Category: Madhya Pradesh

  • MP: सिंधिया के स्वागत में ग्वालियर स्टेशन पर उमड़ी भीड़…. धक्का-मुक्की में 7 साल की बच्ची घायल

    MP: सिंधिया के स्वागत में ग्वालियर स्टेशन पर उमड़ी भीड़…. धक्का-मुक्की में 7 साल की बच्ची घायल


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर रेलवे स्टेशन (Gwalior Railway Station) पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के स्वागत के दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने से भीड़ की स्थिति बन गई. इस दौरान हुई धक्का-मुक्की में एक 7 साल की बच्ची के घायल होने की बात सामने आई है.

    दरअसल, बच्ची अपने परिवार के साथ यात्रा के लिए स्टेशन पहुंची थी, तभी वह भीड़ के बीच फंस गई. परिजनों ने बमुश्किल उसे बाहर निकाला. बच्ची के घायल होने की जानकारी उसके माता-पिता ने दी है।

    परिजनों ने आरोप लगाया है कि VVIP आगमन के दौरान पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं होने से आम यात्रियों को परेशानी हुई. साथ ही स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य के चलते रास्ते संकरे होने की वजह से भी स्थिति और बिगड़ने की बात कही गई है. फिलहाल यह मामला चर्चा में है और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।


    क्या है पूरा मामला?

    दरअसल केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शुक्रवार रात अंचल के चार दिवसीय दौरे पर ग्वालियर स्टेशन पहुंचे थे, जहां उनके समर्थक स्वागत करने उमड़ पड़े. इस दौरान बेकाबू हुए समर्थकों के बीच धक्का मुक्की शुरू हो गई और इस तरह कई लोग इस धक्का मुक्की का शिकार हुए, लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी गोवा एक्सप्रेस से गोवा जाने के लिए स्टेशन पहुंचे सिकंदर कंपू निवासी कुशवाह परिवार को हुई, जहां उनकी 7 साल की मासूम इक्षिता भीड़ के पैरों के नीचे दब गई.

    मासूम चीख पुकार मचाने लगी, लेकिन तब तक भीड़ उसके पैरों को कुचलती हुई आगे बढ़ गई. बमुश्किल मासूम के परिजनों ने उसे भीड़ से बचाया. रोती बिलखती हुई मासूम इक्षिता को परिजनों ने जैसे तैसे शांत कराया.


    परिजनों का फूटा गुस्सा

    वहीं, परिजनों का मासूम बेटी के पैर में चोट आने पर गुस्सा फूट बैठा. परिजनों ने कहा कि “माना VVIP का आगमन है, इसका मतलब ये नही की जनता को परेशान किया जाएगा. उनके साथ धक्का मुक्की होगी, बच्चों को पैरों तले दबा दिया जाएगा. परिजनों ने स्टेशन पर इस अव्यवस्था के लिए RPF,स्थानीय पुलिस बल, स्टेशन प्रबंधन को जिम्मदार माना है.


    संकरे रास्ते ने बढ़ाई मुश्किल

    बता दें कि स्टेशन पर पुनर्विकास का काम चल रहा है. जिसके चलते वैकल्पिक रास्ते प्लेटफॉर्म से बाहर आने के लिए तैयार किए गए हैं जो काफी संकरे भी हैं. यही वजह है कि हर बार की तरह बड़ी संख्या में पहुंचे सिंधिया समर्थकों के बीच स्वागत की होड़ में आम लोग, यात्री परेशान होते हुए दिखे।

  • MP: ग्वालियर में महिला ने पति की सगी बहन को सौतन बताकर ले लिया तलाक… HC पहुंचा मामला

    MP: ग्वालियर में महिला ने पति की सगी बहन को सौतन बताकर ले लिया तलाक… HC पहुंचा मामला


    ग्वालियर।
    ग्वालियर (Gwalior) के कुटुंब न्यायालय (Family Court) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने पति की सगी बहन (Husband’s real Sister) को ही ‘दूसरी पत्नी’ बताकर कोर्ट से एकतरफा तलाक हासिल कर लिया. महिला ने फैमिली फोटो को सबूत के तौर पर पेश कर न्यायालय को गुमराह किया और तलाक की डिक्री ले ली।

