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  • प्रभावशाली): गिर सफारी वीडियो पर मचा बवाल, रकुल प्रीत सिंह को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद, प्रशासन ने दी सफाई

    प्रभावशाली): गिर सफारी वीडियो पर मचा बवाल, रकुल प्रीत सिंह को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद, प्रशासन ने दी सफाई


    नई दिल्ली । गिर नेशनल पार्क में हुई एक जंगल सफारी यात्रा उस समय चर्चा में आ गई जब अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। यह वीडियो सामने आते ही लोगों के बीच तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं और कुछ ही समय में यह मामला एक बड़े विवाद में बदल गया। वीडियो को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इस बात पर हुई कि क्या उन्हें किसी प्रतिबंधित क्षेत्र में सफारी वाहन से बाहर निकलने की अनुमति दी गई थी।

    घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सवाल उठाने शुरू कर दिए और वीडियो को लेकर अलग-अलग तरह की व्याख्याएं सामने आने लगीं। कुछ लोगों ने इसे नियमों के उल्लंघन के तौर पर देखा, जबकि कुछ ने इसे सामान्य प्रमोशनल गतिविधि का हिस्सा बताया। इस बीच मामला तेजी से बढ़ता गया और चर्चा का दायरा सोशल मीडिया से आगे तक पहुंच गया।

    विवाद बढ़ने के बाद संबंधित वन्य क्षेत्र प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई। अधिकारियों ने बताया कि वायरल हो रहा वीडियो प्रतिबंधित क्षेत्र के अंदर का नहीं है, बल्कि प्रवेश द्वार के पास का है। उन्होंने साफ किया कि संरक्षित क्षेत्र के भीतर किसी भी पर्यटक को सफारी वाहन से उतरने की अनुमति नहीं होती और यह नियम सख्ती से लागू किया जाता है।

    प्रशासन के अनुसार, पार्क के अंदर सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सख्त दिशा-निर्देश बनाए गए हैं, जिनका पालन सभी पर्यटकों के लिए अनिवार्य है। इस मामले में भी किसी तरह की नियम उल्लंघन की बात सामने नहीं आई है और वायरल वीडियो को लेकर जो भ्रम फैला, वह वास्तविक स्थिति से अलग है।

    इस स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया कि रकुल प्रीत सिंह की ओर से किसी प्रकार का नियम उल्लंघन नहीं हुआ था। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो को बिना पूरी जानकारी के गलत तरीके से प्रस्तुत करने से गलतफहमी पैदा हो सकती है।

    इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सोशल मीडिया पर बहस तेज रही, जहां एक तरफ लोग नियमों को लेकर सख्ती की मांग कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर कई लोग इसे बिना आधार का विवाद बता रहे थे। आधिकारिक बयान आने के बाद स्थिति काफी हद तक शांत हो गई और मामला स्पष्ट हो गया।

    इसी बीच रकुल प्रीत सिंह अपनी आगामी फिल्म के प्रमोशन में व्यस्त हैं, जिसमें वह एक बड़े कलाकार समूह के साथ नजर आने वाली हैं। यह जंगल सफारी दौरा भी उसी प्रमोशनल गतिविधि का हिस्सा था, जिसे लेकर अब चर्चा का माहौल धीरे-धीरे सामान्य होता दिख रहा है।

  • मदर्स डे पर सलमान खान का इमोशनल पोस्ट: दोनों मांओं के साथ अनदेखी तस्वीरें शेयर कर जीता दिल

    मदर्स डे पर सलमान खान का इमोशनल पोस्ट: दोनों मांओं के साथ अनदेखी तस्वीरें शेयर कर जीता दिल


    नई दिल्ली ।
    मदर्स डे के खास मौके पर बॉलीवुड अभिनेता Salman Khan ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इस पोस्ट में उन्होंने अपनी दोनों मांओं—सलमा खान और हेलेन—के साथ जुड़ी कुछ पुरानी और अनदेखी तस्वीरें साझा कीं, जिनमें उनका पारिवारिक रिश्ता और भावनात्मक जुड़ाव साफ दिखाई देता है।

    पोस्ट की शुरुआत एक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर से होती है, जिसमें सलमान खान अपने बचपन में अपनी मां सलमा खान की गोद में बैठे नजर आते हैं। यह तस्वीर एक साधारण लेकिन बेहद गहरे भाव को दर्शाती है, जिसमें मां और बेटे के बीच का स्नेह और अपनापन झलकता है। इसके बाद की तस्वीर में वह अपनी मां के साथ एक सोफे पर बैठे दिखाई देते हैं, जहां उनका चेहरा और बॉडी लैंग्वेज यह बताती है कि वह इस पल को कितना सुकूनभरा महसूस कर रहे हैं।

