Category: Entertainment

  • कभी पिता के पुराने स्कूटर पर दुकान का सामान लाते थे यश, आज हैं सुपरस्टार; बोले- उस वक्त हीन भावना होती थी

    कभी पिता के पुराने स्कूटर पर दुकान का सामान लाते थे यश, आज हैं सुपरस्टार; बोले- उस वक्त हीन भावना होती थी


    नई दिल्ली। साउथ सिनेमा के सुपरस्टार यश आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। केजीएफ फ्रेंचाइजी में रॉकी भाई के किरदार ने उन्हें देशभर में जबरदस्त लोकप्रियता दिलाई और अब अभिनेता अपनी अगली बड़ी फिल्म टॉक्सिक को लेकर चर्चा में हैं। हालांकि इस मुकाम तक पहुंचने का उनका सफर बिल्कुल आसान नहीं रहा। हाल ही में आप की अदालत में अपने पुराने दिनों को याद करते हुए यश ने बताया कि फिल्मी दुनिया में पहचान बनाने से पहले उन्होंने परिवार की मदद के लिए किराने की दुकान तक संभाली थी। उन्होंने कॉलेज के दिनों से जुड़ी ऐसी यादें भी साझा कीं जब पिता के पुराने स्कूटर को लेकर उन्हें हीन भावना महसूस होती थी।

    यश ने बताया कि स्कूल के दिनों में उन्हें अपने और दूसरे बच्चों के बीच आर्थिक स्थिति का अंतर ज्यादा महसूस नहीं होता था। असली बदलाव कॉलेज पहुंचने के बाद नजर आया। वहां उनके कई दोस्तों के पास बाइक और कारें थीं। उनके पास परिवार का पुराना स्कूटर था। उस उम्र में जब हर युवा अपने दोस्तों के बीच बेहतर दिखना चाहता है तब यश को अपने साधारण साधनों को लेकर झिझक होने लगी थी।

    इसी दौर में उन्होंने परिवार की मदद के लिए किराने की दुकान भी शुरू की। यश के मुताबिक कई बार दुकान के लिए सामान लाने के लिए उन्हें उसी पुराने स्कूटर पर जाना पड़ता था। उन्हें डर रहता था कि कहीं उनके दोस्त उन्हें इस तरह न देख लें। वह दौर उनके लिए आर्थिक संघर्ष के साथ साथ मानसिक दबाव वाला भी था। आज जिस अभिनेता की फिल्मों और लाइफस्टाइल की चर्चा होती है उसके पीछे संघर्ष और असुरक्षा से भरा वह दौर भी रहा है।

    यश ने अपने माता पिता के योगदान को भी बेहद अहम बताया। उनके मुताबिक परिवार भले ही उनके लिए बड़ी संपत्ति नहीं बना पाया लेकिन माता पिता ने उन्हें जिंदगी के जरूरी सबक दिए और हर मुश्किल समय में उनका साथ दिया। यही भरोसा आगे चलकर उनके आत्मविश्वास की ताकत बना। यश की कहानी इस बात की मिसाल है कि किसी व्यक्ति की शुरुआती आर्थिक स्थिति उसकी मंजिल तय नहीं करती। लगातार मेहनत और सही मौके के साथ परिस्थितियां बदली जा सकती हैं।

    यश की पहचान धीरे धीरे कन्नड़ सिनेमा से निकलकर पूरे देश में बनी। केजीएफ और केजीएफ चैप्टर 2 की सफलता ने उन्हें पैन इंडिया स्टार बना दिया। इसके बाद उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती गई। अब उनकी अगली बड़ी फिल्म टॉक्सिक को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। फिल्म में यश के साथ नयनतारा कियारा आडवाणी हुमा कुरैशी और तारा सुतारिया जैसे कलाकार नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है और यह 26 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

    टॉक्सिक की रिलीज से पहले यश लगातार प्रमोशन में व्यस्त हैं। फिल्म की एडवांस बुकिंग भी शुरू हो चुकी है और इसे बड़े स्तर पर रिलीज करने की तैयारी है। ऐसे समय में अभिनेता का अपने संघर्ष के दिनों को याद करना उनके प्रशंसकों के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि यह दिखाता है कि आज का रॉकी भाई कभी बेहद सामान्य परिस्थितियों से निकलकर अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रहा था। यश की कहानी बताती है कि सफलता के चमकदार मुकाम के पीछे अक्सर ऐसे दौर छिपे होते हैं जिनमें व्यक्ति को खुद पर भरोसा बनाए रखने के लिए सबसे ज्यादा संघर्ष करना पड़ता है।

  • KGF 2 के बाद यश की बड़ी वापसी, Toxic की बंपर एडवांस बुकिंग से बढ़ी हलचल; पहले दिन हिंदी में होगी करोड़ों की कमाई

    KGF 2 के बाद यश की बड़ी वापसी, Toxic की बंपर एडवांस बुकिंग से बढ़ी हलचल; पहले दिन हिंदी में होगी करोड़ों की कमाई


    नई दिल्ली ।
    यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म Toxic सिनेमाघरों में दस्तक देने से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर अपना दम दिखाने लगी है। फिल्म की एडवांस बुकिंग शुरू होते ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। शुक्रवार सुबह एडवांस बुकिंग की शुरुआत के कुछ ही घंटों के भीतर फिल्म के हजारों टिकट बिक गए। शुरुआती आंकड़े इस बात का संकेत दे रहे हैं कि Toxic को लेकर दर्शकों में खासा क्रेज है और अगर यही रफ्तार रिलीज तक बनी रही तो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी ओपनिंग हासिल कर सकती है।

