Category: Madhya Pradesh

  • इंदौर में सनसनीखेज हत्याकांड: फोटो स्टूडियो कर्मचारी की गला रेतकर हत्या, अवैध संबंधों के शक में तफ्तीश शुरू

    इंदौर में सनसनीखेज हत्याकांड: फोटो स्टूडियो कर्मचारी की गला रेतकर हत्या, अवैध संबंधों के शक में तफ्तीश शुरू

    इंदौर । मध्य प्रदेश स्वच्छता में नंबर वन रहने वाले शहर इंदौर में अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। शहर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में एक युवक की बेरहमी से हत्या का मामला प्रकाश में आया है। हमलावरों ने युवक की गर्दन पर धारदार हथियार से वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया और शव को सुनसान इलाके में फेंक कर फरार हो गए। मृतक की पहचान छत्तीसगढ़ निवासी खोजराम पिता लखन नारंगे के रूप में हुई है, जो इंदौर में एक फोटो स्टूडियो में काम कर अपनी आजीविका चला रहा था।

    वारदात का खुलासा और पुलिस की कार्रवाई घटना की जानकारी तब लगी जब राहगीरों ने बाणगंगा क्षेत्र के एक एकांत स्थान पर लहूलुहान हालत में शव पड़ा देखा। सूचना मिलते ही बाणगंगा थाना पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया कि युवक की हत्या कहीं और की गई या फिर सुनसान इलाके का फायदा उठाकर उसे वहीं मौत के घाट उतारा गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भिजवा दिया है।

    अवैध संबंधों के एंगल पर टिकी जांच फिलहाल हत्या के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन पुलिस के रडार पर कई संदिग्ध बिंदु हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिस तरह से गला रेतकर हत्या की गई है, वह किसी रंजिश या आवेश का परिणाम लग रही है। पुलिस इस मामले में ‘अवैध संबंधों’ के एंगल को प्रमुखता से देख रही है। पुलिस मृतक के मोबाइल कॉल डिटेल्स खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह आखिरी बार किसके संपर्क में था और स्टूडियो से निकलने के बाद वह कहाँ गया था।

    खोजराम मूलतः छत्तीसगढ़ का रहने वाला था, ऐसे में पुलिस उसके साथियों और स्टूडियो के कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है ताकि किसी पुरानी दुश्मनी या विवाद का सुराग मिल सके। बाणगंगा थाना पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • पोस्त भूसी तस्करी मामले में ग्वालियर HC ने उठाया कड़ा कदम, जांच अधिकारियों पर कार्रवाई

    पोस्त भूसी तस्करी मामले में ग्वालियर HC ने उठाया कड़ा कदम, जांच अधिकारियों पर कार्रवाई


    ग्वालियर। ग्वालियर हाईकोर्ट ने शिवपुरी के एक एनडीपीएस मामले में पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़ ने तत्काल प्रभाव से देहात थाना प्रभारी समेत पांच अधिकारियों को लाइन अटैच कर दिया। यह मामला 1209 किलो पोस्त भूसी की तस्करी से जुड़ा है जिसमें थाने से 62 सैंपल बैग गायब होने की गंभीर जानकारी सामने आई।

    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जांच सच्चाई सामने लाने के बजाय उसे छिपाने जैसी प्रतीत हो रही है। अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि कई मामलों में पुलिस केवल ड्राइवर या कैरियर तक कार्रवाई सीमित कर देती है, जबकि तस्करी के मुख्य सरगना तक पहुंचने का प्रयास नहीं किया जाता। हाईकोर्ट ने इसे गंभीर जांचीय कमी मानते हुए कड़ा रुख अपनाया।

    यह मामला इंदौर से चंडीगढ़ भेजी जा रही 1209 किलो पोस्त भूसी की जब्ती से संबंधित है। अदालत ने पाया कि न तो माल भेजने वालों की समुचित जांच हुई और न ही प्राप्तकर्ताओं की भूमिका स्पष्ट की गई। सबसे गंभीर पहलू यह रहा कि जब्त मादक पदार्थ से जुड़े 62 सैंपल बैग थाने से गायब पाए गए। पुलिस ने 17 जनवरी 2025 को सामग्री के निस्तारण का हवाला दिया, जबकि सैंपल बैग उपलब्ध नहीं थे और ट्रायल कोर्ट में जब्त सामग्री प्रस्तुत भी नहीं की गई।

    हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उस समय पदस्थ थाना प्रभारी और जांच अधिकारी के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू की जाए तथा जांच पूरी होने तक उन्हें किसी थाने का प्रभार न दिया जाए। कोर्ट ने तीन माह के भीतर शपथपत्र के साथ विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी भोपाल और एडीजी नारकोटिक्स इंदौर को यह निर्देश भी दिए गए कि सभी जिलों में एनडीपीएस मामलों में ‘एपेक्स परपेरेटर्स’ की पहचान और कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अगली सुनवाई 25 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है।

    एसपी राठौड़ ने देहात थाना प्रभारी जितेंद्र मावई, उप निरीक्षक राघवेंद्र यादव और हरिशंकर शर्मा को लाइन अटैच किया है। इसके अतिरिक्त बालाघाट में पदस्थ उप निरीक्षक अंकित उपाध्याय और राजगढ़ में पदस्थ निरीक्षक मनीष शर्मा पर भी समान कार्रवाई की गई है। दो संबंधित अधिकारी पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

    इस मामले में विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट, शिवपुरी ने 26 सितंबर 2025 को आरोपी जगशीर को धारा 8/15सी के तहत दोषी ठहराते हुए 15 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। बाद में सजा स्थगन संबंधी अर्जी वापस ले ली गई।

    ग्वालियर हाईकोर्ट की यह कार्रवाई न केवल शिवपुरी पुलिस के लिए चेतावनी है बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में एनडीपीएस मामलों में जांच की गंभीरता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भी मील का पत्थर साबित हो सकती है। न्यायालय ने यह स्पष्ट कर दिया कि जांच अधिकारी केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए काम नहीं कर सकते, बल्कि तस्करी के असली सरगनाओं तक पहुंचने का प्रयास करना अनिवार्य है।

  • आर्थिक दबाव और कर्ज के चलते व्यापारी ने किया आत्महत्या का प्रयास, पुलिस जांच में जुटी

    आर्थिक दबाव और कर्ज के चलते व्यापारी ने किया आत्महत्या का प्रयास, पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के चंदन नगर में एक व्यापारी ने बुधवार रात कथित आर्थिक दबाव और कर्ज की परेशानियों के चलते जहर खा लिया। परिजन उसे तुरंत मालवा अस्पताल ले गए, जहां उसे गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती कराया गया। व्यापारी ने जहर सेवन से पहले एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें उसने तीन लोगों पर गंभीर आरोप लगाए।

    घटना से जुड़े अनुसार घायल व्यापारी मोहम्मद मोसीन, पुत्र मोहम्मद अशरफ, चंदन नगर का निवासी है। उसके मोबाइल से प्राप्त वीडियो में उसने बंबई बाजार और कड़ाव घाट क्षेत्र के रहने वाले मुन्ना दूधवाले, अकरम और शकील चौधरी को जिम्मेदार ठहराया। वीडियो में मोसीन ने अपनी जान को खतरे में बताने के साथ आर्थिक दबाव की जानकारी दी।

    मामले की जांच में सामने आया कि मोसीन ने वर्ष 2023-24 के दौरान व्यापारिक जरूरतों के लिए करीब 10 लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। वीडियो में उसने दावा किया कि उस पर साप्ताहिक 65 हजार रुपये ब्याज का दबाव बनाया गया और अब तक वह 60 से 70 लाख रुपये चुका चुका है। उसने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित लोगों ने उसके मकान की रजिस्ट्री और लगभग 30 चेक अपने पास रखे हैं और उन्हें लौटाने के लिए अतिरिक्त राशि की मांग की जा रही थी।

    पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचकर सुरक्षा सुनिश्चित की। मोसीन की हालत गंभीर होने के कारण फिलहाल उसका बयान दर्ज नहीं किया जा सका। हालांकि परिजनों से पूछताछ की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि व्यापारी ने छह फरवरी को पंढरीनाथ थाने में लिखित आवेदन देकर लेन-देन और दस्तावेज लौटाने की शिकायत की थी। अब वीडियो की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जाएगी।

