Category: Madhya Pradesh

  • जमाखोरी पर बड़ा एक्शन LPG जब्ती और FIR तेज मांग से पेट्रोल डीजल व्यवस्था पर दबाव

    जमाखोरी पर बड़ा एक्शन LPG जब्ती और FIR तेज मांग से पेट्रोल डीजल व्यवस्था पर दबाव


    भोपाल । मध्यप्रदेश में गैस सिलेंडर और पेट्रोल डीजल की आपूर्ति को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जमाखोरी और अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। राजधानी भोपाल सहित प्रदेशभर में अब तक 9 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है जबकि 2888 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत की गई है जिसका उद्देश्य जरूरी वस्तुओं की कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाना है।

    प्रशासन को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया गया जिसमें अब तक 2046 स्थानों पर छापेमारी और निरीक्षण किया गया। इन कार्रवाइयों के दौरान बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर अवैध रूप से संग्रहित पाए गए जिन्हें तुरंत जब्त कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि राज्य में एलपीजी और पेट्रोल डीजल का कुल स्टॉक पर्याप्त है और आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है।

    हालांकि दूसरी ओर जमीनी स्थिति कुछ जिलों में अलग नजर आ रही है। पेट्रोल और डीजल की सामान्य दैनिक बिक्री जहां लगभग 18548 लाख लीटर रहती है वहीं हाल के दिनों में कई जिलों में इसकी मांग 2 से 2.5 गुना तक बढ़ गई है। इस अचानक बढ़ी मांग के चलते कई पेट्रोल पंपों पर लंबी लंबी कतारें देखी गईं और कुछ स्थानों पर अस्थायी रूप से स्टॉक खत्म होने जैसी स्थिति भी बन गई। सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए वितरण केंद्रों पर अतिरिक्त समय तक काम किया जा रहा है ताकि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाया जा सके।

    इसी बीच पेट्रोल पंप संचालकों के सामने एक नई समस्या खड़ी हो गई है। पेट्रोलियम कंपनियों ने अब तक दी जाने वाली क्रेडिट सुविधा को बंद कर दिया है जिसके तहत पंप संचालकों को भुगतान के लिए एक सप्ताह का समय मिलता था। इस व्यवस्था के खत्म होने से कई पेट्रोल पंपों पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है और कुछ पंपों पर ईंधन की उपलब्धता संकट के स्तर तक पहुंच गई है।

    पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए मुख्य सचिव को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि तेल कंपनियां न तो उधारी की सुविधा दे रही हैं और न ही पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित कर रही हैं जिससे पंप संचालकों के सामने संचालन का संकट खड़ा हो गया है। प्रदेश में कुल करीब 4500 पेट्रोल पंप संचालित हैं जिनमें से लगभग 260 केवल भोपाल में हैं। ऐसे में यदि सप्लाई और भुगतान की स्थिति जल्द सामान्य नहीं होती तो इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।

    कुल मिलाकर एक तरफ प्रशासन जमाखोरी पर सख्ती दिखा रहा है तो दूसरी ओर बढ़ती मांग और बदली हुई सप्लाई व्यवस्था ने स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार और तेल कंपनियां मिलकर इस संकट का समाधान कैसे निकालती हैं ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

  • सुसनेर से कुरावर जा रही बस बनी हादसे का शिकार तेज रफ्तार ने ली एक जान

    सुसनेर से कुरावर जा रही बस बनी हादसे का शिकार तेज रफ्तार ने ली एक जान


    शाजापुर । मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ते सड़क हादसे एक बार फिर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं और ताजा मामला आगर मालवा जिले से सामने आया है जहां तेज रफ्तार का कहर एक और जान ले गया। सुसनेर से कुरावर जा रही एक निजी यात्री बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई जिससे मौके पर अफरा तफरी और चीख पुकार मच गई। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि एक दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार यह बस सुसनेर से कुरावर की ओर जा रही थी तभी बड़ागांव के पास चालक बस पर नियंत्रण खो बैठा और वाहन सड़क किनारे पलट गया। बस के पलटते ही यात्रियों में चीख पुकार मच गई और कई लोग अंदर ही फंस गए। आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया और स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया।

    घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को नलखेड़ा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है और पुलिस उसकी शिनाख्त करने में जुटी हुई है।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में बस की तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है हालांकि तकनीकी खराबी या अन्य कारणों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश में लगातार हो रहे ऐसे हादसे यह संकेत देते हैं कि यातायात नियमों का पालन और वाहनों की नियमित जांच बेहद जरूरी है। खासकर निजी बसों में ओवरस्पीडिंग और लापरवाही से वाहन चलाने की घटनाएं आम होती जा रही हैं जो यात्रियों की जान के लिए खतरा बन रही हैं।

    जरूरत इस बात की है कि प्रशासन सख्ती दिखाते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे और लोगों में भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए ताकि इस तरह के दर्दनाक हादसों को रोका जा सके। फिलहाल इस दुर्घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है और लोग घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

  • विकसित भारत 2047 की दिशा में बड़ा कदम भोपाल में जुटेंगे तीन राज्यों के युवा विधायक

    विकसित भारत 2047 की दिशा में बड़ा कदम भोपाल में जुटेंगे तीन राज्यों के युवा विधायक


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रही है जहां 30 और 31 मार्च 2026 को युवा विधायकों का एक विशेष और अनूठा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। मध्य प्रदेश विधानसभा की इस पहल में मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के 55 से अधिक युवा विधायक एक मंच पर एकत्रित होंगे और लोकतंत्र तथा देश के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श करेंगे। खास बात यह है कि इस सम्मेलन में शामिल सभी जनप्रतिनिधियों की आयु 45 वर्ष से कम है जिससे यह आयोजन पूरी तरह युवा नेतृत्व और उनकी सोच पर केंद्रित रहेगा।

    दो दिवसीय इस सम्मेलन का उद्घाटन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इस अवसर पर नरेन्द्र सिंह तोमर और रमन सिंह जैसे वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहेंगे जो युवा विधायकों का मार्गदर्शन करेंगे। वहीं समापन सत्र में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह की मौजूदगी इस सम्मेलन को और अधिक महत्वपूर्ण बनाएगी।

    इस सम्मेलन में तीनों राज्यों से युवा विधायकों की भागीदारी भी संतुलित और व्यापक है। मध्यप्रदेश से 18, छत्तीसगढ़ से 15 और राजस्थान से 22 विधायक इसमें शामिल होंगे। यह आयोजन न केवल संख्या के लिहाज से बड़ा है बल्कि इसके उद्देश्यों की दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि पहली बार इस तरह तीन राज्यों के युवा जनप्रतिनिधियों को एक साझा मंच दिया जा रहा है जहां वे अपने अनुभवों और विचारों का आदान-प्रदान कर सकेंगे।

    सम्मेलन के दौरान दो प्रमुख विषयों पर गहन चर्चा और मंथन किया जाएगा जिनमें लोकतंत्र में युवाओं की भूमिका और विकसित भारत 2047 का विजन शामिल है। इन सत्रों में युवा विधायक अपने अपने क्षेत्रों में किए गए नवाचार, सफल योजनाओं और जमीनी अनुभवों को साझा करेंगे। इसके साथ ही वे उन चुनौतियों पर भी चर्चा करेंगे जो भविष्य में शासन और नीति निर्माण के दौरान सामने आ सकती हैं। इस तरह यह मंच केवल विचार-विमर्श तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि व्यावहारिक समाधान खोजने का भी प्रयास करेगा।

    विधानसभा सचिवालय के अनुसार यह सम्मेलन विधान परिषद भवन में आयोजित किया जाएगा जहां विभिन्न सत्रों के माध्यम से युवा नेतृत्व को सशक्त बनाने पर जोर दिया जाएगा। यह आयोजन संसदीय प्रणाली को समझने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    कुल मिलाकर यह सम्मेलन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि देश के भविष्य की राजनीति को आकार देने की दिशा में एक सार्थक पहल है। यहां लिए गए विचार और सुझाव आने वाले वर्षों में नीति निर्माण और विकास के एजेंडे को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में सभी की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि युवा विधायक इस मंच से किस तरह के विचार और विजन देश के सामने रखते हैं और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में अपनी भूमिका को कैसे परिभाषित करते हैं।

  • हाईकोर्ट बार एसोसिएशन में महिलाओं के लिए दो नए पद आरक्षित, कोषाध्यक्ष और पुस्तकालय सचिव शामिल


