Category: Madhya Pradesh

  • रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई – अंतरराज्यीय विद्युत तार चोरी गिरोह का पर्दाफाश

    रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई – अंतरराज्यीय विद्युत तार चोरी गिरोह का पर्दाफाश

    भोपाल : मध्यप्रदेश पुलिस ने संगठित आपराधिक नेटवर्क पर निर्णायक कार्रवाई करते हुए रीवा और ग्वालियर जिलों में दो बड़ी सफलताएँ हासिल की हैं। रीवा पुलिस ने विगत दो वर्षों से सक्रिय विद्युत तार चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 50 लाख रुपये मूल्य का माल बरामद किया, जबकि ग्वालियर पुलिस ने मैरिज गार्डन में हुई चोरी का त्वरित खुलासा कर 7 लाख 80 हजार रूपए नगद बरामद किए गए। रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई — अंतरराज्यीय विद्युत तार चोरी गिरोह का पर्दाफाश रीवा पुलिस ने एमपीईबी विभाग के विद्युत तार चोरी एवं सोलर पावर प्लांट से कॉपर केबल चोरी की कुल 62 घटनाओं का खुलासा करते हुए 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पुलिस ने लगभग 50 लाख रुपये मूल्य के एल्यूमिनियम और कॉपर तार, पाँच वाहन तथा चोरी में इस्तेमाल उपकरण (कटर, इलेक्ट्रिक डिटेक्टर, सीढ़ी आदि) बरामद किए हैं।
    पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के विश्लेषण के साथ उत्तर प्रदेश और अन्य जिलों की पुलिस से समन्वय स्थापित किया। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य पूर्व में बिजली विभाग के ठेकेदारों से जुड़े थे और चोरी का माल कबाड़ियों को बेचते थे। इस कार्रवाई से जिले में लंबे समय से जारी विद्युत संरचना चोरी की घटनाओं पर निर्णायक अंकुश लगा है।ग्वालियर पुलिस का त्वरित खुलासा — मैरिज गार्डन चोरी में 7 लाख 80 हजार रूपए बरामदग्वालियर के थाना महाराजपुरा क्षेत्र स्थित अभिनंदन वाटिका में एक लगुन कार्यक्रम के दौरान 11 लाख की चोरी हुई थी। क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी संतोष सिसोदिया को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 7 लाख 80 हजार रूपए नगद बरामद हुए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि चोरी शिवा सिसोदिया और एक विधिविरुद्ध बालक ने की थी और राशि संतोष को छिपाने हेतु सौंपी थी। रीवा और ग्वालियर की इन प्रभावी कार्यवाहियों ने यह साबित किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस संगठित अपराध, सार्वजनिक संपत्ति की चोरी और नेटवर्क आधारित आपराधिक गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलेरेंस की नीति पर कार्य कर रही है।

  • सागर–दमोह मार्ग चार लेन में बदलेगा, मंत्री परिषद ने 2059.85 करोड़ की परियोजना को दी स्वीकृति

    सागर–दमोह मार्ग चार लेन में बदलेगा, मंत्री परिषद ने 2059.85 करोड़ की परियोजना को दी स्वीकृति


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्री परिषद बैठक में सागर
    दमोह मार्ग (76.680 किमी) को 2-लेन से 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर में उन्नत करने की 2059.85 करोड़ की परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत स्वीकृति दी गई। इसमें 40% राशि मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा और शेष 60% राशि राज्य बजट से 15 वर्ष तक 6-माही एन्यूटी के रूप में वहन की जाएगी।

    यह महत्वपूर्ण मार्ग सागर और दमोह को जोड़ते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और राष्ट्रीय राजमार्ग-34 से कनेक्टिविटी बढ़ाएगा। उन्नयन से बुंदेलखंड क्षेत्र में कृषि, खनिज, व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को मजबूत गति मिलेगी।

    परियोजना में 13 अंडरपास, 3 वृहद पुल, 9 मध्यम पुल, 1 आरओबी, 13 बड़े और 42 मध्यम जंक्शन का निर्माण, तथा परसोरिया, गढ़ाकोटा, रोन और बान्सा में 4 बायपास शामिल हैं। सड़क सुरक्षा के लिए 21 स्थानों पर कर्व सुधार तथा 13 बड़े जंक्शनों पर VUP प्रस्तावित हैं।

