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  • सर्दियों में त्वचा को बनाएं मुलायम और दमकती: अपनाएं ये जरूरी स्किन केयर टिप्स

    सर्दियों में त्वचा को बनाएं मुलायम और दमकती: अपनाएं ये जरूरी स्किन केयर टिप्स

    नई दिल्ली। सर्दियों का मौसम आते ही त्वचा की नमी कम होने लगती है। ठंडी हवा और हीटिंग सिस्टम की वजह से चेहरे और हाथों की त्वचा रूखी और खुरदरी हो जाती है। कई लोग महंगी क्रीम और लोशन लगाने के बाद भी खास असर नहीं देखते। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि स्किन केयर केवल प्रोडक्ट्स पर निर्भर नहीं है, बल्कि सही आदतें अपनाना भी बेहद जरूरी है।

    लखनऊ की ब्यूटी एक्सपर्ट अमरीश कौर के अनुसार, सबसे पहला कदम है बार-बार मॉइस्चराइज करना। इसके लिए हैंड क्रीम और फेस मॉइस्चराइजर चुनते समय ऐसे प्रोडक्ट्स का चयन करें जिसमें शीया बटर, एलोवेरा या हयालूरोनिक एसिड हो। हर बार हाथ धोने और चेहरे को साफ करने के बाद मॉइस्चराइज करना बेहद जरूरी है।

    रात में स्किन की देखभाल और भी ज्यादा असरदार होती है। सोने से पहले चेहरे और हाथों पर पेट्रोलियम जेली या विटामिन ई ऑयल लगाकर कॉटन ग्लव्स और मोज़े पहनें। इससे स्किन पूरी रात पोषित और मुलायम रहती है। हफ्ते में एक बार हल्का एक्सफोलिएशन करना भी जरूरी है। चीनी और ऑलिव ऑयल मिलाकर चेहरे और हाथों की मृत त्वचा को हटाएं और फिर मॉइस्चराइज करें।

    नाखून और सनस्क्रीन का महत्व
    सर्दियों में सिर्फ चेहरे और हाथ ही नहीं, बल्कि नाखूनों और क्यूटिकल की देखभाल भी जरूरी है। रात में क्यूटिकल ऑयल लगाकर हल्की मसाज करने से नाखून मजबूत रहते हैं। दिन में बाहर निकलते समय SPF वाली हैंड क्रीम और फेस सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना त्वचा को UV किरणों से बचाता है और झुर्रियों को रोकता है।

    हवा और धूप दोनों ही त्वचा से नमी चुराते हैं, इसलिए ग्लव्स पहनना जरूरी है। घर में बर्तन धोते समय, सफाई करते समय या बगीचे में काम करते समय भी दस्ताने पहनें। माइल्ड साबुन का उपयोग करें और बहुत गर्म पानी की जगह गुनगुना पानी ही इस्तेमाल करें।

    नेचुरल उपाय और पोषण
    त्वचा की सुंदरता सिर्फ बाहरी देखभाल से नहीं आती। पर्याप्त पानी पीना, संतुलित आहार लेना और सही नींद लेना भी जरूरी है। गाजर, पालक, टमाटर और मेवे जैसी चीजें विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं और त्वचा को अंदर से पोषण देती हैं। इसके अलावा, घर पर तैयार नेचुरल फेस पैक और मास्क जैसे हल्दी और दूध, दही और शहद, एवोकैडो और शहद आदि का इस्तेमाल किया जा सकता है। ये न केवल त्वचा को मॉइस्चराइज करते हैं बल्कि उसे प्राकृतिक चमक भी देते हैं।

    सर्दियों में त्वचा की देखभाल के लिए सही रूटीन अपनाना बेहद जरूरी है। बार-बार मॉइस्चराइज करना, रात की ओवरनाइट केयर, एक्सफोलिएशन, सनस्क्रीन का इस्तेमाल और ग्लव्स पहनना आपकी त्वचा को रूखेपन से बचाएगा। नेचुरल प्रोडक्ट्स और संतुलित जीवनशैली से त्वचा हमेशा मुलायम, नर्म और चमकदार बनी रहेगी। नियमित आदतों और सही प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से सर्दियों में भी त्वचा की खूबसूरती बरकरार रखी जा सकती है।

  • बिना सोच-विचार कर लो पैकिंगलास्ट मिनट ट्रैवल लवर्स के लिए बेस्ट हैं ये 5 जगहेंनए साल पर घूम आओ