    कानून विशेषज्ञों के अनुसार यदि जांच में जबरन वसूली, धमकी या अवैध ब्याज वसूली के प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। प्रशासन ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की आर्थिक प्रताड़ना या दबाव की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस ने बताया कि व्यापारी की स्थिति स्थिर होने के बाद उसका बयान दर्ज किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई तय होगी। इसके साथ ही अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त प्रबंध किए हैं। स्थानीय व्यापारिक समुदाय में भी इस घटना को लेकर चिंता बढ़ गई है, और व्यापारियों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की है। घटना ने शहर में कर्ज और आर्थिक दबाव के चलते बढ़ते तनाव की ओर ध्यान खींचा है। पुलिस और प्रशासन दोनों मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुटे हैं।

  • जबलपुर में छात्र हॉस्टल से लापता, स्कूल परिसर में मिली सुरक्षा की बड़ी चूक..

    जबलपुर में छात्र हॉस्टल से लापता, स्कूल परिसर में मिली सुरक्षा की बड़ी चूक..


    जबलपुर। माढ़ोताल थाना क्षेत्र के ग्रीन वैली पब्लिक स्कूल हॉस्टल से दो छात्र अचानक लापता हो गए, जिसके बाद रात भर हड़कंप मच गया। बुधवार रात छात्र हॉस्टल में नहीं लौटे तो स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम रात करीब 12 बजे स्कूल पहुंची और परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की। फुटेज में छात्र स्कूल परिसर से बाहर जाते दिखाई नहीं दिए।

    इस पर स्कूल के सभी ब्लॉक्स और कक्षाओं में सघन तलाशी शुरू की गई। तलाशी के दौरान पता चला कि दोनों छात्र लगभग तीन घंटे तक एक कक्षा की अलमारी में छिपे रहे। पुलिस ने दोनों छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला। छात्रों की पहचान सार्थक पटेल और आलोक के रूप में हुई।

    सार्थक ने पुलिस को बताया कि पिछले दो हफ्ते से उसे घर पर माता-पिता से फोन पर बात नहीं कराई जा रही थी। उसने कहा कि रविवार को भी बातचीत नहीं कराई गई, जिससे वह नाराज था। इसी नाराजगी के कारण वह शाम करीब सात बजे अपने साथी आलोक के साथ कक्षा में गया और बाद में अलमारी में छिप गया। छात्र की यह हरकत स्कूल में हड़कंप मचाने के लिए काफी थी।

    सार्थक के पिता सीताराम पटेल ने आरोप लगाया कि स्कूल में अभिभावकों से नियमित बातचीत का नियम होने के बावजूद कई बार कॉल के बावजूद बच्चों से बात नहीं कराई जाती। उन्होंने कहा कि इस बार भी बच्चों को माता-पिता से बात कराने में अनदेखी हुई। उन्होंने प्रबंधन से स्पष्ट व्यवस्था बनाने और नियमित संवाद सुनिश्चित करने की मांग की।

    माढ़ोताल थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह पवार ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस यह जांच कर रही है कि यह घटना केवल संवाद की कमी का परिणाम थी या बच्चों पर किसी प्रकार का दबाव या प्रताड़ना थी। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन और कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे मामले की तह तक पहुंचा जा सके।

    इस घटना के बाद स्कूल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी की समीक्षा शुरू कर दी गई है। अभिभावकों को आश्वस्त किया गया है कि बच्चों के संवाद और सुरक्षा से जुड़े प्रोटोकॉल स्पष्ट किए जाएंगे। पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

    इस मामले ने स्कूलों में हॉस्टल छात्रों की सुरक्षा और अभिभावकों से संवाद की अहमियत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि बच्चों की मानसिक और भावनात्मक सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी कि उनकी शारीरिक सुरक्षा। ग्रीन वैली पब्लिक स्कूल की यह घटना अन्य स्कूलों के लिए चेतावनी के रूप में भी देखी जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

  • CM डॉ. मोहन ने वंदे मातरम प्रोटोकॉल का किया स्वागत, कहा यह हमारी एकता का प्रतीक, MP में भी होगा लागू

    CM डॉ. मोहन ने वंदे मातरम प्रोटोकॉल का किया स्वागत, कहा यह हमारी एकता का प्रतीक, MP में भी होगा लागू


