Category: Madhya Pradesh

  • इंदौर: शादी का झांसा देकर युवती से कई बार दुष्कर्म, आरोपी रितिक कुशवाह गिरफ्तार; पॉक्सो एक्ट में भी केस दर्ज

    इंदौर: शादी का झांसा देकर युवती से कई बार दुष्कर्म, आरोपी रितिक कुशवाह गिरफ्तार; पॉक्सो एक्ट में भी केस दर्ज


    इंदौर । मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के तेजाजी नगर थाना क्षेत्र से सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने दोस्ती का फायदा उठाते हुए एक युवती को शादी का झांसा दिया और उसके साथ कई बार दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है।

    तेजाजी नगर थाना प्रभारी देवेंद्र मरकाम के अनुसार पीड़िता शनिवार को अपनी मां के साथ थाने पहुंची थी और आपबीती सुनाई। शिकायत के मुताबिक आरोपी रितिक कुशवाह की पहचान युवती से साल 2022 में हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और आरोपी ने युवती को प्रेम जाल में फंसाकर शादी करने का वादा किया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उस समय भी उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए थे जब वह नाबालिग थी इसी आधार पर पुलिस ने मामले में दुष्कर्म की धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो ) एक्ट भी जोड़ा है।

    घटनाक्रम के विवरण के अनुसार आरोपी रितिक ने जुलाई 2025 में पीड़िता को अपने दोस्त रमन के कमरे पर ले जाकर पहली बार दुष्कर्म किया। इसके बाद नवंबर माह में उसने लिबोंदी क्षेत्र में अपने एक अन्य दोस्त के घर पर भी युवती के साथ गलत काम किया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर करीब 6 बार उसके साथ बलात्कार किया। जब भी युवती ने शादी का दबाव बनाया आरोपी टालमटोल करने लगा और अंततः मुकर गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रितिक कुशवाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अपराध में उसके दोस्तों की क्या भूमिका थी। इंदौर पुलिस का कहना है कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में कोई भी कोताही नहीं बरती जाएगी और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।

  • मध्य प्रदेश में बोर्ड पैटर्न लागू, नकल और लीक से निपटने की तैयारी

    मध्य प्रदेश में बोर्ड पैटर्न लागू, नकल और लीक से निपटने की तैयारी


    भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में इस साल 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं पूरी तरह से बोर्ड पैटर्न पर आयोजित की जा रही हैं। सबसे बड़ा बदलाव परीक्षा के प्रश्नपत्रों की सुरक्षा में किया गया है। अब प्रश्नपत्र स्कूलों में नहीं, बल्कि सीधे पुलिस थानों में सुरक्षित रखे जाएंगे। परीक्षा के दिन ही केंद्राध्यक्ष की निगरानी में इन बंडलों को थाने से परीक्षा केंद्र तक लाया जाएगा और परीक्षा शुरू होने से ठीक 60 मिनट पहले खोला जाएगा।

    इस कदम से नकल और प्रश्नपत्र लीक जैसी समस्याओं को रोकने की तैयारी की जा रही है। मध्य प्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा तैयार किए गए प्रश्नपत्र अब जिला शिक्षा अधिकारी और केंद्राध्यक्षों के माध्यम से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए जाएंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित हो।

    कक्षा 11वीं की परीक्षाएं 23 फरवरी से 17 मार्च 2026 तक आयोजित होंगी जबकि कक्षा 9वीं की परीक्षाएं 2 मार्च से 17 मार्च 2026 तक होंगी। दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं एक ही पाली में होंगी और दोपहर 1:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक चलेंगी।

    सभी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 23 मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। मूल्यांकन प्रक्रिया माध्यमिक शिक्षा मंडल की अंक योजना के अनुसार होगी, जिससे सभी छात्रों को निष्पक्ष अंक मिलें और मूल्यांकन में पारदर्शिता बनी रहे।

