Category: Entertainment

  • जन्मदिन पर प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ का नया पोस्टर जारी, फाइल नंबर 025 और रहस्यमयी टैगलाइन ने बढ़ाई उत्सुकता

    जन्मदिन पर प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ का नया पोस्टर जारी, फाइल नंबर 025 और रहस्यमयी टैगलाइन ने बढ़ाई उत्सुकता

    नई दिल्ली । अभिनेता प्रभास के जन्मदिन के मौके पर उनकी आगामी ऐतिहासिक एक्शन ड्रामा फिल्म ‘फौजी’ का नया पोस्टर जारी किया गया है। इस पोस्टर में प्रभास का अलग और विंटेज अंदाज देखने को मिल रहा है। पोस्टर सामने आने के बाद फिल्म के किरदार और कहानी से जुड़े संकेतों को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ गई है। खास तौर पर फाइल नंबर 025 और इसके साथ दी गई रहस्यमयी टैगलाइन ने लोगों का ध्यान खींचा है।

    फिल्म के नए पोस्टर में एक सुनहरे सिक्के पर प्रभास की वर्दी पहने हुए साइड प्रोफाइल दिखाई गई है। सिक्के के चारों ओर आग की लपटें नजर आती हैं, जो इसके दृश्य को प्रभावशाली बनाती हैं। पोस्टर में फाइल नंबर 025 का उल्लेख करते हुए संकेत दिया गया है कि इससे जुड़ी जानकारी का खुलासा होने वाला है। इसके साथ ही एक ऐसी बटालियन का जिक्र किया गया है, जो अकेले लड़ती है। इस संदेश ने फिल्म की कहानी और प्रभास के किरदार को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    पोस्टर में इस्तेमाल किए गए सैन्य रूप, पुराने जमाने की झलक और आग से जुड़े दृश्यों ने फिल्म के ऐतिहासिक एक्शन वाले स्वरूप को रेखांकित किया है। हालांकि, फाइल नंबर 025 के पीछे क्या रहस्य है और अकेले लड़ने वाली बटालियन का कहानी में क्या महत्व होगा, इसकी पूरी जानकारी पोस्टर में नहीं दी गई है। फिल्म की टीम ने वीडियो के माध्यम से किरदार से जुड़ा खुलासा करने का संकेत दिया है। ऐसे में दर्शकों की नजर अब अगले अपडेट पर टिकी हुई है।

    प्रभास के जन्मदिन पर जारी इस पोस्टर को लेकर उनके प्रशंसकों में उत्साह देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर पोस्टर साझा होने के बाद उनके नए लुक और फिल्म से जुड़ी जानकारी पर चर्चा शुरू हो गई है। प्रशंसक यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि ‘फौजी’ में अभिनेता किस तरह की भूमिका निभाते दिखाई देंगे। फिल्म में उनके किरदार की पहचान और कहानी के प्रमुख पहलुओं को लेकर अभी और जानकारी सामने आना बाकी है।

    ‘फौजी’ का निर्देशन हनु राघवपुड़ी कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण माइथ्री मूवी मेकर्स ने किया है, जबकि टी-सीरीज फिल्म्स इसे प्रस्तुत कर रहा है। इस परियोजना से नवीन येरनेनी, वाई रवि शंकर और भूषण कुमार निर्माता के रूप में जुड़े हैं। फिल्म को बड़े स्तर पर तैयार किया जा रहा है और इसे ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वाली एक्शन ड्रामा के रूप में पेश किया जा रहा है। प्रभास के लुक और पोस्टर की बनावट से फिल्म के सैन्य परिवेश की झलक मिलती है, हालांकि इसकी कहानी के विस्तृत विवरण अभी सामने नहीं आए हैं।

    फिल्म की रिलीज तारीख तीन दिसंबर 2026 बताई गई है। इसे दुनिया भर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित करने की योजना है। जन्मदिन पर पोस्टर जारी कर निर्माताओं ने फिल्म को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। अब दर्शकों को इसके अगले वीडियो अपडेट, प्रभास के किरदार के खुलासे और कहानी से जुड़ी अन्य जानकारियों का इंतजार है। फिल्म की रिलीज में अभी समय है, इसलिए आने वाले प्रचार अभियान के दौरान इसके कथानक और अन्य पहलुओं पर और जानकारी मिलने की संभावना है।

  • मलाइका अरोड़ा के जन्मदिन पर बहन अमृता ने कविता में खोली पोल, बोलीं- असली शैतान को मैं जानती हूं

    मलाइका अरोड़ा के जन्मदिन पर बहन अमृता ने कविता में खोली पोल, बोलीं- असली शैतान को मैं जानती हूं

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा शुक्रवार, 23 अक्टूबर को अपना 53वां जन्मदिन मना रही हैं। इस खास मौके पर उनकी छोटी बहन अमृता अरोड़ा ने उन्हें अनोखे अंदाज में बधाई दी। अमृता ने मलाइका के लिए एक कविता लिखी, जिसमें दोनों बहनों के बीच प्यार, पुरानी यादों और नोकझोंक की झलक देखने को मिली। कविता में अमृता ने जहां अपनी बहन के साथ बिताए पलों को याद किया, वहीं मजाकिया अंदाज में उनकी खिंचाई भी की। उनकी इस पोस्ट पर मलाइका ने खुशी जताई, जबकि अभिनेत्री करीना कपूर खान ने भी अमृता की तारीफ की।

    अमृता ने सोशल मीडिया पर मलाइका की तस्वीर साझा करते हुए उनके लिए यह खास कविता लिखी। इसमें उन्होंने बताया कि दोनों बहनों के बीच अक्सर छोटी-छोटी बातों पर बहस होती थी। कपड़े कैसे होने चाहिए, किसकी पसंद बेहतर है और किसकी बात मानी जानी चाहिए, इन मुद्दों पर वे घंटों चर्चा करती थीं। हालांकि, उनकी बहस का कोई नतीजा नहीं निकलता था, लेकिन इससे उनके रिश्ते की नजदीकी कम नहीं हुई।

