Category: Entertainment

  • दलेर मेहंदी विवाद में मीका सिंह ने मांगी मंत्री सुबोध उनियाल से माफी, सीएम धामी ने फोन कर बातचीत से गलतफहमी दूर करने की अपील की

    दलेर मेहंदी विवाद में मीका सिंह ने मांगी मंत्री सुबोध उनियाल से माफी, सीएम धामी ने फोन कर बातचीत से गलतफहमी दूर करने की अपील की

    नई दिल्ली । गायक दलेर मेहंदी के एक कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब उनके भाई और गायक मीका सिंह तथा उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल के बीच माफी की मांग तक पहुंच गया है। मीका सिंह अपने भाई पर नशे की हालत में कार्यक्रम करने का आरोप लगाए जाने से नाराज हैं। उन्होंने मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। इस बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीका सिंह से फोन पर बातचीत की और कहा कि किसी भी तरह की गलतफहमी को आपसी संवाद और सौहार्द से दूर किया जाना चाहिए।

    यह विवाद नवरात्रि के दौरान मां कुंजापुरी से जुड़े एक धार्मिक आयोजन में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति को लेकर सामने आया। मीका सिंह का कहना है कि उनके भाई ने कार्यक्रम में करीब एक घंटा 30 मिनट तक प्रस्तुति दी थी और वहां मौजूद कई लोग उनके साथ नाच रहे थे। इसके बावजूद दलेर मेहंदी पर नशे में कार्यक्रम करने का आरोप लगाया गया। मीका ने इस आरोप पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे मामले को समझने के लिए कार्यक्रम का वीडियो देखा जाना चाहिए।

    मीका सिंह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से मामले में कार्रवाई करने की मांग भी की थी। उनका कहना है कि कलाकारों की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए और किसी पर आरोप लगाने से पहले तथ्यों को समझना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि वह उत्तराखंड आकर बिना किसी शुल्क के कार्यक्रम करने के लिए तैयार हैं, लेकिन इससे पहले मंत्री सुबोध उनियाल को दलेर मेहंदी से माफी मांगनी चाहिए।

    विवाद में उस समय नया मोड़ आया, जब भाजपा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विनय गोयल ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह दलेर मेहंदी के प्रशंसक हैं, लेकिन धार्मिक आयोजन में सामने आए दृश्य श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाले हो सकते हैं। उनके अनुसार, यदि दलेर मेहंदी की तबीयत ठीक नहीं थी, तो आयोजकों को इसकी जानकारी पहले ही दी जानी चाहिए थी। उन्होंने मां कुंजापुरी के सम्मान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस मामले में समझौता नहीं किया जा सकता।

    विनय गोयल ने दलेर मेहंदी से माफी मांगने की बात कही। साथ ही मीका सिंह को चुनौती दी कि यदि वह अपने भाई के समर्थन में खड़े हैं, तो उत्तराखंड आकर निशुल्क कार्यक्रम करें। इस बयान के जवाब में मीका ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह उत्तराखंड में मुफ्त प्रस्तुति देने के लिए तैयार हैं, लेकिन पहले मंत्री को दलेर मेहंदी से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने वीडियो साझा करने की बात कहते हुए सवाल किया कि यदि वीडियो में मंत्री सुबोध उनियाल नशे की हालत में दिखाई दें, तो उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। मीका ने यह भी पूछा कि क्या नियम और जवाबदेही सभी के लिए समान नहीं होने चाहिए।

    दूसरी ओर, सुबोध उनियाल इस मामले में अपने रुख पर कायम बताए गए हैं। उन्होंने दलेर मेहंदी पर लगाए गए आरोप के संदर्भ में सवाल उठाया कि उन्होंने किस तरह का नशा किया था और इसकी जांच के लिए चिकित्सकीय परीक्षण कराना जरूरी क्यों माना जाए। इस बयान के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और चर्चा में आ गया है। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि से संबंधित कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस विवाद को शांत करने की कोशिश करते हुए मीका सिंह से फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि दलेर मेहंदी से जुड़े विषय पर चर्चा के दौरान किसी भी प्रकार की गलतफहमी को आपसी बातचीत और सौहार्द के जरिए दूर किया जाना चाहिए। धामी ने उत्तराखंड की ‘अतिथि देवो भवः’ परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में सभी कलाकारों का हमेशा स्वागत और सम्मान किया जाता है। फिलहाल, मीका सिंह मंत्री से माफी की मांग पर कायम हैं, जबकि मुख्यमंत्री ने विवाद को संवाद के माध्यम से सुलझाने पर जोर दिया है।

  • रिलीज से पहले सनी देओल की ‘सूर्या’ पर विवाद, डॉक्टरों की छवि और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर IMA ने उठाए सवाल

    रिलीज से पहले सनी देओल की ‘सूर्या’ पर विवाद, डॉक्टरों की छवि और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर IMA ने उठाए सवाल

    नई दिल्ली । अभिनेता सनी देओल की आगामी फिल्म ‘सूर्या – अंत से आरंभ तक’ रिलीज से पहले विवादों में आ गई है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने फिल्म में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को जिस तरह दिखाए जाने की बात सामने आई है, उस पर गंभीर चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि फिल्म की प्रचार सामग्री मेडिकल पेशे की छवि को प्रभावित कर सकती है। इस मामले में आईएमए ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर फिल्म के प्रचार से जुड़ी सामग्री की समीक्षा कराने की मांग की है।

    आईएमए के मुताबिक, फिल्म में चिकित्सा क्षेत्र में भ्रष्टाचार और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा को जिस तरह प्रस्तुत किया गया है, उससे पूरे मेडिकल पेशे के प्रति लोगों के मन में नकारात्मक धारणा बन सकती है। संगठन को आशंका है कि ऐसी प्रस्तुति डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिष्ठा, सुरक्षा तथा जनता के भरोसे पर असर डाल सकती है। इसी वजह से एसोसिएशन चाहता है कि फिल्म की रिलीज से पहले संबंधित सामग्री की निष्पक्ष समीक्षा की जाए।

