Category: National

  • ‘बुर्के वाली PM बनी तो जय श्री राम भी नहीं बोल पाएंगे’, ओवैसी के बयान पर नितेश राणे भड़के

    ‘बुर्के वाली PM बनी तो जय श्री राम भी नहीं बोल पाएंगे’, ओवैसी के बयान पर नितेश राणे भड़के


    नई दिल्ली| AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी के बयान को लेकर लगातार राजनीति हो रही है। इस मुद्दे पर अब भाजपा नेता नितेश राणे का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई बुर्के वाली कल प्रधानमंत्री बन जाती है, कल ही हिंदू समाज का धर्मांतरण कर दिया जाएगा हम कल से ही जय श्री राम भी नहीं बोल पाएंगे, आई लव महादेव के पोस्टर नहीं लगा पाएंगे। महाराष्ट्र के मंत्री ने कहा कि ओवैसी हिजाबी महिला प्रधानमंत्री बनाने की बात करके इस देश को इस्लामिक देश बनाने की धमकी देने की कोशिश कर रहे हैं।

    मीडिया से बात करते हुए नितेश राणे ने कहा, “भौंकने वाले, कभी काटते नहीं है। देश को इस्लामी राज्य में बदलने का प्रयास बुर्का पहने प्रधानमंत्री की धमकी से शुरू होता है। ओवैसी हमें यह कहकर डराने की कोशिश कर रहे हैं कि अगर कल कोई बुर्का पहनी महिला प्रधानमंत्री बन जाती है, तो सभी को जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाएगा और यह हिंदू राष्ट्र इस्लामी राज्य में बदल जाएगा। इसका मतलब है कि हम अपने घरों में पूजा भी नहीं कर पाएंगे, हम ‘जय श्री राम’ नहीं कह पाएंगे और हम ‘आई लव महादेव’ के बैनर भी नहीं लगा पाएंगे।” नितेश ने कहा, “यह धमकी देने वाले लोगों को महाराष्ट्र में खड़े रहने देना है या नहीं, यह हमें देखना होगा।”

    आपको बता दें, हैदराबाद के सांसद ने महाराष्ट्र में एक रैली के दौरान कहा था कि वह चाहते हैं कि किसी दिन एक हिजाबी महिला भारत की प्रधानमंत्री बने। पाकिस्तान में उन्होंने अपने संविधान में लिख दिया कि एक मुस्लिम ही प्रधानमंत्री बन सकता है, लेकिन बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान में लिखा है कि भारत का कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री बन सकता है। उनके इस बयान के बाद काफी राजनैतिक बयानबाजी हुई।

    भाजपा की तरफ से राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि ओवैसी ऐसा ही चाहते हैं, तो सबसे पहले उन्हें अपनी पार्टी से ही इसकी शुरुआत करनी चाहिए। उन्हें अपनी पार्टी के अध्यक्ष पद पर किसी महिला को बैठाना चाहिए। दूसरी तरफ कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने ओवैसी के इस बयान को दिन में तारे देखने जैसा बताया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि संविधान सभी को प्रधानमंत्री पद तक जाने की अनुमति देता है, लेकिन हमारा देश हिंदू प्रधान है, ऐसे में हिंदू को ही प्रधानमंत्री बनना चाहिए।

  • मकर संक्रांति पर लाडली बहनों को बड़ी राहत: दिसंबर-जनवरी की दो किस्तें एक साथ मिलने की संभावना

    मकर संक्रांति पर लाडली बहनों को बड़ी राहत: दिसंबर-जनवरी की दो किस्तें एक साथ मिलने की संभावना


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना से जुड़ी महिलाओं के लिए मकर संक्रांति से पहले राहत भरी खबर सामने आ रही है। योजना के तहत दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 की मासिक सहायता राशि एक साथ जारी किए जाने की संभावना जताई जा रही है। अगर यह प्रक्रिया पूरी होती है तो पात्र महिलाओं के बैंक खातों में कुल 3000 रुपये जमा हो सकते हैं। हालांकि इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।

    योजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, 1500 रुपये प्रतिमाह की यह आर्थिक सहायता केवल उन महिलाओं को मिलेगी जिन्होंने ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली है। सरकार ने लाभार्थियों के सत्यापन और अपात्र लोगों को योजना से बाहर करने के उद्देश्य से दिसंबर के अंत तक ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया था। जिन खातों का सत्यापन पूरा नहीं हुआ है, उनकी किस्त फिलहाल रोकी जाने की संभावना बनी हुई है।बीते कुछ महीनों में इस योजना के तहत किस्तों के भुगतान में देरी देखी गई है। चुनावी गतिविधियों और तकनीकी कारणों के चलते समय पर राशि ट्रांसफर नहीं हो सकी। पहले यह अनुमान लगाया गया था कि तीन महीनों की बकाया राशि एक साथ जारी होगी, लेकिन हाल ही में केवल एक माह की किस्त ही लाभार्थियों के खातों में पहुंच पाई। इसके बाद दिसंबर और जनवरी की किस्तों को लेकर महिलाओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

    मकर संक्रांति को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेशों और पोस्टरों ने उम्मीदें और बढ़ा दी हैं। इनमें दावा किया जा रहा है कि त्योहार से पहले ही दो महीनों की राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। वहीं, विपक्षी दल इस दावे को राजनीतिक प्रचार से जोड़कर देख रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर फिलहाल यही कहा जा रहा है कि भुगतान की प्रक्रिया बजट और तकनीकी मंजूरी के बाद ही आगे बढ़ेगी।लाडकी बहिण योजना राज्य की सबसे बड़ी सामाजिक सहायता योजनाओं में शामिल है। इसके तहत 21 से 65 वर्ष की आयु की उन महिलाओं को मासिक सहायता दी जाती है, जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होती है। वर्तमान में लगभग 2.4 करोड़ महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं, जिससे राज्य सरकार पर हर महीने हजारों करोड़ रुपये का वित्तीय भार पड़ता है।

    सरकारी सूत्रों का कहना है कि योजना को लेकर किसी भी प्रकार की अंतिम जानकारी केवल आधिकारिक माध्यम से साझा की जाएगी। लाभार्थियों को सलाह दी गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अपने बैंक खाते तथा सरकारी पोर्टल पर नियमित अपडेट चेक करते रहें।फिलहाल मकर संक्रांति से पहले दो किस्तें एक साथ मिलने की उम्मीद ने महिलाओं में उत्सुकता बढ़ा दी है। सरकार की ओर से स्पष्ट घोषणा होने के बाद ही यह तय हो पाएगा कि यह राशि कब और किन शर्तों पर खातों में पहुंचेगी।

  • आज की सरकारी नौकरी: हरियाणा, राजस्थान और प्रसार भारती में 136 पदों पर भर्ती, ऑनलाइन आवेदन जारी

    आज की सरकारी नौकरी: हरियाणा, राजस्थान और प्रसार भारती में 136 पदों पर भर्ती, ऑनलाइन आवेदन जारी


    नई दिल्ली । सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए आज की ताज़ा खबर बेहद महत्वपूर्ण है। हरियाणा लोक सेवा आयोगHPSC राजस्थान कर्मचारी चयन आयोगRSSB और प्रसार भारती ने विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचनाएं जारी की हैं। कुल मिलाकर इन भर्तियों के तहत 136 पद भरे जाएंगे जिनमें असिस्टेंट इंजीनियर सुपरवाइजर और मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव शामिल हैं। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित तिथियों के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    सबसे पहले बात करें हरियाणा लोक सेवा आयोग की। HPSC ने असिस्टेंट इंजीनियर के 50 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। आवेदन प्रक्रिया 13 जनवरी 2026 से शुरू होकर 12 फरवरी 2026 शाम 5 बजे तक चलेगी। उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट hpsc.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इन पदों के लिए किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से इंजीनियरिंग डिग्री अनिवार्य है। साथ ही उम्मीदवारों को 10वीं तक हिंदी या संस्कृत का ज्ञान होना चाहिए। आयु सीमा 18 से 42 वर्ष निर्धारित की गई है जबकि आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट मिलेगी। चयनित उम्मीदवारों को पे लेवल के अनुसार 53100 से 167800 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा।

    वहीं राजस्थान कर्मचारी चयन आयोग ने सुपरवाइजरपर्यवेक्षक के 72 पदों पर भर्ती निकाली है। यह भर्ती विशेष रूप से महिला उम्मीदवारों के लिए है। आवेदन प्रक्रिया पहले से ही शुरू हो चुकी है और अंतिम तिथि 4 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक उम्मीदवार rssb.rajasthan.gov.in या राज्य सरकार के SSO पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इस पद के लिए ग्रेजुएशन डिग्री के साथ कंप्यूटर कोर्स का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। आयु सीमा 18 से 40 वर्ष रखी गई है जबकि SC ST और OBC वर्ग को छूट दी जाएगी। चयन के बाद उम्मीदवारों को पे मैट्रिक्स लेवल-7 के तहत वेतन मिलेगा।

    इसके अलावा राष्ट्रीय प्रसारक प्रसार भारती ने मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव के 14 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। ये नियुक्तियां विभिन्न दूरदर्शन और आकाशवाणी केंद्रों के लिए होंगी। आवेदन की अंतिम तिथि 21 जनवरी 2026 है। उम्मीदवारों के पास MBA या मार्केटिंग में पीजी डिप्लोमा और कम से कम एक वर्ष का कार्य अनुभव होना चाहिए। आयु सीमा 35 वर्ष से कम रखी गई है। चयनित उम्मीदवारों को शहर के आधार पर 35000 से 50000 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा।इन भर्तियों से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र और राज्य स्तर पर रोजगार के अवसर लगातार सामने आ रहे हैं। नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ें और समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। आने वाले दिनों में अन्य विभागों में भी नई भर्तियों की संभावना जताई जा रही है इसलिए उम्मीदवार सतर्क और तैयार रहें।

  • ओवैसी के बयान पर कांग्रेस के मसूद बोले- नामुमकिन हैं….

    ओवैसी के बयान पर कांग्रेस के मसूद बोले- नामुमकिन हैं….


    नई दिल्ली
    । कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने शनिवार को एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक दिन हिजाब पहनने वाली लड़की प्रधानमंत्री बनेगी। ओवैसी के इस बयान को मसूद ने दिन में तारे देखने जैसी बात बताई है। ओवैसी ने महाराष्ट्र की एक रैली में यह बयान दिया था, जिसके बाद भाजपा, कांग्रेस से लेकर तमाम दलों के नेताओं ने रिएक्ट किया।
    न्यूज एजेंसी से बात करते हुए यूपी के सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, “वह ऐसी बातें कर रहे हैं जो नामुमकिन हैं, यह दिन में तारे देखने जैसा है। वह ऐसी बात क्यों कर रहे हैं जो मुमकिन ही नहीं है? लोकतंत्र में सभी को अधिकार हैं। हिजाब पहनना या न पहनना एक निजी मामला है।”

    इससे पहले, ओवैसी ने कहा था कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी, जो भारतीय संविधान की समावेशिता को दिखाता है।

    शुक्रवार को महाराष्ट्र के सोलापुर में एक चुनावी सभा में बोलते हुए, ओवैसी ने तर्क दिया कि पाकिस्तान के संविधान में ऐसी समावेशिता नहीं है, जो दूसरे धर्मों के लोगों को बड़े पदों पर बैठने से रोकता है।

    उन्होंने कहा, “पाकिस्तान का संविधान साफ ​​तौर पर कहता है कि सिर्फ एक धर्म का व्यक्ति ही देश का प्रधानमंत्री बन सकता है। बाबा साहब का संविधान कहता है कि भारत का कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मेयर बन सकता है। मेरा सपना है कि एक दिन ऐसा आएगा जब हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बनेगी।”

    भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ओवैसी की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें एआईएमआईएम का अध्यक्ष किसी ‘पसमांदा’ मुस्लिम या हिजाब पहनने वाली महिला को बनाने की चुनौती दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “मियां ओवैसी कहते हैं कि हिजाब वाली पीएम बनेगी।

    मियां ओवैसी – संविधान किसी को नहीं रोकता, लेकिन मैं आपको चैलेंज करता हूं कि पहले आप किसी पसमांदा या हिजाब वाली को अपनी एआईएमआईएम का प्रेसिडेंट बनाकर दिखाएं।”

    इस बीच, शिवसेना की प्रवक्ता शायना एनसी ने इस बात पर जोर दिया कि लीडरशिप परफॉर्मेंस और लोगों के समर्थन पर आधारित होनी चाहिए, न कि जाति, धर्म या समुदाय पर। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में योग्यता के आधार पर एक महिला प्रधानमंत्री का समर्थन किया जा सकता है। शायना ने कहा, “असदुद्दीन ओवैसी, प्रधानमंत्री पद के लिए कोई जगह खाली नहीं है। नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता सभी जानते हैं। पहले अपने सांसदों को चुनाव जितवाइए, फिर प्रधानमंत्री बनने का सपना देखिए। हां, किसी समय हम भी एक महिला प्रधानमंत्री चाहेंगे, लेकिन उनकी जाति, धर्म या समुदाय के आधार पर नहीं, बल्कि उनके अच्छे काम और भारत के लोगों के लोकप्रिय समर्थन के आधार पर।”

  • 26/11 हमले के मास्टरमाइंड राणा के पसंदीदा वकील कौन-कौन? जानिए पूरी लिस्‍ट

    26/11 हमले के मास्टरमाइंड राणा के पसंदीदा वकील कौन-कौन? जानिए पूरी लिस्‍ट


    मुंबई। मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा ने पैरवी के लिए अपनी पसंद के वकीलों के नाम की सूची अदालत को सौंप दी है। यह लिस्ट पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए अदालत में पेश की गई। विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को निर्देश दिया है कि वह सूची में शामिल वकीलों से संपर्क कर यह पता लगाए कि उनमें से कौन राणा की ओर से पेश होने के लिए सहमत है और उनकी लिखित सहमति प्राप्त करें।
    राणा ने दिल्ली और राजधानी के बाहर के करीब 10 वकीलों के नाम सूची में दिए हैं।

    सुनवाई के दौरान तहव्वुर राणा ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह अपनी पसंद का वकील नियुक्त करना चाहता है। अदालत ने एनआईए को आवश्यक निर्देश जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च को तय की है, ताकि वकीलों की सहमति से अदालत को अवगत कराया जा सके। इससे पहले, अदालत ने राणा को अपने परिवार से वकील की नियुक्ति को लेकर बातचीत के लिए कॉल सुविधा देने की इजाजत दी थी। फिलहाल राणा को लीगल एड काउंसिल के तौर पर अधिवक्ता पीयूष सचदेवा उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन राणा ने अपनी पसंद के वकील रखने की इच्छा जताई थी।
    आतंकी हमले में राणा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल

    इसके बाद, पीयूष सचदेवा को मामले से मुक्त कर दिया गया है। राणा फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए से अदालत में पेश किया गया। पेशी के दौरान उसने अधिवक्ता एमएस खान का नाम विशेष रूप से अपनी पसंद के वकीलों में शामिल बताया। एनआईए ने आतंकी हमले के मामले में राणा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर रखा है। मुख्य आरोपपत्र दिसंबर 2011 में दाखिल किया गया था, जबकि जुलाई 2025 में एक पूरक आरोपपत्र पेश किया गया था।

  • लाश के टुकड़े करके ड्रम में छिपाने की एक और घटना, दम्‍पत्ति गिरफ्तार

    लाश के टुकड़े करके ड्रम में छिपाने की एक और घटना, दम्‍पत्ति गिरफ्तार

    लुधियाना। पंजाब के लुधियाना में पुलिस ने 35 वर्षीय व्यक्ति की निर्मम हत्या के आरोप में पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव जालंधर बाईपास के पास एक सुनसान जगह से बरामद किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि मृतक की पहचान दविंदर के रूप में हुई है, जो मुंबई में प्रिंटिंग और ग्राफिक डिजाइन की दुकान में काम करता था। वह मुंबई से कुछ ही दिन पहले लौटा था और अपने घर पर करीब 15 मिनट ठहरने के बाद बाहर चला गया, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा।
    अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (DSP) समीर वर्मा के अनुसार, मुख्य आरोपी शमशेर, दविंदर का मित्र था और उन्होंने बुधवार को साथ में नशीले पदार्थों का सेवन किया था। उन्होंने बताया कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर कथित तौर पर बहस हुई। उन्होंने बताया कि बहस के बाद शमशेर ने मौके पर मौजूद धारदार हथियार से दविंदर पर कथित रूप से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। शमशेर बढ़ई का काम करता है।
    अपराध को छिपाने के प्रयास में शमशेर और उसकी पत्नी ने शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए, अवशेषों को बोरी में भरा और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने लगा दिया।
    ड्रम के अंदर मिले शव के टुकड़े

    पुलिस ने बताया कि व्यक्ति का शव कई टुकड़ों में कटा हुआ मिला, जिसके कुछ अवशेष गुरुवार को सलेम तबरी क्षेत्र में एक ड्रम के अंदर पाए गए। शव का एक अंग, ड्रम से करीब एक किलोमीटर दूर मिला था और ये सड़ना शुरू हो गया था। अधिकारी ने बताया कि अपराध के बाद इसके उजागर होने के कथित तौर पर डर के कारण उसकी पत्नी भी शव को ठिकाने लगाने में शामिल हो गई। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

  • J&K: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन से गिराई गई हथियारों की खेप, पिस्तौल, कारतूस और ग्रेनेड बरामद

    J&K: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन से गिराई गई हथियारों की खेप, पिस्तौल, कारतूस और ग्रेनेड बरामद


    श्रीनगर।
    जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के सांबा जिले (Samba district) में अंतरराष्ट्रीय सीमा (International Border) के पास पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए गिराई गई हथियारों की खेप बरामद की गई है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2 पिस्तौल, 3 मैगजीन, 16 कारतूस और एक ग्रेनेड सहित अन्य सामान बरामद किया गया है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह (Republic Day celebrations) को बाधित करने के आतंकवादियों के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

    अधिकारियों ने बताया कि सीमा पार से ड्रोन की संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने के बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) की एक संयुक्त टीम ने शुक्रवार देर रात घगवाल क्षेत्र के पलोरा गांव में तलाश अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी दल को एक नाले के किनारे पीले रंग की टेप में लिपटा पैकेट मिला, जिसे बम निरोधक दस्ते की मदद से खोला गया। उन्होंने बताया कि पैकेट से हथियार बरामद किए गए। अधिकारियों ने बताया कि अंतिम सूचना मिलने तक तलाश अभियान जारी था।


    ढलान से गिरने से सेना के 2 कुलियों की मौत

    दूसरी ओर, उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के गुलमर्ग सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास ढलान से फिसलकर गिरने से सेना के 2 नागरिक कुलियों की मौत हो गई और उनके शवों को बरामद किया गया। अधिकारियों ने कहा दोनों कुलियों की पहचान लियाकत अहमद दीदार और इशाक अहमद खटाना के रूप में हुई है। दोनों बारामूला के चंदूसा के रहने वाले थे। दोनों कुली गुरुवार दोपहर एक अग्रिम क्षेत्र से फिसलकर एक नाले में गिर गए थे। घटना के तुरंत बाद श्रीनगर स्थित 15 कोर के नियंत्रण में आने वाले गुलमर्ग सेक्टर में बचाव अभियान शुरू किया गया। खोज अभियान को जम्मू क्षेत्र के पुंछ सेक्टर तक बढ़ाया गया क्योंकि यह दुर्घटनास्थल के निकट है। नियंत्रण रेखा का पुंछ क्षेत्र सेना की नगरोटा स्थित व्हाइट नाइट (16) कोर के अधिकार क्षेत्र में आता है।

  • HIV की चपेट में देश का यह राज्य… प्रसार दर 2.75 प्रतिशत, राष्ट्रीय औसत से कई गुना अधिक

    HIV की चपेट में देश का यह राज्य… प्रसार दर 2.75 प्रतिशत, राष्ट्रीय औसत से कई गुना अधिक


    नई दिल्ली।
    मिजोरम (Mizoram) में निवारक उपायों (Preventive measures) में सुधार के बावजूद वयस्कों में HIV प्रसार दर देश में सबसे अधिक 2.75 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 0.20 प्रतिशत से काफी ज्यादा है। मिजोरम राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (Mizoram State AIDS Control Society) की परियोजना निदेशक डॉ. जेन आर राल्टे ने कहा कि राज्य में 2018 से एचआईवी संक्रमण के नए मामलों (New cases of HIV infection) में गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने बताया कि मिजोरम राष्ट्रीय एचआईवी रोकथाम रैंकिंग में वर्ष 2025-26 में दो पायदान चढ़कर तीसरे स्थान पर आ गया है जबकि 2024-25 में यह पांचवें स्थान पर था।

    राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के अनुसार, एड्स निवारक उपायों और इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों के मामले में मिजोरम ने अभूतपूर्व प्रगति की है। नए एचआईवी संक्रमण के मामलों में साल 2018 से लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘इस सकारात्मक रुझान के बावजूद, मिजोरम अब भी देश में सबसे अधिक वयस्क एचआईवी प्रसार दर (2.75 प्रतिशत) वाला राज्य बना हुआ है, जो 0.20 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है।’ राल्टे ने बताया कि अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच 1.4 लाख से अधिक रक्त नमूनों का परीक्षण किया गया, जिनमें से कम से कम 3,257 में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई। इन संक्रमित व्यक्तियों में 179 गर्भवती महिलाओं समेत 953 महिलाएं शामिल थीं।


    अब तक कुल 33,781 मामले सामने आए

    डॉ. राल्टे ने बताया कि एचआईवी के सर्वाधिक मामले 25-34 वर्ष के आयु वर्ग में पाए गए हैं। मिजोरम में एचआईवी का पहला मामला अक्टूबर 1990 में सामने आया था और अब तक कुल 33,781 मामले सामने आ चुके हैं। एमएसएसीएस के एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल राज्य में लगभग 26,321 लोग HIV से संक्रमित हैं। राल्टे ने यह जानकारी भी दी कि अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच सामने आए 3,257 नए एचआईवी मामलों में से 70.4 प्रतिशत में संक्रमण का कारण यौन संबंध था। उन्होंने बताया कि इसके अलावा मादक पदार्थों का सेवन करने और विभिन्न लोगों द्वारा एक ही सुई से इंजेक्शन लगाने के कारण 27.3 प्रतिशत, माता-पिता से बच्चों में संक्रमण फैलने के 1.8 प्रतिशत, और अज्ञात कारणों से संक्रमण फैलने के 0.8 प्रतिशत मामले सामने आए।


    HIV संक्रमण की उच्च दर को करो नियंत्रित

    स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने कहा कि राज्य सरकार HIV संक्रमण की उच्च दर को नियंत्रित करने के लिए कई ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि मिजोरम में 14 एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां फिलहाल 18,355 संक्रमित मरीजों को मुफ्त उपचार किया जा रहा है। मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार अब गिरजाघरों के साथ मिलकर विवाह से पहले एचआईवी का परीक्षण कराने के लिए जागरूकता फैलाने पर विचार कर रही है ताकि लोग अपनी सेहत को लेकर अधिक सतर्क और जिम्मेदार बनें।

  • सोमनाथ में 'शौर्य यात्रा' से पहले गूंजे वैदिक मंत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर रहे कलाकारों में दिखा उत्साह

    सोमनाथ में 'शौर्य यात्रा' से पहले गूंजे वैदिक मंत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर रहे कलाकारों में दिखा उत्साह

    नई दिल्ली। सोमनाथ में ‘स्वाभिमान पर्व’ के तहत आयोजित ‘शौर्य यात्रा’ की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच विभिन्न राज्यों के कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ इस पर्व को विशेष बना रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी रविवार को इस शौर्य यात्रा में हिस्सा लेंगे और सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना करेंगे। इस अवसर पर मणिपुर, केरल, राजस्थान सहित कई राज्यों के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। मणिपुर से आए कलाकारों ने यहां ‘वसंत रास’ और मयूर नृत्य प्रस्तुत किया, तो गुजरात के कलाकार गरबा और देवी दुर्गा की झांकियों के माध्यम से धार्मिक एवं सांस्कृतिक रंग भर रहे हैं।

    कलाकारों की उत्साही प्रस्तुतियां और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति सम्मान

    कलाकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के सामने प्रस्तुति देना उनके लिए गर्व का क्षण है। मणिपुर से आए कलाकारों ने बताया कि वे पहले भी प्रधानमंत्री से मिल चुके हैं और इस बार भी उनसे मिलने के लिए बेहद उत्साहित हैं। देवी दुर्गा की प्रस्तुति देने वाले कलाकारों ने इसे श्रद्धा का अवसर बताया। इसी प्रकार, गुजरात के कलाकारों ने गरबा प्रस्तुत कर स्थानीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया। तीर्थयात्रियों का उत्साह भी देखने योग्य है। एक तीर्थयात्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से सोमनाथ में माहौल और भी उत्साहित हो गया है और बड़ी संख्या में लोग इस ऐतिहासिक यात्रा को देखने पहुंचे हैं।

    शौर्य यात्रा और 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक महत्व

    सोमनाथ में आयोजित शौर्य यात्रा का आकर्षण 108 घोड़े बने हुए हैं। यह औपचारिक शोभा यात्रा प्राचीन काल के वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि देने के लिए निकाली जाती है। 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस वीरता, बलिदान और शौर्य का संदेश देता है। यात्रा के दौरान घोड़ों की रवानगी और भव्य झांकियां दर्शकों का मन मोह रही हैं। यह यात्रा सोमनाथ मंदिर की रक्षा और ऐतिहासिक गौरव को याद दिलाने का प्रतीक भी है।

    प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम और जनसभा

    शौर्य यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वे एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी व्यापक तैयारियां की गई हैं। धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व से जुड़ा यह पर्व स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर विशेष उत्साह का केंद्र बना हुआ है।

  • ED बनाम ममता बनर्जी: I-PAC रेड को लेकर गंभीर आरोप, सुप्रीम कोर्ट में याचिका

    ED बनाम ममता बनर्जी: I-PAC रेड को लेकर गंभीर आरोप, सुप्रीम कोर्ट में याचिका

    नई दिल्ली। ईडी का दावा है कि कोलकाता में I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के आवास और ऑफिस पर छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौके पर पहुंचीं और ईडी अधिकारियों से अहम फाइलें, हार्ड डिस्क और मोबाइल फोन छीन लिए गए। एजेंसी का कहना है कि इस कदम से जांच प्रक्रिया गंभीर रूप से बाधित हुई।

    पहले हाई कोर्ट, अब सुप्रीम कोर्ट

    इससे पहले ईडी ने शुक्रवार (9 जनवरी 2026) को कोलकाता हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिस पर बुधवार (14 जनवरी 2026) को सुनवाई प्रस्तावित है। हाई कोर्ट में ईडी ने कहा कि जांच में जानबूझकर रुकावट डाली गई, जिससे एजेंसी का काम प्रभावित हुआ।
    याचिका में ईडी ने मामले की सीबीआई जांच कराने और केस दर्ज करने की अनुमति भी मांगी है।

    ED से टकराव के बीच ममता सरकार का जवाब

    ईडी की कार्रवाई के जवाब में ममता बनर्जी सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट एप्लीकेशन दाखिल कर दी है। राज्य सरकार ने अदालत से आग्रह किया है कि इस मामले में कोई भी आदेश पारित करने से पहले उसका पक्ष जरूर सुना जाए, ताकि कोई एकतरफा फैसला न हो।

    क्या है पूरा विवाद?

    पूरा मामला गुरुवार (8 जनवरी 2026) को शुरू हुआ, जब ईडी ने कोयला घोटाला मामले में राजनीतिक कंसलटेंसी फर्म I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापेमारी की।
    ईडी की कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि इस दौरान कुछ अहम फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज निकालकर मुख्यमंत्री की गाड़ी में रखवाए गए, जिसके बाद यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गरमा गया।