Category: Entertainment

  • ओटीटी पर 2026 का जलवा इन 11 वेब सीरीज ने जीता दर्शकों का दिल IMDB रेटिंग भी है जबरदस्त

    ओटीटी पर 2026 का जलवा इन 11 वेब सीरीज ने जीता दर्शकों का दिल IMDB रेटिंग भी है जबरदस्त


    नई दिल्ली । साल 2026 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए बेहद खास साबित हो रहा है। इस वर्ष कई ऐसी वेब सीरीज रिलीज हुईं जिन्होंने न सिर्फ दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया बल्कि अपनी दमदार कहानियों और शानदार अभिनय के दम पर आलोचकों की भी तारीफ हासिल की। क्राइम थ्रिलर से लेकर स्पोर्ट्स ड्रामा और बायोपिक तक हर तरह का कंटेंट दर्शकों को देखने को मिला। खास बात यह है कि इन चर्चित सीरीज की आईएमडीबी रेटिंग भी 6.5 से ऊपर है जो उनकी लोकप्रियता और गुणवत्ता को साबित करती है।

    इस साल सबसे ज्यादा चर्चा बटोरने वाली सीरीज में ब्राउन का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। करिश्मा कपूर की वापसी वाली इस साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर ने दर्शकों को एक रहस्यमयी और रोमांचक दुनिया से रूबरू कराया। वहीं नाना पाटेकर अभिनीत संकल्प ने राजनीति और सत्ता के पीछे चलने वाले खेल को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

    क्राइम और कॉमेडी का शानदार मिश्रण लेकर आई द पिरामिड स्कीम भी दर्शकों की पसंदीदा सीरीज में शामिल रही। हरिद्वार की पृष्ठभूमि पर बनी यह कहानी नेटवर्क मार्केटिंग के चमकदार लेकिन खतरनाक जाल को उजागर करती है। दूसरी ओर नेटफ्लिक्स की ग्लोरी ने खेल जगत की चमक के पीछे छिपे संघर्ष और साजिशों को रोमांचक अंदाज में दिखाया।

    इमरान हाशमी की तस्करी द स्मगलर्स वेब ने भी दर्शकों को बांधे रखा। मुंबई एयरपोर्ट पर चल रहे अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के खिलाफ जंग की यह कहानी एक हाई वोल्टेज थ्रिलर के रूप में सामने आई। वहीं विजय वर्मा स्टारर मटका किंग ने मुंबई के सट्टेबाजी साम्राज्य की कहानी को दिलचस्प अंदाज में पेश किया और खूब सराहना बटोरी।

    अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई राख इस साल की सबसे चर्चित क्राइम थ्रिलर सीरीज में गिनी जा रही है। अली फजल और सोनाली बेंद्रे की दमदार अदाकारी ने इस रहस्यमयी कहानी को और प्रभावशाली बना दिया। दो बच्चों के अचानक गायब होने की घटना से शुरू होने वाली यह कहानी दर्शकों को अंत तक बांधे रखती है।

    बायोपिक श्रेणी में हेलो बच्चों ने खास पहचान बनाई। फिजिक्स वाला के संस्थापक अलख पांडे के संघर्ष और सफलता की कहानी पर आधारित इस सीरीज ने युवाओं को प्रेरित किया। वहीं हाथरस ने एक संवेदनशील और चर्चित वास्तविक घटना को डॉक्यू सीरीज के रूप में पेश कर दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया।

    इस साल की सबसे सराही गई सीरीज में मेड इन इंडिया ए टाइटन स्टोरी भी शामिल है। यह सीरीज बताती है कि किस तरह भारतीय उद्योग जगत ने चुनौतियों के बीच एक वैश्विक ब्रांड की नींव रखी। नसीरुद्दीन शाह और जिम सरभ की शानदार अदाकारी ने इसे और खास बना दिया।

    हालांकि सभी सीरीज के बीच सपने वर्सेस एवरीवन सीजन 2 ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया। 9.6 की शानदार आईएमडीबी रेटिंग के साथ यह सीरीज दर्शकों की पहली पसंद बनी हुई है। मिडिल क्लास युवाओं के सपनों संघर्ष और महत्वाकांक्षाओं को बेहद भावनात्मक तरीके से पेश करने वाली इस कहानी ने लाखों लोगों के दिलों में जगह बनाई है।

    कुल मिलाकर साल 2026 ओटीटी कंटेंट के लिहाज से बेहद समृद्ध रहा है। अगर आप भी बेहतरीन कहानियों और दमदार अभिनय के शौकीन हैं तो ये 11 वेब सीरीज आपकी वॉचलिस्ट में जरूर शामिल होनी चाहिए।

  • अक्षय कुमार के प्यार में ट्विंकल खन्ना का खुलासा आमिर खान का रिएक्शन चर्चा में

    अक्षय कुमार के प्यार में ट्विंकल खन्ना का खुलासा आमिर खान का रिएक्शन चर्चा में


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की पुरानी शूटिंग कहानियां एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। इस बार चर्चा का केंद्र बनी हैं ट्विंकल खन्ना औरआमिर खान की फिल्म मेला से जुड़ी एक मजेदार घटना। यह किस्सा उस समय का है जब दोनों कलाकार एक साथ फिल्म मेला की शूटिंग कर रहे थे और सेट पर माहौल हल्का फुल्का और हंसी मजाक से भरा रहता था।

