Category: Madhya Pradesh
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उज्जैन में महाशिवरात्रि पर पुलिस बनाएगी सुरक्षा घेरा
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर जिला पुलिस एवं प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां जारी है। जहां पुलिस विभाग द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष घेरा बनाया जाएगा वहीं यातायात थाना पुलिस द्वारा अलग से ट्रेफिक प्लान बनाया गया है।महाशिवरात्रि महापर्व को लेकर उज्जैन में पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। 15 और 16 फरवरी को महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए देशभर से करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। इस भारी भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने और जाम से बचने के लिए उज्जैन यातायात पुलिस ने विस्तृत डायवर्सन और पार्किंग प्लान जारी किया है। शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, जबकि बाहरी क्षेत्रों में बड़े पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जहां से श्रद्धालुओं को शटल बसों के माध्यम से मंदिर के नजदीक पहुंचाया जाएगा।यह रहेगी यातायात व्यवस्था– बडनगर से आने वाले वाहन मोहनपुरा ब्रिज के नीचे से मुरलीपुरा चौराहा होते हुए मुरलीपुरा कृषि उपार्जन केंद्र (क्र.10) में पार्क होंगे।– नागदा की ओर से आने वाले वाहन साडू माता की बावड़ी और कुत्ता बावड़ी टर्निंग से रातडय़िा रोड होकर राठौर क्षत्रीय तेली समाज मैदान (क्र.9) में पार्क किए जाएंगे।* आगर से आने वाले वाहनों को मकोडय़िा आम चौराहा से खाकचैक, जाट धर्मशाला और जूना सोमवारिया होते हुए कार्तिक मेला ग्राउंड (क्र.8) भेजा जाएगा।* आगर से आने वाली बसों और बड़े वाहनों को चौपाल सागर से उन्हेल नाका, साडू माता की बावड़ी होते हुए राठौर क्षत्रीय तेली समाज मैदान (क्र.9) में पार्क कराया जाएगा।* मक्सी, देवास, भोपाल और इंदौर की ओर से आने वाले वाहनों को पांड्याखेड़ी और पाइप फैक्ट्री मार्ग से मन्नत गार्डन एवं इंपीरियल होटल के पीछे स्थित पार्किंग (क्र.3) में खड़ा कराया जाएगा। यहां से श्रद्धालुओं को सवारी बसों से कर्कराज पार्किंग तक ले जाया जाएगा, जहां से वे पैदल दर्शन के लिए जा सकेंगे।भारी वाहनों के लिए विशेष डायवर्सन* इंदौर से नागदा, आगर और मक्सी की ओर जाने वाले भारी वाहनों को तपोभूमि से बडनगर बायपास होकर डायवर्ट किया जाएगा।* मक्सी से देवास और इंदौर जाने वाले भारी वाहनों को पांड्याखेड़ी चौराहा, शैफी, मारुति शोरूम और नरवर बायपास होते हुए इंदौर की ओर भेजा जाएगा।* नागदा और उन्हेल की ओर से आने वाले भारी वाहनों को मोहनपुरा ब्रिज से धर्म बडला होते हुए बदनावर फोरलेन से इंदौर, देवास और भोपाल की ओर डायवर्ट किया जाएगा।