    संगठन ने अपने पत्र में चार प्रमुख चिंताओं को सामने रखा है। पहली चिंता चिकित्सा पेशे को अनुचित रूप से बदनाम किए जाने और उसकी साख को नुकसान पहुंचने की है। दूसरी चिंता फिल्म में स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा दिखाए जाने से जुड़ी है। तीसरा मुद्दा डॉक्टरों और दूसरे स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा का है। वहीं, चौथी चिंता डॉक्टरों और मरीजों के बीच लंबे समय से बने भरोसे पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर है।

    आईएमए का कहना है कि यदि प्रचार सामग्री के जरिए भ्रष्टाचार को पूरे चिकित्सा क्षेत्र की सामान्य स्थिति के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, तो इससे लोगों की धारणा प्रभावित हो सकती है। संगठन ने इस बात पर भी जोर दिया है कि स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति हिंसा को दिखाने के संभावित प्रभावों पर ध्यान देना जरूरी है। उसके अनुसार, चिकित्सा सेवाओं से जुड़े लोगों की सुरक्षा और मरीजों का डॉक्टरों पर विश्वास स्वास्थ्य व्यवस्था के महत्वपूर्ण पहलू हैं।

    मेडिकल संगठन ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया है कि फिल्म में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के चित्रण के साथ-साथ उसके प्रचार से जुड़ी सामग्री की निष्पक्ष जांच कराई जाए। आईएमए ने यह भी कहा है कि यदि समीक्षा के दौरान उसकी आशंकाएं सही पाई जाती हैं, तो फिल्म निर्माताओं से आवश्यक बदलाव कराने पर विचार किया जाना चाहिए। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संगठन ने समीक्षा की मांग उठाई है। फिल्म में बदलाव को लेकर किसी अंतिम निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।

    फिल्म का टीजर 19 अक्टूबर को सनी देओल के 69वें जन्मदिन के अवसर पर जारी किया गया था। इसमें अभिनेता एक पुलिस अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं। कहानी में उनकी जिंदगी बेटी की मौत के बाद बदल जाती है। इसके बाद वह मामले की जांच शुरू करते हैं और इस प्रक्रिया में चिकित्सा व्यवस्था से जुड़ी कथित गड़बड़ियों का पर्दाफाश करने की कोशिश करते हैं। कहानी का यही पहलू चिकित्सा पेशे के चित्रण को लेकर उठे विवाद के केंद्र में है।

    ‘सूर्या – अंत से आरंभ तक’ का निर्देशन एम. पद्मकुमार ने किया है। फिल्म का निर्माण दीपक मुकुत, हेमंत मुकुत और लोकेश मुकुत ने किया है। यह वर्ष 2018 में आई मलयालम क्राइम थ्रिलर ‘जोसेफ’ का हिंदी रूपांतरण है, जिसकी कहानी शाही कबीर ने लिखी थी। फिल्म को वास्तविक घटनाओं पर आधारित बताया जा रहा है। इसमें सनी देओल मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म की निर्धारित रिलीज तारीख 20 नवंबर 2026 है। अब देखना होगा कि आईएमए की मांग पर क्या कदम उठाए जाते हैं और विवाद का फिल्म की रिलीज से पहले क्या असर पड़ता है।

  • 2014 में ही एआर रहमान को मिला था रामायण से जुड़ने का संकेत, यश ने भी सुनाया संगीत से जुड़ा खास किस्सा

    2014 में ही एआर रहमान को मिला था रामायण से जुड़ने का संकेत, यश ने भी सुनाया संगीत से जुड़ा खास किस्सा

    नई दिल्ली । संगीतकार एआर रहमान ने फिल्म रामायण से अपने जुड़ाव की एक दिलचस्प कहानी साझा की है। उन्होंने बताया कि करीब एक दशक पहले, वर्ष 2014 में सतीश नाम के एक व्यक्ति ने उन्हें ईमेल भेजकर एक सपना बताया था। उस व्यक्ति का दावा था कि उसने सपने में रहमान को महाकाव्य रामायण के लिए संगीत तैयार करते हुए देखा है। अब रहमान इस महाकाव्य पर आधारित फिल्म के संगीत से जुड़े हैं। ऐसे में वर्षों पहले मिला वह संदेश एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।

    21 अक्टूबर को चेन्नई में आयोजित फिल्म के एल्बम लॉन्च कार्यक्रम के दौरान रहमान ने इस पुराने ईमेल का जिक्र किया। उन्होंने दर्शकों को बताया कि सतीश नाम के व्यक्ति ने उनसे संपर्क कर अपने सपने के बारे में लिखा था। रहमान ने उस संदेश को साझा करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में उस व्यक्ति ने उनसे कहा था कि वह रामायण के लिए संगीत तैयार करेंगे।

    ईमेल में सतीश ने लिखा था कि रहमान उन्हें सुबह-सुबह सपने में दिखाई दिए थे। उन्हें विश्वास था कि उनका सपना सच होगा। संदेश में यह भी कहा गया था कि रहमान भारत और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में संगीत कार्यक्रम कर रहे हैं, जिनमें महान महाकाव्य रामायण को प्रस्तुत किया जा रहा है। उस समय भेजे गए इस संदेश में व्यक्त की गई कल्पना अब फिल्म के साथ रहमान के जुड़ने के संदर्भ में खास लग रही है।

    रामायण पर आधारित यह फिल्म दो भागों में बनाई जा रही एक लाइव-एक्शन परियोजना है। इसका नाम रामायण: राइज ऑफ ए लीजेंड बताया गया है। फिल्म में एआर रहमान ऑस्कर विजेता संगीतकार हंस जिमर के साथ मिलकर संगीत तैयार कर रहे हैं। हंस जिमर हॉलीवुड की कई बड़ी फिल्मों के संगीत के लिए पहचाने जाते हैं। दोनों संगीतकारों के साथ आने से फिल्म के संगीत को लेकर भी दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ी है।

    कार्यक्रम में फिल्म में रावण की भूमिका निभा रहे अभिनेता यश भी मौजूद थे। उन्होंने एआर रहमान के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हुए बताया कि उनके संगीत ने तमिल भाषा सीखने में मदद की। यश ने कहा कि वह रहमान के बहुत बड़े प्रशंसक हैं और उनकी फिल्म जेंटलमैन के गानों पर नृत्य किया करते थे। उन्होंने तमिल फिल्म उद्योग में रहमान के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया।

