Category: Madhya Pradesh

  • शिक्षक भर्ती पदवृद्धि की मांग को लेकर डीपीआई पहुंचे अभ्यर्थी, घंटों हंगामा

    शिक्षक भर्ती पदवृद्धि की मांग को लेकर डीपीआई पहुंचे अभ्यर्थी, घंटों हंगामा


    नई दिल्ली। राजधानी भोपाल में शनिवार को शिक्षक भर्ती परीक्षा-2025 पास अभ्यर्थियों का प्रदर्शन उग्र हो गया। प्रदेशभर से बड़ी संख्या में वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थी लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) पहुंचे और पदवृद्धि, दूसरी काउंसलिंग तथा जल्द नियुक्ति की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में अभ्यर्थी तेज धूप और भीषण गर्मी के बावजूद सड़क पर डटे रहे। प्रदर्शन के दौरान डीपीआई परिसर के बाहर लंबे समय तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही।

    गर्मी में महिला अभ्यर्थी की बिगड़ी तबीयत
    धरने के दौरान तेज गर्मी के कारण एक महिला अभ्यर्थी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। साथी अभ्यर्थियों ने मौके पर ही उसे पानी, एनर्जी ड्रिंक और दवाइयां देकर संभाला। सूचना मिलने पर एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची, लेकिन महिला अभ्यर्थी ने अस्पताल जाने से इनकार करते हुए आंदोलन जारी रखा। इस घटना के बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी और बढ़ गई। अभ्यर्थियों का कहना था कि सरकार उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है।

    पुलिस की चेतावनी, फिर भी नहीं हटे प्रदर्शनकारी
    प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अभ्यर्थियों को परिसर खाली करने की चेतावनी दी। इसे लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण भी हो गया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं, लेकिन अधिकारी उनसे मिलने तक को तैयार नहीं हैं।

    “8-9 बार आंदोलन कर चुके, फिर भी सुनवाई नहीं”
    प्रदर्शनकारियों ने बताया कि नवंबर 2025 से अब तक वे कई बार आंदोलन कर चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम खून से आवेदन लिखा, भूख हड़ताल की, मुंडन कराया और विरोध में मार्कशीट तक जलाई, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, इसके बावजूद भर्ती में बहुत कम पद घोषित किए गए हैं।

    1.15 लाख से ज्यादा पद खाली होने का दावा
    प्रदर्शन कर रहे युवाओं के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग में करीब 2.89 लाख स्वीकृत पदों में से 1.15 लाख से अधिक पद खाली हैं। उनका दावा है कि प्रदेश के हजारों स्कूल एक या दो शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

    अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें
    वर्ग-2 भर्ती में पद संख्या बढ़ाकर 10 हजार की जाए
    वर्ग-3 भर्ती में कम से कम 25 हजार पद किए जाएं
    दूसरी काउंसलिंग जल्द शुरू की जाए
    विशेष शिक्षकों के 3200 पदों के लिए अलग भर्ती प्रक्रिया चलाई जाए
    “मांगें नहीं मानी तो आंदोलन और तेज होगा”

    अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द फैसला नहीं लिया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। उनका कहना है कि यह केवल नौकरी का मुद्दा नहीं, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य का सवाल है।

  • भोपाल के कोलार रोड पर SUV में लगी आग, इलाके में मची अफरा-तफरी

    भोपाल के कोलार रोड पर SUV में लगी आग, इलाके में मची अफरा-तफरी


    नई दिल्ली। राजधानी भोपाल के कोलार रोड इलाके में शनिवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क किनारे खड़ी एक SUV में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया और करीब 10 फीट ऊंची लपटें उठने लगीं। घटना दोपहर करीब 3:30 बजे की बताई जा रही है। कोलार रोड स्थित चूनाभट्टी रेस्ट हाउस के आगे गार्डन रेसिडेंस के गेट के पास SUV खड़ी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले वाहन से धुआं निकलता दिखाई दिया और कुछ ही सेकंड में आग ने विकराल रूप ले लिया।

