Category: Madhya Pradesh

  • साढ़े 3 लाख शिक्षकों पर एस्मा लागू, छुट्टियों और धरना-प्रदर्शन पर रोक

    साढ़े 3 लाख शिक्षकों पर एस्मा लागू, छुट्टियों और धरना-प्रदर्शन पर रोक


    भोपाल । मध्य प्रदेश में साढ़े तीन लाख शिक्षकों पर एस्मा सार्वजनिक आपातकालीन सेवा संरक्षण अधिनियम लागू कर दिया गया है। यह आदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल माशिमं ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी किया है, जिसके तहत शिक्षकों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगाई गई है और उनका धरना-प्रदर्शन करना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। एस्मा के तहत अगले दो महीनों तक शिक्षकों को कोई भी छुट्टी लेने की अनुमति नहीं होगी और वे अपनी ड्यूटी से इंकार नहीं कर सकेंगे। यह आदेश 1 फरवरी से 30 अप्रैल तक लागू रहेगा।

    एस्मा के इस आदेश का मुख्य उद्देश्य आगामी 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं केमद्देनजर परीक्षा ड्यूटी में किसी प्रकार की विघ्न नहीं आनी चाहिए। प्रदेश में 7 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं और इनमें करीब 17 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। इस दौरान शिक्षकों को अपनी ड्यूटी से न भागने और परीक्षा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

    यह आदेश सार्वजनिक सेवा में किसी भी प्रकार की बाधा डालने या ड्यूटी से मना करने को कानून के उल्लंघन के रूप में देखा जाएगा। एस्मा लागू होने से शिक्षकों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे अपनी जिम्मेदारियों का पालन करें, खासकर परीक्षा के दौरान।इस फैसले के बाद शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए अगले दो महीनों तक कोई विशेष छुट्टी या अवकाश लेने की सुविधा नहीं होगी। इस दौरान अगर कोई शिक्षक या कर्मचारी ड्यूटी से इंकार करता है या प्रदर्शन करता है, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

  • यासीन मछली की जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को आधार बनाया

    यासीन मछली की जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को आधार बनाया


    भोपाल । मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने यासीन अहमद उर्फ मछली की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने यासीन के खिलाफ दर्ज आरोपों की गंभीरता और उसके आपराधिक इतिहास को देखते हुए यह फैसला लिया। यासीन मछली, जो एक पत्रकार के नाम पर जारी फर्जी विधानसभा पार्किंग पास का इस्तेमाल कर रहा था, को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। हाईकोर्ट ने यासीन की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे ठुकरा दिया, यह कहते हुए कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता।

    यह घटना भोपाल में उस समय सामने आई थी जब यासीन मछली विधानसभा पार्किंग में एक फर्जी पास लगाकर अपनी कार पार्क कर रहा था। यह पास एक पत्रकार के नाम पर जारी हुआ था, जिसे दिसंबर 2024 के विधानसभा सत्र के लिए जारी किया गया था। पत्रकार ने इस मामले की शिकायत भोपाल अरेरा हिल्स पुलिस से की थी, जिसके बाद यासीन को गिरफ्तार कर लिया गया था।

    यासीन मछली के खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने यासीन और उसके चाचा शाहवर को ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। इसके अलावा, आरोपी के मोबाइल से अश्लील वीडियो भी बरामद हुए थे, जो जांच में एक और बड़ा मामला सामने लाए। यासीन और उसके साथियों के खिलाफ एक और गंभीर आरोप यह है कि वह स्कूल और कॉलेज की लड़कियों को पार्टियों के बहाने ड्रग्स की लत लगवाते थे, फिर उनका यौन शोषण करते और उन्हें ब्लैकमेल कर वीडियो बनाते थे। इसके अलावा, धर्मांतरण का दबाव भी इन अपराधों से जुड़ा हुआ था, जो पुलिस की जांच में उभरकर आया है।

    इस मामले के बाद से यासीन मछली की आपराधिक गतिविधियों की गहराई से जांच की जा रही है, और पुलिस उसे सख्त सजा दिलाने के लिए अपनी कोशिशें तेज कर चुकी है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का यह फैसला अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश देता है, कि कोर्ट गंभीर अपराधों में लिप्त आरोपियों को किसी भी प्रकार की राहत नहीं देगी। इस फैसले से यह भी स्पष्ट हो गया है कि अपराधी चाहे कितनी भी ताकतवर स्थिति में क्यों न हो, कानून के सामने सभी समान होते हैं।

