Category: Entertainment

  • अमित शाह के 62वें जन्मदिन पर अक्षय कुमार ने दी बधाई, बोले- आपने हमेशा देश को सबसे पहले रखा

    अमित शाह के 62वें जन्मदिन पर अक्षय कुमार ने दी बधाई, बोले- आपने हमेशा देश को सबसे पहले रखा

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। गुरुवार, 22 अक्टूबर को अमित शाह के 62 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अभिनेता ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा कर उनकी सराहना की। अक्षय कुमार ने अपने संदेश में कहा कि अमित शाह ने हमेशा देश को सबसे पहले रखा है। इसके साथ ही उन्होंने महादेव से गृह मंत्री पर अपना आशीर्वाद बनाए रखने और उनके अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना की।

    अक्षय कुमार ने अपने संदेश में लिखा, “जन्मदिन की अनेक शुभकामनाएं अमित शाह जी। आपने हमेशा देश को सबसे आगे रखा है। महादेव का आशीर्वाद आप पर बना रहे… आपका स्वास्थ्य हमेशा अच्छा रहे और संकल्प हमेशा सच्चा रहे। जय महाकाल।” अभिनेता की इस पोस्ट में उन्होंने अमित शाह के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ जीवन और संकल्पों की सफलता की कामना की।

    अमित शाह के जन्मदिन पर सोशल मीडिया पर उन्हें शुभकामनाएं देने का सिलसिला जारी रहा। अक्षय कुमार का संदेश भी इसी क्रम में सामने आया। अभिनेता ने अपने संदेश में देश को प्राथमिकता देने के लिए गृह मंत्री की प्रशंसा की और धार्मिक आस्था से जुड़े शब्दों के जरिए उनके लिए मंगलकामना व्यक्त की।

    अक्षय कुमार हिंदी सिनेमा के चर्चित अभिनेताओं में शामिल हैं। उन्होंने वर्ष 1991 में फिल्म ‘सौगंध’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। हालांकि, वर्ष 1992 में रिलीज हुई फिल्म ‘खिलाड़ी’ से उन्हें खास पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने एक्शन फिल्मों में अपनी अलग जगह बनाई और ‘खिलाड़ी कुमार’ के नाम से लोकप्रिय हुए।

    अपने लंबे फिल्मी सफर में अक्षय कुमार ने केवल एक्शन ही नहीं, बल्कि कॉमेडी, रोमांस, सामाजिक विषयों और देशभक्ति से जुड़ी फिल्मों में भी काम किया है। ‘हेरा फेरी’, ‘गरम मसाला’, ‘भूल भुलैया’, ‘नमस्ते लंदन’, ‘सिंह इज किंग’ और ‘हाउसफुल’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने पसंद किया। इन फिल्मों ने उन्हें अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाने वाले अभिनेता के रूप में पहचान दिलाई।

    अक्षय कुमार ने गंभीर विषयों पर बनी फिल्मों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। ‘बेबी’, ‘एयरलिफ्ट’, ‘रुस्तम’, ‘केसरी’ और ‘मिशन मंगल’ उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं। वहीं, ‘पैडमैन’ और ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने सामाजिक मुद्दों को मनोरंजन के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया।

    अभिनय के क्षेत्र में योगदान के लिए अक्षय कुमार को वर्ष 2009 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा, फिल्म ‘रुस्तम’ में उनके अभिनय के लिए वर्ष 2017 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। विभिन्न शैलियों की फिल्मों में काम करने के कारण उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई है।

    अमित शाह को जन्मदिन पर दी गई अक्षय कुमार की शुभकामनाएं उनके सार्वजनिक संदेश के रूप में सामने आईं। अभिनेता ने अपने पोस्ट में गृह मंत्री के प्रति सम्मान जताने के साथ उनके अच्छे स्वास्थ्य और दृढ़ संकल्प की कामना की। उनका संदेश जन्मदिन के अवसर पर अमित शाह को बधाई देने वाली सोशल मीडिया पोस्टों में शामिल रहा।

  • टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में नया खुलासा, रणबीर कपूर के बांद्रा स्थित घर की भी रेकी करने का दावा

    टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में नया खुलासा, रणबीर कपूर के बांद्रा स्थित घर की भी रेकी करने का दावा

    नई दिल्ली । अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर 18 अक्टूबर को हुई फायरिंग के मामले में एक और अहम जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, इस घटना के आरोपी शूटरों ने अभिनेता रणबीर कपूर के बांद्रा स्थित घर की भी रेकी की थी। इससे पहले सलमान खान के घर की रेकी किए जाने की जानकारी सामने आई थी। रणबीर कपूर के घर की रेकी से जुड़ा यह दावा ऐसे समय सामने आया है, जब टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद फिल्म जगत में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। हालांकि, रणबीर कपूर के घर की रेकी किए जाने की जानकारी फिलहाल सूत्रों के हवाले से सामने आई है।

    टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद सलमान खान की सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी किए जाने की जानकारी सामने आई थी। उनके घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई और हथियारों से लैस कमांडो तैनात किए गए। वहीं, अभिनेता अक्षय कुमार के घर के बाहर बुलेटप्रूफ शीशे लगाए जाने की भी खबर सामने आई।

    इन घटनाक्रमों के बीच रणबीर कपूर के घर की रेकी किए जाने के दावे ने फिल्म जगत में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में रणबीर कपूर के घर की रेकी कब की गई और इस संबंध में पुलिस को क्या-क्या साक्ष्य मिले हैं, इसका विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।

    सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने सलमान खान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट की भी रेकी की थी। बताया गया है कि वहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखने के बाद शूटरों ने अपनी योजना बदल दी। इसके बाद टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है।

    जानकारी के मुताबिक, आरोपियों को सोशल मीडिया पेजों के जरिए पता चला था कि टाइगर श्रॉफ प्रत्येक रविवार को मैच खेलने जाते हैं। इसी जानकारी के आधार पर उन्हें निशाना बनाने की योजना बनाई गई। 18 अक्टूबर को शूटरों ने अभिनेता की गाड़ी पर पांच राउंड फायरिंग की। इस हमले में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित रहे, लेकिन उनके ड्राइवर को गोली लग गई। घटना के बाद से मामले की जांच जारी है।

