Category: Madhya Pradesh

  • दिव्यांगों के 22 हजार खाली पदों पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब अगली सुनवाई 15 अप्रैल

    दिव्यांगों के 22 हजार खाली पदों पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब अगली सुनवाई 15 अप्रैल


    जबलपुर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दिव्यांगों के रिक्त पदों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस डीडी बंसल की एकल पीठ ने शुक्रवार को सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला और मध्य प्रदेश वेयरहाउस एंड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक अनुराग वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने जवाब 15 अप्रैल तक देने का निर्देश दिया है।

    कोर्ट ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से पूछा कि पूर्व आदेश के बावजूद विभिन्न विभागों में दिव्यांगों के रिक्त पद अब तक क्यों नहीं भरे गए। यह मामला करीब 22 हजार खाली पदों का है। कोर्ट ने 30 जनवरी 2024 को दिए गए आदेशों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

    दरअसल, नरसिंहपुर निवासी दिव्यांग अभ्यर्थी राजेंद्र मेहरा ने याचिका दायर की थी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में दिव्यांगों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इससे पहले भी इसी संबंध में याचिका दायर की गई थी, जिस पर हाईकोर्ट ने रिक्त पद भरने के आदेश दिए थे।

    सुनवाई में याचिकाकर्ता के वकील शिवम त्रिपाठी ने दावा किया कि संबंधित अधिकारी जानबूझकर अदालत के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। उन्होंने इसे अवमानना का मामला बताया। कोर्ट ने प्रमुख सचिव सहित अन्य अधिकारियों को 15 अप्रैल तक जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।

    अगली सुनवाई में हाईकोर्ट इस बात का जायजा लेगा कि कितने पद भरे गए और किन कारणों से अभी तक रिक्त पदों को भरने में देरी हो रही है। यह मामला दिव्यांगों के अधिकारों और सरकारी जवाबदेही की दिशा में अहम माना जा रहा है।

  • खंडवा में बेकाबू ट्रक हादसा: शिक्षक की मौत, घंटों की कोशिश के बाद निकाला शव

    खंडवा में बेकाबू ट्रक हादसा: शिक्षक की मौत, घंटों की कोशिश के बाद निकाला शव


    खंडवा । पिपलोद खास बस स्टैंड के पास मंगलवार तड़के करीब 3 बजे एक भयानक सड़क हादसा हुआ जिसमें शिक्षक सोहन सिंह चौहान की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार ट्रक बस स्टैंड के टर्न पर पहुंचा तो ड्राइवर का स्टेयरिंग नियंत्रण से बाहर हो गया। ट्रक सीधे रोड से उतरते हुए वहां बनी तीन दुकानों और एक पेड़ को तोड़ता हुआ आगे बढ़ा।

    हादसे के समय ट्रक में रखी कपास की गठानें सड़क और फुटपाथ पर बिखर गईं। ट्रक के नीचे दबे शिक्षक का शव कई घंटे की मेहनत के बाद रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार ट्रक डेढ़ तलाई से इंदौर की ओर जा रहा था। हादसे में ट्रक ड्राइवर और क्लीनर को मामूली चोटें आई हैं।

    शिक्षक सोहन सिंह चौहान अपने स्कूल के काम से इंदौर जाने के लिए घर से तड़के 3 बजे निकले थे। बस स्टैंड के मोड़ पर वह एक दुकान के नीचे खड़े होकर बस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।

    रेस्क्यू टीम ने ट्रक के नीचे फंसे शव को सुरक्षित बाहर निकाला और आसपास बिखरी कपास की गठानें हटाई। हादसे ने इलाके में सन्नाटा और शोक की लहर दौड़ा दी है। अधिकारियों ने कहा कि आगे ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सड़क सुरक्षा और वाहन की गति पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

