Category: Entertainment

  • टाइगर श्रॉफ गोलीकांड में पुलिस की जांच तेज, मेडिकल के बाद एंटी एक्सटॉर्शन सेल पहुंचे तीनों आरोपी, अब पूछताछ में सामने आएंगी अहम कड़ियां

    टाइगर श्रॉफ गोलीकांड में पुलिस की जांच तेज, मेडिकल के बाद एंटी एक्सटॉर्शन सेल पहुंचे तीनों आरोपी, अब पूछताछ में सामने आएंगी अहम कड़ियां


    नई दिल्ली। फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में मुंबई पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को राजस्थान के कोटा से मुंबई लाया गया है। करीब 17 घंटे के लंबे सफर के बाद मुंबई पहुंचे आरोपियों का सबसे पहले जीटी अस्पताल में मेडिकल चेकअप कराया गया। इसके बाद तीनों को मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल में रखा गया है। यहां उनसे फायरिंग की घटना और कथित साजिश को लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात को किसके निर्देश पर अंजाम दिया गया और इसमें शामिल अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऋतिक कुमार फूल सिंह और रेहान अंसारी के रूप में बताई गई है। पुलिस तीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच मुंबई लेकर पहुंची। कोटा से आरोपियों को दो इनोवा कारों के जरिए लाया गया जबकि वलसाड से एक अन्य इनोवा कार भी पुलिस के काफिले में शामिल हुई थी। मुंबई पहुंचने के बाद आरोपियों को जीटी अस्पताल ले जाया गया जहां जरूरी मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए एंटी एक्सटॉर्शन सेल के हवाले कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।

    पुलिस की जांच में रेहान अंसारी का नाम कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित के संपर्क में होने के संबंध में सामने आया है। बताया जा रहा है कि टाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर रेहान और अनिल पंडित के बीच बातचीत हुई थी। अब मुंबई पुलिस आरोपियों से यह जानने की कोशिश कर रही है कि उनके बीच किस तरह संपर्क स्थापित हुआ था और फायरिंग की घटना में उनकी क्या भूमिका रही। जांच एजेंसियां कथित साजिश की कड़ियों को जोड़ने के साथ यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस मामले में और कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

    18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की BMW कार पर कई राउंड फायरिंग की घटना सामने आई थी। बताया गया कि अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद लौट रहे थे तभी उनकी कार को निशाना बनाया गया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदिग्धों की तलाश में कई जगह कार्रवाई की। शुरुआती जांच में पुलिस ने आशंका जताई थी कि फायरिंग का मकसद अभिनेता को डराना हो सकता है। हालांकि इस मामले में हमले के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपियों की भूमिका की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।

    इससे पहले पुलिस ने राजस्थान के कोटा से तीन संदिग्धों को पकड़ा था। अब उन्हें मुंबई लाकर पूछताछ की जा रही है। वहीं इस मामले में हथियारों की सप्लाई से जुड़े चार अन्य लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार इन गिरफ्तारियों के बाद जांच का दायरा बढ़ा है और हथियारों की व्यवस्था से लेकर उन्हें मुंबई पहुंचाने तक की कड़ियों की पड़ताल की जा रही है। वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल की बरामदगी भी जांच का अहम हिस्सा है। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ के जरिए फायरिंग के पीछे की कथित साजिश और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

  • दलेर मेहंदी के समर्थन में उतरे अनुपम खेर, बोले दो-तीन साल से ठीक नहीं चल रही तबीयत, मंत्री सुबोध उनियाल से पूछा बड़ा सवाल

    दलेर मेहंदी के समर्थन में उतरे अनुपम खेर, बोले दो-तीन साल से ठीक नहीं चल रही तबीयत, मंत्री सुबोध उनियाल से पूछा बड़ा सवाल


    नई दिल्ली। उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल और मशहूर गायक दलेर मेहंदी के बीच एक कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद ने अब मनोरंजन जगत में चर्चा तेज कर दी है। इस मामले में बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर ने दलेर मेहंदी का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मंच पर जिस तरह से गायक से बात की गई उससे उन्हें काफी दुख हुआ। अनुपम खेर ने मनोरंजन जगत के दूसरे कलाकारों से भी अपील की कि वे इस मामले पर अपनी आवाज उठाएं और दलेर मेहंदी का साथ दें।

    अनुपम खेर ने देर रात सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश साझा किया। इसमें उन्होंने साफ किया कि उन्होंने खुद उस घटना को नहीं देखा है इसलिए वह पूरे मामले के बारे में निश्चित रूप से कुछ नहीं कह सकते। हालांकि दलेर मेहंदी के साथ पिछले दो से तीन दशकों के अपने परिचय के आधार पर उन्होंने गायक के व्यक्तित्व और व्यवहार का बचाव किया। खेर ने कहा कि वह दलेर मेहंदी को पिछले 20 से 30 सालों से जानते हैं और उनकी जानकारी में दलेर शराब नहीं पीते हैं। उन्होंने गायक को अच्छे इंसानों में से एक बताया।

    अनुपम खेर ने यह भी कहा कि उन्हें अपने और दलेर मेहंदी के एक मित्र डॉ. जूल के माध्यम से पता चला था कि गायक पिछले दो से तीन वर्षों से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से गुजर रहे हैं। ऐसे में संभव है कि खराब तबीयत के बावजूद उन्होंने कार्यक्रम में आने का अपना वादा निभाया हो। खेर के मुताबिक यह उनके पेशेवर रवैये को दिखाता है। उन्होंने यह भी माना कि कार्यक्रम में लिप-सिंक किए जाने की संभावना हो सकती है लेकिन किसी प्रदर्शन को लेकर शिकायत होने का मतलब यह नहीं है कि कलाकार को सबके सामने अपमानित किया जाए।