    तीसरी तस्वीर सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली रही, जिसमें सलमान अपनी दोनों मांओं—सलमा खान और हेलेन—के साथ एक ही फ्रेम में नजर आए। यह तस्वीर उनके परिवार की एकता और आपसी सम्मान को दर्शाती है, जिसे देखकर फैंस ने इसे बेहद खास बताया। इस पोस्ट के साथ सलमान ने बेहद सादगी से केवल “हैप्पी मदर्स डे” लिखकर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया।

    जैसे ही यह पोस्ट सामने आई, सोशल मीडिया पर इसे लेकर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। फैंस ने सलमान खान की पारिवारिक बॉन्डिंग की जमकर तारीफ की और उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में बताया जो स्टारडम के बीच भी अपने परिवार से गहराई से जुड़े रहते हैं। कई लोगों ने इसे साल की सबसे भावनात्मक सेलेब्रिटी पोस्ट में से एक बताया।

    इस मौके पर परिवार से जुड़े कुछ अन्य भावनात्मक पलों की झलक भी देखने को मिली, जिसमें खान परिवार के सदस्य एक साथ समय बिताते नजर आए। इन तस्वीरों ने यह संदेश दिया कि सफलता और लोकप्रियता के बीच भी परिवारिक रिश्तों की अहमियत हमेशा बनी रहती है।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो Salman Khan इन दिनों अपने आगामी प्रोजेक्ट्स को लेकर व्यस्त हैं। उनकी नई फिल्मों को लेकर फैंस के बीच पहले से ही उत्साह बना हुआ है और उनकी हर अपडेट पर दर्शकों की नजर रहती है।

    हालांकि इस पूरे दिन में सबसे ज्यादा चर्चा सलमान खान की मदर्स डे पोस्ट की ही रही, जिसने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भावनात्मक जुड़ाव और पारिवारिक रिश्ते किसी भी स्टारडम से ऊपर होते हैं। यह पोस्ट केवल एक शुभकामना नहीं थी, बल्कि एक ऐसा भाव था जिसने लाखों लोगों के दिलों को छू लिया।

  • कैटरीना कैफ के लिए यादगार रहा पहला मदर्स डे, बेटे और पति के प्यार ने बना दिया दिन खास

    कैटरीना कैफ के लिए यादगार रहा पहला मदर्स डे, बेटे और पति के प्यार ने बना दिया दिन खास

    नई दिल्ली । कैटरीना कैफ के जीवन में इस बार का मदर्स डे बेहद खास और भावनाओं से भरा हुआ रहा। मां बनने के बाद यह उनका पहला मदर्स डे था, जिसने इस दिन को उनके लिए सिर्फ एक उत्सव नहीं बल्कि एक गहरी भावनात्मक याद में बदल दिया। परिवार के साथ बिताया गया यह पल उनकी जिंदगी के नए अध्याय की खूबसूरत शुरुआत जैसा महसूस हुआ।

    इस खास मौके पर पति विक्की कौशल और बेटे विहान की ओर से उन्हें एक बेहद प्यारा सरप्राइज दिया गया, जिसने कैटरीना को भावुक कर दिया। उन्हें एक हाथ से लिखा हुआ संदेश और खूबसूरत फूलों का गुलदस्ता भेंट किया गया। इस संदेश में प्यार और शुभकामनाओं के शब्दों ने इस पल को और भी खास बना दिया, जो सीधे दिल को छू लेने वाला था।

    इस पूरे पल की झलक कैटरीना ने अपनी तस्वीरों के जरिए साझा की, जहां उनकी खुशी और भावनाएं साफ दिखाई दे रही थीं। एक तस्वीर में वह फूलों और कार्ड के साथ नजर आईं, जबकि दूसरी तस्वीर में वह अपने नन्हे बेटे के साथ समय बिताती दिखीं। बच्चे के साथ यह सादगी भरा लेकिन भावनात्मक पल उनके फैंस के लिए भी बेहद खास बन गया।

    मां बनने के बाद हर महिला के जीवन में एक नया अनुभव जुड़ता है और कैटरीना के लिए भी यह समय बेहद खास रहा है। बेटे के साथ उनका यह पहला मदर्स डे उनके लिए सिर्फ एक दिन नहीं बल्कि प्यार, अपनापन और परिवार की अहमियत को महसूस करने का मौका बन गया।

    इस पोस्ट के सामने आने के बाद फैंस और शुभचिंतकों ने भी उन्हें ढेरों बधाइयां दीं। लोगों ने इस पल को बेहद खूबसूरत और दिल को छू लेने वाला बताया और उनके नए सफर के लिए शुभकामनाएं दीं।