  • उज्जैन के बड़नगर में बिजली विभाग की टीम पर हमला: कनेक्शन काटने पर किसान ने की मारपीट

    उज्जैन के बड़नगर में बिजली विभाग की टीम पर हमला: कनेक्शन काटने पर किसान ने की मारपीट


    उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर क्षेत्र में बिजली विभाग की टीम पर हमला होने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह घटना ग्राम पिपलु में हुई, जहां एक किसान ने बिजली बिल का लंबा समय से भुगतान न करने के बाद जब बिजली विभाग की टीम ने उसका कनेक्शन काटा, तो किसान ने कर्मचारियों पर हमला कर दिया।

    घटना का विवरण

    बताया जा रहा है कि सुपरवाइजर जनार्दन द्विवेदी अपनी टीम के साथ बकाया बिजली बिल की वसूली के लिए किसान लोकेंद्र के घर पहुंचे थे। लोकेंद्र पर काफी समय से बिजली का बिल बकाया था, और जब विभागीय टीम ने कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू की, तो किसान लोकेंद्र आक्रोशित हो गए। उन्होंने जनार्दन द्विवेदी और उनके साथियों से मारपीट करना शुरू कर दिया।

    मोबाइल में कैद हुई मारपीट की घटना

    किसान द्वारा की गई मारपीट की घटना को किसी ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जिसके बाद इसका वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि किसान ने कनेक्शन काटने के दौरान कर्मचारियों से हाथापाई की। इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद घटना ने काफी तूल पकड़ लिया।

    पुलिस में शिकायत और जांच

    मारपीट की इस घटना के बाद सभी कर्मचारी बड़नगर थाने पहुंचे और आरोपी किसान लोकेंद्र के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने और मारपीट करने की शिकायत की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी किसान के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

    घटना का असर

    इस घटना ने बिजली विभाग के कर्मचारियों के लिए सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में जहां एक ओर बिजली विभाग की टीम कनेक्शन काटने के लिए जाती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की हिंसक घटनाएं विभाग के कार्यों में रुकावट डाल सकती हैं।अब देखना होगा कि पुलिस मामले की जांच के बाद क्या कार्रवाई करती है और क्या किसान लोकेंद्र के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी या नहीं।

  • रेत माफिया के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र आंदोलन: महाकाल मिनरल्स पर अवैध उत्खनन का आरोप, ट्रकों की लंबी कतार

    रेत माफिया के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र आंदोलन: महाकाल मिनरल्स पर अवैध उत्खनन का आरोप, ट्रकों की लंबी कतार


    शहडोल । शहडोल मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में रेत माफिया के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा है। उमरिया जिले की महाकाल मिनरल्स कंपनी के खिलाफ ग्राम पंचायत पोड़ी कलां के ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि महाकाल मिनरल्स कंपनी ने शहडोल जिले के अमिलिया टेढ़ी घाट में अवैध रूप से रेत का उत्खनन शुरू कर दिया है और यह कंपनी उमरिया जिले की सीमा को लांघकर इस क्षेत्र में रेत खनन कर रही है।

    अवैध उत्खनन पर विरोध

    ग्रामीणों ने रेत से लदे ओवरलोड ट्रकों को रोककर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है, जिससे मौके पर ट्रकों की लंबी कतारें लग गईं। उनका कहना है कि भारी मशीनों और ओवरलोड वाहनों के द्वारा न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, बल्कि इस गतिविधि से पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस अवैध उत्खनन की शिकायत पहले ही जिला प्रशासन से की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके चलते उन्हें इस आंदोलन को शुरू करने पर मजबूर होना पड़ा है।

    सड़कें हो रही हैं क्षतिग्रस्त

    ग्रामीणों का कहना है कि ओवरलोड रेत परिवहन के कारण क्षेत्रीय सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो रही हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। इसके साथ ही, नदी का प्राकृतिक स्वरूप भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इन समस्याओं को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है और वे प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

