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  • PM मोदी के जन्मदिन के बहाने देश को मथने की तैयारी… BJP शुरू करेगी जनसंपर्क अभियान

    PM मोदी के जन्मदिन के बहाने देश को मथने की तैयारी… BJP शुरू करेगी जनसंपर्क अभियान


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के जन्मदिन के बहाने भाजपा (BJP) ने जनसंपर्क यात्राओं और एक महीने के सेवा संकल्प अभियान (Service Pledge Campaign) के तहत पूरे देश को मथने, कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने और लोगों से सीधा संवाद करने की व्यापक तैयारी की है।

    योजना के तहत पीएम की जन्मभूमि वडनगर और कर्मभूमि वाराणसी से अलग-अलग यात्रा निकालने की है। इन यात्राओं से जुड़ी टीमें देश के अलग-अलग हिस्सों में बतौर लोकसेवक मोदी की उपलब्धियों की जानकारी देगी। इन यात्राओं से अछूते हिस्से में सेवा संकल्प अभियान के तहत रैलियां, रक्तदान, स्वास्थ्य जांच शिविर के जरिये लोगों से संपर्क साधा जाएगा। सेवा संकल्प अभियान का तानाबाना सोमवार देर रात तक पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन, गृह मंत्री अमित शाह, महासचिव स्मृति ईरानी, विनोद तावड़े समेत कई वरिष्ठ नेताओं की बैठक में बुना गया।


    ये है यात्रा का खाका

    17 सितंबर से वडनगर और वाराणसी से शुरू हो रही यात्रा देश के विभिन्न हिस्से से गुजरते हुए 17 अक्तूबर को क्रमश: वाराणसी और वडनगर पहुंचेगी। दोनों यात्रा प्रतिदिन सौ किमी के सफर के साथ अलग-अलग तीन-तीन हजार किमी क्षेत्र को कवर करेगी। प्रतिदिन कम से कम चार कार्यक्रम करेगी।

  • अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत की तैयारी: उत्तराखंड की सरकारी नौकरियों में लिखित-फिजिकल परीक्षा से मिल सकती है छूट

    अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत की तैयारी: उत्तराखंड की सरकारी नौकरियों में लिखित-फिजिकल परीक्षा से मिल सकती है छूट


    देहरादून। उत्तराखंड में पूर्व-अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता आसान हो सकता है। आने वाले समय में उन्हें राज्य की कुछ नौकरियों में लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा से छूट देने की तैयारी चल रही है। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन को पत्र भेजकर पूर्व-अग्निवीरों को विशेष छूट देने के लिए आवश्यक नियमों में बदलाव की सिफारिश की है।

    गृह मंत्रालय ने नियमों में बदलाव का दिया सुझाव

    केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से पूर्व-अग्निवीरों की भर्ती के लिए मौजूदा नियमों में जरूरी संशोधन करने को कहा है। इसके तहत उन्हें लिखित परीक्षा के साथ शारीरिक दक्षता और शारीरिक मानक परीक्षा से भी छूट देने की सिफारिश की गई है।

    केंद्र का तर्क है कि अग्निवीर सेना में भर्ती से पहले ही कठोर चयन प्रक्रिया और प्रशिक्षण से गुजरते हैं। ऐसे युवाओं के पास अनुशासन, शारीरिक दक्षता और आवश्यक कौशल पहले से मौजूद होता है। इसलिए सरकारी सेवाओं में उनकी भर्ती के दौरान दोबारा इसी तरह की परीक्षाएं लेने की आवश्यकता कम हो सकती है।

    नागरिक सेवाओं और सुरक्षा बलों में तेजी से हो सकेगा समायोजन

    गृह मंत्रालय के मुताबिक, सेना से बाहर आने के बाद पूर्व-अग्निवीरों के पास अनुशासन और सुरक्षा क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव होता है। यदि राज्य भर्ती नियमों में आवश्यक छूट देते हैं, तो इन युवाओं को नागरिक सेवाओं और सुरक्षा बलों में तेजी से समायोजित किया जा सकता है।

