Category: Entertainment

  • दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज पर नया विवाद गैरकानूनी स्क्रीनिंग्स के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचा मामला

    दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज पर नया विवाद गैरकानूनी स्क्रीनिंग्स के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचा मामला

    नई दिल्ली । दिलजीत दोसांझ की बहुचर्चित फिल्म सतलुज एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। पहले ओटीटी प्लेटफॉर्म से फिल्म हटाए जाने को लेकर चर्चा हुई और अब इसकी कथित गैरकानूनी सार्वजनिक स्क्रीनिंग्स का मामला पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। फिल्म को लेकर दायर नई याचिका ने पूरे घटनाक्रम को एक नया कानूनी मोड़ दे दिया है और अब सभी की नजर अदालत की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

    फिल्म का नाम पहले पंजाब 95 था और लंबे समय तक विभिन्न कारणों से इसकी रिलीज टलती रही। आखिरकार यह फिल्म तीन जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज हुई लेकिन महज दो दिन बाद ही इसे प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया। इसके बाद भी फिल्म की चर्चा थमी नहीं बल्कि कई स्थानों पर लोगों ने अपने स्तर पर इसकी सार्वजनिक स्क्रीनिंग शुरू कर दी। पंजाब के कई गांवों और शहरों में बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाकर सामूहिक रूप से फिल्म दिखाई जाने लगी। कुछ स्थानों पर गुरुद्वारों और खुले मैदानों में भी लोग एक साथ बैठकर फिल्म देखते नजर आए। राजस्थान से भी ऐसी स्क्रीनिंग्स की तस्वीरें सामने आईं जिनकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई।

    इसी बीच एडवोकेट विनीत जिंदल ने पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर कर इन सार्वजनिक स्क्रीनिंग्स पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि बिना वैध अनुमति फिल्म की स्क्रीनिंग कराना कानून का उल्लंघन है और इससे सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उनका कहना है कि कुछ धार्मिक संगठनों और राजनीतिक समूहों की ओर से आयोजित की जा रही इन स्क्रीनिंग्स के कारण सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।

    याचिका में अदालत से मांग की गई है कि ऐसी सभी कथित गैरकानूनी स्क्रीनिंग्स पर तत्काल रोक लगाई जाए और आयोजन करने वाले लोगों तथा संस्थाओं के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। याचिकाकर्ता का तर्क है कि सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना फिल्म दिखाना उचित नहीं है और इससे भविष्य में गंभीर स्थिति भी पैदा हो सकती है।

    दूसरी ओर फिल्म के समर्थकों का कहना है कि ओटीटी से फिल्म हटाए जाने के बाद दर्शकों ने इसे देखने के लिए वैकल्पिक रास्ते तलाशे। कई जगह स्थानीय स्तर पर लोगों ने फिल्म डाउनलोड कर सामूहिक रूप से देखने की व्यवस्था की। इन आयोजनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने भी इनमें से कुछ तस्वीरों को साझा किया था।

    फिल्म हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ का एक वीडियो भी सामने आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाएगा। उनके अनुसार उन्हें उम्मीद थी कि फिल्म कुछ दिनों बाद हटेगी लेकिन यह अपेक्षा से पहले ही हटा दी गई। उन्होंने दर्शकों से फिल्म देखने की अपील भी की थी जिससे यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया।

    अब पूरा विवाद कानूनी दायरे में पहुंच चुका है। एक ओर फिल्म की सार्वजनिक स्क्रीनिंग्स को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और दर्शकों की पसंद से जोड़कर देखा जा रहा है तो दूसरी ओर बिना अनुमति सार्वजनिक प्रदर्शन को लेकर कानूनी सवाल उठाए जा रहे हैं। हाई कोर्ट में दायर इस याचिका पर आने वाला फैसला न केवल सतलुज बल्कि भविष्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाई गई फिल्मों की सार्वजनिक स्क्रीनिंग्स को लेकर भी महत्वपूर्ण मिसाल साबित हो सकता है।

  • गोल्डन दौर को किया याद हेमा मालिनी ने बताया क्यों नहीं कर रहीं फिल्मों में वापसी और क्या है इसकी सबसे बड़ी वजह

    गोल्डन दौर को किया याद हेमा मालिनी ने बताया क्यों नहीं कर रहीं फिल्मों में वापसी और क्या है इसकी सबसे बड़ी वजह


    नई दिल्ली ।
    हिंदी सिनेमा की ड्रीम गर्ल के नाम से मशहूर हेमा मालिनी लंबे समय से बड़े पर्दे से दूर हैं। उनके प्रशंसक अक्सर यह सवाल करते रहे हैं कि आखिर वह नई फिल्मों में नजर क्यों नहीं आतीं। अब खुद हेमा मालिनी ने इस सवाल का जवाब देते हुए अपनी चुप्पी तोड़ी है और साफ कहा है कि आज की फिल्मों का स्वरूप उनके दौर से पूरी तरह बदल चुका है। यही सबसे बड़ी वजह है कि उन्होंने फिल्मों से दूरी बना रखी है।

    एक बातचीत के दौरान हेमा मालिनी ने अपने लंबे फिल्मी सफर को याद करते हुए कहा कि उन्हें उस दौर का हिस्सा बनने का सौभाग्य मिला जिसे हिंदी सिनेमा का स्वर्णिम काल कहा जाता है। उनके अनुसार उस समय बनने वाली फिल्मों में कहानी भावनाएं संगीत और अभिनय का अद्भुत संतुलन देखने को मिलता था। खास बात यह थी कि महिला प्रधान फिल्मों को भी बराबर महत्व दिया जाता था और अभिनेत्रियों को दमदार किरदार निभाने का अवसर मिलता था।

