Category: Madhya Pradesh

  • पटाखा फैक्ट्री हादसा: सिस्टम पर उठे सवाल, अधूरी यूनिट को कैसे मिला लाइसेंस?

    पटाखा फैक्ट्री हादसा: सिस्टम पर उठे सवाल, अधूरी यूनिट को कैसे मिला लाइसेंस?


    देवास  देवास जिले की पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। इस दर्दनाक हादसे में 5 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हैं। कई मजदूर 90 से 99 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं और अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। यह हादसा केवल एक फैक्ट्री ब्लास्ट नहीं, बल्कि एक बड़े सिस्टम की चुप्पी, लापरवाही और निगरानी तंत्र की विफलता का प्रतीक बन गया है।

    लाइसेंस और नियमों के उल्लंघन पर सवाल
    जानकारी के अनुसार फैक्ट्री को सीमित मात्रा में बारूद रखने और उपयोग करने का लाइसेंस दिया गया था, लेकिन मौके पर कथित रूप से नियमों से अधिक मात्रा में विस्फोटक सामग्री पाई गई। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि इतनी बड़ी मात्रा में बारूद जमा किया जा रहा था, तो क्या संबंधित विभागों को इसकी जानकारी नहीं थी? या फिर जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई?

    6 विभागों की जिम्मेदारी पर उठे सवाल
    इस मामले में प्रशासनिक तंत्र के कई विभाग सीधे सवालों के घेरे में हैं-

    राजस्व विभाग: फैक्ट्री की जमीन, सुरक्षा मानक और अनुमति की जांच
    पुलिस विभाग: सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की निगरानी
    श्रम विभाग: मजदूरों की सुरक्षा और कार्य परिस्थितियों की जांच
    बिजली विभाग: तकनीकी सुरक्षा और वायरिंग की जांच
    प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड: पर्यावरण और रासायनिक जोखिम की निगरानी
    PWD/स्थानीय प्रशासन: भवन संरचना और आपातकालीन निकासी व्यवस्था
    इन सभी विभागों की संयुक्त जिम्मेदारी के बावजूद किसी स्तर पर प्रभावी निरीक्षण न होने के आरोप लग रहे हैं।

    राजनीतिक संरक्षण का आरोप भी चर्चा में
    स्थानीय स्तर पर फैक्ट्री संचालक और राजनीतिक हस्तियों के बीच संबंधों को लेकर भी चर्चा तेज है। सोशल मीडिया और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रभावशाली संपर्कों के कारण लंबे समय तक कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    निरीक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल
    फैक्ट्री मात्र कुछ महीने पहले ही शुरू हुई थी, लेकिन इतने कम समय में बड़े पैमाने पर विस्फोटक सामग्री का संग्रह कैसे हुआ यह जांच का मुख्य विषय है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या किसी भी विभाग ने पिछले महीनों में मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच की थी या केवल कागजों पर ही रिपोर्ट तैयार होती रही?

    हादसे के बाद शुरू हुई कार्रवाई
    घटना के बाद प्रशासन ने जांच टीम गठित कर दी है और फैक्ट्री संचालक के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। मृतकों के परिजनों को मुआवजे की घोषणा भी की गई है, लेकिन सवाल यह है कि क्या केवल मुआवजा ही पर्याप्त है?

     सिर्फ हादसा नहीं, सिस्टम पर सवाल
    देवास का यह विस्फोट अब केवल एक औद्योगिक दुर्घटना नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासनिक निगरानी तंत्र की गंभीर विफलता का उदाहरण बन गया है। सवाल यह है कि क्या इस बार भी जांच केवल छोटे स्तर तक सीमित रहेगी, या जिम्मेदार अधिकारियों और पूरे सिस्टम की जवाबदेही तय होगी?