    भोपाल। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के लिए जारी नए प्रोटोकॉल का मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुले दिल से स्वागत किया है। नए निर्देशों में वंदे मातरम के सभी छह छंदों को पूर्ण सम्मान के साथ गाने और राष्ट्रगान जन गण मन से पहले बजाने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने इसे देशभक्ति और एकता का प्रतीक बताया है और कहा कि यह निर्णय राष्ट्रीय भावना को मजबूत करेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा आज जब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हमारे राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम के लिए नए प्रोटोकॉल जारी किए हैं जिसमें सभी छह छंदों को पूर्ण सम्मान के साथ गाने और राष्ट्रीय गान से पहले बजाने का प्रावधान है तो मेरा हृदय गर्व से भर उठता है। यह न केवल बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर रचना को सच्ची श्रद्धांजलि है बल्कि हमारी मातृभूमि के प्रति उस अनंत प्रेम और बलिदान की याद दिलाता है जिसने स्वतंत्रता संग्राम के योद्धाओं को प्रेरित किया।

    उन्होंने आगे कहा वन्दे मातरम हमारे दिल की धड़कन है हमारे रक्त की पुकार है यह वह गीत है जो हमें याद दिलाता है कि भारत माता की सेवा में हमारा जीवन समर्पित है। यह राष्ट्रगीत हमारी एकता का प्रतीक है। आइए हम सब मिलकर इस पवित्र गीत के माध्यम से राष्ट्र की सेवा का संकल्प लें जय हिंद जय भारत वन्दे मातरम!

    मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश में इस निर्णय का त्वरित और पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा। नए दिशा-निर्देशों के तहत सरकारी कार्यक्रमों स्कूलों और अन्य औपचारिक आयोजनों में वंदे मातरम के पूरे छह छंद अनिवार्य होंगे और सभी को खड़े होकर सम्मान देना होगा।

  • MP: देवास में जज का रास्ता रोकना BJP नेता को पड़ा महंगा, घर-पोल्ट्री फार्म पर चला बुलडोजर… केस भी दर्ज

    MP: देवास में जज का रास्ता रोकना BJP नेता को पड़ा महंगा, घर-पोल्ट्री फार्म पर चला बुलडोजर… केस भी दर्ज


    देवास।
    एमपी (MP) के देवास (Dewas) में एक कथित भाजपा नेता (BJP Leader) को न्यायाधीश (Judge) का रास्ता रोकना काफी महंगा पड़ा। प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है। तीन लोगों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने मिलकर कार्रवाई करते हुए आरोपी के मकान के अवैध हिस्सों और पोल्ट्री फार्म पर बुलडोजर (Bulldozer) चला दिया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर की गई है।


    बुलडोजर ऐक्शन भी हुआ

    देवास में जज प्रसन्न सिंह बेहरावत और भाजपा नेता पंकज धारू के बीच हुए विवाद के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की है। नगर निगम, तहसीलदार और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्यवाही करते हुए पंकज घारू के उज्जैन रोड बायपास स्थित पोल्ट्री फार्म पर किए गए अवैध निर्माण को हटा दिया। भोपाल रोड स्थित उसके अवैध मकान को भी जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया। इस दौरान मक्सी रोड क्षेत्र में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।


    अभद्र भाषा में बातचीत के आरोप

    घटना मंगलवार को देवास के जयश्री नगर क्षेत्र में हुई थी। न्यायाधीश कार से न्यायालय की ओर जा रहे थे। इस दौरान पंकज घारू और उसके 2 से 3 साथियों ने स्कॉर्पियो वाहन सड़क के बीच खड़ा कर रास्ता रोक दिया। न्यायाधीश ने ड्यूटी पर जाने की बात ही और वाहन हटाने का आग्रह किया। इस पर आरोपितों ने अभद्र भाषा में बातचीत की। इस दौरान न्यायाधीश ने मोबाइल से वाहन का फोटो लेने का प्रयास किया तो उन्हें ऐसा करने से रोक दिया गया।