    सूत्रों के अनुसार केंद्र के निर्देश के बाद उत्तराखंड में नई व्यवस्था लागू करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कार्मिक विभाग दूसरे विभागों के साथ विचार-विमर्श कर रहा है। इसके लिए अग्निवीरों से संबंधित मौजूदा नियमावली में बदलाव किया जाएगा और इसका प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा।

    सचिव कार्मिक शैलेश बगौली ने बताया कि केंद्र की ओर से किए गए अनुरोध के बाद शासन स्तर पर नई व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    इन ग्रुप-C पदों पर पहले से मिल रहा आरक्षण

    उत्तराखंड में पूर्व-अग्निवीरों को कई ग्रुप-C पदों पर आरक्षण का लाभ मिल रहा है। इनमें पुलिस आरक्षी, उपनिरीक्षक, बंदी रक्षक, वन आरक्षी, आबकारी सिपाही और सचिवालय रक्षक जैसे पद शामिल हैं।

    इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भारतीय रिजर्व बटालियन, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), वन्यजीव रक्षक और खनन रक्षक के पदों पर भी 20% आरक्षण का लाभ देने की व्यवस्था जल्द लागू करने पर जोर दिया है।

    केंद्र ने मांगा रिक्त पदों का पूरा ब्योरा

    केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उत्तराखंड सरकार से पूर्व-अग्निवीरों की भर्ती के लिए प्रस्तावित पदों की रिक्तियों का पूरा ब्योरा भी मांगा है। इसके लिए राज्य सरकार को एक तय प्रारूप दिया गया है।

    इसमें महीनेवार, पदवार और श्रेणीवार रिक्तियों की जानकारी देनी होगी। नियमों में बदलाव और नई व्यवस्था लागू होने के बाद सेना से जल्द बाहर आने वाले अग्निवीरों के बैच को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

  • 4 साल से नहीं कटवाए बाल-दाढ़ी, अब संकल्प तोड़ेंगे आगरा के उदय सिंह, जानिए क्‍या है वजह?

    4 साल से नहीं कटवाए बाल-दाढ़ी, अब संकल्प तोड़ेंगे आगरा के उदय सिंह, जानिए क्‍या है वजह?


    आगरा। चार साल पहले घर से चोरी हुई लाइसेंसी राइफल वापस मिलने का इंतजार कर रहे आगरा के उदय सिंह पिप्पल का अनोखा संकल्प आखिरकार पूरा हो गया। उन्होंने राइफल बरामद होने तक न बाल कटवाने और न दाढ़ी बनाने की ठान ली थी। चार साल तक उन्होंने अपना फैसला नहीं बदला। अब पुलिस ने वही राइफल बरामद कर ली है, जिसके बाद उदय सिंह भी चार साल बाद अपना पुराना लुक अपनाने की तैयारी में हैं।

    राइफल के साथ सोना-चांदी और नकदी भी ले गए थे चोर
    दरअसल, 6 जून 2022 की रात बदमाश उदय सिंह पिप्पल के घर में घुसे थे। चोर उनकी लाइसेंसी राइफल और 20 कारतूस, करीब ढाई किलो चांदी, 22 तोला सोना और 4 लाख रुपए नकद चोरी कर ले गए थे। पुलिस ने मामले में कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का सामान बरामद कर लिया था, लेकिन लाइसेंसी राइफल का कोई सुराग नहीं मिल पाया था।

    राइफल मिली तो बाल-दाढ़ी कटवाने का लिया था संकल्प
    राइफल चोरी होने के बाद उदय सिंह ने उसी दिन संकल्प लिया था कि जब तक उनकी राइफल वापस नहीं मिलती, वह न बाल कटवाएंगे और न दाढ़ी बनाएंगे। देखते ही देखते महीने बीतते गए और यह इंतजार चार साल लंबा हो गया। इस दौरान उदय सिंह अपने संकल्प पर कायम रहे। अब राइफल की बरामदगी के साथ उनका चार साल पुराना इंतजार भी खत्म हो गया है।

    25 हजार का इनामी बदमाश धौलपुर से गिरफ्तार
    थाना खैरागढ़ पुलिस, वेस्ट जोन एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने 25 हजार रुपए के इनामी बदमाश ध्रुव को धौलपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, ध्रुव के खिलाफ अलग-अलग थानों में 9 मुकदमे दर्ज हैं। उसके कब्जे से लाइसेंसी राइफल, 315 बोर के दो जिंदा कारतूस, चोरी के 50 हजार रुपए और मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

