Category: Madhya Pradesh

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, विधानसभा में पुष्पांजलि अर्पित

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, विधानसभा में पुष्पांजलि अर्पित


    भोपाल । मध्यप्रदेश विधानसभा भवन में बुधवार को एक भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने स्व. राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। विधानसभा परिसर में स्थापित उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई और उनके जीवन एवं कार्यों को याद किया गया। इस मौके पर विधायक एवं पूर्व प्रोटेम स्पीकर श्री रामेश्वर शर्मा, पूर्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, पूर्व विधायक श्री सुदर्शन गुप्ता और स्व. श्री शुक्ला के परिवारजन भी उपस्थित रहे और उन्होंने भी चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 10 फरवरी 1930 को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जन्मे राजेंद्र प्रसाद शुक्ला ने लोकतंत्र की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्ष 1985 से 1990 तक वे मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रहे और इसके बाद राज्य सरकार में विधि-विधायी एवं सामान्य प्रशासन मंत्री के रूप में भी कार्य किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ क्षेत्र में पदयात्राओं के माध्यम से जन जागरण का कार्य किया और एक लोकप्रिय जन नेता के रूप में पहचाने गए।

    छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद, स्व. शुक्ला ने 14 दिसंबर 2000 से 19 दिसंबर 2003 तक छत्तीसगढ़ के प्रथम विधानसभा अध्यक्ष के रूप में सेवाएँ दीं। उनके नेतृत्व में विधानसभा की कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती को नई दिशा मिली। उन्होंने ‘असंसदीय अभिव्यक्तियां’ नामक पुस्तक की संकल्पना की, जो विधायी कामकाज पर एक महत्वपूर्ण संदर्भ बन गई। इसके अलावा उन्होंने संसदीय मामलों सहित कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं, जो विधि और संसदीय इतिहास के लिए अमूल्य स्रोत हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर की सराहना की और कहा कि प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा विधानसभा अध्यक्ष जैसे व्यक्तित्वों की जयंती और पुण्यतिथि पर विधानसभा भवन में उन्हें स्मरण करने की परंपरा स्थापित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया। इस प्रकार यह कार्यक्रम न केवल स्व. राजेंद्र प्रसाद शुक्ला को श्रद्धांजलि देने का अवसर था, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और विधायी परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना को भी मजबूती देने वाला आयोजन साबित हुआ।

  • मां नर्मदा की उद्गम स्थली में नई प्रतिमा 11 फरवरी को वैदिक मंत्रों के साथ होगी विराजित

    मां नर्मदा की उद्गम स्थली में नई प्रतिमा 11 फरवरी को वैदिक मंत्रों के साथ होगी विराजित

    अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में प्रदेश की जीवनदायिनी मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक स्थित श्री नर्मदा मंदिर में एक धार्मिक आयोजन में नर्मदा उद्गम कुंड में पुरानी प्रतिमा के स्थान पर मां नर्मदा की नई प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठित श्री कल्याण सेवा आश्रम, अमरकंटक के सौजन्य से 11 फरवरी को वैदिक मंत्रों के साथ किया जाएगा। जिसका सोमवार को विधिवत संकल्प लिया गया। मां नर्मदा की नवीन भव्य प्रतिमा की स्थापना से अमरकंटक की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा और अधिक बढ़ेगी।


    श्री कल्याण सेवा आश्रम के प्रबंध न्यासी, परम पूज्य श्री हिमाद्री मुनि महाराज ने बताया कि 11 फरवरी बुधवार को प्रातः 11 बजे मां नर्मदा की ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित भव्य प्रतिमा को श्री नर्मदा मंदिर के उद्गम स्थल पर स्थित पुरानी प्रतिमा को बदल कर नयी प्रतिमा विधिवत रूप से विराजित किया जाएगा। मां नर्मदा की इस नवीन प्रतिमा की स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा का पावन कार्य में श्री नर्मदा मंदिर अमरकंटक के विद्वान पुजारी पंडित कामता प्रसाद द्विवेदी, पंडित उमेश द्विवेदी सहित अन्य आचार्यगण द्वारा सम्पूर्ण वैदिक मंत्रोच्चार, शास्त्रोक्त विधि-विधान एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न कराया जाएगा।