    उन्होंने बताया कि अपने करियर में उन्हें सीता और गीता सपनों का सौदागर खुशबू शोले ड्रीम गर्ल सत्ते पे सत्ता त्रिशूल क्रांति और बागबान जैसी यादगार फिल्मों में काम करने का अवसर मिला। पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें एहसास होता है कि उन्होंने लगभग दो सौ फिल्मों में अभिनय किया और कई निर्माता निर्देशकों ने बार बार उन्हें अपनी फिल्मों का हिस्सा बनाया। उस दौर में फिल्मों के गीत भी सफलता की सबसे बड़ी पहचान होते थे और हर फिल्म में कई यादगार गाने दर्शकों के दिलों में बस जाते थे।

    हेमा मालिनी का कहना है कि समय के साथ फिल्म निर्माण की शैली पूरी तरह बदल गई है। आज की फिल्मों की सोच प्रस्तुति और कहानी कहने का तरीका पहले से काफी अलग हो चुका है। उन्होंने स्वीकार किया कि कई लोग उनसे पूछते हैं कि वह अब फिल्मों में काम क्यों नहीं करतीं लेकिन उन्हें लगता है कि वर्तमान दौर की फिल्मों में खुद को सहज रूप से ढाल पाना उनके लिए आसान नहीं है। यही कारण है कि उन्होंने नई फिल्मों से दूरी बनाए रखना बेहतर समझा।

    उन्होंने यह भी कहा कि हर दौर की अपनी अलग पहचान होती है और हर कलाकार उस दौर की जरूरतों के अनुसार काम करता है। उनका मानना है कि जिस तरह का सिनेमा उन्होंने अपने समय में किया वह आज भी दर्शकों के बीच पसंद किया जाता है और यही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। उनके अनुसार कलाकार के लिए यह संतोष की बात होती है कि वर्षों बाद भी उसके निभाए किरदार लोगों की यादों में जिंदा रहें।

    हेमा मालिनी ने अपने करियर की शुरुआत राज कपूर के साथ फिल्म सपनों का सौदागर से की थी। इसके बाद उन्होंने लगातार कई सफल फिल्मों में अभिनय कर खुद को हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल कर लिया। अपनी खूबसूरती और अभिनय के दम पर उन्होंने करोड़ों दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई और ड्रीम गर्ल की पहचान हासिल की।

    उनकी आखिरी फिल्म शिमला मिर्ची थी जो वर्ष 2020 में रिलीज हुई थी। इसके बाद उन्होंने कोई नई फिल्म स्वीकार नहीं की। फिलहाल वह सक्रिय राजनीति में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं और सार्वजनिक जीवन के साथ परिवार को भी पूरा समय दे रही हैं। मुंबई में रहने के दौरान वह अपनी दोनों बेटियों और नाती नातिनों के साथ समय बिताना पसंद करती हैं। हालांकि फिल्मों से दूरी के बावजूद उनके प्रशंसकों के बीच उनका सम्मान और लोकप्रियता आज भी पहले जैसी ही बनी हुई है।

  • दीपिका संग दो साल के रिश्ते का दावा कर चर्चा में आए मुज्जमिल इब्राहिम बोले मैंने छोड़ा था रिश्ता अब वायरल हो रहा पुराना इंटरव्यू

    दीपिका संग दो साल के रिश्ते का दावा कर चर्चा में आए मुज्जमिल इब्राहिम बोले मैंने छोड़ा था रिश्ता अब वायरल हो रहा पुराना इंटरव्यू


    नई दिल्ली । सोशल मीडिया पर इन दिनों अभिनेता मुज्जमिल इब्राहिम का एक पुराना इंटरव्यू तेजी से वायरल हो रहा है जिसने बॉलीवुड प्रेमियों के बीच नई बहस छेड़ दी है। इस इंटरव्यू में मुज्जमिल ने अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को लेकर कई ऐसे दावे किए हैं जिनकी वजह से यह वीडियो फिर चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब वह और दीपिका करीब दो वर्षों तक रिलेशनशिप में रहे थे। उस वक्त दीपिका फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित नाम नहीं थीं और मॉडलिंग की दुनिया में अपना करियर बना रही थीं जबकि वह खुद अभिनय के क्षेत्र में पहचान बना चुके थे।

    मुज्जमिल ने दावा किया कि मुंबई आने के बाद दीपिका सबसे पहले उन्हीं से मिली थीं और दोनों के बीच धीरे धीरे नजदीकियां बढ़ीं। उनके अनुसार दोनों का रिश्ता लगभग दो साल तक चला। उन्होंने यह भी कहा कि इस रिश्ते की शुरुआत दीपिका की ओर से हुई थी और प्रपोज भी उन्होंने ही किया था। हालांकि बाद में परिस्थितियां ऐसी बनीं कि रिश्ता आगे नहीं बढ़ सका और उन्होंने खुद इस संबंध को समाप्त करने का फैसला लिया।

    सबसे ज्यादा चर्चा उनके उस बयान की हो रही है जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें दीपिका से अलग होने का कभी अफसोस नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जीवन में किसी भी रिश्ते को खत्म करने का पछतावा उन्हें नहीं है। उनका मानना है कि उस समय उन्होंने जो फैसला लिया वह सही था और आज भी वह उसी पर कायम हैं। इंटरव्यू में उन्होंने यह भी कहा कि उस दौर में वह अधिक लोकप्रिय थे जबकि दीपिका अभी अपने करियर की शुरुआती सीढ़ियां चढ़ रही थीं।

    बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या ब्रेकअप के बाद भी दोनों के बीच संपर्क बना रहा तो उन्होंने बताया कि लंबे समय तक दोनों के बीच दोस्ताना रिश्ता कायम रहा। वह एक दूसरे की उपलब्धियों पर शुभकामनाएं देते थे और कभी कभी बातचीत भी हो जाती थी। उनके अनुसार रणवीर सिंह से दीपिका की शादी होने के बाद दोनों के बीच संपर्क पूरी तरह समाप्त हो गया।

    हालांकि इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि दीपिका पादुकोण ने कभी भी सार्वजनिक रूप से मुज्जमिल इब्राहिम के साथ किसी रिश्ते की पुष्टि नहीं की है। इसलिए उनके ये दावे पूरी तरह एकतरफा माने जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी कई लोग यही सवाल उठा रहे हैं कि इतने वर्षों बाद इस तरह के निजी दावों को सार्वजनिक करने की क्या जरूरत थी।

    वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि पुराने रिश्तों को लेकर इस तरह की बातें करना उचित नहीं है जबकि कई लोगों ने इसे केवल सुर्खियां बटोरने की कोशिश बताया। वहीं कुछ प्रशंसकों ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि अच्छा हुआ दीपिका ने आगे बढ़कर अपनी जिंदगी में सही फैसला लिया। दूसरी ओर कुछ लोगों का मानना है कि यदि किसी रिश्ते की पुष्टि दोनों पक्षों ने नहीं की है तो ऐसे दावों को अंतिम सच नहीं माना जाना चाहिए।

    फिलहाल दीपिका पादुकोण अपनी निजी और पेशेवर जिंदगी में व्यस्त हैं। रणवीर सिंह के साथ उनकी जोड़ी बॉलीवुड की सबसे चर्चित जोड़ियों में गिनी जाती है। दूसरी ओर मुज्जमिल के पुराने इंटरव्यू का यह वीडियो एक बार फिर इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया है लेकिन इस पूरे विवाद पर दीपिका की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

  • मीटू विवाद के बाद लाइमलाइट से दूर हुए आलोक नाथ, बचपन के दोस्त ने बताई अभिनेता की मौजूदा जिंदगी

    मीटू विवाद के बाद लाइमलाइट से दूर हुए आलोक नाथ, बचपन के दोस्त ने बताई अभिनेता की मौजूदा जिंदगी

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा और टेलीविजन में लंबे समय तक पारिवारिक और संस्कारी किरदारों के लिए पहचान बनाने वाले वरिष्ठ अभिनेता आलोक नाथ पिछले कई वर्षों से फिल्मी दुनिया और सार्वजनिक आयोजनों से लगभग पूरी तरह दूर हैं। वर्ष 2018 में उन पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपनी मौजूदगी काफी सीमित कर दी थी। अब उनके बचपन के मित्र और अभिनेता राजेश पुरी ने एक साक्षात्कार में उनके वर्तमान जीवन और बदल चुकी दिनचर्या के बारे में जानकारी साझा की है।

    राजेश पुरी के अनुसार, मीटू अभियान के दौरान लगे आरोपों के बाद आलोक नाथ के जीवन में बड़ा बदलाव आया। उन्होंने बताया कि उस दौर का अभिनेता पर गहरा मानसिक प्रभाव पड़ा और इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे फिल्म उद्योग तथा सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बना ली। उनके अनुसार, आलोक नाथ अब अधिकांश समय अपने घर पर ही बिताते हैं और बहुत कम सामाजिक गतिविधियों में शामिल होते हैं।

    राजेश पुरी ने यह भी कहा कि समय के साथ अभिनेता के स्वभाव में बदलाव आया है। उनके अनुसार, आलोक नाथ अब पहले की तुलना में अधिक शांत जीवन जी रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अभिनेता ने शराब का सेवन भी छोड़ दिया है और अब अपेक्षाकृत सादगीपूर्ण जीवनशैली अपनाई है। राजेश ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहले कुछ परिस्थितियों में उनका व्यवहार अलग हो जाता था, लेकिन अब उनमें काफी परिवर्तन दिखाई देता है।

    साक्षात्कार में राजेश पुरी ने यह भी बताया कि उन्होंने कई बार आलोक नाथ को अपने घर और फार्महाउस आने का निमंत्रण दिया, लेकिन अभिनेता ने अधिकांश अवसरों पर इनकार किया। हालांकि दोनों के बीच समय-समय पर फोन पर बातचीत होती रहती है। उनके अनुसार, आलोक नाथ अब लोगों से कम मिलना-जुलना पसंद करते हैं और निजी जीवन में ही अधिक समय बिताते हैं।

    राजेश पुरी के मुताबिक, आलोक नाथ को अभिनय से जुड़े नए प्रस्ताव भी मिलते रहे हैं, लेकिन उन्होंने उन्हें स्वीकार करने में रुचि नहीं दिखाई। उनका मानना है कि एक अनुभवी कलाकार होने के बावजूद आलोक नाथ फिलहाल मनोरंजन उद्योग में वापसी के लिए तैयार नहीं हैं। राजेश ने यह भी कहा कि उनके अनुसार अभिनेता अब भी अतीत की घटनाओं से प्रभावित हैं और संभवतः यही कारण है कि उन्होंने पेशेवर गतिविधियों से दूरी बनाए रखी है।