    चार साल पहले सैंया थाना क्षेत्र से चोरी हुई थी यही राइफल
    पुलिस की जांच में सामने आया कि बरामद लाइसेंसी राइफल वही है, जो वर्ष 2022 में सैंया थाना क्षेत्र में पूर्व प्रधान के घर से चोरी हुई थी। यानी जिस राइफल के वापस आने का उदय सिंह चार साल से इंतजार कर रहे थे, आखिरकार वह पुलिस के हाथ लग गई। राइफल बरामद होने की खबर मिलते ही उदय सिंह की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने पुलिस, एसओजी और खैरागढ़ पुलिस टीम का आभार जताया।

    अब आईने के सामने बैठकर कटवाएंगे बाल-दाढ़ी
    डीसीपी वेस्ट आदित्य के मुताबिक, गिरफ्तार ध्रुव अपने साथियों के साथ मिलकर सीमा क्षेत्र के गांवों के अलावा अलग-अलग जिलों और राज्यों में चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। गिरोह के दो अन्य साथी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

    चार साल पहले एक चोरी ने उदय सिंह की लाइसेंसी राइफल छीन ली थी। उसके बाद उन्होंने उसे वापस पाने तक बाल-दाढ़ी न कटवाने का संकल्प लिया। अब राइफल लौट आई है। ऐसे में उदय सिंह के लिए इंतजार सिर्फ उस पल का है, जब वह चार साल बाद आईने के सामने बैठकर बाल और दाढ़ी कटवाएंगे।

  • यूपी: शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने मंत्री आवास घेरा, आयोग की संस्तुति लागू करने की मांग

    यूपी: शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने मंत्री आवास घेरा, आयोग की संस्तुति लागू करने की मांग

    लखनऊ। 68500 सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2018 में आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों के मामले में अभ्यर्थियों ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव कर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी आदेश/संस्तुति को तत्काल लागू करने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया।

    आयोग की संस्तुति लागू करने की मांग
    अभ्यर्थियों का कहना है कि 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों को लेकर वे लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने अभ्यर्थियों के हित में स्पष्ट आदेश/संस्तुति जारी की है, लेकिन काफी समय बीतने के बावजूद शासन और संबंधित विभाग की ओर से इसका अनुपालन नहीं किया गया।

    अभ्यर्थियों के अनुसार आयोग की संस्तुति में 150 में 60 अंक यानी 40% या उससे अधिक अंक पाने वाले ओबीसी अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण मानकर नियमानुसार नियुक्ति देने की बात कही गई है। उनका दावा है कि इससे ओबीसी के साथ दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों को भी लाभ मिलेगा।

    बोले- संवैधानिक अधिकार मांग रहे हैं
    धरने का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह ने कहा कि अभ्यर्थी किसी पर अहसान नहीं मांग रहे, बल्कि अपने संवैधानिक अधिकार और न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती के अभ्यर्थियों ने वर्षों तक संघर्ष किया है और आयोग के आदेश के बाद उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है। शासन को आदेश को लंबित रखने के बजाय तत्काल अमल की दिशा में कदम उठाना चाहिए।

    दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
    अभ्यर्थियों ने आरक्षण संबंधी विसंगतियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर जवाबदेही तय करने की भी मांग की। उनका कहना है कि केवल नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आयोग की संस्तुति के मुताबिक जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

    सरकार के सामने रखीं ये मांगें
    – राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश/संस्तुति का तत्काल अनुपालन किया जाए।
    – 150 में 60 अंक यानी 40% अंक पाने वाले पात्र ओबीसी, दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित अभ्यर्थियों को नियमानुसार उत्तीर्ण कर नियुक्ति दी जाए।
    – आरक्षण संबंधी विसंगतियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाए।
    – आयोग की संस्तुति पर शासन की ओर से की गई कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जाए।
    – पात्र अभ्यर्थियों के भविष्य को देखते हुए मामले का जल्द और न्यायपूर्ण निस्तारण किया जाए।

