Category: Madhya Pradesh

  • शीर्षक: उज्जैन: ट्रेन में बच्ची से छेड़छाड़, विरोध करने पर मारपीट; स्टेशन पर भड़का सांप्रदायिक तनाव

    शीर्षक: उज्जैन: ट्रेन में बच्ची से छेड़छाड़, विरोध करने पर मारपीट; स्टेशन पर भड़का सांप्रदायिक तनाव


    उज्जैन ।मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के नागदा रेलवे स्टेशन पर रविवार देर रात एक गंभीर घटना ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया गुजरात के दाहोद जिले से अस्थि विसर्जन के लिए ट्रेन से उज्जैन आ रहे एक परिवार की बच्ची के साथ ट्रेन में कुछ युवकों ने छेड़छाड़ का प्रयास किया जब परिवार ने विरोध किया तो युवकों ने जमकर मारपीट शुरू कर दी

    पीड़ित परिवार के अनुसार महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और युवकों को बुरी तरह पीटा गया पूरी बोगी में हंगामा मच गया घटना की जानकारी जैसे ही नागदा में स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों को लगी बड़ी संख्या में लोग रेलवे स्टेशन पर जमा हो गए वहीं मुस्लिम समाज के लोग भी बड़ी तादाद में स्टेशन पहुंचे जिससे टकराव की स्थिति बन गई

    स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया सूत्रों के अनुसार मुस्लिम युवकों ने खाचरोद से अपने साथियों को बुला लिया और करीब 50-60 युवक ट्रेन में चढ़कर मारपीट में शामिल हो गए देर रात तक जिले भर से पुलिस बल नागदा पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में रखापीड़ित परिवार ने नागदा जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई इसके बाद पुलिस ने सुरक्षा के बीच परिवार को निजी वाहन से उज्जैन पहुंचाया परिवार इतना डर गया कि स्टेशन पर कई सदस्य रोने लगे पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश कर रही है

    इस घटना ने इलाके में तनाव का माहौल बना दिया हालांकि फिलहाल पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में रखी हुई है और दोनों समुदायों को शांत रहने की अपील की है स्थानीय प्रशासन ने भी सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सकेइस घटना ने एक बार फिर ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के महत्व को उजागर किया है प्रशासन और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और दोषियों को पकड़ने के प्रयास में जुटी हुई है

  • MP: जबलपुर में सेक्स रैकेट के अड्डे पर पुलिस की रेड…. उज्बेकिस्तान की महिला सहित दो गिरफ्तार

    MP: जबलपुर में सेक्स रैकेट के अड्डे पर पुलिस की रेड…. उज्बेकिस्तान की महिला सहित दो गिरफ्तार


    जबलपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर (Jabalpur) में विदेशी महिलाओं (Foreign Women) को बुलाकर देह व्यापार कराए जाने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक उज्बेकिस्तान की महिला (Uzbekistan Women) समेत एक अन्य महिला को हिरासत में लिया है। जांच में सामने आया है कि बाहर से लाई गई युवतियों से देह व्यापार के बदले 5 से 10 हजार रुपये दिलाने की बात कही जाती थी, लेकिन उन्हें महज 2 से 3 हजार रुपये ही दिए जाते थे।

    पुलिस पूछताछ में उज्बेकिस्तान से आई महिला ने बताया कि वह एक दिन पहले ही जबलपुर पहुंची थी। जांच में यह भी सामने आया है कि इस रैकेट का मुख्य आरोपी एक आदतन अपराधी है, जो अपने परिवार के साथ रहकर अलग-अलग किराए के मकानों में यह अवैध धंधा चलाता था। छापेमारी के बाद से आरोपी फरार है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि इस नेटवर्क से जुड़ी करीब 10 अन्य युवतियों को भी देह व्यापार के लिए बुलाया गया था, जिनकी खोजबीन की जा रही है।

    दरअसल, जबलपुर जिले के माढ़ोताल थाना क्षेत्र स्थित ग्रीन सिटी इलाके में बीते कुछ समय से अनैतिक गतिविधियों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। बताया जा रहा था कि एक किराए के मकान में देह व्यापार संचालित हो रहा है, जहां देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी लड़कियों को लाया जाता था। इन सूचनाओं के आधार पर एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर सीएसपी आशीष जैन और महिला थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की।

