Category: Madhya Pradesh

  • शिक्षकों की छुट्टियों पर विवाद एमपी में जनगणना ड्यूटी के बदले अर्जित अवकाश का प्रस्ताव

    शिक्षकों की छुट्टियों पर विवाद एमपी में जनगणना ड्यूटी के बदले अर्जित अवकाश का प्रस्ताव


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में शिक्षकों की छुट्टियों को लेकर एक नया विवाद और मांग सामने आई है जहां शिक्षकों ने जनगणना ड्यूटी के बदले अर्जित अवकाश देने की मांग उठाई है। इस संबंध में प्रस्ताव स्कूल शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश को भेजा गया है जिससे इस व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।

    शिक्षकों का कहना है कि दिल्ली मॉडल की तर्ज पर उन्हें भी समर वेकेशन के बदले अर्जित अवकाश दिया जाना चाहिए। दिल्ली में ऐसी व्यवस्था लागू है जहां जनगणना या अन्य प्रशासनिक ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को उनके अवकाश का लाभ बाद में दिया जाता है। इसी आधार पर मध्यप्रदेश के शिक्षक भी समान व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

    प्रस्ताव के अनुसार राजधानी भोपाल में करीब दो हजार शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाई गई है। यह कार्य गर्मी की छुट्टियों के दौरान होना है जिससे शिक्षकों के समर वेकेशन प्रभावित हो रहे हैं। इसी कारण शिक्षक संगठनों ने इसे अर्जित अवकाश में बदलने की मांग की है।

    उपेंद्र कौशल ने बताया कि दिल्ली सरकार के आदेशों के अनुसार जनगणना ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को अवकाश का लाभ दिया जाता है और मध्यप्रदेश में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। इस मांग को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय को पत्र भेजने की तैयारी की जा रही है।

    राज्य में इस वर्ष लगभग साढ़े तीन लाख शिक्षक कार्यरत हैं जिनमें से बड़ी संख्या जनगणना और अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगाई जाती है। वहीं राजधानी के स्कूलों में लगभग चार हजार शिक्षक कार्यरत हैं जिनमें से आधे से अधिक की ड्यूटी इस बार जनगणना कार्य में लगने की संभावना है।

    इधर इस मुद्दे पर विरोध भी देखने को मिल रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी जनगणना और अतिरिक्त सर्वे कार्यों में ड्यूटी लगाने का विरोध किया है। इंदौर में प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि छोटे बच्चों की जिम्मेदारी संभालते हुए अतिरिक्त सरकारी कार्य करना मुश्किल है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव ड्यूटी का भुगतान अभी तक नहीं मिला है और मानदेय में भी देरी हो रही है।

    शिक्षक संगठनों का कहना है कि अगर उन्हें जनगणना जैसे अतिरिक्त कार्यों में लगाया जाता है तो उनके अवकाश को अर्जित अवकाश में बदला जाना चाहिए ताकि उनके अधिकारों की रक्षा हो सके। इस मुद्दे पर अब स्कूल शिक्षा विभाग के निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि यह मामला सीधे शिक्षकों के अवकाश और कार्यभार से जुड़ा हुआ है।

  • सड़क पर दर्दनाक हादसा: बस की टक्कर में युवक की मौत, 2 घायल, परिजनों ने किया जाम

    सड़क पर दर्दनाक हादसा: बस की टक्कर में युवक की मौत, 2 घायल, परिजनों ने किया जाम


    नई दिल्ली । छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र में देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। बुंदेलखंड पेट्रोल पंप के सामने तेज रफ्तार यात्री बस ने बाइक सवार तीन युवकों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें मऊसानिया निवासी 16–17 वर्षीय आकाश अहिरवार की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब तीनों युवक एक अपाचे बाइक पर सवार होकर मऊसानिया से नौगांव की ओर एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते में ही छतरपुर से दिल्ली जा रही राधा स्वामी ट्रैवल्स की यात्री बस ने लापरवाहीपूर्वक और तेज रफ्तार में चलाते हुए उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार तीनों युवक सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए।

    इस हादसे में पीछे बैठा किशोर आकाश अहिरवार गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वहीं बाइक चला रहे युवक और एक अन्य साथी को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन वे पूरी तरह खतरे से बाहर नहीं हैं।

    घटना के समय बस में 50 से अधिक यात्री सवार थे। टक्कर के बाद बस कुछ दूरी पर जाकर रुकी, जिससे यात्रियों में भी अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बस काफी तेज गति से चल रही थी और चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण यह हादसा हुआ।

    हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। बड़ी संख्या में लोग नौगांव थाने पहुंचे और चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए सड़क पर जाम लगा दिया। स्थिति तनावपूर्ण होती देख पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। काफी देर बाद जाम हटवाया गया और यातायात सामान्य हुआ।

    पुलिस ने बस को जब्त कर थाने में खड़ा कर दिया है और चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हादसे की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि की जा सके।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है और जांच पूरी होने के बाद दोषी चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों को उजागर करता है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।

  • होटल में हुई हत्या का खुलासा 10 साल बाद शिल्पु भदौरिया केस में तीनों आरोपियों को उम्रकैद

    होटल में हुई हत्या का खुलासा 10 साल बाद शिल्पु भदौरिया केस में तीनों आरोपियों को उम्रकैद


    इंदौर । मध्यप्रदेश के इंदौर में एक दशक पुराने चर्चित हत्याकांड में आखिरकार न्याय की प्रक्रिया पूरी हो गई है जहां शिल्पु भदौरिया हत्या मामले में अदालत ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2016 का है जिसने उस समय पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था और अब लगभग 10 साल बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।

    यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश विश्व दीपक तिवारी की अदालत ने सुनाया जिसमें यह स्पष्ट रूप से साबित हुआ कि तीनों आरोपियों ने पहले शिल्पु के साथ शराब पी और फिर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को होटल की चौथी मंजिल से नीचे फेंककर इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।

    घटना 7 अगस्त 2016 की रात की है जब शिल्पु भदौरिया अपने दोस्तों के साथ आरएनटी मार्ग स्थित होटल लेमन ट्री के कमरे नंबर 418 में रुकी हुई थी। उसके साथ आशुतोष जोहरे शैलेंद्र सारस्वत और नीरज दंडोतिया मौजूद थे। शुरुआत में इन लोगों ने पुलिस को बताया था कि शिल्पु ने गैलरी से कूदकर आत्महत्या की है लेकिन जांच में यह कहानी झूठी साबित हुई।

    जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से कई अहम सबूत मिले जिससे यह स्पष्ट हुआ कि हत्या से पहले शिल्पु के साथ संघर्ष हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि उसकी मौत गिरने से नहीं बल्कि दम घुटने से हुई थी। इसके अलावा उसके नाखूनों में आरोपियों की त्वचा के निशान भी पाए गए जिससे संघर्ष की पुष्टि हुई।

    कोर्ट में पेश किए गए साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर यह साबित हुआ कि आरोपियों ने हत्या को आत्महत्या का रूप देने की पूरी कोशिश की थी और सबूत मिटाने का भी प्रयास किया था। लेकिन जांच एजेंसियों की गहन पड़ताल और गवाहों के बयानों के कारण पूरा सच सामने आ गया।अदालत ने तीनों आरोपियों को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है साथ ही साक्ष्य छिपाने के अपराध में 7-7 साल की अतिरिक्त सजा और आर्थिक दंड भी लगाया गया है।

    इस फैसले के साथ ही शिल्पु भदौरिया के परिवार को लंबे संघर्ष के बाद न्याय मिला है और यह मामला एक बार फिर यह संदेश देता है कि अपराध कितना भी छुपाने की कोशिश की जाए कानून अंततः सच को सामने ला ही देता है।

  • शिवपुरी में दर्दनाक सड़क हादसा कार पलटी एक की मौत चार घायल महाकाल दर्शन जा रहे थे दोस्त

    शिवपुरी में दर्दनाक सड़क हादसा कार पलटी एक की मौत चार घायल महाकाल दर्शन जा रहे थे दोस्त


    शिवपुरी । मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है जहां आगरा से उज्जैन स्थित महाकाल दर्शन के लिए जा रहे पांच दोस्तों की कार तेज रफ्तार के कारण अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो युवतियों सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

    यह हादसा शिवपुरी के नोहरी इलाके में रेलवे पुल के पास हुआ जहां कार संख्या UP 80 FV 2581 तेज रफ्तार में होने के कारण अचानक नियंत्रण खो बैठी और सड़क पर पलट गई। हादसे के समय कार में मयंक भदौरिया उम्र 26 वर्ष प्रवीण सिंह उम्र 28 वर्ष अभय सिंह उम्र 21 वर्ष प्रियांशी राठौर उम्र 28 वर्ष और दीक्षा सेनी उम्र 28 वर्ष सवार थे। सभी यात्री अलग अलग शहरों से थे और धार्मिक यात्रा पर निकले थे।

