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  • अन्नदाता मेरी पहली प्राथमिकता, उन्हें किसी प्रकार की असुविधा बर्दाश्त नहीं : सिंधिया

    अन्नदाता मेरी पहली प्राथमिकता, उन्हें किसी प्रकार की असुविधा बर्दाश्त नहीं : सिंधिया


    गुना।
    केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने मध्य प्रदेश प्रवास के तीसरे दिन शनिवार को गुना जिले के विकासखण्‍ड बमोरी अंतर्गत बागेरी खाद वितरण केन्द्र पर औचक निरीक्षण किया। उन्‍होंने कहा कि मेरे अन्नदाता मेरी पहली प्राथमिकता हैं, उन्हें किसी प्रकार की असुविधा मुझे बर्दाश्त नहीं होगी।

    इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधी बातचीत की, उनकी समस्याएँ सुनीं और वितरण प्रक्रिया को देखा। केन्‍द्रीय मंत्री ने वहाँ मौजूद किसानों को भरोसा दिलाया कि आपको अब एक दाना खाद पाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा, यह मेरी जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी खाद वितरण केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जाए, व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जाए और किसी भी किसान को असुविधा न होने दी जाए।

    केंद्रीय मंत्री सिंधिया शनिवार को ग्राम कुशेपुर में मृतका भूरिया बाई के परिजनों से भी मिलने पहुँचे। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया और गहरा शोक व्यक्त किया। केन्द्रीय मंत्री ने मुख्‍यमंत्री जनकल्‍याण संबल योजना से दो लाख रुपये और मृत्य प्रमाण पत्र परिजन को मुहैया कराया। इससे पहले केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया और कलेक्टर किशोर कुमार कन्‍याल को मृतका के घर भेजा तथा परिवार को तत्काल राहत और सहायता दिलाने के निर्देश दिए। केन्द्रीय मंत्री ने मृतका के परिवार से मृत्यु प्रमाण-पत्र के संबंध में अभद्र आचरण करने वाले क्लर्क महेन्द्र सिंह जाटव को भी तत्काल निलंबित किया गया।

    “जिज्‍जी’ एस की पंचायत रेस्टोमार्ट” का किया शुभारंभ

    केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने शनिवार को मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं जिला पंचायत गुना द्वारा संचालित “जिज्‍जी’ एस की पंचायत रेस्टो मार्ट” का विधिवत शुभारंभ किया। यह पहल ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को रोजगार, बाजार एवं पहचान प्रदान कर आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। रेस्टो मार्ट में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार पारंपरिक भोजन, पैक किए गए स्थानीय उत्पादों तथा हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी एवं बिक्री की व्यवस्था है। यह कदम ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा देने और उन्हें व्यापक बाजार उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगा। स्थल पर सुपर लूडो, सुपर स्नेक एंड लैडर, टेबल टेनिस, मिनी क्रिकेट सहित कई मनोरंजक गतिविधियाँ उपलब्ध हैं, जो सभी आयु वर्ग के लिए इसे एक आकर्षक व समग्र अनुभव का केंद्र बनाती हैं।

    ग्रामीण महिलाएँ प्रतिदिन कमा रहीं 500 से 1200 रुपये
    इस पहल से तीन स्व-सहायता समूहों की लगभग 25 महिलाओं को प्रतिदिन 500 से 1200 रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है। यह उनके आर्थिक सशक्तिकरण, आत्मविश्वास और स्वाभिमान को नई दिशा प्रदान कर रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने उपस्थित लोगों के साथ सेल्फी पॉइंट पर फोटो खिंचवाए। इसके बाद फीता काटकर रेस्टो मार्ट का शुभारंभ किया। उन्होंने मार्ट के अंदर विभिन्न स्टॉलों पर तैयार उत्पादों का अवलोकन किया और स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की।

    खेल गतिविधियों में दी सहभागिता, ब्लैक कॉफी और रसगुल्ले की मिली विशेष सराहना

    केन्‍द्रीय मंत्री सिंधिया ने रेस्टो मार्ट परिसर में उपलब्ध खेल गतिविधियों में सहभागिता दी और वहां परोसी गई ब्लैक कॉफी के साथ-साथ स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बनाए गए रसगुल्ले का स्वाद भी लिया और उसकी विशेष रूप से प्रशंसा की। इसके उपरांत उन्होंने बाहर निर्मित मिनी क्रिकेट मैदान में भी खेल में शामिल होकर उपस्थित लोगों का उत्साह बढ़ाया।