    कैटरीना और विक्की की जोड़ी हमेशा से ही लोगों के बीच पसंद की जाती रही है। उनकी मुलाकात एक इवेंट के दौरान हुई थी, जिसके बाद उनका रिश्ता धीरे-धीरे मजबूत होता गया और फिर शादी में बदल गया। अब बेटे के आने के बाद उनकी जिंदगी और भी पूरी और खुशहाल हो गई है।

    यह पहला मदर्स डे कैटरीना के लिए सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि एक ऐसी याद बन गया, जो हमेशा उनके दिल के बेहद करीब रहेगी।

  • CM बनने की चर्चा के बीच बड़ा धमाका: क्या रिलीज होगी विजय की ‘जना नायकन’?

    CM बनने की चर्चा के बीच बड़ा धमाका: क्या रिलीज होगी विजय की ‘जना नायकन’?


    नई दिल्ली। तमिल सुपरस्टार और राजनीतिक पारी की ओर बढ़ रहे विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ को लेकर फैंस लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। अब इस इंतजार पर जल्द ही विराम लग सकता है।
    फिल्म के प्रोड्यूसर वेंकट के नारायण ने संकेत दिया है कि अगर सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो फिल्म अगले 14 दिनों के भीतर सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है।

     CBFC प्रक्रिया में अंतिम चरण, तेजी से हो रहा काम
    प्रोड्यूसर के अनुसार फिल्म फिलहाल सेंसर सर्टिफिकेशन (CBFC) की अंतिम प्रक्रिया में है।
    टीम लगातार बोर्ड के संपर्क में है ताकि सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी की जा सकें। निर्माताओं का कहना है कि वे फिल्म को जल्द से जल्द दर्शकों तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।


    विजय की राजनीतिक पारी और फिल्म का खास कनेक्श
    फिल्म ‘जन नायकन’ सिर्फ एक एंटरटेनमेंट प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि विजय के राजनीतिक सफर से भी जुड़ी मानी जा रही है। प्रोड्यूसर के मुताबिक, फिल्म का टाइटल “जनता का नायक” उनके वास्तविक जीवन और तमिलनाडु की राजनीति में उनकी नई भूमिका से मेल खाता है। इसी वजह से इसे उनकी राजनीति में सक्रिय होने से पहले आखिरी फिल्म भी माना जा रहा है।

    सेट पर विजय की अनुशासन की तारीफ
    प्रोड्यूसर वेंकट के नारायण ने विजय के साथ काम करने के अनुभव को साझा करते हुए उनकी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि विजय बेहद अनुशासित और कमिटेड अभिनेता हैं, जो अपने हर वादे को पूरी जिम्मेदारी से निभाते हैं। फिल्म की शूटिंग के दौरान उनका प्रोफेशनल रवैया टीम के लिए प्रेरणादायक रहा।

    लीक विवाद और चुनौतियों के बावजूद मजबूत टीम
    फिल्म का सफर आसान नहीं रहा। पिछले समय में इसे ऑनलाइन लीक होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। इस मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी। इसके बावजूद फिल्म की टीम ने हार नहीं मानी और अब पूरी फोकस ग्रैंड थिएट्रिकल रिलीज पर है।

    ‘जन नायकन’ को लेकर बनी हलचल साफ दिखाती है कि यह फिल्म सिर्फ एक रिलीज नहीं, बल्कि विजय के करियर और राजनीतिक सफर का अहम मोड़ मानी जा रही है। अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा तो अगले 2 हफ्तों में यह फिल्म बड़े पर्दे पर धमाका कर सकती है।

  • डर + हंसी का कॉम्बो: लिस्ट में एक जबरदस्त हॉरर-कॉमेडी फिल्म भी शामिल!

    डर + हंसी का कॉम्बो: लिस्ट में एक जबरदस्त हॉरर-कॉमेडी फिल्म भी शामिल!


