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  • दही, एलोवेरा और शहद का हेयर मास्क: बालों को बनाएं मजबूत और चमकदार, महंगे प्रोडक्ट्स की छुट्टी

    दही, एलोवेरा और शहद का हेयर मास्क: बालों को बनाएं मजबूत और चमकदार, महंगे प्रोडक्ट्स की छुट्टी

    नई दिल्ली। आज के समय में बालों की देखभाल एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। प्रदूषण, गलत खानपान और केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स के कारण बाल रूखे, बेजान और कमजोर हो जाते हैं। ऐसे में लोग महंगे हेयर केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई बार उनसे भी मनचाहा रिजल्ट नहीं मिलता।

    ऐसे में घरेलू नुस्खे एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प बनकर सामने आते हैं। इन्हीं में से एक असरदार उपाय है दही, एलोवेरा और शहद से बना हेयर मास्क। यह तीनों चीजें मिलकर बालों को गहराई से पोषण देती हैं और उन्हें मजबूत, मुलायम और चमकदार बनाती हैं।

    दही में मौजूद प्रोटीन बालों की जड़ों को मजबूत करता है और डैंड्रफ की समस्या को कम करता है। वहीं एलोवेरा स्कैल्प को ठंडक देता है और बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देता है। इसके अलावा शहद बालों में नमी बनाए रखता है, जिससे बाल ड्राई और फ्रिज़ी नहीं होते।

    इस हेयर मास्क को बनाना बेहद आसान है। इसके लिए 2 चम्मच दही लें, उसमें 1 चम्मच एलोवेरा जेल और 1 चम्मच शहद मिलाएं। सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स करके एक स्मूद पेस्ट तैयार करें।

    अब इस मास्क को लगाने से पहले अपने बालों को हल्का गीला कर लें। इसके बाद इस मिश्रण को स्कैल्प से लेकर बालों की लंबाई तक अच्छे से लगाएं। हल्के हाथों से मसाज करें ताकि यह जड़ों तक पहुंच सके।

    मास्क को लगभग 30 से 40 मिनट तक बालों में लगा रहने दें। इसके बाद माइल्ड शैम्पू से बालों को धो लें। हफ्ते में 1 से 2 बार इसका इस्तेमाल करने से बालों की क्वालिटी में साफ फर्क नजर आने लगता है।

    नियमित उपयोग से बालों का टूटना कम होता है, रूखापन दूर होता है और बाल अधिक शाइनी और स्मूद बनते हैं। साथ ही यह स्कैल्प की हेल्थ को भी बेहतर बनाता है।

    हालांकि, अगर किसी को किसी भी सामग्री से एलर्जी है तो पहले पैच टेस्ट जरूर करें। जरूरत से ज्यादा मात्रा में या बहुत बार इस्तेमाल करने से भी बचना चाहिए।

    कुल मिलाकर, दही, एलोवेरा और शहद से बना यह घरेलू हेयर मास्क एक आसान, सस्ता और असरदार उपाय है, जो बिना महंगे प्रोडक्ट्स के भी बालों को खूबसूरत बना सकता है।


  • स्ट्रेस और बेचैनी से पाना है छुटकारा? भ्रामरी प्राणायाम है आसान और असरदार उपाय

    स्ट्रेस और बेचैनी से पाना है छुटकारा? भ्रामरी प्राणायाम है आसान और असरदार उपाय

    नई दिल्ली आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता और मानसिक थकान आम समस्या बन चुकी है। काम का दबाव, लगातार स्क्रीन टाइम और बदलती लाइफस्टाइल के कारण लोग अक्सर बेचैनी और दिमागी अशांति महसूस करते हैं। ऐसे में Ministry of AYUSH ने एक आसान और असरदार उपाय सुझाया है भ्रामरी प्राणायाम

    मंत्रालय के अनुसार, यह प्राणायाम मन को शांत करने और मानसिक संतुलन बनाए रखने में बेहद कारगर है। खासकर जब मन में बहुत ज्यादा विचार चल रहे हों या बेचैनी महसूस हो रही हो, तब भ्रामरी प्राणायाम तुरंत राहत देने में मदद करता है।