    उन्होंने यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में आलोक नाथ की आध्यात्मिक विषयों में रुचि बढ़ी है। राजेश के अनुसार, दोनों एक ही आध्यात्मिक गुरु से जुड़े हुए हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों में आमंत्रित किए जाने के बावजूद आलोक नाथ अक्सर सार्वजनिक रूप से शामिल होने से बचते हैं और शांत तथा निजी जीवन को प्राथमिकता देते हैं।

    वर्ष 2018 में मीटू अभियान के दौरान आलोक नाथ पर कई महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद उनकी सार्वजनिक छवि और फिल्मी करियर दोनों पर व्यापक प्रभाव पड़ा। अभिनेता ने समय-समय पर अपने पक्ष में प्रतिक्रिया भी दी थी। तब से वह बहुत कम सार्वजनिक अवसरों पर दिखाई दिए हैं। वर्तमान में उनकी वापसी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है और उनके भविष्य की पेशेवर योजनाओं पर भी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।

  • आदित्य चोपड़ा की परफेक्शन और लता मंगेशकर की जादुई आवाज का संगम, 31 साल बाद भी दिलों पर राज कर रहा है 'मेरे ख्वाबों में जो आए'

    आदित्य चोपड़ा की परफेक्शन और लता मंगेशकर की जादुई आवाज का संगम, 31 साल बाद भी दिलों पर राज कर रहा है 'मेरे ख्वाबों में जो आए'

    नई दिल्ली ।हिंदी सिनेमा के इतिहास में कुछ गीत ऐसे हैं जो समय बीतने के साथ अपनी लोकप्रियता खोने के बजाय और अधिक यादगार बन जाते हैं। वर्ष 1995 में रिलीज हुई फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ का प्रसिद्ध गीत ‘मेरे ख्वाबों में जो आए’ भी ऐसी ही अमर रचनाओं में शामिल है। तीन दशक से अधिक समय बीतने के बाद भी यह गीत श्रोताओं की पसंद बना हुआ है। इसकी सफलता के पीछे केवल मधुर संगीत या लोकप्रिय फिल्म ही नहीं, बल्कि गीत को परिपूर्ण बनाने के लिए की गई लंबी रचनात्मक प्रक्रिया भी रही।

    इस गीत के बोल प्रसिद्ध गीतकार आनंद बख्शी ने लिखे थे, लेकिन फिल्म के निर्देशक आदित्य चोपड़ा इसके प्रत्येक शब्द और भाव को लेकर बेहद सजग थे। बताया जाता है कि गीत का अंतिम संस्करण तैयार होने से पहले इसके बोल लगभग 24 बार बदले गए। हर बार किसी न किसी पंक्ति में संशोधन कराया गया ताकि गीत फिल्म की कहानी और मुख्य किरदार सिमरन की भावनाओं के अनुरूप पूरी तरह सटीक दिखाई दे।

    आदित्य चोपड़ा की सोच थी कि फिल्म का हर दृश्य और हर गीत कहानी को आगे बढ़ाने का माध्यम बने। यही कारण था कि उन्होंने गीत के किसी भी हिस्से में जल्दबाजी या समझौता स्वीकार नहीं किया। कई दौर के संशोधन और चर्चा के बाद जब उन्हें लगा कि गीत पूरी तरह उनकी कल्पना के अनुरूप बन गया है, तभी उसे रिकॉर्डिंग के लिए स्वीकृति दी गई।

    गीत को अमर बनाने में स्वर कोकिला लता मंगेशकर की आवाज की भी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी मधुर और भावपूर्ण गायकी ने गीत को ऐसी आत्मा दी कि यह रिलीज होते ही श्रोताओं के दिलों में बस गया। गीत की कोमल अभिव्यक्ति, सहज प्रस्तुति और भावनात्मक गहराई ने इसे 90 के दशक के सबसे लोकप्रिय फिल्मी गीतों में शामिल कर दिया। आज भी यह गीत रेडियो, संगीत कार्यक्रमों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर समान लोकप्रियता के साथ सुना जाता है।

    फिल्म में यह गीत अभिनेत्री काजोल पर फिल्माया गया था, जिन्होंने सिमरन के किरदार को जीवंत बनाया। गीत के दृश्य, संगीत और अभिनय का संतुलन इतना प्रभावी रहा कि यह फिल्म की पहचान बन गया। सिमरन के सपनों, भावनाओं और जीवन के प्रति उसके दृष्टिकोण को यह गीत बेहद सहज तरीके से दर्शाता है, जिससे दर्शकों का उससे गहरा जुड़ाव स्थापित हुआ।

    ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ भारतीय सिनेमा की सबसे सफल और यादगार फिल्मों में गिनी जाती है। फिल्म के संवाद, संगीत और पात्र आज भी नई पीढ़ी के बीच लोकप्रिय हैं। ‘मेरे ख्वाबों में जो आए’ इस विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसने समय की कसौटी पर खुद को साबित किया है। यह गीत इस बात का उदाहरण भी माना जाता है कि उत्कृष्ट रचनात्मकता के लिए धैर्य, मेहनत और गुणवत्ता के प्रति समर्पण कितना आवश्यक होता है।

    तीन दशक बाद भी यह गीत केवल एक फिल्मी गाना नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर की पहचान बन चुका है। आनंद बख्शी के प्रभावशाली शब्द, आदित्य चोपड़ा की सूक्ष्म दृष्टि और लता मंगेशकर की कालजयी आवाज ने मिलकर इसे ऐसा संगीतबद्ध दस्तावेज बना दिया है, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी उसी प्रेम और सम्मान के साथ सुनती रहेंगी।

  • 'श्री रामभूमि' के फर्स्ट लुक पर छिड़ी सियासी बहस, सुप्रिया श्रीनेत के सवाल पर अनुपम खेर का जवाब बना चर्चा का विषय

