नेवी की निगरानी में ही होगा जहाजों का मूवमेंट
देश गरिमा को मिल रही नौसेना की सुरक्षा
लारक द्वीप के आसपास बढ़ाई गई सतर्कता
वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग
भारतीय नौसेना की मजबूत तैनाती

नेवी की निगरानी में ही होगा जहाजों का मूवमेंट
देश गरिमा को मिल रही नौसेना की सुरक्षा
वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग

सरकार और आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन संभावित नुकसान का आकलन करने में जुटा हुआ है। जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि सुनामी की लहरें तट तक पहुंचना शुरू हो चुकी हैं और ये एक बार नहीं बल्कि कई बार आ सकती हैं। ऐसे में लोगों को बिना देरी किए प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की सलाह दी गई है।

नुवारा एलिया में उपराष्ट्रपति ने इंडियन हाउसिंग प्रोजेक्ट की विभिन्न साइट्स का निरीक्षण किया और वहां चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। यह परियोजना खास तौर पर प्लांटेशन क्षेत्रों में रहने वाले भारतीय मूल के तमिल परिवारों को बेहतर आवास सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई है। इसके तहत हजारों परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराए जा रहे हैं जिससे उनके जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इससे पहले उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कोलंबो में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के साथ साथ सांस्कृतिक और विकासात्मक सहयोग को बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों यानी एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए गए जो स्वास्थ्य शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देंगे।
इन समझौतों में मुल्लैतिवु में एक आधुनिक मेडिकल वार्ड कॉम्प्लेक्स का निर्माण शामिल है जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा पूर्वी प्रांत में महिला सशक्तीकरण के लिए प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने और विभिन्न अस्पतालों में विशेष यूनिट विकसित करने जैसे कदम भी उठाए जाएंगे। साथ ही कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग क्लस्टर और पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए आयुर्वेद गांव विकसित करने की योजना भी शामिल है।
भारत और श्रीलंका के बीच हुई घोषणाओं में भारतीय मूल के तमिल समुदाय के लिए ओसीआई सुविधा को छठी पीढ़ी तक बढ़ाने का फैसला भी अहम माना जा रहा है। इससे इस समुदाय के लोगों को भारत से जुड़े अधिकार और सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी होगी। इसके अलावा इंडियन हाउसिंग प्रोजेक्ट के तीसरे चरण के पूरा होने की घोषणा भी की गई जिसमें हजारों घर बनाए गए हैं।
रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी सहयोग को बढ़ावा देते हुए नॉर्दर्न रेलवे लाइन पर ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने और विभिन्न प्रांतों में पुलों के निर्माण की घोषणा की गई है। वहीं छात्रों के लिए स्कॉलरशिप बढ़ाने और श्रीलंका के अंतरराष्ट्रीय बिग कैट अलायंस में शामिल होने की सहमति भी दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग को दर्शाती है।
यह दौरा स्पष्ट रूप से दिखाता है कि भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ केवल कूटनीतिक संबंध ही नहीं बल्कि विकास और मानवीय सहयोग को भी प्राथमिकता दे रहा है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं का लाभ सीधे तौर पर श्रीलंका के तमिल समुदाय और अन्य स्थानीय नागरिकों को मिलेगा जिससे दोनों देशों के संबंध और अधिक मजबूत होंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि ईरान के झंडे वाला एक बड़ा कार्गो जहाज अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा था। उनके अनुसार लगभग 900 फीट लंबे इस जहाज को रोकने के लिए पहले चेतावनी दी गई लेकिन जब जहाज के क्रू ने निर्देशों का पालन नहीं किया तो अमेरिकी नौसेना को सख्त कार्रवाई करनी पड़ी।
बताया जा रहा है कि अमेरिकी गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर USS Spruance ने जहाज को रोकने के लिए उसके इंजन रूम को निशाना बनाया जिससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया। इसके बाद अमेरिकी मरीन ने जहाज को अपने कब्जे में ले लिया। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि इस जहाज पर पहले से वित्तीय प्रतिबंध लगे हुए थे और यह गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल रहा है।
वहीं दूसरी ओर ईरान ने इस कार्रवाई को पूरी तरह गलत बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ईरानी सेना ने इसे समुद्री रास्ते में की गई डकैती करार दिया है और आरोप लगाया है कि अमेरिका ने न केवल जहाज को रोका बल्कि उसके नेविगेशन सिस्टम को भी नुकसान पहुंचाया और उस पर सैन्य कब्जा कर लिया। ईरान के सरकारी माध्यमों के जरिए जारी बयान में स्पष्ट कहा गया है कि इस कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा और जल्द ही जवाबी कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा चल रही थी। खबरों के अनुसार अमेरिका की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के इस्लामाबाद जाने वाला है जहां संभावित वार्ता हो सकती है। इस प्रतिनिधिमंडल में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस स्पेशल दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल बताए जा रहे हैं।
हालांकि ईरान की ओर से अभी तक आधिकारिक रूप से इस बैठक की पुष्टि नहीं की गई है और वहां के मीडिया में भी इस पर संदेह जताया जा रहा है। ऐसे में यह घटना दोनों देशों के बीच संभावित कूटनीतिक प्रयासों पर भी असर डाल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ओमान की खाड़ी जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह की सैन्य कार्रवाई वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा सकती है क्योंकि यह क्षेत्र पहले से ही सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि ईरान अपनी चेतावनी को किस हद तक अमल में लाता है और क्या दोनों देश बातचीत के जरिए इस तनाव को कम करने की दिशा में आगे बढ़ते हैं या यह टकराव और गंभीर रूप ले लेता है।