    नई दिल्ली। इस हफ्ते की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है “पति पत्नी और वो दो”, जिसमें आयुष्मान खुराना, सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह और वामिका गब्बी मुख्य भूमिकाओं में हैं। कहानी एक ईमानदार फॉरेस्ट ऑफिसर के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी जिंदगी एक छोटी-सी मदद के बाद पूरी तरह उलझ जाती है। तीन महिलाओं के बीच फंसकर उसकी स्थिति हास्यास्पद और भावनात्मक दोनों बन जाती है। फिल्म में रोमांस और कॉमेडी का जबरदस्त मिश्रण देखने को मिलेगा।

     2. ऐतिहासिक सफर: आखिरी सवाल
    संजय दत्त और अमित साध स्टारर यह फिल्म “आखिरी सवाल” एक ऐतिहासिक ड्रामा है, जो एक विचारधारा और संगठन के 100 साल के सफर को दिखाने का दावा करती है। फिल्म भारत के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास के कुछ अहम मोड़ों को सिनेमाई अंदाज में पेश करती है। दमदार अभिनय और गंभीर विषय इसे खास बनाते हैं।

     3. हॉरर-कॉमेडी का ट्विस्ट: I.I.Z  Indian Institute of Zombies
    अगर आप हॉरर और कॉमेडी के फैन हैं, तो यह फिल्म आपके लिए है। कहानी एक बड़े इंजीनियरिंग कॉलेज में अचानक फैलने वाले ज़ॉम्बी संक्रमण की है। छात्र पढ़ाई के दबाव और ज़ॉम्बी अटैक दोनों से जूझते हैं। फिल्म में डर के साथ हंसी का भी जबरदस्त डोज मिलेगा।

     4. साइकोलॉजिकल थ्रिलर: नवगुंजर
    “नवगुंजर” एक क्राइम-थ्रिलर फिल्म है जिसमें शहर में हो रही रहस्यमयी हत्याएं पुलिस को चौंका देती हैं। सबसे बड़ा रहस्य यह है कि पकड़े गए अपराधियों को अपने जुर्म की याद ही नहीं रहती। माइंड कंट्रोल और साजिशों पर आधारित यह फिल्म दर्शकों को अंत तक उलझाए रखेगी।

     5. म्यूजिकल एक्सपीरियंस: Billie Eilish  Hit Me Hard and Soft The Tour
    यह फिल्म एक 3D कंसर्ट अनुभव है जिसमें दुनिया की मशहूर पॉप सिंगर बिली आयलिश के वर्ल्ड टूर को बड़े पर्दे पर दिखाया गया है। जेम्स कैमरून के निर्देशन में बनी यह फिल्म संगीत प्रेमियों के लिए एक विजुअल ट्रीट साबित हो सकती है।

    इस हफ्ते का बॉक्स ऑफिस लाइनअप बेहद विविध है जहां एक तरफ रोमांस और कॉमेडी है, वहीं दूसरी ओर थ्रिलर, हॉरर और म्यूजिकल एक्सपीरियंस भी मौजूद हैं। हर उम्र और हर स्वाद के दर्शकों के लिए कुछ न कुछ खास जरूर है।

  • मेरे नाम का सहारा मत लो-सुनीता आहूजा का आत्मनिर्भर बयान, नए शो से करेंगी डेब्यू..

    मेरे नाम का सहारा मत लो-सुनीता आहूजा का आत्मनिर्भर बयान, नए शो से करेंगी डेब्यू..


    नई दिल्ली । मनोरंजन जगत में सुनीता आहूजा एक बार फिर चर्चा में हैं, इस बार वजह उनका नया रियलिटी कुकिंग शो है जिसमें वह अपनी बेटी के साथ नजर आने वाली हैं। यह शो ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होगा और इसका फोकस पारिवारिक रिश्तों के साथ-साथ कुकिंग और मनोरंजन पर आधारित है। इस नए प्रोजेक्ट के साथ सुनीता आहूजा पहली बार रियलिटी टीवी की दुनिया में कदम रख रही हैं, जिसे उनके करियर का एक नया अध्याय माना जा रहा है।

    इस शो की शुरुआत से पहले सुनीता आहूजा ने अपने अनुभव और सोच को लेकर खुलकर बातचीत की। उन्होंने बताया कि यह अवसर उनके लिए केवल एक शो नहीं बल्कि खुद को नए रूप में साबित करने का मौका है। उनका मानना है कि जीवन में अब वह उस मोड़ पर हैं जहां उन्हें अपनी पहचान खुद बनानी है और किसी भी तरह की बाहरी छाया से आगे बढ़ने के बजाय अपने दम पर काम करना है।

    सुनीता आहूजा ने अपने निजी जीवन से जुड़ी एक अहम बात का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी सफलता के लिए दूसरे व्यक्ति के नाम या पहचान का उपयोग नहीं करना चाहिए। इस विचार ने उनके दृष्टिकोण को और मजबूत बनाया है और अब वह पूरी तरह आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने की सोच रखती हैं।