    पुलिस कार्रवाई में मौके से एक विदेशी महिला और एक अन्य महिला को पकड़ा गया, जो उज्बेकिस्तान की निवासी बताई जा रही है। पूछताछ में महिला ने बताया कि उसे कभी विमान तो कभी ट्रेन के जरिए दिल्ली होते हुए जबलपुर लाया गया। उसने यह भी खुलासा किया कि उज्बेकिस्तान से मुंबई आने के दौरान उसकी पहचान शिव चौधरी नामक व्यक्ति से हुई थी, जिसने अधिक कमाई का लालच देकर उसे देह व्यापार में शामिल होने के लिए जबलपुर बुलाया।


    पति के इशारों पर पत्नी दूसरे देश से बुलाती थी

    मिली जानकारी के अनुसार प्रिया अपने पति शिवा चौधरी के इशारे पर दूसरे देश से महिलाओं को लाकर यहां रहने वाले अमीर लोगों के सामने परोसा करती थी। पुलिस ने मौके से उज्बेकिस्तान महिला के साथ एक अन्य महिला को पकड़ा है, हालांकि इसका मास्टरमाइंड और गिरोह का सरगना मौके से जरूर फरार हो गया, जिसकी पुलिस तलाश में जुटी है। पुलिस हिरासत में महिला ने बताया कि 2011 में उसकी शादी हुई थी। 2023 में पति की मौत के बाद वह मुंबई आ गई, यहां पर उसने दूसरी शादी की, इसी दौरान दिल्ली निवासी प्रिया कौर से सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी दोस्ती हुई, पति की मौत के बाद वह इस गौरखधंधे में उतर आई। महिला का कहना है कि कुछ दिनों पहले शिव चौधरी और उसकी पत्नी सुषमा चौधरी से उसकी दोस्ती हुई, इसके बाद ट्रेन से उसे शुक्रवार को जबलपुर बुलाया गया था।


    किराए पर लिया था मकान

    सीएसपी आशीष जैन ने बताया कि महिला के पति शिव चौधरी ने ग्रीन सिटी में 15 दिन पहले ही किराए पर मकान लिया था। पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी शिव चौधरी आदतन अपराधी है, जो कि शहर के कई ठिकानों में किराए के मकान लेकर देह व्यापार का काम किया करता था। पुलिस को शक न हो इसके लिए आरोपी पत्नी और बच्चों को भी रखा करता था। जानकारी के मुताबिक जबलपुर शहर के अलावा जिले के कई अन्य इलाकों में भी इसने देह व्यापार का अड्डा खोल रखा है। फिलहाल आरोपी शिव चौधरी पुलिस गिरफ्त से बाहर है जिसकी तलाश जारी है।


    2 से 5 हजार रुपए देने का वादा

    सीएसपी ने बताया कि भारत के छोटे शहरों में छिपकर देह व्यापार चल रहा है, जहां अच्छी-खासी रकम मिलती है। प्रिया कौर जो कि दिल्ली निवासी है, उसके संपर्क में आने के बाद यह महिला दिल्ली से होते हुए जबलपुर पुहंची, जहां उसे एक दिन के 2 से 5 हजार रुपए देने का वादा किया था। सीएसपी आशीष जैन का कहना है कि अभी तक उज्बेकिस्तान से आई एक महिला को हिरासत में लिया है। करीब 10 लड़कियां जबलपुर शहर लाई गई हैं, वह अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं, जिनकी तलाश जारी है। लगातार कार्रवाई जारी है। स्पा सेंटर का लाइसेंस नगर निगम से जारी किया जाता है, अब यह भी देखा जा रहा है कि नगर निगम की टीम किस आधार पर स्पा सेंटर को लाइसेंस दे रही है।

  • भोपाल में दर्दनाक हादसा: पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने दौड़ी 6 साल की मासूम, तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत

    भोपाल में दर्दनाक हादसा: पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने दौड़ी 6 साल की मासूम, तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत


    भोपाल। राजधानी के ईटखेड़ी थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक मर्मांतक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार के कहर ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। अपने पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने की कोशिश कर रही 6 वर्षीय बच्ची को एक बेकाबू कार ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल बच्ची ने अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    इलाज कराकर लौट रहे थे घर मृतक बच्ची की पहचान 6 वर्षीय आसिया अली के रूप में हुई है, जो परेवा खेड़ा (पतलोन) की रहने वाली थी। परिजनों के अनुसार, आसिया पिछले तीन दिनों से वायरल फीवर (बुखार) से पीड़ित थी। शनिवार रात करीब 10 बजे उसके पिता इकबाल अली उसे हाईवे स्थित एक क्लीनिक पर डॉक्टर को दिखाने ले गए थे। डॉक्टर से दवाई लेने के बाद पिता-पुत्री पैदल ही अपने घर की ओर लौट रहे थे। उन्हें क्या मालूम था कि घर पहुँचने से पहले ही काल उनके सामने खड़ा है।

    एक पल की चूक और मातम में बदली रात हादसा परेवा खेड़ा के पास मुख्य मार्ग पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिता इकबाल ने बच्ची का हाथ पकड़ रखा था, लेकिन अचानक आसिया ने पिता का हाथ छुड़ाया और सड़क के दूसरी तरफ जाने के लिए दौड़ लगा दी। इसी दौरान अंधेरे में आ रही एक तेज रफ्तार कार ने मासूम को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्ची सड़क पर काफी दूर जाकर गिरी और लहूलुहान हो गई।

    ड्राइवर ही लेकर पहुँचा अस्पताल हादसे के बाद कार चालक ने इंसानियत दिखाते हुए भागने के बजाय अपनी ही कार से घायल बच्ची और उसके पिता को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुँचाया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने जांच के बाद मासूम आसिया को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की सूचना पर ईटखेड़ी पुलिस मौके पर पहुँची और कार को जब्त कर लिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। इस घटना के बाद से ही गांव में मातम पसरा हुआ है।

    भोपाल के ईटखेड़ी में पिता के साथ डॉक्टर के पास से लौट रही 6 साल की आसिया की कार की टक्कर से मौत हो गई। सड़क पार करते समय पिता का हाथ छूटने से यह हादसा हुआ। कार चालक बच्ची को अस्पताल ले गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। पुलिस जांच जारी है।

  • मंदसौर में 'जहरीले' घी की फैक्ट्री सील: केमिकल डालकर बना रहे थे नकली घी, अहमदाबाद के दो जालसाज गिरफ्तार

    मंदसौर में 'जहरीले' घी की फैक्ट्री सील: केमिकल डालकर बना रहे थे नकली घी, अहमदाबाद के दो जालसाज गिरफ्तार


    मंदसौर । जनता की सेहत से खिलवाड़ कर अपनी जेबें भरने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ मंदसौर पुलिस ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। सीतामऊ फाटक क्षेत्र के एक घर में पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात दबिश देकर नकली घी बनाने के एक बड़े कारखाने का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने गुजरात के अहमदाबाद निवासी दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो केमिकल और सोयाबीन तेल के मिश्रण से ‘मौत का घी’ तैयार कर रहे थे।

    केमिकल से आती थी असली घी जैसी खुशबू पुलिस ने जब मौके पर छापा मारा, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। घर के भीतर बड़े-बड़े बर्तनों में सोयाबीन तेल को उबालकर उसमें घातक केमिकल मिलाया जा रहा था। इस विशेष केमिकल का उपयोग घी में असली खुशबू और दानेदार बनावट लाने के लिए किया जाता था, ताकि आम आदमी असली और नकली में फर्क न कर सके। पुलिस ने मौके से करीब 150 लीटर तैयार नकली घी, भारी मात्रा में सोयाबीन तेल, गैस चूल्हे, बड़े बर्तन और खुशबू फैलाने वाला केमिकल जब्त किया है।