  • 1500 किमी दूर से आए मजदूरों की हालत गंभीर, देवास हादसे में बढ़ा मौत का खतरा

    1500 किमी दूर से आए मजदूरों की हालत गंभीर, देवास हादसे में बढ़ा मौत का खतरा


    देवास ।  देवास जिले के टोंककलां क्षेत्र में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया है। इस हादसे में जहां पांच मजदूरों की मौत हो चुकी है, वहीं करीब 25 लोग घायल हुए हैं। इनमें तीन मजदूरों की हालत बेहद चिंताजनक है, जो 99 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं और जिंदगी-मौत की जंग लड़ रहे हैं। घायलों का इलाज देवास के अमलतास हॉस्पिटल की बर्न यूनिट में किया जा रहा है, जहां डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

    डॉक्टरों ने बताया- शरीर के कई अंग फेल होने का खतर
    अस्पताल के विशेषज्ञों के अनुसार इतने गंभीर बर्न केस में शरीर की स्थिति तेजी से बिगड़ती है। डॉक्टरों ने बताया कि 99% तक जलने की स्थिति में मरीज के फेफड़े सबसे पहले प्रभावित होते हैं, जिससे सांस लेने में गंभीर दिक्कत होती है।

    डॉक्टरों के अनुसार विस्फोट में उठे धुएं और गर्म हवा के कारण लंग इंजरी की संभावना बढ़ जाती है। इससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी, खून की संरचना में बदलाव और “हेमोलिसिस” जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है, जिसमें रक्त कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं और खून पानी जैसा हो जाता है। इसके चलते किडनी फेलियर, लिवर डैमेज और शॉक में जाने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि यह ऐसी स्थिति है जिसमें मरीज की जान बचाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

    त्वचा के साथ सांस नली भी प्रभावित
    विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसे मामलों में केवल त्वचा ही नहीं, बल्कि श्वसन तंत्र भी गंभीर रूप से प्रभावित होता है। मरीजों को सांस लेने में भारी कठिनाई होती है और उन्हें लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा जाता है। शरीर में पानी की कमी, नसों की कार्यक्षमता में गिरावट और संक्रमण का खतरा भी तेजी से बढ़ता है। मरीजों को हाइपोथर्मिया और हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरती जा रही है।

    बिहार से आए थे मजदूर, परिवारों में मातम
    घायल मजदूरों में कई लोग बिहार से करीब 1500 किलोमीटर दूर काम करने आए थे। हादसे के बाद उनके परिवारों में चिंता और सदमे का माहौल है। कुछ मजदूरों की हालत इतनी गंभीर है कि डॉक्टरों ने उनके जीवित बचने की संभावना को बेहद कम बताया है।

    घटना की जांच जारी
    जिला प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है, जिसमें बिजली विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और औद्योगिक सुरक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हैं। टीम फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों, विस्फोट के कारणों और नियमों के उल्लंघन की जांच कर रही है।

    लापता मजदूरों की तलाश भी जारी
    घायलों के बयान के अनुसार दो मजदूर हादसे के बाद से लापता हैं। प्रशासन उनकी तलाश में जुटा हुआ है। वहीं, कई मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद उनके गृह राज्य भेजा गया है।

    देवास का यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 99% तक झुलसे मजदूरों की जिंदगी के लिए डॉक्टरों की जंग जारी है, लेकिन उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।

  • शाजापुर में बिजली कटौती का अलर्ट, कल 3 घंटे बाधित रहेगी सप्लाई

    शाजापुर में बिजली कटौती का अलर्ट, कल 3 घंटे बाधित रहेगी सप्लाई


    शाजापुर  शाजापुर शहर के निवासियों को रविवार, 17 मई 2026 को तीन घंटे की बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। विद्युत विभाग ने जानकारी दी है कि सुबह 7 बजे से 10 बजे तक लालघाटी उपकेंद्र से जुड़े कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी। यह कटौती आवश्यक तकनीकी रखरखाव और लाइन सुधार कार्य के चलते की जा रही है। विभाग के अनुसार, 33 केवी धनलक्ष्मी लाइन और न्यू कलेक्टर फीडर पर 11 केवी कंडक्टर बदलने एवं सुधार कार्य किया जाएगा। इस दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 11 केवी जेल फीडर और 11 केवी इमरजेंसी फीडर को भी अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा।

