Category: Madhya Pradesh

  • मकर संक्रांति पर नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी ठंड में ,हर हर नर्मदे,के जयकारे

    मकर संक्रांति पर नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी ठंड में ,हर हर नर्मदे,के जयकारे


    नर्मदापुरम । मकर संक्रांति का पर्व हर वर्ष सनातन संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। यह पर्व सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश के साथ मनाया जाता है और इसी दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं। मकर संक्रांति का पर्व प्रकृति सूर्य उपासना और मानव जीवन के संतुलन का प्रतीक है। इस दिन से खरमास का अंत होता है और शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। इस दिन को लेकर नर्मदापुरम बैतूल छिंदवाड़ा भोपाल जैसे बड़े शहरों से श्रद्धालु नर्मदा तट पर आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे।

    नर्मदापुरम के प्रसिद्ध सेठानी घाट पर सुबह 4:00 बजे से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। कड़कड़ाती ठंड में भी श्रद्धालु “हर हर नर्मदे” के जयकारे लगाते हुए नर्मदा नदी में स्नान करने पहुंचे। मकर संक्रांति के दिन विशेष रूप से तिल और खिचड़ी का दान करना पवित्र माना जाता है और श्रद्धालु यहां आकर सत्यनारायण भगवान की पूजा के बाद इन दानों को नर्मदा नदी में अर्पित कर रहे हैं। दरिद्र नारायण को कंबल और अन्य वस्तुएं भेंट करने की भी परंपरा है जिसे श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा से निभा रहे हैं।

    मकर संक्रांति के पर्व पर नेमावर के पेढ़ी घाट सिद्धनाथ घाट और नागर घाट पर भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। यहां देवास हरदा और सीहोर जिले से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। ठंड में भी श्रद्धालुओं ने नर्मदा नदी में आस्था की डुबकी लगाई और नर्मदे हर के उद्घोष के साथ सूर्योदय का स्वागत किया। मकर संक्रांति के दिन स्नान दान और सूर्य उपासना का विशेष धार्मिक महत्व है। यहां श्रद्धालुओं ने अनाज कपड़े तिल खिचड़ी और अन्य सामग्री का दान किया।

    सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और पुलिस ने घाटों पर पुख्ता इंतजाम किए थे ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। शास्त्रों में मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव को विशेष वस्तुएं अर्पित करने का विधान है जिनमें लाल वस्त्र गेहूं गुड़ मसूर दाल तांबा स्वर्ण सुपारी नारियल और दक्षिणा शामिल हैं। इन धार्मिक क्रियाओं के साथ श्रद्धालु अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। कुल मिलाकर मकर संक्रांति का यह पर्व नर्मदा तट पर श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम बनकर उभरा जहां लाखों श्रद्धालुओं ने एक साथ आकर इस पवित्र दिन का लाभ उठाया।

  • कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का विवादित बयान: SC-ST विधायकों की स्थिति ‘कुत्ते जैसी’ आदिवासियों को हिंदू न बनने देने की बात कही

    कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का विवादित बयान: SC-ST विधायकों की स्थिति ‘कुत्ते जैसी’ आदिवासियों को हिंदू न बनने देने की बात कही


    भोपाल । मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने अपने विवादित बयानों से एक बार फिर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने अनुसूचित जाति और जनजाति के विधायकों और सांसदों की स्थिति की तुलना कुत्ते से की है। उनका कहना था कि जब SC/ST समुदाय के जनप्रतिनिधि जॉइंट इलेक्टोरल सिस्टम में आते हैं तो उनकी स्थिति वैसी हो जाती है जैसे कुत्ते के मुंह में बंधी पट्टी जिसे काटने की बात तो छोड़िए वह कुत्ता भौंक भी नहीं सकता। यह बयान भोपाल में कांग्रेस की डिक्लेरेशन-2 ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक के दौरान दिया गया जहां मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।

    बरैया ने जॉइंट इलेक्टोरल सिस्टम को SC/ST समुदाय के लिए एक बड़ी समस्या बताया। उनका मानना है कि इस व्यवस्था के कारण बाबा साहब अंबेडकर का सपना पूरा नहीं हो सका। वे चाहते हैं कि SC/ST के लिए सेपरेट इलेक्टोरल सिस्टम लागू किया जाए ताकि उनकी स्थिति बेहतर हो सके। बरैया ने आदिवासी समुदाय को लेकर भी विवादित टिप्पणी की। उनका कहना था कि आदिवासियों को हिंदू नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने झारखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सरना धर्म की स्थापना की गई है और आदिवासियों को सरना धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।