    जानकारी के अनुसार सभी दोस्त आगरा से मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे। लेकिन शिवपुरी के पास पहुंचते ही खराब सड़क और वन वे व्यवस्था के चलते वाहन असंतुलित हो गया और पलट गया जिससे बड़ा हादसा हो गया।

    हादसे में मयंक भदौरिया की मौके पर ही मौत हो गई जिससे यात्रा का माहौल पूरी तरह मातम में बदल गया। वहीं प्रियांशी राठौर और प्रवीण सिंह की हालत गंभीर बताई जा रही है जिन्हें बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है। अन्य दो घायल अभय सिंह और दीक्षा सेनी का इलाज शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में जारी है।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और सड़क की स्थिति को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है।

    इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लापरवाही से ड्राइविंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। धार्मिक यात्रा पर निकले इन दोस्तों की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं जिससे परिवारों में शोक का माहौल है और पूरे क्षेत्र में घटना को लेकर संवेदना व्यक्त की जा रही है।

  • ट्रेन में बवाल और पथराव घंटों रुकी मेमू ट्रेन यात्रियों पर हमला, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    ट्रेन में बवाल और पथराव घंटों रुकी मेमू ट्रेन यात्रियों पर हमला, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल


    कटनी । मध्यप्रदेश के कटनी रेलवे रूट पर उस समय हड़कंप मच गया जब कटनी से बीना जा रही मेमू ट्रेन में यात्रियों और अवैध वेंडरों के बीच विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। यह घटना न केवल रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता भी पैदा कर रही है।

    जानकारी के अनुसार ट्रेन जैसे ही कटनी से रवाना हुई कुछ ही देर बाद रीठी स्टेशन के पास दमोह निवासी यात्रियों और सलैया क्षेत्र के अवैध वेंडरों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। मामूली विवाद ने जल्द ही गंभीर रूप ले लिया और वेंडरों ने धारदार हथियारों से यात्रियों पर हमला कर दिया जिससे दो यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।

    स्थिति तब और बिगड़ गई जब ट्रेन बकलेहटा स्टेशन पहुंची। आक्रोशित यात्रियों ने सुरक्षा की मांग को लेकर ट्रेन के इंजन की ओर बढ़ने की कोशिश की जिससे माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच पथराव भी शुरू हो गया और ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई।

    हालात बिगड़ते देख लोको पायलट ने तुरंत ट्रेन रोक दी और रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस की अनुपस्थिति या देरी से पहुंचने को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि यात्रियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था मौके पर नहीं दिखी।

    सूचना मिलने पर रीठी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस के पहुंचते ही उपद्रवी मौके से फरार हो गए। बाद में डायल 112 की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

    इस पूरी घटना ने एक बार फिर रेलवे में अवैध वेंडरों की बढ़ती दबंगई और सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी को उजागर कर दिया है। यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों में आए दिन मारपीट, चोरी और अभद्रता जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं लेकिन सुरक्षा बलों की मौजूदगी बेहद कम दिखाई देती है।

    करीब एक घंटे तक बकलेहटा स्टेशन पर ट्रेन रुकी रही जिसके बाद स्थिति सामान्य होने पर इसे आगे के लिए रवाना किया गया। हालांकि इस घटना ने यात्रियों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ एमपी बोर्ड की गलती से रेगुलर स्टूडेंट बने प्राइवेट

    छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ एमपी बोर्ड की गलती से रेगुलर स्टूडेंट बने प्राइवेट


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की बड़ी लापरवाही के कारण हजारों छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है। आरोप है कि बोर्ड ने रेगुलर यानी नियमित छात्रों को प्राइवेट श्रेणी की मार्कशीट जारी कर दी जिससे पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है।

    मामला 10वीं और 12वीं कक्षाओं से जुड़ा हुआ है जहां लगभग 15 हजार छात्रों ने नियमित रूप से स्कूल में पढ़ाई की थी लेकिन जब परिणाम घोषित हुआ तो उन्हें प्राइवेट छात्र के रूप में दर्शाया गया। इस गलती के कारण छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है क्योंकि इससे आगे की पढ़ाई और करियर पर असर पड़ सकता है।

