Category: Madhya Pradesh

  • वन विभाग में बड़ा फेरबदल: शुभरंजन सेन बने नए पीसीसीएफ हॉफ

    वन विभाग में बड़ा फेरबदल: शुभरंजन सेन बने नए पीसीसीएफ हॉफ


    भोपाल: 1 मार्च 2026। मध्यप्रदेश सरकार ने वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए 1991 बैच के आईएफएस अधिकारी शुभरंजन सेन को नया पीसीसीएफ हॉफ नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल आज से शुरू होगा और वे लगभग दो वर्षों तक इस पद पर रहेंगे। वन भवन से जारी आदेश के अनुसार सेन इससे पहले पीसीसीएफ पद पर कार्यरत थे और अब अप्रैल 2028 तक अपनी सेवानिवृत्ति से पहले विभाग की कमान संभालेंगे।

    इस नियुक्ति के पहले इस पद पर विजय कुमार अंबाड़े तैनात थे, जिनका कार्यकाल फरवरी 2026 में समाप्त हुआ और वे अब सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनके सेवानिवृत्ति से पहले ही सरकार ने शुभरंजन सेन को पीसीसीएफ हॉफ बनाने का आदेश जारी कर दिया था। सेन मूल रूप से भुवनेश्वर, उड़ीसा के रहने वाले हैं और उन्होंने लंबे समय तक वाइल्डलाइफ विभाग में सेवाएं दी हैं।

    इस नियुक्ति को खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि शुभरंजन सेन ने विभागीय वरिष्ठता क्रम को पीछे छोड़ते हुए दो वरिष्ठ अफसरों को पीछे छोड़कर यह पद हासिल किया है। वन विभाग में परंपरा रही है कि पीसीसीएफ हॉफ की कमान ग्रेडेशन लिस्ट के अनुसार दी जाती है। पहले चर्चा थी कि इस पद के लिए अंबाड़े के ठीक नीचे मौजूद एचयू खान को चुना जाएगा, जिनकी सेवानिवृत्ति जुलाई 2026 में थी। उनके ठीक नीचे 1990 बैच के आईएफएस अधिकारी विभाष कुमार ठाकुर का नाम था। लेकिन इस बार शुभरंजन सेन ने दोनों को पीछे छोड़ते हुए पद प्राप्त किया।

    वन विभाग में यह नियुक्ति वरिष्ठता के पारंपरिक क्रम को तोड़ने वाली मानी जा रही है। लंबे समय से आईएफएस लॉबी इतनी मजबूत थी कि पीसीसीएफ हॉफ की कमान किसी अधिकारी को सिर्फ एक दिन या एक महीने के लिए मिलती थी। उदाहरण के तौर पर कुछ समय पहले पीसीसीएफ एके जैन को महज एक दिन के लिए यह पद संभालना पड़ा और आदेश उसी दिन दोपहर में जारी हुआ और शाम को वे सेवानिवृत्त हो गए। इस बार शुभरंजन सेन ने सभी को पीछे छोड़कर पद हासिल कर विभाग में अपनी पकड़ और प्रशासनिक क्षमताओं का प्रदर्शन किया है।

    विशेषज्ञ मानते हैं कि इस नियुक्ति से वन विभाग में रणनीतिक बदलाव की संभावना बढ़ सकती है। शुभरंजन सेन के नेतृत्व में वन्यजीव संरक्षण, प्रशासनिक नीतियों और विभागीय सुधारों में नए आयाम देखने को मिल सकते हैं। उनकी विशेषज्ञता और अनुभव विभाग के लिए लंबे समय तक लाभकारी साबित हो सकते हैं।

  • बड़ी राहत: सीएम मोहन यादव के आश्वासन के बाद मध्यप्रदेश में टली बस हड़ताल.

    बड़ी राहत: सीएम मोहन यादव के आश्वासन के बाद मध्यप्रदेश में टली बस हड़ताल.