    परम तपस्वी एवं संत शिरोमणि बाबा कल्याण दास जी महाराज के दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन में सोमवार को विधिवत संकल्प लिया गया। इस अवसर पर श्री कल्याण सेवा आश्रम अमरकंटक से पूज्य जगदीश आनंद जी महाराज,स्वामी हर स्वरूप जी महाराज,स्वामी धर्मानंद जी महाराज,स्वामी सुंदरानंद जी महाराज,विनोद कारकी रुपेश द्विवेदी उत्तम द्विवेदी एवं अन्य पुजारी उपस्थित रहें।

  • महाशिवरात्रि पर पशुपतिनाथ मंदिर में बंटेगी फरियाली खिचड़ी

    महाशिवरात्रि पर पशुपतिनाथ मंदिर में बंटेगी फरियाली खिचड़ी

    मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर में श्री कृष्ण कामधेनु सामाजिक एवं धार्मिक लोक न्यास द्वारा प्रतिवषार्नुसार इस वर्ष भी महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भव्य आयोजनों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। सोमवार को आयोजन की तैयारियों को लेकर न्यास के सदस्यों ने पशुपतिनाथ मंदिर परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया है।


    संस्था ने बताया कि आगामी 15 फरवरी, रविवार को भूतभावन भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर में विशेष आयोजन होंगे। प्रात: 11 बजे भगवान की राजभोग आरती और दर्शन के पश्चात, न्यास द्वारा भगवान पशुपतिनाथ को फरियाली खिचड़ी का नैवेद्य अर्पित किया जाएगां। इसके तुरंत बाद मंदिर परिसर में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं और शिवभक्तों के लिए प्रसाद वितरण का शुभारंभ होगा। इस वर्ष आयोजन को और अधिक भव्य और प्रकाशमय बनाने के लिए न्यास द्वारा विशेष पहल की जा रही है। संध्या 7 बजे से मंदिर क्षेत्र के आकाश में स्काय लालटेन उड़ाए जाएंगे। सैकड़ों की संख्या में हवा में तैरते ये दीपक पूरे मंदिर क्षेत्र को अलौकिक आभा प्रदान करेंगे, जो भक्तों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा।


    न्यास का उद्देश्य धर्म और सेवा के माध्यम से भक्तों को जोड़ना है। खिचड़ी वितरण के साथ-साथ इस बार आकाश दीपों का यह दृश्य अत्यंत मनमोहक होगा। पशुपतिनाथ मंदिर परिसर स्थित आराधना हॉल में होंगी लोक गायन-भक्ति गायन एवं नृत्य नाटिका की प्रस्तुति
    संस्कृति विभाग, म.प्र. शासन द्वारा मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर परिसर स्थित आराधना हॉल में शिव-सत्य की कला अभिव्यक्तियों पर एकाग्र महादेव महोत्सवका आयोजन 15 फरवरी, 2026 को सायं 6.30 बजे से किया जाएगा। समारोह में लोक गायन, शिव केंद्रित नृत्य नाटिका एवं भक्ति गायन की प्रस्तुतियाँ संयोजित की जाएंगी। यह आयोजन जिला प्रशासन, मंदसौर के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव में पहली प्रस्तुति इंदौर के मुकेश चौहान एवं साथी कलाकारों के लोक गायन की होगी। इसके पश्चात देवास के प्रफुल्ल सिंह गहलोत एवं साथी कलाकार शिव केंद्रित नृत्य नाटिका पेश करेंगे। अंतिम सभा में भोपाल के अखिलेश तिवारी एवं साथी कलाकार भगवान शिव पर केंद्रित भक्ति गायन की प्रस्तुति देंगे।

  • कुबेरेश्वरधाम पर रुद्राक्ष महोत्सव 14 फरवरी से, छह दिन पहले ही पहुंचने लगे श्रद्धालु