    अनुपम खेर ने अपने संदेश में कहा कि किसी भी व्यक्ति से इस तरह सार्वजनिक मंच पर बात करना उचित नहीं है। उन्होंने दलेर मेहंदी से सहानुभूति जताते हुए कहा कि मनोरंजन जगत के लोगों को इस मामले पर चर्चा करनी चाहिए। खेर ने यह भी सवाल उठाया कि किसी कलाकार का बचाव करने की जिम्मेदारी सिर्फ उसके भाई या परिवार की नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार इंडस्ट्री के दूसरे लोगों को भी ऐसे मामलों में अपनी राय रखनी चाहिए और कलाकारों के सम्मान के लिए आगे आना चाहिए।

    अपने पोस्ट के कैप्शन में अनुपम खेर ने सीधे उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अगर मंत्री को दलेर मेहंदी के प्रदर्शन से कोई शिकायत थी तो उस पर निजी तौर पर और सम्मानजनक तरीके से बात की जा सकती थी। उन्होंने सवाल किया कि क्या गायक को मंच पर सबके सामने अपमानित करना जरूरी था। खेर ने दलेर मेहंदी को असाधारण कलाकार और अच्छा इंसान बताते हुए उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना भी की।

    यह विवाद टिहरी जिले के नरेंद्र नगर में आयोजित कुंजापुरी मेले के दौरान शुरू हुआ। कार्यक्रम में दलेर मेहंदी के प्रदर्शन से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। इन वीडियो में मंत्री सुबोध उनियाल गायक के प्रदर्शन पर सवाल उठाते और उन्हें रुकने के लिए कहते नजर आए। रिपोर्टों के अनुसार मंत्री ने नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा को समर्पित कार्यक्रम में शराब के नशे में प्रस्तुति देने पर आपत्ति जताई थी। हालांकि अनुपम खेर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद घटना नहीं देखी है।

    इस मामले में अनुपम खेर से पहले भी मनोरंजन जगत के कुछ कलाकार दलेर मेहंदी के समर्थन में सामने आए हैं। रैपर बादशाह और कॉमेडियन कपिल शर्मा ने भी गायक के प्रति समर्थन जताया है। वहीं मीका सिंह ने अपने भाई दलेर मेहंदी की हालिया सर्जरी और स्वास्थ्य की स्थिति का जिक्र करते हुए उनका बचाव किया। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर कलाकारों के सम्मान और सार्वजनिक मंच पर शिकायत दर्ज कराने के तरीके को लेकर बहस छेड़ दी है।

  • 21 अक्टूबर को खत्म हुआ तुलसी का सफर, वीरानी परिवार ने दुश्मनों से लिया बदला, फिनाले में लौट आईं पहले सीजन की यादें

    21 अक्टूबर को खत्म हुआ तुलसी का सफर, वीरानी परिवार ने दुश्मनों से लिया बदला, फिनाले में लौट आईं पहले सीजन की यादें


    नई दिल्ली। टीवी के चर्चित धारावाहिक क्योंकि सास भी कभी बहू थी के दूसरे सीजन का सफर 21 अक्टूबर 2026 को खत्म हो गया। एकता कपूर के इस लोकप्रिय शो के आखिरी एपिसोड में दर्शकों को जबरदस्त ड्रामा देखने को मिला। इसके साथ ही कहानी को ऐसा अंत दिया गया जिसमें पुराने रिश्तों की यादें भी थीं और नए घटनाक्रम का रोमांच भी। तुलसी और मिहिर की जोड़ी एक बार फिर साथ आई और वीरानी परिवार ने अपने दुश्मनों को सबक सिखाकर कहानी को खूबसूरत मोड़ पर समाप्त किया।

    क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 की शुरुआत 29 जुलाई 2025 को हुई थी। दूसरे सीजन की वापसी को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह था। इसकी सबसे बड़ी वजह स्मृति ईरानी का तुलसी के रूप में दोबारा टीवी पर नजर आना था। तुलसी का किरदार आज भी दर्शकों के दिलों में खास जगह रखता है। हालांकि दूसरे सीजन को पहले सीजन जैसी लोकप्रियता नहीं मिल सकी लेकिन इसके किरदारों और कहानी को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बनी रही।

    सीजन 2 के आखिरी एपिसोड में कहानी का सबसे अहम मोड़ मिहिर की वापसी और तुलसी के साथ उसके दोबारा आने से जुड़ा रहा। अमर उपाध्याय के निभाए मिहिर के किरदार को कुछ समय के लिए कहानी से दूर रखा गया था लेकिन बाद के एपिसोड में उसकी वापसी ने घटनाओं को नया मोड़ दिया। मिहिर के साथ ही पहले सीजन की चर्चित विलेन मंदिरा भी फिर से सामने आई। उसकी वापसी ने दर्शकों को पुराने सीजन की याद दिलाई और कहानी में तनाव बढ़ा दिया।

    करीब एक घंटे के फिनाले में दिखाया गया कि मिहिर परिवार से अलग होने का केवल नाटक कर रहा था। उसका मकसद अपने परिवार के साथ मिलकर दुश्मनों की साजिश का पर्दाफाश करना था। तुलसी और मिहिर साथ आते हैं और तृप्ति तथा मंदिरा की चालों को सबके सामने उजागर करते हैं। इसके बाद कहानी में ऐसा घटनाक्रम आता है जो दर्शकों को चौंका देता है। मंदिरा को उसका अपना भाई अनुपम गोली मार देता है। मंदिरा और तृप्ति के रास्ते से हटने के बाद वीरानी परिवार एक बार फिर साथ आता है और खुशियां मनाता है।