  • बड़ा तालाब का खतरा एफटीएल से 50 मीटर के दायरे में लाखों का अतिक्रमण

    बड़ा तालाब का खतरा एफटीएल से 50 मीटर के दायरे में लाखों का अतिक्रमण


    भोपाल के बड़ा तालाब के फुल टैंक लेवल (एफटीएल) के आसपास पिछले वर्षों में हुए अतिक्रमण का मामला फिर से सुर्खियों में है। अब तक के सर्वे में 153 झुग्गियां और पक्के मकान सामने आए हैं, जिनमें कुछ आलिशान घर भी शामिल हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 16 मार्च 2022 के बाद तालाब के शहरी हिस्से में एफटीएल से 50 मीटर और ग्रामीण हिस्से में 250 मीटर के भीतर हुए सभी निर्माण अवैध माने जाएंगे।

    इस कार्रवाई का आधार वेटलैंड एक्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश हैं। सांसद Alok Sharma और कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की फटकार के बाद सीमांकन और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

    टीटी नगर अनुभाग के ग्राम सेवनिया गौड़, धर्मपुरी, प्रेमपुरा, आमखेड़ा, पीपलखेड़ी, कोटरा सुल्तानाबाद और बरखेड़ी खुर्द में 108 निर्माण मिले हैं। खानूगांव के आसपास 3 मकान, हलालपुरा में 7 और कोहेफिजा में 35 मकान एफटीएल के दायरे में आते हैं। खानूगांव में 15 सरकारी जमीनों पर भी कब्जा मिला। वीआईपी रोड पर एक मंत्री और आईएएस के बंगले के पास भी लाल निशान लगाए गए।

    कलेक्टर सिंह ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि होली से पहले तालाब के चारों ओर सीमांकन पूरा किया जाए। एमपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को भी वाटर बॉडी में मिलने वाले गंदे नालों की पहचान करनी होगी और दूषित करने वाले स्रोतों को चिन्हित किया जाएगा।

    वेटलैंड एक्ट लागू होने के बाद, एफटीएल के निर्धारित दायरे में बने सभी निर्माण बिना किसी अनुमति के अवैध होंगे। पुराने निर्माण के लिए संबंधित विभागों से अनुमति दस्तावेज मांगे जाएंगे।

    बड़ा तालाब का क्षेत्र पिछले दस साल में तीन बार सर्वे किया जा चुका है। 2016 में डीजीपीएस सर्वे में 38.72 वर्ग किमी क्षेत्र निर्धारित किया गया था, लेकिन रिपोर्ट कभी सामने नहीं आई। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत हुए सर्वे में भी मुनारों की गिनती और सीमा निर्धारण अधूरा रह गया।

    करीब दो साल पहले भदभदा झुग्गी बस्ती से 386 घरों को हटाया गया था, लेकिन उसके बाद व्यापक अतिक्रमण रुक नहीं पाया। भोपाल सांसद अलोक शर्मा ने तालाब के लिए मास्टर प्लान बनाने की भी पैरवी की, जिससे तालाब और उसके कैचमेंट एरिया को सुरक्षित किया जा सके।

    विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी सीमा में 50 मीटर और ग्रामीण सीमा में 250 मीटर के भीतर निर्माण नहीं होना चाहिए। लेकिन बीते वर्षों में सैकड़ों निर्माण एफटीएल से सटकर बन गए हैं। भदभदा, बिसनखेड़ी, गौरागांव, बील गांव और सूरजनगर में फार्म हाउस, रिसॉर्ट और मैरिज गार्डन भी तालाब के बीच बन गए हैं।

    सिंह ने स्पष्ट किया है कि अब बिना किसी विलंब के अतिक्रमण हटाने और सीमांकन की ठोस कार्रवाई की जाएगी। यह कदम बड़ा तालाब और भोपाल शहर की जलधारा और पर्यावरण सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है।

  • इंदौर चोरी कांड का खुलासा 60 लाख की चोरी का मास्टरमाइंड दंपती का भतीजा निकला

    इंदौर चोरी कांड का खुलासा 60 लाख की चोरी का मास्टरमाइंड दंपती का भतीजा निकला


    इंदौर
    के बाणगंगा थाना क्षेत्र में हुई 60 लाख रुपये की नकदी और गहनों की चोरी का मास्टरमाइंड दंपती का ही भतीजा निकला है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई, लेकिन चोरी का पूरा माल अभी बरामद नहीं हुआ है।

