Category: Madhya Pradesh

  • जबलपुर में बाराती बस पर 51 हजार का चालान, बिना परमिट दौड़ रही थी गाड़ी

    जबलपुर में बाराती बस पर 51 हजार का चालान, बिना परमिट दौड़ रही थी गाड़ी


    जबलपुर मध्य प्रदेश के जबलपुर में परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बाराती बस पर ₹51,500 का जुर्माना लगाया और उसे जब्त कर लिया। यह कार्रवाई आयुक्त उमेश जोगा के निर्देश पर उड़नदस्ता टीम द्वारा की गई।

    बिना परमिट चल रही थी बाराती बस
    जांच के दौरान सामने आया कि मंडला से जबलपुर जा रही राधिका ट्रैवल्स की बस (MP 13 P 1949) बिना वैध दस्तावेजों के संचालित हो रही थी। बस के पास-
    वैध परमिट नहीं था
    बीमा (Insurance) नहीं था
    प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) भी नहीं था
    इस गंभीर लापरवाही के बाद कार्रवाई की गई।

    बरगी के पास रोकी गई बस
    उड़नदस्ता प्रभारी के अनुसार बस को बरगी क्षेत्र के पास रोका गया। जब चालक से दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद मौके पर ही बस को जब्त कर लिया गया।

    बस जब्त, यात्रियों को सुरक्षित भेजा गया
    कार्रवाई के बाद बस को आरटीओ परिसर में खड़ा कराया गया। साथ ही बस में सवार यात्रियों को किसी अन्य वाहन से उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाया गया।

    हादसे के बाद बढ़ी सख्ती
    हाल ही में मध्य प्रदेश में इंदौर से शिवपुरी जा रही एक बस में आग लगने की दर्दनाक घटना हुई थी, जिसमें एक 4 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद परिवहन विभाग ने राज्यभर में बसों की जांच तेज कर दी है।

    कई जिलों में चल रहा जांच अभियान
    परिवहन मंत्री और विभागीय निर्देशों के बाद जबलपुर, सिवनी और मंडला में बसों की सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि बिना फिटनेस और दस्तावेजों के चल रहे वाहनों पर सख्त कार्रवाई हो सके।
     
    प्रशासन की चेतावनी
    परिवहन विभाग ने सभी वाहन संचालकों को चेतावनी दी है कि वे अपने सभी दस्तावेज—परमिट, बीमा और PUC—अद्यतन रखें। नियमों का उल्लंघन करने पर भविष्य में और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    जबलपुर में हुई यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर प्रशासन अब बेहद सख्त हो गया है। बिना वैध दस्तावेजों के चलने वाले वाहनों पर आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।

  • ग्वालियर में सहायक कुल सचिव परीक्षा आज, 1277 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा

    ग्वालियर में सहायक कुल सचिव परीक्षा आज, 1277 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग) द्वारा सहायक कुल सचिव परीक्षा-2025 का आयोजन आज रविवार को ग्वालियर में किया जा रहा है। इस परीक्षा में शहर के तीन केंद्रों पर कुल 1277 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा एक ही सत्र में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक आयोजित की जा रही है।

    परीक्षा केंद्रों पर सख्त नियम लागू
    परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार बेहद सख्त नियम लागू किए गए हैं। अभ्यर्थियों के लिए कई वस्तुओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है-
    जूते और मोजे पहनकर प्रवेश नहीं मिलेगा
    मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर प्रतिबंध
    बेल्ट, क्लचर, बक्कल और हाथ के बैंड भी वर्जित
    केवल पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की अनुमति
    उम्मीदवारों को केवल चप्पल या सैंडल पहनकर ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जा रहा है।

    त्रिस्तरीय जांच और CCTV निगरानी
    परीक्षा की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अभ्यर्थियों की त्रिस्तरीय जांच की व्यवस्था की गई है।
    पहले चरण में बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन
    सभी केंद्रों पर CCTV कैमरों से निगरानी
    कलेक्टर कार्यालय में डिजिटल कंट्रोल रूम की स्थापना
    यह कंट्रोल रूम सुबह 8 बजे से परीक्षा समाप्ति तक सक्रिय रहेगा।