    उनके इस बयान ने लोगों का ध्यान भी खींचा है क्योंकि यह साफ दिखाता है कि वह अपने करियर और जीवन दोनों को एक नए नजरिए से देख रही हैं। उनका यह बदलाव न केवल पेशेवर बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुनीता का कहना है कि अब उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज आर्थिक और मानसिक स्वतंत्रता है, और वह इसी दिशा में आगे बढ़ना चाहती हैं।

    इस शो में वह अपनी बेटी के साथ मिलकर हिस्सा ले रही हैं, जिससे यह कार्यक्रम और भी भावनात्मक और पारिवारिक जुड़ाव से भरा हुआ बन गया है। शो में अन्य प्रतिभागियों के साथ मुकाबला भी देखने को मिलेगा, जिससे यह एक प्रतिस्पर्धी और मनोरंजक प्रारूप बन जाता है। हालांकि सुनीता का कहना है कि उन्हें किसी भी तरह का दबाव महसूस नहीं होता और वह हर चुनौती को सहजता से स्वीकार करती हैं।

    सुनीता आहूजा अपने बेबाक अंदाज और स्पष्ट विचारों के लिए जानी जाती हैं। पिछले कुछ समय में भी वह अपने इंटरव्यू और बयानों को लेकर चर्चा में रही हैं, जहां उन्होंने अपने जीवन के कई पहलुओं पर खुलकर बात की है। उनके विचारों में आया यह बदलाव उनके नए सफर को और भी महत्वपूर्ण बनाता है।

    कुल मिलाकर सुनीता आहूजा का यह नया कदम न केवल उनके करियर में एक नई शुरुआत है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि समय के साथ व्यक्ति अपने जीवन और पहचान को नए तरीके से गढ़ सकता है। उनका यह सफर आत्मनिर्भरता, बदलाव और नए अवसरों की कहानी बनता जा रहा है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

  • वर्कआउट से लेकर सेलिब्रेशन तक, रश्मिका ने दिखाया परफेक्ट बर्थडे डे, विजय के लिए लिखा दिल छू लेने वाला संदेश,

    वर्कआउट से लेकर सेलिब्रेशन तक, रश्मिका ने दिखाया परफेक्ट बर्थडे डे, विजय के लिए लिखा दिल छू लेने वाला संदेश,

    नई दिल्ली । साउथ फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंड़ा एक बार फिर चर्चा में हैं, इस बार वजह बना है विजय का जन्मदिन जिसे रश्मिका ने बेहद खास और भावनात्मक अंदाज में सेलिब्रेट किया। शादी के बाद यह विजय का पहला बर्थडे था, और इसी कारण यह दिन दोनों के लिए और भी ज्यादा यादगार बन गया। रश्मिका ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पूरे दिन की झलक साझा करते हुए अपने पति के प्रति प्यार और अपनापन खुलकर जाहिर किया।

    रश्मिका द्वारा साझा की गई तस्वीरों और वीडियो में पूरे दिन की गतिविधियां नजर आईं, जहां दोनों की साथ बिताई गई छोटी-छोटी लेकिन खास यादें देखने को मिलीं। दिन की शुरुआत जिम और वर्कआउट से हुई, जहां दोनों ने फिटनेस रूटीन को साथ निभाया। इसके बाद दिन आगे बढ़ा और यह एक खास सेलिब्रेशन में बदल गया, जिसमें उनके करीबी दोस्त भी शामिल हुए।

    अपने पोस्ट में रश्मिका ने बताया कि जब विजय किसी मीटिंग के लिए बाहर थे, तब उन्होंने अपना समय कार्डियो एक्सरसाइज में लगाया। इसके बाद दोनों अपने फैंस से मिले, जो विजय को बर्थडे विश करने पहुंचे थे। रश्मिका के अनुसार पूरा दिन बेहद खास और संतुलित रहा, जिसमें काम, फिटनेस और प्यार तीनों का खूबसूरत मिश्रण देखने को मिला।

    पोस्ट के अंत में रश्मिका ने बेहद प्यारे अंदाज में विजय को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें “विज्जू” कहकर संबोधित किया। उनका यह रोमांटिक अंदाज फैंस के बीच तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने दोनों की जोड़ी को खूब सराहा। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे साउथ इंडस्ट्री का सबसे प्यारा कपल मोमेंट बताया।

    विजय देवरकोंड़ा ने भी अपने जन्मदिन के मौके पर फैंस और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लोगों का प्यार और समर्थन उन्हें हमेशा बेहतर काम करने की प्रेरणा देता है। उनके अनुसार फैंस उनके लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं हैं और यही उनके करियर की सबसे बड़ी ताकत है।