    'श्री रामभूमि' के फर्स्ट लुक पर छिड़ी सियासी बहस, सुप्रिया श्रीनेत के सवाल पर अनुपम खेर का जवाब बना चर्चा का विषय

    नई दिल्ली ।अभिनेता अनुपम खेर अपनी आगामी फिल्म ‘श्री रामभूमि’ को लेकर इन दिनों लगातार चर्चा में हैं। फिल्म में उनके निभाए जाने वाले किरदार का पहला लुक सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी व्यापक चर्चा शुरू हो गई। इसी बीच कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत द्वारा उनकी पोस्ट पर पूछे गए एक सवाल और उस पर अभिनेता के जवाब ने इस विषय को राजनीतिक और सामाजिक विमर्श का हिस्सा बना दिया है। दोनों नेताओं की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दर्ज कराईं।

    अनुपम खेर ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर फिल्म ‘श्री रामभूमि’ से जुड़ा अपना पहला लुक साझा करते हुए बताया कि वह इस फिल्म में श्री अशोक सिंघल की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह उनके लिए केवल एक फिल्मी किरदार नहीं, बल्कि इतिहास से जुड़े एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्व को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ पर्दे पर प्रस्तुत करने का अवसर है। उन्होंने यह भी लिखा कि वह अपने अभिनय के माध्यम से इस भूमिका के साथ न्याय करने का पूरा प्रयास करेंगे और दर्शकों के आशीर्वाद की अपेक्षा रखते हैं।

    इसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने उनसे द्वापर और त्रेता युग के अंतर को लेकर सवाल पूछा। यह टिप्पणी सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई। इसके जवाब में अनुपम खेर ने लिखा कि उन्हें इस विषय की जानकारी नहीं है और उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि यदि सुप्रिया श्रीनेत इस विषय की अच्छी जानकार हैं तो वह उनसे सीखना चाहेंगे। उन्होंने अपने जवाब के अंत में ‘जय श्री राम’ लिखते हुए उनसे भी उसी शब्द के साथ उत्तर देने का आग्रह किया।

    दोनों नेताओं के बीच हुई इस सार्वजनिक बातचीत के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। कुछ लोगों ने अनुपम खेर के जवाब का समर्थन किया, जबकि कुछ अन्य ने सुप्रिया श्रीनेत की टिप्पणी पर अपनी राय व्यक्त की। कई उपयोगकर्ताओं ने इस पूरे संवाद को राजनीतिक दृष्टि से देखा, वहीं कुछ ने इसे केवल सोशल मीडिया पर हुई सामान्य बहस बताया। विभिन्न विचारों के बीच यह विषय तेजी से चर्चा में बना रहा।

    फिल्म ‘श्री रामभूमि’ पहले से ही अपने विषय और कलाकारों के कारण लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। अनुपम खेर द्वारा निभाया जा रहा किरदार राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्व अशोक सिंघल पर आधारित है। अभिनेता ने अपनी पोस्ट में कहा कि इस भूमिका को निभाना उनके लिए सम्मान और जिम्मेदारी दोनों है तथा वह इसे पूरी गंभीरता के साथ निभाने का प्रयास कर रहे हैं।

    हाल के दिनों में अनुपम खेर राम मंदिर से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी अपनी राय सार्वजनिक रूप से रखते रहे हैं। उन्होंने पहले भी राम मंदिर से संबंधित विवादों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि किसी भी प्रकार के आरोपों या विवादों का प्रभाव लोगों की धार्मिक आस्था पर नहीं पड़ना चाहिए। उनका मानना था कि किसी संस्था या स्थान की गरिमा को व्यक्तिगत आरोपों के आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए।

    फिल्म ‘श्री रामभूमि’ की रिलीज से पहले ही उससे जुड़े विषयों और कलाकारों को लेकर चर्चा लगातार बढ़ रही है। सोशल मीडिया पर हुई ताजा बहस ने भी फिल्म को अतिरिक्त सार्वजनिक ध्यान दिलाया है। आने वाले समय में फिल्म से जुड़े नए अपडेट और आधिकारिक घोषणाओं पर दर्शकों की नजर बनी रहेगी।

  • दूसरी प्रेग्नेंसी के अंतिम चरण में दीपिका पादुकोण, सोशल मीडिया पोस्ट से साझा की थर्ड ट्राइमेस्टर की चुनौतियां, जल्द घर आएगा नया मेहमान

    दूसरी प्रेग्नेंसी के अंतिम चरण में दीपिका पादुकोण, सोशल मीडिया पोस्ट से साझा की थर्ड ट्राइमेस्टर की चुनौतियां, जल्द घर आएगा नया मेहमान

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी के अंतिम चरण में हैं और जल्द ही अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने वाली हैं। लंबे समय से सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रह रही अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर एक हल्के-फुल्के अंदाज में वीडियो साझा कर अपने प्रशंसकों को प्रेग्नेंसी से जुड़ा नया अपडेट दिया। उनकी इस पोस्ट को बड़ी संख्या में लोगों ने पसंद किया और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं दीं।

    दीपिका ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें गर्भावस्था की तीसरी तिमाही के दौरान होने वाली सामान्य शारीरिक असुविधाओं को हास्यपूर्ण अंदाज में दिखाया गया है। वीडियो में एक गर्भवती महिला को धीरे-धीरे चलते हुए दिखाया गया है, जो अंतिम महीनों में होने वाली शारीरिक चुनौतियों की झलक पेश करता है। अभिनेत्री ने इस पोस्ट के साथ केवल एक साधारण इमोजी साझा किया, लेकिन बिना अधिक शब्दों के भी उनका संदेश प्रशंसकों तक आसानी से पहुंच गया।