    बताया जाता है कि एक इंटरव्यू और लॉन्च इवेंट के दौरान ट्विंकल खन्ना ने खुद इस पुराने अनुभव का जिक्र किया था। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान एक सीन के बीच जब आमिर खान ने उनसे काम को लेकर सवाल किया तो ट्विंकल ने मजाक में कह दिया कि वह उस समय अपने निजी जीवन के बारे में सोच रही थीं और उनका ध्यान काम पर नहीं था। इसी दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वह उस समय अक्षय कुमार के बारे में सोच रही थीं।

    ट्विंकल की इस बात पर सेट का माहौल थोड़ा बदल गया और आमिर खान का रिएक्शन भी चर्चा का विषय बन गया। ट्विंकल ने हंसते हुए बताया था कि आमिर इतने रिएक्टिव हो गए थे कि वह मजाक में उन्हें थप्पड़ मारने तक की बात पर पहुंच गए थे। हालांकि यह सब पूरी तरह मजाकिया अंदाज में कहा गया था और शूटिंग सेट के हल्के माहौल को दिखाता है।

    इसी बातचीत में आमिर खान ने भी ट्विंकल के साथ काम करने के अनुभव को साझा किया था। उन्होंने कहा था कि ट्विंकल का सेंस ऑफ ह्यूमर काफी अलग और तेज है और वह अक्सर सेट पर लोगों को अपनी बातों से हंसा देती हैं। आमिर ने यह भी मजाक में कहा था कि ट्विंकल कई बार ऐसी बातें कर देती हैं जो सीधे दिल पर लगती हैं लेकिन उनका अंदाज मनोरंजक होता है।

    ट्विंकल खन्ना ने एक और दिलचस्प किस्सा साझा किया था जिसमें उन्होंने बताया कि आमिर खान अपने काम को लेकर कितने गंभीर हैं। उन्होंने बताया कि एक बार एक सीन को लेकर आमिर डायरेक्टर से बात करने गए थे लेकिन जब उनकी बात नहीं सुनी गई तो वह थोड़े भावुक हो गए और अकेले जाकर सेट पर एक कोने में खड़े हो गए थे। ट्विंकल के अनुसार यह पल उनके लिए थोड़ा हैरान करने वाला था क्योंकि आमिर हमेशा अपने काम को लेकर बहुत डेडिकेटेड रहते हैं।

    वहीं करण जौहर की मौजूदगी में भी यह पूरा किस्सा और रोचक हो गया था क्योंकि बातचीत के दौरान हंसी मजाक का माहौल बना रहा और सभी ने इस घटना को एक हल्के फुल्के अंदाज में लिया।

    ट्विंकल खन्ना ने साल 2001 में फिल्मी करियर को अलविदा कह दिया था। कई फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने एक्टिंग छोड़कर राइटिंग की दुनिया में कदम रखा। आज वह एक सफल लेखिका के रूप में जानी जाती हैं और उनकी कई किताबें पाठकों के बीच काफी लोकप्रिय रही हैं।

    यह पूरा किस्सा आज भी फैंस के बीच इसलिए चर्चा में रहता है क्योंकि इसमें बॉलीवुड के बड़े सितारों का एक अनोखा और मजेदार अंदाज देखने को मिलता है जहां प्रोफेशनल सेट पर भी हल्के फुल्के पल यादगार बन जाते हैं।

  • इंटिमेट सीन पर बड़ा दावा सिद्धार्थ मल्होत्रा और जैकलीन को लेकर वायरल किस्सा

    इंटिमेट सीन पर बड़ा दावा सिद्धार्थ मल्होत्रा और जैकलीन को लेकर वायरल किस्सा

    नई दिल्ली । हाल ही में एंटरटेनमेंट जगत से जुड़ा एक पुराना किस्सा फिर से चर्चा में आ गया है। यह मामला एक पॉडकास्ट बातचीत से सामने आया है जिसमें फेमस एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट सिमी चंदोक ने फिल्म शूटिंग के दौरान इंटिमेट सीन को लेकर कुछ कथित घटनाओं का जिक्र किया है। इन दावों के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है और लोग इस पूरे मामले को लेकर अलग अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

    सिमी चंदोक ने बातचीत के दौरान कहा कि फिल्म सेट पर कई बार ऐसे हालात बन जाते हैं जब इंटिमेट सीन की शूटिंग के दौरान अभिनेता और अभिनेत्री अपने किरदार में इतने ज्यादा डूब जाते हैं कि कट बोलने के बाद भी कुछ पल तक उसी भाव में बने रह जाते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक फिल्म के शूटिंग सेट पर सिद्धार्थ मल्होत्रा और जैकलीन फर्नांडिस के बीच एक किसिंग सीन के दौरान ऐसा ही कुछ हुआ था। उनके अनुसार सीन खत्म होने के बाद और टेक बंद होने के बावजूद दोनों कलाकार कुछ देर तक उसी स्थिति में रहे।