    अमृता ने कविता में अपने रिश्ते के भावनात्मक पहलू को भी सामने रखा। उन्होंने लिखा कि जिंदगी में कई बार दोनों के बीच बहस हुई और मुश्किल परिस्थितियों में आंसू भी निकले, लेकिन हर दौर में वे एक-दूसरे के साथ खड़ी रहीं। समय के साथ इन अनुभवों ने उनके रिश्ते को और मजबूत बनाया। अमृता की कविता से साफ झलकता है कि दोनों बहनों के बीच सिर्फ हंसी-मजाक ही नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति गहरा लगाव भी है।

    कविता का सबसे मजेदार हिस्सा वह रहा, जिसमें अमृता ने मलाइका के नाम के अर्थ का जिक्र करते हुए उनकी चुटकी ली। उन्होंने कहा कि मलाइका के नाम का मतलब देवदूत है और वह अपने इस नाम से बाकी लोगों को प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन अमृता उन्हें अच्छी तरह जानती हैं। इसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा कि वह मलाइका के अंदर छिपे असली शैतान को पहचानती हैं। इस टिप्पणी ने जन्मदिन की बधाई को बहनों के बीच होने वाली सामान्य नोकझोंक जैसा सहज और दिलचस्प बना दिया।

    अमृता ने कविता के अंत में यह भी कहा कि आखिरकार उन्होंने मलाइका से कविता लिखने का जो वादा किया था, उसे पूरा कर दिया है। इसके बाद उन्होंने अपनी बहन को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रति प्यार जताया। इस तरह उनकी पोस्ट में पुरानी यादों, भावनाओं और हास्य का मेल देखने को मिला।

    अमृता की कविता पर मलाइका ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने टिप्पणी करते हुए खुशी जाहिर की कि आखिरकार उन्हें अपनी कविता मिल ही गई। उनकी प्रतिक्रिया के साथ प्यार जताने वाले इमोजी भी थे। इससे पता चला कि मलाइका को अपनी बहन का यह खास अंदाज पसंद आया।

    अभिनेत्री करीना कपूर खान ने भी अमृता की रचनात्मक कोशिश की सराहना की। उन्होंने मजेदार अंदाज में कहा कि अमृता के लिए तालियां बनती हैं और उनकी कविता बहुत अच्छी है। इसके साथ ही करीना ने अमृता से तुरंत व्हाट्सऐप पर संदेश भेजने के लिए भी कहा। अभिनेत्री दीया मिर्जा ने भी पोस्ट पर प्यार जताते हुए दिल वाला इमोजी साझा किया।

    मलाइका के जन्मदिन पर सामने आई इस पोस्ट ने उनके और अमृता के रिश्ते का एक निजी और हल्का-फुल्का पहलू दिखाया। दोनों बहनों की पुरानी बहसों और साझा यादों को समेटती इस कविता में जन्मदिन की बधाई के साथ अपनापन भी नजर आया। अमृता की मजाकिया टिप्पणी और मलाइका की प्रतिक्रिया ने इस मौके को खास बना दिया।

  • एक्टर से प्रोड्यूसर बनीं श्वेता त्रिपाठी, बर्लिन के बाद टोरंटो में भी दिखाई जाएगी फिल्म और अब दर्शकों तक पहुंचने पर नजर

    एक्टर से प्रोड्यूसर बनीं श्वेता त्रिपाठी, बर्लिन के बाद टोरंटो में भी दिखाई जाएगी फिल्म और अब दर्शकों तक पहुंचने पर नजर


    नई दिल्ली। एक्ट्रेस श्वेता त्रिपाठी इन दिनों अपनी फिल्म मुझे जान ना कहो मेरी जान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। बतौर प्रोड्यूसर उनकी पहली फीचर फिल्म ने इस साल की शुरुआत में बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल से अपना सफर शुरू किया था और अब यह टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल यानी टीआईएफएफ 2026 तक पहुंच गई है। श्वेता के लिए यह सफर इसलिए भी खास है क्योंकि इसने उन्हें फिल्म निर्माण और कहानी कहने की प्रक्रिया को एक नए नजरिए से समझने का मौका दिया है।

    श्वेता त्रिपाठी का कहना है कि प्रोड्यूसर बनने के बाद फिल्मों को देखने और उनके भविष्य के बारे में सोचने का उनका नजरिया बदल गया है। पहले एक एक्टर के रूप में उनका ध्यान मुख्य रूप से किरदार और कहानी को पर्दे पर जीवंत करने पर रहता था। लेकिन अब वह इस बात पर भी विचार करती हैं कि फिल्म बनने के बाद उसका सफर किस दिशा में जाएगा और वह किन दर्शकों तक पहुंचेगी। उनके लिए फिल्म बनाना केवल शूटिंग और अभिनय तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि यह समझना भी जरूरी हो गया है कि कहानी लोगों के बीच किस तरह की बातचीत शुरू कर सकती है।

    श्वेता के मुताबिक जिस फिल्म पर आप भरोसा करते हैं उसे किसी अंतरराष्ट्रीय मंच तक लेकर जाना अपने आप में एक महत्वपूर्ण अनुभव है। खासकर तब जब वह बतौर प्रोड्यूसर आपकी पहली फीचर फिल्म हो। बर्लिन से टोरंटो तक का सफर उनके लिए सीखने और नई संभावनाओं को समझने का अवसर रहा है। इन फिल्म समारोहों के जरिए उन्हें अपनी फिल्म को अलग-अलग लोगों के सामने पेश करने और इसके लिए नए रास्ते तलाशने का मौका मिल रहा है।

