Category: Madhya Pradesh

  • एमपी में मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी, तापमान 39 डिग्री पार, 40 डिग्री तक पहुंचने की संभावना

    एमपी में मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी, तापमान 39 डिग्री पार, 40 डिग्री तक पहुंचने की संभावना


    भोपाल । मध्य प्रदेश में इस साल मार्च की शुरुआत से ही गर्मी ने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। हालात ऐसे हैं कि मौसम अप्रैल जैसा महसूस होने लगा है और कई शहरों में तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना जताई गई है। गुरुवार को नर्मदापुरम में इस सीजन में पहली बार तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया, जिससे गर्मी का असर साफ नजर आया।
    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आमतौर पर मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी शुरू होती है, लेकिन इस बार मौसम का ट्रेंड बदल गया है। पिछले दस वर्षों में 15 मार्च के बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है, जबकि इस बार महीने की शुरुआत में ही पारे में उछाल आ गया है। प्रदेश के ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के शहर फिलहाल सबसे ज्यादा गर्मी झेल रहे हैं। इन इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा रिकॉर्ड किया जा रहा है।

    प्रदेश में फिलहाल किसी बड़े मौसमीय सिस्टम का प्रभाव नहीं दिखाई दे रहा है। हालांकि पूर्वी हिस्से से एक टर्फ लाइन गुजर रही है और साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है, लेकिन इसका मध्य प्रदेश के मौसम पर खास असर नहीं पड़ रहा। मौसम विभाग के मुताबिक आसमान साफ रहने के कारण सूरज की तेज किरणें सीधे जमीन तक पहुंच रही हैं, जिससे दिन में गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है।

    गुरुवार को प्रदेश के पांच बड़े शहरों में से चार इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर—में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि भोपाल में अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा। नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा 39.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा छतरपुर के खजुराहो में 36.8 डिग्री, धार में 36.6 डिग्री, दमोह, सागर और श्योपुर में 36.4 डिग्री, रतलाम में 36.2 डिग्री तथा गुना और टीकमगढ़ में 36 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। शाजापुर, मंडला और सतना में भी अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहा। वहीं रात के समय भी तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि मार्च के पहले पखवाड़े में ही कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस बार अप्रैल और मई के दौरान प्रदेश में 15 से 20 दिनों तक लू चल सकती है। इन दो महीनों में ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी का असर बना रहेगा।

  • मप्र के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी प्रतिष्ठित 'ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रॉन्ज' सर्टिफिकेट से सम्मानित

    मप्र के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी प्रतिष्ठित 'ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रॉन्ज' सर्टिफिकेट से सम्मानित


    भोपाल।
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व और प्रदेश में ‘रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म’ को बढ़ावा देने के प्रयासों के फलस्वरूप मध्य प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। जर्मनी के बर्लिन में आयोजित ‘आईटीबी बर्लिन ट्रैवल मार्ट’ में प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी को प्रतिष्ठित ‘ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रॉन्ज’ सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया है।

    इसके साथ ही पचमढ़ी यह अंतरराष्ट्रीय गौरव हासिल करने वाला देश का पहला हिल स्टेशन बन गया है। मप्र टूरिज्म बोर्ड की ओर से उज्जैन कमिश्नर आशीष सिंह ने यह सम्मान प्राप्त किया। यह प्रमाणन नीदरलैंड स्थित ‘ग्रीन डेस्टिनेशंस फाउंडेशन’ द्वारा प्रदान किया जाता है, जो ‘ग्लोबल सस्टेनेबल टूरिज्म काउंसिल’ से मान्यता प्राप्त संस्था है।

    मप्र के पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने गुरुवार को उक्त जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश पर्यटन नित नई ऊँचाइयों को छू रहा है। पचमढ़ी को मिला यह ‘ग्रीन डेस्टिनेशन ब्रॉन्ज’ सर्टिफिकेट इस बात का प्रमाण है कि हम पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संस्कृति को सहेजने में भी अग्रणी हैं। यह उपलब्धि पचमढ़ी को वैश्विक स्तर पर एक ‘सस्टेनेबल टूरिज्म डेस्टिनेशन’ के रूप में स्थापित करेगी, जिससे यहाँ अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।