    इन प्रमुख इलाकों में रहेगा असर
    बिजली कटौती के दौरान शहर के कई महत्वपूर्ण क्षेत्र प्रभावित रहेंगे। इनमें हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, जिला जेल, डाइट कॉलेज, कलेक्ट्रेट सर्कल ऑफिस, मजिस्ट्रेट निवास, बापू की कुटिया, स्टेडियम, राजराजेश्वरी मंदिर, विजय नगर, ज्योति नगर, बस स्टैंड और ट्रॉमा सेंटर सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। इन इलाकों में सुबह के समय सामान्य जनजीवन, कार्यालय कार्य और घरेलू गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। विशेषकर सरकारी कार्यालयों और अस्पताल क्षेत्र में पहले से तैयारी करने की सलाह दी गई है।

    विद्युत विभाग की अपील: पहले से कर लें जरूरी काम
    विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि लोग बिजली कटौती के समय को ध्यान में रखते हुए अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि मेंटेनेंस कार्य समय से पहले पूरा हो जाता है, तो बिजली आपूर्ति निर्धारित समय से पहले भी बहाल की जा सकती है। स्थानीय प्रशासन ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और इस तकनीकी कार्य में सहयोग करें, ताकि भविष्य में बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

    तकनीकी सुधार से भविष्य में मिलेगी राहत
    विद्युत विभाग का कहना है कि यह मेंटेनेंस कार्य आने वाले दिनों में ट्रिपिंग, वोल्टेज उतार-चढ़ाव और लाइन फॉल्ट जैसी समस्याओं को कम करेगा। इससे शाजापुर शहर को अधिक स्थिर और मजबूत बिजली आपूर्ति प्रणाली का लाभ मिलेगा।

  • रेलवे फाटक के पास विस्फोटक मिलने से पुलिस अलर्ट, CCTV खंगाल रही जांच

    रेलवे फाटक के पास विस्फोटक मिलने से पुलिस अलर्ट, CCTV खंगाल रही जांच


    शाजापुर (उज्जैन)। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के मक्सी थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब देवास रेलवे फाटक के पास संदिग्ध विस्फोटक सामग्री पड़ी मिली। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया।

    मौके से बरामद हुईं 6 पेटी जिलेटिन रॉड
    पुलिस ने मौके से करीब 6 पेटी जिलेटिन रॉड बरामद की हैं, जिनका उपयोग आमतौर पर खदानों में ब्लास्टिंग कार्य के लिए किया जाता है। संदिग्ध सामग्री मिलने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

    स्थानीय लोगों की सूचना से खुला मामला
    जानकारी के अनुसार, रेलवे फाटक के पास संदिग्ध पेटियां देख स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

    CCTV और जांच में जुटी पुलिस, हर एंगल से पड़ताल
    मक्सी थाना प्रभारी संजय वर्मा के अनुसार, बरामद सामग्री फिलहाल जिलेटिन रॉड जैसी प्रतीत हो रही है। सभी पेटियों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और जांच के लिए विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह सामग्री वहां कैसे और किसने रखी।

    ट्रक कटिंग से जुड़ने की आशंका भी जांच में शामिल
    प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि रतलाम क्षेत्र में विस्फोटक भंडारण स्थल से चोरी और ट्रक कटिंग की घटना हुई थी। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    मक्सी में विस्फोटक सामग्री की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। पुलिस हर संभावना को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसके पीछे कौन और क्या मकसद था।

  • शाजापुर बस हादसा: आग लगने से मासूम की मौत, सुरक्षा पर उठे सवाल

    शाजापुर बस हादसा: आग लगने से मासूम की मौत, सुरक्षा पर उठे सवाल

    शाजापुर (उज्जैन)। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में शुक्रवार रात नेशनल हाईवे पर एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। इंदौर से ग्वालियर जा रही इंटरसिटी AC बस (MP-07 ZL 9090) में अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि बस कुछ ही मिनटों में आग के गोले में बदल गई और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।