    विशेषज्ञों के अनुसार, प्रश्नपत्रों की थाने में सुरक्षा व्यवस्था से नकल की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे स्कूल स्तर पर लीक की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी। साथ ही, परीक्षा अधिकारियों और पुलिस की निगरानी यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी अनुचित गतिविधि न हो।

    अभिभावक और शिक्षक इस बदलाव से संतुष्ट हैं और उनका मानना है कि इससे परीक्षा का स्तर और विश्वसनीयता दोनों बढ़ेंगे। छात्रों को भी समय से पहले प्रश्नपत्र खोलने की प्रक्रिया से अतिरिक्त तनाव कम होगा और वे बेहतर तैयारी के साथ परीक्षा में शामिल हो पाएंगे।

    मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग का कहना है कि यह कदम राज्य में परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए उठाया गया है। भविष्य में इसे अन्य कक्षाओं और बोर्ड परीक्षाओं में भी लागू किए जाने की संभावना है।

    इस प्रकार इस साल 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं केवल पाठ्यक्रम की समझ ही नहीं, बल्कि अनुशासन और ईमानदारी की परीक्षा भी होंगी। छात्रों और शिक्षकों के लिए यह नई प्रणाली चुनौतीपूर्ण, लेकिन पारदर्शिता और सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

  • विदिशा में बैलगाड़ी बारात का जादू, भोपाल में काम वाली की संतान से लूट की सनसनी

    विदिशा में बैलगाड़ी बारात का जादू, भोपाल में काम वाली की संतान से लूट की सनसनी

    विदिशा में आज एक अनोखी बारात निकली जिसने सबका दिल जीत लिया। आधुनिक जमाने में जहां बारातें कार और बाइक्स से निकलती हैं, वहीं सिरोंज के मंडी रोड पर निकली इस बारात में पूरी तरह पुराने रीति-रिवाजों की झलक थी। आगे घोड़े पर सवार दूल्हा राजा की शानदार सवारी और पीछे फूलों से सजाई गई 10 से 12 बैलगाड़ियां, जिनमें बाराती बैठकर पुराने जमाने की यादें ताजा कर रहे थे। बैलगाड़ियां धीरे-धीरे चल रही थीं और ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ माहौल मनमोहक बन रहा था।

    दूल्हा डॉ. प्रशांत ने बताया कि उनके पापा ने इस बारात की प्लानिंग दो महीने पहले से की थी। उन्होंने कहा कि यह बारात अनोखी और सबके लिए यादगार रही। इस बारात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और यूजर्स इसे सादगी और संस्कृति की जीत बता रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि आधुनिकता के बीच भी अपनी जड़ों से जुड़े रहना कितना खूबसूरत अनुभव है।

    वहीं, भोपाल में टीटी नगर थाना इलाके के पॉश कॉलोनी 98 क्वार्टर में दिनदहाड़े एक सनसनीखेज लूट की घटना सामने आई। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी काम वाली बाई का बेटा निकला। जानकारी के अनुसार, आरोपी गोलू रैकवार अपने दोस्त के साथ पीड़िता के घर में घुसा और हाथ-पैर बांधकर चाकू की नोक पर अलमारी खोलने को कहा। चाबी देने से इंकार करने पर उन्होंने रॉड की मदद से अलमारी तोड़ी और डेढ़ लाख रुपए नकद, मोबाइल और लैपटॉप लेकर भाग गए।

    पीड़िता बीमार होने के कारण घर पर थी और माइनिंग विभाग में कार्यरत हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटे में आरोपी को पकड़ लिया। यह आरोपी कुछ दिन पहले 307 के केस में जमानत पर आया था। पुलिस अब आरोपी से नकदी और अन्य सामान की रिकवरी के बाद पूछताछ कर रही है। इस घटना ने शहर में सनसनी फैला दी है और लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

    मध्यप्रदेश में आज दो बिल्कुल अलग रंग देखने को मिले, विदिशा की बैलगाड़ी बारात ने संस्कृति और परंपरा का जश्न मनाया, वहीं भोपाल की लूट ने सुरक्षा और अपराध की गंभीरता को उजागर किया।