    बिना सोच-विचार कर लो पैकिंगलास्ट मिनट ट्रैवल लवर्स के लिए बेस्ट हैं ये 5 जगहेंनए साल पर घूम आओ


    नई दिल्ली । अगर आपने अभी तक नए साल का ट्रिप नहीं प्लान कियातो कोई बात नहीं। अब आपका समय बिना ज्यादा सोच-विचार के पैकिंग करने का आ गया है। आज हम आपके लिए भारत की कुछ ऐसी जबर्दस्त जगहें लेकर आए हैंजो लास्ट मिनट ट्रैवल लवर्स के लिए एकदम परफेक्ट हैं। शांत वादियों से लेकर समुद्र तट और रेगिस्तान तक – 2025 के अंत पर बनाओ अपनी यादगार ट्रिप।
    नए साल पर घूम आओ
    क्या आप भी वो ट्रैवल लवर्स हैं जो – चलोआज ही चलें! वाली फीलिंग रखते हैं? कई लोग साल के आखिरी दिनों तक काम में इतने व्यस्त रहते हैं कि वे जल्दी से कोई ट्रिप प्लान नहीं कर पाते। लेकिन चिंता मत करोभारत में ऐसी कई जगहें हैं जहां बिना ज्यादा प्लानिंग के भी आप नए साल की ट्रैवल ट्रिप मस्ती से बिता सकते हैं। अगर पैकिंग का बैग तैयार है तो चलिए जानते हैं उन 5 शानदार डेस्टिनेशन्स के बारे में जहाँ आप इस नए साल पर घूम आ सकते हैं।
    वर्कला
    समुद्र किनारे शांत माहौल में समय बिताना है तो केरल का वर्कला बहुत शानदार जगह है। यहां की ऊंची चट्टानेंसमुद्र की लहरों का नजारा और कैफे की चाय – सब मिलकर आपके ट्रिप को यादगार बना देंगे। दिन में बीच पर वॉक और शाम को सनसेट का आनंद लेना एकदम रिलैक्स एक्सपीरियंस है।
    पुष्कर
    अगर आप सांस्कृतिक और शांत माहौल वाले डेस्टिनेशन की तलाश में हैंतो पुष्कर एक खूबसूरत विकल्प है। यहां की झीलघाट और ब्रह्मा मंदिर आपको एक अलग आध्यात्मिक अहसास देंगे। भीड़-भाड़ हीरोइन जगहों के बजाययह छोटा सा शहर बहुत ही शांत और दिल को छू लेने वाला है।
    जीरो वैली
    अगर आपका दिल भीड़ और शोर से दूरसुकून भरे माहौल में घूमने को चाहता हैतो अरुणाचल प्रदेश की जीरो वैली एक अद्भुत विकल्प है। यहां चारों ओर हरियालीशांत मौसम और ठंडी वादियां हैंजो साल के अंत पर आपके दिल को शांति से भर देती हैं। यहां की वादियों में चाय की चुस्की लेते हुए नया साल मनाने का मजा ही कुछ और होता है।
    रण ऑफ कच्छ
    अगर आप कुछ अलग और नेचर से भरपूर जगह ट्राय करना चाहते हैंतो गुजरात का रण ऑफ कच्छ आपके लिए परफेक्ट रहेगा। सर्दियों के मौसम में यहां का सफेद नमक मैदान और खुला आसमान बेहद खूबसूरत दिखता है। भारी ऊनी कपड़े पैक करने की जरूरत भी नहीं पड़तीइसलिए लास्ट मिनट ट्रिप के लिए यह बढ़िया ऑप्शन है।
    अंडमान एंड निकोबार आइलैंड्स
    थोड़ी दूर जाना है लेकिन असली बीच का मजा लेना हैतो अंडमान एक शानदार चुनाव है। यहां की नीली समुद्री लहरेंसफेद रेत और पानी के नीचे की विश्व भर की खूबसूरती आपको एक अलग सा अनुभव देंगी। चाहें तो आप स्कूबा डाइविंग या स्नॉर्कलिंग जैसी एक्टिविटीज का भी मजा ले सकते हैं।
    ट्रैवल टिप्स बिना प्लानिंग के
    लास्ट मिनट ट्रिप पर निकलते समय पहले होटल और फ्लाइट की उपलब्धता जरूर चेक कर लें। ज्यादा चीजें प्लान करने का बोझ न लेंबस आराममस्ती और अनुभव को प्राथमिकता दें। यही सही तरीका है कि आप इस साल की आखिरी ट्रिप को पॉजिटिव ऊर्जा से भरपूर बना पाएं।

