Category: Madhya Pradesh

  • मध्य प्रदेश में होम गार्ड्स का 79वां स्थापना दिवस, CM मोहन यादव ने किया सम्मानित

    मध्य प्रदेश में होम गार्ड्स का 79वां स्थापना दिवस, CM मोहन यादव ने किया सम्मानित


     मध्य प्रदेश  में आज होम गार्ड्स और नागरिक सुरक्षा संगठन का 79वां स्थापना दिवस राज्य स्तरीय समारोह के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और होम गार्ड कार्यालय पहुँचकर परेड निरीक्षण किया। परेड टीम ने मुख्यमंत्री को सलामी दी जिसके बाद उन्होंने जवानों के साहस, अनुशासन और सेवा भावना की सराहना की।

    उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मान
    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अदम्य साहसिक कार्य सम्मान पुरस्कार देने की घोषणा की और बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और जवानों को सम्मानित भी किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा-हर परिस्थिति, हर चुनौती में सबसे आगे रहने वाला अनुशासित समूह-होम गार्ड है। राज्य को गर्व है कियह बल हर जिम्मेदारी को निष्ठा से निभाता है।

    10 रेस्क्यू टीमों को 51 हजार का पुरस्कार
    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि 2014 में NDRF के गठन के बाद से यह बल लगातार बेहतरीन काम कर रहा है। इंदौर में NDRF और SDRF के जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसका उपयोग आने वाले उज्जैन सिंहस्थ में किया जाएगा। सीएम ने घोषणा की कि 10 रेस्क्यू टीमों को 51-51 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा।

    होम गार्ड्स के लिए स्थायी आवास के आदेश
    जवानों की आवासीय जरूरतों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने होम गार्ड कर्मियों के लिए स्थायी आवास निर्माण के निर्देश भी जारी किए। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हर होम गार्ड को सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराया जाए।

  • मप्रः रीवा में जीएसटी विभाग का छापा, किराना दुकान में मिले संदिग्ध बिल और कागजात

    मप्रः रीवा में जीएसटी विभाग का छापा, किराना दुकान में मिले संदिग्ध बिल और कागजात


    रीवा।
    मध्य प्रदेश के रीवा में शुक्रवार शाम शहर के व्यस्त बाजार क्षेत्र में जीएसटी विभाग की टीम ने रतन किराना स्टोर पर अचानक छापा मारा। लंबे समय से दुकान पर जीएसटी चोरी की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद विभाग ने बिना पूर्व जानकारी के कार्रवाई करने का निर्णय लिया। टीम के पहुंचते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ ही मिनटों में दुकान के बाहर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।

    विभाग के अधिकारियों ने दुकान के अंदर जाकर दस्तावेजों की जांच शुरू की। सूत्रों के अनुसार, टीम को कई ऐसे बिल और कागजात मिले हैं जिनमें बिलिंग से जुड़ी अनियमितताओं के संकेत मिलते हैं। बताया जा रहा है कि कुछ बिल रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थे, जबकि कुछ में जीएसटी की गणना संदिग्ध पाई गई है। अधिकारियों ने इन सभी दस्तावेजों को जब्त कर लिया है और दुकान के कंप्यूटर सिस्टम का बैकअप भी लिया गया है, ताकि डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा सके।

    कार्रवाई के दौरान दुकान मालिक से भी पूछताछ की गई और विभाग ने लेखा-जोखा से जुड़े कई प्रश्नों के उत्तर मांगे। हालांकि, दुकान संचालक ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि वह सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए तैयार है और किसी प्रकार की जानबूझकर की गई गलती नहीं हुई है।

    जीएसटी विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई शिकायतों और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभी जांच प्रारंभिक चरण में है और दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद ही यह तय होगा कि दुकान के खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