  • सरकारी भर्तियों का बदलेगा पैटर्न: अब ESB लेगा सिर्फ पात्रता परीक्षा, विभाग सीधे स्कोरकार्ड से करेंगे चयन


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार अब भर्तियों के मौजूदा पैटर्न को बदलने की तैयारी में है। प्रस्तावित नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी चयन मंडल अब केवल पात्रता परीक्षा यानी एलिजिबिलिटी टेस्ट आयोजित करेगा, जबकि संबंधित विभाग उम्मीदवारों के स्कोरकार्ड के आधार पर सीधे चयन प्रक्रिया पूरी करेंगे।

    इस नई प्रणाली को लेकर शासन स्तर पर सकारात्मक संकेत मिले हैं। मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्ताव का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया जा चुका है, जिसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग से इसे सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। अब इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। कैबिनेट की हरी झंडी मिलते ही प्रदेश में सरकारी भर्तियों का पूरा सिस्टम नए स्वरूप में लागू हो जाएगा।

    फिलहाल मध्यप्रदेश में किसी भी सरकारी भर्ती को पूरा होने में औसतन एक से डेढ़ साल का समय लग जाता है। परीक्षा, परिणाम, दस्तावेज सत्यापन और चयन प्रक्रिया लंबी होने के कारण न केवल विभागों में पद खाली रहते हैं, बल्कि अभ्यर्थियों को भी लंबे इंतजार और अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद इस पूरी प्रक्रिया को दो से ढाई महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    नई प्रणाली से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अभ्यर्थियों को अलग-अलग पदों और विभागों के लिए बार-बार परीक्षाएं नहीं देनी पड़ेंगी। एक बार पात्रता परीक्षा पास करने के बाद उनका स्कोरकार्ड मान्य रहेगा और विभिन्न विभाग अपनी जरूरत के अनुसार उसी स्कोरकार्ड के आधार पर उम्मीदवारों का चयन कर सकेंगे। इससे न केवल समय और खर्च की बचत होगी, बल्कि युवाओं पर परीक्षा का मानसिक दबाव भी कम होगा।

    सरकार का मानना है कि इस बदलाव से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और विवादों की संभावना भी कम होगी। साथ ही विभागों को भी समय पर योग्य उम्मीदवार मिल सकेंगे, जिससे प्रशासनिक कार्यों की रफ्तार तेज होगी। ESB की भूमिका अब परीक्षा आयोजन तक सीमित रहेगी, जबकि चयन की जिम्मेदारी सीधे संबंधित विभागों के पास होगी।

    प्रदेश के लाखों प्रतियोगी छात्रों के लिए यह बदलाव राहत भरी खबर माना जा रहा है। लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में देरी और बार-बार परीक्षा देने की समस्या को लेकर युवाओं में असंतोष था। यदि कैबिनेट से मंजूरी मिल जाती है, तो आने वाले समय में मध्यप्रदेश की सरकारी भर्तियां देश के सबसे तेज और सरल सिस्टम में गिनी जा सकती हैं।

  • इंदौर में भाजपा नेता की गुंडागर्दी: युवकों पर जानलेवा हमला, स्कॉर्पियो में तोड़फोड़; 20 दिन पुराने समझौते के बाद फिर भड़का विवाद

    इंदौर में भाजपा नेता की गुंडागर्दी: युवकों पर जानलेवा हमला, स्कॉर्पियो में तोड़फोड़; 20 दिन पुराने समझौते के बाद फिर भड़का विवाद


    इंदौर । इंदौर के राऊ इलाके में रविवार सुबह सत्ताधारी दल से जुड़े एक नेता की दबंगई एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई। भाजपा युवा मोर्चा के एक पदाधिकारी पर अपने साथियों के साथ मिलकर दो युवकों पर जानलेवा हमला करने और उनकी कार में जमकर तोड़फोड़ करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस हमले में दोनों युवक बुरी तरह घायल हो गए जिन्हें गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    पुलिस के मुताबिक हमलावर की पहचान भाजपा युवा मोर्चा के मंडल उपाध्यक्ष वेदांत तिवारी के रूप में हुई है। पीड़ित युवकों के नाम प्रखर शर्मा और नयन बाफना बताए गए हैं जो सुदामा नगर के निवासी हैं। रविवार सुबह दोनों युवक कैट रोड स्थित एक कैफे से चाय पीकर अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से लौट रहे थे। इसी दौरान वेदांत तिवारी अपने साथी समीर शर्मा और आदित्य के साथ उनका पीछा करने लगा।