    विभिन्‍न विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्‍यास

    केन्द्रीय मंत्री ने शनिवार को लक्ष्‍मीगंज में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्‍न विकास कार्यो के लोकार्पण एवं शिलान्‍यास कार्यक्रम में मुख्‍य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में सिंध नदी से गुना शहर के लिए जलप्रदाय योजना राशि 48.74 करोड रुपये का भूमिपूजन किया गया। साथ ही संयुक्त एसडीएम कार्यालय भवनलागत 8.38 करोड़ रुपये तथा संयुक्त तहसील कार्यालय भवन लागत 7.96 करोडएवं शासकीय हाई स्कूल पाटईका ₹ 1.47 करोडकी लागत से बने भवनों का लोकार्पण किया।

    2050 तक शहर की पेयजल आपूर्ति को पूरा करेगी सिंध नदी जल प्रदाय योजना

    केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने सर्वप्रथम सिंध नदी जल प्रदाय योजना के अंतर्गत आने वाले 48.74 करोड़ की अमृत 2.0 परियोजना का भूमिपूजन किया। यह परियोजना वर्ष 2050 तक गुना शहर को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जो बढ़ती आबादी और शहरी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक समाधान प्रदान करेगी। सिंधिया ने कहा कि यह योजना न केवल शहर की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान देगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी सुरक्षित जल की गारंटी प्रदान करेगी।

    एक ही छत के नीचे होंगे त्वरित सेवा के केन्द्र

    इस अवसर पर सिंधिया ने प्रशासनिक संरचनाओं को मजबूत बनाने वाली दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं एसडीएम कार्यालय भवन और तहसील कार्यालय भवन का लोकार्पण भी किया। इन भवनों के शुभारंभ से आमजन को राजस्व एवं प्रशासनिक सेवाएँ अधिक सुगमता, तेजी और पारदर्शिता के साथ उपलब्ध होगी। सिंधिया ने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त ये कार्यालय नागरिकोंके लिए “एक ही छत के नीचे” त्वरित सेवाओं का केंद्र बनेंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा।

    शिक्षा के क्षेत्र में दी महत्वपूर्ण सौगात

    सिंधिया ने पार्टली हाई स्कूल के नव-निर्मित भवन का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि शिक्षा, पेयजल, प्रशासनिक संरचना और सार्वजनिक सुविधाएँ किसी भी जिले के विकास की मूल आधारशिलाएँ हैं और गुना इन चारों आयामों में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। गुना केवल उनका संसदीय क्षेत्र नहीं, बल्कि उनका परिवार है। उन्होंने कहा कि गुना के हर घर की सुविधा, हर परिवार की समृद्धि, और हर युवा के उज्जवल भविष्य के लिए मैं प्रतिबद्ध हूँ। जनता का विश्वास मेरी सबसे बड़ी शक्ति है, और यह शक्ति मुझे गुना के निरंतर विकास के लिए दिन-रात कार्य करने की प्रेरणा देती है।

  • मंदी से जूझ रही दुनिया… मगर भारत ने मारी जबरदस्त छलांग.. जानें बंपर GDP ग्रोथ की असल कहानी!

    मंदी से जूझ रही दुनिया… मगर भारत ने मारी जबरदस्त छलांग.. जानें बंपर GDP ग्रोथ की असल कहानी!


    नई दिल्ली।
    दुनिया के प्रमुख देश (Worlds Major Countries) आर्थिक मंदी (Economic Recession) की मार से जूझ रहे हैं। अमेरिका (America) में ट्रंप की नई टैरिफ नीतियों (Trump’s new Tariff Policies) ने महंगाई को भड़का दिया है, यूरोप की अर्थव्यवस्था ठहराव की कगार पर है और चीन की विकास दर नीचे लुढ़क रही है। वैश्विक विकास दर 2025 में 2.3% तक गिरने का अनुमान है, जो 2008 की मंदी के बाद का सबसे कमजोर दौर हो सकता है। लेकिन इसी तूफान के बीच भारत (India) एक अलग ही रंग दिखा रहा है। जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2 FY26) में GDP ग्रोथ 8.2% पर पहुंच गई। यह छह तिमाहियों का उच्चतम स्तर है। इसने पूर्वानुमानों (7.2%) को भी पीछे छोड़ दिया है। आइए, इस बंपर ग्रोथ की असली कहानी समझते हैं।