    वायरल हुआ था वीडियो

    इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में एक युवक न्यायाधीश को कार में बैठने से रोकता हुआ दिखाई दे रहा है। आरोपी जज पर ही FIR की धमकी देता सुनाई दे रहा है। स्थिति बिगड़ती देख न्यायाधीश ने किसी तरह वहां से निकलने की कोशिश की। इसके बाद जब वे वापस अपनी कार में बैठकर आगे बढ़ने लगे तो आरोपितों ने उनका घेराव कर दरवाजा खोलने से रोका और धमकी दी।


    आरोप भी लगाए

    बाद में जज साहब ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को वारदात की जानकारी दी। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। आरोपी पंकज धारू ने कहा कि एक दिन पहले मजिस्ट्रेट की गाड़ी से एक बच्चे को टक्कर लगी थी, जिसमें वह घायल हुआ। बच्चे के इलाज को लेकर चर्चा के दौरान विवाद हुआ। पंकज ने दावा किया कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।


    पहले ही दिए थे नोटिस

    आरोपी पंकज ने यह भी दावा है कि बाद में समझौते के लिए फोन आया, लेकिन उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। तहसीलदार सपना शर्मा ने बताया कि सरकारी जमीन पर लंबे समय से किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए कई बार नोटिस दिए गए थे। लेकिन पालन नहीं होने पर यह कदम उठाया गया है। बुलडोजर चलाने की कार्रवाई विधिवत की गई है। बाइपास पर पोल्ट्री फार्म करीब सवा से डेढ़ बीघा जमीन पर बनाया गया था।


    कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

    पोल्ट्री फार्म की जमीन की कीमत दो करोड रुपए से अधिक बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल, नगर निगम और राजस्व अमला मौजूद रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


    जज साहब ने दर्ज कराई थी शिकायत

    थाना प्रभारी अमित सोलंकी ने बताया कि देवास ग्रीन कॉलोनी क्षेत्र में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रसन्न बहरावत ने शिकायत दर्ज कराई थी कि गाड़ी निकालने को लेकर भाजपा नेता पंकज धारू और उनके साथियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इस शिकायत के आधार पर नाहर दरवाजा थाना पुलिस ने आरोपी पंकज धारू, भीम धारू एवं अन्य के खिलाफ सात से अधिक गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।

  • MP: लाड़ली बहना योजना के पंजीकरण दोबारा शुरू करने की मांग… HC ने खारिज की याचिका

    MP: लाड़ली बहना योजना के पंजीकरण दोबारा शुरू करने की मांग… HC ने खारिज की याचिका


    नई दिल्ली।
    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Scheme) में दोबारा पंजीकरण शुरू करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज (PIL Rejected) कर दी है। कोर्ट ने कहा है कि किसी योजना का संचालन कैसे करना है ये सरकार के जिम्मे में आता है। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी की बेंच ने ये फैसला सुनाया। जनहित याचिका रतलाम के पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने दायर की थी।

    सकलेचा ने मांग की थी कि राज्य सरकार द्वारा किए गए वादे के मुताबिक, हर लाभार्थी को 3,000 रुपये प्रति माह दिया जाए, नए लाभार्थियों का दोबारा पंजीयन शुरू करने और न्यूनतम पात्रता उम्र को 21 से घटाकर 18 किया जाए। उन्होंने याचिका में कहा था कि योजना के जारी रहने के बावजूद 20 अगस्त 2023 से नए पंजीकरण पर रोक लगाना मनमाना और भेदभावपूर्ण था। याचिका में कहा गया था कि पंजीयन रोके जाने से 21 वर्ष का उम्र पूरी कर चुकी कई महिलाएं योजना का लाभ नहीं उठा पा रही हैं।


    राज्य सरकार ने दी ये दलील

    वहीं सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने दलील दी कि यह एक नीतिगत फैसला था और योजना का लाभ लेने वाली या चाहने वाली किसी भी महिला ने अदालत का दरवाजा नहीं खटखटाया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलील में दम न होने की बात कही और साथ ही ये माना कि राज्या सरकार का फैसला मनमाना और भेदभावपूर्ण नहीं था। कोर्ट ने कहा कि ‘योजना कब शुरू करनी है और इसे कब बंद करना है इसकी तारीख तय करना सरकार का काम है। हम एक ऐसे शख्स (याचिकाकर्ता) के कहने पर इसपर विचार नहीं कर सकते जो कि खुद योजना का लाभार्थी नहीं है।’


    क्या है लाडली बहना योजना?

