Category: Madhya Pradesh

  • मुझे दीपक से मिला दो: प्रेमिका का बीच सड़क पर हाईवोल्टेज ड्रामा, युवती ने प्रेमी को बुलाने की जिद पर किया हंगामा

    मुझे दीपक से मिला दो: प्रेमिका का बीच सड़क पर हाईवोल्टेज ड्रामा, युवती ने प्रेमी को बुलाने की जिद पर किया हंगामा


    निवाड़ी। मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के पृथ्वीपर कस्बे में शुक्रवार शाम को एक युवती ने सड़क पर अजीबोगरीब हंगामा मचाया, जब उसने अपनी प्रेमिका दीपक से मिलने की जिद पकड़ी। युवती ने सड़क पर बैठकर रोते हुए बार-बार यही कहा कि दीपक को बुला दो, वह थाने में है, मुझे उससे मिला दो। यह दृश्य देख सड़क पर भारी जाम लग गया, जिससे स्थानीय पुलिस को मौके पर पहुंचने की जरूरत पड़ी।

    पुलिस ने किसी तरह युवती को शांत किया और उसे थाने ले गई। इस दौरान लोगों की भीड़ ने लगातार युवती से सवाल किए कि दीपक कौन है और कहां रहता है, जिस पर युवती ने कहा, मैं दीपक के साथ 9 महीने से रह रही हूं और उससे बहुत प्यार करती हूं। मुझे तो दीपक से ही मिलवाइए।

    यह युवती पूजा पाल है, जो दीपक पाल नाम के युवक से प्रेम करती है। पूजा और दीपक दोनों निवाड़ी जिले के ही रहने वाले हैं, लेकिन दीपक फिलहाल भोपाल में एक होटल में काम करता है। शुक्रवार को दीपक अपनी प्रेमिका पूजा के साथ पृथ्वीपर कस्बे में आया, लेकिन किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद दीपक ने पूजा को छोड़ दिया और मौके से चला गया। पूजा कुछ समय तक दीपक को तलाश करती रही, लेकिन जब वह नहीं मिला तो उसने सड़क पर ही हंगामा शुरू कर दिया।

    इस घटनाक्रम से सड़क पर जाम लग गया और पुलिस को तुरंत मौके पर पहुंचकर युवती को समझाने की कोशिश करनी पड़ी। अंततः पुलिस ने पूजा को थाने ले जाने के बाद उसे समझाया, और कुछ देर बाद दीपक भी थाने पहुंच गया। दोनों को एक साथ देखकर पुलिस ने उन्हें सख्त लहजे में हिदायत दी कि आगे से ऐसी हरकतें ना करें। इसके बाद दोनों प्रेमी युगल को थाने से जाने की अनुमति दे दी गई।

  • भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की मौत, तीन घायल: दमोह में दो बाइकों की जोरदार भिड़ंत

    भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की मौत, तीन घायल: दमोह में दो बाइकों की जोरदार भिड़ंत

    दमोह । मध्य प्रदेश के दमोह जिले के नोहटा थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें दो बाइकों के बीच जोरदार टक्कर से दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा 17 मिल के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार में चल रही दो बाइकों के बीच भिड़ंत हो गई। मृतकों की पहचान बिज्जू अहिरवार और जीतेंद्र साहू के रूप में की गई है।

    घटनास्थल पर पुलिस और 108 एम्बुलेंस की टीम ने तुरंत पहुंचकर घायलों को जिला अस्पताल दमोह भेजा। घायलों में से दामोदर अहिरवार की हालत गंभीर बताई गई है, और उन्हें इलाज के लिए जबलपुर रेफर कर दिया गया। अन्य दो घायलों का इलाज जिला अस्पताल में ही चल रहा है, और उनकी हालत स्थिर है।ड्यूटी डॉक्टर कौशिकी राजपूत ने बताया कि हादसे में तीनों घायलों को तुरंत भर्ती किया गया था।

    इनमें से एक की हालत गंभीर थी, जिसे बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया है। बाकी दो का इलाज जारी है और उनकी हालत अब स्थिर है। पुलिस इस हादसे के कारणों की जांच कर रही है और प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की वजह माना जा रहा है।इस हादसे ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को एक बार फिर से उजागर किया है। हादसे के बाद से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है, और पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ाने का संकल्प लिया है।