    रिपोर्ट के मुताबिक सुबह करीब 8 बजे एडवांस बुकिंग शुरू होने के बाद शाम तक फिल्म के 91 हजार से ज्यादा टिकट बिक चुके थे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार करीब 91301 टिकटों की बिक्री दर्ज की गई और फिल्म को हजारों शोज भी मिल चुके थे। टिकट बिक्री के साथ फिल्म ने एडवांस बुकिंग से करोड़ों रुपये की कमाई भी दर्ज कर ली है। रिपोर्ट के अनुसार शाम तक टिकटों की बिक्री से करीब 4.36 करोड़ रुपये का कारोबार हो चुका था जबकि ब्लॉक सीटों को शामिल करने के बाद यह आंकड़ा करीब 9.47 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। रिलीज से पहले इतनी तेज बुकिंग फिल्म की लोकप्रियता और दर्शकों की उत्सुकता का संकेत मानी जा रही है।

    Toxic को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसके संभावित हिंदी कलेक्शन की हो रही है। फिल्म की एडवांस बुकिंग की रफ्तार को देखते हुए ट्रेड से जुड़े अनुमानों में दावा किया जा रहा है कि यह फिल्म हिंदी बाजार में भी जबरदस्त शुरुआत कर सकती है। कुछ रिपोर्टों में अनुमान लगाया गया है कि फिल्म अपने पहले दिन हिंदी भाषा में करीब 45 से 55 करोड़ रुपये तक का कारोबार कर सकती है। हालांकि यह केवल शुरुआती अनुमान हैं और वास्तविक बॉक्स ऑफिस कलेक्शन फिल्म के रिलीज होने के बाद ही स्पष्ट होगा। स्क्रीन की संख्या टिकटों की कीमत दर्शकों की प्रतिक्रिया और शो की ऑक्यूपेंसी जैसे कई कारक अंतिम कमाई पर असर डालेंगे।

    Toxic की एक खास बात यह भी है कि यह किसी पुरानी फ्रेंचाइजी का अगला भाग नहीं बल्कि एक नई कहानी पर आधारित फिल्म है। इसके बावजूद फिल्म को लेकर जिस तरह का उत्साह देखने को मिल रहा है वह यश की लोकप्रियता को दर्शाता है। KGF Chapter 2 के बाद यश करीब चार साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं। KGF 2 ने देशभर में शानदार प्रदर्शन किया था और उसके बाद से ही दर्शक उनकी अगली फिल्म का इंतजार कर रहे थे। अब Toxic को लेकर बढ़ती एडवांस बुकिंग ने उस उत्सुकता को और बढ़ा दिया है।

    फिल्म में यश के साथ कियारा आडवाणी तारा सुतारिया नयनतारा रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी जैसे कलाकार नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है। अलग शैली की कहानी और बड़े स्टारकास्ट के कारण फिल्म को लेकर दक्षिण भारतीय सिनेमा के साथ हिंदी दर्शकों के बीच भी दिलचस्पी बनी हुई है।

    फिल्म की एडवांस बुकिंग की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए Toxic साल 2026 की चर्चित रिलीज में शामिल होती नजर आ रही है। अगर बुकिंग का सिलसिला इसी तरह आगे बढ़ता है और दर्शकों की प्रतिक्रिया सकारात्मक रहती है तो फिल्म अपने ओपनिंग डे पर बड़ा आंकड़ा हासिल कर सकती है। खासकर हिंदी बाजार में 45 से 55 करोड़ रुपये की संभावित ओपनिंग का अनुमान इसे बड़े रिकॉर्ड की दौड़ में ला सकता है। हालांकि बॉक्स ऑफिस की असली परीक्षा रिलीज के बाद होगी। फिलहाल इतना जरूर है कि Toxic ने रिलीज से पहले ही टिकट खिड़की पर हलचल पैदा कर दी है और यश के फैंस के साथ फिल्म कारोबार पर नजर रखने वालों की निगाहें अब 26 अगस्त पर टिक गई हैं।

  • भगवान जगन्नाथ की आस्था और परंपराओं को एनिमेशन में दिखाएगी महाप्रभु जगन्नाथ, बच्चों और परिवारों के लिए होगी खास पेशकश

    भगवान जगन्नाथ की आस्था और परंपराओं को एनिमेशन में दिखाएगी महाप्रभु जगन्नाथ, बच्चों और परिवारों के लिए होगी खास पेशकश

    नई दिल्ली ।भगवान जगन्नाथ की भक्ति, परंपराओं और उनकी दिव्य दुनिया को एनिमेशन के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाने वाली फिल्म महाप्रभु जगन्नाथ अब सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। निर्माताओं ने फिल्म की रिलीज डेट की घोषणा कर दी है। यह फिल्म 28 अगस्त 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाएगी। रिलीज की तारीख रक्षाबंधन और भगवान बलराम की जयंती के आसपास होने के कारण इसे धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी खास माना जा रहा है।