    प्रेग्नेंसी के इस अंतिम दौर में दीपिका की पोस्ट को सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिली। प्रशंसकों ने उनकी सहज अभिव्यक्ति की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने गर्भावस्था के अनुभव को बेहद स्वाभाविक और सकारात्मक तरीके से साझा किया है। कई लोगों ने उनके स्वस्थ रहने और सुरक्षित डिलीवरी की शुभकामनाएं भी दीं।

    दीपिका पादुकोण और अभिनेता रणवीर सिंह ने इसी वर्ष अप्रैल में दूसरी बार माता-पिता बनने की खुशखबरी साझा की थी। दोनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी अपने प्रशंसकों तक पहुंचाई थी, जिसके बाद फिल्म जगत और उनके चाहने वालों ने उन्हें बधाई दी थी। इससे पहले दोनों ने सितंबर 2024 में अपनी पहली संतान, बेटी दुआ का स्वागत किया था। बेटी के जन्म के बाद भी यह जोड़ी लगातार अपने पारिवारिक जीवन को लेकर चर्चा में रही है।

    गर्भावस्था के दौरान भी दीपिका ने अपने पेशेवर दायित्वों को प्राथमिकता दी। जानकारी के अनुसार उन्होंने अपनी आगामी फिल्म ‘किंग’ की अंतरराष्ट्रीय शूटिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा पूरा किया और उसके बाद भारत लौट आईं। इस फिल्म में उनके साथ शाहरुख खान, सुहाना खान और अभिषेक बच्चन भी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म वर्ष 2026 के अंत में सिनेमाघरों में रिलीज होने की तैयारी में है और इसे लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है।

    इसके अलावा दीपिका आने वाले समय में कई अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स का भी हिस्सा हैं। बताया जा रहा है कि वह निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘लव एंड वॉर’ में विशेष भूमिका निभाती दिखाई देंगी। साथ ही वह अभिनेता अल्लू अर्जुन की बहुप्रतीक्षित पैन इंडिया फिल्म ‘राका’ से भी जुड़ी हुई हैं। हालांकि फिलहाल अभिनेत्री अपना अधिकतर समय परिवार और स्वास्थ्य पर केंद्रित कर रही हैं।

    दीपिका पादुकोण की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने यह भी दिखाया कि वह अपने निजी अनुभवों को प्रशंसकों के साथ सहजता से साझा करना पसंद करती हैं। उनकी यह सादगी और सकारात्मक प्रस्तुति लोगों को पसंद आई है। अब उनके प्रशंसक बेसब्री से उस पल का इंतजार कर रहे हैं, जब दीपिका और रणवीर अपने दूसरे बच्चे के आगमन की खुशखबरी साझा करेंगे।

  • 'रामायण' की पहली झलक का इंतजार खत्म, 24 जुलाई को दुनिया भर में रिलीज होगा ट्रेलर, भव्य स्टारकास्ट और बड़े पैमाने पर तैयार फिल्म

    'रामायण' की पहली झलक का इंतजार खत्म, 24 जुलाई को दुनिया भर में रिलीज होगा ट्रेलर, भव्य स्टारकास्ट और बड़े पैमाने पर तैयार फिल्म


    नई दिल्ली । निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। फिल्म की घोषणा के बाद से ही इसकी कहानी, कलाकारों और निर्माण स्तर को लेकर चर्चाएं बनी हुई हैं। अब दर्शकों के लंबे इंतजार पर विराम लगाते हुए मेकर्स ने फिल्म के पहले भाग के ट्रेलर की रिलीज तारीख का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। इसके अनुसार ‘रामायण पार्ट-1’ का ट्रेलर 24 जुलाई 2026 को दुनिया भर में एक साथ रिलीज किया जाएगा।

    मेकर्स ने सोशल मीडिया पर फिल्म का नया पोस्टर साझा करते हुए ट्रेलर लॉन्च की जानकारी दी। पोस्टर में भगवान राम और माता सीता के वनवास काल से पहले की झलक दिखाई गई है, जिसने दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। पोस्ट के साथ यह भी बताया गया कि फिल्म का ट्रेलर वैश्विक स्तर पर एक साथ रिलीज किया जाएगा, जिससे दुनिया भर के दर्शक एक ही समय पर इसकी पहली विस्तृत झलक देख सकेंगे।

    ‘रामायण’ को भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में गिना जा रहा है। फिल्म दो भागों में रिलीज होगी, जिसमें पहले भाग में भगवान राम और माता सीता के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रस्तुत किया जाएगा। मेकर्स का उद्देश्य इस पौराणिक कथा को आधुनिक तकनीक, भव्य विजुअल इफेक्ट्स और बड़े पैमाने के निर्माण के साथ दर्शकों के सामने पेश करना है, ताकि इसे वैश्विक स्तर पर भी नई पहचान मिल सके।

    फिल्म की स्टारकास्ट भी इसकी सबसे बड़ी खासियतों में शामिल है। भगवान राम की भूमिका में रणबीर कपूर नजर आएंगे, जबकि माता सीता का किरदार साई पल्लवी निभा रही हैं। रावण की भूमिका में अभिनेता यश दिखाई देंगे। वहीं, सनी देओल को भगवान हनुमान और रवि दुबे को लक्ष्मण की भूमिका में देखा जाएगा। अलग-अलग फिल्म उद्योगों के प्रमुख कलाकारों को एक साथ लाने की वजह से भी यह परियोजना लगातार चर्चा में बनी हुई है।