    अहमदाबाद से सीखा ‘मिलावट का हुनर’ गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गोपाल और संजय के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से अहमदाबाद के रहने वाले हैं और वहीं से नकली घी बनाने का यह काला हुनर सीखकर आए थे। आरोपी लंबे समय से मंदसौर में किराए का घर लेकर इस गोरखधंधे को अंजाम दे रहे थे। पूछताछ में सामने आया है कि वे इस नकली घी को सस्ते दामों पर ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों और छोटे दुकानदारों को सप्लाई करते थे, जहाँ लोग कम कीमत के चक्कर में इसे खरीद लेते थे।

    सख्त धाराओं में केस दर्ज, सैंपल लैब भेजे राजस्व पुलिस और खाद्य विभाग की टीम ने बरामद घी के सैंपल लेकर उन्हें प्रयोगशाला के लिए भेज दिया है। फूड सेफ्टी ऑफिसर का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद इसमें और भी गंभीर धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। फिलहाल, पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और खाद्य अपमिश्रण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन आरोपियों के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और इन्होंने अब तक कितने क्विंटल नकली घी बाजार में खपाया है।

  • माघ पूर्णिमा पर आस्था का सैलाब: कड़ाके की ठंड में नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर गूंजे 'नर्मदे हर' के जयकारे, हजारों श्रद्धालुओं ने किया स्नान

    माघ पूर्णिमा पर आस्था का सैलाब: कड़ाके की ठंड में नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर गूंजे 'नर्मदे हर' के जयकारे, हजारों श्रद्धालुओं ने किया स्नान


    नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश की संस्कारधानी और मां नर्मदा के पावन तट नर्मदापुरम में आज माघ पूर्णिमा का अद्भुत आध्यात्मिक नजारा देखने को मिला। माघ मास के इस अंतिम और पवित्र दिन पर प्रसिद्ध सेठानी घाट श्रद्धा के सागर में डूबा नजर आया। कड़ाके की ठंड और सुबह की सर्द हवाओं की परवाह न करते हुए, हजारों की संख्या में श्रद्धालु सूर्योदय से पहले ही मां नर्मदा की शरण में पहुँच गए और आस्था की डुबकी लगाई।

    सर्द हवाओं पर भारी पड़ी शिव-भक्ति रविवार तड़के से ही सेठानी घाट और आसपास के अन्य घाटों पर भक्तों की लंबी कतारें लगने लगी थीं। जैसे ही भोर की पहली किरण ने नर्मदा के जल को छुआ, पूरा वातावरण ‘नर्मदे हर’ और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। ठिठुरन के बावजूद क्या बच्चे, क्या बूढ़ेहर कोई मां नर्मदा के शीतल जल में पुण्य लाभ अर्जित करने के लिए लालायित दिखा। श्रद्धालुओं ने स्नान के पश्चात सूर्य को अर्घ्य दिया और तट पर स्थित प्राचीन शिवलिंगों का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि की मंगल कामना की।

    दान-पुण्य और मोक्ष की मान्यता शास्त्रों के अनुसार माघ पूर्णिमा का दिन आध्यात्मिक शुद्धि के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से व्यक्ति के समस्त ज्ञात-अज्ञात पापों का शमन होता है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। माताओं और बहनों ने घाट पर दीपदान किया और अन्न-वस्त्र का दान कर पुण्य लाभ कमाया। नर्मदापुरम की इस पावन धरा पर भक्तों का यह अटूट विश्वास दर्शाता है कि भारतीय संस्कृति में आस्था के आगे मौसम की कठोरता भी गौण हो जाती है।

    प्रशासन द्वारा घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। गोताखोरों की टीम और पुलिस बल मुस्तैद रहा ताकि उमड़ती भीड़ के बीच कोई अप्रिय घटना न हो। दान-पुण्य भजन-कीर्तन और जप-तप का यह सिलसिला देर शाम होने वाली महाआरती तक जारी रहने की उम्मीद है।

  • शहडोल में डकैती का तांडव: बंदूक की नोक पर किसान दंपति को बनाया बंधक, मुंह पर टेप चिपकाकर लाखों के जेवर ले उड़े बदमाश

    शहडोल में डकैती का तांडव: बंदूक की नोक पर किसान दंपति को बनाया बंधक, मुंह पर टेप चिपकाकर लाखों के जेवर ले उड़े बदमाश


    शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब वे आम नागरिकों के घरों में घुसकर तांडव मचाने से भी नहीं हिचक रहे हैं। ताजा मामला बुढार थाना क्षेत्र के ग्राम धनगांव का है, जहाँ देर रात हथियारों से लैस आधा दर्जन बदमाशों ने एक किसान परिवार को निशाना बनाया। लूट और डकैती की इस खौफनाक वारदात ने न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि ग्रामीणों के मन में सुरक्षा को लेकर गहरा डर पैदा कर दिया है।

    आधी रात को ‘मौत’ का साया घटना की शुरुआत तब हुई जब किसान ओमप्रकाश केवट अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। तभी अचानक बंदूक और धारदार चाकू से लैस पांच से अधिक नकाबपोश बदमाश दीवार फांदकर घर के भीतर दाखिल हुए। आहट पाकर जब तक ओमप्रकाश कुछ समझ पाते, बदमाशों ने उन्हें और उनकी पत्नी को हथियारों की नोक पर बंधक बना लिया। बदमाशों ने पूरी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम दिया; उन्होंने सबसे पहले पति-पत्नी के हाथ-पैर रस्सी से बांधे और शोर मचाने से रोकने के लिए उनके मुंह पर टेप चिपका दिया।

    आधे घंटे तक मची रही लूटपाट बंधक बने किसान दंपति के सामने बदमाश करीब आधे घंटे तक घर के भीतर मौत का तांडव मचाते रहे। अलमारियों के ताले तोड़कर और संदूकों को खंगालते हुए बदमाशों ने लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और घर में रखी नकदी समेट ली। डकैती को अंजाम देने के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर बेखौफ होकर मौके से फरार हो गए। बदमाशों के जाने के बाद पीड़ित दंपति ने जैसे-तैसे खुद को बंधनों से मुक्त किया और शोर मचाकर आसपास के लोगों व पुलिस को सूचित किया।

    सवालों के घेरे में कानून-व्यवस्था सूचना मिलते ही बुढार थाना पुलिस मौके पर पहुँची और जांच शुरू की। हालांकि, अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं। शहडोल जिले में बीते कुछ समय से पुलिसकर्मियों पर हमले और अब बंधक बनाकर डकैती जैसी घटनाओं ने जनता के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में गश्त न के बराबर है, जिसके कारण अपराधी बेखौफ होकर ऐसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और पुराने अपराधियों की कुंडली खंगाल कर सुराग जुटाने का प्रयास कर रही है।

  • सिस्टम फेल तो महिलाएं बनीं 'चंडी': खंडवा में अवैध शराब माफिया को पहनाई चप्पलों की माला, सड़क पर निकाला जुलूस

    सिस्टम फेल तो महिलाएं बनीं 'चंडी': खंडवा में अवैध शराब माफिया को पहनाई चप्पलों की माला, सड़क पर निकाला जुलूस


    खंडवा । मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के पंधाना थाना क्षेत्र के बिहार गांव में शराबियों और अवैध शराब माफियाओं के आतंक से तंग आकर महिलाओं का धैर्य जवाब दे गया। जब बार-बार की शिकायतों के बाद भी प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली, तो महिलाओं ने खुद ही ‘रणचंडी’ का रूप धारण कर लिया और अवैध शराब बेचने वाले एक युवक को पकड़कर उसे चप्पलों की माला पहनाई और पूरे गांव में उसका जुलूस निकाला।

    प्रशासनिक अनदेखी ने किया मजबूर इस आक्रोश की जड़ें महीनों पुरानी हैं। बिहार गांव की महिलाएं लंबे समय से गांव में अवैध रूप से कच्ची शराब बनाने और उसे बेचे जाने का विरोध कर रही थीं। शराब के कारण न केवल गांव का माहौल खराब हो रहा था, बल्कि घरेलू हिंसा और आर्थिक तंगी ने भी परिवारों को बर्बाद करना शुरू कर दिया था। महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने जिला मुख्यालय पर जनसुनवाई से लेकर आबकारी विभाग तक कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें कीं, लेकिन रसूखदार शराब माफियाओं के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विभागीय सुस्ती ने अंततः महिलाओं को खुद मोर्चा संभालने पर मजबूर कर दिया।

