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  • चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने 3 महीने की जेल बरकरार रखी

    चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने 3 महीने की जेल बरकरार रखी


    मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने शुक्रवार को उनकी तीन महीने की जेल की सजा को बरकरार रखते हुए उन्हें दोबारा जेल भेजने के निर्देश दिए। कोर्ट ने इस दौरान अभिनेता के आचरण को लेकर भी नाराजगी जताई और कहा कि मामले में उनका व्यवहार “संदिग्ध” रहा है। साथ ही उन पर जुर्माना भी लगाया गया है।

    2010 में फिल्म निर्माण के लिए लिया था 5 करोड़ रुपये का कर्ज
    यह मामला वर्ष 2010 का है। राजपाल यादव ने अपनी निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही और तय समय पर कर्ज की अदायगी नहीं हो सकी। कंपनी को दिए गए कई चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद मामला अदालत पहुंचा।

    2018 में सुनाई गई थी सजा
    अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को दोषी ठहराते हुए छह महीने की जेल की सजा सुनाई थी। वर्ष 2019 में सेशन कोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा, जिसके बाद अभिनेता ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की।

    मामले से जुड़े सात अलग-अलग प्रकरणों में वर्ष 2025 के अंत तक करीब 9 करोड़ रुपये की देनदारी बताई गई थी, जिसमें प्रत्येक मामले में लगभग 1.35 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना था।

    अदालत ने वादे पूरे नहीं करने पर जताई नाराजगी
    जून 2024 में हाईकोर्ट ने सजा पर अस्थायी रोक लगाते हुए राजपाल यादव को बकाया राशि चुकाने का अवसर दिया था। हालांकि अदालत के अनुसार अभिनेता बार-बार अपने आश्वासन पूरे करने में असफल रहे। इसी कारण 2 फरवरी को उन्हें आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया गया था और अब अदालत ने उनकी सजा को भी बरकरार रखा है।

    बयानों में विरोधाभास पर कोर्ट की टिप्पणी
    सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि राजपाल यादव की ओर से दिए गए बयानों और पहले दिए गए आश्वासनों में विरोधाभास है। एक सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि उसके सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं दिए जा रहे हैं और पहले दी गई अंडरटेकिंग से अलग बातें कही जा रही हैं।

    शिकायतकर्ता कंपनी का पक्ष
    शिकायतकर्ता कंपनी की ओर से पेश अधिवक्ता अवनीत सिंह सिक्का ने अदालत में कहा कि राजपाल यादव पहले ही अपनी सजा स्वीकार कर चुके हैं और अब वे अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हट सकते।

    समझौते की कोशिश भी नहीं हुई सफल
    मामले के समाधान के लिए हाईकोर्ट ने कई बार दोनों पक्षों के बीच समझौते का प्रयास किया। अदालत के सुझाव पर शिकायतकर्ता कंपनी 6 करोड़ रुपये लेकर अंतिम समझौते के लिए भी तैयार हो गई थी, लेकिन राजपाल यादव ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।

    अभिनेता ने अदालत को बताया कि उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, यहां तक कि संपत्ति भी बेचनी पड़ी और वे पहले ही काफी राशि चुका चुके हैं। अदालत ने 3 करोड़ रुपये के भुगतान का एक संभावित तरीका भी सुझाया, लेकिन यह स्पष्ट किया कि यह केवल न्यायिक सुझाव है, अंतिम समझौता नहीं। कई दौर की बातचीत के बावजूद दोनों पक्ष सहमति तक नहीं पहुंच सके। इसके बाद हाईकोर्ट ने 2 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

    फरवरी 2026 में मिली थी अंतरिम जमानत
    चेक बाउंस मामले में आत्मसमर्पण के बाद राजपाल यादव 5 फरवरी 2026 को दिल्ली की तिहाड़ जेल भेजे गए थे। बाद में अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने 1.5 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त पर उन्हें अंतरिम जमानत दी थी। इसके बाद 17 फरवरी 2026 को उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया था। अब अदालत ने उनकी तीन महीने की सजा को बरकरार रखते हुए दोबारा जेल भेजने का आदेश दिया है।

  • निजी रिश्तों के तनाव से जब थम गई थी सुरीली जुगलबंदी, किशोर कुमार ने मिथुन के लिए गाना बंद करने के बाद उन्हीं के लिए रिकॉर्ड किया था अपना आखिरी गीत

    निजी रिश्तों के तनाव से जब थम गई थी सुरीली जुगलबंदी, किशोर कुमार ने मिथुन के लिए गाना बंद करने के बाद उन्हीं के लिए रिकॉर्ड किया था अपना आखिरी गीत

    नई दिल्ली ।  भारतीय सिनेमा जगत के इतिहास में अपनी जादुई आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले महान गायक किशोर कुमार और डिस्को डांसर के नाम से मशहूर अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और अनसुना किस्सा सामने आया है। अपने दौर में हर बड़े अभिनेता की आवाज बनने वाले किशोर कुमार ने एक समय पर मिथुन चक्रवर्ती के लिए फिल्मों में पाश्र्वगायन (प्लेबैक सिंगिंग) करने से पूरी तरह इनकार कर दिया था। इस फैसले के पीछे कोई व्यावसायिक या पेशेवर विवाद नहीं था, बल्कि इसके पीछे पूरी तरह से उनके निजी जीवन से जुड़ी एक भावुक वजह थी, जिसने दोनों दिग्गजों के बीच सालों तक दूरियां बनाए रखीं।