    तहसीलदार पर हमला: आक्रोश और बढ़ा

    हाल ही में, ब्यौहारी में तहसीलदार पर रेत माफिया द्वारा कथित हमला और उन्हें जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया था। इस घटना के बाद ग्रामीणों में और भी अधिक गुस्सा फूट पड़ा है, और अब वे खुलकर रेत माफिया के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। इस घटना ने स्थिति को और भी तनावपूर्ण बना दिया है।

    आंदोलन को उग्र करने की चेतावनी

    यादव महासभा के जिला उपाध्यक्ष हेमराज यादव ने कहा महाकाल मिनरल्स कंपनी द्वारा उमरिया जिले की सीमा से बाहर आकर खुलेआम रेत का उत्खनन किया जा रहा है। हमने प्रशासन को इसकी जानकारी दी थी, लेकिन कार्रवाई न होने से माफियाओं के हौसले बुलंद हो गए हैं। यदि अवैध उत्खनन तुरंत बंद नहीं हुआ तो हम आंदोलन को और उग्र करेंगे।

    प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

    ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। फिलहाल, मौके पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और ग्रामीण जिला प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। यह आंदोलन केवल रेत माफिया के खिलाफ ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन के लिए भी एक गंभीर सवाल उठाता है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस स्थिति से कैसे निपटता है और क्या रेत माफिया के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए जाते हैं।

  • इंदौर एमवाय अस्पताल में फिर लापरवाही: चेस्ट वार्ड में डेढ़ माह के मासूम का अंगूठा कटा, नर्स सस्पेंड

    इंदौर एमवाय अस्पताल में फिर लापरवाही: चेस्ट वार्ड में डेढ़ माह के मासूम का अंगूठा कटा, नर्स सस्पेंड


    इंदौर । इंदौर प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शुमार एमवाय अस्पताल एक बार फिर गंभीर लापरवाही के कारण सुर्खियों में है। चूहा कांड के बाद अब अस्पताल में एक और शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसमें एक डेढ़ माह के मासूम का अंगूठा कट गया। यह घटना चेस्ट वार्ड में हुई, जहां एक नर्स की लापरवाही के कारण मासूम का अंगूठा काटा गया। इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और तत्काल कार्रवाई की गई।

    घटना का विवरण

    बताया जा रहा है कि बेटमा से निमोनिया के इलाज के लिए एक मासूम को एमवाय अस्पताल के चेस्ट वार्ड में भर्ती कराया गया था। यहां, नर्स ने बच्चे के हाथ पर लगे टेप को काटने के लिए कैंची का इस्तेमाल किया। लापरवाही से कैंची बच्चे के अंगूठे पर लग गई, जिससे उसका अंगूठा कट गया। घटना के बाद बच्चे के परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।

    अस्पताल प्रशासन की कार्रवाई

    इस गंभीर लापरवाही को लेकर अस्पताल प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित नर्स को सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही तीन नर्सिंग इंचार्ज का वेतन रोकने की भी कार्रवाई की गई। अस्पताल प्रशासन ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

    बच्चे का उपचार

    हालांकि, इस घटना के बाद बच्चे की स्थिति गंभीर थी, लेकिन उसे इंदौर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर किया गया, जहां प्लास्टिक सर्जन की टीम ने ऑपरेशन कर कटे हुए अंगूठे को सफलतापूर्वक ठीक कर दिया। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि बच्चे की हालत स्थिर है और उसे निगरानी में रखा गया है।

    पहले भी विवादों में रहा अस्पताल

    यह पहला मामला नहीं है, जब एमवाय अस्पताल विवादों में आया हो। इससे पहले भी नवजात बच्चों को चूहों द्वारा कुतरे जाने की घटनाएं सामने आई थीं, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। लगातार ऐसी लापरवाहियां सामने आने के बाद अब अस्पताल प्रशासन को सख्त कार्रवाई की जरूरत है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों का विश्वास बना रहे।

  • मऊगंज में खाकी का गवाह घोटाला: पुलिस के 'सुपर गवाह' ने खोला तंत्र का कच्चा चिट्ठा, 1000 मुकदमे और सिर्फ 6 चेहरे

    मऊगंज में खाकी का गवाह घोटाला: पुलिस के 'सुपर गवाह' ने खोला तंत्र का कच्चा चिट्ठा, 1000 मुकदमे और सिर्फ 6 चेहरे