  • सर्दियों में लेमन ग्रास टी इम्यूनिटी बूस्ट और एनर्जी का प्राकृतिक स्रोत

    सर्दियों में लेमन ग्रास टी इम्यूनिटी बूस्ट और एनर्जी का प्राकृतिक स्रोत


    नई दिल्ली । सर्दियों के मौसम में ठंड से बचाव और सेहत बनाए रखने के लिए लेमन ग्रास टी एक प्राकृतिक वरदान है। सर्दियों में लेमन ग्रास टी की चुस्की खासतौर पर फायदेमंद है। यह ताजगी भरी हर्बल ड्रिंक एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाती है।लेमन ग्रास टी न केवल पाचन सुधारती है बल्कि प्राकृतिक रूप से तनाव से राहत देती है और इम्यूनिटी बढ़ाती है। आयुर्वेद में लंबे समय से इस्तेमाल हो रही यह चाय सर्दी-जुकाम से बचाव के लिए भी बेहतरीन है।
    भारत सरकार का आयुष मंत्रालय लेमन ग्रास टी के फायदों से अवगत कराता है। इसका सेवन पाचन तंत्र के लिए बहुत फायदेमंद है। यह पेट फूलना गैस और अपच जैसी समस्याओं को दूर करती है। लेमन ग्रास टी में मौजूद सिट्रल कंपाउंड पाचन एंजाइम्स को एक्टिव करता है जिससे भोजन आसानी से पचता है। सर्दियों में भारी खाने से होने वाली तकलीफों में यह राहत देती है।

    प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में भी लेमन ग्रास टी का बड़ा योगदान है। इसमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं जो संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ाते हैं। सर्दियों में वायरल इंफेक्शन और फ्लू से बचाव के लिए रोजाना एक कप पीना लाभकारी है। यह टी सूजन कम करने में भी प्रभावी है। एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण जोड़ों के दर्द मांसपेशियों की अकड़न और सर्दी से होने वाली सूजन में आराम मिलता है। साथ ही यह शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालती है और डिटॉक्स का काम करती है।

    लेमन ग्रास टी थकान को उतारने में भी प्रभावी है। रिलैक्सेशन को बढ़ावा देने वाली यह टी तनाव और चिंता कम करती है। इसकी सुगंध मूड को बेहतर बनाती है और नींद अच्छी आती है। सर्दियों की लंबी रातों में एक कप गर्म लेमन ग्रास टी पीना शांति का एहसास देता है। लेमन ग्रास टी बनाने के लिए ताजा या सूखे लेमन ग्रास के डंठल लें काटकर पानी में उबाल लें। इसे 5 से 10 मिनट तक उबालने के बाद छान लें। स्वाद के लिए इसमें शहद या नींबू भी मिला सकते हैं।लेमन ग्रास टी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इसे रोजाना 1 या 2 कप से ज्यादा न पीएं। गर्भवती महिलाएं या कोई दवा ले रहे हों तो डॉक्टर से सलाह के बाद ही सेवन करें।

  • स्वाद और सेहत का अद्भुत मिलाजुला: रसोई के इस मसाले से पाएं दोनों का बेहतरीन संगम

    स्वाद और सेहत का अद्भुत मिलाजुला: रसोई के इस मसाले से पाएं दोनों का बेहतरीन संगम


    नई दिल्ली । आयुर्वेद बताता है कि भारतीय रसोई घर में ऐसे कई मसाले हैं जिनके सेवन से कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं को मात दी जा सकती है। ऐसे ही एक मसाले का नाम जायफल है जो न केवल व्यंजनों में स्वाद और खुशबू जोड़ता है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है।रसोई घर में रखा जायफल स्वाद बढ़ाने में कारगर है। औषधीय गुणों से भरपूर जायफल के बारे में आयुर्वेद विस्तार से जानकारी देता है। इसे दाल करी सब्जियां और मिठाइयों में भी इस्तेमाल किया जाता है।
    इसकी अनोखी सुगंध और हल्की मिठास किसी भी डिश को चार चांद लगा देती है।भारतीय व्यंजनों में जायफल का इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है। इसे अक्सर धनिया हल्दी मिर्च और अन्य मसालों के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है जो डिश को ताजगी और मसालेदार स्वाद देता है। गरम मसाला में भी जायफल शामिल होता है। मिठाइयों जैसे हलवा खीर या लड्डू में इसका पाउडर डालने से स्वाद दोगुना हो जाता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार जायफल सिर्फ स्वाद बढ़ाने वाला नहीं बल्कि सेहत का साथी भी है। जायफल का सबसे बड़ा फायदा नींद की समस्या में है। यह प्राकृतिक रूप से मानसिक शांति प्रदान करता है और अनिद्रा से राहत दिलाता है। रात को दूध में थोड़ा सा पीसा जायफल मिलाकर पीने से अच्छी नींद आती है। इसके अलावा जायफल पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। यह गैस अपच पेट फूलना और कब्ज जैसी आम समस्याओं से छुटकारा दिलाता है।