    दंपती के भतीजे रोहित उर्फ गोलू को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने दोस्त लक्की बोरासी और सुधांशु प्रजापत के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। इनके अलावा एक और साथी भी शामिल था। चोरी के बाद यह साथी जेवर और नकदी लेकर फरार हो गया, इसलिए गोलू के पास से कोई रकम बरामद नहीं हुई।

    पुलिस ने राजस्थान में भी जांच की, क्योंकि गोलू ने आरोपियों के वहां जाने की बात बताई थी, लेकिन वहां भी आरोपी नहीं मिले।

    चोरी 7 फरवरी को डागर मोहल्ले के बाणेश्वरी कुंड के पास स्थित मकान में हुई थी। मकान मालिक विनोद यादव और उनकी पत्नी मनीषा वैष्णो देवी उस समय घर पर नहीं थे। जब वे लौटे तो चोरी का पता चला। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज में दो चोर घर में दाखिल दिखे जबकि गोलू बाहर खड़ा था। पुलिस ने फुटेज और हुलिए के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की।

    जांच में सामने आया कि चोरी से कुछ दिन पहले और बाद में गोलू, लक्की और सुधांशु लगातार मोबाइल पर संपर्क में थे। उन्होंने चोरी से पहले एक-दूसरे को मैसेज कर बाहर बुलाया था। चोरी के बाद सुधांशु, लक्की और उनका साथी बिना गोलू को हिस्सा दिए फरार हो गए। डर के कारण गोलू ने किसी को कुछ नहीं बताया। घटना की रात वह देर तक गली में घूमता नजर आया, जिससे पुलिस का शक उस पर और गहरा गया।

    पुलिस ने बताया कि गोलू ने चाचा के लाखों के प्लॉट बेचने की जानकारी अपने दोस्तों को दी थी और इसी के आधार पर 6-7 फरवरी की रात चोरी की योजना बनाई गई। विनोद यादव ने रामनगर क्षेत्र में एक प्लॉट बेचा था और उस सौदे से मिले 35 लाख रुपये घर में रखे थे।

    पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मौके पर जांच जारी है और कुछ संदिग्धों की पहचान हो गई है। आरोपी और चोरी का माल ढूंढने के लिए कार्रवाई जारी है।

  • होली पर बसें थमेंगी: नई परिवहन नीति के विरोध में 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल

    होली पर बसें थमेंगी: नई परिवहन नीति के विरोध में 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल


    जबलपुर । मध्यप्रदेश में होली के त्यौहार से पहले बसों के पहिए थम सकते हैं। बस एसोसिएशन ने 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। संगठन ने यह कदम नई परिवहन नीति के विरोध में उठाया है। इसके कारण पूरे प्रदेश में त्योहार के दौरान सार्वजनिक परिवहन बाधित रहेगा, और यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ सकते हैं।

    बस एसोसिएशन का आरोप है कि नई नीति के तहत बसों का राष्ट्रीयकरण कर छोटे बस मालिकों को बाहर किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि नई पॉलिसी में परमिट का काम एक ही कंपनी को सौंपा जा रहा है और मल्टीनेशनल कंपनियों के आने से छोटे बस मालिक किराएदार बन जाएंगे। इसके अलावा, निजी बसों के परमिट रद्द कर उन्हें अनुबंध पर चलाने की योजना बनाई जा रही है। बस मालिकों का आरोप है कि सरकार बस संचालकों का शोषण कर उन्हें कमजोर करने पर तुली है।

    नई परिवहन नीति में बस संचालन को पूरी तरह डिजिटल मॉनिटरिंग के तहत रखा जाएगा। बसों में अतिरिक्त यात्रियों को बैठने पर पाबंदी रहेगी और ओवरलोडिंग रोकने के लिए चालान का प्रावधान होगा। नीति के अनुसार किसी भी रूट का किराया परिवहन विभाग तय करेगा और बस संचालन के दौरान सरकार का पूरा नियंत्रण रहेगा।