    बताया जा रहा है कि रास्ते में आरोपियों ने स्कॉर्पियो को जबरन रोका और युवकों पर हमला बोल दिया। लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से की गई इस मारपीट में दोनों युवकों के सिर में गंभीर चोटें आईं। इतना ही नहीं आरोपियों ने स्कॉर्पियो के शीशे भी तोड़ दिए जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से वर्चस्व को लेकर रंजिश चली आ रही है। यह पहला मौका नहीं है जब इस विवाद ने हिंसक रूप लिया हो। करीब 20 दिन पहले महूनाका चौराहे पर भी वेदांत तिवारी और उसके साथियों ने इन युवकों को घेरने की कोशिश की थी। उस समय युवक किसी तरह अपनी कार भगा कर मौके से निकलने में सफल रहे थे। मामला छत्रीपुरा थाने तक पहुंचा था जहां दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया था।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि उसी समझौते के बाद आरोपियों के हौसले और बुलंद हो गए जिसके चलते उन्होंने दोबारा हमला करने से भी परहेज नहीं किया। रविवार की घटना के बाद जब घायल युवक राऊ थाने पहुंचे तो वहां भी हंगामे की स्थिति बन गई। आरोप है कि सत्ताधारी दल से जुड़े नेताओं के दबाव के चलते पुलिस शुरुआत में एफआईआर दर्ज करने से बचती रही।

    हालांकि जब थाने पर भीड़ जुट गई और मामला तूल पकड़ने लगा तब पुलिस को मजबूरन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। पुलिस ने तोड़फोड़ मारपीट और जानलेवा हमले की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल घायलों का इलाज निजी अस्पताल में जारी है और उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर इंदौर में राजनीतिक रसूख और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई होती तो शायद यह हमला टल सकता था।

  • महिला और सिटी मजिस्ट्रेट में तीखी बहस एक घंटे के विवाद के बाद हटा अतिक्रमण

    महिला और सिटी मजिस्ट्रेट में तीखी बहस एक घंटे के विवाद के बाद हटा अतिक्रमण


    खंडवा /मध्यप्रदेश के खंडवा शहर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ। रविंद्र नगर गेट के पास नगर निगम की टीम जब अतिक्रमण हटाने पहुंची तो वहां रह रही एक महिला ने कार्रवाई का खुलकर विरोध किया। मामला इतना बढ़ गया कि महिला और सिटी मजिस्ट्रेट के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    नगर निगम का अमला अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंचा था। इस दौरान कार्यपालन यंत्री राधेश्याम उपाध्याय और सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह भी मौजूद थे। जैसे ही जेसीबी ने घर के आगे बने ओटले को तोड़ना शुरू किया, वहां खड़ी महिला अचानक मशीन के सामने आ गई और कार्रवाई रोकने की कोशिश करने लगी।

    महिला ने अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह वर्षों से वहां रह रही है और साफ-सफाई भी करती है। विरोध करते हुए महिला ने कहा कि तुम तोड़कर दिखाओ, यहां जितने लोग हैं सबको न फंसा दिया तो फिर बोलना। इस दौरान महिला ने सिटी मजिस्ट्रेट को धमकी भरे लहजे में कहा कि वह उनके खिलाफ उल्टा केस दर्ज करा देगी और पहले उसे गिरफ्तार किया जाए।

    बहस के दौरान महिला ने आसपास के मकानों की ओर इशारा करते हुए सवाल उठाया कि आगे बढ़े हुए ओटले क्यों नहीं हटाए जा रहे हैं। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यह सरकारी जमीन पर किया गया अतिक्रमण है और इसे हटाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जेसीबी लगाकर कार्रवाई पूरी की जाए।

