Category: Madhya Pradesh

  • राज्यपाल मंगुभाई पटेल से प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा की शिष्टाचार भेंट

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल से प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा की शिष्टाचार भेंट


    भोपाल :मंगुभाई पटेल से प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पी.के. मिश्रा ने शनिवार को भोपाल स्थित लोकभवन में सौजन्य भेंट की। यह मुलाकात आत्मीय वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें राज्य और केंद्र से जुड़े विभिन्न समसामयिक एवं विकासात्मक विषयों पर सार्थक चर्चा की गई।

    भेंट के दौरान प्रशासनिक समन्वय, सुशासन और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। राज्यपाल श्री पटेल ने प्रदेश में चल रही प्रमुख योजनाओं, सामाजिक सरोकारों और जनहितकारी पहलों की जानकारी साझा की। वहीं डॉ. मिश्रा ने केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं तथा विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार रखे।

    मुलाकात के अवसर पर डॉ. मिश्रा ने राज्यपाल श्री पटेल को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। राज्यपाल श्री पटेल ने भी सौहार्दपूर्ण भाव से डॉ. मिश्रा का स्वागत करते हुए उन्हें अंगवस्त्रम् भेंट किया। साथ ही, मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक साँची स्तूप की प्रतिकृति स्मृति-चिह्न के रूप में प्रदान की।

    यह सौजन्य भेंट राज्य और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय तथा विकासात्मक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चर्चा के दौरान प्रशासनिक सहयोग को और सुदृढ़ बनाने तथा प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर संवाद बनाए रखने पर भी सहमति बनी।लोकभवन में आयोजित यह मुलाकात सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में संपन्न हुई, जिसने राज्य एवं केंद्र के बीच सामंजस्यपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने का संदेश दिया

  • शिवपुरी हॉस्टल के तीन छात्र भागे, मुंबई में हीरो बनने का सपना, पुलिस ने समय रहते ढूंढा

    शिवपुरी हॉस्टल के तीन छात्र भागे, मुंबई में हीरो बनने का सपना, पुलिस ने समय रहते ढूंढा


    शिवपुरी /मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के नौहरी चक स्थित राजपूत हॉस्टल से बुधवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में तीन नाबालिग छात्र अचानक लापता हो गए। परिजन और हॉस्टल प्रशासन के चिंता में पड़ते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। कोतवाली थाना पुलिस ने 80 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर छात्रों की लोकेशन गुना तक ट्रेस की और वहां से उन्हें सकुशल बरामद कर लिया।

    जांच में सामने आया कि तीनों छात्र हॉस्टल से अपनी मर्जी से मुंबई जाने निकले थे, ताकि वहां जाकर हीरो बनने का सपना पूरा कर सकें। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की और देर शाम उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

    परिजनों ने बताया कि बच्चों के लापता होने की सूचना मिलते ही उन्होंने आसपास के बाजार, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और रिश्तेदारों के यहां खोजबीन की, लेकिन रात तक किसी तरह की जानकारी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित की और पूरे मामले को गंभीरता से लिया।

    पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने बच्चों की जानकारी देने वाले को 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में बनाई गई विशेष टीम ने शिवपुरी और गुना के 50 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की जांच की। जांच में पता चला कि तीनों छात्र गुना की ओर गए हैं।

    सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम गुना पहुंची और वहां बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के कई सीसीटीवी कैमरे खंगाले। आखिरकार तीनों छात्र गुना रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित पाए गए। पुलिस ने बताया कि छात्र पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी कोई हानि नहीं हुई। अब तीनों को उनके परिवार के पास लौटा दिया गया है।

    यह घटना इस बात का उदाहरण है कि नाबालिग छात्रों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण होती है। सुरक्षा उपायों और सीसीटीवी निगरानी की मदद से एक बड़ी अनहोनी टल गई और तीनों बच्चों को सुरक्षित घर लौटाया जा सका।

  • पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा स्थल पर 65 वर्षीय महिला की अचानक मृत्यु, दिल दहला देने वाला हादसा

    पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा स्थल पर 65 वर्षीय महिला की अचानक मृत्यु, दिल दहला देने वाला हादसा

