Category: Madhya Pradesh

  • एमपी में गर्मी का कहर, सबसे ज्‍यादा तप रहे खजुराहो-नौगांव, आज कई जिलों में लू की चेतावनी

    एमपी में गर्मी का कहर, सबसे ज्‍यादा तप रहे खजुराहो-नौगांव, आज कई जिलों में लू की चेतावनी

    भोपाल। मध्यप्रदेश में इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है। सुबह होते ही सूरज की तपिश तेज हो जाती है और दोपहर तक हालात और भी ज्यादा गर्म हो जाते हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने शनिवार को ग्वालियर और उज्जैन सहित 20 से अधिक जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है।

    हीट वेव का अलर्ट

    जिन जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, धार और अलीराजपुर शामिल हैं। प्रदेश के अन्य जिलों में भी गर्मी का असर बना रहेगा और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर ही रहने की संभावना है। फिलहाल छतरपुर जिला सबसे ज्यादा गर्म बना हुआ है, जहां खजुराहो और नौगांव में तापमान सबसे ऊंचा दर्ज किया जा रहा है।

    खजुराहो सबसे गर्म

    शुक्रवार को खजुराहो प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां पारा करीब 44 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, खजुराहो में 43.9 डिग्री, नौगांव में 43.5 डिग्री और रतलाम में 43.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा सतना और टीकमगढ़ में 42.8 डिग्री, दमोह में 42.6 डिग्री, मंडला और रीवा में 42.5 डिग्री, जबकि धार, सीधी और रायसेन में 42.4 डिग्री तापमान रहा। दतिया और नर्मदापुरम में 42.3 डिग्री तथा श्योपुर और शाजापुर में 42.2 डिग्री दर्ज किया गया। मलाजखंड, उमरिया और खरगोन में तापमान 32 डिग्री के आसपास रहा।

    बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री पहुंच गया। भोपाल में 41.6 डिग्री, इंदौर में 41.2 डिग्री, जबलपुर में 42 डिग्री और उज्जैन में 41.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, महीने के अंत में मौसम कुछ राहत दे सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक 27 और 28 अप्रैल को ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और सागर संभाग के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हो सकता है।

  • दमोह में गौशालाओं की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए 25 अप्रैल को अहम बैठक

    दमोह में गौशालाओं की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए 25 अप्रैल को अहम बैठक


    दमोह, 24 अप्रैल:
    जिले में संचालित गौशालाओं की व्यवस्था को बेहतर और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में विभिन्न गौशालाओं के निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर व्यवस्थाओं में खामियां सामने आईं, जिन्हें सुधारने के लिए अब ठोस रणनीति तैयार की जा रही है।

    इसी क्रम में कलेक्टर ने 25 अप्रैल को गौशाला संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस बैठक में गौशालाओं के संचालन, उपलब्ध संसाधनों, साफ-सफाई, पशुओं के स्वास्थ्य, चारे-पानी की व्यवस्था और गौवंश की समुचित देखभाल जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

    निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कई गौशालाओं में मूलभूत सुविधाओं की कमी है, जिससे गौवंश के रखरखाव पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। प्रशासन अब इन कमियों को दूर करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने जा रहा है, ताकि हर गौशाला में बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

    कलेक्टर श्री यादव ने आमजन से भी इस पहल में सहभागिता की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही गौशालाओं की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। नागरिक अपने सुझाव देकर इस अभियान को मजबूत बना सकते हैं।

    प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि जिले की सभी गौशालाओं में गौ माताओं को बेहतर सुविधा, पर्याप्त पोषण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनकी देखभाल उच्च स्तर पर सुनिश्चित हो सके।

  • दमोह में बिजली बकायेदारों पर सख्ती, विभाग ने शुरू की कुर्की और जब्ती की कार्रवाई