  • खैर-सागौन तस्करी पर वन विभाग का मास्टर स्ट्रोक: देशभर में तस्करी के नेटवर्क का खुलासा, लाखों की लकड़ी जब्त

    खैर-सागौन तस्करी पर वन विभाग का मास्टर स्ट्रोक: देशभर में तस्करी के नेटवर्क का खुलासा, लाखों की लकड़ी जब्त


    शहडोल । देशभर में खैर लकड़ी की बढ़ती मांग ने इसे तस्करी का नया हॉटस्पॉट बना दिया है, और इस स्थिति का लाभ उठाते हुए तस्कर दिन-ब-दिन अपनी गतिविधियों को बढ़ा रहे हैं। लेकिन शहडोल वन विभाग ने अब एक जबरदस्त कार्रवाई की है, जिससे तस्करी के इस गहरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है और वन संपदा की लूट में संलिप्त तत्वों को कड़ा संदेश दिया गया है। शहडोल जिले के विभिन्न क्षेत्रों में किए गए छापे में खैर और सागौन की लाखों रुपये मूल्य की लकड़ी जब्त की गई है।

    वन विभाग की यह कार्रवाई बुढ़ार वन परिक्षेत्र के ग्राम बुगरा में शुरू हुई, जहां एक घर से 104 नग सागौन लकड़ी 3.109 घनमीटर बरामद हुई। पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि यह लकड़ी रात के समय पिकअप वाहन से लाई गई थी। वन अपराध के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। इसके बाद, ब्यौहारी वन परिक्षेत्र के कोलमी वार्ड में अशोक कुमार अवस्थी के घर से सागौन लकड़ी के छिलके, बोरे और लकड़ी के टुकड़े, साथ ही 13 चेन-सॉ मशीनें और एक बैटरी चालित चेन-सॉ मशीन बरामद की गई।

    इसके साथ ही, ग्राम पटदई में एक ढाबे से 130 नग सागौन लकड़ी 2.079 घनमीटर भी जब्त की गई। इन कार्रवाईयों के दौरान, लगभग 5 से 6 घन मीटर लकड़ी की तस्करी के प्रमाण मिले, जिससे तस्करों की गतिविधियों का जाल साफ तौर पर उजागर हुआ।खैर और सागौन लकड़ी की बढ़ती तस्करी की वजह से इनकी मांग बढ़ गई है, और यही कारण है कि अब इनकी जड़ें और छिलके भी तस्करी के शिकार हो रहे हैं। इस पर वन विभाग की डीएफओ श्रद्धा पेंद्रे ने बताया कि तस्करी की इस समस्या को लेकर विभाग ने एक सख्त रणनीति अपनाई है।
    जिसमें लगातार निगरानी रखी जा रही है और तस्करों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जंगल की संपदा की लूट किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग की इस तरह की कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि किसी भी कीमत पर अवैध तस्करी और जंगल की लूट को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। विभाग अब आने वाले दिनों में इस नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म करने के लिए और भी प्रभावी कदम उठाएगा।

  • हेमंत खंडेलवाल ने महाकाल मंदिर से शिव उपासना अभियान की शुरुआत, सोमनाथ मंदिर हमले के बाद उठाया कदम

    हेमंत खंडेलवाल ने महाकाल मंदिर से शिव उपासना अभियान की शुरुआत, सोमनाथ मंदिर हमले के बाद उठाया कदम


    उज्जैन । आज सुबह बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में दर्शन कर एक विशेष अभियान की शुरुआत की। यह अभियान विशेष रूप से सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के बाद चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य देशभर में भगवान शिव की उपासना के माध्यम से समाज में शांति समृद्धि और सौहार्द बनाए रखना है। इस अभियान को प्रधानमंत्री की ओर से पूरे देश में एकजुटता और सामूहिक शांति की भावना के तहत शुरू किया गया है।