    भोपाल:1 मार्च 2026। मध्यप्रदेश में 2 मार्च से प्रस्तावित बस हड़ताल अब टल गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आश्वासन और मध्यस्थता के बाद बस संचालकों ने हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया है, जिससे प्रदेश के लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य प्रदेश के हर ग्रामीण और शहरी क्षेत्र तक सुगम, सुरक्षित और निर्बाध परिवहन सेवा सुनिश्चित करना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बस ऑपरेटर्स की समस्याओं का समाधान आपसी संवाद और सहयोग से किया जाएगा।

    समत्व भवन में सीएम निवास पर हुई बैठक में मध्यप्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने विभिन्न मुद्दों और आपत्तियों को सामने रखा। बस संचालकों ने कहा कि हालिया अधिसूचनाओं और निर्देशों से उनके व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और तुरंत संबंधित सूचना और अधिसूचना को होल्ड करने के निर्देश दिए। अब आगे की कार्रवाई केवल दोनों पक्षों के सहमति से ही की जाएगी।

    सीएम ने परिवहन मंत्री को भी निर्देश दिए कि वे बस ऑपरेटर्स के साथ मिलकर व्यावहारिक समस्याओं का समाधान निकालें। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार और परिवहन व्यवसायी विरोधी नहीं हैं, बल्कि जनता को बेहतर सेवा देने के लिए सहयोगी हैं। इसलिए निर्णय इस तरह लिए जाएं कि यात्रियों की सुविधा बनी रहे और बस संचालकों का व्यवसाय भी प्रभावित न हो।

    सीएम के आश्वासन और प्रशासनिक समझौते के बाद बस ऑनर्स एसोसिएशन ने घोषणा की कि प्रस्तावित 2 मार्च की हड़ताल अब नहीं होगी। इस कदम से प्रदेश भर में यात्रियों, स्कूल-विश्वविद्यालयों और वाणिज्यिक क्षेत्रों में यात्रा पर कोई व्यवधान नहीं आएगा। सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में इसी तरह के मुद्दों पर दोनों पक्ष समय पर चर्चा करेंगे और समाधान निकालेंगे।

    इस निर्णय से न केवल यात्री राहत महसूस कर रहे हैं, बल्कि बस संचालकों को भी उम्मीद है कि उनकी व्यावसायिक समस्याओं का समाधान आपसी संवाद और सहयोग से होगा। सरकार ने यह स्पष्ट किया कि जनता को सुविधा देने के साथ-साथ व्यवसायियों की जरूरतों का भी ध्यान रखा जाएगा।

    प्रदेश के परिवहन तंत्र के लिए यह बड़ी सफलता मानी जा रही है। इससे यह संदेश गया कि मध्यप्रदेश सरकार और परिवहन व्यवसायी मिलकर संतुलित और व्यवस्थित परिवहन सेवा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहे हैं। इस समझौते से यात्रियों और बस संचालकों के बीच विश्वास और सहयोग की स्थिति मजबूत होगी।

  • ग्वालियर बाजार में होली की धूम, स्मोक शॉट और इलेक्ट्रिक पिचकारियों ने बच्चों और युवाओं को किया मंत्रमुग्ध

    ग्वालियर बाजार में होली की धूम, स्मोक शॉट और इलेक्ट्रिक पिचकारियों ने बच्चों और युवाओं को किया मंत्रमुग्ध



    ग्वालियर ग्वालियर में होली का त्योहार करीब आते ही बाजारों में रौनक देखने को मिल रही है। हर्बल रंग, अबीर-गुलाल और नई डिज़ाइन की पिचकारियों की लंबी रेंज दुकानों पर सज चुकी है। ग्राहक परिवार के साथ खरीदारी करने पहुंच रहे हैं और दुकानों पर भीड़ लगातार बढ़ रही है।

    दुकानदार विकास गुप्ता के मुताबिक इस बार बाजार में कई नए और आकर्षक आइटम आए हैं। ग्राहक इन नए कलेक्शन को काफी पसंद कर रहे हैं।

    स्मोक शॉट और इलेक्ट्रिक पिचकारियां इस बार सबसे बड़ा आकर्षण हैं। स्मोक शॉट से रंग आसमान में फैलते हैं, वहीं इलेक्ट्रिक शॉट गन पानी में डालते ही रंगीन पानी भर देती है। इसके अलावा हनुमान जी की गदा, परशुराम का फरसा और भगवान राम के धनुष-बाण की डिजाइन वाली पिचकारियां भी बच्चों और युवाओं में खास लोकप्रिय हो रही हैं।