    लाड़ली बहना योजना बीजेपी सरकार ने 2023 के विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले शुरू की थी। मौजूदा समय में, मध्य प्रदेश की 1.26 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को इस योजना के तहत हर महीने 1500 रुपये मिलते हैं। सरकार का कहना है कि 2028 तक इस राशि को बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया जाएगा।


    बीते महीने ही जारी की गई है 32वीं किस्त

    बीते महीने ही महिलाओं को 1500-1500 रुपये की सौगात दी गई है। आपको बता दें कि इस योजना की किस्त राशि में 250 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी जो कि नवंबर महीने से लागू है पहले किस्त के रूप में 1250 रुपये दिए जाते थे।

  • MP: खंडवा में BJP नेता ने जहर खाकर की खुदकुशी…. कांग्रेस नेता पर लगाए प्रताड़ना के आरोप

    MP: खंडवा में BJP नेता ने जहर खाकर की खुदकुशी…. कांग्रेस नेता पर लगाए प्रताड़ना के आरोप

    खंडवा। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खंडवा (Khandwa) में कर्ज के बोझ तले दबे एक भाजपा नेता (BJP leader) और पूर्व पार्षद द्वारा कथित तौर पर सल्फास की गोलियां खाकर खुदकुशी करने का मामला सामने आया है। मंगलवार को भाजपा नेता जितेंद्र चौधरी (Jitendra Chaudhary) उर्फ जीतू की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत से पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में उन्होंने कांग्रेस नेता गणेश सकरगाये (Congress leader Ganesh Sakargaye) पर कर्ज वसूली को लेकर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि वीडियो सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक रंग ले सकता है। फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


    बेटी का रिश्ता टूट गया था

    भाजपा नेता जीतू चौधरी ने अपने कथित अंतिम वीडियो संदेश में कहा कि वे लंबे समय से आर्थिक दबाव और सामाजिक अपमान का सामना कर रहे थे। उनके अनुसार, गणेश सकरगाये से करीब 50 लाख रुपये का लेन-देन था और वे पिछले पांच वर्षों से ब्याज चुका रहे थे। इसके बावजूद उन पर दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि इस विवाद के कारण उनकी बेटी का रिश्ता टूट गया था। चौधरी ने वीडियो में दावा किया कि उन पर कुल मिलाकर लगभग एक करोड़ रुपये का कर्ज था, लेकिन अन्य लेनदारों ने उन्हें इस तरह प्रताड़ित नहीं किया।


    गणेश सकरगाये के घर जाकर खाईं सल्फास की गोलियां

    सूत्रों के मुताबिक, आनंद नगर स्थित लव कुश नगर सेक्टर-3 निवासी जितेंद्र चौधरी मंगलवार सुबह करीब 10 बजे घर से निकले और सीधे गणेश सकरगाये के घर पर पहुंच गए। वहीं उन्होंने सल्फास की गोलियां खा लीं, तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने सकरगाये से अस्पताल ले जाने की बात कही। उन्हें पहले आनंद नगर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। करीब चार घंटे तक चले इलाज के बाद उनकी मौत हो गई। बताया जाता है कि जिला अस्पताल में भर्ती कराने के बाद सकरगाये वहां से चले गए।


    कर्ज के बोझ के चलते पत्नी से भी बढ़ गई थी दूरी

    परिचितों के अनुसार, जितेंद्र चौधरी लंबे समय से भारी कर्ज और पारिवारिक तनाव से जूझ रहे थे। बताया जाता है कि पिछले दो वर्षों से वे अपनी बहन के घर खाना खा रहे थे। कर्ज के बोझ के चलते पत्नी से भी दूरी बढ़ गई थी। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की सभी एंगल से जांच की जा रही है। वीडियो बयान, कथित लेन-देन, मोबाइल डेटा और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • एमपी में बादलों का डेरा, दिन का तापमान गिरा, हल्की ठंड बरकरार

    एमपी में बादलों का डेरा, दिन का तापमान गिरा, हल्की ठंड बरकरार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर बदलते मिजाज का अंदाज दिखाया है। पश्चिमी विक्षोक्ष और ट्रफ के असर से बुधवार को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई शहरों में बादल छाए रहे, जिससे दिन का तापमान गिरावट पर आ गया।