    सरेराह निकाला सबक सिखाने वाला जुलूस बीते दिन जब गांव का ही एक युवक अवैध रूप से शराब तैयार कर खुलेआम बेच रहा था, तब गांव की दर्जनों महिलाओं ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। गुस्से से भरी महिलाओं ने पहले उसे जमकर फटकार लगाई और फिर चप्पलों की एक माला तैयार कर उसके गले में डाल दी। इसके बाद महिलाओं ने युवक को पूरे गांव की गलियों में घुमाया और नारेबाजी की। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें महिलाएं यह संदेश देती नजर आ रही हैं कि यदि वर्दी अपना फर्ज नहीं निभाएगी, तो उन्हें ही समाज की शुद्धि के लिए आगे आना होगा।

    खौफ में माफिया चर्चा में साहस जुलूस निकाले जाने के दौरान गांव में अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन किसी ने भी महिलाओं को रोकने की हिम्मत नहीं की। यह घटना अन्य अवैध कारोबारियों के लिए एक कड़ा संदेश बन गई है। हालांकि कानूनी जानकारों का मानना है कि इस तरह कानून हाथ में लेना सही नहीं है, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जब रक्षक ही मौन हो जाएं, तो पीड़ित के पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। फिलहाल इस वायरल वीडियो के बाद पंधाना पुलिस मामले की जांच की बात कह रही है, लेकिन असली सवाल अब भी बरकरार है—क्या अब आबकारी विभाग की नींद खुलेगी?

  • कृषक कल्याण वर्ष: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के कल्याण के लिए मिशन मोड में काम करने के दिए निर्देश

    कृषक कल्याण वर्ष: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के कल्याण के लिए मिशन मोड में काम करने के दिए निर्देश


    भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी कमिश्नर्स और कलेक्टर्स को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे अन्नदाता किसानों के कल्याण की चिंता करना राज्य सरकार का कर्तव्य है। वर्ष 2026 को सरकार द्वारा कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया गया है और इसका प्रभावी क्रियान्वयन मिशन मोड में किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों का जीवन संवारना और उनकी बेहतरी सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष के दौरान किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। किसान रथ का शुभारंभ स्थानीय सांसद और विधायक के साथ किया जाए। किसानों से नियमित संवाद बनाए रखा जाए और उन्हें ग्रीष्मकालीन मूंग के स्थान पर अधिक से अधिक मूंगफली और उड़द की फसल उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने, जलवायु एवं ऊर्जा के अनुकूल कृषि अपनाने और संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए ई-गवर्नेंस पोर्टल का लाभ उठाने का निर्देश दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए सभी विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ समन्वित प्रयास किए जाएं। इस वर्ष किसानों के कल्याण में उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन, जल संसाधन, सहकारिता, ऊर्जा, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित 15 से अधिक विभाग सक्रिय भूमिका निभाएंगे।पराली और नरवाई जलाने की घटनाओं पर सख्ती बरतने, खेत का भूसा गौशालाओं तक पहुंचाने और फसल अवशेष से बायोगैस संयंत्र स्थापित करने पर जोर दिया गया। सभी कलेक्टर्स अपने जिलों में इस पर निगरानी रखें।

    मुख्यमंत्री ने दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए समन्वित प्रयास करने और पशुपालकों को नस्ल सुधार पोषण और स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए जागरूक करने का निर्देश दिया। मत्स्य पालन के लिए जिला स्तर पर अधिकाधिक मत्स्य प्रक्षेत्र विकसित किए जाएं और नगरीय क्षेत्रों में फिश पार्लर स्थापित किए जाएं।कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया कि कृषक कल्याण वर्ष की गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। कृषि उपज मंडियों का निरीक्षण और विपणन पर ध्यान देकर मूल्य संवर्धन सुनिश्चित किया जाए। दुग्धोत्पादन बढ़ाने के लिए नवाचारी तकनीकों की जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाए।