    बाजार में रंग-बिरंगी ड्रेस की भी मांग बढ़ी है। सफेद शर्ट, कुर्ती, कुर्ता-पायजामा, जयपुरी जूती, पगड़ी और ब्लैक गॉगल की बिक्री में इजाफा हुआ है। छोटे बच्चे रंग-बिरंगे कपड़ों और एक्सेसरीज़ के साथ खरीदारी कर रहे हैं।

    शहर की कई कॉलोनियों और सोसायटियों में होली के दिन सामूहिक कार्यक्रम होंगे। लोग निर्धारित समय पर डीजे और पारंपरिक पकवानों के साथ त्योहार का आनंद लेंगे।

    कलेक्टर रुचिका चौहान ने होली के अवसर पर 4 मार्च को जिले में शासकीय अवकाश घोषित किया है। सभी सरकारी कार्यालय 5 मार्च से फिर से खुलेंगे।

  • ईरान संकट: खामेनेई की मौत के बीच भोपाल में शिया समुदाय ने दी श्रद्धांजलि, जोहर नमाज़ के बाद विशेष कार्यक्रम

    ईरान संकट: खामेनेई की मौत के बीच भोपाल में शिया समुदाय ने दी श्रद्धांजलि, जोहर नमाज़ के बाद विशेष कार्यक्रम


    भोपाल। भोपाल के शिया समुदाय ने आज शिया मस्जिद में जोहर की नमाज़ के बाद सम्मान और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़े पैमाने पर लोगों ने भाग लिया। इस सभा में ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके जीवन, संघर्ष और योगदान पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम शांतिपूर्वक आयोजित किया गया और आयोजकों ने समुदाय के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।

    क्या हुआ — घटना और पुष्टि:
    28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों और राज्य‑स्तरीय घोषणाओं में आ चुकी है। संयुक्त आक्रमण में कई वरिष्ठ अधिकारियों व सैन्य नेतृत्व को भी निशाना बनाया गया था। ईरानी सरकारी मीडिया ने खामेनेई की मौत की पुष्टि की और 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है।

    खामेनेई का राजनीतिक व धार्मिक सफर
    खामेनेई ने 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद तेजी से राजनीतिक उभरते हुए नेतृत्व में खुद को स्थापित किया।
    1981‑88 के दौरान उन्होंने राजनीतिक भूमिकाएँ निभाईं और 1989 में ईरान के सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) बने।
    इस पद पर रहते हुए उन्होंने देश की राजनीतिक, सैन्य और धार्मिक नीतियों को 35 से अधिक वर्षों तक नियंत्रित किया।
    ईरानी शासन व्यवस्था के मुताबिक सुप्रीम लीडर के पद के लिए ‘अयातुल्ला’ का धार्मिक दर्जा आवश्यक है, जो बताता है कि यह पद सिर्फ एक उच्च धार्मिक नेता को ही मिल सकता है।

    अमेरिका और इजरायल का संघर्ष
    अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर पिछले कुछ महीनों से लगातार दबाव बनाया था, विशेष रूप से परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइल विकास और मध्य पूर्व में प्रभाव विस्तार के मद्देनजर। ईरान पर यह हमला उस तनाव का हिस्सा माना जा रहा है जिसने क्षेत्रीय स्थिरता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।

    क्या आगे हो सकता है?
    खामेनेई की मौत न केवल ईरान की आंतरिक राजनीति में विघटन का संकेत है, बल्कि इससे मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन में बड़ा बदलाव भी आने की आशंका जताई जा रही है। संभावित नेतृत्व संकट और विद्रोही आंदोलन दोनों ही इस क्षेत्र में बढ़ सकती हैं।

  • भोपाल में होली मेला: ऑर्गेनिक गुलाल, महुआ के लड्डू और रोजगार का रंगीन संगम

    भोपाल में होली मेला: ऑर्गेनिक गुलाल, महुआ के लड्डू और रोजगार का रंगीन संगम

    नई दिल्ली। भोपाल में होली के अवसर पर डीबी मॉल के पास भोपाल हाट में 21 फरवरी से 2 मार्च तक आयोजित होली मेला अपने आप में खास रहा। इस मेले का उद्देश्य आजिविका समूहों की महिलाओं को बाजार उपलब्ध कराना, उनके हाथों से बने उत्पादों को पहचान दिलाना और लोगों को शुद्ध, घरेलू सामान उपलब्ध कराना है।