    मप्र टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी ने कहा कि यह सम्मान पचमढ़ी में विरासत संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन ऊर्जा और जलवायु संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की वैश्विक पहचान है। इस उपलब्धि के साथ ही अब पचमढ़ी देश के अन्य पहाड़ी पर्यटन स्थलों और इको-टूरिज्म साइट्स के लिए एक ‘रेप्लिकेबल मॉडल’ (अनुकरणीय मॉडल) के रूप में उभरा है। यह मान्यता प्रदेश में ‘रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म’ को और अधिक सशक्त बनाएगी।

    स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण का वैश्विक मानक

    ‘ग्रीन डेस्टिनेशंस’ अंतर्राष्ट्रीय स्तर का एक प्रतिष्ठित प्रमाणन कार्यक्रम है, जो आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिक-सांस्कृतिक स्थिरता के 3 मुख्य स्तंभों पर केंद्रित है।

    कठोर परीक्षण में मिली सफलता

    पचमढ़ी का चयन अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित एक अत्यंत जटिल और सूक्ष्म मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद किया गया। इसके तहत डेस्टिनेशन मैनेजमेंट, प्रकृति एवं परिदृश्य, पर्यावरण और जलवायु, संस्कृति एवं परंपरा, सामाजिक कल्याण और व्यापारिक संचार जैसे 6 प्रमुख विषयों के 75 कड़े मापदंडों पर पचमढ़ी का परीक्षण किया गया। मूल्यांकन में पचमढ़ी ने 10 में से 6.5 का स्कोर और 40% का GSTC अनुपालन स्तर हासिल किया।

    पर्यटन बोर्ड के प्रयासों का परिणाम

    मप्र टूरिज्म बोर्ड द्वारा इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे थे। इस परियोजना के तहत नवंबर 2025 में पचमढ़ी में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई थी, जिसके बाद व्यापक फील्ड वर्क, डेटा कलेक्शन और दस्तावेजीकरण किया गया। फरवरी 2026 में अंतरराष्ट्रीय ऑडिटर द्वारा ऑन-साइट ऑडिट के बाद इस उपलब्धि पर मुहर लगी।

  • गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में किसानों को न हो कोई परेशानी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में किसानों को न हो कोई परेशानी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। जिला कलेक्टर पंजीकृत किसानों में से चिन्हित किसानों के सत्यापन, उपार्जन केन्द्रों पर बारदानों की उपलब्धता और किसानों को समय पर भुगतान के लिए शत-प्रतिशत व्यवस्था सुनिश्चित करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश गुरुवार को मंत्रालय में आयोजित अभियान की राज्य स्तरीय बैठक के बाद जिला कलेक्टर्स से वर्चुअल संवाद में दिए। उन्होंने कहा कि गेहूं का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 16 मार्च से 5 मई तक होगा और शेष संभागों जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, चम्बल व सागर में 23 मार्च से 12 मई तक किया जाएगा। किसान अपना पंजीयन 7 मार्च तक करा सकेंगे।

    मुख्यमंत्री ने उपार्जन केन्द्रों का समय-सीमा में निर्धारण, उनकी स्थापना और इन केन्द्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपार्जन कार्य में लगे अमले के उपयुक्त प्रशिक्षण सहित जिला उपार्जन समिति द्वारा नियमित बैठक कर समस्याओं के त्वरित निदान की व्यवस्था की जाए। किसानों को अद्यतन जानकारियां सरलता से उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित हो।

    मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर्स को खाड़ी देशों में वर्तमान में निर्मित अप्रत्याशित परिस्थितियों को देखते हुए इन देशों में रह रहे जिले के विद्यार्थियों, नागरिकों के परिवारों से सम्पर्क में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली और वल्लभ भवन मंत्रालय में प्रदेशवासियों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जिला स्तर पर ऐसे व्यक्तियों और परिवारों से कलेक्टर्स निरंतर समन्वय और सम्पर्क रखें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि संकल्प से समाधान अभियान का अंतिम चरण जारी है। अभियान के अंतर्गत 40 लाख आवेदनों का निराकरण हुआ है। अब 16 मार्च तक जिला स्तरीय शिविर लगना है। विकास और जनकल्याण की इस गतिविधि की जिला कलेक्टर सघन मॉनीटरिंग सुनिश्चित करें। अभियान में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो कलेक्टर्स जिले की सभी गतिविधियों में परफार्मेंस और परिणाम देंगे वे ही मैदान में रहेंगे, यह सिद्धांत सभी अधिकारी-कर्मचारियों पर भी लागू होगा।