    4 साल का मासूम जिंदा जला, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
    इस दर्दनाक हादसे में शिवपुरी निवासी अभिषेक जैन का 4 वर्षीय बेटा अनय बस के अंदर ही फंस गया और आग में जिंदा जल गया। परिजन और यात्रियों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। प्रशासन को मासूम का शव निकालने में करीब 2 घंटे लग गए।

     चेतावनी के बावजूद लापरवाही, यात्रियों ने सुनाई आपबीती
    यात्रियों के मुताबिक, सफर के दौरान बस में वायरिंग जलने की बदबू आ रही थी। कई लोगों ने इसकी शिकायत ड्राइवर से की, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया। रात करीब 12 बजे बस जब हाईवे पर एक ढाबे के पास रुकी, तभी कुछ ही मिनटों बाद आग लग गई और अफरा-तफरी मच गई।

    न इमरजेंसी गेट, न फायर सिस्टम-बचाव में बड़ी दिक्कत
    हादसे के समय बस में 50 से अधिक यात्री सवार थे। बताया गया कि बस में न तो इमरजेंसी एग्जिट ठीक से काम कर रहा था और न ही अग्निशमन यंत्र मौजूद था। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि लोगों को खिड़कियां और शीशे तोड़कर बाहर निकलना पड़ा।

    फायर ब्रिगेड पर भी सवाल, देर से पहुंची मदद
    स्थानीय लोगों के अनुसार, फायर ब्रिगेड करीब आधे घंटे बाद पहुंची और शुरुआती गाड़ी में पानी तक नहीं था। बाद में 5 दमकल गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।

    पिता ने बचाई कई जानें, पर बेटा नहीं बच सका
    दुखद घटना के बीच पिता अभिषेक जैन ने कई यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की और मिले लाखों के जेवर पुलिस को सौंपे। लेकिन अपने बेटे को नहीं बचा सके।

    शाजापुर का यह हादसा बस सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी जांच और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक मासूम की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

  • राजगढ़ के प्राचीन शनि मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, शनि जयंती पर विशेष पूजा

    राजगढ़ के प्राचीन शनि मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, शनि जयंती पर विशेष पूजा

    राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर नाहरदा क्षेत्र में स्थित प्राचीन शनि मंदिर में शनिवार को आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। 105 साल पुराने इस मंदिर में शनि जयंती और शनिचरी अमावस्या का दुर्लभ संयोग बनने के कारण सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 11 बजे के बाद मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तों से भर गया और दूर-दराज के गांवों के साथ-साथ राजस्थान से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे।

    जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर, चढ़ाया गया तेल और काली उड़द
    पूरे मंदिर परिसर में “जय शनिदेव” के जयकारों और घंटियों की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु अपने हाथों में सरसों का तेल, काली उड़द, नारियल, दीपक और फूल लेकर कतारों में खड़े होकर दर्शन कर रहे हैं। मंदिर समिति द्वारा इस विशेष अवसर पर शनिदेव का चांदी के आभूषणों से भव्य श्रृंगार किया गया, जो भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।

    श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई विशेष पूजा-अर्चना
    इस दुर्लभ संयोग का लाभ लेने के लिए श्रद्धालु अपने परिवार सहित मंदिर पहुंचे और शनिदेव की विशेष पूजा-अर्चना की। भक्तों ने सुख-शांति, व्यापार में उन्नति और शनि दोष से मुक्ति की कामना की। मंदिर में दर्शनार्थियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाएं भी सुचारू की गईं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    राजगढ़ का यह शनि मंदिर एक बार फिर आस्था और विश्वास का केंद्र बन गया है, जहां दुर्लभ खगोलीय और धार्मिक संयोग ने भक्तों की भारी भीड़ आकर्षित की है।