    अभ्यर्थियों ने कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता और राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का प्रभावी अनुपालन नहीं होता, तब तक उनका लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन में तूफान सिंह, आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी, अखिल यादव, योगेश लोधी, ललिता चौधरी, कुसुम चौधरी, अनुराग पाल, विनोद प्रजापति, राम भवन साहू, शेरा, उमेश गुप्ता, रणबहादुर वर्मा, नसीम और राकेश साहनी समेत अन्य अभ्यर्थी शामिल रहे।

  • UP : ₹17 करोड़ की जाली करेंसी का खुला राज, PNB के करेंसी चेस्ट में मिले नकली नोट, 3 अधिकारी सस्पेंड

    UP : ₹17 करोड़ की जाली करेंसी का खुला राज, PNB के करेंसी चेस्ट में मिले नकली नोट, 3 अधिकारी सस्पेंड

    सहारनपुर। सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करेंसी चेस्ट में करीब 17 करोड़ रुपये मूल्य के जाली नोट मिलने से हड़कंप मच गया है। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली करेंसी का खुलासा महज 4.30 लाख रुपये की कमी से हुआ। आरबीआई के जयपुर कार्यालय भेजी गई रकम की जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद बैंक की टीम ने करेंसी चेस्ट की जांच शुरू की, जिसमें एक-एक नोट की पड़ताल के दौरान नकली नोटों का बड़ा जखीरा सामने आया।

    11.50 करोड़ रुपये भेजे गए थे जयपुर

    सहारनपुर में पीएनबी की करीब 72 शाखाएं हैं और दो करेंसी चेस्ट संचालित होते हैं। इनमें एक घंटाघर के पास सोफिया मार्केट और दूसरा गंगोह में है। 5 अगस्त से सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट से 11.50 करोड़ रुपये आरबीआई के जयपुर कार्यालय भेजे गए थे। इसमें सड़े-गले और कटे-फटे नोट भी शामिल थे।

    जयपुर में जमा रकम की जांच के दौरान अधिकारियों को 4,30,900 रुपये की कमी मिली। इसकी जानकारी मेरठ कार्यालय को दी गई। इसके बाद बैंक मुख्यालय से टीम सहारनपुर पहुंची और करेंसी चेस्ट में रखी रकम की जांच शुरू की गई।

    पहले मिले ₹7.40 करोड़ के नकली नोट

    जांच टीम ने करेंसी चेस्ट में रखे नोटों की बारीकी से जांच शुरू की। शुरुआती पड़ताल में करीब 7.40 करोड़ रुपये मूल्य के जाली नोट मिलने की जानकारी सामने आई। जांच आगे बढ़ी तो नकली नोटों की संख्या और रकम भी बढ़ती गई।

    बैंक की टीम के मुताबिक, सोमवार देर रात तक करीब 17 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने का दावा किया गया है। जांच अभी जारी है, इसलिए रकम और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

    4-5 दिन से चल रही नोटों की जांच

    करेंसी चेस्ट में रखे नोटों की जांच पिछले चार-पांच दिनों से चल रही है। मेरठ और दिल्ली स्थित बैंक मुख्यालय से पहुंची टीमें एक-एक नोट की पड़ताल कर रही हैं। इतनी बड़ी मात्रा में नकली करेंसी मिलने के बाद बैंक के स्थानीय अधिकारियों से लेकर मुख्यालय तक हड़कंप मचा हुआ है।

    करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे नकली नोट?

    इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर नकली करेंसी बैंक के करेंसी चेस्ट तक पहुंची कैसे। बैंक में रकम जमा होने से पहले नोटों की जांच की जाती है। ऐसे में जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि असली नोटों के बंडलों में नकली नोट किस स्तर पर शामिल हुए और वे करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे।

    बड़े नेटवर्क की आशंका भी

    करीब 17 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने के बाद किसी बड़े नेटवर्क की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नकली नोट कहां तैयार किए गए, इनमें किस तरह के कागज और स्याही का इस्तेमाल हुआ और इन्हें असली नोटों के बीच किस स्तर पर मिलाया गया।