    इस बातचीत में आगे सिमी ने एक और फिल्म का जिक्र किया और बताया कि एक एक्शन कॉमेडी फिल्म की शूटिंग के दौरान टाइगर श्रॉफ और जैकलीन फर्नांडिस के बीच भी एक इंटिमेट सीन फिल्माया गया था। उनके अनुसार उस समय भी सीन खत्म होने के बाद तुरंत अलग होने की स्थिति नहीं बनी और कुछ सेकंड तक दोनों कलाकार उसी इमोशनल फ्लो में रहे।

    हालांकि यह पूरा बयान एक जर्नलिस्ट के पॉडकास्ट इंटरव्यू पर आधारित है और इसमें किसी भी कलाकार की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे सीन शूट करना सामान्य माना जाता है लेकिन प्रोफेशनल सेट पर हर चीज स्क्रिप्ट और डायरेक्शन के अनुसार होती है और टेक खत्म होने के बाद सभी कलाकार अपने कैरेक्टर से बाहर आ जाते हैं।

    सिद्धार्थ मल्होत्रा और जैकलीन फर्नांडिस की फिल्म एक जेंटलमैन साल दो हजार सत्रह में रिलीज हुई थी। यह एक एक्शन कॉमेडी फिल्म थी जिसे राज एंड डीके ने डायरेक्ट किया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास प्रदर्शन नहीं कर सकी थी और फ्लॉप रही थी। इसी तरह टाइगर श्रॉफ और जैकलीन फर्नांडिस की फिल्म ए फ्लाइंग जट्ट साल दो हजार सोलह में रिलीज हुई थी जिसे रेमो डिसूजा ने डायरेक्ट किया था। यह फिल्म भी दर्शकों के बीच ज्यादा सफल नहीं हो पाई थी।

    इन पुराने बयानों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे सिर्फ शूटिंग का प्रोफेशनल हिस्सा बता रहे हैं जबकि कुछ इसे बेवजह बढ़ाया गया मुद्दा मान रहे हैं। फिलहाल यह मामला केवल दावों और चर्चाओं तक ही सीमित है और किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि मौजूद नहीं है।

  • 3000 रुपये की कमाई से बिग बॉस स्टार तक, अर्चना गौतम की प्रेरणादायक संघर्ष कहानी

    3000 रुपये की कमाई से बिग बॉस स्टार तक, अर्चना गौतम की प्रेरणादायक संघर्ष कहानी


    नई दिल्ली । मनोरंजन जगत की चमक-दमक के पीछे संघर्ष, मेहनत और धैर्य की लंबी कहानी छिपी होती है। इसका ताजा उदाहरण अभिनेत्री अर्चना गौतम हैं, जिन्होंने हाल ही में अपने करियर के शुरुआती दिनों के कुछ ऐसे अनुभव साझा किए, जिन्हें सुनकर हर कोई हैरान रह गया। आज भले ही अर्चना गौतम टीवी और सोशल मीडिया की चर्चित हस्ती हों, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने कई छोटे-बड़े संघर्षों का सामना किया है।

    ‘बिग बॉस 16’ से घर-घर में पहचान बनाने वाली अर्चना गौतम हाल ही में एक रियलिटी शो में पहुंचीं, जहां उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर की चुनौतियों पर खुलकर बात की। अर्चना ने बताया कि इंडस्ट्री में पहचान बनाने से पहले उन्होंने कई छोटे किरदार निभाए। यहां तक कि लोकप्रिय क्राइम शो ‘CID’ में उन्होंने एक मृत शरीर यानी लाश का रोल भी किया था।

    अर्चना के अनुसार, उस समय उन्हें प्रतिदिन 3000 रुपये का भुगतान किया जाता था। हालांकि यह रकम आज भले ही छोटी लगे, लेकिन उस दौर में उनके लिए यह काम और कमाई दोनों ही बेहद महत्वपूर्ण थे। उन्होंने बताया कि यह उनके करियर का तीसरा टेलीविजन शो था और उस भूमिका ने उन्हें अभिनय की दुनिया को करीब से समझने का मौका दिया।

    अर्चना ने सेट से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया। उन्होंने हंसते हुए बताया कि जब वह लाश बनकर बिना हिले-डुले लेटी रहती थीं, तब शो के सीनियर कलाकार उनकी आंखें खोलकर देखते थे कि कहीं वह पलक तो नहीं झपका रहीं। क्योंकि एक मृत शरीर के किरदार में बिल्कुल स्थिर रहना जरूरी होता था। उनके लिए यह अनुभव नया और चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि लंबे समय तक बिना किसी हरकत के पड़े रहना आसान नहीं था।