    जायफल में मौजूद तत्व पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करते हैं जिससे भोजन आसानी से पचता है। आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि सीमित मात्रा में जायफल का सेवन शरीर के लिए लाभकारी है। यह एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है जो इम्यूनिटी बढ़ाता है और सूजन कम करता है। हालांकि ज्यादा मात्रा में जायफल हानिकारक हो सकता है इसलिए रोजाना थोड़ी मात्रा ही इस्तेमाल करें। गर्भवती महिलाएं या कोई दवा ले रहे लोग डॉक्टर से सलाह लें।

  • रक्त संचार बेहतर कर भरपूर एनर्जी देता है वृश्चिकासन अभ्यास से मिलते हैं कई लाभ

    रक्त संचार बेहतर कर भरपूर एनर्जी देता है वृश्चिकासन अभ्यास से मिलते हैं कई लाभ


    नई दिल्ली । व्यस्त दिनचर्या और कार्य का बढ़ता तनाव शरीर के साथ-साथ मन को भी शीघ्र बीमारियों की चपेट में ले लेता है। इन समस्याओं से छुटकारा पाने का सबसे प्रभावी तरीका है योगासनों को दिनचर्या में शामिल करना। ऐसा ही एक बेहतरीन आसन है वृश्चिकासनजिसे स्कॉर्पियन पोज भी कहा जाता है। इस आसन के अभ्यास के दौरान शरीर बिच्छू की आकृति जैसा बन जाता है। इसके अभ्यास से शारीरिक मजबूतीलचीलापन और मानसिक शांति मिलती है।
    मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के अनुसारवृश्चिकासन के रोजाना अभ्यास से शरीर को एक-दो नहींकई लाभ मिलते हैं। वृश्चिकासन या स्कॉर्पियन पोज एक इनवर्टेड बैकबेंड आसन हैजिसमें कोहनियों पर संतुलन बनाते हुए पैरों को सिर की ओर झुकाया जाता है। यह आसन कंधोंबाजुओंपीठ और कोर मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। योग एक्सपर्ट बताते हैं कि इससे रीढ़ की हड्डी का लचीलापन बढ़ता हैजिससे कमर दर्द और पीठ की समस्याओं में राहत मिलती है। साथ हीयह पेट की मांसपेशियों को खींचता हैपाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और शरीर में ऊर्जा का संचार करता है। वृश्चिकासन एकाग्रता और संतुलन भी बढ़ाता है।

    यह मस्तिष्क में रक्त संचार सुधारता हैजिससे स्मरण शक्ति और फोकस बेहतर होता है। नियमित अभ्यास से तनाव कम होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। यह आसन हृदय के लिए भी लाभकारी हैक्योंकि इनवर्टेड पोजिशन में रक्त प्रवाह संतुलित होता है। एक्सपर्ट बताते हैं कि इस आसन को करने के लिए सबसे पहले मयूरासन की स्थिति में आएं। कोहनियों को कंधों के नीचे रखें और हथेलियों से जमीन को पकड़ें। शरीर को ऊपर उठाते हुए पैरों को सीधा रखें। अब धीरे-धीरे रीढ़ को झुकाते हुए पैरों को सिर की ओर लाएंताकि पैरों की उंगलियां सिर को छूने की कोशिश करें।