    बस मालिकों और सरकार के बीच विवाद के कारण होली पर यात्रियों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। त्योहार के दौरान घर लौटने वाले लोग समय से पहले अपने यात्रा प्रबंध करने को मजबूर हैं, क्योंकि हड़ताल की अनिश्चित अवधि को देखते हुए बसों की उपलब्धता नहीं रहेगी।

  • होली पर मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश की संभावना, पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ के चलते बदलेगा मौसम

    होली पर मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश की संभावना, पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ के चलते बदलेगा मौसम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में होली के दिनों में आंधी और बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 मार्च से हिमालयी क्षेत्र में एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय हो रहा है, जिसका असर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में महसूस हो सकता है।IMD भोपाल की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में पश्चिमी भारत में दो सक्रिय चक्रवातिक प्रणाली और एक ट्रफ सक्रिय हैं। इस वजह से शुक्रवार को भोपाल समेत कई जिलों में बादल छाए रहे, हालांकि तापमान पर इसका खास असर नहीं पड़ा।

    गर्मी का असर: तापमान 34°C पार
    आंधी-बारिश और ओलों के दौर के बाद प्रदेश में अप्रैल जैसी गर्मी देखने को मिली। शुक्रवार को कई शहरों में दिन का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के ऊपर दर्ज किया गया, जबकि रात का तापमान 18 डिग्री से अधिक रहा। पचमढ़ी में 27.6°C, खरगोन में 34.8°C (सबसे गर्म), भोपाल में 32.4°C, इंदौर में 31.2°C, ग्वालियर में 32.7°C, उज्जैन और जबलपुर में 33°C दर्ज किया गया। रात के तापमान में पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा (9.6°C), जबकि सागर और नर्मदापुरम में क्रमशः 18.4°C और 18.2°C दर्ज हुआ। श्योपुर, सिवनी, गुना, खंडवा-टीकमगढ़ में रात का पारा 16°C और रतलाम-धार में 17°C या उससे अधिक रहा।

    20 जिलों में प्रभावित मौसम

    24-25 फरवरी को सक्रिय चक्रवात और ट्रफ की वजह से 20 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी-बारिश रही, कुछ जगहों पर ओले भी गिरे। इससे गेहूं और चने की फसलों पर असर पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को मौसम साफ रहेगा और किसी भी जिले में बारिश का कोई अलर्ट नहीं है।

  • भोपाल के बड़ा तालाब के 50 मीटर दायरे में 153 अवैध निर्माण उजागर, सरकारी जमीनों पर भी कब्जे

    भोपाल के बड़ा तालाब के 50 मीटर दायरे में 153 अवैध निर्माण उजागर, सरकारी जमीनों पर भी कब्जे


    भोपाल  भोपाल की लाइफलाइन माने जाने वाले बड़ा तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) से 50 मीटर के दायरे में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण सामने आए हैं। प्रशासनिक सर्वे में अब तक 153 झुग्गियां और पक्के निर्माण चिन्हित किए जा चुके हैं। इनमें कई रसूखदारों के आलीशान मकान भी शामिल हैं। शहरी क्षेत्र में FTL से 50 मीटर और ग्रामीण क्षेत्र में 250 मीटर तक निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित है।

    अधिकारियों के मुताबिक 16 मार्च 2022 को वेटलैंड एक्ट लागू होने के बाद इस दायरे में किया गया कोई भी निर्माण स्वतः अवैध माना जाएगा, चाहे उसे किसी भी स्तर पर अनुमति मिली हो। साथ ही पुराने अतिक्रमणों को भी हटाने की कार्रवाई नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के तहत की जाएगी। प्रशासन को इसकी रिपोर्ट एनजीटी में प्रस्तुत करनी है, जिसके चलते कार्रवाई तेज कर दी गई है।

    कहां-कहां मिले अवैध निर्माण
    टीटी नगर अनुभाग के सेवनिया गौड़, धर्मपुरी, प्रेमपुरा, आमखेड़ा, पीपलखेड़ी, कोटरा सुल्तानाबाद और बरखेड़ी खुर्द में 108 निर्माण चिन्हित हुए हैं। इनमें अधिकांश पक्के मकान हैं। भदभदा क्षेत्र में हाल ही में कार्रवाई भी की गई है और आगे व्यापक अभियान की तैयारी है।

