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  • पुतिन ने उठाए अमेरिका नीतियों पर सवाल… बोले- वह खुद हमसे फ्यूल खरीदता है, तो भारत क्यों नहीं…

    पुतिन ने उठाए अमेरिका नीतियों पर सवाल… बोले- वह खुद हमसे फ्यूल खरीदता है, तो भारत क्यों नहीं…


    नई दिल्ली।
    भारत दौरे (India Visit) पर आए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) ने अमेरिका (America) की नीतियों पर सवाल उठा दिए। उन्होंने कहा है कि अगर रूसी ईंधन (Russian fuel) अमेरिका (America) खरीद सकता है, तो भारत क्यों नहीं। उनका यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब अमेरिका की तरफ से भारत को रूसी तेल की खरीद को लेकर निशाना बनाया जा रहा है। इसके चलते भारत पर भारी टैरिफ भी लगाया गया है।

    पुतिन ने कहा, ‘अमेरिका अपने न्यूक्लियर पावर प्लांट्स के लिए हमसे न्यूक्लियर फ्यूल खरीदना जारी रखता है। वह भी तो ईंधन है। एनर्जी है। यह न्यूक्लियर पावर प्लांट्स के लिए यूरेनियम है, जो अमेरिका में काम कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘अगर अमेरिका के पास हमसे फ्यूल खरीदने का अधिकार है, तो भारत को इस अधिकार से वंचित क्यों रखा जाना चाहिए। यह बहुत ही बारीकी से अध्ययन करने वाला मुद्दा है। हम राष्ट्रपति ट्रंप के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करने और बहस करने के लिए तैयार हैं।’

    रूसी राष्ट्रपति ने रूस पर पश्चिमी प्रतिबंधों के मद्देनजर भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद कम करने के बारे में पूछे गए प्रश्न के जवाब में कहा, ‘इस वर्ष के पहले नौ महीनों के दौरान कुल व्यापार कारोबार में कुछ गिरावट आई है। यह बस एक मामूली समायोजन है। कुल मिलाकर, हमारा व्यापार कारोबार लगभग पहले के स्तर पर ही बना हुआ है।’


    भारत की प्रगति से डरे देश
    पुतिन ने कहा कि कुछ वैश्विक ताकतें दुनिया के बाजारों में भारत की बढ़ती ताकत से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि रूसी तेल की खरीद को लेकर पश्चिम की चिंताएं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का टैरिफ फैसला भारत के बढ़ते आर्थित प्रभाव के बारे में चिंता दिखाता है। उन्होंने कहा कि दो देशों के बीच ऊर्जा साझेदारी की बुनियाद लंबी है। उन्होंने कहा, ‘भारत के साथ हमारे ऊर्जा सहयोग पर मौजूदा हालात, राजनीति या यूक्रेन में हो रही घटनाओं का कोई असर नहीं पड़ा है।’ रूसी राष्ट्रपति ने अमेरिका के आक्रामक रुख पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, ‘कुछ बाहरी दबावों के बावजूद, न तो मैंने और न ही प्रधानमंत्री मोदी ने कभी भी, किसी के खिलाफ काम करने के लिए हमारी साझेदारी का इस्तेमाल नहीं किया।’


    ट्रंप पर क्या बोले
    उन्होंने कहा, ‘अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अपना एजेंडा है, अपने लक्ष्य हैं, जबकि हमारा ध्यान अपने ऊपर है – किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि हमारा लक्ष्य अपने-अपने हितों, भारत और रूस के हितों की रक्षा करना है।’ रूसी राष्ट्रपति की भारत यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत-अमेरिका संबंध पिछले दो दशकों में शायद सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं और अमेरिका ने भारतीय सामान पर भारी 50 प्रतिशत शुल्क लगाया है, जिसमें रूस से कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत कर भी शामिल है।

  • दिल्ली उच्च न्यायालय में वरिष्ठ वकील के टेप लगाकर आने पर न्यायाधीश नाराज़, अगली सुनवाई जनवरी 2026 तक टली

    दिल्ली उच्च न्यायालय में वरिष्ठ वकील के टेप लगाकर आने पर न्यायाधीश नाराज़, अगली सुनवाई जनवरी 2026 तक टली


    दिल्ली। उच्च न्यायालय में एक अनोखी घटना सामने आई, जब एक वरिष्ठ वकील सुनवाई के दौरान अपने मुँह पर लाल रंग की टेप लगाकर अदालत कक्ष में पहुँचे। इस असामान्य घटना को देखकर न्यायाधीशों ने कड़ी नाराज़गी जताई और मामले की अगली सुनवाई को जनवरी 2026 तक के लिए टाल दिया। वकील का कहना था कि वह अपने साथ हुई पिछली सुनवाई की घटना के विरोध में ऐसा कर रहे थे, जहाँ उन्हें बीच में ही बोलने से रोक दिया गया था।

    यह घटना 1 दिसंबर की है। अदालत उस समय अवमानना से जुड़े एक मामले और उससे संबंधित एक याचिका की सुनवाई कर रही थी, जिसे नंद किशोर नामक व्यक्ति ने दायर किया था। लगभग 25 वर्ष से अधिक समय तक कानूनी सेवा में रहे अधिवक्ता आर. के. सैनी टेप लगाकर अदालत में उपस्थित हुए। उन्हें इस रूप में देखकर न्यायाधीशों को पहले तो यह लगा कि शायद उन्हें किसी प्रकार की चोट लगी है, जिसके कारण उन्होंने यह कदम उठाया है।