    फायरिंग के बाद लॉरेंस बिश्नोई के करीबी बताए जाने वाले अनिल पंडित ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। पोस्ट में कहा गया कि टाइगर श्रॉफ को पहले ही सलमान खान के साथ काम नहीं करने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन उन्होंने इस चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया।

    इसके अलावा एक वॉयस नोट भी सामने आने की जानकारी दी गई, जिसमें कथित तौर पर कहा गया कि सलमान खान के साथ काम करने वाले व्यक्ति को अगली बार निशाना बनाया जाएगा। इन दावों और संदेशों की पृष्ठभूमि में पुलिस मामले की विभिन्न कड़ियों की जांच कर रही है। उपलब्ध जानकारी में इन संदेशों के संबंध में जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं।

    पुलिस के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में अब तक कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कोटा से तीन शूटरों को पकड़ा गया, जो फिलहाल मुंबई पुलिस की एंटी एक्सटॉर्शन सेल की हिरासत में हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस ने हथियारों की व्यवस्था करने में मदद करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

    जांच में आरोपियों की भूमिका, हथियारों की व्यवस्था और हमले की योजना से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। रणबीर कपूर के घर की कथित रेकी और सलमान खान के घर से जुड़ी पिछली जानकारी के बीच पुलिस जांच का दायरा महत्वपूर्ण बना हुआ है। फिलहाल मामले में सामने आई जानकारियां आरोपियों की गतिविधियों और संभावित योजनाओं से जुड़े दावों पर आधारित हैं, जबकि जांच के आगे बढ़ने के साथ अन्य तथ्य सामने आने की संभावना है।

  • आयुष्मान खुराना की उड़ता तीर से हटाया गया भारतीय नक्शे पर खून वाला सीन, CBFC ने दिए कई बदलाव के निर्देश

    आयुष्मान खुराना की उड़ता तीर से हटाया गया भारतीय नक्शे पर खून वाला सीन, CBFC ने दिए कई बदलाव के निर्देश

    नई दिल्ली । आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की फिल्म उड़ता तीर 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। रिलीज से पहले केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने फिल्म को UA 13+ सर्टिफिकेट दे दिया है। हालांकि, प्रमाणन की प्रक्रिया के दौरान फिल्म के अंतिम संपादन में कुछ बदलाव करने के निर्देश भी दिए गए। इनमें सबसे अहम बदलाव भारतीय नक्शे पर खून के छींटे दिखाने वाले दृश्य को हटाना है। फिल्म के निर्माताओं ने बोर्ड के निर्देश के अनुसार इस दृश्य को फिल्म से निकाल दिया है। इसके बाद दृश्य के बीच आने वाले अंतर को भरने के लिए उससे पहले वाले शॉट की अवधि बढ़ा दी गई है।

    फिल्म की रिलीज में कुछ ही दिन बाकी रहने के बीच किए गए इन बदलावों को लेकर चर्चा हो रही है। करण जौहर के प्रोडक्शन में बनी यह फिल्म अपने ट्रेलर के सामने आने के बाद से ही चर्चा में रही है। इसकी कहानी एक पाकिस्तानी जासूस के इर्द-गिर्द घूमती है, जो भारत आने के बाद अपनी याददाश्त खो देता है और खुद को भारतीय देशभक्त समझने लगता है।

    फिल्म में भारतीय नक्शे पर खून के छींटे दिखाने वाला दृश्य हटाने के अलावा धूम्रपान और शराब के इस्तेमाल से संबंधित चेतावनियां जोड़ने के निर्देश भी दिए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फिल्म के पांच दृश्यों में धूम्रपान विरोधी अस्वीकरण शामिल करने की बात कही गई है। इसके अलावा एक अन्य दृश्य में एक किरदार को शराब पीते हुए दिखाया गया है। इस दृश्य के लिए निर्माताओं को शराब के सेवन से संबंधित चेतावनी जोड़ने को कहा गया है। इन बदलावों का उद्देश्य फिल्म में संबंधित दृश्यों के साथ जरूरी चेतावनियां प्रदर्शित करना है।

    भारतीय नक्शे वाले दृश्य को हटाने के लिए संपादन में बदलाव किया गया है, जबकि बाकी निर्देशों के तहत चेतावनी संदेश शामिल किए जाने हैं। फिल्म के अंतिम संस्करण में इन बदलावों के बाद ही इसे प्रमाणन दिया गया है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में चेतावनियों के अंतिम स्वरूप या स्क्रीन पर उनके प्रदर्शित होने की अवधि के बारे में जानकारी नहीं दी गई है।

    सीबीएफसी ने फिल्म के संवादों या एक्शन दृश्यों में किसी तरह का बदलाव करने का निर्देश नहीं दिया है। बताए गए संपादन और चेतावनियों से जुड़े बदलावों के बाद फिल्म की कुल अवधि 137.41 मिनट निर्धारित की गई है। यह अवधि लगभग दो घंटे, 17 मिनट और 31 सेकंड होती है। इस तरह दर्शकों को फिल्म देखने के लिए करीब सवा दो घंटे का समय देना होगा। फिल्म की लंबाई और प्रमाणन से जुड़ी जानकारी रिलीज से ठीक पहले सामने आई है।

    आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की मुख्य भूमिकाओं वाली इस फिल्म का निर्देशन आकाश कौशिक ने किया है। फिल्म में गुलशन ग्रोवर, राम कपूर, राहुल बोस और सुप्रिया पिलगांवकर भी नजर आएंगे। फिल्म की कहानी में जासूसी, पहचान और याददाश्त खोने की स्थिति प्रमुख भूमिका निभाती है। हालांकि, सेंसर बोर्ड ने कहानी के इन पहलुओं या फिल्म के संवादों में किसी बदलाव की मांग नहीं की है।

    उड़ता तीर एक और वजह से भी खास है। इसमें अभिनेता मुकुल देव आखिरी बार बड़े पर्दे पर नजर आएंगे। मुकुल देव का मई 2025 में निधन हो गया था। फिल्म में उनकी मौजूदगी दर्शकों के लिए उनके अभिनय को बड़े पर्दे पर देखने का एक और अवसर होगी। फिल्म में आयुष्मान खुराना और सारा अली खान के साथ कई अन्य कलाकार भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे।

