Category: Madhya Pradesh

  • बड़ी कार्रवाई: रिश्वतखोर सेंट्रल GST अधिकारी सोमेन गोस्वामी को अनिवार्य सेवानिवृत्ति, 35 लाख की रिश्वत मांगने का था आरोप

    बड़ी कार्रवाई: रिश्वतखोर सेंट्रल GST अधिकारी सोमेन गोस्वामी को अनिवार्य सेवानिवृत्ति, 35 लाख की रिश्वत मांगने का था आरोप


    जबलपुर । भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सेंट्रल जीएसटी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों में घिरे सेंट्रल जीएसटी के पूर्व अधीक्षक सोमेन गोस्वामी को विभाग ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। यह फैसला उस बहुचर्चित मामले के बाद लिया गया है, जिसमें सीबीआई ने साल 2023 में उन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।

    दरअसल, यह पूरा मामला राजस्थान के एक कारोबारी त्रिलोकचंद से जुड़ा है, जिनकी पान मसाला फैक्ट्री को सीजीएसटी विभाग ने सील कर दिया था। फैक्ट्री को दोबारा खोलने के एवज में कारोबारी से 35 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। इस डील के तहत 25 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए सीबीआई ने जाल बिछाकर कार्रवाई की और CGST के चार अधिकारियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया था।

    सीबीआई की विस्तृत जांच में सामने आया कि तत्कालीन अधीक्षक सोमेन गोस्वामी न सिर्फ रिश्वतखोरी में शामिल थे, बल्कि उनके पास आय से 155 प्रतिशत अधिक संपत्ति भी पाई गई। इसके बाद उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का अलग से मामला दर्ज किया गया। जांच एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई, जिसका नतीजा अब अनिवार्य सेवानिवृत्ति के रूप में सामने आया है।

    सोमेन गोस्वामी के साथ इस मामले में सहायक अधीक्षक कपिल काम्बले, इंस्पेक्टर प्रदीप हजारी, विकास गुप्ता और वीरेंद्र जैन को भी सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। इन सभी पर रिश्वत मांगने और सरकारी पद का दुरुपयोग करने के आरोप लगे थे। फिलहाल विभागीय सूत्रों का कहना है कि इन अन्य अधिकारियों पर भी आने वाले समय में सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

    अनिवार्य सेवानिवृत्ति को सरकारी सेवा में एक बड़ी सजा माना जाता है, क्योंकि इसमें अधिकारी को समय से पहले सेवा से हटा दिया जाता है और उसकी छवि पर स्थायी दाग लग जाता है। विभाग का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश जाएगा और सरकारी महकमे में पारदर्शिता बढ़ेगी।

    इस पूरे मामले के सामने आने के बाद यह एक बार फिर साबित हुआ है कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए जांच एजेंसियां और विभाग अब ज्यादा सख्ती बरत रहे हैं। वहीं, व्यापारियों और आम जनता के बीच यह कार्रवाई एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखी जा रही है।

    फिलहाल सीबीआई की जांच प्रक्रिया जारी है और आय से अधिक संपत्ति के मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। माना जा रहा है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस मामले से जुड़े और भी खुलासे हो सकते हैं।

  • शेयर मार्केट निवेश के नाम पर 9.91 लाख की ठगी मंदसौर से दो आरोपी गिरफ्तार

    शेयर मार्केट निवेश के नाम पर 9.91 लाख की ठगी मंदसौर से दो आरोपी गिरफ्तार


    भोपाल /राजधानी भोपाल से साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है जहां शेयर मार्केट में निवेश कर भारी मुनाफे का लालच देकर एक व्यक्ति से 9 लाख 91 हजार 900 रुपये की ठगी की गई। इस मामले में भोपाल क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंदसौर जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

    पुलिस के अनुसार ठगी की यह वारदात M Stock नामक ऐप के माध्यम से की गई। आरोपियों ने फर्जी लिंक और एप्लिकेशन के जरिए पीड़ित को शेयर मार्केट में निवेश कर कम समय में अधिक रिटर्न मिलने का झांसा दिया। आरोपियों की बातों में आकर मिसरोद क्षेत्र निवासी शिकायतकर्ता ने अलग अलग किस्तों में कुल 9 लाख 91 हजार 900 रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।