    सुनवाई कर रही पीठ में न्यायमूर्ति नितिन वासुदेव सांब्रे और न्यायमूर्ति अनीश दयाल शामिल थे। दोनों न्यायाधीशों ने सैनी से टेप लगाने का कारण पूछा। इस पर सैनी ने कहा कि यह उनका प्रतीकात्मक विरोध है। उन्होंने बताया कि पिछली सुनवाई के दौरान उन्हें अपनी दलीलें पूरी करने का अवसर नहीं दिया गया था और उन्हें बीच में ही रोक दिया गया था। इसी कारण वह अपने विरोध को दर्ज कराने के लिए इस तरह उपस्थित हुए हैं।

    वकील का यह जवाब सुनकर अदालत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट लिखा कि सैनी का यह आचरण अत्यंत अनुचित है और एक अनुभवी वकील से ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती। अदालत ने यह भी कहा कि पिछली सुनवाई में उन्हें इसलिए रोका गया था क्योंकि उनकी दलीलें बहुत लंबी और दोहराव वाली थीं, और न्यायालय को दूसरे पक्ष की बात भी सुननी थी। पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि अदालत का उद्देश्य किसी भी पक्ष को चुप कराना नहीं था, बल्कि सुनवाई को संतुलित और न्यायसंगत बनाए रखना था।

    न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी कहा कि इस तरह का व्यवहार अदालत की गरिमा को ठेस पहुँचाता है। न्यायालय ने टिप्पणी की कि एक वरिष्ठ वकील, जिनके पास 25 वर्ष से अधिक का अनुभव है, उनसे अधिक संयम और जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाती है। न्यायालय ने यह भी चेतावनी दी कि यदि वह चाहती तो सैनी के खिलाफ कड़े आदेश जारी कर सकती थी, परंतु उसने ऐसा न करने का निर्णय लिया है। अदालत ने इस घटना को अदालत की कार्यवाही के रिकॉर्ड में दर्ज करने का निर्देश दिया, ताकि भविष्य में इस प्रकार के व्यवहार पर अंकुश लगाया जा सके।

    घटना के बाद अदालत ने मुख्य मामले को आगे बढ़ाने के बजाय अगली सुनवाई की तारीख 21 जनवरी 2026 निर्धारित कर दी। न्यायालय का मानना था कि इस प्रकार के हस्तक्षेप से सुनवाई के वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और मुख्य मुद्दों से ध्यान भटक जाता है।

    इस पूरे प्रकरण ने न्यायालय कक्ष में बैठे अन्य लोगों को भी आश्चर्य में डाल दिया। वकील द्वारा अपनाई गई इस शैली को कुछ लोगों ने अनुचित बताया, जबकि कुछ ने इसे अभिव्यक्ति का तरीका कहा। हालांकि, न्यायालय ने अपने स्पष्ट रुख से यह संदेश दिया कि अदालत अनुशासनहीनता को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं करेगी।

    यह घटना न्यायालय की गरिमा, वकीलों के आचरण और न्यायिक प्रक्रिया में मर्यादा के महत्व को एक बार फिर उजागर करती है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्रकार का असंवेदनशील या अनुचित प्रदर्शन अदालत की पवित्रता को प्रभावित करता है और इसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जा सकता।

  • मप्र विधानसभा में द्वितीय अनुपूरक बजट पेश, 13476.94 करोड़ रुपये का प्रावधान

    मप्र विधानसभा में द्वितीय अनुपूरक बजट पेश, 13476.94 करोड़ रुपये का प्रावधान


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को राज्य सरकार द्वारा सदन में वित्त वर्ष 2025–26 के लिए द्वितीय अनुपूरक अनुमान पेश किया है। इस पर गुरुवार, चार दिसंबर को 3:30 घंटे चर्चा होगी। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा पेश किए गए दूसरे अनुपूरक बजट में कुल 13476 करोड़ 94 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है। इसमें राजस्व मद में 8,448.57 करोड़ और पूंजीगत मद में 5,028.37 करोड़ शामिल हैं। सरकार ने इस अनुपूरक बजट में ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, बुनियादी ढांचा, जल संसाधन और औद्योगिक निवेश जैसे अहम क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया है।

    दूसरे अनुपूरक बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण विकास विभाग को 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान दिया गया है। पंचायत विभाग को पंद्रहवें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुसार 1,633 करोड़ रुपये के अनुदान का प्रावधान किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023 के लिए राजस्व मद में 1,794 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अंतर्गत उत्पादन संस्थाओं को ऋण सहायता हेतु 2,000 करोड़ रुपये की पूंजीगत राशि का प्रावधान किया गया। इसी तरह, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग को भूमि अधिग्रहण, सर्वे, डिमार्केशन और सेवा शुल्क हेतु 650 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