शहर में ये मार्ग रहेंगे पूरी तरह प्रतिबंधित14 फरवरी की शाम 4 बजे से हरिफाटक टी से महाकाल घाटी चौराहा की ओर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। इसके अलावा हरिफाटक टी से इंटरप्रिटेशन सेंटर, जंतर-मंतर से जयसिंहपुरा और चारधाम पार्किंग, शंकराचार्य चौराहा से नृसिंह घाट और दानीगेट, भूखी माता टर्निंग से नृसिंह घाट, दौलतगंज से लोहा पुल, कंठाल चौराहा से छत्री चौक, तेलीवाड़ा से कमरी मार्ग, दानीगेट से गणगौर दरवाजा, केडी गेट से टंकी चौराहा और भार्गव तिराहे से कमरी मार्ग की ओर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।पार्किंग व्यवस्था: शहर के बाहर बने बड़े केंद्रप्रशांतिधाम, इंजीनियरिंग कॉलेज खेल मैदान, इंपीरियल गार्डन, मन्नत गार्डन, हरिफाटक ओवरब्रिज के नीचे, कर्कराज पार्किंग, गुरुद्वारा प्रस्तावित अस्पताल भूमि, कार्तिक मेला ग्राउंड, राठौर छत्री ग्राउंड और कृषि उपार्जन केंद्र को प्रमुख पार्किंग स्थल बनाया गया है।इंदौर रोड से आने वाले वाहनों के लिए प्रशांतिधाम, इंजीनियरिंग कॉलेज खेल मैदान और शनि मंदिर मैदान को रिजर्व पार्किंग के रूप में रखा गया है। वहीं मक्सी, बडनगर, नागदा और आगर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए कार्तिक मेला ग्राउंड, दुर्गादास राठौर छत्री, गुरुद्वारा प्रस्तावित अस्पताल भूमि और कृषि उपार्जन केंद्र में पार्किंग की व्यवस्था की गई है।दोपहिया वाहनों के लिए अलग व्यवस्थाइंदौर, देवास और मक्सी रोड से आने वाले दोपहिया वाहन कचरा घर, जंतर-मंतर और लालपुल टर्निंग होते हुए कर्कराज पार्किंग में खड़े किए जाएंगे। बडनगर और नागदा की ओर से आने वाले दोपहिया वाहन क्षत्रीय तेली समाज के पास स्थित मैदान और गुरुद्वारा प्रस्तावित अस्पताल भूमि पर पार्क होंगे।पार्किंग से बाहर निकलने के तय मार्गकर्कराज पार्किंग में खड़े वाहन लालपुल टर्निंग, चिंतामण ब्रिज और सिंहस्थ बायपास के जरिए इंदौर, भोपाल, देवास, नागदा और आगर की ओर जा सकेंगे।हरिफाटक होटल के पीछे की पार्किंग से वाहन वांकणकर ब्रिज, दाउदखेड़ी और सिंहस्थ बायपास होकर बाहर निकलेंगे। वहीं हरिफाटक ब्रिज के नीचे खड़े वीआईपी वाहन नीलगंगा चौराहा, शास्त्री नगर और नानाखेड़ा चौराहा होकर अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे। -

मध्य प्रदेश में फिर लौटेगी ठंड, फरवरी में जारी रहेगा मौसम में उतार-चढ़ाव
भोपाल। मध्य प्रदेश में फिलहाल अगले दो दिन तक कड़ाके की ठंड से राहत रहेगी। इस दौरान तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। हालांकि, यह राहत ज्यादा दिन नहीं टिकेगी। पहाड़ी इलाकों से गुजर रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कमजोर पड़ने और बर्फ पिघलने के बाद प्रदेश में एक बार फिर उत्तर से सर्द हवाएं चलेंगी, जिससे ठिठुरन बढ़ेगी।
मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी महीने में मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहेगा। अभी बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश के आसार बने हुए हैं। इसका असर यह होगा कि मध्य प्रदेश में अगले दो दिनों तक दिन के तापमान में इजाफा होगा। बीते सोमवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिनभर तेज धूप खिली रही, जिससे अधिकतम तापमान बढ़ा। हालांकि रात और अलसुबह ठंड का असर बना रहेगा, भले ही पारे में हल्की बढ़ोतरी हो।
क्यों बदलेगा मौसम?