    रिलीज से पहले सेंसर बोर्ड के निर्देशों के तहत किए गए बदलावों के बाद अब फिल्म 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आने वाली है। आयुष्मान खुराना के प्रशंसकों के लिए यह उनकी आगामी फिल्मों में से एक है। इस फिल्म के बाद अभिनेता ये प्रेम मोल लिया और मुपापा में भी नजर आएंगे। फिलहाल उड़ता तीर के प्रमाणन से जुड़ी जानकारी में भारतीय नक्शे वाले दृश्य को हटाने, धूम्रपान और शराब संबंधी चेतावनियां जोड़ने तथा फिल्म की अंतिम अवधि स्पष्ट होने की पुष्टि की गई है।

  • 23 अक्टूबर को OTT पर रिलीज होंगी 9 नई फिल्में और सीरीज, मनोज बाजपेयी की थ्रिलर से हनुमान सीजन 7 तक

    23 अक्टूबर को OTT पर रिलीज होंगी 9 नई फिल्में और सीरीज, मनोज बाजपेयी की थ्रिलर से हनुमान सीजन 7 तक

    नई दिल्ली । ओटीटी पर फिल्में और वेब सीरीज देखने वालों के लिए 23 अक्टूबर 2026 का शुक्रवार खास रहने वाला है। इस दिन नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो, जी5 और जियोहॉटस्टार पर नौ नई फिल्में और सीरीज रिलीज होने जा रही हैं। इन पेशकशों में क्राइम ड्रामा, सस्पेंस थ्रिलर, कॉमेडी, खेल पर आधारित जीवनी और पौराणिक कहानियों से लेकर प्राकृतिक आपदा पर बनी फिल्म तक शामिल हैं।

    मनोज बाजपेयी की फिल्म गजब रात में एक पुलिस अधिकारी के सामने आने वाली मुश्किलों और उसके फैसले के परिणामों को दिखाया जाएगा। वहीं, सूमो दीदी में महिला पहलवान के संघर्ष की कहानी देखने को मिलेगी। भगवान हनुमान की वीरता और भक्ति पर आधारित एनिमेटेड सीरीज द लीजेंड ऑफ हनुमान का सातवां सीजन भी इसी दिन रिलीज होगा। इसके अलावा चार यार, डोरोथी, सर्वाइविंग हरिकेन ओटिस, सत्तमुम नीधियुम सीजन 2, धूमकेतु और अय्याना माने सीजन 2 भी दर्शकों के लिए उपलब्ध होंगे।

    क्राइम ड्रामा पसंद करने वालों के लिए चार यार अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी। इसकी कहानी जय, टोनी, साहिल और समीर नाम के चार मध्यमवर्गीय दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है। चारों जिंदगी में कुछ बड़ा करना चाहते हैं, लेकिन एक गलत फैसला उन्हें अपराध की दुनिया में पहुंचा देता है। इसके बाद उन्हें गैंगस्टरों और पुलिस का सामना करना पड़ता है। नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली डोरोथी में कीर्ति सुरेश नजर आएंगी।

    1990 के दशक की पृष्ठभूमि पर आधारित इस तमिल फिल्म में बचपन के दो दोस्तों की कहानी है। जातिगत भेदभाव, हिंसा, सामाजिक बंदिशों और पुरुषों की दबंग सोच के बीच उनकी दोस्ती कई चुनौतियों से गुजरती है। इसी मंच पर मनोज बाजपेयी की गजब रात भी आएगी। यह सस्पेंस थ्रिलर एक पुलिस अधिकारी की कहानी है, जो एक रात ऐसी परिस्थिति में फंस जाता है जहां उसे अपने फायदे और कर्तव्य में से किसी एक को चुनना पड़ता है। उसके एक फैसले के बाद घटनाएं लगातार जटिल होती जाती हैं। फिल्म में मनोज बाजपेयी के साथ नुसरत भरूचा, साकिब सलीम, दिव्या दत्ता और अक्षय ओबेरॉय भी नजर आएंगे।

    जी5 पर रिलीज होने वाली सूमो दीदी भारत की पहली पेशेवर महिला सूमो पहलवान हेतल दवे के जीवन से प्रेरित स्पोर्ट्स बायोपिक है। इसमें एक महिला के पहलवान बनने के सपने, वजन को लेकर होने वाली टिप्पणियों, सामाजिक तानों और भेदभाव के बीच आगे बढ़ने के संघर्ष को दिखाया जाएगा।

    जियोहॉटस्टार पर द लीजेंड ऑफ हनुमान का सातवां सीजन आएगा। इस एनिमेटेड सीरीज में भगवान हनुमान की वीरता, भक्ति और भगवान राम के प्रति समर्पण से जुड़ी पौराणिक कथाएं दिखाई जाती हैं। नेटफ्लिक्स की सर्वाइविंग हरिकेन ओटिस साल 2023 में मैक्सिको के अकापुल्को शहर में आए श्रेणी पांच के तूफान पर आधारित है। फिल्म में तूफान से हुई तबाही और अपनी जान बचाने के लिए लोगों के संघर्ष को दिखाया जाएगा। प्राकृतिक आपदा की घटनाओं में रुचि रखने वाले दर्शकों के लिए यह एक अलग तरह की पेशकश होगी।

    जी5 पर सत्तमुम नीधियुम सीजन 2 भी 23 अक्टूबर को रिलीज होगा। इस कोर्टरूम ड्रामा में वकील सुंदरमूर्ति की कहानी आगे बढ़ेगी। इस बार उनके सामने ऐसा मामला आता है, जो न्याय के प्रति उनकी ईमानदारी और सिद्धांतों की परीक्षा लेता है। जांच के दौरान भ्रष्टाचार और सच छिपाने की कोशिशों से जुड़े रहस्य सामने आते हैं। नेटफ्लिक्स पर आने वाली मलयालम फिल्म धूमकेतु में कॉमेडी, सस्पेंस और टाइम लूप का मेल है। कहानी 36 वर्षीय कुट्टन की है, जिसकी शादी के दिन नकाबपोश हमलावर उसकी हत्या कर देते हैं और उसकी होने वाली पत्नी शर्मिला का अपहरण कर लेते हैं।