    दमोह में बिजली बकायेदारों पर सख्ती, विभाग ने शुरू की कुर्की और जब्ती की कार्रवाई


    दमोह । दमोह शहर में बिजली बिल बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग के अनुसार शहर में लगभग 7 हजार उपभोक्ताओं पर करीब 4 करोड़ 68 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है, जिसे वसूलने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
    बिजली विभाग द्वारा कनेक्शन काटने की कार्रवाई के बावजूद कई उपभोक्ता अवैध रूप से बिजली का उपयोग करते पाए गए हैं। ऐसे मामलों में विभाग ने सख्ती दिखाते हुए चार नामजद आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कर जांच के लिए मामला सौंपा है। ये आरोपी अवैध रूप से लाइन से छेड़छाड़ कर बिजली का उपयोग कर रहे थे।
    विभाग ने बकाया राशि जमा न करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 146 एवं 147 के तहत आरआरसी नोटिस जारी कर कुर्की की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।इसी क्रम में अधीक्षण अभियंता के निर्देशन में 24 अप्रैल को विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान फीडर नंबर 24 में कार्रवाई करते हुए शिवशक्ति मंदिर के पास रहने वाली माया/देवेंद्र जाटव, जिन पर 64 हजार रुपये बकाया था, तथा मल्लपुरा नया बाजार क्षेत्र के निवासी दयाशंकर/डल्लू प्रसाद अहिरवार, जिन पर 42,178 रुपये बकाया था, के दो वाहनों को जब्त किया गया।
    अधीक्षण अभियंता ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और बकाया भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं की संपत्ति कुर्क कर नीलामी तक की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि सहायक अभियंताओं को तहसीलदार की शक्तियां प्रदान की गई हैं, जिससे राजस्व वसूली की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
    अपील:
    बिजली विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने लंबित बिजली बिलों का शीघ्र भुगतान करें, अन्यथा उन्हें सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

  • इंदौर में जल संकट गहराया, कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, नगर निगम पर लापरवाही के आरोप

    इंदौर में जल संकट गहराया, कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, नगर निगम पर लापरवाही के आरोप

    इंदौर । मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में बढ़ते जल संकट को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। गुरुवार को कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर नगर निगम के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और “हल्ला बोल, पोल खोल” अभियान के तहत मटका फोड़ कर अपनी नाराजगी जताई। यह प्रदर्शन मोती तबेला चौराहा और छत्रीबाग क्षेत्र में किया गया, जहां कार्यकर्ताओं ने खाली मटके फोड़कर नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

    इस प्रदर्शन का नेतृत्व शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव और मध्यप्रदेश राजीव विकास केंद्र के प्रदेश प्रवक्ता मुकेश शाह ने किया। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि शहर में पानी की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

    कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नगर निगम आम जनता से पूरे महीने का पानी का बिल वसूल रहा है, जबकि सप्लाई केवल 15 दिन ही सही तरीके से हो रही है। कई इलाकों में नर्मदा पाइपलाइन अभी तक नहीं पहुंची है, जिसके कारण लोगों को पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

    प्रदर्शन के दौरान यह भी आरोप लगाया गया कि भगीरथपुरा, सुदामा नगर, मूसाखेड़ी, बाणगंगा और चंदन नगर जैसे क्षेत्रों में ड्रेनेज लीकेज की वजह से गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ गया है।

    कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम के टैंकरों का उपयोग आम जनता की बजाय होटलों और निर्माण कार्यों में किया जा रहा है, जबकि कई मोहल्लों में लोग पानी के लिए परेशान हैं। इससे शहर में असमान वितरण व्यवस्था का आरोप भी लगाया गया।

    प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि नई पाइपलाइन से जुड़े कई कार्य और फाइलें लंबित पड़ी हैं, जिससे कई वार्डों में जल संकट और गहरा गया है। शहर के कई हिस्सों में नर्मदा का पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा, जिससे स्थिति और खराब होती जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गंदे पानी की सप्लाई और टैंकरों की कमी जैसी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो नगर निगम का उग्र घेराव किया जाएगा।

    इस प्रदर्शन ने शहर में जल संकट को लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। अब देखना यह होगा कि नगर निगम इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और पानी की समस्या को लेकर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

  • भोपाल में कंपनी के नियम पर हंगामा, धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध से विवाद गहराया, FIR की मांग

    भोपाल में कंपनी के नियम पर हंगामा, धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध से विवाद गहराया, FIR की मांग


