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  • यूएस ओपन के पहले दिन मचा घमासान: राखिमोवा ने 27वीं सीड क्रेजिकोवा को किया बाहर, प्लिस्कोवा की सनसनीखेज वापसी

    यूएस ओपन के पहले दिन मचा घमासान: राखिमोवा ने 27वीं सीड क्रेजिकोवा को किया बाहर, प्लिस्कोवा की सनसनीखेज वापसी


    नई दिल्ली। यूएस ओपन 2026 के पहले दिन महिला सिंगल्स में मुकाबलों का रोमांच चरम पर रहा। टूर्नामेंट में उतरी कई शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ियों ने अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ की लेकिन इसी बीच 27वीं वरीयता प्राप्त बारबोरा क्रेजिकोवा के बाहर होने से बड़ा उलटफेर देखने को मिला। कामिला राखिमोवा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्रेजिकोवा को मात दी और टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। दूसरी ओर एलिना स्वितोलिना मार्ता कोस्त्युक और जैस्मीन पाओलिनी ने जीत दर्ज कर अगले दौर में जगह बनाई। पहले दिन सात सीडेड खिलाड़ी मुकाबले में उतरे थे और पाओलिनी को छोड़कर बाकी सभी सीडेड खिलाड़ियों ने सीधे सेटों में जीत हासिल की।

    यूक्रेन की नौवीं वरीयता प्राप्त एलिना स्वितोलिना ने लुइस आर्मस्ट्रांग स्टेडियम में शानदार अंदाज में अपने अभियान की शुरुआत की। उन्होंने सोलाना सिएरा को महज 52 मिनट में 6-1 6-2 से हराया। स्वितोलिना का ग्रैंड स्लैम के शुरुआती दौर में रिकॉर्ड भी प्रभावशाली रहा है। पिछले 11 ग्रैंड स्लैम ओपनिंग मुकाबलों में उन्होंने नौ जीत दर्ज की हैं। ग्रैंड स्लैम में उनकी कुल जीत का आंकड़ा 117 तक पहुंच चुका है जो किसी भी यूक्रेनी खिलाड़ी के लिए सबसे ज्यादा है।

    11वीं वरीयता प्राप्त मार्ता कोस्त्युक ने भी शानदार खेल दिखाया। उन्होंने स्टॉर्म हंटर को 67 मिनट में 6-4 6-1 से शिकस्त दी। कोस्त्युक ने मुकाबले के आखिरी पांच गेम लगातार जीते और पिछले आठ में से सात गेम अपने नाम किए। इस जीत के साथ इस सीजन में उनका रिकॉर्ड 33-8 हो गया है। मुकाबले में उन्होंने आठ ऐस और 22 विनर्स लगाए जबकि 12 अनफोर्स्ड एरर किए।

    19वीं वरीयता प्राप्त जैस्मीन पाओलिनी के लिए हालांकि मुकाबला आसान नहीं रहा। उन्हें वेरोनिका एर्जावेक के खिलाफ तीन सेट तक संघर्ष करना पड़ा। पाओलिनी ने 1 घंटे 46 मिनट में 6-3 3-6 6-4 से जीत हासिल की। दूसरे सेट में उनका प्रदर्शन कमजोर पड़ा लेकिन निर्णायक सेट में उन्होंने वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। पाओलिनी ने मैच में 36 विनर्स लगाए लेकिन 27 अनफोर्स्ड एरर भी किए। अब उनकी नजर यूएस ओपन में पहली बार क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने पर होगी।

    18वीं वरीयता प्राप्त एकातेरिना अलेक्जेंड्रोवा ने मैककार्टनी केसलर को 6-2 6-2 से हराया जबकि 31वीं वरीयता प्राप्त लेयला फर्नांडीज ने झांग शुआई को 6-3 6-2 से मात दी। इन दोनों खिलाड़ियों ने भी बिना ज्यादा परेशानी के दूसरे दौर में प्रवेश किया।

    दिन का एक और रोमांचक मुकाबला पूर्व विश्व नंबर एक कैरोलिना प्लिस्कोवा ने खेला। बिना सीडिंग के उतर रहीं प्लिस्कोवा एक समय हैने वैंडेविंकेल के खिलाफ 2-6 2-5 से पीछे थीं और उनके सामने मैच प्वाइंट भी था। इसके बावजूद उन्होंने जबरदस्त वापसी की। प्लिस्कोवा ने लगातार नौ गेम जीतकर मुकाबले का रुख पलट दिया और 2 घंटे 30 मिनट में 2-6 7-5 6-3 से जीत हासिल की। इस जीत के साथ वह लगातार 10वें यूएस ओपन में दूसरे दौर तक पहुंचने में सफल रही हैं। इस तरह यूएस ओपन का पहला दिन कई बड़े सितारों की जीत और एक बड़े उलटफेर के साथ यादगार बन गया।

  • यूएस ओपन में जोकोविच को झटका, नवोन ने रचा इतिहास: पांच सेट की जंग के बाद दिग्गज को हराकर दूसरे दौर में बनाई जगह

    यूएस ओपन में जोकोविच को झटका, नवोन ने रचा इतिहास: पांच सेट की जंग के बाद दिग्गज को हराकर दूसरे दौर में बनाई जगह


    नई दिल्ली। यूएस ओपन 2026 की शुरुआत टेनिस जगत के सबसे बड़े उलटफेर के साथ हुई है। 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन और चार बार के यूएस ओपन विजेता नोवाक जोकोविच को अर्जेंटीना के मारियानो नवोन ने टूर्नामेंट के पहले ही दौर में हराकर बाहर कर दिया। पांच सेट तक चले रोमांचक मुकाबले में नवोन ने जोकोविच को 7-6 5-7 4-6 6-2 6-1 से शिकस्त दी। यह मुकाबला 4 घंटे 36 मिनट तक चला और किसी भी ग्रैंड स्लैम के पहले दौर का अब तक का सबसे लंबा मैच बन गया।

