Category: Madhya Pradesh

  • बगलामुखी जयंती 2026: मां बगलामुखी की पूजा से मिलती है शत्रुओं पर विजय और संकटों से मुक्ति

    बगलामुखी जयंती 2026: मां बगलामुखी की पूजा से मिलती है शत्रुओं पर विजय और संकटों से मुक्ति


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में शक्ति उपासना का विशेष महत्व माना जाता है और इन्हीं शक्तियों में दस महाविद्याओं में से एक मां बगलामुखी की जयंती को अत्यंत पवित्र अवसर के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व आज श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन विधि विधान से मां बगलामुखी की पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और साधक को विशेष सिद्धि और सफलता प्राप्त होती है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हर वर्ष वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मां बगलामुखी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। देवी बगलामुखी को स्तंभन शक्ति की देवी कहा जाता है जो शत्रुओं की शक्ति को रोकने और नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने की क्षमता रखती हैं। कहा जाता है कि सच्चे मन से की गई उनकी पूजा से भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है।

    पौराणिक कथाओं के अनुसार मां बगलामुखी का प्राकट्य एक भयंकर तूफान को शांत करने के लिए हुआ था। देवी ने अपनी दिव्य शक्ति से विनाशकारी शक्तियों को नियंत्रित कर सृष्टि की रक्षा की थी। इसी कारण उन्हें संकट निवारण और सुरक्षा की देवी के रूप में पूजा जाता है।

    इस दिन की पूजा विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदायी मानी जाती है जो कोर्ट कचहरी के मामलों में सफलता चाहते हैं या जिनके जीवन में शत्रु बाधाएं या मानसिक तनाव अधिक है। माना जाता है कि मां बगलामुखी की आराधना से वाणी पर नियंत्रण प्राप्त होता है और विरोधी शांत हो जाते हैं।

    पूजा के शुभ मुहूर्त की बात करें तो सुबह 7 बजकर 24 मिनट से 9 बजकर 2 मिनट तक चौघड़िया मुहूर्त शुभ माना गया है। इसके बाद 9 बजकर 3 मिनट से 10 बजकर 42 मिनट तक अमृत काल रहेगा। दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से 1 बजकर 58 मिनट तक शुभ चौघड़िया मुहूर्त है जबकि शाम 6 बजकर 6 मिनट से 7 बजकर 38 मिनट तक प्रदोष काल पूजा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।

    पूजा विधि के अनुसार इस दिन प्रातः स्नान कर पीले वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है क्योंकि मां बगलामुखी को पीला रंग अत्यंत प्रिय है। पूजा में पीले फूल हल्दी चने की दाल और पीले प्रसाद का विशेष महत्व होता है। देवी की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर दीपक जलाकर पूजा प्रारंभ की जाती है। इसके बाद हल्दी से तिलक कर पीले पुष्प अर्पित किए जाते हैं।

    भक्त श्रद्धा पूर्वक देवी के मंत्रों का जाप करते हैं और अंत में आरती कर प्रसाद वितरित किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन की गई साधना और पूजा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सभी प्रकार के संकट दूर हो जाते हैं। कुल मिलाकर मां बगलामुखी जयंती का यह पावन अवसर भक्तों के लिए शक्ति विश्वास और विजय का प्रतीक माना जाता है जो जीवन में नकारात्मकता को समाप्त कर सफलता और शांति प्रदान करता है।

  • iPhone 18 Pro में 2 बड़े कैमरा अपग्रेड का धमाका, DSLR जैसी फोटो क्वालिटी का दावा

    iPhone 18 Pro में 2 बड़े कैमरा अपग्रेड का धमाका, DSLR जैसी फोटो क्वालिटी का दावा


    नई दिल्ली । Apple अपने अपकमिंग फ्लैगशिप स्मार्टफोन iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max में बड़े कैमरा अपग्रेड की तैयारी कर रही है। सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी इस बार कैमरा क्वालिटी और यूजर एक्सपीरियंस को नई ऊंचाई पर ले जाने की योजना बना रही है।