    मऊगंज । मऊगंज अभय मिश्रा मऊगंज जिले के नईगढ़ी और लौर थाने में पुलिस द्वारा गवाहों के नाम पर एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है जो ना सिर्फ कानून की धज्जियां उड़ाने वाला है, बल्कि न्याय व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। यहां पर ऐसे सुपर गवाह सामने आए हैं, जो एक ही दिन में 7-7 मुकदमों में गवाही देते हैं और हर मामले में वही चेहरा दिखाई देता है। इन गवाहों में प्रमुख नाम है अमित कुशवाहा का जो अब तक 500 से ज्यादा मामलों में गवाही दे चुका है।

    गवाहों के नाम पर खेल

    अमित कुशवाहा, जो खुद एक सरकारी वाहन चालक है, मऊगंज पुलिस के पॉकेट गवाह के रूप में सामने आया है। आश्चर्यजनक रूप से, 2020 की एक FIR में उसकी उम्र 20 साल दर्ज की जाती है, जबकि 5 साल बाद 2025 की FIR में उसकी उम्र केवल 21 साल बताई जाती है। यह सवाल खड़ा करता है कि क्या मऊगंज पुलिस ने जानबूझकर यह गवाह तैयार किया है। RTI के जवाब में पुलिस ने दावा किया था कि अमित कुशवाहा उनका वाहन चालक नहीं है, लेकिन जब उसे सरकारी गाड़ी चलाते पकड़ा गया तो यह सफाई पूरी तरह से झूठी साबित हो गई। इसके अलावा यह भी तथ्य सामने आया है कि अमित कुशवाहा थाना प्रभारी जगदीश सिंह ठाकुर के साथ हमेशा रहता है और जहां-जहां साहब का तबादला होता है वह गवाही देने पहुंच जाता है।

    पुलिसिया तंत्र की पोल
    टीम ने यह भी खुलासा किया कि गवाही देने वाले इसी पॉकेट गवाह के जरिए पुलिस ने दर्जनों निर्दोषों को सलाखों के पीछे डाला। उदाहरण के तौर पर जहरीली शराब मामले में 20 से अधिक लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई जिसमें अमित कुशवाहा गवाह बना। यह मामला सिर्फ एक उदाहरण था क्योंकि ऐसे कई मामलों में गवाह वही चेहरा नजर आता है जिससे पुलिस ने तंत्र को पूरी तरह से मजाक बना दिया। नईगढ़ी थाना प्रभारी जगदीश सिंह ठाकुर का नाम इस पूरे खेल में सबसे ऊपर है, क्योंकि उनके कार्यकाल में गवाहों के इस सिंडिकेट का पूरी तरह से विस्तार हुआ। इनका ट्रैक रिकॉर्ड विवादों से भरा पड़ा है जिसमें बिछिया थाने में एक निर्दोष व्यक्ति की पिटाई के मामले में मानवाधिकार आयोग ने जुर्माना लगाया था लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

    किसकी हो रही है सुनवाई

    मऊगंज के इस मामले में आरोप है कि पुलिस ने 80 साल के बुजुर्ग नंदकुमार तिवारी को आधी रात को लॉकअप में डाल दिया। उनके खिलाफ कोई ठोस आरोप नहीं था बस उन्होंने पुलिस की रात में मौजूदगी पर सवाल उठाया था। वायरल ऑडियो में पुलिसकर्मी खुद स्वीकार कर रहे हैं कि उनके पास शराब नहीं बल्कि पेट्रोल था फिर भी आरोप आबकारी का बनाया गया और गवाह वही पुलिस का चहेता अमित कुशवाहा।

    सिंडीकेट का बड़ा खुलासा

    नईगढ़ी और लौर थाने में पॉकेट गवाहों की पूरी फौज खड़ी कर दी गई है, जिनमें राहुल विश्वकर्मा, दिनेश कुशवाहा जैसे नाम शामिल हैं, जो थाने में चपरासी तक के काम करते हैं। यह मामला अब राज्य की सियासत के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। समाजसेवी कुंजबिहारी तिवारी ने इस संगठित अपराध की शिकायत मुख्यमंत्री, डीजीपी, आईजी और लोकायुक्त से की है। उनके पास साक्ष्य और वीडियो प्रमाण हैं, जो पुलिस के खिलाफ गवाही दे रहे हैं।