  • एक भारत-श्रेष्ठ भारत का प्रतिबिंब है राष्ट्रीय बालरंग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    एक भारत-श्रेष्ठ भारत का प्रतिबिंब है राष्ट्रीय बालरंग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भोपाल में प्रतिवर्ष होने वाला राष्ट्रीय बालरंग प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के उद्देश्य को बेहतर तरीके से पूरा कर रहा है। भोपाल का एकता का प्रतिबिंब बन गया है। इस तरह के कार्यक्रम बच्चों में एक-दूसरे के राज्य की संस्कृति को समझने की जिज्ञासा पैदा करते हैं और बच्चों में देश की संस्कृति के प्रति लगाव बढ़ता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार की शाम भोपाल के राष्ट्रीय इंदिरा गांधी मानव संग्रहालय में राष्ट्रीय बालरंग समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने लोक नृत्य पर केन्द्रित प्रतियोगिता के विजेता राज्यों के बच्चों को ट्राफी भेंट की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर लगभग 5 हजार वर्ष पहले भगवान
     आए। उनकी चौसठ कलाओं के ज्ञान से बच्चों को भारतीय प्राचीन कला को जानने का अवसर मिलेगा। मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है कि भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली सांदीपनि आश्रम उज्जैन में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय बालरंग से यह परिसर मिनी भारत का रूप बन जाता है। यह आयोजन हमें अपने देश की सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का मौका देता है। प्रत्येक राज्य की अपनी नृत्य शैली है, जो बालरंग के मंच पर सामने आयी है। लोक नृत्य आंचलिक संस्कृति की झलक प्रस्तुत करते हैं। विभिन्न राज्यों के बच्चे जब एक स्थल पर एकत्र होते हैं तो वे एक-दूसरे के राज्य के बारे में जानने का प्रयास करते हैं। इस तरह के भाव बच्चों में जिज्ञासा को बढ़ाने का काम करते हैं। उन्होंने कार्यक्रम में शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को भारत की विविधता के बारे में अधिक से अधिक जानकारी दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रेष्ठ आयोजन के लिए स्कूल शिक्षा विभाग को बधाई दी।

    स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने देश के विभिन्न राज्यों से आए बच्चों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शायद ही दुनिया में भारत जैसा देश हो, जिसमें इतने प्रकार की संस्कृतियां आपसी मेल के साथ देखने को मिलती हैं। उन्होंने कहा कि भारत में हर 50 से 75 किलोमीटर में संस्कृति का बदलाव देखने को मिलता है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि कश्मीर देश के मुकुट के समान है। उन्होंने मध्यप्रदेश की मालवा, बुंदेलखंड, बघेली संस्कृति का भी उल्लेख किया। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बच्चों के प्रति विशेष लगाव देखने को मिलता है। मुख्यमंत्री अपनी व्यस्तता के बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग के कार्यक्रमों में निरंतर शामिल होते हैं।

    राष्ट्रीय बालरंग के विजेता

    भोपाल में हुए राष्ट्रीय बालरंग में प्रथम पुरस्कार झारखंड के छऊ लोकनृत्य को मिला। यह नृत्य झारखंड का राजकीय नृत्य है, जिसमें विशिष्ट मुखोटों का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। द्वितीय पुरस्कार हरियाणा के घूमर लोकनृत्य को मिला। इस नृत्य में सामाजिक जीवन, प्रेम, तीज-त्यौहार और लोक कथाओं की झलक देखने को मिलती है। तृतीय पुरस्कार असम के बिहू लोकनृत्य को मिला। यह नृत्य असम की जीवंत आत्मा है और वहां पर यह नृत्य बसंत ऋतु के आगमन पर प्रमुखता के साथ किया जाता है। सांत्वना पुरस्कार मध्यप्रदेश के अहीर नृत्य, हिमाचल प्रदेश के नाटी लोकनृत्य और तीसरा सांत्वना पुरस्कार चंडीगढ़ के भांगड़ा, लुड्डी और झूमर नृत्य को मिला।