    वेरिएबल अपर्चर से मिलेगा ज्यादा कंट्रोल
    iPhone 18 Pro मॉडल्स में पहली बार वेरिएबल अपर्चर फीचर देखने को मिल सकता है। इस तकनीक के जरिए यूजर फोटो लेते समय कैमरे में जाने वाली रोशनी को कंट्रोल कर सकेगा। कम रोशनी में कैमरा ज्यादा खुलकर ज्यादा लाइट कैप्चर करेगा, जिससे फोटो ब्राइट और साफ आएगी। वहीं तेज रोशनी में यह खुद को एडजस्ट करेगा, जिससे फोटो ओवरएक्सपोज नहीं होगी। इससे डेप्थ ऑफ फील्ड पर भी बेहतर कंट्रोल मिलेगा।

    नया सेंसर बढ़ाएगा स्पीड और क्वालिटी
    रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी नया 3-लेयर स्टैक्ड इमेज सेंसर टेस्ट कर रही है, जिसे Samsung के साथ मिलकर विकसित किया जा सकता है। यह सेंसर फोटो कैप्चर करने की स्पीड बढ़ाएगा और शटर लैग को कम करेगा। साथ ही, मूविंग ऑब्जेक्ट्स की फोटो लेना आसान होगा और कम रोशनी में भी बेहतर क्वालिटी की तस्वीरें मिलेंगी।

    फोटोग्राफी का अनुभव होगा बेहतर
    इन दोनों अपग्रेड्स के साथ iPhone 18 Pro मॉडल्स में यूजर्स को लगभग DSLR जैसी फोटो क्वालिटी मिलने की उम्मीद है। खासकर फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

    नए रंगों में आएगा iPhone
    रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि iPhone 18 Pro मॉडल्स को लाइट ब्लू, डार्क चेरी और डार्क ग्रे जैसे नए कलर ऑप्शन में लॉन्च किया जा सकता है।

    सितंबर में लॉन्च की संभावना
    हर साल की तरह इस बार भी Apple सितंबर में अपने नए iPhone मॉडल्स लॉन्च कर सकती है। हालांकि, कंपनी की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। iPhone 18 Pro सीरीज में मिलने वाले ये कैमरा अपग्रेड स्मार्टफोन फोटोग्राफी को नया आयाम दे सकते हैं। अगर ये फीचर्स लॉन्च में शामिल होते हैं, तो यह डिवाइस बाजार में बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकता है।

  • नकली घी का जाल उजागर खंडवा में बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई, अनवर कुरैशी हिरासत में

    नकली घी का जाल उजागर खंडवा में बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई, अनवर कुरैशी हिरासत में

    इंदौर । मध्यप्रदेश के खंडवा शहर में मिलावटी खाद्य सामग्री के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है जहां प्रशासन ने नकली घी बनाने वाले एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इमलीपुरा क्षेत्र के बेगम पार्क के पास की गई इस छापामार कार्रवाई में भारी मात्रा में चर्बी युक्त घी और पशुओं के अवशेष बरामद किए गए हैं जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

    लंबे समय से इस क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं जिसके बाद जिला प्रशासन ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। जैसे ही जानकारी की पुष्टि हुई सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। इस टीम में तहसीलदार महेश सोलंकी नगर निगम उपायुक्त सचिन सिटोले और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी भी शामिल थे।

    छापे के दौरान टीम को वहां मौजूद हालात देखकर चौंकाने वाले दृश्य मिले। परिसर में बड़ी मात्रा में बोरियों में भरी जानवरों की खाल और हड्डियां पाई गईं वहीं ड्रमों और कनस्तरों में चर्बी युक्त घी भरा हुआ मिला। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इस सामग्री का उपयोग नकली घी बनाने में किया जा रहा था जिसे बाजार में सप्लाई किया जाता था।