    सीसीटीएनएस पोर्टल और मैनुअल जांच
    मऊगंज पुलिस का गवाह घोटाला अब सीसीटीएनएस पोर्टल के जरिए सामने आया है, जहां पर दर्ज डिजिटल रिकॉर्ड से इस पूरे तंत्र का खुलासा हुआ है। जानकारों का मानना है कि अगर मैनुअल FIR और पुरानी केस डायरियों की निष्पक्ष जांच की जाए तो यह आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता है, जो मऊगंज के नईगढ़ी और लौर थाना पुलिस के ताबूत में आखिरी कील साबित हो सकता है।

    न्याय के गले में फंसा ताला
    क्या खाकी अब बेगुनाहों की जिंदगी से खेल रही है यह सवाल मऊगंज की पुलिस पर ही नहीं पूरे न्यायिक तंत्र पर भी है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अमानुल्लाह ने हाल ही में पॉकेट गवाहों पर सख्त टिप्पणी करते हुए इसे न्याय का कत्ल बताया था लेकिन मऊगंज का यह मामला पूरी तरह से पुलिसिया तंत्र की पोल खोलने का काम कर रहा है। अब सवाल यह है कि इस घोटाले पर कब कार्रवाई होगी ।

  • नशेड़ियों ने पुलिसकर्मियों पर किया हमला, पत्थरबाजी से डरकर भागे

    नशेड़ियों ने पुलिसकर्मियों पर किया हमला, पत्थरबाजी से डरकर भागे


    सतना । कोलगवां थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक पंद्रह स्थित पानी टंकी क्षेत्र में नशेड़ियों ने पुलिस पर पत्थर से हमला कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब पुलिसकर्मी शराब पीकर हंगामा कर रहे युवकों को समझाने के लिए मौके पर पहुंचे थे। करीब एक दर्जन आरोपियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिससे पुलिसकर्मियों को जान बचाकर पीछे हटना पड़ा।

    सूचना मिलने के बाद दो पुलिसकर्मी बाइक से मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि कुछ युवक शराब पीकर गाली-गलौज कर रहे थे और क्षेत्र में अशांति फैला रहे थे। जैसे ही पुलिसकर्मियों ने नशेड़ियों को समझाने की कोशिश की, उन युवकों ने न केवल पुलिसकर्मियों से अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि पत्थरबाजी भी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ते देख पुलिसकर्मियों को अपनी जान की सुरक्षा के लिए वहां से भागना पड़ा।

    इस हमले में पांच पुलिसकर्मियों को चोटें आईं, लेकिन कोई बड़ी घटना नहीं घटी। पुलिस के अनुसार, मौके पर मौजूद नशेड़ियों का एक समूह था जो पहले तो गाली-गलौज कर रहा था और फिर अचानक हमला कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन हमलावरों का कुछ पता नहीं चल पाया है।पुलिस ने इस हमले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की योजना बनाई है। इस घटना ने यह भी सवाल खड़ा किया है कि इलाके में बढ़ते नशे के मामलों पर नियंत्रण रखने के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