    International Day of Yoga से पहले भी मंत्रालय लोगों को इस प्राणायाम के फायदे बता रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकें।

    योग विशेषज्ञों के मुताबिक, भ्रामरी प्राणायाम एक विशेष श्वास तकनीक है, जिसमें सांस छोड़ते समय भौंरे की तरह “हम्म्म” की ध्वनि निकाली जाती है। इस ध्वनि से मस्तिष्क में हल्का कंपन होता है, जो तनावग्रस्त नसों को शांत करता है। इससे न केवल स्ट्रेस कम होता है, बल्कि गुस्सा, चिंता और नींद से जुड़ी समस्याओं में भी राहत मिलती है।

    इस प्राणायाम का नियमित अभ्यास मानसिक एकाग्रता बढ़ाने और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। जो लोग अक्सर चिंता या ओवरथिंकिंग का शिकार रहते हैं, उनके लिए यह एक सरल और प्राकृतिक उपाय है।

    भ्रामरी प्राणायाम करने का तरीका भी बेहद आसान है। सबसे पहले किसी शांत जगह पर आराम से सीधे बैठ जाएं और आंखें बंद कर लें। अब अपने अंगूठों से दोनों कानों को हल्के से बंद करें। इसके बाद गहरी सांस लें और धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए “हम्म” की आवाज निकालें। कोशिश करें कि यह ध्वनि लंबी और स्थिर हो। इस प्रक्रिया को 5 से 10 बार दोहराएं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना सुबह या शाम के समय इसका अभ्यास करने से मन की अशांति धीरे-धीरे कम होने लगती है। साथ ही, इससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और नींद की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।

     कहना है कि यह प्राणायाम पूरी तरह सुरक्षित है और इसे घर पर बिना किसी उपकरण के आसानी से किया जा सकता है। जो लोग लगातार मानसिक थकान या तनाव से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह एक प्रभावी और प्राकृतिक समाधान है।

    कुल मिलाकर, भ्रामरी प्राणायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करके आप मानसिक शांति और बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में एक बड़ा कदम उठा सकते हैं।


  • गर्मियों में मेथी दाना खाना सही या गलत? जानें आयुर्वेद क्या कहता है

    गर्मियों में मेथी दाना खाना सही या गलत? जानें आयुर्वेद क्या कहता है

    नई दिल्ली। भारतीय रसोई में मौजूद मसाले सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ाते, बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर होते हैं। इन्हीं में से एक है मेथी दाना, जिसका इस्तेमाल सदियों से स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जाता रहा है। हालांकि, गर्मियों के मौसम में इसके सेवन को लेकर लोगों के मन में कई सवाल उठते हैं क्या इसकी तासीर शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकती है?

    आयुर्वेद के अनुसार मेथी दाना की तासीर गर्म (उष्ण) होती है। यह शरीर में वात और कफ दोष को संतुलित करने में मदद करता है। लेकिन गर्मियों में जब शरीर में पित्त पहले से ही बढ़ा होता है, तब इसका अधिक सेवन कुछ लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसम में ज्यादा मात्रा में मेथी लेने से पेट में जलन, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

    इतना ही नहीं, जिन लोगों को मधुमेह (डायबिटीज) है, उनके लिए भी मेथी दाने का सेवन सोच-समझकर करना जरूरी है, क्योंकि यह ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकता है। इसलिए गर्मियों में इसका सेवन करने के तरीके और मात्रा दोनों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

    आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार, मेथी दाने को रातभर पानी में भिगोकर सुबह उस पानी को छानकर पीना ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद होता है। ध्यान रहे कि गर्मियों में इसे उबालकर या गर्म करके सेवन करने से बचें, क्योंकि इससे शरीर में अतिरिक्त गर्मी बढ़ सकती है।