    इसके बाद कुट्टन बार-बार शादी वाले दिन की सुबह जागता है और अपने दोस्त की मदद से घटनाओं को बदलकर शर्मिला को बचाने की कोशिश करता है। वहीं, जी5 पर अय्याना माने सीजन 2 रिलीज होगा। इसमें जाजी अपने पुश्तैनी घर की जिम्मेदारी संभालती है, जबकि उसके रिश्तेदार संपत्ति पर कब्जा करना चाहते हैं। इसी दौरान उसे अपनी दिवंगत सास नागलंबिके की आवाज सुनाई देती है, जो अपनी मौत को प्राकृतिक नहीं बतातीं। इसके बाद जाजी के सामने परिवार और घर से जुड़े पुराने रहस्य खुलने लगते हैं।

  • कादर खान जयंती पर याद आए पुराने दिन, कब्रिस्तान में करते थे एक्टिंग की प्रैक्टिस, गोविंदा के साथ कॉमेडी से जीते करोड़ों दिल

    कादर खान जयंती पर याद आए पुराने दिन, कब्रिस्तान में करते थे एक्टिंग की प्रैक्टिस, गोविंदा के साथ कॉमेडी से जीते करोड़ों दिल


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा में जब भी शानदार कॉमेडी और दमदार संवाद लेखन की बात होती है तो दिग्गज अभिनेता कादर खान का नाम सबसे पहले याद आने वाले कलाकारों में शामिल होता है। उन्होंने अपने अभिनय से कभी दर्शकों को खूब हंसाया तो कभी खलनायक बनकर पर्दे पर खौफ पैदा किया। उनकी लेखनी ने भी हिंदी फिल्मों को ऐसे संवाद दिए जो आज तक दर्शकों के जेहन में बसे हुए हैं। 22 अक्टूबर 1937 को अफगानिस्तान के काबुल में जन्मे कादर खान की 22 अक्टूबर 2026 को 89वीं जयंती मनाई जा रही है। इस मौके पर उनकी जिंदगी से जुड़े उन दिलचस्प किस्सों को याद किया जा रहा है जो बताते हैं कि किस तरह संघर्षों के बीच उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई।

    कादर खान का बचपन आर्थिक तंगी के बीच बीता था। उनके पिता अब्दुल रहमान खान अरबी और इस्लामी साहित्य के विद्वान थे जबकि उनकी मां का नाम इकबाल बेगम था। परिवार में पहले तीन बच्चों की कम उम्र में मौत हो गई थी। इसके बाद उनकी मां को लगने लगा कि काबुल का माहौल उनके बच्चों के लिए ठीक नहीं है। इसी वजह से परिवार ने अफगानिस्तान छोड़कर मुंबई आने का फैसला किया। मुंबई में उनका परिवार कमाठीपुरा इलाके की एक छोटी सी चॉल में रहने लगा। यहां जिंदगी आसान नहीं थी और कई बार परिवार को खाने तक के लिए संघर्ष करना पड़ता था। इन मुश्किल परिस्थितियों ने कादर खान को कम उम्र में ही जिंदगी की हकीकत से रूबरू करा दिया।

    दिलचस्प बात यह है कि कादर खान केवल अभिनय के क्षेत्र में ही प्रतिभाशाली नहीं थे बल्कि पढ़ाई में भी काफी अच्छे थे। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और बाद में सिद्दिकी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में प्रोफेसर के रूप में काम किया। एक ओर वह विद्यार्थियों को पढ़ाते थे तो दूसरी ओर उनके भीतर अभिनय और नाटक के प्रति जुनून लगातार बढ़ रहा था। यही जुनून आगे चलकर उन्हें फिल्मी दुनिया तक ले गया।

    कादर खान के शुरुआती दिनों का एक चर्चित किस्सा उनके अभिनय अभ्यास से जुड़ा है। बताया जाता है कि वह दक्षिण मुंबई के एक कब्रिस्तान में जाकर अकेले संवाद बोलने की प्रैक्टिस किया करते थे। वहां उन्हें कोई परेशान नहीं करता था और वह अपने अंदाज में अभिनय का अभ्यास कर सकते थे। इसी दौरान अभिनेता अशरफ खान की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने कादर खान की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें नाटक में काम करने का अवसर मिला। यहीं से उनके रंगमंच के सफर को नई दिशा मिली।

    फिल्मी दुनिया में कादर खान को शुरुआती पहचान एक संवाद लेखक के रूप में मिली। वर्ष 1972 में रिलीज हुई फिल्म जवानी दीवानी के संवाद लिखने के लिए उन्हें 1500 रुपये मिले थे। उस समय उनकी शिक्षक के रूप में मासिक तनख्वाह करीब 400 रुपये थी। इसके बाद फिल्मों में उनकी मांग बढ़ने लगी। फिल्म निर्माता मनमोहन देसाई ने उन्हें फिल्म रोटी के संवाद लिखने का मौका दिया जिसके लिए उन्हें 1 लाख 21 हजार रुपये की फीस मिली। यह उनके करियर का बड़ा पड़ाव साबित हुआ। वर्ष 1973 में फिल्म दाग के जरिए उन्होंने बतौर अभिनेता भी हिंदी सिनेमा में कदम रखा।

    कादर खान ने अमिताभ बच्चन की कई चर्चित फिल्मों के संवाद लिखे। अमर अकबर एंथनी मुकद्दर का सिकंदर लावारिस शराबी कुली और अग्निपथ जैसी फिल्मों में उनके लेखन का प्रभाव देखने को मिला। गंभीर बातों को सरल और प्रभावशाली शब्दों में कहने की उनकी कला ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। अपने करियर में उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया।

    1990 के दशक में गोविंदा के साथ उनकी जोड़ी बेहद लोकप्रिय हुई। कुली नंबर 1 हीरो नंबर 1 दूल्हे राजा आंखें और साजन चले ससुराल जैसी फिल्मों में उनकी कॉमिक टाइमिंग ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया। उनके योगदान के लिए उन्हें कई फिल्मफेयर पुरस्कार मिले और 2019 में मरणोपरांत पद्मश्री से सम्मानित किया गया। 31 दिसंबर 2018 को कनाडा के टोरंटो में 81 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। आज भी उनके अभिनय और संवादों के जरिए उनकी विरासत हिंदी सिनेमा में जीवित है।