    जोकोविच के लिए यह हार इसलिए भी बेहद निराशाजनक रही क्योंकि 2006 ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद पहली बार उन्हें किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में हार का सामना करना पड़ा है। 39 वर्षीय सर्बियाई खिलाड़ी मुकाबले की शुरुआत में पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी करने में सफल रहे थे। उन्होंने दूसरा और तीसरा सेट जीतकर मैच पर अपनी पकड़ बना ली थी। ऐसे में माना जा रहा था कि अनुभव के दम पर जोकोविच मुकाबला अपने नाम कर लेंगे लेकिन इसके बाद उनकी शारीरिक परेशानियां बढ़ती चली गईं।

    चौथे सेट में जोकोविच ने बढ़त बनाने की कोशिश की लेकिन नवोन ने शानदार वापसी की और सेट 6-2 से अपने नाम कर लिया। निर्णायक पांचवें सेट में अर्जेंटीना के खिलाड़ी ने कोई मौका नहीं दिया और 6-1 से सेट जीतकर इतिहास रच दिया। इस दौरान जोकोविच शारीरिक रूप से काफी संघर्ष करते नजर आए। उनकी ऊर्जा कम होती गई और मैच के दौरान उन्हें उल्टी और शरीर में दर्द जैसी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। कई मौकों पर उन्हें कोर्ट पर चलने फिरने में भी परेशानी दिखाई दी।

    दिलचस्प बात यह थी कि मुकाबले से पहले आंकड़े पूरी तरह जोकोविच के पक्ष में थे। पांच सेट वाले मुकाबलों में उनका रिकॉर्ड 42-12 था जबकि नवोन इससे पहले ऐसे किसी मुकाबले में जीत दर्ज नहीं कर सके थे। हार्ड कोर्ट पर भी नवोन का रिकॉर्ड ज्यादा प्रभावशाली नहीं था। इसके बावजूद अर्जेंटीना के खिलाड़ी ने दबाव के बीच बेहतरीन मानसिक मजबूती दिखाई और दिग्गज खिलाड़ी को मात दे दी।

    मैच के निर्णायक दौर में न्यूयॉर्क की भीड़ लगातार जोकोविच का हौसला बढ़ा रही थी। पांचवें सेट में जब उन्होंने एक गेम जीतकर स्कोर 1-3 किया तो दर्शकों की आवाज और तेज हो गई। इस दौरान जोकोविच बेसलाइन के पीछे खड़े होकर भावुक भी नजर आए। प्रशंसकों का समर्थन उन्हें मुकाबले में वापस लाने के लिए पर्याप्त नहीं रहा और नवोन ने कुछ ही देर बाद मैच खत्म कर दिया।

    निर्णायक प्वाइंट पर भी नवोन ने अपनी फुर्ती का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जोकोविच की ड्रॉप वॉली तक तेजी से पहुंचकर गेंद को खाली कोर्ट में भेज दिया और जीत पक्की कर ली। मुकाबला खत्म होने के बाद नवोन नेट पर पहुंचे और जोकोविच को गले लगाया। जोकोविच ने भी हार के बावजूद खेल भावना का परिचय दिया और कोर्ट से बाहर जाते समय प्रशंसकों को ऑटोग्राफ देकर उनका अभिवादन किया।

    नवोन के लिए यह जीत किसी सपने के सच होने जैसी रही। जोकोविच जैसे दिग्गज खिलाड़ी को ग्रैंड स्लैम में हराना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है। वहीं जोकोविच के लिए यह हार इसलिए और बड़ा झटका है क्योंकि उनके पास अपना 25वां मेजर खिताब जीतकर इतिहास रचने का मौका था। लेकिन यूएस ओपन में उनका सफर पहले ही दौर में समाप्त हो गया।

  • लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान की हार का ठीकरा बल्लेबाजों पर: बाबर बोले- हमने हालात का फायदा उठाया लेकिन बैटिंग में चूक गए

    लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान की हार का ठीकरा बल्लेबाजों पर: बाबर बोले- हमने हालात का फायदा उठाया लेकिन बैटिंग में चूक गए


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में 194 रनों की करारी हार के बाद पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम ने टीम की बल्लेबाजी को हार की सबसे बड़ी वजह बताया है। 389 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की पूरी टीम दूसरी पारी में सिर्फ 194 रन पर सिमट गई। इस हार के साथ ही पाकिस्तान ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज भी गंवा दी है। लगातार दो मुकाबले हारने के बाद अब पाकिस्तानी टीम के सामने आखिरी टेस्ट में सम्मान बचाने की चुनौती है।

    मैच के बाद बाबर आजम ने कहा कि टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला मौसम और पिच की परिस्थितियों को देखते हुए किया था। आसमान में बादल छाए होने के कारण पाकिस्तान के गेंदबाजों ने शुरुआती परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाया और इंग्लैंड को पहली पारी में 290 रन तक रोक दिया। इसके बाद उम्मीद थी कि पाकिस्तानी बल्लेबाज भी परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

    बाबर ने माना कि गेंदबाजों ने दोनों पारियों में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन बल्लेबाज उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरी पारी में भी पाकिस्तान की बल्लेबाजी बिखर गई और 389 रनों के लक्ष्य के सामने पूरी टीम 194 रन पर ऑलआउट हो गई। कप्तान के मुताबिक टीम के पास मुकाबले में वापसी करने के मौके थे लेकिन खिलाड़ी उन मौकों को जीत में बदलने में नाकाम रहे।