    इस कड़वाहट की मुख्य वजह अभिनेत्री योगिता बाली थीं। महान अभिनेत्री मधुबाला के दुखद निधन के बाद किशोर कुमार ने योगिता बाली से तीसरी शादी की थी, लेकिन उनका यह वैवाहिक रिश्ता ज्यादा समय तक टिक नहीं सका और जल्द ही दोनों अलग हो गए। इसी दौरान फिल्म ‘ख्वाब’ की शूटिंग के समय योगिता बाली और मिथुन चक्रवर्ती एक-दूसरे के करीब आए और दोनों में प्यार हो गया। इसके बाद योगिता बाली और मिथुन चक्रवर्ती ने शादी कर ली। इस शादी से किशोर कुमार काफी आहत हुए थे और उनका दिल टूट गया था, जिसके बाद उन्होंने गुस्से और दुख में मिथुन चक्रवर्ती के लिए कभी भी अपनी आवाज न देने का सख्त फैसला कर लिया।

    सालों तक मिथुन चक्रवर्ती की फिल्मों के लिए गाना न गाने के बाद, समय के साथ दोनों के बीच के व्यक्तिगत घाव धीरे-धीरे भरने लगे। वक्त बीतने के साथ किशोर कुमार की नाराजगी कम हुई और उन्होंने अपने काम को निजी जिंदगी से अलग रखते हुए मिथुन चक्रवर्ती के लिए दोबारा स्टूडियो में कदम रखा। दोनों के बीच की आपसी खटास खत्म होने के बाद किशोर कुमार ने ‘सुरक्षा’ और ‘वक्त की आवाज’ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में मिथुन चक्रवर्ती के लिए एक से बढ़कर एक बेहतरीन और यादगार गानों को अपनी सुरीली आवाज से सजाया, जिन्हें दर्शकों ने बेहद पसंद किया।

    इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अनोखा और भावुक मोड़ तब आया जब किशोर कुमार ने अपने जीवन का सबसे अंतिम गाना भी मिथुन चक्रवर्ती के लिए ही रिकॉर्ड किया। किशोर कुमार को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि वे जिस अभिनेता से कभी नाराज थे, उसी के लिए उनका आखिरी गाना इतिहास में दर्ज होने जा रहा है। उन्होंने फिल्म ‘वक्त की आवाज’ के लिए ‘गुरु-गुरु’ गाना रिकॉर्ड किया था, जो बाद में पर्दे पर मिथुन चक्रवर्ती पर ही फिल्माया गया। इस गाने की रिकॉर्डिंग के कुछ समय बाद ही संगीत की दुनिया का यह चमकता सितारा हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह गया।

    हालांकि इस पूरे विवाद और व्यक्तिगत मतभेदों को लेकर न तो कभी किशोर कुमार ने अपने जीवन में खुलकर कोई बयान दिया और न ही मिथुन चक्रवर्ती ने कभी मीडिया के सामने इस पर चर्चा की। दोनों ही कलाकारों ने हमेशा एक-दूसरे के प्रति गहरा पेशेवर सम्मान बनाए रखा। किशोर कुमार सिर्फ एक महान गायक ही नहीं, बल्कि एक बेहद प्रतिभाशाली अभिनेता और कुशल निर्देशक भी थे, जिन्हें उनके शानदार करियर के दौरान रिकॉर्ड 8 फिल्मफेयर पुरस्कारों से नवाजा गया था और साथ ही मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिष्ठित लता मंगेशकर पुरस्कार भी प्रदान किया गया था।

  • सेंसर बोर्ड की आपत्तियों और ऑनलाइन लीक के नुकसान से उबरी 'जन नायकन', 'ए' सर्टिफिकेट के साथ सिनेमाघरों में दस्तक देने को तैयार थलपति विजय की अंतिम फिल्म

    सेंसर बोर्ड की आपत्तियों और ऑनलाइन लीक के नुकसान से उबरी 'जन नायकन', 'ए' सर्टिफिकेट के साथ सिनेमाघरों में दस्तक देने को तैयार थलपति विजय की अंतिम फिल्म


    नई दिल्ली ।
    तमिल सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और राजनेता थलपति विजय की बहुप्रतीक्षित और आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ को लेकर एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने महीनों से चले आ रहे लंबे इंतजार और विवादों के बाद आखिरकार इस फिल्म को हरी झंडी दे दी है। सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिलने के साथ ही फिल्म की संभावित रिलीज डेट भी सामने आ गई है, जिसके अनुसार यह फिल्म आगामी 24 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक दे सकती है। यह फिल्म थलपति विजय के अभिनय करियर की अंतिम फिल्म है, जिसे देखने के लिए उनके प्रशंसक लंबे समय से बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।