    महाकाल मंदिर में दर्शन के बाद खंडेलवाल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के खिलाफ पूरे देश में एक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों को भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए और उनके आशीर्वाद से देश में शांति और समृद्धि की स्थापना हो सकती है। खंडेलवाल ने इस अभियान के तहत महाकाल मंदिर में पार्टी के विधायकों जिला अध्यक्ष और अन्य पार्टी पदाधिकारियों के साथ पूजा अर्चना की और जयकारा लगाया।

    बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने अपील की कि देशभर के लोग शिव मंदिरों में जाकर ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें और देश के हर कोने में शांति समृद्धि और सामाजिक सौहार्द की स्थापना के लिए प्रार्थना करें। उन्होंने कहा कि भगवान महाकाल सभी के जीवन में शांति और समृद्धि प्रदान करें और हम सभी को मिलकर देश की सेवा करने की शक्ति दें।खंडेलवाल ने इस अभियान की शुरुआत महाकाल मंदिर से करने का कारण बताते हुए कहा कि भगवान महाकाल का आशीर्वाद हम सबके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी यह जगह पूरी दुनिया में श्रद्धा का केंद्र है।

    प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि इस अभियान के जरिए पार्टी का उद्देश्य केवल धार्मिक जागरूकता फैलाना नहीं है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करना भी है। सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के बाद देशभर में इस अभियान को लेकर आक्रोश है और इससे जुड़े लोग इसे एकता की शक्ति के रूप में देख रहे हैं।महाकाल मंदिर से अभियान की शुरुआत के साथ ही बीजेपी ने यह संदेश दिया कि हम सभी को देश की सुरक्षा और समृद्धि के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। यह कदम न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए भी यह एक प्रेरणास्त्रोत साबित हो सकता है।

  • कड़ाके की ठंड और घना कोहरा, मध्य प्रदेश के कई इलाके प्रभावित, ग्वालियर-चंबल सबसे अधिक

    कड़ाके की ठंड और घना कोहरा, मध्य प्रदेश के कई इलाके प्रभावित, ग्वालियर-चंबल सबसे अधिक


    भोपाल। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के चलते मध्य प्रदेश में ठंड का प्रकोप तेज हो गया है। विशेषकर ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में तापमान लगातार घट रहा है। मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। वहीं, 15 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है।

    शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही। मौसम विभाग ने बताया कि शनिवार को भी ठंड की स्थिति समान रहने की संभावना है। दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में दिनभर तापमान सामान्य से कम रहने के कारण कोल्ड डे अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर से आ रही सर्द हवाओं के कारण प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में ठंड और बढ़ गई है।

    राज्य के प्रमुख शहरों में तापमान में गिरावट

    राजधानी भोपाल के साथ ही इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में रातें बेहद ठंडी रही। ग्वालियर-चंबल अंचल में दिन का तापमान भी सामान्य से कम रहा। गुरुवार-शुक्रवार की रात प्रदेश में सबसे ठंडा खजुराहो (छतरपुर) रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दतिया में 3.9, शिवपुरी में 4, राजगढ़ में 5, पचमढ़ी में 5.8, मंडला में 5.9, रीवा में 6, उमरिया में 6.4 और सीधी व टीकमगढ़ में 6.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5 डिग्री था।

    भोपाल में पारा 8, इंदौर में 9.4, उज्जैन में 8.3 और जबलपुर में 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिन तक ठंड और कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है, इसलिए लोग आवश्यक सावधानी बरतें।

    घना कोहरा और यातायात में परेशानी

    घने कोहरे के कारण रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। मालवा एक्सप्रेस सहित दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने-जाने वाली दर्जनभर ट्रेनें देरी से चल रही हैं। पंजाब मेल, जनशताब्दी और सचखंड एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में भी समय की अनियमितता देखी जा रही है।

    सड़क मार्ग पर भी घना कोहरा ड्राइवरों के लिए चुनौती बना हुआ है। अधिकारियों ने लोगों से वाहन सावधानीपूर्वक चलाने और समय निकालकर यात्रा करने की सलाह दी है।

    मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच ग्वालियर-चंबल अंचल सबसे अधिक प्रभावित हैं। तापमान में गिरावट और कोहरे से सड़क और रेल यातायात बाधित है। अगले दो दिन मौसम की यह स्थिति बनी रहने की संभावना है।