    शिकायत के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय
    परीक्षा से संबंधित किसी भी समस्या या शिकायत के लिए कंट्रोल रूम में संपर्क किया जा सकता है।
    दूरभाष: 0751-2446214
    मोबाइल: 9425135143
    निगरानी की जिम्मेदारी अधीक्षक आर.आई. भगत के निर्देशन में की जा रही है।

    ग्वालियर में आयोजित यह परीक्षा कड़े सुरक्षा इंतजामों और डिजिटल निगरानी के बीच संपन्न हो रही है। सख्त नियमों का उद्देश्य केवल एक ही है-निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करना।

  • बिना OTP और कॉल के व्यापारी से बड़ी ठगी, सिम क्लोनिंग का शक

    बिना OTP और कॉल के व्यापारी से बड़ी ठगी, सिम क्लोनिंग का शक


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में अब आग बुझाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल शुरू हो गया है। नगर निगम ने करीब ₹2 करोड़ की लागत से एक AI आधारित फायर फाइटिंग रोबोट तैनात किया है, जो उन जगहों पर जाकर आग बुझा सकता है, जहां इंसानों का जाना बेहद खतरनाक होता है। यह रोबोट जयपुर की रोबोटिक्स कंपनी द्वारा विकसित किया गया है और इसे विशेष रूप से औद्योगिक और उच्च जोखिम वाली आग की घटनाओं के लिए तैयार किया गया है।

    कैसे काम करता है यह रोबोट?
    यह फायर फाइटिंग रोबोट पूरी तरह रिमोट ऑपरेटेड है और इसे दूर से नियंत्रित किया जाता है। इसमें लगा कैमरा और डिस्प्ले सिस्टम ऑपरेटर को लाइव स्थिति दिखाता है, जिससे यह पता चलता है कि आगे क्या हो रहा है। यह एक तरह का क्रॉलर टैंक सिस्टम है, जो खराब रास्तों, मलबे और सीढ़ियों पर भी आसानी से चल सकता है।

    500°C की आग में भी काम करने की क्षमता
    इस रोबोट की सबसे बड़ी खासियत इसकी गर्मी सहने की क्षमता है। यह लगभग 500 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी काम कर सकता है।

    इसके अलावा इसमें-
    थर्मल इमेजिंग कैमरा
    AI आधारित ऑब्जेक्ट डिटेक्शन
    हाई प्रेशर वाटर और फोम सिस्टम
    मजबूत क्रॉलर ट्रैक
    जैसी आधुनिक तकनीकें लगी हैं, जो इसे बेहद प्रभावी बनाती हैं।

    8 से 10 घंटे तक लगातार काम
    यह रोबोट एक बार चार्ज होने पर लगभग 8 से 10 घंटे तक लगातार काम कर सकता है। इसकी बैटरी सिस्टम और कूलिंग तकनीक इसे लंबे समय तक सक्रिय रहने में मदद करती है। यह फायर टैंकर से जुड़कर पानी और फोम दोनों के जरिए आग पर काबू पा सकता है।

    कहां-कहां किया जा चुका है इस्तेमाल?
    इंदौर में इस रोबोट का इस्तेमाल कई बड़े हादसों में किया गया है, जिनमें शामिल हैं-
    नवदा पंथ प्लास्टिक फैक्ट्री आग
    परदेशीपुरा की आग
    सिटी फॉरेस्ट क्षेत्र की घटना
    पीथमपुर की बड़ी औद्योगिक आग
    इन सभी मामलों में इस रोबोट ने जोखिम भरे हालात में फायरफाइटिंग में अहम भूमिका निभाई।

    क्यों है यह तकनीक खास?
    यह रोबोट खास तौर पर उन जगहों के लिए बनाया गया है जहां-
    तेल और गैस प्लांट
    केमिकल और पेट्रोकेमिकल फैक्ट्री
    बड़े गोदाम और लॉजिस्टिक हब
    बिजली संयंत्र और ट्रांसफॉर्मर यूनिट
    जैसे हाई रिस्क क्षेत्र शामिल हैं।
    यह लगभग 500 किलो तक का भार भी संभाल सकता है और भारी मलबे में भी आसानी से मूव कर सकता है।