    पाकिस्तान की गेंदबाजी की तारीफ करते हुए बाबर आजम ने तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास के प्रदर्शन को खास तौर पर सराहा। अब्बास ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट अपने नाम किए और इंग्लैंड की बल्लेबाजी को परेशानी में डाला। बाबर ने कहा कि लॉर्ड्स में पांच विकेट लेना अब्बास के लिए यादगार पल है। कप्तान ने सऊद शकील की बल्लेबाजी की भी तारीफ की और कहा कि वह जिस तरह से खेल रहे थे उससे उनकी क्लास और समर्पण नजर आया।

    इंग्लैंड ने इस मुकाबले में पहली पारी में 290 रन बनाए थे जिसके जवाब में पाकिस्तान की टीम महज 110 रन पर ढेर हो गई। इसके बाद इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 208 रन बनाकर पाकिस्तान के सामने 389 रनों का लक्ष्य रखा। पाकिस्तानी बल्लेबाज एक बार फिर इंग्लिश गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके और टीम 194 रन पर सिमट गई। इंग्लैंड ने मुकाबला 194 रनों से अपने नाम कर लिया।

    इससे पहले सीरीज के पहले टेस्ट में भी पाकिस्तान को बेहद निराशाजनक हार मिली थी। इंग्लैंड ने वह मुकाबला एक पारी और 103 रनों से जीता था। लगातार दो टेस्ट में हार के साथ पाकिस्तान ने सीरीज गंवा दी है। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में टीम के नाम लगातार चार पारियों में 200 से कम रन पर ऑलआउट होने का निराशाजनक रिकॉर्ड भी दर्ज हुआ है।

    अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का तीसरा और आखिरी टेस्ट 9 सितंबर से एजबेस्टन के मैदान पर खेला जाएगा। बाबर आजम ने संकेत दिया है कि पाकिस्तान आखिरी मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन के इरादे से उतरेगा। टीम की सबसे बड़ी चुनौती उसकी बल्लेबाजी होगी क्योंकि गेंदबाजों के अच्छे प्रदर्शन के बावजूद लगातार कम स्कोर पाकिस्तान की हार का कारण बन रहे हैं।

  • इंग्लैंड की जीत से बदली WTC Points Table की तस्वीर: पाकिस्तान की हालत खस्ता, श्रीलंका खिसका और इंग्लिश टीम ने लगाई छलांग

    इंग्लैंड की जीत से बदली WTC Points Table की तस्वीर: पाकिस्तान की हालत खस्ता, श्रीलंका खिसका और इंग्लिश टीम ने लगाई छलांग


    नई दिल्ली। इंग्लैंड ने लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान को 194 रनों से करारी शिकस्त देकर न सिर्फ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली बल्कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की प्वाइंट्स टेबल में भी अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। लीड्स के बाद लॉर्ड्स में लगातार दूसरी जीत दर्ज करने वाली इंग्लैंड की टीम अब डब्ल्यूटीसी अंक तालिका में एक पायदान ऊपर पहुंच गई है। इस जीत के बाद इंग्लैंड का जीत प्रतिशत बढ़कर 34.44 हो गया है और टीम छठे स्थान पर पहुंच गई है। इंग्लैंड की इस छलांग का सीधा असर श्रीलंका पर पड़ा है जो एक स्थान नीचे खिसककर सातवें नंबर पर पहुंच गया है। दूसरी ओर पाकिस्तान के लिए स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और टीम महज 16.67 के जीत प्रतिशत के साथ अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर बनी हुई है।

    डब्ल्यूटीसी प्वाइंट्स टेबल में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा बरकरार है। ऑस्ट्रेलियाई टीम 80 के जीत प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर मौजूद है जबकि साउथ अफ्रीका 75 प्रतिशत जीत के साथ दूसरे नंबर पर है। न्यूजीलैंड 72.22 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर काबिज है। बांग्लादेश 55.56 प्रतिशत के साथ चौथे नंबर पर बना हुआ है। भारतीय टीम 51.52 प्रतिशत जीत प्रतिशत के साथ पांचवें स्थान पर है। इंग्लैंड की लॉर्ड्स टेस्ट में जीत के बाद टेबल में एक अहम बदलाव देखने को मिला और वह श्रीलंका को पीछे छोड़ते हुए छठे स्थान पर पहुंच गई।

    लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड ने शुरुआत से ही पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा। पहली पारी में इंग्लिश टीम ने 290 रन बनाए। इसके जवाब में पाकिस्तान की बल्लेबाजी बुरी तरह लड़खड़ा गई और पूरी टीम सिर्फ 110 रन पर सिमट गई। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने पाकिस्तानी बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया और पहली पारी में ही मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

    इसके बाद इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 208 रन बनाए और पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 389 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम से बड़ी पारी की उम्मीद थी लेकिन इंग्लैंड के गेंदबाजों ने एक बार फिर अपना दम दिखाया। ओली रॉबिन्सन जोफ्रा आर्चर और जोश टंग की शानदार गेंदबाजी के सामने पाकिस्तान की दूसरी पारी भी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। पूरी टीम 194 रन पर ऑलआउट हो गई और इंग्लैंड ने 194 रनों से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    इस जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का तीसरा और आखिरी टेस्ट 9 सितंबर से बर्मिंघम के एजबेस्टन क्रिकेट मैदान पर खेला जाएगा। इंग्लैंड की नजर अब सीरीज में क्लीन स्वीप के साथ डब्ल्यूटीसी अभियान में अपनी स्थिति और मजबूत करने पर होगी जबकि पाकिस्तान के सामने वापसी की बड़ी चुनौती होगी।