    निर्देशक नितेश तिवारी इस फिल्म को बड़े पैमाने पर तैयार कर रहे हैं। निर्माण से जुड़े दावों के अनुसार दोनों भागों पर कुल मिलाकर लगभग 4,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो ‘रामायण’ भारतीय सिनेमा की अब तक की सबसे महंगी फिल्म परियोजना बन सकती है। बड़े बजट के साथ-साथ फिल्म में अत्याधुनिक तकनीक, अंतरराष्ट्रीय स्तर के विजुअल इफेक्ट्स और विशाल सेटों का उपयोग किए जाने की भी जानकारी सामने आ चुकी है।

    फिल्म की घोषणा के बाद से दर्शकों के बीच इसके हर अपडेट को लेकर विशेष उत्सुकता बनी हुई है। अब ट्रेलर रिलीज की तारीख सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। फिल्म प्रेमियों को उम्मीद है कि ट्रेलर में कहानी, किरदारों के लुक और तकनीकी स्तर की पहली विस्तृत झलक देखने को मिलेगी। आने वाले दिनों में ट्रेलर रिलीज के साथ फिल्म के प्रचार अभियान को भी गति मिलने की संभावना है। ऐसे में 24 जुलाई को रिलीज होने वाला ट्रेलर इस बहुप्रतीक्षित फिल्म के प्रति दर्शकों की उम्मीदों को और स्पष्ट करेगा तथा इसकी रिलीज से पहले उत्साह को नई ऊंचाई देगा।

  • नोरंजन जगत का काला सच: 'समझौते' से इनकार पर संदीपा विर्क को फिल्म से निकाला, आधी रात को कमरे में घुसा था डायरेक्टर

    नोरंजन जगत का काला सच: 'समझौते' से इनकार पर संदीपा विर्क को फिल्म से निकाला, आधी रात को कमरे में घुसा था डायरेक्टर

    नई दिल्ली । मनोरंजन जगत की चकाचौंध के पीछे छिपा एक बेहद कड़वा और स्याह सच एक बार फिर सामने आया है। मशहूर अभिनेत्री और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर संदीपा विर्क ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में फिल्म उद्योग के भीतर व्याप्त कास्टिंग काउच और यौन उत्पीड़न की गंभीर समस्याओं पर खुलकर बात की है। अभिनेत्री ने अपने करियर के दौरान झेले गए अपमानजनक अनुभवों का खुलासा करते हुए बताया कि किस तरह काम के बदले उनसे अनुचित मांगें की गईं और इनकार करने पर उन्हें फिल्मों से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

    संदीपा विर्क पिछले कुछ समय से एक कथित वित्तीय विवाद के चलते कानूनी मुश्किलों का सामना कर रही थीं। छह करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली तिहाड़ जेल में साढ़े चार महीने का समय बिताना पड़ा था। वर्तमान में अदालत से जमानत मिलने के बाद वे सलाखों से बाहर हैं। जेल से रिहा होने के बाद ‘द शेरोज टीवी’ (TheSheroesTV) पॉडकास्ट के साथ विशेष बातचीत में अभिनेत्री का दर्द छलक पड़ा, जहां उन्होंने जेल के भीतर कटे अपने भयावह दिनों और फिल्म उद्योग की विसंगतियों को बेबाकी से उजागर किया।

    जेल के दिनों को याद करते हुए संदीपा ने भावुक होकर बताया कि तिहाड़ जेल के भीतर गुजारा गया हर एक दिन और हर एक सेकंड उनके लिए अत्यधिक मानसिक और शारीरिक स्ट्रगल से भरा था। उन्होंने कहा कि वहां की परिस्थितियां इतनी कठिन थीं कि वे हर दिन ईश्वर से केवल मौत की दुआ मांगती थीं। हालांकि, अब वह समय बीत चुका है, लेकिन उस दौर ने उनकी मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाला है। जेल की इन यादों के अलावा उन्होंने अपने फिल्मी करियर के दौरान झेले गए शोषण पर भी विस्तार से बात की।

    फिल्म इंडस्ट्री में काम के बदले होने वाले शारीरिक और मानसिक शोषण यानी कास्टिंग काउच पर बात करते हुए संदीपा ने कहा कि इस उद्योग में सीधा अपराध या जबरदस्ती भले ही न दिखती हो, लेकिन परोक्ष रूप से दबाव बनाने की प्रथा बेहद आम है। उनके अनुसार, अलग-अलग फिल्म उद्योगों में अभिनेत्रियों को अप्रोच करने और उनसे अनुचित मांगें रखने का तरीका अलग होता है। जहां बॉलीवुड में ‘डिनर’ या ‘कॉफी’ के बहाने अनौपचारिक तौर पर बात शुरू की जाती है, जो देखने में सामान्य लगती है, वहीं क्षेत्रीय सिनेमा में यह दबाव अधिक सीधा और आक्रामक होता है।

    अपने साथ घटी एक अत्यंत विचलित करने वाली घटना का जिक्र करते हुए अभिनेत्री ने बताया कि एक पंजाबी फिल्म की सात दिनों की शूटिंग पूरी होने के बाद, फिल्म के निर्देशक आधी रात को जबरन उनके होटल के कमरे के भीतर दाखिल हो गए। निर्देशक ने उनके सामने सीधे तौर पर शारीरिक समझौता (कॉम्प्रोमाइज) करने की शर्त रख दी और कहा कि वे आगे की शूटिंग तभी करेंगे जब संदीपा उनकी मांग मान लेंगी। जब संदीपा ने पूरी दृढ़ता के साथ इस अनैतिक मांग को ठुकरा दिया, तो उन्हें तुरंत उस फिल्म से निष्कासित कर दिया गया।