    फिल्म का उद्देश्य भगवान जगन्नाथ से जुड़ी आस्था, मान्यताओं और परंपराओं को एनिमेशन के जरिए नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। निर्माताओं ने इसे विशेष रूप से बच्चों और परिवारों को ध्यान में रखकर तैयार किया है। कहानी में धार्मिक विषय को मनोरंजन और एनिमेशन की आधुनिक प्रस्तुति के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है, जिससे परिवार के सदस्य एक साथ फिल्म का अनुभव ले सकें।

    फिल्म के निर्माता दुर्गा प्रसाद दलाई ने इसकी रिलीज को लेकर खुशी जताई है। उनका कहना है कि फिल्म के निर्माण से लेकर सिनेमाघरों तक पहुंचने का सफर उनके लिए महत्वपूर्ण रहा है। रक्षाबंधन और बलराम जयंती जैसे अवसर पर फिल्म का प्रदर्शन उनके लिए विशेष महत्व रखता है और वह इसे भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद मानते हैं।

    दुर्गा प्रसाद दलाई के मुताबिक, उनकी टीम की शुरुआत से ही ऐसी फिल्म बनाने की कोशिश रही है, जिसे बच्चे और परिवार साथ बैठकर देख सकें। फिल्म के जरिए दर्शकों को महाप्रभु जगन्नाथ की दुनिया और उनसे जुड़े सांस्कृतिक संदर्भों से परिचित कराने का प्रयास किया गया है। उनका मानना है कि धार्मिक और पारंपरिक विषय को एनिमेशन के माध्यम से प्रस्तुत करने से इसे बच्चों तक सहज तरीके से पहुंचाया जा सकता है।

    बलराम जयंती भगवान कृष्ण के बड़े भाई भगवान बलराम के जन्मदिवस के रूप में मनाई जाती है। यह पर्व धार्मिक परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ऐसे समय में महाप्रभु जगन्नाथ की रिलीज फिल्म को व्यापक पारिवारिक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का अवसर दे सकती है।

    महाप्रभु जगन्नाथ का निर्माण ईएलई एनिमेशंस ने किया है। यह स्टूडियो के सनातन यूनिवर्स के तहत सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली पहली फिल्म बताई गई है। फिल्म में एनिमेशन के माध्यम से भगवान जगन्नाथ की दुनिया, उनसे संबंधित पुरानी मान्यताओं और धार्मिक परंपराओं को नए अंदाज में प्रस्तुत करने की कोशिश की गई है।

    फिल्म की एक खास बात इसका बहुभाषी संगीत भी है। इसका साउंडट्रैक हिंदी, उड़िया और तेलुगु भाषाओं में तैयार किया गया है, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों के दर्शकों तक पहुंच बनाने का प्रयास किया गया है। फिल्म में अथर्व बक्शी, अविरल कुमार और अभय जोधपुरकर सहित कई कलाकारों ने अपनी आवाज दी है।

    28 अगस्त को रिलीज होने वाली यह फिल्म धार्मिक विषयों पर आधारित एनिमेटेड सिनेमा की दिशा में एक उल्लेखनीय पेशकश के रूप में सामने आएगी। निर्माताओं की कोशिश है कि भगवान जगन्नाथ से जुड़ी आस्था और सांस्कृतिक विरासत को मनोरंजन के माध्यम से बच्चों तथा परिवारों तक पहुंचाया जाए।

  • केबीसी 18 के मंच पर पहुंचीं गायिका सुनिधि चौहान, अमिताभ बच्चन संग बातचीत का प्रोमो हुआ वायरल

    केबीसी 18 के मंच पर पहुंचीं गायिका सुनिधि चौहान, अमिताभ बच्चन संग बातचीत का प्रोमो हुआ वायरल

    नई दिल्ली ।टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति के 18वें सीजन में इन दिनों प्रतियोगियों के ज्ञान के साथ-साथ कई मशहूर हस्तियों का मनोरंजन भी देखने को मिल रहा है। शो के आगामी एपिसोड के एक नए प्रोमो ने इंटरनेट पर लोगों का ध्यान खींचा है। इस प्रोमो में हिंदी सिनेमा की जानी-मानी पार्श्व गायिका सुनिधि चौहान हॉट सीट पर बैठी नजर आ रही हैं। शो के दौरान अमिताभ बच्चन और सुनिधि चौहान के बीच हुई बातचीत और हंसी-मजाक के पलों को दर्शक काफी पसंद कर रहे हैं।

    सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन और ओटीटी प्लेटफॉर्म द्वारा जारी किए गए इस प्रोमो में सुनिधि चौहान अमिताभ बच्चन के सामने बैठकर अपनी खुशी जाहिर करती दिख रही हैं। कार्यक्रम के दौरान सुनिधि ने अपनी गायकी का हुनर दिखाते हुए वर्ष 2006 में आई फिल्म डॉन का प्रसिद्ध गीत ‘ये मेरा दिल’ भी प्रस्तुत किया। उनकी इस शानदार परफॉर्मेंस ने मंच का माहौल संगीतमय बना दिया। अमिताभ बच्चन ने भी उनकी गायकी की जमकर सराहना की और तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।

