Category: Madhya Pradesh

  • शादी में विवाद से दोहरी हत्या नर्मदापुरम पुलिस का बड़ा एक्शन 6 दिन में इनामी आरोपी पकड़ा

    शादी में विवाद से दोहरी हत्या नर्मदापुरम पुलिस का बड़ा एक्शन 6 दिन में इनामी आरोपी पकड़ा


    नर्मदापुरम । मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में एक शादी समारोह के दौरान हुई खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था जहां खुशियों का माहौल अचानक मातम में बदल गया। मामूली विवाद ने देखते ही देखते दोहरे हत्याकांड का रूप ले लिया लेकिन पुलिस की सतर्कता और लगातार प्रयासों के चलते आखिरकार मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    घटना 19 अप्रैल की बताई जा रही है जब एक गांव में सीताराम कीर के घर शादी का समारोह चल रहा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश और खाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि अमर सिंह और उसके बेटे लोकेश कीर ने डंडों और धारदार चाकू से जयनारायण कीर और उनके परिजनों पर हमला कर दिया। इस हमले में कुल सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दौलतराम कीर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल ने इलाज के दौरान तीन दिन बाद दम तोड़ दिया। इस दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल फैल गया और आरोपी फरार हो गए।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और आरोपियों की तलाश में दबिश दी। इसी दौरान जब पुलिस टीम मुख्य आरोपी लोकेश कीर को पकड़ने पहुंची तो उसने आरक्षक ओमप्रकाश जाट पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने उन पर करीब नौ बार वार किए जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद आरोपी जंगल की ओर भाग निकला जिससे मामला और चुनौतीपूर्ण हो गया।

    पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया और व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब छह दिनों तक पुलिस ने गांवों और गंजाल नदी के बीहड़ जंगलों में लगातार तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने तकनीकी साधनों और मुखबिरों की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की।

    आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और मुख्य आरोपी लोकेश कीर को गंजाल नदी के किनारे से गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले उसके पिता अमर सिंह को भी पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी के एन रजक साइबर सेल और पुलिस टीम की अहम भूमिका रही जिन्होंने जोखिम उठाकर इस आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की।

    इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राहत की सांस ली जा रही है और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना हो रही है। यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि छोटी सी बात भी किस तरह बड़ा अपराध बन सकती है और कानून से बच पाना आसान नहीं है।

    मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में एक शादी समारोह के दौरान हुई खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था जहां खुशियों का माहौल अचानक मातम में बदल गया। मामूली विवाद ने देखते ही देखते दोहरे हत्याकांड का रूप ले लिया लेकिन पुलिस की सतर्कता और लगातार प्रयासों के चलते आखिरकार मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    घटना 19 अप्रैल की बताई जा रही है जब एक गांव में सीताराम कीर के घर शादी का समारोह चल रहा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश और खाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि अमर सिंह और उसके बेटे लोकेश कीर ने डंडों और धारदार चाकू से जयनारायण कीर और उनके परिजनों पर हमला कर दिया। इस हमले में कुल सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दौलतराम कीर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल ने इलाज के दौरान तीन दिन बाद दम तोड़ दिया। इस दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल फैल गया और आरोपी फरार हो गए।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और आरोपियों की तलाश में दबिश दी। इसी दौरान जब पुलिस टीम मुख्य आरोपी लोकेश कीर को पकड़ने पहुंची तो उसने आरक्षक ओमप्रकाश जाट पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने उन पर करीब नौ बार वार किए जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद आरोपी जंगल की ओर भाग निकला जिससे मामला और चुनौतीपूर्ण हो गया।

    पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया और व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब छह दिनों तक पुलिस ने गांवों और गंजाल नदी के बीहड़ जंगलों में लगातार तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने तकनीकी साधनों और मुखबिरों की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की।

    आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और मुख्य आरोपी लोकेश कीर को गंजाल नदी के किनारे से गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले उसके पिता अमर सिंह को भी पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी के एन रजक साइबर सेल और पुलिस टीम की अहम भूमिका रही जिन्होंने जोखिम उठाकर इस आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की।

    इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राहत की सांस ली जा रही है और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना हो रही है। यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि छोटी सी बात भी किस तरह बड़ा अपराध बन सकती है और कानून से बच पाना आसान नहीं है।

  • MP में हेलमेट पर सख्ती शुरू बिना हेलमेट पकड़े गए तो चालान के साथ लाइसेंस भी होगा सस्पेंड

    MP में हेलमेट पर सख्ती शुरू बिना हेलमेट पकड़े गए तो चालान के साथ लाइसेंस भी होगा सस्पेंड


    भोपाल । मध्यप्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सख्त कदम उठाया गया है। राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में आज से हेलमेट चेकिंग अभियान शुरू हो गया है। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना भारी पड़ सकता है क्योंकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    यह अभियान आज से शुरू होकर 10 मई तक लगातार चलेगा और इस दौरान हर जिले में व्यापक स्तर पर चेकिंग की जाएगी। पुलिस की टीम सड़कों पर तैनात रहेगी और जो भी चालक बिना हेलमेट पाया जाएगा उसका चालान काटा जाएगा। इतना ही नहीं कई मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन की कार्रवाई भी की जा सकती है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ चालान काटना नहीं बल्कि लोगों को जागरूक करना भी है। आंकड़ों के अनुसार सड़क हादसों में होने वाली मौतों का एक बड़ा कारण हेलमेट का उपयोग न करना है। करीब 50 प्रतिशत मामलों में दोपहिया चालक की मौत सिर्फ इसलिए हो जाती है क्योंकि उसने हेलमेट नहीं पहना होता।

    पुलिस मुख्यालय की ओर से इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। एडीजी पीटीआरआई विवेक शर्मा ने बताया कि प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं चिंता का विषय हैं और यातायात नियमों की अनदेखी इसके पीछे मुख्य वजह है। उन्होंने कहा कि हेलमेट पहनना सिर्फ कानूनी बाध्यता नहीं बल्कि जीवन की सुरक्षा का सबसे जरूरी उपाय है।

    अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभियान के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस टीम न केवल शहरों में बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी निगरानी बढ़ाएगी ताकि हर स्तर पर नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

    इस अभियान के पीछे मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करना है। सरकार और पुलिस विभाग चाहते हैं कि लोग अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और नियमों का पालन करें। कई बार छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो जाती है और हेलमेट जैसी साधारण चीज जीवन बचा सकती है।

    पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे बिना हेलमेट वाहन चलाने से बचें और अपने परिवार तथा खुद की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करें। यह अभियान एक चेतावनी भी है और एक अवसर भी कि लोग अपनी आदतों में सुधार लाएं। कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में शुरू हुआ यह अभियान सड़क सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है जो आने वाले दिनों में लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव ला सकता है।

  • कोर्ट आदेश के बाद भी राहत नहीं कर्मचारियों का गुस्सा फूटा प्रदेशभर में आंदोलन की तैयारी

    कोर्ट आदेश के बाद भी राहत नहीं कर्मचारियों का गुस्सा फूटा प्रदेशभर में आंदोलन की तैयारी


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर कर्मचारियों का असंतोष खुलकर सामने आ गया है। लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर कर्मचारी संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का संकेत दे दिया है। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ की हाल ही में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई और इसके बाद प्रदेश स्तर पर आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली गई है।

    संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि कर्मचारियों की समस्याएं वर्षों से लंबित हैं लेकिन अब तक उनका समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत के आदेश के बावजूद सरकार नव नियुक्त कर्मचारियों के लिए 70 80 और 90 प्रतिशत वेतन के बंधन को समाप्त नहीं कर रही है। इससे कर्मचारियों में भारी असंतोष है और वे खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