मैड्रिड में आयोजित एक कार्यक्रम में मचाडो ने कहा कि दुनिया ट्रंप को ऐसे नेता के रूप में देखती है, जिन्होंने वेनेजुएला को तानाशाही से मुक्त कराने के प्रयास में अपने देश के नागरिकों की जान तक खतरे में डाली।
उन्होंने यह भी साफ किया कि अपने फैसलों को लेकर उन्हें कोई पछतावा नहीं है।
‘नोबेल पदक’ को लेकर क्यों मचा विवाद?
रिपोर्ट्स के अनुसार, 2025 में मचाडो को नोबेल शांति पुरस्कार मिला था, जिसके बाद उन्होंने अपना पदक ट्रंप को सौंप दिया।
हालांकि, नोबेल समिति ने स्पष्ट किया कि
पुरस्कार किसी एक व्यक्ति को ही दिया जाता है
इसे न ट्रांसफर किया जा सकता है, न साझा
यानी पदक भले किसी के पास हो, लेकिन सम्मान का अधिकार मूल विजेता के पास ही रहता है।
ट्रंप और नोबेल—पुराना रिश्ता
ट्रंप लंबे समय से नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर चर्चा में रहे हैं।
लेकिन समिति ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए उनके नाम पर विचार नहीं किया।
वेनेजुएला की राजनीति भी बनी वजह
इस पूरे मामले के पीछे निकोलस मादुरो सरकार के खिलाफ अमेरिकी रुख भी एक अहम कारण रहा। मचाडो ने इसे वेनेजुएला के लिए ऐतिहासिक बताया, जबकि कई विशेषज्ञ इसे राजनीतिक रणनीति मानते हैं।

सीएम सरमा ने की सराहना, बोले असम की संस्कृति का वैश्विक सम्मान
इस अनोखे प्रदर्शन की सराहना करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वीडियो साझा किया। उन्होंने ‘बिहू बिनंदिया’ टैग के साथ लिखा कि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में बिहू नृत्य देखना असम की संस्कृति के लिए गौरव का क्षण है। सरमा ने फिंके के इस प्रयास को असमिया परंपरा के प्रति सम्मान बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिहू पर दिए गए विशेष ध्यान के बाद अब इस त्योहार को वैश्विक पहचान मिल रही है। गौरतलब है कि असम में हर साल रोंगाली बिहू के अवसर पर नववर्ष का स्वागत बड़े उत्साह से किया जाता है और यह त्योहार राज्य की पहचान बन चुका है।
पहले भी दिखा चुके हैं अंतरिक्ष में भारतीय संस्कृति की झलक
यह पहला मौका नहीं है जब माइक फिंके ने अंतरिक्ष में भारतीय संस्कृति का प्रदर्शन किया हो। इससे पहले भी वे अपनी एक अंतरिक्ष यात्रा के दौरान बिहू नृत्य का वीडियो साझा कर चुके हैं। चार अंतरिक्ष मिशनों का हिस्सा रह चुके फिंके ने जनवरी के मध्य में अपनी हालिया उड़ान पूरी की थी। हालांकि, वायरल हो रहा यह नया वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। फिर भी यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और लोग इसे संस्कृति और विज्ञान के अनोखे संगम के रूप में देख रहे हैं।
‘बिहू बिनंदिया’ से बना विश्व रिकॉर्ड, पीएम मोदी भी रहे साक्षी
असम में बिहू को लेकर उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अप्रैल 2023 में गुवाहाटी में लगभग 10,000 कलाकारों ने एक साथ ‘बिहू बिनंदिया’ प्रस्तुति देकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इस ऐतिहासिक आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे थे। अब जब अंतरिक्ष तक बिहू की गूंज पहुंच चुकी है, तो यह कहना गलत नहीं होगा कि असम की यह पारंपरिक कला वैश्विक मंच पर नई ऊंचाइयों को छू रही है।

