Category: Madhya Pradesh

  • मप्रः मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में किया नैवेद्य लोक का लोकार्पण

    मप्रः मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में किया नैवेद्य लोक का लोकार्पण


    – इंदौर की 56 दुकान की तर्ज पर 18 करोड़ की लागत से बने नैवेद्य लोक में स्वाद और सेहत” का मिलेगा अनुपम अनुभव

    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में महाकाल की नगरी उज्जैन के निवासियों को एक नयी सौगात मिली है। शहर के नानाखेड़ा बस स्टैंड के समीप स्थित नैवेद्य लोक का भव्य शुभारंभ गुरुवार देर शाम चैत्र नव वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में किया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के द्वारा वैदिक मंत्रों उचार और शंख ध्वनि के बीच फीता काटकर इंदौर की 56 दुकान की तर्ज पर 18 करोड़ रुपये की लागत से बनाये गये नैवेद्य लोक का शुभारंभ किया गया। उन्होंने प्रत्येक स्टॉल का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री दुकानदारों से भी मिले और यहां के कुछ व्यजंनों का स्वाद भी लिया। नैवेद्य लोक में शहर के प्रमुख और प्रसिद्ध रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों के द्वारा स्टॉल्स लगाई गई। इनमें “स्वाद और सेहत” का अनुपम समन्वय सुनिश्चित किया गया है। यहां उज्जैन के पारंपरिक एवं लोकप्रिय व्यंजनों के साथ-साथ मोटे अनाज (श्री अन्न) से निर्मित अत्यंत पौष्टिक एवं स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थों को विशेष महत्व प्रदान किया गया है।

    नैवेद्य लोक में विभिन्न प्रकार के आकर्षक स्टॉल स्थापित
    नैवेद्य लोक में विभिन्न प्रकार के आकर्षक स्टॉल स्थापित है जिनमें प्रमुख रूप से हरे कृष्ण ऑर्गेनिक फार्मिंग द्वारा ऑर्गेनिक श्री अन्न एवं ताजा जैविक उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यहां स्वाद के साथ स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखते हुए निम्नलिखित व्यंजन आमजन के लिए उपलब्ध हैं: कोदो श्री अन्न की खिचड़ी, कोदो श्री अन्न की खीर, कोदो श्री अन्न की इडली, ज्वार का पोहा, रागी की सेव। फ्रेश बॉक्स आर्गेनिक द्वारा विशेष रूप से तैयार श्री अन्न आधारित व्यंजन एवं सेवाएं उपलब्ध रहेगी। इनमें हेल्दी सलाद, डाइट प्लान, आर्गेनिक ग्रॉसरी, आर्गेनिक ऑयल एवं घी शामिल है ।

    प्रसिद्ध कचरू भैया की कचौड़ी भी मिलेगी
    इसके अतिरिक्त गोपाल मंदिर स्थित मावा बाजार की प्रसिद्ध कचरू भैया की कचौड़ी (जो वर्ष 1968 से अपने अनुपम स्वाद के लिए विख्यात है) भी कुछ दिनों के लिए नैवेद्य लोक में उपलब्ध रहेगी, जिससे उज्जैनवासियों एवं आगंतुकों को पुरानी यादों का स्वाद भी प्राप्त होगा।

    ये सभी व्यंजन न केवल स्वादिष्ट हैं, अपितु उच्च पोषण मूल्य से युक्त होने के कारण स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगे।नैवेद्य लोक का यह शुभारंभ उज्जैनवासियों के साथ ही महाकाल के दर्शनार्थ आने वाले लाखों श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए एक आकर्षक, सुलभ एवं स्वास्थ्यकर भोजन विकल्प प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कचरू भैया से मिलकर कहा कि अच्छा हुआ आपने यहां पर भी स्टाल प्रारंभ की है । अब नानाखेड़ा के लोगों को कचौड़ी के लिए पुराने शहर नहीं जाना पड़ेगा।