    अधिकारियों का बयान
    नगर निगम कमिश्नर के अनुसार, यह रोबोट फायर टैंकर से जुड़कर काम करता है और उच्च तापमान वाले क्षेत्रों में भी लंबे समय तक आग बुझाने में सक्षम है। इससे फायरफाइटर्स की जान का जोखिम काफी कम हो जाता है। इंदौर का यह फायर फाइटिंग रोबोट आधुनिक आपदा प्रबंधन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह तकनीक न सिर्फ आग बुझाने की क्षमता बढ़ाती है, बल्कि दमकलकर्मियों की सुरक्षा को भी नए स्तर पर ले जाती है।

  • राजधानी एक्सप्रेस में भीषण आग: बी-1 कोच जलकर खाक, यात्रियों में मची अफरा-तफरी

    राजधानी एक्सप्रेस में भीषण आग: बी-1 कोच जलकर खाक, यात्रियों में मची अफरा-तफरी

    मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में रविवार की सुबह एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया जब राजधानी एक्सप्रेस के एक कोच में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना उस समय हुई जब ट्रेन अपने निर्धारित मार्ग पर तेज गति से आगे बढ़ रही थी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और बी-1 कोच को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। शुरुआती कुछ ही मिनटों में कोच से धुआं और लपटें उठने लगीं, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली।

    जानकारी के अनुसार ट्रेन मध्यप्रदेश के रतलाम मंडल के अंतर्गत आलोट और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशन के बीच से गुजर रही थी, जब अचानक बी-1 कोच में आग लग गई। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन तुरंत हरकत में आया और ट्रेन को नियंत्रित तरीके से रोका गया। आग फैलने से पहले प्रभावित कोच को ट्रेन से अलग कर दिया गया, जिससे एक बड़े हादसे को टालने में सफलता मिली।

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार कोच में लगभग 68 यात्री सवार थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर अन्य डिब्बों या सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। यात्रियों को निकालने के बाद आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए और कुछ ही समय में स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया, हालांकि तब तक कोच लगभग पूरी तरह जलकर नष्ट हो चुका था। मौके पर राहत और बचाव टीमों को तुरंत भेजा गया और आसपास के क्षेत्रों से अतिरिक्त स्टाफ को भी बुलाया गया ताकि हालात को जल्द सामान्य किया जा सके।

    घटना के बाद दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर कुछ समय के लिए ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई, जिससे कई ट्रेनों को रोकना पड़ा या उनके मार्ग में बदलाव किया गया। रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर बिजली आपूर्ति को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी टीमें मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच में जुट गई हैं। प्राथमिक उद्देश्य यह पता लगाना है कि आखिर इस अचानक लगी आग के पीछे वास्तविक कारण क्या था और भविष्य में ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है।

    इस घटना ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, हालांकि राहत की बात यह है कि समय पर की गई कार्रवाई से सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई। रेलवे प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे ताकि यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • इंदौर में 2 करोड़ का फायर फाइटिंग रोबोट, आग बुझाने में करेगा मदद

    इंदौर में 2 करोड़ का फायर फाइटिंग रोबोट, आग बुझाने में करेगा मदद


    इंदौर  मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में अब आग बुझाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल शुरू हो गया है। नगर निगम ने करीब ₹2 करोड़ की लागत से एक AI आधारित फायर फाइटिंग रोबोट तैनात किया है, जो उन जगहों पर जाकर आग बुझा सकता है, जहां इंसानों का जाना बेहद खतरनाक होता है। यह रोबोट जयपुर की रोबोटिक्स कंपनी द्वारा विकसित किया गया है और इसे विशेष रूप से औद्योगिक और उच्च जोखिम वाली आग की घटनाओं के लिए तैयार किया गया है।

    कैसे काम करता है यह रोबोट?
    यह फायर फाइटिंग रोबोट पूरी तरह रिमोट ऑपरेटेड है और इसे दूर से नियंत्रित किया जाता है। इसमें लगा कैमरा और डिस्प्ले सिस्टम ऑपरेटर को लाइव स्थिति दिखाता है, जिससे यह पता चलता है कि आगे क्या हो रहा है। यह एक तरह का क्रॉलर टैंक सिस्टम है, जो खराब रास्तों, मलबे और सीढ़ियों पर भी आसानी से चल सकता है।