    खानूगांव के आसपास 3 मकान, हलालपुरा में 7 और कोहेफिजा में 35 मकान FTL दायरे में पाए गए हैं। खानूगांव में 15 सरकारी जमीनों पर कब्जे सामने आए हैं। हुजूर के मुगालिया छाप और खजूरी में सीमांकन जारी है, जहां बड़े स्तर पर अतिक्रमण की आशंका है।

    वीआईपी रोड क्षेत्र में एक मंत्री और एक आईएएस अधिकारी के बंगले के पास भी लाल निशान लगाए गए हैं। विधायक आरिफ मसूद के कॉलेज की बाउंड्रीवॉल के समीप भी राजस्व अमले ने सीमांकन कर निशान लगाए हैं।

    दो स्तर पर होगी कार्रवाई
    16 मार्च 2022 के बाद हुए निर्माण – सीधे अवैध माने जाएंगे और हटाए जाएंगे।

    इससे पहले के निर्माण – संबंधित विभागों (नगर निगम, पंचायत, टीएंडसीपी, पर्यावरण, वन आदि) से अनुमति संबंधी दस्तावेज मांगे जाएंगे। अनुमति प्रक्रिया की भी जांच होगी।

    कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने संबंधित एसडीएम को होली से पहले सीमांकन पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को तालाब में गिरने वाले गंदे नालों की पहचान कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।

    रामसर साइट पर भी अतिक्रमण
    बड़ा तालाब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त रामसर साइट है, बावजूद इसके वर्षों से अतिक्रमण बढ़ते रहे हैं। भदभदा, बिसनखेड़ी, गौरागांव, बील गांव और सूरजनगर क्षेत्रों में फार्म हाउस, रिसॉर्ट और बड़ी इमारतें FTL सीमा के बेहद करीब पाई गई हैं। कुछ स्थानों पर नगर निगम की मुनार से सटी बाउंड्रीवाल और सड़क निर्माण भी मिला है, जो नियम विरुद्ध है।

    मुनारों में गड़बड़ी का मामला
    जांच में यह भी सामने आया कि FTL सीमा तय करने वाली मुनारों में फर्जीवाड़ा किया गया है। मौके पर पांच तरह की अलग-अलग मुनारें मिलीं। कुछ पर बीएमसी (भोपाल नगर निगम) लिखा है, जबकि कई बिना पहचान के सफेद रंग से रंगी मिलीं। इन्हीं संदिग्ध मुनारों के आसपास सबसे अधिक अतिक्रमण पाए गए हैं।

    पिछले दस वर्षों में तीन बार सर्वे होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। इस बार प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अब देखना होगा कि वर्षों से फाइलों में दबी कार्रवाई जमीन पर कितनी प्रभावी साबित होती है।

  • क्रांति का तेजस्वी स्वर थे शहीद चंद्रशेखर आजाद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    क्रांति का तेजस्वी स्वर थे शहीद चंद्रशेखर आजाद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद भारत की क्रांति का तेजस्वी स्वर थे। राज्य सरकार अमर बलिदानी और क्रांतिकारियों के जीवन से प्रेरणा लेकर गरीब, किसान, युवा और नारी (जीवायएएन) कल्याण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर आलीराजपुर में आयोजित सभा को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री ने शहीद चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर आलीराजपुर स्थित उनकी जन्मस्थली चंद्रशेखर आजाद नगर (भाबरा) पहुंचकर उनकी प्रतिमा को नमन किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में गुजरात के साथ-साथ पड़ौसी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले का भी आर्थिक तंत्र बदला है। आलीराजपुर भील जनजाति की संस्कृति और स्वाभिमान की भूमि है। आज देश प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।