    कार्यक्रम में रागीनी मखड़ और डॉ. मखड़ और हरीहरेश्वर पोदार के संस्थान द्वारा सास्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गई।

    उल्लेखनीय है कि नैवेद्य लोक को उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा शहर की एक आधुनिक एवं आकर्षक चौपाटी के रूप में विकसित किया गया है। कुल 28000 स्क्वेयर फीट के क्षेत्रफल में सर्वसुविधायुक्त नैवेद्य लोक परिसर का विकास किया गया है। नैवेद्य लोक में चौपाटी के लिये 34 दुकानें है, जिनका साईज क्रमशः 180 वर्गफीट, 120 वर्गफीट, 100 वर्गफीट, 92 वर्गफीट, 90 वर्गफीट एवं 62 वर्गफीट है। साथ ही यहां विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए सुसज्जित ओपन थियेटर, साउण्ड सिस्टम, महिला, पुरुष, दिव्यांग जनों के उपयोगार्थ नवीन सेंसर उपकरण के साथ प्रसाधन कक्ष, सीसीटीवी कैमरा-सर्वर रूम, आपातकालीन विद्युत व्यवस्था के लिए डीजी सेट, पार्किग, अण्डरग्राउण्ड विद्युत व्यवस्था, अण्डरग्राउण्ड सीवरेज, लैण्ड स्केपिंग आदि सुविधायें विकसित की गई है।

    इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, राज्य सभा सांसद बाल योगी उमेश नाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निमग अध्यक्ष कलावती यादव, संजय अग्रवाल, जगदीश अग्रवाल, रूप पमनानी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • मप्रः हिन्दू नव वर्ष के पहले दिन उज्जैन को मिली अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्विमिंग पुल की सौगात

    मप्रः हिन्दू नव वर्ष के पहले दिन उज्जैन को मिली अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्विमिंग पुल की सौगात


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार देर शाम उज्जैन में नगर निगम द्वारा नवनिर्मित तरणताल का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विक्रम संवत 2083 हिन्दू नव वर्ष पहले दिन शहरवासियों को तरणताल की सौगात मिली है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आमजन को संबोधित करते हुए कहा कि नगर निगम के स्विमिंग पुल से शहरवासियों की कई यादें जुड़ी हुई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्विमिंग पुल की सौगात मिली है तो इसका मेंटेनेंस बनाये रखना होगा। मुख्यमंत्री ने शुभारंभ अवसर पर आयोजित तैराकी स्पर्धा के विजेता बालक-बालिका वर्ग की टीम को 51-51 हजार रुपये पुरस्कार स्वरूप देने की घोषणा की। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती, संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़ मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नगर निगम द्वारा 8.30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित तरणताल (स्विमिंग पुल) का करीब 2 साल पहले भूमि-पूजन किया गया था। आज अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्विमिंग पूल का लोकार्पण करते हुए अत्यधिक प्रसन्नता हुई है। इसके निर्माण से अब उज्जैन की प्रतिभाओं को नये पंख लगेंगे और भविष्य के लिये मजबूत नींव रखी जा सकेगी।

    उन्होंने कहा कि भगवान महाकाल की नगरी में क्षिप्रा में तैराकी करने का भी अपना अलग आंनद है। कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत भाषण महापौर मुकेश टटवाल ने दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत महापौर टटवाल और नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, उज्जैन स्मार्ट सिटी के सीईओ संदीप शिवा, तैराकी संघ के अध्यक्ष राकेश तिवारी ने किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूजन-अर्चन के बाद फीता काटकर लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित तैराकी स्पर्धा में प्रथम शिवोहम् तिवारी, द्वितिय आर्यन राजपूत, तृतीय समर्थ गेहलोत रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालक वर्ग एवं बालिका वर्ग के खिलाडियों को 51-51 हजार रुपये देने की घोषणा की।