    उल्लेखनीय है कि 10,300 पीसीयू वर्तमान यातायात दबाव और भविष्य में 17,000 पीसीयू की संभावना को देखते हुए 4-लेन निर्माण आवश्यक है। यह मार्ग विंध्य विकास पथ का हिस्सा है, जिससे कटनी दिशा में भविष्य का 4-लेन कॉरिडोर भी सुदृढ़ होगा। मार्ग के उन्नयन से यात्रा समय में कमी, दुर्घटनाओं में गिरावट, ईंधन की बचत और परिवहन तंत्र में व्यापक सुधार होगा। क्षेत्र की उपजाऊ कृषि भूमि, दमोह के खनिज संसाधनों और कुंडलपुर सहित पर्यटन स्थलों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। यह परियोजना बुंदेलखंड विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • मध्यप्रदेश सरकार की योजनाओं से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर  50 लाख तक का लोन और सब्सिडी

    मध्यप्रदेश सरकार की योजनाओं से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर 50 लाख तक का लोन और सब्सिडी


    भोपाल। 
    मध्यप्रदेश सरकार राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें व्यवसायिक रूप से प्रगति करने के लिए कई योजनाओं को लागू कर रही है। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को रोजगार की तलाश तक सीमित न रखकर उन्हें उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित करना है। इसके लिए सरकार उन्हें लोन ट्रेनिंग सब्सिडी और अन्य वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बना रही हैं।

    महिलाओं के लिए उद्यमिता योजनाएं

    मध्यप्रदेश सरकार ने महिलाओं के लिए कई तरह की उद्यमिता योजनाएं शुरू की हैं जिनके जरिए महिलाएं अपने छोटे-से-व्यवसाय की शुरुआत कर सकती हैं। इन योजनाओं के तहत महिलाओं को न केवल व्यवसाय शुरू करने के लिए लोन और सब्सिडी मिल रही है बल्कि उन्हें विभिन्न प्रकार की ट्रेनिंग भी दी जा रही है जिससे वे अपनी क्षमताओं को पहचान सकें और व्यवसाय के विभिन्न पहलुओं से अवगत हो सकें।

    सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि इन योजनाओं के तहत महिलाओं को एक मजबूत आर्थिक आधार प्रदान किया जाए। इसके लिए राज्य में कई प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं जिसमें महिलाएं अपने कौशल को सुधार सकती हैं और विभिन्न उद्योगों में कदम रख सकती हैं। इसके अलावा सरकार महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए लोन के साथ-साथ मार्जिन मनी और सब्सिडी जैसी सुविधाएं भी प्रदान कर रही है।

    ₹50 लाख तक का लोन और वित्तीय सहायता

    मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं के लिए व्यवसाय स्थापित करने के लिए ₹50 लाख तक का लोन उपलब्ध करवा रही है। यह लोन उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक पूंजी उपलब्ध कराता है। इसके अलावा महिलाओं को रेडीमेड गारमेंट उद्योग जैसी क्षेत्रों में भी विशेष सहायता दी जा रही है जहां उन्हें प्रति माह ₹5000 की प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। यह राशि महिलाओं को उनके व्यवसाय के संचालन में सहायक साबित हो रही है और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर रही है।

    इसके अतिरिक्त अक्टूबर 2025 तक MSME सूक्ष्म लघु और मझोले उद्योग क्षेत्र में 850 से अधिक इकाइयों को कुल ₹275 करोड़ की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है। यह वित्तीय सहायता महिला उद्यमियों के लिए एक मजबूत आधार बनी है जो उन्हें अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक संसाधन प्रदान करती है।

    महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सरकार के कदम

    मध्यप्रदेश सरकार ने महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई अन्य कदम भी उठाए हैं। उदाहरण के लिए महिलाएं अब विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत स्वयं सहायता समूह बना सकती हैं और इन्हें सरकार से सहायता मिल सकती है। इसके अलावा महिलाओं को छोटे से लेकर बड़े स्तर तक व्यवसाय स्थापित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा समर्थन और मार्गदर्शन भी प्रदान किया जा रहा है।

    इसके साथ ही महिलाएं अब अधिक से अधिक व्यवसायों के लिए सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही हैं जो न केवल उनकी व्यक्तिगत स्थिति को मजबूत कर रहे हैं बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। यह पहल महिलाओं को नए अवसरों की ओर मार्गदर्शन करने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद कर रही है।

    मध्यप्रदेश सरकार की यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक सकारात्मक कदम है। लोन ट्रेनिंग सब्सिडी और अन्य सुविधाओं के माध्यम से महिलाओं को व्यवसाय स्थापित करने का एक मजबूत मंच मिल रहा है। इससे न केवल महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ रहा है बल्कि वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही हैं। सरकार की इस पहल से महिलाओं को रोजगार की दिशा में एक नई राह मिल रही है और वे आत्मनिर्भर बन रही हैं।