    वैश्विक मंदी का खतरा

    अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में वैश्विक GDP ग्रोथ 3.2% रहने का अनुमान है, जो 2024 के 3.3% से भी कम है। कारण? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति ने टैरिफ की बाढ़ ला दी। उन्होंने भारत और ब्राजील जैसे बड़े देशों पर 50 फीसदी तक टैरिफ लगाया है। इससे अमेरिकी विकास दर 1.8% पर सिमट गई, और मंदी की संभावना 40% तक पहुंच गई।

    यूरोप में तो हाल और बुरा है। जर्मनी की अर्थव्यवस्था (-0.2%) ऊर्जा संकट और कमजोर निर्यात की वजह से लगातार दूसरे साल सिकुड़ रही है। चीन की ग्रोथ 4% के आसपास ठहर गई, रियल एस्टेट संकट और कमजोर घरेलू मांग से जूझ रही है। संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) की रिपोर्ट कहती है कि व्यापारिक अनिश्चितता ऐतिहासिक उच्च स्तर पर है, जिससे वैश्विक व्यापार 2025 में 40% गिर सकता है।

    वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के 2025 के जीडीपी विकास अनुमान चिंताजनक हैं, जहां अमेरिका की विकास दर टैरिफ नीतियों से प्रेरित महंगाई और मंदी के खतरे के कारण 2% पर सिमटने का अनुमान है। चीन की अर्थव्यवस्था रियल एस्टेट संकट और कमजोर निर्यात के बोझ तले 4.8% की दर से बढ़ेगी, जबकि यूरोपीय संघ ऊर्जा संकट और आर्थिक ठहराव की चुनौतियों से जूझते हुए मात्र 1.2% का विकास दर्ज करेगा। जापान जनसंख्या संकुचन और निवेश की कमी के कारण 0.9% पर रुकेगा और वैश्विक औसत 3.2% रहने की संभावना है, जो व्यापार युद्धों तथा अनिश्चितताओं से प्रभावित होकर 2008 के बाद का सबसे कमजोर दौर साबित हो सकता है। ये अनुमान आईएमएफ की नवीनतम रिपोर्ट पर आधारित हैं, जो दर्शाते हैं कि वैश्विक सहयोग की कमी से विकास की गति धीमी पड़ रही है।


    भारत का ‘कमाल’: 8.2% ग्रोथ का जादू कैसे हुआ?

    राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आंकड़ों के अनुसार, Q2 FY26 में रीयल GDP ग्रोथ 8.2% रही, जबकि GVA (ग्रॉस वैल्यू एडेड) 8.1% रहा। जुलाई-सितंबर तिमाही की यह वृद्धि दर पिछली छह तिमाहियों में सबसे अधिक है। इससे पहले उच्चतम वृद्धि 8.4 प्रतिशत थी, जो वित्त वर्ष 2023-24 की जनवरी-मार्च तिमाही में दर्ज की गई थी। इस तीव्र वृद्धि ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में बरकरार रखा है। इसी दौरान चीन की अर्थव्यवस्था 4.8 प्रतिशत बढ़ी है। इसके साथ वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में भारत की अर्थव्यवस्था आठ प्रतिशत की दर से बढ़ी है। पिछले साल की समान अवधि में इसकी वृद्धि दर 6.1 प्रतिशत रही थी। पहली छमाही के बेहतर प्रदर्शन के दम पर भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष के वृद्धि लक्ष्य से भी आगे निकल सकती है। जनवरी में पेश आर्थिक समीक्षा में इसके में 6.3-6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था। लेकिन सवाल वही: वैश्विक तूफान में यह चमत्कार कैसे?

    ग्रामीण मांग का सुपरचार्ज: भारत की 40% उपभोग मांग ग्रामीण इलाकों से आती है। अच्छे माॉनसून (2025 में 106% औसत वर्षा) ने खेती को बूस्ट दिया- खाद्यान्न उत्पादन 5% बढ़ा। नतीजा? ट्रैक्टर बिक्री अक्टूबर में 11 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंची और दो-पहिया वाहनों की ग्रामीण बिक्री 51.8% उछली। न्यूल्सनआईक्यू के आंकड़े बताते हैं कि ग्रामीण FMCG बिक्री 12% बढ़ी। यह ‘बॉटम-अप’ ग्रोथ है। यानी किसान अमीर, तो बाजार चमकदार।

    सरकारी खर्च का इंजन: केंद्र सरकार का कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) बजट का 24.5% Q1 में ही खर्च हो गया, जो पिछले साल के 16.3% से दोगुना है। हाईवे, रेलवे, और बंदरगाहों पर निवेश ने निर्माण क्षेत्र को 7% ग्रोथ दी। IMF कहता है कि इसी इंफ्रास्ट्रक्चर पुश ने नौकरियां पैदा कीं और आय बढ़ाईं।

