Category: Madhya Pradesh

  • छिंदवाड़ा सड़क दुर्घटना में 10 की मौत, मंत्री राकेश सिंह ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया

    छिंदवाड़ा सड़क दुर्घटना में 10 की मौत, मंत्री राकेश सिंह ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया


    छिंदवाड़ा । मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में बीते गुरुवार रात हुई बस-पिकअप टक्कर के बाद प्रदेश के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह देर रात जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल लिया। मंत्री ने चिकित्सकों से घायलों के उपचार की विस्तृत जानकारी ली और सुनिश्चित किया कि सभी को बेहतर और समय पर चिकित्सा सुविधा मिले।

    इस हादसे में कुल 10 लोगों की मौत हुई थी जिनमें 6 पुरुष 3 महिलाएं और 1 बच्चा शामिल हैं। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज जारी है। दो गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया है।

    मंत्री राकेश सिंह ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिवारों को प्रत्येक को चार-चार लाख रुपए और गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को एक-एक लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हर तरह से पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।

    इस दौरान जबलपुर से डॉक्टरों की विशेष टीम भी अस्पताल पहुँची और उन्होंने सभी घायलों का परीक्षण किया। मंत्री ने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए ताकि उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहे। घटना स्थल छिंदवाड़ा से नागपुर रोड पर था जहां बस और पिकअप में जोरदार टक्कर हुई। यह हादसा न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि पूरे जिले के लिए सदमे की स्थिति पैदा कर गया।

    प्रभारी मंत्री राकेश सिंह की रातभर की पहल ने न केवल घायलों को बेहतर इलाज सुनिश्चित किया बल्कि प्रशासनिक तंत्र को भी सक्रिय किया। इसके अलावा यह कदम पीड़ित परिवारों के लिए सरकार की तत्परता और संवेदनशीलता का संदेश भी है। यह हादसा सड़क सुरक्षा की गंभीरता और समय पर प्रशासनिक हस्तक्षेप की आवश्यकता को उजागर करता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं में मृतकों और घायलों को तत्काल मदद मिल सके।

  • फिल्मी स्टाइल में हुई बारात अलीराजपुर में दूल्हा बुलडोजर पर पहुँचा दुल्हन के पास

    फिल्मी स्टाइल में हुई बारात अलीराजपुर में दूल्हा बुलडोजर पर पहुँचा दुल्हन के पास


    अलीराजपुर । मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले के ग्राम उमराली से एक बारात का वीडियो सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर धूम मचा दी है। इस बारात की सबसे खास बात यह थी कि दूल्हा घोड़ी या लग्जरी कार की बजाय बुलडोजर (JCB) पर सवार होकर अपनी दुल्हन को लेने निकला। डीजे की धुन पर नाचते-गाते बाराती और दूल्हे की यह एंट्री किसी फिल्मी सीन से कम नहीं लग रही थी।

    जैसे ही बारात उमराली गांव की सड़कों से गुजरी, लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। हर कोई अपने मोबाइल में इस अनोखी और मजेदार एंट्री को कैद करने में जुट गया। बारात में शामिल लोग पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ नाचते-गाते नजर आए।

    सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं। वीडियो पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, कुछ लोग इसे मजेदार बता रहे हैं तो कुछ लोग इसे सबसे अलग और अनोखा अंदाज़ बता रहे हैं।

    यह अनोखी बारात न केवल ग्रामीण परंपराओं में नयापन लेकर आई है बल्कि यह दिखाती है कि किस तरह शादी के उत्सव में रचनात्मकता और मनोरंजन का अद्भुत मिश्रण किया जा सकता है। दूल्हे का बुलडोजर पर सवार होकर दुल्हन के घर पहुंचना गांव में एक चर्चा का विषय बन गया है और सोशल मीडिया पर यह मजेदार ट्रेंड बन चुका है।इस बारात ने साबित कर दिया कि शादी सिर्फ परंपरा का पालन नहीं बल्कि अपनी स्टाइल और अनोखे अंदाज़ से यादगार बनाने का भी मौका होती है।
     

  • बड़ी कार्रवाईः डेढ़ करोड़ का अनियमित व्यापारः करणी ज्वेलर्स में रातभर चली जीएसटी की छापेमारी