    इंदौर। न्यायालयों में महिला वकीलों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने महिलाओं के लिए चार नए पद आरक्षित करने का निर्णय लिया है। इसमें कोषाध्यक्ष और पुस्तकालय सचिव के दो नए पद सृजित किए जाएंगे, जबकि शेष दो पद कार्यकारिणी सदस्य के लिए आरक्षित होंगे। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है, जिसमें बार में महिलाओं के लिए 30% आरक्षण सुनिश्चित करने की बात कही गई थी।

    रजिस्ट्रार को भेजी गई जानकारी

    हाई कोर्ट रजिस्ट्रार द्वारा मांगी गई जानकारी बार एसोसिएशन ने उपलब्ध करवा दी है। बार अध्यक्ष मनीष यादव ने बताया कि वर्तमान में कोषाध्यक्ष और पुस्तकालय सचिव के पद हाई कोर्ट बार में नहीं थे, इसलिए इन्हें नया सृजन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में बार एसोसिएशन के करीब 6,000 सदस्य हैं, जिनमें 1,165 महिला वकील शामिल हैं।

    इंदौर अभिभाषक संघ में भी महिलाओं के लिए आरक्षण

    इसके अलावा, कल इंदौर अभिभाषक संघ में भी महिलाओं के लिए कोषाध्यक्ष का पद और तीन कार्यकारिणी सदस्य पद आरक्षित करने पर सहमति बनी। इस कदम से महिलाओं की भागीदारी में बढ़ोतरी होगी और उनकी नेतृत्व क्षमता को मंच मिलेगा।

    आगामी चुनाव और महिलाओं के लिए आरक्षण

    स्टेट बार काउंसिल के आगामी 12 मई को होने वाले 25 सदस्यीय चुनाव में महिलाओं के लिए सात पद आरक्षित किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, यह आरक्षण महिलाओं की बार में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और निर्णय प्रक्रिया में उनके योगदान को बढ़ाने के लिए लागू किया गया है।

  • भोपाल में शुरू हुआ सूखे कचरे से कोयला बनाने का ट्रायल, प्रतिदिन 400 टन सूखे कचरे का होगा निपटारा

    भोपाल में शुरू हुआ सूखे कचरे से कोयला बनाने का ट्रायल, प्रतिदिन 400 टन सूखे कचरे का होगा निपटारा

    भोपाल। भोपाल के आदमपुर छावनी में अब सूखे कचरे से कोयला तैयार किया जाएगा। यहां पीपीपी मोड में 220 करोड़ रुपए की लागत से टोरिफाइड चारकोल प्लांट स्थापित किया गया है। इस प्लांट के माध्यम से प्रतिदिन 400 टन सूखे कचरे का निपटारा किया जा सकेगा। इसका ट्रायल रन भी शुरू कर दिया गया है।

    स्वच्छ भारत मिशन में नई पहल

    नगर निगम ने यह कदम सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल के तहत उठाया है। शहर से निकलने वाले सूखे कचरे का सही निपटारा सुनिश्चित करने के लिए आदमपुर छावनी में नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन (एनटीपीसी) के माध्यम से यह प्लांट स्थापित किया गया है।

    ट्रायल रन और क्षमता

    प्लांट का ट्रायल रन शुरू हो चुका है। इसके तहत पहले तीन दिनों में निगम द्वारा 800 टन सूखा कचरा प्लांट को दिया गया। पूरे ट्रायल के दौरान लगभग 1800 टन सूखा कचरा प्रोसेस किया जाएगा। निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने शुक्रवार को प्लांट का निरीक्षण किया।

    लागत और लाभ

    15 एकड़ भूमि पर बने इस प्लांट से नगर निगम को सूखे कचरे के निपटान पर होने वाला खर्च कम होगा। पीपीपी मोड में 220 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित यह प्लांट नई टेक्नोलॉजी पर आधारित है, जिससे नया लेगसी कचरा तैयार नहीं होगा।

    देश में अपनी तरह का दूसरा प्रोजेक्ट

    एनटीपीसी के अधिकारियों ने बताया कि बनारस के बाद भोपाल देश का दूसरा शहर है, जिसने टोरिफाइड चारकोल प्लांट स्थापित किया। बनारस के अनुभव से सीख लेकर भोपाल में अपग्रेड टेक्नॉलॉजी का उपयोग किया गया है। इस प्रोजेक्ट से नगर निगम हर रोज शहर के सूखे कचरे का प्रभावी निपटारा कर सकेगा।