    विनिर्माण का उभार: मैन्युफैक्चरिंग PMI अक्टूबर में 59.2 पर पहुंचा- 57.5 से ऊपर था। ‘मेक इन इंडिया’ और PLI स्कीम्स ने स्मार्टफोन, ऑटो और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को उकसाया। उत्पादन और नए ऑर्डर में तेजी आई, भले ही US टैरिफ्स का साया हो। निर्यात 6.3% बढ़ा।

    सेवाओं का डिजिटल जादू: IT और कंसल्टिंग निर्यात 10% GDP का योगदान दे रहे हैं। डिजिटल इंडिया ने UPI ट्रांजेक्शन को 50% बूस्ट दिया। सेवाओं की ग्रोथ दोगुनी (10% से ऊपर) रही, जो वैश्विक मंदी में भी मजबूत बनी।


    सेवा क्षेत्र का भी प्रदर्शन काफी अच्छा रहा

    आंकड़ों के मुताबिक, विनिर्माण क्षेत्र ने पिछली तिमाही में 9.1 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दिखाई जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 2.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी। इस दौरान सेवा क्षेत्र का भी प्रदर्शन काफी अच्छा रहा। बैंकिंग, रियल एस्टेट और अन्य सेवाओं में 10.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई जो एक साल पहले 7.2 प्रतिशत थी। हालांकि दूसरी तिमाही में कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। कृषि क्षेत्र का उत्पादन गिरकर 3.5 प्रतिशत रहा जो एक साल पहले की समान अवधि में 4.1 प्रतिशत था।

    दूसरी तिमाही में स्थिर कीमतों पर जीडीपी 48.63 लाख करोड़ रुपये और मौजूदा बाजार मूल्य पर जीडीपी 85.25 लाख करोड़ रुपये रही। इसके साथ पहली छमाही में स्थिर कीमतों पर जीडीपी आठ प्रतिशत बढ़कर 96.52 लाख करोड़ रुपये और मौजूदा बाजार मूल्य पर जीडीपी 8.8 प्रतिशत बढ़कर 171.30 लाख करोड़ रुपये रहा। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने इन आंकड़ों पर कहा कि मौजूदा रफ्तार को देखते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था के इस वित्त वर्ष में चार लाख करोड़ डॉलर से अधिक हो जाने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 20224-25 के अंत में जीडीपी का आकार 3.9 लाख करोड़ डॉलर था।


    वृद्धि दर उम्मीदों से अधिक रही

    वास्तविक निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई) ने 7.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। सकल स्थायी पूंजी निर्माण 7.3 प्रतिशत बढ़ा। दूसरी तिमाही में जीडीपी के अनुमान में उपयोग की गई विभिन्न गणना पद्धतियों के बीच अंतर 1.62 लाख करोड़ रुपये का रहा। रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि सितंबर तिमाही की वृद्धि दर उम्मीदों से अधिक रही है। इससे दिसंबर 2025 की मौद्रिक नीति समीक्षा में दर कटौती की संभावना कम हो गई है।

    हालांकि नायर ने कहा, “अमेरिका की तरफ से लगाए गए उच्च शुल्क और केंद्र सरकार की सीमित पूंजीगत व्यय की गुंजाइश को देखते हुए वृद्धि की रफ्तार धीमी हो सकती है। इसके बावजूद वित्त वर्ष 2025-26 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि सात प्रतिशत से अधिक रहने की ही संभावना है।” डेलॉयट की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने कहा कि जीएसटी सुधार और त्योहारी खरीद तीसरी तिमाही में आर्थिक गतिविधियों को गति देंगे और पूरे वित्त वर्ष की वृद्धि दर के अनुमान में महत्वपूर्ण सुधार हो सकता है।

    आंकड़ों के आकलन की नई पद्धति लागू की जा रही
    क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री धर्मकीर्ति जोशी ने कहा कि जीडीपी गणना के लिए 2011-12 के बजाय 2022-23 को नया आधार वर्ष स्वीकार किए जाने के बाद अर्थव्यवस्था की बेहतर तस्वीर सामने आ पाएगी लेकिन इससे मौजूदा अनुमानों से थोड़ा विचलन भी हो सकता है। दरअसल सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय आर्थिक आंकड़ों की गणना के लिए 2022-23 को नए आधार वर्ष के रूप में संशोधित करने की तैयारी में है।