    जब लंबे समय तक न तो कोई मुनाफा मिला और न ही रकम वापस हुई तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने 4 अगस्त 2024 को भोपाल क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी जांच शुरू की। बैंक ट्रांजेक्शन मोबाइल नंबर और डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।

    तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस को आरोपियों की लोकेशन मंदसौर जिले में मिली। इसके बाद साइबर सेल की टीम ने दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड जब्त किए गए हैं जिनका उपयोग ठगी की वारदात में किया जा रहा था। पुलिस इन मोबाइल और सिम कार्ड के जरिए अन्य पीड़ितों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और निवेश ऐप के जरिए लोगों को निशाना बनाते थे। सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप के माध्यम से निवेश के ऑफर भेजे जाते थे और भरोसा जीतने के बाद बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली जाती थी।

    भोपाल साइबर क्राइम ब्रांच ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक एप या निवेश स्कीम पर भरोसा न करें। शेयर मार्केट में निवेश करने से पहले संबंधित प्लेटफॉर्म की पूरी जांच करें। पुलिस का कहना है कि इस तरह की साइबर ठगी के मामलों में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आएगी।

  • खरगोन में हैवानियत की हदें पार: दो नाबालिगों ने महिला से किया सामूहिक दुष्कर्म, उपचार के दौरान पीड़िता ने तोड़ा दम

    खरगोन में हैवानियत की हदें पार: दो नाबालिगों ने महिला से किया सामूहिक दुष्कर्म, उपचार के दौरान पीड़िता ने तोड़ा दम


    खरगोन । मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ “हवस में अंधे” दो नाबालिगों ने एक अधेड़ महिला को अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया। इस पाशविक कृत्य की शिकार हुई महिला की हालत इतनी बिगड़ गई कि जिला अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना ने न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि समाज के भीतर पनप रही विकृति को भी उजागर कर दिया है।

    घटना जिला मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर दूर बरुड थाना क्षेत्र की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता अपने घर में सो रही थी, तभी दो नाबालिग युवक दीवार फांदकर घर के भीतर दाखिल हुए। सोते समय ही आरोपी महिला को जबरन उठाकर पास के एक सुनसान खेत में ले गए। वहाँ दोनों ने बारी-बारी से महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपियों की हैवानियत यहीं नहीं रुकी; वारदात को अंजाम देने के बाद वे पीड़िता को मरणासन्न और अचेत अवस्था में कड़ाके की ठंड और अंधेरे के बीच छोड़कर फरार हो गए।

    घटना का खुलासा तब हुआ जब परिजन घर लौटे और महिला को बिस्तर पर न पाकर उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद महिला पास के खेत में अत्यंत गंभीर और बेसुध हालत में मिलीं। आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, किंतु चोटों की गंभीरता और सदमे के कारण इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस खबर के फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक और भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है।

    पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग आरोपी को हिरासत में ले लिया है। हालांकि, मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पकड़े गए नाबालिग के परिजनों का दावा है कि उसने पूछताछ में अपने साथ एक अन्य साथी का नाम भी कबूल किया है, लेकिन पुलिस अभी तक दूसरे आरोपी को पकड़ने में नाकाम रही है। स्थानीय ग्रामीणों और मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे दबाने का प्रयास कर रही है।

    वर्तमान में पीड़िता का पोस्टमार्टम डॉक्टरों की एक विशेष टीम द्वारा किया गया है। क्षेत्र के नागरिकों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है। लोगों का कहना है कि जब तक दूसरे दोषी को गिरफ्तार नहीं किया जाता और न्याय सुनिश्चित नहीं होता, उनका आक्रोश शांत नहीं होगा।

  • जबलपुर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर कड़ा प्रहार 8 MBBS छात्र सस्पेंड..

    जबलपुर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर कड़ा प्रहार 8 MBBS छात्र सस्पेंड..