  • शबाना आजमी बोलीं- मुस्लिम हूं, लेकिन नमाज नहीं पढ़ती, धर्म और नास्तिकता पर जावेद अख्तर से होती है बहस

    शबाना आजमी बोलीं- मुस्लिम हूं, लेकिन नमाज नहीं पढ़ती, धर्म और नास्तिकता पर जावेद अख्तर से होती है बहस

    नई दिल्ली । अभिनेत्री शबाना आजमी ने धर्म, धार्मिक मान्यताओं और नास्तिकता को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि वह मुस्लिम हैं, लेकिन नमाज नहीं पढ़तीं और धर्म के साथ उनका कोई खास जुड़ाव नहीं है। शबाना ने अपने पति और मशहूर गीतकार-लेखक जावेद अख्तर की नास्तिक सोच पर भी बात की। उनके मुताबिक, दोनों के बीच धर्म और धार्मिक अभिव्यक्ति को लेकर बातचीत होती रहती है।

    शबाना का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को धर्म का पालन करने या प्रार्थना करने से सुकून मिलता है, तो उसे ऐसा करने की आजादी होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धर्म किसी व्यक्ति का निजी मामला है और सरकार को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। अपने विचार रखते हुए अभिनेत्री ने परिवार में मिले संस्कारों, बचपन के माहौल और धार्मिक परंपराओं के प्रति अपने नजरिये के बारे में भी बताया।

    शबाना ने एक बातचीत के दौरान अपने बचपन और परिवार में धर्म की भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता और मशहूर शायर कैफी आजमी नास्तिक थे, जबकि उनकी मां शौकत आजमी कुछ धार्मिक परंपराओं का पालन करती थीं। हालांकि, उनकी मां भी इन परंपराओं को लेकर बहुत अधिक गंभीर नहीं रहती थीं। शबाना के अनुसार, उनके घर में धार्मिक रीति-रिवाजों को जीवन का अनिवार्य हिस्सा नहीं बनाया गया था।

    यही वजह रही कि बचपन से ही धर्म और भगवान को लेकर उनके मन में कोई विशेष जिज्ञासा नहीं रही। अभिनेत्री ने बताया कि वह कभी-कभी बातचीत के दौरान माशाल्लाह और इंशाल्लाह जैसे शब्दों का इस्तेमाल करती हैं। उनके लिए ये शब्द उनकी भाषा और बोलचाल का हिस्सा हैं। हालांकि, उनके पति जावेद अख्तर इन शब्दों के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हैं और उनसे पूछते हैं कि वह ऐसा क्यों कहती हैं। शबाना के मुताबिक, वह इन शब्दों को किसी धार्मिक मान्यता के कारण नहीं, बल्कि अपनी भाषा की सहज अभिव्यक्ति के रूप में इस्तेमाल करती हैं।

    जावेद अख्तर की नास्तिक सोच के बारे में बात करते हुए शबाना ने उन्हें कट्टर नास्तिक बताया। उन्होंने कहा कि वह कई बार जावेद से पूछती हैं कि वह अपने धार्मिक विचारों को इतनी मुखरता से क्यों व्यक्त करते हैं। शबाना का मानना है कि यदि किसी व्यक्ति को धर्म का पालन करने से मानसिक सुकून मिलता है, तो उसे अपनी मान्यताओं के अनुसार जीवन जीने देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की जरूरत क्यों होनी चाहिए।

    शबाना के अनुसार, इस पर जावेद अख्तर का जवाब होता है कि धार्मिक लोग भी उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं। जावेद का तर्क है कि नास्तिक होने के नाते उन्हें भी बुरा महसूस करने का अधिकार है। इस तरह दोनों के बीच धर्म और नास्तिकता को लेकर अलग-अलग नजरिये सामने आते हैं। शबाना ने बातचीत में इन मतभेदों का उल्लेख करते हुए बताया कि धार्मिक विश्वासों के प्रति सम्मान और अपनी बात रखने की स्वतंत्रता, दोनों महत्वपूर्ण विषय हैं।

    अपने धार्मिक जुड़ाव के बारे में शबाना ने स्पष्ट कहा कि वह मुस्लिम हैं और उन्हें ईद, उर्दू भाषा तथा खान-पान पसंद है। इसके बावजूद वह नमाज नहीं पढ़तीं और धर्म को अपने जीवन का विशेष हिस्सा नहीं मानतीं। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक परंपराओं का पालन नहीं करने का अर्थ यह नहीं है कि वह दूसरों की आस्था को नहीं समझतीं। अभिनेत्री के अनुसार, धर्म हर व्यक्ति का निजी मामला है। यदि किसी को प्रार्थना करने या धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लेने से खुशी और सुकून मिलता है, तो इसमें उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

    इसी आधार पर उन्होंने कहा कि सरकार को लोगों के व्यक्तिगत धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। शबाना के बयान में अपनी धार्मिक पहचान और व्यक्तिगत जीवनशैली के बीच अंतर स्पष्ट दिखाई देता है। उन्होंने अपने और जावेद अख्तर के विचारों का उल्लेख करते हुए बताया कि धार्मिक आस्था रखने और नास्तिक होने वाले लोगों, दोनों की भावनाओं को समझना जरूरी है। उनके विचारों का मुख्य आधार यह है कि व्यक्ति को अपनी मान्यताओं के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए और दूसरों की पसंद का भी सम्मान किया जाना चाहिए।

  • मलाइका अरोड़ा अबू धाबी की शेख जायद ग्रैंड मस्जिद पहुंचीं, काले बुर्के और जूते पहनने को लेकर सोशल मीडिया पर हुईं ट्रोल

    मलाइका अरोड़ा अबू धाबी की शेख जायद ग्रैंड मस्जिद पहुंचीं, काले बुर्के और जूते पहनने को लेकर सोशल मीडिया पर हुईं ट्रोल