    अभिनेत्री ने कहा कि लोग अक्सर ग्लैमर इंडस्ट्री को बाहर से देखकर यह मान लेते हैं कि यहां सफलता आसानी से मिल जाती है, लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग होती है। नए कलाकारों को छोटे-छोटे रोल, लंबे इंतजार, ऑडिशन और असफलताओं के दौर से गुजरना पड़ता है। कई बार मेहनत का परिणाम तुरंत नहीं मिलता, लेकिन लगातार प्रयास ही सफलता की राह खोलते हैं।

    अर्चना गौतम की कहानी इस बात का उदाहरण है कि कोई भी उपलब्धि रातों-रात हासिल नहीं होती। छोटे किरदारों से शुरू हुआ उनका सफर आज उन्हें मनोरंजन जगत की चर्चित हस्तियों में शामिल कर चुका है। उनके संघर्ष की यह कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अभिनय की दुनिया में अपनी पहचान बनाने का सपना देखते हैं।

    आज अर्चना गौतम जिस आत्मविश्वास और लोकप्रियता के साथ दर्शकों के बीच मौजूद हैं, उसके पीछे वर्षों की मेहनत, धैर्य और संघर्ष की लंबी यात्रा छिपी हुई है। यही वजह है कि उनकी सफलता की कहानी लाखों युवाओं को अपने सपनों के लिए लगातार प्रयास करने की प्रेरणा देती है।

  • योग दिवस पर फिटनेस का जश्न: अक्षय कुमार से शिल्पा शेट्टी तक, सितारों ने दिया स्वस्थ जीवन का संदेश

    योग दिवस पर फिटनेस का जश्न: अक्षय कुमार से शिल्पा शेट्टी तक, सितारों ने दिया स्वस्थ जीवन का संदेश


    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर पूरे देश में योग की धूम देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर विभिन्न राज्यों के जनप्रतिनिधियों और लाखों लोगों ने योगाभ्यास कर स्वास्थ्य और फिटनेस का संदेश दिया। इस खास मौके पर बॉलीवुड सितारे भी पीछे नहीं रहे। अक्षय कुमार, शिल्पा शेट्टी, सुनील शेट्टी, नील नितिन मुकेश और फिल्म निर्देशक अनिल शर्मा सहित कई नामी हस्तियां अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुईं और लोगों को योग अपनाने के लिए प्रेरित किया।

    मुंबई में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया के साथ अभिनेता अक्षय कुमार ने योगाभ्यास किया। अक्षय ने उपस्थित लोगों के साथ विभिन्न योगासन किए और नियमित व्यायाम तथा योग को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस वर्ष योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ उम्र के लिए योग’ रही, जिसका संदेश भी कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया गया।

    वहीं हरियाणा के गुरुग्राम में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने योग सत्र का नेतृत्व किया। फिटनेस और योग के प्रति अपने समर्पण के लिए पहचानी जाने वाली शिल्पा ने हजारों लोगों के साथ योग किया और जीवन में अनुशासन तथा नियमितता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को अंदर से मजबूत, संतुलित और केंद्रित बनाता है। शिल्पा ने लोगों से अपील की कि वे योग को केवल एक दिन की गतिविधि न मानें, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। कार्यक्रम के दौरान उनका बेटा भी मौजूद रहा, जिसे वे योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कराती नजर आईं।

    अभिनेता सुनील शेट्टी ने भी योग दिवस पर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि फिट रहने का सबसे बड़ा मंत्र नियमितता है। यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन थोड़ा समय भी योग को देता है तो उसके सकारात्मक परिणाम निश्चित रूप से दिखाई देते हैं। उनके अनुसार योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने की एक संपूर्ण प्रक्रिया है।

    अभिनेता नील नितिन मुकेश ने योग को मानसिक स्वास्थ्य से जोड़ते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। योग व्यक्ति को तनाव से दूर रखता है और जीवन में संतुलन स्थापित करने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि योग हमें अनुशासन और आत्मविश्वास सिखाता है, जो सफलता की राह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    इस अवसर पर वरिष्ठ अभिनेता मुकेश ऋषि ने भी योग के फायदों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों से योग और व्यायाम उनके जीवन का हिस्सा रहे हैं। वहीं फिल्म निर्देशक अनिल शर्मा ने कहा कि यदि लोग हर दिन योग दिवस की भावना के साथ योग करें तो वे लंबे समय तक स्वस्थ और ऊर्जावान रह सकते हैं।

    योग दिवस के अवसर पर बॉलीवुड सितारों की सक्रिय भागीदारी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि योग केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का प्रभावी माध्यम है।

  • देवदास: एक प्रेम कहानी जिसने दर्द को अमर बना दिया, 16 साल तक लिखने से डरते रहे लेखक

    देवदास: एक प्रेम कहानी जिसने दर्द को अमर बना दिया, 16 साल तक लिखने से डरते रहे लेखक