    जब पति को इस फैसले की जानकारी मिली तो उसने दस्तावेज खंगाले और सच्चाई सामने आई. अब पति ने इस एकतरफा तलाक को ग्वालियर हाईकोर्ट (Gwalior High Court) में चुनौती दी है और आरोप लगाया है कि पत्नी ने धोखे से कोर्ट से फैसला लिया. मामले में अब हाईकोर्ट सुनवाई करेगा, जिससे पूरे घटनाक्रम पर बड़ा खुलासा हो सकता है।

    दरअसल, यह मामला ग्वालियर की रहने वाली एक 40 साल की महिला का है, साल 1998 में उसकी शादी हुई थी, पति एक मार्केटिंग कंपनी में अधिकारी है और काम के सिलसिले से अक्सर बाहर रहता था. इसी वजह से दोनों के बीच में विवाद बढ़ता गया और साल 2015 में महिला अलग रहने लगी।

    10 साल से अलग रह रही थी पत्नी
    करीब 10 साल से अलग रह रही महिला किसी भी स्थिति में पति से तलाक लेना चाहती थी. लेकिन पति तलाक देने के लिए तैयार नहीं था. ऐसे में साल 2021 में महिला ने कुटुंब न्यायालय में तलाक की अर्जी लगाई. जिसमें बताया गया कि पति ने दूसरी शादी कर ली है।


    परिवार के साथ था पति, उसी फोटो को बनाया आधार

    पत्नी ने पति से तलाक लेने के लिए कोर्ट में सबूत के तौर पर एक फोटो पेश किया, जिसमें उसका पति अपनी बहन और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ खड़ा था. पत्नी ने उस फोटो में मौजूद ननद यानी अपने पति की सगी बहन को उसकी दूसरी पत्नी बता दिया।


    पति को अप्रैल में हुई जानकारी

    ऐसे में कोर्ट ने उसे सबूत मानते हुए महिला को तलाक की डिक्री दे दी. पति को तलाक की जानकारी अप्रैल के पहले हफ्ते में मिली तो उसने सारा रिकार्ड देखा. तब उसे मालूम हुआ कि पत्नी ने उसकी सगी बहन को दूसरी पत्नी बताते हुए एक तरफा तलाक की डिक्री हासिल कर ली थी।

    ऐसे में अब पति ने ग्वालियर हाईकोर्ट में एक तरफा तलाक की डिक्री को चैलेंज किया है. जिसमें पत्नी द्वारा कोर्ट को गुमराह कर धोखे से फैसला लेने की जानकारी दी है. ऐसे में अब हाई कोर्ट पूरे मामले की सुनवाई करेगा।

  • मध्य प्रदेश में अप्रैल की गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड, खजुराहो सबसे गर्म, पारा 45 डिग्री पहुंचा

    मध्य प्रदेश में अप्रैल की गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड, खजुराहो सबसे गर्म, पारा 45 डिग्री पहुंचा


    भोपाल। मध्य प्रदेश में अप्रैल महीने की गर्मी इस बार नए रिकॉर्ड बना रही है। रविवार को आंधी और हल्की बारिश के बीच भी तापमान में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई, मानो आसमान से आग बरस रही हो। पर्यटन स्थल खजुराहो में पहली बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, इंदौर में 6 साल और भोपाल-जबलपुर में 3 साल के भीतर की सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई।

    सोमवार के लिए प्रदेश के 13 जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार, शाजापुर, देवास, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट और छिंदवाड़ा शामिल हैं। इंदौर और उज्जैन में गर्म रात (वॉर्म नाइट) की चेतावनी भी दी गई है, जिससे दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी का असर बना रहेगा। दूसरी ओर, श्योपुर, मुरैना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। जबकि भोपाल, जबलपुर सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में तेज गर्मी का दौर जारी रहेगा।