    जबलपुर/मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के एक मामले में कॉलेज प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए अनुशासन का स्पष्ट संदेश दिया है। जांच में दोषी पाए गए एमबीबीएस थर्ड ईयर के आठ सीनियर छात्रों को छह महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक छात्र पर दस हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है। यह पूरी कार्रवाई राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के एंटी रैगिंग नियमों के तहत की गई है।

    यह मामला मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल नंबर एक से जुड़ा हुआ है। करीब एक सप्ताह पहले एक जूनियर एमबीबीएस छात्र ने डीन कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में छात्र ने बताया था कि सीनियर छात्रों ने देर रात उसे हॉस्टल में कमरे के बाहर खड़ा रखा और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। छात्र ने इस व्यवहार को रैगिंग की श्रेणी में बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की थी शिकायत मिलते ही कॉलेज प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एंटी रैगिंग कमेटी को जांच के निर्देश दिए। कमेटी ने पीड़ित छात्र का बयान दर्ज किया और आरोपित छात्रों से भी अलग अलग पूछताछ की गई। जांच के दौरान उपलब्ध तथ्यों साक्ष्यों और बयानों के आधार पर एमबीबीएस थर्ड ईयर के आठ छात्रों को दोषी पाया गया।

    जांच रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज प्रबंधन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए सभी दोषी छात्रों को छह महीने के लिए कक्षाओं से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही उन्हें हॉस्टल से भी निष्कासित कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निलंबन की अवधि के दौरान ये छात्र किसी भी शैक्षणिक गतिविधि परीक्षा या प्रशिक्षण में शामिल नहीं हो सकेंगे।

    कॉलेज प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग नई दिल्ली द्वारा 18 नवंबर 2021 को जारी गजट अधिसूचना के प्रावधानों के अनुसार की गई है। एनएमसी के नियमों में रैगिंग को गंभीर अपराध माना गया है और इसमें निलंबन जुर्माना तथा आवश्यकता पड़ने पर पुलिस कार्रवाई तक का प्रावधान है।मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ नवनीत सक्सेना ने कहा कि रैगिंग जैसी घटनाएं मेडिकल शिक्षा की गरिमा अनुशासन और मानवीय मूल्यों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि जूनियर छात्र की शिकायत पर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की गई और उसी के आधार पर नियमों के तहत कार्रवाई की गई है। डीन ने साफ शब्दों में कहा कि कॉलेज परिसर या हॉस्टल में रैगिंग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    इस कार्रवाई के बाद कॉलेज प्रशासन ने सभी छात्रों को एंटी रैगिंग नियमों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी है। साथ ही जूनियर छात्रों से अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की रैगिंग या मानसिक दबाव का सामना करना पड़े तो बिना डर के प्रशासन या एंटी रैगिंग हेल्पलाइन से संपर्क करें।

  • सेहत से खिलवाड़ का खुलासा कोल्ड स्टोरेज से 46 बोरी नकली जीरा जब्त…

    सेहत से खिलवाड़ का खुलासा कोल्ड स्टोरेज से 46 बोरी नकली जीरा जब्त…


    ग्वालियर में खाद्य सुरक्षा और आम जनता की सेहत से जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक कोल्ड स्टोरेज से पुलिस ने 46 बोरियां नकली जीरा जब्त किया है। जांच में सामने आया है कि सौंफ के बीजों पर सीमेंट और खतरनाक रासायनिक पदार्थों की परत चढ़ाकर उन्हें जीरे का रूप दिया जा रहा था और फिर ब्रांडेड पैकिंग में भरकर बाजारों में सप्लाई किया जा रहा था।

    इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब गुजरात के मेहसाना जिले के ऊंझा निवासी और शिव पुजारी ब्रांड के कारोबारी विमल कुमार पटेल को अपने ब्रांड नाम से घटिया जीरा बिकने की शिकायतें मिलने लगीं। बाजार से लगातार मिल रही सूचनाओं के बाद उन्होंने निजी स्तर पर जांच करवाई। जांच की कड़ियां ग्वालियर से जुड़ती चली गईं जिसके बाद वे स्वयं ग्वालियर पहुंचे और बहोड़ापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई।पुलिस जांच में सामने आया है कि ग्वालियर निवासी हितेश सिंघल उर्फ चपक इस नकली जीरे के कारोबार का मुख्य संचालक था। इस नेटवर्क में झांसी का व्यापारी टीटू अग्रवाल भी शामिल बताया जा रहा है। नकली जीरे की बड़ी खेप मां शीतला कोल्ड स्टोरेज में स्टोर की गई थी जहां से इसे अलग अलग शहरों और मंडियों में भेजने की तैयारी थी।

    शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोल्ड स्टोरेज पर छापा मारा। जब बोरियों को खोलकर जांच की गई तो सभी 46 बोरियों में नकली जीरा पाया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सौंफ के दानों पर सीमेंट और केमिकल का ऐसा लेप चढ़ाया गया था कि वह देखने में बिल्कुल असली जीरे जैसा लगे। यह तरीका न केवल उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी है बल्कि सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा भी है।

    पुलिस ने इस मामले में कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर सहित तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों पर धोखाधड़ी मिलावट और कॉपीराइट उल्लंघन से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि नकली जीरे की कितनी खेप पहले ही बाजार में पहुंच चुकी है और किन किन इलाकों में इसकी सप्लाई की गई।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की मिलावट से लंबे समय में लोगों को गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। नकली मसालों में उपयोग किए गए रसायन और सीमेंट शरीर के लिए बेहद घातक हैं। इसलिए पूरे सप्लाई नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है और अन्य संलिप्त लोगों को भी चिन्हित किया जाएगा।

    शिकायतकर्ता विमल कुमार पटेल ने यह भी आरोप लगाया है कि जब उन्होंने कोल्ड स्टोरेज मैनेजर से सवाल किए तो उन्हें धमकाया गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस की शरण ली। पुलिस का कहना है कि पूछताछ जारी है और आवश्यकता पड़ने पर खाद्य सुरक्षा विभाग को भी जांच में शामिल किया जाएगा।

  • स्वच्छता के दावे पर संसद की चोट इंदौर का दूषित पानी बना राष्ट्रीय मुद्दा

    स्वच्छता के दावे पर संसद की चोट इंदौर का दूषित पानी बना राष्ट्रीय मुद्दा


    नई दिल्ली। देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचाने जाने वाले इंदौर की छवि पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल पीने से हुई मौतों का मामला अब केवल स्थानीय प्रशासन तक सीमित नहीं रहा बल्कि राष्ट्रीय राजनीति का विषय बन चुका है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डॉ सैयद नासिर हुसैन ने इस मुद्दे को राज्यसभा में उठाकर केंद्र सरकार से सीधे जवाब मांगे हैं। इससे इंदौर की जल आपूर्ति व्यवस्था और स्वच्छता मॉडल पर नई बहस शुरू हो गई है।

    राज्यसभा में पूछे गए प्रश्नों में यह स्पष्ट रूप से जानना चाहा गया है कि किन परिस्थितियों में शहर की सीवरेज और जल वितरण प्रणाली विफल हुई और कैसे दूषित सीवरेज का पानी पीने योग्य जल लाइनों में मिल गया। साथ ही यह भी पूछा गया है कि क्या केंद्र सरकार को जनवरी 2026 में भागीरथपुरा में हुई मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार होने की जानकारी है। इन सवालों के जवाब जल शक्ति मंत्री द्वारा 2 फरवरी 2026 को राज्यसभा में दिए जाएंगे।

    इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंदौर दौरे के दौरान इस पूरे प्रकरण को संसद में उठाने की घोषणा की थी। वहीं मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी साफ कर दिया है कि 16 फरवरी से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को पूरी ताकत के साथ उठाया जाएगा। कांग्रेस की रणनीति स्पष्ट है कि सरकार को संसद और विधानसभा दोनों मंचों पर घेरकर जवाबदेह बनाया जाए।राज्यसभा में सवाल सूचीबद्ध होते ही इंदौर नगर निगम और प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है। जल शक्ति मंत्रालय ने बिंदुवार जानकारी मांगी है जिसके चलते नगर निगम को सभी रिपोर्ट और तथ्य सरकार को भेजने पड़े हैं। यह प्रश्न राज्यसभा प्रश्न संख्या एस 1137 के तहत दर्ज किए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि जवाबों में किसी भी तरह की चूक इंदौर की स्वच्छ शहर की छवि को गहरा नुकसान पहुंचा सकती है।

