Category: Madhya Pradesh

  • इंदौर अग्निकांड: 8 की दर्दनाक मौत, सीएम डॉ मोहन यादव ने जताया दुख

    इंदौर अग्निकांड: 8 की दर्दनाक मौत, सीएम डॉ मोहन यादव ने जताया दुख


    भोपाल/इंदौर। इंदौर के तिलक नगर थाना क्षेत्र में बुधवार तड़के हुई भीषण अग्नि दुर्घटना ने पूरे शहर को शोक में डुबो दिया। इस हादसे में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया के घर में लगी आग ने 8 लोगों की जान ले ली, जिनमें मनोज पुगलिया और उनकी गर्भवती बहू सिमरन भी शामिल हैं।

    जानकारी के मुताबिक, यह दुखद घटना तब घटी जब मनोज पुगलिया के घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट के कारण आग पकड़ गई। चिंगारियां घर तक पहुंच गईं और देखते ही देखते तीन मंजिला मकान आग की चपेट में आ गया। हादसे के समय घर में कई लोग सो रहे थे, जिनमें से 7-8 लोग अंदर फंस गए और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

    इस हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गहरा दुख जताया। कि इंदौर में हुई अग्नि दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक है और दिवंगत नागरिकों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के साथ अपनी संवेदनाएं व्यक्त की और ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

    सीएम डॉ मोहन यादव ने आग लगने के समय की गंभीरता को देखते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक दरवाजे और अन्य सुरक्षा उपकरण सुरक्षा के लिए अच्छे हैं, लेकिन कभी-कभी ये उपकरण मुसीबत का कारण भी बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि सुबह 4 बजे हुई घटना में यह स्पष्ट हो गया कि तकनीकी उपकरण सुरक्षा तो देते हैं, लेकिन इनसे जुड़े जोखिमों से निपटना चुनौतीपूर्ण भी है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि राज्य की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन टीम ऐसी चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    हादसे के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचे। तीन मंजिला मकान में फंसे लोगों को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई लोग अंदर फंस गए। राहत और बचाव कार्य में पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय रूप से जुटे रहे।

    यह घटना शहर और राज्य के लिए एक बड़ा सदमा है। इंदौर के नागरिकों और व्यवसायियों के लिए यह दुर्घटना आग सुरक्षा के महत्व की याद दिलाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों और चार्जिंग उपकरणों के सही तरीके से उपयोग और समय-समय पर रखरखाव अत्यंत आवश्यक है, ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके।

    इस अग्निकांड ने तकनीकी उपकरणों के फायदे और खतरों दोनों को उजागर कर दिया। मृतकों के परिवारों को प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता प्रदान करने की घोषणा की गई है। राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उनकी आर्थिक और सामाजिक मदद सुनिश्चित करने का भरोसा दिया।

    इंदौर अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को सदमे में डाल दिया है। नागरिकों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रशासन ने आग सुरक्षा और तकनीकी उपकरणों के सुरक्षित उपयोग को लेकर चेतावनी जारी की है।

  • इंदौर: संभाग आयुक्त कार्यालय को बम धमकी, प्रशासन अलर्ट

    इंदौर: संभाग आयुक्त कार्यालय को बम धमकी, प्रशासन अलर्ट


    इंदौर । इंदौर में बुधवार को संभाग आयुक्त कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। धमकी अज्ञात ईमेल आईडी saurabh@21 से आई थी जिसमें दोपहर 2:10 बजे बम फटने और गैस रिसाव जैसी स्थिति पैदा होने की चेतावनी दी गई थी। मेल सीधे संभाग आयुक्त कार्यालय और श्रम आयुक्त कार्यालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजा गया था।

    ईमेल मिलने के बाद अधिकारियों में अफरा तफरी मच गई। तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई और सुरक्षा बल मौके पर तैनात कर दिए गए। बम स्क्वॉड डॉग स्क्वॉड और भारी पुलिस बल पहुंचा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे कार्यालय परिसर को खाली कराया गया। अंदर मौजूद कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

