Category: Madhya Pradesh

  • महिला और सिटी मजिस्ट्रेट में तीखी बहस एक घंटे के विवाद के बाद हटा अतिक्रमण

    महिला और सिटी मजिस्ट्रेट में तीखी बहस एक घंटे के विवाद के बाद हटा अतिक्रमण


    खंडवा /मध्यप्रदेश के खंडवा शहर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ। रविंद्र नगर गेट के पास नगर निगम की टीम जब अतिक्रमण हटाने पहुंची तो वहां रह रही एक महिला ने कार्रवाई का खुलकर विरोध किया। मामला इतना बढ़ गया कि महिला और सिटी मजिस्ट्रेट के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    नगर निगम का अमला अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंचा था। इस दौरान कार्यपालन यंत्री राधेश्याम उपाध्याय और सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह भी मौजूद थे। जैसे ही जेसीबी ने घर के आगे बने ओटले को तोड़ना शुरू किया, वहां खड़ी महिला अचानक मशीन के सामने आ गई और कार्रवाई रोकने की कोशिश करने लगी।

    महिला ने अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह वर्षों से वहां रह रही है और साफ-सफाई भी करती है। विरोध करते हुए महिला ने कहा कि तुम तोड़कर दिखाओ, यहां जितने लोग हैं सबको न फंसा दिया तो फिर बोलना। इस दौरान महिला ने सिटी मजिस्ट्रेट को धमकी भरे लहजे में कहा कि वह उनके खिलाफ उल्टा केस दर्ज करा देगी और पहले उसे गिरफ्तार किया जाए।

    बहस के दौरान महिला ने आसपास के मकानों की ओर इशारा करते हुए सवाल उठाया कि आगे बढ़े हुए ओटले क्यों नहीं हटाए जा रहे हैं। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यह सरकारी जमीन पर किया गया अतिक्रमण है और इसे हटाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जेसीबी लगाकर कार्रवाई पूरी की जाए।

    करीब एक घंटे तक चले इस विवाद के बाद आखिरकार नगर निगम ने अतिक्रमण हटा दिया। हालांकि कार्रवाई के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई और बहस का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।

    नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह अतिक्रमण लंबे समय से किया गया था और पहले भी नोटिस दिए जा चुके थे। प्रशासन का साफ कहना है कि शहर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

  • भोपाल में नियमों की अनदेखी: आर्य समाज मंदिर से सिर्फ 29 मीटर पर शराब ठेका, रहवासियों का सड़क पर प्रदर्शन

    भोपाल में नियमों की अनदेखी: आर्य समाज मंदिर से सिर्फ 29 मीटर पर शराब ठेका, रहवासियों का सड़क पर प्रदर्शन


    भोपाल ।राजधानी भोपाल की अरेरा कॉलोनी में एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। यहां आर्य समाज मंदिर के बेहद समीप, महज 29 मीटर की दूरी पर शराब का ठेका संचालित किया जा रहा है, जबकि नियमों के अनुसार किसी भी धार्मिक स्थल से शराब दुकान की न्यूनतम दूरी 100 मीटर होना अनिवार्य है। इस स्पष्ट नियम उल्लंघन से नाराज स्थानीय रहवासी गुरुवार को मंदिर के बाहर सड़क पर उतर आए और शराब ठेका हटाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।

    लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे रहवासियों का कहना है कि मंदिर में रोजाना पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यक्रम होते हैं, वहीं ठीक बगल में शराब दुकान खुली होने से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे न केवल धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं, बल्कि क्षेत्र की शांति और सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

    प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य डॉ. प्रियंक कानूनगो भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए स्वयं इंच टेप लेकर आर्य समाज मंदिर और शराब दुकान के बीच की दूरी नापी। नापजोख के बाद सामने आया कि दोनों के बीच की दूरी महज 29 मीटर है। इस पर डॉ. कानूनगो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नियम पूरी तरह साफ हैं और धार्मिक स्थल से शराब ठेका कम से कम 100 मीटर दूर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतने कम फासले पर शराब दुकान का संचालन न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह स्थानीय लोगों के अधिकारों का भी हनन है।

    डॉ. प्रियंक कानूनगो ने प्रदर्शन कर रहे रहवासियों को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले में उनके साथ खड़े हैं और इस शराब ठेके को हटवाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उनकी मौके पर मौजूदगी और सक्रियता से प्रदर्शन कर रहे लोगों का उत्साह बढ़ा और मामला और अधिक चर्चा में आ गया।