    नर्मदा घाटी एवं जल संसाधन परियोजनाओं में बड़ा निवेश
    नर्मदा घाटी विकास विभाग के लिए सरदार सरोवर डूब प्रभावित क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण और अन्य कार्यों के लिए 600 करोड़ रुपये, बरगी नहर विस्तार योजना के लिए 200 करोड़ रुपये, इंदिरा सागर परियोजना (एमसीएडी) के लिए 94 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जल संसाधन विभाग को भी बांध व संबंधित कार्यों के लिए 300 करोड़ रुपये तथा बहुती फिल्टर संयंत्र-2 फेज-2 के लिए 63 रुपये करोड़ आवंटित हुए हैं। किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग के अंतर्गत भावांतर/लेट रेट योजना पर 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

    शहरी विकास एवं अमृत मिशन में अमृत 2.0 मिशन के तहत अटल मिशन फॉर रीजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन के लिए 150 करोड़, मिलियन प्लस शहरों के लिए 115 करोड़, एक लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। लोक निर्माण विभाग को भूमि अधिग्रहण मुआवजे के लिए 300 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा शिक्षा विभाग में पीएम जनमन (समग्र शिक्षा) हेतु 122 करोड़, जबकि धरती आबा जनजातीय ग्राम उन्नयन अभियान के लिए 108 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है।

  • मप्र विधानसभाः हंगामेदार रहा शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन, वीआईटी हिंसा पर विपक्ष का हंगामा

    मप्र विधानसभाः हंगामेदार रहा शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन, वीआईटी हिंसा पर विपक्ष का हंगामा


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन मंगलवार को हंगामेदार रहा। सत्र के दौरान अतिवृष्टि और वीआईटी विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों द्वारा अनियमितताओं को लेकर की गई तोड़-फोड़ के मामले में विपक्षी विधायकों ने जमकर हंगामा किया। इससे पहले कांग्रेस विधायक खेतों में फसलों की स्थिति को दर्शाती तख्तियां लेकर विधानसभा पहुंचे। शून्यकाल की सूचनाएं पढ़ी जाने के बाद विधानसभा की कार्यवाही गुरुवार तक स्थगित कर दी गई।

    दरअसल, लंच के बाद विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सीहोर जिले के वीआईटी विश्वविद्यालय में हुई मारपीट और आगजनी की घटना को लेकर विधायक दिनेश जैन ‘बोस’ ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि विश्वविद्यालय को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा गया है, इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। विधायक जैन ने मजिस्ट्रेट जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की, साथ ही छात्रों पर दर्ज प्रकरण वापस लेने की भी बात कही। मंत्री परमार ने कहा कि 4 हजार छात्रों का सड़क पर आना गंभीर मामला है, सरकार इसे गंभीरता से ले रही है और आगे सख्त कदम उठाए जाएंगे।

    कांग्रेस विधायक महेश परमार ने हनुमान चालीसा का पाठ करने पर सजा देने के मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विश्वविद्यालय में प्रशासक नियुक्त कर उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से विधायकों की एक कमेटी गठित करने का भी आग्रह किया। इस पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि विश्वविद्यालय को जो कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, उसका उद्देश्य ही यह है कि सरकार आवश्यक होने पर विश्वविद्यालय को अपने नियंत्रण में लेकर कठोर कार्रवाई करे। मंत्री परमार ने स्पष्ट किया कि अब तक किसी विश्वविद्यालय के खिलाफ इतनी सख्त कार्रवाई नहीं हुई होगी, जैसी इस मामले में की जाएगी।

    उप नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने आरोप लगाया कि वीआईटी विश्वविद्यालय में हनुमान जी का नाम लेने पर छात्रों से 5 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। कटारे ने सवाल उठाया कि जब सीएमएचओ को विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया, तो शासकीय कार्य में बाधा का मामला अब तक दर्ज क्यों नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अगर कलेक्टर और सीएमएचओ चाहें तो धार्मिक भावनाएं भड़काने और शासकीय कार्य में बाधा समेत अन्य धाराओं में विश्वविद्यालय प्रबंधन पर केस दर्ज कराया जा सकता है। उन्होंने वीआईटी कॉलेज में हिंसा को छोटा जेन-जेड आंदोलन बताया।

    इससे पहले मंगलवार को शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सदन में मध्य प्रदेश नगर पालिका संशोधन अध्यादेश- 2025 सर्वसम्मति से पारित हो गया। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह संशोधन राजीव गांधी के सपनों को पूरा करने की दिशा में एक कदम है। उन्होंने कहा कि पहले राइट टू रिकॉल ढाई साल में लागू होता था, जिसे अब 3 साल कर दिया गया है ताकि लोकतंत्र और मजबूत हो। वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि इस बिल से जनता को कोई सीधा फायदा नहीं होगा। यह केवल टिकट बेचने का माध्यम बनेगा और 3 साल बाद फिर खुलेआम हॉर्स ट्रेडिंग होगी।

    मध्य प्रदेश दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक 2025 पारित

    इसके साथ ही विधानसभा में मंगलवार को मध्य प्रदेश दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक 2025 भी पारित हो गया। श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि 20 से कम दुकानों या स्थानों में लेबर इंस्पेक्टर केवल कमिश्नर की अनुमति से ही जाएगा। महिलाओं को समान वेतन और 24 घंटे खुली दुकानों में सुरक्षा देने की जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने बताया कि दुकान रजिस्ट्रेशन शुल्क 250 रुपये से अधिकतम 2500 रुपये तय किया गया है, जिसका अर्थ यह नहीं कि सभी दुकानों पर 2500 रुपये लगेगा। यह राशि भविष्य में संभावित बढ़ोतरी के लिए निर्धारित की गई है।