    उन्होंने बताया कि प्रोड्यूसर की भूमिका में आने के बाद कहानी कहने की जिम्मेदारी को वह पहले से ज्यादा व्यापक रूप में देखने लगी हैं। एक अभिनेता के तौर पर किसी किरदार की भावनाओं और उसके अनुभवों को समझना जरूरी होता है। वहीं प्रोड्यूसर के रूप में फिल्म के निर्माण से लेकर उसके दर्शकों तक पहुंचने की संभावनाओं पर भी ध्यान देना पड़ता है। इसमें ऐसे लोगों से जुड़ना भी शामिल है जो फिल्म के सफर को आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। श्वेता मानती हैं कि अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल और मार्केट इस तरह के अवसर उपलब्ध कराते हैं जहां फिल्मकारों और उद्योग से जुड़े लोगों के बीच नए सहयोग की संभावनाएं बन सकती हैं।

    नेशनल अवॉर्ड जीत चुके फिल्ममेकर संजय नाग के निर्देशन में बनी मुझे जान ना कहो मेरी जान में तिलोत्तमा शोम और श्वेता त्रिपाठी नजर आएंगी। यह एक क्वीर लव स्टोरी है जिसमें प्यार और इंसानी रिश्तों को संवेदनशीलता और बारीकी के साथ दिखाने की कोशिश की गई है। फिल्म की कहानी रिश्तों के उन पहलुओं को सामने लाने का प्रयास करती है जिन्हें समझने के लिए भावनाओं और मानवीय अनुभवों को करीब से देखना जरूरी है।

    श्वेता त्रिपाठी का बतौर प्रोड्यूसर सफर थिएटर से शुरू हुआ था। साल 2010 में उन्होंने अपनी थिएटर प्रोडक्शन कंपनी ऑलमाइटी की शुरुआत की थी। उनकी शुरुआती प्रस्तुतियों में ब्रिटिश नाटककार माइक बार्टलेट का क्वीर ड्रामा कॉक भी शामिल था। माइक बार्टलेट ओलिवियर अवॉर्ड जीत चुके हैं। थिएटर से शुरू हुआ श्वेता का यह सफर अब अंतरराष्ट्रीय फिल्म मंचों तक पहुंच चुका है। उनकी पहली फीचर फिल्म का बर्लिन से टोरंटो तक पहुंचना उनके लिए एक अहम पड़ाव है और अब उनकी नजर इस बात पर है कि फिल्म आगे कितने दर्शकों तक पहुंचती है और किस तरह की चर्चा को जन्म देती है।

  • सौरव गांगुली को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका, रिलीज से एक दिन पहले फिल्म ‘दूसरा’ रोकने की मांग खारिज

    सौरव गांगुली को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका, रिलीज से एक दिन पहले फिल्म ‘दूसरा’ रोकने की मांग खारिज

    नई दिल्ली । पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली को फिल्म ‘दूसरा’ की रिलीज रोकने की मांग के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। अदालत ने गुरुवार को फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। यह फिल्म शुक्रवार, 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि प्रथम दृष्टया सुविधा का संतुलन फिल्म के निर्माताओं के पक्ष में है। हालांकि, मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को तय की गई है।

    न्यायमूर्ति दिनेश भट्ट की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि फिल्म की रिलीज अगले दिन निर्धारित है और फिलहाल रोक लगाने का आधार याचिकाकर्ता के पक्ष में नजर नहीं आता। अदालत ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता के पास कोई महत्वपूर्ण अधिकार हो सकता है, लेकिन इस स्तर पर फिल्म के प्रदर्शन पर रोक नहीं लगाई जा रही है। सौरव गांगुली के साथ लव फिल्म्स एलएलपी भी इस मुकदमे में वादी है। यह कंपनी पूर्व भारतीय कप्तान पर आधारित एक अलग बायोपिक बना रही है।

    मामले में गांगुली की ओर से पेश वकील ने व्यक्तित्व के अधिकारों के उल्लंघन की आशंका जताई। उनका कहना था कि फिल्म ‘दूसरा’ का प्रचार सौरव गांगुली के नाम पर किया जा रहा है और दर्शकों के सामने उन्हें ही फिल्म का मुख्य नायक बताया जा रहा है। वकील ने दलील दी कि गांगुली और उनका जीवन फिल्म का प्रमुख विषय हैं, जबकि इसके निर्माण के लिए उनसे कोई लाइसेंस या अनुमति नहीं ली गई। उन्होंने फिल्म की रिलीज टालने के लिए निर्माताओं की ओर से किए गए अग्रिम भुगतान की राशि चुकाने की पेशकश भी की।

    दूसरी ओर, फिल्म निर्माताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि ‘दूसरा’ सौरव गांगुली की बायोपिक नहीं है। उन्होंने कहा कि फिल्म की कहानी राजस्थान की एक मध्यमवर्गीय लड़की पर आधारित है, जो पूर्व भारतीय कप्तान से जुड़े कुछ खेल आयोजनों से प्रेरित होकर क्रिकेट की दुनिया में कदम रखती है। निर्माताओं के अनुसार, गांगुली से जुड़ी कुछ क्लिप का इस्तेमाल करने के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी। सुनवाई के दौरान निर्माताओं के वकील ने याचिका को अंतिम समय में दबाव बनाने की कोशिश बताते हुए कहा कि फिल्म के लिए सौ से अधिक सिनेमाघर बुक किए जा चुके हैं और उनके लिए अग्रिम भुगतान भी किया जा चुका है।

    निर्माताओं की ओर से यह भी दलील दी गई कि याचिकाकर्ताओं ने अब तक फिल्म देखी ही नहीं है और उनकी आशंकाएं अनुमानों पर आधारित हैं। वकील ने वर्ष 2002 की नेटवेस्ट वनडे सीरीज की क्लिप का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि ऐसी क्लिप के आधार पर कोई खिलाड़ी व्यक्तित्व के अधिकारों का दावा कैसे कर सकता है। इस तरह सुनवाई में फिल्म की विषयवस्तु, प्रचार और गांगुली के व्यक्तित्व से जुड़े अधिकार प्रमुख मुद्दे रहे।