    स्थानीय निवासियों ने बताया कि इससे पहले भी इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन तब आबकारी विभाग ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया था कि आर्य समाज मंदिर को धार्मिक स्थल की श्रेणी में नहीं माना जा सकता। रहवासियों का कहना है कि यह तर्क पूरी तरह गलत और नियमों की मनमानी व्याख्या है। उनका सवाल है कि जब मंदिर में नियमित रूप से पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन होते हैं, तो उसे धार्मिक स्थल मानने में क्या आपत्ति है।

    अब एक बार फिर रहवासियों के प्रदर्शन और NHRC सदस्य की सीधी दखल के बाद मामला गरमा गया है। लोगों को उम्मीद है कि इस बार प्रशासन नियमों के अनुसार कार्रवाई करेगा और मंदिर के पास से शराब ठेका हटाया जाएगा। फिलहाल अरेरा कॉलोनी में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है और सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।

  • ग्वालियर के बिजौली थाना क्षेत्र में महिला और नाबालिग बहन के साथ हुई दरिंदगी, 40 हजार रुपये और चांदी की पायल भी लूटे

    ग्वालियर के बिजौली थाना क्षेत्र में महिला और नाबालिग बहन के साथ हुई दरिंदगी, 40 हजार रुपये और चांदी की पायल भी लूटे


    ग्वालियर /मध्यप्रदेश के ग्वालियर से एक शर्मनाक और सनसनीखेज खबर सामने आई है। बिजौली थाना क्षेत्र में दो सगी बहनों के साथ दुष्कर्म की वारदात हुई है। पीड़िताओं में एक शादीशुदा महिला और उसकी नाबालिग बहन शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक यह मामला घरेलू विश्वास और नजदीकी रिश्तों के दुरुपयोग का उदाहरण है।

    अधिकारियों के अनुसार, घटना के मुख्य आरोपी महिला का मौसेरे भाई धर्मेंद्र और उसका साथी अमन खान है। आरोप है कि दोनों ने शादीशुदा महिला के पति के अहमदाबाद में काम करने का फायदा उठाया। देर रात बहानों के सहारे आरोपी बहनों के घर रुके और शादी का झांसा देकर दोनों बहनों के साथ दुष्कर्म किया।

    सिर्फ यहीं नहीं, आरोपी हाथ साफ करते हुए 40 हजार रुपये नगद और चांदी की पायल भी लूटकर फरार हो गए। पीड़िता ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    बिजौली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म (आईपीसी 376) सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की खोज में लगी हुई है और जांच जारी है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी घटना को अंजाम देने के लिए देर रात को घर में रुके, ताकि किसी की नजर न पड़े और बहाने बनाकर पीड़िताओं को बहकाया जा सके। यह मामला न केवल समाज में सुरक्षा की चिंता को उजागर करता है, बल्कि घरेलू और पारिवारिक विश्वास की हिफाजत की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।

    सामाजिक और कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में न सिर्फ सख्त कानूनी कार्रवाई की जरूरत है, बल्कि पीड़िताओं को मानसिक और भावनात्मक सहायता प्रदान करना भी बेहद आवश्यक है।

    मध्यप्रदेश पुलिस ने जनता से अपील की है कि अगर किसी ने आरोपियों के बारे में कोई जानकारी है, तो तुरंत थाना या पुलिस हेल्पलाइन पर सूचना दें। जांच पूरी होने तक पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश कर रही है और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। यह घटना न केवल ग्वालियर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में लोगों को सतर्क रहने और अपने परिवार के सुरक्षित वातावरण के महत्व को याद दिलाती है।

  • 8 फरवरी महाकाल भस्म आरती: चंदन के त्रिपुंड और त्रिनेत्र से सजे बाबा महाकाल, अलौकिक श्रृंगार के हुए दर्शन

    8 फरवरी महाकाल भस्म आरती: चंदन के त्रिपुंड और त्रिनेत्र से सजे बाबा महाकाल, अलौकिक श्रृंगार के हुए दर्शन

    उज्जैन । उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार तड़के 8 फरवरी को फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि पर भव्य भस्म आरती संपन्न हुई। सुबह करीब 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए, जिसके साथ ही श्रद्धा और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। कपाट खुलते ही गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुजारियों ने भगवान महाकाल सहित सभी देवी-देवताओं का विधिवत पूजन किया और जलाभिषेक से आरती की शुरुआत हुई ।