    मुख्यमंत्री ने जिलों में वीसी सेटअप के संबंध में आलीराजपुर, छिंदवाड़ा, पांर्ढुणा, बालाघाट, भोपाल जिलों को तत्काल कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वीसी सेटअप से सभी विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधियों को पंचायत स्तर तक संवाद स्थापित करने में मदद मिलेगी। इससे विकास और जनकल्याण के कार्यों की समीक्षा में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने विधानसभा स्तर के विजन डॉक्यूमेंट के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि शासन और व्यवस्था के संबंध में मिथ्या या भ्रम फैलाने वाली जानकारियों का जिला स्तर पर तत्काल प्रभावी रूप से खंडन किया जाए। सोशल मीडिया के युग में ऐसी गतिविधियों पर त्वरित रूप से वस्तुस्थिति रखना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में शाला और महाविद्यालयीन स्तर पर परीक्षाओं का समय चल रहा है। जिला अधिकारी शैक्षणिक संस्थाओं, छात्रावासों, विश्वविद्यालय परिसरों का आकस्मिक निरीक्षण आवश्यक रूप से करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि परीक्षाओं का संचालन और आगामी सत्रारंभ निर्विघ्न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला अधिकारियों को जिला स्तर पर नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित भी किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अधिकारियों-कर्मचारियों से कार्यालयीन समय का पालन करने की अपेक्षा है। इस संबंध में गत दिवस मंत्रालय में कार्यालयीन समय अनुसार उपस्थिति का आकस्मिक निरीक्षण कराया गया था। जिला स्तर पर जिला कलेक्टर्स द्वारा अपने स्तर पर इस प्रकार के निरीक्षण की व्यवस्था की जाए। कार्यालयीन स्टॉफ को दी गई सुविधाएं, उनका अधिकार है, इसके साथ उनसे नियमानुसार कार्य लेना भी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि आकस्मिक निरीक्षण की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। यदि कार्यालयीन समय के पालन में सुधार नहीं आया तो राज्य में 6 कार्य दिवसीय सप्ताह की व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। शासकीय कार्यालयों में आम नागरिकों के लिए सुगम व्यवस्था स्थापित करना हमारा उद्देश्य है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2026 किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। जिलों में होने वाले परम्परागत मेलों में कृषि-पशुपालन आदि क्षेत्र में नवाचार करने वालों या विशेष उपलब्धि अर्जित करने वालों की प्रदर्शनी लगाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला स्तर पर होम-स्टे को प्रोत्साहित करने के भी कलेक्टर्स को निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अशोक बर्णवाल, संजय दुबे, नीरज मंडलोई, दीपाली रस्तोगी, शिवशेखर शुक्ला एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में समस्त जिला कलेक्टर्स वर्चुअली शामिल हुए।

  • मध्य प्रदेश में जल संवर्धन के हो रहे हैं अच्छे प्रयास: केन्द्रीय मंत्री पाटिल

    मध्य प्रदेश में जल संवर्धन के हो रहे हैं अच्छे प्रयास: केन्द्रीय मंत्री पाटिल


    भोपाल।
    केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने गुरुवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्य प्रदेश में जल संरक्षण के लिए किये गये जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में जल संवर्धन और सरंक्षण के अच्छे प्रयास किये जा रहे हैं।

    केन्द्रीय मंत्री पाटिल ने कहा कि मध्य प्रदेश के बड़े भू-भाग में वन हैं। मध्य प्रदेश में महाराष्ट्र के बाद सर्वाधिक बांध हैं। मध्य प्रदेश अपनी नदियों और बांधों से उत्तरप्रदेश, झारखण्ड, बिहार, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र को पानी दे रहा है। जल गंगा जन भागीदारी अभियान में मध्य प्रदेश के खण्डवा जिले को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। खण्डवा की तरह प्रदेश के हर जिले में जल संरक्षण का प्रयास करें। लोगों को जल संरक्षण के लिए जागरूक करने का भी अभियान चलाए। आमजनता की भागीदारी से ही जल संरक्षण का अभियान पूरा होगा।