    इसके अलावा, मेथी दाने की मात्रा सीमित रखना बेहद जरूरी है। गर्म मौसम में शरीर पहले से ही संवेदनशील होता है, इसलिए कम मात्रा में सेवन करने से ही लाभ मिलता है। आप चाहें तो मेथी दाने के पाउडर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे दही या छाछ में मिलाकर लेने से इसकी गर्म तासीर कम हो जाती है और पाचन तंत्र भी बेहतर रहता है।

    छाछ के साथ मेथी का सेवन करने से पेट की गर्मी कम होती है, साथ ही यह सूजन और जोड़ों के दर्द में भी राहत पहुंचाता है। इस तरह मेथी दाना एक प्राकृतिक जड़ी-बूटी की तरह काम करता है, लेकिन सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है।

    विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि गर्मियों में मेथी दाना खाली पेट लेने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे गैस और असहजता हो सकती है। इसे भोजन के बाद लेना अधिक बेहतर माना जाता है।

    हालांकि, गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली माताएं, लो बीपी या मधुमेह के मरीजों को मेथी दाने का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

    कुल मिलाकर, मेथी दाना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है, लेकिन गर्मियों में इसे सही मात्रा और सही तरीके से लेने पर ही इसका पूरा लाभ मिल सकता है।


  • Type-2 Diabetes से बचाव है संभव: अपनाएं ये 4 आसान आदतें और रहें स्वस्थ

    Type-2 Diabetes से बचाव है संभव: अपनाएं ये 4 आसान आदतें और रहें स्वस्थ


    नई दिल्ली। आज के समय में तेजी से बढ़ती लाइफस्टाइल बीमारियों में Type 2 Diabetes एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। खराब खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी और बढ़ता तनाव इस बीमारी के प्रमुख कारण माने जाते हैं। हालांकि, अच्छी बात यह है कि World Health Organization (WHO) का मानना है कि कुछ आसान और नियमित आदतों को अपनाकर इस बीमारी से बचाव संभव है।

    WHO के अनुसार, सबसे जरूरी है अपने शरीर के वजन को संतुलित रखना। बढ़ता हुआ वजन डायबिटीज के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है। ऐसे में नियमित रूप से वजन पर नजर रखना और जरूरत पड़ने पर उसे नियंत्रित करना बेहद जरूरी है। संतुलित वजन न सिर्फ डायबिटीज बल्कि कई अन्य बीमारियों से भी बचाता है।

    दूसरा महत्वपूर्ण उपाय है शारीरिक रूप से सक्रिय रहना। विशेषज्ञों की सलाह है कि रोजाना कम से कम 20 से 30 मिनट तक व्यायाम जरूर करना चाहिए। इसमें तेज चलना, साइकिल चलाना या हल्का-फुल्का खेलकूद शामिल हो सकता है। नियमित शारीरिक गतिविधि शरीर में इंसुलिन के प्रभाव को बेहतर बनाती है और ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखने में मदद करती है।

    तीसरा अहम पहलू है संतुलित और पौष्टिक आहार। WHO के अनुसार, अपनी डाइट में फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए। वहीं, ज्यादा चीनी, प्रोसेस्ड फूड और सैचुरेटेड फैट से दूरी बनाना बेहद जरूरी है। सही खानपान न केवल डायबिटीज के खतरे को कम करता है, बल्कि शरीर को ऊर्जा और पोषण भी देता है।

    चौथा और बेहद जरूरी उपाय है तंबाकू से दूरी बनाना। तंबाकू का सेवन न केवल डायबिटीज बल्कि दिल और फेफड़ों से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। WHO का स्पष्ट कहना है कि तंबाकू छोड़ने से शरीर की ओवरऑल हेल्थ बेहतर होती है और कई बीमारियों से बचाव संभव होता है।

    आज के व्यस्त जीवन में छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करना ही सबसे बड़ा उपाय है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, वजन नियंत्रण और तंबाकू से दूरी बनाकर न केवल Type 2 Diabetes बल्कि कई अन्य गंभीर बीमारियों से भी बचा जा सकता है।