    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में शुक्रवार को पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा के दौरान एक दुखद घटना हुई, जब उत्तर प्रदेश की 65 वर्षीय पुष्पा देवी का हार्ट अटैक से निधन हो गया। पुष्पा देवी इटावा की रहने वाली थीं और दो दिनों से डबरा के नवग्रह शक्ति पीठ में कथा सुन रही थीं। शुक्रवार को जैसे ही वह पंडाल में अपनी जगह पर बैठीं, अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और वह बेहोश होकर गिर पड़ीं।

    उनके परिजन और आसपास मौजूद श्रद्धालु तुरंत मदद के लिए आगे बढ़े। रिश्तेदार संतोष सोनी ने बताया कि वे सुबह समय पर कथा स्थल पहुंचे थे और महिला के अचेत होने पर उन्होंने CPR देने की कोशिश की, लेकिन पुष्पा देवी के मुंह से झाग निकलने लगा। तुरंत उन्हें कथा परिसर में बने अस्थायी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    पुष्पा देवी लंबे समय से दिल की बीमारी से जूझ रही थीं। लगभग दो साल पहले उन्हें गंभीर समस्या हुई थी, जिसके बाद से उनका इलाज चल रहा था। बीमार होने के बावजूद वह भगवान शिव के प्रति अपनी गहरी आस्था के कारण डबरा आई थीं और अपने रिश्तेदारों के यहां ठहरकर कथा में भाग ले रही थीं। वह अपनी ननद के साथ इटावा से आई थीं और सराफा बाजार स्थित रिश्तेदारों के घर में रुकी हुई थीं।

    पंडित प्रदीप मिश्रा के अनुसार, भगवान को खोजने की जरूरत नहीं है, वह आपके हृदय में हैं। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर बाबाओं के चक्कर में पड़ते हैं कि भगवान से मिलवा दो, जबकि प्रभु तो आपके अंदर हैं। इस कथा का आयोजन नवग्रह पीठ प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत किया जा रहा था और यह 14 से 16 फरवरी तक चलने वाली थी। शुक्रवार को पंडित मिश्रा की कथा का अंतिम दिन था।

    पुष्पा देवी की मृत्यु के बाद कथा स्थल पर भारी शोक का माहौल बन गया। ग्रामीण अंचल की महिलाओं में आने का सिलसिला प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। डबरा के एएसपी जयराज कुबेर ने बताया कि व्यवस्था बनाने में पुलिस जुटी हुई है और रेलवे पुलिस भी मुस्तैद है। दो स्पेशल ट्रेनें प्लेटफॉर्म पर खड़ी हैं, जिनमें से एक ग्वालियर की ओर और दूसरी झांसी की ओर जा रही है।

    यह घटना डबरा में नवग्रह मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के पहले ही दिन 10 फरवरी को हुई भगदड़ की याद दिला देती है, जिसमें 70 वर्षीय रति साहू की मौत हो गई थी और बच्ची समेत आठ लोग घायल हुए थे। भगदड़ तब मची थी जब कलश यात्रा से पहले पुलिसकर्मियों ने अचानक स्टेडियम का गेट खोल दिया, जिससे भीड़ बेकाबू हो गई थी। रति साहू की बहू ने पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठाए थे।इस प्रकार डबरा में दो हफ्तों में दो दर्दनाक घटनाएं हुईं, जो भक्तों और स्थानीय प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं।

  • ओंकारेश्वर में मुफ्त माल के लिए दौड़-धूप, विधायक नारायण पटेल ने संभाला मोर्चा..

    ओंकारेश्वर में मुफ्त माल के लिए दौड़-धूप, विधायक नारायण पटेल ने संभाला मोर्चा..


    खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में तहसील कार्यालय के पास गुरुवार को बेतुकी लूटपाट का नजारा देखने को मिला। राजस्व विभाग द्वारा सड़क किनारे व्यापारियों से जब्त किए गए धनिया, मिर्ची, हल्दी और जीरे के पैकेटों को लेकर लोगों में हड़बड़ी और भटकाव मच गया।

    सूत्रों के अनुसार, व्यापारियों की नाराजगी तब चरम पर पहुंची जब उन्होंने देखा कि जप्त मसाले को कोटवार और मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने आपस में बाँटकर सड़क पर बिखेर दिया। स्थिति ऐसी बन गई कि ओंकारेश्वर विधायक नारायण पटेल को थाने पर फोन करके पुलिस बुलानी पड़ी।

    व्यापारी पहले तहसीलदार से शिकायत लेकर नगर परिषद कार्यालय जा रहे थे, तभी उन्होंने मसालों की लूट और बिखराव देखा। करीब तीन घंटे तक कार्यालय परिसर और मुख्य सड़क पर हंगामा चलता रहा। महिला व्यापारियों ने पुलिस और प्रशासन पर जमकर नाराजगी जताई और खरी-खोटी सुनाई।

    घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी अनोख सिंह सिंधिया दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और 112 पुलिस वाहन भी घटनास्थल पर तैनात किया गया। विधायक ने दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।

    अब सवाल यह है कि जप्त माल की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी और यदि लूटपाट हुई है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ प्रशासन क्या कार्रवाई करेगा। प्रशासनिक कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था पर भी लोगों के सवाल बढ़ गए हैं।

  • MP में 16 फरवरी के बाद करवट बदलेगा मौसम, बादल छाने की संभावना, दिन गर्म-रातें रहेंगी ठंडी

    MP में 16 फरवरी के बाद करवट बदलेगा मौसम, बादल छाने की संभावना, दिन गर्म-रातें रहेंगी ठंडी



    भोपाल। मध्य प्रदेश के मौसम में 16 फरवरी के बाद एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के असर से राज्य में बादल छा सकते हैं। फिलहाल, भोपाल, इंदौर और अन्य शहरों में दिन का तापमान बढ़ा हुआ है, जबकि पचमढ़ी, खजुराहो और कटनी में रातें काफी ठंडी बनी हुई हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, फरवरी के इस महीने में मौसम का यह मिजाज जारी रहेगा। दिन में गर्मी, रातों में ठंडक रहेगी, लेकिन तेज सर्दी और घना कोहरा नहीं रहेगा।

    पश्चिमी विक्षोभ का असर
    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते कुछ जिलों में हल्के बादल हैं। 16 फरवरी से नया सिस्टम पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे प्रदेश में बादल छाए रह सकते हैं और न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री की वृद्धि हो सकती है।

    हल्की सर्दी का दौर जारी
    मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल पहाड़ों में बर्फबारी हो रही है। सिस्टम के गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद राज्य में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा और हल्की सर्दी का एक और दौर आ सकता है।

    दिन और रात का तापमान
    15 फरवरी को दिन का तापमान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, बैतूल, धार, गुना, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, रतलाम, दमोह, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सागर और सिवनी में 30 डिग्री के पार रहा। सबसे अधिक 33.5 डिग्री खंडवा में दर्ज किया गया।

    रात के तापमान की बात करें तो अधिकांश शहरों में 10 डिग्री से ऊपर ही है। कटनी के करौंदी में 8.9 डिग्री, पचमढ़ी में 9.2 डिग्री, खजुराहो में 10.4 डिग्री, राजगढ़ में 10.6 डिग्री, मंदसौर में 10.7 डिग्री, नौगांव-रीवा में 10.8 डिग्री और उमरिया में 10.9 डिग्री दर्ज किया गया। पांच बड़े शहरों में ग्वालियर में सबसे कम तापमान 12.5 डिग्री रहा।

    अगले दो दिनों का पूर्वानुमान
    15 फरवरी – कुछ जिलों में हल्का कोहरा रहेगा, बारिश का कोई अलर्ट नहीं। दिन में बादल छा सकते हैं।
    16 फरवरी – कुछ ही जिलों में हल्का कोहरा रहेगा, बारिश का अलर्ट नहीं। दिन में बादल जरूर छाए रहेंगे।