    उन्होंने कहा कि हर पक्के भवन में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाकर छत का पानी धरती में पहुंचाए। हर बड़े खेत में वर्षा जल को धरती में भेजने के लिए रिचार्जिंग संरचना का निर्माण कराएं। गांव का पानी गांव में और खेत का पानी खेत में रहेगा, तभी जल संवर्धन होगा। गांव में पानी की पर्याप्त उपलब्धता होने पर खेती समृद्ध होगी और किसान खुशहाल होगा। वनों में भी हर बड़े वृक्ष के पास जल संरक्षण के लिए कंटूर और ट्रेन्च बनाएं।

    बैठक में वीडियो कान्फ्रेंसिंग से शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जल संरक्षण के आहवान पर मध्य प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में लगातार जल संरक्षण के प्रयास किये जा रहे हैं। गत वर्ष खण्डवा जिले में एक लाख 29 हजार जल संरचनाओं का निर्माण करके देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मध्य प्रदेश में पिछले दो वर्षों में जल संरक्षण के लिए 2 लाख 79 हजार जल संरक्षण का निर्माण किया गया है।

    उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश 250 से अधिक नदियों का मायका है। नदियों के उद्गम स्थलों की साफ-सफाई तथा वृक्षारोपण का अभियान शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी चंबल नदी से यमुना नदी को सोन नदी से गंगा नदी को शक्ति मिलती है। हमारी नदियों में जल संचय का स्राेत हमारे वन हैं। वनों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रदेश को वित्तीय सहायता की आवश्यकता है।

    उन्होंने कहा कि इस वर्ष हम 19 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू कर रहे हैं। सभी कलेक्टर कार्ययोजना बनाकर जल संरक्षण के कार्य शुरू कराएं। प्रदेश को जल संरक्षण में देश में प्रथम स्थान पर लाना है। नहरों की साफ-सफाई, हैण्डपंप में रिचार्ज पिट तथा हर पक्के भवन में वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था कराएं।

    बैठक में जल शक्ति विभाग के सचिव बीएल कांता राव ने जल गंगा जन भागीदारी अभियान की उपलब्धियों तथा मध्य प्रदेश के कार्यों की जानकारी दी। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश राजौरा ने मध्य प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान की तैयारियों, कार्ययोजना एवं गत वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी दी। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में खण्डवा, राजगढ़ और इंदौर जिलों की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया गया। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल तथा अन्य अधिकारी शामिल हुए।

  • शिवराज सिंह चौहान ने अपने जन्मदिन पर विदिशा में शुरू की मामा कोचिंग

    शिवराज सिंह चौहान ने अपने जन्मदिन पर विदिशा में शुरू की मामा कोचिंग


    विदिशा।
    केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शिक्षा ही वह माध्यम है जो युवाओं के भविष्य को संवार सकती है और समाज को आगे ले जा सकती है।

    केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान गुरुवार को अपने जन्मदिन के अवसर पर विदिशा के रविंद्रनाथ टैगोर सांस्कृतिक ऑडिटोरियम भवन में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम में अपने माता-पिता की स्मृति को सहेजते हुए शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल करते हुए मामा कोचिंग का शुभांरभ किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी साधना सिंह चौहान भी उनके साथ मौजूद रहीं।

    केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर ‘प्रेम-सुंदर प्रतिभा सम्मान’ की भी शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि विदिशा लोकसभा क्षेत्र की आठों विधानसभाओं में 10वीं और 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके तहत टॉपर्स को क्रमशः 51 हजार, 31 हजार और 21 हजार रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी, ताकि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सके।

    उन्होंने कहा कि केवल विधानसभा स्तर पर ही नहीं, बल्कि पूरे विदिशा लोकसभा क्षेत्र में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विशेष बड़े पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेरा प्रयास रहेगा कि क्षेत्र का कोई भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाए और मेधावी छात्रों को सम्मान व प्रोत्साहन देकर उन्हें अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिले।