    EV चार्जिंग स्टेशन और ट्रांसफार्मर के कारण बढ़ा खतरा
    जिस स्थान पर SUV में आग लगी, उसके पास ही इलेक्ट्रिक व्हीकल का चार्जिंग स्टेशन और रहवासी इलाका मौजूद है। वहीं नजदीक में ट्रांसफार्मर भी लगा हुआ था। ऐसे में लोगों को किसी बड़े ब्लास्ट या हादसे का डर सताने लगा।
     आग की लपटें बढ़ते देख आसपास मौजूद लोग तुरंत दूर हट गए। स्थानीय लोगों ने एहतियातन आसपास खड़े वाहनों को हटाया और सड़क के एक हिस्से को खाली कराया। घटना के चलते कुछ देर के लिए इलाके में यातायात भी प्रभावित रहा।

    दमकल पहुंची, लेकिन तब तक जल चुकी थी कार
    सूचना मिलते ही कोलार फायर स्टेशन से दमकल की टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक SUV लगभग पूरी तरह जल चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शी राहुल सिंगाड़िया ने बताया कि आग इतनी तेज थी कि वाहन के टायर तक जल गए। मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    शॉर्ट सर्किट की आशंका
    फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और फायर विभाग मामले की जांच कर रहे हैं।

  • शिवपुरी में लिव-इन रिश्ते को लेकर विवाद, महिला ने लगाया शोषण का आरोप

    शिवपुरी में लिव-इन रिश्ते को लेकर विवाद, महिला ने लगाया शोषण का आरोप


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के शिवपुरी में एक महिला के साथ कथित तौर पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण किए जाने का मामला सामने आया है। कोतवाली थाना क्षेत्र की गणेश कॉलोनी में रहने वाले एक सिनेमैटोग्राफर पर आरोप है कि उसने पहले महिला को प्रेमजाल में फंसाया, फिर उसके वैवाहिक जीवन को खत्म करवाया और बाद में शादी से इनकार कर उसे घर से निकाल दिया।

    पीड़िता ग्वालियर की रहने वाली 25 वर्षीय शादीशुदा महिला है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी मोक्ष सिकरवार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    शादी समारोह में हुई थी पहली मुलाका
    महिला के अनुसार करीब तीन साल पहले वह एक शादी समारोह में शामिल होने शिवपुरी आई थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात फिल्म मेकिंग और सिनेमैटोग्राफी से जुड़े मोक्ष सिकरवार से हुई। शुरुआत में दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। महिला ने आरोपी को यह भी बताया था कि वह पहले से शादीशुदा है और उम्र में उससे बड़ी भी है। इसके बावजूद आरोपी लगातार संपर्क में बना रहा। करीब दो साल तक दोनों के बीच बातचीत और मुलाकातों का सिलसिला चलता रहा।

    पति को पता चला तो बढ़ा विवाद
    महिला का कहना है कि जब उसके पति को इस रिश्ते की जानकारी मिली तो घर में विवाद शुरू हो गया। इसी दौरान आरोपी ने उसे पति से तलाक लेने के लिए दबाव बनाया। बाद में दोनों का न्यायालय के माध्यम से तलाक हो गया। तलाक के बाद महिला शिवपुरी की गणेश कॉलोनी स्थित आरोपी के घर में रहने लगी। दोनों करीब एक साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे।

    शादी का वादा कर किया शोषण
    पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उससे शादी करने का भरोसा दिलाया और इसी भरोसे पर वह उसके साथ रहती रही। इस दौरान आरोपी ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। महिला का कहना है कि करीब एक साल बाद आरोपी का व्यवहार बदलने लगा और जब उसने शादी की बात की तो उसने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी ने उसे घर से निकाल दिया।

    “अब कहीं जाने की जगह नहीं बची”
    पीड़िता ने पुलिस को बताया कि अब वह न तो अपने मायके लौट सकती है और न ही अपने पूर्व पति के पास जा सकती है। खुद को असहाय महसूस करते हुए उसने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • पेट्रोल की किल्लत से हड़कंप, बाहर 180 रुपए प्रति लीटर तक कीमत

    पेट्रोल की किल्लत से हड़कंप, बाहर 180 रुपए प्रति लीटर तक कीमत


    आलीराजपुर। जिले में पेट्रोल-डीजल की गंभीर किल्लत ने हालात चिंताजनक बना दिए हैं। जिला प्रशासन की रिपोर्ट में इस संकट की पुष्टि हुई है, जिसके अनुसार जिले के कुल 31 पेट्रोल पंपों में से 21 पूरी तरह से खाली हो चुके हैं। ईंधन की आपूर्ति बाधित होने के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है, जहां पेट्रोल की कालाबाजारी की खबरें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि कुछ स्थानों पर पेट्रोल 150 से 180 रुपए प्रति लीटर तक बेचा जा रहा है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