    नई दिल्ली । अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा का अबू धाबी की शेख जायद ग्रैंड मस्जिद में पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। इस दौरान मलाइका काले रंग का बुर्का पहने नजर आईं। उनके इस पहनावे को देखकर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने उनके कपड़ों पर टिप्पणी की, जबकि कुछ ने मस्जिद के अंदर जूते पहने होने को लेकर सवाल उठाए।

    मलाइका अपने ग्लैमरस अंदाज के लिए जानी जाती हैं, ऐसे में बुर्के में उनकी तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर उनकी यात्रा को लेकर चर्चा शुरू हो गई। मस्जिद में उनके पहनावे से लेकर जूते पहनने तक, कई पहलुओं पर यूजर्स ने अपनी राय जाहिर की। इस पूरे मामले में सोशल मीडिया पर उनकी यात्रा और तस्वीरों को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

    मलाइका ने मस्जिद जाने के लिए काले रंग का बुर्का पहना था। तस्वीरों में उनके पैरों में जूते भी दिखाई दिए। इसी बात को लेकर कुछ यूजर्स ने आपत्ति जताई और मस्जिद में जूते पहनने पर सवाल उठाए। एक यूजर ने टिप्पणी की कि क्या उन्हें यह जानकारी नहीं है कि मस्जिद में जूते पहनकर नहीं जाते।

    मलाइका की तस्वीरों पर लोगों की नजर उनके पहनावे के साथ-साथ जूतों पर भी गई। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर टिप्पणियां बढ़ने लगीं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मलाइका की ओर से इन प्रतिक्रियाओं पर कोई जवाब दिए जाने का उल्लेख नहीं है। उनकी यात्रा से जुड़ी तस्वीरें इंटरनेट पर साझा होने के बाद लोगों ने अपने-अपने नजरिये से इस पर प्रतिक्रिया दी।

    मलाइका के बुर्का पहनने को लेकर कुछ यूजर्स ने उनके धर्म के बारे में भी सवाल किया। एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए पूछा कि क्या उन्होंने धर्म बदल लिया है। वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा कि वह पहली बार उन्हें पूरे कपड़ों में देख रहा है। कुछ लोगों ने उनके पहनावे पर हैरानी जताते हुए सवाल किया कि उन्होंने ऐसा क्या पहन लिया है। इन टिप्पणियों के बीच कई यूजर्स ने मलाइका के मस्जिद जाने के उद्देश्य पर भी सवाल उठाए। कुछ लोगों का दावा था कि उन्होंने प्रचार पाने के लिए बुर्का पहना और मस्जिद पहुंचीं। कुछ यूजर्स ने उनकी तुलना राखी सावंत से भी की।

    हालांकि, ये सभी प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया यूजर्स की टिप्पणियां हैं। उपलब्ध जानकारी में मलाइका की ओर से अपनी यात्रा के उद्देश्य को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने आने का उल्लेख नहीं है।

    शेख जायद ग्रैंड मस्जिद की इस यात्रा में मलाइका अकेली नहीं थीं। उनके साथ योग से जुड़े सर्वेश शशि भी नजर आए। दोनों की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी मौजूदगी को लेकर भी चर्चा हुई। मलाइका और सर्वेश की तस्वीरों ने इंटरनेट पर लोगों का ध्यान खींचा। हालांकि, दोनों के मस्जिद पहुंचने के पीछे के उद्देश्य या यात्रा से जुड़ी अन्य परिस्थितियों के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी सामने नहीं आई है।

    इस वजह से उनकी यात्रा को लेकर किए जा रहे दावों और टिप्पणियों को अलग-अलग रूप में देखा जा रहा है। तस्वीरों में मलाइका का काला बुर्का और पैरों में पहने जूते चर्चा के प्रमुख विषय बने रहे। इससे पहले अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा को भी बुर्का पहनने के कारण सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। मलाइका की तस्वीरों पर आई प्रतिक्रियाओं के बाद एक बार फिर किसी अभिनेत्री के धार्मिक स्थल पर जाने और वहां के पहनावे को लेकर ऑनलाइन बहस देखने को मिली।

  • रणबीर कपूर की रामायण पार्ट 1 की OTT रिलीज तय, जियोहॉटस्टार पर पे-पर-व्यू के जरिए देख सकेंगे दर्शक

    रणबीर कपूर की रामायण पार्ट 1 की OTT रिलीज तय, जियोहॉटस्टार पर पे-पर-व्यू के जरिए देख सकेंगे दर्शक


    नई दिल्ली ।
    रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश अभिनीत फिल्म रामायण पार्ट 1 की डिजिटल रिलीज को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म के डिजिटल प्रसारण के लिए जियोहॉटस्टार और निर्माता नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज के बीच साझेदारी हुई है। फिल्म की टीम ने बुधवार को इसकी पुष्टि की सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद दर्शक इस फिल्म को जियोहॉटस्टार पर देख सकेंगे, लेकिन इसकेलिए उन्हें भुगतान करना होगा। फिल्म को मंच पर मुफ्त में उपलब्ध कराने के बजाय पे-पर-व्यू विकल्प के जरिए दिखाया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत दर्शकों को फिल्म देखने के लिए अलग से पैसे देने होंगे। फिल्म की डिजिटल रिलीज को लेकर यह जानकारी ऐसे समय आई है, जब इसकी सिनेमाघरों में रिलीज की तारीख भी तय है।

    रामायण पार्ट 1 दुनियाभर के सिनेमाघरों में 5 नवंबर 2026 को दिवाली के मौके पर रिलीज होगी। फिल्म को आईमैक्स 3डी प्रारूप में भी प्रदर्शित किया जाएगा। निर्माता चाहते हैं कि दर्शक इसे ऑनलाइन देखने से पहले बड़े पर्दे पर देखने का अनुभव लें। इसी वजह से दर्शकों को फिल्म को सबसे बड़ी स्क्रीन पर देखने की सलाह दी जा रही है।

    फिल्म की भव्य प्रस्तुति और सिनेमाघरों में इसके प्रदर्शन को लेकर निर्माताओं की योजना के बीच डिजिटल मंच पर इसकी उपलब्धता भी तय कर दी गई है। हालांकि, फिल्म के ऑनलाइन प्रसारण की तारीख और पे-पर-व्यू के तहत दर्शकों से ली जाने वाली राशि की जानकारी दिए गए विवरण में सामने नहीं आई है। फिलहाल इतना स्पष्ट किया गया है कि सिनेमाघरों में रिलीज के बाद फिल्म जियोहॉटस्टार पर उपलब्ध होगी और इसे देखने के लिए दर्शकों को भुगतान करना होगा।