SBP के प्रवक्ता के अनुसार, यूएई की ओर से जमा की गई 3.5 अरब डॉलर की राशि में से 2 अरब डॉलर की अवधि पूरी होने पर वापस कर दी गई है और शेष 1.5 अरब डॉलर 23 अप्रैल तक चुकाने हैं। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने वाशिंगटन में कहा कि देश को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से लगभग 1.2 अरब डॉलर की अगली किश्त मिलने की उम्मीद है। IMF की कार्यकारी बोर्ड की बैठक मई के मध्य में प्रस्तावित है, जिसमें इस समझौते की समीक्षा होगी और अगली राशि जारी हो सकती है। यूएई ने पाकिस्तान को भुगतान संतुलन को संभालने के लिए 3.5 अरब डॉलर की सहायता दी थी। हाल ही में पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते UAE ने यह राशि जल्द वापस करने की मांग की थी।
सऊदी अरब ने कैसे की पाकिस्तान की मदद
वहीं, सऊदी अरब ने पाकिस्तान के साथ 3 अरब डॉलर की जमा राशि की अवधि बढ़ाने का समझौता किया है, जिससे पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार को सहारा मिला है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 27 मार्च तक पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 16.4 अरब डॉलर था, जो लगभग तीन महीने के आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। हालांकि, यूएई को भुगतान के कारण देश के बाहरी वित्तीय संसाधनों पर दबाव बना हुआ है।
पाकिस्तान की ओर से UAE का कर्ज ऐसे समय चुकाया जा रहा है जब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत होनी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिकी वार्ताकार सोमवार को ईरान के साथ दूसरे दौर की बातचीत के लिए पाकिस्तान पहुंचेंगे। होर्मुज स्ट्रेट वार्ता के पहले दौर के दौरान प्रमुख विवादों में से एक था। शनिवार को इसे लेकर जारी गतिरोध तब और बढ़ गया, जब ईरान ने संकरे जलमार्ग को पार करने की कोशिश कर रहे जहाजों पर गोलीबारी की, जबकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह आग सबाह के उन जल-आधारित गांवों में से एक में लगी, जहां खंभों पर बने लकड़ी के घर होते हैं। ये क्षेत्र देश के सबसे गरीब समुदायों का निवास स्थान है, जिसमें कई राज्यविहीन और स्वदेशी समूह शामिल हैं। संडाकन पुलिस ने राज्य समाचार एजेंसी बरनामा को बताया कि आग से 9000 से अधिक निवासी प्रभावित हुए हैं। हालांकि, अब तक किसी की मौत की कोई खबर नहीं है।
रिपोर्ट के अनुसार, दमकल विभाग के अनुसार, आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं। फिलहाल मौके पर कई टीमें पहुंची हैं और हताहतों को मौके से निकालकर राहत केंद्रों में शिफ्ट किया जा रहा है। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम (Prime Minister Anwar Ibrahim) ने कहा कि संघीय सरकार प्रभावित लोगों को बुनियादी सहायता और अस्थायी पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए सबाह अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही है। फेसबुक पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री इब्राहिम ने लिखा कि अभी प्राथमिकता पीड़ितों की सुरक्षा और मौके पर तत्काल सहायता प्रदान करना है।