    राष्ट्रीय बालरंग समारोह में अनेक लोक नृत्यों और गीतों के माध्यम से भारत की संस्कृति के अनेक रंग, मंच पर दिखे और शानदार कला की अभिव्यक्त हुई। कुल 14 राज्य आंध्रप्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखण्ड, कर्नाटक, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश एवं 5 केन्द्र शासित प्रदेश पुडुचेरी, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, चण्डीगढ़ एवं लक्षदीप के 400 से अधिक शालेय विद्यार्थियों ने अपने राज्यों के नृत्य की प्रस्तुति दी।

    कार्यक्रम में राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के निदेशक श्री अमिताभ पांडे, अध्यक्ष नगर निगम भोपाल श्री किशन सूर्यवंशी, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता और बड़ी संख्या में कलाप्रेमी एवं स्कूली बच्चे उपस्थित थे।

  • भोपाल में राष्ट्रीय बालरंग में विभिन्न राज्यों के लोक नृत्यों की हुई प्रस्तुति

    भोपाल में राष्ट्रीय बालरंग में विभिन्न राज्यों के लोक नृत्यों की हुई प्रस्तुति


    भोपाल । भोपाल के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर श्यामला हिल्स में शुक्रवार को राष्ट्रीय बालरंग की रंगारंग शुरूआत हुई। इसमें 19 राज्यों के बच्चों ने सहभागिता की।

    राष्ट्रीय बालरंग की शुरूआत में केन्द्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के बच्चों ने विकसित भारत 2047 की थीम पर लोक नृत्य की प्रस्तुति दी। नृत्य में आंतकवाद के खिलाफ राष्ट्रीय एकता को दर्शाया गया। नृत्य में बच्चों ने कृषि, विज्ञान, उद्योग के साथ अन्य क्षेत्रों में हो रही प्रगति को आकर्षक ढ़ंग से प्रस्तुत किया। सामूहिक लोक नृत्य प्रस्तुति में लोक धुनों का बेहतर तरीके से उपयोग किया गया था। बालरंग में दूसरी प्रस्तुति आंध्रप्रदेश के स्कूली बच्चों ने लोक नृत्य की प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में फसल कटाई के समय किसानों में उल्लास के क्षणों को संगीतमय प्रस्तुति के साथ प्रस्तुत किया गया।

    राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है बालरंग
    इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के निदेशक अमिताभ पाण्डेय ने बालरंग का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बालरंग समारोह के आयोजन में देशभर के बच्चों ने भोपाल की सांस्कृतिक केन्द्र के रूप में विशिष्ट पहचान बनाई है। यह कार्यक्रम बच्चों में विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृति को समझने का मौका देता है और इससे बच्चों में राष्ट्रीय एकता की भावना मजबूत होती है। बालरंग में 19 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के करीब 375 बच्चे अपने राज्य के लोकरंगों की प्रस्तुतियाँ दे रहे है। इस समारोह में राजधानी भोपाल के करीब 2 हजार बच्चों ने विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को देखा। समारोह में स्कूल शिक्षा विभाग और मानव संग्रहालय के विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

    राष्ट्रीय एकता पर केन्द्रित है बालरंग
    भारत विभिन्न संस्कृतियों का देश है। राष्ट्रीय बालरंग समारोह में विभिन्न प्रांतों के स्कूल के छात्र-छात्राएँ शामिल होकर अपने कला-कौशल के उत्कृष्ट प्रदर्शन से अपने प्रदेश की वैभवशाली लोक संस्कृति को प्रस्तुत करते हैं। विभिन्न प्रांतों के बच्चों के बीच संस्कृति का आदान-प्रदान होने से राष्ट्रीय एकता और सद्भाव की भावना मजबूत होती है।

  • अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्कर लाचुंगपा भारत-चीन सीमा सिक्किम से गिरफ्तार

    अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्कर लाचुंगपा भारत-चीन सीमा सिक्किम से गिरफ्तार