    रविवार को प्रदेश में पहली बार इस सीजन में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंचा। खजुराहो के अलावा नौगांव में 44.6 डिग्री, सागर और नर्मदापुरम में 44.4 डिग्री, दमोह में 44.2 डिग्री दर्ज किया गया। श्योपुर, मंडला, दतिया और टीकमगढ़ में भी पारा 44 डिग्री तक पहुंचा। शाजापुर में 43.7 डिग्री, रायसेन, सतना, रतलाम और गुना में 43.6 डिग्री, रीवा और मलाजखंड में 43.5 डिग्री, सीधी में 43.4 डिग्री और बैतूल में 43 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल और इंदौर में अधिकतम तापमान 43 डिग्री रहा। जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 43.5 डिग्री तक पहुंचा। ग्वालियर में 42.9 डिग्री और उज्जैन में 42.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    रिकॉर्ड की बात करें तो इंदौर में 43 डिग्री तापमान के साथ अप्रैल की गर्मी ने 6 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले 2019 में यहां 43.5 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था। भोपाल में यह बीते 10 वर्षों का तीसरा सबसे गर्म दिन रहा, जबकि 3 साल बाद इतनी तेज गर्मी दर्ज की गई। जबलपुर में भी 3 साल के बाद सबसे ज्यादा तापमान 43.5 डिग्री दर्ज हुआ।

    भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का असर भी देखने को मिला। इंदौर, महू, भोपाल, सीहोर, रतलाम, शाजापुर, सागर और विदिशा के गंजबासौदा सहित कई इलाकों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के मध्य हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जिसके कारण मौसम में बदलाव बना हुआ है। साथ ही, अगले तीन दिनों तक एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से प्रदेश में मौसम का यह मिला-जुला मिजाज जारी रह सकता है।

  • पंच परिवर्तन से स्थापित होगा भारतीयता का गौरव : सुरेश सोनी

    पंच परिवर्तन से स्थापित होगा भारतीयता का गौरव : सुरेश सोनी


    जबलपुर। अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी ने कहा कि संघ की स्थापना एक निश्चित उद्देश्य के साथ हुई थी और शताब्दी मनाना उसका मूल लक्ष्य नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत का प्राचीन दर्शन और संस्कृति विश्व के लिए कल्याणकारी है, जिसे पुनः स्थापित करने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ का कार्य तब तक चलता रहेगा, जब तक समाज और संघ में पूर्ण एकरूपता नहीं आ जाती।

    यह बातें सुरेश सोनी ने गत दिवस शनिवार को राष्‍ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जबलपुर महानगर के तत्वावधान में श्रीजानकीरमण महाविद्यालय में साहित्यकार एवं इतिहासकार श्रेणी की प्रमुख जन गोष्ठी तथा ‘संघिका’ पुस्तक के प्रथम भाग का लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में कही। कार्यक्रम में शरदचंद पालन मुख्य अतिथि एवं विभाग संघ चालक कैलाश गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता की पूजा-अर्चना एवं ‘वंदे मातरम’ के सामूहिक गायन से हुआ। अतिथियों का परिचय डॉ. अभिजात कृष्ण त्रिपाठी ने दिया। इस अवसर पर डॉ. आनंद सिंह राणा द्वारा लिखित महाकौशल प्रांत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इतिहास पर आधारित पुस्तक ‘संघिका’ के प्रथम भाग का विमोचन किया गया। पुस्तक का परिचय एवं समीक्षा दीपक द्विवेदी ने प्रस्तुत की, जबकि कार्यक्रम की प्रस्तावना अल्केश चतुर्वेदी ने रखी।


    सुरेश सोनी ने बताया कि शताब्दी वर्ष के निमित्त देशभर में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया, जिसके तहत 10 करोड़ से अधिक परिवारों से संपर्क और संवाद स्थापित किया गया तथा 60 हजार से अधिक स्थानों पर हिंदू सम्मेलनों का आयोजन हुआ। स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति निर्माण, समाज को एकसूत्र में बांधना और राष्ट्र के प्रति जागरूकता पैदा करना आवश्यक है। संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार ने इन विचारों को व्यवहारिक रूप दिया।

    उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन की विभिन्न धाराओं क्रांतिकारी, अहिंसक और सैन्य का उल्लेख करते हुए बताया कि संघ के संस्थापक ने इन सभी आयामों को समझकर समाज निर्माण का कार्य किया। सुरेश सोनी ने कहा कि वर्तमान समय में समाज का मूल दोष आत्मकेंद्रित होना है, जबकि भारतीय संस्कृति ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ के सिद्धांत पर आधारित है। संघ का स्वयंसेवक भाषा, जाति और क्षेत्र से ऊपर उठकर राष्ट्र को सर्वोपरि मानता है और निस्वार्थ सेवा उसका आधार है।

