Category: Religious Astrology

  • 30 जून 2026 का दैनिक राशिफल: करियर धन प्रेम और सेहत में कैसा रहेगा आपका दिन जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफल

    30 जून 2026 का दैनिक राशिफल: करियर धन प्रेम और सेहत में कैसा रहेगा आपका दिन जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफल


    नई दिल्ली । 30 जून 2026 का दिन कई राशियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है जबकि कुछ लोगों को अपने फैसलों में धैर्य और समझदारी से काम लेने की आवश्यकता रहेगी। ग्रहों की बदलती चाल का प्रभाव नौकरी व्यापार आर्थिक स्थिति पारिवारिक रिश्तों और स्वास्थ्य पर दिखाई देगा। यदि आप पूरे दिन की सही योजना बनाना चाहते हैं तो अपनी राशि के अनुसार संकेतों को समझना आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है।

    मेष राशि के जातकों के लिए दिन ऊर्जा से भरपूर रहेगा। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और व्यापार में नई योजनाएं लाभ दिला सकती हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।

    वृषभ राशि वालों को आर्थिक मामलों में सोच समझकर निर्णय लेना होगा। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं इसलिए बजट पर ध्यान दें। कार्यस्थल पर मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

    मिथुन राशि के लोगों के लिए दिन नई उपलब्धियां लेकर आ सकता है। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में लाभ दिला सकती है। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत मिल रहे हैं। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा।

    कर्क राशि वालों को भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए। पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं लेकिन धैर्य से सभी समस्याओं का समाधान निकल जाएगा। निवेश करने से पहले सलाह लेना बेहतर रहेगा।

    सिंह राशि के लिए दिन शुभ रहेगा। करियर में तरक्की के नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापारियों को लाभ मिलने के संकेत हैं। सामाजिक सम्मान बढ़ेगा और मित्रों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा।

    कन्या राशि वालों को कार्यक्षेत्र में अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। मेहनत का फल जरूर मिलेगा लेकिन जल्दबाजी से बचना होगा। परिवार में किसी शुभ समाचार से खुशी का माहौल बनेगा।

    तुला राशि के जातकों के लिए भाग्य का साथ मिलेगा। रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी और जीवनसाथी का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा। यात्रा के योग भी बन सकते हैं।

    वृश्चिक राशि वालों को विवादों से दूर रहना चाहिए। कार्यस्थल पर संयम बनाए रखें। आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी रहेगी। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें और खानपान संतुलित रखें।

    धनु राशि के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। नौकरी बदलने का विचार कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापार में नए संपर्क लाभ देंगे। परिवार के साथ सुखद समय बिताने का अवसर मिलेगा।

    मकर राशि वालों के लिए दिन मेहनत और सफलता का रहेगा। पुराने प्रयासों का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और निवेश से लाभ मिल सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा।

    कुंभ राशि के जातकों के लिए रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। विद्यार्थियों और युवा वर्ग के लिए दिन उत्साहवर्धक रहेगा। नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल है। रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी।

    मीन राशि वालों को आज धैर्य और संयम बनाए रखना होगा। पारिवारिक मामलों में समझदारी से निर्णय लें। कार्यक्षेत्र में सहयोगियों का साथ मिलेगा और शाम तक कोई अच्छी खबर मन प्रसन्न कर सकती है।

    कुल मिलाकर 30 जून 2026 का दिन अधिकांश राशियों के लिए अवसरों और नई उम्मीदों से भरा रहने वाला है। सफलता उन्हीं लोगों को मिलेगी जो सकारात्मक सोच के साथ मेहनत करेंगे और जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचेंगे। ग्रहों के संकेत बताते हैं कि धैर्य आत्मविश्वास और संतुलित व्यवहार आज आपकी सबसे बड़ी ताकत साबित होंगे।

  • आज से वक्री हुए बुध, इन 4 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की के रास्ते, धन लाभ और प्रमोशन के बन रहे योग

    आज से वक्री हुए बुध, इन 4 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की के रास्ते, धन लाभ और प्रमोशन के बन रहे योग


    नई दिल्ली। बुद्धि, तर्क, संवाद और व्यापार के कारक ग्रह बुध 29 जून 2026 यानी आज से वक्री हो गए हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध की चाल में बदलाव का प्रभाव सभी 12 राशियों के साथ-साथ व्यापार, अर्थव्यवस्था और संचार से जुड़े क्षेत्रों पर भी पड़ता है। हालांकि सामान्य तौर पर बुध की वक्री चाल को चुनौतीपूर्ण माना जाता है, लेकिन इस बार यह परिवर्तन कुछ राशियों के लिए शुभ परिणाम लेकर आने वाला है। आइए जानते हैं किन राशियों को इसका विशेष लाभ मिलने की संभावना है।

    मेष राशि (Aries)

    मेष राशि के जातकों के लिए बुध का वक्री होना आर्थिक दृष्टि से लाभकारी माना जा रहा है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिससे पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि के संकेत हैं। व्यापारियों के लिए बड़ी डील फाइनल होने के योग बन रहे हैं। लंबे समय से रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। निवेश के लिए भी समय अनुकूल माना जा रहा है। आपकी वाणी का प्रभाव बढ़ेगा, जिससे महत्वपूर्ण कार्य आसानी से पूरे हो सकते हैं।

    मिथुन राशि (Gemini)

    बुध मिथुन राशि के स्वामी ग्रह हैं, इसलिए उनकी वक्री चाल का सकारात्मक प्रभाव इस राशि पर अधिक देखने को मिल सकता है। निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी और नए विचारों पर काम करने के अवसर मिलेंगे। परिवार में चल रहे मतभेद दूर हो सकते हैं और रिश्तों में मधुरता आएगी। अचानक आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं। पैतृक संपत्ति से भी लाभ मिलने की संभावना है।

    सिंह राशि (Leo)

    सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में प्रगति का संकेत दे रहा है। कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारी आपके काम की सराहना कर सकते हैं। प्रमोशन या वेतन वृद्धि से जुड़ी संभावनाएं मजबूत होंगी। सामाजिक प्रतिष्ठा और मान-सम्मान में वृद्धि होगी। व्यापार से जुड़े लोगों की यात्राएं भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती हैं।

    तुला राशि (Libra)

    तुला राशि वालों के लिए बुध की वक्री चाल सुख-सुविधाओं और आर्थिक स्थिति में सुधार का संकेत दे रही है। नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। आय के नए स्रोत बनने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। विद्यार्थियों के लिए यह समय पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने वाला माना जा रहा है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है।

    नोट: यह जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जीवन में किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित रहेगा।

  • Rashifal 28 June 2026: तुला राशि के जीवन में आएंगी खुशियां जानें मेष से मीन तक किस राशि पर बरसेगी किस्मत

    Rashifal 28 June 2026: तुला राशि के जीवन में आएंगी खुशियां जानें मेष से मीन तक किस राशि पर बरसेगी किस्मत


    नई दिल्ली । Rashifal 28 June 2026: 28 जून 2026 का दिन कई राशियों के लिए नई संभावनाएं लेकर आने वाला है। ग्रहों की चाल के अनुसार कुछ लोगों को करियर और कारोबार में सफलता मिलने के संकेत हैं जबकि कुछ राशियों को अपने फैसलों में धैर्य और समझदारी से काम लेने की जरूरत रहेगी। पारिवारिक जीवन प्रेम संबंध आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में भी अलग अलग राशियों को मिले जुले परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। ऐसे में दिन की शुरुआत करने से पहले अपना राशिफल जान लेना लाभदायक साबित हो सकता है।

    मेष राशि के लोगों को जल्दबाजी में कोई बड़ा निर्णय लेने से बचना चाहिए। अनुभवी लोगों की सलाह भविष्य में लाभ दिला सकती है। कार्यस्थल पर सतर्कता बनाए रखना जरूरी रहेगा और विवादों से दूरी बनाना बेहतर रहेगा। वृष राशि के लिए व्यापार और साझेदारी के मामलों में सकारात्मक संकेत हैं। नए अवसर सामने आ सकते हैं और आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत होने की संभावना है।

    मिथुन राशि वालों को अपनी जिम्मेदारियां समय पर पूरी करने पर ध्यान देना होगा। नौकरीपेशा लोगों को विरोधियों की गतिविधियों पर नजर रखने की जरूरत है। वहीं कर्क राशि के लोगों को परिवार और मित्रों का भरपूर सहयोग मिलेगा। शिक्षा कला और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए दिन विशेष रूप से अनुकूल रहने वाला है।

    सिंह राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में सहयोग मिलेगा और पेशेवर जीवन में आगे बढ़ने के अवसर बनेंगे। भावनाओं में बहकर कोई निर्णय लेने से बचना होगा। कन्या राशि के लोगों के लिए आत्मविश्वास सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बनेगा। सामाजिक सम्मान बढ़ेगा और करियर में अच्छे परिणाम मिलने के संकेत हैं।

    तुला राशि के लिए यह दिन सबसे अधिक शुभ माना जा रहा है। घर परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। रिश्तों में विश्वास मजबूत होगा और अपनों के साथ यादगार समय बिताने का अवसर मिलेगा। यात्रा के योग भी बन सकते हैं। आपकी वाणी और व्यवहार लोगों को प्रभावित करेंगे जिससे सामाजिक और पारिवारिक दोनों क्षेत्रों में सम्मान बढ़ेगा।

    वृश्चिक राशि के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से राहत मिलने के संकेत हैं। नए कार्यों की शुरुआत के लिए समय अनुकूल रहेगा और करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। धनु राशि वालों को निवेश और खर्च के बीच संतुलन बनाए रखना होगा। विदेश से जुड़े कार्यों में प्रगति संभव है और योग ध्यान मानसिक शांति प्रदान करेगा।

    मकर राशि के लिए आर्थिक लाभ के मजबूत योग बन रहे हैं। कारोबार में नए प्रस्ताव मिल सकते हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। कुंभ राशि के लोगों को पद प्रतिष्ठा में वृद्धि का लाभ मिल सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और नए आय स्रोत विकसित हो सकते हैं।

    मीन राशि के लिए भाग्य का पूरा साथ मिलने के संकेत हैं। लंबे समय से रुके कार्य पूरे हो सकते हैं। शिक्षा व्यापार और करियर में सफलता मिलने की संभावना है। वरिष्ठों का मार्गदर्शन लाभकारी रहेगा और यात्रा के भी योग बन सकते हैं। कुल मिलाकर 28 जून का दिन कई राशियों के लिए नई उम्मीदें और सकारात्मक अवसर लेकर आने वाला है। संयम सकारात्मक सोच और सही निर्णय आपको सफलता की ओर ले जा सकते हैं।

  • आज का राशिफल: 29 जून को कई राशियों के लिए शुभ संकेत, कुछ को रखनी होगी सावधानी, जानें सभी 12 राशियों का विस्तृत भविष्यफल

    आज का राशिफल: 29 जून को कई राशियों के लिए शुभ संकेत, कुछ को रखनी होगी सावधानी, जानें सभी 12 राशियों का विस्तृत भविष्यफल

    नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और उनकी चाल जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रभाव डालती है। इसी आधार पर 29 जून 2026, सोमवार का राशिफल तैयार किया गया है, जिसमें कई राशियों के लिए सकारात्मक संकेत और कुछ के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इस दिन कुछ जातकों के जीवन में आनंद और सफलता के योग बन रहे हैं, जबकि कुछ को कार्यक्षेत्र और आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।

    मेष राशि के जातकों के लिए दिन की शुरुआत व्यस्त रह सकती है, लेकिन दोपहर के बाद परिस्थितियाँ अनुकूल हो जाएंगी। कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारी मिल सकती है और परिश्रम की सराहना होगी। पारिवारिक वातावरण संतुलित रहेगा और किसी करीबी से बातचीत मन को प्रसन्न करेगी।

    वृषभ राशि
    के लिए यह दिन शुभ समाचार लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में सहयोग मिलेगा और नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। सामाजिक मेलजोल बढ़ेगा और परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। दिन व्यस्त रहने के बावजूद मानसिक संतोष बना रहेगा।

    मिथुन राशि के जातकों के लिए यह दिन आनंद से भरपूर रहने की संभावना है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और घर में मांगलिक कार्यों के योग बन सकते हैं। धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी, हालांकि परिवार के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है।

    कर्क राशि के लिए दिन सकारात्मक संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में मेहनत का उचित परिणाम मिलेगा और सहकर्मियों का सहयोग प्राप्त होगा। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी और परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक संतुलन बेहतर होगा।

    सिंह राशि के लिए दिन ऊर्जा और उत्साह से भरा रहेगा। रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है और कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। पुराने मित्र से बातचीत मन को प्रसन्न करेगी, हालांकि खर्चों में वृद्धि संभव है।

    कन्या राशि के जातकों के लिए दिन उपलब्धियों से भरा रह सकता है। नई जिम्मेदारियाँ मिलने के योग हैं और वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। पारिवारिक मामलों में संपत्ति से जुड़े विषय सामने आ सकते हैं, जबकि स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

    तुला राशि के लिए कार्यभार बढ़ सकता है, लेकिन टीमवर्क से सफलता मिलेगी। व्यापार में लाभ के संकेत हैं और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान संभव है। पारिवारिक जीवन में शुभ समाचार मिल सकते हैं।

    वृश्चिक राशि
    के जातकों को आज थोड़ा तनाव महसूस हो सकता है। कार्यभार अधिक रहेगा और आर्थिक मामलों में सावधानी आवश्यक है। हालांकि व्यापार में लाभ की संभावना बनी रहेगी और निजी संबंधों में समय देना लाभकारी रहेगा।

    धनु राशि
    के लिए रुके हुए कार्य पूर्ण होने के योग हैं। धार्मिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ेगी और पारिवारिक जीवन में सुधार देखने को मिलेगा। पुराने मित्र से मुलाकात मन को प्रसन्न करेगी, लेकिन वित्तीय लेन-देन में सतर्कता जरूरी है।

    मकर राशि के लिए दिन व्यस्त रह सकता है। कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियाँ मिल सकती हैं, जिससे दबाव महसूस होगा, लेकिन धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो जाएगी। अनावश्यक खर्चों से बचना उचित रहेगा और स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

    कुंभ राशि के लिए दिन सोच-समझकर निर्णय लेने का है। आर्थिक मामलों में सतर्कता आवश्यक है और पारिवारिक संवाद से कई समस्याओं का समाधान संभव है। रिश्तों में मधुरता बनाए रखने की सलाह दी गई है।

    मीन राशि के लिए कार्यक्षेत्र में विवाद से बचने की आवश्यकता है। आत्मविश्वास के साथ नए कार्यों को संभालने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव है, इसलिए संतुलित दिनचर्या अपनाना आवश्यक रहेगा।

    कुल मिलाकर 29 जून का दिन कई राशियों के लिए अवसर और प्रगति का संकेत दे रहा है, जबकि कुछ को सावधानी और संयम के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी गई है।

  • घर में धार्मिक ग्रंथ रखने से पहले जान लें वास्तु के ये अहम नियम सही दिशा बदल सकती है जीवन की सकारात्मक ऊर्जा

    घर में धार्मिक ग्रंथ रखने से पहले जान लें वास्तु के ये अहम नियम सही दिशा बदल सकती है जीवन की सकारात्मक ऊर्जा


    नई दिल्ली। सनातन परंपरा में रामायण भगवत गीता हनुमान चालीसा और अन्य धार्मिक ग्रंथों को केवल पुस्तक नहीं बल्कि आस्था और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि इन्हें घर में सम्मानपूर्वक रखने की सलाह दी जाती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि इन पवित्र ग्रंथों को सही दिशा और उचित स्थान पर रखा जाए तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है और परिवार के सदस्यों के जीवन में सुख शांति तथा समृद्धि का वास होता है।

    वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार धार्मिक ग्रंथों को रखने के लिए घर की पूर्व दिशा सबसे शुभ मानी जाती है। पूर्व दिशा को ज्ञान प्रकाश और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है क्योंकि इसी दिशा से सूर्य का उदय होता है। वहीं यदि घर में पूजा का स्थान बनाया गया है तो उसका सबसे उपयुक्त स्थान ईशान कोण यानी उत्तर पूर्व दिशा माना जाता है। ऐसे में धार्मिक पुस्तकों को भी पूजा स्थल के आसपास सम्मानपूर्वक रखना शुभ माना जाता है।

    धार्मिक ग्रंथों को रखते समय इस बात का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए कि उन्हें भगवान की मूर्ति या तस्वीर के बाईं ओर रखा जाए। कई लोग सुविधा के लिए इन्हें मंदिर की शेल्फ या मंदिर के ऊपर रख देते हैं लेकिन वास्तु के अनुसार ऐसा करना उचित नहीं माना जाता। इन पुस्तकों के लिए अलग स्थान या अलग शेल्फ बनाना अधिक शुभ माना जाता है ताकि उनका सम्मान बना रहे।

    वास्तु शास्त्र यह भी कहता है कि धार्मिक ग्रंथों को कभी भी ऐसी जगह नहीं रखना चाहिए जहां गंदगी रहती हो या जहां उनका अनादर होने की संभावना हो। बेडरूम में भी इन पवित्र पुस्तकों को रखने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि किसी कारण से इन्हें दूसरे कमरे में रखना पड़े तो साफ सुथरी और शांत जगह का चयन करना चाहिए।

    एक और महत्वपूर्ण नियम यह है कि धार्मिक पुस्तकों को एक दूसरे के ऊपर ढेर बनाकर नहीं रखना चाहिए। प्रत्येक पुस्तक को अलग स्थान देना चाहिए ताकि उनका सम्मान बना रहे। साथ ही इन पुस्तकों को खड़ी अवस्था में रखने के बजाय समतल स्थिति में रखना बेहतर माना जाता है।

    धार्मिक ग्रंथों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें लाल या पीले रंग के स्वच्छ कपड़े में लपेटकर रखने की परंपरा भी बताई गई है। लाल और पीला रंग शुभता तथा आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। वहीं काले या नीले रंग के कपड़े में धार्मिक ग्रंथों को रखने से बचने की सलाह दी जाती है।

    इन छोटे छोटे वास्तु नियमों का पालन करने से न केवल धार्मिक ग्रंथों का सम्मान बना रहता है बल्कि घर का वातावरण भी सकारात्मक और शांत बना रहता है। हालांकि इन मान्यताओं का आधार धार्मिक और पारंपरिक विश्वास हैं। इनका पालन व्यक्ति अपनी आस्था और श्रद्धा के अनुसार कर सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पवित्र ग्रंथों को हमेशा स्वच्छता सम्मान और श्रद्धा के साथ रखा जाए क्योंकि यही उनकी वास्तविक मर्यादा मानी जाती है।

  • शनि प्रदोष 2026: आज शिवजी और शनि देव की कृपा पाने का शुभ संयोग, देखें आज का पंचांग

    शनि प्रदोष 2026: आज शिवजी और शनि देव की कृपा पाने का शुभ संयोग, देखें आज का पंचांग

    नई दिल्ली।  Aaj Ka Panchang 27 June 2026: आज शनिवार के दिन शनि प्रदोष व्रत का पावन संयोग है। त्रयोदशी तिथि पर पड़ने वाला प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है, वहीं शनिवार होने के कारण इस दिन शनि देव की उपासना का भी विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक भगवान शिव और शनि देव की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती, ढैया या अन्य शनि दोष का प्रभाव है, उन्हें आज शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करने के साथ शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है।

    27 जून 2026 का पंचांग

    • दिन: शनिवार

    • तिथि: त्रयोदशी (शनि प्रदोष व्रत)

    • सूर्योदय: प्रातः 5:47 बजे

    • सूर्यास्त: शाम 7:12 बजे

    • चंद्रोदय: शाम 5:17 बजे

    • चंद्रास्त: 28 जून प्रातः 3:58 बजे

    नोट: सूर्योदय और सूर्यास्त का समय शहर के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

    आज के शुभ मुहूर्त

    • ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:11 बजे से 4:59 बजे तक

    • अमृत काल: सुबह 10:29 बजे से दोपहर 12:17 बजे तक

    • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:03 बजे से 12:56 बजे तक

    आज के अशुभ मुहूर्त

    • राहुकाल: सुबह 9:08 बजे से 10:49 बजे तक

    • यमगंड: दोपहर 2:10 बजे से 3:51 बजे तक

    • कुलिक काल: प्रातः 5:47 बजे से 7:28 बजे तक

    • दुर्मुहूर्त: सुबह 7:34 बजे से 8:28 बजे तक

    • वर्ज्य काल: प्रातः 4:28 बजे से 6:16 बजे तक

    शनि प्रदोष का धार्मिक महत्व

    शनि प्रदोष व्रत को भगवान शिव और शनि देव दोनों की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है। मान्यता है कि भगवान शिव की आराधना करने वाले भक्तों पर शनि देव की विशेष कृपा बनी रहती है। इस दिन विधि-विधान से पूजा, रुद्राभिषेक, शिव मंत्रों का जाप तथा दीपदान करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

  • तमिलनाडु का श्री लक्ष्मी नारायणी स्वर्ण मंदिर, जहां 1500 किलो सोने से बनी है भव्य आस्था की पहचान

    तमिलनाडु का श्री लक्ष्मी नारायणी स्वर्ण मंदिर, जहां 1500 किलो सोने से बनी है भव्य आस्था की पहचान


    वेल्लूर। तमिलनाडु का वेल्लूर जिला केवल अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे भव्य स्वर्ण मंदिरों में शामिल श्री लक्ष्मी नारायणी स्वर्ण मंदिर के लिए भी प्रसिद्ध है। चेन्नई से लगभग 145 किलोमीटर दूर और वेल्लूर शहर से करीब 7 किलोमीटर स्थित थिरूमलाई कोडी में बना यह मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला और दिव्य आभा के कारण देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है।

    करीब 1500 किलो सोने से सजा मंदिर

    मंदिर प्रबंधन के अनुसार इस भव्य मंदिर के निर्माण और स्वर्ण परत चढ़ाने में लगभग 1500 किलोग्राम शुद्ध सोने का उपयोग किया गया। इस स्वर्ण अलंकरण पर करीब 300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई थी। मंदिर का निर्माण पूरा होने में लगभग सात वर्ष का समय लगा।

    100 एकड़ में फैला भव्य परिसर

    श्री लक्ष्मी नारायणी मंदिर का पूरा परिसर लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। चारों ओर हरियाली, आकर्षक उद्यान और शांत वातावरण श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करते हैं। मंदिर को आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए 24 अगस्त 2007 को खोला गया था।

    अनोखी दर्शन व्यवस्था

    इस मंदिर की दर्शन व्यवस्था भी काफी विशेष मानी जाती है। श्रद्धालु दक्षिण दिशा से प्रवेश करते हैं और घड़ी की दिशा में बने पथ पर चलते हुए पूरे परिसर की परिक्रमा करते हैं। इसके बाद वे मुख्य गर्भगृह में भगवान श्री लक्ष्मी नारायण के दर्शन करते हैं और फिर निर्धारित मार्ग से बाहर निकलते हैं। परिसर के उत्तर भाग में एक सुंदर जलाशय भी बनाया गया है, जो इसकी सुंदरता को और बढ़ाता है।

    रात में दिखता है दिव्य नजारा

    सूर्यास्त के बाद जब मंदिर में विशेष प्रकाश व्यवस्था की जाती है, तब सोने से सजा पूरा परिसर अद्भुत चमक से जगमगा उठता है। रात के समय मंदिर का दृश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए किसी अलौकिक अनुभव से कम नहीं होता।

    27 फीट ऊंची दीपमाला है प्रमुख आकर्षण

    मंदिर परिसर में लगभग 27 फीट ऊंची विशाल दीपमाला भी स्थापित की गई है। शाम के समय जब इसमें एक साथ दीप प्रज्वलित किए जाते हैं, तो पूरा परिसर सुनहरी रोशनी से दमक उठता है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी के दर्शन के बाद इस दीपमाला के दर्शन करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

    आज श्री लक्ष्मी नारायणी स्वर्ण मंदिर न केवल दक्षिण भारत का प्रमुख धार्मिक स्थल है, बल्कि अपनी अनूठी वास्तुकला, स्वर्णिम भव्यता और आध्यात्मिक वातावरण के कारण भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में भी अपनी अलग पहचान बना चुका है।

  • रक्षाबंधन और हरियाली अमावस्या पर ग्रहण का साया? जानिए भारत में सूतक काल रहेगा या नहीं

    रक्षाबंधन और हरियाली अमावस्या पर ग्रहण का साया? जानिए भारत में सूतक काल रहेगा या नहीं


    नई दिल्ली। वर्ष 2026 में कुल चार ग्रहण लगने हैं, जिनमें से दो पहले ही हो चुके हैं। अब साल के बाकी दो ग्रहण अगस्त महीने में पड़ेंगे। खास बात यह है कि दोनों ग्रहण सावन मास की दो अत्यंत महत्वपूर्ण तिथियों हरियाली अमावस्या और रक्षाबंधन (श्रावण पूर्णिमा) पर लग रहे हैं। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या इन ग्रहणों का असर पूजा-पाठ और त्योहारों पर पड़ेगा? ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का प्रभाव तभी माना जाता है, जब वह संबंधित स्थान पर दिखाई देता हो। इस बार दोनों ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा और धार्मिक कार्य सामान्य रूप से किए जा सकेंगे।

    12 अगस्त 2026 को लगेगा वलयाकार सूर्य ग्रहण

    साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार इस दिन श्रावण अमावस्या (हरियाली अमावस्या) होगी, जिसे भगवान शिव की पूजा और पितरों के तर्पण के लिए विशेष माना जाता है। भारतीय समयानुसार यह सूर्य ग्रहण रात 9:04 बजे शुरू होकर 13 अगस्त की सुबह 4:25 बजे समाप्त होगा। चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल लागू नहीं होगा। श्रद्धालु हरियाली अमावस्या के सभी धार्मिक कार्य और शिव पूजा सामान्य रूप से कर सकेंगे।

    28 अगस्त को रक्षाबंधन पर लगेगा चंद्र ग्रहण

    साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को लगेगा। यह एक आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढक जाएगा। भारतीय समयानुसार ग्रहण सुबह 6:53 बजे शुरू होकर दोपहर 12:31 बजे समाप्त होगा। लेकिन दिन के समय होने और भारत में दिखाई न देने के कारण इसका भी सूतक काल मान्य नहीं होगा।

    रक्षाबंधन पर नहीं पड़ेगा कोई असर
    28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा होने के कारण इसी दिन देशभर में रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। चूंकि चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए राखी बांधने, पूजा करने और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। श्रद्धालु शुभ मुहूर्त में सामान्य रूप से रक्षाबंधन का पर्व मना सकेंगे।

    ग्रहण के दौरान क्या रहेगा नियम?

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि ग्रहण किसी स्थान पर दिखाई नहीं देता, तो वहां उसका सूतक काल प्रभावी नहीं माना जाता। ऐसे में भारत में रहने वाले लोगों को इन दोनों ग्रहणों के कारण पूजा-पाठ, व्रत, दान या त्योहारों को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। हरियाली अमावस्या और रक्षाबंधन दोनों पर्व पूरे विधि-विधान के साथ मनाए जा सकेंगे।
  • 29 जून से बुध का बड़ा गोचर, मिथुन, धनु और वृषभ राशि के लिए चुनौती भरा समय शुरू

    29 जून से बुध का बड़ा गोचर, मिथुन, धनु और वृषभ राशि के लिए चुनौती भरा समय शुरू


    नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, तर्क, वाणी, व्यापार, शिक्षा, संचार और निर्णय क्षमता का कारक माना जाता है। जब बुध अपनी सामान्य चाल छोड़कर वक्री यानी उल्टी गति से चलते हैं, तब इसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर देखने को मिलता है। 29 जून 2026 से 23 जुलाई 2026 तक बुध ग्रह वक्री रहेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह अवधि कई लोगों के लिए आत्ममंथन और पुराने कार्यों की समीक्षा का समय होगी, लेकिन विशेष रूप से मिथुन, धनु और वृषभ राशि के जातकों को इस दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

    मिथुन राशि वालों के लिए बढ़ सकता है आर्थिक दबाव

    मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध ग्रह हैं। ऐसे में इस राशि पर बुध की वक्री चाल का प्रभाव सबसे अधिक पड़ सकता है। इस दौरान अचानक खर्च बढ़ने से आर्थिक संतुलन बिगड़ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर संवाद में सावधानी रखनी होगी, क्योंकि छोटी-सी गलतफहमी भी विवाद का कारण बन सकती है। परिवार और मित्रों के साथ बातचीत में संयम बनाए रखना जरूरी होगा। जल्दबाजी में लिया गया कोई फैसला भविष्य में परेशानी खड़ी कर सकता है।

    धनु राशि वालों को व्यापार और स्वास्थ्य में बरतनी होगी सावधानी

    धनु राशि के जातकों के लिए यह समय मानसिक तनाव और असमंजस लेकर आ सकता है। व्यापार करने वालों को उम्मीद के मुताबिक लाभ मिलने में देरी हो सकती है, जबकि निवेश से जुड़े फैसलों में नुकसान की आशंका बनी रहेगी। नौकरी करने वाले लोगों को भी कार्यस्थल पर धैर्य बनाए रखने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। पुरानी बीमारियां दोबारा परेशान कर सकती हैं, इसलिए नियमित जांच और संतुलित दिनचर्या अपनाना लाभदायक रहेगा।

    वृषभ राशि वालों के काम में आ सकती हैं रुकावटें

    वृषभ राशि के लिए बुध का वक्री होना संचार, पराक्रम और योजनाओं से जुड़े मामलों को प्रभावित कर सकता है। मीडिया, लेखन, डिजिटल मार्केटिंग, विज्ञापन या सोशल मीडिया से जुड़े लोगों को बार-बार काम में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। किसी भी नए निवेश या बड़े आर्थिक फैसले को कुछ समय के लिए टालना बेहतर रहेगा। साथ ही अपनी भविष्य की योजनाओं को दूसरों के साथ साझा करने से बचें, क्योंकि गोपनीयता बनाए रखना इस समय अधिक लाभदायक साबित हो सकता है।

    बुध वक्री के दौरान किन बातों का रखें विशेष ध्यान

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध की वक्री अवधि में नए कारोबार की शुरुआत करने से बचना चाहिए। किसी भी कानूनी, बैंकिंग या वित्तीय दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे अच्छी तरह पढ़ लें। वाहन, प्रॉपर्टी, महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान या अन्य बड़ी खरीदारी भी इस अवधि में टालना बेहतर माना जाता है। महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लें और भावनाओं में बहकर कोई कदम न उठाएं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान बुधवार के दिन भगवान गणेश और भगवान विष्णु की पूजा करना, हरे रंग की वस्तुओं का दान करना तथा बुध मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। हालांकि ज्योतिषीय भविष्यवाणियां पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित होती हैं और इन्हें व्यक्तिगत निर्णय का एकमात्र आधार नहीं बनाना चाहिए। विवेकपूर्ण सोच, धैर्य और सही योजना के साथ इस अवधि को सकारात्मक तरीके से पार किया जा सकता है।

  • आज शनि प्रदोष व्रत, बन रहा दुर्लभ संयोग, जानिए पूजा का शुभ समय और मुहूर्त

    आज शनि प्रदोष व्रत, बन रहा दुर्लभ संयोग, जानिए पूजा का शुभ समय और मुहूर्त


    नई दिल्ली। आज, 27 जून 2026 को शनि प्रदोष व्रत का विशेष और दुर्लभ संयोग बना है। शनिवार को पड़ने वाली त्रयोदशी तिथि पर रखा जाने वाला यह व्रत धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान शिव की आराधना के साथ शनिदेव की पूजा का भी विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक व्रत और पूजा करने से शिव एवं शनिदेव दोनों की कृपा प्राप्त होती है।

    शनि प्रदोष व्रत का महत्व
    हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। जब यह तिथि शनिवार को आती है, तब इसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है और इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से भगवान शिव और उनके परिवार की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि, दीर्घायु और मानसिक शांति का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या अन्य अशुभ प्रभावों से राहत मिलने की भी मान्यता है।

    पूजा का शुभ मुहूर्त
    प्रदोष व्रत में प्रदोष काल को सबसे शुभ समय माना गया है। आज 27 जून 2026 को प्रदोष काल शाम 7:04 बजे से रात 9:06 बजे तक रहेगा। इसी अवधि में भगवान शिव की पूजा करना सर्वाधिक फलदायी माना गया है। इसके अलावा दिन का अभिजित मुहूर्त दोपहर 1:21 बजे से 2:26 बजे तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है।

    पूजा की विधि
    व्रत के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूरे दिन उपवास का संकल्प लें।

    प्रदोष काल में सबसे पहले शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करें। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से पंचामृत अभिषेक करें।

    पूजा के दौरान भगवान शिव को सफेद चंदन, सफेद पुष्प, भांग, धतूरा, अक्षत और शमी पत्र अर्पित करें। चूंकि यह शनि प्रदोष है, इसलिए शमी पत्र का विशेष महत्व माना गया है।

    इसके बाद भगवान गणेश, माता पार्वती, कार्तिकेय और नंदी महाराज का स्मरण करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘श्री शिवाय नमस्तुभ्यं’ मंत्र का जप करें। अंत में भगवान शिव की आरती कर घर में बनी शुद्ध खीर का भोग अर्पित करें।

    व्रत पारण का समय
    शनि प्रदोष व्रत का पारण अगले दिन 28 जून 2026 को सूर्योदय के बाद किया जाएगा। श्रद्धालु सुबह 5:49 बजे के बाद व्रत का पारण कर सकते हैं।

    विशेष उपाय
    धन-समृद्धि की कामना रखने वाले श्रद्धालु प्रदोष काल में दूध में केसर मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। वहीं परिवार की सुख-शांति और कष्टों से मुक्ति के लिए जौ के आटे की रोटियां बनाकर गाय के बछड़े को खिलाना शुभ और फलदायी माना गया है।