मौसम विभाग का कहना है कि मौजूदा सिस्टम के गुजरने और पहाड़ों की बर्फ पिघलने के बाद मौसम एक बार फिर करवट लेगा। 13, 14 और 15 फरवरी को तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और ठंड का असर बढ़ेगा। इस दौरान उत्तर से आने वाली ठंडी हवाएं भी प्रदेश को प्रभावित करेंगी। इससे पहले प्रदेश में 11 फरवरी को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होगी। दिन में तेज धूप खिली रहेगी। जबकि 12 फरवरी को तापमान 3 से 4 डिग्री बढ़ोत्तरी की संभावना है। ठंड का असर मुख्य रूप से रात और अलसुबह रहेगा।
13 शहरों में 10 डिग्री से नीचे पहुंचा पारा
सोमवार रात प्रदेश के 13 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। सबसे ठंडा क्षेत्र कटनी का करौंदी रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री रहा। शहडोल के कल्याणपुर और खजुराहो में 6.4 डिग्री, पचमढ़ी में 7.4, अमरकंटक में 7.8, दतिया में 8.1, रीवा में 8.3, राजगढ़ में 8.6, उमरिया में 8.8, शिवपुरी में 9, मंडला में 9.4, मलाजखंड में 9.5 और नौगांव में 9.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। पांच बड़े शहरों में भोपाल का न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री, इंदौर 11.2, ग्वालियर 10.6, उज्जैन 12.4 और जबलपुर 11.4 डिग्री सेल्सियस रहा। -

मप्र माध्यमिक शिक्षा मण्डल की बोर्ड परीक्षाएं शुरू, 12वीं बोर्ड का पहला पेपर आज से
भोपाल। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल बाेर्ड की परीक्षाएं आज मंगलवार से शुरू हाे रही है। आज हायर सेकण्डरी (कक्षा 12वीं) की पहली परीक्षा है। करीब 7 लाख छात्र 12वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे। इनके लिए प्रदेश भर में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। नकल रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी निगरानी और थानों से प्रश्न-पत्र निकालने तक वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है। सभी परीक्षाएं सुबह 9 से 12 बजे तक होंगी।
मंडल से मिली जानकारी के अनुसार, इस साल 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में करीब 16 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स बैठेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने बताया कि हायर सेकण्डरी की परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होकर 07 मार्च तक चलेगी, जबकि हाईस्कूल की परीक्षा 13 फरवरी से 6 मार्च तक आयोजित की जा रही है। परीक्षा नियमित तथा स्वाध्यायी परीक्षार्थियों के लिए प्रात: 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र में प्रात: 8 बजे एवं परीक्षा कक्ष में प्रात: 8.30 बजे उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
उन्होंने बताया कि परीक्षा कक्ष में प्रात: 8.45 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से 10 मिनट पूर्व अर्थात प्रात: 8.50 बजे उत्तर पुस्तिका एवं 5 मिनट पूर्व अर्थात प्रात: 8.55 बजे प्रश्न-पत्र दिए जाएंगे। प्रत्येक परीक्षार्थी का उपस्थिति पत्रक की फोटो से मिलान किया जाएगा। प्रवेश पत्र में भी फोटो लगाना अनिवार्य है। परीक्षार्थी यथा संभव पेयजल की बोतल स्वयं लेकर आएं।
मंडल के अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के लिए मंडल ने इस बार कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंडल ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा शुरू होने के बाद पहले दो घंटे तक किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रश्नपत्र के लीक होने और नकल की घटनाओं को रोकने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। यदि कोई परीक्षार्थी किसी भी कारण से दो घंटे के भीतर परीक्षा केंद्र से बाहर जाने का प्रयास करता है, तो उसे अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि परीक्षार्थी दो घंटे पूरे होने के बाद भी परीक्षा केंद्र छोड़ता है, तो उसकी जानकारी तत्काल मंडल को भेजी जाएगी। इस स्थिति में संबंधित छात्र की उत्तरपुस्तिका के साथ प्रश्नपत्र भी जमा करा लिया जाएगा और उसकी परीक्षा निरस्त कर दी जाएगी। -

मध्य प्रदेश में अगले 2 दिन गर्माहट बढ़ाएगी राहत, फिर पहाड़ों में बर्फ पिघलते ही लौटेगी ठिठुरन
