स्लॉट बुकिंग और तैयारी
खाद्य मंत्री का भरोसा
कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
निरीक्षण के दौरान दौड़ का नजारा
सिंधिया ने देखा कि उनके साथ चल रहे लोग थक रहे थे। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “इतनी जल्दी थक जाते हो” और खुद दौड़ने लगे। उनके दौड़ते ही मंत्री तुलसी सिलावट, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, पुलिसकर्मी और अधिकारी भी उनके पीछे दौड़ पड़े। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। एलिवेटेड रोड पर दौड़ने वाले सिंधिया पहले व्यक्ति माने जा रहे हैं।
कलेक्ट्रेट में करोड़ों के प्रोजेक्ट्स की समीक्षा
दौड़ के बाद सिंधिया कलेक्ट्रेट पहुंचे और अधिकारियों के साथ करोड़ों रुपए के विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर सवाल उठाए और देरी होने पर नाराजगी जताई। इस बैठक में ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह शामिल नहीं हुए, जिससे राजनीतिक चर्चाओं को हवा मिल गई। सांसद कुशवाह ने कहा कि समीक्षा बैठकें समय-समय पर होती रहती हैं और प्राथमिकता विकास कार्यों को समय पर पूरा करना है।
विकास रोडमैप पर जोर
सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर के विकास के लिए पूरा रोडमैप तैयार है। इसमें चंबल से पानी लाने की योजना, एलिवेटेड रोड निर्माण और रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजनीतिक हलचल
इस बीच कांग्रेस विधायक साहब सिंह गुर्जर ने सवाल उठाया कि जब शहर के विकास की समीक्षा हो रही है, तो सभी जनप्रतिनिधियों को बैठक में शामिल होना चाहिए। पूरे घटनाक्रम में जहां एक ओर सिंधिया का दौड़ते हुए अंदाज चर्चा में रहा, वहीं दूसरी ओर सांसद की अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी।

भोपाल में खुलेगा FTRI
उज्जैन एयरपोर्ट के लिए ₹590 करोड़
SC छात्रों को ₹10,000 प्रतिमाह स्कॉलरशिप
विकास योजनाओं पर हजारों करोड़ मंजूर
– वाणिज्यिक कर विभाग की योजनाओं के लिए 2030-31 तक 2,952 करोड़
– चना और मसूर उपार्जन के लिए 3,174 करोड़
– वन संरक्षण और पुनर्स्थापना के लिए 5,215 करोड़
– RTE के तहत फीस प्रतिपूर्ति के लिए 3,039 करोड़
– पीएम श्री स्कूल योजना के लिए 940 करोड़
– कक्षा 9 से 12 तक मुफ्त किताबों के लिए 693 करोड़
कातना सिंचाई परियोजना को मंजूरी
चना और मसूर खरीदी का फैसला

प्रेम प्रसंग और शादी की जिद
जानकारी के मुताबिक, युवक और लड़की का प्रेम प्रसंग एक साल पहले शुरू हुआ था। दोनों की मुलाकात अक्सर परिवार के समारोहों और कार्यक्रमों में होती थी। लंबे समय तक बातचीत और समझौते के प्रयासों के बाद भी परिवार की सहमति नहीं मिलने पर रतन ने यह कदम उठाया।
गांव में हड़कंप, पुलिस मौके पर
टावर पर युवक को देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। खेतों में काम कर रहे लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सिहोरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और रतन को नीचे उतरने के लिए समझाने लगी। घटना स्थल पर थाना प्रभारी प्रतीक्षा मार्को, संदीप पांडे, देवराज पटेल और सोमदीप पटेल सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
तीन घंटे की मशक्कत के बाद प्रेमिका से बात
करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत और समझाइश के बाद पुलिस ने रतन की मांग मानते हुए प्रेमिका को मौके पर बुलाया। प्रेमिका ने शादी का वादा किया, तभी रतन नीचे उतरा। जैसे ही उसने जमीन पर कदम रखा, पुलिस ने उसे समझाइश दी और बाद में सुरक्षित तरीके से परिवार को सौंप दिया।
जबलपुर में रतन कोरी ने प्रेमिका से शादी की जिद में 200 फीट ऊंचे टावर पर चढ़कर हंगामा मचाया। तीन घंटे की कोशिशों के बाद प्रेमिका ने शादी का वादा किया और रतन सुरक्षित नीचे उतरा। पुलिस ने उसे परिवार को सौंपकर मामला शांत कराया।