    कार्रवाई के दौरान मौके से संचालक अनवर कुरैशी को हिरासत में लिया गया और उससे पूछताछ की गई। उसने दावा किया कि उसके पास वर्ष 2023 का अपशिष्ट सामग्री रखने का ट्रेड लाइसेंस है लेकिन प्रशासन अब इस दावे की वैधता की जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि केवल लाइसेंस होने का मतलब यह नहीं है कि अवैध गतिविधियों की अनुमति मिल जाती है।

    टीम ने मौके से कुल 9 ड्रम और 69 कनस्तरों में भरा चर्बी युक्त पदार्थ जब्त किया है। इसके साथ ही सभी सैंपल पशु चिकित्सा विभाग द्वारा जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसमें क्या मिलावट की जा रही थी और इसका उपयोग किस स्तर पर हो रहा था।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अवैध कारोबार की शिकायतें कई बार प्रशासन से की गई थीं लेकिन अब जाकर इस पर ठोस कार्रवाई हुई है। लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी थी कि इतने लंबे समय तक यह गतिविधि कैसे चलती रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और यदि इसमें कोई बड़ा नेटवर्क या अन्य लोग शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि नकली और मिलावटी घी का सेवन लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आगे भी इस तरह के अवैध कारोबार पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

  • नर्मदा संरक्षण की अनोखी पहल ,आटे के दीपक से बदल रही महिलाओं की किस्मत

    नर्मदा संरक्षण की अनोखी पहल ,आटे के दीपक से बदल रही महिलाओं की किस्मत


    भोपाल । मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर क्षेत्र में महिलाओं के एक स्वयं सहायता समूह ने पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल की है। इस समूह ने आटे से बने दीपक का व्यवसाय शुरू कर न केवल नर्मदा नदी को प्रदूषण से बचाने का संकल्प लिया बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं। यह पहल आज पूरे क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बन चुकी है।

    ग्राम मोरटक्का निवासी श्रीमती विजया जोशी ने मां नर्मदा आजीविका स्वयं सहायता समूह का गठन कर इस नवाचार की शुरुआत की। उनका उद्देश्य केवल आर्थिक लाभ कमाना नहीं था बल्कि नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्त रखना भी था। उन्होंने देखा कि परंपरागत रूप से प्लास्टिक के दोने और अन्य सामग्री में दीपदान किया जाता है जिससे नदी में प्रदूषण बढ़ता है और जलीय जीवों को नुकसान पहुंचता है। इसी चिंता के चलते उन्होंने एक नया और पर्यावरण अनुकूल विकल्प तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया।

    समूह की महिलाओं ने मिलकर आटे के दीपक बनाने का कार्य शुरू किया। यह दीपक पूरी तरह प्राकृतिक सामग्री से तैयार किए जाते हैं और उपयोग के बाद पानी में घुल जाते हैं जिससे पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता। इस पहल ने न केवल धार्मिक परंपराओं को सुरक्षित रखा है बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

    इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह के माध्यम से लगभग डेढ़ लाख रुपये का ऋण लेकर दीपक निर्माण की मशीन भी खरीदी। इससे उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई और महिलाओं को नियमित रोजगार मिलने लगा। धीरे धीरे यह कार्य उनके लिए स्थायी आय का स्रोत बन गया और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होने लगा।

    सरकार और ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से इन महिलाओं को बाजार भी उपलब्ध कराया गया जिससे उनके उत्पादों की बिक्री बढ़ी और उन्हें नई पहचान मिली। आज यह समूह न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी अपने पर्यावरण अनुकूल दीपकों के लिए जाना जाता है।

    यह पहल इस बात का उदाहरण है कि यदि सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी बड़े बदलाव की वाहक बन सकती हैं। एक ओर जहां यह परियोजना नर्मदा नदी को स्वच्छ रखने में मदद कर रही है वहीं दूसरी ओर यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी अहम भूमिका निभा रही है। ओंकारेश्वर की यह कहानी दर्शाती है कि छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। आटे के दीपक का यह नवाचार आज पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण दोनों के लिए प्रेरणा बन गया है।