भोपाल। मध्य प्रदेश के मौसम में अगले दो दिनों तक आम नागरिकों को सर्दी से कुछ राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने का अनुमान है। हालांकि, पहाड़ों से गुजरने वाले साइक्लोनिक सर्कुलेशन और बर्फ पिघलने के बाद ठंडी हवाओं के लौटने से फिर से ठिठुरन बढ़ सकती है।मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, फरवरी महीने में तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहेगा। फिलहाल प्रदेश में बारिश की संभावना कम है। मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पहाड़ों में बर्फबारी तथा बारिश की वजह से अगले दो दिन तक प्रदेश में तापमान बढ़ेगा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत कई हिस्सों में सोमवार को तेज धूप रही, जिससे दिन का तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया। रात और अलसुबह ठंड का असर अभी भी महसूस होगा।
आगे बदलेगा मौसम
मौसम विभाग ने बताया कि जब साइक्लोनिक सिस्टम गुजर जाएगा और पहाड़ों की बर्फ पिघलेगी, तो 13, 14 और 15 फरवरी को ठंड का असर फिर से बढ़ेगा। इस दौरान उत्तर से ठंडी हवाओं का प्रभाव भी महसूस होगा।13 शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से कम
रविवार और सोमवार की रात में प्रदेश के 13 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। सबसे ठंडा स्थान कटनी का करौंदी रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस था। अन्य ठंडे स्थानों में शहडोल (6.4), पचमढ़ी (7.4), अमरकंटक (7.8), दतिया (8.1), रीवा (8.3), राजगढ़ (8.6), उमरिया (8.8), शिवपुरी (9), मंडला (9.4), मलाजखंड (9.5) और नौगांव (9.8) डिग्री सेल्सियस दर्ज किए गए। पांच प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा: भोपाल 10.2, इंदौर 11.2, ग्वालियर 10.6, उज्जैन 12.4 और जबलपुर 11.4 डिग्री सेल्सियस।अगले 2 दिन मौसम का हाल
11 फरवरी: दिन में तेज धूप और तापमान में बढ़ोतरी, रात और सुबह ठंड महसूस होगी।
12 फरवरी: तापमान 3-4 डिग्री तक बढ़ेगा, दिन में धूप जारी रहेगी। -

MP: इंदौर में घर खाली कराने पहुंची टीम तो बैंककर्मी ने गोली मारकर की खुदकुशी
इंदौर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर शहर (Indore city) के विजय नगर में सोमवार शाम को सिनर्जी अस्पताल के पास रहने वाले एक बैंककर्मी (Bank Employee.) ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। मृतक का नाम हेमंत पुत्र एसडी ब्रह्मवंशी बताया गया है। वह को-ऑपरेटिव बैंक में काम करता था।जानकारी के मुताबिक, हेमंत ने अपने मकान को गिरवी रखकर बैंक ऑफ महाराष्ट्र से ढाई करोड़ का कर्ज ले रखा था। डेढ़ साल से किश्त न चुकाने पर सोमवार को बैंक की टीम मकान खाली कराने पहुंची थी। बैंक के कर्मचारी मकान की पहली मंजिल पर लिखा-पढ़ी कर रहे थे, इसी दौरान शाम करीब साढ़े पांच बजे हेमंत ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
विजय नगर थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल ने बताया कि हेमंत ने अपनी लायसेंसी बंदूक से सिर पर गोली मारी। वह अपने रूम में अकेला बैठा था। कर्ज के चलते काफी समय से वह डिप्रेशन में था। इलाज भी चल रहा था। बडे़ बेटे ने इसकी पुष्टि की है। थाना प्रभारी के मुताबिक, कर्ज चुकाने को लेकर बैंक से कई बार नोटिस तामील हुए थे। हेमंत उसका जबाव नहीं देता था। हेमंत के परिवार में दो लड़के, एक लड़की और मां हैं। हेमंत का बड़ा बेटा एक आईटी कंपनी में कार्यरत है। उनका दूसरा बेटा वर्तमान में पढ़ाई कर रहा है। बेटी पुणे में अध्ययनरत है। हेमंत अकाउंट सेक्शन में पदस्थ था।
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MP: मुरैना में निर्माणाधीन मंदिर की गुमंद टूटकर गिरने से तीन बच्चियों की मौत, पति-पत्नी और 5 बच्चियां घायल
मुरैना। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना जिले (Morena district) के ग्राम अहरौली में सोमवार को दोपहर में निर्माणाधीन चामड़ माता के मंदिर (Chamad Mata Temple) की गुमंद गिर गई। इस हादसे में मलबे में दबकर तीन बच्चियों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य बच्चियां और एक दंपत्ति घायल हो गए हैं।जानकारी के अनुसार, कैलारस थाना क्षेत्र अंतर्गत अहरौली गांव के चामड़ माता मंदिर पर सोमवार को दोपहर करीब दो बजे मुंगावली निवासी सतीश गौड़ अपनी पत्नी गुड्डी व बच्ची मानसी के साथ पूजा करने गया था। पूजा के पश्चात गांव की बच्चियों को बुलाकर प्रसाद ग्रहण कराया जा रहा था। इसी दौरान निर्माणाधीन गुमंद की पटिया टूटकर नीचे गिर गईं, जिसमें आठ बच्चियों सहित सतीश व उसकी पत्नी गुड्डी भी दब गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और हादसे की सूचना पुलिस प्रशासन को दी। मलबा हटाकर घायलों और शवों को बाहर निकाला। सूचना पर एसडीएम जौरा शुभम शर्मा, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को कैलारस अस्पताल में भर्ती कराया। यहां सामान्य घायल दो बच्चियों का इलाज किया जा रहा है। वहीं, गंभीर घायल पति-पत्नी व पांच बच्चियों सहित 7 घायलों को मुरैना जिला चिकित्सालय लाया गया। इनमें से एक बालिका को इलाज के लिए ग्वालियर भेज दिया गया है। हादसे में तीन बच्चियों की मौके मौत हो गई।