    सेंसर बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से मिली जानकारी के मुताबिक, ‘जन नायकन’ को सीबीएफसी की तरफ से ‘ए’ (वयस्क) सर्टिफिकेट जारी किया गया है। इसके साथ ही फिल्म की समयावधि यानी रनटाइम को लेकर भी स्थिति साफ हो गई है, यह फिल्म 3 घंटे और 3 मिनट लंबी होने वाली है। हालांकि, सेंसर वेबसाइट पर जारी किए गए इस सर्टिफिकेट में फिल्म की मुख्य कहानी की रूपरेखा या बोर्ड द्वारा लगाए गए कट्स और बदलावों के बारे में फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। इस सर्टिफिकेशन के पूरा होने के साथ ही फिल्म की रिलीज के रास्ते में आ रही सबसे बड़ी कानूनी अड़चन दूर हो गई है।

    इस फिल्म को थलपति विजय की आखिरी फिल्म इसलिए माना जा रहा है क्योंकि वे अब अभिनय की दुनिया को पूरी तरह अलविदा कहकर एक पूर्णकालिक राजनेता के रूप में सार्वजनिक जीवन में अपनी पहचान बना चुके हैं। अभिनेता ने हाल ही में 10 मई 2026 को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, जिसके बाद से उनके राजनीतिक दायित्व काफी बढ़ गए हैं। यही वजह है कि फैंस के बीच इस फिल्म को लेकर एक अलग ही स्तर का उत्साह और भावुकता देखने को मिल रही है। प्रशंसक इस बात से बेहद खुश हैं कि कई महीनों से अधर में लटकी उनकी पसंदीदा स्टार की अंतिम फिल्म अब बड़े पर्दे पर प्रदर्शित होने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    ‘जन नायकन’ में थलपति विजय के साथ-साथ मनोरंजन जगत के कई अन्य बड़े और लोकप्रिय चेहरे भी मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म के कलाकारों की सूची में बॉलीवुड अभिनेता बॉबी देओल, अभिनेत्री पूजा हेगड़े और ममिता बैजू जैसे नाम शामिल हैं, जो फिल्म के आकर्षण को और ज्यादा बढ़ाते हैं। हालांकि मेकर्स की ओर से अभी रिलीज डेट का कोई भव्य आधिकारिक ऐलान होना बाकी है, लेकिन व्यापार विश्लेषकों और अंदरूनी सूत्रों की रिपोर्टों के अनुसार, फिल्म के डिस्ट्रीब्यूटर्स ने 24 जुलाई को ही सिनेमाघरों में उतारने की पूरी तैयारी कर ली है।

    इस फिल्म का रिलीज तक पहुंचने का सफर बेहद उतार-चढ़ाव और भारी आर्थिक नुकसान से भरा रहा है। मूल रूप से यह फिल्म इसी साल की शुरुआत में 9 जनवरी 2026 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन सैन्य बलों के चित्रण और कुछ दृश्यों से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने की शिकायतों के बाद सेंसर बोर्ड ने इसे रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया था। इस विवाद के बीच 9 अप्रैल को यह फिल्म ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर लीक हो गई, जिससे मेकर्स को करीब 300 से 400 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा और अमेजन प्राइम वीडियो ने भी अपनी 120 करोड़ रुपये की बड़ी ओटीटी डील रद्द कर दी थी। इन सभी चुनौतियों को पार कर अब यह फिल्म सिनेमाघरों में आने को तैयार है।

  • गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला का 9 साल पुराना रिश्ता टूटने की कगार पर: रियलिटी शो में हुआ बायसेक्सुअलिटी और तलाक की वजहों का बड़ा खुलासा

    गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला का 9 साल पुराना रिश्ता टूटने की कगार पर: रियलिटी शो में हुआ बायसेक्सुअलिटी और तलाक की वजहों का बड़ा खुलासा

    नई दिल्ली । टेलीविजन उद्योग के जाने-माने अभिनेता गौरव खन्ना और उनकी पत्नी आकांक्षा चमोला के बीच पिछले कुछ समय से चल रहे अलगाव की खबरें अब आधिकारिक रूप से सामने आ चुकी हैं। दोनों कलाकारों का लगभग 9 साल पुराना वैवाहिक रिश्ता अब कानूनी रूप से खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है। हाल ही में एक मशहूर रियलिटी शो ‘लॉक अप 2’ के मंच पर दोनों का सामना हुआ, जहां उन्होंने अपनी निजी जिंदगी, आपसी मतभेदों और इंटरनेट पर चल रही तमाम अटकलों पर खुलकर बात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों ही कलाकार काफी भावुक नजर आए और उन्होंने समाज व सोशल मीडिया की प्रतिक्रियाओं पर अपनी चिंता व्यक्त की।

    गौरव खन्ना ने रियलिटी शो के मंच पर पहुंचकर अपनी पत्नी आकांक्षा से मुलाकात की और बताया कि उनके अलगाव की खबर सार्वजनिक होने के बाद से वे मानसिक रूप से काफी परेशान हैं। अभिनेता ने कहा कि बाहर की दुनिया में इस खबर को लेकर बहुत तरह की बातें की जा रही हैं, जिसके कारण वे मीडिया और जनता का सामना करने से बच रहे हैं। उन्होंने इस बात पर गहरा दुख जताया कि कई लोग उनके इतने सालों के वास्तविक रिश्ते को महज पब्लिसिटी स्टंट या नकली मान रहे हैं। गौरव के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम ने उन्हें भीतर तक प्रभावित किया है और उनके पास बाहर किसी से अपनी स्थिति साझा करने का कोई जरिया नहीं बचा था, इसलिए वे शो के मंच पर आए।