    500°C की आग में भी काम करने की क्षमता
    इस रोबोट की सबसे बड़ी खासियत इसकी गर्मी सहने की क्षमता है। यह लगभग 500 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी काम कर सकता है।
    इसके अलावा इसमें-
    थर्मल इमेजिंग कैमरा
    AI आधारित ऑब्जेक्ट डिटेक्शन
    हाई प्रेशर वाटर और फोम सिस्टम
    मजबूत क्रॉलर ट्रैक
    जैसी आधुनिक तकनीकें लगी हैं, जो इसे बेहद प्रभावी बनाती हैं।

    8 से 10 घंटे तक लगातार काम
    यह रोबोट एक बार चार्ज होने पर लगभग 8 से 10 घंटे तक लगातार काम कर सकता है। इसकी बैटरी सिस्टम और कूलिंग तकनीक इसे लंबे समय तक सक्रिय रहने में मदद करती है। यह फायर टैंकर से जुड़कर पानी और फोम दोनों के जरिए आग पर काबू पा सकता है।
    इंदौर में इस रोबोट का इस्तेमाल कई बड़े हादसों में किया गया है, जिनमें शामिल हैं-
    नवदा पंथ प्लास्टिक फैक्ट्री आग
    परदेशीपुरा की आग
    सिटी फॉरेस्ट क्षेत्र की घटना
    पीथमपुर की बड़ी औद्योगिक आग
    इन सभी मामलों में इस रोबोट ने जोखिम भरे हालात में फायरफाइटिंग में अहम भूमिका निभाई।

    क्यों है यह तकनीक खास?
    यह रोबोट खास तौर पर उन जगहों के लिए बनाया गया है जहां-
    तेल और गैस प्लांट
    केमिकल और पेट्रोकेमिकल फैक्ट्री
    बड़े गोदाम और लॉजिस्टिक हब
    बिजली संयंत्र और ट्रांसफॉर्मर यूनिट
    जैसे हाई रिस्क क्षेत्र शामिल हैं।
    यह लगभग 500 किलो तक का भार भी संभाल सकता है और भारी मलबे में भी आसानी से मूव कर सकता है।

    अधिकारियों का बयान
    नगर निगम कमिश्नर के अनुसार, यह रोबोट फायर टैंकर से जुड़कर काम करता है और उच्च तापमान वाले क्षेत्रों में भी लंबे समय तक आग बुझाने में सक्षम है। इससे फायरफाइटर्स की जान का जोखिम काफी कम हो जाता है।

    इंदौर का यह फायर फाइटिंग रोबोट आधुनिक आपदा प्रबंधन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह तकनीक न सिर्फ आग बुझाने की क्षमता बढ़ाती है, बल्कि दमकलकर्मियों की सुरक्षा को भी नए स्तर पर ले जाती है।

  • ढाई साल की उपलब्धियों पर मंत्रियों की समीक्षा, आज होगा बड़ा रिव्यू मीटिंग

    ढाई साल की उपलब्धियों पर मंत्रियों की समीक्षा, आज होगा बड़ा रिव्यू मीटिंग


    मध्य प्रदेशमध्य प्रदेश की मोहन सरकार जल्द ही अपने कार्यकाल के ढाई साल पूरे करने जा रही है। 13 जून को सरकार के 2.5 साल पूरे होने से पहले ही आज भोपाल में मंत्रियों की बड़ी समीक्षा बैठक होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल सभी मंत्रियों के साथ वन-टू-वन चर्चा करेंगे। यह बैठक मुख्यमंत्री निवास के समत्व कार्यालय में पूरे दिन चलेगी।

    टारगेट बनाम अचीवमेंट का होगा पूरा हिसाब
    इस बैठक में मंत्रियों से दिसंबर 2023 से अब तक के कामकाज का पूरा लेखा-जोखा लिया जाएगा। साथ ही अगले ढाई साल के टारगेट भी पूछे जाएंगे।
    हर मंत्री को यह बताना होगा कि-
    कितने वादे पूरे हुए
    कितने काम प्रगति पर हैं
    कौन से लक्ष्य अभी अधूरे हैं

    समितियों और जिलों के काम की होगी समीक्षा
    मंत्रियों से उनके प्रभार वाले जिलों में बनी विभिन्न समितियों की रिपोर्ट ली जाएगी, जिनमें शामिल हैं—
    दिशा समिति
    जनभागीदारी समिति
    जिला स्तरीय समन्वय समिति
    मॉनिटरिंग कमेटी
    इन समितियों के गठन और उनकी कार्यप्रणाली की भी समीक्षा होगी।