    संतुलन बनाए रखें और गहरी सांस लें। शुरुआत में 10-20 सेकंड तक रुकेंफिर धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। अभ्यास के बाद शवासन या बालासन में विश्राम करें। वृश्चिकासन उन्नत आसन हैइसलिए शुरुआती लोग योग प्रशिक्षक की देखरेख में ही करें। एक्सपर्ट बताते हैं कि कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए। जैसे हाई ब्लड प्रेशरहृदय रोगचक्कर आने की समस्यागर्भावस्था या पीठ-कमर में चोट वाले लोग इसे न करें। वार्म-अप जरूर करेंजैसे डॉल्फिन पोज या प्लैंक। अगर गर्दन या कंधों में दर्द हो तो न करें। गलत तरीके से करने पर चोट लग सकती है।

  • बिना काम के पूरे दिन थकान अनदेखा न करें हो सकती है इस विटामिन की कमी

    बिना काम के पूरे दिन थकान अनदेखा न करें हो सकती है इस विटामिन की कमी


    नई दिल्ली । काम के बाद थकान होना स्वाभाविक होता है लेकिन अगर इसका अहसास पूरे दिन बना रहता है तो इसे नजरअंदाज न करें। थकान के पीछे कई कारण हो सकते हैं लेकिन बार-बार होने वाली थकान कमजोरी की निशानी है जो पूरे शरीर को बेजान बना देती है। शरीर की कमजोरी विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी का संकेत देती है।

    विटामिन बी कॉम्प्लेक्स बाकी विटामिन की तरह ही हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। विटामिन बी कॉम्प्लेक्स में एक नहीं बल्कि आठ अलग-अलग तरह के विटामिन होते हैं जिनमें विटामिन बी-1 बी-2 बी-3 बी-5 बी-6 बी-7 बी-9 और बी-12 होते हैं जो पूरे शरीर का ऊर्जा हाउस है। हर विटामिन शरीर के अलग-अलग हिस्सों को ऊर्जा देने का काम करता है।

    अगर इसमें से किसी भी विटामिन की कमी शरीर में होती है तो थकान बाल झड़ना चक्कर आना मस्तिष्क की नसों का कमजोर होना याददाश्त की समस्या स्किन से जुड़ी परेशानी हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन एनीमिया आंखों की रोशनी कमजोर होना डिप्रेशन रक्त वाहिकाओं में अत्याधिक जोर पड़ना और मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होते हैं।

    विटामिन बी कॉम्प्लेक्स हमारे भोजन को ऊर्जा में बदलने का काम करता है। ये पानी में घुलनशील विटामिन हैं जो शरीर को तेजी से ऊर्जा देने का काम करते हैं। अगर भोजन ऊर्जा में नहीं बदल पाता तो शरीर में बाकी पोषक तत्वों की कमी होती है। ऐसे में मन और तन दोनों की थकान महसूस होती है।

    अब सवाल आता है कि विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी को कैसे पूरा किया जा सकता है। आहार में बहुत कम ही विटामिन बी कॉम्प्लेक्स पाया जाता है। शाकाहारी भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां साबुत अनाज दूध दही और कुछ फलों में ही विटामिन बी कॉम्प्लेक्स पाया जाता है जबकि मांसाहारी भोजन में मांस मछली चिकन और अंडे में पाया जाता है।

    शरीर में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स का अवशोषण सही तरीके से हो सकता है। इसके लिए चाय और कॉफी का सेवन कम करें। डिब्बा बंद उत्पादों का सेवन भी करने से बचें और अगर फिर भी विटामिन की पूर्ति नहीं होती है तो डॉक्टर की सलाह के बाद सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।

  • दोस्तों के साथ नए साल की शुरुआत को बनाएं यादगार भारत की इन 5 जगहों पर करें न्यू ईयर ट्रिप प्लान

    दोस्तों के साथ नए साल की शुरुआत को बनाएं यादगार भारत की इन 5 जगहों पर करें न्यू ईयर ट्रिप प्लान


    नई दिल्ली । नया साल आने में अब गिनती के ही दिन बचे हैं और ऐसे में घूमने-फिरने की प्लानिंग जोरों पर है. ज्यादातर लोग चाहते हैं कि साल की शुरुआत किसी ऐसी जगह से हो जहां मस्ती सुकून और नए अनुभव एक साथ मिलें

    मनाली कसोल

    बर्फ से ढकी वादियां बोनफायर और पहाड़ी कैफे मनाली और कसोल नए साल के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन हैं. यहां दिन में स्नो एक्टिविटीज और रात में म्यूजिक व पार्टी का माहौल मिलता है.