    कुबेरेश्वरधाम पर रुद्राक्ष महोत्सव 14 फरवरी से, छह दिन पहले ही पहुंचने लगे श्रद्धालु

    सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिला मुख्यालय के समीपस्थ कुबेरेश्वरधाम पर रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन 14 फरवरी से 20 फरवरी तक किया जाएगा। इस मौके पर देश और विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के अलावा प्रसिद्ध संतों और कथा वाचकों का समागम किया जाएगा। महोत्सव में आगामी 20 फरवरी को प्रसिद्ध आचार्य कौशिक महाराज धाम पर पहुंचेंगे।


    सोमवार को कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा स्थल पर पहुंचकर यहां पर आने वाले श्रद्धालु से चर्चा की। आगामी 14 फरवरी से होने वाले महोत्सव के लिए छह दिन पहले ही श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचने लगे है। यहां पर नियमित रूप से निशुल्क भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। समिति की ओर से पंडित समीर शुक्ला और पंडित विनय मिश्रा आदि ने यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया।


    आचार्य कौशिक महाराज अपनी ओजस्वी वाणी में 18 महापुराणों जैसे शिव महापुराण, श्रीमद्भागवत, गरुड़ पुराण, पद्म पुराण, स्कंद पुराण आदि की कथाओं के माध्यम से मानव जीवन को दोषमुक्त, भक्तिपूर्ण और ज्ञानवर्धक बनाने का संदेश देते हैं। वे कथाओं में भगवान की लीलाओं, जीवन में संतोष, और सत्य के मार्ग पर चलने की शिक्षा देते हैं।


    गौरतलब है कि विगत कई सालों से होने वाले ऐतिहासिक रुद्राक्ष महोत्सव में लाखों की संख्या में देश और विदेश के श्रद्धालु शामिल होते है। भव्य आयोजन को लेकर एक लाख 80 हजार स्कावयर फीट का भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है। इसके अलावा 10 एकड़ में भोजन शाला का निर्माण किया जा रहा है।


    शिव महापुराण एवं सत्संग: महोत्सव के दौरान शिव तत्व और सनातन धर्म की महिमा पर विशेष सत्संग सत्र आयोजित होंगे। लाखों रुद्राक्ष से मंदिर परिसर में भव्य शिवलिंग का निर्माण किया जाएगा। जिसका नियमित रूप से लाखों श्रद्धालुओं के मध्य अभिषेक किया जाएगा।


    दो महान विभूतियों का महामिलन:

    विट्ठलेश सेवा समिति के जनसंपर्क प्रभारी मनोज दीक्षित ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि 17 फरवरी का दिन कुबेरेश्वर धाम के इतिहास में अविस्मरणीय होगा। इस दिन कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक ही मंच पर उपस्थित रहेंगे। देश के इन दो सबसे लोकप्रिय आध्यात्मिक व्यक्तित्वों का मिलन सनातन संस्कृति की एकजुटता और वैचारिक शक्ति का परिचायक होगा। इसके अलावा कथा वाचक पंडित देवकीनंद ठाकुर 19 फरवरी को शामिल होंगे।


    उन्होंने स्पष्ट किया कि महोत्सव के दौरान रुद्राक्ष का वितरण नहीं किया जाएगा, बल्कि पूरा कार्यक्रम महादेव की आराधना और संतों के सानिध्य पर केंद्रित रहेगा। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए समिति द्वारा आवास, पेयजल और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं ताकि भक्तों को सुलभ दर्शन और सत्संग का लाभमिल सके। समिति समस्त धर्मप्रेमी जनता से इस गौरवशाली और भक्तिमय अवसर पर सादर पधारने की अपील की है।

  • उज्जैन में महाशिवरात्रि पर पुलिस बनाएगी सुरक्षा घेरा

    उज्जैन में महाशिवरात्रि पर पुलिस बनाएगी सुरक्षा घेरा

    उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर जिला पुलिस एवं प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां जारी है। जहां पुलिस विभाग द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष घेरा बनाया जाएगा वहीं यातायात थाना पुलिस द्वारा अलग से ट्रेफिक प्लान बनाया गया है।