    उल्लेखनीय है की नगर निगम द्वारा उक्त तरणताल पुराने तरणताल के स्थान पर नया बनाया गया है। इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है। तरणताल का कुल क्षेत्रफल 25×50 मीटर है तथा इसकी गहराई 4.5 फीट से 6.15 फीट तक रखी गई है। इसके साथ ही बच्चों के लिए वार्मअप पुल भी निर्मित किया गया है जिसकी गहराई 2.5 फीट से 3 फीट रखी गई है। तरणताल में विजिटर गैलेरी बनाई गई है। जिसमें 200 से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। इसी के साथ पार्किंग, फूड कोर्ट, सिटिंग चेयर, पार्क, आधुनिक फिल्टर प्लांट, शावर की सुविधा और वेटिंग रूम की भी सुविधा भी रहेगी। तरणताल का संचालन नगर पालिका निगम द्वारा किया जाएगा।

  • आस्था, आध्यात्म और प्रकृति का अद्भुत समागम होगा सिंहस्थ-2028 का आयोजन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    आस्था, आध्यात्म और प्रकृति का अद्भुत समागम होगा सिंहस्थ-2028 का आयोजन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 का आयोजन आस्था, आध्यात्म और प्रकृति का अद्भुत समागम होगा। सिंहस्थ 2028 के मुख्य राजसी स्नान और अन्य स्नान शिप्रा के जल से ही हो, यह सुनिश्चित करने के लिए सिलारखेड़ी सेवरखेड़ी परियोजना प्रगतिरत है।

    मुख्यंत्री डॉ. यादव गुरुवार को उज्जैन में मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा सिंहस्थ-2028 के कार्यों की जानकारी प्रदान करने के लिए आयोजित सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में सोशल मीडिया बहुत महत्वपूर्ण है, जो सुशासन और समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करने का सशक्त मार्ग है।

    कार्यशाला में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने सिंहस्थ-2028 के लिए कान्ह क्लोज डक्ट, सेवरखेड़ी सिलारखेड़ी परियोजना, शहर के आंतरिक मार्गों का चौड़ीकरण, सीवरेज कार्य, मेला क्षेत्र विकास, जिले की कनेक्टविटी को देश से जोड़ने के लिए बनाए जा रहे 6 लेन और 4 लेन मार्गों, रेलवे लाइन, एयरपोर्ट आदि विकास कार्यों की जानकारी दी।

    पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने सिंहस्थ 2028 के लिए किए जा रहे भीड़ प्रबंधन के उपाय, सुरक्षा व्यवस्था ,एआई टेक्नोलॉजी का क्रॉउड मैनेजमेंट, श्रद्धालुओं को जानकारी प्रदान करने, पार्किंग आदि में उपयोग संबंधी जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर सेंसिटव जानकारी पोस्ट करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने के बारे में चर्चा की।

  • पानी की बूंद-बूंद बचाने के लिए सनातन संस्कृति की पवित्र धारा का अभियान है जल गंगा संवर्धन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    पानी की बूंद-बूंद बचाने के लिए सनातन संस्कृति की पवित्र धारा का अभियान है जल गंगा संवर्धन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान हमारी सनातन संस्कृति की सबसे पवित्र धारा का अभियान है। जल की महत्ता ऐसी है कि इसके बिना कोई जीवित नहीं रह सकता है। शरीर 5 तत्वों से मिलकर बना है। ये सभी तत्व कभी अकेले नहीं रह सकते हैं। पानी के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को इंदौर के इस्कॉन मंदिर में आयोजित राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने गुड़ी पड़वा, विक्रम संवत्, चेटीचंड, चैत्र नवरात्रि की बधाई देते हुए प्रदेश में तीसरे चरण के जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश नदियों का मायका है, जहां से 250 से अधिक नदियां निकलती हैं। मां नर्मदा के पवित्र जल से मध्य प्रदेश के साथ गुजरात में भी आनंद की धारा बह रही है। हमारी नदी जोड़ो परियोजनाओं का लाभ पड़ौसी राज्य राजस्थान और उत्तर प्रदेश को भी मिल रहा है।