    दूसरा अनुपूरक बजट सदन में पेश

    वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने दूसरा अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। इस पर 4 दिसंबर को 3:30 घंटे चर्चा होगी। दूसरा अनुपूरक बजट 13476 करोड़ 94 लाख रुपये का है।

  • मप्र कैबिनेट का फैसलाः नगरीय विकास योजनाओं के लिए 500 करोड़ का अतिरिक्त बजट मंजूर

    मप्र कैबिनेट का फैसलाः नगरीय विकास योजनाओं के लिए 500 करोड़ का अतिरिक्त बजट मंजूर


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को विधानसभा के समिति कक्ष में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। बैठक में नगरीय क्षेत्र के विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं पर निर्णय लिए गए। सरकार ने मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना को वर्ष 2026-27 तक जारी रखने का फैसला किया है। इसके लिए अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस बैठक में युवाओं से जुड़े मुद्दों पर भी अहम फैसले लिए गए, जिससे सरकार के विकास एजेंडे का स्पष्ट संकेत मिलता है।

    बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना के अंतर्गत अब तक 1,070 करोड़ रुपये की 1,062 परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। इनमें 325 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, 407 कार्य प्रगतिरत हैं और 330 परियोजनाएं डीपीआर स्वीकृति या निविदा प्रक्रिया में हैं। इस योजना के तहत पेयजल, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, सड़क और नाली निर्माण, श्मशान घाट, सामुदायिक भवन, रैन बसेरा और खेल मैदान जैसे विकास कार्य किए जाते हैं।

    बैठक में मध्य प्रदेश ग्रामीण संपर्कता बाह्य वित पोषित योजना के अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए भी मंजूरी दी गई। पहले से स्वीकृत 12 करोड़ 32 लाख रुपये के अलावा अब 9 करोड़ 45 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च करने की अनुमति प्रदान की गई है। इसके अलावा राज्य सेवा परीक्षा 2022 में परिवहन उप निरीक्षक पद के लिए चयनित 29 में से 25 उम्मीदवारों को नई शर्तों के साथ नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया है। इन उम्मीदवारों को दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि में एक वर्षीय कंप्यूटर डिप्लोमा और ड्राइविंग लाइसेंस के दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। यदि कोई उम्मीदवार परिवीक्षा अवधि में यह दस्तावेज प्रस्तुत करने में असफल रहता है, तो उसकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएंगी।

  • इंदौर को मिली बड़ी सौगात, अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त मप्र के पहले गीता भवन हुआ लोकार्पण

    इंदौर को मिली बड़ी सौगात, अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त मप्र के पहले गीता भवन हुआ लोकार्पण


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव और गीता जयंती के पावन अवसर पर सोमवार शाम को इंदौर को एक बड़ी सौगात देते हुए प्रदेश में शासकीय क्षेत्र के पहले अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नये गीता भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि इस तरह के गीता भवन प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर पालिकाओं और नगर पंचायत स्तर पर भी बनाये जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि इंदौर का लोकार्पित यह नया गीता भवन परंपरा एवं आधुनिकता का अनूठा संगम है। राज्य शासन द्वारा धार्मिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन एवं इससे जुड़े विभिन्न आयामों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गीता भवन परियोजना के अंतर्गत ऐतिहासिक गोपाल मंदिर परिसर को आधुनिक गीता भवन के रूप में विकसित कर प्रदेश को समर्पित किया गया है। इस योजना के तहत स्मार्ट सिटी द्वारा इस नये गीता भवन में विकसित विविध आधुनिक सुविधाएँ नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं।

    कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलु शुक्ला, सुमित मिश्रा, श्रवण सिंह चावड़ा, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, गौरव रणदिवे, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी, स्मार्ट सिटी के सीईओ अर्थ जैन विशेष रूप से मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मालवा की गौरवशाली विरासत, कृष्ण भक्ति और गीता का संदेश मध्य प्रदेश की दिशा तय करते हैं। मालवा क्षेत्र कृष्ण लीलाओं से अछूता नहीं है। कृष्ण भगवान ने मालवा के उज्जैन में शिक्षा ग्रहण की। मालवा की अहिल्या बाई होलकर ने देश में अनेक धर्म स्थलों का जीर्णोद्धार कराया और सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा की।