  • शतक से चूके लेकिन गेंदबाजों को खूब धोया: वैभव सूर्यवंशी ने 81 गेंदों में जड़ा 92 रन का तूफान, ईस्ट जोन को मिली शानदार शुरुआत

    शतक से चूके लेकिन गेंदबाजों को खूब धोया: वैभव सूर्यवंशी ने 81 गेंदों में जड़ा 92 रन का तूफान, ईस्ट जोन को मिली शानदार शुरुआत


    नई दिल्ली। दलीप ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच खेले जा रहे मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपने बल्ले की चमक दिखाई। सेंट्रल जोन की टीम को पहली पारी में 266 रनों पर समेटने के बाद बल्लेबाजी करने उतरी ईस्ट जोन को वैभव ने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ मिलकर शानदार शुरुआत दिलाई। वैभव ने महज 81 गेंदों में 92 रनों की तूफानी पारी खेलकर सेंट्रल जोन के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। हालांकि वह शतक पूरा करने से सिर्फ 8 रन दूर रह गए लेकिन उनकी पारी ने मुकाबले में ईस्ट जोन की स्थिति मजबूत कर दी।

    मुकाबले के दूसरे दिन ईस्ट जोन की पारी की शुरुआत वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन ने की। दोनों बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए पहले विकेट के लिए 153 गेंदों में 162 रनों की शानदार साझेदारी की। वैभव शुरुआत से ही बेहद आक्रामक नजर आए और उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए। 81 गेंदों की अपनी पारी में उन्होंने 7 चौके और 7 छक्के जमाए। उनकी बल्लेबाजी में तेजी के साथ आत्मविश्वास भी साफ नजर आया और उन्होंने सेंट्रल जोन के गेंदबाजों को लगातार बैकफुट पर रखा।

    वैभव सूर्यवंशी की पारी का अंत हर्ष दुबे ने किया। बाउंड्री लगाने की कोशिश में वैभव अरशद खान के हाथों कैच आउट हो गए। शतक से चूकने के बावजूद उनकी 92 रनों की पारी ईस्ट जोन के लिए बेहद अहम साबित हुई। वैभव के आउट होने के बाद ईस्ट जोन को एक और झटका लगा जब कुमार कुशाग्र पहली ही गेंद पर पवेलियन लौट गए। इसके बावजूद अभिमन्यु ईश्वरन ने मोर्चा संभाले रखा और अपना अर्धशतक पूरा कर क्रीज पर डटे रहे। उनके साथ सुदीय कुमार पारी को आगे बढ़ाने में जुटे रहे।

    लंच ब्रेक तक ईस्ट जोन ने पहली पारी में 2 विकेट गंवाकर 183 रन बना लिए थे। इस तरह टीम ने सेंट्रल जोन के पहली पारी के स्कोर की ओर मजबूती से कदम बढ़ा दिए। ईस्ट जोन की शुरुआत में वैभव की विस्फोटक पारी की बड़ी भूमिका रही जिसने टीम को तेज रन गति के साथ मजबूत आधार दिया।

    इससे पहले ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया था। उनकी घातक गेंदबाजी के सामने सेंट्रल जोन की पूरी टीम पहली पारी में 266 रन पर सिमट गई। सेंट्रल जोन की ओर से रिंकू सिंह ने संघर्ष करते हुए 88 गेंदों पर 60 रन बनाए और अर्धशतक पूरा किया। उनके अलावा आर्यन जुयाल ने 46 रनों का योगदान दिया। हालांकि रिंकू को दूसरे छोर से लगातार मजबूत साझेदारी नहीं मिल सकी और टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल नहीं हो पाई।

    ईस्ट जोन की गेंदबाजी में मुकेश कुमार और अभिजीत सरकार सबसे प्रभावी रहे। दोनों गेंदबाजों ने 3-3 विकेट अपने नाम किए। वहीं मोहम्मद शमी और मोहम्मद कौनेन कुरैशी ने 2-2 विकेट लेकर सेंट्रल जोन की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई। अब मुकाबले में ईस्ट जोन की नजर बड़ी बढ़त हासिल करने पर है और वैभव सूर्यवंशी की 92 रनों की आतिशी पारी ने सेमीफाइनल मुकाबले में रोमांच बढ़ा दिया है।

  • दो सेट जीतकर भी मैच नहीं बचा पाए जोकोविच: उल्टी और ऐंठन ने बढ़ाई मुश्किलें, हार के बाद बोले- अनुभव बहुत बुरा था

    दो सेट जीतकर भी मैच नहीं बचा पाए जोकोविच: उल्टी और ऐंठन ने बढ़ाई मुश्किलें, हार के बाद बोले- अनुभव बहुत बुरा था


    नई दिल्ली। 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन नोवाक जोकोविच के लिए यूएस ओपन 2026 का सफर बेहद निराशाजनक तरीके से खत्म हो गया। 39 साल के सर्बियाई स्टार को पहले ही राउंड में अर्जेंटीना के मारियानो नवोन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले के दौरान जोकोविच लगातार शारीरिक परेशानियों से जूझते नजर आए। उन्हें उल्टी हुई और शरीर में ऐंठन के साथ दर्द की शिकायत भी रही। मैच खत्म होने के बाद जोकोविच ने कोर्ट पर अपने अनुभव को बेहद खराब बताया और कहा कि इस साल लगभग हर मैच में उन्हें ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है।