    मामा कोचिंग क्लासेस से युवाओं को मिलेंगे नए अवसर
    केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि युवाओं का भविष्य संवारना मेरी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से मामा कोचिंग क्लासेस शुरू की जा रही है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि इस पहल की शुरुआत विदिशा, रायसेन और भैरूंदा से की जा रही है। यहां विद्यार्थियों को बैंकिंग, एसएससी, एमपीपीएससी, डीआरडीओ और फॉरेस्ट सर्विस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क और उच्च गुणवत्ता वाली कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।

    उन्होंने कहा कि इन कोचिंग क्लासेस में विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन मिलेगा और विद्यार्थियों को आधुनिक अध्ययन सामग्री और परीक्षा से जुड़ी आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। सही दिशा और संसाधन मिलने पर ग्रामीण और छोटे शहरों के विद्यार्थी भी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकते हैं।

    शिवराज सिंह ने कहा कि मेरा उद्देश्य यह है कि विदिशा क्षेत्र का कोई भी युवा केवल संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों से वंचित न रह जाए। मामा कोचिंग क्लासेस के माध्यम से युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और वो देश की विभिन्न सेवाओं में जाकर समाज और राष्ट्र की सेवा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि करियर और रोजगार के हर चरण में सही मार्गदर्शन मिलना चाहिए। अगर कोई युवा व्यवसाय या व्यापार शुरू करना चाहता है और उसे बैंक से ऋण की जरूरत है, तो उसे यह भी समझना चाहिए कि बैंक लोन की प्रक्रिया क्या है और सरकारी योजनाओं में मिलने वाली सब्सिडी का लाभ कैसे लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोशिश रहेगी कि युवाओं को इन सभी विषयों की जानकारी विस्तार से दी जाए, ताकि वो आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की दिशा तय कर सकें।

    इस अवसर पर विधायकगण सूर्यप्रकाश मीणा व हरिसिंह सप्रे, विदिशा जनपद अध्यक्ष वीर सिंह रघुवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तोरण सिंह दांगी, महाराज सिंह दांगी, राकेश शर्मा, राकेश जादौन समेत अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।

  • भोपाल में कल बिजली कटौती, 25 इलाकों में असर: विनीतकुंज, बंजारी-बर्रई में सप्लाई बाधित

    भोपाल में कल बिजली कटौती, 25 इलाकों में असर: विनीतकुंज, बंजारी-बर्रई में सप्लाई बाधित



    नई दिल्ली। होली की छुट्टियों के बाद राजधानी में शुक्रवार से बिजली लाइनों का मेंटेनेंस शुरू होगा। इसके चलते लगभग 25 इलाकों में 1 से 6 घंटे तक बिजली कटौती रहेगी। विभाग ने लोगों से जरूरी काम पहले निपटाने और बिजली के विकल्प सुनिश्चित करने की अपील की है।

    असर वाले इलाके और समय
    सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक: विनीतकुंज ए सेक्टर, सीआई हाइट्स, आइना बंगलो, राजहर्ष कॉलोनी, बंजारी डी सेक्टर और आसपास।
    सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक: बरेलागांव, आदर्श नगर, नई बस्ती, मीरपुर, जाट एरिया, कैम्प नंबर-12, सत्यम नगर, मथाई नगर, नंदा नगर और आसपास।
    सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक: वल्लभ भवन, एमएलए रेस्ट हाउस, मालवीय नगर, एमएलए क्वार्टर, देवकी नगर, गैस राहत, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और आसपास।
    दोपहर 2.30 से 3.30 बजे तक: बर्रई, कस्तूरी होम्स कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र।

    जानकारी और सुझाव
    बिजली कटौती मेंटेनेंस के चलते की जा रही है।
    लोग अपने जरूरी काम, घरेलू उपकरण और बिजली पर निर्भर सेवाओं को पहले से संभाल लें।
    विभाग ने कहा कि कटौती के दौरान बिजली आपातकालीन सेवाओं के लिए उपलब्ध रहेगी।
    भोपाल में कल 25 इलाकों में मेंटेनेंस के कारण 1 से 6 घंटे तक बिजली कटौती रहेगी। विनीतकुंज, बंजारी, बर्रई, मालवीय नगर और आसपास के क्षेत्र प्रभावित होंगे।