    नई दिल्ली। भारतीय साहित्य और सिनेमा के इतिहास में कुछ किरदार ऐसे होते हैं, जो समय की सीमाओं को पार कर लोगों के दिलों में हमेशा के लिए बस जाते हैं। ऐसा ही एक नाम है ‘देवदास’। एक ऐसा किरदार, जिसके दर्द को दर्शकों ने अपना दर्द समझा, जिसकी अधूरी मोहब्बत ने लाखों दिलों को छुआ और जिसकी त्रासदी ने उसे अमर बना दिया।

    देवदास का जन्म वर्ष 1901 में महान साहित्यकार शरत चंद्र चट्टोपाध्याय की कल्पना में हुआ था। कहा जाता है कि यह कहानी कहीं न कहीं उनके अपने जीवन के अनुभवों और भावनाओं से प्रेरित थी। लेकिन लेखक को इस किरदार को लेकर एक डर था। उन्हें लगता था कि उनका नायक आदर्शवादी नहीं है। वह प्रेम में असफल होता है, शराब का सहारा लेता है और अंततः दुखद मृत्यु को प्राप्त होता है। शायद इसी वजह से शरत चंद्र ने इस रचना को करीब 16 वर्षों तक प्रकाशित नहीं किया।

    आखिरकार 1917 में जब ‘देवदास’ उपन्यास प्रकाशित हुआ, तो उसने साहित्य जगत में तहलका मचा दिया। लोगों को इस कहानी में अपना दर्द दिखाई देने लगा। देवदास की अधूरी प्रेम कहानी, पारो के प्रति उसका समर्पण और समाज की बंदिशों के आगे उसकी हार ने पाठकों को भावुक कर दिया।

    साहित्य से निकलकर जब देवदास सिनेमा के पर्दे पर पहुंचा, तो उसकी लोकप्रियता कई गुना बढ़ गई। वर्ष 1928 में इस पर पहली मूक फिल्म बनी। इसके बाद 1936 में महान गायक-अभिनेता के.एल. सहगल ने देवदास को पर्दे पर जीवंत कर दिया। लेकिन 1955 में दिलीप कुमार ने जिस गहराई और संवेदनशीलता से इस किरदार को निभाया, उसने देवदास को भारतीय सिनेमा के इतिहास में अमर बना दिया।

    साल 2002 में निर्देशक संजय लीला भंसाली ने इस क्लासिक कहानी को भव्य अंदाज में पेश किया। फिल्म में शाहरुख खान ने देवदास, ऐश्वर्या राय ने पारो और माधुरी दीक्षित ने चंद्रमुखी का किरदार निभाया। फिल्म के भावनात्मक दृश्यों और भव्य प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इसके बाद 2009 में अनुराग कश्यप ने आधुनिक अंदाज में ‘देव डी’ बनाकर इस कहानी को नई पीढ़ी तक पहुंचाया।

    आज तक ‘देवदास’ पर 14 से अधिक फिल्में और रूपांतरण बन चुके हैं। शायद यही उसकी सबसे बड़ी सफलता है कि एक सदी से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यह किरदार लोगों के दिलों में जिंदा है। प्रेम, विरह, त्याग और आत्मसंघर्ष का यह प्रतीक भारतीय साहित्य और सिनेमा की सबसे अमर धरोहरों में गिना जाता है।

    देवदास सिर्फ एक पात्र नहीं, बल्कि एक ऐसी भावना है, जो हर उस इंसान को छूती है जिसने कभी प्रेम किया हो, खोया हो या दर्द को करीब से महसूस किया हो।

  • किशोर कुमार का सबसे विवादित गाना: 8 महिला गायिकाओं के बीच अकेले गाया गीत, अश्लीलता के आरोप में हुआ था बैन

    किशोर कुमार का सबसे विवादित गाना: 8 महिला गायिकाओं के बीच अकेले गाया गीत, अश्लीलता के आरोप में हुआ था बैन


    नई दिल्ली। हिंदी फिल्म संगीत के इतिहास में कई ऐसे गीत हैं, जिन्होंने अपनी लोकप्रियता के साथ-साथ विवादों के कारण भी खास पहचान बनाई। ऐसा ही एक गीत था फिल्म ‘विधाता’ का ‘सात सहेलियां खड़ी-खड़ी, फरियाद सुनाए घड़ी-घड़ी’, जिसे महान गायक किशोर कुमार ने आठ महिला गायिकाओं के साथ मिलकर गाया था। यह गीत अपने समय में इतना चर्चित हुआ कि इसके कुछ बोलों को लेकर विवाद खड़ा हो गया और बाद में इसे दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो पर प्रसारित करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

    वर्ष 1982 में रिलीज हुई फिल्म ‘विधाता’ उस दौर की सबसे सफल फिल्मों में गिनी जाती है। फिल्म में दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार, संजीव कुमार, शम्मी कपूर, संजय दत्त और अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे जैसे सितारे नजर आए थे। प्रसिद्ध फिल्मकार सुभाष घई द्वारा निर्देशित इस फिल्म का संगीत भी दर्शकों को खूब पसंद आया। फिल्म के सभी गीत सुपरहिट रहे, लेकिन ‘सात सहेलियां खड़ी-खड़ी’ ने सबसे अधिक सुर्खियां बटोरीं।