    जोकोविच के मुताबिक उल्टी के बाद उनका पूरा शरीर जवाब देने लगता है और खासतौर पर ऐंठन और दर्द की वजह से उनके लिए खेलना मुश्किल हो जाता है। इस मुकाबले में उनकी पीठ और कंधे ने भी आखिरकार उनका साथ छोड़ दिया। हालांकि शारीरिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने मुकाबले में वापसी की कोशिश जारी रखी और एक समय मैच में मजबूत स्थिति बना ली थी। जोकोविच शुरुआती चरण में दो सेट अपने नाम कर चुके थे और चौथे सेट में भी एक ब्रेक की बढ़त हासिल कर चुके थे लेकिन इसके बाद उनकी शारीरिक परेशानी लगातार बढ़ती चली गई।

    जोकोविच ने बताया कि चौथे सेट के चौथे गेम से ही उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ रहा था। इसके बावजूद उन्होंने मुकाबला छोड़ने के बजाय आखिरी तक लड़ने का फैसला किया। उन्होंने माना कि एक समय उनके मन में मैच से हटने का विचार भी आया था लेकिन जब उन्होंने एक सेट जीत लिया और फिर तीसरे सेट में भी वापसी की तो उन्हें लगा कि शायद मुकाबला अभी बचाया जा सकता है। वह चौथे और पांचवें सेट में हार मानने के बजाय मैच को किसी भी तरह पूरा करना चाहते थे।

    इस हार के साथ जोकोविच के ग्रैंड स्लैम रिकॉर्ड में भी बड़ा बदलाव आया। 2006 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद से वह किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के शुरुआती राउंड में नहीं हारे थे। इससे पहले ग्रैंड स्लैम में उनकी शुरुआती दौर की हार 2005 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में हुई थी। ऐसे में यूएस ओपन के पहले ही राउंड में मिली यह हार उनके लंबे और शानदार ग्रैंड स्लैम रिकॉर्ड के लिहाज से काफी बड़ी मानी जा रही है।

    मैच के आखिरी दौर में जोकोविच को न्यूयॉर्क के दर्शकों का जबरदस्त समर्थन मिला। निर्णायक सेट में जब वह 1-3 से पीछे चल रहे थे तब स्टेडियम में मौजूद दर्शक उनका हौसला बढ़ाते रहे। दर्शकों के समर्थन से जोकोविच भावुक भी नजर आए। चार बार के यूएस ओपन चैंपियन ने कहा कि भीड़ ने शुरुआत से ही उनका शानदार समर्थन किया और अहम पलों में उन्हें प्रोत्साहित करने की कोशिश की।

    जोकोविच ने दर्शकों के इस प्यार और समर्थन के लिए आभार जताया। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि मैच और अपने शरीर के साथ उनका अनुभव बिल्कुल सुखद नहीं था। कोर्ट पर बिताया गया हर पल उन्हें बेहद कठिन लगा। उन्हें इस बात का भी अफसोस रहा कि वह दर्शकों के लिए वैसा प्रदर्शन नहीं कर पाए जैसा वह करना चाहते थे।

    दूसरी ओर जोकोविच ने मारियानो नवोन की जीत का पूरा श्रेय उन्हें दिया। उन्होंने अर्जेंटीना के खिलाड़ी को बधाई देते हुए उन्हें अच्छा इंसान और मजबूत फाइटर बताया। जोकोविच की इस हार ने जहां यूएस ओपन में बड़ा उलटफेर किया वहीं उनकी शारीरिक परेशानियों ने उनके भविष्य के ग्रैंड स्लैम अभियान को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल इस मुकाबले की सबसे बड़ी तस्वीर यही रही कि दो सेट जीतने और वापसी की तमाम कोशिशों के बावजूद शारीरिक समस्याओं के आगे जोकोविच को हार माननी पड़ी।

  • ओली रॉबिन्सन का कहर और पाकिस्तान की बेबसी लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड की बड़ी जीत से सीरीज पर कब्जा

    ओली रॉबिन्सन का कहर और पाकिस्तान की बेबसी लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड की बड़ी जीत से सीरीज पर कब्जा


    नई दिल्ली। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 194 रन की बड़ी जीत दर्ज की और तीन मैचों की टेस्ट सीरीज पर कब्जा जमा लिया। इंग्लैंड की इस जीत के साथ पाकिस्तान के लिए सीरीज का संघर्ष और भी मुश्किल हो गया है। चौथे दिन ही मुकाबला अपने नाम करने वाली इंग्लैंड की टीम ने पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 389 रन का विशाल लक्ष्य रखा था लेकिन पाकिस्तानी बल्लेबाज एक बार फिर इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके और पूरी टीम 194 रन पर सिमट गई।

    पाकिस्तान की इस पारी में सऊद शकील ने जरूर संघर्ष का जज्बा दिखाया लेकिन वह भी शतक पूरा नहीं कर सके। पाकिस्तान ने महज 14 रन के स्कोर पर अपने तीन विकेट गंवा दिए थे जिसके बाद सऊद शकील ने शान मसूद के साथ मिलकर पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों बल्लेबाजों ने करीब चार घंटे तक इंग्लैंड के गेंदबाजों का सामना किया और 97 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। शकील ने 97 रन की पारी खेली जो इस सीरीज में अब तक किसी भी बल्लेबाज का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर रहा। हालांकि वह दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से बाउंड्री पर कैच आउट हो गए और उनका शतक केवल तीन रन से रह गया।