  • नोहलेश्वर महोत्सव आस्था के साथ संस्कृति, परम्परा और सामाजिक समरसता का उत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    नोहलेश्वर महोत्सव आस्था के साथ संस्कृति, परम्परा और सामाजिक समरसता का उत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नोहलेश्वर महादेव की महिमा ऐसी है जो यहाँ एक बार आता है, उसका मन बार-बार यहां आने को करता है। कृपावंत, कृपाशंकर भगवान नोहलेश्वर महादेव के आशीर्वाद से हम प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए पूरी ऊर्जा और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ रहे हैं। नोहलेश्वर महोत्सव आस्था ही नहीं, स्थानीय संस्कृति, परम्परा और सामाजिक समरसता का भी उत्सव है। हमारी सरकार आस्था के स्थलों के संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को दमोह जिले के ग्राम नोहटा में नोहलेश्वर महोत्सव मेले के अवसर पर आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेले का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। साथ ही नोहलेश्वर मंदिर परिसर और मेला परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्रीय जनता की मांग पर नोहटा को परीक्षण के उपरांत नगर परिषद बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दमोह में 2 करोड़ रूपए की लागत से गीता भवन का निर्माण किया जाएगा। दमोह जिले में बांदकपुर-सेमरखो जलाशय की क्षमता में वृद्धि कर 600 करोड़ रूपए की नई सिंचाई परियोजना विकसित की जाएगी। इससे जिले के 33 गांवों के खेतों को सिंचाई के लिये भरपूर पानी मिलेगा। दमोह में 10 करोड़ रूपए की लागत से वॉटर स्पोर्ट्स, बोट क्लब सहित अन्य पर्यटन गतिविधियों का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तेंदूखेड़ा और हटा में खेल गतिविधियों के प्रोत्साहन के लिए नए स्टेडियम बनाए जाएंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुप्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर का अभिनंदन भी किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार दमोह के साथ पूरे बुंदेलखंड के विकास के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। दमोह के तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ की नई योजना को स्वीकृति दी गई है। दमोह के लिए नया फोर लेन भी मंजूर किया गया है। दमोह में पर्यटन के साथ उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि सहित सभी क्षेत्रों में समान रूप से प्रयास कर रही है। दमोह जिले में जैविक खेती के प्रोत्साहन के लिए जैविक हाट लगाए जा रहे हैं। अब तक जिले में 69 जैविक हाटों में 28 लाख रुपए के उत्पादों की बिक्री हुई है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा किसानों को खाद वितरण के लिए की गई ई-टोकन की व्यवस्था की सराहना की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं। उनकी खुशहाली और समृद्धि से ही देश खुशहाल बनेगा। उन्होंने कहा कि हम खेती के साथ पशुपालन को भी प्रोत्साहन दे रहे हैं। कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण बढ़ाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पशुपालन से दूध उत्पादन बढ़ेगा। हमने प्रदेश का दूध उत्पादन 9 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। हमारी सरकार पशुपालन, गौपालन और गौ-संरक्षण की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसी भी देश के साथ रिश्तों में किसानों के हितों से कभी समझौता नहीं किया। खेतों में किसान और सीमा पर जवान, दोनों हमारे लिए बराबर सम्मान रखते हैं। राज्य सरकार किसानों के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रख रही है। विकास कार्यों को गति देने में हमारी सरकार सदैव जनता के साथ खड़ी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में माताओं-बहनों का स्थान सर्वोपरि है। हम अपने देश को भी माता का दर्जा देते हुए भारत माता कहकर सम्मान देते हैं। माताएं-बहनें हमारे परिवार की गरिमा हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार हमेशा लाड़ली बहनों के साथ है। लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। वे अपनी मेहनत और निष्ठा से पूरे कुल, खानदान, परिवार का लालन-पालन करती हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दमोह में औद्योगिक प्रक्षेत्र के विकास के साथ क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। सूखे खेत को पानी मिल जाए, तो फसल सोने जैसी हो जाती है। दमोह जिले को देश की पहली नदी जोड़ो केन-बेतवा लिंक परियोजना से सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहली बार श्रीकृष्ण जन्माष्ठमी और गीता जयंती को भव्यता के साथ मनाने की शुरुआत की। मध्यप्रदेश, देश का एकमात्र राज्य है, जो विकास के साथ विरासत का भी संरक्षण कर रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नोहटा का नोहलेश्वर मंदिर 1100 साल से अधिक प्राचीन है, जिसे कलचुरी साम्राज्य में महारानी नोहला ने बनवाया था। नोहलेश्वर महोत्सव के आयोजन से इस क्षेत्र के पर्यटन को नई ऊर्जा मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर चीतों के पुनर्स्थापन से नया चमत्कार हुआ है। श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में विदेश से 20 चीता लाए गए थे, अब 35 चीते प्रदेश की धरती पर दौड़ लगा रहे हैं, चीतों का परिवार बढ़ रहा है। कुछ दिन पहले मादा चीता आशा ने 5 शावकों को जन्म दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी साल जून में नौंरादेही अभयारण्य में चीतों को छोड़ा जाएगा। मध्यप्रदेश टाइगर, चीता, गिद्ध और घड़ियाल के मामले में देश में शीर्ष स्थान पर है। उन्होंने कहा कि वन्य जीव पर्यटन को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने होम-स्टे योजना बनाई है। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और वे पर्यटकों को अपने घरों में होम-स्टे बनाकर ठहरा सकेंगे। होम-स्टे तैयार करने वाले हितग्राहियों को शासकीय अनुदान भी दिया जा रहा है। उन्होंने होम-स्टे संचालनकर्ताओं से कहा कि जब पर्यटक आएं, तो उनकी अच्छी तरह मेहमाननवाज़ी करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन पर्यटन क्षेत्रों में होम-स्टे चल रहे हैं, वहाँ होम-स्टे से ग्रामीणों की आय तेजी से बढ़ रही है।

    संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। मध्यप्रदेश ने ऊर्जा के क्षेत्र में प्रगति करते हुए आज 26 हजार मेगावॉट से अधिक बिजली उपलब्धता सुनिश्चित की है। मध्यप्रदेश में किसानों को ब्याज रहित ऋण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ‘मैन ऑफ आइडियाज’ हैं। उन्होंने अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारा है।

    दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा कि दमोह में मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो रहा है। बुंदेलखंड में सबसे बड़ी समस्या पानी की थी, जो अब दूर होती जा रही है। देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना केन-बेतवा लिंक से दमोह जिले के 300 से अधिक गांवों को सिंचाई और पेयजल के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश के गरीब, किसान, युवा और नारी, हर वर्ग को सरकार की जनहितैषी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। श्याम शिवहरे ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 100 करोड़ की लागत से जागेश्वर महादेव मंदिर के विकास कार्य की घोषणा की थी, जिसका काम जारी है।

    किसान सम्मेलन में पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, पूर्व मंत्री एवं दमोह विधायक जयंत मलैया, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रंजीता गौरव पटैल, उपाध्यक्ष श्रीमती मंजु धर्मेन्द्र कटारे, विधायक हटा श्रीमती उमा खटीक, पूर्व मंत्री दशरथ सिंह लोधी, पूर्व सांसद चन्द्रभान सिंह, वरिष्ठ नेता विद्यासागर पांडे, भावसिंह लोधी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, लाड़ली बहनें, युवा और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान बंधु उपस्थित थे।

  • शहडोल में कोल माफिया का दुस्साहस: रेंजर से मारपीट, वर्दी फाड़ने तक की वारदात, FIR में देरी का आरोप

    शहडोल में कोल माफिया का दुस्साहस: रेंजर से मारपीट, वर्दी फाड़ने तक की वारदात, FIR में देरी का आरोप


    शहडोल । मध्यप्रदेश शहडोल जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र के खितौली बीट में कोल माफिया और अवैध कोयला खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग की टीम पर माफियाओं ने जमकर हमला किया। अवैध उत्खनन रोकने गए वन रेंजर रामनरेश विश्वकर्मा से मारपीट की गई और उनकी वर्दी भी फाड़ दी गई, जिससे विभाग व स्थानीय लोग सकते में हैं। स्थानीय वन अधिकारियों और डीएफओ ने इस घटना को खतरनाक कृत्य बताया है और साथ ही पुलिस पर एफआईआर दर्ज कराने में देरी का गंभीर आरोप लगाया है।