    इसके पश्चात भगवान महाकाल का दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से निर्मित पंचामृत से अभिषेक किया गया। अभिषेक के बाद बाबा महाकाल का अत्यंत मनोहारी और दिव्य श्रृंगार किया गया। भगवान को चंदन का त्रिपुंड लगाया गया, त्रिनेत्र से अलंकृत किया गया और भांग से राजा स्वरूप में सजाया गया। यह दृश्य भक्तों के लिए अत्यंत भावविभोर कर देने वाला रहा।

    भस्म अर्पण से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया। मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का ध्यान किया गया और कपूर आरती संपन्न हुई। इसके बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर भस्म रमाई गई, जो महाकाल की विशिष्ट पहचान और शिव तत्व का प्रतीक मानी जाती है। भस्म अर्पण के पश्चात भगवान को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। आभूषणों और फूलों से बाबा महाकाल का भव्य अलंकरण किया गया, जिससे गर्भगृह दिव्यता से आलोकित हो उठा।

    अल सुबह संपन्न हुई इस भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन किए और उनके कान के समीप अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना की। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर “जय श्री महाकाल” के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। भक्तों की आस्था और भक्ति ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि बाबा महाकाल के दरबार में आकर हर मनोकामना पूर्ण होने की आशा जाग उठती है। जो श्रद्धालु मंदिर नहीं पहुंच सके, वे घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से भी भस्म आरती के दर्शन कर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शहडोल दौरा: 767 करोड़ की सौगात, माता शबरी प्रतिमा का अनावरण और विकास कार्यों की ऐतिहासिक शुरुआत

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शहडोल दौरा: 767 करोड़ की सौगात, माता शबरी प्रतिमा का अनावरण और विकास कार्यों की ऐतिहासिक शुरुआत


    नई दिल्ली । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मध्य प्रदेश के शहडोल जिले को विकास की बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। अपने व्यस्त दौरे के तहत मुख्यमंत्री जहां एक ओर आस्था और संस्कृति से जुड़े ऐतिहासिक स्थल सीतामढ़ी धाम में माता शबरी की भव्य प्रतिमा का अनावरण करेंगे वहीं दूसरी ओर शहडोल जिले के लिए 767 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले और पूर्ण हो चुके कुल 142 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करेंगे। यह दौरा जिले के सामाजिक सांस्कृतिक और आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दिन सुबह 10:30 बजे कटनी जिले से शुरू होगा जहां वे दोपहर 12:10 बजे तक स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होकर विभिन्न योजनाओं और क्षेत्रीय मुद्दों पर फोकस करेंगे। इसके पश्चात दोपहर 1:35 बजे हेलीकॉप्टर से शहडोल जिले के धनपुरी जैतपुर पहुंचेंगे। यहां वे सड़क पुल शिक्षा स्वास्थ्य जल संरक्षण और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े 142 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। ये परियोजनाएं शहडोल जिले के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आमजन के जीवन स्तर में सुधार लाने में अहम भूमिका निभाएंगी।

    धनपुरी में मुख्यमंत्री नगर पालिका द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक वाटर पार्क का उद्घाटन भी करेंगे। यह वाटर पार्क न केवल स्थानीय लोगों के लिए गर्मियों में राहत और मनोरंजन का साधन बनेगा बल्कि क्षेत्र में पर्यटन को भी नई गति देगा। इसके साथ ही साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा अधिग्रहित भूमि के 15 हितग्राहियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

    दोपहर करीब 3:20 बजे मुख्यमंत्री गंधिया गांव ब्यौहारी जयसिंहनगर विकासखंड स्थित पवित्र सीतामढ़ी धाम पहुंचेंगे। यह स्थल रामायण काल से जुड़ा हुआ है और भगवान राम के वनवास मार्ग का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है जहां माता शबरी ने अपनी अनन्य भक्ति से प्रभु श्रीराम को फल अर्पित किए थे। यहां माता शबरी की भव्य प्रतिमा का अनावरण मुख्यमंत्री स्वयं करेंगे। यह प्रतिमा लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था और श्रद्धा का नया केंद्र बनेगी और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगी। सीतामढ़ी धाम में भी विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन प्रस्तावित है।