मृतक बच्चों की पहचान वैष्णवी सिकरवार (11) पुत्री जीतू सिकरवार, करिश्मा गोस्वामी (9) पुत्री अशोक गोस्वामी और छाया गोस्वामी (7) पुत्री अशोक गोस्वामी के रूप में हुई है। देर शाम तीनों मृतक बच्चियों का कैलारस के अस्पताल में पोस्टमार्टम करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिये गये। हादसे में गुंजन (12) पुत्री योगेंद्र सिंह, परी (8) पुत्री योगेंद्र सिंह, विद्या (6) पुत्री योगेंद्र सिंह, सतीश गौड (45), पृथ्वी गौड (40) पत्नी सतीश गौड, मानसी गौड (14) पुत्री सतीश गौड और पल्लवी गोस्वामी घायल हुई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक पंकज उपाध्याय मौके पर पहुंच गये। इसके साथ ही उन्होंने कैलारस चिकित्सालय में घायलों का बेहतर इलाज करने हेतु प्रबंधन को अवगत कराया। विधायक पंकज उपाध्याय ने मौके के बाद अस्पताल पहुंचकर मृतक बच्चियों के परिजनों को ढांढ़स बंधाया, वहीं हरसंभव मदद का भरोसा भी जताया। इसके साथ ही जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश भार्गव ने जांच कराने का आश्वासन दिया है। इसमें दोषी पाये जाने पर कार्यवाही की जायेगी। सीईओ ने मृतक व घायल परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिये जाने का भरोसा दिलाया।
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मुरैना में मंदिर की छत गिरने से मातम प्रसाद लेने गईं तीन मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत
मुरैना/मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां मंदिर की छत गिरने से तीन मासूम बच्चियों की मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब बच्चियां मंदिर में प्रसाद लेने गई थीं। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया और गांव में मातम का माहौल बन गया।घटना मुरैना जिले के कैलारस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एहरौली गांव की है। यहां स्थित चमड़ा माता मंदिर में रोज की तरह श्रद्धालु पूजा और प्रसाद लेने पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक मंदिर की छत भरभराकर गिर गई। छत गिरते ही वहां अफरा तफरी मच गई और लोग इधर उधर भागने लगे। मलबे के नीचे कई लोग दब गए।
प्रसाद लेने गईं तीन बच्चियां छत के नीचे दब गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। तीनों बच्चियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस हादसे में तीन अन्य बच्चियां और एक पति पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मलबा हटाने का काम शुरू किया गया और घायलों को बाहर निकाला गया। सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
हादसे की जानकारी मिलते ही कैलारस थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल को घेर लिया और मलबे का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में मंदिर की जर्जर हालत सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि मंदिर की छत काफी पुरानी थी और लंबे समय से उसकी मरम्मत नहीं कराई गई थी।
इस हादसे के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि मंदिर की हालत पहले से खराब थी, लेकिन इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। यदि समय रहते मरम्मत कराई जाती तो शायद यह हादसा टल सकता था।
घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। जिन परिवारों ने अपनी मासूम बेटियों को खोया है, उनका रो रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने की मांग की है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रशासन की ओर से भी मौके पर अधिकारियों को भेजा गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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बाइक को पब्लिक ट्रांसपोर्ट की तरह इस्तेमाल करना गैरकानूनी: इंदौर हाईकोर्ट ने दिया स्पष्ट निर्देश
इंदौर । मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के इंदौर खंडपीठ से एक महत्वपूर्ण और दिशा-निर्देशात्मक फैसला सामने आया है, जिसमें बाइक का सार्वजनिक परिवहन जैसे उपयोग पर स्पष्ट रूप से रोक लगाई गई है। न्यायालय ने कहा है कि धारा 66 के तहत किसी भी वाहन को बिना परमिट सार्वजनिक परिवहन के लिए इस्तेमाल करना अवैध है और ऐसे उपयोग को रोकना राज्य सरकार और परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है।मामला यह है कि इंदौर शहर सहित पूरे प्रदेश में ओला, उबर, रैपिडो जैसी ट्रांसपोर्ट एग्रीगेटर कंपनियां दो-पहिया वाहनों बाइक का उपयोग सार्वजनिक परिवहन की तरह कर रही हैं, जबकि इन वाहनों के पास किसी भी प्रकार का पब्लिक ट्रांसपोर्ट परमिट नहीं है। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि ऐसे प्रयोग से न केवल कानून का उल्लंघन होता है, बल्कि सड़क सुरक्षा और यात्री संरक्षण के मानकों को भी खतरा होता है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और परिवहन विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे कानून के तहत परमिट नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और बिना वैध अनुमति वाले वाहनों को सार्वजनिक परिवहन के रूप में उपयोग से रोकें। आदेश में यह भी कहा गया कि परिवहन विभाग को नियमों के अनुरूप परमिट जारी करने, मॉनिटरिंग और अनुपालन की प्रक्रिया को सशक्त बनाना होगा, ताकि कानून का सही ढंग से पालन हो सके।
दरअसल, मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधान स्पष्ट हैं कि सार्वजनिक परिवहन के लिए वाहन का उपयोग तभी किया जा सकता है जब वह वैध परिवहन परमिट/लाइसेंस धारक हो। बिना परमिट वाहन को जनता के आवागमन में शामिल करना गैरकानूनी और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरे से भरा माना जाता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि निजी वाहनों का सार्वजनिक परिवहन की तरह उपयोग कानून के तहत स्वीकार्य नहीं है, चाहे वह तकनीकी प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही क्यों न होता हो।
स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग को आदेश दिया गया है कि वे ऐसी गतिविधियों पर निगरानी रखें और किसी भी निजी वाहन के बिना परमिट पब्लिक ट्रांसपोर्ट संचालन को रोका जाए। अदालत का यह आदेश राज्य में सार्वजनिक परिवहन सुरक्षा के मानकों की पूर्ति और सड़कों पर नियम-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जारी किया गया है।
विशेष रूप से हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि यदि कोई प्लेटफॉर्म इस तरह के वाहनों को सार्वजनिक परिवहन के रूप में संचालित करने की अनुमति चाहता है, तो उसे परिवहन नियमों के अनुकूल वैध परमिट और लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इलेक्ट्रॉनिक और ऐप-आधारित मोबिलिटी सेवाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है। अदालत की यह टिप्पणी कानून-व्यवस्था और सड़क यातायात नियमों के स्पष्ट पालन को सुनिश्चित करने के प्रयासों का हिस्सा है।
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महिला से मारपीट मामले को लेकर कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला: पीसी शर्मा बोले आरोपी बीजेपी के, सच छुपाने की कोशिश
भोपाल । मध्यप्रदेश के सीधी जिले में महिला के साथ मारपीट की घटना को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री श्री पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी इस मामले में झूठ फैला रही है और वास्तविक आरोपियों को कांग्रेसी बताकर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। एक महिला को डंडों से पीटा जा रहा है और मौके पर मौजूद लोग ‘मारो-मारो’ के नारे लगा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की घटनाओं में शामिल लोग भाजपा से जुड़े हुए हैं, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए उन्हें जबरन कांग्रेस से जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ‘लाड़ली बहन’ और ‘लाड़ला भैया’ जैसी योजनाओं के दावे करने वाली सरकार में महिलाओं के साथ खुलेआम मारपीट हो रही है, जो बेहद शर्मनाक है। कांग्रेस नेता ने सरकार से मांग की कि दोषियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जाए और जेल भेजा जाए।
पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में बलात्कार, मारपीट और अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। भाजपा केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि ऐसे अहंकारी और हिंसक नेता उसी पार्टी से जुड़े हुए हैं।
नकल माफिया पर गंभीर आरोप
पीसी शर्मा ने बोर्ड परीक्षाओं और नकल माफिया का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश में वर्षों से संगठित रूप से नकल कराई जा रही है। हर साल पेपर लीक होते हैं, लेकिन जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने ग्वालियर-चंबल, विंध्य और निमाड़ अंचल को नकल माफिया का बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि इसका खामियाजा प्रदेश के छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।
निगम-मंडल नियुक्तियों पर सवालउन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में निगम और मंडल के पद भ्रष्टाचार की राजनीति के लिए भरे जाते हैं। बिना लेन-देन के कोई नियुक्ति नहीं होती। जिला प्रभारियों की नियुक्ति भी संभावित नुकसान को नियंत्रित करने के उद्देश्य से की गई है। पार्टी के भीतर पदों को लेकर गुटबाजी और टकराव की स्थिति बनी हुई है, जिसमें असली कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है।