    गेम शो में बातचीत के दौरान सुनिधि चौहान ने अमिताभ बच्चन की तारीफ करते हुए कहा कि वे उन्हें अलग-अलग रूपों में देखते आए हैं और वे उनके लिए एक सांता क्लॉज़ की तरह हैं। इसी क्रम में उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि अमिताभ बच्चन उनका पहला क्रश हुआ करते थे। सुनिधि की इस बात पर बिग बी ने बेहद चुटीले अंदाज में प्रतिक्रिया दी और मुस्कुराते हुए कहा कि यह बात उन्हें अब पता चल रही है, जबकि इसे पहले बताया जाना चाहिए था। अमिताभ के इस जवाब से सुनिधि शरमा गईं और मंच पर मौजूद दर्शक हंस पड़े।

    इस विशेष एपिसोड के प्रोमो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी प्रशंसकों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। संगीत और अभिनय जगत के इन दो दिग्गजों को एक साथ मंच साझा करते देख दर्शक बेहद उत्साहित नजर आ रहे हैं। कई लोगों ने सुनिधि चौहान की प्राकृतिक गायकी शैली की तारीफ की तो कई प्रशंसकों ने इस पूरे एपिसोड को देखने के लिए अपनी उत्सुकता जाहिर की है।

    मध्य प्रदेश सहित देश भर के केबीसी प्रशंसकों के बीच इस नए सीजन को लेकर जबरदस्त क्रेज बना हुआ है। हाल ही में शुरू हुए इस 18वें सीजन में पहले भी कई बड़े बॉलीवुड सितारे अपनी फिल्मों के प्रचार और सामाजिक उद्देश्यों के लिए शिरकत कर चुके हैं। सुनिधि चौहान और अमिताभ बच्चन के बीच की यह खास बॉन्डिंग इस एपिसोड के प्रसारण को लेकर दर्शकों का रोमांच और बढ़ा रही है।

  • 'वंदे मातरम' पर शर्मिला टैगोर के बयान पर भड़कीं कंगना रनौत, कहा- कला और कविता पर विचार सीमित न रखें

    'वंदे मातरम' पर शर्मिला टैगोर के बयान पर भड़कीं कंगना रनौत, कहा- कला और कविता पर विचार सीमित न रखें


    नई दिल्ली । 
    राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के गायन और उसके छंदों को लेकर शुरू हुई बहस में अब मनोरंजन जगत की दो प्रमुख हस्तियों के अलग-अलग विचार सामने आए हैं। वरिष्ठ अभिनेत्री शर्मिला टैगोर द्वारा ‘वंदे मातरम’ के छंदों को लेकर दिए गए बयान के बाद अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने उस पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इस विषय को लेकर दोनों कलाकारों की अलग-अलग सोच के बाद सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर नई चर्चा छिड़ गई है।

    पूरे विवाद की शुरुआत शर्मिला टैगोर के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती दो छंदों को पर्याप्त और सर्वसमावेशी बताया था। उन्होंने कहा था कि शुरुआती दो छंदों के बाद के हिस्सों में जिन प्रतीकों और अभिव्यक्तियों का प्रयोग किया गया है, वे केवल एक ही ईश्वर में विश्वास रखने वाले लोगों या विभिन्न धर्मावलंबियों के लिए कहना थोड़ा असहज या मुश्किल हो सकता है। उनके अनुसार, देश की विविधता को ध्यान में रखते हुए प्रथम दो छंदों को गाना अधिक व्यावहारिक है।

    शर्मिला टैगोर की इस टिप्पणी पर असहमति जताते हुए कंगना रनौत ने अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कहा कि एक कलाकार के रूप में कला और कविता को देखने का नजरिया इतना सीमित नहीं होना चाहिए। किसी भी रचना या कविता में इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द और प्रतीक रूपक की तरह होते हैं, जिनका उद्देश्य मनचाही भावना का संचार करना होता है। ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की चेतना और देशवासियों को प्रेरित करने वाली भावना है।

    कंगना रनौत ने अपनी बात रखते हुए कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह राष्ट्रगीत देश की आंतरिक शक्ति को जगाने का संदेश देता है। उन्होंने संकीर्ण सोच से बाहर निकलने का सुझाव देते हुए कहा कि किसी भी कलात्मक अभिव्यक्ति को हिंदू या मुस्लिम दृष्टिकोण से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। यदि कोई विचारधारा या धर्म किसी एक ही स्वरूप या अभिव्यक्ति तक सीमित है, तो यह उसका व्यक्तिगत या सीमित विषय हो सकता है, लेकिन इसे व्यापक राष्ट्रीय भावना पर लागू नहीं किया जा सकता।

    विभिन्न हिस्सों में इस विषय पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक ओर जहां कुछ लोग शर्मिला टैगोर के सुझाव को सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाला विचार मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग कंगना रनौत के इस पक्ष का समर्थन कर रहे हैं कि राष्ट्रीय गीत की मूल आत्मा और स्वतंत्रता संग्राम के ऐतिहासिक संदर्भ के साथ कोई समझौता या उसका सीमित आंकलन नहीं होना चाहिए।

    सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विषयों पर अक्सर इस प्रकार के अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आते रहे हैं। ‘वंदे मातरम’ के छंदों को लेकर शुरू हुआ यह संवाद अब कलात्मक स्वतंत्रता, धार्मिक मान्यताओं और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान से जुड़ी व्यापक बहस का रूप ले चुका है, जिस पर विभिन्न क्षेत्रों के लोग अपनी राय दे रहे हैं।

  • अक्षय खन्ना फिर मचाएंगे तहलका, रहमान डकैत के बाद अब 'महाकाली' में निभाएंगे असुर गुरु शुक्राचार्य का किरदार