    मांगलिया डिपो पर नहीं मिला समाधान
    पेट्रोल पंप संचालक संघ के जिला अध्यक्ष राकेश अग्रवाल ने बताया कि संकट के समाधान के लिए संचालक इंदौर स्थित मांगलिया डिपो पहुंचे थे। लेकिन आरोप है कि वहां अधिकारियों ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया। करीब एक घंटे इंतजार के बाद संचालकों को बिना किसी ठोस आश्वासन के वापस लौटना पड़ा। पंप संचालकों का कहना है कि टैंकरों की समय पर आपूर्ति नहीं होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है, जिससे पूरे जिले में ईंधन संकट गहराता जा रहा है।

    राशनिंग से भी राहत नहीं, वाहनों पर असर
    जिले में जिन 10 पेट्रोल पंपों पर थोड़ा-बहुत स्टॉक बचा है, वहां भीड़ नियंत्रण के लिए राशनिंग व्यवस्था लागू की गई है। बाइक चालकों को 100 से 200 रुपए तक और डीजल वाहनों को अधिकतम 500 रुपए तक का ही ईंधन दिया जा रहा है। ईंधन की कमी के कारण ट्रैक्टर, मालवाहक वाहन और अन्य परिवहन साधनों के पहिये थमने लगे हैं, जिससे कृषि और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

    48 घंटे से परेशान लोग, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
    पिछले 48 घंटों से जिले के अधिकांश पेट्रोल पंप बंद पड़े हैं। सुबह से ही लोग खाली डिब्बे और वाहनों के साथ पंपों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन “स्टॉक खत्म” के बोर्ड देखकर निराश लौटना पड़ रहा है।

    स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तेल कंपनियों के साथ समन्वय कर तुरंत आपूर्ति बहाल की जाए और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

  • झाबुआ में कृषि जागरूकता अभियान शुरू, कलेक्टर ने किया रथ का शुभारंभ

    झाबुआ में कृषि जागरूकता अभियान शुरू, कलेक्टर ने किया रथ का शुभारंभ

    झाबुआ। जिले में किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, तकनीकी जानकारी और शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई है। 16 मई को कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने कलेक्टर कार्यालय परिसर से 10 दिवसीय कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रवाना किया।

    यह कृषि रथ “किसान कल्याण वर्ष 2026” के अंतर्गत शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। यह रथ आने वाले 10 दिनों तक झाबुआ जिले के सभी विकासखंडों और गांवों का भ्रमण करेगा और किसानों को कृषि से जुड़ी नई तकनीकों की जानकारी देगा।

    गांव-गांव पहुंचेगी तकनीकी जानकारी
    इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को उन्नत खेती पद्धतियों से अवगत कराना है। रथ के माध्यम से किसानों को उर्वरक वितरण की नई ई-विकास प्रणाली और ई-टोकन व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

    इसके साथ ही किसानों को एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, पराली प्रबंधन, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया जाएगा। कृषि रथ को इस तरह तैयार किया गया है कि इसमें आधुनिक खेती से जुड़ी सभी जानकारियों को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

    विशेषज्ञ टीम करेगी किसानों का मार्गदर्शन
    इस रथ के साथ हर दिन कृषि विशेषज्ञों की एक विशेष टीम भी मौजूद रहेगी, जो सीधे गांवों में जाकर किसानों से संवाद करेगी। यह टीम खरीफ फसल की बुआई से पहले आवश्यक तैयारियों पर किसानों को मार्गदर्शन देगी और फसल उत्पादन बढ़ाने के साथ लागत कम करने के व्यावहारिक उपाय बताएगी। कृषि विशेषज्ञ मौके पर ही किसानों की समस्याओं का समाधान करेंगे और उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बेहतर खेती के तरीके सुझाएंगे। इससे किसानों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।

    किसानों से भागीदारी की अपील
    उप संचालक कृषि एन.एस. रावत ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि जब कृषि रथ उनके गांव पहुंचे तो वे विशेषज्ञों से अधिक से अधिक संवाद करें और इस अवसर का लाभ उठाएं। इस अवसर पर उप संचालक कृषि एन.एस. रावत, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. जगदीश मोर्य, सहायक संचालक उद्यानिकी बी.एस. चौहान सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में किसानों के बीच उत्साह देखने को मिला और इस पहल को कृषि क्षेत्र के लिए उपयोगी बताया गया।