    इस घटना के बाद भी संदीपा की मुश्किलें कम नहीं हुईं। उन्होंने बताया कि एक अन्य पंजाबी फिल्म की शूटिंग के दौरान फिल्म के मुख्य अभिनेता (हीरो) ने उनके साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया। उस अभिनेता की यह अनुचित मांग थी कि संदीपा होटल में उसके बगल वाले कमरे में ही ठहरें, अन्यथा वह शूटिंग शुरू नहीं करेगा। इन लगातार हो रहे खराब अनुभवों और गरिमा से समझौता न करने की अपनी जिद के कारण संदीपा ने दोनों ही फिल्में बीच में ही छोड़ दी थीं।

    अपने इस पूरे अनुभव को साझा करते हुए संदीपा विर्क ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की विसंगतियां केवल फिल्म उद्योग तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि लगभग हर कार्यक्षेत्र और प्रोफेशन में महिलाओं को इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कास्टिंग काउच एक कड़वी हकीकत है, लेकिन अंततः यह हर महिला का अपना व्यक्तिगत फैसला होता है कि वह इसके आगे झुकती है या नहीं। उन्होंने इस व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाते हुए कहा कि योग्यता और काम को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए, न कि काम के बदले किसी से अनुचित मांगें की जानी चाहिए।

  • चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका, तीन महीने की जेल की सजा बरकरार

    चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका, तीन महीने की जेल की सजा बरकरार

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के प्रसिद्ध हास्य अभिनेता राजपाल यादव एक बार फिर गंभीर कानूनी संकट में घिर गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने सालों पुराने एक चेक बाउंस और ऋण भुगतान से जुड़े आपराधिक मामले में अभिनेता की तीन महीने की जेल की सजा को बरकरार रखने का फैसला सुनाया है। अदालत के इस कड़े रुख के बाद अभिनेता को एक बार फिर जेल की हवा खानी पड़ेगी। इस अदालती फैसले के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर राजपाल यादव का एक नया पोस्ट भी सामने आया है, जो इंटरनेट पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।

    न्यायालय का यह आदेश शुक्रवार को आया, जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव के पिछले आचरण और वित्तीय प्रतिबद्धताओं को पूरा न करने के रवैये को ‘संदिग्ध’ करार दिया। इस मामले में न केवल अभिनेता बल्कि उनकी पत्नी राधा यादव को भी अदालत ने दोषी पाया है। अदालत ने राधा यादव को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता कंपनी को मुआवजे के रूप में 5,51,380 रुपये की राशि का अविलंब भुगतान सुनिश्चित करें।

    यह पूरा विवाद साल 2010 से जुड़ा हुआ है, जब राजपाल यादव ने अपने निजी प्रोडक्शन बैनर तले ‘अता पता लापता’ नामक एक फिल्म का निर्माण और निर्देशन किया था। इस महत्वाकांक्षी सिनेमाई परियोजना को पूरा करने के लिए अभिनेता ने दिल्ली की एक वित्तीय कंपनी ‘एम/एस मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ से 5 करोड़ रुपये का मोटा कर्ज लिया था। हालांकि, बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म बुरी तरह असफल साबित हुई, जिसके कारण राजपाल यादव लिया गया कर्ज चुकाने में असमर्थ रहे। समय के साथ इस मूल रकम पर ब्याज बढ़ता गया और यह देनदारी लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

    ऋण की अदायगी न होने और अभिनेता द्वारा दिए गए चेक के बैंक में बाउंस हो जाने के बाद वित्तीय कंपनी ने अदालत का रुख किया था। इस कानूनी लड़ाई के दौरान राजपाल यादव को पहले भी जेल जाना पड़ा था। इसी साल फरवरी 2026 में भी वह जेल की सजा काट रहे थे, जिसके बाद उन्हें कुछ समय के लिए जमानत पर रिहा किया गया था। तब फिल्म जगत के कई सितारों और सहयोगियों ने राजपाल यादव के समर्थन में आकर उनकी आर्थिक रूप से मदद भी की थी, लेकिन इसके बावजूद वह अपना पूरा कर्ज चुकता करने में विफल रहे, जिसके परिणामस्वरूप अब उन्हें दोबारा तीन महीने जेल में बिताने होंगे।

    दिलचस्प बात यह है कि जेल की सजा बहाल होने के इस बड़े घटनाक्रम के बीच राजपाल यादव के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल से एक नया व्यावसायिक विज्ञापन वीडियो पोस्ट किया गया है। इस मसाले के विज्ञापन में वह अभिनेता अक्षय कुमार के साथ अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में अभिनय करते नजर आ रहे हैं। इस पोस्ट के कैप्शन में अभिनेता ने लिखा कि खाना सिर्फ खाना नहीं होता, बल्कि महफिल में रंग जमाना भी होता है।

    अदालती फैसले और इस नए वीडियो के एक साथ सामने आने के बाद प्रशंसकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। जहां कई प्रशंसक उनके अभिनय और अक्षय कुमार के साथ उनकी पुरानी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री की सराहना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोग उनके चेक बाउंस मामले और जेल की सजा पर अपनी चिंताएं जाहिर कर रहे हैं। कई शुभचिंतकों ने अभिनेता को इस कठिन कानूनी समय में मजबूत रहने की सलाह दी है। फिलहाल, उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अभिनेता को आत्मसमर्पण कर अपनी तय सजा काटनी होगी।