    मौके पर पहुंचे एसीपी विनोद दीक्षित ने बताया कि धमकी को गंभीरता से लेते हुए पूरे भवन की तलाशी करवाई गई। बम स्क्वॉड की टीम ने हर कमरे गलियारे और कार्यालय की जांच की लेकिन तलाशी के दौरान किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री का पता नहीं चला। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी तरह से सावधानी और गंभीरता के साथ की गई ताकि किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके।

    पुलिस ने कहा कि ईमेल किसने और कहां से भेजा इसकी जांच साइबर सेल टीम को सौंपी गई है। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि ईमेल आईडी फर्जी होने की संभावना है लेकिन पुलिस किसी भी एंगल को नजरअंदाज नहीं कर रही। सुरक्षा के मद्देनजर संभाग आयुक्त कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आसपास के इलाके में भी निगरानी तेज कर दी गई है।

    अधिकारियों ने कहा कि धमकी झूठी साबित हो सकती है लेकिन प्रशासन इसे हल्के में नहीं ले रहा। दोषी की पहचान कर पकड़ने के लिए सभी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं कर्मचारियों और जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

    यह घटना प्रशासन के लिए चेतावनी साबित हुई है कि साइबर माध्यम से किसी भी तरह की धमकी गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। इंदौर पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि ऐसी किसी भी संदिग्ध ईमेल या संदेश की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।

    हादसे के संभावित खतरे और फर्जी धमकी के बावजूद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई कर सुरक्षा सुनिश्चित की। बम स्क्वॉड डॉग स्क्वॉड और पुलिस बल की तैनाती ने स्थिति को नियंत्रण में रखा और किसी भी अप्रिय घटना को टालने में मदद की। इस बीच साइबर जांच से जल्द ही यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि धमकी देने वाला व्यक्ति कौन है और उसका मकसद क्या था।

    इंदौर का यह प्रशासनिक परिसर अब पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहा है। अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं और आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बनाए रखी जा रही है। प्रशासन का संदेश स्पष्ट है कि ऐसे किसी भी अपराध को गंभीरता से लिया जाएगा और जिम्मेदार को सख्त कार्रवाई के तहत लाया जाएगा।

  • सलकनपुर में चैत्र नवरात्रि की धूम, मां विजयासन देवी मंदिर सज-धज कर स्वागत को तैयार

    सलकनपुर में चैत्र नवरात्रि की धूम, मां विजयासन देवी मंदिर सज-धज कर स्वागत को तैयार

    बुधनी । मध्यप्रदेश के मशहूर शक्तिपीठ मां विजयासन देवी मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का उत्सव फिर से देखने को मिलेगा। 19 मार्च 2026 से शुरू होने वाले चैत्र नवरात्रि के लिए मंदिर समिति ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। बुधनी विधानसभा क्षेत्र में स्थित यह दिव्य धाम हर साल लाखों श्रद्धालुओं का आकर्षण केंद्र बनता है और इस बार भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।

    गुरुवार सुबह 10:47 बजे शुभ मुहूर्त में घट स्थापना और ज्योति स्थापना के साथ नौ दिवसीय नवरात्रि का शुभारंभ होगा। यह पर्व 27 मार्च को राम नवमी के दिन समाप्त होगा। भक्तों की आस्था उत्साह और भक्ति का संगम इस दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ दिखाई देगा।

    मंदिर समिति ने गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पानी छांव और परिक्रमा मार्ग में कारपेट बिछाने जैसी व्यवस्थाओं का खास इंतजाम किया है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए समिति हर संभव प्रयास कर रही है। मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्त लगभग 1400 सीढ़ियों का रास्ता तय कर सकते हैं। इसके अलावा रोपवे और सड़क मार्ग की सुविधा भी उपलब्ध है जिससे बुजुर्ग और छोटे बच्चों वाले परिवार भी आसानी से दर्शन कर सकते हैं।

    सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं। नवरात्रि के दौरान सैकड़ों पुलिस जवान और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहेंगे ताकि भक्तों के लिए व्यवस्था सुचारू बनी रहे और किसी भी तरह की असुविधा न हो। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के साथ साथ भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।

