Category: Madhya Pradesh

  • देवास में परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई: बिना फिटनेस और पीयूसी के 5 वाहन जब्त

    देवास में परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई: बिना फिटनेस और पीयूसी के 5 वाहन जब्त


    मध्‍य प्रदेश । देवास जिले में सड़क सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर परिवहन विभाग ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए विशेष जांच अभियान चलाया। बुधवार को औद्योगिक क्षेत्र देवास में की गई इस कार्रवाई के दौरान बिना फिटनेस प्रमाण पत्र और पीयूसी के संचालित 5 वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया।

    जिला प्रशासन के निर्देश पर यह अभियान कलेक्टर ऋतुराज सिंह के मार्गदर्शन में तथा जिला परिवहन अधिकारी निशा चौहान के नेतृत्व में चलाया गया। विभागीय टीम ने औद्योगिक क्षेत्र में सड़क पर दौड़ रहे वाहनों की सघन जांच की, जिसमें फिटनेस, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी), बीमा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की गई।

    जांच के दौरान कुल 20 वाहनों को रोका गया और उनके दस्तावेजों की जांच की गई। इनमें से 5 वाहन जिनमें ट्रक और मिनी ट्रक शामिल हैं ऐसे पाए गए जिनके पास न तो वैध फिटनेस प्रमाण पत्र था और न ही पीयूसी प्रमाण पत्र। यह स्पष्ट रूप से परिवहन नियमों का उल्लंघन था। नियमों के उल्लंघन पर विभागीय टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी पांच वाहनों को जब्त कर लिया।

    जिला परिवहन अधिकारी निशा चौहान ने बताया कि यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा कि विभाग का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    उन्होंने वाहन मालिकों को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे फिटनेस प्रमाण पत्र, पीयूसी, बीमा और परमिट समय पर अपडेट रखना अनिवार्य है। यदि भविष्य में कोई वाहन बिना वैध दस्तावेजों के संचालित पाया गया तो उसके खिलाफ जुर्माना और वाहन जब्ती जैसी कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से औद्योगिक क्षेत्र में वाहन चालकों और संचालकों के बीच हड़कंप की स्थिति देखी गई।

  • देवास में रास्ता विवाद से हंगामा: 400 परिवारों का चक्काजाम, बीमा रोड पर एक घंटे तक बाधित रहा ट्रैफिक

    देवास में रास्ता विवाद से हंगामा: 400 परिवारों का चक्काजाम, बीमा रोड पर एक घंटे तक बाधित रहा ट्रैफिक


    मध्‍य प्रदेश । देवास शहर में बीमा रोड स्थित गीता श्री और मैना श्री कॉलोनी के रहवासियों ने गुरुवार रात अचानक सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया। कॉलोनी के मुख्य मार्ग को खुदाई कर बंद किए जाने से नाराज सैकड़ों लोगों ने बीमा रोड पर प्रदर्शन किया, जिससे लगभग एक घंटे तक यातायात व्यवस्था पूरी तरह बाधित रही।

    जानकारी के अनुसार, कॉलोनी के भीतर रहने वाले 400 से अधिक परिवार इस समस्या से प्रभावित हैं। रहवासियों का कहना है कि मुख्य मार्ग बंद होने के कारण उन्हें रोजमर्रा के आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और आपातकालीन सेवाओं पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति द्वारा मार्ग को अवरुद्ध कर दिया गया है, जिससे पूरी कॉलोनी का संपर्क प्रभावित हो गया है।

    चक्काजाम की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे रहवासियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और मामले के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप और समझाइश के बाद लोगों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया, जिससे बीमा रोड पर यातायात व्यवस्था पुनः सामान्य हो सकी।

    नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर ने बताया कि उन्हें करीब 400 परिवारों द्वारा चक्काजाम किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया गया और रहवासियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना गया। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है और आगे की जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि कॉलोनीवासियों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

  • देवास में शिप्रा बैराज पानी विवाद गरमाया: कांग्रेस ने उठाया मुद्दा, सांसद-विधायक ने दिया आश्वासन

    देवास में शिप्रा बैराज पानी विवाद गरमाया: कांग्रेस ने उठाया मुद्दा, सांसद-विधायक ने दिया आश्वासन