  • भोजशाला निर्णय के बाद बड़वानी में आतिशबाजी, माहौल हुआ उत्साहपूर्ण

    भोजशाला निर्णय के बाद बड़वानी में आतिशबाजी, माहौल हुआ उत्साहपूर्ण


    बड़वानी।
    धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मामले में हाईकोर्ट द्वारा आए फैसले के बाद बड़वानी शहर सहित पूरे जिले में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। फैसले में भोजशाला को मंदिर के रूप में मान्यता मिलने के बाद सकल हिंदू समाज के लोगों ने शुक्रवार देर रात बड़े पैमाने पर जश्न मनाया।

    शहर के पाटी नाका, मोटी माता चौक, रणजीत चौक सहित कई प्रमुख स्थानों पर लोग एकत्रित हुए और आतिशबाजी की गई। आसमान में रंग-बिरंगी रोशनी से पूरा वातावरण जगमगा उठा। इस दौरान लोगों ने एक-दूसरे को मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया।

    जय श्रीराम के नारों से गूंजा शहर
    जश्न के दौरान पूरे शहर में “जय श्रीराम” और “भारत माता की जय” के जोरदार नारे लगाए गए। युवाओं की बड़ी संख्या चौराहों पर मौजूद रही, जहां उन्होंने उत्साहपूर्वक आतिशबाजी की और खुशी साझा की। कई स्थानों पर सामूहिक रूप से माहौल पूरी तरह उत्सव जैसा बन गया। स्थानीय लोगों ने मां वाग्देवी और भारत माता की पूजा-अर्चना करते हुए महाआरती भी की। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर धार्मिक आस्था व्यक्त की और फैसले को ऐतिहासिक बताया।

    वर्षों के संघर्ष का परिणाम बताया फैसला
    समाज के लोगों ने कहा कि यह निर्णय लंबे समय से चल रहे संघर्ष और जनजागरण का परिणाम है। उनका कहना था कि वर्षों से विभिन्न स्तरों पर आंदोलन और प्रयास किए जा रहे थे, जिनका परिणाम अब सामने आया है। स्थानीय नागरिकों ने इस फैसले को केवल एक कानूनी निर्णय नहीं बल्कि आस्था और भावनाओं से जुड़ा ऐतिहासिक क्षण बताया। लोगों के अनुसार यह निर्णय समाज की एकजुटता और संघर्ष की जीत का प्रतीक है।

    देर रात तक बना रहा जश्न का माहौल
    शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे से शुरू हुआ जश्न देर रात तक जारी रहा। शहर के कई हिस्सों में लोग समूहों में एकत्रित होकर खुशी मनाते रहे। पूरे बड़वानी में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और चौराहों पर युवाओं की भारी भीड़ रही। प्रशासनिक स्तर पर भी स्थिति सामान्य रही और कहीं से किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

  • शनि अमावस्या का विशेष आयोजन, नर्मदा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने की पूजा

    शनि अमावस्या का विशेष आयोजन, नर्मदा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने की पूजा


    नई दिल्ली। बड़वानी जिले में शनिवार को शनि अमावस्या और शनि जयंती के दुर्लभ संयोग पर धार्मिक आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक स्थित शनि मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। साईं शनेश्वर शनि मंदिर, सेंगाव बाईपास स्थित शनि मंदिर और अंजड़ के श्री नवग्रह शनि मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए।

    पूरे दिन मंदिर परिसर “जय शनिदेव” के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजते रहे। भक्तों ने तेल, फूल, काली उड़द और प्रसाद अर्पित कर शनिदेव की विशेष पूजा की।

    51 किलो तेल से शनिदेव का अभिषेक, नवग्रह पूजन भी सम्पन्न
    साईं शनेश्वर शनि मंदिर समिति के अनुसार, सुबह से ही वैदिक विधि-विधान के साथ शनिदेव का 51 किलो तेल से अभिषेक किया गया। इसके बाद नवग्रह पूजन, हवन और विशेष आरती संपन्न हुई। अंजड़ स्थित श्री नवग्रह शनि मंदिर, जिसे जिले का प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है, वहां भी सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। यहां नवग्रह देवताओं का विशेष पूजन कर हवन किया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया।