    उनका दावा था कि अगर आदिवासी सरना धर्म अपनाते हैं तो उनके लिए मुक्ति का मार्ग खुल सकता है। बरैया ने यह भी कहा कि आदिवासी आज भी सिविलाइज नहीं हैं और जंगलों के कटने से उनका ज्ञान और संस्कृति प्रभावित हो रही है। यह बयान कांग्रेस पार्टी के लिए एक नई चुनौती बन सकता है क्योंकि बरैया का यह बयान न केवल समाज के एक बड़े वर्ग को आहत कर सकता है बल्कि पार्टी के भीतर भी विवाद पैदा कर सकता है। इसके अलावा इस तरह के बयान कांग्रेस की छवि को भी नुकसान पहुँचा सकते हैं खासकर जब पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और विक्रांत भूरिया जैसे लोग मंच पर मौजूद थे।

    सेपरेट इलेक्टोरल के संदर्भ में बरैया का बयान यह बताता है कि वे चुनावी व्यवस्था में बड़े बदलाव के पक्षधर हैं। सेपरेट इलेक्टोरल एक ऐसी प्रणाली है जिसमें चुनावी प्रक्रिया को जाति धर्म या वर्ग के आधार पर विभाजित किया जाता है। यह व्यवस्था ब्रिटिश काल में अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधित्व के लिए लागू की गई थी लेकिन संविधान सभा में इसकी आलोचना हुई और इसे समाप्त कर दिया गया। भारत ने जॉइंट इलेक्टोरल सिस्टम अपनाया जिसमें सभी वर्ग एक साथ वोट डालते हैं लेकिन आरक्षित सीटों पर SC/ST समुदाय के उम्मीदवार ही चुनाव लड़ सकते हैं।विधायक बरैया के इस बयान ने एक बार फिर उनकी राजनीति और कांग्रेस पार्टी के भीतर के विवादों को सामने ला दिया है और यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी इस पर किस तरह का रुख अपनाती है।

  • प्राइवेट स्कूलों की मान्यता व नवीनीकरण के लिए आवेदन की अंतिम तिथि अब 20 जनवरी 2026

    प्राइवेट स्कूलों की मान्यता व नवीनीकरण के लिए आवेदन की अंतिम तिथि अब 20 जनवरी 2026


    भोपाल!
    राज्य शिक्षा केन्द्र, ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत संचालित प्राइवेट स्कूलों की मान्यता एवं मान्यता नवीनीकरण के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए सभी अशासकीय विद्यालयों को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से मान्यता नवीनीकरण अथवा नवीन मान्यता के लिए आवेदन करना होगा।

    राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा जारी आदेश के अनुसार पूर्व में आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर 2025 निर्धारित की गई थी, किन्तु तकनीकी एवं व्यावहारिक समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए इसे बढ़ाकर अब 20 जनवरी 2026 कर दिया गया है।

    राज्य शिक्षा केन्द्र ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा का अधिकार नियम 11 के उपनियम 4(ग) के तहत यदि कोई स्कूल निर्धारित समय-सीमा में ऑनलाइन आवेदन नहीं करता है, तो उस स्कूल को मान्यता विहीन माना जाएगा और विद्यालय का संचालन शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 18 के अंतर्गत दंडनीय अपराध होगा।

  • मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव आज उज्जैन में करेंगे श्रीमहाकाल महोत्सव का शुभारंभ

    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव आज उज्जैन में करेंगे श्रीमहाकाल महोत्सव का शुभारंभ


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 जनवरी को श्रीमहाकाल महालोक उज्जैन में पाँच दिवसीय ‘श्रीमहाकाल महोत्सव’ का शुभारंभ करेंगे। 18 जनवरी 2026 तक चलने वाला यह महोत्सव श्रीमहाकाल महालोक और त्रिवेणी संग्रहालय के प्रांगण में कला, संगीत और वैचारिक विमर्श का अनूठा संगम होगा। वीर भारत न्यास और श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में यह महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन एक बार फिर भारतीय संस्कृति, कला और अटूट श्रद्धा के महोत्सव की साक्षी बनने जा रही है।