    करीब एक घंटे तक चले इस विवाद के बाद आखिरकार नगर निगम ने अतिक्रमण हटा दिया। हालांकि कार्रवाई के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई और बहस का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।

    नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह अतिक्रमण लंबे समय से किया गया था और पहले भी नोटिस दिए जा चुके थे। प्रशासन का साफ कहना है कि शहर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

  • भोपाल में नियमों की अनदेखी: आर्य समाज मंदिर से सिर्फ 29 मीटर पर शराब ठेका, रहवासियों का सड़क पर प्रदर्शन

    भोपाल में नियमों की अनदेखी: आर्य समाज मंदिर से सिर्फ 29 मीटर पर शराब ठेका, रहवासियों का सड़क पर प्रदर्शन


    भोपाल ।राजधानी भोपाल की अरेरा कॉलोनी में एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। यहां आर्य समाज मंदिर के बेहद समीप, महज 29 मीटर की दूरी पर शराब का ठेका संचालित किया जा रहा है, जबकि नियमों के अनुसार किसी भी धार्मिक स्थल से शराब दुकान की न्यूनतम दूरी 100 मीटर होना अनिवार्य है। इस स्पष्ट नियम उल्लंघन से नाराज स्थानीय रहवासी गुरुवार को मंदिर के बाहर सड़क पर उतर आए और शराब ठेका हटाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।

    लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे रहवासियों का कहना है कि मंदिर में रोजाना पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यक्रम होते हैं, वहीं ठीक बगल में शराब दुकान खुली होने से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे न केवल धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं, बल्कि क्षेत्र की शांति और सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

    प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य डॉ. प्रियंक कानूनगो भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए स्वयं इंच टेप लेकर आर्य समाज मंदिर और शराब दुकान के बीच की दूरी नापी। नापजोख के बाद सामने आया कि दोनों के बीच की दूरी महज 29 मीटर है। इस पर डॉ. कानूनगो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नियम पूरी तरह साफ हैं और धार्मिक स्थल से शराब ठेका कम से कम 100 मीटर दूर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतने कम फासले पर शराब दुकान का संचालन न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह स्थानीय लोगों के अधिकारों का भी हनन है।

    डॉ. प्रियंक कानूनगो ने प्रदर्शन कर रहे रहवासियों को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले में उनके साथ खड़े हैं और इस शराब ठेके को हटवाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उनकी मौके पर मौजूदगी और सक्रियता से प्रदर्शन कर रहे लोगों का उत्साह बढ़ा और मामला और अधिक चर्चा में आ गया।

    स्थानीय निवासियों ने बताया कि इससे पहले भी इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन तब आबकारी विभाग ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया था कि आर्य समाज मंदिर को धार्मिक स्थल की श्रेणी में नहीं माना जा सकता। रहवासियों का कहना है कि यह तर्क पूरी तरह गलत और नियमों की मनमानी व्याख्या है। उनका सवाल है कि जब मंदिर में नियमित रूप से पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन होते हैं, तो उसे धार्मिक स्थल मानने में क्या आपत्ति है।

    अब एक बार फिर रहवासियों के प्रदर्शन और NHRC सदस्य की सीधी दखल के बाद मामला गरमा गया है। लोगों को उम्मीद है कि इस बार प्रशासन नियमों के अनुसार कार्रवाई करेगा और मंदिर के पास से शराब ठेका हटाया जाएगा। फिलहाल अरेरा कॉलोनी में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है और सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।

  • ग्वालियर के बिजौली थाना क्षेत्र में महिला और नाबालिग बहन के साथ हुई दरिंदगी, 40 हजार रुपये और चांदी की पायल भी लूटे

    ग्वालियर के बिजौली थाना क्षेत्र में महिला और नाबालिग बहन के साथ हुई दरिंदगी, 40 हजार रुपये और चांदी की पायल भी लूटे