    गौरतलब है कि रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंड़ा ने इसी साल फरवरी में शादी की थी, जिसके बाद से ही दोनों की जोड़ी लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। उनकी प्रेम कहानी पहले भी काफी चर्चा में रही है और अब शादी के बाद उनकी केमिस्ट्री को फैंस और भी ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

  • मायानगरी में जुटेगा विश्व सिनेमा का हुजूम, डॉक्युमेंट्री और शॉर्ट फिल्मों के महाकुंभ के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू

    मायानगरी में जुटेगा विश्व सिनेमा का हुजूम, डॉक्युमेंट्री और शॉर्ट फिल्मों के महाकुंभ के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू

    नई दिल्ली ।  दक्षिण एशिया में गैर-फीचर फिल्मों के सबसे पुराने और सम्मानित मंच के रूप में अपनी पहचान बना चुका मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल एक बार फिर अपने 19वें संस्करण के साथ वापसी कर रहा है। जून महीने की 15 तारीख से शुरू होने वाले इस सात दिवसीय महोत्सव के लिए प्रतिनिधियों के पंजीकरण की औपचारिक शुरुआत कर दी गई है। मुंबई के पेडर रोड स्थित ऐतिहासिक एनएफडीसी कॉम्प्लेक्स में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम दुनिया भर के फिल्मकारों, निर्देशकों और सिनेमा प्रेमियों को एक साझा मंच प्रदान करता है। यह फेस्टिवल केवल फिल्मों के प्रदर्शन का जरिया नहीं है, बल्कि यह उन कहानियों को आवाज देने का माध्यम है जो अक्सर व्यावसायिक सिनेमा की चकाचौंध में पीछे छूट जाती हैं।

    महोत्सव में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिनिधियों को आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण पूरा करना होगा। प्रक्रिया को पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए इसे ऑनलाइन रखा गया है, जहां नए आवेदकों को अपना विवरण साझा कर प्रोफाइल तैयार करनी होगी। सामान्य प्रतिभागियों के लिए पंजीकरण शुल्क 500 रुपये तय किया गया है, लेकिन सिनेमा की बारीकियों को समझने के लिए उत्सुक छात्रों को बड़ी राहत देते हुए उनके लिए पंजीकरण पूरी तरह निशुल्क रखा गया है। आयोजकों का उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को वैश्विक सिनेमाई दृष्टिकोण और आधुनिक फिल्म निर्माण की तकनीकियों से जोड़ना है।

    पुरस्कारों की दृष्टि से इस वर्ष का महोत्सव अत्यंत भव्य होने वाला है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करने वाली फिल्मों के लिए कुल 55 लाख रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। महोत्सव के दौरान प्रदान किए जाने वाले गोल्डन और सिल्वर कोंच अवॉर्ड्स फिल्म जगत में काफी प्रतिष्ठित माने जाते हैं। इसके साथ ही भारतीय सिनेमा के महान फिल्मकार के नाम पर दिया जाने वाला वी. शांताराम लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड इस साल भी चर्चा का केंद्र रहेगा। इसके अलावा नवाचार और तकनीकी कौशल को प्रोत्साहित करने के लिए प्रमोद पति अवॉर्ड, तकनीकी उत्कृष्टता पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक जैसे सम्मान भी प्रदान किए जाएंगे।

    फिल्मों के प्रदर्शन के साथ-साथ यह महोत्सव बौद्धिक चर्चाओं और कौशल विकास का भी केंद्र बनेगा। सात दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में रेड कार्पेट इवेंट्स, दिग्गज फिल्मकारों की मास्टरक्लास और पैनल डिस्कशन जैसी गतिविधियां शामिल होंगी। इस वर्ष का एक मुख्य आकर्षण ‘वेव्स डॉक बाजार’ होगा, जिसमें पहली बार इमर्सिव मार्केट को पेश किया जा रहा है, जो फिल्म निर्माताओं को अपनी कृतियों के विपणन और नए निवेशकों से जुड़ने के आधुनिक अवसर प्रदान करेगा। यह आयोजन न केवल कला की सराहना करने का स्थान है, बल्कि यह भारतीय और वैश्विक फिल्म उद्योग के भविष्य की नई इबारत लिखने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरेगा।

  • दोस्ती के खातिर संसद पहुंचे थे बिग बी, लेकिन सियासी साजिशों और आरोपों ने तीन साल में ही करा दी ग्लैमर की दुनिया में वापसी।

    दोस्ती के खातिर संसद पहुंचे थे बिग बी, लेकिन सियासी साजिशों और आरोपों ने तीन साल में ही करा दी ग्लैमर की दुनिया में वापसी।