    यश ने कहा कि जब वह तमिल गानों को हिंदी में सुनते हैं, तो उन्हें लगता है कि उनमें कुछ कमी रह जाती है। उन्होंने खुशी जताई कि रहमान रामायण के लिए संगीत तैयार कर रहे हैं और उन्हें इस फिल्म में उनके संगीत पर अभिनय करने का अवसर मिला है।

    अभिनेता ने रावण का किरदार निभाने को लेकर भी अपनी बात रखी। उनके अनुसार, कई लोगों ने उनसे पूछा कि वह रावण की भूमिका क्यों निभाना चाहते हैं, जबकि इस पात्र को आमतौर पर नकारात्मक रूप में देखा जाता है। यश ने कहा कि कलाकार अलग-अलग किरदार निभाते हैं और हर किरदार में एक अलग तरह की ऊर्जा होती है। उन्होंने बताया कि रावण की भूमिका निभाते समय उन्होंने शिव जी का शिव तांडव गीत सुना, जिससे उन्हें ऊर्जा मिली। उन्होंने इस गीत के लिए रहमान का आभार भी जताया और कहा कि वह पहले भी शिव जी के कई गीत सुनते थे।

    फिल्म में भगवान राम की भूमिका रणबीर कपूर, सीता की भूमिका साई पल्लवी, रावण की भूमिका यश, हनुमान की भूमिका सनी देओल और लक्ष्मण की भूमिका रवि दुबे निभा रहे हैं। इनके अलावा अरुण गोविल, लारा दत्ता, रकुल प्रीत सिंह, विवेक ओबेरॉय, कुणाल कपूर और काजल अग्रवाल भी फिल्म का हिस्सा हैं। फिल्म की निर्धारित रिलीज तारीख 5 नवंबर 2026 रखी गई है, जो दिवाली के अवसर पर पड़ती है।

  • 600 करोड़ पार पहुंची ‘जेलर 2’ की वर्ल्डवाइड कमाई, रजनीकांत के आगे फीकी पड़ी ‘रणबाली’ और ‘नई नवेली’

    600 करोड़ पार पहुंची ‘जेलर 2’ की वर्ल्डवाइड कमाई, रजनीकांत के आगे फीकी पड़ी ‘रणबाली’ और ‘नई नवेली’


    नई दिल्ली। बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों रजनीकांत की फिल्म जेलर 2 का दबदबा देखने को मिल रहा है। सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म ने दुनियाभर में कमाई के मामले में 600 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। शानदार एक्शन और रजनीकांत के दमदार अंदाज के चलते फिल्म को दर्शकों का अच्छा समर्थन मिल रहा है। हालांकि रिलीज के आठवें दिन इसकी कमाई में गिरावट दर्ज की गई है लेकिन इसके बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सबसे आगे बनी हुई है। दूसरी ओर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की रणबाली की रफ्तार धीमी पड़ती दिखाई दे रही है। वहीं यामी गौतम की हॉरर कॉमेडी नई नवेली और राजकुमार राव की प्रहार भी सिनेमाघरों में अपनी जगह बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं।

    रजनीकांत की जेलर 2 ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर भी मजबूत प्रदर्शन किया है। फिल्म को रिलीज हुए आठ दिन हो चुके हैं और इस दौरान इसने लगातार अच्छी कमाई की है। हालांकि आठवें दिन दर्शकों की संख्या और कमाई में कुछ गिरावट देखने को मिली। गुरुवार को फिल्म ने 17.15 करोड़ रुपये का कारोबार किया। इसके साथ ही भारत में इसका कुल कलेक्शन 334.35 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं दुनियाभर में फिल्म की कमाई 606.05 करोड़ रुपये हो चुकी है। इस आंकड़े के साथ जेलर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ साबित कर दी है। फिल्म की कमाई को देखते हुए इसकी आगे की कारोबारी संभावनाओं पर भी नजर बनी हुई है।

    विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की फिल्म रणबाली को भी दर्शकों से शुरुआत में अच्छा प्रतिसाद मिला था लेकिन अब इसकी कमाई की रफ्तार धीमी होती दिखाई दे रही है। माना जा रहा है कि जेलर 2 की मजबूत मौजूदगी का असर भी इसके कारोबार पर पड़ रहा है। रणबाली ने बुधवार को 5.50 करोड़ रुपये कमाए थे जबकि गुरुवार को इसका कलेक्शन घटकर 3.15 करोड़ रुपये रह गया। सात दिनों में फिल्म की कुल कमाई 45.20 करोड़ रुपये हो गई है। आने वाले दिनों में फिल्म का प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करेगा कि दर्शकों के बीच इसकी लोकप्रियता कितनी बनी रहती है।

    यामी गौतम की हॉरर कॉमेडी फिल्म नई नवेली ने भी सिनेमाघरों में अपना पहला सप्ताह पूरा कर लिया है। फिल्म का प्रदर्शन बहुत बड़ा धमाका करने वाला नहीं रहा लेकिन यह लगातार कमाई कर रही है। बुधवार को इसने दो करोड़ रुपये का कारोबार किया था जबकि गुरुवार को इसकी कमाई 1.50 करोड़ रुपये रही। इसके साथ ही फिल्म का कुल कलेक्शन 22.15 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। अब फिल्म के सामने अपनी कमाई को स्थिर बनाए रखने की चुनौती है।

    राजकुमार राव वामिका गब्बी और जयदीप अहलावत की फिल्म प्रहार का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन भी शुरुआती सप्ताह में औसत रहा है। फिल्म को रिलीज हुए एक सप्ताह हो चुका है लेकिन इसकी कमाई में कोई बड़ा उछाल देखने को नहीं मिला। बुधवार को फिल्म ने 1.50 करोड़ रुपये कमाए थे जबकि गुरुवार को यह आंकड़ा घटकर 1.20 करोड़ रुपये रह गया। इसके साथ फिल्म का कुल कलेक्शन 17.15 करोड़ रुपये हो गया है।