  • भोपाल एयरपोर्ट पर नया आईएलएस सिस्टम: उड़ानें अब समय पर, यात्रियों को मिली राहत

    भोपाल एयरपोर्ट पर नया आईएलएस सिस्टम: उड़ानें अब समय पर, यात्रियों को मिली राहत


    भोपाल । भोपाल राजा भोज एयरपोर्ट पर अब यात्रियों को मौसम के खराब होने और कोहरे के कारण होने वाली उड़ान देरी से राहत मिल गई है। एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक कैटेगरी-2 इंस्टूमेंट लैंडिंग सिस्टम आईएलएस की स्थापना के साथ अब उड़ानों की टाइमिंग पर ब्रेक लग गया है। पहले जहां मौसम खराब होने और घने कोहरे के कारण उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ता था, वहीं अब इस नए सिस्टम की मदद से ऐसी घटनाओं में काफी कमी आई है। पिछले दिसंबर-जनवरी के महीने में भोपाल एयरपोर्ट पर उड़ानें लेट होने और डायवर्ट होने की समस्या आम थी, लेकिन अब नए सिस्टम के चलते एक भी उड़ान डायवर्ट नहीं हुई है।
    आईएलएस सिस्टम की स्थापना का काम तीन साल से चल रहा था, जिसमें मौसम उपकरणों के अपग्रेडेशन के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। रनवे से लगी कुछ ज़मीन सेना की थी, जिसके कारण इस उपकरण की स्थापना में रुकावट आ रही थी। हालांकि, इस समस्या का समाधान होते ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस अत्याधुनिक सिस्टम की स्थापना पूरी की। अब जब दृश्यता 350 मीटर तक घट जाती है, तब भी विमान इस सिस्टम की मदद से सुरक्षित लैंड कर सकते हैं।
    नए सिस्टम की स्थापना से न केवल उड़ान की देरी में कमी आई है, बल्कि यात्रियों को भी राहत मिली है। इस अपग्रेडेशन को नागर विमानन महानिदेशालय डीजीसीए से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद पूरी तरह से लागू किया गया है। अब यह सिस्टम अपनी पूरी क्षमता से काम कर रहा है और यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोहरे और खराब मौसम के बावजूद उड़ानें समय पर चल सकें।
    एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, इस अपग्रेडेशन से यात्रा की सुरक्षा और सुविधा दोनों बढ़ी हैं। पिछले कुछ समय से एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है, और यह नया सिस्टम उनके लिए एक बड़ी राहत साबित हो रहा है। अब भोपाल एयरपोर्ट देश के उन चुनिंदा एयरपोर्ट्स में शामिल हो गया है, जहां अत्याधुनिक कैटेगरी-2 आईएलएस सिस्टम की स्थापना की गई है। यह एयरपोर्ट इस प्रणाली के साथ प्रदेश का पहला और देश का तीसरा एयरपोर्ट बन चुका है, जिसने अपने उड़ान संचालन को और भी सुरक्षित और प्रभावी बना लिया है।

  • 09 जनवरी 2026 पंचांग: सप्तमी तिथि पर उत्तर फाल्गुनी और हस्त नक्षत्र का संयोग, जानिए शुभ और अशुभ काल

    09 जनवरी 2026 पंचांग: सप्तमी तिथि पर उत्तर फाल्गुनी और हस्त नक्षत्र का संयोग, जानिए शुभ और अशुभ काल


    नई दिल्ली । आज 09 जनवरी 2026 को माघ माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। इस दिन का संयोग उत्तर फाल्गुनी और हस्त नक्षत्र के बनने से विशेष महत्व रखता है। शुक्रवार के दिन जो मां लक्ष्मी को समर्पित होता है इस तिथि और नक्षत्र का संगम विशेष शुभ फल देने वाला माना जाता है। यहां जानिए आज के शुभ और अशुभ काल के बारे में ताकि आप अपने दैनिक कार्यों को सही समय पर नियोजित कर सकें।

    शुभ काल

    अभिजीत मुहूर्त 1212 PM – 1255 PM यह समय बेहद शुभ माना जाता है, खासकर महत्वपूर्ण कार्यों के लिए। व्यापारिक फैसले, घर की शांति, और नए काम की शुरुआत के लिए यह अवधि श्रेष्ठ है।

    अमृत काल 0605 AM – 0746 AM यह काल बेहद फलदायक है। इस समय में पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक कार्यों के लिए विशेष महत्व होता है। जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    ब्रह्म मुहूर्त 0538 AM – 0626 AM इस समय का उपयोग ध्यान साधना और मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। यह समय भी अत्यंत शुभ है और धार्मिक कार्यों के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।

    अशुभ काल

    राहू काल 1113 AM – 1233 PM यह समय किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए उपयुक्त नहीं होता है। यात्रा, नई शुरुआत और किसी भी बड़े निवेश से बचना चाहिए।