    चुनावी तैयारियों पर भी होगी चर्चा
    बैठक में आगामी नगर निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर भी चर्चा होगी। मंत्रियों से पूछा जाएगा—
    मजबूत और कमजोर सीटों की स्थिति
    बूथ स्तर की तैयारी
    प्रत्याशी चयन की रणनीति
    विपक्ष की गतिविधियों का आकलन

    विभागीय काम और संगठन समन्वय पर फोकस
    मंत्रियों से उनके विभागों की उपलब्धियों, चुनौतियों और नई पहलों पर भी जानकारी ली जाएगी। इसके अलावा—
    विभागीय योजनाओं की प्रगति
    निगम-मंडलों के साथ समन्वय
    अफसरों के कामकाज पर फीडबैक
    संगठन के साथ तालमेल
    इन सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा होगी।

    राज्यमंत्रियों के कार्य विभाजन पर भी नजर
    बैठक में यह भी तय किया जाएगा कि कैबिनेट मंत्री और राज्यमंत्रियों के बीच काम का बंटवारा कितना स्पष्ट है वर्तमान व्यवस्था के तहत राज्यमंत्रियों को सीमित प्रशासनिक अधिकार मिले हुए हैं, ऐसे में कार्य विभाजन की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

    जिलों के दौरे और योजनाओं की मॉनिटरिंग
    हर मंत्री को यह भी बताना होगा कि-
    उन्होंने कितने जिलों का दौरा किया
    कितनी समीक्षा बैठकें लीं
    कौन से विकास कार्य शुरू या पूरे हुए
    साथ ही मुख्यमंत्री की प्रमुख योजनाओं में उनकी भागीदारी भी परखी जाएगी।

    यह बैठक सिर्फ औपचारिक समीक्षा नहीं बल्कि आने वाले चुनावी और प्रशासनिक रोडमैप का अहम हिस्सा मानी जा रही है। सरकार अब हर मंत्री के प्रदर्शन को टारगेट और रिजल्ट के आधार पर परखने की तैयारी में है।

  • ईंधन महंगाई का असर: पेट्रोल-डीजल के बाद अब CNG के दाम भी बढ़े

    ईंधन महंगाई का असर: पेट्रोल-डीजल के बाद अब CNG के दाम भी बढ़े


    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) के दाम एक बार फिर बढ़ा दिए गए हैं। शनिवार रात को थिंक एजेंसी द्वारा जारी नई दरों के मुताबिक CNG की कीमतों में ₹3 प्रति किलो तक की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद भोपाल में CNG का नया रेट ₹93.75 प्रति किलो तक पहुंच गया है। नई कीमतें आज से लागू हो चुकी हैं।

    भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और विदिशा जैसे जिलों में CNG की सप्लाई मुख्य रूप से THINK Gas द्वारा की जाती है। कंपनी की ओर से पिछले दो महीनों में यह दूसरी बढ़ोतरी है, जिससे कुल मिलाकर CNG करीब ₹5 प्रति किलो तक महंगी हो चुकी है।

    लगातार बढ़ते ईंधन दामों से बढ़ी चिंता
    सीएनजी की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब पहले ही पेट्रोल-डीजल और LPG के दामों में उछाल देखा जा चुका है। हाल ही में पेट्रोल और डीजल के दामों में ₹3 से ₹3.50 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई थी। इसके अलावा घरेलू गैस सिलेंडर और दूध की कीमतों में भी पिछले महीनों में इजाफा हुआ है। भोपाल में पेट्रोल अब ₹109.71 प्रति लीटर और डीजल ₹94.88 प्रति लीटर तक पहुंच चुका है। वहीं CNG की बढ़ी हुई कीमतों ने ऑटो, टैक्सी और CNG वाहनों की चलने लागत बढ़ा दी है।

    CNG वाहनों की बढ़ती संख्या पर असर
    पिछले तीन वर्षों में भोपाल में CNG वाहनों की बिक्री में लगभग 50% तक की बढ़ोतरी हुई थी। रोजाना 10 से 15 नए CNG वाहन सड़कों पर उतर रहे हैं। इसकी मुख्य वजह कम रनिंग कॉस्ट और पेट्रोल-डीजल की तुलना में सस्ता ईंधन था। लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों ने अब इस फायदे को कम कर दिया है। ऑटो चालकों और छोटे ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है, जिससे किराए बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