  • आगर मालवा में बस पलटी, हादसे में बुजुर्ग की मौत, 15 यात्री घायल

    आगर मालवा में बस पलटी, हादसे में बुजुर्ग की मौत, 15 यात्री घायल


    आगर मालवा। आगर मालवा में शनिवार सुबह एक निजी यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। यह हादसा बड़ागांव के पास हुआ। हादसे में एक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 15 यात्री घायल हुए।

    बस सुसनेर से नलखेड़ा होते हुए कुरावर जा रही थी। बड़ागांव के पास सड़क पर एक बुजुर्ग भैंस लेकर जा रहा था। बस चालक की लापरवाही के कारण बस ने बुजुर्ग को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई और बस अनियंत्रित होकर पलट गई। मृतक की पहचान गोकुल सिंह यादव के रूप में हुई।

    हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने घायलों को बस से बाहर निकाला और नलखेड़ा अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचाया। सूचना मिलने पर एडिशनल एसपी रविन्द्र कुमार बोयट और बड़ागांव चौकी प्रभारी सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और जांच शुरू कर दी।

    हादसे के समय बस में कुल 20 यात्री सवार थे। इनमें से 15 यात्री घायल हुए। घायलों को 108 और 112 एंबुलेंस की मदद से आगर मालवा जिला अस्पताल और मोहन बड़ोदिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। बड़ागांव चौकी प्रभारी सरदार सिंह परमार ने बताया कि गंभीर रूप से घायल चार लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट में सामने आया है कि बस चालक की लापरवाही हादसे की मुख्य वजह थी। मामला जांच के अधीन है और पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • मुख्यमंत्री छिंदवाड़ा सड़क हादसे में मृतकों के परिजनों से मिले, आर्थिक मदद का ऐलान

    मुख्यमंत्री छिंदवाड़ा सड़क हादसे में मृतकों के परिजनों से मिले, आर्थिक मदद का ऐलान


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छिंदवाड़ा जिले में गुरुवार की रात हुई सड़क दुर्घटना में दिवंगत हुए नागरिकों के परिजन से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को दोपहर बाद छिंदवाड़ा पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दुर्घटना पीड़ादायक है। मध्य प्रदेश सरकार प्रभावित परिवारों के संकट की घड़ी में उनके साथ है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में दिवंगत नागरिकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई थी। इन परिवारों को संबल योजना की चार लाख रुपये की राशि भी प्रदान की जायेगी। साथ ही दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को भी आवश्यक सहायता और नि:शुल्क उपचार सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। उन्हाेंने कहा कि दुर्घटना में सभी घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायता दी जायेगी।


    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 ग्रामों में पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मिले

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा जिले के ग्राम करेर तहसील मोहखेड़ की सिया पत्नी कृष्णा इनवाती, रामदास पुत्र सुकलू पराने, दौलत पवार, भागवती पत्नी दान सिंह और शकुन पत्नी लखीचन्द्र यादव के निवास जाकर मुलाकात की। ग्राम करेर में प्रभावित परिवारों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री ग्राम ग्वारा और ग्राम झिरिया पहुंचे। उन्होंने यहां प्रभावित परिवारों के सदस्यों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और संबल प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावित परिवार के सदस्यों से चर्चा कर कहा कि दुख की इस घड़ी में मध्य प्रदेश सरकार आपके साथ है। आपको हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।


    जिला अस्पताल में उपचाररत घायलों का जाना हाल

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला चिकित्सालय छिंदवाड़ा में हुई सड़क दुर्घटना के घायल व्यक्तियों से भेंट की और उनके स्वास्थ्य का हाल-चाल जाना। उन्हाेंने चिकित्सकों को सभी घायलों की समुचित चिकित्सा के निर्देश दिए। उन्होंने अब तक किए गए उपचार की जानकारी ली और निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर घायलों को नागपुर अथवा अन्य उच्च चिकित्सा संस्थानों में भेजने की व्यवस्था की जाए। राज्य सरकार घायलों के नि:शुल्क उपचार के लिए कटिबद्ध है। उन्हाेंने कहा कि अन्य जगह रेफर किए जाने की स्थिति में भी राज्य सरकार पूर्ण सहयोग करेगी।