    मुख्यमंत्री ने कार्य योजना के बेहतर क्रियान्वयन, छोटे-बड़े कार्यक्रमों, हितग्राहियों के सत्यापन और सहयोग, नई योजनाओं की शुरुआत और नवाचार को अपनाने पर जोर दिया। वित्तीय स्त्रोतों जैसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप, CSR और केंद्र सरकार की योजनाओं से अधिक से अधिक लाभ दिलाने का निर्देश दिया।मुख्यमंत्री ने फरवरी में डिण्डोरी में कोदो-कुटकी बोनस वितरण, गुलाब महोत्सव राज्यस्तरीय एग्रीस्टैक एवं डिजिटल कृषि प्रदर्शनी और मार्च में राज्यस्तरीय सहकारिता सम्मेलन जैसे कार्यक्रमों की रूपरेखा भी साझा की।

  • राजधानी में दिल दहला देने वाली घटना बालकनी में खून से लथपथ मिला बच्चा

    राजधानी में दिल दहला देने वाली घटना बालकनी में खून से लथपथ मिला बच्चा


    भोपाल ।राजधानी भोपाल के गौतम नगर इलाके में शुक्रवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले 12 वर्षीय छात्र की सिर में गोली लगने से मौत हो गई। बच्चा अपने ही घर की बालकनी में खून से लथपथ और अचेत अवस्था में मिला था। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन इलाज के दौरान शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।

    घटना शुक्रवार रात करीब एक बजकर पचास मिनट की बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार जब घर में बच्चे की मौजूदगी नजर नहीं आई तो उसकी तलाश की गई। इसी दौरान वह घर की बालकनी में बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। उसके सिर से लगातार खून बह रहा था। घबराए परिजन बिना समय गंवाए उसे कमला नेहरू अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने गंभीर हालत में उसका इलाज शुरू किया लेकिन शनिवार सुबह करीब ग्यारह बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया।

    गौतम नगर थाना प्रभारी महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि मृतक की पहचान इब्राहिम पिता रिजवान लाला के रूप में हुई है। इब्राहिम अपने परिवार के साथ जेपी नगर क्षेत्र में रहता था और पास के स्कूल में तीसरी कक्षा का छात्र था। उसके पिता बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई का काम करते हैं। अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई।

    शनिवार सुबह फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। बालकनी और आसपास के क्षेत्र से साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि बच्चे के सिर में गोली लगी थी। हालांकि गोली किस दिशा से आई और किस हथियार से चलाई गई इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगा।

    जांच के दौरान एक अहम तथ्य यह भी सामने आया है कि बच्चे के घर में देर रात तक बाहरी युवकों का आना जाना होता था। स्थानीय लोगों और शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि पिता के मेलजोल के चलते कुछ बाहरी युवक अक्सर घर आते थे। पुलिस इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए हर संभावित एंगल से जांच कर रही है।थाना प्रभारी का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मामला किसी दुर्घटना से जुड़ा है लापरवाही का परिणाम है या किसी आपराधिक साजिश से संबंधित है। घर के सभी सदस्यों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि घर में कोई हथियार मौजूद था या गोली बाहर से आई।

    बच्चे की मौत के बाद पड़ोसियों और परिचितों में गहरा शोक है। लोगों का कहना है कि इब्राहिम शांत स्वभाव का बच्चा था और नियमित रूप से स्कूल जाता था। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि यदि किसी भी तरह की लापरवाही या अपराध सामने आता है तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • महाकाल भस्म आरती: भांग, चंदन और त्रिनेत्र से सजा बाबा का 'राजा स्वरूप', त्रयोदशी पर उज्जैन में उमड़ा आस्था का सैलाब

    महाकाल भस्म आरती: भांग, चंदन और त्रिनेत्र से सजा बाबा का 'राजा स्वरूप', त्रयोदशी पर उज्जैन में उमड़ा आस्था का सैलाब


    उज्जैन । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में माघ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर शनिवार को भक्ति और शक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के 4 बजे जैसे ही मंदिर के रजत कपाट खुले, पूरा परिसर ‘जय महाकाल’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। बाबा महाकाल की विशेष भस्म आरती के दौरान भगवान का ऐसा दिव्य श्रृंगार किया गया कि श्रद्धालु मंत्रमुग्ध रह गए।