    ग्वालियर /मध्यप्रदेश के ग्वालियर से एक शर्मनाक और सनसनीखेज खबर सामने आई है। बिजौली थाना क्षेत्र में दो सगी बहनों के साथ दुष्कर्म की वारदात हुई है। पीड़िताओं में एक शादीशुदा महिला और उसकी नाबालिग बहन शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक यह मामला घरेलू विश्वास और नजदीकी रिश्तों के दुरुपयोग का उदाहरण है।

    अधिकारियों के अनुसार, घटना के मुख्य आरोपी महिला का मौसेरे भाई धर्मेंद्र और उसका साथी अमन खान है। आरोप है कि दोनों ने शादीशुदा महिला के पति के अहमदाबाद में काम करने का फायदा उठाया। देर रात बहानों के सहारे आरोपी बहनों के घर रुके और शादी का झांसा देकर दोनों बहनों के साथ दुष्कर्म किया।

    सिर्फ यहीं नहीं, आरोपी हाथ साफ करते हुए 40 हजार रुपये नगद और चांदी की पायल भी लूटकर फरार हो गए। पीड़िता ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    बिजौली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म (आईपीसी 376) सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की खोज में लगी हुई है और जांच जारी है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी घटना को अंजाम देने के लिए देर रात को घर में रुके, ताकि किसी की नजर न पड़े और बहाने बनाकर पीड़िताओं को बहकाया जा सके। यह मामला न केवल समाज में सुरक्षा की चिंता को उजागर करता है, बल्कि घरेलू और पारिवारिक विश्वास की हिफाजत की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।

    सामाजिक और कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में न सिर्फ सख्त कानूनी कार्रवाई की जरूरत है, बल्कि पीड़िताओं को मानसिक और भावनात्मक सहायता प्रदान करना भी बेहद आवश्यक है।

    मध्यप्रदेश पुलिस ने जनता से अपील की है कि अगर किसी ने आरोपियों के बारे में कोई जानकारी है, तो तुरंत थाना या पुलिस हेल्पलाइन पर सूचना दें। जांच पूरी होने तक पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश कर रही है और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। यह घटना न केवल ग्वालियर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में लोगों को सतर्क रहने और अपने परिवार के सुरक्षित वातावरण के महत्व को याद दिलाती है।

  • 8 फरवरी महाकाल भस्म आरती: चंदन के त्रिपुंड और त्रिनेत्र से सजे बाबा महाकाल, अलौकिक श्रृंगार के हुए दर्शन

    8 फरवरी महाकाल भस्म आरती: चंदन के त्रिपुंड और त्रिनेत्र से सजे बाबा महाकाल, अलौकिक श्रृंगार के हुए दर्शन

    उज्जैन । उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार तड़के 8 फरवरी को फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि पर भव्य भस्म आरती संपन्न हुई। सुबह करीब 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए, जिसके साथ ही श्रद्धा और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। कपाट खुलते ही गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुजारियों ने भगवान महाकाल सहित सभी देवी-देवताओं का विधिवत पूजन किया और जलाभिषेक से आरती की शुरुआत हुई ।

    इसके पश्चात भगवान महाकाल का दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से निर्मित पंचामृत से अभिषेक किया गया। अभिषेक के बाद बाबा महाकाल का अत्यंत मनोहारी और दिव्य श्रृंगार किया गया। भगवान को चंदन का त्रिपुंड लगाया गया, त्रिनेत्र से अलंकृत किया गया और भांग से राजा स्वरूप में सजाया गया। यह दृश्य भक्तों के लिए अत्यंत भावविभोर कर देने वाला रहा।

    भस्म अर्पण से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया। मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का ध्यान किया गया और कपूर आरती संपन्न हुई। इसके बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर भस्म रमाई गई, जो महाकाल की विशिष्ट पहचान और शिव तत्व का प्रतीक मानी जाती है। भस्म अर्पण के पश्चात भगवान को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। आभूषणों और फूलों से बाबा महाकाल का भव्य अलंकरण किया गया, जिससे गर्भगृह दिव्यता से आलोकित हो उठा।