    महाशिवरात्रि महापर्व को लेकर उज्जैन में पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। 15 और 16 फरवरी को महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए देशभर से करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। इस भारी भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने और जाम से बचने के लिए उज्जैन यातायात पुलिस ने विस्तृत डायवर्सन और पार्किंग प्लान जारी किया है। शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, जबकि बाहरी क्षेत्रों में बड़े पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जहां से श्रद्धालुओं को शटल बसों के माध्यम से मंदिर के नजदीक पहुंचाया जाएगा।


    यह रहेगी यातायात व्यवस्था


    – बडनगर से आने वाले वाहन मोहनपुरा ब्रिज के नीचे से मुरलीपुरा चौराहा होते हुए मुरलीपुरा कृषि उपार्जन केंद्र (क्र.10) में पार्क होंगे।
    – नागदा की ओर से आने वाले वाहन साडू माता की बावड़ी और कुत्ता बावड़ी टर्निंग से रातडय़िा रोड होकर राठौर क्षत्रीय तेली समाज मैदान (क्र.9) में पार्क किए जाएंगे।
    * आगर से आने वाले वाहनों को मकोडय़िा आम चौराहा से खाकचैक, जाट धर्मशाला और जूना सोमवारिया होते हुए कार्तिक मेला ग्राउंड (क्र.8) भेजा जाएगा।
    * आगर से आने वाली बसों और बड़े वाहनों को चौपाल सागर से उन्हेल नाका, साडू माता की बावड़ी होते हुए राठौर क्षत्रीय तेली समाज मैदान (क्र.9) में पार्क कराया जाएगा।
    * मक्सी, देवास, भोपाल और इंदौर की ओर से आने वाले वाहनों को पांड्याखेड़ी और पाइप फैक्ट्री मार्ग से मन्नत गार्डन एवं इंपीरियल होटल के पीछे स्थित पार्किंग (क्र.3) में खड़ा कराया जाएगा। यहां से श्रद्धालुओं को सवारी बसों से कर्कराज पार्किंग तक ले जाया जाएगा, जहां से वे पैदल दर्शन के लिए जा सकेंगे।

    भारी वाहनों के लिए विशेष डायवर्सन
    * इंदौर से नागदा, आगर और मक्सी की ओर जाने वाले भारी वाहनों को तपोभूमि से बडनगर बायपास होकर डायवर्ट किया जाएगा।
    * मक्सी से देवास और इंदौर जाने वाले भारी वाहनों को पांड्याखेड़ी चौराहा, शैफी, मारुति शोरूम और नरवर बायपास होते हुए इंदौर की ओर भेजा जाएगा।
    * नागदा और उन्हेल की ओर से आने वाले भारी वाहनों को मोहनपुरा ब्रिज से धर्म बडला होते हुए बदनावर फोरलेन से इंदौर, देवास और भोपाल की ओर डायवर्ट किया जाएगा।


    शहर में ये मार्ग रहेंगे पूरी तरह प्रतिबंधित
    14 फरवरी की शाम 4 बजे से हरिफाटक टी से महाकाल घाटी चौराहा की ओर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। इसके अलावा हरिफाटक टी से इंटरप्रिटेशन सेंटर, जंतर-मंतर से जयसिंहपुरा और चारधाम पार्किंग, शंकराचार्य चौराहा से नृसिंह घाट और दानीगेट, भूखी माता टर्निंग से नृसिंह घाट, दौलतगंज से लोहा पुल, कंठाल चौराहा से छत्री चौक, तेलीवाड़ा से कमरी मार्ग, दानीगेट से गणगौर दरवाजा, केडी गेट से टंकी चौराहा और भार्गव तिराहे से कमरी मार्ग की ओर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।