    बैठक में अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए। कर्मचारियों ने मांग की कि अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी का बंधन समाप्त किया जाए ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द राहत मिल सके। इसके अलावा यह भी कहा गया कि वर्ष 2019 से कोर्ट के आदेश के अनुसार कर्मचारियों को पूर्ण वेतन का लाभ दिया जाना चाहिए लेकिन अभी तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

    स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर भी कर्मचारियों ने नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए और इसके लिए व्यापक बीमा योजना लागू की जानी चाहिए। साथ ही यह मांग भी उठी कि कर्मचारियों को बैंक खातों के माध्यम से बड़े स्तर पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए।

    संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के मुद्दे भी बैठक में छाए रहे। संघ का कहना है कि इन कर्मचारियों को भी नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं और लाभ मिलना चाहिए ताकि उनके साथ भेदभाव खत्म हो सके। इसके अलावा शिक्षकों की पात्रता परीक्षा को लेकर भी चर्चा हुई और इसे निरस्त करने की मांग उठाई गई।

    बैठक में महंगाई राहत को लेकर भी आवाज बुलंद हुई। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान महंगाई राहत देने की मांग की गई ताकि उन्हें आर्थिक रूप से राहत मिल सके। इसके साथ ही केंद्रीय दर और तिथि के अनुसार लाभ देने की भी मांग रखी गई।

    इन सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने के बाद कर्मचारी संघ ने आगामी दिनों में प्रदेश स्तर पर आंदोलन करने का निर्णय लिया है। बैठक में विभिन्न संस्थानों के पदाधिकारी भी शामिल हुए और सभी ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने की सहमति जताई।

    कर्मचारियों का कहना है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यह स्थिति सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है क्योंकि बड़ी संख्या में कर्मचारी इससे जुड़े हुए हैं। कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में कर्मचारियों का यह बढ़ता असंतोष आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है जो सरकार और प्रशासन दोनों के लिए अहम परीक्षा साबित होगा।

  • भोपाल में सीएम मोहन यादव का अनोखा अंदाज जनता के बीच पहुंचे कांग्रेस पर साधा निशाना

    भोपाल में सीएम मोहन यादव का अनोखा अंदाज जनता के बीच पहुंचे कांग्रेस पर साधा निशाना


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार को एक अलग ही राजनीतिक और जनसंवाद का नजारा देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव अचानक वीआईपी रोड स्थित एक रेस्टोरेंट पहुंच गए। उनके इस अचानक दौरे ने वहां मौजूद लोगों को चौंका दिया और माहौल उत्साह से भर गया। मुख्यमंत्री ने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात को सुना और आम लोगों के साथ बैठकर संवाद भी किया।

    सीएम का यह अंदाज काफी अलग और सहज था जहां उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के युवाओं और आम नागरिकों से बातचीत की। उन्होंने लोगों के साथ बैठकर स्वल्पाहार किया और विभिन्न मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार तीसरे साल यह अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के जरिए पुराने जल स्रोतों जैसे कुएं और बावड़ियों को नया जीवन मिल रहा है और मध्यप्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री ने किसानों के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी और कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह किसान हितैषी है। उन्होंने बताया कि सरकार गेहूं के साथ साथ चना और मसूर की भी खरीद कर रही है जिससे किसानों को बेहतर लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया।

    इस दौरान सीएम मोहन यादव ने विपक्ष विशेषकर कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बहनों के साथ जो अन्याय हुआ है उसे देश कभी नहीं भूलेगा और कांग्रेस को इसके लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकारों के प्रति सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया।

    सीएम ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय ऐतिहासिक है लेकिन विपक्षी दलों के रवैये के कारण यह पूरी तरह लागू नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की शिक्षा सुरक्षा और रोजगार के लिए लगातार प्रयास कर रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।

    इस पूरे कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का सहज और जनसरोकारों से जुड़ा रूप देखने को मिला जहां उन्होंने सीधे जनता के बीच जाकर संवाद स्थापित किया। लोगों ने भी उनके इस अंदाज की सराहना की और खुलकर अपने विचार साझा किए।