    जानकारी के अनुसार कई स्कूलों के संचालकों ने इस गंभीर त्रुटि की शिकायत सीधे बोर्ड के अधिकारियों से की है। उनका कहना है कि छात्रों ने नियमित रूप से स्कूल में उपस्थिति दर्ज कराई और सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया फिर भी उन्हें गलत श्रेणी में शामिल कर दिया गया। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में गलती कैसे हुई।

    यह पूरा मामला तब और गंभीर हो गया जब यह सामने आया कि कुछ स्कूलों की मान्यता से जुड़ा विवाद चल रहा था। पहले इन स्कूलों की मान्यता भूमि दस्तावेजों की कमी के कारण रद्द की गई थी और करीब 350 स्कूलों की मान्यता समाप्त कर दी गई थी। हालांकि बाद में कुछ मामलों में हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए अस्थायी मान्यता देने के निर्देश भी दिए थे।

    इसके बावजूद बोर्ड की ओर से छात्रों का रिजल्ट प्राइवेट श्रेणी में घोषित कर दिया गया जिससे स्थिति और उलझ गई। इस पूरे मामले को लेकर छात्रों के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं क्योंकि उनकी शिक्षा और आगे की प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

    बोर्ड के सचिव ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और जल्द ही उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटि का मामला हो सकता है लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।

    इस घटना ने राज्य की शिक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और अभिभावकों में भी चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बोर्ड इस गलती को कैसे सुधारता है और प्रभावित छात्रों को किस तरह न्याय दिलाया जाएगा।

  • मेट्रो यात्रियों को राहत: भोपाल-इंदौर में टिकट और वॉलेट रिचार्ज पर मिलेगी छूट

    मेट्रो यात्रियों को राहत: भोपाल-इंदौर में टिकट और वॉलेट रिचार्ज पर मिलेगी छूट


    नई दिल्ली । भोपाल और इंदौर मेट्रो यात्रियों के लिए 27 अप्रैल से सफर का तरीका पूरी तरह बदलने जा रहा है। अब दोनों शहरों के मेट्रो स्टेशनों पर ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम (AFC) लागू किया जाएगा, जिसके बाद टिकट लेने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और तेज हो जाएगी। यह कदम मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) की ओर से यात्रियों की सुविधा और आधुनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
    इस नए सिस्टम के लागू होने के बाद यात्रियों को अब मैन्युअल टिकटिंग की झंझट से छुटकारा मिलेगा और पूरा फोकस ऑनलाइन और क्यूआर आधारित टिकटिंग पर रहेगा। यात्रियों को पेपर QR टिकट और मोबाइल QR टिकट दोनों विकल्प उपलब्ध रहेंगे।
    टिकट पर मिलेंगी खास छूट सुविधाएं
    नई व्यवस्था में यात्रियों को कई तरह की छूट भी दी जाएगी, जिससे नियमित यात्रियों और समूह में सफर करने वालों को सीधा फायदा मिलेगा।
    राउंड ट्रिप (आवागमन) टिकट पर 5 प्रतिशत छूट दी जाएगी
    ग्रुप टिकट पर 10 प्रतिशत छूट मिलेगी
    यह सुविधा 8 से 40 यात्रियों के समूह के लिए लागू होगी

     MP Metro ऐप से होगा पूरा डिजिटल सफर
    यात्रियों की सुविधा के लिए MPMRCL ने अपना आधिकारिक मोबाइल ऐप “MP Metro” भी लॉन्च किया है, जिसके जरिए टिकट बुकिंग और वॉलेट रिचार्ज किया जा सकेगा। इस ऐप पर QR टिकट आसानी से उपलब्ध होंगे और डिजिटल पेमेंट से समय की बचत होगी।

    वॉलेट रिचार्ज पर भी अलग-अलग स्लैब में छूट दी जाएगी:

    200 से 499 रुपए पर 8% छूट
    500 से 999 रुपए पर 10% छूट
    1000 से 1499 रुपए पर 12% छूट
    1500 से 2000 रुपए पर 15% छूट

    टिकटिंग के नए विकल्प
    नई व्यवस्था में यात्रियों को कई विकल्प मिलेंगे:
    पेपर QR टिकट: टिकट काउंटर या ग्राहक सेवा केंद्र से नकद या UPI द्वारा
    मोबाइल QR टिकट: MP Metro ऐप के जरिए डिजिटल भुगतान से