  • IPS को धमकी मामले में सियासत गरमाई जीतू पटवारी ने पुलिस की चुप्पी पर साधा निशाना


    भोपाल । भोपाल में बीजेपी विधायक प्रीतम सिंह लोधी द्वारा एक आईपीएस अधिकारी को कथित धमकी दिए जाने के मामले ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है। इस घटना को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मध्यप्रदेश पुलिस की भूमिका और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पुलिस तंत्र को एक खुला पत्र लिखते हुए न केवल मौजूदा व्यवस्था पर टिप्पणी की है बल्कि कानून व्यवस्था और पुलिस की निष्पक्षता को लेकर भी तीखी चिंता जताई है।

    अपने पत्र में जीतू पटवारी ने लिखा कि यह घटना केवल किसी एक व्यक्ति की भाषा या व्यवहार का मामला नहीं है, बल्कि यह उस खतरनाक माहौल का संकेत है जिसमें सत्ता का अहंकार कानून और संविधान पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि बार-बार ऐसे मामले सामने आते हैं जहां सत्ताधारी दल से जुड़े लोग पुलिस अधिकारियों पर दबाव बनाने या उन्हें अपमानित करने की कोशिश करते हैं, लेकिन इन घटनाओं के बाद पुलिस की प्रतिक्रिया अक्सर सीमित और संयमित रह जाती है।

    पटवारी ने पुलिस अधिकारियों से सवाल करते हुए पूछा कि आखिर कौन सी परिस्थितियां हैं जिनके कारण देश के सबसे प्रशिक्षित और अनुशासित अधिकारी भी रक्षात्मक स्थिति में नजर आते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब अन्याय के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की जरूरत होती है तब पुलिस की आवाज कमजोर क्यों पड़ जाती है और आम नागरिकों के मामलों में वही तंत्र इतना कठोर कैसे हो जाता है।

    अपने पत्र में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यदि पुलिस निष्पक्ष होकर और संविधान के दायरे में काम करे तो किसी भी नेता या प्रभावशाली व्यक्ति की हिम्मत नहीं होगी कि वह कानून पर दबाव डाल सके। लेकिन जब पुलिस को दबाव में काम करना पड़ता है तो उसकी स्वतंत्रता और कार्यक्षमता दोनों प्रभावित होती हैं।

    जीतू पटवारी ने IPS एसोसिएशन के पत्र का भी उल्लेख किया और कहा कि उसमें आक्रोश कम और विवशता अधिक नजर आती है। उनके अनुसार यह स्थिति केवल पुलिस के लिए नहीं बल्कि पूरे लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है क्योंकि यदि कानून लागू करने वाली संस्था ही कमजोर दिखाई देगी तो आम जनता का भरोसा व्यवस्था पर कैसे कायम रहेगा।

    हालांकि उन्होंने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि यह आलोचना पुलिस बल के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि देश के लाखों पुलिसकर्मी दिन रात अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा करते हैं और उनके साहस और मेहनत का पूरा देश सम्मान करता है। उनका संदेश उन परिस्थितियों के खिलाफ है जो पुलिस को उसकी मूल भूमिका से दूर कर रही हैं।

    पटवारी ने कहा कि पुलिस को अपने भीतर के साहस को याद रखना चाहिए और संविधान को अपना सबसे बड़ा संरक्षक मानना चाहिए न कि किसी व्यक्ति या सत्ता को। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कानून की रक्षा करने वाले ही चुप हो जाएंगे तो समाज में अन्याय को बढ़ावा मिलेगा और कानून का शासन कमजोर पड़ जाएगा।

    यह पूरा मामला अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है जहां एक तरफ कांग्रेस पुलिस की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर सवाल उठा रही है वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष इसे राजनीतिक बयानबाजी बता रहा है। फिलहाल इस पत्र ने मध्यप्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।

  • मासूम की मौत पर सनसनी: Rewa में शरीर पर चोट के निशान, परिवार ने जताई हत्या की आशंका