    मौसम विभाग के मुताबिक, अगले पांच दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होंगे। हालांकि फिलहाल बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन बादल बनी रहने की संभावना है। सिस्टम के असर के कारण फिलहाल बादल छाए हैं। आने वाले दिनों में दिन और रात का तापमान बढ़ने का रुझान रहेगा।

    सर्दी का असर और आगे का मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी जारी है और कई राज्यों में हल्की बारिश भी हो रही है। सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मध्य प्रदेश में मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा। अगले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट का दौर भी आ सकता है, लेकिन ठंड ज्यादा तेज नहीं होगी। रात का तापमान ज्यादातर शहरों में 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।

    अगले दो दिन का पूर्वानुमान
    13 फरवरी – कुछ जिलों में हल्का कोहरा रह सकता है। बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। दिन में बादल छाए रह सकते हैं।
    14 फरवरी – हल्का से मध्यम कोहरा कुछ जिलों में बने रह सकता है। बारिश की संभावना नहीं है।

    न्यूनतम तापमान की जानकारी
    मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार-रविवार की रात में शहडोल के कल्याणपुर में तापमान 5 डिग्री से नीचे गिर गया। यहां न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री दर्ज किया गया। अन्य स्थानों पर तापमान इस प्रकार रहा:
    पचमढ़ी: 7.4 डिग्री
    कटनी (करौंदी): 8.4 डिग्री
    अमरकंटक (अनूपपुर): 9.1 डिग्री
    मंदसौर: 9.1 डिग्री
    खजुराहो: 9.2 डिग्री
    दतिया: 9.9 डिग्री

    बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान
    ग्वालियर: 13 डिग्री
    उज्जैन-जबलपुर: 13.5 डिग्री
    भोपाल-इंदौर: 13.6 डिग्री

  • उज्जैनः सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालु मोक्षदायिनी शिप्रा में लगाएंगे आस्था की डुबकी, विश्व की रहेगी निगाह

    उज्जैनः सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालु मोक्षदायिनी शिप्रा में लगाएंगे आस्था की डुबकी, विश्व की रहेगी निगाह


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व (Simhastha Mahaparva) का आयोजन विश्व के लिए अद्वितीय है। सिंहस्थ महापर्व के दौरान करोड़ों श्रद्धालु मोक्षदायिनी शिप्रा में आस्था की डुबकी लगाएंगे। इस महापर्व पर विश्व की निगाह रहेगी। सिंहस्थ-2028 मध्य प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए कि प्रत्येक श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के पवित्र अनुष्ठानों में शामिल हो सके।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार देर शाम उज्जैन में सिंहस्थ 2028 अंतर्गत मंत्री मंडलीय समिति से अनुशंसित अधोसरंचना के प्रगतिरत विकास कार्यों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बैठक में अलग-अलग विभागों के माध्यम से सिंहस्थ-2028 के लिए किए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर समीक्षा की। उन्होंने उज्जैनवासियों से सेवाभाव की तरह कार्य करने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराएं।


    मुख्यमंत्री ने की किसानों की फसल की चिंता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ 2028 के प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा के दौरान गेहूं की फसल की सिंचाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिप्रा नदी पर घाट निर्माण के दौरान किसानों को पानी की उपलब्धता बनी रहनी चाहिए। इसके लिए नर्मदा जल की आपूर्ति की जाए। वतर्मान में गेहूं की फसल को सिंचाई के लिए एक पानी की और जरुरत होगी। इसके लिए शिप्रा नदी में जल प्रवाह सुनिश्चित बनाए रखे।

    उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि सभी अधिकारी गंभीरता के साथ काम करें। मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा और संजय दुबे को निर्देश दिए है कि उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के काम में किसी भी तरह की रुकावट न आए। इसके लिए मुख्यमंत्री निवास पर भी सिंहस्थ सेल गठित कर मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जाये और जिन विभागों में अधिकारियों की कमी है, वहाँ पदस्थापना तत्काल की जाए।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अनुभवी अधिकारियों के लिए यदि सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारिेयों को रखना है तो उसके लिए भी नियमानुसार कार्यवाही कर तत्काल रुप से उन्हें रखा जाए। सिंहस्थ-2028 के लिए अब रिवर्स कैलेंडर बनाकर निर्माण कार्य तीव्र गति से पूर्ण करें। वर्तमान समय से लेकर सिंहस्थ-2028 तक दो वर्षाकाल का समय आने वाला है। इसलिए समय-सीमा में काम गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाना अनिवार्य है।