    गीता का प्रत्येक अध्याय ज्ञान, विज्ञान, दर्शन, योग और कर्तव्य की भावना से परिपूर्ण
    उन्होंने कहा कि गीता संघर्ष में आत्मबल और जीवन में मार्गदर्शन देती है। गीता का प्रत्येक अध्याय ज्ञान, विज्ञान, दर्शन, योग और कर्तव्य की भावना से परिपूर्ण है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने विराट स्वरूप के माध्यम से मानव को भय से मुक्त कर कर्तव्य के प्रति जागरूक किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गीता जयंती के अवसर पर अनेक रिकार्ड कायम किये गये।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता जयंती के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि विजेताओं का नगद के साथ ही ई-रिक्शा, ई-बाईक, लैपटॉप आदि प्रदान किये जा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से संघठन, साहस, धर्म की रक्षा और अन्याय के प्रतिकार का संदेश मिलता है। गीता जीवन के हर चरण में मार्गदर्शक है। गीता से भक्ति मार्ग, ज्ञान मार्ग और कर्म मार्ग से मोक्ष प्राप्ति का रास्ता भी दिखायी देता है। गीता संकट में बल देती है, संघर्ष में आत्मबल, उलझन में सारथी और अंधकार में अटल साथी बनती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा ‍कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्मार्ट सिटी परियोजना प्रारंभ की है। इस परियोजना से विरासत का संरक्षण करते हुए हम विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत वीर भारत न्यास द्वारा प्रकाशित तथा रामेश्‍वर लखनलाल पाटीदार द्वारा ‍लिखित श्रीकृष्ण चरित मानस और राघवदास पंडितदास द्वारा लिखित अमृतस्य अवंतिका का विमोचन भी किया। उन्होंने श्रीकृष्ण चरित मानस के लेखक रामेश्वर लखनलाल पाटीदार को पाँच लाख रुपये ‍दिये जाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के बाद श्री संजीव मालवीय द्वारा निर्देशित कृष्ण लीलाओं पर आधारित नृत्य नाटिका को भी देखा।

    महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर के लिये आज गौरव का दिन है। उन्होंने कहा कि गीता ने ‍सिखाया है कि अगर हम सभी अपने-अपने धर्म एवं कर्तव्यों का पालन करेंगे तो अधिकारों का संरक्षण स्वत: होगा। पिछले दो वर्षों में मध्य प्रदेश में नया सांस्कृतिक प्रवाह देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेतृत्व में विरासत से ‍विकास की ओर तेजी से बढ़ रही है।

    मुख्यमंत्री ने गोपाल मंदिर में किया पूजन-अर्चन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के पूर्व ऐतिहासिक गोपाल मंदिर में पूजन-अर्चन किया। उन्होंने प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि के लिए कामना की। उन्होंने गोपाल मंदिर में हुए विकास कार्यों विशेषकर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त लाइब्रेरी और प्रदर्शनी विथिका का अवलोकन भी किया।

    अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त गीता भवन
    इंदौर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत राजवाड़ा स्थित गोपाल मंदिर में नया गीता भवन बनाया गया है। इस गीता भवन की विशेषता यह है कि यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रवचनों और शैक्षणिक आयोजनों हेतु अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 550 सीट का एक खूबसूरत सभागृह भी बनाया गया है।

    सकारात्मक एवं आध्यात्मिक वातावरण से युक्त 50-सीटर रीडिंग हॉल तथा आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। लाइब्रेरी में अध्यात्म, दर्शन, योग, ध्यान, भारतीय संस्कृति, माइंडफुलनेस तथा जीवन-प्रबंधन से संबंधित लगभग 1200 पुस्तकों का समृद्ध संग्रह उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, डिजिटल आर्काइव के माध्यम से अनेक ई-बुक्स, ऑडियो-वीडियो व्याख्यान, ऑनलाइन कोर्स तथा अन्य डिजिटल संसाधनों तक सरलतापूर्वक पहुँच सुनिश्चित की गई है। लाइब्रेरी की आंतरिक सज्जा को प्राकृतिक रंगों, आध्यात्मिक कलाकृतियों, इनडोर पौधों तथा सौम्य प्रकाश व्यवस्था के माध्यम से इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि उपयोगकर्ताओं को शांत, प्रेरणादायी तथा एकाग्रता-उन्मुख वातावरण प्राप्त हो सके।

    मंदिर परिसर के पुनर्विकसित भागों में प्रदर्शनी कक्ष विकसित किए गए हैं, जिससे यह स्थल धार्मिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ कला एवं संस्कृति को एक साथ बढ़ावा देते हुए जनता के लिए एक समावेशी सांस्कृतिक अवसंरचना भी प्रदान करेगा।

  • MP: 10 जिलों में एसआईआर का काम पूर्ण, 35 जिलों ने पार किया 96% से अधिक का लक्ष्य

    MP: 10 जिलों में एसआईआर का काम पूर्ण, 35 जिलों ने पार किया 96% से अधिक का लक्ष्य


    भोपाल।
    भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत गणना पत्रकों के डिजिटलाइजेशन का कार्य तेज गति से जारी है। अभी तक मध्य प्रदेश में लगभग 5 करोड़ 42 लाख गणना पत्रकों का डिजीटाइजेशन पूरा हो चुका है। जो कुल कार्य का 94.5 फीसदी है। राज्य के 10 जिलों अशोक नगर,नीमच, बैतूल , गुना, मंडला , डिंडोरी , शाजापुर, सीहोर, सीधी और उमरिया में शत् प्रतिशत डिजीटाइजेशन का काम हो चुका है।

    यह जानकारी सोमवार देर शाम मप्र के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) संजीव कुमार झा ने दी। सीईओ झा ने सभी शासकीय सेवकों और नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समयावधि से पूर्व यह उपलब्धि सभी के प्रयास और कर्तव्य निष्ठा से ही संभव हुई है।