    अल सुबह संपन्न हुई इस भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन किए और उनके कान के समीप अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना की। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर “जय श्री महाकाल” के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। भक्तों की आस्था और भक्ति ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि बाबा महाकाल के दरबार में आकर हर मनोकामना पूर्ण होने की आशा जाग उठती है। जो श्रद्धालु मंदिर नहीं पहुंच सके, वे घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से भी भस्म आरती के दर्शन कर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शहडोल दौरा: 767 करोड़ की सौगात, माता शबरी प्रतिमा का अनावरण और विकास कार्यों की ऐतिहासिक शुरुआत

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शहडोल दौरा: 767 करोड़ की सौगात, माता शबरी प्रतिमा का अनावरण और विकास कार्यों की ऐतिहासिक शुरुआत


    नई दिल्ली । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मध्य प्रदेश के शहडोल जिले को विकास की बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। अपने व्यस्त दौरे के तहत मुख्यमंत्री जहां एक ओर आस्था और संस्कृति से जुड़े ऐतिहासिक स्थल सीतामढ़ी धाम में माता शबरी की भव्य प्रतिमा का अनावरण करेंगे वहीं दूसरी ओर शहडोल जिले के लिए 767 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले और पूर्ण हो चुके कुल 142 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करेंगे। यह दौरा जिले के सामाजिक सांस्कृतिक और आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दिन सुबह 10:30 बजे कटनी जिले से शुरू होगा जहां वे दोपहर 12:10 बजे तक स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होकर विभिन्न योजनाओं और क्षेत्रीय मुद्दों पर फोकस करेंगे। इसके पश्चात दोपहर 1:35 बजे हेलीकॉप्टर से शहडोल जिले के धनपुरी जैतपुर पहुंचेंगे। यहां वे सड़क पुल शिक्षा स्वास्थ्य जल संरक्षण और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े 142 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। ये परियोजनाएं शहडोल जिले के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आमजन के जीवन स्तर में सुधार लाने में अहम भूमिका निभाएंगी।

    धनपुरी में मुख्यमंत्री नगर पालिका द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक वाटर पार्क का उद्घाटन भी करेंगे। यह वाटर पार्क न केवल स्थानीय लोगों के लिए गर्मियों में राहत और मनोरंजन का साधन बनेगा बल्कि क्षेत्र में पर्यटन को भी नई गति देगा। इसके साथ ही साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा अधिग्रहित भूमि के 15 हितग्राहियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

    दोपहर करीब 3:20 बजे मुख्यमंत्री गंधिया गांव ब्यौहारी जयसिंहनगर विकासखंड स्थित पवित्र सीतामढ़ी धाम पहुंचेंगे। यह स्थल रामायण काल से जुड़ा हुआ है और भगवान राम के वनवास मार्ग का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है जहां माता शबरी ने अपनी अनन्य भक्ति से प्रभु श्रीराम को फल अर्पित किए थे। यहां माता शबरी की भव्य प्रतिमा का अनावरण मुख्यमंत्री स्वयं करेंगे। यह प्रतिमा लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था और श्रद्धा का नया केंद्र बनेगी और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगी। सीतामढ़ी धाम में भी विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन प्रस्तावित है।

    इधर राजधानी भोपाल में आज मध्य प्रदेश कांग्रेस की संगठनात्मक समीक्षा बैठक भी आयोजित हो रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा भोपाल संभाग से इस समीक्षा की शुरुआत की जा रही है जिसमें संगठन की मजबूती जमीनी फीडबैक और भविष्य की रणनीति पर गहन मंथन होगा। प्रदेश प्रभारी और अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में हो रही ये बैठकें पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत करने की दिशा में एक प्रयास मानी जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शाम करीब 6 बजे गंधिया से स्टेट हैंगर भोपाल के लिए रवाना होंगे। कुल मिलाकर आज का दिन शहडोल जिले के लिए विकास आस्था और रोजगार के नए अवसरों का संदेश लेकर आ रहा है।