    मंदिर का वातावरण नवरात्रि की शुरुआत से ही भक्तिमय हो जाएगा। श्रद्धालु सुबह शाम पूजन हवन और आरती में भाग लेंगे। इस दौरान देवी मां के विभिन्न स्वरूपों की पूजा और भजन कीर्तन का आयोजन भी होगा। मंदिर के आसपास स्थानीय बाजार भी सज धज कर उत्सव का रंग बिखेरेंगे जहां भक्त पूजा सामग्री और नवरात्रि से जुड़े अन्य सामान खरीद सकते हैं।

    भक्ति श्रद्धा और उत्साह के इस महापर्व में सलकनपुर एक बार फिर आस्था के रंग में रंगने को तैयार है। हर उम्र के भक्त इस अवसर पर माता के दर्शन के लिए दूर दूर से यहां पहुंचते हैं। नौ दिन तक चलने वाले इस पर्व में भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए देवी की उपासना करेंगे और मंदिर परिसर में चारों ओर भक्तों की भीड़ भजन और आरती का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा।

    सलकनपुर और मां विजयासन देवी मंदिर इस बार भी श्रद्धालुओं को यादगार अनुभव देने के लिए पूरी तरह सज धज कर तैयार हैं। नवरात्रि के इस महापर्व में हर कोई आस्था उल्लास और भक्तिभाव में डूबकर माता के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करेगा।

  • भोपाल में लगातार तीसरे दिन बम धमकी, JK अस्पताल यूनिवर्सिटी में 1:30 बजे ब्लास्ट की वार्निंग

    भोपाल में लगातार तीसरे दिन बम धमकी, JK अस्पताल यूनिवर्सिटी में 1:30 बजे ब्लास्ट की वार्निंग


    भोपाल । राजधानी भोपाल में बम धमकी का सिलसिला लगातार तीसरे दिन जारी रहा। इस बार JK हॉस्पिटल और JK यूनिवर्सिटी को उड़ाने की धमकी वाला ई मेल मिला है। धमकी में कहा गया है कि कॉलेज कैंपस बाथरूम और प्रिंसिपल के कमरे में बम रखे गए हैं जो दोपहर 1:30 बजे विस्फोट कर दिए जाएंगे।

    सूचना मिलते ही पुलिस बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंच गए। दोनों संस्थानों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया और एहतियातन छात्रों और स्टाफ को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। अभी तक किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक का पता नहीं चला है।

    पिछले दो दिनों का पैटर्न भी चिंताजनक रहा। 17 मार्च को नापतोल विभाग को इसी तरह की धमकी मिली थी जिसमें सायनाइड गैस वाले सिलेंडरों का जिक्र था। इससे पहले एम्स भोपाल और पीपल्स यूनिवर्सिटी को भी बार बार धमकी वाले ई मेल प्राप्त हुए थे।

    पुलिस और जांच एजेंसियों के अनुसार पिछले एक महीने में भोपाल में पांचवीं बार विभिन्न संस्थानों को बम धमकी मिली है। अब तक सभी धमकियां फर्जी साबित हुई हैं। कोई भी विस्फोटक नहीं मिला लेकिन हर बार सर्च ऑपरेशन इमारतें खाली कराना और आम जनता में दहशत फैलाना जैसी परेशानियां उत्पन्न होती हैं।

  • जयवर्धन सिंह ने महाकाल की भस्म आरती में लिया आशीर्वाद, नंदी हॉल से किए दर्शन

    जयवर्धन सिंह ने महाकाल की भस्म आरती में लिया आशीर्वाद, नंदी हॉल से किए दर्शन


    उज्जैन । उज्जैन में बुधवार सुबह पूर्व मंत्री और राघोगढ़ के वर्तमान विधायक जयवर्धन सिंह बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए। उन्होंने देहरी पर प्रणाम कर भगवान महाकालेश्वर का आशीर्वाद लिया और नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती का दर्शन किया।