  • मप्र में मंत्रिमंडल विस्तार भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के बाद होगा फैसला मंत्री प्रदर्शन रिपोर्ट भी अहम

    मप्र में मंत्रिमंडल विस्तार भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के बाद होगा फैसला मंत्री प्रदर्शन रिपोर्ट भी अहम


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार के दो वर्ष पूरे होने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। हालांकि पार्टी सूत्रों के अनुसार यह विस्तार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के बाद ही किया जाएगा। केंद्रीय नेतृत्व द्वारा मंत्रालयों के कार्यों का गहन मूल्यांकन किए जाने के बाद ही इस प्रक्रिया में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

    राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के बाद विस्तार की संभावना

    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल 20 जनवरी 2026 को समाप्त हो रहा है और पार्टी नेताओं का मानना है कि इस तिथि के आसपास भाजपा को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल जाएगा। पार्टी के नेताओं के बीच चर्चा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होने के बाद ही मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार पर निर्णय लिया जाएगा। इसके पीछे यह कारण है कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व प्रदेश के मंत्रिमंडल में फेरबदल करने के लिए पूरी तरह से तैयार है लेकिन यह बदलाव भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व से मंजूरी मिलने के बाद ही होगा।

    मंत्रियों के कार्य प्रदर्शन पर रिपोर्ट कार्ड तैयार

    मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया में एक और महत्वपूर्ण पहलू है जो सरकार के मंत्रियों के कार्य प्रदर्शन से जुड़ा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश के मंत्रियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए अलग-अलग एजेंसियों से रिपोर्ट कार्ड तैयार करवाया है। इन रिपोर्ट कार्ड्स में मंत्रियों की कार्यकुशलता जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारी और उनके विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई है। माना जा रहा है कि इन रिपोर्ट्स को विस्तार के निर्णय में अहम भूमिका दी जाएगी।

    हालांकि सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व मध्य प्रदेश के कुछ मंत्रियों के कार्य प्रदर्शन से काफी नाराज भी है और इन रिपोर्ट्स के आधार पर ही अगले कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा मंत्रियों के कामकाज का आकलन करने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विभागवार समीक्षा बैठकें भी आयोजित की हैं। इन बैठकों का उद्देश्य मंत्रियों की कार्यशैली का मूल्यांकन करना और यह सुनिश्चित करना था कि हर विभाग अपने लक्ष्यों को पूरा कर रहा है या नहीं।

    छत्तीसगढ़ के बाद मध्य प्रदेश में भी होगा फेरबदल

    इसी साल छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय की सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार हुआ था और इसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि मध्य प्रदेश में भी मोहन यादव अपनी टीम में फेरबदल कर सकते हैं। भाजपा नेताओं के अनुसार केंद्रीय नेतृत्व की निगाहें अब प्रदेश के मंत्रियों पर हैं और उनके प्रदर्शन की समीक्षा के आधार पर ही किसी को मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी या फिर बाहर किया जाएगा।

    विस्तार के लिए प्रमुख नेता की नियुक्ति

    मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान इस बात की संभावना जताई जा रही है कि कुछ नई चेहरों को भी मौका दिया जा सकता है खासकर उन नेताओं को जो हाल के विधानसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं या फिर जिनकी जनता में बेहतर छवि बन चुकी है। इस विस्तार के बाद यह देखा जाएगा कि सरकार में किसी को नई जिम्मेदारी दी जाती है या कुछ पुराने मंत्रियों को बदलकर नए मंत्रियों की नियुक्ति की जाती है।

    केंद्रीय नेतृत्व की नाराजगी और मंत्रियों की समीक्षा

    केंद्रीय नेतृत्व का मध्य प्रदेश के मंत्रियों के प्रति असंतोष का मुख्य कारण उनके कार्यों में लापरवाही और प्रदेश के विभिन्न मुद्दों पर उनका कमजोर रवैया बताया जा रहा है। भाजपा की केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार तक यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि किसी भी तरह की असंतोषपूर्ण कार्यशैली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही अपने विभागों में सुधार और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार रहें।

    मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार के लिए सभी आँखें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर टिकी हैं। यह संभावना जताई जा रही है कि जेपी नड्डा के कार्यकाल के अंत और नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के बाद ही मुख्यमंत्री मोहन यादव मंत्रिमंडल में फेरबदल करेंगे। इस निर्णय में प्रमुख भूमिका मंत्रियों के कार्य प्रदर्शन पर तैयार रिपोर्ट कार्ड की होगी जो भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के निर्णय को प्रभावित करेगा। इसके अलावा जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल में बदलाव किए जाएंगे।