    मध्‍य प्रदेश । देवास में शिप्रा बैराज से नर्मदा जल आपूर्ति और उससे जुड़े वितरण को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि देवास के हिस्से का पानी मांगलिया क्षेत्र को दिया जा रहा है, जबकि भाजपा पक्ष इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा है। इस मुद्दे ने अब शहर की सियासत को पूरी तरह गर्मा दिया है।

    गुरुवार को कांग्रेस नेता प्रदीप चौधरी ने इस मामले को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें उन्होंने सरकार और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने सीधे फोन पर सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी और विधायक गायत्री राजे पवार से बात की और देवास के जल अधिकारों की सुरक्षा की मांग रखी।

    फोन पर हुई बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता ने सांसद से कहा कि देवास के नागरिकों के हितों की रक्षा की जाए और उनके हिस्से का पानी किसी अन्य क्षेत्र को न दिया जाए। इस पर सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह भी इस मुद्दे पर संवेदनशील हैं और देवास की जनता के साथ खड़े हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। सांसद ने यह भी कहा कि वे 24 घंटे जनता की सेवा के लिए उपलब्ध हैं।

    इसके बाद कांग्रेस नेता ने विधायक गायत्री राजे पवार से भी फोन पर संपर्क किया। विधायक ने स्पष्ट रूप से कहा कि देवास के हिस्से के पानी में किसी प्रकार की कटौती या अन्य क्षेत्र को स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनता के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    कांग्रेस की ओर से लगातार इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। बीते कुछ दिनों में ज्ञापन, धरना और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात के माध्यम से पार्टी ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। अब यह मामला सीधे जनप्रतिनिधियों तक पहुंचने के बाद और अधिक राजनीतिक महत्व प्राप्त कर चुका है।

    शिप्रा बैराज से नर्मदा जल की आपूर्ति देवास शहर के लिए की जाती है, लेकिन कांग्रेस का दावा है कि मांगलिया क्षेत्र को भी इसी स्रोत से पानी दिया जा रहा है। वहीं भाजपा और स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि मांगलिया को पानी एनवीडीए के माध्यम से अलग व्यवस्था के तहत उपलब्ध कराया जा रहा है और देवास के हिस्से में कोई कटौती नहीं की गई है।

    इस पूरे विवाद के बीच अब देखना होगा कि प्रशासनिक स्तर पर क्या स्पष्ट निर्णय सामने आता है और दोनों पक्षों के बीच चल रहा यह राजनीतिक तनाव किस दिशा में आगे बढ़ता है।

  • देवास में रास्ता विवाद से बवाल: 400 परिवारों का चक्काजाम, स्थायी समाधान की मांग तेज

    देवास में रास्ता विवाद से बवाल: 400 परिवारों का चक्काजाम, स्थायी समाधान की मांग तेज


    मध्‍य प्रदेश । देवास शहर में गीता श्री और मैना श्री कॉलोनी के रहवासियों ने रास्ता बंद होने के विरोध में बुधवार रात जमकर प्रदर्शन किया। कॉलोनी का मुख्य मार्ग अवरुद्ध किए जाने से नाराज सैकड़ों लोगों ने बीमा रोड पर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। यह विरोध प्रदर्शन करीब एक घंटे तक चला, जिसके बाद प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद जाम हटाया गया।

    जानकारी के अनुसार, कॉलोनी का मुख्य मार्ग एक व्यक्ति द्वारा बंद कर दिए जाने से लगभग 400 परिवारों को आवागमन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह मार्ग वर्षों से उपयोग में था, लेकिन अचानक अवरुद्ध होने से न केवल दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच भी बाधित हो रही है।

    घटना की सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मामले की जानकारी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भेजी जाएगी।

    इसके बाद गुरुवार को कॉलोनी के प्रतिनिधि अपर कलेक्टर संजीव जैन से मिले और स्थायी समाधान की मांग की। रहवासियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि केवल अस्थायी राहत नहीं, बल्कि स्थायी और कानूनी समाधान आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