    कुल मिलाकर मौजूदा बॉक्स ऑफिस मुकाबले में जेलर 2 सबसे आगे नजर आ रही है। दुनियाभर में 600 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई ने इसे बड़ी सफलता दिलाई है जबकि रणबाली नई नवेली और प्रहार के लिए आने वाले दिन अहम साबित हो सकते हैं। अब देखना होगा कि क्या ये फिल्में अपनी कमाई में तेजी ला पाती हैं या रजनीकांत की फिल्म का दबदबा आगे भी कायम रहता है।

  • अमित शाह के 62वें जन्मदिन पर अक्षय कुमार ने दी बधाई, बोले- आपने हमेशा देश को सबसे पहले रखा

    अमित शाह के 62वें जन्मदिन पर अक्षय कुमार ने दी बधाई, बोले- आपने हमेशा देश को सबसे पहले रखा

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। गुरुवार, 22 अक्टूबर को अमित शाह के 62 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अभिनेता ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा कर उनकी सराहना की। अक्षय कुमार ने अपने संदेश में कहा कि अमित शाह ने हमेशा देश को सबसे पहले रखा है। इसके साथ ही उन्होंने महादेव से गृह मंत्री पर अपना आशीर्वाद बनाए रखने और उनके अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना की।

    अक्षय कुमार ने अपने संदेश में लिखा, “जन्मदिन की अनेक शुभकामनाएं अमित शाह जी। आपने हमेशा देश को सबसे आगे रखा है। महादेव का आशीर्वाद आप पर बना रहे… आपका स्वास्थ्य हमेशा अच्छा रहे और संकल्प हमेशा सच्चा रहे। जय महाकाल।” अभिनेता की इस पोस्ट में उन्होंने अमित शाह के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ जीवन और संकल्पों की सफलता की कामना की।

    अमित शाह के जन्मदिन पर सोशल मीडिया पर उन्हें शुभकामनाएं देने का सिलसिला जारी रहा। अक्षय कुमार का संदेश भी इसी क्रम में सामने आया। अभिनेता ने अपने संदेश में देश को प्राथमिकता देने के लिए गृह मंत्री की प्रशंसा की और धार्मिक आस्था से जुड़े शब्दों के जरिए उनके लिए मंगलकामना व्यक्त की।

    अक्षय कुमार हिंदी सिनेमा के चर्चित अभिनेताओं में शामिल हैं। उन्होंने वर्ष 1991 में फिल्म ‘सौगंध’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। हालांकि, वर्ष 1992 में रिलीज हुई फिल्म ‘खिलाड़ी’ से उन्हें खास पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने एक्शन फिल्मों में अपनी अलग जगह बनाई और ‘खिलाड़ी कुमार’ के नाम से लोकप्रिय हुए।

    अपने लंबे फिल्मी सफर में अक्षय कुमार ने केवल एक्शन ही नहीं, बल्कि कॉमेडी, रोमांस, सामाजिक विषयों और देशभक्ति से जुड़ी फिल्मों में भी काम किया है। ‘हेरा फेरी’, ‘गरम मसाला’, ‘भूल भुलैया’, ‘नमस्ते लंदन’, ‘सिंह इज किंग’ और ‘हाउसफुल’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने पसंद किया। इन फिल्मों ने उन्हें अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाने वाले अभिनेता के रूप में पहचान दिलाई।

    अक्षय कुमार ने गंभीर विषयों पर बनी फिल्मों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। ‘बेबी’, ‘एयरलिफ्ट’, ‘रुस्तम’, ‘केसरी’ और ‘मिशन मंगल’ उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं। वहीं, ‘पैडमैन’ और ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने सामाजिक मुद्दों को मनोरंजन के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया।

    अभिनय के क्षेत्र में योगदान के लिए अक्षय कुमार को वर्ष 2009 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा, फिल्म ‘रुस्तम’ में उनके अभिनय के लिए वर्ष 2017 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। विभिन्न शैलियों की फिल्मों में काम करने के कारण उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई है।

    अमित शाह को जन्मदिन पर दी गई अक्षय कुमार की शुभकामनाएं उनके सार्वजनिक संदेश के रूप में सामने आईं। अभिनेता ने अपने पोस्ट में गृह मंत्री के प्रति सम्मान जताने के साथ उनके अच्छे स्वास्थ्य और दृढ़ संकल्प की कामना की। उनका संदेश जन्मदिन के अवसर पर अमित शाह को बधाई देने वाली सोशल मीडिया पोस्टों में शामिल रहा।

  • टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में नया खुलासा, रणबीर कपूर के बांद्रा स्थित घर की भी रेकी करने का दावा

    टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में नया खुलासा, रणबीर कपूर के बांद्रा स्थित घर की भी रेकी करने का दावा

    नई दिल्ली । अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर 18 अक्टूबर को हुई फायरिंग के मामले में एक और अहम जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, इस घटना के आरोपी शूटरों ने अभिनेता रणबीर कपूर के बांद्रा स्थित घर की भी रेकी की थी। इससे पहले सलमान खान के घर की रेकी किए जाने की जानकारी सामने आई थी। रणबीर कपूर के घर की रेकी से जुड़ा यह दावा ऐसे समय सामने आया है, जब टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद फिल्म जगत में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। हालांकि, रणबीर कपूर के घर की रेकी किए जाने की जानकारी फिलहाल सूत्रों के हवाले से सामने आई है।

    टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद सलमान खान की सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी किए जाने की जानकारी सामने आई थी। उनके घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई और हथियारों से लैस कमांडो तैनात किए गए। वहीं, अभिनेता अक्षय कुमार के घर के बाहर बुलेटप्रूफ शीशे लगाए जाने की भी खबर सामने आई।

    इन घटनाक्रमों के बीच रणबीर कपूर के घर की रेकी किए जाने के दावे ने फिल्म जगत में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में रणबीर कपूर के घर की रेकी कब की गई और इस संबंध में पुलिस को क्या-क्या साक्ष्य मिले हैं, इसका विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।

    सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने सलमान खान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट की भी रेकी की थी। बताया गया है कि वहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखने के बाद शूटरों ने अपनी योजना बदल दी। इसके बाद टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है।