    मुख्यमंत्री ने स्थानीय मान्यता के प्रतीक बाबा भीलट देव, बाबा डूंगर देव, बाबा पाटला देव, रानी काजल माता, डूंगरी माता और मालवाई माता को नमन करते हुए कहा कि आलीराजपुर की पावन मिट्टी ने चंद्रशेखर आजाद सहित शहीद छीतू किराड़ जी को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्थानीय नायकों के बलिदान और योगदान को नमन करते हुए प्रदेश के जन-जन तक पहुँचाने के लिये प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आलीराजपुर में 1800 करोड़ लागत वाली नर्मदा सिंचाई परियोजना का कार्य प्रगति पर है। इससे 170 गांवों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। हमारे जनजातीय अंचल के किसानों को भी सिंचाई सुविधाओं का पूरा लाभ मिलेगा। किसानों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को किसानों के लिए समर्पित किया है। हमारी सरकार लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपये की राशि दे रही है। साथ ही किसान भाइयों में खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को प्रतिवर्ष 12 हजार (6 हजार केंद्र और 6 हजार रुपये राज्य) द्वारा दिये जा रहे हैं। प्रदेश के गरीब-जरूरतमंदों की सहायता के लिए जिलों में नि:शुल्क शव वाहन की व्यवस्था की गई है। सड़क हादसे में घायलों को त्वरित इलाज उपलब्ध कराने के लिए राहवीर योजना की शुरुआत की गई है। जनजातीय बच्चे पढ़-लिखकर शासकीय सेवा में आएं, इसके लिए नि:शुल्क कोचिंग योजना प्रारंभ की गई है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आलीराजपुर जिले के समग्र विकास के लिए 171 करोड़ लागत के 49 विकास कार्यों की अनुपम सौगात दी। उन्होंने आलीराजपुर जिले में ग्राम संपर्क मजबूत करने के लिए विभिन्न सड़कों के निर्माण की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूह, बैंक ऋण वितरण, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना के हितग्राहियों को हितलाभ एवं प्रमाण-पत्र वितरित किए।

    मुख्यमंत्री ने आलीराजपुर के चहुंमुखी विकास के लिए रिमोट से 79.92 करोड़ की लागत से 14 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने खंडाला में 34 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित भव्य सांदीपनि विद्यालय, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 27 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से निर्मित 4 उच्च स्तरीय पुलों, 7 करोड़ रुपये की लागत से नवीन बालक-बालिका छात्रावास भवनों एवं 8 करोड़ रुपये की लागत से बलेडी (जोबट) और नानपुर में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने मोराजी, खामट, पिलियावट और बेकलगांव बड़ी में भी उप स्वास्थ्य केंद्रों का लोकार्पण किया।

    मुख्यमंत्री ने 119.01 करोड़ लागत के 35 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। इसके अंतर्गत 40 करोड़ 58 लाख रुपये की लागत से 8 सीनियर और जूनियर विद्यालयों में बालक एवं बालिका छात्रावासों, 31 करोड़ रुपये की लागत से बालक-बालिकाओं के लिए 11 नवीन विद्यालय भवनों 24 करोड़ की लागत से दाबड़ी, बोरकुण्डिया और कड़वानिया में 100-100 सीटर बालक-बालिका छात्रावास भवनों, 7 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से रणजीतगढ़ और सूखीबावड़ी तालाब का भूमि-पूजन किया। इसके साथ ही सोंडवा में नवीन जनपद पंचायत और सामुदायिक भवन, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सोंडवा और अन्य निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया।

    बनाएंगे आजाद पार्क

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद नगर को देश-विदेश से आने वाले लोगों के लिए प्रेरणा एवं गौरव का केंद्र बनाया जाएगा। यहाँ पर ऐतिहासिक शहीद पार्क निर्मित किया जायेगा। संस्कृति विभाग के माध्यम से इस स्थान को विकसित कर आकर्षक एवं दर्शनीय स्वरूप प्रदान किया जाएगा, ताकि भावी पीढ़ियाँ आजाद के जीवन, संघर्ष और बलिदान से परिचित हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजाद की जन्मभूमि केवल एक स्थान नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, साहस और आत्मसम्मान की जीवंत प्रतीक है, जिसे सहेजना और संवारना हम सभी का दायित्व है।

