मनगढ़ंत है। उन्होंने कहा कि इस तरह की झूठी खबरें न केवल किसी व्यक्ति की छवि को प्रभावित करती हैं, बल्कि समाज में भ्रम भी पैदा करती हैं।

    उर्फी जावेद ने वीडियो बनाने वाली महिला की पत्रकारिता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की जानकारी सार्वजनिक करने से पहले तथ्यों की जांच करना आवश्यक होता है। बिना पुष्टि के किसी व्यक्ति के बारे में गलत जानकारी प्रसारित करना जिम्मेदार पत्रकारिता नहीं माना जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि आलोचना करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन झूठी बातें फैलाना उचित नहीं है।

    अभिनेत्री ने अपने बयान में यह भी कहा कि इंटरनेट पर उनके बारे में पर्याप्त सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध है और कोई भी व्यक्ति आसानी से यह पता लगा सकता है कि उनके नाम या पहचान में किसी प्रकार का बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर जानकारी को सच मानने के बजाय उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।

    उर्फी जावेद अपने अलग फैशन सेंस और बेबाक बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहती हैं। यही वजह है कि उनके नाम से जुड़ी छोटी-बड़ी खबरें भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो जाती हैं। हालांकि, इस बार अभिनेत्री ने खुद सामने आकर यह साफ कर दिया कि उनके नाम और धर्म परिवर्तन से जुड़ी सभी बातें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो उर्फी जावेद हाल के समय में रियलिटी शो और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार सक्रिय रही हैं। उन्होंने हाल ही में एक लोकप्रिय रियलिटी शो में विशेष भूमिका निभाई थी और कई मनोरंजन कार्यक्रमों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। सोशल मीडिया पर उनकी मजबूत उपस्थिति के कारण वह अक्सर ट्रेंडिंग विषयों का हिस्सा बनी रहती हैं, लेकिन इस बार उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी पहचान और निजी जीवन को लेकर फैलाए जा रहे दावे वास्तविकता से बिल्कुल अलग हैं।

  • शादी से पहले मंसूर अली खान पटौदी संग लिव-इन में रहती थीं शर्मिला टैगोर, अंतरधार्मिक विवाह के कारण माता-पिता को टेलीग्राम पर मिलती थीं धमकियां

    शादी से पहले मंसूर अली खान पटौदी संग लिव-इन में रहती थीं शर्मिला टैगोर, अंतरधार्मिक विवाह के कारण माता-पिता को टेलीग्राम पर मिलती थीं धमकियां

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान नवाब मंसूर अली खान पटौदी का रिश्ता हमेशा से ही चर्चा का विषय रहा है। हाल ही में एक साक्षात्कार में अभिनेत्री ने अपने इस ऐतिहासिक रिश्ते से जुड़े कई अनसुने और चौंकाने वाले पहलुओं को साझा किया है। शर्मिला टैगोर ने बताया कि वर्ष 1968 में विवाह बंधन में बंधने से पहले वे और मंसूर अली खान एक साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहते थे। उस दौर के रूढ़िवादी सामाजिक ताने-बाने को देखते हुए एक शीर्ष अभिनेत्री और स्टार क्रिकेटर का शादी से पहले साथ रहना बेहद असाधारण और साहसिक कदम माना जाता था।

    इस अंतरधार्मिक और अंतर्जातीय रिश्ते को लेकर तत्कालीन समाज और कट्टरपंथियों में भारी आक्रोश था। अभिनेत्री ने खुलासा किया कि उनके इस फैसले के कारण उनके माता-पिता को लगातार धमकी भरे टेलीग्राम भेजे जाते थे, जिनमें जान से मारने और गोलियां चलाने की बातें लिखी होती थीं। इस वजह से उनके पूरे परिवार में लंबे समय तक डर और भारी मानसिक तनाव का माहौल बना रहा। इसके साथ ही फिल्म जगत और खेल जगत के कई करीबी मित्रों तथा शुभचिंतकों ने भी इस शादी को लेकर दोनों को गंभीर चेतावनी दी थी।

    मशहूर फिल्म निर्देशक यश चोपड़ा, जो शर्मिला टैगोर के बेहद करीबी मित्र थे, उन्होंने भी शादी से पहले अभिनेत्री को सचेत किया था। यश चोपड़ा का मानना था कि नवाबों की जीवनशैली और प्रतिबद्धता पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता, इसलिए यह रिश्ता आगे चलकर असफल हो सकता है। समाज और मीडिया का भी दोनों परिवारों पर अत्यधिक दबाव था और कई लोगों ने तो शादी होने से पहले ही इस रिश्ते के विफल होने की घोषणा कर दी थी। इन तमाम सामाजिक बाधाओं और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद दोनों अपने फैसले पर अडिग रहे।