    पार्किंग व्यवस्था: शहर के बाहर बने बड़े केंद्र
    प्रशांतिधाम, इंजीनियरिंग कॉलेज खेल मैदान, इंपीरियल गार्डन, मन्नत गार्डन, हरिफाटक ओवरब्रिज के नीचे, कर्कराज पार्किंग, गुरुद्वारा प्रस्तावित अस्पताल भूमि, कार्तिक मेला ग्राउंड, राठौर छत्री ग्राउंड और कृषि उपार्जन केंद्र को प्रमुख पार्किंग स्थल बनाया गया है।
    इंदौर रोड से आने वाले वाहनों के लिए प्रशांतिधाम, इंजीनियरिंग कॉलेज खेल मैदान और शनि मंदिर मैदान को रिजर्व पार्किंग के रूप में रखा गया है। वहीं मक्सी, बडनगर, नागदा और आगर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए कार्तिक मेला ग्राउंड, दुर्गादास राठौर छत्री, गुरुद्वारा प्रस्तावित अस्पताल भूमि और कृषि उपार्जन केंद्र में पार्किंग की व्यवस्था की गई है।


    दोपहिया वाहनों के लिए अलग व्यवस्था
    इंदौर, देवास और मक्सी रोड से आने वाले दोपहिया वाहन कचरा घर, जंतर-मंतर और लालपुल टर्निंग होते हुए कर्कराज पार्किंग में खड़े किए जाएंगे। बडनगर और नागदा की ओर से आने वाले दोपहिया वाहन क्षत्रीय तेली समाज के पास स्थित मैदान और गुरुद्वारा प्रस्तावित अस्पताल भूमि पर पार्क होंगे।


    पार्किंग से बाहर निकलने के तय मार्ग
    कर्कराज पार्किंग में खड़े वाहन लालपुल टर्निंग, चिंतामण ब्रिज और सिंहस्थ बायपास के जरिए इंदौर, भोपाल, देवास, नागदा और आगर की ओर जा सकेंगे।
    हरिफाटक होटल के पीछे की पार्किंग से वाहन वांकणकर ब्रिज, दाउदखेड़ी और सिंहस्थ बायपास होकर बाहर निकलेंगे। वहीं हरिफाटक ब्रिज के नीचे खड़े वीआईपी वाहन नीलगंगा चौराहा, शास्त्री नगर और नानाखेड़ा चौराहा होकर अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे।

  • मध्‍य प्रदेश में फिर लौटेगी ठंड, फरवरी में जारी रहेगा मौसम में उतार-चढ़ाव

    मध्‍य प्रदेश में फिर लौटेगी ठंड, फरवरी में जारी रहेगा मौसम में उतार-चढ़ाव


    भोपाल। मध्य प्रदेश में फिलहाल अगले दो दिन तक कड़ाके की ठंड से राहत रहेगी। इस दौरान तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। हालांकि, यह राहत ज्यादा दिन नहीं टिकेगी। पहाड़ी इलाकों से गुजर रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कमजोर पड़ने और बर्फ पिघलने के बाद प्रदेश में एक बार फिर उत्तर से सर्द हवाएं चलेंगी, जिससे ठिठुरन बढ़ेगी।


    मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी महीने में मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहेगा। अभी बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश के आसार बने हुए हैं। इसका असर यह होगा कि मध्य प्रदेश में अगले दो दिनों तक दिन के तापमान में इजाफा होगा। बीते सोमवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिनभर तेज धूप खिली रही, जिससे अधिकतम तापमान बढ़ा। हालांकि रात और अलसुबह ठंड का असर बना रहेगा, भले ही पारे में हल्की बढ़ोतरी हो।

    क्यों बदलेगा मौसम?
    मौसम विभाग का कहना है कि मौजूदा सिस्टम के गुजरने और पहाड़ों की बर्फ पिघलने के बाद मौसम एक बार फिर करवट लेगा। 13, 14 और 15 फरवरी को तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और ठंड का असर बढ़ेगा। इस दौरान उत्तर से आने वाली ठंडी हवाएं भी प्रदेश को प्रभावित करेंगी। इससे पहले प्रदेश में 11 फरवरी को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होगी। दिन में तेज धूप खिली रहेगी। जबकि 12 फरवरी को तापमान 3 से 4 डिग्री बढ़ोत्‍तरी की संभावना है। ठंड का असर मुख्य रूप से रात और अलसुबह रहेगा।