    यम गण्ड 313 PM – 433 PM इस समय भी नकारात्मक प्रभाव होते हैं। महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें और कोई भी नया कार्य प्रारंभ करने से परहेज करें।
    कुलिक 834 AM – 954 AM यह समय भी अशुभ माना जाता है। इस समय में किसी भी प्रकार की तात्कालिक कार्रवाई या दांव लगाने से बचना चाहिए।
    दुर्मुहूर्त 0922 AM – 1004 AM, 1255 PM – 0137 PM इस समय में भी कार्यों को स्थगित करना बेहतर है, क्योंकि यह समय शुभ नहीं होता।
    वर्ज्यम् 1046 PM – 1230 AM यह समय भी कार्यों को करने के लिए अनुकूल नहीं होता। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए इसे टाल देना सही रहेगा।

    सूर्य और चंद्रमा का समय

    सूर्योदय 0714 AM आज सूर्योदय का समय है 714 AM, जो दिन की शुरुआत के लिए शुभ है।
    सूर्यास्त 0553 PM सूर्यास्त का समय 553 PM है, और यह समय रात की शुरुआत का संकेत है।
    चन्द्रोदय 1151 PM चंद्रमा का उदय रात के 1151 बजे होगा, जो रात्रि में चंद्र ग्रहण का संकेत कर सकता है।
    चन्द्रास्त 1144 AM, Jan 10 चंद्रमा का अस्त 1144 AM पर होगा, जो दिन के समय होगा और अगले दिन का संकेत देगा।

    आज के पंचांग के अनुसार, इस दिन को विशेष रूप से शुभ कार्यों के लिए उपयोग किया जा सकता है, खासकर उन समयों में जब अभिजीत मुहूर्त, अमृत काल और ब्रह्म मुहूर्त जैसी शुभ अवधी हो। वहीं, राहू काल और यम गण्ड जैसे अशुभ कालों में किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को स्थगित कर देना चाहिए।

  • कड़ाके की ठंड ने मचाई परेशानी, ग्वालियर-चंबल अंचल में अगले दो दिन और सर्दी का असर रहेगा

    कड़ाके की ठंड ने मचाई परेशानी, ग्वालियर-चंबल अंचल में अगले दो दिन और सर्दी का असर रहेगा


    भोपाल । मध्य प्रदेश में इस समय कड़ाके की सर्दी का दौर जारी है, और गुरुवार को कई इलाकों में कोल्ड डे की स्थिति रही। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह सर्द और शीतल रहेगा। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में घना कोहरा और शीतल दिन बने रहने की संभावना है। इस ठंड का असर फसलों पर भी पड़ सकता है, जिससे पाला पड़ने का खतरा बढ़ गया है।
    गुरुवार को प्रदेश में खजुराहो में सबसे कम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा, शहडोल में भी शीतलहर का प्रभाव देखा गया। ग्वालियर और दतिया में अति घना कोहरा था, जिससे तापमान में गिरावट आई। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो उसके न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री सेल्सियस से महज 3.3 डिग्री अधिक था, और यह अब तक का सबसे कम दिन का तापमान था। प्रदेश के अन्य इलाकों में भी सर्दी का असर बना हुआ है। मुरैना, भिंड, श्यौपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर जैसे जिलों में शीतल दिन की स्थिति बनी रही।
    इन इलाकों में सुबह से ही घना कोहरा और सर्द हवाएं चल रही हैं, जिससे दिन के तापमान में अधिक वृद्धि नहीं हो पा रही है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इस कड़ाके की ठंड के कारण अगले दो दिनों तक प्रदेश में मौसम का यही हाल रहेगा। खासकर ग्वालियर, चंबल, रीवा, और सागर जैसे इलाकों में घना कोहरा और शीतल दिन का असर बने रहने की संभावना है। इसके अलावा, शीतलहर के चलते किसानों के लिए चिंता बढ़ गई है। ठंड के कारण फसलों पर पाले का असर पड़ सकता है, जिससे उत्पादकों को नुकसान होने का खतरा है।
    इस दौरान गेहूं, सरसों और अन्य ठंडी फसलों पर पाले का प्रभाव हो सकता है। इस सर्दी के कारण जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। लोग ठंड से बचने के लिए घरों में कैद हो गए हैं, और सड़कों पर भी कम लोग नजर आ रहे हैं। खासकर सुबह और शाम के समय सर्दी का असर ज्यादा महसूस हो रहा है। ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए सरकार और प्रशासन ने भी सतर्कता बरतने की अपील की है और लोगों से घनी धुंध में गाड़ी चलाते समय सावधानी बरतने की चेतावनी दी है।