Category: Madhya Pradesh

  • प्रदेश में देश का आईजीबीसी नेस्ट प्लस रेटिंग से प्रमाणित पहला प्रधानमंत्री आवास

    प्रदेश में देश का आईजीबीसी नेस्ट प्लस रेटिंग से प्रमाणित पहला प्रधानमंत्री आवास


    भोपाल!
    मध्यप्रदेश के प्रधानमंत्री आवास (Prime Minister’s Residence) को देश के आईजीबीसी एनईएसटी प्लस रेटिंग में सबसे पहले प्रमाणित होने की ऐतिहासिक उपलब्धि मिली है। यह देश का पहला प्रधानमंत्री आवास है, जिसे यह उपलब्धि हासिल हुई है।

    मध्यप्रदेश को यह गौरव गुना जिले के आरोन क्षेत्र की ग्राम पंचायत पतलेश्वर के हितग्राही श्री प्राणचंद के प्रधानमंत्री आवास के कारण मिला है। यह प्रमाणन ग्रामीण क्षेत्रों में सतत, पर्यावरण-अनुकूल एवं ऊर्जा-दक्ष आवास निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है। इस प्रधानमंत्री आवास में ऊर्जा संरक्षण, जल दक्षता, बेहतर आंतरिक पर्यावरण गुणवत्ता तथा संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग जैसे ग्रीन बिल्डिंग मानकों को प्रभावी रूप से अपनाया गया है।

    गुना कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने बताया कि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक दुबे और अन्य अधिकारियों द्वारा विभिन्न स्तरों पर बेहतर कार्य किया जा रहा है। जिले में विकास कार्यों को बेहतर अंजाम दिये जाने के लिये नवाचार भी किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल ग्राम पंचायत पतलेश्वर और आरोन नगर के लिए, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश की है। यह उपलब्धि अब प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनने वाले नवीन आवासों को अधिक टिकाऊ, पर्यावरण-अनुकूल एवं भविष्य-उन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

  • एमपी में 'भविष्य' की दस्तक: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लांच करेंगे प्रदेश की पहली 'स्पेसटेक नीति' AI के जरिए बदलेगी गवर्नेंस

    एमपी में 'भविष्य' की दस्तक: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लांच करेंगे प्रदेश की पहली 'स्पेसटेक नीति' AI के जरिए बदलेगी गवर्नेंस


    भोपाल /मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार 15 जनवरी को भोपाल में मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026 में एआई-सक्षम शासन और आर्थिक परिवर्तन के लिए मध्यप्रदेश के रणनीतिक रोडमैप को प्रस्तुत करेंगे। यह कांफ्रेंस एआई इनेबल्ड गवर्नेंस फॉर एन एम्पावर्ड भारत की थीम पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा इंडिया एआई मिशन के सहयोग से आयोजित की जा रही है।इससे एआई आधारित शासनतकनीक एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अकादमिक और उद्योग समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ प्रदेश सरकार एआई को नागरिक-केंद्रित पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।

    कांफ्रेंस में मध्यप्रदेश ‘इनोवेशन एक्सपो’ का शुभारंभ भी किया जाएगा जिसमें इंडिया एआई पेवेलियन मध्यप्रदेश पेवेलियन स्टार्ट-अप शो-केस हैकाथॉन एरिना और स्टार्ट-अप प्रतियोगिता शामिल होंगी। कांफ्रेंस में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अपर सचिव एवं सीईओ इंडिया एआई श्री अभिषेक सिंह और आईआईटी इंदौर के निदेशक श्री सुहास एस. जोशी संबोधित करेंगे।

    अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे द्वारा एआई फॉर पीपलप्लेनेट एंड प्रोग्रेस- मध्यप्रदेश रोडमैप टू इंपैक्ट पर राज्य का प्रमुख एआई विजन प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे। कांफ्रेंस में स्पेसटेक नीति लांच होगी विभिन्न समझौता ज्ञापनों और नवाचार एवं युवा एआई पहलों से संबंधित महत्वपूर्ण घोषणाएं की जाएंगी।