    अपर कलेक्टर ने सुनवाई के दौरान बताया कि यह मामला नगर निगम के अधिकार क्षेत्र से संबंधित है। उन्होंने रहवासियों को नगर निगम आयुक्त से मिलकर विस्तृत शिकायत दर्ज कराने और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की सलाह दी।

    स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है। प्रशासन ने फिलहाल मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने की बात कही है।

  • इंदौर में मानसिक तनाव से जूझ रही महिला की मौत: जहरीला पदार्थ पीने के बाद अस्पताल में तोड़ा दम, पुलिस जांच में जुटी

    इंदौर में मानसिक तनाव से जूझ रही महिला की मौत: जहरीला पदार्थ पीने के बाद अस्पताल में तोड़ा दम, पुलिस जांच में जुटी


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र में एक 43 वर्षीय महिला की उपचार के दौरान मौत हो जाने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार महिला को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां देर रात इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

    पुलिस के मुताबिक मृतका की पहचान सोनू सिसौदिया के रूप में हुई है, जो ऋषि पैलेस कॉलोनी की निवासी थीं। परिजनों के अनुसार बुधवार को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए एमवाय अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन देर रात करीब 11 बजे उनकी मृत्यु हो गई।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव और अस्वस्थता से गुजर रही थीं। परिजनों ने पुलिस को बताया कि उनके पति जगदीश सिसौदिया का लगभग आठ महीने पहले बीमारी के कारण निधन हो गया था। पति की मृत्यु के बाद से उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित रहने लगी थी और परिवार उनकी देखभाल तथा उपचार करवा रहा था।

    परिवार के सदस्यों के अनुसार महिला का इलाज चिकित्सकीय परामर्श के साथ कराया जा रहा था। इसके अतिरिक्त परिवार ने अन्य पारंपरिक और धार्मिक उपायों का भी सहारा लिया था। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

    परिजनों के मुताबिक हाल ही में परिवार में एक नवजात शिशु का जन्म हुआ था। बच्चे को अस्पताल से घर लाए जाने के दौरान महिला असामान्य रूप से घबराई हुई दिखाई दीं। परिवार के लोगों ने उन्हें समझाने और शांत करने का प्रयास किया, लेकिन बाद में उनकी तबीयत और बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की परिस्थितियों, चिकित्सकीय दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    इधर, शहर में दो अन्य संदिग्ध मौतों के मामले भी सामने आए हैं। तिलक नगर क्षेत्र के निवासी आकाश तायड़े को तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल लाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं भंवरकुआं क्षेत्र के निवासी अजय की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई है। परिजनों ने प्राथमिक तौर पर स्वास्थ्य संबंधी समस्या की आशंका जताई है, जबकि पुलिस दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच कर रही है।

    अधिकारियों का कहना है कि तीनों मामलों में जांच पूरी होने और चिकित्सकीय रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

  • MP राज्यसभा चुनाव: BJP ने तीनों सीटें निर्विरोध जीतीं, निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपे गए

    MP राज्यसभा चुनाव: BJP ने तीनों सीटें निर्विरोध जीतीं, निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपे गए


    मध्‍य प्रदेश । भोपाल में राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया के अंतिम चरण के साथ ही भारतीय जनता पार्टी ने मध्यप्रदेश की तीनों सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज कर ली। नामांकन वापसी की अंतिम समयसीमा दोपहर 3 बजे समाप्त होने के बाद चुनावी मुकाबला औपचारिक रूप से खत्म हो गया और भाजपा के तीनों उम्मीदवारों को निर्वाचित घोषित कर दिया गया।

    रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने विधानसभा परिसर में भाजपा उम्मीदवारों रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट को निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपे। इस दौरान निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सभी औपचारिक कदम पूरे किए गए।

     समय सीमा खत्म होते ही साफ हुआ राजनीतिक गणित
    दोपहर 3 बजे नामांकन वापसी की अंतिम समयसीमा समाप्त होते ही यह स्पष्ट हो गया कि किसी अन्य दल से वैध चुनौती नहीं बची है। इसके साथ ही निर्वाचन प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए तीनों भाजपा उम्मीदवारों को निर्विरोध विजेता घोषित कर दिया गया। चुनाव आयोग की ओर से इस मामले में कोई अंतिम निर्णय न आने और नामांकन संबंधी विवाद पर स्थिति स्पष्ट न होने के कारण राजनीतिक हलचल बनी रही, लेकिन कानूनी और चुनावी प्रक्रिया के अनुसार परिणाम तय हो गया।