    शो के निर्माताओं ने इसके अंत को सिर्फ ड्रामे तक सीमित नहीं रखा बल्कि पुरानी यादों को भी इसमें खास जगह दी। फिनाले के आखिरी हिस्से में पहले सीजन की तस्वीरें और वीडियो दिखाए गए। दर्शकों को पुराने तुलसी और मिहिर की झलक देखने को मिली। इसके अलावा बा और मिहिर की मां सहित कई पुराने किरदारों की यादें भी ताजा की गईं। इस तरह कहानी को भावनात्मक अंदाज में विदाई दी गई।

    क्योंकि सास भी कभी बहू थी का पहला सीजन साल 2000 से 2008 तक प्रसारित हुआ था। यह उस दौर के सबसे लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों में शामिल रहा। इसके किरदार घर-घर में पहचाने जाते थे। मिहिर की मौत और फिर उसकी वापसी वाले घटनाक्रम ने उस समय दर्शकों के बीच जबरदस्त भावनात्मक प्रतिक्रिया पैदा की थी। यही वजह है कि इस शो की पुरानी यादें आज भी लोगों के लिए खास हैं।

    साल 2025 में दूसरे सीजन की घोषणा के साथ एक बार फिर दर्शकों को तुलसी और मिहिर की कहानी से जुड़ने का मौका मिला। अब 21 अक्टूबर 2026 को इसका समापन हो गया है। तुलसी और मिहिर के मिलन तथा पहले सीजन की झलकियों के साथ खत्म हुआ यह सफर पुराने प्रशंसकों के लिए यादगार विदाई बन गया।

  • दशहरे पर सलमान खान का देशभक्ति वाला तोहफा, ‘जय हिंद’ गाने से मचाई धूम, मजेदार कैप्शन ने खींचा सबका ध्यान

    दशहरे पर सलमान खान का देशभक्ति वाला तोहफा, ‘जय हिंद’ गाने से मचाई धूम, मजेदार कैप्शन ने खींचा सबका ध्यान


    नई दिल्ली। बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान अपनी आने वाली फिल्म मातृभूमि को लेकर लगातार चर्चा में हैं। दशहरे के मौके पर अभिनेता ने फिल्म का देशभक्ति से भरपूर गाना जय हिंद रिलीज कर दिया है। गाने के साथ सलमान ने सोशल मीडिया पर ऐसा मजेदार कैप्शन भी लिखा जिसने प्रशंसकों का ध्यान खींच लिया। उन्होंने देश के प्रति प्यार और सम्मान को केवल खास दिनों तक सीमित रखने के बजाय पूरे साल बनाए रखने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने गाने को पसंद नहीं करने वालों के लिए भी हल्के-फुल्के अंदाज में एक टिप्पणी की। फिल्म की रिलीज डेट को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है और इस गाने ने फिल्म को लेकर चर्चा और बढ़ा दी है।

    सलमान खान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जय हिंद का लिरिकल वीडियो साझा करते हुए लिखा कि अपनी मातृभूमि के प्रति प्यार सम्मान और देशभक्ति दिखाने के लिए साल के केवल दो दिन पर्याप्त नहीं हैं। देश के प्रति यह भावना पूरे साल रहनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उम्मीद है लोगों को गाना पसंद आएगा और अगर पसंद नहीं आया तो हिमेश रेशमिया और स्टेबिन बेन के इंस्टाग्राम या एक्स हैंडल तो मौजूद हैं। सलमान के इस अंदाज को उनकी चुटीली सोशल मीडिया शैली से जोड़कर देखा जा रहा है।

    फिल्म के गाने में सलमान खान सैन्य वर्दी में नजर आ रहे हैं। बर्फ से ढकी खूबसूरत लोकेशन और देशभक्ति के भाव गीत को खास बनाते हैं। वीडियो में सलमान और अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह के बीच भी शानदार केमिस्ट्री दिखाई गई है। गाने की झलक से यह संकेत मिलता है कि फिल्म में देश की रक्षा करने वाले एक सैनिक की जिम्मेदारियों के साथ उसके पारिवारिक जीवन को भी अहमियत दी गई है। सलमान के किरदार के परिवार और बच्चों से जुड़े दृश्य कहानी में भावनात्मक पहलू जोड़ते नजर आते हैं।

    जय हिंद गाने को हिमेश रेशमिया ने कंपोज किया है जबकि इसे स्टेबिन बेन ने अपनी आवाज दी है। देशभक्ति के जज्बे और भावनात्मक दृश्यों से सजे इस गीत के जरिए फिल्म की कहानी को लेकर भी दर्शकों के बीच दिलचस्पी बढ़ी है। सलमान खान के प्रशंसक लंबे समय से उन्हें एक अलग और गंभीर भूमिका में देखने का इंतजार कर रहे हैं। सैन्य वर्दी में उनका अंदाज इस उत्सुकता को और बढ़ाता है।

    मातृभूमि का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। फिल्म वर्ष 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प से प्रेरित बताई जा रही है। उस घटना में दोनों पक्षों के सैनिकों की जान गई थी। सीमा पर उस समय हुई झड़प में आग्नेयास्त्रों के बजाय हाथापाई और पारंपरिक हथियारों के इस्तेमाल की खबरें सामने आई थीं। इसी वास्तविक घटना की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म में सैन्य साहस और देश के लिए समर्पण जैसे विषय देखने को मिल सकते हैं।