    कांफ्रेंस में तीन उच्चस्तरीय थीमैटिक सत्र-टेक्नोलॉजी लेड गवर्नेंस फॉर ऑल एआई फॉर इकोनॉमिक ग्रोथ एंड सोशल गुड और रेज़िलिएंस इनोवेशन एंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर आयोजित किए जाएंगे। इनमें डिजिटल इंडिया- भाषिणी यूआईडीएआई एनईपीडी विभिन्न राज्य सरकारों और गूगल माइक्रोसॉफ्ट डिलोट्टी और ईवाई जैसे अग्रणी संगठनों के विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। साथ ही एमपी इनोटेक स्टार्ट-अप पिच कंटेस्ट और उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन के विजेताओं की घोषणा भी की जाएगी।यह कांफ्रेंस इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की घोषणा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा फ्रांस एआई एक्शन समिट में की गई थी। सम्मेलन का आयोजन 16 से 20 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली में किया जाएगा।

  • हैवानियत पर कानून का प्रहार: बैतूल में नाबालिग से गैंगरेप के दो दोषियों को मरते दम तक जेल की सजा

    हैवानियत पर कानून का प्रहार: बैतूल में नाबालिग से गैंगरेप के दो दोषियों को मरते दम तक जेल की सजा


    बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में मानवता को शर्मसार करने वाले सामूहिक दुष्कर्म के एक मामले में न्यायपालिका ने कड़ा संदेश दिया है। जिले की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने एक नाबालिग छात्रा के साथ दरिंदगी करने वाले दो युवकों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट के इस फैसले ने न केवल पीड़िता को न्याय दिलाया है बल्कि समाज में महिलाओं और बच्चियों के विरुद्ध अपराध करने वालों के मन में कानून का खौफ भी पैदा किया है।

    यह हृदयविदारक घटना वर्ष 2023 में आठनेर थाना क्षेत्र में घटित हुई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार दोनों दोषियों ने एक नाबालिग छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया था। वारदात के बाद डरी-सहमी पीड़िता ने जब परिजनों को आपबीती सुनाई तो पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज किया। पुलिस ने विवेचना के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्य और गवाहों के बयान एकत्रित कर न्यायालय में पेश किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण की सुनवाई स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में चली जहाँ अभियोजन ने प्रभावी पैरवी करते हुए दोषियों के कृत्य को जघन्य श्रेणी का बताया।

    विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद पाया कि आरोपियों ने न केवल कानून का उल्लंघन किया बल्कि एक मासूम के भविष्य और उसकी गरिमा को भी गंभीर चोट पहुँचाई। कोर्ट ने दोनों अभियुक्तों को सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया। सजा सुनाते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे अपराध समाज के लिए कलंक हैं और अपराधियों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जा सकती। दोषियों को ‘अंतिम सांस तक’ जेल की सलाखों के पीछे रहने का आदेश दिया गया है। साथ ही अदालत ने दोनों पर 21-21 हजार रुपए का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की यह राशि अदा न करने पर उन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। बैतूल पुलिस और अभियोजन की इस सफलता को महिला सुरक्षा की दिशा में एक बड़ी जीत माना जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे त्वरित और सख्त फैसलों से अपराधियों के हौसले पस्त होंगे और पीड़ित परिवारों का न्याय प्रणाली पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

  • एमपी में निगम-मंडलों की नियुक्तियों पर मंथन तेज: पूर्व मंत्री-विधायक रेस में इसी महीने हो सकता है फैसला

    एमपी में निगम-मंडलों की नियुक्तियों पर मंथन तेज: पूर्व मंत्री-विधायक रेस में इसी महीने हो सकता है फैसला

    भोपाल। मध्य प्रदेश में निगम मंडल प्राधिकरण और आयोगों में लंबे समय से अटकी राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। माना जा रहा है कि प्रदेश में जल्द ही इन नियुक्तियों का ऐलान किया जा सकता है। हाल ही में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के उस बयान के बाद उम्मीदों को और बल मिला है जिसमें उन्होंने निगम-मंडलों की सूची तैयार होने और शीघ्र नियुक्तियां किए जाने की बात कही थी। इसके बाद से ही सत्ता और संगठन से जुड़े कई नेता सक्रिय हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार इसी महीने निगम-मंडलों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष प्राधिकरण और विभिन्न आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियां की जा सकती हैं। इसे लेकर पार्टी के भीतर कवायद और लॉबिंग तेज हो गई है। कई ऐसे नेता जिन्हें हालिया चुनावों या राज्यसभा में मौका नहीं मिल पाया अब निगम-मंडलों के जरिए संगठन और सरकार में भूमिका की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

    बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री लालसिंह आर्य जिन्हें राज्यसभा में स्थान नहीं मिल सका निगम या प्राधिकरण में अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके अलावा पूर्व कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त विनोद गोटिया पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया और कांग्रेस से बीजेपी में आए पूर्व मंत्री रामनिवास रावत के नाम भी चर्चा में हैं। पार्टी संगठन इन नेताओं को समायोजित करने की रणनीति पर काम कर रहा है। पूर्व मंत्रियों की सूची यहीं खत्म नहीं होती। सूत्रों के मुताबिक पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता कमल पटेल रामपाल सिंह इमरती देवी भी दावेदारी पेश कर रहे हैं। वहीं अंचल सोनकर संजय शुक्ला अलकेश आर्य और कलसिंह भाबर जैसे नेताओं के नाम भी संभावित सूची में बताए जा रहे हैं। संगठनात्मक संतुलन क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

    पूर्व मंत्रियों के साथ-साथ मौजूदा और पूर्व विधायकों को भी निगम-मंडलों में जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। इस रेस में विधायक अजय बिश्नोई अर्चना चिटनीस शैलेंद्र जैन प्रदीप लारिया और पूर्व विधायक ध्रुव नारायण सिंह के नाम सामने आ रहे हैं। माना जा रहा है कि जिन विधायकों को संगठन या सरकार में फिलहाल कोई बड़ा पद नहीं मिला है उन्हें निगम-मंडलों के जरिए संतुलित किया जा सकता है।गौरतलब है कि फरवरी 2024 में प्रदेश सरकार ने 46 निगम-मंडलों की राजनीतिक नियुक्तियां रद्द कर दी थीं। इसके बाद से ही नए सिरे से नियुक्तियों का इंतजार किया जा रहा था। अब जब पार्टी नेतृत्व की ओर से संकेत मिल चुके हैं तो माना जा रहा है कि जल्द ही तस्वीर साफ हो जाएगी। आने वाले दिनों में घोषित होने वाली यह सूची मध्य प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण भी तय कर सकती है।

  • डबल इंजन सरकार से तेज हुआ विकास का पहिया पीएमजी और प्रगति से अटकी परियोजनाओं को मिली रफ्तार -मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

    डबल इंजन सरकार से तेज हुआ विकास का पहिया पीएमजी और प्रगति से अटकी परियोजनाओं को मिली रफ्तार -मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व तथा केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय के कारण आज देश में बुनियादी ढांचा विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) और प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन यानी प्रगति प्लेटफॉर्म की शुरुआत से वर्षों से अटकी हुई निवेश और विकास परियोजनाएं फिर से सक्रिय हुई हैं। इन संस्थागत व्यवस्थाओं ने केंद्र और राज्य के सभी हितग्राहियों को एक मंच पर लाकर निर्णय प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाया है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और डबल इंजन सरकार के समन्वय से पीएमजी की उपलब्धियों को मीडिया प्रतिनिधियों के साथ साझा कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने प्रगति प्लेटफॉर्म पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश को विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के माध्यम से कुल 209 बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात मिली है। इनमें से 2 लाख 61 हजार 340 करोड़ रुपये के निवेश वाली 108 केंद्रीय विकास परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। वहीं, 5 लाख 24 हजार 471 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 परियोजनाएं वर्तमान में क्रियान्वयन के चरण में हैं। केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश ने 97 प्रतिशत की उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जो प्रदेश की प्रशासनिक दक्षता और समन्वय का प्रमाण है।इन परियोजनाओं में रेल मंत्रालय की 14, सड़क परिवहन मंत्रालय की 13, विद्युत मंत्रालय की 5 तथा नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वन्यजीव पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही हैं। कूनो नेशनल पार्क में चीतों का पुनर्वास इसका उदाहरण है। वहीं धार में विकसित हो रहा पीएम मित्र पार्क कपास उत्पादक किसानों के लिए नए अवसर लेकर आएगा।

    डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच परस्पर समन्वय ही देश की सबसे बड़ी शक्ति है। जब विभाग आपसी सहयोग से काम करते हैं, तो विकास की रफ्तार दोगुनी हो जाती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शासन व्यवस्था को केवल प्रक्रियात्मक न रखकर परिणाम आधारित और जवाबदेह बनाया है, जहां हर परियोजना की प्रगति, बाधा और समाधान की सीधी निगरानी सुनिश्चित होती है। पहले बड़ी योजनाएं कागजों तक सीमित रह जाती थीं, लेकिन पीएमजी और प्रगति पोर्टल ने पुरानी प्रणाली को जड़ से बदल दिया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब देश में विकास के साथ आवश्यकताओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। पीएम प्रगति और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप के माध्यम से मध्यप्रदेश में ऐसा ईको-सिस्टम विकसित हुआ है, जहां आधुनिक तकनीक के सहारे अधोसंरचना परियोजनाएं समय पर पूरी हो रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने समय, लागत और विश्वास – तीनों स्तरों पर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।उन्होंने कहा कि भले ही राज्यों के बीच राजनीतिक मतभेद हों, लेकिन राष्ट्र के विकास के लिए सभी राज्यों का समान महत्व है। प्रगति पोर्टल के माध्यम से भू-गर्भ संपदा का दोहन अब देशहित में अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर पूर्व में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया था, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में तीन नदी परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है।

    रेलवे क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 285 किलोमीटर लंबी जबलपुर–गोंदिया गेज परिवर्तन परियोजना से मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सीधा और उच्च क्षमता वाला रेल संपर्क स्थापित हुआ है। इससे जबलपुर, बालाघाट, मंडला और सिवनी जिलों की कनेक्टिविटी नागपुर, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों से बढ़ी है। इसके अलावा 18.5 हजार करोड़ रुपये लागत की इंदौर–मनमाड़ रेल लाइन परियोजना से उज्जैन सहित पूरे मालवा क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा।मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने बताया कि प्रगति प्लेटफॉर्म की शुरुआत 25 मार्च 2015 को हुई थी। इसकी 50वीं बैठक 31 दिसंबर 2025 को सम्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि पीएमजी और प्रगति पोर्टल की अभिनव पहल से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और नागरिक शिकायतों का तेजी से समाधान संभव हुआ है। डिजिटल और जवाबदेही आधारित इस मंच ने “नीति नहीं निष्पादन, घोषणा नहीं डिलीवरी और समीक्षा नहीं समाधान” की भावना को साकार किया है।

    उन्होंने बताया कि पीएमजी पोर्टल पर निगरानी में चल रही 209 परियोजनाओं से जुड़े 322 मुद्दों में से 312 का समाधान राज्य सरकार ने किया है, जबकि प्रगति पोर्टल पर सामने आए 124 मुद्दों में से 120 का निराकरण किया गया है। भूमि अधिग्रहण के मामलों में भी मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर नए मानक स्थापित किए हैं।मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क, रेलवे और विद्युत परियोजनाओं के कारण मध्यप्रदेश ऊर्जा और परिवहन केंद्र के रूप में उभर रहा है। प्रदेश में 77 सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं पर कार्य जारी है, जो देश की समग्र प्रगति को गति दे रही हैं।

  • इंदौर में कोहराम पटेल ब्रिज के नीचे बस ने बाइक को मारी टक्कर आक्रोशित भीड़ ने बस को किया आग के हवाले

    इंदौर में कोहराम पटेल ब्रिज के नीचे बस ने बाइक को मारी टक्कर आक्रोशित भीड़ ने बस को किया आग के हवाले


    इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के व्यस्ततम इलाके पटेल ब्रिज के नीचे बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गईजब एक भीषण सड़क हादसे ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया। शुक्ला ब्रदर्स की एक तेज रफ्तार यात्री बस ने एक बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दीजिसके बाद मौके पर मौजूद गुस्साई भीड़ ने कानून को हाथ में लेते हुए बस में आग लगा दी। देखते ही देखते बस आग के गोले में तब्दील हो गई और काले धुएं का गुबार पूरे आसमान में छा गया।