    लगातार मिल रही धमकियों और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए शादी के आयोजन स्थल को लेकर भी भारी अनिश्चितता बनी हुई थी। शुरुआत में यह तय किया गया था कि सुरक्षा के लिहाज से सबसे सुरक्षित जगह फोर्ट विलियम में विवाह संपन्न कराया जाएगा। हालांकि, अंतिम समय में अतिथियों की सूची और प्रशासनिक अनुमतियों को लेकर कुछ तकनीकी दिक्कतें आ गईं, जिसके कारण मिली हुई अनुमति रद्द कर दी गई। सुरक्षा खतरों के बीच आखिरी मौके पर विवाह का वेन्यू बदलना पड़ा और अंततः एक विदेशी राजदूत के आवास पर बेहद सुरक्षित माहौल में इस विवाह की रस्में पूरी की गईं।

    तमाम विरोधों, धमकियों और सामाजिक दबावों को दरकिनार कर हुआ यह विवाह आगे चलकर भारतीय फिल्म और खेल जगत के सबसे सफल वैवाहिक रिश्तों में से एक साबित हुआ। इस विवाह से उनके तीन बच्चे सैफ अली खान, सोहा अली खान और सबा अली खान हुए। आज शर्मिला टैगोर अपने नाती-पोतों के साथ एक सुखी और संतुष्ट जीवन व्यतीत कर रही हैं। उनका यह हालिया बयान दर्शाता है कि दशकों पहले भी अपनी मर्जी से जीवन जीने और जीवनसाथी चुनने के लिए फिल्मी सितारों को किस कदर सामाजिक और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता था।

  • बॉलीवुड फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी से 20 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग, फोन पर जान से मारने की धमकी मिलने के बाद मुंबई पुलिस जांच में जुटी

    बॉलीवुड फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी से 20 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग, फोन पर जान से मारने की धमकी मिलने के बाद मुंबई पुलिस जांच में जुटी

    नई दिल्ली। भारतीय फिल्म जगत के जाने-माने निर्देशक रोहित शेट्टी को एक बार फिर असामाजिक तत्वों द्वारा निशाना बनाया गया है। शनिवार को उनके मुंबई स्थित कार्यालय में एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने बेहद आक्रामक लहजे में बात की। फोन करने वाले शख्स ने निर्देशक से सीधे तौर पर 20 करोड़ रुपये की मोटी रकम की मांग की है। धमकी देने वाले अपराधी ने साफ तौर पर कहा कि यदि समय रहते इस फिरौती की रकम का भुगतान नहीं किया गया, तो निर्देशक को अपनी जान से हाथ धोना पड़ सकता है। इस अचानक आई धमकी भरी कॉल के बाद फिल्म जगत और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

    धमकी मिलने के तुरंत बाद रोहित शेट्टी की प्रबंधकीय टीम ने बिना कोई समय गंवाए सक्रियता दिखाई। टीम द्वारा इस पूरी घटना की लिखित जानकारी और शिकायत मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। मामले की संवेदनशीलता और वीआईपी सुरक्षा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया है। पुलिस ने रंगदारी और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अपनी तफ्तीश तेज कर दी है। तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से उस फोन नंबर को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे यह कॉल की गई थी।

    सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में कॉल डेटा रिकॉर्ड खंगालने के साथ-साथ वॉयस एनालिसिस तकनीक का भी सहारा ले रही हैं। संदिग्ध की आवाज और उसके बात करने के तरीके का मिलान पुराने धमकी भरे मामलों से किया जा रहा है। हालांकि, अभी तक किसी भी आपराधिक संगठन ने आधिकारिक रूप से इस कृत्य की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन प्राथमिक संशयों के आधार पर जांच की सुई एक कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग की तरफ घूमती नजर आ रही है। पुलिस अधिकारी सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर हर संभावित कूटनीति पर काम कर रहे हैं।

    यह पहला मौका नहीं है जब रोहित शेट्टी को इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले इसी वर्ष फरवरी महीने में दो अज्ञात हमलावरों ने उनके मुंबई स्थित आवास के बाहर अंधाधुंध हवाई फायरिंग की थी। उस समय हुई पुलिसिया कार्रवाई में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का हाथ होने की बात पुख्ता हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए करीब 15 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा था। पुरानी कड़ियों को जोड़ते हुए सुरक्षा बल इस नए घटनाक्रम को उसी नेटवर्क से जोड़कर देख रहे हैं।