    यह मामला पहले से ही मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में विचाराधीन है जहां नगर निगम और प्रशासन को कड़ी टिप्पणियों का सामना करना पड़ा है। अब संसद में मामला पहुंचने के बाद प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह प्रकरण केवल एक वार्ड तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे प्रदेश की जल आपूर्ति व्यवस्था की पोल खोलता है।

    कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जा सका। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि विधानसभा में यह पूछा जाएगा कि दूषित पानी से हुई मौतों की जिम्मेदारी किसकी है और अब तक दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। कांग्रेस का दावा है कि यह मुद्दा सरकार की कार्यशैली और जवाबदेही की असल तस्वीर जनता के सामने लाएगा।

  • MP : उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में गैर-हिन्दुओं की एंट्री पर लगे प्रतिबंध…. जानें क्यों उठी ऐसी मांग ?

    MP : उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में गैर-हिन्दुओं की एंट्री पर लगे प्रतिबंध…. जानें क्यों उठी ऐसी मांग ?


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन (Ujjain) में स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) में गैर हिन्दुओं के प्रवेश को लेकर हिन्दू जागरण मंच (Hindu Jagran Manch) और मंदिर पुजारी ने प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है। यह मांग उत्तराखंड (Uttarakhand) के गंगोत्री धाम (Gangotri Dham) में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की खबर सामने आने के बाद उठी है जिसमे देश के बारह ज्योतिर्लिंग में भी इस तरह की व्यवस्था लागू करने की मांग की जा रही है। इस पूरे मामले में हिन्दू जागरण मंच के पदाधिकारी का कहना है कि पिछले साल 25 के करीब गैर हिन्दू महाकाल मंदिर सहित आसपास से पकड़े गए थे। जो यहां घूमने आए थे। वंही महाकाल मंदिर के वरिष्ठ पुजारी का कहना है कि गैर-हिंदू सनातन धर्म में आस्था रखता है तो उसे मंदिर आने से नहीं रोका जाना चाहिए। उस पर रोक तब लगे जब वह घूमने की मंशा से आया हो।


    इन मंदिरों में भी प्रतिबंध की मांग

    माहेश्वरी ने दावा किया कि साल 2025 में हिंदू जागरण मंच ने महाकाल मंदिर परिसर से एक दर्जन से अधिक युवकों को पकड़ा है, जो लड़कियों के साथ मंदिर परिसर में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि महाकाल मंदिर क्षेत्र पहले से ही संवेदनशील रहा है, ऐसे में अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। इसी तरह काल भैरव, मंगलनाथ और सांदीपनि आश्रम जैसे शहर के प्रमुख मंदिरों में भी गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

    देश के उत्तराखंड के गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की खबर सामने आने के बाद देश के बारह ज्योतिर्लिंग में भी इस तरह की व्यवस्था लागू करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इसकी शुरुआत उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से होती नजर आ रही है। उत्तराखंड की चारधाम यात्रा और उससे जुड़े मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग के बीच अब उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में भी इसी तरह की मांग उठने लगी है। महाकाल मंदिर के वरिष्ठ पुजारी महेश शर्मा और हिंदू जागरण मंच ने केंद्र और राज्य सरकार से महाकाल मंदिर सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

    महाकाल मंदिर के वरिष्ठ पुजारी महेश शर्मा ने कहा कि यदि कोई गैर-हिंदू सनातन धर्म में आस्था रखता है तो उसे मंदिर आने से नहीं रोका जाना चाहिए, लेकिन यदि कोई व्यक्ति केवल घूमने-फिरने या गलत मंशा के साथ मंदिर में प्रवेश करता है और इससे सनातन धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचती है, तो ऐसे लोगों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

    हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने कहा कि यह व्यवस्था केवल महाकाल मंदिर तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंग में लागू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग घर वापसी कर चुके हैं, उन्हें छोड़कर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाई जाए।

  • जबलपुर–दमोह फोरलेन पर बस्ती का बवाल, NHAI कार्यालय घेरा, करणी सेना ने 15 दिन में फैसला मांगा

    जबलपुर–दमोह फोरलेन पर बस्ती का बवाल, NHAI कार्यालय घेरा, करणी सेना ने 15 दिन में फैसला मांगा