  • सुख, शांति और समृद्धि के रंग बिखेरती होली, मुख्यमंत्री निवास में मयूर नृत्य और ब्रज गीतों का आनंद

    सुख, शांति और समृद्धि के रंग बिखेरती होली, मुख्यमंत्री निवास में मयूर नृत्य और ब्रज गीतों का आनंद

    भोपाल में बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास में होली मिलन समारोह आयोजित किया, जहां संतों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, कार्यकर्ताओं और मीडिया साथियों ने उत्साह और उमंग के साथ होली खेली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को इस पावन पर्व की बधाई और मंगलकामनाएं दीं और कहा कि यह उत्सव हर आंगन में सुख, शांति और समृद्धि के नए रंग बिखेरे। उन्होंने समाज में सद्भाव, सकारात्मकता और एकता के रंग हमेशा चटकते रहने की कामना की।

    मुख्यमंत्री ने सभी से आत्मीयता और सौहार्द के साथ पर्व मनाने का आग्रह किया। उन्होंने होली के इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे नागरिकों के साथ रंगों और गुलाल के आदान-प्रदान का आनंद लिया। समारोह में पधारे संतों से आशीर्वाद लिया और वरिष्ठ व गणमान्य नागरिकों का अभिवादन किया। गुलाल उड़ाकर पुष्प वर्षा के बीच सभी आगंतुकों का स्वागत करने के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेजबानी की गरिमा का परिचय दिया।

    सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह में चार चाँद लगा दिए। मंच पर प्रस्तुति दे रहे कलाकारों ने मयूर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी और ब्रज एवं बरसाने के पारंपरिक होली गीतों का सस्वर गायन किया, जिसमें “रंग बरसे”, “होली के दिन दिल खिल जाते हैं”, “होली खेलें रघुवीरा” और “आज ब्रज में होली रे रसिया” शामिल थे। पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ सुर में सुर मिलाकर कलाकारों ने सभी का उत्साह दोगुना कर दिया।

    मुख्यमंत्री निवास में समारोह में शामिल होने वाले प्रमुख अतिथियों में राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, वरिष्ठ सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, श्री मनु श्रीवास्तव, श्री शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव और सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसंपर्क श्री मनीष सिंह थे। इसके अलावा खाटू श्याम मंदिर भोपाल के प्रमुख प्रचारक पूज्य अनिल आनंद महाराज सहित कई जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, पत्रकार और वरिष्ठ अधिकारी समारोह में मौजूद रहे और सभी ने मुख्यमंत्री को होली की शुभकामनाएं दीं।

    उड़ते रंग गुलाल और पुष्प वर्षा के बीच मुख्यमंत्री निवास में होली का वातावरण अत्यंत उल्लासपूर्ण और मनमोहक रहा। सभी ने हर्षोल्लास और आत्मीयता के साथ एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर बधाई दी। मंच पर प्रस्तुति देने वाले कलाकारों के साथ मुख्यमंत्री ने भी गुलाल लगाया और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के ताल में अपने सुर मिलाए। समारोह में परंपरागत व्यंजन जैसे गुजिया, बालूशाही और ठंडाई भी उपस्थित लोगों को परोसे गए, जिससे पर्व का आनंद और बढ़ गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं बल्कि यह प्रेम, भाईचारे और समाज में सद्भाव बढ़ाने का प्रतीक है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी त्यौहार को हर्षोल्लास और शालीनता के साथ मनाएं और समाज में भाईचारे और एकता का संदेश फैलाएं।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुजालपुर नगरपालिका परिषद ने जन सेवा और लोक कल्याण के 100 वर्ष पूर्ण किए हैं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुजालपुर नगरपालिका परिषद ने जन सेवा और लोक कल्याण के 100 वर्ष पूर्ण किए हैं


    भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नगरपालिका परिषद का शताब्दी वर्ष शुजालपुर के हर नागरिक के सम्मान का उत्सव है। यह हमारी विरासत, उपलब्धियों और सामूहिक संकल्प का पर्व है। जटाशंकर महादेव की असीम कृपा से शुजालपुर नगरपालिका ने जन सेवा और लोक कल्याण के 100 वर्ष पूर्ण किए हैं।
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुजालपुर नगरपालिका के नए भवन के लिए 3 करोड़ रुपए और नगरपालिका क्षेत्र में सड़कों सहित अन्य विकास कार्य के लिए दो करोड़ रुपए नगरपालिका परिषद शुजालपुर को उपलब्ध कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को शुजालपुर नगरपालिका परिषद के 100 वर्ष पूर्ण होने पर शुजालपुर में आयोजित शताब्दी वर्ष समारोह को मंत्रालय भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। शुजालपुर में हुए कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह सिंह परमार, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती बबीता परमार उपस्थित रही।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शुजालपुर में स्वच्छता से संबंधित गतिविधियों में निरंतर प्रगति हो रही है। नगर को राष्ट्रीय रैंकिंग में और बेहतर स्थान पर लाने के लिए आगामी वर्षों में अतिरिक्त प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि गत 2 वर्षों में शुजालपुर में ऑडिटोरियम और सीसी रोड के लिए 5 करोड़ रुपए, कायाकल्प योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण के लिए 6 करोड़ 60 लाख रुपए, अमृत 2 के अंतर्गत जलप्रदाय के लिए 12 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शुजालपुर वीरों की भूमि रही है। जब पेशवा बाजीराव प्रथम ने मालवा में विजय का परचम लहराया तब शुजालपुर उनकी रणनीतिक प्राथमिकता में था। इस पावन धरा पर पेशवाओं की सेना का नेतृत्व करते हुए राणो जी शिंदे ने मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उनकी स्मृति में बना भव्य शिव मंदिर और ऐतिहासिक छतरी आज भी हमें शौर्य की प्रेरणा देते हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शौर्य और संकल्प की नींव पर आज से ठीक 100 वर्ष पहले 1926 में नगरपालिका परिषद का गठन शुजालपुर में हुआ था। एक उज्जवल भविष्य का संकल्प आज वट वृक्ष बन चुका है। वर्तमान में शुजालपुर विकास का मॉडल बन रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में जारी गतिविधियों के परिणाम स्वरूप शुजालपुर क्षेत्र में सड़कों, स्वास्थ्य, शिक्षा सुविधाओं, व्यापार-व्यवसाय गतिविधियों आदि में निरंतर प्रगति हो रही है।

    परिषद के माध्यम से राज्य सरकार हर घर तक सड़क-बिजली और पानी पहुंचाने के संकल्प को सिद्ध कर रही है। शहर की पेयजल समस्या का समाधान काफी हद तक करने का प्रयास किया गया है। नगर में 21 करोड़ 55 लाख रुपए की लागत से जमघड़ नदी को साफ रखने की तैयारी है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उपहार के समान होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुजालपुर को विकास के शिखर पर ले जाने के लिए जन भागीदारी को प्रोत्साहित करने का आहवान किया।

    उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में गत 2 वर्षों में विकास और जनकल्याण की दृष्टि से क्षेत्र का कायाकल्प हुआ है। मंत्री श्री परमार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से नए और बड़े बस स्टैंड के लिए भूमि आवंटित करने का अनुरोध किया। कार्यक्रम को नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती बबीता परमार ने भी संबोधित किया। शुजालपुर के कार्यक्रम में पूर्व मंत्री श्री विजेंद्र सिंह सिसोदिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हेमराज सिंह सिसोदिया, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।

  • जेल से रिहा हत्यारा फिर बना कातिल, दमोह में युवक की लोहे की रॉड और हथौड़े से निर्मम हत्या

    जेल से रिहा हत्यारा फिर बना कातिल, दमोह में युवक की लोहे की रॉड और हथौड़े से निर्मम हत्या

    दमोह जिले के ग्राम सम्मना में गुरुवार दोपहर को एक खौफनाक वारदात हुई, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया। जानकारी के अनुसार, पत्नी की हत्या के मामले में जेल से हाल ही में रिहा हुए 58 वर्षीय गुड्डा पटैल ने बाइक सवार 16 वर्षीय भरत पुत्र रामगोपाल विश्वकर्मा पर लोहे की रॉड और हथौड़े से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय भरत अपनी बहन दीक्षा विश्वकर्मा और पति लोकमन विश्वकर्मा के साथ टीका लगवाने के लिए सम्मना आया हुआ था।