    5 दिनों तक बहेगी संगीत सरिता

    महोत्सव की मुख्य सभाओं में देश के ख्यातिलब्ध कलाकार भगवान शिव की आराधना अपनी स्वर-लहरियों से करेंगे। 14 जनवरी: महोत्सव के पहले दिन सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक शंकर महादेवन अपने पुत्रों सिद्धार्थ और शिवम् के साथ ‘शिवोऽहम्’ की संगीतमय प्रस्तुति देंगे। 15 जनवरी: मुम्बई का प्रसिद्ध ‘द ग्रेट इंडियन क्वायर’ ‘शिवा’ थीम पर प्रस्तुति देगा। 16 जनवरी: सुप्रसिद्ध गायिका सोना महापात्रा अपनी संगीत यात्रा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी। 17 जनवरी: इंदौर के श्रेयश शुक्ला एवं मुम्बई के विपिन अनेजा व उनके बैंड द्वारा सुगम संगीत की प्रस्तुति होगी। 18 जनवरी: महोत्सव का समापन इंडोनेशिया (कोकोरदा पुत्रा) और श्रीलंका (अरियारन्ने कालूराच्ची) के दलों द्वारा प्रस्तुत ‘शिव केंद्रित नृत्य नाटिका’ से होगा, जो महोत्सव के अंतरराष्ट्रीय विस्तार को दर्शाएगा।

    त्रिवेणी संग्रहालय में प्रतिदिन जनजातीय संस्कृति के होंगे दर्शन

    महोत्सव में प्रतिदिन शाम 4 से 6 बजे तक त्रिवेणी संग्रहालय में मध्यप्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति के दर्शन होंगे। इसमें छिंदवाड़ा का भड़म, बैतूल का ठाट्या, धार का भगोरिया और सागर का बरेदी जैसे पारंपरिक नृत्यों का प्रदर्शन होगा। प्रतिदिन निकलने वाली ‘कला यात्रा’ शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए श्रीमहाकाल लोक पहुँचेगी। इसमें शिव बारात, डमरू वादन और मलखंब के रोमांचक प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र होंगे।

    15 जनवरी को होगा बौद्धिक विमर्श

    सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ, 15 जनवरी को प्रातः 10:30 बजे एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसका विषय ‘शिव तत्त्व और महाकाल: पुरातिहास, साहित्य और संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में’ रखा गया है, जहाँ विद्वान शिव तत्व की दार्शनिक गहराईयों पर प्रकाश डालेंगे। आमजन को इस भक्तिमय उत्सव में सहभागी होने के लिए सादर आमंत्रित किया गया है।

  • MP की राजनीति हिली! दिग्विजय सिंह के बयान से कांग्रेस नेता के राज्यसभा मार्ग पर सस्पेंस

    MP की राजनीति हिली! दिग्विजय सिंह के बयान से कांग्रेस नेता के राज्यसभा मार्ग पर सस्पेंस

    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश कांग्रेस में राज्यसभा सीट को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। यह बयान कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार द्वारा लिखे गए पत्र के संदर्भ में आया था। पत्र में आग्रह किया गया था कि आगामी राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति समुदाय से किसी नेता को उम्मीदवार बनाना चाहिए। इस मांग के सामने आने के बाद पार्टी के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई और सवाल उठने लगा कि क्या दिग्विजय सिंह एक बार फिर राज्यसभा जाएंगे या नहीं।

    दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया, “यह मेरे हाथ में नहीं है। पार्टी का फैसला जो भी होगा, वह सर्वमान्य होगा। इतना जरूर मैं कह सकता हूं कि मैं अपनी राज्यसभा सीट खाली कर रहा हूं।” उनके इस बयान को कांग्रेस के भीतर बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस बार दिग्विजय सिंह राज्यसभा के लिए नहीं जाएंगे, जिससे मध्य प्रदेश की सियासत में नए समीकरण बन सकते हैं।

    दिग्विजय सिंह का वर्तमान कार्यकाल इस वर्ष जून में समाप्त हो रहा है। राज्य में कुल तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। कांग्रेस के पास 64, बीएपी के पास 1 और भारतीय जनता पार्टी के पास 165 विधायक हैं। इस हिसाब से राजनीतिक समीकरण, दलों की ताकत और उम्मीदवारों का चयन सभी के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है।

    राज्यसभा सीटों की इस लड़ाई में अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति समुदाय से उम्मीदवार का चयन पार्टी की छवि और स्थानीय समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है। दिग्विजय सिंह के फैसले के बाद अब कांग्रेस के नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच सस्पेंस और रणनीति का माहौल है। राजनीतिक विश्लेषक इसे मध्य प्रदेश की सियासत में एक नया मोड़ भी मान रहे हैं, क्योंकि राज्यसभा चुनाव हमेशा पार्टी की भीतरी ताकत और प्रभाव को दिखाने का मौका होते हैं।

    इस घटना ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में सामुदायिक समीकरणों और अनुभव को ध्यान में रखते हुए रणनीति बना रही है। दिग्विजय सिंह का यह कदम पार्टी के भीतर नए नेताओं के लिए अवसर और सियासी समीकरणों में बदलाव ला सकता है। इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश की सियासत को रोचक और रणनीतिक मोड़ दे दिया है, और अब सबकी निगाहें आगामी राज्यसभा चुनाव पर टिकी हुई हैं।