    15 से 20 जिलों की दीदियां आईं
    भोपाल, भिंड, मुरैना, इंदौर, सीहोर, सागर, सीधी, बालाघाट, शहडोल, अनूपपुर, सिंगरौली, सतना, दमोह, छतरपुर, निवाड़ी, धार, झाबुआ, मंदसौर, खरगोन, बैतूल, विदिशा और बुरहानपुर से आजीविका दीदियां अपने उत्पाद बेचने आईं।

    ऑर्गेनिक गुलाल और पारंपरिक व्यंजन

    बालाघाट की दीदियों ने ऑर्गेनिक गुलाल बनाया: अरारोट और पलाश के फूल सुखाकर, हल्दी, बेसन और चुकंदर जैसी प्राकृतिक सामग्री से रंग तैयार किया गया।
    सीधी से महुआ के लड्डू: जोड़ों के दर्द, कमजोरी और सांस की तकलीफ में मददगार।
    अनूपपुर के कोदो बिस्किट: किसानों से सीधे लेकर, बिना मिलावट के हाथों से तैयार।
    शुद्ध मसाले, खोया और पारंपरिक गुजिया भी उपलब्ध।

    रंगों के साथ रोजगार का उत्सव
    यह मेला केवल खरीद-बिक्री का केंद्र नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता और हुनर का प्रदर्शन है। आजीविका मार्ट के माध्यम से महिलाओं को अपनी कला और मेहनत दिखाने का मंच मिला।धर्मेंद्र सेठ ने बताया कि मेला इस लिहाज से खास है कि घर का बना शुद्ध सामान लोगों को मिल रहा है, जिससे भरोसे के साथ खरीदारी संभव हो रही है।होली के रंगों के साथ यह मेला आजीविका का संगम न केवल त्योहार को खास बना रहा है, बल्कि ग्रामीण बहनों की आय बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।

  • कूनो नदी में 10 घड़ियाल और कछुए करेंगे आज सुबह प्राकृतिक आवास में प्रवेश, CM मोहन यादव करेंगे उद्धार अभियान का शुभारंभ

    कूनो नदी में 10 घड़ियाल और कछुए करेंगे आज सुबह प्राकृतिक आवास में प्रवेश, CM मोहन यादव करेंगे उद्धार अभियान का शुभारंभ


    मध्यप्रदेश के मोहन यादव आज 1 मार्च 2026 को श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में वन्यजीव संरक्षण अभियान के तहत घड़ियाल और कछुए छोड़ने के कार्यक्रम में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री दोपहर करीब एक बजे हेलीकॉप्टर से कूनो पहुंचेंगे। यहां कूनो नदी में 10 घड़ियालों और कुछ कछुओं को प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा। यह पहल राज्य सरकार की वन्यजीव संरक्षण नीति का हिस्सा है और इसका उद्देश्य कूनो नेशनल पार्क में जैव विविधता को मजबूत करना तथा नदी पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित बनाए रखना है।

    बताया गया है कि यह कार्यक्रम पहले 28 फरवरी को प्रस्तावित था, लेकिन उस दिन मुख्यमंत्री उपस्थित नहीं हो सके थे। उस समय बोत्सवाना से लाए गए नौ चीतों को कूनो में छोड़ने की योजना थी, जिसमें केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री ने भाग लिया। आज का कार्यक्रम पुनर्निर्धारित रूप से घड़ियाल और कछुए संरक्षण अभियान को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया है।

    सीएम के आगमन को देखते हुए कूनो क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि किसी भी स्तर पर सुरक्षा में कोई चूक न हो।

    विशेषज्ञों के अनुसार घड़ियाल और कछुए नदी पारिस्थितिकी तंत्र के महत्वपूर्ण घटक हैं। इनकी उपस्थिति से जलाशयों का प्राकृतिक संतुलन बना रहता है। इस तरह के संरक्षण प्रयास लुप्तप्राय प्रजातियों की सुरक्षा में मदद करते हैं और क्षेत्र को इको-टूरिज्म के रूप में पहचान दिलाने में भी सहायक होते हैं।