    इंग्लैंड की जीत के सबसे बड़े नायक तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन रहे। उन्होंने पूरे मुकाबले में शानदार गेंदबाजी करते हुए कुल आठ विकेट अपने नाम किए। दूसरी पारी में रॉबिन्सन ने केवल 24 रन देकर चार पाकिस्तानी बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। उन्होंने पहले शान मसूद की साझेदारी को तोड़ा और इसके बाद मोहम्मद रिजवान को आउट किया। रिजवान का विकेट रॉबिन्सन के टेस्ट करियर का 99वां विकेट भी रहा।

    पाकिस्तान की बल्लेबाजी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो पूरी सीरीज में टीम संघर्ष करती दिखाई दी है। इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान अब तक किसी भी पारी में 200 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाया है। लॉर्ड्स टेस्ट में भी यही कहानी दोहराई गई और बड़ा लक्ष्य मिलने के बाद टीम दबाव में बिखर गई। बल्लेबाजी की इस कमजोरी ने इंग्लैंड के लिए मुकाबले को अपेक्षाकृत आसान बना दिया।

    पाकिस्तान के लिए मुश्किलें उस समय और बढ़ गईं जब सलामी बल्लेबाज इमाम उल हक चोट के कारण मैच में बल्लेबाजी के लिए उतर ही नहीं सके। मुकाबले के पहले दिन उनकी बाईं पिंडली में खिंचाव आ गया था। उनकी अनुपस्थिति के कारण पाकिस्तान को मैच में 20 की जगह केवल 18 विकेट ही लेने थे जिससे इंग्लैंड के लिए जीत की राह और आसान हो गई।

    अब दोनों टीमों की नजरें सीरीज के तीसरे और आखिरी टेस्ट पर होंगी। यह मुकाबला 9 सितंबर से बर्मिंघम में खेला जाएगा। इंग्लैंड सीरीज पर कब्जा करने के बाद अब क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान में उतरेगा जबकि पाकिस्तान के सामने अपनी साख बचाने की चुनौती होगी। लॉर्ड्स की हार के बाद पाकिस्तान को आखिरी टेस्ट में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

  • जब सूर्या का क्रिकेट से उठ गया था भरोसा! पत्नी ने याद दिलाई 5 साल की मेहनत, ऐसे लौटा मैदान में जोश

    जब सूर्या का क्रिकेट से उठ गया था भरोसा! पत्नी ने याद दिलाई 5 साल की मेहनत, ऐसे लौटा मैदान में जोश


    नई दिल्ली। सूर्यकुमार यादव की क्रिकेट कहानी में उतार चढ़ाव हमेशा देखने को मिले हैं लेकिन हाल ही में सामने आया उनका एक खुलासा फैन्स को हैरान करने वाला है। भारत को 2026 का टी20 वर्ल्ड कप जिताने वाले सूर्यकुमार यादव एक समय क्रिकेट से संन्यास लेने के बारे में सोचने लगे थे। टीम से बाहर होने और कप्तानी गंवाने के बाद वह इस कदर निराश हो गए थे कि उन्हें अपने क्रिकेट करियर का आगे का रास्ता भी साफ नजर नहीं आ रहा था। हालांकि इस मुश्किल दौर में उनकी पत्नी देविशा शेट्टी ने उनका साथ दिया और उन्हें उनके पुराने जुनून की याद दिलाकर दोबारा मैदान पर लौटने के लिए प्रेरित किया।

    आकाश चोपड़ा को दिए इंटरव्यू में सूर्यकुमार यादव ने बताया कि टीम से बाहर होने के बाद करीब 40 से 50 दिनों तक वह घर पर बिल्कुल खाली बैठे रहे। इस दौरान उनके मन में लगातार यह सवाल चल रहा था कि अब आगे क्या करना है और क्या उन्हें क्रिकेट खेलना भी जारी रखना चाहिए। उनके मुताबिक भविष्य को लेकर तस्वीर पूरी तरह धुंधली हो गई थी। एक ऐसे खिलाड़ी के लिए यह दौर बेहद मुश्किल था जिसने पिछले कुछ वर्षों में भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई थी।

    सूर्यकुमार के लिए स्थिति उस समय और कठिन हो गई जब उन्हें कप्तानी से हटाकर टी20 टीम से भी बाहर कर दिया गया। चयनकर्ताओं ने उनकी जगह श्रेयस अय्यर को टी20 टीम की कप्तानी सौंपी। लगातार बड़े मुकाम हासिल करने के बाद अचानक टीम से बाहर होना सूर्या के लिए बड़ा झटका था। इसी दौरान उनके मन में संन्यास लेने का विचार आया।

    लेकिन इस कठिन समय में पत्नी देविशा उनकी सबसे बड़ी ताकत बनीं। देविशा ने उन्हें पीछे मुड़कर अपने उस दौर को याद करने के लिए कहा जब वह 13 से 15 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर रहे थे। उन्होंने सूर्या से सवाल किया कि आखिर उन्होंने तब बल्ला क्यों उठाया था। देविशा ने उन्हें उनके अंदर मौजूद क्रिकेट के जुनून और खेल के प्रति पागलपन की याद दिलाई।

    उन्होंने सूर्यकुमार को पिछले पांच साल की उनकी उपलब्धियां भी याद दिलाईं। पांच वर्ल्ड कप खेलना, दो बार आईसीसी टी20 प्लेयर ऑफ द ईयर का पुरस्कार जीतना, दुनिया की नंबर एक टी20 रैंकिंग हासिल करना, 2024 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में शानदार कैच लेना और 2026 में कप्तान के तौर पर वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाना उनकी बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा। देविशा ने उन्हें समझाया कि जिस मुकाम तक पहुंचने में कई खिलाड़ियों को 20 से 25 साल लग जाते हैं उसे सूर्या ने महज पांच साल में हासिल किया है।