    कुल मिलाकर यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि आम लोगों से जुड़ने और उनके बीच भरोसा मजबूत करने की एक पहल के रूप में देखा जा रहा है जिसमें मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं के साथ साथ राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी स्पष्ट राय रखी।

  • मामूली झगड़ा बना खौफनाक वारदात चितरंगी में बिजली विवाद पर हत्या आरोपी गिरफ्तार

    मामूली झगड़ा बना खौफनाक वारदात चितरंगी में बिजली विवाद पर हत्या आरोपी गिरफ्तार


    सिंगरौली । मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के चितरंगी क्षेत्र से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है जहां एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और एक व्यक्ति की जान चली गई। पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जिससे इलाके में कानून व्यवस्था को लेकर भरोसा भी मजबूत हुआ है।

    घटना चितरंगी थाना क्षेत्र के ग्राम सूदा की है जहां 24 अप्रैल को भुनेश्वर उर्फ छंदू कोल का शव संदिग्ध हालत में मिला था। जैसे ही इसकी सूचना पुलिस को मिली तत्काल टीम मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ जिसके बाद पुलिस ने हर एंगल से जांच को आगे बढ़ाया।

    जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण जानकारी मिली और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मुन्नालाल पनिका को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने जो खुलासा किया वह चौंकाने वाला था। उसने बताया कि मृतक बार बार उसका बिजली कनेक्शन काट देता था जिससे वह बेहद परेशान और नाराज था।

    आरोपी के मुताबिक 23 अप्रैल की रात दोनों के बीच इसी बात को लेकर विवाद हुआ जो धीरे धीरे हिंसक झगड़े में बदल गया। गुस्से में आकर उसने लाठी उठाई और भुनेश्वर उर्फ छंदू कोल पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था।

    पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम गठित की और लगातार दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई लाठी भी बरामद कर ली है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

    इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक मामूली बिजली कनेक्शन को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि उसने एक व्यक्ति की जान ले ली। यह घटना समाज में बढ़ती असहिष्णुता और गुस्से के खतरनाक परिणामों की ओर इशारा करती है।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है क्योंकि इतने कम समय में मामले को सुलझाना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। वहीं प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद को आपसी बातचीत से सुलझाने की कोशिश करें और कानून को अपने हाथ में न लें। यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि छोटी छोटी बातों पर बढ़ता गुस्सा किस तरह बड़े अपराध में बदल सकता है और एक पल का आवेश किसी की जिंदगी खत्म कर सकता है।

  • इलाज या लापरवाही ,खजुराहो क्लिनिक में इंजेक्शन के बाद बच्चे की मौत, पर उठा सवाल

    इलाज या लापरवाही ,खजुराहो क्लिनिक में इंजेक्शन के बाद बच्चे की मौत, पर उठा सवाल


    खजुराहो । मध्य प्रदेश के खजुराहो से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है जिसने निजी क्लिनिक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मामूली चोट के इलाज के लिए पहुंचे 14 वर्षीय बच्चे की अचानक मौत हो जाने से इलाके में हड़कंप मच गया है। परिजनों का आरोप है कि क्लिनिक में लगाए गए इंजेक्शन के कारण ही बच्चे की जान गई है।

    जानकारी के अनुसार जटकरा गांव का रहने वाला यह बच्चा साइकिल चलाते समय गिर गया था जिससे उसे हल्की चोट आई थी। परिवार वाले उसे इलाज के लिए सेवाग्राम स्थित एक निजी क्लिनिक ले गए जहां सामान्य प्राथमिक उपचार किया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि स्थिति ज्यादा गंभीर नहीं थी और बच्चा सामान्य रूप से बात कर रहा था।

    आरोप है कि इलाज के दौरान क्लिनिक संचालक ने बच्चे को एक इंजेक्शन लगाया जिसके तुरंत बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ने लगी। बच्चे के दादा राजू पटेल के मुताबिक इंजेक्शन लगते ही उसे बेचैनी महसूस होने लगी और कुछ ही मिनटों में उसकी तबीयत इतनी खराब हो गई कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और परिजन इसे सीधे तौर पर मेडिकल लापरवाही बता रहे हैं।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए राजनगर स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।