    टक्कर के बाद भड़का जन-आक्रोश यह घटना सुबह करीब 9:30 बजे की हैजब छोटी ग्वालटोली क्षेत्र में पटेल ब्रिज के नीचे यातायात का भारी दबाव था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसारशुक्ला ब्रदर्स की बस ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि बाइक सवार को गंभीर चोटें नहीं आईंलेकिन इस हादसे ने वहां मौजूद लोगों के गुस्से को भड़का दिया। आरोप है कि चालक की लापरवाही से नाराज भीड़ ने बस को घेर लिया और उसमें आग लगा दी। आगजनी की आशंका इसलिए भी प्रबल है क्योंकि टक्कर के कुछ ही मिनटों बाद बस धू-धू कर जलने लगी थी।दमकल ने पाया काबूचालक मौके से फरार घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम और तुकोगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के सब इंस्पेक्टर शोभाराम मालवीय ने बताया कि आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि दूर से ही दिखाई दे रही थीं। दमकलकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए एक टैंकर पानी की मदद से आग पर काबू पायालेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। हैरानी की बात यह रही कि आग लगने के दौरान बस का चालक मौके पर नहीं मिला आशंका है कि वह भीड़ के डर से वाहन छोड़कर भाग खड़ा हुआ।

    पुलिस की पड़ताल: दुर्घटना या साजिश? तुकोगंज थाना प्रभारी जितेंद्र यादव ने बताया कि बाइक सवार को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया हैजहाँ उसकी हालत खतरे से बाहर है। पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि बस में आग तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट से लगी या फिर इसे भीड़ ने जानबूझकर लगाया। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आगजनी करने वाले संदिग्धों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि यदि आगजनी की पुष्टि होती हैतो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यातायात हुआ बाधितलाखों का नुकसान ब्रिज के नीचे हुई इस घटना के कारण घंटों तक यातायात व्यवस्था चरमरा गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रूट को डायवर्ट किया और वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को निकाला। इस अग्निकांड में बस पूरी तरह नष्ट हो गई हैजिससे बस ऑपरेटर को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। फिलहालपुलिस बस चालक की तलाश कर रही है और बाइक सवार के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

  • सनातन धर्म की मुखर आवाज हर्षा रिछारिया का बड़ा फैसला, प्रचार कार्य से लिया पूर्ण विराम

    सनातन धर्म की मुखर आवाज हर्षा रिछारिया का बड़ा फैसला, प्रचार कार्य से लिया पूर्ण विराम


    ग्वालियर। अपनी ओजस्वी वाणी और प्रखर तर्कों के माध्यम से सोशल मीडिया पर सनातन धर्म का पक्ष रखने वाली चर्चित व्यक्तित्व हर्षा रिछारिया ने एक चौंकाने वाला फैसला लिया है। हर्षा ने घोषणा की है कि वह अब सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के कार्यों से विराम ले रही हैं। लंबे समय से हिंदुत्व और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को युवाओं तक पहुँचाने में सक्रिय रहीं हर्षा के इस निर्णय ने उनके लाखों प्रशंसकों को स्तब्ध कर दिया है।

    अचानक लिए गए निर्णय के पीछे के संकेत हर्षा रिछारिया ने अपने आधिकारिक माध्यमों से जानकारी साझा करते हुए बताया कि वह अब इस क्षेत्र से दूरी बना रही हैं। हालांकि उन्होंने इस फैसले के पीछे किसी एक विशिष्ट कारण का उल्लेख नहीं किया है लेकिन उनके इस कदम को उनके निजी जीवन और आत्ममंथन से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपनी इच्छा से यह विराम ले रही हैं और भविष्य में उनकी क्या योजनाएं हैं इस पर अभी सस्पेंस बना हुआ है।

    सोशल मीडिया पर रहा है गहरा प्रभाव गौरतलब है कि हर्षा रिछारिया ने बहुत कम समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई थी। उनके वीडियो और वक्तव्य अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होते थे जिनमें वे सनातन परंपराओं शास्त्रों और समसामयिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखती थीं। उनके तर्कपूर्ण वीडियो के कारण ही वे युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हुईं। उनके इस विराम से उन लोगों में निराशा है जो उन्हें धर्म के एक सशक्त पक्षकार के रूप में देखते थे।

    क्या यह स्थाई विदाई है? हर्षा के इस फैसले के बाद इंटरनेट पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे उनकी निजी पसंद मान रहे हैं तो कुछ का मानना है कि वे किसी नए स्वरूप में वापसी कर सकती हैं। फिलहाल उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे अभी किसी भी प्रकार के सार्वजनिक प्रचार कार्य का हिस्सा नहीं रहेंगी। उनके समर्थकों ने उनके इस निर्णय का सम्मान करते हुए उनके सुखद भविष्य की कामना की है।