    जियोहॉटस्टार पर रामायण की रिलीज का तरीका हाल में चर्चा में रही फिल्म धुरंधर: द रिवेंज से भी अलग बताया गया है। खबर में उल्लेख किया गया है कि रणवीर सिंह की फिल्म के विपरीत, रणबीर कपूर की रामायण पार्ट 1 इस मंच पर मुफ्त में नहीं दिखाई जाएगी। दर्शक पे-पर-व्यू विकल्प चुनकर फिल्म देख सकेंगे।

    इसका मतलब है कि जियोहॉटस्टार पर फिल्म की उपलब्धता होने के बावजूद दर्शकों को इसे देखने के लिए अलग से भुगतान करना होगा। फिल्म की डिजिटल साझेदारी के जरिए निर्माताओं ने इसके ऑनलाइन प्रदर्शन का माध्यम तय कर दिया है। हालांकि, दर्शकों के लिए भुगतान की प्रक्रिया, कीमत और डिजिटल रिलीज की निश्चित तारीख से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी अभी उपलब्ध नहीं कराई गई है। फिल्म की टीम ने फिलहाल डिजिटल साझेदारी और पे-पर-व्यू व्यवस्था की पुष्टि की है।

    जियोस्टार की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने रामायण को भारत की प्रमुख सांस्कृतिक धरोहरों में से एक बताया है। उन्होंने कहा कि यह ऐसी कहानी है, जिसने सदियों से लोगों की चेतना को आकार दिया है, उनकी कल्पना को प्रेरित किया है और जीवन जीने के तरीके को दिशा दी है। उनके मुताबिक, भारत कहानी कहने के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है और ऐसे समय में अपनी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर मौजूद है।

    नीता अंबानी ने यह बात फिल्म से जुड़ी साझेदारी के संदर्भ में कही। रामायण को डिजिटल मंच पर लाने की पहल इसी सांस्कृतिक विरासत को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने की दिशा में देखी जा रही है। फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और जियोहॉटस्टार के बीच हुई साझेदारी से इसके सिनेमाघरों के बाद डिजिटल प्रदर्शन का रास्ता तय हो गया है। अब दर्शक दिवाली पर सिनेमाघरों में फिल्म देखने के बाद इसके डिजिटल मंच पर आने का इंतजार कर सकेंगे।

  • शम्मी कपूर की 95वीं जयंती आज, कभी एक दिन में पी जाते थे 100 सिगरेट, जानिए प्यार से लेकर ‘याहू’ कनेक्शन तक के दिलचस्प किस्से

    शम्मी कपूर की 95वीं जयंती आज, कभी एक दिन में पी जाते थे 100 सिगरेट, जानिए प्यार से लेकर ‘याहू’ कनेक्शन तक के दिलचस्प किस्से


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के इतिहास में कुछ सितारे ऐसे रहे हैं जिन्होंने अपनी अदाकारी से दर्शकों का मनोरंजन करने के साथ फिल्मों में नायक की छवि को भी नया रूप दिया। शम्मी कपूर उन्हीं कलाकारों में से एक थे। अपने खास हेयरस्टाइल बेफिक्र अंदाज जोशीले डांस और शरारती अदाकारी के दम पर उन्होंने ऐसी पहचान बनाई जो आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा है। 21 अक्टूबर को उनकी 95वीं जयंती के मौके पर उनके फिल्मी सफर और निजी जिंदगी से जुड़े कई दिलचस्प किस्से याद किए जा रहे हैं। फिल्म जंगली में उनका मशहूर अंदाज और जोरदार आवाज में बोला गया याहू आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार पलों में गिना जाता है।

    शम्मी कपूर का जन्म 21 अक्टूबर 1931 को मुंबई में हुआ था। उनका असली नाम शमशेर राज कपूर था। वह हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता पृथ्वीराज कपूर के बेटे और राज कपूर तथा शशि कपूर के भाई थे। कपूर परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद शम्मी के लिए अपनी अलग पहचान बनाना आसान नहीं था। उन्होंने फिल्मों में आने से पहले पृथ्वी थिएटर में काम किया और जूनियर कलाकार के तौर पर हर महीने 50 रुपये वेतन पाया। इसी अनुभव ने उन्हें अभिनय की दुनिया को करीब से समझने का अवसर दिया।

    शम्मी कपूर ने 1953 में फिल्म जीवन ज्योति से हिंदी सिनेमा में कदम रखा। उनकी शुरुआती फिल्में बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा सकीं। रेल का डिब्बा लैला मजनू ठोकर और शमा परवाना जैसी फिल्मों में काम करने के बाद भी वह बड़ी सफलता से दूर रहे। लगातार मिल रही असफलताओं के बीच उन्होंने अपनी अभिनय शैली बदलने का फैसला किया। उस दौर में जहां अधिकतर नायक गंभीर और पारंपरिक अंदाज में दिखाई देते थे वहीं शम्मी कपूर ने अपने किरदारों में मस्ती ऊर्जा और बेफिक्री को शामिल किया।

    साल 1957 में आई फिल्म तुमसा नहीं देखा उनके करियर का अहम मोड़ साबित हुई। इसके बाद उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ने लगी। जंगली प्रोफेसर चाइना टाउन कश्मीर की कली तीसरी मंजिल जानवर और ब्रह्मचारी जैसी फिल्मों ने उन्हें दर्शकों का चहेता बना दिया। उन्होंने करीब 100 फिल्मों में काम किया और अपनी अलग पहचान स्थापित की। उनकी नृत्य शैली और पर्दे पर दिखाई देने वाली जबरदस्त ऊर्जा के कारण उन्हें भारत का एल्विस प्रेस्ली भी कहा गया। अमेरिकी गायक और अभिनेता एल्विस प्रेस्ली की रॉक एंड रोल शैली से प्रभावित उनका अंदाज उस समय हिंदी सिनेमा के लिए नया था।