डॉ. यादव ने आगे कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का शौर्य और धर्म की रक्षा के लिए उनका अटूट समर्पण हमेशा हमें प्रेरित करता रहेगा। उनके द्वारा मानवता के कल्याण के लिए दिखाया गया मार्ग आज भी प्रत्येक नागरिक और समाज के लिए मार्गदर्शक है।
मुख्यमंत्री ने जनता से आह्वान किया कि उनके जीवन के सिद्धांतों और आदर्शों को अपनाते हुए समाज में सहिष्णुता, करुणा और धर्म की रक्षा के मूल्यों को बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का संदेश केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक दृष्टि से भी आज के समय में प्रासंगिक है।
इस अवसर पर अधिकारियों और नागरिकों ने भी गुरु तेग बहादुर जी के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों का सम्मान किया। कार्यक्रम के दौरान उनके जीवन और शिक्षाओं पर प्रकाश डाला गया, जिससे लोगों में उनके संदेश की महत्ता को समझने और अपनाने की भावना जगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस पुण्य स्मरण ने सिख समुदाय और पूरे समाज में गुरु तेग बहादुर जी के आदर्शों को याद दिलाने का कार्य किया। उनके जीवन का संदेश, जो धर्म की रक्षा, मानवता की सेवा और करुणा पर आधारित है, आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन का स्रोत बनेगा।

सियासत में तेज हुआ टकराव

गांव में मचा हड़कंप
मनीष द्वारा जहर खाने की खबर जैसे ही गांव में फैली, पूरे रौंधा में हड़कंप मच गया। परिजन और गांव वाले तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसलिए उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने भी उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन देर रात उसकी मौत हो गई।
परिवार में सबसे छोटा था मनीष
मनीष जाटव अपने परिवार के तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी मौत के बाद परिवार में गहरा सदमा है और घर का माहौल गमगीन बना हुआ है। परिजनों के अनुसार, मनीष के पिता प्रहलाद जाटव की लगभग छह साल पहले कैंसर से मृत्यु हो चुकी थी। इसके बाद से परिवार पहले ही कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहा था।
स्वभाव और वजह पर परिवार का बयान
परिजनों ने बताया कि मनीष का स्वभाव थोड़ा चिड़चिड़ा था। वह अक्सर गुस्से में आ जाता था और एक बार अपने गुस्से में अपना मोबाइल भी तोड़ चुका था। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मनीष ने यह कदम क्यों उठाया।
पुलिस ने मर्ग कायम किया, पोस्टमार्टम कराया गया
मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम किया है। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया और उसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मेडिकल चौकी प्रभारी नंद किशोर गर्ग ने बताया कि युवक की मौत जहर खाने के कारण हुई है। मामले की आगे की जांच सिरसौद थाना पुलिस द्वारा की जा रही है और हर पहलू से जानकारी जुटाई जा रही है।
शिवपुरी के रौंधा गांव में 23 वर्षीय मनीष जाटव ने जहर खा लिया। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन देर रात उसकी मौत हो गई। परिवार में गहरा सदमा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया है और मामले की जांच जारी है।

पहली बार भस्म आरती में शामिल हुईं अंकिता
मंदिर व्यवस्था की सराहना

जानकारी के मुताबिक मैहर निवासी रतन कोरी अपनी प्रेमिका से शादी करना चाहता था लेकिन युवती के परिजन इसके खिलाफ थे। मंगलवार को वह सिहोरा के गंजताल गांव पहुंचा और एक बार फिर शादी की बात रखी। मना किए जाने पर वह नाराज होकर पास ही लगे हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया। ऊपर से वह लगातार चिल्लाता रहा कि जब तक उसकी प्रेमिका खुद आकर शादी के लिए सहमति नहीं देगी वह नीचे नहीं उतरेगा।
गांव में हड़कंप पुलिस ने संभाला मोर्चा

एमएसएमई पर सबसे ज्यादा मार
कच्चे माल की कमी लागत में बढ़ोतरी
निर्यात पर भी पड़ा असर
सरकार से राहत की मांग तेज
रोजगार बचाने पर जोर