    मासूम की मौत पर सनसनी: Rewa में शरीर पर चोट के निशान, परिवार ने जताई हत्या की आशंका

    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के Rewa जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां 7 साल की बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने सौतेली मां पर बेरहमी से पिटाई कर हत्या करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है, वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
    भाई का आरोप रात में पीटा, फिर बिगड़ी हालत
    मृतक बच्ची रागिनी साकेत के भाई पुष्पराज साकेत ने आरोप लगाया कि घटना वाली रात करीब 12 बजे उनकी सौतेली मां ने रागिनी को बुरी तरह पीटा। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई, उसे तेज बुखार आया और कुछ ही समय में उसकी मौत हो गई।
    भाई का कहना है कि पिटाई इतनी ज्यादा थी कि बहन की हालत संभल नहीं पाई।
    दादी का दावा शरीर पर थे चोट के कई निशान
    बच्ची की दादी गोमती साकेत ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि रागिनी के पूरे शरीर पर चोट के निशान थे और उसे पानी तक नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्ची दर्द से तड़पती रही, लेकिन समय पर इलाज नहीं मिल सका।
    80 किमी दूर गांव में हुई घटना
    यह घटना रीवा मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर त्योंथर विधानसभा क्षेत्र के आमिर कोनी गांव की है। बताया जा रहा है कि बच्ची के पिता मनोज साकेत जब शाम को घर लौटे, तो रागिनी की हालत बेहद खराब थी। वे उसे तुरंत एक निजी डॉक्टर के पास लेकर गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
    दूसरी शादी के बाद बढ़ी थीं मारपीट की घटनाएं
    परिजनों का कहना है कि पिता की दूसरी शादी के बाद से ही बच्चों के साथ मारपीट की घटनाएं बढ़ गई थीं। भाई-बहनों ने भी आरोप लगाया कि सौतेली मां अक्सर उन्हें प्रताड़ित करती थी और घटना वाले दिन भी रागिनी को बुरी तरह पीटा गया था।
    तीन डॉक्टरों की टीम ने किया पोस्टमार्टम
    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहां तीन डॉक्टरों की टीम से पोस्टमार्टम कराया गया है। फिलहाल सभी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।
    पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल
    इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जब थाना प्रभारी Balkesh Dwivedi से जानकारी ली गई, तो उन्हें बच्ची और परिजनों के नाम तक स्पष्ट नहीं थे। इससे जांच की गंभीरता पर सवाल उठने लगे हैं।
    हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    सार:
  • भोपाल से बड़ा संदेश ,देने की तैयारी में CM मोहन यादव, रात 9 बजे लाइव संबोधन से बढ़ी हलचल

    भोपाल से बड़ा संदेश ,देने की तैयारी में CM मोहन यादव, रात 9 बजे लाइव संबोधन से बढ़ी हलचल


    भोपाल । भोपाल में आज रात प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल एक बार फिर बढ़ने वाली है क्योंकि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रात 9 बजे सोशल मीडिया पर लाइव आकर प्रदेशवासियों को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर इस बात की जानकारी साझा की है जिसके बाद से ही लोगों के बीच उत्सुकता और अटकलों का दौर तेज हो गया है।

    मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा है कि वे एक महत्वपूर्ण विषय को लेकर प्रदेश की जनता से सीधा संवाद करेंगे। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह विषय क्या होगा लेकिन इसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। माना जा रहा है कि यह संबोधन किसी बड़ी योजना घोषणा नीति बदलाव या जनकल्याण से जुड़े अहम फैसले से जुड़ा हो सकता है।

    इस लाइव कार्यक्रम को केवल औपचारिक संबोधन नहीं माना जा रहा है बल्कि इसे मध्यप्रदेश के विकास और आने वाले समय की दिशा तय करने वाला संवाद बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री का यह कदम उनकी संवादात्मक और पारदर्शी कार्यशैली को भी दर्शाता है जिसमें वे सीधे जनता से जुड़कर उनकी राय और सुझावों को महत्व देते हैं।

    पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री मोहन यादव लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से संवाद करते रहे हैं और विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी इसी माध्यम से साझा करते आए हैं। उनकी यह शैली सरकार और जनता के बीच विश्वास और संवाद को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही है।

    राजनीतिक और प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह लाइव संबोधन किसी नई विकास योजना या बड़े प्रशासनिक निर्णय से जुड़ा हो सकता है। इसके अलावा यह भी संभावना जताई जा रही है कि इसमें किसानों युवाओं या रोजगार से जुड़े किसी बड़े फैसले की घोषणा हो सकती है। हालांकि आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है जिससे लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई है।

    प्रदेशभर में लोग इस लाइव संबोधन का इंतजार कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं। कई लोग इसे संभावित बड़े राजनीतिक या प्रशासनिक बदलाव से जोड़कर देख रहे हैं जबकि कुछ इसे सरकार की जनसंपर्क रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं।

    कुल मिलाकर मुख्यमंत्री का यह संबोधन आज रात प्रदेश की नजरों का केंद्र रहने वाला है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे जनता के सामने क्या बड़ा संदेश रखते हैं और क्या कोई नई घोषणा प्रदेश के विकास की दिशा को और गति देती है या नहीं।

  • बीमा कंपनी पर 5 हजार का जुर्माना, कार एक्सीडेंट क्लेम नहीं देने पर देना होगा ₹31,320

    बीमा कंपनी पर 5 हजार का जुर्माना, कार एक्सीडेंट क्लेम नहीं देने पर देना होगा ₹31,320


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के Sagar में बीमा क्लेम को लेकर एक अहम फैसला सामने आया है। कार एक्सीडेंट के बाद क्लेम राशि नहीं देने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने बीमा कंपनी को फटकार लगाते हुए ग्राहक के पक्ष में निर्णय सुनाया है। आयोग ने कंपनी को बीमा राशि, ब्याज, मुआवजा और केस खर्च मिलाकर तय समय में भुगतान करने का आदेश दिया है।
    वाराणसी के रहने वाले उपभोक्ता ने लगाई थी गुहार
    यह मामला मूल रूप से Varanasi निवासी तेजबहादुर बिंद का है, जो वर्तमान में सागर की स्टेट कॉलोनी में रहते हैं। उन्होंने IFFCO Tokio General Insurance Company Limited और Adinath Cars Private Limited (नेक्सा, सागर) के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।
    बीमा होने के बावजूद क्लेम अटका
    तेजबहादुर के मुताबिक, उनकी कार (MP 15 ZK 5718) का बीमा नवंबर 2024 से नवंबर 2025 तक वैध था। 17 मार्च 2025 को कार की बैक लाइट टूट गई थी। अगले दिन वे सर्विस सेंटर पहुंचे, लेकिन पार्ट उपलब्ध नहीं होने के कारण गाड़ी वापस ले आए। इसके बाद 29 मार्च 2025 को Narmadapuram में ट्रैफिक जाम के दौरान उनकी कार आगे चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई, जिससे गाड़ी को नुकसान पहुंचा। उन्होंने तुरंत बीमा कंपनी को सूचना दी और 1 अप्रैल को गाड़ी मरम्मत के लिए जमा कर दी। कंपनी ने भुगतान से किया इनकार सर्विस सेंटर ने मरम्मत का खर्च बताकर क्लेम प्रक्रिया शुरू की, लेकिन बीमा कंपनी ने भुगतान करने से मना कर दिया। इससे परेशान होकर तेजबहादुर ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
    आयोग का सख्त रुख सेवा में कमी मानी
    सुनवाई के दौरान आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें और दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद आयोग ने माना कि बीमा कंपनी की ओर से सेवा में कमी (deficiency in service) हुई है। आयोग ने आदेश दिया कि बीमा कंपनी ग्राहक को 31,320 रुपए की क्लेम राशि 6% वार्षिक ब्याज के साथ अदा करे। इसके अलावा 5,000 रुपए मुआवजा और 2,000 रुपए केस खर्च के रूप में भी देने होंगे।
    दो महीने में करना होगा भुगतान
    आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि पूरी राशि का भुगतान दो महीने के भीतर किया जाए और बीमा क्लेम का निपटारा समय पर किया जाए।
    उपभोक्ताओं के लिए अहम संदेश
    यह फैसला उन उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा है, जो बीमा क्लेम में देरी या इंकार का सामना करते हैं। इससे साफ है कि अगर कंपनी नियमों के अनुसार सेवा नहीं देती, तो उपभोक्ता आयोग से न्याय मिल सकता है।
  • फिरौती की साजिश नाकाम इंदौर में अपहृत दोनों बच्चे बरामद पुलिस ने दंपती समेत 4 को दबोचा