    जबलपुर। जबलपुर–दमोह NH-34 को टू-लेन से फोरलेन करने की योजना के विरोध में बोरिया बस्ती के ग्रामीणों ने शुक्रवार को सड़क पर उतरकर NHAI कार्यालय का घेराव किया। करणी सेना के कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय नागरिक भी प्रदर्शन में शामिल रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि बस्ती के 50 से अधिक घर फोरलेन के लिए ध्वस्त हो सकते हैं, जिससे 150 से अधिक लोग बेघर होने की कगार पर हैं।
    करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग प्रताप राघव ने NHAI को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में प्रभावितों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा, जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर प्रशासनिक दफ्तरों तक आंदोलन बढ़ाया जाएगा। क्षेत्रीय विधायक और स्थानीय मंत्री ग्रामीणों के समर्थन में नहीं खड़े हुए, इसलिए करणी सेना ने मोर्चा संभाला है।

    ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें उजाड़ा जा रहा है, जो पूरी तरह अन्याय है। महिलाओं ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि वर्षों से बसे परिवारों को हटाने से पहले प्रशासन को पुनर्वास और वैकल्पिक इंतजामों की ठोस योजना प्रस्तुत करनी चाहिए।

    ग्रामीणों की मुख्य मांगें
    प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक पुनर्वास की व्यवस्था हो
    जमीन अधिग्रहण पर तत्काल रोक
    प्रभावितों को साथ लेकर प्रोजेक्ट के विकल्पों पर चर्चा
    सड़क के सेंटर से दोनों तरफ बराबर भूमि अधिग्रहण किया जाए
    बोरिया गांव के सतिश पटेल ने कहा कि वर्तमान में 70 फीट की सड़क को 150 फीट करने की योजना है, लेकिन सड़क एक तरफ चौड़ी की जा रही है, जिससे 70 मकान प्रभावित हो रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि रोड सेंटर से दोनों तरफ बराबर अधिग्रहण किया जाए या बस्ती वाले क्षेत्र में सड़क चौड़ाई को घटाकर 120 फीट किया जाए। साथ ही प्रभावितों को मुआवजे के साथ घर बनाने के लिए जमीन भी दी जाए।

    सुनीता बर्मन ने कहा कि यदि उनका घर टूटता है तो वे पूरी तरह से बर्बाद हो जाएँगी, क्योंकि परिवार में बुजुर्ग ही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क के विरोध में नहीं हैं, लेकिन सरकार को यह देखना चाहिए कि किसी को बेघर न किया जाए।

    NHAI का जवाब
    NHAI प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत लाल साहू ने कहा कि फोरलेन के लिए 150 फीट भूमि अधिग्रहण का नियम है। बोरिया और आसपास के गांवों में बायपास का प्रावधान नहीं है, इसलिए मुख्य मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर फ्लाईओवर भी बनाया जाएगा। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि जनता की मांग पर विचार किया जाएगा और वैकल्पिक विकल्पों पर काम किया जाएगा।
  • BCCI अध्यक्ष चुनाव: गोविंद गोयल ने किया बड़ा दावा, चैंबर बनेगा व्यापारियों की आवाज पार्किंग से लॉजिस्टिक हब तक फोकस

    BCCI अध्यक्ष चुनाव: गोविंद गोयल ने किया बड़ा दावा, चैंबर बनेगा व्यापारियों की आवाज पार्किंग से लॉजिस्टिक हब तक फोकस



    भोपाल। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (BCCI) के 1 फरवरी को अध्यक्ष सहित चुनाव होंगे, जबकि 2 फरवरी को नतीजे घोषित होंगे। चुनाव प्रचार में अब तेजी आ गई है और उन्नति पैनल के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार गोविंद गोयल शहर के बाजारों, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के बीच सक्रिय संपर्क में हैं।
    गोयल का दावा है कि उनकी अध्यक्षता में चैंबर सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि व्यापारियों की सशक्त आवाज बनेगा।

    गोयल ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर व्यापारियों को चैंबर की भविष्य की दिशा से अवगत कराया है। उनके संकल्प पत्र में पुराने शहर के बाजारों की पार्किंग समस्या का स्थायी समाधान प्रमुख रूप से शामिल है। इसके लिए मैकेनाइज्ड और मल्टीलेवल पार्किंग विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है।