    कुल मिलाकर, अगर समय रहते जागरूकता दिखाई जाए और सही जीवनशैली अपनाई जाए, तो डायबिटीज जैसी बीमारी को काफी हद तक रोका जा सकता है।

  • बाल रस्सी जैसे रूखे? 15 दिन में फर्क दिखाएगा ये नेचुरल अलसी और एलोवेरा हेयर मास्क

    बाल रस्सी जैसे रूखे? 15 दिन में फर्क दिखाएगा ये नेचुरल अलसी और एलोवेरा हेयर मास्क


    नई दिल्ली। मौसम बदलने के साथ ही अक्सर हमारे चेहरे और बालों पर इसका असर दिखाई देता है। जबकि स्किन का ख्याल हम रखते हैं, बालों की देखभाल अक्सर अनदेखी रह जाती है। इसका परिणाम बालों की रूखापन और बेजानपन के रूप में सामने आता है। यदि आपके बाल भी रस्सी या झाड़ू जैसे लग रहे हैं, तो इसका मतलब है कि उन्हें गहराई से पोषण की जरूरत है।

    महंगे शैम्पू और हेयर प्रोडक्ट्स हर बार कारगर नहीं होते। कई बार ये बालों को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। ऐसे में नेचुरल उपाय सबसे सुरक्षित और असरदार होते हैं। इन उपायों में अलसी (flax seeds) का इस्तेमाल बालों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ है।

    अलसी के बीज में ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये तत्व बालों को मुलायम, चमकदार और मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इसीलिए आज हम आपको अलसी और एलोवेरा हेयर मास्क बनाने और इस्तेमाल करने की विधि बता रहे हैं।

    इस्तेमाल के लिए सामग्री:
    2 बड़े चम्मच अलसी के बीज
    एलोवेरा जेल (आवश्यक मात्रा)

    हेयर मास्क बनाने की विधि:
    एक पैन में थोड़ा पानी लेकर उबालें।
    जब पानी उबलने लगे, उसमें अलसी के बीज डालें और 10 मिनट तक उबालें।
    पानी गाढ़ा होने लगे तो गैस बंद करें और इसे छान लें।
    छने हुए पानी में एलोवेरा जेल मिलाएं और चम्मच की मदद से अच्छी तरह फेंट लें।
    आपका हेयर मास्क तैयार है।
    हेयर मास्क का इस्तेमाल:
    सबसे पहले अपने बालों को धोकर सुलझा लें।
    तैयार मास्क को बालों की जड़ों से लेकर छोर तक अच्छे से अप्लाई करें।
    30-40 मिनट तक लगाकर छोड़ दें, फिर हल्के गुनगुने पानी से धो लें।

    इस मास्क को नियमित रूप से सप्ताह में 2-3 बार लगाने से बालों की रूखापन दूर होगी, नमी लौटेगी और बाल मजबूत बनेंगे। 15 दिन के भीतर फर्क साफ नजर आने लगेगा।

    नेचुरल और असरदार होने के कारण यह उपाय रसायनों से भरे प्रोडक्ट्स की तुलना में सुरक्षित है। खासकर बदलते मौसम में जब बालों को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है, यह मास्क उन्हें जरूरी पोषण देता है।

    अपने बालों को स्वस्थ और चमकदार बनाना है तो इस नेचुरल हेयर मास्क को जरूर ट्राई करें। 15 दिन के अंदर ही आप फर्क महसूस करेंगे और बालों की Texture में नर्माई और चमक लौटते देखेंगे।

  • गर्मी बढ़ते ही बढ़ा हीट स्ट्रोक का खतरा, जानिए कैसे करें बचाव और रखें सेहत सुरक्षित

    गर्मी बढ़ते ही बढ़ा हीट स्ट्रोक का खतरा, जानिए कैसे करें बचाव और रखें सेहत सुरक्षित


    नई दिल्ली। देशभर के कई राज्यों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और गर्म हवाओं (लू) ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी और तेज हो सकती है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में लापरवाही भारी पड़ सकती है और सेहत पर गंभीर असर देखने को मिल सकता है।