    दूसरी तरफ, आकांक्षा चमोला ने स्पष्ट किया कि वे दोनों पिछले एक साल से एक-दूसरे से अलग रह रहे थे। उन्होंने बताया कि इस रियलिटी शो का हिस्सा बनने से पहले ही उनके तलाक की कानूनी प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी। आकांक्षा ने गौरव को समझाया कि वे सोशल मीडिया की टिप्पणियों या लोगों की राय को ज्यादा महत्व नहीं देती हैं, क्योंकि उनका मानना है कि उनके रिश्ते की सच्चाई को समझना हर किसी के बस की बात नहीं है। उन्होंने शो में रोने और अपने दिल की बात साझा करने के पीछे की वजह को अपनी वास्तविक परेशानी बताया, क्योंकि शो के भीतर हर कोई एक गेम खेल रहा है और वहां उनका कोई करीबी नहीं है।

    इस बातचीत के दौरान आकांक्षा चमोला की सेक्शुअलिटी को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। जब शो के दौरान गौरव से पूछा गया कि क्या वे आकांक्षा के बायसेक्सुअल होने की सच्चाई से वाकिफ थे, तो उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया। आकांक्षा ने बताया कि गौरव एक बेहद खुले विचारों वाले इंसान हैं और उन्हें शादी से पहले से ही इस बात की पूरी जानकारी थी। गौरव ने इस सच को स्वीकार करते हुए हमेशा उनका साथ दिया। अभिनेता का मानना है कि यदि आप किसी व्यक्ति को पसंद करते हैं, तो आपको उसे उसकी पूरी सच्चाई और पहचान के साथ स्वीकार करना चाहिए, और उन्होंने हमेशा इसी सोच का पालन किया।

    दोनों कलाकारों की शादी साल 2016 में हुई थी, जो अब करीब 9 वर्षों के बाद खत्म होने जा रही है। इस अलगाव का एक मुख्य कारण परिवार के विस्तार को लेकर दोनों के विचारों में भिन्नता होना बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, गौरव खन्ना पिता बनना चाहते हैं और अपने परिवार को आगे बढ़ाना चाहते हैं, जबकि आकांक्षा चमोला फिलहाल इसके लिए तैयार नहीं हैं। इस वैचारिक मतभेद और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं के कारण दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का कठिन फैसला लिया है। आकांक्षा ने कहा कि वे इस शो को जीतकर अपने करियर की एक नई शुरुआत करना चाहती हैं ताकि वे अपनी एक स्वतंत्र पहचान बना सकें।

  • दिलजीत दोसांझ की सतलुज पर सियासी संग्राम तेज अकाली दल ने हर गांव में स्क्रीनिंग का किया ऐलान

    दिलजीत दोसांझ की सतलुज पर सियासी संग्राम तेज अकाली दल ने हर गांव में स्क्रीनिंग का किया ऐलान


    नई दिल्ली । पंजाबी अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद पंजाब में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। फिल्म को रिलीज के कुछ समय बाद ही प्लेटफॉर्म से हटाए जाने पर कई संगठनों ने सवाल उठाए हैं। इसी बीच शिरोमणि अकाली दल ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वह इस फिल्म को पंजाब के हर गांव और हर क्षेत्र में लोगों तक पहुंचाएगा ताकि नई पीढ़ी राज्य के इतिहास के उस दौर से परिचित हो सके जिसे लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है।

    शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि फिल्म में जिन घटनाओं और परिस्थितियों को दिखाया गया है उन्हें समाज के सामने आना चाहिए। उनका कहना है कि पंजाब के कठिन दौर को समझना आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है और इसी उद्देश्य से पार्टी गांव गांव में फिल्म की स्क्रीनिंग करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास से जुड़े विषयों को लोगों तक पहुंचने से रोकना उचित नहीं माना जा सकता।

    यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष से प्रेरित बताई जा रही है। फिल्म में 1990 के दशक के दौरान पंजाब में कथित फर्जी मुठभेड़ों और लापता लोगों से जुड़े मामलों की पृष्ठभूमि को दिखाया गया है। खालड़ा ने उस समय कथित तौर पर ऐसे मामलों की जांच कर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने रखने का दावा किया था। यही विषय फिल्म के केंद्र में है और इसी कारण यह चर्चा का विषय बनी हुई है।

    फिल्म के ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर व्यापक बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने फिल्म को दोबारा उपलब्ध कराने की मांग उठाई जबकि कुछ संगठनों ने सार्वजनिक प्रदर्शन की घोषणा की। इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं जिससे मामला और अधिक चर्चा में आ गया।

    इसी क्रम में सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने भी 14 जुलाई को विशेष अरदास आयोजित करने की घोषणा की है। यह कार्यक्रम हरीके पत्तन स्थित सतलुज नदी के किनारे आयोजित किया जाएगा जहां उन लोगों की आत्मा की शांति और उनके परिवारों के लिए न्याय की प्रार्थना की जाएगी जिनका उल्लेख उस दौर की घटनाओं के संदर्भ में किया जाता है। धार्मिक सभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