    कूनो में लगभग एक घंटे का प्रवास पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव हेलीकॉप्टर से अशोकनगर के लिए रवाना होंगे। यह कार्यक्रम न केवल वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि राज्य में जैव विविधता और पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देने का प्रतीक भी माना जा रहा है।

  • MP Morning News: सीएम ग्वालियर-श्योपुर दौरे पर, बसों की हड़ताल रद्द, कूनो पहुंचे 9 नए चीते और मार्च में खुलेंगे सभी बिजली बिल केंद्र

    MP Morning News: सीएम ग्वालियर-श्योपुर दौरे पर, बसों की हड़ताल रद्द, कूनो पहुंचे 9 नए चीते और मार्च में खुलेंगे सभी बिजली बिल केंद्र


    भोपाल। मध्य प्रदेश की सुबह की ताज़ा खबरों में रविवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के दौरे से लेकर बसों की हड़ताल रद्द होने और कूनो नेशनल पार्क में नए चीते के आगमन तक की जानकारी शामिल है। साथ ही मार्च में सभी छुट्टियों में बिजली बिल भुगतान केंद्र खुले रहेंगे।

    सीएम डॉ मोहन यादव का दौरा

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज रविवार को कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे सुबह 11:00 बजे भोपाल से ग्वालियर के लिए रवाना होंगे। ग्वालियर में स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दोपहर 12:50 बजे श्योपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। श्योपुर में घड़ियाल और कछुओं का रिलीज कार्यक्रम होगा। इसके बाद दोपहर 2:40 बजे अशोकनगर में स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेंगे और शाम 4:25 बजे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे।

    2 मार्च को बसों की हड़ताल रद्द
    मध्य प्रदेश में 2 मार्च को बसों की हड़ताल नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की बैठक के बाद बस ऑपरेटरों ने हड़ताल रद्द करने का फैसला लिया। परिवहन विभाग से जुड़े विवादित राजपत्र फिलहाल होल्ड पर रहेंगे। इस फैसले के बाद राज्य में बसों का संचालन सामान्य रूप से जारी रहेगा और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

    चार साल में 56,128 आत्महत्या के मामले

    मध्य प्रदेश में 1 जनवरी 2022 से अब तक 56,128 लोगों ने खुदकुशी की है। डिप्रेशन से जुड़े मामलों में 7,000 से अधिक मौतें हुई हैं। पारिवारिक कलह, नशे की लत, आर्थिक तंगी और कर्ज जैसे कारणों से यह संख्या बढ़ी है। आंकड़े इस प्रकार हैं:

    14% डिप्रेशन से

    11% लंबी बीमारियों से

    9% नशे की लत से

    7% कर्ज/आर्थिक तंगी से

    5% अकेलेपन के कारण

    4% प्रेम प्रसंग में असफलता

    कूनो नेशनल पार्क में 9 नए चीते

    बोत्सवाना से 6 मादा और 3 नर चीते शनिवार को मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क पहुंचे। अब देश में चीतों की कुल संख्या 48 हो गई है, जिसमें 45 कूनो में और 3 गांधीसागर में हैं।

    मार्च में सभी छुट्टियों में खुलेंगे बिजली बिल केंद्र

    मार्च में राज्य के सभी अवकाशों पर भी बिजली बिल भुगतान केंद्र खुले रहेंगे। इसमें शनिवार, रविवार और त्योहार जैसे होली 3 मार्च गुड़ी पड़वां 19 मार्च जमात उल विदा ईद उल-फितर 20 मार्च रानी अवंती बाई का बलिदान दिवस, रामनवमीं 27 मार्च और महावीर जयंती 31 मार्च शामिल हैं।मध्य प्रदेश में ये फैसले और कार्यक्रम नागरिकों के लिए राहत और सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिए गए हैं।

  • भोपाल में कलियासोत डैम किनारे से अवैध डेयरियों पर बड़ी कार्रवाई: 9 हटाए गए, बाकी पर भी होगी सख्ती

    भोपाल में कलियासोत डैम किनारे से अवैध डेयरियों पर बड़ी कार्रवाई: 9 हटाए गए, बाकी पर भी होगी सख्ती