    घायलों का सहयोग करने वाले जवानों को किया जायेगा पुरस्कृत

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा जिला प्रशासन, नागरिकों और पुलिस बल के उन जवानों की सराहना की, जिन्होंने दुर्घटना के बाद सभी स्थितियों को कुशलतापूर्वक सम्हाला। उन्होंने उन पुलिस जवानों को पुरस्कृत करने की घोषणा की, जिन्होंने घायलों की पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से सहायता की। वे रामनवमी के पहले से निर्धारित सतना जिले के चित्रकूट के विभिन्न कार्यक्रमों को निरस्त कर छिंदवाड़ा में प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे।


    छिंदवाड़ा में पिकअप और बस की भिड़ंत में 10 लोगों की हो गई थी मौत

    गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले मे मोहखेड़ थाना क्षेत्र के सेमरिया हनुमान मंदिर के पास गुरुवार की रात मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से लौट रहे लोगों से भरी बस और पिकअप के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई थी। छिंदवाड़ा-नागपुर रोड पर हुए इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 30 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

    छिंदवाड़ा में गुरुवार को हितग्राही सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए थे। बस में सवार सभी यात्री हितग्राही सम्मेलन में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। बस में 47 लोग सवार थे। बस शाम करीब 6.30 बजे उमरानाला इलाके में पहुंची थी, तभी यह हादसा हो गया था। सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को 6 से अधिक एंबुलेंस से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया।


    ग्राम करेर में एक साथ उठी पांच अर्थियां

    इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले 10 लोगों में से पांच करेर गांव के निवासी थे, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार को करेर गांव में जब मृतकों की अर्थियां एक साथ उठीं, तो माहौल बेहद गमगीन हो गया। हर ओर रोने-बिलखने की आवाजें गूंजती रहीं। परिजन अपने प्रियजनों के शवों से लिपटकर विलाप करते नजर आए।

  • चित्रकूट में रामनवमी को मनी दिवाली, 22 लाख से अधिक दीपों से जगमगाया शहर

    चित्रकूट में रामनवमी को मनी दिवाली, 22 लाख से अधिक दीपों से जगमगाया शहर


    सतना।
    भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट के गौरव दिवस रामनवमी के अवसर पर शुक्रवार शाम को 22 लाख से अधिक दीपों का प्रज्ज्वलन किया गया, जिससे संपूर्ण नगर जगमग हो गया। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों ही हिस्सों में शामिल संपूर्ण चित्रकूट नगर को दीपकों की रोशनी से सुसज्जित किया गया। ऐसा लगा मानो चित्रकूट में दीपावली मनाई जा रही हो।

    चित्रकूट के गौरव दिवस को लेकर संपूर्ण चित्रकूट वासियों में विशेष उल्लास और उत्साह देखने को मिला। चित्रकूट में स्थित आश्रम, मंदिर प्रांगण, मंदाकिनी तट, कामदगिरी परिक्रमा एवं शैक्षणिक संस्थानों तथा परिसरों में पूर्णतः जन सहयोग से 22 लाख से अधिक दीपक जलाए गए। इसके साथ ही सभी चित्रकूट वासियों ने अपने-अपने घरों में दीपकों की लड़ियां सजा कर रामनवमी का प्रकाश पर्व मनाया।

    चित्रकूट के गौरव दिवस पर पूरे चित्रकूट नगर में दिवाली से भी कहीं अधिक दीपकों की सजावट मुख्य मार्गों, सभी आवासीय परिसर, शैक्षणिक संस्थान सहित सभी मंदिर, आश्रम, स्वयं सेवी संस्थान, पवित्र मंदाकिनी के दोनों तरफ के घाट, कामदगिरि परिक्रमा और कामतानाथ मंदिर सहित संपूर्ण चित्रकूट नगर में की गई थी।

    नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, सांसद गणेश सिंह, विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार, डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन, सदगुरु संघ के ट्रस्टी इलेश जैन, नगर पंचायत अध्यक्ष साधना पटेल, कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे, सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, चित्रकूट कलेक्टर पुलकित गर्ग, पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, वन मंडलाधिकारी मयंक चांदीवाल, जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह, एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर, जिलाध्यक्ष भगवती प्रसाद पाण्डेय सहित साधु-संतो एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विश्वविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के अलावा संपूर्ण चित्रकूट वासियों ने पवित्र मां मंदाकिनी के दोनों तट पर दीपोत्सव में हिस्सा लिया।