    उदयपुर

    राजस्थान का रॉयल अंदाज न्यू ईयर को यादगार बना देता है. महलों में खास डिनर लोक कलाकारों की प्रस्तुति और आतिशबाजी सेलिब्रेशन को अलग रंग देती है.

    पुडुचेरी

    यहां नया साल शोर से नहीं बल्कि सुकून और खूबसूरती से मनाया जाता है. बीच के किनारे जश्न और व्हाइट टाउन की गलियां अलग ही अनुभव देती हैं.
    ग्रेट रण ऑफ कच्छ
    अगर कुछ हटकर करना चाहते हैं तो रण उत्सव बेहतरीन विकल्प है. सफेद रेगिस्तान लोक संगीत और टेंट स्टे न्यू ईयर को खास बनाते हैं.

    गोकर्ण


    कम भीड़ और शांत माहौल पसंद करने वालों के लिए गोकर्ण सही जगह है. यहां बीच पर म्यूजिक बोनफायर और दोस्तों के साथ लंबी बातचीत का मजा लिया जा सकता है. चाहे पहाड़ हों समंदर या रेगिस्तान ये डेस्टिनेशन नए साल की शुरुआत को यादगार बना सकती हैं.

  • स्विट्जरलैंड भी लगेगा फीका! भारत के इन 5 रेलवे रूट्स पर दिखती है 'जन्नत' खिड़की से दिखेंगी बर्फीली वादियों का नजारा

    स्विट्जरलैंड भी लगेगा फीका! भारत के इन 5 रेलवे रूट्स पर दिखती है 'जन्नत' खिड़की से दिखेंगी बर्फीली वादियों का नजारा


    नई दिल्ली । भारत में ट्रेन यात्राओं का अपना ही एक जादू हैपहियों की लयबद्ध खड़खड़ाहट खिड़की के बाहर लगातार बदलते नज़ारे और हर मील के साथ रोमांच का बढ़ता एहसास. विस्टाडोम कोच इस अनुभव को एक नए लेवल पर ले जाते हैं. घूमने वाली रिक्लाइनिंग सीटों कांच की छतों और बड़ी पैनोरमिक खिड़कियों के साथ ये कोच यात्रियों को प्रकृति की भव्यता में डूबने का मौका देते हैं. बर्फ से ढके पहाड़ों से लेकर हरी-भरी घाटियों और झरनों तक यहां भारत भर के कुछ सबसे खूबसूरत विस्टाडोम ट्रेन रूट दिए गए हैं. आइए जानते इन 5 रेलवे रूट्स के बारे में विस्तार से ।
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    जम्मू और कश्मीर विस्टाडोम स्पेशल कोच बडगाम से बनिहाल तक की यह 90 किलोमीटर की यात्रा यात्रियों को कश्मीर घाटी की लुभावनी सुंदरता में डुबो देती है. श्रीनगर अवंतीपोरा अनंतनाग और काजीगुंड से गुज़रते हुए ट्रेन बर्फ से ढकी चोटियों चमकती धाराओं और हरे-भरे घास के मैदानों के मनोरम दृश्य दिखाती है. 2023 में लॉन्च किया गया यह कांच की छत वाला कोच यात्रियों को प्रकृति का एक अभिन्न हिस्सा होने का एहसास कराता है जिससे यात्रा उतनी ही मनमोहक हो जाती है जितनी कि मंज़िल  ।
    डूअर्स न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस ​​यह ट्रेन न्यू जलपाईगुड़ी से अलीपुरद्वार जंक्शन तक 169 किलोमीटर की दूरी तय करती है और पश्चिम बंगाल के डूअर्स इलाके से गुज़रती है. खिड़कियों के बाहर घने जंगल फैले हुए चाय के बागान और पूर्वी हिमालय की खूबसूरत पहाड़ियाँ दिखाई देती हैं. वन्यजीवों को देखने से अनुभव और भी बेहतर हो जाता है और यह यात्रा भूटान का रास्ता जैसी लगती है. विस्टाडोम कोच हर मोड़ पर एक नया मनमोहक नज़ारा दिखाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं ।
    हिमाचल प्रदेश कालका-शिमला NG एक्सप्रेस ​​यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट कालका-शिमला लाइन इंजीनियरिंग और प्राकृतिक सुंदरता का एक शानदार उदाहरण है. 90 किलोमीटर से ज़्यादा की दूरी में ट्रेन 103 सुरंगों 800 पुलों और लगभग हज़ार मोड़ों से गुज़रती है. चीड़ के जंगल गहरी घाटियाँ और शानदार पहाड़ों के नज़ारे पूरे रास्ते की शोभा बढ़ाते हैं. विस्टाडोम कोच की चौड़ी कांच की छत और खिड़कियाँ इस ऐतिहासिक यात्रा को हिमाचली पहाड़ियों का एक शानदार पैनोरमिक अनुभव बना देती हैं
    गुजरात अहमदाबाद-केवडिया जन शताब्दी एक्सप्रेस ​​यह रूट अहमदाबाद को एकता नगर से जोड़ता है जो स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का गेटवे है. यात्री नर्मदा नदी और आसपास के नज़ारों का शानदार व्यू देख सकते हैं. विस्टाडोम कोच इस अनुभव को और भी खास बनाते हैं जिससे एक आम ट्रेन यात्रा एक खूबसूरत एडवेंचर में बदल जाती है. भारत की सबसे ऊंची मूर्ति देखने जाने वालों के लिए यह यात्रा अपने आप में एक बड़ा आकर्षण बन जाती है ।
    असम न्यू हाफलोंग स्पेशल टूरिस्ट ट्रेन गुवाहाटी से न्यू हाफलोंग तक की यह 269 किलोमीटर की यात्रा असम की प्राकृतिक सुंदरता के शानदार नज़ारे दिखाती है. पूरी यात्रा के दौरान यात्रियों को घुमावदार पहाड़ियाँ हरी-भरी घाटियाँ और शांत नदियाँ देखने को मिलती हैं. माइबोंग में रुकने से यात्रा में सांस्कृतिक अनुभव जुड़ जाता है जबकि विस्टाडोम कोच की बड़ी खिड़कियाँ इस क्षेत्र की अनछुई सुंदरता को दिखाती हैं. यह सिर्फ़ यात्रा का एक ज़रिया नहीं है; यह नॉर्थ-ईस्ट इंडिया के नज़ारों का एक चलता-फिरता कैनवस है ।