    फिरौती की साजिश नाकाम इंदौर में अपहृत दोनों बच्चे बरामद पुलिस ने दंपती समेत 4 को दबोचा

    इंदौर । इंदौर में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक सनसनीखेज अपहरण मामले का महज सात घंटे में खुलासा कर दिया और अपहृत दोनों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने पति पत्नी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनमें एक भाई बहन की जोड़ी भी शामिल है। फिरौती के तौर पर 15 लाख रुपए की मांग की गई थी जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था।

    घटना गुरुवार शाम की है जब तिरुपति गार्डन क्षेत्र से 9 वर्षीय नैतिक सोनकर और 11 वर्षीय सम्राट अचानक लापता हो गए। दोनों बच्चे शाम करीब 6 बजे तक गार्डन में क्रिकेट खेल रहे थे लेकिन कुछ ही देर बाद उनका कोई पता नहीं चला। परिवार ने जब तलाश शुरू की तो सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए जिसमें एक युवती बच्चों को अपने साथ ले जाती हुई नजर आई। इसी के बाद मामला गंभीर हो गया और पुलिस को सूचना दी गई।

    बच्चों के दादा पूनमचंद जयदेव ने पुलिस को बताया कि उन्हें एक वीडियो कॉल के जरिए 15 लाख रुपए की फिरौती की मांग की गई है। कॉल आने के तुरंत बाद फोन बंद कर दिया गया जिससे मामला और संदिग्ध हो गया। सूचना मिलते ही टीआई सुरेंद्र रघुवंशी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की गई।

    पुलिस ने तुरंत कई थानों की टीमों को सक्रिय किया जिनमें संयोगितागंज बड़ी ग्वालटोली राजेंद्र नगर द्वारकापुरी तुकोगंज और पलासिया थाना शामिल थे। साथ ही जिस नंबर से फिरौती की कॉल आई थी उसे सर्विलांस पर लगाया गया और उसकी लोकेशन ट्रेस की जाने लगी। इसी दौरान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी युवती के रूट की पहचान की जिससे जांच को दिशा मिली।

    जांच के दौरान पता चला कि सभी आरोपी आपस में व्हाट्सएप के जरिए संपर्क में थे और वहीं से योजना बनाई गई थी। एक नंबर से ही वीडियो कॉल कर फिरौती की मांग की गई थी। पुलिस ने तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से लोकेशन ट्रेस करते हुए राजेंद्र नगर के दत्त नगर स्थित एक बिल्डिंग पर दबिश दी जहां बच्चों को रखा गया था।

    एसीपी तुषार सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने बेहद सतर्कता से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को घेर लिया। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने भागने की कोशिश की लेकिन सभी को मौके पर ही पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में विनीत पिता राजेश उम्र 22 वर्ष राधिका पिता राजेश उम्र 18 वर्ष ललित पिता दशरथ सेन उम्र 21 वर्ष और तनीषा पति ललित उम्र 21 वर्ष शामिल हैं।