    चित्रकूट के संत-महात्मा और विश्वविद्यालय एवं स्वयेंसवी संस्थानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी निभाई। गौरव दिवस पर 22 लाख दीपक जलाने के, संकल्प से कहीं अधिक दीपक जलाये गये। चित्रकूट के प्रमुख मार्गों के दोनो तरफ भी दीप मालिका सजाई गई। चित्रकूट के गौरव दिवस पर मा मंदाकिनी के भरत घाट पर मां मंदाकिनी गंगा की विशेष आरती का आयोजन किया गया। राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी और सांसद गणेश सिंह ने मां मंदाकिनी गंगा का पूजन किया। गंगा आरती के दौरान चित्रकूट के मुक्त आकाश में आतिशबाजी भी की गई।


    लोक एवं भक्ति गायन के साथ नृत्य प्रस्तुतियों में दिखी श्रीराम की महिमा

    भगवान श्रीराम के सम्बन्ध में पौराणिक मान्यताओं के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी अनेक आख्यान, जनश्रुति प्रचलित हैं, जो आम जनमानस में विश्वास के रूप में मान्य है। मध्य प्रदेश शासन संस्कृति विभाग द्वारा श्रीराम जन्मोत्सव की गरिमा अनुरूप धार्मिक एवं पौराणिक मान्यताओं को दृष्टिगत रखते हुए प्राकट्य पर्व का आयोजन चित्रकूट में मां मंदाकिनी के भरत घाट पर किया गया।

    नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी और सांसद गणेश सिंह ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संस्कृति विभाग द्वारा जिला प्रशासन सतना के सहयोग से भरत घाट चित्रकूट में आयोजित प्राकट्य पर्व कार्यक्रम में सांस्कृतिक स्वरूपों में श्रीराम की महिमा देखने को मिली। श्रीराम नवमीं के पावन अवसर पर नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग द्वारा प्राकट्य पर्व का आयोजन किया गया। चित्रकूट में संपन्न कार्यक्रम में सर्वप्रथम बघेली लोक गायन की प्रस्तुति स्नेहा मिश्रा मऊगंज द्वारा दी गई। इसके बाद श्रीराम केन्द्रित नृत्य नाटिका तरुणा सिंह ग्वालियर के निर्देशन में दी गई। वहीं सुविख्यात भजन गायक शर्मा बंधु उज्जैन द्वारा भक्ति गायन की प्रस्तुति दी गई।


    ग्रामोदय विश्वविद्यालय एक लाख एक हजार दीपों के प्रज्वलन के साथ चित्रकूट गौरव दिवस में सहभागी बना

    मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के प्राकट्य दिवस रामनवमी के पावन अवसर पर आयोजित सामूहिक “चित्रकूट गौरव दिवस” कार्यक्रम में महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय ने कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे के नेतृत्व में एक लाख एक हजार दीपों के प्रज्वलन के साथ उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यह भव्य आयोजन हर्ष, उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ।

    इस अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा सतना-चित्रकूट मुख्य मार्ग स्थित मुख्य परिसर, परिक्रमा बाईपास मार्ग पर स्थित कृषि परिसर तथा इससे जुड़े प्रमुख मार्गों पर दीप प्रज्वलित किए गए, जिससे सम्पूर्ण क्षेत्र दीपमालिका से आलोकित हो उठा। कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने दीप प्रज्वलन के दौरान चिन्हित स्थलों का अवलोकन करते हुए शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने इस आयोजन को आस्था, एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया।

    कुलसचिव प्रो. आञ्जनेय पांडेय ने जानकारी दी कि आयोजन की सफलता हेतु विश्वविद्यालय के सभी संकायों, विभागों एवं अनुभागों को पूर्व से ही दायित्व सौंपे गए थे। सभी ने अपने-अपने निर्धारित स्थलों पर दीप प्रज्वलन कर सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की। सभी संकायों के अधिष्ठाता, शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने समन्वित रूप से अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए एक लाख एक हजार मिट्टी के दीपों को प्रज्वलित कर चित्रकूट गौरव दिवस को भव्यता प्रदान की। दीपों की मनोहारी श्रृंखला ने क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का संदेश प्रसारित किया।