    साथ ही गोयल ने भोपाल को राष्ट्रीय स्तर का लॉजिस्टिक हब बनाने, थोक फार्मा और मेडिकल ट्रेड का केंद्र विकसित करने, और बैरागढ़ को टेक्सटाइल हब के रूप में ब्रांडिंग करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए चैंबर को उनके लिए “लड़ने वाली संस्था” बनाया जाएगा।

    गोयल ने कहा कि वे पिछले पांच दशकों से व्यापार, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय हैं और हमेशा व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए आगे बढ़ते रहे हैं। उन्होंने सराफा व्यापारियों की समस्याओं और ट्रांसपोर्टर्स पर लगे 123 करोड़ रुपये के जुर्माने जैसे मुद्दों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है।

    उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर व्यापारियों ने उन्हें मौका दिया तो वह पूरे जोश और ऊर्जा के साथ काम करेंगे और व्यापारिक चुनौतियों के समाधान के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे।

    उन्नति पैनल की पूरी टीम
    उन्नति पैनल में अध्यक्ष गोविंद गोयल, उपाध्यक्ष अरविंद जैन, आदित्य जैन मन्या, अमित गोयल, महामंत्री विनोद जैन (MPT), मंत्री अजय देवनानी, संजीव जैन, सुनील जैन, कोषाध्यक्ष प्रदीप सेवानी, सह कोषाध्यक्ष हेमंत अग्रवाल, अतिरिक्त कोषाध्यक्ष अमित कुमार बिंदल शामिल हैं।

    कार्यकारिणी के लिए दीपक दुबे, राजेश गुप्ता, अमित जैन, कृष्ण गोपाल मुखरैया, मनोज कुमार साहू, कमल भंडारी, सचिन जैन, तेजेंद्र चावला, अनिल मिश्रा, अखिलेश मित्तल, वात्सायन जैन, भरत गुप्ता, आदित्य सिंघई, सुलभ मित्तल, जवाहर कोटवानी, स्मिथ जैन और अभिषेक जैन उम्मीदवार हैं।

    पहली बार टेंडर वोटिंग, 22 वोट डाले गए
    इस बार चैंबर चुनाव में पहली बार टेंडर वोटिंग और उम्मीदवारों के फोटो वाले मतपत्र का प्रावधान किया गया है।

    मुख्य चुनाव अधिकारी एडवोकेट पी.सी. कोठारी ने बताया कि 1 फरवरी को अनुपलब्ध रहने वाले मतदाताओं के लिए टेंडर वोटिंग की सुविधा दी गई, जिसमें 22 वोट डाले गए।

    चुनाव के लिए लगभग 170 सदस्यों की टीम तैनात की गई है। वोटिंग और काउंटिंग पॉलीटेक्निक कॉलेज चौराहा स्थित मानस भवन में होगी। गोविंद गोयल के सामने पूर्व अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली भी अध्यक्ष पद के उम्मीदवार हैं, जिन्होंने अपना घोषणा पत्र जारी किया है।

  • केन्द्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने किए बाबा महाकाल के दर्शन, भस्म आरती में हुए शामिल

    केन्द्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने किए बाबा महाकाल के दर्शन, भस्म आरती में हुए शामिल


    उज्जैन। केन्द्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना शुक्रवार तड़के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। उन्होंने बाबा महाकाल की सुप्रसिद्ध भस्म आरती में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ लिया और देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

    विधि-विधान से की पूजा-अर्चना

    सुबह होने वाली भस्म आरती के दौरान केन्द्रीय मंत्री सोमन्ना मंदिर के नंदी हॉल में मौजूद रहे। आरती के पश्चात उन्होंने गर्भगृह की दहलीज से भगवान महाकालेश्वर का पूजन-अभिषेक किया। मंदिर के पुजारियों ने उन्हें विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई और बाबा महाकाल का आशीर्वाद स्वरूप प्रसाद व स्मृति चिह्न भेंट किया।

    उज्जैन आगमन और दर्शन

    केन्द्रीय मंत्री वी. सोमन्ना अपनी धार्मिक यात्रा के तहत उज्जैन पहुंचे थे। दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं और वहां चल रहे विकास कार्यों की भी सराहना की। गौरतलब है कि उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु और विशिष्ट अतिथि दर्शन के लिए पहुंचते हैं।