  • भोपाल-इंदौर हाईवे पर बड़ा हादसा: भौरी जोड़ के पास 3-4 कारों की भिड़ंत, 6 से अधिक लोग घायल

    भोपाल-इंदौर हाईवे पर बड़ा हादसा: भौरी जोड़ के पास 3-4 कारों की भिड़ंत, 6 से अधिक लोग घायल


    भोपाल । भोपाल-इंदौर हाईवे पर मंगलवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। भौरी जोड़ के पास तीन से चार कारों की आपस में जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें 6 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसा इतना भीषण था कि कई वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और हाईवे पर कुछ समय के लिए ट्रैफिक पूरी तरह से ठप हो गया।
    घायलों को तुरंत घटनास्थल से एम्बुलेंस द्वारा नजदीकी अस्पताल भेजा गया जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की। घटना के बाद पुलिस ने ट्रैफिक को डायवर्ट किया जिससे सड़क पर लंबा जाम लग गया। पुलिस द्वारा स्थिति को नियंत्रित किया गया और यातायात को पुनः बहाल किया गया।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हादसा तेज रफ्तार या लेन बदलने की कोशिश के कारण हुआ हो सकता है। हालांकि पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है कि क्या हादसे का कारण ओवरस्पीडिंग लापरवाही या कोई अन्य वजह थी। हाईवे पर इस तरह के हादसे से यातायात प्रभावित होने के अलावा दुर्घटना में घायलों की बढ़ती संख्या ने सुरक्षा के मुद्दे को भी उजागर किया है। पुलिस और प्रशासन अब हादसे के कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए जरूरी कदम उठाने की योजना बना रहे हैं।

  • मध्य प्रदेश में सर्द हवाओं का सितम जारी, लेकिन कोहरे से मिली राहत, 15 से बदलेगा मौसम

    मध्य प्रदेश में सर्द हवाओं का सितम जारी, लेकिन कोहरे से मिली राहत, 15 से बदलेगा मौसम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में ठंड का दौर लगातार जारी है, हालांकि पिछले कुछ दिनों की तुलना में कोहरे से लोगों को कुछ राहत मिली है। ज्यादातर इलाकों में आसमान साफ रहा और दिन में धूप निकलने से हल्की राहत महसूस की गई। भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में सुबह हल्का से मध्यम कोहरा देखने को मिला। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं का असर प्रदेश के उत्तरी जिलों में ज्यादा दिखाई दे रहा है।
    मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा और धूप खिलने की संभावना है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में दिन के समय तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होगी, लेकिन रात की ठंड बरकरार रहेगी। ग्वालियर-चंबल अंचल के साथ सागर और रीवा संभाग में सर्दी का असर अभी कम होने के आसार नहीं हैं।

    बुधवार सुबह ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में कोहरे के कारण दृश्यता प्रभावित रही। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सीहोर, शाजापुर, देवास समेत 15 से अधिक जिलों में विजिबिलिटी 2 से 4 किलोमीटर के बीच दर्ज की गई। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा। फिलहाल कहीं भी शीतलहर या कोल्ड डे का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    उत्तरी हिस्सों में कड़ाके की ठंड, ग्वालियर–कटनी रहे सबसे ठंडे
    प्रदेश के उत्तरी जिलों में बर्फीली हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान काफी नीचे चला गया है। मंगलवार रात ग्वालियर, छतरपुर का नौगांव और कटनी का करौंदी प्रदेश के सबसे ठंडे स्थान रहे। ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री, कटनी के करौंदी में 4.7 डिग्री, सतना के चित्रकूट में 5.3 डिग्री और नौगांव में 5.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कोहरे की वजह से रेल यातायात पर भी असर पड़ा और कई ट्रेनें देरी से चलीं। प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 5.8 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो में 6 डिग्री, दतिया में 6.2 डिग्री, मंडला और राजगढ़ में 6.4 डिग्री तथा रीवा में 6.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री, इंदौर में 9.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में 9.5 डिग्री दर्ज हुआ।