  • छिंदवाड़ा में स्लीपर बस पलटी छह घायल दो की हालत गंभीर

    छिंदवाड़ा में स्लीपर बस पलटी छह घायल दो की हालत गंभीर



    छिंदवाड़ा ।
    छिंदवाड़ा जिले के हर्रई थाना क्षेत्र में सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात एक बड़ी सड़क दुर्घटना हुईजिसमें एक स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। यह बस टीकमगढ़ से नागपुर जा रही थी और दुर्घटना तेदनी के पास हुई। इस हादसे में कुल छह यात्री घायल हुए हैंजिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। के अनुसारयह हादसा रात के लगभग 3 बजे हुआजब बस अचानक असंतुलित हो गई और सड़क किनारे पलट गई। बस पलटते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गईऔर गंभीर रूप से घायल यात्रियों को नरसिंहपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
    बाकी घायल यात्रियों का इलाज छिंदवाड़ा जिले के स्थानीय अस्पतालों में जारी है। हादसे के बाद पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और राहत कार्य शुरू किया। चूंकि यह हादसा रात में हुआ थाइसलिए बचाव कार्य में कुछ दिक्कतें आईं। लेकिनस्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को बस से बाहर निकालकर अस्पताल भेज दिया गया। समय पर किए गए इस राहत कार्य ने यात्रियों के लिए बड़ी राहत प्रदान की।

    दुर्घटना के कारणों का पता अभी तक नहीं चल पाया हैलेकिन यह माना जा रहा है कि बस का संतुलन बिगड़ने के कारण यह हादसा हुआ। दुर्घटना के बादपुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन ने घायल यात्रियों की मदद के लिए अस्पतालों में विशेष इंतजाम किए हैं और उन्हें हर संभव सहायता देने की कोशिश की जा रही है। छिंदवाड़ा जिले में इस प्रकार की सड़क दुर्घटनाएं एक बड़ी चिंता का विषय बन गई हैं। स्लीपर बसों का संचालन लगातार बढ़ रहा हैलेकिन सुरक्षा उपायों की कमी और ओवरस्पीडिंग जैसी समस्याएं इन हादसों को बढ़ावा दे रही हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त यातायात नियमों का पालन और बेहतर निगरानी की जरूरत है। इस हादसे ने यह भी साफ किया है कि रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में बचाव कार्य में समय की अहमियत है। पुलिस और अन्य राहत टीमों द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई ने कई यात्रियों की जान बचाई। आने वाले समय में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को और भी कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।

    अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बस के ड्राइवर की कोई गलती थी या तकनीकी खराबी के कारण यह दुर्घटना हुई। पुलिस और प्रशासन इस मामले की जांच कर रहे हैंताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। घायलों की स्थिति के बारे में बताया गया कि गंभीर रूप से घायल दो यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद नरसिंहपुर भेजा गया हैजहां उनका इलाज किया जाएगा। बाकी घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में जारी है और उनकी स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

    इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के मुद्दे को गंभीर बना दिया है। यात्रियों और ड्राइवरों को भी जागरूक करने की आवश्यकता है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और अपनी यात्रा को सुरक्षित बनाएं। कुल मिलाकरयह एक दर्दनाक हादसा थालेकिन समय पर किए गए राहत कार्य ने कई लोगों की जान बचाई। अब देखना होगा कि प्रशासन इस तरह के हादसों को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।

  • दमोह-टीकमगढ़, पन्ना-कटनी में खुलेगा मेडिकल कॉलेज; सागर में बनेगा इंडस्ट्रियल पार्क, 30 हजार को मिलेगा रोजगार

    दमोह-टीकमगढ़, पन्ना-कटनी में खुलेगा मेडिकल कॉलेज; सागर में बनेगा इंडस्ट्रियल पार्क, 30 हजार को मिलेगा रोजगार


    खजुराहो/ मध्यप्रदेश के खजुराहो में आयोजित तीन दिवसीय विशेष कैबिनेट बैठक ने बुंदेलखंड और आसपास के जिलों के लिए कई विकास योजनाओं की सौगात दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक के बाद प्रेस वार्ता में बताया कि आने वाले समय में बुंदेलखंड को चार मेडिकल कॉलेज मिलने जा रहे हैंजो दमोहटीकमगढ़पन्ना और कटनी में स्थापित किए जाएंगे। ये मेडिकल कॉलेज अगले शैक्षणिक सत्र से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया हैजिससे क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाएँ और रोजगार के अवसर दोनों बढ़ेंगे।