    नगर पुलिस अधीक्षक एच.आर. पांडेय ने बताया कि हमला अचानक हुआ और आरोपी घटना के बाद मौके से भाग गया। ग्रामीणों ने जब उसे खेत में रॉड घुमाते देखा तो लाठी-डंडों से उसे रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को नियंत्रण में लिया। घटना की भयावहता को और बढ़ाते हुए, आरोपी का एक खून पीने और मांस खाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    पुलिस ने बताया कि आरोपी दो वर्ष पहले अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा पूरी कर जेल से रिहा हुआ था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी मानसिक रूप से अस्थिर है। इस वारदात ने इलाके में डर का माहौल बना दिया है और स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

    मृतक भरत की बहन दीक्षा विश्वकर्मा ने कहा कि ऐसे आरोपियों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब परिवार को आरोपी की हिंसक प्रवृत्ति के बारे में पता था, तो उसके बेटे को क्यों नियंत्रित नहीं किया गया। दीक्षा के अनुसार, उसकी भाभी के दो भाई हैं — बड़ा भाई 21 वर्ष का और छोटा भाई भरत 16 वर्ष का — और वह अकेली बहन है।

    इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन और सुरक्षा बल इस तरह की हिंसक घटनाओं पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी भयावह घटनाओं को रोका जा सके।

    English Tags:
    Damoh news, murder in Damoh, juvenile killed, ex-convict crime, rod and hammer attack

  • नर्मदापुरम में दिनदहाड़े एक्टिवा चोरी: 40 सेकंड में लॉक तोड़कर फरार हुआ चोर, CCTV में कैद

    नर्मदापुरम में दिनदहाड़े एक्टिवा चोरी: 40 सेकंड में लॉक तोड़कर फरार हुआ चोर, CCTV में कैद



    नई दिल्ली। नर्मदापुरम शहर के राजा मोहल्ला इलाके में बोहरा मस्जिद के सामने दिनदहाड़े एक चोर ने एक्टिवा चोरी कर ली। घटना मंगलवार शाम करीब 6:10 बजे हुई, जब फरियादी हातिम अली अपनी एक्टिवा (MP 05 ZC 5153) मस्जिद के सामने खड़ी कर नमाज अदा करने अंदर गए थे। कुछ ही देर में लौटने पर उन्होंने देखा कि उनकी गाड़ी गायब है।

    सीसीटीवी फुटेज में तीन संदिग्ध युवक गाड़ी की रैकी करते नजर आए। दो युवक पैदल चले गए, जबकि तीसरे ने एक्टिवा के पास बैठकर महज 40 सेकंड में लॉक तोड़ा और गाड़ी स्टार्ट कर फरार हो गया। पुलिस ने घटना की शिकायत पर तुरंत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी का केस दर्ज किया और फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान और तलाश शुरू कर दी।

    रमजान के महीने में मस्जिद आने-जाने वाले लोग इस घटना से भयभीत हैं। कोतवाली पुलिस ने आसपास के इलाकों की निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से अपील की है कि अगर किसी के पास संदिग्धों की जानकारी या CCTV फुटेज हो तो पुलिस से साझा करें।

    यह वारदात सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर मानी जा रही है, क्योंकि दिनदहाड़े हुई चोरी ने इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस की प्राथमिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि चोरों ने पूरी वारदात योजनाबद्ध तरीके से की और कैमरे में कैद होने के बावजूद आसानी से फरार हो गए।

    फरियादी ने बताया कि वह जल्द ही पुलिस के साथ सहयोग करेंगे ताकि चोरी की गाड़ी को बरामद किया जा सके और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके। पुलिस ने आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा किए हैं और संदिग्धों की पहचान के लिए स्थानीय क्षेत्रों में पूछताछ शुरू कर दी है।

    संक्षेप में: नर्मदापुरम में राजा मोहल्ला स्थित बोहरा मस्जिद के सामने दिनदहाड़े एक्टिवा चोरी, चोर ने महज 40 सेकंड में लॉक तोड़ा और गाड़ी स्टार्ट कर फरार। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर फुटेज के आधार पर तलाश शुरू कर दी।