    भोपाल ।
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में प्रदेश में वन एवं वन्यजीव के संरक्षण के लिये लगातार समग्र प्रयास किये जा रहे हैं। इस दिशा में कार्यवाही करते हुए स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश एवं वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो नई दिल्ली ने 10 साल से वांछित, अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्कर यांगचेन लाचुंगपा को2 दिसम्बर 2025 को भारत-चीन की अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास लाचंग, मंगन, जिला उत्तर सिक्किम (सिक्किम) में कई महीनों की कड़ी मेहनत के उपरांत सफलतापूर्वक कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार किया है।

    सतपुड़ा टाइगर रिजर्व नर्मदापुरम में बाघ एवं पेंगोलिन के अवैध शिकार और बाघ की हड्डियों व पेंगोलिन के स्केल की नेपाल के रास्ते चीन में अवैध तस्करी करने वाले गिरोह के विरुद्ध जुलाई 2015 में प्रकरण दर्ज किया गया था, जिसमें यांगचेन लाचुंगपा वांछित थी। प्रकरण की गंभीरता देखते हुए वन मुख्यालय ने इसे मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स को विवेचना के लिये सौंपा गया था। एसटीएसएफ ने एक संगठित एवं अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यांगचेन लाचुंगपा अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्करी गिरोह की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। जिसका नेटवर्क भारत, नेपाल, भूटान और चीन तक फैला हुआ है। यांगचेन लाचुंगपा के गिरोह के कई देशों में फैले नेटवर्क को देखते हुए भारत सरकार के अनुरोध पर इंटरपोल के द्वारा यांगचेन लाचुंगपा विरुद्ध रेड नोटिस भी जारी किया गया है, जिससे उसे किसी भी देश में सबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किया जा सके। यांगचेन लाचुंगपा मूल रूप से चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत की निवासी है एवं भारत में मुख्यतः दिल्ली एवं सिक्किम में रहती थी। यांगचेन को पहली बार सितम्बर 2017 में भी हिरासत में लेकर ट्रांजिट रिमांड के लिये पेश किया गया था, लेकिन न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के बाद फरार हो गई थी।उसकी अग्रिम जमानत को मध्यप्रदेश के उच्च न्यायालय जबलपुर ने भी वर्ष 2019 में खारिज कर दिया था।

    अपराधी यांगचेन लाचुंगपा गिरफ्तारी से बचने लगातार एजेंसियों को चकमा दे रही थी, अंत में 2 दिसम्बर 2025 को उसे मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स एवं केंद्र सरकार की वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो नई दिल्ली की संयुक्त टीम ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में कम तापमान के क्षेत्र में जाकर योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर लाचुंग, मंगन (सिक्किम) से गिरफ्तार कर न्यायलय गंगटोक के समक्ष पेश कर मध्यप्रदेश शासन का ठोस पक्ष रखने के बाद ट्रांजिट वारंट 3 दिसम्बर 2025 को रात्रि में प्राप्त कर उसे मध्यप्रदेश लाया जा रहा है। इस कार्यवाही में सिक्किम पुलिस का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

    यह देश का पहला मामला है जिसमें शिकारियों, कूरियर बिचौलिये और तस्करों सहित 31 व्यक्तियों के पूरे गिरोह को गिरफ्तार किया गया है।पूर्व में गिरफ्तार सभी आरोपियों को सजा भी मिल चुकी है। आरोपी यांगचेन को न्यायालय नर्मदापुरम में पेश कर रिमांड मांगा जायेगा, जिससे इस गंभीर प्रकरण में अग्रिम विवेचना की जा सके। इस सफलतापूर्वक कार्यवाही में शामिल एसटीएसएफ के दल को उत्कृष्ट कार्य के लिये पुरूस्कृत किया जायेगा।