    दमोह सिंचाई परियोजना को 165 करोड़ की मंजूरी
    मुख्यमंत्री ने बताया कि दमोह जिले की बहुप्रतीक्षित झापड़ नाला माध्यम सिंचाई परियोजना को 165 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी गई है। इस परियोजना से हजारों किसानों को पानी मिलेगा और कृषि उत्पादकता में वृद्धि होगी।प्रदेश सरकार का लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और सिंचाई सुविधाओं को अधिक से अधिक क्षेत्रों तक पहुंचाना है।सागर में बनेगा विशाल इंडस्ट्रियल पार्क30 हजार रोजगार बैठक में सबसे बड़ी घोषणा सागर को लेकर की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सागर जिले में एक बड़ा इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किया जाएगा। इसमें 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आएगा।

    30 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।

    इंडस्ट्रियल पार्क से बुंदेलखंड और महाकौशल क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।साथ ही यहां निवेशक सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगाजिससे नए उद्योगों को आकर्षित किया जा सके।पर्यटन को बढ़ावा: खजुराहो में फाइव स्टार होटल और कन्वेंशन सेंटर का बेहतर उपयोग खजुराहोजो विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैअब और बेहतर सुविधाएँ प्राप्त करेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि- कन्वेंशन सेंटर के साथ पीपीपी मॉडल पर फाइव स्टार होटल बनाने की योजना है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पन्ना नेशनल पार्क में 10 नई कैंटर बसें शुरू की गई हैं ताकि बड़े ग्रुप भी एक साथ सफारी का आनंद ले सकें। G-20 की सफलता के बाद खजुराहो को लगातार अंतरराष्ट्रीय आयोजन स्थलों की सूची में मजबूत करने की योजना पर भी चर्चा हुई।

    पन्ना नेशनल पार्क व वन्यजीव संरक्षण को नया प्रोत्साहन
    पन्ना टाइगर रिजर्व में मंत्री मंडल ने रोमांचक सफारी का अनुभव लिया। मंत्री प्रहलाद पटेलविजय शाहइंदर सिंह परमार और लखन पटेल ने दो बार बाघ देखने का अनुभव साझा किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि- कूनो में 28 और गांधीसागर में 2 चीते हैं। जनवरी में बोत्सवाना से 8 नए चीते मध्यप्रदेश लाए जाएंगे। उन्हें नौरादेही और दुर्गावती अभयारण्य में पुनर्स्थापित किया जाएगा। पन्ना पार्क में हाथियों की संख्या भी लगातार बढ़ रही हैजिससे भविष्य में यह हाथियों के लिए भी आदर्श आवास बन सकता है। युवाओं को विदेश भेजने की योजनाअस्पतालों का उन्नयनबैठक में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी कई योजनाओं को मंजूरी दी गई- पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के 600 युवाओं को जर्मनी और जापान भेजने की योजना तैयार की गई है। प्रदेश के 12 अस्पतालों को अपग्रेड किया जाएगा। एमपी में अग्निशमन सेवा विस्तार के लिए 397 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए।

    कैनबिनेट मीटिंग से पहले- बाद के कार्यक्रम
    मंगलवार सुबह सभी मंत्रियों ने पन्ना टाइगर रिजर्व पहुंचकर सफारी का आनंद लिया। फील्ड डायरेक्टर नरेश यादव ने मंत्रियों का स्वागत कर उन्हें पीटीआर की विशेष कैप पहनाकर प्रवेश दिलाया।मंत्रियों ने कहा कि यह अनुभव बेहद शानदार रहा और पन्ना का वन्यजीव संरक्षण मॉडल देश के लिए उदाहरण बन सकता है।इसके अलावा मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की बैठक भी लीजिसमें योजनाओं की समीक्षा और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई।खजुराहो की इस कैबिनेट बैठक ने बुंदेलखंड को मेडिकल कॉलेजसिंचाई परियोजनापर्यटन विकास और औद्योगिक प्रगति जैसी बड़ी सौगातें दी हैं। आने वाले वर्षों में क्षेत्र में रोजगारस्वास्थ्य सेवाओं और पर्यटन के नए अवसर पैदा होंगे।

  • भोपाल मेट्रो: तेज रफ्तार ट्रायल रन, मैन्युअल टिकटिंग और दिसंबर से कमर्शियल शुरुआत का काउंटडाउन

    भोपाल मेट्रो: तेज रफ्तार ट्रायल रन, मैन्युअल टिकटिंग और दिसंबर से कमर्शियल शुरुआत का काउंटडाउन