    इस अवसर पर कई कांग्रेस नेता भी मौजूद थे जिनमें राजेंद्र वशिष्ठ और भरत पोरवाल शामिल थे। जयवर्धन सिंह भस्म आरती के दौरान पूरी तरह से भक्ति में लीन दिखाई दिए।

    आरती के बाद उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित भगवान वीरभद्र के दर्शन भी किए। यह धार्मिक आयोजन स्थानीय लोगों और भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है और जयवर्धन सिंह की उपस्थिति ने इसे और भी यादगार बना दिया।

  • शहडोल के स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर नहीं, दो नर्सों के भरोसे चल रहा अस्पताल

    शहडोल के स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर नहीं, दो नर्सों के भरोसे चल रहा अस्पताल


    शहडोल । शहडोल के ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निपनिया की स्थिति गंभीर है। चमचमाती नई बिल्डिंग होने के बावजूद यहाँ एक भी डॉक्टर पदस्थ नहीं है। अस्पताल पूरी तरह से दो नर्सों के भरोसे चल रहा है जबकि नियमों के अनुसार कम से कम पांच डॉक्टर होने चाहिए।

    गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए दूर दराज के अस्पतालों में रेफर करना पड़ रहा है। इससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और मरीजों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। आदिवासी बाहुल्य इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी ग्रामीणों के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गई है।

    स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े बड़े दावे करती है लेकिन निपनिया अस्पताल की वास्तविक स्थिति इन दावों की पोल खोल रही है। अस्पताल के कर्मचारी भी इस अव्यवस्था से परेशान हैं और डॉक्टरों की कमी के कारण इलाज प्रभावित हो रहा है।

    डॉ राजेश मिश्रा ने बताया कि डॉक्टरों का बॉन्ड पीरियड खत्म होने के कारण अस्पताल में खालीपन है। इसके अलावा जिले में पीजी के लिए लगभग 10 डॉक्टर अन्य कार्यों में गए हुए हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए शासन से मांग की गई है और जल्द ही स्थिति सुधारी जाएगी।
    यह मामला शहडोल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति पर सवाल उठाता है और दिखाता है कि चमचमाती बिल्डिंगों के बावजूद स्वास्थ्य व्यवस्था कितनी अव्यवस्थित रह सकती है।

  • बड़े पर्दे की चमक के बजाय ओटीटी की गहराई को चुना इन 6 स्टार किड्स ने, किसी को मिली सराहना तो कोई निशाने पर रहा

    बड़े पर्दे की चमक के बजाय ओटीटी की गहराई को चुना इन 6 स्टार किड्स ने, किसी को मिली सराहना तो कोई निशाने पर रहा


    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के गलियारों में एक समय था जब किसी भी ‘स्टार किड’ का डेब्यू किसी बड़े बैनर की भव्य फिल्म और थिएटर की तालियों की गड़गड़ाहट के साथ होता था। लेकिन वक्त के साथ मनोरंजन की दुनिया के समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं। अब नामी कलाकारों के बच्चे सिल्वर स्क्रीन की चमक-धमक का इंतजार करने के बजाय सीधे ओटीटी OTTप्लेटफॉर्म्स, विशेषकर ‘नेटफ्लिक्स’Netflixके जरिए अपने करियर की शुरुआत करने से नहीं कतरा रहे हैं। डिजिटल डेब्यू का यह नया चलन न केवल दर्शकों के लिए नया अनुभव है, बल्कि इन युवा कलाकारों के लिए अपनी प्रतिभा साबित करने का एक चुनौतीपूर्ण मंच भी बन गया है।