    इस घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच गुस्सा और डर दोनों देखने को मिल रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं या नहीं। अगर परिजनों के आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर लापरवाही का उदाहरण बन सकता है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और क्लिनिक से जुड़े दस्तावेजों और इलाज की प्रक्रिया की भी पड़ताल की जा रही है। वहीं परिवार न्याय की मांग कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उम्मीद कर रहा है।

    यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि मामूली दिखने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में भी सही और सुरक्षित इलाज कितना जरूरी है। एक छोटी सी लापरवाही किसी परिवार के लिए जीवन भर का दर्द बन सकती है।

  • शिवपुरी: माधव टाइगर रिजर्व में बाघिन का हमला, नहाने गए ग्रामीण की मौत, गांव में दहशत

    शिवपुरी: माधव टाइगर रिजर्व में बाघिन का हमला, नहाने गए ग्रामीण की मौत, गांव में दहशत

    शिवपुरी। मध्य प्रदेश के माधव टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती मौजूदगी अब स्थानीय ग्रामीणों के लिए खतरा बनती जा रही है। यहां दिसंबर 2025 में लाई गई मादा बाघिन MT-6 पर एरावन गांव के 50 वर्षीय ग्रामीण की मौत का आरोप है। मृतक सिंध नदी के किनारे नहाने गया था जहां उसका शव टुकड़ों में मिला और उसके कपड़े किनारे पड़े पाए गए।

    घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल फैल गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार को सतनवाड़ा नरवर मार्ग पर करीब 5 घंटे तक चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन को मौके पर पहुंचना पड़ा जहां पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह भी पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की।

    जानकारी के अनुसार घटना वाले दिन बाघिन MT-6 की लोकेशन भी उसी क्षेत्र में पाई गई थी जहां शव मिला था। पार्क प्रबंधन के अनुसार उसके कॉलर आईडी से उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि हमले की वास्तविक स्थिति क्या थी।

    एरावन गांव माधव टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में स्थित है जहां जंगल से घिरे होने के कारण वन्यजीवों की आवाजाही सामान्य मानी जाती है। लेकिन अब ग्रामीणों का कहना है कि बाघिन की लगातार मौजूदगी से उनकी जान को खतरा बढ़ गया है क्योंकि लोग अभी भी नदी और जंगल क्षेत्र में बेधड़क जाते हैं।

    ग्रामीणों ने मांग की है कि या तो बाघिन MT-6 को यहां से स्थानांतरित किया जाए या फिर गांव को सुरक्षित स्थान पर बसाया जाए। उनका कहना है कि यदि बाघिन के व्यवहार को आदमखोर माना जाता है तो उसे आबादी के पास नहीं रखा जा सकता।

    वहीं वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया लेकिन ग्रामीणों को ठोस सुरक्षा आश्वासन नहीं दिया जा सका। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट होने की बात कही है।

    विधायक कैलाश कुशवाह ने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और वन विभाग को इस मामले में तुरंत ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने मृतक के परिजनों को जल्द मुआवजा देने की भी मांग की है। फिलहाल एरावन और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग वन विभाग की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

  • एमपी में तेज गर्मी का दौर जारी, आज 22 जिलों में लू की चेतावनी, कई जिलों में स्कूल बंद

    एमपी में तेज गर्मी का दौर जारी, आज 22 जिलों में लू की चेतावनी, कई जिलों में स्कूल बंद


    भोपाल। मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा चढ़ा हुआ है, वहीं मालवा-निमाड़ क्षेत्र (इंदौर-उज्जैन) के साथ भोपाल और नर्मदापुरम में भी तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है। शनिवार को प्रदेश के 6 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया।