    सुविधा का संतुलन एक कानूनी कसौटी है, जिसका इस्तेमाल अदालतें अंतरिम रोक लगाने के अनुरोध पर विचार करते समय करती हैं। इसमें यह देखा जाता है कि यदि रोक नहीं लगाई जाती तो याचिकाकर्ता को कितना नुकसान हो सकता है और यदि रोक लगा दी जाती तो दूसरे पक्ष को क्या नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसी कसौटी पर विचार करते हुए अदालत ने फिलहाल फिल्म की रिलीज रोकने से इनकार किया।

    ‘दूसरा : इंडियाज अदर फ्रीडम स्ट्रगल’ का निर्देशन अभिनय देव ने किया है। फिल्म में प्लबिता बोरठाकुर, अंकुर विकल और समिधा गुरु मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। कहानी एक मध्यमवर्गीय राजस्थानी लड़की के क्रिकेट की दुनिया में प्रवेश करने के सफर पर केंद्रित बताई गई है। अदालत ने तत्काल रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की है और मामले की आगे की सुनवाई शुक्रवार को निर्धारित की गई है।

  • करीना कपूर के सामने सलमान खान ने शाहिद कपूर पर किया मजाक, स्टेज पर आते ही कही ये बात

    करीना कपूर के सामने सलमान खान ने शाहिद कपूर पर किया मजाक, स्टेज पर आते ही कही ये बात

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह अभिनेता शाहिद कपूर के साथ मजाक करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो आईफा अवॉर्ड्स 2027 की प्रेस कॉन्फ्रेंस का बताया जा रहा है। खास बात यह है कि इस दौरान शाहिद कपूर की पूर्व प्रेमिका करीना कपूर भी मंच पर मौजूद थीं। सलमान खान की मजाकिया टिप्पणी सुनकर वहां मौजूद लोग हंसने लगे। इसके बाद सोशल मीडिया पर भी इस वीडियो को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

    वीडियो में सबसे पहले करीना कपूर मंच पर चढ़ती दिखाई देती हैं। इसके बाद अभिनेत्री रश्मिका मंदाना आती हैं और उनके पीछे शाहिद कपूर मंच पर पहुंचते हैं। मंच पर चढ़ते समय शाहिद कपूर हाथ से मंच को छूते हैं। उस समय सलमान खान के हाथ में माइक होता है। शाहिद को ऐसा करते देखकर सलमान मजाकिया अंदाज में कहते हैं, “इन्होंने मेरे पैर नहीं छुए, स्टेज को छुआ।” उनकी इस टिप्पणी के बाद वहां मौजूद लोगों की हंसी सुनाई देती है। सलमान का यह अंदाज अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।

    सलमान खान और शाहिद कपूर के इस वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने तरह-तरह की टिप्पणियां की हैं। एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए बिश्नोई का जिक्र किया और कहा कि संदेश दे दिया गया है, अब शाहिद कपूर को कोई खतरा नहीं है। एक अन्य यूजर ने लिखा कि सलमान ने शायद इसलिए ऐसा कहा, ताकि मीडिया में यह चर्चा न शुरू हो जाए कि शाहिद कपूर ने उनके पैर छुए हैं। वहीं, एक यूजर ने सलमान के मजाक पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा जोक किया गया, जिस पर किसी को हंसी नहीं आई। एक अन्य टिप्पणी में शाहिद कपूर और बिश्नोई का जिक्र किया गया। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि सलमान की बात पर शाहिद कपूर ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि, ये सभी सोशल मीडिया यूजर्स की व्यक्तिगत टिप्पणियां हैं।

    शाहिद कपूर और करीना कपूर का रिश्ता भी इस वीडियो को लेकर लोगों की दिलचस्पी की एक वजह है। दोनों कलाकार एक समय बॉलीवुड के चर्चित जोड़ों में गिने जाते थे। उनकी नजदीकियां वर्ष 2004 में आई फिल्म ‘फिदा’ की शूटिंग के दौरान बढ़ी थीं। इसके बाद दोनों ने ‘चुप चुप के’, ‘36 चाइना टाउन’ और ‘जब वी मेट’ जैसी फिल्मों में साथ काम किया। वर्ष 2007 में रिलीज हुई ‘जब वी मेट’ दोनों की साथ में सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल रही। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान वर्ष 2007 में दोनों का रिश्ता समाप्त हो गया था। हालांकि, अलग होने के बाद भी दोनों ने वर्ष 2010 में आई फिल्म ‘मिलेंगे-मिलेंगे’ में साथ काम किया।

    करीना कपूर और शाहिद कपूर ने बाद में अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ते हुए शादी की। करीना ने वर्ष 2012 में अभिनेता सैफ अली खान से विवाह किया, जबकि शाहिद कपूर ने वर्ष 2015 में मीरा राजपूत से शादी की। इसके बाद दोनों कलाकार अपने पारिवारिक जीवन और फिल्मी करियर में व्यस्त रहे।

    आईफा अवॉर्ड्स 2027 का आयोजन 22 और 23 जनवरी को अबू धाबी के यास आइलैंड स्थित एतिहाद एरिना में होना प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम में बॉलीवुड के कई बड़े सितारों के शामिल होने की संभावना है। करण जौहर और वरुण धवन कार्यक्रम की मेजबानी कर सकते हैं। सलमान खान, करीना कपूर, शाहिद कपूर, रश्मिका मंदाना और जाह्नवी कपूर जैसे कलाकारों के प्रदर्शन करने की भी संभावना जताई गई है। इस बार समारोह का प्रसारण दुनियाभर में यूट्यूब पर किए जाने की बात कही गई है। सलमान खान की वायरल टिप्पणी के कारण आईफा 2027 की प्रेस कॉन्फ्रेंस का यह वीडियो चर्चा में बना हुआ है।

  • प्यार और अपनेपन को तरसे करण जौहर, विजय देवरकोंडा के सामने छलका दिल, भावुक कर गई रिश्ते की ख्वाहिश