    फिल्म की शूटिंग पूरी होने की खबरें पहले सामने आ चुकी हैं। कुछ रिपोर्टों में इसकी संभावित रिलीज तारीख 13 नवंबर बताई गई है लेकिन निर्माताओं की ओर से आधिकारिक तारीख की पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में दर्शकों को फिल्म की रिलीज से जुड़ी अंतिम घोषणा का इंतजार है। फिलहाल जय हिंद गाने के जरिए सलमान खान ने अपनी फिल्म को चर्चा में ला दिया है।

  • OTT पर मनोरंजन की पूरी डोज तैयार, JioHotstar पर आएंगी 7 नई फिल्में और सीरीज, क्राइम थ्रिलर से भक्ति तक मिलेगा सबकुछ

    OTT पर मनोरंजन की पूरी डोज तैयार, JioHotstar पर आएंगी 7 नई फिल्में और सीरीज, क्राइम थ्रिलर से भक्ति तक मिलेगा सबकुछ


    नई दिल्ली। ओटीटी पर फिल्में और वेब सीरीज देखने वालों के लिए यह हफ्ता काफी खास रहने वाला है। जियोहॉटस्टार पर 20 अक्टूबर से 23 अक्टूबर के बीच मनोरंजन के अलग-अलग रंग देखने को मिलेंगे। इस सप्ताह प्लेटफॉर्म पर एनिमेशन और सुपरनैचुरल फैंटेसी से लेकर क्राइम थ्रिलर और धार्मिक कहानियों पर आधारित फिल्में व सीरीज रिलीज होने वाली हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिए खास कंटेंट मौजूद रहेगा तो वहीं पौराणिक कथाओं में दिलचस्पी रखने वाले दर्शकों को भी नई पेशकश देखने को मिलेगी। इस लिस्ट में मोआना और द लेजेंड ऑफ हनुमान का सातवां सीजन खास आकर्षण हैं। अगर आप त्योहारों के इस मौसम में घर बैठे मनोरंजन करना चाहते हैं तो इन सात फिल्मों और सीरीज को अपनी वॉचलिस्ट में शामिल कर सकते हैं।

    1. बिट्टू बहानेबाज एक का तीन

    इस सप्ताह की शुरुआत बिट्टू बहानेबाज एक का तीन नाम की हिंदी मिनी एनिमेटेड फिल्म से हो चुकी है। यह 20 अक्टूबर को जियोहॉटस्टार पर रिलीज हुई है। इसकी कहानी बिट्टू नाम के एक लड़के के इर्द-गिर्द घूमती है जो अपनी तीन अलग-अलग पहचान बनाता है। बच्चों और हल्की-फुल्की मनोरंजक कहानियां पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह एक दिलचस्प विकल्प हो सकती है।

    2. महिषासुर वध

    धार्मिक कहानियों में रुचि रखने वाले दर्शकों के लिए महिषासुर वध रिलीज हुई है। 20 अक्टूबर से उपलब्ध इस हिंदी फिल्म में देवी दुर्गा और महिषासुर से जुड़ी पौराणिक कथा दिखाई जाएगी। देवी शक्ति और बुराई पर अच्छाई की जीत की कहानी पसंद करने वालों को यह फिल्म आकर्षित कर सकती है।

    3. मोआना

    21 अक्टूबर को मोआना रिलीज होगी। यह कहानी एक साहसी लड़की की है जिसका समुद्र से गहरा संबंध है। अपने साहस और दृढ़ संकल्प के दम पर वह कई चुनौतियों का सामना करती है और अपने लोगों की मदद करने के लिए आगे बढ़ती है। फिल्म अंग्रेजी में उपलब्ध होगी और डब भाषा का विकल्प भी दिया जाएगा। एनिमेशन और एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए यह खास पेशकश है।

    4. अप्सरा

    21 अक्टूबर से अप्सरा नाम का सुपरनैचुरल फैंटेसी शो भी शुरू होने वाला है। इसकी कहानी दो बहनों के इर्द-गिर्द घूमती है जिनके पास अलग-अलग शक्तियां हैं। समुद्र मंथन और अमृत कलश से प्रेरित इस कहानी में रहस्य और कल्पना का मेल देखने को मिलेगा। यह शो स्टार प्लस पर रात 10 बजे प्रसारित होगा।

    5. वरम

    तेलुगू फिल्म वरम 22 अक्टूबर को जियोहॉटस्टार पर आएगी। यह क्राइम थ्रिलर कहानी राजू नाम के एक गरीब लड़के की जिंदगी पर आधारित है। उसे एक वरदान मिलता है जिसके बाद उसकी जिंदगी में बड़े बदलाव आने लगते हैं। कहानी में आगे क्या होता है और यह वरदान उसके लिए किस तरह की परिस्थितियां पैदा करता है यह देखना दिलचस्प होगा।

    6. द लेजेंड ऑफ हनुमान सीजन 7

    23 अक्टूबर को लोकप्रिय एनिमेटेड सीरीज द लेजेंड ऑफ हनुमान का सातवां सीजन रिलीज होने वाला है। भगवान हनुमान की वीरता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं को प्रस्तुत करने वाली इस सीरीज को पहले भी दर्शकों का प्यार मिला है। इसमें शरद केलकर ने अपनी आवाज दी है। नए सीजन को लेकर धार्मिक और एनिमेशन कंटेंट पसंद करने वाले दर्शकों में उत्सुकता है।