    अक्षय खन्ना फिर मचाएंगे तहलका, रहमान डकैत के बाद अब 'महाकाली' में निभाएंगे असुर गुरु शुक्राचार्य का किरदार

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा जगत में अपनी बहुमुखी और सशक्त अभिनय क्षमता के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता अक्षय खन्ना एक बार फिर से एक नए और चुनौतीपूर्ण अवतार में दर्शकों के सामने आने की तैयारी कर रहे हैं। हाल के समय में कई बड़ी फिल्मों और सीरीज़ में अपनी बेहतरीन अदाकारी से वाहवाही बटोरने के बाद अब वे पौराणिक और काल्पनिक सिनेमा के एक बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने जा रहे हैं। अपनी पिछली चर्चित भूमिकाओं में अलग-अलग रंगों को पेश करने के बाद अभिनेता का यह नया रूप दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता पैदा कर रहा है।

    हाल ही में प्रदर्शित हुई फिल्म धुरंधर में रहमान डकैत के नकारात्मक और जटिल किरदार को निभाकर अक्षय खन्ना ने आलोचकों और दर्शकों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इस फिल्म में उनके द्वारा निभाए गए चरित्र की बारीकियों और संवाद अदायगी की काफी सराहना हुई थी। अब वे प्रशांत वर्मा सिनेमैटिक यूनिवर्स की आगामी बड़ी फिल्म महाकाली में पौराणिक चरित्र असुर गुरु शुक्राचार्य की भूमिका में दिखाई देंगे। इस फिल्म से जुड़ा उनका पहला लुक और झलक 24 अगस्त को सार्वजनिक रूप से जारी किए जाने की संभावना है।

    अक्षय खन्ना के फिल्मी सफर पर नजर डालें तो वे लगातार अलग-अलग प्रकार की भूमिकाओं का चयन करते रहे हैं। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म छावा में मुगल सम्राट औरंगजेब का गंभीर और प्रभावशाली किरदार हो या फिर कोर्टरूम ड्रामा फिल्म सेक्शन 375 में एक तीक्ष्ण बुद्धि वाले वकील तरुण सलूजा की भूमिका, उन्होंने हर बार अपनी अदाकारी से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी है। इसके अलावा हाल ही में आई वेब सीरीज इक्का में भी उनके नकारात्मक चरित्र शौर्यमान गौर को काफी सराहा गया था।

    सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की भूमिकाओं में समान रूप से सहज दिखने वाले इस अभिनेता ने अपने करियर की शुरुआत से ही कई यादगार फिल्में दी हैं। थ्रिलर शैली की फिल्म हमराज में चालाक प्रेमी करण मल्होत्रा का रोल हो या फिर सुपरहिट फिल्म दृश्यम 2 में आईजी तरुण अहलावत का सख्त पुलिस अधिकारी वाला किरदार, अक्षय खन्ना ने हर बार कहानी में एक अलग तनाव और रोमांच पैदा किया है। इसके अतिरिक्त दिल चाहता है, ताल और रेस जैसी सुपरहिट फिल्मों में निभाए गए उनके किरदारों को आज भी भारतीय सिनेमा के बेहतरीन प्रदर्शनों में गिना जाता है।

    फिल्म प्रेमियों के बीच अक्षय खन्ना की आने वाली फिल्मों को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। महाकाली में असुर गुरु शुक्राचार्य जैसे महत्वपूर्ण पौराणिक चरित्र को वे किस तरह पर्दे पर जीवंत करते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा। फिल्म समीक्षकों का मानना है कि अपनी अनूठी संवाद शैली और चेहरे के भावों से गंभीर से गंभीर किरदार में जान फूंकने की उनकी कला इस नई फिल्म को भी एक खास ऊंचाई पर ले जाने में मददगार साबित होगी।

  • राखी सावंत संग बातचीत में सुनीता आहूजा ने खोले पारिवारिक राज, कोमल रानी स्वर्णकार के नाम पर मचा घमासान

    राखी सावंत संग बातचीत में सुनीता आहूजा ने खोले पारिवारिक राज, कोमल रानी स्वर्णकार के नाम पर मचा घमासान

    नई दिल्ली ।बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। हाल ही में सुनीता आहूजा और अभिनेत्री राखी सावंत के बीच हुई बातचीत के सार्वजनिक होने के बाद मनोरंजन जगत में हलचल तेज हो गई है। इस बातचीत के दौरान सुनीता ने दावा किया है कि यदि उन्होंने अपनी तलाक की अर्जी वापस नहीं ली होती तो गोविंदा अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार से शादी करने की योजना बना रहे थे।

    सुनीता आहूजा के इस सनसनीखेज दावे के सामने आने के बाद नवोदित अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार अचानक सुर्खियों में आ गई हैं। उत्तर प्रदेश से संबंध रखने वाली कोमल रानी स्वर्णकार फिल्म इंडस्ट्री में नई कलाकार के तौर पर कदम रख रही हैं। गोविंदा ने कुछ समय पहले ही अपनी आने वाली फिल्म रूपा के लिए कोमल को मुख्य अभिनेत्री के रूप में मीडिया के सामने पेश किया था। इसके अलावा यह भी चर्चा है कि वह अभिनेता के निर्माण में बन रही एक अन्य फिल्म दुनियादारी में भी नजर आ सकती हैं।