    आजाद कुटिया में किये श्रद्धासुमन अर्पित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने आजाद कुटिया में पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा चंद्रशेखर आजाद के जीवनकाल की वीरगाथाओं और दुर्लभ तस्वीरों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि मेहनत, आत्मविश्वास और अदम्य साहस के बलबूते बुलंदियों को छूने वाले आजाद का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है। मात्र 15 वर्ष की बाल्यावस्था में वे वर्ष 1921 के असहयोग आंदोलन में शामिल हो गए थे। गिरफ्तारी के बाद जब मजिस्ट्रेट के सामने उनका नाम पूछा गया तो उन्होंने गर्व से उत्तर दिया— “नाम: आजाद, पिता का नाम: स्वतंत्र और घर: जेल।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसा अद्वितीय साहस केवल अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद ही दिखा सकते थे।

    आजाद की वीरता का इतिहास स्वर्णाक्षरों में अंकित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बचपन में आजाद भील बालकों के साथ रहते हुए निशानेबाजी की कला में दक्ष हुए, जिसने आगे चलकर उन्हें एक अद्वितीय क्रांतिकारी बनाया। उनके जीवन से यह शिक्षा मिलती है कि सच्चा नेतृत्व वही है, जो अपने साथ-साथ अपने साथियों के लिए भी सदैव तत्पर रहे। अंग्रेजों के विरुद्ध हमारे जनजातीय नायकों ने अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ी और उनकी वीरता का इतिहास स्वर्णाक्षरों में अंकित है। उनकी रिवॉल्वर का निशाना अचूक था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के महान जनजातीय नायकों ने अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी है। राज्य सरकार जनजातीय महापुरुषों की विरासत के संरक्षण के लिए दृढ़ संकल्पित है। खरगोन में क्रांतिसूर्य टंट्या मामा के नाम पर विश्वविद्यालय की शुरुआत की गई है। इसी प्रकार अन्य नायकों से संबद्ध स्थलों को भी संरक्षित किया जा रहा है।

  • उमंग और सामाजिक स्नेह का जीवंत महोत्सव है भगोरिया पर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    उमंग और सामाजिक स्नेह का जीवंत महोत्सव है भगोरिया पर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि फाल्गुन मास के रंगों, मांदल की थाप और जीवन-प्रेम की उमंग से सराबोर भगोरिया पर्व जनजातीय संस्कृति, सामाजिक स्नेह और परंपरागत जीवन मूल्यों का जीवंत उत्सव है। इसको प्रत्यक्ष रूप से भगोरिया पर्व में शामिल होकर जिया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को अलीराजपुर के उदयगढ़ भगोरिया पर्व में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अलीराजपुर के उदयगढ़ भगोरिया पर्व स्थल पर पारंपरिक लोकधुनों, नृत्य और उल्लासपूर्ण वातावरण ने सम्पूर्ण क्षेत्र को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भगोरिया पर्व जनजातीय संस्कृति, प्रेम और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। मध्यप्र देश सरकार जनजातीय परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। विरासत को विकास की राह पर ले जाने के संकल्प के साथ इस उल्लासमय पर्व को गरिमा और भव्यता के साथ मनाया गया। यह आयोजन जनजातीय संस्कृति की सशक्त पहचान और राज्य सरकार की संवेदनशील सोच को प्रतिबिंबित करता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जनजातीय समाज एवं स्थानीय नागरिकों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री जनजातीय संस्कृति के प्रतीक तीर कमान भेंट किया। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया गया। मंत्री द्वारा मंच से सभी को राष्ट्रीय पर्व भगोरिया की शुभकामनाएं दी। अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह ने कहा कि आलीराजपुर जिले के उदयगढ़ में आयोजित स्थानीय भगोरिया पर्व में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सहभागिता से उत्सव का उल्लास और अधिक बढ़ गया।