    घटना 11 फरवरी की रात खेतावली गांव के ऊपर टोला में हुई, जब वन विभाग को सूचना मिली कि कुछ ग्रामीणों ने अवैध कोयला लेकर जा रहे ट्रैक्टर को रोक रखा है। ग्रामीणों ने पुलिस और वन विभाग दोनों को सूचना दी थी, लेकिन वन विभाग की टीम पहले मौके पर पहुंची जबकि पुलिस देर से आई। यहीं अवसर पाकर कोल माफिया ने वन टीम पर झपट्टा मारा, रेंजर की गाड़ी रोकी, उन्हें बाहर खींचा और मारपीट की। रेंजर, जैसे-तैसे वहां से भागकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचे।

    डीएफओ श्रद्धा पंद्रे ने आरोप लगाया कि पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही। रेंजर घटनास्थल के बाद सोहागपुर थाना पहुंचे और रात लगभग 11 बजे एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने 24 घंटे से अधिक तक कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस ने तीन बार रेंजर के आवेदन को बदलने को कहा और एफआईआर दर्ज करने में अनावश्यक विलंब किया। इसके अलावा अधिकारियों ने फोन कॉल तक नहीं उठाए, जिससे वन विभाग में नाराजगी और बढ़ गई।

    पुलिस ने अंततः गुरुवार देर रात रेंजर रामनरेश की शिकायत के आधार पर बिट्टन सिंह, चिंटू सिंह, राजू सिंह समेत अन्य के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, झगड़ा, तोड़फोड़ और गाली-गलौज के आरोप में केस दर्ज किया है।

    ग्रामीणों ने बताया कि यह समस्या नई नहीं है। खितौली इलाके में घोड़सा नाला के पास अवैध कोयले का खनन लंबे समय से चल रहा है। हर दिन दर्जनों ट्रैक्टर अवैध कोयला लेकर गुजरते हैं और ग्रामीणों ने कई बार पुलिस और प्रशासन से शिकायत की, लेकिन पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के बावजूद कोयले भरे ट्रैक्टर तेज रफ्तार में चलते हैं, जिससे दुर्घटना का जोखिम बना रहता है।

    घटना के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने कहा कि जब ग्रामीणों ने अवैध कोयला ले जा रहे ट्रैक्टर को रोक लिया, तो ट्रैक्टर चालक ने फोन पर सूचना दी और कुछ ही देर में 15-20 लोग हथियारों से लैस वहां पहुंच गए। वे ग्रामीणों को धमकी भी दे रहे थे। इस बीच वन विभाग की टीम पहुंचते ही स्थिति और गंभीर हो गई।

    यह मामला केवल एक व्यक्तिपरक संघर्ष से आगे बढ़कर खनन माफिया के हौसले, अवैध उत्खनन की त्वरित बढ़त और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच सहयोग की कमी को उजागर करता है। स्थानीय लोग और वन विभाग दोनों ही जल्द प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि वन संपदा तथा ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

  • समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिए 20 हजार से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन, मंत्री राजपूत ने 7 मार्च तक अपील की

    समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिए 20 हजार से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन, मंत्री राजपूत ने 7 मार्च तक अपील की


    इंदौर से शुक्रवार 13 फरवरी 2026 को बड़ी खबर सामने आई है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिए अब तक 20 हजार 98 किसानों ने पंजीयन कर लिया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से अपील की है कि निर्धारित समय 7 मार्च तक पंजीयन अवश्य कराएं। उन्होंने बताया कि पंजीयन की प्रक्रिया किसानों के लिए सहज और सुगम बनाई गई है।

    मंत्री राजपूत ने पंजीयन के आंकड़े साझा करते हुए कहा कि इंदौर संभाग में 4084 किसान, उज्जैन में 9524, ग्वालियर में 476, चम्बल में 123, जबलपुर में 788, नर्मदापुरम में 900, भोपाल में 3602, रीवा में 68, शहडोल में 83 और सागर में 450 किसानों ने पंजीयन कर लिया है। उन्होंने किसानों को बताया कि कुल 3186 पंजीयन केंद्र पूरे प्रदेश में बनाए गए हैं, जिससे किसान आसानी से अपनी फसल का पंजीयन करा सकते हैं।

    केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। यह बढ़ोतरी किसानों की आय को स्थिर रखने और फसल के उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    पंजीयन की व्यवस्था दो तरह से की गई है। नि:शुल्क पंजीयन ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों, तहसील कार्यालयों में उपलब्ध सुविधा केंद्रों तथा सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित केंद्रों पर किया जा सकता है। वहीं सशुल्क पंजीयन एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर कियोस्क, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे पर किया जा सकता है।