    पारिवारिक विवाद की शुरुआत पहले भी देखने को मिली थी जब सुनीता आहूजा ने एक साक्षात्कार में कुछ तीखी टिप्पणियां की थीं। उस समय उन्होंने किसी का नाम लिए बिना नाराजगी जताई थी। हालांकि बाद में जब गोविंदा सार्वजनिक रूप से अपनी नई फिल्म की सह-कलाकार के साथ नजर आने लगे तो सोशल मीडिया पर इन बयानों को कोमल रानी से जोड़कर देखा जाने लगा। अब राखी सावंत के साथ हुई बातचीत में सीधे तौर पर नाम सामने आने से यह मामला अधिक गरमा गया है।

    सुनीता आहूजा का कहना है कि वह लंबे समय से पारिवारिक स्थिति को लेकर चुप थीं, लेकिन अपने अधिकारों और सम्मान की अनदेखी होने पर उन्होंने अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के विचार तक बात पहुंच चुकी थी। मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में बॉलीवुड के इस चर्चित परिवार के प्रशंसकों के बीच इस नए घटनाक्रम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

    दूसरी ओर इस पूरे मामले और निजी जिंदगी से जुड़े आरोपों पर अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उन्होंने मीडिया के समक्ष इस विषय पर चुप्पी साध रखी है। वहीं गोविंदा ने पूर्व में अपनी सह-कलाकार का बचाव करते हुए सुनीता के आरोपों का खंडन किया था और अपना पक्ष रखा था।

    गौरतलब है कि गोविंदा और सुनीता आहूजा की शादी को लगभग 39 वर्ष हो चुके हैं और उनके दो बच्चे भी हैं। कुछ समय पूर्व कोर्ट परिसर के बाहर सुनीता आहूजा की मौजूदगी के बाद से दोनों के रिश्ते में दरार और कानूनी अलगाव की खबरें सामने आई थीं, हालांकि बाद में अर्जी वापस लेने की बात कही गई थी। फिलहाल इस नए खुलासे ने गोविंदा के निजी और व्यावसायिक जीवन से जुड़े विवाद को एक बार फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

  • बंटवारा 1947 के फ्लॉप होने पर बोले राजकुमार संतोषी, सनी देओल को मुस्लिम किरदार देने के पीछे थी खास वजह

    बंटवारा 1947 के फ्लॉप होने पर बोले राजकुमार संतोषी, सनी देओल को मुस्लिम किरदार देने के पीछे थी खास वजह

    नई दिल्ली । सनी देओल और राजकुमार संतोषी की जोड़ी ने बॉलीवुड को कई यादगार फिल्में दी हैं और इसी वजह से जब दोनों लंबे समय बाद एक साथ फिल्म बंटवारा 1947 लेकर आए तो दर्शकों की उम्मीदें भी काफी बढ़ गई थीं। फिल्म में सनी देओल पहली बार एक अलग तरह के किरदार में नजर आए हैं। उन्होंने मुस्लिम शख्स सिकंदर मिर्जा की भूमिका निभाई है जो कहानी के दौरान कट्टरपंथ के खिलाफ खड़ा होता है। हालांकि फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर उस स्तर की सफलता नहीं मिल पाई जिसकी उम्मीद की जा रही थी। इसके बाद यह सवाल भी उठने लगा कि क्या सनी देओल को मुस्लिम किरदार में पेश करना फिल्म की दर्शक अपील पर भारी पड़ा। अब निर्देशक राजकुमार संतोषी ने इस सवाल पर खुलकर अपनी बात रखी है।

    राजकुमार संतोषी के मुताबिक फिल्म की कास्टिंग करते समय इस पहलू पर विचार जरूर किया गया था लेकिन सनी देओल को मुस्लिम किरदार में लेने का फैसला किसी मजबूरी के तहत नहीं बल्कि पूरी तरह रचनात्मक सोच के साथ किया गया था। उनका मानना था कि सनी इस भूमिका को बेहद प्रभावी तरीके से निभा सकते हैं। निर्देशक ने बताया कि सिकंदर मिर्जा का किरदार सिर्फ एक धर्म विशेष की पहचान तक सीमित नहीं है बल्कि वह कहानी में एक महत्वपूर्ण विचार और संघर्ष को सामने रखता है। किरदार कट्टरपंथ का विरोध करता है और दुश्मन के इलाके में जाकर लड़ाई लड़ने वाला व्यक्ति है। यही वजह थी कि संतोषी इस भूमिका में सनी देओल की छवि और उनकी अभिनय क्षमता का अलग इस्तेमाल करना चाहते थे।

    निर्देशक ने यह भी बताया कि सनी देओल के साथ उनकी पुरानी दोस्ती और पेशेवर रिश्ते ने इस कास्टिंग को आसान बनाया। दोनों की जोड़ी पहले घायल दामिनी और घातक जैसी सफल फिल्मों में दर्शकों का मनोरंजन कर चुकी है। संतोषी का कहना है कि सनी एक बेहद प्रभावशाली अभिनेता हैं और वह किसी भी किरदार को अपनी शैली में विश्वसनीय बनाने की क्षमता रखते हैं। इसलिए सिकंदर मिर्जा की भूमिका के लिए उन्हें चुनना एक सोचा समझा फैसला था।