    13 शहरों में 10 डिग्री से नीचे पहुंचा पारा
    सोमवार रात प्रदेश के 13 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। सबसे ठंडा क्षेत्र कटनी का करौंदी रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री रहा। शहडोल के कल्याणपुर और खजुराहो में 6.4 डिग्री, पचमढ़ी में 7.4, अमरकंटक में 7.8, दतिया में 8.1, रीवा में 8.3, राजगढ़ में 8.6, उमरिया में 8.8, शिवपुरी में 9, मंडला में 9.4, मलाजखंड में 9.5 और नौगांव में 9.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। पांच बड़े शहरों में भोपाल का न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री, इंदौर 11.2, ग्वालियर 10.6, उज्जैन 12.4 और जबलपुर 11.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
  • मप्र माध्यमिक शिक्षा मण्डल की बोर्ड परीक्षाएं शुरू, 12वीं बोर्ड का पहला पेपर आज से

    मप्र माध्यमिक शिक्षा मण्डल की बोर्ड परीक्षाएं शुरू, 12वीं बोर्ड का पहला पेपर आज से

    भोपाल। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल बाेर्ड की परीक्षाएं आज मंगलवार से शुरू हाे रही है। आज हायर सेकण्डरी (कक्षा 12वीं) की पहली परीक्षा है। करीब 7 लाख छात्र 12वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे। इनके लिए प्रदेश भर में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। नकल रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी निगरानी और थानों से प्रश्न-पत्र निकालने तक वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है। सभी परीक्षाएं सुबह 9 से 12 बजे तक होंगी।


    मंडल से मिली जानकारी के अनुसार, इस साल 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में करीब 16 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स बैठेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने बताया कि हायर सेकण्डरी की परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होकर 07 मार्च तक चलेगी, जबकि हाईस्कूल की परीक्षा 13 फरवरी से 6 मार्च तक आयोजित की जा रही है। परीक्षा नियमित तथा स्वाध्यायी परीक्षार्थियों के लिए प्रात: 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र में प्रात: 8 बजे एवं परीक्षा कक्ष में प्रात: 8.30 बजे उपस्थित होना अनिवार्य होगा।


    उन्होंने बताया कि परीक्षा कक्ष में प्रात: 8.45 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से 10 मिनट पूर्व अर्थात प्रात: 8.50 बजे उत्तर पुस्तिका एवं 5 मिनट पूर्व अर्थात प्रात: 8.55 बजे प्रश्न-पत्र दिए जाएंगे। प्रत्येक परीक्षार्थी का उपस्थिति पत्रक की फोटो से मिलान किया जाएगा। प्रवेश पत्र में भी फोटो लगाना अनिवार्य है। परीक्षार्थी यथा संभव पेयजल की बोतल स्वयं लेकर आएं।


    मंडल के अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के लिए मंडल ने इस बार कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंडल ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा शुरू होने के बाद पहले दो घंटे तक किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रश्नपत्र के लीक होने और नकल की घटनाओं को रोकने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। यदि कोई परीक्षार्थी किसी भी कारण से दो घंटे के भीतर परीक्षा केंद्र से बाहर जाने का प्रयास करता है, तो उसे अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि परीक्षार्थी दो घंटे पूरे होने के बाद भी परीक्षा केंद्र छोड़ता है, तो उसकी जानकारी तत्काल मंडल को भेजी जाएगी। इस स्थिति में संबंधित छात्र की उत्तरपुस्तिका के साथ प्रश्नपत्र भी जमा करा लिया जाएगा और उसकी परीक्षा निरस्त कर दी जाएगी।

  • मध्य प्रदेश में अगले 2 दिन गर्माहट बढ़ाएगी राहत, फिर पहाड़ों में बर्फ पिघलते ही लौटेगी ठिठुरन