  • युवा कांग्रेस के अध्यक्ष को पुलिस ने घर से उठाया, बढ़ती अपराधों को लेकर था विरोध

    युवा कांग्रेस के अध्यक्ष को पुलिस ने घर से उठाया, बढ़ती अपराधों को लेकर था विरोध


    मुरैना । मुरैना जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस ने युवा कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष अभिषेक पचौरी को उनके घर से उठा लिया। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब पचौरी ने 10 तारीख को थाने के घेराव का ऐलान किया था। पचौरी और उनके समर्थक शहर में बढ़ते अपराधों, खासकर लूट, डकैती और हत्याओं के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उनका कहना था कि पुलिस अपराधों पर काबू पाने में नाकाम रही है और इसका असर आम लोगों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।

    इस घेराव से पहले, पुलिस ने अपनी ओर से सख्ती दिखाते हुए कांग्रेस नेता अभिषेक पचौरी और उनके 3-4 समर्थकों को हिरासत में ले लिया। यह कदम तब उठाया गया जब पचौरी और उनके समर्थकों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे, खासकर हाल ही में हुए अंकित माहौर हत्याकांड के बाद। पचौरी का आरोप था कि पुलिस ने सही तरीके से इस मामले की जांच नहीं की, जिससे अपराधियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई।

    युवा कांग्रेस नेता का यह भी कहना था कि बढ़ते अपराधों ने इलाके में भय का माहौल बना दिया है और पुलिस प्रशासन अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रहा। इससे पहले, पचौरी ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने लूटपाट और डकैती के मामलों में लापरवाही बरती है, जिससे अपराधियों को खुला माहौल मिल रहा है। पचौरी का आंदोलन पुलिस की नीतियों के खिलाफ था और इसे लेकर कांग्रेस पार्टी ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला था। साथ ही, पार्टी ने आरोप लगाया था कि सरकार अपने कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की सुरक्षा में असफल रही है।

    हालांकि, पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से नकारा और कहा कि वे सभी मामलों की जांच कर रहे हैं और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए वे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस घटनाक्रम ने मुरैना में राजनीतिक माहौल को और भी गरम कर दिया है। पुलिस ने अभिषेक पचौरी और उनके समर्थकों को रातोंरात हिरासत में लेकर यह संदेश दिया है कि अब कानून व्यवस्था के खिलाफ कोई भी कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर अब राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से जवाब मांगने की तैयारी कर रही है।

  • MP: भोपाल भी पी रहा जहरीला पानी… 4 इलाकों के पानी में मिला ई-कोलाई बैक्टीरिया, स्लॉटर हाउस सील

    MP: भोपाल भी पी रहा जहरीला पानी… 4 इलाकों के पानी में मिला ई-कोलाई बैक्टीरिया, स्लॉटर हाउस सील


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) और आसपास के इलाकों में दूषित पानी (Contaminated water) को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। इस बीच भोपाल नगर निगम की जांच में शहर के चार अलग-अलग स्थानों पर ई-कोलाई बैक्टीरिया (E. coli bacteria) की पुष्टि हुई है। नगर निगम द्वारा अब तक लिए गए कुल 1,810 सैंपलों में से ये चार नमूने फेल पाए गए, जो मुख्य रूप से ट्यूबवेल और ग्राउंड वॉटर से जुड़े थे। भोपाल की मेयर मालती राय ने साफ किया है कि यह दूषित पानी निगम की मुख्य पाइपलाइन से सप्लाई होने वाला पानी नहीं है, बल्कि कच्चा जल है। इस मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक स्लॉटर हाउस (बूचड़खाने) को भी सील कर दिया है क्योंकि वहां के नमूनों में गड़बड़ी पाई गई थी।

    राय ने कहा, नगर निगम को कई शिकायतें मिल रही हैं। नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी तुरंत संबंधित स्थानों पर जाकर जांच कर रहे हैं। शिकायत होने पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान कर रही है। रिसाव या सार्वजनिक शिकायतों की स्थिति में नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी जांच कर रहे हैं। वे लोगों की शिकायतों के आधार पर जांच कर रहे हैं और सैंपलों को संबंधित अधिकारियों को भेज रहे हैं।