    इस सूची में सबसे चर्चित नाम शाहरुख खान की लाड़ली सुहाना खान का है। सुहाना ने जोया अख्तर की फिल्म ‘द आर्चीज’ से नेटफ्लिक्स पर अपना धमाकेदार डेब्यू किया। हालांकि इस फिल्म को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं, लेकिन सुहाना की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई। अब वह जल्द ही बड़े पर्दे पर फिल्म ‘किंग’ में नजर आने वाली हैं। इसी फिल्मद आर्चीजसे सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा और श्रीदेवी की छोटी बेटी खुशी कपूर ने भी कदम रखा। अगस्त्य को उनके सहज अभिनय के लिए काफी पसंद किया गया, जिसके बाद उन्होंने फिल्म ‘इक्का’ से अपना थिएटर डेब्यू भी तय कर लिया। वहीं खुशी कपूर को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अच्छा रिस्पॉन्स मिला, जिसके बाद उनकी पहली थिएटर फिल्म ‘लवयापा’ चर्चा में आई।

    पटौदी खानदान के चश्म-ओ-चिराग इब्राहिम अली खान ने भी पारंपरिक रास्तों को छोड़कर नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘नादानियां’ को अपने डेब्यू के लिए चुना। इस फिल्म में वे खुशी कपूर के साथ मुख्य भूमिका में नजर आए। दूसरी ओर, आमिर खान के बेटे जुनैद खान ने फिल्म ‘महाराज’ के जरिए यह साबित कर दिया कि वे लंबी रेस के घोड़े हैं। सीधे नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हुई इस फिल्म में जुनैद के संजीदा अभिनय की काफी प्रशंसा हुई। अब जुनैद अपनी अगली फिल्म ‘एक दिन’ में साई पल्लवी के साथ नजर आएंगे, जिसे खुद आमिर खान प्रोड्यूस कर रहे हैं।

    इन सब के बीच आर्यन खान ने एक अलग रास्ता चुना। स्टार किड होने के नाते जहां लोग उनके एक्टिंग डेब्यू का इंतजार कर रहे थे, वहीं आर्यन ने कैमरे के पीछे रहकर ‘द बैट्स ऑफ बॉलीवुड’ के जरिए बतौर डायरेक्टर अपनी पारी शुरू की। कुल मिलाकर, ओटीटी अब केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि बॉलीवुड की नई पीढ़ी के लिए एक ऐसा प्रवेश द्वार बन गया है जहां सफलता और विफलता का फैसला चंद घंटों में हो जाता है। इन सितारों ने डिजिटल दुनिया को चुनकर यह साफ कर दिया है कि उनके लिए माध्यम से ज्यादा महत्वपूर्ण ‘कंटेंट’ है।

  • मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल से महंगी होगी बिजली, 10% से ज्यादा बढ़ सकता है टैरिफ

    मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल से महंगी होगी बिजली, 10% से ज्यादा बढ़ सकता है टैरिफ


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के डेढ़ करोड़ से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को अप्रैल 2026 से महंगे बिजली बिल का सामना करना पड़ सकता है। राज्य की मध्य प्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने विद्युत नियामक आयोग को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में 10.20% वृद्धि का प्रस्ताव सौंपा है। यदि यह मंजूर होता है तो 1 अप्रैल से नई दरें लागू हो जाएंगी।

    कंपनियों का दावा है कि पिछले वित्तीय वर्ष में उन्हें 6 044 करोड़ रुपये का घाटा हुआ जिसे रिकवर करने के लिए यह बढ़ोतरी आवश्यक है। पिछली साल केवल 3.46% वृद्धि की गई थी जबकि कंपनियों ने 7.52% बढ़ोतरी की मांग की थी। इस बार प्रस्तावित 10.20% की बढ़ोतरी उपभोक्ताओं के लिए बड़ा आर्थिक झटका साबित हो सकती है।

    औसत घरेलू उपभोक्ता जिनकी मासिक खपत 150-300 यूनिट है के बिल में 150-300 रुपये प्रति माह और सालाना लगभग 3 600 रुपये अतिरिक्त जुड़ सकते हैं। वहीं उच्च खपत वाले परिवार 400 यूनिट+ के लिए बिल 400-600 रुपये तक बढ़ सकता है।