    मंत्रालय ने कहा कि तिमाही जीडीपी के प्रारंभिक अनुमानों में आगे चलकर संशोधन किए जाएंगे, क्योंकि मौजूदा एवं स्थिर कीमतों पर आंकड़ों के आकलन की नई पद्धति लागू की जा रही है। बयान के मुताबिक, नई शृंखला के आधार पर अगली तिमाही के जीडीपी आंकड़े 27 फरवरी, 2026 को जारी किए जाएंगे।

  • तेजस में कोई समस्या नहीं, यह पूरी तरह सुरक्षित…दुबई एयर शो की घटना को HAL चीफ ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण

    तेजस में कोई समस्या नहीं, यह पूरी तरह सुरक्षित…दुबई एयर शो की घटना को HAL चीफ ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण


    नई दिल्ली।
    हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) (Hindustan Aeronautics Limited -HAL) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डीके सुनील (DK Sunil) ने दुबई एयर शो (Dubai Air Show) में लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस (Light Combat Aircraft (LCA) Tejas) के क्रैश होने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण हादसा बताया। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना से तेजस कार्यक्रम के भविष्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

    एएनआई के नेशनल सिक्योरिटी समिट में रक्षा निर्यात पर बोलते हुए डीके सुनील ने कहा- तेजस में बिल्कुल कोई समस्या नहीं है। मैं इस मंच से ये घोषणा करता हूं। यह एक बहुत शानदार एयरक्राफ्ट है। यह पूरी तरह सुरक्षित है और इसका सुरक्षा रिकॉर्ड दुनिया में सबसे बेहतरीन है। दुबई में जो हुआ, वह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। इसका तेजस के भविष्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बता दें कि यह पहला मौका था जब तेजस विदेशी धरती पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। वहीं जब से तेजस बना है तब से केवल दो बार ही क्रैश हुआ है। वहीं 1993 से 2013 तक दुनिया की सुपरपावर कहे जाने वाले अमेरिका में 174 एयरशो क्रैश हुए, जिनमें 91 लोग मारे गए।

    एचएएल चेयरमैन ने कहा- जब कोई देश आगे बढ़ता है और अपनी खुद की टेक्नोलॉजी विकसित करता है तो उसे कई चरणों से गुजरना होता है। आज हमने नई क्षमता के साथ इस 4.5 जेनरेशन के एयरक्राफ्ट को बनाया है। यह एक बहुत बड़ी सफलता है और हम इस पर गर्व करते हैं। लोग तो बातें करेंगे ही और सवाल उठाएंगे लेकिन इससे हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि ये पूरी तरह से सुरक्षित एयरक्राफ्ट है। इसके भविष्य को लेकर कोई सवाल ही नहीं है। हमारे पास करीब 180 तेजस हैं और यह संख्या आगे बढ़ेगी। हम पास इस विमान के लिए एक्सपोर्ट मार्कट भी होगी।”


    HAL के फ्यूचर प्रोजेक्ट

    HAL के भविष्य के प्रोजेक्ट्स पर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के चेयरमैन ने कहा कि हम U-CAV – ‘CATS वॉरियर’ बना रहे हैं। यह अगले साल तक तैयार हो जाएगा, और हमें उम्मीद है कि यह 2027 तक उड़ान भरेगा। उन्होंने कहा कि हम UHM (यूटिलिटी हेलीकॉप्टर मैरीटाइम)- डेक-बेस्ड वर्जन के लिए यूटिलिटी हेलीकॉप्टर पर भी काम कर रहे हैं। यह इस साल उड़ान भरना शुरू कर देगा, और दो साल में डिलीवरी होगी…

    उन्होंने कहा कि सरकार की नीति है कि भारत वैश्विक स्तर पर उभरे और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने। डीके सुनील ने कहा- यह सरकार की नीति है कि हम ग्लोबल बनें। निर्यात भारत सरकार और कंपनी के आउटरीच का परिणाम हैं। हम जो क्षमता विकसित कर रहे हैं, उसका यह तार्किक विस्तार है।

    गौरतलब है कि दुबई एयर शो-2025 के दौरान भारतीय वायुसेना का तेजस लड़ाकू विमान प्रदर्शन के समय क्रैश हो गया था। इस हादसे में विंग कमांडर नमांश स्याल मारे गए। वर्तमान में मलेशिया, अर्जेंटीना, मिस्र, फिलीपींस सहित कई देश तेजस में रुचि दिखा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में रक्षा निर्यात को 35,000 करोड़ रुपये तक ले जाना है।