    गर्मी का यह मौसम शरीर को तेजी से डिहाइड्रेट करता है, जिससे थकान, कमजोरी और चक्कर जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में सतर्क रहना और समय पर सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

     हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण पहचानना जरूरी

    हीट स्ट्रोक या हीट एग्जॉर्शन की स्थिति अचानक गंभीर रूप ले सकती है। इसके शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

    इन लक्षणों पर विशेष ध्यान दें-

    अचानक कमजोरी या अस्वस्थ महसूस होना
    चक्कर आना
    ज्यादा पसीना आना या पसीना अचानक बंद हो जाना
    मांसपेशियों में ऐंठन
    शरीर का तापमान बढ़ना

    यदि ये लक्षण दिखाई दें तो तुरंत सावधानी बरतना जरूरी है, वरना स्थिति गंभीर हो सकती है।

     हीट स्ट्रोक से बचाव के जरूरी उपाय

    गर्मी में खुद को सुरक्षित रखने के लिए कुछ आसान लेकिन प्रभावी उपाय अपनाए जा सकते हैं-

    ठंडी जगह पर रहें
    अगर अस्वस्थ महसूस हो तो तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर जाएं।
    शरीर को हाइड्रेट रखें
    भरपूर पानी पिएं और इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन करें।
     ORS और घरेलू पेय का सेवन करें

    नींबू पानी, छाछ, नमक-शक्कर का घोल और ओआरएस शरीर में ऊर्जा और पानी की कमी को पूरा करते हैं।

    हल्के कपड़े पहनें

    ढीले और सूती कपड़े शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं।

     हीट स्ट्रोक होने पर क्या करें?

    यदि किसी व्यक्ति को हीट स्ट्रोक हो जाए तो तुरंत ये कदम उठाएं-

    व्यक्ति को ठंडी और हवादार जगह पर ले जाएं
    शरीर को ठंडा करने के उपाय करें
    तरल पदार्थ पिलाएं (अगर होश में हो)
    लक्षण गंभीर होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

    गर्मी का मौसम जितना सामान्य दिखता है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है। हीट स्ट्रोक जैसी स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है, लेकिन सही जानकारी और समय पर सावधानी से इससे बचा जा सकता है। शरीर को हाइड्रेट रखना, धूप से बचाव करना और शुरुआती लक्षणों को पहचानना इस मौसम में सबसे जरूरी कदम हैं।

  • लू और थकान से बचने के लिए आयुर्वेद ने सुझाया गर्मियों का सबसे बेहतर डाइट प्लान।

    लू और थकान से बचने के लिए आयुर्वेद ने सुझाया गर्मियों का सबसे बेहतर डाइट प्लान।

    नई दिल्ली । भीषण गर्मी के मौसम में अक्सर हमारे खान-पान की आदतों में बड़ा बदलाव आता है। चूंकि बाहरी तापमान बढ़ने से शरीर के भीतर पित्त दोष का स्तर भी बढ़ने लगता है, इसलिए आयुर्वेद विशेषज्ञों द्वारा गर्म तासीर वाली चीजों से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है। इसी संदर्भ में अक्सर शहद के सेवन को लेकर एक दुविधा बनी रहती है। आमतौर पर शहद को गर्म और आर्द्र प्रवृत्ति का माना जाता है, जिससे कई लोग गर्मियों में इसके इस्तेमाल से कतराते हैं। हालांकि, आयुर्वेद का गहरा विज्ञान यह स्पष्ट करता है कि शहद का प्रभाव इस बात पर निर्भर नहीं करता कि वह क्या है, बल्कि इस पर निर्भर करता है कि उसे किसके साथ लिया जा रहा है।