    इस गीत की खास बात यह थी कि इसमें किशोर कुमार अकेले पुरुष गायक थे, जबकि उनके साथ आठ महिला गायिकाओं ने अपनी आवाज दी थी। इनमें हेमलता, कंचन, अनुराधा पौडवाल, साधना सरगम, अलका याज्ञनिक, पद्मिनी कोल्हापुरे, उनकी बहन शिवांगी कोल्हापुरे और शक्ति कपूर की पत्नी शिवांगी कपूर शामिल थीं। बताया जाता है कि जब किशोर कुमार रिकॉर्डिंग स्टूडियो पहुंचे और वहां एक साथ इतनी महिला गायिकाओं को देखा तो वे चौंक गए। मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा कि वे तो फंस गए हैं। हालांकि संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी और अभिनेता शम्मी कपूर के समझाने पर उन्होंने यह गीत रिकॉर्ड किया।

    गीत के बोल प्रसिद्ध गीतकार आनंद बक्शी ने लिखे थे। रिकॉर्डिंग के बाद इसे फिल्माया गया और दर्शकों के सामने पेश किया गया। लेकिन रिलीज के बाद गीत के कुछ अंतरों को लेकर आपत्ति जताई गई। आलोचकों ने इसे अश्लील बताया और इसके प्रसारण पर सवाल उठाए। विवाद इतना बढ़ा कि ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन ने इस गीत के प्रसारण पर रोक लगा दी। हालांकि फिल्म की लोकप्रियता पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा।

    दिलचस्प बात यह रही कि जिस गीत को कभी अश्लील बताकर बैन किया गया था, वही समय के साथ हिंदी फिल्म संगीत की चर्चित धरोहर बन गया। आज भी संगीत प्रेमी इस गीत को याद करते हैं और इसे किशोर कुमार के सबसे अनोखे और दुर्लभ गीतों में गिना जाता है। यह गीत न केवल अपनी धुन और प्रस्तुति के लिए बल्कि एक साथ इतनी महिला गायिकाओं के साथ रिकॉर्ड होने के कारण भी संगीत इतिहास में विशेष स्थान रखता है।

  • Khatron Ke Khiladi 15: टॉप-2 फाइनलिस्ट के नाम लीक! करण वाही और फरहाना भट्ट के बीच होगी खिताबी जंग?

    Khatron Ke Khiladi 15: टॉप-2 फाइनलिस्ट के नाम लीक! करण वाही और फरहाना भट्ट के बीच होगी खिताबी जंग?


    नई दिल्ली। रोहित शेट्टी का लोकप्रिय स्टंट बेस्ड रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। शो का प्रसारण अभी शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में इससे जुड़े कई बड़े अपडेट सामने आने लगे हैं। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार शो के टॉप-2 फाइनलिस्ट के नाम भी लीक हो गए हैं, जिसने फैंस की उत्सुकता और बढ़ा दी है।

    करण वाही और फरहाना भट्ट पहुंचे फाइनल में!
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सीजन के टॉप-2 फाइनलिस्ट करण वाही और फरहाना भट्ट बताए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि दोनों कंटेस्टेंट्स ने पूरे सीजन में शानदार प्रदर्शन किया और फाइनल तक अपनी जगह बनाने में सफल रहे। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि अभिनेता अविनाश मिश्रा फाइनल की रेस में मजबूती से बने हुए थे, लेकिन अंतिम चरण में वह जगह नहीं बना सके। यदि ये दावे सही साबित होते हैं तो ट्रॉफी के लिए सीधी टक्कर करण वाही और फरहाना भट्ट के बीच देखने को मिल सकती है।

    फिनाले भारत में होने की चर्चा
    एक और बड़ा अपडेट यह सामने आया है कि इस बार शो का ग्रैंड फिनाले दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में नहीं बल्कि भारत में आयोजित किया जा सकता है। हालांकि शो की शूटिंग फिलहाल केप टाउन में ही चल रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार विजेता की घोषणा शो के टेलीविजन प्रसारण के अंतिम चरण में भारत में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान की जाएगी।

    पहले हफ्ते में नहीं होगा एलिमिनेशन!
    सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार शो के पहले सप्ताह में किसी भी कंटेस्टेंट का एलिमिनेशन नहीं होगा। वहीं दूसरे सप्ताह में सोशल मीडिया स्टार ओरी (ओरहान अवात्रामणि) के बाहर होने की चर्चा है। हालांकि चैनल या मेकर्स की ओर से अभी तक इन खबरों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    कौन-कौन हैं इस बार प्रतियोगी?
    इस सीजन में कई लोकप्रिय टीवी सितारे और सोशल मीडिया हस्तियां हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगियों की सूची में गौरव खन्ना, रुबीना दिलैक, करण वाही, अविनाश मिश्रा, फरहाना भट्ट, जैस्मिन भसीन, रित्विक धनजानी, अविका गौर, विशाल आदित्य सिंह, हर्ष गुजराल, ओरी, शगुन शर्मा और रुहानिका धवन जैसे नाम शामिल हैं।