    मध्य प्रदेश में अगले 2 दिन गर्माहट बढ़ाएगी राहत, फिर पहाड़ों में बर्फ पिघलते ही लौटेगी ठिठुरन


    भोपाल। मध्य प्रदेश के मौसम में अगले दो दिनों तक आम नागरिकों को सर्दी से कुछ राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने का अनुमान है। हालांकि, पहाड़ों से गुजरने वाले साइक्लोनिक सर्कुलेशन और बर्फ पिघलने के बाद ठंडी हवाओं के लौटने से फिर से ठिठुरन बढ़ सकती है।

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, फरवरी महीने में तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहेगा। फिलहाल प्रदेश में बारिश की संभावना कम है। मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पहाड़ों में बर्फबारी तथा बारिश की वजह से अगले दो दिन तक प्रदेश में तापमान बढ़ेगा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत कई हिस्सों में सोमवार को तेज धूप रही, जिससे दिन का तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया। रात और अलसुबह ठंड का असर अभी भी महसूस होगा।

    आगे बदलेगा मौसम

    मौसम विभाग ने बताया कि जब साइक्लोनिक सिस्टम गुजर जाएगा और पहाड़ों की बर्फ पिघलेगी, तो 13, 14 और 15 फरवरी को ठंड का असर फिर से बढ़ेगा। इस दौरान उत्तर से ठंडी हवाओं का प्रभाव भी महसूस होगा।

    13 शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से कम

    रविवार और सोमवार की रात में प्रदेश के 13 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। सबसे ठंडा स्थान कटनी का करौंदी रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस था। अन्य ठंडे स्थानों में शहडोल (6.4), पचमढ़ी (7.4), अमरकंटक (7.8), दतिया (8.1), रीवा (8.3), राजगढ़ (8.6), उमरिया (8.8), शिवपुरी (9), मंडला (9.4), मलाजखंड (9.5) और नौगांव (9.8) डिग्री सेल्सियस दर्ज किए गए। पांच प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा: भोपाल 10.2, इंदौर 11.2, ग्वालियर 10.6, उज्जैन 12.4 और जबलपुर 11.4 डिग्री सेल्सियस।

    अगले 2 दिन मौसम का हाल

    11 फरवरी: दिन में तेज धूप और तापमान में बढ़ोतरी, रात और सुबह ठंड महसूस होगी।
    12 फरवरी: तापमान 3-4 डिग्री तक बढ़ेगा, दिन में धूप जारी रहेगी।

  • MP: इंदौर में घर खाली कराने पहुंची टीम तो बैंककर्मी ने गोली मारकर की खुदकुशी

    MP: इंदौर में घर खाली कराने पहुंची टीम तो बैंककर्मी ने गोली मारकर की खुदकुशी


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर शहर (Indore city) के विजय नगर में सोमवार शाम को सिनर्जी अस्पताल के पास रहने वाले एक बैंककर्मी (Bank Employee.) ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। मृतक का नाम हेमंत पुत्र एसडी ब्रह्मवंशी बताया गया है। वह को-ऑपरेटिव बैंक में काम करता था।

    जानकारी के मुताबिक, हेमंत ने अपने मकान को गिरवी रखकर बैंक ऑफ महाराष्ट्र से ढाई करोड़ का कर्ज ले रखा था। डेढ़ साल से किश्त न चुकाने पर सोमवार को बैंक की टीम मकान खाली कराने पहुंची थी। बैंक के कर्मचारी मकान की पहली मंजिल पर लिखा-पढ़ी कर रहे थे, इसी दौरान शाम करीब साढ़े पांच बजे हेमंत ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