    उन्होंने कहा कि जल संचय के अभियान में देशभर के जल स्त्रोतों के विकास कार्य करने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के तीसरे जल गंगा संवर्धन अभियान में 3 महीने तक लगातार जल संचय की गतिविधियां संचालित होंगी, जिसमें 2500 करोड़ की राशि से सभी विधानसभा, नगरीय निकायों और पंचायत स्तर पर जल संवर्धन और संचय के कार्य किए जाएंगे। हमारी सरकार ने पहले वर्ष में 30 दिन, दूसरे वर्ष में 120 दिन चलाया और मौजूदा तीसरे वर्ष में गुड़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक 139 दिनों तक प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में अमृत 2.0 परियोजना में सिंगल क्लिक से 12.72 करोड़ लागत से बिलावली तालाब, 4.89 करोड़ लागत से लिम्बोदी तालाब, 3.82 करोड़ लागत से छोटा सिरपुर तालाब के जीर्णोद्धार कार्यों के भूमि-पूजन सहित 22 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने कार्यक्रम में जल के अपव्यय को रोकने और एक-एक बूंद संग्रहण के लिए शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि ‘जल ही जीवन है, जल है तो कल है’ के मूल मंत्र के साथ जागरूकता फैलाना है। मुख्यमंत्री धार्मिक और पर्यावरणीय संदेशों से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियों में भी शामिल हुए। उन्होंने इस्कॉन मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजन-अर्चन किया और गौ माता की पूजा कर उन्हें गौ-ग्रास खिलाया।


    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण बन रहा है राष्ट्रीय अभियान

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण को राष्ट्रीय अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। मध्य प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान इसी का हिस्सा है। पिछले वर्षों में प्रदेश में लाखों जल संरचनाओं पर कार्य किया गया है। इंदौर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अभियान के पहले वर्ष में इंदौर नगर निगम द्वारा बड़ी संख्या में पुरानी बावड़ियों और तालाबों के गहरीकरण और पुनरुद्धार का कार्य किया गया। साथ ही सैकड़ों कुओं का भी जीर्णोद्धार किया गया है। उन्होंने नागरिकों से जल संरक्षण में भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि यह अभियान केवल सरकारी नहीं, बल्कि जन-जन का आंदोलन होना चाहिए।


    हमारी नदियां शरीर की रक्त धमनियों की तरह

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर के जानापाव से निकली चंबल आगे बढ़कर यमुना में मिलकर गंगा जी की धारा को समृद्ध करती है। हमारी नदियां शरीर की रक्त धमनियों की तरह है, जो पृथ्वी माता को जीवन देती हैं। ब्रह्मांड में जल के महत्व से हम सभी परिचित हैं। उन्होंने कहा कि अगर जीवन को सफल करना है तो प्राचीन समय के उन कुएं, नदियां, तालाब, बावड़ी का जीर्णोद्धार करना होगा, जिनका सम्राट विक्रमादित्य, लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर, महाराज सिंधिया ने निर्माण कराया था। उन्होंने बताया कि इंदौर में 21 बावड़ियों का जीर्णोद्धार कराया गया है। जल है तो कल है वाक्य की गंभीरता को हर व्यक्ति को स्वीकार करना होगा।