    मेयर ने यह भी बताया कि शहर के एक स्लॉटर हाउस को उसके नमूनों में गड़बड़ी पाए जाने के बाद सील कर दिया गया है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा, प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्लॉटर हाउस के सैंपल गलत पाए गए हैं। नमूने गलत पाए जाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है। संबंधित अधिकारी, निजी विक्रेता या किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

    दूसरी ओर, इस मुद्दे पर राजनीतिक घमासान भी तेज हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि सीवेज प्रोजेक्ट में हुई लापरवाही के कारण गंदा पानी पीने के पानी के स्रोतों में मिल रहा है, जिससे जनता का स्वास्थ्य खतरे में है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने जबलपुर के ग्वारीघाट में सीवेज का पानी नर्मदा नदी में मिलने और वहां से पीने के पानी की आपूर्ति होने पर गहरी चिंता जताई है। हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण हुई मौतों के बाद, अब पूरे प्रदेश में जल संकट और स्वच्छता को लेकर प्रशासन पर भारी दबाव है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

  • अनुशासनहीनता की हद: स्कूल प्रबंधन सोया रहा, 8 फीट की बाउंड्री फांदकर स्कूल से बंक मारती नजर आईं छात्राएं

    अनुशासनहीनता की हद: स्कूल प्रबंधन सोया रहा, 8 फीट की बाउंड्री फांदकर स्कूल से बंक मारती नजर आईं छात्राएं


    सतना । मध्य प्रदेश के सतना जिले के शासकीय कन्या हायर सेकंडरी स्कूल नागौद में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां की छात्राएं स्कूल की 8 फीट ऊंची बाउंड्री फांदकर बाहर जा रही थीं, लेकिन स्कूल प्रबंधन को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह मामला तब सुर्खियों में आया, जब बाउंड्री फांदते हुए छात्राओं का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। विडंबना यह है कि विद्यालय के पीछे से बाउंड्री लांघकर छात्राएं मुख्य सड़क पर कूद रही थीं, जहां दिनभर वाहनों की आवाजाही होती रहती है। इस स्थिति में किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता था। वीडियो में छात्राएं बाउंड्री फांदते समय गिरती भी नजर आ रही हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि अगर कोई गंभीर दुर्घटना हो जाती, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती

    स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि यह मामला छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, और स्कूल प्रशासन की लापरवाही बेहद चिंताजनक है। स्कूल समय के दौरान छात्राओं का इस तरह बाउंड्री फांदकर बाहर जाना न केवल अनुशासनहीनता का प्रतीक है, बल्कि उनकी जान को भी खतरे में डालने वाला है। जैसे ही यह वीडियो मीडिया में आया, जिला शिक्षा अधिकारी कंचन श्रीवास्तव ने इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हमने इस घटना के बारे में जानकारी प्राप्त की है। हम प्राचार्य से चर्चा करेंगे और इस मामले में उचित प्रबंध कराने के लिए निर्देश देंगे।

    स्कूल की प्राचार्य, विनीता श्रीवास्तव ने इस पर सफाई देते हुए कहा, मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था और अंदर प्री-बोर्ड परीक्षाएं चल रही थीं। अब हमें इस घटना की जानकारी मिली है और इसके लिए उचित प्रबंध किए जाएंगे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि जब गेट पर ताला लगा था, तो स्कूल प्रबंधन ने छात्राओं के बाहर जाने पर नजर क्यों नहीं रखी। यह मामला विद्यालय प्रबंधन की घोर लापरवाही को उजागर करता है, जो छात्रों की सुरक्षा और अनुशासन की जिम्मेदारी लेने में नाकाम रहा। अगर भविष्य में कोई दुर्घटना होती है, तो यह बड़ा सवाल बनकर खड़ा हो जाएगा कि इसके लिए जिम्मेदार कौन होगा।
     

  • दूषित पानी से हुई मौतों पर भाजपा सांसद का शर्मनाक बयान, जनता से सरकार के भरोसे न बैठने की अपील

    दूषित पानी से हुई मौतों पर भाजपा सांसद का शर्मनाक बयान, जनता से सरकार के भरोसे न बैठने की अपील