    बड़ी कार्रवाईः डेढ़ करोड़ का अनियमित व्यापारः करणी ज्वेलर्स में रातभर चली जीएसटी की छापेमारी


    बालाघाट । बालाघाट से बड़ी खबर सामने आई है जहां जिला मुख्यालय के मां अन्नपूर्णा मंदिर के निकट संचालित करणी ज्वेलर्स में जीएसटी टीम ने छापेमारी कर डेढ़ करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का खुलासा किया है। यह कार्रवाई रातभर चली और इसके दौरान सोने और चांदी के स्टॉक में अभिलेखों के मुकाबले भारी अंतर पाया गया।

    जानकारी के मुताबिक इस छापेमारी में जीएसटी की 8 सदस्यीय टीम ने भाग लिया। इस टीम का मार्गदर्शन लोकेश कुमार लिल्हारे आयुक्त केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर जबलपुर ने किया। टीम ने ज्वेलर्स में जेवरात की खरीदी और बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच की और साथ ही स्टॉक का भौतिक सत्यापन भी किया।

    निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परिसर में उपलब्ध सोने और चांदी के स्टॉक की गणना की और इसे करदाता द्वारा अभिलेखों में दर्शाए गए स्टॉक से तुलना की। इस तुलना में स्पष्ट रूप से देखा गया कि अभिलेखों की तुलना में स्टॉक में महत्वपूर्ण कमी है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस कमी का मूल्य लगभग 1.5 करोड़ रुपये है। यह संकेत करता है कि करदाता ने लेखांकन और कर देयता के निर्धारण में गंभीर अनियमितताएं की हैं।

    सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई विश्वसनीय सूचनाओं के आधार पर की गई थी। छापेमारी के दौरान टीम ने रिटर्न फाइलों की भी जाँच की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कर गणना में कोई गड़बड़ी न हुई हो। अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और आवश्यकतानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान जो भी अनियमितताएं सामने आएंगी उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।

    यह मामला न सिर्फ कर चोरी का है बल्कि यह ज्वेलरी व्यवसाय में होने वाली संभावित वित्तीय अनियमितताओं पर भी रोशनी डालता है। अब यह देखना बाकी है कि आगे जांच में और क्या खुलासा होता है और इस कार्रवाई का प्रभाव अन्य व्यवसायों पर कैसे पड़ता है।इस तरह की कार्रवाई यह संदेश देती है कि जीएसटी विभाग हर स्तर पर कर अनुपालन पर नजर रख रहा है और किसी भी अनियमित गतिविधि को बख्शा नहीं जाएगा।

  • 5 मौतें और भीड़ का बेरहम चेहरा ग्वालियर हादसे में मदद से ज्यादा मोबाइल उठा

    5 मौतें और भीड़ का बेरहम चेहरा ग्वालियर हादसे में मदद से ज्यादा मोबाइल उठा


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने न सिर्फ सड़क सुरक्षा बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। थाठीपुर थाना क्षेत्र के परशुराम चौराहे के पास हुए भीषण सड़क हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि टक्कर के बाद घटनास्थल पर चीख पुकार मच गई लेकिन सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि वहां मौजूद लोगों का व्यवहार इंसानियत को शर्मसार करने वाला था।

    जानकारी के मुताबिक एक तेज रफ्तार बोलेरो कार ने ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। ऑटो में चालक सहित कुल नौ लोग सवार थे जो शीतला माता के दर्शन कर वापस लौट रहे थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए और पांच लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं चार अन्य घायल जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं और उनका इलाज अस्पताल में जारी है।

    हादसे के बाद जो दृश्य सामने आया उसने सभी को झकझोर कर रख दिया। जहां एक तरफ घायल लोग दर्द से तड़प रहे थे वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग उनकी मदद करने के बजाय मोबाइल फोन निकालकर वीडियो बनाने और सेल्फी लेने में जुट गए। वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक युवक लाशों के पास खड़ा होकर सेल्फी ले रहा है मानो वह किसी सामान्य घटना का हिस्सा हो। आसपास खड़े कुछ लोग इस हरकत पर नाराजगी जताते हुए यह कहते भी सुनाई दे रहे हैं कि क्या किसी में हिम्मत नहीं है कि घायलों को अस्पताल पहुंचाया जाए।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मौके पर मौजूद कुछ लोग लगातार चिल्लाते रहे कि घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया जाए लेकिन भीड़ में से बहुत कम लोगों ने आगे आकर मदद की। यह स्थिति न सिर्फ दुखद बल्कि चिंताजनक भी है क्योंकि ऐसे समय में हर सेकंड कीमती होता है और समय पर मदद मिल जाए तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

    इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर हम किस दिशा में जा रहे हैं जहां इंसान की जान से ज्यादा अहमियत वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट को दी जा रही है। कई यूजर्स ने इसे मानवता का पतन बताया है और ऐसी मानसिकता पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। साथ ही घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है।

    यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि समाज के लिए एक आईना भी है जो दिखाता है कि तकनीक के इस दौर में हम संवेदनाओं से कितनी दूर होते जा रहे हैं। जरूरत इस बात की है कि ऐसे हादसों के समय लोग तमाशबीन बनने के बजाय जिम्मेदार नागरिक बनें और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं क्योंकि कई बार एक छोटा सा कदम किसी की जिंदगी बचा सकता है।

  • MP में रेल परिवहन इतिहास में जुड़ा एक नया अध्याय, धार-पन्ना में सफल ट्रायल रन, लोगों ने किया स्वागत

    MP में रेल परिवहन इतिहास में जुड़ा एक नया अध्याय, धार-पन्ना में सफल ट्रायल रन, लोगों ने किया स्वागत


    धार । मध्य प्रदेश के परिवहन इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। सोमवार को धार और मंगलवार को पन्ना में सफल ट्रायल रन के साथ इन क्षेत्रों का लंबे समय से चला आ रहा रेल का इंतजार खत्म होता नजर आया। इससे दोनों जिले अब भारतीय रेलवे नेटवर्क के और करीब आ गए हैं।

    पन्ना जिले में नागौद और फुलवारी के बीच रेल सुरक्षा आयुक्त (CRS) की उपस्थिति में ट्रायल रन किया गया। इस दौरान सुरक्षा और तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की गई, ताकि भविष्य में यात्री सेवाएं सुचारु रूप से शुरू की जा सकें। धार जिले में ट्रेन का इंजन पीथमपुर से सागर होते हुए करीब 38 किलोमीटर का सफर तय कर धार स्टेशन पहुंचा। यह ट्रायल रन इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    लोगों ने फूल बरसाकर किया स्वागत

    ट्रायल रन के दौरान लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। रास्ते भर लोग कतारों में खड़े होकर ट्रेन का इंतजार करते रहे। जैसे ही इंजन स्टेशन पहुंचा, लोगों ने उस पर फूल बरसाकर स्वागत किया और खुशी जाहिर की।

    74 किमी लंबी रेल लाइन से बदलेगी तस्वीर

    जानकारी के अनुसार, 74 किलोमीटर लंबी सतना-पन्ना रेल लाइन इस क्षेत्र के लिए बड़ा बदलाव लेकर आएगी। यह परियोजना ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन का हिस्सा है, जिससे व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

    रिपोर्ट का इंतजार, आगे होगा विद्युतीकरण

    पश्चिम मध्य रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, ट्रायल रन की रिपोर्ट अब रेल सुरक्षा आयुक्त को सौंपी जाएगी। वहीं, ट्रायल फिलहाल डीजल इंजन से किया गया है, लेकिन भविष्य में इस ट्रैक का विद्युतीकरण भी किया जाएगा।

    जनप्रतिनिधियों ने भी किया सफर
    धार में ट्रायल रन के दौरान केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री विक्रम वर्मा, विधायक नीना वर्मा और भाजपा नेता महंत नीलेश भारती ने इंजन में सफर किया। सभी नेताओं का जोरदार स्वागत किया गया।

    लंबे समय से थी रेल की मांग

    केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि धार जिले की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी होने जा रही है। उन्होंने इसे आदिवासी क्षेत्र के लिए पहली बड़ी रेल सेवा बताया और कहा कि लोगों का सपना अब सच हो रहा है।

    ‘रेल लाओ महा समिति’ में खुशी की लहर

    ‘रेल लाओ महा समिति’ के अध्यक्ष पवन जैन गंगवाल ने इंजन का फूलों से स्वागत किया और पटाखे चलाकर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से क्षेत्र के लोग बेहद उत्साहित हैं।