  • MP में ठंड ने पकड़ा जोर, पचमढ़ी सबसे सर्द, 9 शहरों का तापमान 10 डिग्री से नीचे

    MP में ठंड ने पकड़ा जोर, पचमढ़ी सबसे सर्द, 9 शहरों का तापमान 10 डिग्री से नीचे


    भोपाल ।
    मध्य प्रदेश में सर्दी ने अब जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान लगातार गिर रहा है। बीती रात 9 शहरों का पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया, जबकि पचमढ़ी सबसे ठंडा स्थान दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तरी बर्फीली हवाओं के चलते ठंड और तेज होगी।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालयी क्षेत्र में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ प्रभावी है, जिसके पीछे एक और विक्षोभ तेजी से बढ़ रहा है। इसके कारण हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में 5 और 7 दिसंबर को बर्फबारी और बारिश की संभावना है। इसके बाद उत्तरी हवाएं मैदानी इलाकों में दाखिल होंगी, जिससे 7-8 दिसंबर को उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में कड़ाके की सर्दी बढ़ने की पूरी आशंका है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और नर्मदापुरम में भी शीतलहर का असर तेज रहने की संभावना जताई गई है।

    इस सीजन में सर्दी का प्रभाव औसत से अधिक दिख रहा है। भोपाल में नवंबर में 84 साल का ठंड का रिकॉर्ड टूटा है, जबकि इंदौर ने 25 साल की सबसे तीखी सर्दी दर्ज की है। विभाग के अनुसार, ऐसी ही कड़ाके की ठंड दिसंबर में भी बनी रहेगी।

    नर्मदापुरम जिले का पचमढ़ी, जो प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है, इस समय सबसे ज्यादा ठंड का सामना कर रहा है। घने जंगलों से घिरा होने के कारण यहां दिन और रात, दोनों समय तापमान न्यूनतम स्तर पर बना हुआ है। बुधवार-गुरुवार की रात यहां तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा शहडोल के कल्याणपुर में 7.4 डिग्री, शाजापुर में 7.9 डिग्री, मुरैना में 8.5 डिग्री, उमरिया में 9.1 डिग्री, दतिया में 9.3 डिग्री, राजगढ़ में 9.4 डिग्री और रीवा में 9.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 8.6 डिग्री तक गिरा। इंदौर में तापमान 10.2 डिग्री, जबलपुर में 11.4 डिग्री, भोपाल में 11.6 डिग्री और उज्जैन में 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

  • मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों की आर्थिक हालत गंभीर: आय कम, खर्च ज्यादा, बजट प्रबंधन में खामियां

    मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों की आर्थिक हालत गंभीर: आय कम, खर्च ज्यादा, बजट प्रबंधन में खामियां



    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में नगर निगम और नगर पालिकाओं की आर्थिक स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। इन निकायों की हालत आमदनी अठन्न खर्चा रुपैया जैसी हो गई है जहां आय कम और खर्च अत्यधिक हो रहा है। इस संकट का मुख्य कारण बजट प्रबंधन की कमी और आय का सही आकलन न होना बताया जा रहा है। इससे न केवल नगर निगमों और पालिकाओं के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं बल्कि कर्मचारियों की वेतन राशि भी समय पर नहीं मिल पा रही है।

    मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों के इस संकट की तस्वीर मध्य प्रदेश स्थानीय निधि संपरीक्षा के 2021-22 के वार्षिक प्रतिवेदन में सामने आई है जिसे हाल ही में विधानसभा के पटल पर रखा गया। इस रिपोर्ट के मुताबिक नगरीय निकायों का वित्तीय प्रबंधन पूरी तरह से गड़बड़ाया हुआ है जिससे इन निकायों का खर्च उनकी वास्तविक आय से कहीं अधिक हो गया है।

    आय से अधिक खर्च की स्थिति

    रिपोर्ट के अनुसार, छह प्रमुख नगर निगमों सागर सतना, उज्जैन, देवास, इंदौर और रीवा की कुल वास्तविक आय 26,89,19,02,372 रुपये रही जबकि इन नगर निगमों का कुल व्यय 29,47,52,84,875 रुपये था। इसका मतलब है कि इन नगर निगमों ने 2,58,34,82,503 रुपये अपनी आय से अधिक खर्च किया। इसी तरह, 11 नगर पालिकाओं की वास्तविक आय 4,92,62,72,896 रुपये रही और वास्तविक व्यय 5,73,86,70,532 रुपये हुआ, जो इस बात को दर्शाता है कि इन पालिकाओं ने भी अपनी आय से कहीं अधिक खर्च किया।