    जानकारी के मुताबिक, आरोपियों को सोशल मीडिया पेजों के जरिए पता चला था कि टाइगर श्रॉफ प्रत्येक रविवार को मैच खेलने जाते हैं। इसी जानकारी के आधार पर उन्हें निशाना बनाने की योजना बनाई गई। 18 अक्टूबर को शूटरों ने अभिनेता की गाड़ी पर पांच राउंड फायरिंग की। इस हमले में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित रहे, लेकिन उनके ड्राइवर को गोली लग गई। घटना के बाद से मामले की जांच जारी है।

    फायरिंग के बाद लॉरेंस बिश्नोई के करीबी बताए जाने वाले अनिल पंडित ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। पोस्ट में कहा गया कि टाइगर श्रॉफ को पहले ही सलमान खान के साथ काम नहीं करने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन उन्होंने इस चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया।

    इसके अलावा एक वॉयस नोट भी सामने आने की जानकारी दी गई, जिसमें कथित तौर पर कहा गया कि सलमान खान के साथ काम करने वाले व्यक्ति को अगली बार निशाना बनाया जाएगा। इन दावों और संदेशों की पृष्ठभूमि में पुलिस मामले की विभिन्न कड़ियों की जांच कर रही है। उपलब्ध जानकारी में इन संदेशों के संबंध में जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं।

    पुलिस के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में अब तक कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कोटा से तीन शूटरों को पकड़ा गया, जो फिलहाल मुंबई पुलिस की एंटी एक्सटॉर्शन सेल की हिरासत में हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस ने हथियारों की व्यवस्था करने में मदद करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

    जांच में आरोपियों की भूमिका, हथियारों की व्यवस्था और हमले की योजना से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। रणबीर कपूर के घर की कथित रेकी और सलमान खान के घर से जुड़ी पिछली जानकारी के बीच पुलिस जांच का दायरा महत्वपूर्ण बना हुआ है। फिलहाल मामले में सामने आई जानकारियां आरोपियों की गतिविधियों और संभावित योजनाओं से जुड़े दावों पर आधारित हैं, जबकि जांच के आगे बढ़ने के साथ अन्य तथ्य सामने आने की संभावना है।

  • आयुष्मान खुराना की उड़ता तीर से हटाया गया भारतीय नक्शे पर खून वाला सीन, CBFC ने दिए कई बदलाव के निर्देश

    आयुष्मान खुराना की उड़ता तीर से हटाया गया भारतीय नक्शे पर खून वाला सीन, CBFC ने दिए कई बदलाव के निर्देश

    नई दिल्ली । आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की फिल्म उड़ता तीर 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। रिलीज से पहले केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने फिल्म को UA 13+ सर्टिफिकेट दे दिया है। हालांकि, प्रमाणन की प्रक्रिया के दौरान फिल्म के अंतिम संपादन में कुछ बदलाव करने के निर्देश भी दिए गए। इनमें सबसे अहम बदलाव भारतीय नक्शे पर खून के छींटे दिखाने वाले दृश्य को हटाना है। फिल्म के निर्माताओं ने बोर्ड के निर्देश के अनुसार इस दृश्य को फिल्म से निकाल दिया है। इसके बाद दृश्य के बीच आने वाले अंतर को भरने के लिए उससे पहले वाले शॉट की अवधि बढ़ा दी गई है।

    फिल्म की रिलीज में कुछ ही दिन बाकी रहने के बीच किए गए इन बदलावों को लेकर चर्चा हो रही है। करण जौहर के प्रोडक्शन में बनी यह फिल्म अपने ट्रेलर के सामने आने के बाद से ही चर्चा में रही है। इसकी कहानी एक पाकिस्तानी जासूस के इर्द-गिर्द घूमती है, जो भारत आने के बाद अपनी याददाश्त खो देता है और खुद को भारतीय देशभक्त समझने लगता है।

    फिल्म में भारतीय नक्शे पर खून के छींटे दिखाने वाला दृश्य हटाने के अलावा धूम्रपान और शराब के इस्तेमाल से संबंधित चेतावनियां जोड़ने के निर्देश भी दिए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फिल्म के पांच दृश्यों में धूम्रपान विरोधी अस्वीकरण शामिल करने की बात कही गई है। इसके अलावा एक अन्य दृश्य में एक किरदार को शराब पीते हुए दिखाया गया है। इस दृश्य के लिए निर्माताओं को शराब के सेवन से संबंधित चेतावनी जोड़ने को कहा गया है। इन बदलावों का उद्देश्य फिल्म में संबंधित दृश्यों के साथ जरूरी चेतावनियां प्रदर्शित करना है।

    भारतीय नक्शे वाले दृश्य को हटाने के लिए संपादन में बदलाव किया गया है, जबकि बाकी निर्देशों के तहत चेतावनी संदेश शामिल किए जाने हैं। फिल्म के अंतिम संस्करण में इन बदलावों के बाद ही इसे प्रमाणन दिया गया है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में चेतावनियों के अंतिम स्वरूप या स्क्रीन पर उनके प्रदर्शित होने की अवधि के बारे में जानकारी नहीं दी गई है।

    सीबीएफसी ने फिल्म के संवादों या एक्शन दृश्यों में किसी तरह का बदलाव करने का निर्देश नहीं दिया है। बताए गए संपादन और चेतावनियों से जुड़े बदलावों के बाद फिल्म की कुल अवधि 137.41 मिनट निर्धारित की गई है। यह अवधि लगभग दो घंटे, 17 मिनट और 31 सेकंड होती है। इस तरह दर्शकों को फिल्म देखने के लिए करीब सवा दो घंटे का समय देना होगा। फिल्म की लंबाई और प्रमाणन से जुड़ी जानकारी रिलीज से ठीक पहले सामने आई है।

    आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की मुख्य भूमिकाओं वाली इस फिल्म का निर्देशन आकाश कौशिक ने किया है। फिल्म में गुलशन ग्रोवर, राम कपूर, राहुल बोस और सुप्रिया पिलगांवकर भी नजर आएंगे। फिल्म की कहानी में जासूसी, पहचान और याददाश्त खोने की स्थिति प्रमुख भूमिका निभाती है। हालांकि, सेंसर बोर्ड ने कहानी के इन पहलुओं या फिल्म के संवादों में किसी बदलाव की मांग नहीं की है।