  • सड़कों पर घूमते कुत्तों ने किया हमला, नगर पालिका पर उठे सवाल

    सड़कों पर घूमते कुत्तों ने किया हमला, नगर पालिका पर उठे सवाल

    विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा शहर में आवारा कुत्तों के आतंक की एक और घटना सामने आई है। जतरापुरा इलाके में सड़क से पैदल गुजर रही एक बुजुर्ग महिला पर तीन आवारा कुत्तों ने अचानक हमला कर दिया और उन्हें घेर लिया। कुत्तों ने महिला के पैर पर काट लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। दर्द से कराहती महिला की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्तों को भगाकर उनकी जान बचाई।

    घायल महिला अस्पताल में भर्ती, स्थानीय लोगों में आक्रोश
    घटना के बाद महिला को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला इतना अचानक था कि महिला को संभलने का मौका भी नहीं मिला। इस घटना से इलाके में दहशत और आक्रोश दोनों का माहौल बन गया है।

     नगर पालिका पर लापरवाही के आरोप, बढ़ रहा गुस्सा
    स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और पहले भी कई शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन नगर पालिका की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। निवासियों ने आरोप लगाया कि कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई नियमित अभियान नहीं चलाया जा रहा, जिससे स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

    आंदोलन की चेतावनी, लोग हुए एकजुट
    घटना के बाद लोगों में भारी नाराजगी है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आवारा कुत्तों पर नियंत्रण और पकड़ने की कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। परिजनों में भी चिंता है क्योंकि अब बच्चे और बुजुर्ग घर से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं।

    विदिशा की यह घटना शहरी इलाकों में आवारा पशुओं के बढ़ते खतरे को उजागर करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।

  • बेतवा नदी में अफरा-तफरी: होमगार्ड जवान ने कूदकर बचाई जान

    बेतवा नदी में अफरा-तफरी: होमगार्ड जवान ने कूदकर बचाई जान

    विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में शनिचरी अमावस्या के मौके पर बेतवा नदी घाट पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्नान के दौरान पानी के तेज बहाव और फिसलन के कारण दो लोग गहरे पानी में डूबने लगे। घटना के बाद घाट पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया।

    पार्षद भी बचाने उतरे, लेकिन खुद फंस ग
    जानकारी के अनुसार, शमशाबाद कृषि उपज मंडी में कार्यरत सचिन धाकड़ नदी में स्नान कर रहे थे, तभी उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए। उन्हें तैरना नहीं आता था, जिससे वे घबराकर मदद के लिए चिल्लाने लगे।इसी दौरान शमशाबाद नगर परिषद के पार्षद दीपक मेहर ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन संतुलन बिगड़ने से वे भी पानी में फंस गए और दोनों डूबने लगे।

    होमगार्ड जवान बना फरिश्ता, लगाई छलांग और बचाई जान
    घाट पर तैनात होमगार्ड जवान कपिल परासर ने स्थिति बिगड़ते देख बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी तत्परता और साहस की वहां मौजूद लोगों ने जमकर सराहना की।

    परिवार के लिए बड़ा सदमा टल
    घटना के बाद सचिन धाकड़ ने बताया कि उनकी एक छोटी बेटी है और वे केवल किनारे पर स्नान कर रहे थे, लेकिन अचानक पैर फिसलने से यह हादसा हो गया। समय रहते बचाव होने से दोनों की जान बच गई, जिससे परिवारों ने राहत की सांस ली।

    विदिशा की यह घटना एक बार फिर नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता की जरूरत को उजागर करती है। होमगार्ड जवान की बहादुरी से दो जिंदगियां बच गईं।