    दूसरी ओर फिल्म को हटाने के फैसले को लेकर भी अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील विषयों पर बनी फिल्मों की समीक्षा जरूरी है जबकि अन्य इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं। इसी बीच यह भी जानकारी सामने आई है कि संबंधित मामले की परिस्थितियों की समीक्षा के लिए एक समिति गठित किए जाने की बात कही गई है ताकि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा सके।

    फिलहाल सतलुज फिल्म केवल मनोरंजन का विषय नहीं रह गई है बल्कि यह इतिहास राजनीति अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक विमर्श का केंद्र बन चुकी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर होने वाले फैसले और घटनाक्रम पर पूरे देश की नजर बनी रहेगी।

  • ओमकारा की शूटिंग का अनसुना किस्सा सैफ अली खान ने बताया क्यों ठुकराया विशाल भारद्वाज का बोल्ड सीन

    ओमकारा की शूटिंग का अनसुना किस्सा सैफ अली खान ने बताया क्यों ठुकराया विशाल भारद्वाज का बोल्ड सीन


    नई दिल्ली । विशाल भारद्वाज की फिल्म ओमकारा को हिंदी सिनेमा की बेहतरीन फिल्मों में गिना जाता है। इस फिल्म में सैफ अली खान ने लंगड़ा त्यागी का किरदार निभाकर दर्शकों और समीक्षकों दोनों का दिल जीत लिया था। फिल्म को रिलीज हुए अब 20 साल पूरे हो चुके हैं और इसी मौके पर सैफ ने शूटिंग के दौरान का एक ऐसा किस्सा साझा किया है जिसने सभी का ध्यान खींच लिया।

    सैफ अली खान ने एक इंटरव्यू में बताया कि फिल्म के एक महत्वपूर्ण दृश्य को लेकर निर्देशक विशाल भारद्वाज की सोच बेहद अलग थी। उस सीन में एक लंबा संवाद था जिसे आईने के सामने फिल्माया जाना था। विशाल चाहते थे कि यह पूरा दृश्य बिना कपड़ों के शूट किया जाए ताकि किरदार की मानसिक स्थिति और असुरक्षा को अधिक प्रभावी ढंग से दिखाया जा सके।

    सैफ ने बताया कि निर्देशक का यह सुझाव उन्हें दिलचस्प तो लगा लेकिन सेट पर मौजूद बड़ी संख्या में लोगों की वजह से वह सहज महसूस नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में उन्होंने विशाल भारद्वाज के सामने एक मजेदार शर्त रख दी। सैफ ने कहा कि अगर निर्देशक भी उसी तरह बिना कपड़ों के उन्हें डायरेक्ट करेंगे तो वह यह सीन करने के लिए तैयार हैं। इस पर विशाल भारद्वाज ने मुस्कुराते हुए मना कर दिया और बात वहीं खत्म हो गई।

    हालांकि अब जब सैफ उस पल को याद करते हैं तो उन्हें लगता है कि शायद उन्हें वह दृश्य कर लेना चाहिए था। उनके मुताबिक उस सीन को पीछे की ओर से फिल्माया जा सकता था और इससे किरदार की गंभीरता और प्रभाव दोनों बढ़ जाते। उन्होंने कहा कि आज के समय में फिल्मों में नए तरह के प्रयोग हो रहे हैं और अगर आज ऐसा प्रस्ताव मिलता तो शायद वह इसे स्वीकार कर लेते।

    सैफ ने यह भी बताया कि शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले विशाल भारद्वाज ने उस पूरे दृश्य में बड़ा बदलाव कर दिया। पहले जहां लंबा संवाद रखा गया था वहीं बाद में निर्देशक ने तय किया कि इस दृश्य में कोई संवाद नहीं होगा। इसके बजाय सैफ को आईने के सामने खड़े होकर एक भारी धातु की वस्तु से शीशा तोड़ना था। इस दौरान उनके हाथ से खून बहता दिखाया जाना था ताकि किरदार के भीतर का गुस्सा और टूटन बिना शब्दों के दर्शकों तक पहुंच सके।

    सैफ के अनुसार विशाल भारद्वाज की यही खासियत है कि वह अंतिम समय तक अपने दृश्यों पर काम करते रहते हैं और यदि उन्हें कोई बेहतर विचार आता है तो वह पूरी पटकथा में बदलाव करने से भी नहीं हिचकते। यही कारण है कि ओमकारा आज भी अपने दमदार निर्देशन बेहतरीन अभिनय और प्रभावशाली दृश्यों के लिए याद की जाती है।

    ओमकारा ने न केवल सैफ अली खान के अभिनय करियर को नई पहचान दी बल्कि यह भी साबित किया कि चुनौतीपूर्ण किरदार निभाने से कलाकार की प्रतिभा और निखरकर सामने आती है। फिल्म के 20 साल बाद सामने आया यह किस्सा दर्शाता है कि पर्दे पर दिखने वाले हर यादगार दृश्य के पीछे कई रोचक कहानियां छिपी होती हैं।

  • टॉक्सिक के तबाही गाने का धमाका 24 घंटे में करोड़ों दर्शक बोल्ड रोमांस और रिकॉर्ड व्यूज ने बढ़ाई फिल्म की चर्चा