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक निजी कंपनी द्वारा कर्मचारियों के धार्मिक प्रतीकों पर कथित प्रतिबंध लगाने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एमपी नगर स्थित परमाली वालेस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को लेकर हिंदू उत्सव समिति ने विरोध जताते हुए प्रशासन से FIR दर्ज करने की मांग की है।

    मामला तब सामने आया जब आरोप लगाया गया कि कंपनी ने एक नोटिस जारी कर कर्मचारियों को तिलक, अंगूठी, कड़ा, बाली, मंगलसूत्र और बिंदी जैसे धार्मिक प्रतीक पहनकर आने से मना किया है। इस निर्णय को लेकर कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है।

    हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चन्द्रशेखर तिवारी ने इस आदेश को धार्मिक आस्था और परंपराओं पर सीधा आघात बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह का प्रतिबंध किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा और यह कर्मचारियों की धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ है। समिति ने इस मामले में कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।

    इसके साथ ही संगठन ने कंपनी के उत्पादों के बहिष्कार की भी अपील की है, जिससे विवाद और अधिक बढ़ गया है। स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है और कई लोग इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं।

    वहीं दूसरी ओर कंपनी प्रबंधन का कहना है कि यह सर्कुलर उत्पादन प्रक्रिया और गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़ा हुआ है। उनका तर्क है कि कर्मचारियों द्वारा पहने जाने वाले आभूषण या धातु सामग्री के कारण प्रोडक्ट रिजेक्ट होने की संभावना रहती है, जिससे उत्पादन प्रभावित होता है।

    परमाली वालेस प्राइवेट लिमिटेड एक पुरानी कंपनी है जो लकड़ी और रेशे आधारित सांचों के निर्माण के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी की स्थापना वर्ष 1961 में हुई थी और यह एक गैर-सूचीबद्ध निजी इकाई के रूप में कार्यरत है।

    इस पूरे विवाद ने अब प्रशासन और सामाजिक संगठनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। जहां एक तरफ इसे औद्योगिक नियमों से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर विरोध किया जा रहा है।

    फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मामले की जांच की संभावना जताई जा रही है। यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं।

  • खरगोन में हनुमान मंदिर में तोड़फोड़ से बवाल, आरोपी गिरफ्तार, गांव में पुलिस बल तैनात

    खरगोन में हनुमान मंदिर में तोड़फोड़ से बवाल, आरोपी गिरफ्तार, गांव में पुलिस बल तैनात

    खरगोन । मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के झिरन्या क्षेत्र में हनुमान मंदिर में तोड़फोड़ और मूर्ति खंडित करने की घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया, जिससे स्थिति संवेदनशील हो गई।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ जारी है ताकि घटना के पीछे के कारणों और संभावित साजिश का पता लगाया जा सके।

    घटना के बाद से ही गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए पुलिस बल को मौके पर तैनात कर दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर पहचान कर आरोपी को तेजी से पकड़ा गया ताकि स्थिति और अधिक न बिगड़े। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    एसपी ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस गश्त भी बढ़ा दी गई है। साथ ही सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भी नजर रखी जा रही है ताकि माहौल खराब न हो।

    इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए और अधिक सतर्कता की आवश्यकता है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

  • ट्रक हादसे के बाद लूट का नजारा, विदिशा में घायल की जगह बोतलें उठाने में लगे लोग

    ट्रक हादसे के बाद लूट का नजारा, विदिशा में घायल की जगह बोतलें उठाने में लगे लोग


    विदिशा । मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसे के दौरान मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई। भोपाल-सागर बाईपास पर गिरधर कॉलोनी के पास एक कोल्ड ड्रिंक से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में जहां चालक घायल हो गया, वहीं मौके पर मौजूद लोगों का व्यवहार बेहद संवेदनहीन दिखाई दिया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही ट्रक पलटा, उसमें लदी कोल्ड ड्रिंक (माजा) की बोतलें सड़क पर बिखर गईं। इस दौरान मदद करने के बजाय वहां मौजूद लोग घायल चालक की सहायता करने के बजाय लूटपाट में जुट गए। देखते ही देखते सड़क पर बोतलें उठाने की होड़ मच गई और लोग उन्हें अपनी गाड़ियों में भरकर तेजी से भागने लगे।