    उन्होंने ‘पंच परिवर्तन’ को समाज परिवर्तन का प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि इसमें कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, स्वदेशी जीवन शैली, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य बोध शामिल हैं। उन्होंने परिवार व्यवस्था को भारतीय समाज की मूल इकाई बताते हुए इसे सुदृढ़ करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व एक ऐसा विचार है जो वैश्विक समस्याओं का समाधान प्रस्तुत कर सकता है। भारतीय परंपरा में समस्त सृष्टि को एक मानने की भावना निहित है, जो विश्व कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है।

    मुख्य अतिथि शरदचंद पालन ने अपने संबोधन में शताब्दी वर्ष के संदर्भ में राष्ट्र निर्माण में साहित्यकारों और इतिहासकारों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। कार्यक्रम में नूपुर देशकर ने एकल गीत की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के अंत में जिज्ञासा-समाधान सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सुरेश सोनी ने साहित्यकारों एवं इतिहासकारों के प्रश्नों के उत्तर दिए। इस गोष्ठी में लगभग 250 साहित्यकार एवं इतिहासकार शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आनंद सिंह राणा ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. अभिजात कृष्ण त्रिपाठी ने किया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

  • मध्यप्रदेश में MPPSC एग्जाम शुरू, नए नियम लागू 90 मिनट पहले पहुंचना जरूरी

    मध्यप्रदेश में MPPSC एग्जाम शुरू, नए नियम लागू 90 मिनट पहले पहुंचना जरूरी


    भोपाल । मध्यप्रदेश में आज राज्य सेवा और राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की जा रही है। राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में यह परीक्षा 365 केंद्रों पर आयोजित हो रही है जहां लाखों अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। इस बार परीक्षा को लेकर नियमों में कई बदलाव किए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत किया गया है।

    यह परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की जा रही है जिसमें पहला सत्र सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरा सत्र दोपहर 2.15 बजे से शाम 4.15 बजे तक चलेगा। परीक्षा के लिए प्रदेश के 54 जिला मुख्यालयों में केंद्र बनाए गए हैं ताकि अधिक से अधिक अभ्यर्थियों को सुविधा मिल सके।

    इस बार सबसे खास बात यह है कि परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के लिए थ्री लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू किया गया है। उम्मीदवारों को पहले बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से गुजरना होगा इसके बाद एडमिट कार्ड की स्कैनिंग की जाएगी और अंत में हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर के जरिए तलाशी ली जाएगी। इन सभी चरणों से गुजरने के बाद ही उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा।

    परीक्षा प्रबंधन के अनुसार हर उम्मीदवार की जांच में लगभग 5 से 7 मिनट का समय लग सकता है इसलिए सभी अभ्यर्थियों को निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा शुरू होने से कम से कम 90 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचें। इसके साथ ही यह भी साफ किया गया है कि परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले केंद्र के प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे और इसके बाद किसी को भी अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

    केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ साथ अनुशासन बनाए रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के बाहर और अंदर वर्जित वस्तुओं की सूची चस्पा की गई है ताकि उम्मीदवार पहले से ही सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की परेशानी से बच सकें।

    प्रशासन का कहना है कि इन सख्त नियमों का उद्देश्य परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और नकल की घटनाओं को देखते हुए इस बार कोई भी लापरवाही नहीं बरती जा रही है।

    कुल मिलाकर MPPSC की यह परीक्षा न केवल अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि प्रशासन के लिए भी एक बड़ी जिम्मेदारी है जिसमें सुरक्षा और व्यवस्था दोनों पर खास ध्यान दिया जा रहा है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे सभी नियमों का पालन करें और समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचकर अपनी तैयारी को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करें।

  • डिजिटल जनगणना 2027 पर पीएम मोदी का जोर भोपाल में सीएम मोहन यादव ने मन की बात के जरिए जोड़ा संवाद

    डिजिटल जनगणना 2027 पर पीएम मोदी का जोर भोपाल में सीएम मोहन यादव ने मन की बात के जरिए जोड़ा संवाद