    दिन में भी ठंड का असर
    मंगलवार को दिन के तापमान में भी खास बढ़ोतरी नहीं हो सकी। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 24.3 डिग्री, दतिया में 23.4 डिग्री और श्योपुर में 23.2 डिग्री रहा। पचमढ़ी में 21.8 डिग्री, खजुराहो में 23.4 डिग्री, नौगांव में 23.5 डिग्री, रीवा में 22.4 डिग्री, सीधी में 23 डिग्री, टीकमगढ़ और उमरिया में 24 डिग्री तथा मलाजखंड में 23 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    15 जनवरी से बदलेगा मौसम का मिजाज
    मौसम विभाग ने बताया कि 15 जनवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से दो से तीन दिन बाद मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। खास तौर पर उत्तरी जिलों में मावठा गिरने की संभावना जताई गई है।

  • ग्वालियर: ड्यूटी से लौटकर युवक ने लगाया मौत को गले, सूने कमरे में फंदे से झूलती मिली लाश

    ग्वालियर: ड्यूटी से लौटकर युवक ने लगाया मौत को गले, सूने कमरे में फंदे से झूलती मिली लाश


    ग्वालियर। शहर के हजीरा थाना क्षेत्र में मंगलवार की शाम एक हृदयविदारक घटना सामने आई जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक 27 वर्षीय ऊर्जावान युवक जो कुछ ही घंटों पहले अपनी ड्यूटी पूरी कर घर लौटा था उसने अज्ञात कारणों के चलते अपने ही कमरे में फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। जब पिता ने कमरे का दरवाजा खोला तो सामने का मंजर देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घर की खुशियाँ पल भर में मातम में बदल गईं और चीख-पुकार से पूरा मोहल्ला दहल उठा।

    सामान्य दिनचर्या और अचानक उठाया खौफनाक कदम मृतक की पहचान लाइन नंबर-8 निवासी राकेश दुरखरिया 27 के रूप में हुई है। राकेश एक निजी फर्म में नौकरी करता था और अपने परिवार का सहारा था। परिजनों के अनुसार मंगलवार का दिन भी अन्य दिनों की तरह सामान्य था। राकेश सुबह तैयार होकर काम पर गया और दिन भर मेहनत करने के बाद शाम को घर लौटा। घर आने के बाद उसने परिजनों से सामान्य बातचीत की और अपने कमरे में चला गया। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कमरे के बंद दरवाजे के पीछे वह मौत का रास्ता चुन लेगा।

    जब पिता ने देखा हृदयविदारक दृश्य काफी देर तक जब राकेश कमरे से बाहर नहीं आया और भीतर से कोई आहट नहीं हुई तो पिता को चिंता हुई। उन्होंने आवाज लगाई लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका में जब उन्होंने दरवाजा खोलकर भीतर झांका तो राकेश फंदे से लटका हुआ था। पिता की चीख सुनकर परिवार के अन्य सदस्य और पड़ोसी मौके पर दौड़े। आनन-फानन में उसे नीचे उतारा गया और नब्ज टटोली गई लेकिन तब तक राकेश की सांसें थम चुकी थीं।

    बिना सुसाइड नोट के उलझी गुत्थी सूचना मिलते ही हजीरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस को तलाशी के दौरान कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। राकेश के व्यवहार में भी हाल-फिलहाल कोई बदलाव नहीं देखा गया था जिससे आत्महत्या की वजह और भी रहस्यमयी हो गई है। पुलिस अब युवक के मोबाइल कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगाल रही है ताकि मौत के पीछे छिपे संभावित तनाव या कारणों का पता लगाया जा सके।

    सदमे में परिवार जांच जारी हजीरा थाना पुलिस का कहना है कि प्राथमिक तौर पर मामला आत्महत्या का ही नजर आ रहा है लेकिन बिना किसी पुख्ता सबूत के ठोस कारण बताना जल्दबाजी होगी। फिलहाल मर्ग कायम कर लिया गया है। परिजनों की स्थिति अभी बयान देने लायक नहीं है; उनके सामान्य होने पर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। क्या यह कदम किसी कार्यस्थल के दबाव आर्थिक तंगी या किसी निजी उलझन का परिणाम था यह जांच का मुख्य विषय है। इस घटना ने एक बार फिर युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव और अचानक लिए जाने वाले घातक फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।ग्वालियर के हजीरा थाना क्षेत्र में 27 वर्षीय निजी कर्मचारी राकेश दुरखरिया ने ड्यूटी से लौटने के बाद घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है जिससे मौत के कारण रहस्य बने हुए हैं। पुलिस मोबाइल और अन्य साक्ष्यों के जरिए मामले की जांच कर रही है।