    नई दिल्ली ।
    भारतीय सिनेमा के इतिहास में अमिताभ बच्चन का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है, लेकिन उनके जीवन का एक अध्याय ऐसा भी है जिसे वह अक्सर एक कड़वी याद की तरह देखते हैं। साल 1984 में जब देश एक बड़े राजनीतिक बदलाव से गुजर रहा था, तब अपनी गहरी दोस्ती और भावनात्मक जुड़ाव के कारण अमिताभ बच्चन ने फिल्मी पर्दे की चकाचौंध छोड़ राजनीति की ऊबड़-खाबड़ गलियों में कदम रखा था। उन्होंने अपने जन्मस्थान इलाहाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया और एक अनुभवी राजनेता को रिकॉर्ड मतों से शिकस्त देकर संसद में अपनी जगह बनाई। उस वक्त ऐसा लगा था कि जनता का यह अपार प्रेम उन्हें राजनीति के शिखर पर ले जाएगा, लेकिन जल्द ही उन्हें यह महसूस होने लगा कि फिल्म के सेट और संसद के गलियारों के बीच एक गहरी खाई है जिसे पार करना उनके बस की बात नहीं थी।

    राजनीति के उस छोटे से सफर में अमिताभ बच्चन ने जमीनी हकीकत को बहुत करीब से देखा। उन्होंने महसूस किया कि ग्रामीण भारत के लोग कितने सीधे और सरल हैं, जो अपने नेता को देवता की तरह पूजते हैं। हालांकि, व्यवस्था के भीतर की पेचीदगियों और हर तरफ से आने वाले सवालों ने उन्हें बेचैन करना शुरू कर दिया था। उनके लिए यह समझना मुश्किल हो रहा था कि किस तरफ बात करनी है और विरोधियों के तीखे हमलों का जवाब कैसे देना है। उन्होंने बाद के वर्षों में स्वीकार किया कि वह राजनीति के लिए बने ही नहीं थे और उनका वहां जाना पूरी तरह से एक भावुक निर्णय था। वह दो साल उनके जीवन के लिए बहुत कीमती रहे क्योंकि उन्होंने वहां से भारत की असली आत्मा को समझा, लेकिन इसके बदले उन्हें जो मानसिक शांति खोनी पड़ी, वह बहुत बड़ी कीमत थी।

    अमिताभ बच्चन के राजनीतिक करियर का दुखद अंत तब हुआ जब बोफोर्स घोटाले की आग ने पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया। इस विवाद में उनका नाम भी घसीटा गया, जिसने महानायक की बेदाग छवि को जनता की नजरों में संदिग्ध बना दिया। उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों ने उन्हें भीतर से तोड़ दिया था और विरोधियों के लगातार बढ़ते दबाव के बीच उन्होंने 1987 में अपने पद से इस्तीफा देना ही बेहतर समझा। यह मामला उनके जीवन पर एक काले साये की तरह करीब ढाई दशक तक मंडराता रहा। हालांकि लंबी कानूनी लड़ाई के बाद साल 2012 में उन्हें पूरी तरह निर्दोष घोषित कर दिया गया, लेकिन यह न्याय मिलने में बहुत देर हो चुकी थी। उनके माता-पिता उनकी बेगुनाही देखे बिना ही दुनिया से चले गए, जिसका दुख आज भी उनके शब्दों में झलकता है।

    अपने उस दौर को याद करते हुए अमिताभ बच्चन ने इसे ‘नरक’ के समान बताया था। उन्होंने साझा किया कि किस तरह उन्हें और उनके परिवार को निशाना बनाया गया और कई बड़े नेताओं ने उन्हें अपनी जान के खतरे तक की चेतावनी दी थी। जिस इंसान ने कभी राजनीति में आने का सपना भी नहीं देखा था, उसे व्यवस्था के सबसे क्रूर रूप का सामना करना पड़ा। इस कड़वे अनुभव के बाद उन्होंने कसम खा ली कि वह फिर कभी सक्रिय राजनीति का हिस्सा नहीं बनेंगे। आज जब वह पीछे मुड़कर देखते हैं, तो वह उन दो सालों को एक ऐसी सीख मानते हैं जिसने उन्हें यह समझा दिया कि हर सफल अभिनेता एक सफल राजनेता नहीं हो सकता और हर मैदान हर किसी के लिए नहीं बना होता।

  • अक्षय खन्ना ने खाने पर टोकने वालों को लताड़ा, बोले-दुआओं से बनती है फिल्म..

    अक्षय खन्ना ने खाने पर टोकने वालों को लताड़ा, बोले-दुआओं से बनती है फिल्म..