    भारतीय संस्कृति पराक्रम, पुरुषार्थ, आनंद और उत्सव की संस्कृति

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विक्रम संवत् 2083 का शुभारंभ हो रहा है। आज का दिन सम्राट विक्रमादित्य का स्मरण करने का दिन है। सम्राट विक्रमादित्य ने अपनी वीरता, गंभीरता, दानवीरता और लोकप्रियता के बल पर दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई थी। भारतीय संस्कृति, पराक्रम, पुरुषार्थ, आनंद और उत्सव की संस्कृति है। प्रकृति में ऋतुओं का राजा बसंत है और भारतीय नववर्ष के मौके पर चारों ओर बसंत की आकर्षक छटा दिखाई देती है। सनातन संस्कृति में मौसम, ऋतुओं और मंगल तिथियों के आधार पर पर्व-त्यौहार मनाए जाते हैं। इन तिथियों पर मंगल कार्य संपन्न किए जाते हैं। इसलिए ऐसे त्योहारों की मंगलकामनाएं होनी चाहिए। जबकि शुभकामनाएं जन्मदिवस, यात्रा आरंभ, साक्षात्कार, परीक्षा जैसे अवसरों पर देनी चाहिए। नवरात्रि, रामनवमी, दशहरा जैसी मंगल तिथियां हैं, इसलिए मंगलकामनाओं का आदान-प्रदान ही उचित है।


    इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग में बरतें विशेष सावधानी

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में आधुनिक संसाधन जीवन को सुखद और आनंदमय बनाने के लिए हैं। बिजली से ए.सी. चलाते समय खिड़की-दरवाजे बंद रहने से संकट की स्थिति भी बन सकती है। इसलिए घरों में बिजली के सर्किट, कॉमर्शियल लाइनें और उपभोक्ताओं की लाइनों की समय-समय पर जांच होनी चाहिए। इलेक्ट्रिक व्हीकल की चार्जिंग के दौरान विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। रात में अपनी और परिवार की सुरक्षा की चिंता स्वयं करनी चाहिए। ऐसे सभी प्रयासों में सरकार हमेशा साथ खड़ी है। बुधवार को इंदौर में हुई अत्यंत दु:खद घटना में नागरिकों की असामयिक मृत्यु हुई है। राज्य सरकार विशेषज्ञों से चर्चा कर समस्या का सामाधान निकालने पर कार्य करेगी।

    कार्यक्रम को जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर सांसद शंकर लालवानी और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रीना सतीश मालवीय, विधायक मधु वर्मा, मालिनी गौड़ और गोलू शुक्ला सहित जनप्रतिनिधि, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह और बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।

  • इंदौर अग्निकांड: सीएम डॉ. मोहन यादव ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, SOP बनाने के दिए संकेत

    इंदौर अग्निकांड: सीएम डॉ. मोहन यादव ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, SOP बनाने के दिए संकेत


    भोपाल। डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर गहरा शोक व्यक्त किया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान पीड़ित परिवारों ने फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस के देर से पहुंचने की शिकायत भी की जिस पर मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीर जांच का आश्वासन दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना के मद्देनजर ईवी चार्जिंग इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग को लेकर एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदलती तकनीक के साथ नई चुनौतियां सामने आ रही हैं और सरकार इनसे निपटने के लिए ठोस कदम उठाएगी।

    घटना के तुरंत बाद सीएम ने अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए थे और भोपाल से विशेषज्ञों की टीम इंदौर भेजी गई। उन्होंने कहा कि डिजिटल लॉक और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग जैसी सुविधाएं आधुनिक जीवन का हिस्सा हैं लेकिन इनके उपयोग में सावधानी बेहद जरूरी है।

    गौरतलब है कि इंदौर के तिलक नगर क्षेत्र में बुधवार तड़के एक भीषण हादसा हुआ था। रबर कारोबारी मनोज पुगलिया के घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट हुआ जिससे आग लग गई। देखते ही देखते आग ने तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में मनोज पुगलिया उनकी गर्भवती बहू सिमरन समेत कुल 8 लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पीड़ित परिवारों को राहत देना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है। साथ ही उन्होंने लोगों से भी अपील की कि आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते समय सतर्कता बरतें।

  • चैत्र नवरात्रि में उज्जैन का हरसिद्धि मंदिर बनता है आस्था का महापर्व स्थल जहां पूरी होती हैं मन की हर मुराद

    चैत्र नवरात्रि में उज्जैन का हरसिद्धि मंदिर बनता है आस्था का महापर्व स्थल जहां पूरी होती हैं मन की हर मुराद