    नई दिल्ली । साउथ सुपरस्टार यश और अभिनेत्री कियारा आडवाणी की बहुप्रतीक्षित फिल्म टॉक्सिक रिलीज से पहले ही जबरदस्त चर्चा में है। फिल्म का नया गाना तबाही सामने आते ही सोशल मीडिया और यूट्यूब पर छा गया है। रिलीज के महज 24 घंटे के भीतर इस गाने ने 16 मिलियन से अधिक व्यूज हासिल कर लिए और यूट्यूब ट्रेंडिंग में पहला स्थान भी अपने नाम कर लिया। अलग अलग भाषाओं में रिलीज हुए इस गाने को भी दर्शकों का शानदार समर्थन मिल रहा है जिससे फिल्म को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है।

    गाने में यश और कियारा आडवाणी की रोमांटिक केमिस्ट्री ने दर्शकों का ध्यान सबसे ज्यादा खींचा है। दोनों के बीच फिल्माए गए कई बोल्ड और इंटेंस रोमांटिक दृश्य सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन गए हैं। कुछ दर्शकों ने इसे डार्क रोमांस का बेहतरीन उदाहरण बताया तो कुछ ने सेंसर बोर्ड को लेकर सवाल उठाते हुए मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने कमेंट करते हुए लिखा कि ऐसा कंटेंट लंबे समय बाद देखने को मिला है जबकि कुछ लोगों ने पुराने दौर की रोमांटिक फिल्मों और कलाकारों की याद भी ताजा कर दी।

    गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कमेंट सेक्शन में हजारों प्रतिक्रियाएं लगातार आ रही हैं। किसी ने यश की स्क्रीन प्रेजेंस की तारीफ की तो किसी ने कियारा आडवाणी के ग्लैमरस अवतार को फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण बताया। कई दर्शकों ने दोनों कलाकारों की जोड़ी को बेहद प्रभावशाली बताया और फिल्म रिलीज होने का इंतजार जताया। वहीं कुछ लोगों ने यह भी अनुमान लगाया कि गाने में दिखाए गए दृश्य फिल्म की कहानी से गहराई से जुड़े हो सकते हैं और यह केवल रोमांस नहीं बल्कि भावनात्मक मोड़ का हिस्सा भी है।

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रहे फनी मीम्स और कमेंट्स ने भी इस गाने की लोकप्रियता को नई ऊंचाई दी है। कुछ यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में कियारा के पति सिद्धार्थ मल्होत्रा का जिक्र किया तो कई लोगों ने यश की तुलना बॉलीवुड के पुराने रोमांटिक सितारों से कर दी। इन प्रतिक्रियाओं ने गाने को केवल संगीत प्रेमियों तक सीमित नहीं रखा बल्कि आम सोशल मीडिया यूजर्स के बीच भी चर्चा का विषय बना दिया।

    फिल्म टॉक्सिक का टीजर पहले ही यह संकेत दे चुका था कि इसकी कहानी पारंपरिक मसाला फिल्मों से अलग होगी। अब तबाही गाने ने यह साफ कर दिया है कि फिल्म में रोमांस के साथ इमोशन और डार्क टोन का भी खास मिश्रण देखने को मिलेगा। यही वजह है कि दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है।

    फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है। इसमें यश और कियारा आडवाणी के अलावा नयनतारा और तारा सुतारिया भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगी। फिल्म की रिलीज डेट पहले कई बार बदली जा चुकी है लेकिन अब इसके अगस्त में सिनेमाघरों में आने की उम्मीद जताई जा रही है। तब तक तबाही गाना दर्शकों के बीच अपनी लोकप्रियता का सिलसिला लगातार जारी रखे हुए है और यह साफ संकेत दे रहा है कि टॉक्सिक साल की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल हो सकती है।

  • तलाक के चार साल बाद पहली सार्वजनिक मुलाकात में भावुक हुए सोहेल खान, सीमा सजदेह को लेकर कही दिल छू लेने वाली बात

    तलाक के चार साल बाद पहली सार्वजनिक मुलाकात में भावुक हुए सोहेल खान, सीमा सजदेह को लेकर कही दिल छू लेने वाली बात

    नई दिल्ली । अभिनेता सोहेल खान और उनकी पूर्व पत्नी सीमा सजदेह एक बार फिर सार्वजनिक मंच पर साथ नजर आए हैं। वर्ष 2022 में आपसी सहमति से अलग होने के बाद यह पहला अवसर है जब दोनों किसी टेलीविजन कार्यक्रम में आमने-सामने दिखाई दिए। रियलिटी शो ‘अलायंस’ के दौरान हुई इस मुलाकात ने दर्शकों का ध्यान खींचा, वहीं सोहेल खान के एक भावुक बयान ने सोशल मीडिया पर चर्चा तेज कर दी है।