    भोपाल । भोपाल के कलियासोत डैम के किनारे अवैध रूप से स्थापित डेयरियों के खिलाफ शनिवार को प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के तहत टीटी नगर तहसीलदार कुणाल राउत की मौजूदगी में राजस्व, नगर निगम और पुलिस की टीम ने जेसीबी की मदद से 9 अवैध डेयरियों को तोड़कर हटाया। यह कार्रवाई डैम के सुरक्षा और पर्यावरणीय नियमों की उल्लंघना के चलते की गई।

    सिरपुर गांव के कलियासोत डैम किनारे कुल 18 अवैध डेयरियां बनी हुई थीं, जिनमें पशु पालन और दुग्ध उत्पादन भी किया जा रहा था। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान डेयरियों के मालिकों और स्थानीय लोगों ने विरोध जताया, लेकिन अधिकारियों ने एनजीटी के निर्देशों के मुताबिक कार्रवाई जारी रखी। जेसीबी मशीनों की मदद से एक-एक करके डेयरियां हटाई गईं, जिससे आसपास का क्षेत्र सुरक्षित और नियमों के अनुरूप हो गया।

    तहसीलदार कुणाल राउत ने बताया कि एनजीटी के आदेश के अनुसार सिरपुर गांव में कुल 18 अवैध डेयरियों में से 9 को हटाया गया है और बाकी 9 डेयरियों को भी जल्द ही हटाया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भोपाल के बड़े तालाब के फुल टैंक लेवल (एफटीएल) से 50 मीटर के दायरे में 16 मार्च 2022 के बाद बने सभी निर्माण अवैध माने जाएंगे। इस क्षेत्र में अब तक के सर्वे में कुल 153 झुग्गियां और पक्के निर्माण सामने आए हैं, जिनमें कुछ रसूखदारों के आलीशान मकान भी शामिल हैं।

    इस कार्रवाई से यह संदेश गया कि भोपाल प्रशासन और एनजीटी किसी भी अवैध निर्माण या अतिक्रमण के प्रति सख्ती से कदम उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों और डेयरियों के मालिकों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि कानून के उल्लंघन पर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। प्रशासन का कहना है कि डैम के आसपास पर्यावरण और जल सुरक्षा को बनाए रखना प्राथमिकता है, इसलिए आने वाले समय में भी ऐसे किसी निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी।

    सारांश यह है कि भोपाल में कलियासोत डैम के किनारे अवैध डेयरियों के खिलाफ एनजीटी के निर्देश पर प्रशासन ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए 9 डेयरियों को हटाया, और बाकी पर भी जल्द ही सख्ती की जाएगी। इस कदम से डैम के आसपास पर्यावरणीय सुरक्षा और कानून की नीतियों का पालन सुनिश्चित होगा।

  • उज्जैन में फाग महोत्सव की धूम, भक्तों ने मंदिरों में गुलाल-फूल से खेली होली, अन्य शहरों से भी उमड़े श्रद्धालु

    उज्जैन में फाग महोत्सव की धूम, भक्तों ने मंदिरों में गुलाल-फूल से खेली होली, अन्य शहरों से भी उमड़े श्रद्धालु


    उज्जैनधर्मनगरी उज्जैन में फाल्गुन मास के आगमन के साथ ही फाग महोत्सव का भव्य आयोजन शुरू हो गया है। शनिवार को शहर के प्रमुख मंदिरों में भक्तों ने रंग-बिरंगी होली खेलते हुए भगवान के प्रति अपनी आस्था और श्रद्धा दिखाई। नई पेठ स्थित गजलक्ष्मी मंदिर, छत्री चौक का गोपाल मंदिर और खाटू श्याम जी मंदिर में भक्तों ने गुलाल और फूलों से भगवान के चरणों को सजाया और भजन-कीर्तन के मधुर गीतों के बीच पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

    मंदिरों में फाग उत्सव का आयोजन भक्ति, संगीत और रंगों का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। मंदिर परिसर में श्रद्धालु अपने परिवार के साथ शामिल होकर भगवान के चरणों में प्रार्थना करते हुए गुलाल उड़ाते और फूलों की होली खेलते नजर आए। भजन-कीर्तन और कीर्तन के बीच भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा की रासलीला का स्मरण करते हुए होली के पारंपरिक उत्सव में भाग लिया।