    प्यार और अपनेपन को तरसे करण जौहर, विजय देवरकोंडा के सामने छलका दिल, भावुक कर गई रिश्ते की ख्वाहिश


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के मशहूर फिल्ममेकर करण जौहर अपनी फिल्मों और बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं लेकिन इस बार उन्होंने अपनी निजी जिंदगी और प्यार को लेकर ऐसी बातें साझा की हैं जिन्होंने उनके प्रशंसकों का ध्यान खींचा है। करण ने बताया कि वह भी अपनी जिंदगी में एक ऐसे साथी की तलाश में हैं जिसके साथ रोजमर्रा की छोटी छोटी खुशियां बांट सकें और जिंदगी के खास पलों को यादगार बना सकें। उनकी ख्वाहिश सिर्फ एक रिश्ता बनाने तक सीमित नहीं है बल्कि वह ऐसा इंसान चाहते हैं जो उन्हें समझे उनके साथ खड़ा रहे और उन्हें अपनेपन का एहसास कराए। करण की यह बात सामने आई उनके चर्चित चैट शो कॉफी विद करण 9 के एक एपिसोड में जहां अभिनेता विजय देवरकोंडा के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने अपने दिल की बात कही।

    शो में बातचीत के दौरान विजय देवरकोंडा ने अभिनेत्री रश्मिका मंदाना के साथ अपने रिश्ते को लेकर भावनात्मक अंदाज में बात की। विजय ने कहा कि वह रश्मिका का हाथ थामे रखना चाहते हैं और उनके साथ ऐसा रिश्ता चाहते हैं जिसमें वह सुरक्षित महसूस करें। विजय की इस बात के बाद करण ने उनसे अपनी जिंदगी की ख्वाहिशों को लेकर चर्चा की। जब विजय ने करण से पूछा कि वह अपने जीवन में क्या चाहते हैं तो फिल्ममेकर ने बिना किसी झिझक के बताया कि उन्हें भी एक ऐसे साथी की जरूरत महसूस होती है जिसके साथ वह अपनी जिंदगी साझा कर सकें।

    करण जौहर ने कहा कि वह चाहते हैं कि उनकी जिंदगी में ऐसा इंसान आए जिसके साथ वह दिनभर की छोटी छोटी बातें साझा कर सकें। वह अपनी खुशियों और उपलब्धियों का जश्न उस व्यक्ति के साथ मनाना चाहते हैं और मुश्किल समय में भी एक दूसरे का सहारा बनना चाहते हैं। उनके मुताबिक रिश्ते का मतलब केवल बड़े वादे करना नहीं बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में एक दूसरे के साथ खड़े रहना भी है। वह ऐसे साथी की तलाश में हैं जिसके साथ उन्हें प्यार सम्मान और अपनापन महसूस हो। करण की बातों से साफ झलकता है कि उनके लिए रिश्ते में भावनात्मक जुड़ाव और एक दूसरे को समझना कितना मायने रखता है।

    करण ने अपने जुड़वां बच्चों यश और रूही का जिक्र करते हुए यह भी बताया कि वह अपने जीवनसाथी में ऐसा इंसान देखना चाहेंगे जो बच्चों की परवरिश में बराबर की जिम्मेदारी निभाए। उनके लिए परिवार उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा है और वह चाहते हैं कि उनका साथी इस जिम्मेदारी को भी समझे। करण ने यह भी कहा कि शादी करना शायद उनके लिए तकनीकी रूप से संभव न हो लेकिन वह किसी के साथ रिश्ते में रहना जरूर चाहते हैं। उनकी यह बात बताती है कि उनके लिए रिश्ते का महत्व किसी सामाजिक बंधन से अधिक साथ और भावनात्मक जुड़ाव में है।

    करण की बातें सुनने के बाद विजय देवरकोंडा ने उनके लिए दिल से दुआ की कि उन्हें भी जल्द ऐसा साथी मिले जिसकी उन्हें तलाश है। विजय ने हल्के फुल्के अंदाज में पुराने और नए देवी देवताओं के साथ कॉफी के देवताओं से भी करण की इच्छा पूरी करने की प्रार्थना की। उनकी इस बात पर करण भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि उन्हें महसूस हुआ कि विजय की प्रार्थना दिल से निकली थी।

    इस बातचीत ने करण जौहर के निजी जीवन के एक भावनात्मक पहलू को सामने रखा। पर्दे पर रिश्तों और प्रेम कहानियों को खूबसूरती से पेश करने वाले करण खुद भी ऐसा रिश्ता चाहते हैं जिसमें प्यार के साथ भरोसा सम्मान और साथ निभाने की भावना हो। उनकी ख्वाहिश यही है कि जिंदगी की खुशियां बांटने और मुश्किलों का सामना करने के लिए उनके पास भी कोई ऐसा इंसान हो जिसे वह अपना कह सकें।

  • दलेर मेहंदी विवाद में मीका सिंह ने मांगी मंत्री सुबोध उनियाल से माफी, सीएम धामी ने फोन कर बातचीत से गलतफहमी दूर करने की अपील की

    दलेर मेहंदी विवाद में मीका सिंह ने मांगी मंत्री सुबोध उनियाल से माफी, सीएम धामी ने फोन कर बातचीत से गलतफहमी दूर करने की अपील की

    नई दिल्ली । गायक दलेर मेहंदी के एक कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब उनके भाई और गायक मीका सिंह तथा उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल के बीच माफी की मांग तक पहुंच गया है। मीका सिंह अपने भाई पर नशे की हालत में कार्यक्रम करने का आरोप लगाए जाने से नाराज हैं। उन्होंने मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। इस बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीका सिंह से फोन पर बातचीत की और कहा कि किसी भी तरह की गलतफहमी को आपसी संवाद और सौहार्द से दूर किया जाना चाहिए।