     कांग्रेस की याचिका पर फैसला टला, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुक्रवार तक स्थगित
    इस बीच कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन इसे शुक्रवार तक के लिए टाल दिया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि रिटर्निंग ऑफिसर का फैसला मनमाना और नियमों के विपरीत है।

    वहीं, चुनाव आयोग की ओर से भी अब तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं आया है, जिससे यह विवाद और गहराता नजर आया। हालांकि, समय सीमा समाप्त होने के बाद चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने से भाजपा के पक्ष में स्थिति निर्णायक हो गई।

    भाजपा को मिली राजनीतिक बढ़त, राज्यसभा में मजबूत स्थिति
    तीनों सीटों पर निर्विरोध जीत के बाद भाजपा की राज्यसभा में स्थिति और मजबूत हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह परिणाम राज्य में संगठनात्मक मजबूती और विपक्ष की कमजोर स्थिति को भी दर्शाता है। निर्विरोध निर्वाचन ने यह भी संकेत दिया है कि इस चुनावी प्रक्रिया में मुकाबले की संभावना बेहद सीमित रह गई थी, जिसके चलते भाजपा को सीधा लाभ मिला।

    अन्य राज्यों में भी भाजपा का प्रदर्शन मजबूत
    इसी चुनावी चरण में गुजरात में भी राज्यसभा की चारों सीटों पर भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। राजस्थान में तीन सीटों में से दो पर भाजपा और एक पर कांग्रेस को जीत मिली है। गुजरात और मध्यप्रदेश में निर्विरोध जीत ने भाजपा के लिए राज्यसभा में संसदीय स्थिति को और मजबूत किया है, जबकि विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं।

     राजनीतिक संदेश और आगे की दिशा
    राज्यसभा चुनाव के इस परिणाम ने स्पष्ट कर दिया है कि कई राज्यों में भाजपा को राजनीतिक बढ़त मिल रही है। वहीं कांग्रेस के भीतर कानूनी और संगठनात्मक रणनीति को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में ऐसे निर्विरोध परिणाम राज्यसभा की शक्ति संतुलन को और प्रभावित कर सकते हैं।

  • MPL 2026: इंदौर में क्रिकेट का तिहरा धमाका, मालवा-निमाड़ सहित तीन बड़े मुकाबले आज

    MPL 2026: इंदौर में क्रिकेट का तिहरा धमाका, मालवा-निमाड़ सहित तीन बड़े मुकाबले आज


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (MPL) का रोमांच गुरुवार को अपने चरम पर है। इंदौर में डेली कॉलेज ग्राउंड और होलकर स्टेडियम पर आज तीन अहम मुकाबले खेले जा रहे हैं, जिनमें अलग-अलग क्षेत्रों की टीमें एक-दूसरे से टकरा रही हैं। दिन की शुरुआत उज्जैन फाल्कन्स और जबलपुर रॉयल लायंस के मुकाबले से हुई, जिसमें दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी।

    मालवा स्टैलियन्स vs रॉयल निमाड़ ईगल्स: मध्य प्रदेश की बड़ी भिड़ंत
    दूसरा मुकाबला मालवा स्टैलियन्स और रॉयल निमाड़ ईगल्स के बीच हो रहा है। यह मैच इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला जा रहा है, जहां बल्लेबाजों के लिए अनुकूल पिच पर बड़े स्कोर की उम्मीद की जा रही है।

    मालवा स्टैलियन्स अपनी अंक तालिका में स्थिति मजबूत करने के इरादे से मैदान में उतरी है, जबकि रॉयल निमाड़ ईगल्स आक्रामक खेल के दम पर जीत हासिल करने की कोशिश में है।

     रात का रोमांच: चंबल घड़ियाल्स vs ग्वालियर चीता
    दिन का तीसरा और सबसे रोमांचक मुकाबला रात 7:30 बजे होलकर स्टेडियम की फ्लडलाइट्स में खेला जाएगा। इसमें चंबल घड़ियाल्स और ग्वालियर चीता आमने-सामने होंगे।