    यह स्थिति इस तथ्य को साबित करती है कि नगर निगमों और नगर पालिकाओं के बजट का प्रबंधन पूरी तरह से ढह चुका है। वे न केवल अपनी वास्तविक आय का ठीक से आकलन नहीं कर पा रहे, बल्कि राजस्व वसूली में भी पिछड़े हुए हैं। इसके कारण विकास कार्यों के लिए जरूरी धन जुटाना मुश्किल हो रहा है और कर्मचारियों को वेतन देने में भी दिक्कतें आ रही हैं।

    राजस्व वसूली की कमजोरी

    राजस्व वसूली की प्रक्रिया भी नगरीय निकायों के लिए एक बड़ा संकट बन चुकी है। कई नगर निगमों और नगर पालिकाओं ने तय किया था कि वे अपने राजस्व का एक निश्चित हिस्सा वसूल करेंगे, लेकिन यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। वसूली में कमी होने के कारण नगरीय निकायों को बाहरी मदद की आवश्यकता महसूस हो रही है। इसके साथ ही वित्तीय घाटे को कम करने के लिए सरकार से अतिरिक्त अनुदान की उम्मीद जताई जा रही है।

    नगरीय निकायों के लिए आगे की राह

    इस स्थिति को सुधारने के लिए तत्काल उपायों की आवश्यकता है। नगरीय निकायों को अपनी आय वसूली को दुरुस्त करना होगा और बजट प्रबंधन में सुधार करना होगा। इसके साथ ही, विकास कार्यों के लिए धन जुटाने की प्रक्रिया को भी बेहतर बनाने की जरूरत है। अगर ये समस्याएं समय रहते हल नहीं की गईं तो नगरीय विकास कार्यों में और अधिक रुकावटें आ सकती हैं और नागरिकों को इससे नुकसान उठाना पड़ सकता है।

    मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों का आर्थिक संकट गंभीर है। आय और व्यय का असंतुलन उनकी कार्यकुशलता को प्रभावित कर रहा है और राज्य सरकार को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। अगर निकायों को वित्तीय रूप से सक्षम नहीं बनाया गया तो वे अपने मौजूदा कार्यों को भी सही से पूरा नहीं कर पाएंगे। यह स्थिति मध्य प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में विकास की गति को मंद कर सकती है जो राज्य के समग्र विकास के लिए एक चिंता का विषय है।

  • इंदौर बगैर अपराध इंजीनियर को 30 घंटे हथकड़ी में थाने में बैठाने पर चंदन नगर टीआई की मुश्किलें बढ़ीं

    इंदौर बगैर अपराध इंजीनियर को 30 घंटे हथकड़ी में थाने में बैठाने पर चंदन नगर टीआई की मुश्किलें बढ़ीं


    इंदौर । इंदौर में एक दिलचस्प और विवादास्पद घटना सामने आई है जिसमें चंदन नगर थाना पुलिस ने एक निर्दोष इंजीनियर को बगैर किसी अपराध के 30 घंटे तक थाने में हथकड़ी लगाकर बैठाया। यह मामला तब सामने आया जब पुलिस ने एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी संजय दुबे की गिरफ्तारी के लिए संजय दुबे के बेटे राजा को पकड़ लिया। 26 नवंबर को पुलिस ने राजा को सैलून से उठाया, जबकि उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं था। राजा का नाम केवल इसलिए लिया गया क्योंकि पुलिस 12 नवंबर से आरोपी संजय दुबे को पकड़ने में विफल रही थी।