    विजय नगर थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल ने बताया कि हेमंत ने अपनी लायसेंसी बंदूक से सिर पर गोली मारी। वह अपने रूम में अकेला बैठा था। कर्ज के चलते काफी समय से वह डिप्रेशन में था। इलाज भी चल रहा था। बडे़ बेटे ने इसकी पुष्टि की है। थाना प्रभारी के मुताबिक, कर्ज चुकाने को लेकर बैंक से कई बार नोटिस तामील हुए थे। हेमंत उसका जबाव नहीं देता था। हेमंत के परिवार में दो लड़के, एक लड़की और मां हैं। हेमंत का बड़ा बेटा एक आईटी कंपनी में कार्यरत है। उनका दूसरा बेटा वर्तमान में पढ़ाई कर रहा है। बेटी पुणे में अध्ययनरत है। हेमंत अकाउंट सेक्शन में पदस्थ था।

  • MP: मुरैना में निर्माणाधीन मंदिर की गुमंद टूटकर गिरने से तीन बच्चियों की मौत, पति-पत्नी और 5 बच्चियां घायल

    MP: मुरैना में निर्माणाधीन मंदिर की गुमंद टूटकर गिरने से तीन बच्चियों की मौत, पति-पत्नी और 5 बच्चियां घायल


    मुरैना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना जिले (Morena district) के ग्राम अहरौली में सोमवार को दोपहर में निर्माणाधीन चामड़ माता के मंदिर (Chamad Mata Temple) की गुमंद गिर गई। इस हादसे में मलबे में दबकर तीन बच्चियों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य बच्चियां और एक दंपत्ति घायल हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार, कैलारस थाना क्षेत्र अंतर्गत अहरौली गांव के चामड़ माता मंदिर पर सोमवार को दोपहर करीब दो बजे मुंगावली निवासी सतीश गौड़ अपनी पत्नी गुड्डी व बच्ची मानसी के साथ पूजा करने गया था। पूजा के पश्चात गांव की बच्चियों को बुलाकर प्रसाद ग्रहण कराया जा रहा था। इसी दौरान निर्माणाधीन गुमंद की पटिया टूटकर नीचे गिर गईं, जिसमें आठ बच्चियों सहित सतीश व उसकी पत्नी गुड्डी भी दब गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और हादसे की सूचना पुलिस प्रशासन को दी। मलबा हटाकर घायलों और शवों को बाहर निकाला। सूचना पर एसडीएम जौरा शुभम शर्मा, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को कैलारस अस्पताल में भर्ती कराया। यहां सामान्य घायल दो बच्चियों का इलाज किया जा रहा है। वहीं, गंभीर घायल पति-पत्नी व पांच बच्चियों सहित 7 घायलों को मुरैना जिला चिकित्सालय लाया गया। इनमें से एक बालिका को इलाज के लिए ग्वालियर भेज दिया गया है। हादसे में तीन बच्चियों की मौके मौत हो गई।

    मृतक बच्चों की पहचान वैष्णवी सिकरवार (11) पुत्री जीतू सिकरवार, करिश्मा गोस्वामी (9) पुत्री अशोक गोस्वामी और छाया गोस्वामी (7) पुत्री अशोक गोस्वामी के रूप में हुई है। देर शाम तीनों मृतक बच्चियों का कैलारस के अस्पताल में पोस्टमार्टम करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिये गये। हादसे में गुंजन (12) पुत्री योगेंद्र सिंह, परी (8) पुत्री योगेंद्र सिंह, विद्या (6) पुत्री योगेंद्र सिंह, सतीश गौड (45), पृथ्वी गौड (40) पत्नी सतीश गौड, मानसी गौड (14) पुत्री सतीश गौड और पल्लवी गोस्वामी घायल हुई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक पंकज उपाध्याय मौके पर पहुंच गये। इसके साथ ही उन्होंने कैलारस चिकित्सालय में घायलों का बेहतर इलाज करने हेतु प्रबंधन को अवगत कराया। विधायक पंकज उपाध्याय ने मौके के बाद अस्पताल पहुंचकर मृतक बच्चियों के परिजनों को ढांढ़स बंधाया, वहीं हरसंभव मदद का भरोसा भी जताया। इसके साथ ही जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश भार्गव ने जांच कराने का आश्वासन दिया है। इसमें दोषी पाये जाने पर कार्यवाही की जायेगी। सीईओ ने मृतक व घायल परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिये जाने का भरोसा दिलाया।