    नई दिल्ली । सिनेमा की दुनिया में अक्षय खन्ना को एक ऐसे मंझे हुए कलाकार के रूप में जाना जाता है जो अपनी निजी जिंदगी और सेट पर अपने व्यवहार को लेकर बेहद अनुशासित रहते हैं। अक्सर खामोश रहने वाले अक्षय के बारे में कहा जाता है कि वह अपने काम से काम रखते हैं और फालतू की चर्चाओं से दूर रहते हैं। लेकिन हाल ही में उनके एक पुराने साथी कलाकार ने उस घटना का विवरण दिया है, जिसने अक्षय के एक अलग ही पहलू को दुनिया के सामने रखा है। यह वाकया उस समय का है जब एक फिल्म की शूटिंग चल रही थी और वहां एक ऐसा विवाद खड़ा हुआ जिसने शांत रहने वाले अक्षय को ‘ज्वालामुखी’ की तरह फटने पर मजबूर कर दिया। दरअसल, पूरा मामला एक सह-कलाकार के सम्मान और उसकी भूख से जुड़ा था, जिसे प्रोडक्शन टीम के कुछ लोगों ने बेहद तुच्छ समझा था।

    सेट पर मौजूद गवाहों के अनुसार, एक कैरेक्टर एक्टर जो उस फिल्म का हिस्सा थे, लंच के समय अक्षय के होटल में भोजन करने पहुंचे थे। वे किसी दूसरे होटल में ठहरे हुए थे, इसलिए तकनीकी नियमों का हवाला देकर वहां मौजूद प्रोड्यूसर के करीबियों या परिवार के सदस्यों ने उन पर आपत्ति जता दी। जैसे ही वह कलाकार भोजन का पहला निवाला लेने वाले थे, उन्हें टोक दिया गया और कहा गया कि वे वहां का खाना नहीं खा सकते। उस कलाकार को यह बात इतनी चुभ गई कि उन्होंने चुपचाप अपनी प्लेट किनारे रख दी और वहां से हटकर अकेले बैठ गए। अक्षय खन्ना दूर से यह सब देख रहे थे और उनसे एक कलाकार का यह सार्वजनिक अपमान बर्दाश्त नहीं हुआ। जो अक्षय कभी किसी के विवाद में नहीं पड़ते, उस दिन उन्होंने अपनी गरिमा और शांति को किनारे रखकर मोर्चा संभाल लिया।

    अक्षय खन्ना का गुस्सा उस दिन सातवें आसमान पर था। उन्होंने न केवल उस कलाकार का पक्ष लिया बल्कि पूरी यूनिट और प्रोड्यूसर के सामने अपना विरोध दर्ज कराया। बताया जाता है कि अक्षय इस कदर आक्रोशित थे कि उन्होंने प्रोड्यूसर और संबंधित क्रू मेंबर्स को जमकर लताड़ा और शब्दों की मर्यादा भी टूट गई। उन्होंने बेहद कड़े लहजे में कहा कि कोई भी फिल्म इस बात से सफल नहीं होती कि आपने सेट पर कितनी प्लेटें बचाईं या कितना राशन कम खर्च किया। अक्षय ने दहाड़ते हुए कहा कि फिल्में लोगों की दुआओं और उनके आशीर्वाद से बनती हैं, किसी भूखे का अपमान करके नहीं। उन्होंने साफ कर दिया कि अगर एक कलाकार के साथ ऐसा व्यवहार होगा, तो काम की गुणवत्ता का कोई मोल नहीं रह जाएगा।

    इस घटना ने सेट पर मौजूद हर शख्स को हैरान कर दिया था क्योंकि किसी ने भी अक्षय का ऐसा ‘रौद्र रूप’ पहले कभी नहीं देखा था। अक्षय ने उस दिन यह साबित कर दिया कि वे भले ही कम बोलते हों, लेकिन जब बात किसी के स्वाभिमान और मानवता की आती है, तो वे पीछे हटने वालों में से नहीं हैं। उनके इस कड़े रुख के बाद सेट का माहौल पूरी तरह बदल गया और प्रोडक्शन को अपनी गलती का अहसास हुआ। यह किस्सा आज भी फिल्म जगत के गलियारों में चर्चा का विषय रहता है क्योंकि यह दिखाता है कि पर्दे पर विलेन की भूमिका निभाने वाला यह कलाकार असल जिंदगी में कमजोरों और अपने साथियों के लिए किसी नायक से कम नहीं है। अक्षय की इस बेबाकी ने यह संदेश दिया कि फिल्म निर्माण केवल कैमरे और लाइट्स का खेल नहीं है, बल्कि यह एक परिवार की तरह है जहां हर सदस्य का सम्मान सर्वोपरि है।