    झा ने बताया कि प्रदेश के 35अन्य जिलों ने 96 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इसके अलावा प्रदेश के 5जिलों में 93% से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झा ने डिजिटाइजेशन में लगे सभी शासकीय सेवकों, बीएलओ तथा सहयोगी नागरिकों के समन्वित प्रयास की सराहना की जिसके चलते निर्धारित समय से पहले ही कार्य पूर्णता की ओर है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में शत-प्रतिशत कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।

  • मप्रः उज्जैन में एक दिसंबर को शुरू होगा तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव

    मप्रः उज्जैन में एक दिसंबर को शुरू होगा तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में संस्कृति, जनसम्पर्क, उच्च शिक्षा, जेल, कृष्ण पाथेय न्यास और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में उज्जैन दशहरा मैदान पर एक से तीन दिसम्बर तक अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गीता जयंती एक दिसंबरको इस महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के 313 विकासखंड, 55 जिला मुख्यालय तथा 10 संभागों में श्रीकृष्ण परंपरा के आचार्यों की सन्निधि में तीन लाख से अधिक गीताभक्तों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण द्वारा प्रदत्त श्रीमद्भगवद्‌गीता के 15वें अध्याय का सामूहिक सस्वर पाठ किया जायेगा।

    इस मौके पर विशेष आयोजन उज्जैन, भोपाल एवं इंदौर में आयोजित किये जाएंगे, जिसमें इंदौर के राजवाड़ा स्थित गोपाल मंदिर में मध्य प्रदेश के पहले गीता भवन का लोकार्पण हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थित में होगा। इस अवसर पर मध्य प्रदेश में 16 से 28 नवंबर 2025 तक आयोजित हुई श्रीमद्भगवद्‌गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं के नामों की घोषणा भी की जायेगी।

    मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार एवं वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव न केवल आध्यात्मिक उत्कर्ष के प्रतीक हैं, बल्कि सांस्कृतिक जागरण का भी व्यापक साधन होगा। उन्होंने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन जीने की कला सिखाती है। मुख्यमंत्री के आह्वान पर गीता का संदेश प्रदेश के हर नागरिक तक पहुँचे ऐसे प्रयास किये जा रहे हैं। यह महोत्सव समाज में ज्ञान, कर्तव्य, अनुशासन और सकारात्मकता का वातावरण बनाने का माध्यम बनेगा।


    उज्जैन में तीन दिवसीय भव्य आयोजन, पहले दिन अभिनेता पुनीत इस्सर की प्रस्तुति

    तिवारी ने बताया कि उज्जैन के दशहरा मैदान पर 1 से 3 दिसंबर सांस्कृतिक आयोजन किए जा रहे है। जिसमें पहले दिन अभिनेता पुनीत इस्सर द्वारा निर्देशित नृत्य नाटिका जय श्रीकृष्णा का मंचन होगा। दूसरे दिन नई दिल्ली की वैष्णवी शर्मा का काव्यपाठ विराटजयी तथा मुंबई के मोहित शेवानी एवं दल द्वारा कृष्णायन की सांगीतिक प्रस्तुति होगी। अंतिम दिन उमेश तरकसवार द्वारा निर्देशित विश्ववंदनीय एवं बैंगलोर के डॉ. सलाउद्दीन पाशा द्वारा निर्देशित गीता ऑन व्हील्स की प्रस्तुति होगी। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर लघु चित्र शैली में माधव दर्शनम् प्रदर्शनी को प्रदर्शित किया जा रहा है।


    भोपाल के रवीन्द्र भवन में दिव्यांग कलाकारों द्वारा गीता ऑन व्हील्स का मंचन

    उन्होंने बताया कि भोपाल के रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार मोहित शेवानी के निर्देशन में कृष्णायन की प्रस्तुति होगी। यह प्रस्तुति भगवान श्रीकृष्ण और मध्य प्रदेश की कहानी पर केंद्रित है। आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए इस प्रस्तुति को आकर्षक एवं रोचक बनाने का प्रयास किया गया है। इसके पूर्व बैंगलोर के डॉ. सलाउद्दीन पाशा के निर्देशन में गीता ऑन व्हील्स जिसमें दिव्यांग कलाकार गीता के प्रसंगों को मंचित करेंगे तथा विश्व गीता प्रतिष्ठानम् की ओर से श्रीमद्भगवद्‌गीता नृत्य नाटिका की प्रस्तुति होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में दोपहर एक बजे श्रीमद्भगवद्‌गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ एवं प्रदर्शनी का लोकार्पण होगा। प्रस्तुतियाँ शाम 6 बजे शुरू होंगी। महोत्‍सव में माधव दर्शनम-लघु चित्र शैलियों में चित्रों की प्रदर्शनी लगाई जाएंगी। महोत्‍सव में प्रवेश पूर्णत: नि:शुल्‍क है।

  • महाबोधि महोत्सव भारत और श्रीलंका के बीच बौद्ध धर्म की साझा विरासत का प्रतीक: प्रधानमंत्री

    महाबोधि महोत्सव भारत और श्रीलंका के बीच बौद्ध धर्म की साझा विरासत का प्रतीक: प्रधानमंत्री