    पत्नी की बातों का सूर्यकुमार पर गहरा असर हुआ और उन्होंने धीरे धीरे क्रिकेट में वापसी की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने दोबारा जिम जाना शुरू किया दोस्तों के साथ समय बिताया और टेनिस तथा रबर बॉल क्रिकेट खेलकर अपने पुराने जुनून को फिर से महसूस किया। सूर्या के मुताबिक पिछले दो तीन हफ्तों में उनके अंदर वह पुराना जोश दोबारा लौट आया है।

    अब सूर्यकुमार के लिए क्रिकेट सिर्फ उनका करियर नहीं बल्कि उनकी बेटी के लिए भी एक प्रेरणा बन गया है। उनका कहना है कि जब वह अपनी बेटी को देखते हैं तो उन्हें महसूस होता है कि अब उन्हें उसके लिए खेलना है। 35 साल के सूर्यकुमार का मानना है कि उनके अंदर क्रिकेट के लिए प्यार फोकस और अनुशासन वापस आ चुका है। वह अपने बचे हुए तीन से चार साल यानी करीब 38 से 39 साल की उम्र तक उसी जुनून और पागलपन के साथ क्रिकेट खेलना चाहते हैं।

  • Women's Asia Cup: टीम इंडिया की विजयी शुरुआत…..थाईलैंड को 94 रनों से हराया

    Women's Asia Cup: टीम इंडिया की विजयी शुरुआत…..थाईलैंड को 94 रनों से हराया


    दुबई।
    भारतीय महिला टीम (Indian Women’s Team) ने एशिया कप (Women’s Asia Cup 2026) के अपने पहले मैच में थाईलैंड (Thailand) को हराकर विजयी शुरुआत की है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में नौ विकेट पर 159 रन बनाए। जवाब में थाईलैंड की टीम 16.1 ओवर में 65 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने ये मुकाबला 94 रनों से अपने नाम किया। भारत के लिए इस मैच में शेफाली वर्मा ने जहां बल्लेबाजी में कमाल किया तो वहीं, नंदिनी शर्मा और दीप्ति शर्मा ने गेंद से दम दिखाया। दीप्ति ने बिना एक भी रन खर्च किए तीन विकेट झटके।


    भारतीय गेंदबाजों के आगे बिखरी थाईलैंड की बल्लेबाजी

    लक्ष्य का पीछा करते हुए थाईलैंड की बल्लेबाजी अच्छी नहीं रही और उसे शुरुआत से ही झटके पर झटके लगे। थाईलैंड की ओर से सिर्फ नानापट कोंचारोएनकाई ही दहाई अंक तक नहीं पहुंच सकीं। कोंचारोएनकाई के अलावा थाईलैंड का अन्य कोई बल्लेबाज छह रन से भी अधिक नहीं बना सका। कोंचारोएनकाई ने टीम की ओर से सबसे ज्यादा 41 रन बनाए। भारत की गेंदबाजी बेहद शानदार रही। दीप्ति और नंदिनी ने तीन-तीन विकेट लिए, जबकि श्री चरणी को दो और क्रांति गौड़ को एक विकेट मिला।


    मंधाना ने सूजी बेट्स को पीछे छोड़ा

    इससे पहले, थाईलैंड ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। भारत के लिए स्मृति मंधाना और शेफाली ने पारी की शुरुआत की। भारत को मंधाना के रूप में पहला झटका लगा जो रन आउट होकर पवेलियन लौट गईं। मंधाना ने 10 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 19 रन बनाए। मंधाना इस मैच में भले ही सस्ते में आउट हुईं, लेकिन उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ा कीर्तिमान बना लिया। मंधाना महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली दूसरी बल्लेबाज बन गई हैं। मंधाना ने इस मामले में सूजी बेट्स को पीछे छोड़ दिया है। बेट्स ने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10740 रन बनाए हैं। अब मंधाना उनसे आगे निकल गई हैं। मंधाना से आगे अब भारत की पूर्व कप्तान मिताली राज हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय करियर में 10868 रन बनाए हैं।


    शेफाली का अर्धशतक

    थाईलैंड के खिलाफ भारतीय महिला टीम ने अच्छी शुरुआत की। शेफाली वर्मा ने शुरुआत से दी दबाव बनाया। मंधाना के रूप में हालांकि, भारत को पहला झटका लगा। लेकिन शेफाली ने रन गति कम नहीं होने दी और लगातार बड़े शॉट्स लगाती रहीं। भारत ने इस तरह पावरप्ले में एक विकेट के नुकसान पर 65 रन बनाए। महिला टी20 एशिया कप में पावरप्ले का यह सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले भी ये रिकॉर्ड भारत के ही नाम था। भारतीय टीम ने 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ पावरप्ले में बिना किसी नुकसान के 59 रन बनाए थे। शेफाली ने इसके बाद भी दमदार बल्लेबाजी जारी रखी और 26 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया।


    भारत की पारी लड़खड़ाई

    भारत की बल्लेबाज अच्छी चल रही थी, लेकिन 13वें ओवर में उस समय टीम की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई जब सुलीपोर्न लाओमी ने भारत को लगातार दो झटके दिए। लाओमी ने पहले शेफाली को आउट किया और फिर अगली ही गेंद पर ऋचा घोष को खाता खोले बिना पवेलियन भेजा। इससे पहले, थिपात्चा फुथावोंग ने कप्तान हरमनप्रीत को आउट कर भारत को तीसरा झटका दिया था। हरमनप्रीत पांच रन बनाकर आउट हुईं। शेफाली ने दमदार बल्लेबाजी की और 36 गेंदों पर आठ चौकों और तीन छक्कों की मदद से 64 रन बनाकर आउट हुईं। शेफाली के आउट होते ही भारत की पारी लड़खड़ा गई। भारत ने 137 रन पर नौ विकेट गंवा दिए। अंत में श्री चरणी और क्रांति गौड़ ने 22 रनों की साझेदारी की, जिससे टीम इंडिया का स्कोर 160 के करीब पहुंचा। भारत के लिए क्रांति आठ गेंदों पर 15 और श्री चरणी छह रन बनाकर नाबाद रहीं। थाईलैंड की ओर से सुलीपोर्न ने तीन विकेट लिए, जबकि सुनिदा चातुरोंग्राटाना को दो विकेट मिले। वहीं, थिपात्चा और चानिदा को एक-एक विकेट मिला।