    पुलिस के अनुसार तनीषा ने ही बच्चों को अपने साथ ले जाने की योजना बनाई थी और वह राधिका की सहेली है। अच्छी बात यह रही कि बच्चों को किसी तरह की चोट या नुकसान नहीं पहुंचाया गया और दोनों पूरी तरह सुरक्षित पाए गए। मेडिकल जांच के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई गई है।

    इस पूरे ऑपरेशन में इंदौर पुलिस की तेज कार्रवाई और समन्वय की सराहना की जा रही है। महज कुछ घंटों में अपहरण जैसे गंभीर मामले का खुलासा कर बच्चों को सुरक्षित बरामद करना पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस साजिश के पीछे के पूरे नेटवर्क और कारणों का पता लगाया जा सके।

  • दर्दनाक हादसा: Jabalpur में तीनों छात्राओं की मौत, एक फार्मासिस्ट तो दूसरी बनना चाहती थी डॉक्टर

    दर्दनाक हादसा: Jabalpur में तीनों छात्राओं की मौत, एक फार्मासिस्ट तो दूसरी बनना चाहती थी डॉक्टर


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के Jabalpur में दिल दहला देने वाले बरगी नहर हादसे में डूबी तीन बहनों में से तीसरी युवती का शव भी बरामद कर लिया गया है। गुरुवार रात करीब 11 बजे 23 वर्षीय शीतल पटेल का शव घटनास्थल से कुछ दूरी पर मिला। इससे पहले सानिया पटेल (14) और सृष्टि पटेल (17) के शव हादसे के कुछ घंटों बाद ही मिल गए थे। तीनों का शुक्रवार को पोस्टमार्टम किया गया और आज शहर के अलग-अलग शमशान घाटों पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
    रिश्ते में बहनें, एक ही हादसे में बुझ गए तीन घरों के चिराग
    बरगी थाना क्षेत्र के सालीवाड़ा गांव में हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। तीनों लड़कियां मामा-बुआ के रिश्ते से बहनें थीं और एक पारिवारिक शादी में शामिल होने आई थीं। अचानक हुए इस हादसे ने खुशियों के माहौल को मातम में बदल दिया।
    रील बनाते समय फिसला पैर, तेज बहाव में बह गईं
    गुरुवार सुबह करीब 11 बजे पांच लड़कियां नहर पर नहाने और वीडियो (रील) बनाने गई थीं। बताया जा रहा है कि सृष्टि नहर में थी, जबकि बाकी लड़कियां किनारे पर मोबाइल से वीडियो बना रही थीं। तभी पैर फिसलने से चार लड़कियां तेज बहाव में बह गईं।
    मौके पर मौजूद एक सहेली ने हिम्मत दिखाते हुए एक लड़की को बचा लिया, लेकिन बाकी तीनों तेज धारा में दूर तक बह गईं। स्थानीय लोगों ने बचाने की कोशिश की, पर पानी का बहाव इतना तेज था कि वे सफल नहीं हो सके। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन चलाकर तीनों के शव बरामद किए।
    अधूरे रह गए सपने: कोई बनने वाली थी फार्मासिस्ट, कोई डॉक्टर
    इस हादसे में सिर्फ जानें ही नहीं गईं, बल्कि कई सपने भी टूट गए। शीतल पटेल ने फार्मेसी की पढ़ाई पूरी कर ली थी और चार महीने बाद उसकी शादी Bhopal में तय थी। वहीं सृष्टि पटेल ने 12वीं अच्छे अंकों से पास की थी और डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी।
    सानिया अभी पढ़ाई कर रही थी और परिवार की उम्मीदों का हिस्सा थी। तीनों बेटियों की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
    परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
    मर्चुरी के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हर किसी की आंखें नम हैं और गांव में शोक का माहौल है। शादी में शामिल होने आईं बेटियां अब हमेशा के लिए खामोश हो गईं।
    नहर किनारे सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
    इस हादसे के बाद एक बार फिर नहरों और जलाशयों के किनारे सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरगी नहर पर अक्सर लोग नहाने और घूमने आते हैं, लेकिन यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।