    इस घटना के बाद राजा के साले आकाश तिवारी ने हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की, जिसमें आरोप लगाया गया कि राजा निर्दोष था और उसके खिलाफ कोई अपराध नहीं था, बावजूद इसके उसे पुलिस ने बगैर कारण के गिरफ्तार कर लिया और 30 घंटे तक थाने में हथकड़ी लगाकर रखा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई शुरू की और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर सवाल उठाए।

    हाई कोर्ट की प्रतिक्रिया और पुलिस कमिश्नर से सवाल

    हाई कोर्ट ने पुलिस के इस कृत्य को गंभीरता से लिया और इसे नागरिक के मौलिक अधिकार का उल्लंघन मानते हुए थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल को सख्त हिदायत दी। कोर्ट ने पटेल से 26 और 27 नवंबर के सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत करने को कहा, ताकि यह सत्यापित किया जा सके कि पुलिस ने क्या सचमुच अनुचित कार्रवाई की थी। हालांकि, जब पटेल कोर्ट में पेश हुए, तो वे अपने साथ सीसीटीवी फुटेज लाने में विफल रहे और इसका कारण तकनीकी गड़बड़ी बताया। इस पर कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की और कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य काफी हैं जो यह सिद्ध करते हैं कि राजा के साथ दुर्व्यवहार किया गया था।

    कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर से पूछा कि उन्होंने पटेल के खिलाफ क्या विभागीय और आपराधिक कार्रवाई की है। इस सवाल से यह स्पष्ट हो गया कि कोर्ट अब इस मामले में पटेल के खिलाफ कठोर कदम उठाने की ओर इशारा कर रहा है।

    राजा को रिहा किया गया, लेकिन मामला जारी

    राजा को 27 नवंबर की रात करीब 11:30 बजे रिहा किया गया, लेकिन इस रिहाई के बाद भी मामला खत्म नहीं हुआ। हाई कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया था कि 30 घंटे के दौरान की सीसीटीवी फुटेज पेश की जाए, लेकिन पटेल ने इसे प्रस्तुत नहीं किया, जिससे पुलिस की कार्रवाई पर और सवाल खड़े हो गए। इस मामले में अगली सुनवाई 9 दिसंबर को निर्धारित की गई है, और पुलिस को इस समय तक अपने पक्ष को स्पष्ट करने का अवसर दिया गया है।

    इस घटना से यह सवाल उठता है कि क्या पुलिस को अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करने का अधिकार है, और क्या पुलिस अधिकारियों को नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने पर सजा मिलनी चाहिए। यह मामला न केवल इंदौर बल्कि पूरे देश में पुलिस के बर्ताव और नागरिकों के अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।

    इस घटना ने यह सिद्ध कर दिया कि पुलिस के लिए कानून से ऊपर होना कोई विकल्प नहीं है, और हर नागरिक को अपने अधिकारों की रक्षा करने का हक है। हालांकि, मामले की आगे की सुनवाई में अदालत द्वारा की जाने वाली कार्रवाई इस बात का निर्णय करेगी कि क्या थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई की जाती है, या फिर इसे एक और प्रशासनिक लापरवाही के रूप में ही छोड़ दिया जाएगा।

  • MP: सिवनी के सरकारी स्कूल में छात्रों से लगवाए गए 'अल्लाह हू अकबर' के नारे

    MP: सिवनी के सरकारी स्कूल में छात्रों से लगवाए गए 'अल्लाह हू अकबर' के नारे


    सिवनी।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सिवनी जिले (Seoni district) के एक सरकारी स्कूल (Government school) में बच्चों से जबरन ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारे लगवाने के बाद बवाल मच गया. मामला अरी थाना क्षेत्र के सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल का है। बच्चों ने आरोप लगाया कि 1 दिसंबर को गीता पाठ के बाद उनसे 16 बार ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारे लगवाए गए और स्कूल की प्रभारी प्रिंसिपल प्रतीक्षा मानगढ़े ने सभी बच्चों को नारा लगाने के लिए दबाव डाला।