    भगोरिया उत्सव में जनजातीय युवक-युवतियां रंग-बिरंगी पारंपरिक वेषभूषा में सजे-धजे दिखाई दिए। पुरुष वर्ग पारंपरिक धोती, अंगोछा एवं साफा धारण किए हुए थे, जबकि महिलाएं कांचली, घाघरा, ओढ़नी तथा पारंपरिक कढ़ाईयुक्त परिधानों में सुसज्जित रहीं। चांदी के हार, हांसली, कड़े, पायल, बिछिया एवं अन्य पारंपरिक आभूषणों की झंकार ने पर्व को भव्यता प्रदान की। मांदल, ढोल एवं अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर कुर्ता कुर्राटियों के साथ लोकनृत्य करते जनजातीय समाज, सामूहिक उल्लास और आपसी मेल-जोल ने भगोरिया के माहौल को जीवंत एवं स्मरणीय बना दिया।

    इस अवसर पर पूर्व सांसद गुमानसिंह डामोर, पूर्व विधायक माधोसिंह डावर, विशाल रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, संभागायुक्त इंदौर डॉ सुदाम खाड़े, कलेक्टर नीतू माथुर, पुलिस अधीक्षक, प्रशासनिक अधिकारीगण, स्थानीय नागरिक तथा बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोग उपस्थित रहे। सम्पूर्ण क्षेत्र में उत्सव, उल्लास और सांस्कृतिक चेतना का वातावरण व्याप्त रहा।

  • भोपाल में पराली जलाने पर सख्ती: कलेक्टर ने बैरसिया दौरे में किसानों को दी समझाइश

    भोपाल में पराली जलाने पर सख्ती: कलेक्टर ने बैरसिया दौरे में किसानों को दी समझाइश


    भोपाल। प्रदेश में पराली जलाने वालों पर प्रशासन की सख्ती बढ़ने वाली है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने यह संकेत शुक्रवार को बैरसिया के दौरे के दौरान दिए। उन्होंने एसडीएम आशुतोष शर्मा को निर्देश दिए कि गेहूं और चने की कटाई के बाद कृषि विभाग के साथ गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करें। किसानों को बताया जाए कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण फैलता है और मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी कम होती है।

    कलेक्टर ने बैरसिया तहसील कार्यालय और एसडीएम कार्यालय का निरीक्षण किया और कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति पर असंतोष जताया और तहसीलदार को निर्देश दिए कि ग्रामवार कार्यक्रम बनाकर पटवारियों को सक्रिय किया जाए ताकि लक्ष्य पूरा किया जा सके।

    कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के समय पर निराकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन से जुड़े प्रकरणों का समय सीमा में शत-प्रतिशत निपटारा किया जाए और बैरसिया तहसील का प्रदर्शन राज्य औसत से कम न हो।

    दौरे के दौरान कलेक्टर ने नगर पालिका बैरसिया के विकास कार्यों की भी समीक्षा की। प्रभारी सीएमओ ने जानकारी दी कि नगर में अमृत 2.0 और कायाकल्प योजना के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य जारी हैं। कलेक्टर ने बसई तालाब के पास माड़ा इमली क्षेत्र और तालाब के सौंदर्यीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तालाब की जल ग्रहण क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जाएं और जलग्रहण क्षेत्र में अतिक्रमण हटाया जाए, ताकि वर्षा ऋतु में तालाब अपनी पूरी क्षमता के अनुसार जल संचय कर सके।

    इस अवसर पर एसडीएम शर्मा ने अपने कार्यालय परिसर में विकसित पार्क का भी निरीक्षण कराया, जिसमें फूल, फल और छायादार पौधे लगाए गए हैं। इसे देखकर कलेक्टर ने प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि इस तरह के पहल से स्थानीय पर्यावरण और हरियाली बढ़ेगी।

    कलेक्टर का यह दौरा यह संदेश देता है कि कृषि और नगर विकास दोनों क्षेत्रों में सरकारी सक्रियता जारी रहेगी। किसानों को पर्यावरणीय दृष्टि से जागरूक करना, तालाबों और जल स्रोतों का संरक्षण, और स्थानीय विकास परियोजनाओं का समय पर निरीक्षण प्रशासन की प्राथमिकता बनेगा।