    आयुर्वेद में शहद को ‘योगवाही’ द्रव्य की श्रेणी में रखा गया है, जिसका अर्थ है एक ऐसा तत्व जो स्वयं के गुणों से अधिक उस पदार्थ के गुणों को अपना लेता है जिसके साथ इसे मिश्रित किया जाता है। यदि गर्मियों के दौरान शहद का सेवन सीधे तौर पर किया जाए, तो यह निश्चित रूप से शरीर में गर्मी और पित्त को बढ़ा सकता है। परंतु, यदि इसे बुद्धिमानी से ठंडी तासीर वाले खाद्यों के साथ मिलाया जाए, तो यह शरीर के लिए एक उत्कृष्ट शीतल पेय और ऊर्जा स्रोत बन जाता है। सुबह के समय मिट्टी के घड़े के ताजे पानी में नींबू और शहद का मिश्रण शरीर के आंतरिक तापमान को संतुलित करने और वजन घटाने में जादुई भूमिका निभाता है।

    गर्मियों के पारंपरिक आहार जैसे सत्तू और दही में भी शहद का समावेश स्वास्थ्य के लिए क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। सत्तू के शरबत में चीनी के विकल्प के रूप में शहद का उपयोग न केवल शरीर को हाइड्रेटेड रखता है, बल्कि मांसपेशियों की थकान को भी तुरंत मिटाता है। इसी तरह, दोपहर के भोजन में दही के साथ शहद का मेल एक शक्तिशाली प्राकृतिक प्रोबायोटिक तैयार करता है। यह मिश्रण पाचन तंत्र को सुदृढ़ करने के साथ-साथ शरीर को लू के थपेड़ों से बचाने के लिए एक सुरक्षा कवच प्रदान करता है। आयुर्वेद के अनुसार, ये तरीके शहद की उष्णता को शीतलता में बदलने की अद्भुत क्षमता रखते हैं।

    शहद के औषधीय लाभों के बीच आयुर्वेद में कुछ कड़े प्रतिबंध भी लगाए गए हैं जिन्हें नजरअंदाज करना घातक हो सकता है। शहद को कभी भी गर्म पानी में उबालकर या बहुत तेज तापमान वाली चीजों के साथ नहीं लेना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक ताप इसे विषैला बना सकता है। इसके अतिरिक्त, घी और शहद का समान मात्रा में सेवन ‘विरुद्ध आहार’ माना जाता है, जो वात और पित्त के संतुलन को बिगाड़कर त्वचा और पाचन संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। यदि इन बुनियादी नियमों का पालन किया जाए, तो शहद गर्मियों में भी आपकी जीवनशैली का एक अनिवार्य और गुणकारी हिस्सा बना रह सकता है।

  • पसीना और असहजता से राहत: गर्मी में कूल रहने के 7 स्मार्ट फैशन नियम..

    पसीना और असहजता से राहत: गर्मी में कूल रहने के 7 स्मार्ट फैशन नियम..

    नई दिल्ली । गर्मियों की सुबह अक्सर एक आम उलझन के साथ शुरू होती है कि आखिर आज क्या पहना जाए। कपड़ों से भरी अलमारी होने के बावजूद सही आउटफिट चुनना मुश्किल लगने लगता है। तेज धूप, उमस और पसीना दिनभर की थकान को और बढ़ा देते हैं, जिससे सही कपड़ों का चुनाव और भी जरूरी हो जाता है।

    लेकिन अगर कुछ सरल और व्यावहारिक फैशन नियमों को समझ लिया जाए, तो यह रोज की परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है। सही कपड़े न केवल शरीर को आराम देते हैं, बल्कि पूरे दिन आत्मविश्वास और ताजगी भी बनाए रखते हैं।

    गर्मियों में सबसे पहला ध्यान कपड़े के फैब्रिक पर देना चाहिए। हल्के और हवा को गुजरने देने वाले कपड़े जैसे कॉटन, लिनन और खादी शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं। ये पसीना जल्दी सोखते हैं और त्वचा को सांस लेने का मौका देते हैं, जिससे असहजता कम होती है। इसके विपरीत भारी और सिंथेटिक कपड़े गर्मी को बढ़ा देते हैं, जिससे शरीर जल्दी थक जाता है।