    यह विवाद नवरात्रि के दौरान मां कुंजापुरी से जुड़े एक धार्मिक आयोजन में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति को लेकर सामने आया। मीका सिंह का कहना है कि उनके भाई ने कार्यक्रम में करीब एक घंटा 30 मिनट तक प्रस्तुति दी थी और वहां मौजूद कई लोग उनके साथ नाच रहे थे। इसके बावजूद दलेर मेहंदी पर नशे में कार्यक्रम करने का आरोप लगाया गया। मीका ने इस आरोप पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे मामले को समझने के लिए कार्यक्रम का वीडियो देखा जाना चाहिए।

    मीका सिंह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से मामले में कार्रवाई करने की मांग भी की थी। उनका कहना है कि कलाकारों की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए और किसी पर आरोप लगाने से पहले तथ्यों को समझना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि वह उत्तराखंड आकर बिना किसी शुल्क के कार्यक्रम करने के लिए तैयार हैं, लेकिन इससे पहले मंत्री सुबोध उनियाल को दलेर मेहंदी से माफी मांगनी चाहिए।

    विवाद में उस समय नया मोड़ आया, जब भाजपा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विनय गोयल ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह दलेर मेहंदी के प्रशंसक हैं, लेकिन धार्मिक आयोजन में सामने आए दृश्य श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाले हो सकते हैं। उनके अनुसार, यदि दलेर मेहंदी की तबीयत ठीक नहीं थी, तो आयोजकों को इसकी जानकारी पहले ही दी जानी चाहिए थी। उन्होंने मां कुंजापुरी के सम्मान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस मामले में समझौता नहीं किया जा सकता।

    विनय गोयल ने दलेर मेहंदी से माफी मांगने की बात कही। साथ ही मीका सिंह को चुनौती दी कि यदि वह अपने भाई के समर्थन में खड़े हैं, तो उत्तराखंड आकर निशुल्क कार्यक्रम करें। इस बयान के जवाब में मीका ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह उत्तराखंड में मुफ्त प्रस्तुति देने के लिए तैयार हैं, लेकिन पहले मंत्री को दलेर मेहंदी से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने वीडियो साझा करने की बात कहते हुए सवाल किया कि यदि वीडियो में मंत्री सुबोध उनियाल नशे की हालत में दिखाई दें, तो उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। मीका ने यह भी पूछा कि क्या नियम और जवाबदेही सभी के लिए समान नहीं होने चाहिए।

    दूसरी ओर, सुबोध उनियाल इस मामले में अपने रुख पर कायम बताए गए हैं। उन्होंने दलेर मेहंदी पर लगाए गए आरोप के संदर्भ में सवाल उठाया कि उन्होंने किस तरह का नशा किया था और इसकी जांच के लिए चिकित्सकीय परीक्षण कराना जरूरी क्यों माना जाए। इस बयान के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और चर्चा में आ गया है। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि से संबंधित कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस विवाद को शांत करने की कोशिश करते हुए मीका सिंह से फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि दलेर मेहंदी से जुड़े विषय पर चर्चा के दौरान किसी भी प्रकार की गलतफहमी को आपसी बातचीत और सौहार्द के जरिए दूर किया जाना चाहिए। धामी ने उत्तराखंड की ‘अतिथि देवो भवः’ परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में सभी कलाकारों का हमेशा स्वागत और सम्मान किया जाता है। फिलहाल, मीका सिंह मंत्री से माफी की मांग पर कायम हैं, जबकि मुख्यमंत्री ने विवाद को संवाद के माध्यम से सुलझाने पर जोर दिया है।

  • रिलीज से पहले सनी देओल की ‘सूर्या’ पर विवाद, डॉक्टरों की छवि और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर IMA ने उठाए सवाल

    रिलीज से पहले सनी देओल की ‘सूर्या’ पर विवाद, डॉक्टरों की छवि और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर IMA ने उठाए सवाल

    नई दिल्ली । अभिनेता सनी देओल की आगामी फिल्म ‘सूर्या – अंत से आरंभ तक’ रिलीज से पहले विवादों में आ गई है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने फिल्म में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को जिस तरह दिखाए जाने की बात सामने आई है, उस पर गंभीर चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि फिल्म की प्रचार सामग्री मेडिकल पेशे की छवि को प्रभावित कर सकती है। इस मामले में आईएमए ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर फिल्म के प्रचार से जुड़ी सामग्री की समीक्षा कराने की मांग की है।

    आईएमए के मुताबिक, फिल्म में चिकित्सा क्षेत्र में भ्रष्टाचार और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा को जिस तरह प्रस्तुत किया गया है, उससे पूरे मेडिकल पेशे के प्रति लोगों के मन में नकारात्मक धारणा बन सकती है। संगठन को आशंका है कि ऐसी प्रस्तुति डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिष्ठा, सुरक्षा तथा जनता के भरोसे पर असर डाल सकती है। इसी वजह से एसोसिएशन चाहता है कि फिल्म की रिलीज से पहले संबंधित सामग्री की निष्पक्ष समीक्षा की जाए।

    संगठन ने अपने पत्र में चार प्रमुख चिंताओं को सामने रखा है। पहली चिंता चिकित्सा पेशे को अनुचित रूप से बदनाम किए जाने और उसकी साख को नुकसान पहुंचने की है। दूसरी चिंता फिल्म में स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा दिखाए जाने से जुड़ी है। तीसरा मुद्दा डॉक्टरों और दूसरे स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा का है। वहीं, चौथी चिंता डॉक्टरों और मरीजों के बीच लंबे समय से बने भरोसे पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर है।

    आईएमए का कहना है कि यदि प्रचार सामग्री के जरिए भ्रष्टाचार को पूरे चिकित्सा क्षेत्र की सामान्य स्थिति के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, तो इससे लोगों की धारणा प्रभावित हो सकती है। संगठन ने इस बात पर भी जोर दिया है कि स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति हिंसा को दिखाने के संभावित प्रभावों पर ध्यान देना जरूरी है। उसके अनुसार, चिकित्सा सेवाओं से जुड़े लोगों की सुरक्षा और मरीजों का डॉक्टरों पर विश्वास स्वास्थ्य व्यवस्था के महत्वपूर्ण पहलू हैं।