    इस बार फाग महोत्सव में उज्जैन के अलावा देवास, इंदौर, रतलाम और आसपास के अन्य शहरों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर प्रशासन और पुजारियों ने बताया कि फाल्गुन मास में होली का पर्व भगवान श्रीकृष्ण और राधा के साथ गोपियों द्वारा खेली गई होली की परंपरा का प्रतीक है। पुजारी अनिमेश शर्मा ने बताया कि यह उत्सव भक्तों के लिए भक्ति और उल्लास का अवसर होता है और प्रत्येक वर्ष बसंत पंचमी के बाद फाल्गुन मास की शुरुआत से इसे विशेष रूप से मनाया जाता है।

    फाग महोत्सव के दौरान मंदिरों में रंगों के साथ-साथ फूलों और पिचकारियों का भी आनंद लिया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान के चरणों में रंगीन गुलाल डालते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया और भक्ति गीतों में सम्मिलित होकर उत्सव का आनंद लिया। मंदिरों में साफ-सफाई और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया, ताकि बड़े पैमाने पर आए श्रद्धालु सुरक्षित रूप से इस रंगीन महोत्सव में भाग ले सकें।

    इस साल फाग महोत्सव में मंदिरों की सजावट भी आकर्षक थी। मंदिरों में फूलों और रंग-बिरंगी वस्तुओं से विशेष आयोजन किया गया, जिससे भक्तों को न केवल भक्ति का अनुभव मिला बल्कि होली के पारंपरिक रंगों का भी आनंद लेने का अवसर मिला।

    शहरवासियों और मंदिर प्रशासन ने फाग महोत्सव को सफल बनाने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं का ख्याल रखा। श्रद्धालुओं ने बताया कि इस उत्सव के दौरान मंदिरों में रंग और फूलों से होली खेलना भगवान के प्रति उनकी आस्था और प्रेम को दर्शाता है।

    उज्जैन में फाग महोत्सव न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्त्व रखता है बल्कि यह शहर में पर्यटन और सामाजिक मेलजोल को भी बढ़ावा देता है। इस उत्सव ने पूरे शहर को रंगों और खुशियों से सराबोर कर दिया।

  • उज्जैन में चोरी का बड़ा हमला: RSS पदाधिकारी पर हमला, आंख में गंभीर चोट, चेन्नई में मिलेगा इलाज

    उज्जैन में चोरी का बड़ा हमला: RSS पदाधिकारी पर हमला, आंख में गंभीर चोट, चेन्नई में मिलेगा इलाज



    उज्जैन उज्जैन के देवास रोड स्थित पार्श्वनाथ कॉलोनी में 18 फरवरी की रात लगभग 2 बजे चोरी की नीयत से घुसे छह बदमाशों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारी अर्जुन सिंह पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। बताया गया कि हमलावरों ने उनके चेहरे पर हथियार से वार किया, जिससे उनकी आंख में गंभीर चोट आई। गंभीर स्थिति को देखते हुए उनका ऑपरेशन इंदौर के अस्पताल में किया गया और आगे के बेहतर इलाज के लिए उन्हें चेन्नई रेफर कर दिया गया।

    घटना के दौरान मकान मालिक मनोहर सिंह बाहर गए हुए थे और कॉलोनी निवासी अभिलाष जैन ने बताया कि संदिग्ध आवाज सुनकर आसपास के लोग जाग गए। अर्जुन सिंह मौके पर पहुंचे और बदमाशों को ललकारा, जिससे गुस्साए आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। यह वही मकान है जिसे 2023 में भी चोरों ने निशाना बनाया था।

    पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही नागझिरी थाना क्षेत्र में जाकर आसपास के सीसीटीवी फुटेज जुटाए और मामले की जांच शुरू की। घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें बदमाश सामान उठाते दिख रहे हैं। शनिवार को कॉलोनीवासी एसपी प्रदीप शर्मा से मिले और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। एसपी ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और भरोसा दिलाया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने रहवासियों को निजी सुरक्षा गार्ड बढ़ाने की सलाह दी।

    घटना ने उज्जैन की पार्श्वनाथ कॉलोनी में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और आरोपियों की पहचान के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।