    सिनेमा उद्योग के दिग्गजों को इस तरह निशाना बनाए जाने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। रोहित शेट्टी से पहले बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह और सलमान खान को भी इसी तरह के गिरोहों द्वारा लगातार धमकियां दी जा चुकी हैं। सलमान खान के आवास पर हुए हमले और लगातार मिल रहे इनपुट के बाद सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए गृह विभाग भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मुंबई पुलिस का कहना है कि वे जल्द ही इस मामले के मुख्य आरोपी तक पहुंच जाएंगे और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।

  • जुलाई में OTT पर एंटरटेनमेंट का धमाका नेटफ्लिक्स से जियोहॉटस्टार तक रिलीज होंगी ये बड़ी फिल्में और सीरीज

    जुलाई में OTT पर एंटरटेनमेंट का धमाका नेटफ्लिक्स से जियोहॉटस्टार तक रिलीज होंगी ये बड़ी फिल्में और सीरीज


    नई दिल्ली। जुलाई का महीना ओटीटी दर्शकों के लिए जबरदस्त मनोरंजन लेकर आ रहा है। अगर आप घर बैठे नई फिल्में और वेब सीरीज देखने के शौकीन हैं तो आने वाले हफ्तों में आपके पास विकल्पों की कोई कमी नहीं होगी। नेटफ्लिक्स जियोहॉटस्टार और एप्पल टीवी प्लस जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म पर कई बड़ी और बहुप्रतीक्षित रिलीज दस्तक देने जा रही हैं। इनमें एक्शन ड्रामा कॉमेडी थ्रिलर साइंस फिक्शन और के ड्रामा जैसे अलग अलग जॉनर शामिल हैं।

    महीने की शुरुआत 2 जुलाई को नेटफ्लिक्स की पहली ओरिजिनल तेलुगू सीरीज सुपर सुब्बू से होगी। सात एपिसोड की यह कॉमेडी ड्रामा सीरीज एक साधारण युवक की मजेदार और दिलचस्प जिंदगी पर आधारित है। इसमें संदीप किशन मुख्य भूमिका निभा रहे हैं जबकि मिथिला पालकर और मुरली शर्मा भी अहम किरदारों में नजर आएंगे।

    इसके अगले दिन यानी 3 जुलाई को जियोहॉटस्टार पर प्रीतम एंड पेड्रो रिलीज होगी। इस वेब सीरीज को मशहूर फिल्मकार राजकुमार हिरानी ने क्रिएट और प्रोड्यूस किया है जबकि निर्देशन अविनाश अरुण ने किया है। अमित दुबे की चर्चित किताबों से प्रेरित इस सीरीज में अर्शद वारसी और विक्रांत मैसी मुख्य भूमिकाओं में दिखाई देंगे। इसी प्रोजेक्ट के जरिए वीर हिरानी अभिनय की दुनिया में कदम रख रहे हैं।

    3 जुलाई को ही एप्पल टीवी प्लस पर साइंस फिक्शन सीरीज साइलो सीजन 3 भी रिलीज होगी। भविष्य की दुनिया पर आधारित यह कहानी उन लोगों के इर्दगिर्द घूमती है जो जहरीले वातावरण के कारण जमीन के नीचे बने विशाल साइलो में रहने को मजबूर हैं। पहले दो सीजन की सफलता के बाद तीसरे सीजन का दर्शकों को लंबे समय से इंतजार था।

    10 जुलाई को नेटफ्लिक्स पर फिल्म इक्का स्ट्रीम होगी। इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि करीब 29 साल बाद सनी देओल और अक्षय खन्ना की जोड़ी एक साथ नजर आएगी। फिल्म में दीया मिर्जा तिलोत्तमा शोम संजीदा शेख और आकांक्षा रंजन कपूर भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।

    [relpost]
    17 जुलाई को नेटफ्लिक्स पर युवाओं की पसंदीदा रोमांटिक सीरीज हार्टस्टॉपर फॉरएवर सीजन 3 रिलीज होगी। यह सीरीज अपने अंतिम सीजन के साथ दर्शकों से विदा लेगी। इसी दिन के ड्रामा प्रेमियों के लिए द ईस्ट पैलेस भी स्ट्रीम होगी। रहस्य और फैंटेसी से भरपूर इस कहानी में नाम जू ह्युक ऐसे किरदार में नजर आएंगे जो जीवित और मृत दुनिया के बीच यात्रा कर सकता है।