    तीन अधिकारी निलंबित, हाउसकीपर हटाया

    पीएनबी की मुख्य बैंक प्रबंधक निशा सिंह के मुताबिक, करेंसी चेस्ट में जाली नोट मिलने के बाद मुख्यालय से टीम भेजी गई है और जांच जारी है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि पार्ट टाइम हाउसकीपर को हटा दिया गया है।

    जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे और इस पूरे मामले में किन लोगों की भूमिका सामने आती है।

  • सीतापुर में हिंदुस्तान प्लाईवुड फैक्टरी पर CBIC का छापा , 15 वाहनों से पहुंची टीम, दस्तावेजों की जांच जारी

    सीतापुर में हिंदुस्तान प्लाईवुड फैक्टरी पर CBIC का छापा , 15 वाहनों से पहुंची टीम, दस्तावेजों की जांच जारी

    सीतापुर। यूपी के सीतापुर में तंबौर कस्बे में स्थित इसराइल की हिंदुस्तान प्लाईवुड फैक्टरी पर मंगलवार को केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) की टीम ने छापेमारी की। बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी कई वाहनों से फैक्टरी पहुंचे। टीम के साथ करीब 15 वाहन बताए जा रहे हैं, जिनमें कुछ पर भारत सरकार लिखा हुआ है।

    कार्रवाई के दौरान CBIC अधिकारियों ने फैक्टरी परिसर में मौजूद दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों की जांच शुरू की। टीम कारोबार से जुड़े कागजात और रिकॉर्ड खंगाल रही है। छापे की जानकारी मिलते ही फैक्टरी कर्मचारियों और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया।

    इसराइल के घर पर भी पहुंची टीम
    सूत्रों के मुताबिक, CBIC की टीम ने फैक्टरी के अलावा इसराइल के आवास पर भी कार्रवाई की। घर के बाहर भी कई सरकारी वाहन खड़े देखे गए। हालांकि, छापेमारी किस मामले में की गई है और जांच का दायरा क्या है, इसे लेकर अधिकारियों की ओर से अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी वजह
    कार्रवाई की खबर फैलने के बाद फैक्टरी और आवास के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय स्तर पर छापे को लेकर अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। फिलहाल अधिकारी दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच में जुटे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही छापेमारी की वास्तविक वजह, किसी तरह की बरामदगी या अन्य कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • भाकियू की महापंचायत में उमड़ा किसानों का हुजूम, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पहुंचे किसान, राकेश टिकैत भी शामिल

    भाकियू की महापंचायत में उमड़ा किसानों का हुजूम, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पहुंचे किसान, राकेश टिकैत भी शामिल


    मेरठ। किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की महापंचायत मेरठ मंडलायुक्त कार्यालय के बाहर कमिश्नरी पार्क में शुरू हो गई है। बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ महापंचायत में पहुंचे हैं। इससे आसपास के रास्तों पर ट्रैक्टरों की लंबी कतारें लग गई हैं। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी मंच पर पहुंच चुके हैं और किसानों को संबोधित कर रहे हैं।

    आरती के साथ शुरू हुई
    महापंचायत
    महापंचायत की शुरुआत भगवान श्रीगणेश और मां सरस्वती की आरती के साथ हुई। इसके बाद रागिनी अंदाज में भगवान का आगमन कराया गया। धीरे-धीरे किसानों की संख्या बढ़ती गई और कमिश्नरी पार्क में भीड़ जुटने लगी।

    सिख समाज ने बांटा हलवा
    महापंचायत में पहुंचे सिख समाज के किसानों ने सेवा करते हुए हलवा बांटा। किसानों और वहां मौजूद लोगों को हलवा वितरित किया गया। इस दौरान महापंचायत में बड़ी संख्या में किसानों की मौजूदगी देखने को मिली।

    ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में गद्दे और खाने का सामान भी लाए
    महापंचायत में शामिल होने के लिए किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में पहुंचे। कई किसान अपने साथ कुर्सियां, गद्दे और खाने-पीने का सामान भी लेकर आए हैं। कमिश्नरी पार्क की ओर जाने वाले रास्तों पर ट्रैक्टरों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।