    मुंबई से कनेक्टिविटी की उठी मांग

    हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रेल मार्ग को आगे मुंबई से जोड़ा जाए, ताकि क्षेत्र को और अधिक आर्थिक और यातायात लाभ मिल सके।

  • MP में मौसम लेने जा रहा करवट, ग्वालियर समेत 7 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, 30 मार्च तक असर

    MP में मौसम लेने जा रहा करवट, ग्वालियर समेत 7 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, 30 मार्च तक असर


    भोपाल। पश्चिमी विक्षोभ वेस्टर्न डिस्टरबेंस और सक्रिय चक्रवाती सिस्टम के असर से मध्य प्रदेश में शुक्रवार से मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में ग्वालियर सहित 7 जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। यह मार्च महीने में तीसरी बार होगा जब प्रदेश में बारिश का दौर देखने को मिलेगा।इससे पहले गुरुवार को प्रदेश में गर्मी का असर चरम पर रहा और नर्मदापुरम में तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। 

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपरी हिस्से में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में दो चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। इन सिस्टम्स के कारण मौसम में बदलाव हो रहा है। शुक्रवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों में बारिश के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

    इसके अलावा, 30 मार्च तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के करीब 28 जिलों में कहीं-कहीं बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। 28 मार्च को हल्की बारिश, जबकि 30 मार्च को सिस्टम का असर सबसे ज्यादा रहने का अनुमान है।

    शुक्रवार से शुरू हो रहे इस बदलाव से पहले प्रदेश में तेज गर्मी देखने को मिली। नर्मदापुरम के अलावा रतलाम में 39.6 डिग्री, गुना में 38.6 डिग्री, धार, रायसेन और मंडला में 38.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। खरगोन में 38.2 डिग्री, शाजापुर और खंडवा में 38.1 डिग्री, जबकि टीकमगढ़ और खजुराहो में पारा 38 डिग्री तक पहुंचा।

    अन्य जिलों जैसे छिंदवाड़ा, दमोह, बैतूल, श्योपुर, सागर और सतना में भी तापमान 37 डिग्री या उससे अधिक रिकॉर्ड किया गया। बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां 37.7 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। भोपाल में 37.4 डिग्री, इंदौर में 37.2 डिग्री, ग्वालियर में 38.6 डिग्री और जबलपुर में 37.5 डिग्री तापमान रहा।

    मार्च महीने में इससे पहले भी दो बार आंधी-बारिश का दौर आ चुका है। एक चरण चार दिन तक चला, जिसमें 45 से अधिक जिलों में बारिश हुई और 17 जिलों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। इससे गेहूं, पपीता और केला जैसी फसलों को नुकसान पहुंचा। अब तीसरा दौर 27 मार्च से शुरू होकर 30 मार्च तक जारी रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग ने आगे के महीनों को लेकर भी चेतावनी दी है। अनुमान के मुताबिक अप्रैल और मई में प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ सकती है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी गर्मी का असर तेज रहेगा।

  • कॉलेज प्रोफेसर पर छेड़छाड़ का आरोप, कार्रवाई नहीं होने से छात्रा ने काटी कलाई; आरोपी गिरफ्तार

    कॉलेज प्रोफेसर पर छेड़छाड़ का आरोप, कार्रवाई नहीं होने से छात्रा ने काटी कलाई; आरोपी गिरफ्तार

    सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में एक कॉलेज छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। 21 वर्षीय छात्रा ने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से परेशान होकर उसने अपनी कलाई काटकर आत्महत्या करने की कोशिश की। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रोफेसर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है।

    पुलिस के अनुसार, छात्रा शासकीय महाविद्यालय में बीए तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रही है। उसने बताया कि 10 मार्च को कॉलेज परिसर में एक प्रोफेसर ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी। इस संबंध में उसने प्राचार्य से शिकायत भी की, लेकिन कथित तौर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    छात्रा का कहना है कि बाद में उसने अपनी मां को घटना की जानकारी दी। मां ने भी कॉलेज प्रशासन से संपर्क किया, जिसके बाद आरोपी प्रोफेसर ने माफी मांग ली और मामला वहीं समाप्त कर दिया गया।