    भोपाल / राजधानी भोपाल अब उन चुनिंदा शहरों में शामिल होने जा रही है जहां आधुनिक मेट्रो रेल लोगों की यात्रा को आसान बनाएगी। दिसंबर में इसके कमर्शियल रन की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है और मेट्रो रेल सेफ्टी कमिश्नर CMRS भी परियोजना को हरी झंडी दे चुके हैं। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके उद्घाटन के लिए भोपाल पहुंच सकते हैं। उद्घाटन से पहले ट्रायल रन और टिकटिंग सिस्टम को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है।

    60–120 किमी प्रति घंटा की स्पीड से हो रहा ट्रायल रन

    सुभाष नगर से एम्स तक लगभग 6 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर पर इन दिनों मेट्रो कोच लगातार ट्रैक पर दौड़ रहे हैं ट्रायल रन के दौरान मेट्रो की न्यूनतम गति 30 किमी प्रति घंटा और अधिकतम गति 80 किमी प्रति घंटा रखी जा रही है। तकनीकी परीक्षण के दौरान इसे 100–120 किमी प्रति घंटा तक भी चलाया जा रहा है ताकि आपात स्थिति या अधिक भार की परिस्थितियों में इसकी दक्षता कोपरखा जा सके। स्पीड कंट्रोल, ब्रेकिंग सिस्टम, सिग्नलिंग और ट्रेन-टू-ट्रैक कम्युनिकेशन की पूरी जांच की जा रही है
    टिकटिंग में बड़ा बदलाव: अब ऑनलाइन नहीं, मैन्युअल सिस्टम
    भोपाल मेट्रो का टिकटिंग सिस्टम शुरुआती चरण में ऑनलाइन नहीं होगा। यात्रियों को वैसे ही टिकट लेना होगा जैसे रेलवे स्टेशन पर लिया जाता है। दरअसल, मेट्रो के लिए ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम (AFC) तैयार करने का काम तुर्किए की कंपनी ‘असिस गार्ड’ को मिला था, लेकिन विवादों और देरी की वजह से इसका टेंडर अगस्त में रद्द कर दिया गया। इसके बाद नई कंपनी के चयन प्रक्रिया में दो से तीन महीने का समय लग सकता है। टेंडर रद्द होने के बाद इंदौर में भी मैन्युअल टिकट को ही विकल्प बनाया गया है। चूंकि दोनों शहरों की मेट्रो परियोजनाएं एक ही संरचना पर चल रही हैं, इसलिए भोपाल में भी यही मॉडल अपनाना पड़ेगा। अधिकारियों के अनुसार, मैन्युअल टिकट सिस्टम चलाने के लिए आवश्यक स्टाफ की तैनाती शुरू कर दी गई है।

    AFC सिस्टम क्यों जरूरी था?

    AFC सिस्टम के तहत कार्ड या QR-आधारित टिकट से गेट ऑटोमेटिक खुलते हैं, जिससे भीड़ नियंत्रण और राजस्व प्रबंधन आसान होता है। ‘असिस गार्ड’ को टिकटिंग से लेकर गेट के ऑटोमेशन और उसके संपूर्ण मेंटेनेंस की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन टेंडर खत्म होने के कारण अब नई कंपनी इन कामों को संभालेगी। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती तब तक भोपाल मेट्रो मैन्युअल टिकटिंग सिस्टम पर ही चलेगी।

    किराए पर अंतिम मंथन-मिनिमम 20 और मैक्सिमम 80 रुपए

    मेट्रो कॉर्पोरेशन ने फेयर कलेक्शन कमेटी का गठन कर दिया है और किराए को लेकर लगभग अंतिम निर्णय लिया जा चुका है। हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन इंदौर मेट्रो जैसा मॉडल ही लागू करने की तैयारी है। जानकारी के अनुसार- पहले 7 दिन: फ्री यात्रा पहले 3 महीने: टिकट पर 75%, 50% और 25% की क्रमशः छूट -छूट खत्म होने पर न्यूनतम किराया: 20 रुपए  अधिकतम किराया: 80 रुपए पूरी ऑरेंज लाइन चालू होने के बाद इंदौर में भी मेट्रो शुरू होने पर यही मॉडल लागू किया गया था। भोपाल में फिलहाल ऑरेंज लाइन का पहला चरण ही चलाया जाएगा, जिसमें सुभाष नगर से एम्स तक 6.22 किमी दूरी शामिल है।

    परियोजना के फेज-6 किलोमीटर अभी, 16 किलोमीटर बाद में

    ऑरेंज लाइन का पूरा रूट एम्स से करोंद तक करीब 16 किलोमीटर का है। पहला फेज सुभाष नगर से एम्स तक लगभग तैयार है और इसी पर दिसंबर से मेट्रो चलाई जाएगी। दूसरा फेज सुभाष नगर से करोंद तक है, जिसके अगले 2–3 साल में पूरा होने की उम्मीद है।