    बिजली, खाद और गन्ने के भुगतान समेत कई मुद्दे
    राकेश टिकैत मंच से किसानों को संबोधित कर रहे हैं। महापंचायत में किसान बिजली, खाद, चीनी की महंगाई और गन्ने के भुगतान समेत कई समस्याओं को लेकर अपनी आवाज उठा रहे हैं।

    भाकियू के मुताबिक, इन समस्याओं को लेकर 21 जुलाई को अपर मंडलायुक्त अमित कुमार को मांग पत्र सौंपा गया था। संगठन का कहना है कि मांग पत्र दिए जाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। इसी के चलते अब महापंचायत के जरिए किसानों की मांगें अधिकारियों के सामने रखी जा रही हैं।

    मांगें नहीं मानीं तो जेल भरो आंदोलन
    भाकियू पहले ही चेतावनी दे चुकी है कि यदि किसानों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संगठन ने जरूरत पड़ने पर जेल भरो आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। ऐसे में महापंचायत को किसानों के आर-पार की लड़ाई के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

    कमिश्नरी क्षेत्र में ट्रैफिक डायवर्जन
    महापंचायत को देखते हुए कमिश्नरी चौराहे और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था बदली गई है। सुबह 10:30 बजे से शाम 6 बजे तक कमिश्नरी चौराहे से कुटी चौराहे के बीच सामान्य वाहनों का आवागमन बंद रखा गया है। वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला जा रहा है।

  • यूपी: राम मंदिर ट्रस्ट की CEO सर्च कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट, पैनल में शामिल नामों पर अब ट्रस्ट करेगा फैसला

    यूपी: राम मंदिर ट्रस्ट की CEO सर्च कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट, पैनल में शामिल नामों पर अब ट्रस्ट करेगा फैसला

    लखनऊ। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। CEO के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी। अब ट्रस्ट पैनल में शामिल नामों पर विचार कर अंतिम नाम तय करेगा।

    राम मंदिर परिसर में हुई बैठक
    राम मंदिर परिसर में हुई बैठक के बाद सर्च कमेटी के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज को रिपोर्ट सौंपी। इस दौरान ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। तीन सदस्यीय सर्च कमेटी में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हावड़े भी शामिल हैं।

    CEO के लिए नामों का पैनल तैयार
    जानकारी के मुताबिक, चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद कमेटी ने CEO पद के लिए नामों का पैनल तैयार किया है। अब ट्रस्ट इस पैनल में शामिल नामों पर चर्चा करेगा और किसी एक नाम पर अंतिम मुहर लगाएगा। ट्रस्ट की 2 सितंबर को अहम बैठक प्रस्तावित है। इसी बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO के नाम की घोषणा होने की संभावना है।

    मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था में होगी अहम भूमिका
    CEO की नियुक्ति को राम मंदिर के संचालन और प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नियुक्ति के बाद CEO मंदिर की प्रशासनिक और प्रबंधकीय व्यवस्थाओं के संचालन में अहम भूमिका निभाएगा। अब सभी की निगाहें 2 सितंबर की ट्रस्ट बैठक पर टिकी हैं, जहां राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO के नाम पर अंतिम फैसला हो सकता है।

  • खाड़ी संकट और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की तेज आर्थिक छलांग, 7.8 प्रतिशत जीडीपी पर भाजपा का राहुल गांधी को जवाब

    खाड़ी संकट और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की तेज आर्थिक छलांग, 7.8 प्रतिशत जीडीपी पर भाजपा का राहुल गांधी को जवाब


    नई दिल्ली । नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद रविशंकर प्रसाद ने भारत की 7.8 प्रतिशत आर्थिक विकास दर को देश की बदलती आर्थिक ताकत का बड़ा प्रमाण बताया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता के बीच भारत का यह प्रदर्शन बेहद महत्वपूर्ण है। खाड़ी क्षेत्र में संकट तेल आपूर्ति को लेकर चुनौतियां सप्लाई चेन में रुकावट और दुनिया के कई हिस्सों में जारी तनाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूत गति बनाए रखी है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ऐसे कठिन वैश्विक माहौल में 7.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल करना सामान्य उपलब्धि नहीं बल्कि देश की आर्थिक क्षमता और मजबूत नीतिगत प्रबंधन का संकेत है।