    शम्मी कपूर की सफलता में संगीत का भी बड़ा योगदान रहा। मोहम्मद रफी की आवाज में गाए गए बदन पे सितारे आजा आजा मैं हूं प्यार तेरा आसमान से आया फरिश्ता और चाहे कोई मुझे जंगली कहे जैसे गीत उनकी पहचान बन गए। शम्मी केवल गानों पर होंठ हिलाने तक सीमित नहीं रहते थे बल्कि चेहरे के भावों और पूरे शरीर की हरकतों से गीतों को जीवंत कर देते थे। संगीत की उनकी समझ ने उनके अभिनय को और प्रभावशाली बनाया।

    उनकी फिल्म जंगली के गीत में इस्तेमाल हुआ याहू शब्द इतना लोकप्रिय हुआ कि बाद में इंटरनेट कंपनी याहू के नाम को लेकर भी मजेदार किस्सा सामने आया। कहा जाता है कि उनके भतीजे रणधीर कपूर ने मजाक में उनसे पूछा था कि चाचा आपने इतनी बड़ी इंटरनेट कंपनी शुरू कर दी और हमें बताया भी नहीं। हालांकि कंपनी का नाम और शम्मी कपूर का मशहूर फिल्मी उद्गार अलग-अलग संदर्भों से जुड़े हैं। शम्मी को कंप्यूटर और इंटरनेट में भी गहरी दिलचस्पी थी। भारत में इंटरनेट के आम होने से पहले ही वह इसका इस्तेमाल करने लगे थे और उन्होंने कपूर परिवार की वेबसाइट भी बनाई थी।

    शम्मी कपूर की निजी जिंदगी में अभिनेत्री गीता बाली का खास स्थान था। दोनों ने 1955 में शादी की और उनके दो बच्चे आदित्य राज कपूर तथा कंचन कपूर हुए। साल 1965 में गीता बाली के निधन ने शम्मी को गहरा दुख पहुंचाया। इसके बाद उन्होंने 1969 में नीला देवी गोहिल से विवाह किया। उनके जीवन से जुड़ा एक चर्चित किस्सा यह भी है कि वह हर साल 1 जनवरी से 21 जनवरी तक शराब नहीं पीते थे। बताया जाता है कि गीता बाली इसी अवधि में बीमार हुई थीं और 21 जनवरी को उनका निधन हुआ था।

    शम्मी कपूर की जिंदगी में कई संघर्ष और स्वास्थ्य संबंधी मुश्किलें भी आईं। उनकी पत्नी नीला देवी के एक इंटरव्यू के मुताबिक वह एक दिन में 100 सिगरेट तक पी लेते थे। बाद के वर्षों में उन्हें फेफड़ों से जुड़ी गंभीर समस्याएं हुईं और स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता गया। साल 2011 में आई फिल्म रॉकस्टार उनकी आखिरी फिल्म साबित हुई जिसमें वह रणबीर कपूर के साथ नजर आए। शम्मी कपूर ने अपने अंदाज से हिंदी सिनेमा में नायक की परिभाषा बदल दी। उनकी जयंती पर उन्हें याद करना उस कलाकार को सलाम करना है जिसने पर्दे पर आजादी मस्ती और संगीत को एक नई पहचान दी।

  • सलमान के घर की रेकी, फिर टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां, लॉरेंस गैंग की कथित साजिश से बॉलीवुड में बढ़ी चिंता

    सलमान के घर की रेकी, फिर टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां, लॉरेंस गैंग की कथित साजिश से बॉलीवुड में बढ़ी चिंता


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच के दौरान एक नया और अहम पहलू सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई पुलिस की जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि इस वारदात से पहले शूटरों ने अभिनेता सलमान खान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट की रेकी की थी। बताया जा रहा है कि सलमान खान के घर के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखकर आरोपियों ने कथित तौर पर अपना प्लान बदल दिया और इसके बाद टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाया। हालांकि पुलिस ने इस दावे की सार्वजनिक रूप से पूरी पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच अभी जारी है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार तीनों आरोपी मुंबई पहुंचने के बाद सलमान खान के घर के आसपास पहुंचे थे। वहां पुलिस की तैनाती और सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखकर उनके लिए अभिनेता तक पहुंचना मुश्किल था। इसके बाद उन्होंने दूसरे लक्ष्य की तलाश शुरू की। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक आरोपियों को सोशल मीडिया पोस्ट और फैन पेज के जरिए टाइगर श्रॉफ की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली थी। बताया जा रहा है कि अभिनेता हर रविवार मुंबई के जुहू इलाके में एक फुटबॉल ग्राउंड पर खेलने जाते थे। कथित तौर पर इसी जानकारी के आधार पर शूटरों ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखी।

    18 अक्टूबर 2026 की शाम टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में फायरिंग हुई थी। बताया गया कि अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद ग्राउंड से बाहर निकल रहे थे तभी उनकी BMW कार पर कई राउंड गोलियां चलाई गईं। इस घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित रहे जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई।

    इस मामले में पुलिस ने तीन संदिग्धों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। उनकी पहचान ऋतिक कुमार उर्फ रोशन रेहान अंसारी और फूल सिंह के रूप में बताई गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार आरोपी फायरिंग के बाद मुंबई से ट्रेन के जरिए बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें मुंबई लाया गया जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फायरिंग की योजना किसने बनाई और आरोपियों को निर्देश कहां से मिले थे।

    इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। सोशल मीडिया पर गैंग से जुड़े होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने फायरिंग की जिम्मेदारी लेने की बात कही थी। हालांकि ऐसे दावों और सामने आए ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस वारदात का मकसद बॉलीवुड में डर पैदा करना था और क्या इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका है।

    सलमान खान और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बीच विवाद पहले भी सुर्खियों में रहा है। अप्रैल 2024 में सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर गोलीबारी हुई थी जिसके बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई थी। टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में सलमान खान के घर की कथित रेकी की जानकारी सामने आने के बाद उनके आवास के आसपास सुरक्षा और कड़ी किए जाने की खबरें हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। यह स्पष्ट होना बाकी है कि सलमान खान वास्तव में इस मामले में पहला निशाना थे या नहीं और फायरिंग के पीछे की पूरी साजिश क्या थी।