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार को एक अलग ही माहौल देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 133वें संस्करण का जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ सामूहिक श्रवण किया। वीआईपी रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित इस कार्यक्रम में आमजन की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली जिससे यह एक जनसंवाद का मंच बन गया।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि मन की बात आज देशवासियों के दिलों में अपनी खास जगह बना चुका है और यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि करोड़ों लोगों को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन गया है। उन्होंने कहा कि इसके जरिए समाज के प्रेरक कार्यों नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को सामने लाया जाता है जिससे लोगों को नई दिशा और प्रेरणा मिलती है।

    कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए 2027 में होने वाली डिजिटल जनगणना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना बताते हुए कहा कि इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जाएगी। घर घर जाकर जानकारी एकत्र करने वाले कर्मचारियों के पास मोबाइल ऐप होगा जिसमें नागरिकों की जानकारी सीधे दर्ज की जाएगी।

    प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि इस बार नागरिकों को खुद अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा भी दी जा रही है। कर्मचारी के आने से लगभग 15 दिन पहले यह सुविधा शुरू होगी जिससे लोग अपने समय अनुसार जानकारी भर सकेंगे। इसके बाद उन्हें एक विशेष आईडी मिलेगी जिसे वे कर्मचारी के आने पर दिखाकर अपनी जानकारी की पुष्टि कर सकेंगे। इससे प्रक्रिया सरल होगी और समय की बचत भी होगी।

    उन्होंने जानकारी दी कि जिन राज्यों में स्व गणना का कार्य पूरा हो चुका है वहां घरों के सूचीकरण का काम भी शुरू हो गया है और अब तक करीब 1 करोड़ 20 लाख परिवारों का मकान सूचीकरण किया जा चुका है। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया में बढ़ चढ़कर भाग लें क्योंकि यह केवल सरकारी कार्य नहीं बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उपस्थित युवाओं और आमजनों से आत्मीय संवाद भी किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान और स्वरोजगार जैसे विषयों पर चर्चा की और बताया कि राज्य सरकार महिलाओं की शिक्षा सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से भी मुलाकात की और उनसे संवाद कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के महत्व और बड़ों के सम्मान की सीख दी तथा उनके साथ समय बिताया।

    कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात देश को सकारात्मक दिशा देने का एक अनूठा प्रयास है। उन्होंने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी बन रहा है और जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया जा रहा है।

    कुल मिलाकर भोपाल में आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ एक रेडियो प्रसारण नहीं बल्कि जनसंवाद और जनभागीदारी का उदाहरण बनकर सामने आया जिसमें सरकार और जनता के बीच संवाद को मजबूत करने की झलक देखने को मिली।

  • टीकमगढ़ में बीच बाजार हंगामा शराबी पति ने पत्नी को पीटा कपड़े फाड़कर किया ड्रामा

    टीकमगढ़ में बीच बाजार हंगामा शराबी पति ने पत्नी को पीटा कपड़े फाड़कर किया ड्रामा


    टीकमगढ़ । मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां बीच बाजार में पति पत्नी के बीच हुआ विवाद हाईवोल्टेज ड्रामे में बदल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसने इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है।

    यह पूरा मामला जिले के लिधौरा कस्बे का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार पति पत्नी पास के किसी गांव से बाजार में खरीददारी करने आए थे। सब कुछ सामान्य चल रहा था लेकिन अचानक हालात तब बिगड़ गए जब पति पास ही स्थित देसी शराब के ठेके से शराब पीकर लौट आया।

    पत्नी को जैसे ही इस बात का पता चला उसने पति के इस व्यवहार पर आपत्ति जताई। इसके बाद माहौल तेजी से गर्म हो गया और नशे में धुत पति ने अपना आपा खो दिया। गुस्से में उसने पत्नी के साथ बीच बाजार मारपीट शुरू कर दी जिससे वहां अफरा तफरी मच गई।

    स्थिति यहीं नहीं रुकी बल्कि आरोपी पति ने गुस्से में अपने ही कपड़े फाड़ना शुरू कर दिए जिससे यह पूरा घटनाक्रम और ज्यादा सनसनीखेज बन गया। पति की हरकतों से नाराज पत्नी ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए उससे हाथापाई कर ली और देखते ही देखते मामला पूरी तरह बेकाबू हो गया।