    7. हैपीज प्लेस सीजन 3

    23 अक्टूबर को अंग्रेजी कॉमेडी सीरीज हैपीज प्लेस का तीसरा सीजन भी आएगा। पिछले सीजन में बॉबी और एम्मेट के रिश्ते से जुड़ा दिलचस्प मोड़ देखने को मिला था। अब नए सीजन में कहानी किस दिशा में आगे बढ़ेगी यह दर्शकों के लिए उत्सुकता का विषय है।

    कुल मिलाकर जियोहॉटस्टार पर इस सप्ताह हर तरह के दर्शकों के लिए कुछ न कुछ मौजूद है। धार्मिक कहानियों से लेकर एडवेंचर और क्राइम थ्रिलर तक की यह सूची ओटीटी प्रेमियों के लिए मनोरंजन के कई विकल्प लेकर आई है।

  • नितेश तिवारी की रामायण में कुंभकर्ण का किरदार निभाएंगे फैजल मलिक, हल्क को बनाया रोल की तैयारी का रेफरेंस

    नितेश तिवारी की रामायण में कुंभकर्ण का किरदार निभाएंगे फैजल मलिक, हल्क को बनाया रोल की तैयारी का रेफरेंस


    नई दिल्ली। नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण को लेकर दर्शकों के बीच उत्साह लगातार बढ़ रहा है। फिल्म में भगवान राम और रावण जैसे प्रमुख किरदारों के साथ अब दूसरे महत्वपूर्ण पात्रों की भी चर्चा होने लगी है। इसी बीच पंचायत वेब सीरीज में प्रह्लाद चाचा के किरदार से घर-घर में पहचान बनाने वाले अभिनेता फैजल मलिक ने अपने नए रोल को लेकर दिलचस्प खुलासा किया है। वह फिल्म में रावण के भाई कुंभकर्ण की भूमिका निभाते नजर आएंगे। खास बात यह है कि इस विशालकाय पौराणिक पात्र को पर्दे पर जीवंत करने के लिए फैजल मलिक ने हॉलीवुड की सुपरहीरो फिल्म एवेंजर्स के हल्क से प्रेरणा ली है।

    फैजल मलिक ने वैरायटी इंडिया के साथ बातचीत में बताया कि जब वह कुंभकर्ण के लुक और उसके व्यक्तित्व की कल्पना कर रहे थे तो उनके सामने हल्क का उदाहरण था। अभिनेता मार्क रफालो ने जिस तरह हल्क जैसे विशाल हरे किरदार को पर्दे पर प्रस्तुत किया है उससे उन्हें अपने किरदार की शारीरिक बनावट और रूप को समझने में मदद मिली। फैजल के मुताबिक हल्क उनके लिए एक अहम रेफरेंस था। हालांकि कुंभकर्ण का किरदार केवल विशाल शरीर तक सीमित नहीं है बल्कि उसका अपना पौराणिक महत्व और अलग व्यक्तित्व भी है। ऐसे में इस भूमिका को प्रभावशाली ढंग से निभाना उनके लिए बड़ी चुनौती है।

    अभिनेता ने बताया कि रामायण का हिस्सा बनना उनके लिए बचपन के सपने के सच होने जैसा है। वह भी रामायण देखते हुए बड़े हुए हैं और इस महाकाव्य से उनका भावनात्मक जुड़ाव रहा है। ऐसे में इसकी कहानी के किसी महत्वपूर्ण पात्र को निभाने का मौका मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। फैजल के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि कुंभकर्ण को आम इंसान से अलग और असाधारण रूप में कैसे प्रस्तुत किया जाए। पौराणिक कथाओं में कुंभकर्ण को विशाल शरीर वाले शक्तिशाली योद्धा के रूप में जाना जाता है। उसकी लंबी नींद भी उसके चरित्र की एक प्रमुख विशेषता है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए किरदार के लिए खास तैयारी करनी पड़ी।

    फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी और उनकी टीम ने भी कुंभकर्ण के लुक को तैयार करने में काफी मेहनत की है। फैजल मलिक के अनुसार यह किरदार फिल्म के दूसरे पात्रों से अलग है और इसकी विशालता को पर्दे पर उतारने के लिए विशेष ध्यान दिया गया है। दर्शकों के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म में कुंभकर्ण का रूप कैसा दिखाई देता है और फैजल अपने अभिनय से इस पौराणिक पात्र को किस तरह जीवंत बनाते हैं।

    फैजल ने यह भी कहा कि उनके लिए एक बड़ी चुनौती दर्शकों के दिलों में वही जगह बनाना है जो उन्हें पंचायत में प्रह्लाद चाचा के किरदार से मिली थी। इस भूमिका ने उन्हें जबरदस्त लोकप्रियता दिलाई और अब वह चाहते हैं कि दर्शक कुंभकर्ण के रूप में भी उन्हें उतना ही प्यार दें। उनके लिए यह किरदार एक नई शुरुआत और अभिनय की अलग दुनिया में कदम रखने जैसा है।

    बातचीत के दौरान फैजल मलिक ने रामानंद सागर की टीवी रामायण की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि उस धारावाहिक के किरदार और उन्हें निभाने वाले कलाकार आज भी लोगों की यादों में अमर हैं। अरुण गोविल को दशकों बाद भी दर्शक भगवान राम के रूप में देखते हैं और उनके प्रति सम्मान जताते हैं। यह रामायण के सांस्कृतिक प्रभाव को दर्शाता है। अब नई फिल्म से भी दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं और फैजल मलिक का कुंभकर्ण वाला किरदार फिल्म के चर्चित आकर्षणों में शामिल हो सकता है।

  • रामानंद सागर नहीं दिखाना चाहते थे लव-कुश की कहानी, सीता वनवास एपिसोड ने खड़ा किया विवाद, हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला

    रामानंद सागर नहीं दिखाना चाहते थे लव-कुश की कहानी, सीता वनवास एपिसोड ने खड़ा किया विवाद, हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला


    नई दिल्ली। 1987 में दूरदर्शन पर प्रसारित हुई रामानंद सागर की रामायण भारतीय टेलीविजन के इतिहास का एक यादगार धारावाहिक बन गई थी। इस शो ने भगवान राम की कथा को घर-घर तक पहुंचाया और इसके किरदारों को दर्शकों के बीच विशेष पहचान दिलाई। रामायण की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके प्रसारण के दौरान कई जगहों पर लोग अपना काम रोककर टीवी के सामने बैठ जाते थे। हालांकि इस धारावाहिक की सफलता के बाद इसकी आगे की कहानी यानी लव-कुश की कथा को लेकर ऐसा विवाद खड़ा हुआ जिसने निर्माता रामानंद सागर को कानूनी मुश्किलों में डाल दिया। सीता वनवास से जुड़े एक एपिसोड के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग उठी और मामला अदालत तक पहुंच गया।

    रामानंद सागर की रामायण 1987 से 1988 के बीच प्रसारित हुई थी और इसके कुल 78 एपिसोड दिखाए गए थे। यह धारावाहिक मुख्य रूप से गोस्वामी तुलसीदास की रामचरितमानस पर आधारित था। रामानंद सागर इसी ग्रंथ के अनुसार कथा को आगे बढ़ाते हुए धारावाहिक का समापन करना चाहते थे। लेकिन रामायण खत्म होने के बाद दर्शकों और विभिन्न संगठनों की ओर से लव-कुश की कहानी दिखाने की मांग तेज होने लगी। इसके बाद उत्तर रामायण बनाने की तैयारी शुरू हुई। हालांकि रामानंद सागर इस कहानी को लेकर सहज नहीं थे।

    सागरवर्ल्ड पर प्रेम सागर के ब्लॉग के अनुसार रामानंद सागर इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहे थे कि भगवान राम अपनी गर्भवती पत्नी सीता को एक धोबी की बात पर वनवास भेज देंगे। तुलसीदास की रामचरितमानस में लव-कुश की कथा का विस्तृत वर्णन नहीं होने के कारण भी वह इस कहानी को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं थे। दूसरी ओर वाल्मीकि समाज की ओर से मांग की जा रही थी कि रामायण की कथा को वाल्मीकि रामायण के आधार पर पूरा दिखाया जाए। बताया जाता है कि इस विषय पर रामानंद सागर तक प्रधानमंत्री कार्यालय से भी संपर्क किया गया था और दूरदर्शन के अधिकारियों के सामने भी यह मुद्दा रखा गया था।

    लगातार बढ़ते दबाव के बाद दूरदर्शन ने रामानंद सागर को लव-कुश की कहानी तैयार करने की अनुमति दी। हालांकि इसके लिए विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर कथा प्रस्तुत करने की शर्त रखी गई थी। इसके बाद रामानंद सागर ने रामायण के अलग-अलग संस्करणों का अध्ययन किया। इसी दौरान उन्हें राधेश्याम द्वारा रचित रामायण का एक संस्करण मिला जिसमें माता सीता के अयोध्या छोड़ने की घटना को अलग तरीके से प्रस्तुत किया गया था।

    इसी संस्करण के आधार पर सीता वनवास का एपिसोड तैयार किया गया। इसमें दिखाया गया कि भगवान राम सीता को वनवास जाने के लिए नहीं कहते बल्कि माता सीता स्वयं अपने पति की मर्यादा और सम्मान बनाए रखने के लिए अयोध्या छोड़ने का फैसला करती हैं। लेकिन इस प्रस्तुति को लेकर विवाद खड़ा हो गया।

    प्रेम सागर के ब्लॉग के मुताबिक जिस दिन इस एपिसोड का प्रसारण होना था उस दिन रामानंद सागर दूरदर्शन कार्यालय में मौजूद थे। प्रसारण से करीब एक घंटे पहले धीरेंद्र ब्रह्मचारी वहां पहुंचे और एपिसोड को रोकने की मांग की। हालांकि रामानंद सागर ने उनकी बात नहीं मानी और एपिसोड का प्रसारण हो गया। इसके बाद दर्शकों के एक वर्ग ने रामायण की मूल कथा से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया। विवाद इतना बढ़ा कि रामानंद सागर के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामला दर्ज हो गया। रिपोर्ट के अनुसार यह मुकदमा करीब दस वर्षों तक चला। इस तरह लव-कुश की कथा और सीता वनवास का एक एपिसोड रामानंद सागर के करियर के सबसे चर्चित विवादों में शामिल हो गया।

  • टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा, बॉडीगार्ड के साथ पुलिसकर्मी तैनात, तीन आरोपी गिरफ्तार

    टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा, बॉडीगार्ड के साथ पुलिसकर्मी तैनात, तीन आरोपी गिरफ्तार


    नई दिल्ली ।
    बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मुंबई पुलिस ने अभिनेता की सुरक्षा के लिए बॉडीगार्ड के साथ पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया है। मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अभिनेता को निशाना बनाने के पीछे क्या वजह थी और इस घटना में किन लोगों की भूमिका रही है।

    फायरिंग की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था में किए गए बदलाव के तहत टाइगर श्रॉफ के साथ निजी सुरक्षा कर्मियों के अलावा पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं। उनके नजदीकी पुलिस थाने से एक अधिकारी और कुछ जवानों को सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि अभिनेता को किस स्तर की सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। जांच अधिकारी मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं।