    शो में सीमा सजदेह की वाइल्ड कार्ड प्रतिभागी के रूप में एंट्री हुई। जैसे ही वह मंच पर पहुंचीं, सोहेल खान ने मुस्कुराकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान होस्ट ने सोहेल से पूछा कि लंबे समय बाद सीमा को सामने देखकर उन्हें कैसा महसूस हो रहा है। इसके जवाब में अभिनेता ने कहा कि वह इस पल से खुश हैं और उनके बीच जो भी रिश्ता रहा, वह उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    सोहेल खान ने बातचीत के दौरान कहा कि उन्होंने सीमा के साथ करीब 25 वर्ष बिताए हैं और यदि उनके रिश्ते में कभी कोई गलती हुई होगी, तो उसकी जिम्मेदारी वह स्वयं लेने को तैयार हैं। उनका यह बयान सुनकर सीमा सजदेह भी भावुक नजर आईं और मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया दी। दोनों के बीच सहज बातचीत और एक-दूसरे के प्रति सम्मानपूर्ण व्यवहार ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम का यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से साझा किया जा रहा है।

    शो में शामिल होने से पहले सीमा सजदेह ने भी अपने फैसले को लेकर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा ऐसे अनुभव पसंद आते हैं जो उन्हें अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलने का अवसर दें। उनके अनुसार, यह कार्यक्रम केवल प्रतियोगिता जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को समझने, रिश्ते बनाने और सही निर्णय लेने की भी परीक्षा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस सफर में उन्हें नए अनुभव मिलेंगे और अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोगों के साथ काम करने का अवसर मिलेगा।

    सोहेल खान और सीमा सजदेह की शादी वर्ष 1998 में हुई थी। दोनों ने करीब 24 वर्षों तक वैवाहिक जीवन साथ बिताया। इस दौरान उनके दो बेटे हुए, जिनकी परवरिश की जिम्मेदारी दोनों आज भी मिलकर निभा रहे हैं। वर्ष 2022 में दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला लिया था। तलाक के बाद भी दोनों ने सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखा है और बच्चों के हितों को प्राथमिकता देने की बात कई बार सामने आई है।

    रियलिटी शो में हुई इस मुलाकात ने यह भी दिखाया कि अलग होने के बाद भी आपसी सम्मान और परिपक्वता के साथ रिश्तों को संभाला जा सकता है। दर्शकों ने सोशल मीडिया पर दोनों के शांत और सकारात्मक व्यवहार की सराहना की है। कई लोगों ने सोहेल खान के बयान को जिम्मेदारी स्वीकार करने वाला परिपक्व दृष्टिकोण बताया, जबकि कुछ ने इसे दोनों के बीच आज भी कायम सम्मानजनक संबंधों का उदाहरण माना। फिलहाल यह एपिसोड और उससे जुड़ी बातचीत मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • OTT से हटने के बाद गुरुद्वारों तक पहुंची दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’, पांच राज्यों में कम्युनिटी स्क्रीनिंग की तैयारी, जसवंत सिंह खालरा की कहानी फिर बनेगी चर्चा का केंद्र

    OTT से हटने के बाद गुरुद्वारों तक पहुंची दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’, पांच राज्यों में कम्युनिटी स्क्रीनिंग की तैयारी, जसवंत सिंह खालरा की कहानी फिर बनेगी चर्चा का केंद्र

    नई दिल्ली । दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म ‘सतलुज’ एक बार फिर चर्चा में है। डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद अब इस फिल्म को देश के विभिन्न गुरुद्वारों में सामुदायिक स्क्रीनिंग के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई है। सिख धार्मिक संस्थाओं की इस पहल का उद्देश्य मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और उनके संघर्ष को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना बताया जा रहा है। इसके तहत पंजाब के साथ हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और जम्मू में भी विशेष स्क्रीनिंग आयोजित करने की योजना बनाई गई है।

    फिल्म के प्रदर्शन को लेकर कई गुरुद्वारा प्रबंधन समितियां एकजुट होकर कार्यक्रम तैयार कर रही हैं। जम्मू में 10 से 13 जुलाई के बीच अलग-अलग गुरुद्वारों में स्क्रीनिंग का कार्यक्रम प्रस्तावित है, जबकि जयपुर में भी विशेष आयोजन की तैयारी की गई है। दिल्ली में भी सिख समुदाय से जुड़े संगठन इस पहल का समर्थन कर रहे हैं और फिल्म को फिर से सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने की मांग उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि फिल्म डिजिटल माध्यम पर उपलब्ध नहीं है तो सामुदायिक स्तर पर लोगों को इसे देखने का अवसर मिलना चाहिए।

    सामुदायिक संगठनों का मानना है कि जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित यह कहानी केवल एक फिल्म नहीं बल्कि इतिहास और मानवाधिकार से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को सामने लाने का माध्यम है। उनका कहना है कि किसी भी कारण से यदि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसकी पहुंच सीमित हो जाती है तो समाज के स्तर पर ऐसे प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि यह कहानी लोगों तक पहुंचती रहे। इसी सोच के साथ विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संस्थाएं स्क्रीनिंग की तैयारियों में जुटी हैं।

    फिल्म का सफर भी काफी लंबा और चुनौतीपूर्ण रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद इसे प्रमाणन प्रक्रिया के दौरान कई स्तरों पर बदलाव और कटौती के सुझावों का सामना करना पड़ा। शुरुआती चरण में फिल्म का शीर्षक बदला गया और कई संशोधनों की बात सामने आई। बाद में समीक्षा प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में अतिरिक्त बदलाव सुझाए गए, जिनमें प्रमुख पात्र से जुड़े परिवर्तन भी शामिल थे। फिल्म निर्माताओं ने इन संशोधनों को स्वीकार नहीं किया, जिसके चलते इसकी रिलीज लंबे समय तक टलती रही।