    घटना के दौरान बाजार में मौजूद लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई और किसी ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग इस पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

    हालांकि इस पूरे विवाद के बाद पति पत्नी दोनों ही मौके से एक साथ अपने घर के लिए रवाना हो गए। फिलहाल दोनों की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है और ना ही इस मामले में किसी ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई है।

    इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के विवाद किस तरह से कानून व्यवस्था और सामाजिक मर्यादा को प्रभावित करते हैं। स्थानीय लोग भी इस तरह की घटनाओं पर चिंता जता रहे हैं और ऐसे मामलों में सख्ती की मांग कर रहे हैं।

  • मरीज बनकर आता और स्कूटी लेकर फरार शहडोल में एंबुलेंस प्रेमी चोर का खुलासा

    मरीज बनकर आता और स्कूटी लेकर फरार शहडोल में एंबुलेंस प्रेमी चोर का खुलासा


    शहडोल । मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में एक ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया है जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। यहां एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया गया है जो न सिर्फ गाड़ियां चोरी करता था बल्कि एंबुलेंस को भी फ्री टैक्सी की तरह इस्तेमाल करता था। आरोपी की करतूतें किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगतीं लेकिन यह हकीकत है।

    मामला धनपुरी क्षेत्र का है जहां 22 अप्रैल को आरोपी रामानंद तिवारी ने एक सुनियोजित साजिश के तहत खुद को घायल बताकर 108 एंबुलेंस को कॉल किया। उसने दावा किया कि उसका एक्सीडेंट हो गया है और उसे तुरंत अस्पताल ले जाने की जरूरत है। खास बात यह रही कि उसने एंबुलेंस कर्मियों से जिद कर उसे धनपुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ही पहुंचाने को कहा।

    अस्पताल पहुंचते ही आरोपी ने अपनी एक्टिंग शुरू कर दी। वह लंगड़ाते हुए अंदर गया ताकि किसी को उस पर शक न हो लेकिन उसका असली मकसद इलाज नहीं बल्कि चोरी करना था। अस्पताल में मौजूद अफरा तफरी का फायदा उठाकर उसने वहां तैनात एएनएम संगीता सिंह की स्कूटी की चाबी पार कर दी और कुछ ही पलों में वाहन लेकर फरार हो गया।

    घटना का खुलासा तब हुआ जब अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई। फुटेज में आरोपी की पूरी हरकत कैद हो गई थी जिससे पुलिस को उसके हुलिए का सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और जाल बिछाकर आरोपी को उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वह चोरी की स्कूटी बेचने की कोशिश कर रहा था।

    पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासे किए वे और भी चौंकाने वाले थे। पुलिस के अनुसार वह अक्सर चोरी के मोबाइल फोन से 108 एंबुलेंस को कॉल करता था और खुद को बीमार या घायल बताकर मुफ्त में एक जगह से दूसरी जगह यात्रा करता था। उसने बताया कि वह डायल 112 से इसलिए बचता था क्योंकि उसमें पुलिस की मौजूदगी होती है।

    आरोपी का मकसद सिर्फ घूमना फिरना था। वह गाड़ियां चोरी करता और जब तक पेट्रोल रहता तब तक उनका इस्तेमाल करता फिर जहां पेट्रोल खत्म होता वहीं गाड़ी छोड़ देता। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी पहले भी कई मामलों में शामिल रहा है और उस पर धोखाधड़ी और वाहन चोरी के कई केस दर्ज हैं।

    थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है और उससे जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है। साथ ही जिले के अन्य थानों को भी उसकी गतिविधियों की जानकारी दे दी गई है।

    यह मामला न केवल पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण रहा बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह कुछ लोग सिस्टम का गलत इस्तेमाल कर अपराध को अंजाम देते हैं। फिलहाल आरोपी सलाखों के पीछे है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

  • ग्वालियर में बागेश्वर धाम जा रही बस में भीषण आग टायर फटते ही मची अफरा तफरी 15 यात्री बाल बाल बचे

    ग्वालियर में बागेश्वर धाम जा रही बस में भीषण आग टायर फटते ही मची अफरा तफरी 15 यात्री बाल बाल बचे