    मंत्री राजपूत ने किसानों की सुविधा के लिए कहा कि पिछले वर्ष रबी और खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस के माध्यम से पंजीयन की जानकारी भेजी जाएगी। इसके अलावा गांव में डोंडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन संबंधी सूचना प्रदर्शित कराई जाएगी और समिति तथा मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

    राज्य सरकार की यह पहल किसानों की फसल की बिक्री और आय सुनिश्चित करने के लिए अहम कदम माना जा रहा है। मंत्री राजपूत ने दोहराया कि समय पर पंजीयन कराने से किसान अपने गेहूँ को समर्थन मूल्य पर बेच सकेंगे और फसल का सही मूल्य प्राप्त कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तैयारी के साथ किसानों के हितों की रक्षा कर रही है।

    कुल मिलाकर रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों के लिए पंजीयन प्रक्रिया सुगम, पारदर्शी और व्यापक स्तर पर उपलब्ध है। अब किसानों की जिम्मेदारी है कि वह 7 मार्च तक अपने पंजीयन को पूरा करें ताकि समर्थन मूल्य का लाभ उन्हें समय पर मिल सके।

  • एमपी की दो ताप विद्युत यूनिट्स का कमाल, चचाई ने 500 दिन और सारनी ने 100 दिन सतत उत्पादन का बनाया रिकॉर्ड

    एमपी की दो ताप विद्युत यूनिट्स का कमाल, चचाई ने 500 दिन और सारनी ने 100 दिन सतत उत्पादन का बनाया रिकॉर्ड


    भोपाल। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की दो ताप विद्युत इकाइयों ने बिना रुके लगातार बिजली उत्पादन कर नया इतिहास रच दिया है। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अंतर्गत संचालित अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 210 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट नंबर-5 ने लगातार 500 दिन विद्युत उत्पादन का कीर्तिमान बनाया है, जबकि सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी STPS की 250 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट नंबर-10 ने 100 दिन निरंतर उत्पादन कर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है।

    उपलब्ध जानकारी के अनुसार चचाई की यूनिट नंबर-5 ने 1 अक्टूबर 2024 से सतत विद्युत उत्पादन जारी रखते हुए 500 दिन का आंकड़ा पार किया। यह उपलब्धि सार्वजनिक क्षेत्र में देश की तीसरी तथा स्टेट सेक्टर में पहली यूनिट के रूप में दर्ज हुई है। इससे पहले सार्वजनिक क्षेत्र में NTPC Limited की दो इकाइयाँ क्रमशः 644 और 559 दिन तक संचालित रह चुकी हैं। इस उपलब्धि को प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में मील का पत्थर माना जा रहा है।

    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पावर जनरेटिंग कंपनी के इतिहास में किसी भी यूनिट द्वारा हासिल किया गया यह अब तक का सबसे लंबा निरंतर संचालन रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि बिना किसी बड़े आउटेज के 500 दिन तक सतत संचालन, अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की पेशेवर प्रतिबद्धता, तकनीकी दक्षता और कुशल प्रबंधन का प्रमाण है।

    चचाई यूनिट नंबर-5 के प्रदर्शन आंकड़े भी इसकी विश्वसनीयता को दर्शाते हैं। यूनिट ने 98.64 प्रतिशत प्लांट अवेलेबिलिटी फैक्टर 95.30 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर तथा 9.28 प्रतिशत ऑक्ज़िलरी कंजम्प्शन दर्ज किया है। यह उच्च स्तरीय ऑपरेशनल दक्षता और तकनीकी उत्कृष्टता का संकेत है। इंडेक्स प्लांट टीम द्वारा निरंतर निगरानी और समन्वित प्रयासों से यह उपलब्धि संभव हो सकी।