    यह दृश्य इतना अव्यवस्थित था कि कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में अफरा-तफरी फैल गई। कई लोग बोतलें उठाकर बाइक और अन्य वाहनों पर रखकर मौके से निकलते दिखाई दिए। इस दौरान घायल चालक सड़क किनारे मदद की प्रतीक्षा करता रहा, लेकिन शुरुआती समय में किसी ने उसकी मदद नहीं की।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने भीड़ को खदेड़कर लूटपाट रोकने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी मात्रा में कोल्ड ड्रिंक की बोतलें लूटी जा चुकी थीं।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के बाद प्राथमिकता घायल व्यक्ति को बचाने की होती है, लेकिन इस मामले में लोगों का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा। घायल चालक को बाद में उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

    यह घटना न केवल सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बढ़ती संवेदनहीनता को भी उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में लोगों को तुरंत मानवता दिखाते हुए घायल की मदद करनी चाहिए, न कि किसी प्रकार की संपत्ति या सामान की लूट में शामिल होना चाहिए।

    स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच की बात कही है और लोगों से अपील की है कि किसी भी सड़क दुर्घटना के समय पहले पीड़ितों की मदद करें और कानून का पालन करें।
    विदिशा की यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि आपात स्थिति में भी यदि समाज का बड़ा हिस्सा मदद के बजाय लूट में लग जाए, तो मानवता की वास्तविक स्थिति क्या रह जाती है।

  • बैतूल प्रशासन का बड़ा एक्शन, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हटेगा अवैध अतिक्रमण

    बैतूल प्रशासन का बड़ा एक्शन, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हटेगा अवैध अतिक्रमण

    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में बढ़ते अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है। यह अभियान केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि गांव-गांव तक अवैध कब्जों के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम आमजन को हो रही परेशानियों को देखते हुए उठाया गया है।

    इस संबंध में एसडीएम डॉ. अभिजीत सिंह ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए राजस्व विभाग, नगर पालिका, जनपद पंचायत और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों का गठन किया है। इन टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में अतिक्रमण की पहचान कर उसे हटाने की जिम्मेदारी दी गई है।

    अधिकारियों के अनुसार जिले में बाजारों, बस्तियों और ग्रामीण सड़कों पर तेजी से अतिक्रमण बढ़ा है, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है। कई जगहों पर स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि एंबुलेंस, पुलिस वाहन और दमकल जैसी आपात सेवाओं को भी पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले समय में यह और गंभीर रूप ले सकती है। इसी को देखते हुए अब नियमित अभियान चलाकर अवैध कब्जों को हटाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।

    एसडीएम डॉ. अभिजीत सिंह ने कहा कि अतिक्रमण केवल कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं है बल्कि यह आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ मामला है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।

    इस अभियान के तहत पहले चरण में प्रमुख बाजार क्षेत्रों और मुख्य सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने पर ध्यान दिया जाएगा। इसके बाद धीरे-धीरे ग्रामीण क्षेत्रों में भी अभियान को विस्तार दिया जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे स्वयं आगे आकर अवैध कब्जे हटाएं और सरकारी जमीन या सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण न करें।

    इस सख्त कार्रवाई से जहां एक ओर आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से अतिक्रमण कर बैठे लोगों में हड़कंप की स्थिति बन गई है। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि जिले में व्यवस्था और आवागमन को सुचारु बनाया जा सके।

  • भिण्ड में अवैध हथियार लाइसेंस गिरोह पकड़ा गया, सरकारी सिस्टम में सेंध का खुलासा

    भिण्ड में अवैध हथियार लाइसेंस गिरोह पकड़ा गया, सरकारी सिस्टम में सेंध का खुलासा


    भिण्ड । मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में पुलिस ने एक बड़े और संगठित फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि जांच में कलेक्ट्रेट कार्यालय के दो कर्मचारियों की संलिप्तता भी सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह गिरोह लंबे समय से अवैध रूप से आर्म्स लाइसेंस तैयार कर लोगों को उपलब्ध करा रहा था। इसके बदले में आरोपियों द्वारा मोटी रकम वसूली जाती थी। जानकारी के अनुसार एक फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार करने के लिए करीब तीन लाख रुपए तक लिए जाते थे। इस तरह यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था और दस्तावेजों की प्रक्रिया में भी गड़बड़ी की जा रही थी।