    इधर राजधानी भोपाल में आज मध्य प्रदेश कांग्रेस की संगठनात्मक समीक्षा बैठक भी आयोजित हो रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा भोपाल संभाग से इस समीक्षा की शुरुआत की जा रही है जिसमें संगठन की मजबूती जमीनी फीडबैक और भविष्य की रणनीति पर गहन मंथन होगा। प्रदेश प्रभारी और अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में हो रही ये बैठकें पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत करने की दिशा में एक प्रयास मानी जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शाम करीब 6 बजे गंधिया से स्टेट हैंगर भोपाल के लिए रवाना होंगे। कुल मिलाकर आज का दिन शहडोल जिले के लिए विकास आस्था और रोजगार के नए अवसरों का संदेश लेकर आ रहा है।

  • किसानों के हित सर्वोपरि, ट्रेड डील से भारतीय कृषि उत्पादों को कोई नुकसान नहीं : शिवराज सिंह

    किसानों के हित सर्वोपरि, ट्रेड डील से भारतीय कृषि उत्पादों को कोई नुकसान नहीं : शिवराज सिंह

    भोपाल। केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत और अमेरिका के बीच हुई अंतरिम ट्रेड डील को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह डील पूरी दुनिया को यह संदेश देती है कि भारत की नीति समझौते की है, समझौते में झुकने की नहीं। इस समझौते में ऐसा कोई भी उत्पाद शामिल नहीं है, जिससे भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचे। किसानों के हित सर्वोपरि हैं, उन पर कोई आंच नहीं आने दी जाएगी।

    केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान रविवार को अपने भोपाल स्थित आवास पर भारत और अमेरिका के बीच हुई अंतरिम ट्रेड डील को लेकर पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संतुलित रणनीति अपनाकर सकारात्मक संवाद करते हुए यह ट्रेड डील की गई है। डिप्लोमेसी मतलब राष्ट्र प्रथम, डेवलपमेंट यानी विकसित भारत की दिशा में भारतीय कदम बढ़ाने लिए ट्रेड डील बड़ा आधार है। भारतीय कृषि और किसान की सारी चिंताओं का समाधान इस ट्रेड डील में किया गया है। यह डील हमारे कृषि उत्पादों को नए अवसर प्रदान करती है।

    उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि और किसान को सर्वोपरि रखा गया है। यूपीए की सरकार में भारतीय कृषि अर्थव्यवस्था 11वें स्थान पर थी और अब हम तीसरे स्थान पर पहुंचने की ओर तेजी से अग्रसर हैं। हमारे वो सारे कृषि उत्पाद, जो हमारे किसानों की मूल ताकत है, उन सबको इस समझौते से बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील अपने आप में ऐतिहासिक और अभूतपूर्व है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयाँ और गति देने वाली है। यह समझौता केवल व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह ट्रेड डील डिप्लोमेसी, डेवलपमेंट और डिग्निटी का एक उत्तम उदाहरण है। यह ट्रेड डील हमारे किसानों को न केवल पूरी तरह से सुरक्षित रखती है, बल्कि हमारे कृषि उत्पादों को नए अवसर प्रदान करती है।

    चौहान ने कहा कि अगर कृषि और कृषि उत्पादों को देखें, तो भारतीय किसानों को नुकसान हो, ऐसा कोई भी उत्पाद सम्मिलित नहीं किया गया है। सभी ऐसी वस्तुओं को समझौते के बाहर रखा गया है। सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूँ, चीनी, मोटे अनाज, पोल्ट्री, डेयरी, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, इथेनॉल, तंबाकू जैसे उत्पादों पर कोई टैरिफ में छूट नहीं दी गई है। सबसे ज्यादा चिंता इसी बात की थी कि हमारे प्रमुख अनाज सुरक्षित रहने चाहिए, वो सब के सब सुरक्षित रखे गए हैं। प्रमुख अनाज, प्रमुख फल, हमारे डेयरी उत्पाद उनके लिए कोई द्वार अमेरिका के लिए नहीं खोला गया है।

    केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय किसानों के कई कृषि उत्पादों को अमेरिका में शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा, लेकिन अमेरिकी किसानों के कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में यह छूट नहीं दी गई है। भारत के कृषि और डेयरी के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं। कृषि क्षेत्र में कई उत्पादों पर जो टैरिफ था, उसे अमेरिका ने 50 परसेंट से घटाकर शून्य किया है। इनमें मसाले प्रमुख हैं, हमारे मसालों का बड़ी मात्रा में निर्यात होता है। इसके अलावा चाय, कॉफी, नारियल, नारियल का तेल, सुपारी, काजू, वनस्पति मोम, एवोकाडो, केला, अमरूद, आम, कीवी, पपीता, अनानास, मशरूम तथा जौ जैसे कुछ अनाज भी इसमें सम्मिलित हैं।

    उन्होंने कहा कि डब्बा बंद सब्जियां भी भारत नहीं आएंगे। वर्ष 2024-25 में 4.45 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने के साथ भारत ने वैश्विक निर्यातक के रूप में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी है और हमारे मसाला निर्यात में 88 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अब हमारे मसालों को भी नया बाजार मिलेगा। भारत अमेरिका से काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी और अन्य पाउडर मसाले नहीं मंगवाएगा। भारतीय किसानों के कई कृषि उत्पादों को अमेरिका में शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा, लेकिन अमेरिकी किसानों के कृषि उत्पादन को भारतीय बाजार में यह छूट नहीं मिली है।

    उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि बाजार में अगर ऐसा कोई उत्पाद आता है तो उनको टैरिफ में जाना पड़ेगा। समझौते से भारतीय किसान, महिलाएं और विशेष कर युवाओं के सपनों को ऊंची उड़ान भरने के लिए नए पंख मिले हैं। 18% टेक्सटाइल के निर्यात को एक नई गति और दिशा मिलेगी और टेक्सटाइल के निर्यात का मतलब है किसानों को भी फायदा। विशेष कर कपास उत्पादक किसान टेक्सटाइल, गेम्स एंड ज्वेलरी, ऑटो कंपोनेंटस इंजीनियरिंग गुड्स और एमएसएमई को ढेर सारे बिजनेस के नए अवसर मिलेंगे।

    केन्द्रीय कृषि मंत्री इस दौरान ट्रेड डील पर सवाल खड़े करने वाले लोगों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच हुई डील के बाद विपक्ष वेंटिलेटर पर चला गया है। विपक्ष को आशंका थी कि डील के बाद शोर शराबा करने का मौका मिलेगा, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता के चलते वे वेंटिलेटर पर हैं।

  • कुबेरेश्वरधाम पर आधुनिक प्राथमिक चिकित्सालय का आज होगा श्रीगणेश

    कुबेरेश्वरधाम पर आधुनिक प्राथमिक चिकित्सालय का आज होगा श्रीगणेश

    सीहोर। देश में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा निशुल्क एंबुलेंस सेवा और मंदिर परिसर में प्राथमिक उपचार केन्द्र के बाद अब सर्व सुविधायुक्त प्राथमिक चिकित्सालय की सुविधा आज रविवार से आरंभ होने जा रही है।


    कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा अपने पिताश्री पंडित स्वर्गीय रामेश्वर दयाल मिश्रा की स्मृति में धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं और आस-पास के ग्रामीणों को तत्काल स्वास्थ्य लाभ मिले, इस उद्देश्य से परिसर में प्राथमिक स्वास्थ्य चिकित्सालय का शुरुआत करने जा रहे हैं। आधुनिक प्राथमिक चिकित्सालय में आईसीयू सुविधा के शुरू होने से आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की सुविधा धाम पर आने वालों के अलावा आस-पास के ग्रामीणों को मिलेगी। इसका शुभारंभ रविवार को दोपहर साढ़े बारह बजे मंत्री विश्वास सारंग के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुओं के द्वारा किया जाएगा।


    सहूलियत के साथ नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा मिलेगी
    पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया कि हर रोज हजारों की संख्या में कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहता है। इसको आने वाले समय में बड़े रूप में चिकित्सालय को विकसित किया जाएगा। जिससे जहां क्षेत्रवासियों को धाम में ही और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने लगेगी, इससे उन्हें छोटी-छोटी बीमारियों के लिए इधर-उधर नहीं जाना पड़ेगा। यहां सहूलियत के साथ नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा मिलेगी। इसके केन्द्र में बीपी, शुगर सहित अन्य की जांच भी मौके पर हो जाएगी। इसके अलावा प्राथमिक चिकित्सालय में आईसीयू, जनरल ओपीडी के अलावा अन्य सुविधा दी जाएगी। वहीं समय-समय पर निशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा।