    भंडारे और प्रसादी से भक्तों का स्वागत
    श्रद्धालुओं के लिए कई स्थानों पर भंडारे और प्रसादी का आयोजन किया गया। अंजड़ मंदिर में लगभग एक क्विंटल पूरी-चना प्रसाद वितरित किया गया, जबकि सेंगाव बाईपास मंदिर में छप्पन भोग के साथ प्रसादी बांटी गई। कुछ स्थानों पर साबूदाने की खिचड़ी भी श्रद्धालुओं को दी गई। मंदिरों में दिनभर भक्तों का आना-जाना जारी रहा और शाम तक माहौल पूरी तरह भक्ति में डूबा रहा।

    नर्मदा घाटों पर आस्था की डुबकी, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
    शनि अमावस्या के अवसर पर नर्मदा नदी के घाटों, विशेषकर राजघाट पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। लोगों ने पवित्र स्नान कर दान-पुण्य और पितरों के तर्पण की विधि पूरी की। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। प्रशासन द्वारा घाटों पर पुलिस और होमगार्ड जवानों की तैनाती की गई ताकि भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके और किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

    शाम को होगी महाआरती, दिनभर जारी रहा उत्सव
    शाम 7 बजे सभी प्रमुख शनि मंदिरों में संगीतमय महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। पूरे जिले में यह दिन पूरी तरह धार्मिक उल्लास और आस्था के रंग में रंगा रहा।

  • खंडवा में NEET पेपर लीक को लेकर छात्रों का हंगामा, ज्ञापन सौंपा

    खंडवा में NEET पेपर लीक को लेकर छात्रों का हंगामा, ज्ञापन सौंपा


    नई दिल्ली। खंडवा में NEET-2026 परीक्षा को लेकर उठे कथित पेपर लीक विवाद ने छात्र राजनीति को गर्मा दिया। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

    छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में कुछ भ्रष्ट तत्वों ने सेंध लगाकर मेहनती और ईमानदार विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उनका कहना है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण एग्जाम में ऐसी घटनाएं पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करती हैं।

    जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
    ज्ञापन में छात्रों ने स्पष्ट रूप से कई मांगें रखीं-
    पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए
    दोषी व्यक्तियों, संस्थानों और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो
    परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित व पारदर्शी बनाया जाए
    भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जाए ताकि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ न हो

    प्रदर्शन में कांग्रेस जिला अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह और चंदन राजपूत भी मौजूद रहे। नेताओं ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बेहद जरूरी है।

    आंदोलन के बीच उठा स्थानीय मुद्दों का सवाल भी
    कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपने के दौरान केवल NEET मामला ही नहीं, बल्कि इलाके की अन्य समस्याएं भी उठीं। कांग्रेस नेताओं ने किल्लोद ब्लॉक में फ्लोराइड युक्त पानी से हो रही बीमारियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि कुएं खुदवाए जाने के बावजूद अब तक कनेक्शन न मिलने से ग्रामीणों को राहत नहीं मिल पाई है। इसके अलावा लहाड़पुर क्षेत्र में पेयजल संकट को भी गंभीर समस्या बताया गया।

     प्रशासन का जवाब
    कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पीएचई विभाग और जनपद सीईओ को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को पंचायत स्तर पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन ने ग्रामीणों को जल्द राहत मिलने का आश्वासन भी दिया है।

  • 242 पन्नों के फैसले का होगा कानूनी परीक्षण, मुस्लिम पक्ष ने जताई अपील की बात

    242 पन्नों के फैसले का होगा कानूनी परीक्षण, मुस्लिम पक्ष ने जताई अपील की बात

    इंदौर/धार। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच द्वारा भोजशाला मामले में दिए गए ऐतिहासिक फैसले के बाद अब यह कानूनी विवाद एक नए चरण में प्रवेश करता नजर आ रहा है। फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी शुरू कर दी है। पक्षकारों का कहना है कि वे 242 पन्नों के विस्तृत फैसले का गहन अध्ययन करने के बाद इसे सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देंगे।

    हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका को स्वीकार करते हुए भोजशाला परिसर में हिंदू पक्ष को पूजा का विशेष अधिकार प्रदान किया है। साथ ही, वर्ष 2003 में दिए गए उस आदेश को भी निरस्त कर दिया गया है, जिसमें मुस्लिम पक्ष को सीमित समय के लिए नमाज की अनुमति दी गई थी। कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की रिपोर्ट को इस फैसले का प्रमुख आधार माना है।