    पंचामृत अभिषेक और शाही श्रृंगार परंपरा के अनुसार, मंदिर के पट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके पश्चात भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर उन्हें दूध, दही, घी, शहद और फलों के रसों से बने पंचामृत से स्नान कराया गया। स्नान के उपरांत बाबा का श्रृंगार शुरू हुआ, जिसमें चंदन का त्रिपुंड, मस्तक पर त्रिनेत्र और भांग के विशेष लेपन से उन्हें ‘राजा स्वरूप’ दिया गया। भगवान का यह रूप इतना मनमोहक था कि हर आँख बस उन्हें निहारती रह गई।

    भस्म रमाई और दिव्य आभूषण भस्म अर्पण की प्रक्रिया से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर ‘हरिओम’ का जल अर्पित किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कपूर आरती हुई और फिर ज्योतिर्लिंग को सूती कपड़े से ढांककर पवित्र भस्म रमाई गई। भस्म आरती के पश्चात बाबा को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल और रुद्राक्ष की मालाएं धारण कराई गईं। सुगंधित पुष्पों और आभूषणों से सुसज्जित होकर बाबा महाकाल अपने पूर्ण वैभव में नजर आए।

    नंदी के कान में मनोकामनाएं और गूंजते जयकारे इस अलौकिक आरती का गवाह बनने के लिए देशभर से सैकड़ों श्रद्धालु उज्जैन पहुँचे थे। भस्म आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन किए और परंपरा के अनुसार उनके कान में अपनी मनोकामनाएं कहीं। मान्यता है कि नंदी जी के माध्यम से भक्तों की पुकार बाबा महाकाल तक शीघ्र पहुँचती है। आरती के अंत तक पूरा मंदिर परिसर शिव भक्ति के रंग में डूबा रहा और भक्तों ने इस पुण्य लाभ से स्वयं को धन्य महसूस किया।

    उज्जैन । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में माघ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर शनिवार को भक्ति और शक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के 4 बजे जैसे ही मंदिर के रजत कपाट खुले, पूरा परिसर ‘जय महाकाल’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। बाबा महाकाल की विशेष भस्म आरती के दौरान भगवान का ऐसा दिव्य श्रृंगार किया गया कि श्रद्धालु मंत्रमुग्ध रह गए।

    पंचामृत अभिषेक और शाही श्रृंगार परंपरा के अनुसार, मंदिर के पट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके पश्चात भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर उन्हें दूध, दही, घी, शहद और फलों के रसों से बने पंचामृत से स्नान कराया गया। स्नान के उपरांत बाबा का श्रृंगार शुरू हुआ, जिसमें चंदन का त्रिपुंड, मस्तक पर त्रिनेत्र और भांग के विशेष लेपन से उन्हें ‘राजा स्वरूप’ दिया गया। भगवान का यह रूप इतना मनमोहक था कि हर आँख बस उन्हें निहारती रह गई।

    भस्म रमाई और दिव्य आभूषण भस्म अर्पण की प्रक्रिया से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर ‘हरिओम’ का जल अर्पित किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कपूर आरती हुई और फिर ज्योतिर्लिंग को सूती कपड़े से ढांककर पवित्र भस्म रमाई गई। भस्म आरती के पश्चात बाबा को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल और रुद्राक्ष की मालाएं धारण कराई गईं। सुगंधित पुष्पों और आभूषणों से सुसज्जित होकर बाबा महाकाल अपने पूर्ण वैभव में नजर आए।

    नंदी के कान में मनोकामनाएं और गूंजते जयकारे इस अलौकिक आरती का गवाह बनने के लिए देशभर से सैकड़ों श्रद्धालु उज्जैन पहुँचे थे। भस्म आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन किए और परंपरा के अनुसार उनके कान में अपनी मनोकामनाएं कहीं। मान्यता है कि नंदी जी के माध्यम से भक्तों की पुकार बाबा महाकाल तक शीघ्र पहुँचती है। आरती के अंत तक पूरा मंदिर परिसर शिव भक्ति के रंग में डूबा रहा और भक्तों ने इस पुण्य लाभ से स्वयं को धन्य महसूस किया।