  • प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से देश में नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से देश में नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों से देश में पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे। भारतीय बाजार में तेल की उपलब्धता पर्याप्त रहेगी, उपभोक्ताओं पर भी तेल कीमतों का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और देश की तेल रिफायनरियां अपना काम सरलता से करती रहेंगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने खाड़ी युद्ध के बीच उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। पेट्रोल-डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती स्वागत योग्य कदम है।

    उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम में बढ़ोतरी के बीच रामनवमी के दिन इस जनहितैषी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री मोदी बधाई के पात्र हैं।

  • एमपी में 29 मार्च से 3 दिन तक बारिश और तेज आंधी का अलर्ट, 40 जिलों में दिखेगा असर

    एमपी में 29 मार्च से 3 दिन तक बारिश और तेज आंधी का अलर्ट, 40 जिलों में दिखेगा असर

    भोपाल। मध्य प्रदेश में 29 मार्च से एक मजबूत आंधी-बारिश सिस्टम सक्रिय होने वाला है, जो करीब तीन दिन तक मौसम पर असर डालेगा। इस दौरान भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत लगभग 40 जिलों में तेज हवा और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार, हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। हालांकि, 28 मार्च (शनिवार) को प्रदेश में गर्मी का असर अधिक रहेगा। नर्मदापुरम में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच चुका है और लू जैसे हालात बने रहेंगे।

    पहले भी बदला था मौसम, अब नया सिस्टम आएगा

    शुक्रवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ के प्रभाव से ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर और जबलपुर संभाग के कई जिलों में बादल छाए रहे और मौसम बदला हुआ नजर आया। मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम शनिवार तक कमजोर हो जाएगा, जिससे गर्मी बढ़ेगी। इसके बाद 29 मार्च से नया सिस्टम सक्रिय होगा, जिसका सबसे अधिक असर 30 और 31 मार्च को देखने को मिलेगा।

    करीब 40 जिलों में बारिश का अनुमान

    मौसम विभाग के अनुसार, 31 मार्च तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के करीब 40 जिलों में बारिश हो सकती है। 29 मार्च को कुछ जिलों में बूंदाबांदी की संभावना है, जबकि 30 और 31 मार्च को सिस्टम का सबसे अधिक प्रभाव देखा जाएगा।

    सतना के चित्रकूट में शुक्रवार शाम तेज आंधी और बारिश हुई, जिससे रामनवमी के आयोजन पर असर पड़ा। यहां 21 लाख दीप जलाने की तैयारी थी, लेकिन बारिश से ज्यादातर दीप बुझ गए और मंच को तिरपाल से ढकना पड़ा।

    नर्मदापुरम और जबलपुर में लू और गर्मी की स्थिति

    नर्मदापुरम में मार्च महीने में चौथी बार लू चली है। पिछले दिनों लगातार तीन दिन तक गर्म हवा के कारण तापमान बढ़ा रहा। गुरुवार को लू का असर देखा गया और शुक्रवार को दिन का पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

    प्रदेश के अन्य शहरों में भी गर्मी बनी रही। खजुराहो में 39.6 डिग्री, रतलाम-मंडला में 39.5 डिग्री, खंडवा में 39.1 डिग्री, खरगोन में 38.5 डिग्री, रायसेन में 38.4 डिग्री और सिवनी-सागर में 38.2 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म 38.2 डिग्री के साथ रहा, जबकि भोपाल, इंदौर और उज्जैन में 37 डिग्री और ग्वालियर में 36.1 डिग्री दर्ज हुआ।

    मार्च में तीसरी बार बदल रहा मौसम

    मार्च में अब तक प्रदेश में दो बार आंधी-बारिश का दौर आ चुका है। पहले दौर में लगातार चार दिन तक 45 से अधिक जिलों में बारिश और आंधी हुई थी, वहीं 17 जिलों में ओले भी गिरे थे। अब तीसरा दौर 29 मार्च से शुरू होकर 30 मार्च तक रहने की संभावना है। 27 मार्च को भी एक दौर आया था, लेकिन उसका प्रभाव ज्यादा नहीं रहा।