    प्रतिका रावल का डेब्यू

    प्रतिका रावल ने थाईलैंड के खिलाफ मैच से टी20 अंतरराष्ट्रीय में डेब्यू किया। टॉस से पहले प्रतिका को कैप पहनाई गई। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने प्रतिका को कैप दी। प्रतिका के चयन को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही थीं, लेकिन वह आज आखिरकार भारत के लिए टी20 डेब्यू करने में सफल रहीं।

    दोनों टीमों की प्लेइंग-11:
    भारत: शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, प्रतिका रावल, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, एन श्री चरणी, क्रांति गौड़, नंदिनी शर्मा।
    थाईलैंड: अपिसारा सुवानचोंराठी, नाटाकन चांतम, फानिता माया, नानापट कोंचारोएनकाई (विकेटकीपर), चानिदा सुथिरुआंग, नाओमी हेमिल्टन, सुलीपोर्न लाओमी, नानाफट चाएहान, सुनिदा चातुरोंग्राटाना, थिपात्चा फुथावोंग (कप्तान), ओनिचा काम्चोंफू।

  • अफगानिस्तान सीरीज से पहले अभिषेक शर्मा का बड़ा धमाका, 26 गेंदों में 77 रन ठोककर चयनकर्ताओं को दिया जोरदार संदेश

    अफगानिस्तान सीरीज से पहले अभिषेक शर्मा का बड़ा धमाका, 26 गेंदों में 77 रन ठोककर चयनकर्ताओं को दिया जोरदार संदेश


    नई दिल्ली। अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज से पहले भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने अपने बल्ले की धाक एक बार फिर दिखा दी है। शेर-ए-पंजाब टी20 लीग में अमृतसर सूरमाज के कप्तान के तौर पर खेलते हुए अभिषेक ने ऐसी विस्फोटक पारी खेली जिसने आगामी सीरीज के लिए उनकी दावेदारी को और मजबूत कर दिया। 30 अगस्त को मोहाली के पीसीए आईएस बिंद्रा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में अभिषेक ने महज 26 गेंदों पर 77 रन ठोक दिए। उनकी इस पारी में 6 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने सिर्फ 17 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी कर ली और अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मैदान में मौजूद दर्शकों के साथ क्रिकेट फैन्स का भी ध्यान खींच लिया।
    अभिषेक ने पारी की शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। उनका स्ट्राइक रेट 296.15 रहा जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का अंदाजा देने के लिए काफी है। पावरप्ले में तेजी से रन बनाने की उनकी क्षमता पहले भी चर्चा में रही है और इस मुकाबले में भी उन्होंने उसी अंदाज को दोहराया। अभिषेक के साथ ओपनिंग करने वाले सहज धवन ने 18 गेंदों में 45 रन बनाए जबकि नमन धीर ने 22 गेंदों में 47 रनों की तेज पारी खेली। नमन की पारी में पांच छक्के और एक चौका शामिल रहा। इन तूफानी पारियों के दम पर अमृतसर सूरमाज ने 19.5 ओवर में 258 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।

    हालांकि 258 रन बनाने के बावजूद अमृतसर की टीम मुकाबला जीत नहीं सकी। मोहाली किंग्स ने जबरदस्त रन चेज करते हुए 19.3 ओवर में 259 रन बनाकर पांच विकेट से मैच अपने नाम कर लिया। मोहाली की जीत के सबसे बड़े नायक अनमोलप्रीत सिंह रहे जिन्होंने 51 गेंदों पर 133 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 10 चौके और 12 छक्के लगाए। कप्तान रमनदीप सिंह ने भी 40 गेंदों पर नाबाद 69 रन बनाकर उनका बेहतरीन साथ दिया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए सिर्फ 70 गेंदों में 151 रन जोड़कर मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया।

    अभिषेक ने इस मुकाबले में गेंदबाजी में भी हाथ आजमाया। उन्होंने रन चेज के दौरान पहला ओवर डाला और चौथी गेंद पर मनप्रीत जौहल को आउट कर दिया। हालांकि बाद में उनकी गेंदों पर तेजी से रन बने और उन्होंने 2.3 ओवर में 37 रन देकर एक विकेट हासिल किया।

    अभिषेक का यह तूफानी प्रदर्शन ऐसे समय आया है जब भारतीय टीम को 13 सितंबर से दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन टी20 मैचों की सीरीज खेलनी है। इस सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान जल्द होने की उम्मीद है। ऐसे में घरेलू टी20 मुकाबले में अभिषेक की 26 गेंदों पर 77 रन की पारी चयनकर्ताओं के लिए निश्चित तौर पर एक मजबूत संदेश है। अब उनकी नजरें आने वाले मुकाबलों में इसी लय को बरकरार रखने पर होंगी। वहीं फैन्स भी यह देखने के लिए उत्साहित हैं कि क्या उनका यह तूफानी फॉर्म उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम में जगह दिला पाता है।