    भाजपा नेता ने भारत की विकास दर की तुलना दुनिया की अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से करते हुए कहा कि कई विकसित और उभरते देशों की विकास रफ्तार भारत की तुलना में काफी कम रही है। उन्होंने कनाडा जर्मनी ब्रिटेन अमेरिका मलेशिया और दक्षिण कोरिया जैसी अर्थव्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वैश्विक चुनौतियों के दौर में भारत ने अपेक्षाकृत अधिक मजबूत प्रदर्शन किया है। उनके अनुसार खाड़ी क्षेत्र में तनाव और तेल आपूर्ति से जुड़े जोखिमों का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ा लेकिन भारत ने इन परिस्थितियों में भी अपनी विकास गति को बनाए रखा।

    रविशंकर प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को इस प्रदर्शन का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा कि मजबूत और स्थिर नेतृत्व किसी भी देश की आर्थिक प्रगति के लिए बेहद जरूरी होता है। संकट के समय सही फैसले लेने और चुनौतियों को अवसर में बदलने की क्षमता ही किसी अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाती है। उन्होंने वित्त मंत्रालय और वित्त मंत्री के आर्थिक प्रबंधन की भी सराहना की और कहा कि सरकार की नीतियों के साथ मैन्युफैक्चरिंग व्यापार निर्माण और सेवा क्षेत्र के योगदान ने देश की विकास दर को मजबूत बनाया है।

    भाजपा सांसद ने वर्ष 2013 की आर्थिक स्थिति और वर्तमान भारत के बीच तुलना करते हुए कहा कि एक समय देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ्रैजाइल फाइव यानी कमजोर मानी जाने वाली प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया जाता था। उस दौर में निवेशकों के बीच भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता थी और नीतिगत ठहराव की चर्चा होती थी। उन्होंने अपने पुराने अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय कुछ निवेशक भारत में अपने निवेश को लेकर चिंतित थे लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उनके अनुसार फ्रैजाइल फाइव से निकलकर 7.8 प्रतिशत की विकास दर तक पहुंचना भारत की आर्थिक यात्रा में बड़े बदलाव को दर्शाता है।

    रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को मृत अर्थव्यवस्था बताने वाला दावा ताजा जीडीपी आंकड़ों के सामने टिकता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी आर्थिक विकास और आर्थिक प्रबंधन को समझने में असफल रहे हैं और लगातार ऐसे बयान देते हैं जो देश की आर्थिक उपलब्धियों के विपरीत दिखाई देते हैं। भाजपा नेता ने कहा कि एक ओर विपक्ष देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर बताने की कोशिश करता है जबकि दूसरी ओर ताजा आंकड़े भारत की तेज विकास गति का प्रमाण दे रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि भारत की मौजूदा आर्थिक उपलब्धि को केवल एक तिमाही के आंकड़े तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। यह पिछले कई वर्षों में हुए व्यापक बदलाव का परिणाम है। वैश्विक संकटों युद्धों तेल आपूर्ति की अनिश्चितताओं और सप्लाई चेन की चुनौतियों के बावजूद भारत का मजबूत प्रदर्शन यह संकेत देता है कि देश की अर्थव्यवस्था कठिन परिस्थितियों का सामना करने में पहले से अधिक सक्षम हुई है। रविशंकर प्रसाद के अनुसार भारत आज वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच मजबूती के साथ खड़ा है और 7.8 प्रतिशत की विकास दर उसी बदलती आर्थिक तस्वीर का सबसे बड़ा प्रमाण है।

  • मध्य एशिया से मॉस्को और बीजिंग तक भारत का कूटनीतिक मिशन: अगस्त में दुनिया के अहम देशों के बीच सक्रिय रही मोदी सरकार

    मध्य एशिया से मॉस्को और बीजिंग तक भारत का कूटनीतिक मिशन: अगस्त में दुनिया के अहम देशों के बीच सक्रिय रही मोदी सरकार

    नई दिल्ली । अगस्त 2026 भारतीय कूटनीति के लिए बेहद सक्रिय और महत्वपूर्ण महीना साबित हुआ। नई दिल्ली ने एक साथ मध्य एशिया रूस चीन श्रीलंका फिलिस्तीन और पाकिस्तान से जुड़े अलग अलग कूटनीतिक मोर्चों पर सक्रिय रहकर यह संदेश दिया कि भारत अपनी विदेश नीति में किसी एक क्षेत्र या शक्ति तक सीमित रहने के बजाय बहुआयामी रणनीति पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मध्य एशिया यात्रा से लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर की मॉस्को यात्रा और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की बीजिंग वार्ता तक अगस्त में भारत की कूटनीतिक सक्रियता लगातार सुर्खियों में रही।

    महीने के अंतिम दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अगस्त से 1 सितंबर तक उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की यात्रा पर रहे। ताशकंद में उन्होंने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ व्यापार निवेश रक्षा डिजिटल कनेक्टिविटी ऊर्जा और शिक्षा समेत कई अहम क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे जहां उन्होंने 26वें शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। मध्य एशिया भारत की ऊर्जा सुरक्षा कनेक्टिविटी और रणनीतिक हितों के लिहाज से लगातार महत्वपूर्ण बनता जा रहा है। एससीओ के मंच पर भारत ने सुरक्षा कनेक्टिविटी और अवसर के अपने विजन को आगे बढ़ाते हुए आतंकवाद अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ साझा कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया।

    अगस्त में भारत रूस संबंधों को भी नई मजबूती मिली। विदेश मंत्री एस जयशंकर 23 और 24 अगस्त को मॉस्को पहुंचे जहां उन्होंने भारत रूस अंतर सरकारी आयोग की बैठक की सह अध्यक्षता की। इस दौरान रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत में ऊर्जा उर्वरक परमाणु ऊर्जा हाई टेक्नोलॉजी और व्यापार जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात ने भी दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का संकेत दिया। वैश्विक दबाव और बदलते अंतरराष्ट्रीय समीकरणों के बीच भारत ने साफ किया कि वह अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर रूस के साथ आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाता रहेगा।

    भारत चीन संबंधों के मोर्चे पर भी अगस्त अहम रहा। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने 25 अगस्त को बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ सीमा प्रश्न पर विशेष प्रतिनिधियों की 25वीं बैठक में हिस्सा लिया। दोनों पक्षों के बीच सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के साथ द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। सीमा विवाद अब भी भारत चीन संबंधों का सबसे संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है लेकिन लगातार संवाद यह संकेत देता है कि दोनों देश तनाव कम करने और संपर्क बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।

    श्रीलंका के साथ भारत की विकास साझेदारी भी अगस्त में चर्चा में रही। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने श्रीलंका का दौरा कर वहां के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की और भारत की सहायता से चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। दोनों देशों के बीच व्यापार सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

    वहीं भारत ने फिलिस्तीन के साथ मानवीय और विकास साझेदारी को नया आयाम दिया। वेस्ट बैंक में 200 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और एक व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना से जुड़े समझौते हुए। इससे यह संकेत मिला कि भारत संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य और मानवीय विकास से जुड़े प्रयासों में अपनी भूमिका मजबूत करना चाहता है।

    अगस्त में भारत पाकिस्तान संबंधों में भी तनावपूर्ण कूटनीतिक गतिविधियां देखने को मिलीं। दोनों देशों के उच्चायोगों के बाहर अस्थायी और अनधिकृत ढांचे हटाने को लेकर पारस्परिक कार्रवाई हुई जिसे भारत ने आनुपातिक प्रतिक्रिया बताया। यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच जारी तनाव और कूटनीतिक सतर्कता की तस्वीर पेश करता है।

    पूरे अगस्त की कूटनीतिक गतिविधियों पर नजर डालें तो भारत की विदेश नीति का स्पष्ट संदेश सामने आता है। नई दिल्ली एक साथ कई देशों और क्षेत्रों के साथ संवाद कर रही है और अपने आर्थिक सुरक्षा तथा रणनीतिक हितों को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। मध्य एशिया से रूस और चीन तक सक्रिय संपर्क और दक्षिण एशिया तथा पश्चिम एशिया में विकास साझेदारी भारत की उस व्यापक कूटनीतिक रणनीति को दर्शाती है जिसमें संवाद सहयोग और राष्ट्रीय हितों को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।