    राजकुमार संतोषी ने यह भी खुलासा किया कि वह और सनी देओल काफी समय से दोबारा साथ काम करने की योजना बना रहे थे। करीब 2008 में भी दोनों ने एक फिल्म पर साथ काम करने की योजना बनाई थी। संतोषी ने बताया कि जब उन्होंने उस समय अपनी कहानी सनी को सुनाई थी तो अभिनेता को भी विषय पसंद आया था। निर्देशक उस प्रोजेक्ट को बड़े स्तर की मुख्यधारा की फिल्म बनाना चाहते थे और उनका मानना था कि सनी देओल की लोकप्रियता के जरिए कहानी ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंच सकती है। इसी सोच का असर बाद में बंटवारा 1947 की कास्टिंग में भी दिखाई दिया।

    फिल्म की कहानी बंटवारे के दौर की पृष्ठभूमि से जुड़ी है और इसमें उस समय के सामाजिक तथा मानवीय संघर्षों को सामने लाने की कोशिश की गई है। सनी देओल का किरदार इसी माहौल में अलग नजरिया पेश करता है। हालांकि सिनेमाघरों में फिल्म का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म ने भारत में करीब 33.60 करोड़ रुपये और दुनियाभर में लगभग 47.62 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। इसके बाद फिल्म की कमाई और इसकी कास्टिंग को लेकर चर्चा तेज हुई।

    हालांकि राजकुमार संतोषी ने साफ कर दिया है कि सनी देओल को मुस्लिम किरदार देना फिल्म की कमजोरी नहीं बल्कि उनकी रचनात्मक पसंद थी। उनके अनुसार सनी के लिए भी यह भूमिका एक अलग अभिनय चुनौती थी और अभिनेता इस किरदार को लेकर काफी उत्साहित थे। ऐसे में फिल्म की कमाई कम रहने के बावजूद निर्देशक अपनी कास्टिंग के फैसले को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं।

  • मिग-21 की आखिरी उड़ान की कहानी दिखाएगा Netflix, ‘द लास्ट सैल्यूट’ 26 अगस्त को होगी रिलीज

    मिग-21 की आखिरी उड़ान की कहानी दिखाएगा Netflix, ‘द लास्ट सैल्यूट’ 26 अगस्त को होगी रिलीज


    नई दिल्ली।
    कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना के अभियानों और ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ को दर्शकों की मिल रही शानदार प्रतिक्रिया के बीच नेटफ्लिक्स ने अब भारतीय वायुसेना के सबसे चर्चित लड़ाकू विमानों में शामिल मिग-21 पर नई डॉक्यूमेंट्री का ऐलान किया है। इसका नाम ‘द लास्ट सैल्यूट: ए लव लेटर टू मिग-21’ रखा गया है। डॉक्यूमेंट्री में मिग-21 के साथ भारतीय वायुसेना के छह दशकों से ज्यादा लंबे सफर और इसे उड़ाने वाले पायलटों की अनकही कहानियां दिखाई जाएंगी।

    26 अगस्त को Netflix पर आएगी डॉक्यूमेंट्री

    नेटफ्लिक्स इंडिया ने डॉक्यूमेंट्री का पहला टीजर जारी करते हुए इसकी रिलीज डेट का ऐलान किया है। ‘द लास्ट सैल्यूट’ 26 अगस्त 2026 से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी। टीजर के साथ प्लेटफॉर्म ने मिग-21 की छह दशक लंबी यात्रा को इसकी कहानी का केंद्र बताया है।

    62 साल तक भारतीय वायुसेना का हिस्सा रहा मिग-21

    यह डॉक्यूमेंट्री भारतीय वायुसेना के साथ मिग-21 के करीब 62 वर्षों के जुड़ाव पर केंद्रित है। इसमें उन पायलटों के अनुभव और यादें भी शामिल होंगी, जिन्होंने अलग-अलग दौर में इस लड़ाकू विमान को उड़ाया।

    डॉक्यूमेंट्री में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के अलावा मिग-21 उड़ाने वाले कई पूर्व और वर्तमान पायलटों की बातचीत देखने को मिलेगी। उनके अनुभवों के जरिए विमान की तकनीकी क्षमता के साथ-साथ उससे जुड़ी भावनात्मक यादों और चुनौतियों को सामने लाने की कोशिश की गई है।

    ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ की टीम ने बनाई

    ‘द लास्ट सैल्यूट’ का निर्माण मैचबॉक्स शॉट्स ने किया है, जबकि इसका निर्देशन कुशल श्रीवास्तव ने किया है। यही प्रोडक्शन टीम ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ से भी जुड़ी रही है।

    मिग-21 का भारतीय वायुसेना के इतिहास में खास स्थान रहा है। यह विमान दशकों तक भारतीय लड़ाकू बेड़े की अहम ताकत रहा और कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में इसका इस्तेमाल हुआ।

    ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ को मिल रही सफलता

    नेटफ्लिक्स की ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ इस समय लगातार दर्शकों का ध्यान खींच रही है। छह एपिसोड वाली यह सीरीज वैश्विक टॉप-10 नॉन-इंग्लिश टीवी लिस्ट में लगातार बनी हुई है और मौजूदा सप्ताह में दूसरे स्थान पर है।