    महीने के अंत में 29 जुलाई को जियोहॉटस्टार पर हॉलीवुड फिल्म द डेविल वीयर्स प्राडा 2 दस्तक देगी। फैशन इंडस्ट्री और कॉर्पोरेट दुनिया की पृष्ठभूमि पर बनी इस बहुप्रतीक्षित सीक्वल का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। थिएटर में रिलीज के बाद अब यह फिल्म ओटीटी दर्शकों के लिए उपलब्ध होगी।

    कुल मिलाकर जुलाई 2026 ओटीटी दर्शकों के लिए मनोरंजन से भरपूर रहने वाला है। चाहे आपको एक्शन पसंद हो रोमांस थ्रिलर साइंस फिक्शन या फिर कॉमेडी हर वर्ग के दर्शकों के लिए इस महीने कुछ न कुछ खास देखने को मिलेगा।

  • जब अपनी ही फिल्म के फ्लॉप होने की दुआ मांगने लगे थे किशोर कुमार किस्मत ने बना दिया सुपरहिट

    जब अपनी ही फिल्म के फ्लॉप होने की दुआ मांगने लगे थे किशोर कुमार किस्मत ने बना दिया सुपरहिट


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के महान गायक अभिनेता और निर्माता किशोर कुमार अपनी शानदार गायकी के साथ साथ अपने अनोखे स्वभाव और मजेदार किस्सों के लिए भी जाने जाते थे। उनके जीवन से जुड़ी कई घटनाएं आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रहती हैं। ऐसा ही एक दिलचस्प किस्सा उनकी सुपरहिट फिल्म चलती का नाम गाड़ी से जुड़ा है। कहा जाता है कि इस फिल्म के निर्माण के दौरान किशोर कुमार चाहते थे कि उनकी अपनी ही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो जाए। हालांकि किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और यही फिल्म बाद में उनकी सबसे बड़ी सफलताओं में शामिल हो गई।

    बताया जाता है कि वर्ष 1958 के दौरान किशोर कुमार आयकर से जुड़े मामलों में उलझे हुए थे। उन पर टैक्स का बड़ा बकाया था और इसी परेशानी से निकलने के लिए उन्होंने एक अलग ही योजना बनाई। उनका विचार था कि यदि वह एक ऐसी फिल्म बनाएंगे जो बॉक्स ऑफिस पर असफल हो जाएगी तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होगा। इस नुकसान को आय में समायोजित करके टैक्स का बोझ कम किया जा सकेगा।

    इसी सोच के साथ उन्होंने निर्देशक सत्येन बोस के साथ मिलकर चलती का नाम गाड़ी का निर्माण शुरू किया। फिल्म में मधुबाला को मुख्य भूमिका दी गई जबकि किशोर कुमार अपने भाइयों के साथ पर्दे पर नजर आए। इस फिल्म का निर्माण हिंदी के साथ साथ बंगाली भाषा में भी किया गया जहां इसे लुकचुरी नाम से रिलीज किया गया।

    कहा जाता है कि किशोर कुमार मन ही मन यही चाहते थे कि फिल्म दर्शकों को पसंद न आए और उनकी योजना सफल हो जाए। लेकिन रिलीज के बाद कहानी पूरी तरह बदल गई। फिल्म को दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिला और यह उस दौर की सबसे बड़ी सफल फिल्मों में शामिल हो गई। अपनी शानदार कॉमेडी दमदार अभिनय और यादगार गीतों की वजह से फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की और लंबे समय तक सिनेमाघरों में चलती रही।

    करीब 35 लाख रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर लगभग एक करोड़ पच्चीस लाख रुपये का कारोबार किया जबकि दुनिया भर में इसकी कमाई करीब ढाई करोड़ रुपये तक पहुंच गई। उस समय के हिसाब से यह बेहद बड़ी सफलता मानी गई। फिल्म की अप्रत्याशित कामयाबी ने किशोर कुमार की टैक्स बचाने की पूरी योजना पर पानी फेर दिया क्योंकि नुकसान दिखाने की जगह उन्हें बड़ा मुनाफा हो गया।

    बताया जाता है कि आयकर से जुड़ा उनका मामला लंबे समय तक अदालतों में चलता रहा। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम का सकारात्मक पहलू यह रहा कि भारतीय सिनेमा को एक ऐसी क्लासिक कॉमेडी फिल्म मिली जिसे आज भी दर्शक पूरे परिवार के साथ देखना पसंद करते हैं। चलती का नाम गाड़ी समय के साथ एक यादगार फिल्म बन गई और इसके गीत तथा किरदार आज भी लोगों की यादों में ताजा हैं। यही वजह है कि किशोर कुमार का यह अनोखा किस्सा आज भी फिल्म प्रेमियों के बीच मुस्कान बिखेर देता है।