  • दक्षिण भारतीय सुपरस्टार धनुष और अभिनेत्री मृणाल ठाकुर के अलग होने की खबरें तेज, फिल्म गलियारों में ब्रेकअप की रिपोर्ट से प्रशंसक निराश

    दक्षिण भारतीय सुपरस्टार धनुष और अभिनेत्री मृणाल ठाकुर के अलग होने की खबरें तेज, फिल्म गलियारों में ब्रेकअप की रिपोर्ट से प्रशंसक निराश


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा जगत के दो बड़े और लोकप्रिय कलाकारों, दक्षिण भारतीय सुपरस्टार धनुष और बॉलीवुड अभिनेत्री मृणाल ठाकुर के निजी संबंधों को लेकर फिल्म गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। मीडिया की ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, काफी समय से एक-दूसरे के करीब माने जा रहे इन दोनों कलाकारों ने अब अपने रास्ते पूरी तरह अलग कर लिए हैं। दोनों के कथित तौर पर अलग होने की इस खबर ने सोशल मीडिया और फिल्मी हलकों में हलचल मचा दी है, जिससे उनके प्रशंसक काफी निराश नजर आ रहे हैं। हालांकि, दोनों सितारों की तरफ से इस अलगाव की असल वजहों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

    सिनेमाई सूत्रों और प्रतिष्ठित मीडिया घरानों की रिपोर्ट्स के मुताबिक, धनुष और मृणाल ठाकुर पिछले कई महीनों से अपने कथित प्रेम संबंधों को लेकर लगातार मीडिया की सुर्खियों में बने हुए थे। फिल्मी गलियारों में चर्चा थी कि दोनों अपने इस रिश्ते को लेकर काफी गंभीर हैं। हालांकि, दोनों ही कलाकारों ने सार्वजनिक तौर पर कभी भी अपने इस रिश्ते को आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया था और हमेशा इसे महज एक अफवाह करार दिया था। इसके बावजूद, सार्वजनिक आयोजनों और फिल्म प्रीमियर के दौरान दोनों की एक साथ मौजूदगी और केमिस्ट्री को देखकर मीडिया और प्रशंसकों द्वारा उनके रिश्ते को लेकर लगातार कयास लगाए जा रहे थे।

    इन दोनों कलाकारों के बीच नजदीकियों की खबरें पहली बार तब सार्वजनिक चर्चा में आई थीं, जब अभिनेता धनुष को मृणाल ठाकुर की एक आगामी बड़ी फिल्म के विशेष प्रीमियर शो के दौरान देखा गया था। उस दौरान जब मीडिया ने अभिनेत्री से धनुष की उपस्थिति को लेकर सवाल पूछे थे, तो उन्होंने बेहद चतुराई से जवाब देते हुए कहा था कि उन्हें फिल्म के मुख्य अभिनेता द्वारा आमंत्रित किया गया था। दोनों कलाकारों ने हमेशा मीडिया के कैमरों के सामने अपने रिश्ते को केवल एक अच्छी दोस्ती तक ही सीमित रखने का प्रयास किया था, लेकिन अंदरखाने चल रही चर्चाओं ने कभी उनका पीछा नहीं छोड़ा।

    निजी जीवन के मोर्चे पर बात करें तो अभिनेता धनुष हमेशा से ही अपनी व्यक्तिगत जिंदगी को चकाचौंध और मीडिया की लाइमलाइट से दूर रखना पसंद करते हैं। इससे पहले वर्ष 2022 में उन्होंने सुपरस्टार रजनीकांत की बेटी ऐश्वर्या के साथ अपनी शादीशुदा जिंदगी को समाप्त करने की आधिकारिक घोषणा की थी। दोनों ने लगभग 18 वर्षों के एक लंबे वैवाहिक जीवन के बाद आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया था, जिसने उस समय भी पूरे फिल्म उद्योग को स्तब्ध कर दिया था। उस अलगाव के बाद से ही धनुष का नाम कई मौकों पर अलग-अलग चर्चाओं का हिस्सा बनता रहा है।

    मध्य प्रदेश। वर्तमान में दोनों ही कलाकार अपने-अपने पेशेवर करियर और आगामी प्रोजेक्ट्स पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। अभिनेता धनुष जहां अपनी आगामी एक्शन और ड्रामा फिल्मों की शूटिंग में व्यस्त हैं, वहीं मृणाल ठाकुर के करियर का ग्राफ भी इन दिनों काफी तेजी से ऊपर जा रहा है। इस वर्ष उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शित हो चुकी हैं और आने वाले समय में वे देश के कई बड़े निर्देशकों और बहुभाषी फिल्मों में शीर्ष अभिनेताओं के साथ मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाली हैं। इस व्यस्त दिनचर्या के बीच दोनों के निजी जीवन में आए इस कथित मोड़ पर फिल्म समीक्षकों और प्रशंसकों की पैनी नजरें बनी हुई हैं।