    सीरीज में कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना के गोल्डन एरो स्क्वाड्रन की भूमिका और उसके अभियानों को कहानी के केंद्र में रखा गया है। सीरीज में सिद्धार्थ, जिमी शेरगिल, अभय वर्मा, दीया मिर्जा, प्राजक्ता कोली, आदिल हुसैन और अन्य कलाकार नजर आते हैं।

    मिग-21 की विरासत को समेटेगी ‘द लास्ट सैल्यूट’

    नई डॉक्यूमेंट्री सिर्फ एक लड़ाकू विमान की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना की कई पीढ़ियों के अनुभवों को दर्ज करने की कोशिश है। मिग-21 ने भारतीय सैन्य इतिहास में लंबा सफर तय किया है और अब ‘द लास्ट सैल्यूट’ के जरिए इसके साथ जुड़े पायलटों की यादों और इसकी विरासत को दर्शकों तक पहुंचाया जाएगा।

    ‘द लास्ट सैल्यूट: ए लव लेटर टू मिग-21’ 26 अगस्त 2026 को सिर्फ नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी।

  • फिल्मी पर्दे से सब्जी मंडी तक पहुंचे एक्टर विमल, दुकानदारों के साथ बैठकर बेची सब्जियां; 4.5 करोड़ के चेक केस से भी चर्चा में

    फिल्मी पर्दे से सब्जी मंडी तक पहुंचे एक्टर विमल, दुकानदारों के साथ बैठकर बेची सब्जियां; 4.5 करोड़ के चेक केस से भी चर्चा में

    नई दिल्ली । तमिल सिनेमा के अभिनेता विमल इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा एक अनोखी वजह से चर्चा में हैं। तिरुचिरापल्ली जिले में मनाप्पराई के पास अपने होमटाउन पहुंचे अभिनेता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में विमल स्थानीय दुकानदारों के साथ बैठकर सब्जियां बेचते नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि यह पूरा मामला उस समय सामने आया है जब अभिनेता हाल ही में 4.5 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में एक साल की जेल की सजा को लेकर सुर्खियों में आए थे। हालांकि उनकी सजा पर फिलहाल रोक लगाई गई है ताकि वह अदालत के फैसले के खिलाफ अपील कर सकें।

    विमल तिरुचिरापल्ली के पास पन्नानकोम्बु में शुरू हुए एक साप्ताहिक बाजार में पहुंचे थे। वह इलाके में अपनी एक फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में आए थे। इसी दौरान उन्होंने बाजार का रुख किया और वहां मौजूद स्थानीय व्यापारियों के बीच जाकर बैठ गए। इसके बाद उन्होंने कुछ समय तक दुकानदारों के साथ सब्जियां बेचने में मदद की। अभिनेता को इस अंदाज में देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए और देखते ही देखते बाजार में उन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई।

    वायरल वीडियो में विमल बेहद सहज अंदाज में नजर आ रहे हैं। वह किसी बड़े स्टार की तरह अलग रहने के बजाय स्थानीय दुकानदारों के साथ बैठकर बातचीत करते दिखाई देते हैं। उन्होंने ग्राहकों के साथ भी बातचीत की और कुछ देर तक सब्जियां बेचने में हाथ बंटाया। रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान अभिनेता ने आसपास के कुछ दुकानदारों को 500 रुपये भी दिए। उनके इस व्यवहार को लेकर सोशल मीडिया पर कई लोग उनकी सादगी की तारीफ कर रहे हैं।

    विमल का यह अंदाज इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कुछ समय पहले ही वह एक कानूनी मामले को लेकर सुर्खियों में थे। चेन्नई की अदालत ने जुलाई 2026 में फिल्म मन्नार वर्गीयारा के निर्माण से जुड़े 4.5 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में उन्हें एक साल की जेल की सजा सुनाई थी। रिपोर्टों के अनुसार अभिनेता ने फिल्म के लिए फाइनेंसर गोपी से 4.5 करोड़ रुपये उधार लिए थे। रकम लौटाने के लिए दिया गया चेक बैंक में पर्याप्त धनराशि नहीं होने के कारण बाउंस हो गया था। इसके बाद मामला अदालत तक पहुंचा।

    फैसले के बाद विमल की ओर से अपील करने की बात कही गई थी। अदालत ने भी उन्हें अपील के लिए समय देते हुए सजा को फिलहाल एक महीने के लिए निलंबित कर दिया था। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि अभिनेता इस समय जेल की सजा काट रहे हैं। उनका कानूनी मामला अभी अपील की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है।

    इस कानूनी विवाद के बीच विमल का अपने गृह क्षेत्र के लोगों के साथ इस तरह घुलना मिलना उनके फैंस के लिए भी खास रहा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोगों की अलग अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे अभिनेता की जमीन से जुड़ी सादगी बता रहे हैं तो कुछ इसे अपने क्षेत्र के लोगों के साथ जुड़ने का सहज तरीका मान रहे हैं।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो विमल ने तमिल सिनेमा में लंबे समय तक काम किया है। उन्हें कलवाणी वागई सूडा वा और केडी बिल्ला किल्लाडी रंगा जैसी फिल्मों से पहचान मिली। उनकी हालिया फिल्म वधम को दर्शकों और समीक्षकों से मिली जुली प्रतिक्रिया मिली थी। अब अभिनेता कई नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। ऐसे में सब्जी बाजार में उनका यह अलग अंदाज फिल्मी करियर से इतर उनकी चर्चा का नया कारण बन गया है।