    ग्वालियर । मध्यप्रदेश के ग्वालियर में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते होते टल गया जब बागेश्वर धाम जा रही एक सवारी बस में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना झांसी रोड थाना क्षेत्र के सामने हुई जहां कुछ ही पलों में बस धू धू कर जलने लगी लेकिन राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।

    जानकारी के मुताबिक जयपुर से चलकर ग्वालियर पहुंची मां लक्ष्मी ट्रेवल्स की यह बस बागेश्वर धाम के लिए रवाना हुई थी। बस में कुल 15 यात्री सवार थे। जैसे ही बस झांसी रोड थाना क्षेत्र से गुजर रही थी तभी अचानक उसके पिछले हिस्से से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते धुआं आग की लपटों में बदल गया और बस तेजी से आग की चपेट में आ गई।

    स्थिति को भांपते हुए ड्राइवर ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए बस को सड़क किनारे रोक दिया। बस रुकते ही सभी यात्रियों ने तेजी से नीचे उतरकर अपनी जान बचाई। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी बस को घेर लिया और देखते ही देखते वह पूरी तरह जलकर खाक हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। इस दौरान सड़क पर अफरा तफरी का माहौल बन गया और ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ जिसे बाद में पुलिस ने डायवर्ट कर नियंत्रित किया।

    प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह टायर फटना और उसके बाद हुए शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि टायर ब्लास्ट के बाद निकली चिंगारी ने बस के इलेक्ट्रिकल सिस्टम को प्रभावित किया जिससे आग भड़क उठी। हालांकि पुलिस और दमकल विभाग इस पूरे मामले की तकनीकी जांच कर रहे हैं ताकि सटीक कारण सामने आ सके।

    इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि सड़क पर चलते वाहनों में छोटी सी तकनीकी खराबी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। हालांकि इस मामले में ड्राइवर की सतर्कता और यात्रियों की तेजी से प्रतिक्रिया ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। कुल मिलाकर ग्वालियर की यह घटना एक चेतावनी है कि वाहन सुरक्षा और नियमित जांच कितनी जरूरी है क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

  • सड़क पर खुला चैंबर बना खतरा ग्वालियर में बुजुर्ग महिला हादसे का शिकार

    सड़क पर खुला चैंबर बना खतरा ग्वालियर में बुजुर्ग महिला हादसे का शिकार

    ग्वालियर । मध्यप्रदेश के ग्वालियर में नगर निगम की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है जहां एक खुला चैंबर एक बुजुर्ग महिला के लिए जानलेवा साबित हो गया। थाटीपुर थाना क्षेत्र के विवेक आनंद चौराहे पर हुए इस हादसे ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार बुजुर्ग महिला अपने घर के पास से गुजर रही थी तभी अचानक उनका पैर सड़क पर बने नवनिर्मित खुले चैंबर में पड़ गया। चैंबर का मुंह खुला होने और गहराई ज्यादा होने के कारण महिला संतुलन खो बैठीं और सीधे उसमें गिर गईं। घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोग भी कुछ समझ नहीं पाए और कुछ ही पलों में वहां अफरा तफरी का माहौल बन गया।

    महिला के गिरते ही उनकी चीख पुकार सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने देखा कि महिला चैंबर के अंदर फंसी हुई है तो तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते मदद नहीं पहुंचती तो यह हादसा और भी गंभीर हो सकता था।

    सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। चैंबर का मुंह संकरा होने के कारण महिला को बाहर निकालना आसान नहीं था। साथ ही महिला के घायल होने से स्थिति और भी जटिल हो गई थी। इसके बावजूद टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से सावधानीपूर्वक रेस्क्यू कर महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

    हादसे में महिला को शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। रेस्क्यू के तुरंत बाद उन्हें पुलिस वाहन से नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें निगरानी में रखा गया है।

    इस घटना के बाद इलाके के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा बनाए गए चैंबरों को बिना ढके छोड़ दिया गया है जो आम लोगों के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। खासकर रात के समय या बारिश के दौरान ऐसे खुले चैंबर किसी भी बड़ी दुर्घटना को जन्म दे सकते हैं।

    लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र के सभी खुले चैंबरों को तुरंत ढका जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। यह हादसा एक बार फिर यह साबित करता है कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है और सार्वजनिक सुरक्षा के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई जानलेवा साबित हो सकती है।