    प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान खजुराहो में 44.6 डिग्री रहा। रविवार को ग्वालियर सहित 22 जिलों में हीट वेव (लू) का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, मौसम में बदलाव के संकेत भी हैं। 27 अप्रैल से अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    जिन जिलों में रविवार को लू की चेतावनी दी गई है, उनमें ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रायसेन, नर्मदापुरम, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, धार और अलीराजपुर शामिल हैं। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी तापमान 41 डिग्री के पार बना रहने का अनुमान है।

    तेज गर्मी को देखते हुए इंदौर जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों और कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों में 27 से 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित होंगी। ग्वालियर और उज्जैन में भी 8वीं तक के छात्रों के लिए छुट्टियां घोषित की गई हैं, जबकि भोपाल के कुछ स्कूलों ने भी अवकाश का निर्णय लिया है।

    शनिवार को गर्मी ने अपने तेवर और तीखे कर लिए। छतरपुर जिले का खजुराहो सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 44.6 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा रतलाम में 44.5 डिग्री, दतिया और धार में 44.1 डिग्री, नौगांव और श्योपुर में 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। टीकमगढ़ और मंडला में 43.8 डिग्री, दमोह में 43.6 डिग्री, उमरिया में 43.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 43.4 डिग्री और गुना-सतना में 43.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अन्य शहरों में भी पारा 43 डिग्री के आसपास रहा। ग्वालियर और उज्जैन में 43 डिग्री, भोपाल में 42.4 डिग्री, इंदौर में 42.2 डिग्री और जबलपुर में 42.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    इस बीच, तेज गर्मी के बीच मंदसौर में बारिश भी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं और एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जिसके चलते कुछ क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखा गया।

    मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अप्रैल के अंतिम दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 28 और 29 अप्रैल को ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और सागर संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से देखने को मिल सकता है।

  • MP: सिंधिया का बड़ा ऐलान…. शिवपुरी के कोलारस में बनेगा 2500 करोड़ का डिफेंस प्लांट

    MP: सिंधिया का बड़ा ऐलान…. शिवपुरी के कोलारस में बनेगा 2500 करोड़ का डिफेंस प्लांट


    शिवपुरी।
    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने कोलारस (Kollars) में 2,500 करोड़ के डिफेंस प्लांट (Defense Plant) की घोषणा की, जिससे 2,000 रोजगार मिलेंगे। साथ ही 19.68 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू कर क्षेत्रीय विकास, कनेक्टिविटी और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा।

    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को मध्य प्रदेश के शिवपुरी के कोलारस नगर के लिए बड़े औद्योगिक विकास की घोषणा की। उन्होंने 2,500 करोड़ रुपये के रक्षा निर्माण संयंत्र (डिफेंस प्लांट) की स्थापना के साथ-साथ क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शुभारंभ किया। शिवपुरी-कोलारस दौरे के पहले दिन एक जनसभा को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि प्रस्तावित रक्षा संयंत्र अगले दो महीनों के भीतर स्थापित किया जाएगा।

    सिंधिया ने कहा कि कोलारस को 2,500 करोड़ रुपये का रक्षा प्लांट मिलेगा, जो क्षेत्र के औद्योगिक परिदृश्य को बदल देगा और लगभग दो दशकों से लंबित मांग को पूरा करेगा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह संयंत्र कोलारस से लगभग 15 किलोमीटर दूर कोटा हाईवे और मुंबई-ग्वालियर हाईवे के जंक्शन पर स्थापित किया जाएगा, जिसे उन्होंने कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स के लिहाज से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान बताया।

    2,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे
    उन्होंने कहा कि इस परियोजना से लगभग 2,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा। परियोजना के व्यापक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए सिंधिया ने कहा कि कोलारस, जो अब तक मुख्य रूप से कृषि, खासकर टमाटर उत्पादन के लिए जाना जाता था, अब देश के रक्षा निर्माण क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।

    उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा
    उन्होंने कहा कि कोलारस लंबे समय से अपनी कृषि क्षमता के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन अब यह देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में भी योगदान देगा। यहां निर्मित उपकरण हमारी सीमाओं की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस निवेश से सहायक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय व्यापारियों और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। यह परियोजना गुणक प्रभाव (मल्टीप्लायर इफेक्ट) पैदा करेगी, जिससे आगे औद्योगिक विकास और आर्थिक विस्तार को बढ़ावा मिलेगा।

    कनेक्टिविटी में सुधार और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा
    औद्योगिक घोषणा के अलावा, केंद्रीय मंत्री ने कोलारस में 19.68 करोड़ रुपये की विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। पीएम-जनमन योजना के तहत उन्होंने छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावासों का भूमिपूजन किया और जनपद पंचायत भवन का शिलान्यास किया। सिंधिया ने एक नए बस स्टैंड और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन भी किया, जिसका उद्देश्य कनेक्टिविटी में सुधार और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, उन्होंने एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की आधारशिला भी रखी, जिससे क्षेत्र में स्वच्छता और शहरी ढांचे को मजबूती मिलेगी। संतुलित विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए सिंधिया ने कहा कि प्रयास किए जा रहे हैं ताकि क्षेत्र के हर हिस्से तक बुनियादी ढांचा, रोजगार और आवश्यक सेवाएं पहुंच सकें।

  • रौंसरा रेलवे फाटक ओवरब्रिज निर्माण में देरी से जनता परेशान लंबा जाम और दुर्घटना का खतरा बढ़ा

    रौंसरा रेलवे फाटक ओवरब्रिज निर्माण में देरी से जनता परेशान लंबा जाम और दुर्घटना का खतरा बढ़ा


    नरसिंहपुर । मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में रौंसरा रेलवे फाटक पर बन रहे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य धीमी गति के कारण लंबे समय से अधूरा पड़ा है जिससे पूरे शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। यह महत्वपूर्ण निर्माण परियोजना समय पर पूरी नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को रोजाना जाम और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

    रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण इस उद्देश्य से किया जा रहा था कि शहर के भीतर ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म हो सके लेकिन वर्तमान स्थिति इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। फाटक बंद होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और यात्रियों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता है।

    स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि निर्माण स्थल से उड़ती धूल और अव्यवस्थित कार्य के कारण उनका व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है और दुकानों की सफाई में ही पूरा दिन निकल जाता है।

    बारिश के मौसम को देखते हुए स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है क्योंकि क्षेत्र में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। यदि समय पर निर्माण पूरा नहीं हुआ तो जलभराव और कीचड़ की समस्या और बढ़ सकती है जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें दोगुनी हो जाएंगी।

    वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उन्हें निर्माणाधीन क्षेत्र से होकर गुजरना पड़ता है। यहां से गुजरते समय क्रॉस ट्रैफिक और संकरी सड़क के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। आसपास के क्षेत्रों जैसे करेली, छिंदवाड़ा, सिवनी, जबलपुर और गोटेगांव से आने वाले वाहन भी इसी मार्ग से शहर में प्रवेश करते हैं जिससे दबाव और बढ़ जाता है।

    रात के समय स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है क्योंकि निर्माण स्थल पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से अंधेरा छा जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे असामाजिक तत्वों की गतिविधियों का डर भी बढ़ जाता है और खासकर दोपहिया वाहन चालकों में असुरक्षा का माहौल रहता है।

    सूत्रों के अनुसार निर्माण कार्य बीच में श्रमिकों की कमी के कारण रुक गया था और बाद में शुरू तो हुआ लेकिन गति अभी भी धीमी है। अधिकारी भी कार्य पूरा होने की निश्चित समय सीमा बताने में असमर्थ हैं जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

    स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों की मांग है कि इस ओवरब्रिज निर्माण कार्य को तेजी से पूरा किया जाए ताकि यातायात व्यवस्था सामान्य हो सके और आगामी बारिश में होने वाली संभावित समस्याओं से राहत मिल सके।