  • सीहोर 2026 में होगा ‘कृषि वर्ष’, किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाने सड़कों पर उतरेगा कृषि रथ

    सीहोर 2026 में होगा ‘कृषि वर्ष’, किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाने सड़कों पर उतरेगा कृषि रथ


    सीहोर । सीहोर जिले में वर्ष 2026 को विशेष रूप से ‘कृषि वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। किसानों को खेती की आधुनिक तकनीक, सरकारी योजनाओं और नवाचारों की सीधी जानकारी देने के उद्देश्य से जिलेभर में कृषि रथ अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान रबी सीजन के दौरान जिले के हर विकासखंड में संचालित होगा, जिससे अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिल सके।

    मंगलवार को कलेक्टर बालागुरु के. ने कृषि विभाग के अधिकारियों को राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप कृषि रथों के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि किसानों को आधुनिक और टिकाऊ खेती की ओर प्रेरित करना है।

    कृषि रथ बताएगा खेती के नए रास्ते
    कृषि रथ के माध्यम से किसानों को जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, उन्नत बीजों का चयन, कीट एवं रोग प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी। इसके साथ ही फसल विविधीकरण, कृषि आधारित उद्यमिता, ई-तकनीक से जुड़ी योजनाएं और पराली प्रबंधन जैसे अहम विषयों पर भी मार्गदर्शन किया जाएगा।

    अभियान की शुरुआत जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कृषि रथों को हरी झंडी दिखाकर की जाएगी, जिससे गांव-गांव तक इसका प्रभावी संदेश पहुंचे।

    जिला और ब्लॉक स्तर पर होगी सख्त निगरानी
    अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में और विकासखंड स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अध्यक्षता में विशेष क्रियान्वयन समितियों का गठन किया गया है। ये समितियां रथों के संचालन, कार्यक्रमों की रूपरेखा और पूरे अभियान की निगरानी करेंगी।

    तकनीकी विशेषज्ञ देंगे मौके पर समाधान
    प्रत्येक कृषि रथ के साथ एक तकनीकी दल रहेगा, जिसमें कृषि विभाग के अधिकारी और विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे।

    यह दल गांवों में जाकर किसानों की समस्याएं सुनेगा और उन्हें मौके पर ही आधुनिक कृषि समाधान उपलब्ध कराएगा।

    कृषि रथ अभियान की दैनिक प्रगति की जिला स्तर पर समीक्षा की जाएगी और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से किसानों की आय में वृद्धि होगी, कृषि उत्पादन बढ़ेगा और जिले में नवाचार आधारित खेती को नई दिशा मिलेगी।

    कृषि वर्ष 2026 सीहोर के किसानों के लिए ज्ञान, तकनीक और समृद्धि का नया अध्याय साबित होने की उम्मीद है।

  • खंडवा में फ्लोराइड पानी से स्वास्थ्य संकट,बच्चों के दांत और हड्डियां कमजोर, कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

    खंडवा में फ्लोराइड पानी से स्वास्थ्य संकट,बच्चों के दांत और हड्डियां कमजोर, कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन


    खंडवा। जिले के किल्लौद विकासखंड के कई गांवों में पेयजल में अत्यधिक फ्लोराइड मिलने से स्वास्थ्य संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीण और बच्चों में दांत पीले और कमजोर हो रहे हैं, वहीं हड्डियों से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर मंगलवार को कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्कूली बच्चे कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर ऋषव गुप्ता को ज्ञापन सौंपा।

    बच्चों का शारीरिक विकास प्रभावित
    ज्ञापन में बताया गया कि फ्लोराइड युक्त पानी का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है। कम उम्र में ही उनके दांत खराब और पीले हो रहे हैं, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो रहा है। साथ ही कई ग्रामीण हड्डियों की समस्याओं से जूझ रहे हैं। पूरे क्षेत्र में जनस्वास्थ्य की स्थिति गंभीर होने लगी है और स्थानीय प्रशासन की अनदेखी से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

    विधायक की चुप्पी पर कांग्रेस का हमला
    कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तमपाल सिंह पुरनी ने क्षेत्रीय विधायक नारायण पटेल की चुप्पी को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, जिम्मेदार विधायक के मौन से यह स्पष्ट होता है कि वह अपने कार्यों के प्रति कितने उत्तरदायी हैं। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।

    प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख मांगें
    जनसुनवाई में कांग्रेस जिला अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह पुरनी और शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के सामने चार प्रमुख मांगें रखीं:

    किल्लौद ब्लॉक के सभी गांवों के पेयजल स्रोतों की तत्काल गुणवत्ता जांच कराई जाए।

    प्रभावित लोगों के लिए फ्लोराइड मुक्त और सुरक्षित पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था शीघ्र की जाए।

    बच्चों और नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएं।

    समस्या के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालीन ठोस कार्ययोजना बनाई जाए और उसे लागू किया जाए।

    स्थानीय स्थिति और प्रशासनिक कदम
    ग्रामीणों का कहना है कि फ्लोराइड युक्त पानी पीने से न केवल स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि यह बच्चों और युवाओं के भविष्य को भी खतरे में डाल रहा है। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई करने और स्वास्थ्य, शिक्षा और जल सुरक्षा के लिए विशेष पहल करने की मांग की।

    सभी गांवों में नियमित जल परीक्षण और निगरानी सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई है। स्थानीय प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो कांग्रेस और ग्रामीण बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

    खंडवा के किल्लौद में इस पहल से यह संदेश गया कि स्वास्थ्य और सुरक्षित पेयजल को प्राथमिकता देना सरकार की जिम्मेदारी है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन जनता की इन मांगों पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।

  • भेड़ाघाट में नगर पंचायत अध्यक्ष के बेटे पर चाकू हमला, प्रॉपर्टी विवाद से बढ़ा तनाव, पुलिस ने शुरू की तलाश

    भेड़ाघाट में नगर पंचायत अध्यक्ष के बेटे पर चाकू हमला, प्रॉपर्टी विवाद से बढ़ा तनाव, पुलिस ने शुरू की तलाश



    नई दिल्ली। भेड़ाघाट नगर पंचायत अध्यक्ष के बेटे नीलेश लोधी पर देर रात आरोपियों ने चाकू से हमला कर दिया। घटना के तुरंत बाद घायल को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष चतुर सिंह की शिकायत पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

    घटना तिलवारा थाना क्षेत्र के विशाल मेगा मार्ट के पास हुई। जानकारी के अनुसार, नीलेश लोधी अपने घर भेड़ाघाट लौट रहे थे, तभी तीन बदमाशों ने उन्हें रोककर ताबड़तोड़ चाकू मार दिया। हमलावरों में जीतू पटेल, अंकित और सचिन शामिल थे,

     उन्होंने कहा कि जीतू पटेल आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ अवैध वसूली और मारपीट के कई मामले पहले भी दर्ज हैं। हाल ही में जेल से छूटने के बाद वह अपने साथियों के साथ फिर से प्रॉपर्टी का काम करने लगा था।

    पुलिस की तीन टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।

    जीतू पटेल चौकी लाल का निवासी है और उसके घर एवं आस-पास भी पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि नीलेश लोधी प्रॉपर्टी के काम में सक्रिय थे और उनके घायल होने की खबर से इलाके में तनाव है। पुलिस ने मौके पर सघन गश्त और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

    यह मामला भेड़ाघाट में प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ा हुआ माना जा रहा है और प्रशासन इसे गंभीरता से ले रहा है। नीलेश की हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि पुलिस आरोपियों की सूत्रों और तफ्तीश के आधार पर तलाश में जुटी हुई है।

  • आजीविका मिशन में कोई भर्ती नहीं हो रही है, भ्रामक पत्र पर ध्यान न दें

    आजीविका मिशन में कोई भर्ती नहीं हो रही है, भ्रामक पत्र पर ध्यान न दें


    भोपाल ! मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में अभी किसी भी स्तर पर कोई भर्ती नहीं की जा रही है। विभिन्न जिलों में भर्ती के सम्बंध में एक निराधार पत्र के माध्यम से भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है जो कि पूरी तरह असत्य है।


    वायरल पत्र उप सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास एस. के. मिश्रा, के नाम से हस्ताक्षरित है। जबकि विभाग में इस नाम का कोई उप सचिव नहीं है। इस जाली पत्र में सन्दर्भ भारत सरकार का पत्र क्रमांक F/2479  दिनांक 27.12.2025 उल्लेखित है, जो पूर्णतः निराधार है। आजीविका मिशन में कोई भर्ती नहीं की जा रही है न ही यह पत्र विभाग से संबंधित है।


  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोहड़ी पर्व की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोहड़ी पर्व की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं


    भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई फसल के स्वागत और हर्ष व उल्लास के पावन पर्व 
    लोहड़ी की  शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा  कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और खुशहाली लेकर आए तथा समाज में प्रेम, एकता और सद्भाव के भाव को और सुदृढ़ करे, यही मंगलकामना है।