    कुबेरेश्वर धाम पर चिकित्सा सुविधाओं में रहेंगी ये सुविधाएं
    निशुल्क जांच व दवा: प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में रक्तचाप, मधुमेह और अन्य आवश्यक जांच नि:शुल्क होगी।
    सुविधाएं: केंद्र में बेड की व्यवस्था के साथ ही अनुभवी नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे।
    एम्बुलेंस सेवा: आपातकालीन स्थिति के लिए धाम पर 24/7 एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध रहेगी।

  • मध्‍य प्रदेश में सर्दी ने फिर पकड़ा जोर, कटनी-शहडोल-उमरिया में पारा 4 डिग्री से नीचे

    मध्‍य प्रदेश में सर्दी ने फिर पकड़ा जोर, कटनी-शहडोल-उमरिया में पारा 4 डिग्री से नीचे

    भोपाल। मध्य प्रदेश में ठंड ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। लगभग 15 दिनों के अंतराल के बाद रात का न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। प्रदेश में कटनी, शहडोल और उमरिया सबसे ठंडे जिले रहे। कटनी के करौंदी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि राज्य के 13 शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया।

    पिछले तीन दिनों से ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। कई जिलों में रात के तापमान में गिरावट देखी गई है। शनिवार रात भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री रहा। वहीं, जबलपुर में 10.8 डिग्री और उज्जैन में 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य शहरों की बात करें तो करौंदी में 3.5 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर में 4.9 डिग्री और उमरिया में 7 डिग्री तापमान रहा। रीवा और खजुराहो में 7.4 डिग्री, मंडला में 7.9 डिग्री, नौगांव में 8.8 डिग्री, सतना में 8.9 डिग्री तथा राजगढ़ और शिवपुरी में 9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 9.4 डिग्री और दमोह व मलाजखंड में 9.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    अभी दो दिन और सताएगी ठंड, फिर बढ़ेगा पारा
    मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक प्रदेश में तेज सर्दी का असर बना रहेगा। इसके बाद अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है। फिलहाल ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर और शहडोल संभाग में ठंड का असर सबसे अधिक है। प्रदेश के पांच बड़े शहर भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर—में भी तापमान 13 डिग्री से नीचे बना हुआ है। इन जिलों में 8 और 9 फरवरी को भी सर्दी का असर जारी रहेगा।

    इधर, रविवार सुबह ग्वालियर-चंबल संभाग में हल्का कोहरा देखने को मिला। मौसम विभाग ने फिलहाल कोहरा और बारिश की संभावना से इनकार किया है। दिन में तेज धूप खिलने के आसार हैं, हालांकि भोपाल, सीहोर, गुना, ग्वालियर, भिंड, मुरैना सहित कई जिलों में सर्द हवाएं चलेंगी। देर रात और सुबह के समय ठंड का असर अधिक महसूस होगा।


  • MP में सर्दी का असर बढ़ा, कटनी, शहडोल और उमरिया सबसे ठंडे, 13 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे

    MP में सर्दी का असर बढ़ा, कटनी, शहडोल और उमरिया सबसे ठंडे, 13 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे


    भोपाल। मध्य प्रदेश में ठंड ने फिर दस्तक दी है। लगभग 15 दिन बाद रात का तापमान 4 डिग्री से नीचे चला गया है। राज्य के कटनी, शहडोल और उमरिया जिले इस समय सबसे ठंडे क्षेत्र बने हुए हैं। खासकर कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा राज्य के 13 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे गिर गया है।

    पिछली तीन रातों से ठंड बढ़ रही है। शुक्रवार और शनिवार की रात को भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में तापमान 11 डिग्री, जबलपुर में 10.8 डिग्री और उज्जैन में 13 डिग्री रहा।

    न्यूनतम तापमान के आंकड़े इस प्रकार हैं:
    करौंदी (कटनी): 3.5 डिग्री, कल्याणपुर (शहडोल): 4.9 डिग्री, उमरिया: 7 डिग्री, रीवा-खजुराहो: 7.4 डिग्री, मंडला: 7.9 डिग्री, नौगांव: 8.8 डिग्री, सतना: 8.9 डिग्री, राजगढ़-शिवपुरी: 9 डिग्री, पचमढ़ी: 9.4 डिग्री, दमोह और मलाजखंड: 9.8 डिग्री

    मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दो दिन राज्य में तेज सर्दी का असर रहेगा। इसके बाद तापमान में 2-3 डिग्री की वृद्धि होने की संभावना है। फिलहाल ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर और शहडोल संभाग में ठंड सबसे अधिक महसूस की जा रही है। पांच बड़े शहर – भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर – में पारा 13 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया है। ठंड का यह असर 8 और 9 फरवरी को भी जारी रहने की संभावना है।

    रविवार सुबह ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हल्का कोहरा देखा गया। मौसम विभाग ने बताया कि फिलहाल बारिश या कोहरे की संभावना नहीं है। दिन में तेज धूप रहेगी, लेकिन भोपाल, सीहोर, गुना, ग्वालियर, भिंड और मुरैना में सर्द हवाओं का असर महसूस होगा। देर रात और सुबह के समय ठंड अधिक रहेगी।

  • MP: स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज का परलोक गमन, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यक्त किया दु:ख

    MP: स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज का परलोक गमन, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यक्त किया दु:ख


    भोपाल।
    उत्तर प्रदेश- मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की सीमा पर सतना जिले (Satna district) में स्थित देश में प्रसिद्ध धारकुंडी आश्रम (Dharkundi Ashram) के संस्थापक महंत स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज (Mahant Swami Paramhans Sachchidanand Maharaj) शनिवार को ब्रह्मलीन हो गए। उन्होंने 102 वर्ष की आयु में मुंबई में अंतिम सांस ली। स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज के ब्रह्मलीन होने की खबर मिलते ही देशभर में फैले लाखों श्रद्धालुओं में शोक की लहर दौड़ गई।

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परम पूज्य स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज के परलोक गमन पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज का सम्पूर्ण जीवन सेवा, साधना और मानवता के कल्याण को समर्पित रहा। मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल अनुयायियों को यह अपार दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना की है।

    धारकुंडी आश्रम के प्रमुख संत एवं शिष्य स्वामी संजय बाबा ने बताया कि स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज पिछले कुछ महीनों से मुंबई स्थित आश्रम में प्रवास कर रहे थे। एक जनवरी को उन्होंने चित्रकूट के धारकुंडी आश्रम में भक्तों के बीच अपना 102वां जन्मदिवस मनाया था। इसके बाद स्वास्थ्य खराब होने पर वे इलाज के लिए मुंबई गए थे। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद वे बदलापुर स्थित आश्रम में ठहरे हुए थे, जहां शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।

    उन्होंने बताया कि मुंबई से उनका पार्थिव शरीर शनिवार देर रात चित्रकूट स्थित धारकुंडी आश्रम लाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने नम आंखों से अपने आराध्य को श्रद्धांजलि अर्पित की। रविवार को आश्रम परिसर में अंतिम दर्शन कराए जाएंगे, जबकि सोमवार को आश्रम की परंपरा के अनुसार समाधि दी जाएगी।

    स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज के अंतिम दर्शन और समाधि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए स्वामी अड़गड़ानंद महाराज विशेष विमान से धारकुंडी पहुंच चुके हैं। चित्रकूट सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में साधु, संत और महंत भी आश्रम पहुंच रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए यूपी–एमपी सीमा पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। चित्रकूट प्रभारी एसपी सत्यपाल सिंह और सतना एसपी हंसराज सिंह स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।


    1956 में हुई थी आश्रम की स्थापना

    स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज ने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन स्वामी परमानंद के आशीर्वाद से 22 नवंबर 1956 को धारकुंडी आश्रम की स्थापना की थी। उस समय यह क्षेत्र बेहद पिछड़ा माना जाता था और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। कहा जाता है कि स्वामी जी ने आश्रम परिसर में बहने वाली स्वच्छ और निरंतर जलधाराओं से बिजली उत्पादन की व्यवस्था शुरू कराई थी। आश्रम में स्थित दो झरनों का पानी वर्ष भर लगातार बहता रहता है, जो आगे चलकर नदी का रूप ले लेता है। मान्यता है कि स्थापना काल से लेकर वर्ष 1970 तक कई बार शेर भी आश्रम परिसर में आते-जाते थे और स्वामी जी के सान्निध्य में रहते थे। इससे जुड़ी अनेक कथाएं आज भी श्रद्धालुओं के बीच प्रचलित हैं।