    वॉलेट नियम और शर्तें
    MPMRCL ने साफ किया है कि मेट्रो वॉलेट में जमा राशि केवल टिकट खरीद के लिए ही उपयोग की जा सकेगी और इसे किसी भी स्थिति में वापस नहीं किया जाएगा।

     डिजिटल मेट्रो की ओर कदम
    भोपाल और इंदौर में यह बदलाव मेट्रो यात्रा को तेज, पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि टिकटिंग सिस्टम भी अधिक सुविधाजनक और स्मार्ट हो जाएगा।

  • रफ्तार ने छीनी खुशियां: भिंड में भीषण सड़क दुर्घटना, 3 की मौत और 1 गंभीर घायल

    रफ्तार ने छीनी खुशियां: भिंड में भीषण सड़क दुर्घटना, 3 की मौत और 1 गंभीर घायल


    नई दिल्ली । भिंड जिले के उमरी थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। नेशनल हाईवे 552 पर तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार चार युवकों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है और उसे ग्वालियर रेफर किया गया है।

    घटना करीब दोपहर 1:30 बजे किशोर सिंह का पुरा गांव के पास हुई। बताया जा रहा है कि चारों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहे थे। तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और चारों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और 112 एंबुलेंस को सूचना दी। घायलों को तत्काल रौन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया। बाकी दो घायलों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल भिंड रेफर किया गया।

    जिला अस्पताल में इलाज के दौरान एक और युवक ने दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई। चौथा युवक अभी भी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है, जिसे बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया जा रहा है।

    खबर लिखे जाने तक मृतकों और घायल की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस उनकी शिनाख्त में जुटी हुई है। हादसे के बाद बस चालक मौके से फरार बताया जा रहा है। वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है।

    उमरी थाना प्रभारी शिव प्रताप सिंह राजावत ने बताया कि जैसे ही सूचना मिली, पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया गया। तीन युवकों की मौत हो चुकी है, जबकि एक का इलाज जारी है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और बस चालक की तलाश की जा रही है।

    यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से हो रहे सड़क हादसों की गंभीरता को उजागर करता है, जिसने तीन परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया है।

  • बैतूल में दर्दनाक रात: तीन अलग-अलग घटनाओं में तीन मौतें, सड़क हादसों और विवाद ने छीनी जिंदगियां

    बैतूल में दर्दनाक रात: तीन अलग-अलग घटनाओं में तीन मौतें, सड़क हादसों और विवाद ने छीनी जिंदगियां


    नई दिल्ली । बैतूल जिले में शुक्रवार की रात एक साथ तीन अलग-अलग घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। इन घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो सड़क हादसों के शिकार हुए जबकि एक व्यक्ति ने पारिवारिक विवाद के बाद आत्महत्या कर ली। लगातार हुई इन घटनाओं से पूरे जिले में शोक और दहशत का माहौल है। पुलिस ने सभी मामलों की जांच शुरू कर दी है।

    पहली घटना बैतूल-आमला मार्ग पर बाघवाड़ सोमवारी के पास हुई, जहां मजदूरी करके घर लौट रहे 23 वर्षीय युवक गोलू पुत्र जगन उइके की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि शाम के समय जब वह काम खत्म कर घर लौट रहा था, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर ही उसकी हालत बिगड़ गई। स्थानीय लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद उसके परिवार में कोहराम मच गया। गोलू अपने छोटे भाई ऋषि के साथ मजदूरी कर परिवार की जिम्मेदारियां संभालता था।

    दूसरी घटना गोंदी गोला क्षेत्र की है, जहां 23 वर्षीय रोशन पुत्र पिंटू टेकाम की सड़क हादसे में जान चली गई। रोशन शादी समारोह में शामिल होकर देर रात अपने गांव लौट रहा था। बताया गया कि वह बाइक से अकेला था और रास्ते में किसी कारणवश नियंत्रण खो बैठा। कुछ देर बाद वह गांव के पास सड़क किनारे अचेत अवस्था में पड़ा मिला। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। रोशन अपने परिवार का सहारा था और उसकी असमय मौत से घर में मातम छा गया है।

    तीसरी और सबसे दर्दनाक घटना चिचोली थाना क्षेत्र के सेहरा गांव की है। यहां 35 वर्षीय राजकुमार पुत्र शिवराम ने पारिवारिक विवाद के बाद आत्महत्या कर ली। बताया गया कि वह शाम को खेत से घर लौटा था और उसने अपनी मां से तीन हजार रुपये मांगे थे, जो उसे कुएं में मोटर डालने के लिए चाहिए थे। पैसे नहीं मिलने पर घर में विवाद बढ़ गया। इसी तनाव में आकर उसने खेत में रखी खरपतवार नाशक दवा पी ली। हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां आईसीयू में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। राजकुमार तीन बेटियों और एक बेटे का पिता था और परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ उसी पर था।