    उड़ता तीर एक और वजह से भी खास है। इसमें अभिनेता मुकुल देव आखिरी बार बड़े पर्दे पर नजर आएंगे। मुकुल देव का मई 2025 में निधन हो गया था। फिल्म में उनकी मौजूदगी दर्शकों के लिए उनके अभिनय को बड़े पर्दे पर देखने का एक और अवसर होगी। फिल्म में आयुष्मान खुराना और सारा अली खान के साथ कई अन्य कलाकार भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे।

    रिलीज से पहले सेंसर बोर्ड के निर्देशों के तहत किए गए बदलावों के बाद अब फिल्म 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आने वाली है। आयुष्मान खुराना के प्रशंसकों के लिए यह उनकी आगामी फिल्मों में से एक है। इस फिल्म के बाद अभिनेता ये प्रेम मोल लिया और मुपापा में भी नजर आएंगे। फिलहाल उड़ता तीर के प्रमाणन से जुड़ी जानकारी में भारतीय नक्शे वाले दृश्य को हटाने, धूम्रपान और शराब संबंधी चेतावनियां जोड़ने तथा फिल्म की अंतिम अवधि स्पष्ट होने की पुष्टि की गई है।

  • 23 अक्टूबर को OTT पर रिलीज होंगी 9 नई फिल्में और सीरीज, मनोज बाजपेयी की थ्रिलर से हनुमान सीजन 7 तक

    23 अक्टूबर को OTT पर रिलीज होंगी 9 नई फिल्में और सीरीज, मनोज बाजपेयी की थ्रिलर से हनुमान सीजन 7 तक

    नई दिल्ली । ओटीटी पर फिल्में और वेब सीरीज देखने वालों के लिए 23 अक्टूबर 2026 का शुक्रवार खास रहने वाला है। इस दिन नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो, जी5 और जियोहॉटस्टार पर नौ नई फिल्में और सीरीज रिलीज होने जा रही हैं। इन पेशकशों में क्राइम ड्रामा, सस्पेंस थ्रिलर, कॉमेडी, खेल पर आधारित जीवनी और पौराणिक कहानियों से लेकर प्राकृतिक आपदा पर बनी फिल्म तक शामिल हैं।

    मनोज बाजपेयी की फिल्म गजब रात में एक पुलिस अधिकारी के सामने आने वाली मुश्किलों और उसके फैसले के परिणामों को दिखाया जाएगा। वहीं, सूमो दीदी में महिला पहलवान के संघर्ष की कहानी देखने को मिलेगी। भगवान हनुमान की वीरता और भक्ति पर आधारित एनिमेटेड सीरीज द लीजेंड ऑफ हनुमान का सातवां सीजन भी इसी दिन रिलीज होगा। इसके अलावा चार यार, डोरोथी, सर्वाइविंग हरिकेन ओटिस, सत्तमुम नीधियुम सीजन 2, धूमकेतु और अय्याना माने सीजन 2 भी दर्शकों के लिए उपलब्ध होंगे।

    क्राइम ड्रामा पसंद करने वालों के लिए चार यार अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी। इसकी कहानी जय, टोनी, साहिल और समीर नाम के चार मध्यमवर्गीय दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है। चारों जिंदगी में कुछ बड़ा करना चाहते हैं, लेकिन एक गलत फैसला उन्हें अपराध की दुनिया में पहुंचा देता है। इसके बाद उन्हें गैंगस्टरों और पुलिस का सामना करना पड़ता है। नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली डोरोथी में कीर्ति सुरेश नजर आएंगी।

    1990 के दशक की पृष्ठभूमि पर आधारित इस तमिल फिल्म में बचपन के दो दोस्तों की कहानी है। जातिगत भेदभाव, हिंसा, सामाजिक बंदिशों और पुरुषों की दबंग सोच के बीच उनकी दोस्ती कई चुनौतियों से गुजरती है। इसी मंच पर मनोज बाजपेयी की गजब रात भी आएगी। यह सस्पेंस थ्रिलर एक पुलिस अधिकारी की कहानी है, जो एक रात ऐसी परिस्थिति में फंस जाता है जहां उसे अपने फायदे और कर्तव्य में से किसी एक को चुनना पड़ता है। उसके एक फैसले के बाद घटनाएं लगातार जटिल होती जाती हैं। फिल्म में मनोज बाजपेयी के साथ नुसरत भरूचा, साकिब सलीम, दिव्या दत्ता और अक्षय ओबेरॉय भी नजर आएंगे।

    जी5 पर रिलीज होने वाली सूमो दीदी भारत की पहली पेशेवर महिला सूमो पहलवान हेतल दवे के जीवन से प्रेरित स्पोर्ट्स बायोपिक है। इसमें एक महिला के पहलवान बनने के सपने, वजन को लेकर होने वाली टिप्पणियों, सामाजिक तानों और भेदभाव के बीच आगे बढ़ने के संघर्ष को दिखाया जाएगा।

    जियोहॉटस्टार पर द लीजेंड ऑफ हनुमान का सातवां सीजन आएगा। इस एनिमेटेड सीरीज में भगवान हनुमान की वीरता, भक्ति और भगवान राम के प्रति समर्पण से जुड़ी पौराणिक कथाएं दिखाई जाती हैं। नेटफ्लिक्स की सर्वाइविंग हरिकेन ओटिस साल 2023 में मैक्सिको के अकापुल्को शहर में आए श्रेणी पांच के तूफान पर आधारित है। फिल्म में तूफान से हुई तबाही और अपनी जान बचाने के लिए लोगों के संघर्ष को दिखाया जाएगा। प्राकृतिक आपदा की घटनाओं में रुचि रखने वाले दर्शकों के लिए यह एक अलग तरह की पेशकश होगी।