    इसके बाद रंगों का चुनाव भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हल्के रंग जैसे सफेद, क्रीम और हल्के पेस्टल शेड्स गर्मी को कम आकर्षित करते हैं, जिससे शरीर अपेक्षाकृत ठंडा महसूस करता है। वहीं गहरे रंग गर्मी को अधिक सोखते हैं, जिससे असहजता बढ़ सकती है।

    गर्मियों में ढीले कपड़े पहनना एक और महत्वपूर्ण नियम है। टाइट कपड़े शरीर से चिपककर हवा के प्रवाह को रोकते हैं, जिससे पसीना और जलन बढ़ सकती है। ढीले और आरामदायक कपड़े न केवल शरीर को राहत देते हैं, बल्कि एक सहज और स्टाइलिश लुक भी देते हैं।

    एक और जरूरी बात यह है कि गर्मियों में लेयरिंग से बचना चाहिए। कई परतों वाले कपड़े शरीर के तापमान को बढ़ा देते हैं, जिससे गर्मी और ज्यादा महसूस होती है। सिंगल और हल्के आउटफिट इस मौसम में सबसे बेहतर विकल्प होते हैं।

    फुटवियर का सही चयन भी उतना ही जरूरी है। बंद जूते लंबे समय तक पहनने से पैरों में पसीना और बदबू की समस्या हो सकती है। ऐसे में खुले सैंडल, चप्पल या हल्के और सांस लेने वाले शूज बेहतर विकल्प साबित होते हैं।

    इसके अलावा एक्सेसरीज को भी हल्का रखना चाहिए। भारी गहने या ज्यादा सजावट गर्मी में असुविधा पैदा कर सकती है। मिनिमल एक्सेसरीज न केवल आराम देती हैं बल्कि पूरे लुक को संतुलित और स्टाइलिश बनाए रखती हैं।

    अंत में, कपड़ों का चुनाव हमेशा दिनचर्या और जरूरत के अनुसार होना चाहिए। अगर दिनभर बाहर रहना है तो हल्के और प्रोटेक्टिव कपड़े पहनना बेहतर होता है, जबकि ऑफिस या घर के लिए आरामदायक और स्मार्ट कैजुअल आउटफिट अधिक उपयुक्त रहते हैं।

    गर्मियों में सही कपड़े चुनना कोई मुश्किल काम नहीं है। बस थोड़ी समझदारी और सही विकल्पों के साथ न केवल आराम पाया जा सकता है, बल्कि हर दिन एक स्टाइलिश और आत्मविश्वास भरा लुक भी हासिल किया जा सकता है।

  • Travel Tips: मई की तपती गर्मी से पाएं राहत, इन खूबसूरत ठंडी जगहों पर बनाएं घूमने का प्लान

    Travel Tips: मई की तपती गर्मी से पाएं राहत, इन खूबसूरत ठंडी जगहों पर बनाएं घूमने का प्लान


    नई दिल्ली। मई का महीना आते ही देश के ज्यादातर हिस्सों में गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाती है। तपती धूप और बढ़ते तापमान के बीच राहत की तलाश हर किसी को होती है, खासकर तब जब बच्चों की गर्मियों की छुट्टियां भी शुरू हो जाती हैं। ऐसे में परिवार के साथ किसी ठंडी और शांत जगह पर घूमने का प्लान सबसे बेहतरीन विकल्प बन जाता है। भारत में कई ऐसे हिल स्टेशन हैं, जहां मई के दौरान मौसम बेहद सुहावना रहता है और प्रकृति अपने पूरे शबाब पर नजर आती है।

    पूर्वी भारत में बसा दार्जिलिंग इस मौसम में सैर के लिए शानदार विकल्प है। यहां से कंचनजंगा की बर्फीली चोटियों का नजारा मन मोह लेता है। चाय के बागानों की हरियाली और टॉय ट्रेन की सवारी यात्रा को यादगार बना देती है।

    अगर आप उत्तराखंड की वादियों में सुकून तलाशना चाहते हैं तो औली आपके लिए परफेक्ट जगह है। मखमली घास के मैदान और हिमालय की ठंडी हवाएं यहां एक अलग ही सुकून का एहसास कराती हैं।