    ASI की रिपोर्ट को मामले में निर्णायक माना गया है, जिसमें 98 दिनों के सर्वे और लगभग 2100 पन्नों की जांच रिपोर्ट शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार, भोजशाला परिसर ऐतिहासिक रूप से मां वाग्देवी और संस्कृत शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है। कोर्ट ने इन्हीं तथ्यों के आधार पर परिसर को हिंदू धार्मिक स्वरूप से जुड़ा माना है।

    हिंदू पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अदालत ने स्पष्ट रूप से माना है कि भोजशाला का स्वरूप मंदिर जैसा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद से अलग प्रकृति का है, क्योंकि यह रिट याचिका के रूप में सुना गया था।

    मुस्लिम पक्ष की ओर से कहा गया है कि वे इस निर्णय को स्वीकार नहीं करते और सुप्रीम कोर्ट में इसे चुनौती देंगे। उनका कहना है कि पूरे फैसले का कानूनी और तथ्यात्मक विश्लेषण करने के बाद ही अगला कदम तय किया जाएगा।

    इस बीच, हिंदू पक्ष ने इस फैसले को अपनी बड़ी जीत बताते हुए इसे ऐतिहासिक न्याय करार दिया है। वहीं, क्षेत्र में फिलहाल स्थिति शांत बनी हुई है, लेकिन कानूनी लड़ाई के अगले चरण को लेकर दोनों पक्षों में सक्रियता बढ़ गई है।

  • भोजशाला में हनुमान चालीसा पाठ, हाईकोर्ट फैसले के बाद बढ़ी श्रद्धा

    भोजशाला में हनुमान चालीसा पाठ, हाईकोर्ट फैसले के बाद बढ़ी श्रद्धा


    धार मध्य प्रदेश। धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला-कमाल मौला परिसर को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के इंदौर बेंच के फैसले के बाद शनिवार सुबह परिसर में धार्मिक गतिविधियों का माहौल देखने को मिला। कोर्ट के निर्णय के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी भोजशाला पहुंचे और पूजा-अर्चना की।

    श्रद्धालुओं ने परिसर में स्थित मां वाग्देवी स्थल और यज्ञ कुंड के पास पहुंचकर विधिवत दर्शन किए और हनुमान चालीसा का पाठ किया। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और प्रशासन की निगरानी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

    हाईकोर्ट के फैसले का प्रभाव, पूजा के अधिकार को लेकर चर्चा
    हाईकोर्ट के आदेश में भोजशाला परिसर को ऐतिहासिक रूप से राजा भोज कालीन वाग्देवी मंदिर से संबंधित माना गया है। फैसले के बाद हिंदू पक्ष को पूजा-अर्चना का अधिकार मिलने के बाद परिसर में गतिविधियां बढ़ गई हैं।
    हिंदू पक्ष के वकील के अनुसार, कोर्ट ने वर्ष 2003 के ASI आदेश को आंशिक रूप से निरस्त किया है, जिसमें मुस्लिम समुदाय को तय समय पर नमाज की अनुमति दी गई थी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि परिसर संरक्षित स्मारक रहेगा और इसकी निगरानी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीन ही होगी।

    श्रद्धालुओं में उत्साह, वर्षों बाद पूजा का अवसर मिलने का दावा
    पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने कहा कि उन्हें वर्षों बाद बिना किसी रोक-टोक के दर्शन और पूजा करने का अवसर मिला है। श्रद्धालुओं का कहना है कि भोजशाला परिसर उनके लिए आस्था का केंद्र है और यह स्थान प्राचीन मंदिर का स्वरूप रखता है। भोज उत्सव समिति के पदाधिकारियों ने भी परिसर में पहुंचकर पुष्प अर्पित किए और धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया।

    कानूनी प्रक्रिया अभी जारी, सुप्रीम कोर्ट जाने की संभावना
    मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की संभावना भी बनी हुई है। मुस्लिम पक्ष के सुप्रीम कोर्ट जाने की संभावना को देखते हुए हिंदू पक्ष ने पहले से ही कैविएट याचिकाएं दायर कर दी हैं, ताकि मामले में सुनवाई के दौरान उनका पक्ष भी सुना जा सके।

    भोजशाला मामला एक बार फिर धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक दावों के बीच चर्चा का केंद्र बन गया है। फिलहाल हाईकोर्ट के फैसले के बाद परिसर में पूजा-अर्चना शुरू हो गई है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।