    वहीं सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की यूनिट नंबर-10 ने 5 नवम्बर 2025 से लगातार उत्पादन करते हुए 100 दिन का रिकॉर्ड बनाया। इस अवधि में यूनिट ने 100.16 प्रतिशत प्लांट अवेलेबिलिटी फैक्टर, 92.85 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर तथा 8.23 प्रतिशत ऑक्ज़िलरी खपत दर्ज की। यह आंकड़े यूनिट की परिचालन क्षमता और तकनीकी मजबूती को रेखांकित करते हैं। उल्लेखनीय है कि सारनी की यही यूनिट इसी वित्तीय वर्ष में 200 दिन से अधिक लगातार उत्पादन का रिकॉर्ड भी बना चुकी है।

    प्रदेश में बिजली की बढ़ती मांग के बीच इन दोनों यूनिट्स का निरंतर और स्थिर उत्पादन न केवल ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती देता है, बल्कि औद्योगिक और घरेलू उपभोक्ताओं को भी विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करता है। यह उपलब्धि राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी सुधार, बेहतर रखरखाव और प्रबंधन क्षमता का सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

  • शिवजलाभिषेक, हल्दी-मेहंदी और शोभा यात्रा: महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब

    शिवजलाभिषेक, हल्दी-मेहंदी और शोभा यात्रा: महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब


    इंदौर । महाकाल रोड पर संस्था नमो नवगृह (शनि) एवं सत्यमेव जयते द्वारा महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 13 से 15 फरवरी तक भव्य महाशिवरात्रि महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन के तहत शिव जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और भव्य शोभायात्रा का कार्यक्रम रखा गया है।

    आज शुक्रवार को महोत्सव का श्री गणेश हुआ। संस्था के सरंक्षक पूर्व पार्षद केके यादव और पार्षद शिवम यादव ने बताया कि क्षेत्र में पिछले 22 सालों से यह आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सनातन धर्म की ध्वजा बुलंद करना और युवाओं एवं मातृशक्तियों को एकजुट करना है।

    आज शुक्रवार दोपहर 11:30 बजे हल्दी मेहंदी और कुमकुम रस्म का आयोजन शुभ मुहूर्त में हुआ, जिसमें सैकड़ों महिलाएं शामिल रहीं। महाकाल मार्ग पर यह शिव स्तुति का सबसे बड़ा आयोजन है, जिसमें शहर और प्रदेश के सनातन धर्म के प्रेमी भक्तजन उमड़ते हैं।

    मेहंदी रस्म में मातृशक्तियों ने शिव और माता पार्वती के प्रति आस्था व्यक्त की। हाथों में, त्रिशूल और शिवलिंग पर विशेष मेहंदी लगाई गई। इस दौरान भक्तगण भजनों पर झूमते रहे और सभी ने शहर, प्रदेश और देश की खुशहाली की कामना की। मुख्य रूप से श्रीमती मंजू यादव, तारा यादव, अर्चना गायकवाड, रीना यादव, पार्वती चौधरी, मंजू खंडेलवाल, कमलेश केवट, अनीता वाघरकर, आरती कुर्मी, रचना शर्मा, प्रियंका सेन, सावित्री यादव और करिश्मा प्रजापत सहित सैकड़ों महिलाएं शामिल रहीं।

    14 फरवरी, शनिवार को रात्रि जागरण और संगीत कार्यक्रम होगा। इसके बाद 15 फरवरी को बाणेश्वर कुंड से मरीमाता चौराहे तक भव्य शोभा यात्रा निकलेगी। इसमें 10 हजार से अधिक महिलाएं सिर पर कलश लेकर शामिल होंगी। कलश में पांच पवित्र नदियों का जल रहेगा। शोभायात्रा में बग्घी-घोड़े, झांकियां, साधु-संत-महंत, पहलवान, खिलाड़ी और प्रतिभाशाली क्षेत्रीय लोग भी शामिल होंगे, सभी “ॐ नमः शिवाय” का जाप करते हुए चलेंगे।

    इस आयोजन में 100 से अधिक बस्तियों के लोग सहभागी बनेंगे। इसके साथ ही सामाजिक संदेश भी दिए जाएंगे, जैसे बेटी बचाओ, पर्यावरण संरक्षण, जल बचत, यातायात नियमों का पालन और बच्चों को मोबाइल से दूर रखना।इस भव्य महोत्सव ने न केवल धार्मिक आस्था को प्रदर्शित किया, बल्कि मातृशक्तियों और युवाओं को एकजुट करने का संदेश भी दिया।