    उन्होंने विभिन्न निर्माण एजेसिंयों द्वारा किए जा रहे कार्यो की समीक्षा की, साथ ही निर्देश दिए कि जो निर्माण एजेंसियां काम कर रही है उनके संसाधनों की भी लगातार मॉनीटरिंग हो। वर्तमान समय माइक्रों मैनेजमेंट से नैनो मैनेजमेंट की ओर जाने का है। युद्ध स्तर की तैयारियां शुरु करना है। सभी अधिकारी 24 घंटे-07 दिन सक्रिय रहें। सिंहस्थ 2028 को बेहतर प्रबंधन के साथ करने के लिए उज्जैन जिले के सभी नागरिकों को जिम्मेदारी के भाव के साथ काम करने के लिए प्रेरित करें, उनको यह लगना चाहिए कि यह हमारा व्यक्तिगत काम है। इसके लिए सभी नागरिकों में जिम्मेदारी के साथ समर्पण का भाव भी पैदा करने के लिए समन्वय बनाकर कार्य करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के अंतर्गत प्रचलित निर्माण कार्यों की समय-समय पर मॉनीटरिंग हो। उन्होंने सिंहस्थ के संदर्भ में विभागों को समन्वयपूर्वक कार्य करने और आवश्यक सुविधाओं के विकास के लिए समय-सीमा में कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए।


    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अधिकारियों को निर्देश

    1. सिंहस्थ-2028 के लिए होम स्टे, धर्मशाला, स्कूल, कॉलेज आदि में व्यवस्थाओं केलिए आधारभूत संरचना तैयार करने के लिए कार्य योजना बनाई जाए।
    2. उज्जैन शहर से जोड़ने वाले आसपास के गांव में होम स्टे की व्यवस्था के लिए लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जाए। सिंहस्थ-2028 मेला क्षेत्र में आंतरिक और बाहरी व्यवस्थाओं की अलग-अलग रूपरेखा बनाएं। सिंहस्थ मेले की बाहर की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाने के लिए जरूरी है कि उसकी समस्त जगहों की मैपिंग की जाए।
    3. उज्जैन सिंहस्थ-2028 की तैयारी में बेहतर प्रबंधन के लिए उज्जैन में महाशिवरात्रि, श्रावण, नागपंचमी एवं अन्य त्योहारों पर व्यवस्थाओं को प्रायोगिक रूप से बनाए और उसके अनुभवों का लाभ लेते हुए सिंहस्थ के भीड प्रबंधन कार्य योजना बने।
    4. उज्जैन शहर से जुड़ने वाले दूसरे जिलों के वैकल्पिक मार्गों का चयन कर लें और इन मार्गों को गुगल मैपिंग के साथ उन्नयन भी कराया जाए, जिससे भीड़ प्रबंधन में इन मार्गों का उपयोग हो सके। साथ ही उज्जैन शहर के महाकाल मंदिर पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का भी चयन करें, जिससे भीड़ प्रबंधन आसानी से हो सके।
    5. श्री मंगलनाथ, श्री भूखीमाता रामघाट के आसपास घाटों को जोड़ने वाले मार्गों को चिन्हित कर उन्नयन करें। सिंहस्थ मेला क्षेत्र के बाहर सामाजिक सामुदायिक भवन, स्कूल, कॉलेज धर्मशाला बनाने वाली संस्थाओं को प्रोत्साहित करें।
    6. सिंहस्थ 2028 के लिए काम कर रही निर्माण एजेंसी जो समय पर काम पूरा करें उनको प्रोत्साहन स्वरूप व्यवस्था भी बना कर दें।

    समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, महापौर मुकेश टटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, सतीश मालवीय, जितेन्द्र पंड्या, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, सिंहस्थ मेला अधिकारी सह संभागायुक्त आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।