    छात्रा ने आरोप लगाया कि इसके बाद कॉलेज में यह अफवाह फैलाई गई कि उसकी मां ने समझौते के लिए प्रोफेसर से पांच लाख रुपये ले लिए हैं, जिसे उसने सिरे से खारिज किया।

    पीड़िता ने प्राचार्य और दो अन्य प्रोफेसरों पर धमकाने का भी आरोप लगाया। उसने बताया कि 23 मार्च को उसने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी शिकायत दी थी, लेकिन तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। इसी तनाव में उसने बुधवार रात कलाई काट ली, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    अनुविभागीय पुलिस अधिकारी पूजा शर्मा ने बताया कि छात्रा का बयान दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद 26 मार्च को आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश किया गया।

    पुलिस अधीक्षक ने भी बताया कि छात्रा ने आवेदन देकर आरोप लगाया था कि प्रोफेसर ने बुरी नीयत से छूकर छेड़छाड़ की। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
  • पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंध अपराध नहीं, हाईकोर्ट ने धारा 377 हटाई

    पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंध अपराध नहीं, हाईकोर्ट ने धारा 377 हटाई

    जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंधों को आईपीसी की धारा 377 के तहत ‘अप्राकृतिक अपराध’ नहीं माना जा सकता। अदालत ने यह टिप्पणी उस याचिका की सुनवाई के दौरान की, जिसमें पति ने पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न और दहेज प्रताड़ना के मामले को निरस्त करने की मांग की थी।

    मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मिलिंद फड़के ने 25 मार्च को दिए आदेश में कहा कि धारा 377, जिसे पारंपरिक रूप से ‘अप्राकृतिक कृत्य’ से जोड़ा जाता है, वैवाहिक संबंधों पर लागू नहीं होती। इसलिए पति-पत्नी के बीच के आरोपों पर इस धारा के तहत अभियोजन नहीं चलाया जा सकता।

    यह मामला एक महिला की शिकायत से जुड़ा था, जिसमें उसने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज में चार लाख रुपये नकद, सोने के आभूषण और घरेलू सामान देने के बावजूद अतिरिक्त छह लाख रुपये और मोटरसाइकिल की मांग का आरोप लगाया था। महिला ने प्रताड़ना, मारपीट और धमकाने के साथ अन्य अनुचित आचरण के आरोप भी लगाए थे।

    इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने धारा 377, 498-ए, 354 सहित अन्य धाराओं और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। पति की ओर से दलील दी गई कि आरोप पूर्व बयानों से मेल नहीं खाते और पति-पत्नी के बीच के कथित कृत्यों पर धारा 377 लागू नहीं होती।

    हाईकोर्ट ने पति के खिलाफ धारा 377 के तहत दर्ज आरोप निरस्त कर दिए। हालांकि अदालत ने पति, सास और ससुर के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और मारपीट से जुड़े आरोपों को प्रथम दृष्टया सही मानते हुए उन्हें रद्द करने से इनकार कर दिया।

  • ग्वालियर में सड़क हादसा, पांच लोगों की मौत, चार घायल

    ग्वालियर में सड़क हादसा, पांच लोगों की मौत, चार घायल


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आज तड़के थाटीपुर क्षेत्र स्थित परशुराम चौराहे पर जैन मंदिर के पास एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की ऑटो रिक्शा से टक्कर हो गई। इस हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में जान गंवाने वालों में एक ही परिवार के कई सदस्य शामिल हैं। घायलों में दो बच्चे भी शामिल हैं, जिनका ग्वालियर के अस्पताल में इलाज चल रहा है।

    यह हादसा तड़के करीब तीन बजे हुआ। ऑटो सवार लोग शीतला माता मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे। ऑटो में कुल नौ लोग सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नीम के पेड़ से जा टकराया और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया गया।

    स्कॉर्पियो का पुलिस कर रही थी पीछा

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कॉर्पियो चालक ने पहले बस स्टैंड के पास एक ई-रिक्शा को टक्कर मारी। इसके बाद पुलिस उसका पीछा कर रही थी। बचने के प्रयास में चालक तेज रफ्तार से वाहन भगाता हुआ आया और रास्ते में ऑटो को टक्कर मार दी। घायलों के मुताबिक, स्कॉर्पियो चालक नशे में था और लापरवाही से वाहन चला रहा था। स्कॉर्पियो में वो अकेला था। पुलिस ने आरोपित चालक को गिरफ्तार कर लिया है।