    मध्य प्रदेश के धार्मिक और ऐतिहासिक नगर उज्जैन में स्थित हरसिद्धि माता मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है बल्कि यह आध्यात्मिक ऊर्जा और विश्वास का एक अद्भुत संगम भी माना जाता है चैत्र नवरात्रि के अवसर पर यहां भक्तों की अपार भीड़ उमड़ती है और पूरा वातावरण भक्ति और श्रद्धा से भर जाता है इस मंदिर को 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है और इसका संबंध सम्राट विक्रमादित्य की आस्था और भक्ति से भी जुड़ा हुआ है

    हरसिद्धि माता मंदिर विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग से कुछ ही दूरी पर स्थित है और इसकी ऐतिहासिकता हजारों वर्षों पुरानी बताई जाती है मान्यता है कि माता सती की दाहिनी कोहनी यहां गिरी थी जिसके कारण यह स्थान अत्यंत पवित्र माना जाता है और इसे मंगल चंडी शक्ति स्थल के रूप में जाना जाता है यहां माता को विशेष सिद्धि प्रदान करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है

    चैत्र नवरात्रि के दौरान मंदिर में विशेष पूजा अर्चना का आयोजन होता है पहले दिन प्रातःकाल मंदिर के पट खोले जाते हैं और विधिवत पूजा की शुरुआत होती है शैलपुत्री माता की आराधना के साथ घट स्थापना की जाती है और इसके बाद नौ दिनों तक क्रमशः सभी नौ देवियों की पूजा की जाती है इस दौरान मंदिर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है और दूर दूर से श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं

    हरसिद्धि मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां की विशाल दीपमाला है जिसे सम्राट विक्रमादित्य द्वारा स्थापित किया गया माना जाता है इस दीपमाला में लगभग 51 फीट ऊंचे दो दीप स्तंभ हैं जिनमें एक साथ 1011 दीपक प्रज्वलित किए जाते हैं दीपों की यह ज्योति न केवल दृश्य रूप से आकर्षक होती है बल्कि इसे अत्यंत शुभ और पवित्र भी माना जाता है पहले यह दीपमाला केवल नवरात्रि के दौरान ही प्रज्वलित की जाती थी लेकिन अब श्रद्धालुओं की आस्था और बुकिंग के चलते इसे नियमित रूप से जलाया जाने लगा है

    भक्तों की मान्यता है कि संध्या आरती के समय जब दीपमाला प्रज्वलित होती है और भक्त माता के सामने अपनी मनोकामना रखते हैं तो वह अवश्य पूर्ण होती है इसी विश्वास के कारण नवरात्रि के दिनों में मंदिर में भारी भीड़ रहती है और श्रद्धालु विशेष रूप से दीप जलाने के लिए पहुंचते हैं

    सम्राट विक्रमादित्य को इस मंदिर का प्रमुख भक्त और संरक्षक माना जाता है कहा जाता है कि उन्होंने यहां माता की कठोर तपस्या की और माता ने उन्हें विशेष कृपा प्रदान की जिसके बाद वे महान और न्यायप्रिय शासक बने यह कथा आज भी लोगों को प्रेरित करती है और उनकी आस्था को और भी मजबूत बनाती है

    नवरात्रि के नौ दिनों में मंदिर का हर कोना भक्ति के रंग में रंगा रहता है भजन कीर्तन और मंत्रोच्चार से वातावरण गूंजता रहता है और श्रद्धालु माता की कृपा पाने के लिए पूरे मन से पूजा अर्चना करते हैं हरसिद्धि माता का यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि आस्था विश्वास और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है जहां हर भक्त अपनी मनोकामना लेकर आता है और उसे पूर्ण होने की आशा के साथ लौटता है

  • मिलावटी डेयरी मामले में जयश्री फूड्स के किशन मोदी की 11 संपत्तियां अटैच, 20 करोड़ की कार्रवाई