    मेडिकल संगठन ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया है कि फिल्म में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के चित्रण के साथ-साथ उसके प्रचार से जुड़ी सामग्री की निष्पक्ष जांच कराई जाए। आईएमए ने यह भी कहा है कि यदि समीक्षा के दौरान उसकी आशंकाएं सही पाई जाती हैं, तो फिल्म निर्माताओं से आवश्यक बदलाव कराने पर विचार किया जाना चाहिए। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संगठन ने समीक्षा की मांग उठाई है। फिल्म में बदलाव को लेकर किसी अंतिम निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।

    फिल्म का टीजर 19 अक्टूबर को सनी देओल के 69वें जन्मदिन के अवसर पर जारी किया गया था। इसमें अभिनेता एक पुलिस अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं। कहानी में उनकी जिंदगी बेटी की मौत के बाद बदल जाती है। इसके बाद वह मामले की जांच शुरू करते हैं और इस प्रक्रिया में चिकित्सा व्यवस्था से जुड़ी कथित गड़बड़ियों का पर्दाफाश करने की कोशिश करते हैं। कहानी का यही पहलू चिकित्सा पेशे के चित्रण को लेकर उठे विवाद के केंद्र में है।

    ‘सूर्या – अंत से आरंभ तक’ का निर्देशन एम. पद्मकुमार ने किया है। फिल्म का निर्माण दीपक मुकुत, हेमंत मुकुत और लोकेश मुकुत ने किया है। यह वर्ष 2018 में आई मलयालम क्राइम थ्रिलर ‘जोसेफ’ का हिंदी रूपांतरण है, जिसकी कहानी शाही कबीर ने लिखी थी। फिल्म को वास्तविक घटनाओं पर आधारित बताया जा रहा है। इसमें सनी देओल मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म की निर्धारित रिलीज तारीख 20 नवंबर 2026 है। अब देखना होगा कि आईएमए की मांग पर क्या कदम उठाए जाते हैं और विवाद का फिल्म की रिलीज से पहले क्या असर पड़ता है।

  • 2014 में ही एआर रहमान को मिला था रामायण से जुड़ने का संकेत, यश ने भी सुनाया संगीत से जुड़ा खास किस्सा

    2014 में ही एआर रहमान को मिला था रामायण से जुड़ने का संकेत, यश ने भी सुनाया संगीत से जुड़ा खास किस्सा

    नई दिल्ली । संगीतकार एआर रहमान ने फिल्म रामायण से अपने जुड़ाव की एक दिलचस्प कहानी साझा की है। उन्होंने बताया कि करीब एक दशक पहले, वर्ष 2014 में सतीश नाम के एक व्यक्ति ने उन्हें ईमेल भेजकर एक सपना बताया था। उस व्यक्ति का दावा था कि उसने सपने में रहमान को महाकाव्य रामायण के लिए संगीत तैयार करते हुए देखा है। अब रहमान इस महाकाव्य पर आधारित फिल्म के संगीत से जुड़े हैं। ऐसे में वर्षों पहले मिला वह संदेश एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।

    21 अक्टूबर को चेन्नई में आयोजित फिल्म के एल्बम लॉन्च कार्यक्रम के दौरान रहमान ने इस पुराने ईमेल का जिक्र किया। उन्होंने दर्शकों को बताया कि सतीश नाम के व्यक्ति ने उनसे संपर्क कर अपने सपने के बारे में लिखा था। रहमान ने उस संदेश को साझा करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में उस व्यक्ति ने उनसे कहा था कि वह रामायण के लिए संगीत तैयार करेंगे।

    ईमेल में सतीश ने लिखा था कि रहमान उन्हें सुबह-सुबह सपने में दिखाई दिए थे। उन्हें विश्वास था कि उनका सपना सच होगा। संदेश में यह भी कहा गया था कि रहमान भारत और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में संगीत कार्यक्रम कर रहे हैं, जिनमें महान महाकाव्य रामायण को प्रस्तुत किया जा रहा है। उस समय भेजे गए इस संदेश में व्यक्त की गई कल्पना अब फिल्म के साथ रहमान के जुड़ने के संदर्भ में खास लग रही है।

    रामायण पर आधारित यह फिल्म दो भागों में बनाई जा रही एक लाइव-एक्शन परियोजना है। इसका नाम रामायण: राइज ऑफ ए लीजेंड बताया गया है। फिल्म में एआर रहमान ऑस्कर विजेता संगीतकार हंस जिमर के साथ मिलकर संगीत तैयार कर रहे हैं। हंस जिमर हॉलीवुड की कई बड़ी फिल्मों के संगीत के लिए पहचाने जाते हैं। दोनों संगीतकारों के साथ आने से फिल्म के संगीत को लेकर भी दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ी है।

    कार्यक्रम में फिल्म में रावण की भूमिका निभा रहे अभिनेता यश भी मौजूद थे। उन्होंने एआर रहमान के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हुए बताया कि उनके संगीत ने तमिल भाषा सीखने में मदद की। यश ने कहा कि वह रहमान के बहुत बड़े प्रशंसक हैं और उनकी फिल्म जेंटलमैन के गानों पर नृत्य किया करते थे। उन्होंने तमिल फिल्म उद्योग में रहमान के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया।

    यश ने कहा कि जब वह तमिल गानों को हिंदी में सुनते हैं, तो उन्हें लगता है कि उनमें कुछ कमी रह जाती है। उन्होंने खुशी जताई कि रहमान रामायण के लिए संगीत तैयार कर रहे हैं और उन्हें इस फिल्म में उनके संगीत पर अभिनय करने का अवसर मिला है।