    भोपाल बन रहा है मेट्रो सिटी

    भोपाल के लिए यह बड़ी उपलब्धि होगी। ट्रैफिक दबाव वाले क्षेत्रों में मेट्रो आने से लोगों को तेज, सुरक्षित और पर्यावरण-हितैषी परिवहन मिलेगा। राजधानी को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने में भी यह कदम बेहद अहम साबित होगा।

  • इंदौर में घरेलू नौकर ने चुराया 5 लाख का हीरा जड़ा ब्रेसलेट, पुलिस ने नौकर समेत दलाल और सुनार को गिरफ्तार किया

    इंदौर में घरेलू नौकर ने चुराया 5 लाख का हीरा जड़ा ब्रेसलेट, पुलिस ने नौकर समेत दलाल और सुनार को गिरफ्तार किया


    इंदौर । इंदौर के माणिकबाग रोड स्थित एक महिला कारोबारी के घर से घरेलू नौकर ने हीरे से जड़ा पांच लाख रुपये का ब्रेसलेट चुरा लिया। यह घटना इंदौर के भंवरकुआं थाना क्षेत्र की है जहाँ महिला कारोबारी आरती सांघी के घर से चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। महिला के मुताबिक यह ब्रेसलेट उसकी सास ने उपहार स्वरूप दिया था। घटना के समय वह नहाने जा रही थीं और तभी चोरी की गई। पुलिस ने गहन जांच के बाद घरेलू नौकर दलाल और सुनार को गिरफ्तार कर लिया है और चोरी किया गया ब्रेसलेट भी बरामद कर लिया है।

    चोरी की घटना और पुलिस जांच

    भंवरकुआं थाना क्षेत्र के टीआई के मुताबिक माणिकबाग रोड निवासी आरती सांघी ने घर में हुई चोरी की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई। आरती की गीता भवन नाम से गिफ्ट की दुकान है और घर में चोरी किए गए ब्रेसलेट को उसकी सास ने उन्हें उपहार के तौर पर दिया था। इस ब्रेसलेट की कीमत करीब पांच लाख रुपये थी और यह हीरे से जड़ा हुआ था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और क्राइम ब्रांच को मामले की जांच सौंप दी।

    गुरुवार को आरती द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। सबसे पहले पुलिस ने शक के आधार पर घर के घरेलू नौकर गणपत पुत्र जोगड़ा कामता को गिरफ्तार किया। गणपत ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसने चोरी किया हुआ ब्रेसलेट राहुल वाघले नाम के एक व्यक्ति को बेचा था जो उसे धानगली इलाके में स्थित सुनार दिलीप इंदरलाल रघुवंशी के पास ले गया था। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राहुल व दिलीप को भी गिरफ्तार कर लिया और ब्रेसलेट बरामद कर लिया।

    तीन गिरफ्तार ब्रेसलेट बरामद

    पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है गणपत कामता जो घरेलू नौकर था राहुल वाघले दलाल और दिलीप इंदरलाल रघुवंशी सुनार । इन तीनों के खिलाफ चोरी धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि ब्रेसलेट चोरी करने के बाद गणपत ने राहुल की मदद से उसे सुनार दिलीप को बेच दिया था जिससे उन्हें ब्रेसलेट आसानी से बिक गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने ब्रेसलेट को भी जब्त कर लिया है, जिसे अब आरती सांघी को सौंप दिया जाएगा। पुलिस ने यह भी कहा कि यह एक संगठित चोरी का मामला था जिसमें घरेलू नौकर के साथ-साथ अन्य लोग भी शामिल थे।

    वृद्धा से चेन लूटने वाले तीन बदमाश गिरफ्तार

    इसके अलावा पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। राजेंद्रनगर पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक वृद्धा से दो तोला वजनी सोने की चेन लूटी थी। यह घटना स्कीम-108 क्षेत्र में हुई थी जब कंचन पाटीदार नाम की वृद्धा से चेन छीन ली गई थी। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में प्रेम शिंदे आकाश परिहार और रियान रशीद शाह शामिल हैं। इन तीनों पर आरोप है कि उन्होंने वृद्धा को घेर कर उसका आभूषण लूटा था।

    पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा को लेकर चिंताएं

    इन दोनों घटनाओं ने इंदौर में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों की चिंता को और बढ़ा दिया है। हालांकि पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है, लेकिन शहर में चोरी और लूट जैसी वारदातों में वृद्धि देखी जा रही है। स्थानीय लोग और व्यापारी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से बेहतर सुरक्षा इंतजामों की मांग कर रहे हैं। इंदौर पुलिस का कहना है कि वह लगातार आपराधिक गतिविधियों पर नज़र बनाए हुए हैं और शहर में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