    मिलावटी डेयरी मामले में जयश्री फूड्स के किशन मोदी की 11 संपत्तियां अटैच, 20 करोड़ की कार्रवाई


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के संचालक किशन मोदी की 20.59 करोड़ की संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय ED ने अटैच कर दी है। ईडी ने “मिल्क मैजिक” ब्रांड से जुड़े मिलावटी डेयरी उत्पाद मामले में कार्रवाई करते हुए उनकी 11 अचल संपत्तियों को अटैच किया।

    न्यायिक हिरासत में किशन मोदी

    इस मामले में किशन मोदी मुख्य आरोपी हैं। पहले 13 मार्च 2026 को ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था। 18 मार्च तक रिमांड पर रहने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से किशन मोदी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

    मामले का विवरण

    किशन मोदी पर आरोप है कि उन्होंने दूध में पाम ऑयल और हानिकारक रसायनों मिलाकर मिलावटी डेयरी उत्पाद तैयार किए और निर्यात किया। “मिल्क मैजिक” ब्रांड के तहत काम करने वाली इस कंपनी पर फर्जी लैब टेस्ट रिपोर्ट का इस्तेमाल कर बहरीन, हांगकांग, सिंगापुर, ओमान, कतर और UAE जैसे देशों में घटिया दूध और डेयरी उत्पाद भेजने का आरोप है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ कि प्रवर्तन निदेशालय और प्रशासन मिलावट और उपभोक्ता सुरक्षा के मामलों में कड़ी कार्रवाई कर रहा है।

  • मैहर शारदा मंदिर में चैत्र नवरात्रि पर उमड़ा आस्था का सैलाब, त्रिकूट पर्वत गूंजा जय माता दी से

    मैहर शारदा मंदिर में चैत्र नवरात्रि पर उमड़ा आस्था का सैलाब, त्रिकूट पर्वत गूंजा जय माता दी से


    मैहर। मध्यप्रदेश के मैहर में चैत्र नवरात्रि के पहले दिन आस्था का रंग देखने लायक था। लगभग 600 फीट ऊंचे त्रिकूट पर्वत पर स्थित मां शारदा देवी मंदिर में देशभर से श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा और हर ओर “जय माता दी” के जयकारे गूंज रहे थे। श्रद्धालु 1060 सीढ़ियों और रोपवे से दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और भक्ति व उत्साह का माहौल पूरे धाम में छाया रहा।

    मंदिर का पौराणिक महत्व

    माना जाता है कि मां शारदा देवी मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। पौराणिक कथा के अनुसार माता सती का हार तांडव के दौरान यहीं गिरा था इसी कारण इस स्थान का नाम मैहर पड़ा। मंदिर के प्रधान पुजारी पवन पाण्डेय ने बताया कि मां शारदा “मैं” को हरने वाली हैं अर्थात् हमारे अंदर जो अहंकार और अज्ञान होता है उसे हरने वाली माता हैं।

    आल्हा की परंपरा और पूजा विधि

    लोककथाओं के अनुसार वीर योद्धा आल्हा आज भी ब्रह्ममुहूर्त में माता की प्रथम पूजा करते हैं। कई बार ऐसे प्रमाण मिले हैं जब सुबह मंदिर के पट खोलने पर बत्ती जलती पाई गई या आसपास कभी दिखाई न देने वाले फूल मंदिर में पाए गए। पुजारी पवन पाण्डेय ने बताया कि मां शारदा को नौ दिनों में अलग-अलग रूपों में पूजा जाता है। जो भक्त मंदिर दर्शन के लिए नहीं आ पाते वे मां शारदा के नाम का जप करें और व्रत रखें मां की कृपा बनी रहेगी।