    अभिनेता ने रावण का किरदार निभाने को लेकर भी अपनी बात रखी। उनके अनुसार, कई लोगों ने उनसे पूछा कि वह रावण की भूमिका क्यों निभाना चाहते हैं, जबकि इस पात्र को आमतौर पर नकारात्मक रूप में देखा जाता है। यश ने कहा कि कलाकार अलग-अलग किरदार निभाते हैं और हर किरदार में एक अलग तरह की ऊर्जा होती है। उन्होंने बताया कि रावण की भूमिका निभाते समय उन्होंने शिव जी का शिव तांडव गीत सुना, जिससे उन्हें ऊर्जा मिली। उन्होंने इस गीत के लिए रहमान का आभार भी जताया और कहा कि वह पहले भी शिव जी के कई गीत सुनते थे।

    फिल्म में भगवान राम की भूमिका रणबीर कपूर, सीता की भूमिका साई पल्लवी, रावण की भूमिका यश, हनुमान की भूमिका सनी देओल और लक्ष्मण की भूमिका रवि दुबे निभा रहे हैं। इनके अलावा अरुण गोविल, लारा दत्ता, रकुल प्रीत सिंह, विवेक ओबेरॉय, कुणाल कपूर और काजल अग्रवाल भी फिल्म का हिस्सा हैं। फिल्म की निर्धारित रिलीज तारीख 5 नवंबर 2026 रखी गई है, जो दिवाली के अवसर पर पड़ती है।

  • 600 करोड़ पार पहुंची ‘जेलर 2’ की वर्ल्डवाइड कमाई, रजनीकांत के आगे फीकी पड़ी ‘रणबाली’ और ‘नई नवेली’

    600 करोड़ पार पहुंची ‘जेलर 2’ की वर्ल्डवाइड कमाई, रजनीकांत के आगे फीकी पड़ी ‘रणबाली’ और ‘नई नवेली’


    नई दिल्ली। बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों रजनीकांत की फिल्म जेलर 2 का दबदबा देखने को मिल रहा है। सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म ने दुनियाभर में कमाई के मामले में 600 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। शानदार एक्शन और रजनीकांत के दमदार अंदाज के चलते फिल्म को दर्शकों का अच्छा समर्थन मिल रहा है। हालांकि रिलीज के आठवें दिन इसकी कमाई में गिरावट दर्ज की गई है लेकिन इसके बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सबसे आगे बनी हुई है। दूसरी ओर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की रणबाली की रफ्तार धीमी पड़ती दिखाई दे रही है। वहीं यामी गौतम की हॉरर कॉमेडी नई नवेली और राजकुमार राव की प्रहार भी सिनेमाघरों में अपनी जगह बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं।

    रजनीकांत की जेलर 2 ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर भी मजबूत प्रदर्शन किया है। फिल्म को रिलीज हुए आठ दिन हो चुके हैं और इस दौरान इसने लगातार अच्छी कमाई की है। हालांकि आठवें दिन दर्शकों की संख्या और कमाई में कुछ गिरावट देखने को मिली। गुरुवार को फिल्म ने 17.15 करोड़ रुपये का कारोबार किया। इसके साथ ही भारत में इसका कुल कलेक्शन 334.35 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं दुनियाभर में फिल्म की कमाई 606.05 करोड़ रुपये हो चुकी है। इस आंकड़े के साथ जेलर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ साबित कर दी है। फिल्म की कमाई को देखते हुए इसकी आगे की कारोबारी संभावनाओं पर भी नजर बनी हुई है।

    विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की फिल्म रणबाली को भी दर्शकों से शुरुआत में अच्छा प्रतिसाद मिला था लेकिन अब इसकी कमाई की रफ्तार धीमी होती दिखाई दे रही है। माना जा रहा है कि जेलर 2 की मजबूत मौजूदगी का असर भी इसके कारोबार पर पड़ रहा है। रणबाली ने बुधवार को 5.50 करोड़ रुपये कमाए थे जबकि गुरुवार को इसका कलेक्शन घटकर 3.15 करोड़ रुपये रह गया। सात दिनों में फिल्म की कुल कमाई 45.20 करोड़ रुपये हो गई है। आने वाले दिनों में फिल्म का प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करेगा कि दर्शकों के बीच इसकी लोकप्रियता कितनी बनी रहती है।

    यामी गौतम की हॉरर कॉमेडी फिल्म नई नवेली ने भी सिनेमाघरों में अपना पहला सप्ताह पूरा कर लिया है। फिल्म का प्रदर्शन बहुत बड़ा धमाका करने वाला नहीं रहा लेकिन यह लगातार कमाई कर रही है। बुधवार को इसने दो करोड़ रुपये का कारोबार किया था जबकि गुरुवार को इसकी कमाई 1.50 करोड़ रुपये रही। इसके साथ ही फिल्म का कुल कलेक्शन 22.15 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। अब फिल्म के सामने अपनी कमाई को स्थिर बनाए रखने की चुनौती है।

    राजकुमार राव वामिका गब्बी और जयदीप अहलावत की फिल्म प्रहार का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन भी शुरुआती सप्ताह में औसत रहा है। फिल्म को रिलीज हुए एक सप्ताह हो चुका है लेकिन इसकी कमाई में कोई बड़ा उछाल देखने को नहीं मिला। बुधवार को फिल्म ने 1.50 करोड़ रुपये कमाए थे जबकि गुरुवार को यह आंकड़ा घटकर 1.20 करोड़ रुपये रह गया। इसके साथ फिल्म का कुल कलेक्शन 17.15 करोड़ रुपये हो गया है।

    कुल मिलाकर मौजूदा बॉक्स ऑफिस मुकाबले में जेलर 2 सबसे आगे नजर आ रही है। दुनियाभर में 600 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई ने इसे बड़ी सफलता दिलाई है जबकि रणबाली नई नवेली और प्रहार के लिए आने वाले दिन अहम साबित हो सकते हैं। अब देखना होगा कि क्या ये फिल्में अपनी कमाई में तेजी ला पाती हैं या रजनीकांत की फिल्म का दबदबा आगे भी कायम रहता है।