    लगातार बढ़ती महंगाई का सिलसिला
    मार्च से मई 2026 के बीच मध्य प्रदेश में महंगाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले LPG सिलेंडर महंगा हुआ, फिर दूध, उसके बाद पेट्रोल-डीजल और अब CNG की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम जनता की रसोई और यात्रा दोनों का बजट बिगाड़ दिया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी आने वाले समय में ट्रांसपोर्ट, सब्जियों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर भी असर डाल सकती है। CNG की बढ़ती कीमतें आम उपभोक्ताओं के लिए एक और झटका साबित हो रही हैं। पहले से महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए यह बढ़ोतरी बजट और अधिक बिगाड़ सकती है।

  • MP: बैतूल के मुलताई और पाढुर्णा में महसूस किए गए 3.9 तीव्रता के भूकंप के झटके, दहशत में आए लोग

    MP: बैतूल के मुलताई और पाढुर्णा में महसूस किए गए 3.9 तीव्रता के भूकंप के झटके, दहशत में आए लोग


    बैतूल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बैतूल जिले (Betul district) में शनिवार रात को भूकम्प (Earthquake) के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल (Richter scale) पर जिनकी तीव्रता 3.9 मापी गई। इस बारे में नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) की तरफ से दी गई जानकारी में बताया गया कि, ये झटके रात 9 बजकर 31 मिनट व 2 सेकंड पर दर्ज किए गए। इस दौरान बैतूल के अलावा मुलताई (Multai), पांढुर्णा (Pandhurna) और आसपास के अन्य क्षेत्रों में धरती में कंपन महसूस किया गया। भूकंप के कारण कुछ देर के लिए लोगों में हल्की दहशत का माहौल बन गया।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार भूकंप का केंद्र बैतूल जिले में मुलताई के मानीखापा गांव के पास स्थित था। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, यह केंद्र पचमढ़ी से लगभग 68 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पूर्व दिशा में जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे की तरफ था। हालांकि खबर लिखे जाने तक प्राप्त जानकारी के अनुसार इन झटकों की वजह से जिले में किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं थी।

    भूकंप की तीव्रता 3.9 रिक्टर स्केल होने के बाद भी केंद्र की गहराई कम होने के कारण धरती पर कंपन ज्यादा महसूस हुआ। इस दौरान मुलताई और पांढुर्णा सहित कई इलाकों में तो लोग डर की वजह से काफी देर तक घरों के बाहर खड़े रहे। इसके बाद लोगों ने एक-दूसरे को फोन कर जानकारी ली और सुरक्षा को लेकर उनका हालचाल जाना। हालांकि राहत की बात यह रही कि खबर लिखे जाने तक किसी प्रकार की जनहानि या बड़े नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई थी।

    उधर प्रशासन ने भी भूकंप को लेकर लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की अपील की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में हल्के कंपन महसूस हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मुख्य भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स की संभावना बनी रहती है। इसलिए प्रशासन ने लोगों को जर्जर भवनों से दूर रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।


    उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भी महसूस हुए भूकंप के झटके

    मध्य प्रदेश के अलावा उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय क्षेत्र में भी शनिवार देर रात भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप के कारण कुछ देर के लिए लोगों में हल्की दहशत का माहौल बन गया, हालांकि किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। जिला आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.4 मापी गई। भूकंप का केंद्र जिला मुख्यालय से उत्तर-पूर्व दिशा में करीब चार किलोमीटर दूर जमीन से पांच किलोमीटर नीचे स्थित था।

    प्रशासन के मुताबिक भूकंप के झटके केवल जिला मुख्यालय क्षेत्र तक सीमित रहे और जनपद की अन्य तहसीलों में इन्हें महसूस नहीं किया गया। राहत की बात यह रही कि कहीं से भी किसी प्रकार की क्षति की सूचना सामने नहीं आई है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

  • MP: छतरपुर में नाबालिग को बस स्टैंड से उठा ले गए बदमाश… किया गैंगरेप, 10 हजार का इनाम घोषित

    MP: छतरपुर में नाबालिग को बस स्टैंड से उठा ले गए बदमाश… किया गैंगरेप, 10 हजार का इनाम घोषित


    छतरपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छतरपुर (Chhatarpur) में एक 17 वर्षीय नाबालिग आदिवासी लड़की (Minor Tribal Girl) के साथ गैंगरेप का दर्दनाक मामला सामने आया है। शुक्रवार की रात बस स्टैंड पर जब पीड़िता होटल ढूंढ रही थी तब दो युवकों ने उसके साथ मारपीट की और जबरन स्कूटी पर बैठाकर एक कमरे में ले गए। वहां पहले से मौजूद एक अन्य साथी के साथ मिलकर तीनों आरोपियों ने लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर मारपीट कर फरार हो गए। सुबह पीड़िता की शिकायत पर पुलिस तुरंत हरकत में आई। आरोपियों को पकड़ने के लिए 10 टीमें बनाई गई हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपियों पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है।


    रात 12 बजे की घटना

    जानकारी के मुताबिक, यह घटना रात के करीब 12 बजे की है। लड़की अपने किसी जानने वाले के साथ बस स्टैंड आई थी। जब वह व्यक्ति चला गया तो लड़की रात गुजारने के लिए किसी होटल या लॉज को ढूंढने लगी। इसी बीच 2 लड़के वहां आए।


    लड़की के साथ मारपीट, किया अगवा; गैंगरेप

    आरोपी लड़कों ने लड़की के साथ मारपीट की और उसे जबरदस्ती अपनी स्कूटी पर बैठाकर एक कमरे में ले गए। उस कमरे में पहले से ही एक और लड़का मौजूद था। वहां इन तीनों ने मिलकर नाबालिग लड़की के साथ बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी लड़की को पीटकर वहां से भाग गए।


    पुलिस ने आरोपियों को दबोचने के लिए बनाई 10 टीमें

    सुबह होते ही पीड़िता पुलिस के पास पहुंची और पूरी वारदात की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। छतरपुर के सीएसपी अरुण सोनी ने बताया कि आरोपियों ने लड़की का विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की थी। पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों को पकड़ने के लिए एसपी के निर्देश पर 10 अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं जो लगातार छापेमारी कर रही हैं।


    सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, आरोपियों पर घोषित किया इनाम

    पुलिस बस स्टैंड के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने तीनों आरोपियों की सूचना देने वालों के लिए ईनाम घोषित किया है। आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम रखा गया है। दावा किया है कि उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर इलाके में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • MP में गर्मी ने दिखाए तेवर, 15 शहरों में तापमान 43 डिग्री के पार, खंडवा सबसे गर्म

    MP में गर्मी ने दिखाए तेवर, 15 शहरों में तापमान 43 डिग्री के पार, खंडवा सबसे गर्म


    भोपाल । मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। प्रदेश के इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे ज्यादा गर्मी की चपेट में हैं। शनिवार को खंडवा और नौगांव में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया, जबकि प्रदेश के 15 शहरों में पारा 43 डिग्री या उससे ऊपर पहुंच गया। रतलाम में तेज धूप और गर्म हवाओं का असर रहा। वहीं, राजधानी भोपाल में दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा नजर आया और लोग घरों में रहने को मजबूर दिखे।

    मौसम विभाग के भोपाल केंद्र के अनुसार, रविवार को रतलाम, खरगोन और खंडवा में तीव्र लू चलने की संभावना है। इन इलाकों में तापमान 44 डिग्री के पार जा सकता है। इसके अलावा इंदौर, उज्जैन, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, धार, बुरहानपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज और सीधी समेत कई जिलों में लू का असर बना रहेगा।

    भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, श्योपुर, मंदसौर, देवास, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, शहडोल और कटनी सहित कई जिलों में भी तेज गर्मी पड़ने के आसार हैं। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। विभाग के मुताबिक 17, 18 और 19 मई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी का दौर जारी रह सकता है।

    गौरतलब है कि अप्रैल के आखिरी दिनों से मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश का सिलसिला शुरू हुआ था। 10 मई तक लगातार बारिश का असर देखने को मिला। इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवात और टर्फ सिस्टम सक्रिय रहे। 11 मई को मौसम साफ हुआ, लेकिन 12 से 15 मई के बीच फिर कई इलाकों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। मई के शुरुआती 16 दिनों में से 13 दिन प्रदेश में मौसम का असर बना रहा। हालांकि, रविवार के लिए मौसम विभाग ने कहीं भी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है।