    मृतकों के नाम

    इंद्रजीत उर्फ पप्पू शाक्य (55)
    लीला (52), पत्नी इंद्रजीत
    शुभम उर्फ लाली (30)
    शगुन, पत्नी शुभम
    प्रीति कश्यप (60), निवासी मेरठ (शुभम की सास)

    घायलाें के नाम

    प्रीति (20)
    प्रियांश (5), पुत्र शुभम
    आरव (6), पुत्र शुभम
    एक अन्य अज्ञात व्यक्ति

  • छिंदवाड़ा में पिकअप और बस के बीच जोरदार भिड़ंत, 10 लोगों की मौत और 30 से ज्यादा घायल

    छिंदवाड़ा में पिकअप और बस के बीच जोरदार भिड़ंत, 10 लोगों की मौत और 30 से ज्यादा घायल


    छिंदवाड़ा।
    मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले मे मोहखेड़ थाना क्षेत्र के सेमरिया हनुमान मंदिर के पास गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से लौट रहे लोगों से भरी बस और पिकअप के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। छिंदवाड़ा-नागपुर रोड पर हुए इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 30 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने छिंदवाड़ा जिला प्रभारी मंत्री राकेश सिंह को घटना में प्रभावित लोगों से मिलने के लिये निर्देशित किया है, साथ ही मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये और घायलों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।

    दरअसल, छिंदवाड़ा में गुरुवार को छिंदवाड़ा के पुलिस लाइन में हितग्राही सम्मेलन आयोजि किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए थे। बस में सवार सभी यात्री हितग्राही सम्मेलन में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। बस में 47 लोग सवार थे। बस करीब 6.30 बजे उमरानाला इलाके में पहुंची थी, तभी उसकी पिकअप वाहन से टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि पिकअप से टकराने के बाद पलट गई। इस हादसे में दोनों वाहनों के चालक समेत 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से ज्यादा घायल हैं। एक महिला और एक बच्चे का हाथ कटकर अलग हो गया, कुछ के सिर फूटे हैं।

    सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को 20 से अधिक एंबुलेंस से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया है और डॉक्टरों की टीम इलाज में जुटी है। हादसे के कारण सड़क पर चार से पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य के साथ यातायात बहाल करने में जुटे हैं। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है और घायलों को निकालने के लिए क्रेन व स्थानीय लोगों की मदद ली गई। छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायण, भाजपा के जिला अध्यक्ष शेषराव यादव और कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विश्वनाथ ओक्टे भी अस्पताल में मौजूद हैं।

    छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के डीन अभय सिन्हा ने बताया कि हादसे में 10 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में 6 पुरुष, 3 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। एक घायल की हालत नाजुक है, जिसे नागपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। उसके सिर पर गंभीर चोट है। खून के थक्के जम गए हैं। बाकी घायलों को यहीं रखा गया है।

    जिला प्रशासन के अनुसार, मृतकों में भागवती (45), दौलत (40), सकुन यादव (45), रामदास (40), रमेश (35), सिया बाई (40), वंश (7), बस चालक कमल (54), पिकअप चालक रवि धारे (40) और एक अन्य शामिल है। मौके पर मौजूद भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव ने कहा कि दुखद घटना है। घायलों को इलाज दिलाना प्राथमिकता है। हादसे में किसकी गलती है, ये तो जांच के बाद पता लगेगा।

    इधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए परम पिता परमात्मा से प्रार्थना की है कि सभी दिवंगत नागरिकों की आत्मा को शांति प्रदान करें। उन्होंने दुर्घटना में घायलों के शीघ्र स्वास्थ लाभ की कामना की है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। जबलपुर से डॉक्टर्स के दल पैरामेडिकल स्टाफ सहित छिंदवाड़ा और नागपुर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर मृतकों के निकटम परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि और गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायत राशि प्रदान की जाएगी। सभी घायलों का इलाज निःशुल्क किया जाएगा। राजधानी भोपाल में स्वास्थ्य विभाग में नियंत्रण कक्ष बनाकर सभी घायलों के उपचार की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है।