    – प्रधानमंत्री ने महाबोधि महोत्सव के लिए भेजा शुभकामना संदेश, भगवान बुद्ध के संदेश को बताया आधुनिक विश्व की आवश्यकता

    भोपाल। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित विश्व धरोहर सांची में शनिवार को बुद्ध जम्बू द्वीप पार्क में दो दिवसीय महाबोधि महोत्सव-2025 का विधिवत शुभारंभ हुआ। ‘महाबोधि महोत्सव’ और चेतियागिरी विहार के 73वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुभकामना संदेश प्रेषित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में सांची को भारत और श्रीलंका के बीच बौद्ध धर्म की साझा विरासत का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह आयोजन दोनों देशों के भविष्य की अपार संभावनाओं को दर्शाता है।


    बुद्ध का संदेश और आधुनिक विश्व

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में रेखांकित किया कि भगवान बुद्ध अपनी शिक्षाओं के माध्यम से आज भी विश्व पर गहरा प्रभाव बनाए हुए हैं। आधुनिक विश्व की चुनौतियों के बीच उनका शांति, करुणा और प्रज्ञा का संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है। उन्होंने चेतियागिरी विहार की महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध के परम शिष्यों- ‘सारिपुत्र और महामोग्गल्लान’ के पवित्र अवशेषों (अस्थि कलश) के संरक्षक के रूप में यह स्थान भारत की सांस्कृतिक विरासत में विशिष्ट स्थान रखता है। सांची हमारी प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान के बीच एक सेतु का कार्य करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘नमो बुद्धाय’ के उद्घोष के साथ मध्य प्रदेश सरकार और महाबोधि सोसाइटी ऑफ श्रीलंका को इस आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।


    सांची में महाबोधि महोत्सव का भव्य आगाज

    सांची के बुद्ध जम्बू द्वीप पार्क में संस्कृति विभाग, जिला प्रशासन रायसेन और महाबोधि सोसाइटी ऑफ श्रीलंका के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय ‘महाबोधि महोत्सव-2025’ का शनिवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। महोत्सव की पहली शाम श्रीलंका की सुप्रसिद्ध कलाकार ललिता गोमस के लोक नृत्य एवं गायन से सजी। इसके अलावा भगवान बुद्ध के जीवन पर केंद्रित ‘नृत्य नाटिका’ और ‘द साया बैंड’ की भक्तिमय प्रस्तुतियाँ मुख्य आकर्षण रहीं। दूसरे दिन रविवार को देश के प्रतिष्ठित कवियों के साथ ‘अखिल भारतीय कवि सम्मेलन’ का आयोजन होगा, जिसमें सूर्यकुमार पांडेय, सुमित मिश्रा और अभिसार शुक्ला जैसे नामचीन कवि काव्य पाठ करेंगे। पर्यटकों और कला प्रेमियों के लिए इस गरिमामयी आयोजन में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है। कार्यक्रम शाम 6:30 बजे से प्रारंभ हुआ।

  • अन्नदाता मेरी पहली प्राथमिकता, उन्हें किसी प्रकार की असुविधा बर्दाश्त नहीं : सिंधिया

    अन्नदाता मेरी पहली प्राथमिकता, उन्हें किसी प्रकार की असुविधा बर्दाश्त नहीं : सिंधिया


    गुना।
    केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने मध्य प्रदेश प्रवास के तीसरे दिन शनिवार को गुना जिले के विकासखण्‍ड बमोरी अंतर्गत बागेरी खाद वितरण केन्द्र पर औचक निरीक्षण किया। उन्‍होंने कहा कि मेरे अन्नदाता मेरी पहली प्राथमिकता हैं, उन्हें किसी प्रकार की असुविधा मुझे बर्दाश्त नहीं होगी।

    इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधी बातचीत की, उनकी समस्याएँ सुनीं और वितरण प्रक्रिया को देखा। केन्‍द्रीय मंत्री ने वहाँ मौजूद किसानों को भरोसा दिलाया कि आपको अब एक दाना खाद पाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा, यह मेरी जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी खाद वितरण केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जाए, व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जाए और किसी भी किसान को असुविधा न होने दी जाए।

    केंद्रीय मंत्री सिंधिया शनिवार को ग्राम कुशेपुर में मृतका भूरिया बाई के परिजनों से भी मिलने पहुँचे। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया और गहरा शोक व्यक्त किया। केन्द्रीय मंत्री ने मुख्‍यमंत्री जनकल्‍याण संबल योजना से दो लाख रुपये और मृत्य प्रमाण पत्र परिजन को मुहैया कराया। इससे पहले केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया और कलेक्टर किशोर कुमार कन्‍याल को मृतका के घर भेजा तथा परिवार को तत्काल राहत और सहायता दिलाने के निर्देश दिए। केन्द्रीय मंत्री ने मृतका के परिवार से मृत्यु प्रमाण-पत्र के संबंध में अभद्र आचरण करने वाले क्लर्क महेन्द्र सिंह जाटव को भी तत्काल निलंबित किया गया।