    जी5 पर सत्तमुम नीधियुम सीजन 2 भी 23 अक्टूबर को रिलीज होगा। इस कोर्टरूम ड्रामा में वकील सुंदरमूर्ति की कहानी आगे बढ़ेगी। इस बार उनके सामने ऐसा मामला आता है, जो न्याय के प्रति उनकी ईमानदारी और सिद्धांतों की परीक्षा लेता है। जांच के दौरान भ्रष्टाचार और सच छिपाने की कोशिशों से जुड़े रहस्य सामने आते हैं। नेटफ्लिक्स पर आने वाली मलयालम फिल्म धूमकेतु में कॉमेडी, सस्पेंस और टाइम लूप का मेल है। कहानी 36 वर्षीय कुट्टन की है, जिसकी शादी के दिन नकाबपोश हमलावर उसकी हत्या कर देते हैं और उसकी होने वाली पत्नी शर्मिला का अपहरण कर लेते हैं।

    इसके बाद कुट्टन बार-बार शादी वाले दिन की सुबह जागता है और अपने दोस्त की मदद से घटनाओं को बदलकर शर्मिला को बचाने की कोशिश करता है। वहीं, जी5 पर अय्याना माने सीजन 2 रिलीज होगा। इसमें जाजी अपने पुश्तैनी घर की जिम्मेदारी संभालती है, जबकि उसके रिश्तेदार संपत्ति पर कब्जा करना चाहते हैं। इसी दौरान उसे अपनी दिवंगत सास नागलंबिके की आवाज सुनाई देती है, जो अपनी मौत को प्राकृतिक नहीं बतातीं। इसके बाद जाजी के सामने परिवार और घर से जुड़े पुराने रहस्य खुलने लगते हैं।

  • कादर खान जयंती पर याद आए पुराने दिन, कब्रिस्तान में करते थे एक्टिंग की प्रैक्टिस, गोविंदा के साथ कॉमेडी से जीते करोड़ों दिल

    कादर खान जयंती पर याद आए पुराने दिन, कब्रिस्तान में करते थे एक्टिंग की प्रैक्टिस, गोविंदा के साथ कॉमेडी से जीते करोड़ों दिल


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा में जब भी शानदार कॉमेडी और दमदार संवाद लेखन की बात होती है तो दिग्गज अभिनेता कादर खान का नाम सबसे पहले याद आने वाले कलाकारों में शामिल होता है। उन्होंने अपने अभिनय से कभी दर्शकों को खूब हंसाया तो कभी खलनायक बनकर पर्दे पर खौफ पैदा किया। उनकी लेखनी ने भी हिंदी फिल्मों को ऐसे संवाद दिए जो आज तक दर्शकों के जेहन में बसे हुए हैं। 22 अक्टूबर 1937 को अफगानिस्तान के काबुल में जन्मे कादर खान की 22 अक्टूबर 2026 को 89वीं जयंती मनाई जा रही है। इस मौके पर उनकी जिंदगी से जुड़े उन दिलचस्प किस्सों को याद किया जा रहा है जो बताते हैं कि किस तरह संघर्षों के बीच उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई।

    कादर खान का बचपन आर्थिक तंगी के बीच बीता था। उनके पिता अब्दुल रहमान खान अरबी और इस्लामी साहित्य के विद्वान थे जबकि उनकी मां का नाम इकबाल बेगम था। परिवार में पहले तीन बच्चों की कम उम्र में मौत हो गई थी। इसके बाद उनकी मां को लगने लगा कि काबुल का माहौल उनके बच्चों के लिए ठीक नहीं है। इसी वजह से परिवार ने अफगानिस्तान छोड़कर मुंबई आने का फैसला किया। मुंबई में उनका परिवार कमाठीपुरा इलाके की एक छोटी सी चॉल में रहने लगा। यहां जिंदगी आसान नहीं थी और कई बार परिवार को खाने तक के लिए संघर्ष करना पड़ता था। इन मुश्किल परिस्थितियों ने कादर खान को कम उम्र में ही जिंदगी की हकीकत से रूबरू करा दिया।

    दिलचस्प बात यह है कि कादर खान केवल अभिनय के क्षेत्र में ही प्रतिभाशाली नहीं थे बल्कि पढ़ाई में भी काफी अच्छे थे। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और बाद में सिद्दिकी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में प्रोफेसर के रूप में काम किया। एक ओर वह विद्यार्थियों को पढ़ाते थे तो दूसरी ओर उनके भीतर अभिनय और नाटक के प्रति जुनून लगातार बढ़ रहा था। यही जुनून आगे चलकर उन्हें फिल्मी दुनिया तक ले गया।

    कादर खान के शुरुआती दिनों का एक चर्चित किस्सा उनके अभिनय अभ्यास से जुड़ा है। बताया जाता है कि वह दक्षिण मुंबई के एक कब्रिस्तान में जाकर अकेले संवाद बोलने की प्रैक्टिस किया करते थे। वहां उन्हें कोई परेशान नहीं करता था और वह अपने अंदाज में अभिनय का अभ्यास कर सकते थे। इसी दौरान अभिनेता अशरफ खान की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने कादर खान की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें नाटक में काम करने का अवसर मिला। यहीं से उनके रंगमंच के सफर को नई दिशा मिली।

    फिल्मी दुनिया में कादर खान को शुरुआती पहचान एक संवाद लेखक के रूप में मिली। वर्ष 1972 में रिलीज हुई फिल्म जवानी दीवानी के संवाद लिखने के लिए उन्हें 1500 रुपये मिले थे। उस समय उनकी शिक्षक के रूप में मासिक तनख्वाह करीब 400 रुपये थी। इसके बाद फिल्मों में उनकी मांग बढ़ने लगी। फिल्म निर्माता मनमोहन देसाई ने उन्हें फिल्म रोटी के संवाद लिखने का मौका दिया जिसके लिए उन्हें 1 लाख 21 हजार रुपये की फीस मिली। यह उनके करियर का बड़ा पड़ाव साबित हुआ। वर्ष 1973 में फिल्म दाग के जरिए उन्होंने बतौर अभिनेता भी हिंदी सिनेमा में कदम रखा।

    कादर खान ने अमिताभ बच्चन की कई चर्चित फिल्मों के संवाद लिखे। अमर अकबर एंथनी मुकद्दर का सिकंदर लावारिस शराबी कुली और अग्निपथ जैसी फिल्मों में उनके लेखन का प्रभाव देखने को मिला। गंभीर बातों को सरल और प्रभावशाली शब्दों में कहने की उनकी कला ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। अपने करियर में उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया।