  • 'गदर' के 25 वर्ष पूरे होने पर अमीषा पटेल का बड़ा खुलासा, सनी देओल संग उम्र के फासले के कारण फिल्म न करने की मिली थी सलाह

    'गदर' के 25 वर्ष पूरे होने पर अमीषा पटेल का बड़ा खुलासा, सनी देओल संग उम्र के फासले के कारण फिल्म न करने की मिली थी सलाह

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित और सफल फिल्मों में शुमार ‘गदर: एक प्रेम कथा’ की रिलीज को हाल ही में 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर फिल्म की मुख्य अभिनेत्री अमीषा पटेल ने अपने शुरुआती करियर और फिल्म की कास्टिंग से जुड़े कई अनसुने व चौंकाने वाले पहलुओं को साझा किया है। एक साक्षात्कार के दौरान अपने बेबाक अंदाज के लिए जानी जाने वाली अभिनेत्री ने बताया कि जब उन्होंने इस प्रोजेक्ट को साइन किया था, तब फिल्म उद्योग और उनके आसपास के कई लोगों ने उन्हें इस फिल्म का हिस्सा न बनने की सख्त सलाह दी थी। विरोध की सबसे बड़ी वजह उनके और अभिनेता सनी देओल के बीच उम्र का एक लंबा फासला था, जिसे उस दौर के सिनेमाई पैमानों पर जोखिम भरा माना जा रहा था।

    फिल्म के निर्माण के समय की परिस्थितियों को याद करते हुए अभिनेत्री ने बताया कि उस वक्त उनकी उम्र महज 26 वर्ष थी, जबकि स्थापित सुपरस्टार सनी देओल 43 वर्ष के थे। इस बड़े आयु अंतर को लेकर केवल बाहरी लोग ही नहीं, बल्कि खुद वे भी शुरुआत में थोड़ी आशंकित थीं। एक नवागंतुक कलाकार के तौर पर उनके मन में यह स्वाभाविक सवाल था कि क्या दर्शकों को पर्दे पर यह जोड़ी स्वीकार्य होगी या नहीं। हालांकि, फिल्म की पटकथा और उसके गहरे विषय ने बाद में इस उम्र के फासले को पूरी तरह से पर्दे पर न्यायसंगत साबित किया, जिसने बाद में बॉक्स ऑफिस के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए।

    सिनेमाई संरचना पर बात करते हुए अभिनेत्री ने कहा कि भारतीय फिल्म उद्योग को उम्र के अंतर वाले किरदारों के रोमांस को पर्दे पर दिखाना जारी रखना चाहिए, बशर्ते कहानी में उसकी कोई ठोस और तार्किक वजह मौजूद हो। आजकल दर्शकों द्वारा कुछ फिल्मों को नापसंद किए जाने का एक मुख्य कारण यह भी है कि कहानियों में बिना किसी मजबूत संदर्भ के ऐसी कास्टिंग थोप दी जाती है। ‘गदर’ के मामले में यह अंतर कागजी तौर पर भले ही अजीब लग रहा था, लेकिन जब फिल्म परदे पर उतरी तो किरदारों के सामाजिक और पारिवारिक परिवेश ने इस अंतर को एक खूबसूरत मोड़ दे दिया।

    कहानी के दृष्टिकोण से यह फासला बेहद सटीक बैठता था क्योंकि फिल्म एक ऐसे सीधे-साधे और कम पढ़े-लिखे स्थानीय युवक तारा सिंह की कहानी थी, जिसे एक कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ने वाली संभ्रांत परिवार की युवती सकीना से प्रेम हो जाता है। तारा सिंह के लिए सकीना एक ऐसी राजकुमारी की तरह थी, जिसे पाना सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से बेहद कठिन था। दोनों किरदारों के बीच धर्म, शिक्षा और जीवनशैली का एक बड़ा अंतर था, जिसे इस आयु वर्ग के अंतर ने और अधिक गहराई प्रदान की। यही कारण था कि दर्शकों ने दोनों के बीच के भावनात्मक जुड़ाव को बहुत शिद्दत से महसूस किया।

    मध्य प्रदेश। इस ऐतिहासिक प्रेम कहानी की सबसे बड़ी खूबसूरती यही थी कि दोनों किरदारों ने एक-दूसरे के परिवेश को पूरी तरह से आत्मसात कर लिया था। जहां सकीना ने भारतीय संस्कृति और तारा सिंह के परिवार को ससम्मान अपनाया, वहीं तारा सिंह भी अपने परिवार की खुशी के लिए सीमा पार जाने को सहर्ष तैयार हो गया। वह केवल उसी परिस्थिति में उग्र रूप धारण करता है जब उसकी व्यक्तिगत और राष्ट्रीय पहचान पर प्रहार किया जाता है। अभिनेत्री के इन ताजा बयानों ने एक बार फिर 25 वर्ष पुरानी यादों को ताजा कर दिया है और यह साबित किया है कि एक मजबूत पटकथा किसी भी रूढ़िवादी सिनेमाई मानदंड को बदलने की पूरी क्षमता रखती है।