    खंडवा । मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से लगभग 18 लोगों की मौत हो गई जिसे लेकर शासन-प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद लोगों की उम्मीदें टूटती जा रही हैं और अब भाजपा नेताओं के विवादास्पद बयानों ने इन उम्मीदों को और बिखेर दिया है। पहले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और अब खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने जनता से अपील की कि वे सरकार के भरोसे न बैठें और अपनी जिम्मेदारी खुद निभाएं।

    सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल खंडवा में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे। जब उनसे इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, चाहे खंडवा हो, नगर परिषद हो या ग्राम पंचायत हो, इंदौर की घटना से हम सभी को सबक लेना चाहिए। सिर्फ सरकार ही सब कुछ करे सरकार के भरोसे हम रहे, ये भी ठीक नहीं है। जनता की भी एक जिम्मेदारी बनती है। इस बयान से उन्होंने एक तरह से साफ कर दिया कि गंदगी और दूषित पानी की समस्या के लिए अब जिम्मेदारी सरकार के बजाय जनता पर डाल दी गई है।

    सांसद का यह बयान विवादों में घिर चुका है क्योंकि इसने सीधे तौर पर जनता पर सफाई का जिम्मा थोप दिया। सवाल यह उठता है कि क्या अब जनता खुद सड़कें खोदकर पाइपलाइन लगाएगी या फिर नगर निगम की टंकियों को साफ कर घर-घर पानी पहुंचाने का काम करेगी अगर यही जिम्मेदारी जनता की है, तो फिर सवाल यह भी है कि सांसद जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे लोग क्या कर रहे हैं क्या उनके कर्तव्यों में ऐसी समस्याओं का समाधान करना नहीं आता ।

    यह पहली बार नहीं है जब भाजपा नेताओं के बयानों ने विवाद उठाया है। इससे पहले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पत्रकार से अभद्रता करते हुए ‘घंटा’ शब्द कहा था, जिसके बाद कांग्रेस ने इस बयान के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। इस घटना के बाद विजयवर्गीय भी बयान देने से बचते नजर आ रहे हैं। इंदौर में हुए हादसे के बाद से प्रशासन की नाकामी और नेताओं के विवादास्पद बयानों ने लोगों के विश्वास को तोड़ा है। अब सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार लोग अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे या फिर इस बार भी जनता को ही दोषी ठहराया जाएगा।

  • इंदौर में कॉल सेंटर कर्मचारी पर धर्म परिवर्तन का दबाव, युवती ने बीच सड़क जूतों से की पिटाई

    इंदौर में कॉल सेंटर कर्मचारी पर धर्म परिवर्तन का दबाव, युवती ने बीच सड़क जूतों से की पिटाई


    इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में एक कॉल सेंटर में कार्यरत युवती पर लगातार धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी युवक का नाम अब्दुल कलाम है, जो कॉल सेंटर में एमओ मैनेजमेंट ऑफिसर के पद पर कार्यरत था। युवती ने अपनी शिकायत में कहा कि आरोपी काम के दौरान उसे बार-बार धर्म परिवर्तन करने के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। इस दबाव से परेशान होकर युवती ने कॉल सेंटर की नौकरी छोड़ दी, लेकिन आरोपी का पीछा तब भी नहीं रुका।

    युवती ने बताया कि कंपनी के दो माह के नोटिस पीरियड के दौरान, जब वह रोजाना काम पर जा रही थी, तब भी आरोपी उसे रास्ते में रोककर परेशान करता रहा। लगातार उत्पीड़न से तंग आकर एक दिन युवती का गुस्सा फूट पड़ा। रास्ते में ही उसने आरोपी की जूतों से पिटाई कर दी। इसके बाद, पीड़िता ने पूरे मामले की शिकायत लसूड़िया थाना पुलिस में दर्ज कराई।

    पुलिस ने युवती की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है। यह घटना एक बार फिर कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ी गंभीर सवालों को उजागर करती है। क्या हमारे कार्यस्थलों पर महिलाओं को सुरक्षित महसूस होता है क्या हम उनके धार्मिक विश्वासों और स्वतंत्रता का सम्मान करते हैं? इन सवालों का जवाब अब समाज और जिम्मेदार अधिकारियों को देना होगा ।