    प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि फायरिंग के पीछे लोगों के बीच डर पैदा करने और अभिनेता से पैसे वसूलने की कोशिश हो सकती है। जांच के दौरान लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की संभावित भूमिका का पहलू भी सामने आया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक हमले के उद्देश्य या किसी गिरोह की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ ही घटना के पीछे की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

    इस मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। जानकारी के अनुसार, तीनों को सोमवार सुबह राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन से पकड़ा गया। पुलिस ने करीब 15 मिनट तक चले अभियान के बाद उन्हें हिरासत में लिया। उस समय तीनों पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के सामान्य श्रेणी के डिब्बे में सफर कर रहे थे। ट्रेन सुबह 10 बजकर 17 मिनट पर कोटा स्टेशन पहुंची थी।

    कोटा की पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में बिहार के बेगूसराय निवासी ऋतिक उर्फ रोशन और हरियाणा के सोनीपत निवासी रेहान शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी में तीसरे आरोपी की पहचान का पूरा विवरण नहीं दिया गया है। पुलिस गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

    जांच का एक अहम पहलू यह पता लगाना है कि फायरिंग की योजना कैसे बनाई गई और आरोपियों के बीच क्या संपर्क था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना को अंजाम देने के पीछे आर्थिक मांग, धमकी या किसी अन्य कारण की भूमिका रही है या नहीं। फिलहाल इन संभावनाओं को जांच के स्तर पर देखा जा रहा है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस सभी संबंधित साक्ष्यों और आरोपियों से मिली जानकारी का परीक्षण कर रही है।

    टाइगर श्रॉफ की सुरक्षा बढ़ाए जाने के बाद अब मामले की जांच और आरोपियों से पूछताछ पर ध्यान केंद्रित है। पुलिस यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग की घटना में गिरफ्तार लोगों की क्या भूमिका थी और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय था। हमले के कारणों, संभावित साजिश और अन्य संबंधित लोगों के बारे में स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

  • दलेर मेहंदी पर शराब पीकर स्टेज पर आने के आरोप से भड़के मीका सिंह, बोले- सबूत मिला तो छोड़ दूंगा सिंगिंग

    दलेर मेहंदी पर शराब पीकर स्टेज पर आने के आरोप से भड़के मीका सिंह, बोले- सबूत मिला तो छोड़ दूंगा सिंगिंग

    नई दिल्ली । मशहूर गायक मीका सिंह अपने बड़े भाई और लोकप्रिय सिंगर दलेर मेहंदी के समर्थन में सामने आए हैं। उत्तराखंड में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान दलेर मेहंदी पर शराब पीकर मंच पर आने के आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों पर नाराजगी जताते हुए मीका सिंह ने कहा कि यदि कोई यह साबित कर दे कि उनके भाई शराब पीते हैं, तो वह गायकी छोड़ देंगे। उन्होंने मीडिया में प्रकाशित खबरों पर सवाल उठाते हुए तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रसारित करने की अपील की है।

    मीका सिंह ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में दलेर मेहंदी को लेकर सामने आई खबरों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके भाई पिछले करीब 30 वर्षों से सुपरस्टार हैं। मीका ने सवाल उठाया कि जब किसी ने उन्हें शराब पीते हुए नहीं देखा, तो उनके मंच पर नशे की हालत में होने का दावा किस आधार पर किया गया। उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण किसी कलाकार के बारे में इस तरह की बात फैलाना उचित नहीं है।

    मीका ने कलाकारों की व्यावसायिक जिम्मेदारियों का जिक्र करते हुए कहा कि कई बार तबीयत खराब होने के बावजूद कलाकार अपने कार्यक्रम का वादा निभाने के लिए मंच पर पहुंचते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी कलाकार को 104 डिग्री बुखार हो और दो दिन बाद उसका कार्यक्रम निर्धारित हो, तब भी वह अपनी प्रतिबद्धता पूरी करने का प्रयास करता है। उनके मुताबिक, कार्यक्रम का बजट छोटा हो या बड़ा, कलाकार अपनी जिम्मेदारी निभाने की कोशिश करते हैं। मीका का मानना है कि दलेर मेहंदी ने भी अपनी पेशेवर प्रतिबद्धता के कारण कार्यक्रम में प्रस्तुति दी होगी।

    उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि किसी भी खबर को प्रकाशित करने से पहले उससे जुड़े तथ्यों की जांच की जाए। मीका ने कहा कि बिना सबूत लगाए गए आरोपों पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए और न ही उन्हें सत्यता की पुष्टि किए बिना आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने दशहरा की शुभकामनाएं देते हुए जिम्मेदार और निष्पक्ष पत्रकारिता पर जोर दिया।

    मीका ने कार्यक्रम के दौरान दलेर मेहंदी के साथ हुए व्यवहार पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी सम्मानित मंत्री की मौजूदगी में किसी कलाकार पर सार्वजनिक रूप से शराब पीने का आरोप लगाया जाता है, तो खबर प्रकाशित करने से पहले उसकी पुष्टि करना और संबंधित कलाकार को अपना पक्ष रखने का अवसर देना जरूरी नहीं है क्या। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बैंड कोल्डप्ले का उदाहरण देते हुए पूछा कि क्या किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय कलाकार के साथ भी मंच पर ऐसा व्यवहार किया जाएगा।