    इसके बाद फिल्म का संस्करण डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया, लेकिन रिलीज के कुछ ही समय बाद इसे हटा दिया गया। इस फैसले के बाद कई सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। फिल्म को लेकर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, ऐतिहासिक विषयों की प्रस्तुति और सार्वजनिक पहुंच जैसे मुद्दों पर भी चर्चा तेज हो गई। इस बीच अब गुरुद्वारों में होने वाली सामुदायिक स्क्रीनिंग ने फिल्म को एक नया मंच प्रदान कर दिया है।

    हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ के साथ अर्जुन रामपाल, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओल्यान प्रमुख भूमिकाओं में नजर आए हैं। सामुदायिक स्क्रीनिंग की इस पहल से फिल्म एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है और आने वाले दिनों में इसके जरिए बड़ी संख्या में दर्शकों तक इसकी कहानी पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

  • Lock Upp 2 में आकांक्षा चौधरी और श्रेया कालरा के बीच बढ़ा विवाद, तीखी बहस और आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

    Lock Upp 2 में आकांक्षा चौधरी और श्रेया कालरा के बीच बढ़ा विवाद, तीखी बहस और आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

    नई दिल्ली । रियलिटी शो Lock Upp 2 में प्रतियोगियों के बीच बढ़ते विवादों का सिलसिला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। हालिया एपिसोड में आकांक्षा चौधरी और श्रेया कालरा के बीच हुआ विवाद दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचने में सफल रहा। एक सामान्य बहस से शुरू हुआ मामला देखते ही देखते तीखी नोकझोंक में बदल गया, जिसके दौरान दोनों के बीच तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला। एपिसोड के प्रसारण के बाद इस घटना पर सोशल मीडिया पर भी व्यापक प्रतिक्रिया सामने आई।

    शो में यह विवाद खाने के प्रबंधन से जुड़े एक टास्क के दौरान शुरू हुआ। श्रेया कालरा उस समय घर के सदस्यों के लिए भोजन की व्यवस्था की जिम्मेदारी निभा रही थीं। बातचीत के दौरान उन्होंने आकांक्षा से पुराने व्यवहार को लेकर माफी मांगने की बात कही। हालांकि दोनों के बीच सहमति नहीं बन सकी और माहौल धीरे-धीरे तनावपूर्ण हो गया। बाद में श्रेया ने आकांक्षा के लिए भोजन मंगवाया, लेकिन आकांक्षा ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

    इसी दौरान दोनों के बीच हुई बहस में हल्की धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। शो में दिखाए गए घटनाक्रम के अनुसार, इस दौरान श्रेया का हाथ आकांक्षा के माथे से लग गया। श्रेया ने इसे अनजाने में हुई घटना बताते हुए माफी भी मांगी, लेकिन इसके बावजूद विवाद शांत नहीं हुआ। इसके बाद आकांक्षा ने गुस्से में कई तीखी बातें कहीं, जिनकी चर्चा सोशल मीडिया पर भी होने लगी।

    एपिसोड में आगे दोनों के बीच फिर से बहस हुई, जिसमें व्यक्तिगत टिप्पणियां भी सुनने को मिलीं। प्रसारित दृश्य में आकांक्षा ने श्रेया की निजी जिंदगी को लेकर भी टिप्पणी की, जिसे लेकर दर्शकों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। रिपोर्ट्स के अनुसार विवाद के दौरान दोनों के बीच आक्रामक व्यवहार भी देखने को मिला और घर के सामान को लेकर भी तनाव की स्थिति बनी। हालांकि शो के प्रसारित एपिसोड में जो घटनाएं दिखाई गईं, उन्हीं के आधार पर दर्शकों ने अपनी राय व्यक्त की।

    घटना के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में दर्शकों ने अपनी प्रतिक्रिया साझा की। कई यूजर्स ने आकांक्षा चौधरी के व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा कि विवाद को अनावश्यक रूप से बढ़ाया गया। कुछ लोगों का मानना था कि श्रेया से हुई टक्कर जानबूझकर नहीं थी, जबकि कुछ दर्शकों ने पूरे घटनाक्रम को रियलिटी शो के दबाव और प्रतिस्पर्धा का परिणाम बताया। वहीं कुछ यूजर्स ने दोनों पक्षों की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए।

    रियलिटी शो में प्रतिस्पर्धा के दौरान ऐसे विवाद अक्सर चर्चा का विषय बनते हैं और दर्शकों की राय भी अलग-अलग होती है। Lock Upp 2 का यह एपिसोड भी इसी कारण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। फिलहाल शो में आगे दोनों प्रतियोगियों के बीच संबंध किस दिशा में बढ़ते हैं और अन्य प्रतिभागी इस विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं, इस पर दर्शकों की नजर बनी हुई है। आने वाले एपिसोड में इस पूरे घटनाक्रम का असर घर के माहौल और प्रतियोगिता की रणनीतियों पर भी देखने को मिल सकता है।