विजय शाह प्रकरण पर बयानविजय शाह मामले को लेकर पीसी शर्मा ने कहा कि उन्हें न्यायालय से बड़ी उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है और उन्हें विश्वास है कि न्याय होगा। उन्होंने कहा कि चार बार माफी मांगने के बावजूद विजय शाह को अपने पद से हाथ धोना ही पड़ेगा।संघ और जनसंख्या बयान पर प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख के तीन बच्चों वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी चरम पर है, रोजगार के अवसर नहीं हैं और ऐसे समय में जनसंख्या बढ़ाने की बात करना चिंताजनक है। उन्होंने संघ की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए इसे असंवेदनशील बताया।BLO और SIR को लेकर आरोप
पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी की जा रही है। जबरन नाम काटे और जोड़े जा रहे हैं। BLO पर दबाव बनाया जा रहा है और उनका वेतन भी रोका जा रहा है। उन्होंने इसे भाजपा की सुनियोजित साजिश करार दिया। कांग्रेस ने इन सभी मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही तय करने और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है। -

8वें वेतन आयोग के नाम पर साइबर ठगी का नया जाल: APK फाइल से खाली हो सकते हैं खाते, पुलिस ने जारी की चेतावनी
इंदौर । मध्यप्रदेश में साइबर अपराध के मामलों में लगातार नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। जहां एक ओर पुलिस साइबर अपराधों को लेकर सतर्कता और जागरूकता बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर साइबर ठग भी सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाने के लिए नए हथकंडे अपना रहे हैं। ताजा मामला 8वें वेतन आयोग में वेतन वृद्धि के नाम पर की जा रही साइबर ठगी से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर इंदौर क्राइम ब्रांच पुलिस को विधिवत एडवाइजरी जारी करनी पड़ी है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हाल के दिनों में बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों के मोबाइल फोन पर “8वें वेतन आयोग में आपकी सैलरी कितनी होगी” जैसे आकर्षक संदेश प्राप्त हो रहे हैं। इन संदेशों के साथ एक APK फाइल भी भेजी जा रही है। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को डाउनलोड करता है, उसका मोबाइल फोन साइबर अपराधियों के नियंत्रण में आ सकता है, जिससे बैंक अकाउंट, यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों से पैसे निकाले जाने का गंभीर खतरा उत्पन्न हो जाता है।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने स्पष्ट किया है कि यह एक संगठित साइबर फ्रॉड है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों की जिज्ञासा और वेतन वृद्धि की उम्मीद का दुरुपयोग किया जा रहा है। APK फाइल डाउनलोड होते ही मोबाइल में मौजूद संवेदनशील जानकारियां, जैसे बैंक डिटेल्स, ओटीपी और पासवर्ड साइबर अपराधियों तक पहुंच सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप पीड़ित का बैंक खाता पूरी तरह खाली हो सकता है।
इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त एडिशनल डीसीपी श्री राजेश दंडोतिया ने बताया कि यह एक नया और खतरनाक साइबर फ्रॉड है, जिससे बचाव के लिए जनजागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान नंबर या स्रोत से प्राप्त APK फाइल को डाउनलोड न करें और न ही ऐसे संदेशों पर विश्वास करें।
पुलिस द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि वेतन आयोग, वेतन वृद्धि या अन्य शासकीय लाभों से जुड़ी कोई भी आधिकारिक जानकारी केवल सक्षम शासकीय विभागों और अधिकृत पोर्टलों के माध्यम से ही साझा की जाती है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की फाइल या लिंक मोबाइल पर भेजे जाने की प्रक्रिया पूरी तरह संदिग्ध मानी जानी चाहिए।
क्राइम ब्रांच ने यह भी सलाह दी है कि यदि किसी व्यक्ति को इस प्रकार का संदेश प्राप्त होता है, तो वह तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने या साइबर क्राइम सेल को इसकी सूचना दे। समय रहते सतर्कता बरतने से न केवल आर्थिक नुकसान से बचा जा सकता है, बल्कि साइबर अपराधियों तक पहुंचने में भी पुलिस को सहायता मिल सकती है। पुलिस प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे डिजिटल लेन-देन में सावधानी बरतें, किसी भी लालच भरे संदेश से दूर रहें और साइबर सुरक्षा नियमों का पालन कर स्वयं को सुरक्षित रखें।