  • सर्दियों में आलस्य और पेट की समस्याओं से राहत देगा धनुरासन, जानें इसके अद्भुत फायदे

    सर्दियों में आलस्य और पेट की समस्याओं से राहत देगा धनुरासन, जानें इसके अद्भुत फायदे

    नई दिल्ली, 25 दिसंबर (आईएएनएस)। सर्दियों के आते ही शरीर में सुस्ती छा जाती है और तले-भुने भोजन की वजह से पेट संबंधी परेशानियां शुरू हो जाती हैं। ऐसे में योग अभ्यास आपको ऊर्जावान और तंदुरुस्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसी कड़ी में धनुरासन एक ऐसा योगासन है, जो शरीर को ऊर्जावान बनाने के साथ फिट भी रखता है।

    ‘धनुरासन’ एक संस्कृत शब्द है, ‘धनुर’ का अर्थ ‘धनुष’ और ‘आसन’ का अर्थ ‘मुद्रा’ है। इस आसन को करने के दौरान शरीर धनुष की तरह झुकता है। यह आसन शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करने, लचीलापन बढ़ाने और कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को ठीक करने में मदद करता है।

    आयुष मंत्रालय के अनुसार, धनुरासन एक प्रभावी योगासन है, जिससे पेट और पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव आता है। साथ ही, यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, कब्ज और अपच दूर करता है, रक्त संचार बढ़ाता है, वजन घटाने में मदद करता है, और मानसिक शांति प्रदान करता है, जिसके लिए पेट के बल लेटकर घुटनों को मोड़कर टखनों को हाथों से पकड़ते हुए छाती और जांघों को ऊपर उठाया जाता है।

    इसके अलावा, यह फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाता है। इसके नियमित अभ्यास से कमर दर्द, मधुमेह नियंत्रण और यहां तक कि हृदय स्वास्थ्य में सुधार देखा गया है। महिलाओं के लिए यह मासिक धर्म की अनियमितता दूर करने में भी उपयोगी है।

    इसको विधिवत करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं, पैरों को एक साथ और हाथों को शरीर के बगल में रखें। अब सांस छोड़ते हुए घुटनों को मोड़ें और एड़ियों को हाथों से पकड़ें। सांस लेते हुए जांघों, सिर और छाती को पेट के निचले हिस्से पर केंद्रित करते हुए जितना संभव हो ऊपर उठाएं। इस स्थिति को 10-20 सेकंड तक बनाए रखना चाहिए। इसके बाद सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे प्रारंभिक स्थिति में वापस आ जाना चाहिए।