    सुरक्षा और सुविधाएं

    नवरात्रि मेले में भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। 600 से ज्यादा जवान जिनमें 40 महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं 24 घंटे तैयार रहेंगे। इसके अलावा बम स्कॉट की टीमें सिविल ड्रेस में भी लगातार गश्त कर रही हैं। प्रशासन ने सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से निगरानी रखी है जबकि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल स्वास्थ्य और भोजन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। इस प्रकार मैहर में चैत्र नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धालुओं ने माता शारदा देवी के दर्शन कर आस्था और भक्ति के साथ नव संवत्सर का स्वागत किया।

  • मध्यप्रदेश में नव संवत्सर और चैत्र नवरात्रि पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने सूर्य देवता को अर्घ्य अर्पित, प्रदेश की खुशहाली की कामना

    मध्यप्रदेश में नव संवत्सर और चैत्र नवरात्रि पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने सूर्य देवता को अर्घ्य अर्पित, प्रदेश की खुशहाली की कामना


    भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को चैत्र नवरात्रि के पहले दिन सुबह सूर्य देवता को अर्घ्य अर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने हिंदू नववर्ष और गुड़ी पड़वा की बधाई दी तथा प्रदेशवासियों के संकल्पों की सिद्धि हर आंगन में खुशहाली और प्रदेश की उन्नति की कामना की।

    सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आज हिंदू नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रम संवत 2083 एवं गुड़ी पड़वा के शुभ अवसर पर भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर नमन किया और दिनचर्या की शुरुआत की। इस नए वर्ष में हम सभी के संकल्पों की सिद्धि हो हर आंगन में खुशहाली आए और प्रदेश उन्नति के नए सोपान गढ़े यही मंगलकामना है।

    अपने X अकाउंट पर उन्होंने नव संवत्सर पर यह भी लिखा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हिंदू नव वर्ष की आप सभी को हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं! नव संवत्सर विक्रम संवत 2083 आपके जीवन में नव चेतना नव ऊर्जा और असीम समृद्धि लाए। इस पुण्यभूमि पर प्रगति परिश्रम व परोपकार की त्रिवेणी सदा बहती रहे और पूरा विश्व इससे अभिसिंचित होता रहे यही कामना है। जयतु भारतम्! सीएम ने चैत्र नवरात्रि की भी शुभकामनाएं दीं और कहा कि पहले दिन यानी शैलपुत्री मां के दिन उनकी आशीर्वाद से सभी भक्तों के कष्ट दूर हों

    हर घर में सुख-शांति संपन्नता और आनंद का वास हो। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥ देवी मां दुर्गा जी की आराधना के महापर्व चैत्र नवरात्रि की आप सभी को हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं।  इस प्रकार मुख्यमंत्री ने नव संवत्सर और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों के लिए खुशहाली समृद्धि और उन्नति की प्रार्थना की और सामाजिक-सांस्कृतिक आस्था को मजबूती दी।

  • कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, अगली सुनवाई तक स्टे

    कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, अगली सुनवाई तक स्टे


    भोपाल। मध्यप्रदेश के कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। अदालत ने उन्हें अगली सुनवाई तक स्टे रोक प्रदान किया है। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी। मुकेश मल्होत्रा की पैरवी वरिष्ठ वकील एवं राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने की।

    इससे पहले ग्वालियर हाईकोर्ट ने मुकेश मल्होत्रा के चुनाव को शून्य घोषित किया था। हाईकोर्ट ने उन्हें 15 दिन का समय दिया था, ताकि वे सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकें। बीते 9 मार्च को हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ चुनावी हलफनामे में क्रिमिनल केस छुपाने के आरोपों के चलते यह आदेश दिया था।

    हालांकि सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बावजूद, मुकेश मल्होत्रा राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं कर पाएंगे, उन्हें मानदेय भी नहीं मिलेगा। हालांकि, वे विधानसभा की कार्यवाही में शामिल हो सकेंगे। याचिका जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच में सुनी गई। इस निर्णय से यह मामला फिलहाल स्थगित हुआ है और 23 जुलाई की अगली सुनवाई तक मुकेश मल्होत्रा के खिलाफ हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगी रहेगी।