    चंबल घड़ियाल्स अपनी मजबूत गेंदबाजी के लिए जानी जाती है, जबकि ग्वालियर चीता की टीम आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर मैच पलटने की क्षमता रखती है। यह मुकाबला अंक तालिका के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है।

    चौके-छक्कों की उम्मीद, दर्शकों के लिए फुल एंटरटेनमें
    होलकर स्टेडियम और डेली कॉलेज ग्राउंड की पिचें अब तक बल्लेबाजों के लिए मददगार रही हैं। ऐसे में आज के सभी मुकाबलों में बड़े शॉट्स, तेज रनगति और रोमांचक मोड़ देखने की पूरी संभावना है। दर्शकों के लिए यह दिन क्रिकेट से भरपूर मनोरंजन लेकर आया है, जहां हर मैच के साथ उत्साह और बढ़ता जा रहा है।

  • इंदौर मौसम अपडेट: प्री-मानसून कमजोर, दो–तीन दिन बारिश से राहत नहीं – उमस बढ़ाएगी परेशानी

    इंदौर मौसम अपडेट: प्री-मानसून कमजोर, दो–तीन दिन बारिश से राहत नहीं – उमस बढ़ाएगी परेशानी


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है, लेकिन राहत की बारिश फिलहाल दूर नजर आ रही है। पिछले 24 घंटों में जहां दिन के तापमान में करीब 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, वहीं रात का तापमान 1 डिग्री बढ़ गया है।

    बुधवार को शहर में अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले दिन की तुलना में मामूली वृद्धि के साथ दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे रात में भी गर्मी का असर बना रहा।

     प्री-मानसून कमजोर, बारिश का इंतजार लंबा
    इस बार इंदौर में प्री-मानसून गतिविधियां बेहद कमजोर बनी हुई हैं। अब तक शहर में केवल करीब 1 इंच बारिश ही दर्ज की गई है, जो सामान्य से काफी कम मानी जा रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की कोई संभावना नहीं है। आसमान साफ रहेगा, लेकिन उमस लोगों को परेशान करती रहेगी।

     प्रदेश में बारिश, लेकिन इंदौर में सूखा जैसा मौसम
    मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण तेज आंधी और बारिश का दौर जारी है। ग्वालियर, जबलपुर, बुंदेलखंड और चंबल क्षेत्र में मौसम सक्रिय है, लेकिन इंदौर और आसपास का इलाका इस सिस्टम से लगभग बाहर बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इसी वजह से इंदौर में बादलों की सक्रियता नहीं बन पा रही है और बारिश की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं।

    आने वाले दिनों में भी राहत नही
    मौसम विभाग का अनुमान है कि 13 जून के आसपास ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड में तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट रहेगा, लेकिन इंदौर में फिलहाल बारिश की कोई मजबूत संभावना नहीं दिख रही है।

    उमस और गर्मी से बढ़ी परेशानी
    बारिश न होने और हवा में नमी बढ़ने के कारण शहर में उमस का असर तेज हो गया है। दिन में गर्म हवाएं और रात में चिपचिपी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। लोग अब मानसून की औपचारिक एंट्री का इंतजार कर रहे हैं, जिससे तापमान में गिरावट और मौसम में राहत मिल सके।

  • इंदौर: पॉश इलाके के बंगले में AC ब्लास्ट से भीषण आग, बड़ा हादसा टला

    इंदौर: पॉश इलाके के बंगले में AC ब्लास्ट से भीषण आग, बड़ा हादसा टला


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र स्थित शिव शक्ति नगर के एक पॉश बंगले में मंगलवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि घर में लगे एयर कंडीशनर (AC) में शॉर्ट सर्किट के बाद जोरदार धमाका हुआ, जिसके चलते पूरी इमारत आग की चपेट में आ गई। आग की लपटें और घना काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।

    घटना रिवाज गार्डन के पीछे स्थित बंगला नंबर 5 की है, जो रितेश राजेंद्र दुबे का बताया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, तेज गर्मी के बीच AC में तकनीकी खराबी के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ और फिर अचानक ब्लास्ट हो गया। इसके बाद आग तेजी से पूरे घर में फैल गई।