    घर आकर बच्चों ने ये बात परिजनों को बताई तो बवाल मच गया. 3 दिसंबर को बच्चों और अभिभावकों के साथ हिंदूवादी संगठन के लोग भी स्कूल पहुंचे और प्रिंसिपल का विरोध करते हुए उनको स्कूल से हटाने और सस्पेंड किए जाने की मांग करने लगे।

    हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया. थोड़ी ही देर में जिला शिक्षा अधिकारी एसएस कुमरे भी स्कूल पहुंचे तो लोगों ने उनके ख़िलाफ़ भी नारेबाजी की, इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रभारी प्रिंसिपल प्रतीक्षा मानगढ़े से बात की और उन्हें स्कूल से हटाकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अटैच कर दिया।

    गांव के लोग इस पर भी नहीं माने और प्रिंसिपल के निलंबन की मांग करने लगे तो जिला शिक्षा अधिकारी ने मौके पर ही एक जांच टीम का गठन कर दिया, जिसकी रिपोर्ट मिलने के बाद प्रिंसिपल पर कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर मामला शांत हुआ।

    जिला शिक्षा अधिकारी एसएस कुमरे ने बताया, ”शिकायत के बाद मैं खुद जांच करने स्कूल गया था, जहां प्रिंसिपल ने अपनी गलती मानते हुए कहा कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं, बल्कि सर्वधर्म सद्भाव का था, उन्होंने सबसे माफी भी मांगी. प्रिंसिपल को स्कूल से हटा दिया गया है और पूरे मामले की जांच के लिए एक टीम बनाई गई है. रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

  • मप्रः मुख्यमंत्री डॉ. यादव खजुराहो में वैवाहिक कार्यक्रमों में हुए शामिल

    मप्रः मुख्यमंत्री डॉ. यादव खजुराहो में वैवाहिक कार्यक्रमों में हुए शामिल


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को खजुराहो में दो वैवाहिक कार्यक्रम में सम्मिलित होकर वर एवं वधू को आशीर्वाद देकर सुखमय वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खजुराहो के एक निजी होटल में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस विवेक कुमार की पुत्री तथा राजनगर में पूर्व विधायक रेखा यादव के पुत्र के शादी समारोह में शामिल हुए। शुभकामना दी।

    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार सहित सांसद विष्णुदत्त शर्मा, विधायक अरविन्द पटेरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष विद्या अग्निहोत्री भी उपस्थित रहीं।


    मुख्यमंत्री ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री तोमर के भतीजे के वैवाहिक कार्यक्रम में हुए शामिल

    इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के पारिवारिक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने ग्वालियर में रेसकोर्स रोड स्थित ऊर्जा मंत्री के निवास पर पहुंचकर उनके भतीजे सूर्य प्रताप सिंह तोमर (हितांशु) को सुखद दाम्पत्य जीवन के लिये आशीर्वाद एवं शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर उन्होंने ऊर्जा मंत्री तोमर की माताश्री सुधा तोमर सहित अन्य परिजन से भी भेंट की। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल एवं लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने भी ऊर्जा मंत्री तोमर के निवास पर पहुँचकर सूर्य प्रताप सिंह तोमर को सुखद दाम्पत्य जीवन के लिये शुभकामनाएँ प्रदान की।


    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले फिल्म निर्देशक गोवारीकर

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से फिल्म निर्माता एवं निर्देशक आशुतोष गोवारीकर ने गुरुवार को ग्वालियर विमानतल पर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोवारीकर का आत्मीय स्वागत किया और प्रदेश में फिल्म निर्माण की संभावनाओं पर उनसे चर्चा की। आशुतोष गोवारीकर ने भी मध्य प्रदेश में मिल रहे सहयोग की सराहना की तथा ग्वालियर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता की प्रशंसा की। मुलाकात के दौरान फिल्म और पर्यटन क्षेत्र में संभावित सहयोग पर बातचीत हुई।