    इसके नियमित अभ्यास से शरीर को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं, लेकिन किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या पर इसे करने से परहेज करें या फिर किसी योग विशेषज्ञ की सलाह पर ही करें।

  • सर्दियों में चमकेगा बेजान पड़ा चेहरा! नेचुरल ग्लो के लिए अपनाएं ये देसी स्किनकेयर रूटीन

    सर्दियों में चमकेगा बेजान पड़ा चेहरा! नेचुरल ग्लो के लिए अपनाएं ये देसी स्किनकेयर रूटीन


    नई दिल्ली । सर्दियों में डल और ड्राई स्किन के साथ फटे होंठों से सभी परेशान रहते हैं. ऐसे में सर्दियों में स्किन केयर करने की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. मगर खूबसूरत चेहरे और ग्लोइंग स्किन के लिए क्रीम की जरूरत नहीं होती है बल्कि इंटरनल बैलेंस और बाहरी पोषण जरूरी होता है. अगर आप सर्दियों में इन देसी स्किन केयर रूटीन को फॉलो करते हैं तो पूरी ठंड आपकी स्किन दमकती रहेगी.

    देसी घी का पानी पिएं

    सबसे पहले हर रोज एक चम्मच देसी घी को गर्म पानी और दूध के साथ पिएं. यह स्किन के टिशूज को गहराई से पोषण देता है और रूखेपन को रोकने में मदद करता है. इससे स्किन ड्राई कम होती है और सॉफ्ट रहती है. देसी घी सिर्फ हमारे खाने को टेस्टी नहीं बनाता है बल्कि हमारी स्किन को भी सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाने में मदद करता है.
    रोज खाएं 1 आंवला
    सर्दियों में रोजाना 1 आंवला खाने से कोलेजन और इम्युनिटी बढ़ती है और चेहरे को नेचुरल ग्लो भी मिलता है. यह विटामिन सी का सबसे बेहतरीन सोर्स माना जाता है और इसे आप कई तरीके से अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं इसका अचार या आंवला शॉट भी आपकी मदद कर सकता है.

    खजूर किशमिश और फल खाएं
    खजूर किशमिश और सीजनल फलों को सर्दियों में जरूर खाएं इनसे आपकी स्किन को काफी फायदा मिलता है. इन सबको खाने से स्किन हाइड्रेटेड रहती है. खजूर और किशमिश को दूध में मिलाकर आप रात को सोने से पहले ले सकते हैं.
    तेल से मालिश
    ठंड में अगर आप नहाने से पहले अपनी बॉडी की तिल या बादाम के तेल से मालिश करते हैं तो यह आपके शरीर में मॉइस्चराइज को लॉक करता है. इसके अलावा ब्लड सर्कुलेशन भी सही होता है. वैसे शरीर की तेल से मसाज करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है.
    गर्म पानी से नहीं नहाना चाहिए
    सर्दियों में लोग गर्म पानी से नहाना शुरू कर देते हैं लेकिन यह आपकी स्किन के लिए सही नहीं होता है. इसलिए ठंड के मौसम में हमेशा हल्का गुनगुना पानी से ही नहाना चाहिए. गुनगुना पानी आपकी स्किन को नुकसान नहीं पहुंचाता है और स्किन ड्राई नहीं होती है.
    घरेलू फेस पैक लगाएं
    सर्दियों में आप अपने चेहरे की चमक को बनाए रखने के लिए मुलेठी एलोवेरा चावल का आटा दूध और शहद से बना घरेलू फेस पैक लगाएं. चावल का आटा और एलोवेरा दोनों ही स्किन के लिए सबसे बेहतरीन फेस पैक माने जाते हैं और इनके साथ दूध और शहद भी स्किन के लिए शानदार काम करते हैं
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    दूध-उबटन से चेहरा साफ करें
    चेहरे पर साबुन लगाने से अक्सर ही एक्सपर्ट मना करते हैं और खासतौर पर सर्दियों में तो साबुन नहीं लगाना चाहिए. इसकी जगह आप अपने चेहरे को रॉ मिल्क या घरेलू उबटन से साफ करें. इससे चेहरे की नेचुरल क्लींजिंग होती है और पोषण भी मिलता है. इससे स्किन की नमी बनी रहती है और चेहरा रूखा नहीं लगता है.