    आग लगते ही घर के अंदर मौजूद लोग और स्टाफ घबरा गए और चीख-पुकार मच गई। कई लोग अंदर फंस गए, लेकिन समय रहते स्थानीय लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दे दी।

    सूचना मिलते ही कनाड़िया थाना पुलिस और दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर घर में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

    आग बुझाने के लिए दमकलकर्मियों ने करीब 8 हजार लीटर पानी की बौछार की और लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। हालांकि, इस घटना में बंगले के अंदर काफी सामान जलकर खाक हो गया।

    फिलहाल पुलिस और फायर विभाग आग लगने के सही कारणों की जांच कर रहे हैं। शुरुआती तौर पर AC में शॉर्ट सर्किट को ही हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।

  • रिटायरमेंट से 5 महीने पहले लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक के ठिकानों पर छापा, करोड़ों की संपत्ति की जांच

    रिटायरमेंट से 5 महीने पहले लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक के ठिकानों पर छापा, करोड़ों की संपत्ति की जांच


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने आय से अधिक संपत्ति की शिकायत के आधार पर महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण कंडवाल के विभिन्न ठिकानों पर बुधवार को छापामार कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में बड़ी मात्रा में चल और अचल संपत्तियों की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है। हालांकि संपत्ति का अंतिम मूल्यांकन जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

    लोकायुक्त सूत्रों के अनुसार कंडवाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के सत्यापन और प्रारंभिक जांच के बाद विशेष न्यायालय से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर कार्रवाई की योजना बनाई गई। अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार रात से ही टीमों को अलर्ट कर दिया गया था और बुधवार सुबह विभिन्न स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया।

    जांच एजेंसियों के अनुसार कार्रवाई के दौरान इंदौर स्थित आवासीय और व्यवसायिक परिसरों सहित अन्य संपत्तियों की जांच की गई। अधिकारियों ने दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश और संपत्ति संबंधी अभिलेखों का परीक्षण शुरू किया है। लोकायुक्त का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर संपत्तियों और आय के स्रोतों का मिलान किया जा रहा है।

    पूछताछ के दौरान संबंधित अधिकारी की ओर से वेतन के अतिरिक्त कुछ अन्य आय स्रोतों की जानकारी भी जांच दल को दी गई। इनमें परिवार द्वारा संचालित व्यवसाय, किराये से होने वाली आय तथा पत्नी की आय संबंधी विवरण शामिल बताए गए हैं। जांच एजेंसियां इन दावों और उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण कर रही हैं ताकि वास्तविक आय और अर्जित संपत्तियों के बीच संबंध स्थापित किया जा सके।

    कार्रवाई के दौरान एक बैंक लॉकर की भी जांच की गई, जहां से सोने के आभूषण और अन्य कीमती वस्तुएं मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा विभिन्न बैंक खातों से संबंधित दस्तावेजों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि बैंकिंग रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

    लोकायुक्त जांच में इंदौर स्थित व्यवसायिक भवन, आवासीय संपत्तियों, प्लॉट और ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि होने संबंधी जानकारी भी सामने आई है। संबंधित दस्तावेजों की वैधता, खरीद के समय की परिस्थितियों तथा भुगतान के स्रोतों की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां संपत्ति के बाजार मूल्य और घोषित आय के बीच अंतर का भी विश्लेषण कर रही हैं।

    लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार संबंधित अधिकारी लगभग तीन दशक की सेवा अवधि में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पदस्थ रहे हैं। जांच के दौरान उनके सेवाकाल, आय विवरण, संपत्ति घोषणाओं और वित्तीय अभिलेखों का भी परीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी दस्तावेजों के सत्यापन और मूल्यांकन के बाद विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा।

    लोकायुक्त ने स्पष्ट किया है कि मामला अभी जांचाधीन है। जांच पूरी होने और सभी तथ्यों के सत्यापन के बाद ही यह तय किया जाएगा कि आय और संपत्ति के बीच कितना अंतर है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई किस आधार पर की जाएगी। फिलहाल दस्तावेजी जांच और संपत्तियों के मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी है।