    जनसुनवाई में जनता ने इस प्रस्ताव का जोरदार विरोध किया। उपभोक्ताओं और संगठनों ने सवाल उठाया कि कंपनियां अपना घाटा क्यों उपभोक्ताओं पर डाल रही हैं जबकि पहले से ही मध्य प्रदेश की बिजली दरें पड़ोसी राज्यों से महंगी हैं। विद्युत नियामक आयोग अब सभी आपत्तियों और दावों की समीक्षा करने के बाद अगले सप्ताह मार्च के अंत तक अंतिम टैरिफ ऑर्डर जारी करेगा।

  • नर्मदापुरम में रेलवे ट्रैक पर मिली लहूलुहान बच्ची, हालत नाजुक; हादसा या साजिश की आशंका

    नर्मदापुरम में रेलवे ट्रैक पर मिली लहूलुहान बच्ची, हालत नाजुक; हादसा या साजिश की आशंका


    नर्मदापुरम । नर्मदापुरम में मंगलवार देर रात एक हृदयविदारक घटना हुई। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर 8 वर्षीय मासूम युविका राजपूत को लहूलुहान हालत में रेलवे ट्रैक पर पाया गया। घटना उस समय हुई जब तमिलनाडु एक्सप्रेस नर्मदापुरम स्टेशन से रवाना हो रही थी। पीड़िता को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

    डॉ. संदीप साहू, एमडी स्पेशलिस्ट ने बताया कि युविका ट्रेन से गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल हुई है। उसके सिर और कमर में गहरी चोटें हैं और काफी खून बह चुका है। डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार उसकी जान बचाने के लिए कोशिश कर रही है।

    जीआरपी नर्मदापुरम के टीआई संजय चौकसे ने बताया कि बच्ची अपनी मां अंजू सिंह राजपूत के साथ थी। पुलिस घटना की गंभीरता को देखते हुए यह पता लगाने में लगी है कि यह सिर्फ एक हादसा था या इसके पीछे कोई जानबूझकर की गई साजिश थी।

    कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने आशंका जताई है कि युविका को ट्रेन के आगे धकेला गया हो। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रही है। जांच के हर पहलू को गंभीरता से लिया जा रहा है ताकि वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके। पुलिस ने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह दुर्घटना थी या कोई सोचीसमझी साजिश। घटना की जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

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  • भोजशाला विवाद पर RSS का रुख साफ-“अदालत का हर फैसला मंजूर”

    भोजशाला विवाद पर RSS का रुख साफ-“अदालत का हर फैसला मंजूर”


    धार।
     मध्य प्रदेश के भोजशाला परिसर को लेकर जारी कानूनी विवाद पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने संतुलित रुख अपनाया है। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में अदालत का जो भी फैसला आएगा, उसे पूरी तरह स्वीकार किया जाएगा।

    संघ नेता ने क्या कहा
    मालवा प्रांत के प्रमुख प्रकाश शास्त्री ने इंदौर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस विवाद में संघ ने अलग से कोई पक्ष नहीं रखा है और सभी तथ्य पहले ही अदालत के सामने प्रस्तुत किए जा चुके हैं।

    उन्होंने कहा, “मामला अभी मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस पर सार्वजनिक टिप्पणी करना उचित नहीं है। अदालत जो भी निर्णय देगी, हम उसे स्वीकार करेंगे।”

    ASI रिपोर्ट से बढ़ी चर्चा
    यह बयान ऐसे समय आया है जब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की 2000 से अधिक पन्नों की सर्वे रिपोर्ट चर्चा में है। रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भोजशाला परिसर में मस्जिद से पहले परमारकालीन एक विशाल संरचना मौजूद थी और मौजूदा ढांचे में प्राचीन मंदिरों के अवशेषों का उपयोग किया गया।

    धार्मिक दावा और विवाद

    भोजशाला को हिंदू पक्ष देवी वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद के रूप में देखता रहा है। इसी को लेकर लंबे समय से कानूनी और सामाजिक विवाद जारी है।


    संघ के इस बयान को विवाद के बीच संयमित और न्यायिक प्रक्रिया में भरोसा जताने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। अब सभी की नजर अदालत के अंतिम फैसले पर टिकी है।