    “जिज्‍जी’ एस की पंचायत रेस्टोमार्ट” का किया शुभारंभ

    केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने शनिवार को मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं जिला पंचायत गुना द्वारा संचालित “जिज्‍जी’ एस की पंचायत रेस्टो मार्ट” का विधिवत शुभारंभ किया। यह पहल ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को रोजगार, बाजार एवं पहचान प्रदान कर आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। रेस्टो मार्ट में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार पारंपरिक भोजन, पैक किए गए स्थानीय उत्पादों तथा हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी एवं बिक्री की व्यवस्था है। यह कदम ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा देने और उन्हें व्यापक बाजार उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगा। स्थल पर सुपर लूडो, सुपर स्नेक एंड लैडर, टेबल टेनिस, मिनी क्रिकेट सहित कई मनोरंजक गतिविधियाँ उपलब्ध हैं, जो सभी आयु वर्ग के लिए इसे एक आकर्षक व समग्र अनुभव का केंद्र बनाती हैं।

    ग्रामीण महिलाएँ प्रतिदिन कमा रहीं 500 से 1200 रुपये
    इस पहल से तीन स्व-सहायता समूहों की लगभग 25 महिलाओं को प्रतिदिन 500 से 1200 रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है। यह उनके आर्थिक सशक्तिकरण, आत्मविश्वास और स्वाभिमान को नई दिशा प्रदान कर रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने उपस्थित लोगों के साथ सेल्फी पॉइंट पर फोटो खिंचवाए। इसके बाद फीता काटकर रेस्टो मार्ट का शुभारंभ किया। उन्होंने मार्ट के अंदर विभिन्न स्टॉलों पर तैयार उत्पादों का अवलोकन किया और स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की।

    खेल गतिविधियों में दी सहभागिता, ब्लैक कॉफी और रसगुल्ले की मिली विशेष सराहना

    केन्‍द्रीय मंत्री सिंधिया ने रेस्टो मार्ट परिसर में उपलब्ध खेल गतिविधियों में सहभागिता दी और वहां परोसी गई ब्लैक कॉफी के साथ-साथ स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बनाए गए रसगुल्ले का स्वाद भी लिया और उसकी विशेष रूप से प्रशंसा की। इसके उपरांत उन्होंने बाहर निर्मित मिनी क्रिकेट मैदान में भी खेल में शामिल होकर उपस्थित लोगों का उत्साह बढ़ाया।

    विभिन्‍न विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्‍यास

    केन्द्रीय मंत्री ने शनिवार को लक्ष्‍मीगंज में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्‍न विकास कार्यो के लोकार्पण एवं शिलान्‍यास कार्यक्रम में मुख्‍य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में सिंध नदी से गुना शहर के लिए जलप्रदाय योजना राशि 48.74 करोड रुपये का भूमिपूजन किया गया। साथ ही संयुक्त एसडीएम कार्यालय भवनलागत 8.38 करोड़ रुपये तथा संयुक्त तहसील कार्यालय भवन लागत 7.96 करोडएवं शासकीय हाई स्कूल पाटईका ₹ 1.47 करोडकी लागत से बने भवनों का लोकार्पण किया।

    2050 तक शहर की पेयजल आपूर्ति को पूरा करेगी सिंध नदी जल प्रदाय योजना

    केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने सर्वप्रथम सिंध नदी जल प्रदाय योजना के अंतर्गत आने वाले 48.74 करोड़ की अमृत 2.0 परियोजना का भूमिपूजन किया। यह परियोजना वर्ष 2050 तक गुना शहर को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जो बढ़ती आबादी और शहरी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक समाधान प्रदान करेगी। सिंधिया ने कहा कि यह योजना न केवल शहर की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान देगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी सुरक्षित जल की गारंटी प्रदान करेगी।

    एक ही छत के नीचे होंगे त्वरित सेवा के केन्द्र

    इस अवसर पर सिंधिया ने प्रशासनिक संरचनाओं को मजबूत बनाने वाली दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं एसडीएम कार्यालय भवन और तहसील कार्यालय भवन का लोकार्पण भी किया। इन भवनों के शुभारंभ से आमजन को राजस्व एवं प्रशासनिक सेवाएँ अधिक सुगमता, तेजी और पारदर्शिता के साथ उपलब्ध होगी। सिंधिया ने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त ये कार्यालय नागरिकोंके लिए “एक ही छत के नीचे” त्वरित सेवाओं का केंद्र बनेंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा।

    शिक्षा के क्षेत्र में दी महत्वपूर्ण सौगात

    सिंधिया ने पार्टली हाई स्कूल के नव-निर्मित भवन का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि शिक्षा, पेयजल, प्रशासनिक संरचना और सार्वजनिक सुविधाएँ किसी भी जिले के विकास की मूल आधारशिलाएँ हैं और गुना इन चारों आयामों में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। गुना केवल उनका संसदीय क्षेत्र नहीं, बल्कि उनका परिवार है। उन्होंने कहा कि गुना के हर घर की सुविधा, हर परिवार की समृद्धि, और हर युवा के उज्जवल भविष्य के लिए मैं प्रतिबद्ध हूँ। जनता का विश्वास मेरी सबसे बड़ी शक्ति है, और यह शक्ति मुझे गुना के निरंतर विकास के लिए दिन-रात कार्य करने की प्रेरणा देती है।