    1990 के दशक में गोविंदा के साथ उनकी जोड़ी बेहद लोकप्रिय हुई। कुली नंबर 1 हीरो नंबर 1 दूल्हे राजा आंखें और साजन चले ससुराल जैसी फिल्मों में उनकी कॉमिक टाइमिंग ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया। उनके योगदान के लिए उन्हें कई फिल्मफेयर पुरस्कार मिले और 2019 में मरणोपरांत पद्मश्री से सम्मानित किया गया। 31 दिसंबर 2018 को कनाडा के टोरंटो में 81 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। आज भी उनके अभिनय और संवादों के जरिए उनकी विरासत हिंदी सिनेमा में जीवित है।

  • शबाना आजमी बोलीं- मुस्लिम हूं, लेकिन नमाज नहीं पढ़ती, धर्म और नास्तिकता पर जावेद अख्तर से होती है बहस

    शबाना आजमी बोलीं- मुस्लिम हूं, लेकिन नमाज नहीं पढ़ती, धर्म और नास्तिकता पर जावेद अख्तर से होती है बहस

    नई दिल्ली । अभिनेत्री शबाना आजमी ने धर्म, धार्मिक मान्यताओं और नास्तिकता को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि वह मुस्लिम हैं, लेकिन नमाज नहीं पढ़तीं और धर्म के साथ उनका कोई खास जुड़ाव नहीं है। शबाना ने अपने पति और मशहूर गीतकार-लेखक जावेद अख्तर की नास्तिक सोच पर भी बात की। उनके मुताबिक, दोनों के बीच धर्म और धार्मिक अभिव्यक्ति को लेकर बातचीत होती रहती है।

    शबाना का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को धर्म का पालन करने या प्रार्थना करने से सुकून मिलता है, तो उसे ऐसा करने की आजादी होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धर्म किसी व्यक्ति का निजी मामला है और सरकार को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। अपने विचार रखते हुए अभिनेत्री ने परिवार में मिले संस्कारों, बचपन के माहौल और धार्मिक परंपराओं के प्रति अपने नजरिये के बारे में भी बताया।

    शबाना ने एक बातचीत के दौरान अपने बचपन और परिवार में धर्म की भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता और मशहूर शायर कैफी आजमी नास्तिक थे, जबकि उनकी मां शौकत आजमी कुछ धार्मिक परंपराओं का पालन करती थीं। हालांकि, उनकी मां भी इन परंपराओं को लेकर बहुत अधिक गंभीर नहीं रहती थीं। शबाना के अनुसार, उनके घर में धार्मिक रीति-रिवाजों को जीवन का अनिवार्य हिस्सा नहीं बनाया गया था।

    यही वजह रही कि बचपन से ही धर्म और भगवान को लेकर उनके मन में कोई विशेष जिज्ञासा नहीं रही। अभिनेत्री ने बताया कि वह कभी-कभी बातचीत के दौरान माशाल्लाह और इंशाल्लाह जैसे शब्दों का इस्तेमाल करती हैं। उनके लिए ये शब्द उनकी भाषा और बोलचाल का हिस्सा हैं। हालांकि, उनके पति जावेद अख्तर इन शब्दों के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हैं और उनसे पूछते हैं कि वह ऐसा क्यों कहती हैं। शबाना के मुताबिक, वह इन शब्दों को किसी धार्मिक मान्यता के कारण नहीं, बल्कि अपनी भाषा की सहज अभिव्यक्ति के रूप में इस्तेमाल करती हैं।

    जावेद अख्तर की नास्तिक सोच के बारे में बात करते हुए शबाना ने उन्हें कट्टर नास्तिक बताया। उन्होंने कहा कि वह कई बार जावेद से पूछती हैं कि वह अपने धार्मिक विचारों को इतनी मुखरता से क्यों व्यक्त करते हैं। शबाना का मानना है कि यदि किसी व्यक्ति को धर्म का पालन करने से मानसिक सुकून मिलता है, तो उसे अपनी मान्यताओं के अनुसार जीवन जीने देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की जरूरत क्यों होनी चाहिए।

    शबाना के अनुसार, इस पर जावेद अख्तर का जवाब होता है कि धार्मिक लोग भी उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं। जावेद का तर्क है कि नास्तिक होने के नाते उन्हें भी बुरा महसूस करने का अधिकार है। इस तरह दोनों के बीच धर्म और नास्तिकता को लेकर अलग-अलग नजरिये सामने आते हैं। शबाना ने बातचीत में इन मतभेदों का उल्लेख करते हुए बताया कि धार्मिक विश्वासों के प्रति सम्मान और अपनी बात रखने की स्वतंत्रता, दोनों महत्वपूर्ण विषय हैं।

    अपने धार्मिक जुड़ाव के बारे में शबाना ने स्पष्ट कहा कि वह मुस्लिम हैं और उन्हें ईद, उर्दू भाषा तथा खान-पान पसंद है। इसके बावजूद वह नमाज नहीं पढ़तीं और धर्म को अपने जीवन का विशेष हिस्सा नहीं मानतीं। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक परंपराओं का पालन नहीं करने का अर्थ यह नहीं है कि वह दूसरों की आस्था को नहीं समझतीं। अभिनेत्री के अनुसार, धर्म हर व्यक्ति का निजी मामला है। यदि किसी को प्रार्थना करने या धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लेने से खुशी और सुकून मिलता है, तो इसमें उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

    इसी आधार पर उन्होंने कहा कि सरकार को लोगों के व्यक्तिगत धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। शबाना के बयान में अपनी धार्मिक पहचान और व्यक्तिगत जीवनशैली के बीच अंतर स्पष्ट दिखाई देता है। उन्होंने अपने और जावेद अख्तर के विचारों का उल्लेख करते हुए बताया कि धार्मिक आस्था रखने और नास्तिक होने वाले लोगों, दोनों की भावनाओं को समझना जरूरी है। उनके विचारों का मुख्य आधार यह है कि व्यक्ति को अपनी मान्यताओं के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए और दूसरों की पसंद का भी सम्मान किया जाना चाहिए।