    मीका ने यह भी कहा कि वह अपने भाई को अच्छी तरह जानते हैं और उनके अनुसार दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते। उन्होंने बताया कि उनके भाई पिछले दो वर्षों से बीमार हैं और अभी भी स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। इसके बावजूद वह अपने बैंड के साथ प्रस्तुतियां दे रहे हैं। मीका ने यह मुद्दा भी उठाया कि आजकल कई गायक बैकिंग ट्रैक का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उनके काम को लेकर उसी तरह के सवाल नहीं उठाए जाते। उन्होंने कहा कि दलेर मेहंदी देश के बड़े गायकों में शामिल हैं और उनकी लोकप्रियता के कारण उन्हें निशाना बनाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि बिना पुष्टि प्रकाशित की गई खबर किसी व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचा सकती है।

    यह विवाद 18 अक्टूबर को उत्तराखंड के टिहरी जिले में आयोजित कुंजापुरी मेले के दौरान सामने आया था। नवरात्र के समय आयोजित होने वाले इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने दलेर मेहंदी की प्रस्तुति रुकवा दी और दर्शकों के सामने उन्हें फटकार लगाई। मंत्री ने आरोप लगाया कि दलेर मेहंदी देवी दुर्गा के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में शराब पीकर मंच पर आए थे। इसके बाद मामला चर्चा में आ गया और मीका सिंह ने अपने भाई के समर्थन में सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी।

  • टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा, अनिल पंडित से कराई थी शूटर की बात, पैसे और विदेश में नौकरी का वादा

    टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा, अनिल पंडित से कराई थी शूटर की बात, पैसे और विदेश में नौकरी का वादा


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ नए खुलासे सामने आ रहे हैं। इस मामले में हरियाणा पुलिस की मदद से समीर नाम के एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि समीर ने मुख्य आरोपी रेहान उर्फ सुक्का की विदेश में बैठे गैंगस्टर अनिल पंडित से बातचीत कराई थी। पुलिस के मुताबिक रेहान को इस वारदात में शामिल होने के लिए 35 हजार रुपये और विदेश में बसने का लालच दिया गया था। जांच एजेंसियां अब इस मामले में कथित आपराधिक नेटवर्क और दूसरे संभावित संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं।

    पुलिस के अनुसार टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर 18 अक्टूबर को गोलीबारी हुई थी। घटना के बाद मामले की जांच शुरू की गई और कुछ ही समय में तीन आरोपियों रेहान फूल सिंह और रितिक कुमार को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार कर लिया गया। अब समीर की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात की योजना किस तरह बनाई गई और इसमें शामिल लोगों को निर्देश कौन दे रहा था।

    जांच में सामने आए विवरण के मुताबिक समीर ने रेहान की बातचीत अनिल पंडित से कराई थी। आरोप है कि रेहान को पैसे देने के साथ विदेश में बसने का अवसर देने का वादा किया गया था। रितिक कुमार को भी विदेश में अच्छी नौकरी दिलाकर सेटल करने का लालच दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के खर्च के लिए विदेश से ऑनलाइन पैसे भेजे जाते थे। इसके बाद वे किसी दुकान के माध्यम से रकम मंगवाकर नकदी हासिल कर लेते थे। जांच एजेंसियां इन लेनदेन और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।

    रिपोर्ट के मुताबिक अनिल पंडित आरोपियों से बातचीत करने के लिए जग्गी नाम के ऐप का इस्तेमाल करता था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपियों को हथियार किसी व्यक्ति ने सीधे नहीं सौंपे थे। उन्हें संदेश के जरिए एक स्थान की जानकारी दी गई थी जहां कचरा पात्र के पास हथियार रखे होने की बात कही गई थी। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है कि हथियार कहां से आए और उन्हें वहां किसने रखा था। अधिकारियों को संदेह है कि मुंबई में आरोपियों के कुछ अन्य संपर्क भी हो सकते हैं।

    जांच में रेहान का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार उसके खिलाफ पहले आर्म्स एक्ट और चोरी से जुड़ा मामला दर्ज हो चुका है। रेहान और फूल सिंह पर अमृतसर के एक व्यापारी पर पहले भी फायरिंग की कोशिश करने का आरोप है। बताया गया है कि उस घटना में पिस्टल नहीं चली थी। पुलिस इन घटनाओं के बीच किसी संभावित संबंध की भी जांच कर सकती है।

    टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग के बाद तीनों आरोपी मुंबई के अंधेरी रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। वहां के सीसीटीवी कैमरों में उनकी मौजूदगी दर्ज होने की बात सामने आई है। उनका कथित इरादा पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस से भागने और आगे नेपाल जाने का था। हालांकि पुलिस ने उन्हें कोटा में पकड़ लिया। तीनों आरोपियों को 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद महाराष्ट्र पुलिस उन्हें आगे की पूछताछ के लिए मुंबई ले गई। कोटा पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से हथियार या नकदी बरामद होने की पुष्टि नहीं हुई थी।

    इस बीच रैपिडो कंपनी ने भी मामले पर प्रतिक्रिया दी है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि खबरों में सामने आया संबंधित व्यक्ति 14 अक्टूबर से उसके प्लेटफॉर्म पर ड्राइवर के तौर पर सक्रिय नहीं था। घटना वाले दिन उसने रैपिडो की सेवा का इस्तेमाल ग्राहक के रूप में किया था। कंपनी ने कहा कि वह जांच एजेंसियों के संपर्क में है और मामले की जांच में पूरा सहयोग कर रही है। अब पुलिस की जांच का मुख्य फोकस फायरिंग की साजिश के पीछे मौजूद लोगों की पहचान करना और कथित आर्थिक लेनदेन तथा हथियारों की व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं का पता लगाना है।