  • कपड़े बेचने आया युवक निकला चोर, नकदी लेकर हुआ फरार

    कपड़े बेचने आया युवक निकला चोर, नकदी लेकर हुआ फरार

    सतना। मध्य प्रदेश के सतना शहर में दिनदहाड़े चोरी की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के भैंसा खाना इलाके स्थित रामपुर ट्रांसपोर्ट एजेंसी में एक फेरीवाले ने कपड़े बेचने के बहाने 20 हजार रुपये चुरा लिए और मौके से फरार हो गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और व्यापारी वर्ग में दहशत फैल गई।

    कपड़े दिखाने के बहाने बनाई चाल, मौका देखते ही उड़ाई नकदी
    जानकारी के अनुसार, ट्रांसपोर्ट एजेंसी के संचालक नरेंद्र द्विवेदी शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे अपनी गद्दी पर बैठे थे। तभी एक अज्ञात फेरीवाला कपड़े बेचने के लिए वहां पहुंचा और उन्हें अलग-अलग कपड़े दिखाने लगा। कपड़े देखने में व्यस्त हुए संचालक का ध्यान भटकाकर फेरीवाले ने बड़ी सफाई से मेज पर रखे 20 हजार रुपये पार कर दिए और बिना किसी को शक हुए वहां से निकल गया।

    कुछ देर बाद खुला राज, पैसे गायब देखकर उड़े होश
    घटना का पता तब चला जब फेरीवाले के जाने के बाद नरेंद्र द्विवेदी ने अपने रुपये देखे। पैसे गायब देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत आसपास पूछताछ शुरू की, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला।

    पुलिस ने दर्ज किया मामला, CCTV से हो रही पहचान
    पीड़ित ने देर रात सिटी कोतवाली थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और ट्रांसपोर्ट एजेंसी में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने और उसकी तलाश करने की कोशिश की जा रही है।

    सतना की यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि छोटी सी लापरवाही भी बड़ी चोरी का कारण बन सकती है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।

  • सतना वेयरहाउस मामला: सर्वेयर की रिपोर्ट के बाद भी गेहूं रखने का आरोप

    सतना वेयरहाउस मामला: सर्वेयर की रिपोर्ट के बाद भी गेहूं रखने का आरोप

    सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले में सरकारी गेहूं खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। सेवा सहकारी समिति सिजहटा द्वारा करीब 800 बोरी सड़ा और गुणवत्ताहीन गेहूं जबला बाबा वेयरहाउस में भंडारण के लिए भेजा गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सर्वेयरों ने इस पूरे गेहूं को अमानक बताते हुए पहले ही रिजेक्ट कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उसे वेयरहाउस में उतार लिया गया।

    सर्वेयर ने किया था रिजेक्ट, फिर भी रात में हुआ भंडारण
    जानकारी के अनुसार, आरबी एसोसिएट के सर्वेयरों ने जांच के दौरान पाया कि गेहूं में भारी नमी थी और अधिकांश अनाज सड़कर गुच्छों में बदल चुका था। इसे पूरी तरह अनुपयोगी मानते हुए पूरी खेप को फेल कर दिया गया और भंडारण से इनकार कर दिया गया। इसके बाद पंचनामा तैयार कर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई थी।

    रात 8 बजे की ‘चाल’: गैरमौजूदगी में उतारा गया सड़ा अनाज
    सर्वेयरों की अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए शुक्रवार रात करीब 8 बजे पूरी सड़ी हुई खेप को वेयरहाउस के अंदर उतार दिया गया। सरकारी दर के अनुसार 2625 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से इस 800 बोरी गेहूं की कीमत करीब 10 लाख रुपए से अधिक आंकी जा रही है।

    सीईओ बोले  मुझे जानकारी नहीं, होगी जांच
    मामले पर रामपुर बघेलान सहकारिता सीईओ मनोज गोनकर ने अनभिज्ञता जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह खराब गेहूं के भंडारण की जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी संभावना जताई कि बारिश के कारण अनाज खराब हुआ हो सकता है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।

    सिस्टम पर सवाल, जांच की मांग तेज
    इस घटना ने समर्थन मूल्य खरीदी प्रणाली और वेयरहाउस प्रबंधन की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है।