    इंदौर में घरेलू नौकर द्वारा की गई चोरी और बाद में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी ने यह साबित कर दिया कि चोरी की घटनाएं कभी भी किसी से भी हो सकती हैं। पुलिस ने अपनी तेज़ी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और चोरी किए गए ब्रेसलेट को बरामद किया। वहीं दूसरी ओर वृद्धा से चेन लूटने वाले तीन बदमाशों की गिरफ्तारी भी एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। अब, यह देखना होगा कि पुलिस आगे इन वारदातों पर किस तरह नियंत्रण पाती है और शहरवासियों को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

  • कटनी में थाने से कुछ ही कदम की दूरी पर एटीएम उखाड़ ले गए चोर, पुलिस गश्त व्यवस्था पर उठे सवाल

    कटनी में थाने से कुछ ही कदम की दूरी पर एटीएम उखाड़ ले गए चोर, पुलिस गश्त व्यवस्था पर उठे सवाल



    कटनी ।
    मध्य प्रदेश के कटनी जिले के माधव नगर थाना क्षेत्र में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है जहां थाने से चंद कदम की दूरी पर स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एटीएम को चोर उखाड़कर ले गए। यह घटना रात के दो बजे की बताई जा रही है, जब इलाके में गश्त करने वाली पुलिस भी चोरों के हत्थे चढ़ने से बच नहीं पाई। इस घटना ने न केवल पुलिस की रात्रि गश्त व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि यह सवाल भी खड़े किए हैं कि थाना और एटीएम के बीच की दूरी इतनी कम होने के बावजूद इस वारदात को अंजाम कैसे दिया गया।

    इस घटना के बारे में जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि चोरों की पहचान की जा सके। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि एटीएम में कितने पैसे थे। घटना के बाद से स्थानीय लोग और व्यवसायी भी हैरान हैं और इलाके में सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

    पुलिस की लापरवाही और गश्त व्यवस्था पर सवाल

    कटनी जिले में इस तरह की वारदात को लेकर पुलिस की गश्त व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस द्वारा रात्रि गश्त को लेकर कई बार सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों की बात की जाती रही है, लेकिन इस घटना ने उन दावों को धराशायी कर दिया है। घटना स्थल की सुरक्षा में किसी भी तरह के गार्ड की तैनाती नहीं की गई थी जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि एटीएम की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी। इसके साथ ही एटीएम के आसपास की लाइटिंग भी कमजोर थी, जिससे रात के समय में अंधेरे का फायदा चोरों ने उठाया।

    एटीएम की सुरक्षा में चूक

    इस वारदात के दौरान यह बात भी सामने आई कि एटीएम की सुरक्षा को लेकर बैंक की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया था। एटीएम में पैसे भरने या उसकी निगरानी के लिए कोई गार्ड तैनात नहीं था और ना ही एटीएम की सुरक्षा के लिए कोई अन्य ठोस कदम उठाए गए थे। सुरक्षा गार्ड की गैरमौजूदगी ने चोरों को एटीएम उखाड़ने का मौका दिया। इस घटना के बाद बैंक अधिकारियों की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि वह मामले की गंभीरता से जांच करेंगे और भविष्य में सुरक्षा के और बेहतर इंतजाम किए जाएंगे।

    पुलिस की प्रतिक्रिया और जांच

    कटनी पुलिस अब इस मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस ने इलाके के आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अलावा, पुलिस चोरों के खिलाफ सुराग जुटाने के लिए इलाके में पूछताछ भी कर रही है। हालांकि अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जल्द ही कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को पकड़ा जाएगा।

    स्थानीय लोगों की चिंता

    इस घटना के बाद से कटनी जिले के स्थानीय लोग भी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि एटीएम और अन्य सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि अगर इस तरह की वारदात थाने के पास हो सकती है तो अन्य जगहों पर क्या स्थिति होगी? इससे इलाके में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

    कटनी में माधव नगर थाने के पास स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र का एटीएम उखाड़कर ले जाने की घटना ने न केवल पुलिस की गश्त व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं बल्कि यह भी दिखाया है कि इस तरह की घटनाओं के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों की आवश्यकता है। इस घटना से यह भी साफ हो गया है कि एटीएम और अन्य सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा में अधिक सतर्कता की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। पुलिस को अब इस मामले को गंभीरता से लेकर चोरों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास करना होगा ताकि इलाके में लोगों का विश्वास फिर से बहाल किया जा सके।