    लगातार हुई इन तीन घटनाओं ने बैतूल जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस ने तीनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और हादसों के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

  • बड़वानी को मिली बड़ी सौगात गोई नदी पर पुल की नींव रखी मंत्री राकेश सिंह ने किया भूमिपूजन

    बड़वानी को मिली बड़ी सौगात गोई नदी पर पुल की नींव रखी मंत्री राकेश सिंह ने किया भूमिपूजन


    नई दिल्ली बड़वानी जिले के सिलावद और होलगांव क्षेत्र के लोगों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित गोई नदी पर उच्च स्तरीय पुल और सड़क निर्माण की परियोजना का शनिवार को विधिवत भूमिपूजन किया गया इस अवसर पर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने पूजा अर्चना कर निर्माण कार्य की शुरुआत की यह परियोजना क्षेत्र की करीब 30 साल पुरानी मांग को पूरा करती है जिससे स्थानीय लोगों में उत्साह और खुशी का माहौल देखा गया

    इस महत्वपूर्ण परियोजना को राज्यसभा सांसद डॉ सुमेरसिंह सोलंकी के निरंतर प्रयासों के बाद गति मिली थी वर्ष 2024 के बजट में मध्य प्रदेश शासन द्वारा इस पुल के लिए 10 करोड़ 39 लाख 88 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई थी इसके बाद सेतु विभाग द्वारा आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं और 12 मार्च 2025 को तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई अंततः निर्माण का कार्य सीहोर की मेसर्स काला इंजीनियरिंग एजेंसी को सौंपा गया और अब भूमि पूजन के साथ कार्य औपचारिक रूप से शुरू हो गया है

    भूमिपूजन कार्यक्रम सिलावद और होलगांव के बीच आयोजित किया गया जहां बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे कार्यक्रम के बाद मंत्री राकेश सिंह ने खुली जीप में पुराना बस स्टैंड से पुराना थाना मैदान तक रोड शो भी किया जहां लोगों ने उनका स्वागत किया इस दौरान मंच पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी उपस्थिति देखने को मिली

    मंत्री राकेश सिंह ने इस अवसर पर कहा कि यह पुल केवल एक निर्माण परियोजना नहीं बल्कि क्षेत्र के विकास की नई दिशा है उन्होंने कहा कि गोई नदी पर पुल न होने के कारण ग्रामीणों को वर्षों से भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था खासकर बरसात के मौसम में नदी पार करना जोखिम भरा होता था कई बार दुर्घटनाएं भी हुई हैं जिसमें जानमाल की हानि हुई है ऐसे में यह पुल क्षेत्र के लिए जीवन रेखा साबित होगा

    उन्होंने आगे कहा कि इस पुल के बनने से सिलावद होलगांव और आसपास के दर्जनों गांवों को सीधा लाभ मिलेगा आवागमन सुरक्षित और सुगम होगा किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी वहीं छात्रों और मरीजों के लिए भी यात्रा सुविधाजनक होगी इसके अलावा सिलावद से पाटी की दूरी भी लगभग चार किलोमीटर कम हो जाएगी जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी

    इस दौरान मंत्री राकेश सिंह ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने लंबे शासनकाल में विकास के बड़े वादे तो किए लेकिन जमीन पर परिणाम नहीं दिखे उन्होंने कांग्रेस को दिशाहीन पार्टी बताते हुए कहा कि आज भाजपा सरकार जनजातीय क्षेत्रों और ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान दे रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं

    कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद डॉ सुमेरसिंह सोलंकी पूर्व मंत्री प्रेमसिंह पटेल विधायक श्याम बरड़े और सांसद गजेंद्र सिंह पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे सभी ने इसे क्षेत्र के विकास के लिए ऐतिहासिक कदम बताया

    ग्रामीणों ने भी इस परियोजना का स्वागत करते हुए कहा कि यह पुल उनकी वर्षों पुरानी परेशानी का समाधान है अब उन्हें नदी पार करने की जोखिम भरी स्थिति से राहत मिलेगी और क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी