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  • दिल्ली में सजेगा इंटर-स्कूल फुटबॉल का महाकुंभ, ओरिएंटल कप के चौथे संस्करण का आगाज 7 जुलाई से

    दिल्ली में सजेगा इंटर-स्कूल फुटबॉल का महाकुंभ, ओरिएंटल कप के चौथे संस्करण का आगाज 7 जुलाई से


    नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर के प्रतिष्ठित इंटर-स्कूल फुटबॉल टूर्नामेंट ओरिएंटल कप का चौथा संस्करण 7 से 16 जुलाई 2026 तक नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। इस बार प्रतियोगिता पहले से कहीं अधिक भव्य होगी। आयोजकों ने रिकॉर्ड पुरस्कार राशि के साथ 10 प्रतिभाशाली छात्र-एथलीटों के लिए कुल 2.5 लाख रुपये की छात्रवृत्ति योजना की भी घोषणा की है।

    इस वर्ष टूर्नामेंट में दिल्ली-एनसीआर के 45 से अधिक स्कूलों के करीब 1,500 खिलाड़ी भाग लेंगे। प्रतियोगिता के दौरान लड़कों की अंडर-17 और लड़कियों की अंडर-19 श्रेणियों में 50 से अधिक मुकाबले खेले जाएंगे। आयोजकों का मानना है कि यह प्रतियोगिता युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और प्रतिस्पर्धी माहौल में निखरने का बेहतरीन मंच उपलब्ध कराएगी।

    ओरिएंटल कप के संस्थापक फरीद बख्शी ने कहा कि इस टूर्नामेंट का उद्देश्य केवल मुकाबले आयोजित करना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर फुटबॉल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि इस बार पुरस्कार राशि को दोगुने से भी अधिक बढ़ाया गया है और पहली बार 10 योग्य छात्र-एथलीटों के लिए 2.5 लाख रुपये की छात्रवृत्ति शुरू की गई है। इससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आर्थिक सहयोग मिलने के साथ उनके खेल और शिक्षा दोनों को मजबूती मिलेगी।

    बख्शी ने लड़कियों की बढ़ती भागीदारी पर भी खुशी जताई। उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट के पहले संस्करण की तुलना में अब लड़कियों की टीमों की संख्या दोगुनी हो चुकी है और कुल प्रतिभागी टीमों में उनकी हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह बदलाव स्कूल स्तर पर महिला फुटबॉल के प्रति बढ़ती रुचि और समान अवसरों की दिशा में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

    इस बार लड़कों की अंडर-17 प्रतियोगिता में 25 से अधिक टीमें मैदान में उतरेंगी, जबकि लड़कियों की अंडर-19 श्रेणी में 16 से अधिक टीमें भाग लेंगी। आयोजकों के अनुसार, यह 2023 में शुरू हुए टूर्नामेंट के लगातार बढ़ते प्रभाव और लोकप्रियता को दर्शाता है।

    ओरिएंटल कप की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी। तब से अब तक यह प्रतियोगिता 55 से अधिक स्कूलों और गैर-सरकारी संगठनों को जोड़ चुकी है। पिछले तीन संस्करणों में 2,700 से अधिक युवा फुटबॉलर हिस्सा ले चुके हैं और 80 से अधिक मुकाबले सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। आयोजन समिति का लक्ष्य इसे देश के सबसे प्रतिष्ठित इंटर-स्कूल फुटबॉल टूर्नामेंटों में शामिल करना है।

  • अहमदाबाद में फीबा बास्केटबॉल वर्ल्ड कप 2027 क्वालिफायर की मेजबानी, भारत की नजर दमदार प्रदर्शन पर

    अहमदाबाद में फीबा बास्केटबॉल वर्ल्ड कप 2027 क्वालिफायर की मेजबानी, भारत की नजर दमदार प्रदर्शन पर


    नई दिल्ली। अहमदाबाद एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। शहर के वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नारनपुरा में फीबा बास्केटबॉल वर्ल्ड कप 2027 एशियन क्वालिफायर विंडो-3 का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 2 जुलाई से 5 जुलाई 2026 तक चलेगी, जिसमें भारतीय पुरुष बास्केटबॉल टीम घरेलू दर्शकों के सामने दो मजबूत एशियाई टीमों कतर और लेबनान के खिलाफ चुनौती पेश कर रही है।

    भारतीय टीम ने अपने अभियान की शुरुआत 2 जुलाई को कतर के खिलाफ मुकाबले से की, जबकि 5 जुलाई को उसका सामना एशिया की मजबूत टीम लेबनान से होगा। यह दोनों मुकाबले भारत के लिए विश्व कप क्वालिफिकेशन अभियान में बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

    गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने कहा कि अहमदाबाद लगातार बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी कर अपनी अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि महज एक सप्ताह पहले इसी परिसर में एवीसी पुरुष वॉलीबॉल कप का सफल आयोजन हुआ था और अब फीबा बास्केटबॉल वर्ल्ड कप 2027 एशियन क्वालिफायर की मेजबानी शहर की खेल क्षमता और आधुनिक बुनियादी ढांचे का प्रमाण है।

    उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं विकसित करने और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगितियों को आकर्षित करने के लिए लगातार काम कर रही है। इससे न केवल खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलेंगे बल्कि राज्य को वैश्विक खेल मानचित्र पर भी नई पहचान मिलेगी।

    भारतीय टीम इस समय हेड कोच स्कॉट फ्लेमिंग के मार्गदर्शन में नए सिरे से टीम निर्माण की प्रक्रिया में है। टीम का फोकस युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव दिलाने और भविष्य के लिए मजबूत संयोजन तैयार करने पर है। हालिया फीबा रैंकिंग में भारत दुनिया में 76वें और एशिया में 14वें स्थान पर है। शुरुआती मुकाबलों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद टीम घरेलू मैदान पर वापसी की उम्मीद के साथ उतर रही है।

    भारतीय टीम में कंवर संधू, प्रणव प्रिंस, प्रिंसपाल सिंह और हर्ष डागर जैसे युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्होंने हाल के टूर्नामेंटों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। घरेलू दर्शकों का समर्थन टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

    अहमदाबाद में लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगितियों का आयोजन यह संकेत देता है कि शहर भविष्य में भी बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए तेजी से तैयार हो रहा है। वहीं भारतीय टीम के लिए यह टूर्नामेंट न केवल विश्व कप क्वालिफिकेशन की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि एशियाई स्तर पर अपनी प्रतिस्पर्धी क्षमता साबित करने का भी सुनहरा अवसर है।

  • विंबलडन 2026: एलेक्जेंड्रा एला ने रचा इतिहास, पहली फिलीपीन खिलाड़ी बनीं जो तीसरे दौर में पहुंचीं

    विंबलडन 2026: एलेक्जेंड्रा एला ने रचा इतिहास, पहली फिलीपीन खिलाड़ी बनीं जो तीसरे दौर में पहुंचीं


    नई दिल्ली। विंबलडन 2026 में फिलीपींस की युवा टेनिस स्टार एलेक्जेंड्रा एला ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार महिला एकल के तीसरे दौर में प्रवेश कर लिया। गुरुवार को ऑल इंग्लैंड क्लब में खेले गए दूसरे दौर के मुकाबले में एला ने ऑस्ट्रेलिया की माया जॉइंट को 3-6, 6-2, 6-0 से हराकर न सिर्फ शानदार वापसी की, बल्कि विंबलडन के तीसरे दौर में पहुंचने वाली फिलीपींस की पहली खिलाड़ी बनने का गौरव भी हासिल किया।

    मुकाबले की शुरुआत एला के लिए चुनौतीपूर्ण रही। पहले सेट में माया जॉइंट ने आक्रामक खेल दिखाते हुए 6-3 से बढ़त बना ली। शुरुआती झटके के बाद एला ने अपना खेल पूरी तरह बदल दिया और दूसरे सेट में बेहतरीन सर्विस तथा दमदार ग्राउंड स्ट्रोक्स की बदौलत 6-2 से मुकाबला बराबरी पर ला दिया।

    निर्णायक तीसरे सेट में 21 वर्षीय एला ने अपने प्रतिद्वंद्वी को कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने शुरुआत में ही सर्विस ब्रेक हासिल कर दबाव बनाया और लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए 6-0 से सेट जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। पूरे मुकाबले में उनकी फिटनेस, संयम और आक्रामक खेल ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

    यह जीत एला के लिए इसलिए भी खास रही क्योंकि पिछले वर्ष ईस्टबोर्न ओपन के फाइनल में उन्हें माया जॉइंट के खिलाफ बेहद करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था। उस मैच का फैसला तीसरे सेट के टाईब्रेक में 12-10 से हुआ था। विंबलडन में मिली यह जीत उनके लिए उस हार का बेहतरीन जवाब साबित हुई।

    महिला एकल के अन्य मुकाबलों में 21वीं वरीयता प्राप्त मैरी बौजकोवा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रांट को 7-5, 6-3 से हराकर तीसरी बार विंबलडन के तीसरे दौर में जगह बनाई। अब उनका सामना पिछले साल की क्वार्टर फाइनलिस्ट ल्यूडमिला सैमसनोवा से होगा, जिन्होंने 15वीं वरीयता प्राप्त डायना श्नाइडर को 6-4, 4-6, 6-2 से हराया।

    अमेरिका की एमा नवारो ने भी लगातार तीसरे वर्ष विंबलडन के तीसरे दौर में प्रवेश किया। उन्होंने ओक्साना सेलेखमेतेवा को 3-6, 6-4, 6-1 से मात देकर शानदार वापसी दर्ज की। नवारो का अगला मुकाबला मार्टा कोस्त्युक और अन्ना ब्लिंकोवा के बीच होने वाले मैच की विजेता से होगा।

    एलेक्जेंड्रा एला की इस ऐतिहासिक जीत ने न केवल फिलीपींस के टेनिस इतिहास में नया अध्याय जोड़ा है, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि युवा खिलाड़ी अब ग्रैंड स्लैम स्तर पर बड़े उलटफेर करने का दम रखते हैं।

  • महिला टी20 विश्व कप 2026: साइवर-ब्रंट की कप्तानी पारी से इंग्लैंड फाइनल में, दक्षिण अफ्रीका को 40 रन से हराया

    महिला टी20 विश्व कप 2026: साइवर-ब्रंट की कप्तानी पारी से इंग्लैंड फाइनल में, दक्षिण अफ्रीका को 40 रन से हराया


    नई दिल्ली। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने दमदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण अफ्रीका को 40 रन से हराकर पांचवीं बार फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। लंदन के केनिंग्टन ओवल में खेले गए मुकाबले में इंग्लिश टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 169 रन बनाए। जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 129 रन ही बना सकी।

    इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। एमी जोन्स 2 रन और डैनी व्याट 12 रन बनाकर आउट हो गईं, जबकि एलिसा कैप्सी भी सिर्फ 1 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। महज 23 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद कप्तान नेट साइवर-ब्रंट और अनुभवी हीथर नाइट ने मोर्चा संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 133 रन की शानदार साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    कप्तान साइवर-ब्रंट ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 47 गेंदों में 75 रन बनाए। उनकी पारी में 11 चौके और एक छक्का शामिल रहा। वहीं हीथर नाइट ने 47 गेंदों पर 58 रन की उपयोगी पारी खेली जिसमें छह चौके और एक छक्का शामिल था। दोनों की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत इंग्लैंड ने चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।

    दक्षिण अफ्रीका की ओर से शबनम इस्माइल और नॉनकुलुलेको म्लाबा ने दो-दो विकेट लिए लेकिन बाकी गेंदबाज इंग्लैंड की बड़ी साझेदारी को तोड़ने में सफल नहीं हो सके।

    170 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका को कप्तान लौरा वोल्वार्ट और ताजमिन ब्रिट्स ने अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 43 रन जोड़े लेकिन इसके बाद टीम लगातार अंतराल पर विकेट गंवाती रही। वोल्वार्ट 17 रन बनाकर आउट हुईं जबकि एनेरी डर्कसेन, मारिजाने कैप, सुने लुस और क्लो ट्रायोन बड़ी पारी नहीं खेल सकीं।

    ताजमिन ब्रिट्स ने अकेले संघर्ष करते हुए 45 गेंदों में 51 रन बनाए लेकिन दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। नादिन डी क्लर्क 14 रन बनाकर नाबाद रहीं, जबकि बाकी बल्लेबाज इंग्लैंड के अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण के सामने टिक नहीं सके।

    इंग्लैंड की ओर से लॉरेन बेल और चार्ली डीन ने दो-दो विकेट झटके। फ्रेया केम्प और लिन्से स्मिथ ने एक-एक विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीका की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया।

    इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांचवीं बार महिला टी20 विश्व कप के फाइनल में प्रवेश किया है। अब रविवार को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर उसका मुकाबला छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से होगा। क्रिकेट प्रेमियों को खिताबी मुकाबले में महिला क्रिकेट की दो सबसे सफल टीमों के बीच रोमांचक टक्कर देखने को मिलेगी।

  • सीधे सेटों में जीते जेवरेव, बेरेटिनी और आर्थर फेरी ने भी अगले दौर का टिकट कटाया

    सीधे सेटों में जीते जेवरेव, बेरेटिनी और आर्थर फेरी ने भी अगले दौर का टिकट कटाया


    नई दिल्ली। विंबलडन 2026 में दूसरी वरीयता प्राप्त अलेक्जेंडर जेवरेव ने अपने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए पुरुष एकल के तीसरे दौर में जगह बना ली है। जर्मनी के स्टार खिलाड़ी ने फ्रांस के वैलेंटिन रॉयर को सीधे सेटों में 6-1, 6-3, 7-6(3) से हराकर जीत दर्ज की। वहीं इटली के माटेओ बेरेटिनी और मेजबान ब्रिटेन के युवा खिलाड़ी आर्थर फेरी ने भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर अगले दौर का टिकट हासिल कर लिया।

    फ्रेंच ओपन चैंपियन जेवरेव ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और पहले दो सेट बेहद आसानी से अपने नाम कर लिए। तीसरे सेट में रॉयर ने कड़ी चुनौती पेश की और मुकाबले को टाई-ब्रेक तक पहुंचा दिया, लेकिन निर्णायक क्षणों में जेवरेव का अनुभव भारी पड़ा। दो घंटे चार मिनट तक चले मुकाबले में उन्होंने संयम बनाए रखते हुए जीत अपने नाम कर ली।

    जीत के बाद जेवरेव ने कहा कि लगभग ढाई सेट तक उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ टेनिस खेला। इसके बाद उनका ध्यान थोड़ा भटका, जिसका प्रतिद्वंद्वी ने फायदा उठाने की कोशिश की। उन्होंने माना कि ग्रैंड स्लैम के आगे के दौर में ऊर्जा बचाकर रखना बेहद जरूरी होता है और सीधे सेटों में मिली जीत उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगी। जेवरेव ने यह भी कहा कि विंबलडन हमेशा से उनका पसंदीदा टूर्नामेंट रहा है और इस बार वह यहां बड़ी सफलता हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

    इटली के माटेओ बेरेटिनी ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए फ्रांस के आर्थर फिल्स को 6-4, 7-5, 3-6, 6-3 से मात दी। 2021 के विंबलडन उपविजेता बेरेटिनी ने सेंटर कोर्ट पर दमदार सर्विस और शानदार शॉट्स से मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा। तीसरा सेट गंवाने के बाद उन्होंने बेहतरीन वापसी करते हुए चौथा सेट जीत लिया और 2023 के बाद पहली बार विंबलडन के तीसरे दौर में प्रवेश किया।

    दिन का सबसे चर्चित प्रदर्शन ब्रिटेन के 23 वर्षीय आर्थर फेरी का रहा। उन्होंने फिनलैंड के ओटो विर्टानेन को 5-7, 7-6(3), 6-3, 6-3 से हराकर अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। पहला सेट हारने के बाद फेरी ने शानदार वापसी करते हुए लगातार तीन सेट अपने नाम किए। इस उपलब्धि के साथ वह वर्ष 2000 के बाद विंबलडन पुरुष एकल के तीसरे दौर में पहुंचने वाले केवल चौथे ब्रिटिश वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी बन गए हैं।

    फेरी का मुकाबला देखने के लिए प्रिंसेस ऑफ वेल्स भी कुछ समय तक स्टेडियम में मौजूद रहीं। हालांकि घरेलू दर्शकों और खास मेहमानों की मौजूदगी के बावजूद युवा खिलाड़ी पर किसी तरह का दबाव नहीं दिखा। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपना खेल जारी रखा। हाल के सप्ताहों में भी उनकी फॉर्म शानदार रही है। वह बर्मिंघम और नॉटिंघम के ग्रास कोर्ट टूर्नामेंट के फाइनल तक पहुंचे थे और पहले दौर में चौथी वरीयता प्राप्त बेन शेल्टन को हराकर बड़ा उलटफेर भी कर चुके हैं।

    जीत के बाद फेरी ने कहा कि जिस इलाके में वह बड़े हुए वहां से कुछ ही मिनट की दूरी पर स्थित विंबलडन में खेलना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने बताया कि स्टेडियम में परिवार, दोस्त और कई परिचितों की मौजूदगी ने उन्हें अतिरिक्त आत्मविश्वास दिया। अब तीसरे दौर में उनकी कोशिश इस शानदार लय को बरकरार रखते हुए अपने यादगार अभियान को आगे बढ़ाने की होगी।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026: अतिरिक्त समय में रामोस का वार, पुर्तगाल ने क्रोएशिया को किया बाहर

    फीफा वर्ल्ड कप 2026: अतिरिक्त समय में रामोस का वार, पुर्तगाल ने क्रोएशिया को किया बाहर


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्विट्जरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अल्जीरिया को 2-0 से हराकर राउंड ऑफ-16 में अपनी जगह पक्की कर ली। वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में खेले गए राउंड ऑफ-32 मुकाबले में स्विस टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पूरे मैच में अल्जीरिया को दबाव में रखा।

    स्विट्जरलैंड ने मैच के 10वें मिनट में बढ़त हासिल कर ली। जोहान मंजांबी की तेज दौड़ और सटीक पास पर ब्रील एम्बोलो ने शानदार फिनिश करते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के बाद स्विस टीम ने लगातार गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा जबकि अल्जीरिया बराबरी के लिए संघर्ष करता रहा। पहले हाफ में अल्जीरियाई खिलाड़ियों ने कुछ अच्छे मूव बनाए लेकिन स्विट्जरलैंड की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने उन्हें सफलता नहीं मिली।

    दूसरे हाफ की शुरुआत भी स्विट्जरलैंड के नाम रही। खेल शुरू होने के महज एक मिनट बाद डेनिस जकारिया के क्रॉस को अल्जीरिया की टीम सही तरीके से क्लियर नहीं कर सकी। गेंद डैन नडोये के पास पहुंची और उन्होंने पेनल्टी बॉक्स के बाहर से जोरदार शॉट लगाकर स्कोर 2-0 कर दिया। यह नडोये का वर्ल्ड कप में पहला गोल रहा जिसे उन्होंने खास अंदाज में सेलिब्रेट किया।

    दो गोल से पिछड़ने के बाद अल्जीरिया ने वापसी की कोशिश की लेकिन स्विट्जरलैंड ने विपक्षी टीम को कोई बड़ा मौका नहीं दिया। मिडफील्ड और डिफेंस के बेहतरीन तालमेल की बदौलत स्विस टीम ने मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी और अंतिम सीटी तक बढ़त सुरक्षित रखी।

    इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने टूर्नामेंट में लगातार तीसरी जीत दर्ज की। इससे पहले टीम ग्रुप चरण में बोस्निया और हर्जेगोविना तथा कनाडा को भी मात दे चुकी है। खास बात यह रही कि वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार स्विट्जरलैंड ने लगातार तीन मुकाबले जीतने का कारनामा किया है।

    शानदार फॉर्म में चल रही स्विस टीम अब 7 जुलाई को होने वाले राउंड ऑफ-16 मुकाबले में कोलंबिया और घाना के बीच होने वाले मैच के विजेता से भिड़ेगी। यह मुकाबला भी वैंकूवर में खेला जाएगा जहां स्विट्जरलैंड लगातार तीसरी बार मैदान पर उतरेगा। टीम की कोशिश अपनी जीत की लय बरकरार रखते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने की होगी।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026: एम्बोलो-नडोये के गोल से स्विट्जरलैंड ने अल्जीरिया को किया बाहर

    फीफा वर्ल्ड कप 2026: एम्बोलो-नडोये के गोल से स्विट्जरलैंड ने अल्जीरिया को किया बाहर


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्विट्जरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अल्जीरिया को 2-0 से हराकर राउंड ऑफ-16 में अपनी जगह पक्की कर ली। वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में खेले गए राउंड ऑफ-32 मुकाबले में स्विस टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पूरे मैच में अल्जीरिया को दबाव में रखा।

    स्विट्जरलैंड ने मैच के 10वें मिनट में बढ़त हासिल कर ली। जोहान मंजांबी की तेज दौड़ और सटीक पास पर ब्रील एम्बोलो ने शानदार फिनिश करते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के बाद स्विस टीम ने लगातार गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा जबकि अल्जीरिया बराबरी के लिए संघर्ष करता रहा। पहले हाफ में अल्जीरियाई खिलाड़ियों ने कुछ अच्छे मूव बनाए लेकिन स्विट्जरलैंड की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने उन्हें सफलता नहीं मिली।

    दूसरे हाफ की शुरुआत भी स्विट्जरलैंड के नाम रही। खेल शुरू होने के महज एक मिनट बाद डेनिस जकारिया के क्रॉस को अल्जीरिया की टीम सही तरीके से क्लियर नहीं कर सकी। गेंद डैन नडोये के पास पहुंची और उन्होंने पेनल्टी बॉक्स के बाहर से जोरदार शॉट लगाकर स्कोर 2-0 कर दिया। यह नडोये का वर्ल्ड कप में पहला गोल रहा जिसे उन्होंने खास अंदाज में सेलिब्रेट किया।

    दो गोल से पिछड़ने के बाद अल्जीरिया ने वापसी की कोशिश की लेकिन स्विट्जरलैंड ने विपक्षी टीम को कोई बड़ा मौका नहीं दिया। मिडफील्ड और डिफेंस के बेहतरीन तालमेल की बदौलत स्विस टीम ने मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी और अंतिम सीटी तक बढ़त सुरक्षित रखी।

    इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने टूर्नामेंट में लगातार तीसरी जीत दर्ज की। इससे पहले टीम ग्रुप चरण में बोस्निया और हर्जेगोविना तथा कनाडा को भी मात दे चुकी है। खास बात यह रही कि वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार स्विट्जरलैंड ने लगातार तीन मुकाबले जीतने का कारनामा किया है।

    शानदार फॉर्म में चल रही स्विस टीम अब 7 जुलाई को होने वाले राउंड ऑफ-16 मुकाबले में कोलंबिया और घाना के बीच होने वाले मैच के विजेता से भिड़ेगी। यह मुकाबला भी वैंकूवर में खेला जाएगा जहां स्विट्जरलैंड लगातार तीसरी बार मैदान पर उतरेगा। टीम की कोशिश अपनी जीत की लय बरकरार रखते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने की होगी।

  • क्रिस्टियानो रोनाल्डो का कमाल और गोंसालो रामोस का कहर; क्रोएशिया को रोमांचक मुकाबले में हराकर पुर्तगाल सेमीफाइनल में पहुंचा

    क्रिस्टियानो रोनाल्डो का कमाल और गोंसालो रामोस का कहर; क्रोएशिया को रोमांचक मुकाबले में हराकर पुर्तगाल सेमीफाइनल में पहुंचा

    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 से एक बेहद रोमांचक और दिल दहला देने वाला परिणाम सामने आया है, जहां पुर्तगाल ने एक कड़े मुकाबले में क्रोएशियाई टीम को शिकस्त देकर सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। पूरे मैच के दौरान दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन अंतिम क्षणों में पुर्तगाल के रणनीतिक खेल और आक्रामक रुख ने मैच का पासा पूरी तरह पलट दिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही पुर्तगाल ने क्रोएशिया का विश्व विजेता बनने का सपना आखिरी मिनटों में तोड़ दिया और अब खिताबी दौड़ के अगले चरण में उसका सामना मजबूत स्पेनिश टीम से होने जा रहा है।

    इस मुकाबले में पुर्तगाल के स्टार फॉरवर्ड क्रिस्टियानो रोनाल्डो और युवा सनसनी गोंसालो रामोस ने अपनी टीम के लिए सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मैच की शुरुआत से ही क्रोएशिया के मजबूत डिफेंस ने पुर्तगाली आक्रमण को रोकने की हरसंभव कोशिश की और ल्यूका मॉड्रिच के नेतृत्व में कुछ बेहतरीन काउंटर-अटैक भी किए। खेल के अधिकांश समय दोनों टीमें एक-दूसरे पर बढ़त बनाने के लिए संघर्ष करती रहीं और मुकाबला बराबरी पर चलता रहा। मैदान पर मौजूद दर्शकों को एक बेहद कड़ा और रक्षात्मक खेल देखने को मिल रहा था, जहां कोई भी टीम गलती करने को तैयार नहीं थी।

    मैच के अंतिम मिनटों में पुर्तगाल ने अपने आक्रमण को और तेज किया, जिसका नेतृत्व स्वयं क्रिस्टियानो रोनाल्डो कर रहे थे। रोनाल्डो के बेहतरीन पासिंग गेम और मैदान पर उनकी जादुई उपस्थिति ने क्रोएशियाई रक्षकों पर भारी दबाव बना दिया। इसी दबाव का फायदा उठाते हुए गोंसालो रामोस ने विपक्षी टीम के खेमे में तहलका मचा दिया और अंतिम सीटी बजने से ठीक पहले एक शानदार मैदानी गोल दागकर अपनी टीम को निर्णायक बढ़त दिला दी। क्रोएशिया की टीम इस अप्रत्याशित गोल के बाद संभलने का मौका भी नहीं पा सकी और निर्धारित समय समाप्त होने के साथ ही मुकाबला पुर्तगाल के पक्ष में चला गया।

    क्रोएशियाई टीम के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही, क्योंकि उनके अनुभवी खिलाड़ियों ने मैच को अतिरिक्त समय में खींचने और पेनल्टी शूटआउट तक ले जाने की पूरी रणनीति बना ली थी। अंतिम पलों में रक्षापंक्ति की एक छोटी सी चूक ने उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया। इस जीत के साथ ही पुर्तगाल ने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में अपनी जगह सुरक्षित कर ली है। अब फुटबॉल प्रशंसकों की निगाहें पुर्तगाल और स्पेन के बीच होने वाले महामुकाबले पर टिक गई हैं, जिसे इस विश्व कप का सबसे बड़ा और कड़ा मुकाबला माना जा रहा है।

  • विंबलडन 2026: नोवाक जोकोविच ने बनाई तीसरे राउंड में जगह, सिटसिपास को सीधे सेटों में हराया

    विंबलडन 2026: नोवाक जोकोविच ने बनाई तीसरे राउंड में जगह, सिटसिपास को सीधे सेटों में हराया


    नई दिल्ली । सात बार के विंबलडन चैंपियन नोवाक जोकोविच ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुरुवार को ग्रीस के स्टेफानोस सिटसिपास को सीधे सेटों में हराकर तीसरे दौर में जगह बना ली है। जोकोविच ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सिटसिपास को 6-3, 6-4, 6-2 से हराया।

    जोकोविच को सिटसिपास से पार पाने में सिर्फ 98 मिनट लगे और उन्होंने पूरे मुकाबले में शानदार खेल दिखाया। टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में चार सेट तक मुकाबले में जीत दर्ज करने वाले जोकोविच इस मैच में पूरी तरह लय में नजर आए। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और सिटसिपास को ज्यादा मौके नहीं दिए। पहला सेट उन्होंने केवल 27 मिनट में 6-3 से अपने नाम किया।

    दूसरे सेट में सिटसिपास ने वापसी की कोशिश की। उन्होंने बेहतर सर्विस की और जोकोविच को कड़ी चुनौती दी। कुछ समय तक मुकाबला बराबरी का रहा, लेकिन अहम मौकों पर जोकोविच ने अपना अनुभव दिखाया। लंबे रैलियों में उन्होंने धैर्य बनाए रखा और सही समय पर ब्रेक हासिल कर सेट को 6-4 से जीत लिया।
    दूसरे सेट में सिटसिपास ने वापसी की कोशिश की। उन्होंने बेहतर सर्विस की और जोकोविच को कड़ी चुनौती दी। कुछ समय तक मुकाबला बराबरी का रहा, लेकिन अहम मौकों पर जोकोविच ने अपना अनुभव दिखाया। लंबे रैलियों में उन्होंने धैर्य बनाए रखा और सही समय पर ब्रेक हासिल कर सेट को 6-4 से जीत लिया।

    तीसरे सेट में जोकोविच पूरी तरह हावी रहे। उन्होंने 3-2 की बढ़त के बाद सिटसिपास की सर्विस तोड़ी और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। लगातार शानदार शॉट्स लगाते हुए उन्होंने सेट को 6-2 से अपने नाम करते हुए शानदार जीत हासिल की। मैच के दौरान जोकोविच ने 33 विनर्स लगाए और सिर्फ सात अनफोर्स्ड एरर्स किए, जो उनके बेहतरीन खेल का सबूत रहे। इस जीत के साथ उन्होंने 20वीं बार विंबलडन के तीसरे दौर में जगह बनाई है।

    जोकोविच और सिटसिपास के बीच यह 14वीं भिड़ंत थी। इसमें जोकोविच ने 12वीं जीत दर्ज की। खास बात यह है कि सिटसिपास के खिलाफ जोकोविच ने पिछले 11 मुकाबलों में लगातार जीत हासिल की है। जीत के बाद जोकोविच ने कहा कि जब कोर्ट पर इस तरह का खेल निकलता है तो बहुत खुशी और संतुष्टि मिलती है।

    उन्होंने कहा कि एक बार लय मिलने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ गया। उन्होंने खास तौर पर उस गेम का जिक्र किया, जिसमें वह 5-2 से आगे थे। जोकोविच के मुताबिक, वह हाल के समय में उनके सबसे बेहतरीन रिटर्न गेम्स में से एक था। उन्होंने कहा कि उस समय वह पूरी तरह रिलेक्स थे और बिना किसी दबाव के अपने शॉट्स खेल रहे थे।

  • न्यूजीलैंड को बड़ा झटका, चोटिल बेन सियर्स वनडे सीरीज से बाहर, वेस्टइंडीज दौरे पर बदली टीम की रणनीति

    न्यूजीलैंड को बड़ा झटका, चोटिल बेन सियर्स वनडे सीरीज से बाहर, वेस्टइंडीज दौरे पर बदली टीम की रणनीति


    नई दिल्ली । वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज शुरू होने से पहले न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के तेज गेंदबाज बेन सियर्स टखने की चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह अनुभवी तेज गेंदबाज बेन लिस्टर को 16 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। लगातार बढ़ती चोटों ने न्यूजीलैंड की तेज गेंदबाजी इकाई की चिंता और बढ़ा दी है।

    न्यूजीलैंड क्रिकेट के अनुसार बेन सियर्स पिछले कुछ समय से टखने की समस्या से जूझ रहे थे। मई में आयरलैंड के खिलाफ चार दिवसीय मुकाबले के बाद उनके टखने में दर्द बना हुआ था। इंग्लैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे टेस्ट के अंतिम दिन यह परेशानी और बढ़ गई। मेडिकल टीम की सलाह पर उन्हें आगे जोखिम से बचाने के लिए स्वदेश भेजने का फैसला लिया गया ताकि उनका इलाज और पुनर्वास समय पर किया जा सके।

    सियर्स की गैरमौजूदगी में टीम प्रबंधन ने बेन लिस्टर पर भरोसा जताया है। 30 वर्षीय बाएं हाथ के तेज गेंदबाज लिस्टर आने वाले दिनों में गुयाना में टीम के साथ जुड़ेंगे। उन्होंने वर्ष 2023 में पाकिस्तान के खिलाफ कराची में अपना वनडे पदार्पण किया था। अब तक वह न्यूजीलैंड के लिए चार वनडे और 13 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं और कुल 17 विकेट अपने नाम कर चुके हैं। हाल ही में वह बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज में भी टीम का हिस्सा थे और घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

    न्यूजीलैंड के लिए चिंता की बात सिर्फ सियर्स की चोट नहीं है। टीम पहले से ही कई प्रमुख तेज गेंदबाजों की अनुपस्थिति का सामना कर रही है। ब्लेयर टिकनर टखने की सर्जरी के कारण पहले ही टीम से बाहर हो चुके हैं। जैकब डफी पारिवारिक कारणों से हाल के इंग्लैंड दौरे पर उपलब्ध नहीं थे जबकि काइल जैमीसन मैट हेनरी और विल ओरूर्के को कार्यभार प्रबंधन के तहत इस सीरीज से आराम दिया गया है। ऐसे में गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी नए और अपेक्षाकृत कम अनुभवी खिलाड़ियों पर होगी।

    वनडे सीरीज की शुरुआत 11 जुलाई से गुयाना में होगी। पहले तीन मुकाबले 11 13 और 16 जुलाई को खेले जाएंगे। इसके बाद सीरीज के अंतिम दो मैच 19 और 21 जुलाई को बारबाडोस के ब्रिजटाउन में होंगे। कप्तान मिचेल सैंटनर के नेतृत्व में न्यूजीलैंड की टीम इस चुनौतीपूर्ण दौरे पर संतुलित प्रदर्शन की उम्मीद करेगी।

    बल्लेबाजी में टॉम लैथम डेरिल मिशेल मार्क चैपमैन और विल यंग जैसे अनुभवी खिलाड़ियों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी जबकि गेंदबाजी में बेन लिस्टर और अन्य युवा तेज गेंदबाजों को अपनी क्षमता साबित करने का मौका मिलेगा। वेस्टइंडीज अपनी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश करेगा इसलिए यह सीरीज दोनों टीमों के लिए काफी अहम मानी जा रही है।