ईरान से गहरे संबंधों पर चिंता
रिपोर्ट में कहा गया है कि जनरल मुनीर के ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों से लंबे समय से व्यक्तिगत रिश्ते रहे हैं। इनमें कासिम सुलेमानी और होसैन सलामी जैसे नाम शामिल बताए गए हैं। इन संबंधों को अमेरिकी हितों के लिहाज से संवेदनशील माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि मौजूदा हालात में मुनीर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान पर्दे के पीछे मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। उनका प्रयास दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखने और बातचीत को आगे बढ़ाने का बताया गया है।
ट्रंप की तारीफ, एजेंसियों की चिंता
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने सार्वजनिक तौर पर मुनीर की तारीफ करते हुए उन्हें अपना ‘पसंदीदा फील्ड मार्शल’ कहा है। हालांकि, अमेरिकी खुफिया अधिकारियों का मानना है कि उनकी यह दोहरी भूमिका भविष्य में अमेरिकी रणनीतिक हितों को प्रभावित कर सकती है।
पाकिस्तान के ट्रैक रिकॉर्ड पर सवाल
रिपोर्ट में पाकिस्तान के पिछले रिकॉर्ड को लेकर भी चिंता जताई गई है, खासकर अफगानिस्तान में उसकी भूमिका को लेकर।
विशेषज्ञों की चेतावनी
विशेषज्ञ बिल रोगियो ने कहा कि अमेरिका को पाकिस्तान पर आंख बंद कर भरोसा नहीं करना चाहिए। उनका मानना है कि मुनीर के ईरानी सैन्य ढांचे से संबंध भविष्य में रणनीतिक जोखिम पैदा कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, यह रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई है जब वैश्विक स्तर पर अमेरिका-ईरान संबंधों में तनाव बना हुआ है और पाकिस्तान की भूमिका पर नई बहस छिड़ गई है।

वाशिंगटन। अमेरिका-ईरान युद्धविराम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने एक फैसले से घर में विरोध का सामना करना पड़ रहा है। ट्रंप ने रूस से पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद की अनुमति देने वाली छूट की अवधि को एक माह के लिए बढ़ा दिया है, जबकि कुछ दिन पूर्व उन्होेंने यह विशेष राहत आगे न बढ़ाने की बात कही थी। अमेरिकी डेमोक्रेट सांसदों ने रूस से तेल खरीदी को दोबारा छूट देना ट्रंप प्रशासन का 180 डिग्री यू-टर्न और शर्मनाक कदम बताया है। सीनेट में भी इसका विरोध हुआ।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार देर रात आदेश जारी कर रूसी तेल पर लगी पाबंदी से छूट की अवधि 16 मई तक बढ़ा दी।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने कई वैश्विक विवादों को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई है। इसी दावे के साथ, उन्होंने ट्रुथ सोशल पर ट्रंप वॉर रूम की एक पोस्ट में एक डिजिटल पोस्टर दिखाया, जिसमें ट्रंप को शांति के राष्ट्रपति के तौर पर बताया गया है। ट्रुथ सोशल के हैंडल ने कहा, ट्रंप पर भरोसा करें।
ट्रंप ने जोर देकर कहा, मेरे दखल से बड़े पैमाने पर जानमाल की क्षति रोकने में मदद मिली। एरिजोना के फीनिक्स में टर्निंग प्वाइंट यूएसए कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय विवादों पर बोलते हुए उन्होंने कहा, मैं शांतिदूत हूं। मैं ही वह व्यक्ति हूं जिसने आठ युद्धों को सुलझाया। मैंने भारत-पाकिस्तान के बीच एक ऐसे युद्ध को सुलझाया जिसमें 3-5 करोड़ लोगों की जान जा सकती थी। एजेंसी
नई समयसीमा और भारत पर असर…
अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अधिकृत दस्तावेज के मुताबिक, अब 17 अप्रैल तक जहाजों पर लोड हुए रूसी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों को 16 मई तक खरीदी की मंजूरी मिल गई है। पिछली छूट 11 अप्रैल को खत्म हो गई थी। नए फैसले का लाभ भारत समेत उन तमाम देशों को मिलेगा जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूस पर निर्भर हैं।
दूसरे दौर की वार्ता की तैयारी में पाकिस्तान
होर्मुज पर जारी तनाव के बावजूद मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान ने उम्मीद जताई है कि अमेरिका और ईरान के बीच 22 अप्रैल की युद्धविराम की समयसीमा से पहले समझौता हो जाएगा। विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि लेबनान में युद्धविराम सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच लड़ाई प्रमुख मुद्दा था। पाकिस्तान अगले सप्ताह की शुरुआत में ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता के दूसरे दौर की मेजबानी करेगा।
नए अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे: ईरान
ईरान ने कहा कि वह अमेरिका की ओर से भेजे गए नए प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है। अमेरिका-ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने हाल ही में तेहरान दौरे के दौरान ईरान को ये प्रस्ताव सौंपे थे। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ वार्ता अच्छी चल रही है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा कि अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा की जा रही है, लेकिन उसने यह बताने से इन्कार कर दिया कि प्रस्ताव में क्या है।