    लहार क्षेत्र से सुनील शर्मा और उसके बेटे प्रांशु शर्मा की गिरफ्तारी इस मामले में अहम मानी जा रही है। पुलिस के अनुसार सुनील शर्मा के खिलाफ पहले से ही सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद उसने अपने प्रभाव और नेटवर्क का उपयोग करते हुए अपने बेटे के नाम पर भी फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवा लिया था।

    जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस पूरे रैकेट में केवल बाहरी लोग ही नहीं बल्कि सरकारी सिस्टम के भीतर से भी सहयोग मिल रहा था। कलेक्ट्रेट में कार्यरत दो कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिनसे पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि इनकी मदद से ही दस्तावेजों को आगे बढ़ाया जाता था और लाइसेंस जारी कराए जाते थे।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है। इसी संभावना को देखते हुए अब पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। डिजिटल रिकॉर्ड, आवेदन फाइलें और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितने फर्जी लाइसेंस जारी किए गए हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस रैकेट के जरिए कई ऐसे लोगों तक भी हथियार पहुंचे हैं जिनका आपराधिक रिकॉर्ड हो सकता है। इस कारण यह मामला सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद गंभीर माना जा रहा है।

    फिलहाल पुलिस ने सभी 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही कलेक्ट्रेट कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच तेज कर दी गई है। इस पूरे मामले ने सरकारी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी दोबारा न हो।

  • नागपुर रेलवे स्टेशन पर भटका मासूम बालक, रेलवे स्टाफ की तत्परता से चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपा गया

    नागपुर रेलवे स्टेशन पर भटका मासूम बालक, रेलवे स्टाफ की तत्परता से चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपा गया


    नागपुर । नागपुर रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को एक संवेदनशील मामला सामने आया जब प्लेटफॉर्म पर एक आठ वर्षीय बालक संदिग्ध अवस्था में अकेला घूमता हुआ पाया गया। रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता और तत्परता के चलते बच्चे को समय रहते सुरक्षित कर लिया गया और चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपुर्द कर दिया गया।

    रेलवे सूत्रों के अनुसार यह बालक विदिशा का रहने वाला कुशल बताया जा रहा है जो नई दिल्ली से चेन्नई जा रही जीटी एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 12616 से नागपुर स्टेशन पर पहुंचा था। ट्रेन के प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर रुकने के दौरान बच्चा अकेला उतरकर इधर उधर घूमता हुआ दिखाई दिया जिससे स्टेशन पर मौजूद कर्मचारियों को उस पर शक हुआ।

    इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात हेड टिकट परीक्षक विवेक व्यवहारे की नजर बच्चे पर पड़ी। उन्होंने तुरंत स्थिति को समझते हुए बच्चे से पूछताछ की और उसके अकेले होने की पुष्टि होने पर तत्काल रेलवे सुरक्षा बल और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी।

    रेलवे स्टाफ ने बिना देरी किए बच्चे को अपने संरक्षण में लिया और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की। इसके बाद चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना दी गई जिसके बाद बालक को उनके सुपुर्द कर दिया गया। फिलहाल बच्चे से प्रारंभिक पूछताछ की जा रही है और उसके परिजनों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।

    इस घटना ने एक बार फिर रेलवे स्टेशनों पर बच्चों की सुरक्षा और निगरानी की जरूरत को उजागर किया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ बच्चों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा भी उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस तरह की घटनाओं में त्वरित कार्रवाई की जाती है।

    रेलवे प्रशासन और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चा ट्रेन में अकेला कैसे पहुंचा और उसके परिजन कहां हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार संभव है कि यात्रा के दौरान बच्चा अपने परिवार से बिछड़ गया हो।

    फिलहाल बालक सुरक्षित है और उसे उचित देखभाल में रखा गया है। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान बच्चों पर विशेष ध्यान रखें ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि रेलवे स्टाफ की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से किसी भी बड़ी अनहोनी को रोका जा सकता है और समय रहते मानवता की मिसाल पेश की जा सकती है।