    वहीं मनाली हर साल लाखों पर्यटकों की पहली पसंद बना रहता है। मई में यहां का मौसम ठंडा और खुशनुमा होता है। बर्फ से ढकी पहाड़ियां, हरे-भरे जंगल और बहती नदियां इसे एक ड्रीम डेस्टिनेशन बनाती हैं।

    पूर्वोत्तर भारत की खूबसूरती को करीब से देखना हो तो शिलांग जरूर जाएं। झरनों, पहाड़ियों और साफ-सुथरे वातावरण के बीच यहां का कैफे कल्चर भी युवाओं को खूब आकर्षित करता है। ट्रैकिंग और पिकनिक के लिए यह जगह मई में सबसे बेहतर मानी जाती है।

    अगर आप जन्नत जैसे नजारों का अनुभव करना चाहते हैं तो कश्मीर से बेहतर कुछ नहीं। मई के महीने में यहां के बाग-बगीचे रंग-बिरंगे फूलों से सज जाते हैं। डल झील में शिकारे की सवारी और गुलमर्ग की बर्फीली वादियां हर किसी का दिल जीत लेती हैं।

    कुल मिलाकर, मई का महीना भले ही गर्मी से भरा हो, लेकिन सही डेस्टिनेशन चुनकर आप इसे यादगार बना सकते हैं। ये सभी जगहें न सिर्फ आपको गर्मी से राहत देंगी बल्कि सुकून, रोमांच और खूबसूरत यादों से भी भर देंगी।

  • Bhooth Bangla Box Office: अक्षय कुमार की हॉरर-कॉमेडी का जलवा कायम, 13 दिन में 124 करोड़ पार

    Bhooth Bangla Box Office: अक्षय कुमार की हॉरर-कॉमेडी का जलवा कायम, 13 दिन में 124 करोड़ पार


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के खिलाड़ी कहे जाने वाले Akshay Kumar एक बार फिर अपनी फिल्म Bhooth Bangla के जरिए सिनेमाघरों में धमाल मचा रहे हैं। 17 अप्रैल को रिलीज हुई इस हॉरर-कॉमेडी फिल्म को दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिल रहा है। रिलीज के बाद से ही फिल्म लगातार चर्चा में बनी हुई है और सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब तारीफ हो रही है।

    खास बात यह है कि इस फिल्म के जरिए Akshay Kumar और निर्देशक Priyadarshan की जोड़ी करीब 16 साल बाद फिर से साथ नजर आई है, जिसे दर्शकों ने हाथों-हाथ लिया है। यही वजह है कि फिल्म की कमाई भी लगातार मजबूत बनी हुई है।

    अगर बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की बात करें तो रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म ने रिलीज के 13वें दिन यानी दूसरे बुधवार को करीब 3.25 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इससे पहले 12वें दिन 4.35 करोड़, 11वें दिन 3.50 करोड़, 10वें दिन 12.50 करोड़, 9वें दिन 10.75 करोड़ और 8वें दिन 5.75 करोड़ की कमाई दर्ज की गई थी। वहीं फिल्म ने पहले हफ्ते में ही 84.40 करोड़ रुपये का शानदार कारोबार कर लिया था।

    इन आंकड़ों को जोड़ें तो Bhooth Bangla ने महज 13 दिनों में भारत में 124.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया है। फिल्म की रफ्तार को देखते हुए यह साफ है कि यह जल्द ही 150 करोड़ के आंकड़े को पार कर सकती है।

    फिल्म की स्टारकास्ट भी इसकी सफलता में अहम भूमिका निभा रही है। Tabu, Paresh Rawal, Rajpal Yadav, Wamiqa Gabbi और Jisshu Sengupta जैसे कलाकारों ने अपने अभिनय से फिल्म को और भी मजबूत बनाया है।

    कुल मिलाकर, हॉरर और कॉमेडी का यह अनोखा मिश्रण दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि Bhooth Bangla कब 150 करोड़ क्लब में एंट्री करती है और बॉक्स ऑफिस पर कितने नए रिकॉर्ड बनाती है।